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विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम की सदस्य क्रांति गौड़ को एक करोड़ रुपए का पुरस्कार देगी MP सरकार
4 Nov, 2025 09:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने विश्व कप जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम (Indian women’s cricket team) की सदस्य क्रांति गौड़ (Kranti Gaur) को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सोमवार को एक करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा की। भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को नवी मुंबई में दक्षिण अफ्रीका को 52 रन से हराकर पहली बार विश्व कप जीता।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘मैं हमारी राज्य की बेटी और देश की बेटियों को बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने कल रात क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया।’ उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां उसी तरह आगे बढ़ रही हैं, जैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मध्यप्रदेश की बेटी क्रांति गौड़ भी महिला विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा थीं। मैं क्रांति को बधाई देना चाहता हूं और राज्य सरकार की ओर से छतरपुर की बेटी क्रांति को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा करता हूं।’ बुंदेलखंड के छतरपुर के घुवारा की रहने वाली क्रांति गौड़ ने अपनी गेंदबाजी से भारतीय महिला क्रिकेट टीम को विश्व कप फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
पाकिस्तान कर रहा परमाणु हथियारों का परीक्षण! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा
4 Nov, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान (Pakistan) उन देशों में शामिल है जो सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों (nuclear weapons) का परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ देशों की यही प्रवृत्ति दर्शाती है कि अमेरिका के लिए भी अपने परमाणु परीक्षण को फिर से शुरू करना जरूरी हो गया है।
सीबीएस न्यूज के कार्यक्रम 60 मिनट्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान जैसे देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका ही एकमात्र देश है जिसने परीक्षण रोक रखे हैं। ट्रंप ने कहा, “रूस परीक्षण कर रहा है, चीन भी कर रहा है, लेकिन वे इसके बारे में बात नहीं करते। हम एक खुला समाज हैं, इसलिए हम बात करते हैं। जब बाकी देश परीक्षण कर रहे हैं, तो हमें भी करना होगा।”
उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया लगातार परीक्षण कर रहा है और पाकिस्तान भी परीक्षण कर रहा है। “हम परीक्षण करेंगे, क्योंकि वे परीक्षण कर रहे हैं और अन्य भी कर रहे हैं।”
गौरतलब है कि रूस ने हाल में उन्नत परमाणु-सक्षम हथियारों और तकनीकों का परीक्षण किया है। इनमें पोसाइडन अंडरवॉटर ड्रोन शामिल है। इसी को लेकर जब ट्रंप से पूछा गया कि अमेरिका की तरफ से तीन दशक से ज्यादा समय बाद परमाणु परीक्षण फिर शुरू करने के फैसले को लेकर पूछा गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “आपको यह देखना होगा कि ये हथियार कैसे काम करते हैं। रूस ने एलान किया है की कि वे परीक्षण करने जा रहे हैं। उत्तर कोरिया लगातार परीक्षण कर रहा है, अन्य देश भी कर रहे हैं। हम ही एकमात्र देश हैं जो नहीं कर रहे, और मैं नहीं चाहता कि ऐसा रहे।” उन्होंने कहा कि अमेरिका बाकी देशों की तरह परमाणु हथियारों का परीक्षण करेगा।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास किसी भी देश से अधिक परमाणु हथियार हैं और उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से परमाणु हथियार कम करने पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा, “हमारे पास दुनिया को 150 बार नष्ट करने जितने परमाणु हथियार हैं।”
चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले ट्रंप ने किया था परमाणु परीक्षण शुरू करने का एलान
बता दें कि बीते हफ्ते ट्रंप ने अमेरिका के परमाणु हथियार परीक्षण को तत्काल फिर शुरू करने का एलान किया था। ट्रंप की तरफ से यह घोषणा उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दक्षिण कोरिया में होने वाली मुलाकात से ठीक पहले आई थी। इसके बाद से ही माना जा रहा है कि अमेरिका का आने वाले समय में रूस और चीन जैसी परमाणु शक्तियों से तनाव बढ़ सकता है। ट्रंप ने यह भी बताया कि परीक्षण के लिए तैयारियां पहले से जारी हैं, हालांकि उन्होंने समय या जगह का खुलासा नहीं किया।
पाकिस्तान का परमाणु जखीरा कितना बड़ा?
रक्षा और हथियार से जुड़े मामलों में अग्रणी थिंक टैंक- स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) की रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान के पास मौजूदा समय में 170 परमाणु वॉरहेड्स हैं। जनवरी 2025 में जारी हुई विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के परमाणु जखीरे में इस वक्त 180 वॉरहेड्स हैं।
दूसरी तरफ बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स की 2023 की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान के पास अपने परमाणु जखीरे को जल्द बढ़ाने की क्षमता भी है, क्योंकि उसके पास चार प्लूटोनियम प्रोडक्शन रिएक्टर्स और परमाणु संवर्धन से जुड़ा जबरदस्त इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। इसके अलावा वह परमाणु हथियार बनाने की नई प्रणालियों को भी विकसित कर रहा है।
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का बुरा हाल, ईशनिंदा के आरोप में ईसाई शख्स का किया गया…
4 Nov, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क। पाकिस्तान (Pakistan ) में अल्पसंख्यकों (Minorities) की दुर्दशा है। यहां से ईसाई, हिंदू और अहमदियों पर हो रहे अत्याचार (Atrocity) की खबरें लगातार सामने आती रहती है। अब एक बार फिर नेत्रहीन ईसाई शख्स (Christian Man) के साथ जो हुआ है वो जानकर आप हैरान रह जाएंगे। मामला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत (Punjab Province) का है। पाकिस्तान में ईशनिंदा का आरोप साबित होने पर मौत तक की सजा का प्रावधान है। पाकिस्तान के ईशनिंदा जैसे कानून का दुरुपयोग धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और व्यक्तिगत एवं आर्थिक विवादों को निपटाने के लिए किया जाता रहा है।
पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में 49 साल के नेत्रहीन ईसाई व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस बारे में जानकारी दी है। नदीम मसीह पर पैगंबर मोहम्मद का अपमान करने का आरोप है और अगर यह आरोप साबित हो जाता है तो उन्हें मौत की सजा हो सकती है। पुलिस अधिकारी मुहम्मद याकूब ने बताया, “मसीह को हाल ही में लाहौर के मॉडल टाउन पार्क से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस को एक पार्किंग ठेकेदार ने बताया कि मसीह ने पैगंबर का अपमान किया है।” मसीह पर पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 295-सी के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनके वकील जावेद सहोत्रा ने कहा कि प्राथमिकी में बड़ी विसंगतियां हैं जिन्हें अदालत में चुनौती दी जाएगी और उम्मीद है कि मसीह को जमानत मिल जाएगी।
सहोत्रा ने कहा कि यदि निचली अदालत से मसीह को जमानत नहीं मिलती है तो वह लाहौर उच्च न्यायालय का रुख करेंगे, जो निश्चित रूप से इन तथ्यों को ध्यान में रखेगा। सहोत्रा ने दावा किया कि मसीह, जिसके दाहिने पैर में लोहे की रॉड लगी है, को पुलिस ने हिरासत में प्रताड़ित किया। नदीम मसीह की मां ने कहा कि उनके बेटे को अक्सर एक पार्किंग ठेकेदार और उसके साथियों द्वारा परेशान किया जाता था और उनका मसीह के साथ पैसों को लेकर विवाद था, जिसके कारण उनके खिलाफ ईशनिंदा का आरोप लगाया गया।
पाकिस्तान कर रहा परमाणु हथियारों का परीक्षण! अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा
3 Nov, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन. अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान (Pakistan) उन देशों में शामिल है जो सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों (nuclear weapons) का परीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ देशों की यही प्रवृत्ति दर्शाती है कि अमेरिका के लिए भी अपने परमाणु परीक्षण को फिर से शुरू करना जरूरी हो गया है।
सीबीएस न्यूज के कार्यक्रम 60 मिनट्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया और पाकिस्तान जैसे देश परमाणु परीक्षण कर रहे हैं, जबकि अमेरिका ही एकमात्र देश है जिसने परीक्षण रोक रखे हैं। ट्रंप ने कहा, “रूस परीक्षण कर रहा है, चीन भी कर रहा है, लेकिन वे इसके बारे में बात नहीं करते। हम एक खुला समाज हैं, इसलिए हम बात करते हैं। जब बाकी देश परीक्षण कर रहे हैं, तो हमें भी करना होगा।”
उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया लगातार परीक्षण कर रहा है और पाकिस्तान भी परीक्षण कर रहा है। “हम परीक्षण करेंगे, क्योंकि वे परीक्षण कर रहे हैं और अन्य भी कर रहे हैं।”
गौरतलब है कि रूस ने हाल में उन्नत परमाणु-सक्षम हथियारों और तकनीकों का परीक्षण किया है। इनमें पोसाइडन अंडरवॉटर ड्रोन शामिल है। इसी को लेकर जब ट्रंप से पूछा गया कि अमेरिका की तरफ से तीन दशक से ज्यादा समय बाद परमाणु परीक्षण फिर शुरू करने के फैसले को लेकर पूछा गया था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “आपको यह देखना होगा कि ये हथियार कैसे काम करते हैं। रूस ने एलान किया है की कि वे परीक्षण करने जा रहे हैं। उत्तर कोरिया लगातार परीक्षण कर रहा है, अन्य देश भी कर रहे हैं। हम ही एकमात्र देश हैं जो नहीं कर रहे, और मैं नहीं चाहता कि ऐसा रहे।” उन्होंने कहा कि अमेरिका बाकी देशों की तरह परमाणु हथियारों का परीक्षण करेगा।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका के पास किसी भी देश से अधिक परमाणु हथियार हैं और उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से परमाणु हथियार कम करने पर चर्चा की थी। उन्होंने कहा, “हमारे पास दुनिया को 150 बार नष्ट करने जितने परमाणु हथियार हैं।”
चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात से पहले ट्रंप ने किया था परमाणु परीक्षण शुरू करने का एलान
बता दें कि बीते हफ्ते ट्रंप ने अमेरिका के परमाणु हथियार परीक्षण को तत्काल फिर शुरू करने का एलान किया था। ट्रंप की तरफ से यह घोषणा उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दक्षिण कोरिया में होने वाली मुलाकात से ठीक पहले आई थी। इसके बाद से ही माना जा रहा है कि अमेरिका का आने वाले समय में रूस और चीन जैसी परमाणु शक्तियों से तनाव बढ़ सकता है। ट्रंप ने यह भी बताया कि परीक्षण के लिए तैयारियां पहले से जारी हैं, हालांकि उन्होंने समय या जगह का खुलासा नहीं किया।
पाकिस्तान का परमाणु जखीरा कितना बड़ा?
रक्षा और हथियार से जुड़े मामलों में अग्रणी थिंक टैंक- स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) की रिपोर्ट की मानें तो पाकिस्तान के पास मौजूदा समय में 170 परमाणु वॉरहेड्स हैं। जनवरी 2025 में जारी हुई विश्लेषण रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के परमाणु जखीरे में इस वक्त 180 वॉरहेड्स हैं।
दूसरी तरफ बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट्स की 2023 की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान के पास अपने परमाणु जखीरे को जल्द बढ़ाने की क्षमता भी है, क्योंकि उसके पास चार प्लूटोनियम प्रोडक्शन रिएक्टर्स और परमाणु संवर्धन से जुड़ा जबरदस्त इन्फ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। इसके अलावा वह परमाणु हथियार बनाने की नई प्रणालियों को भी विकसित कर रहा है।
सुपरमार्केट में धमाके के बाद लगी आग; कम से कम 23 लोगों की मौत, 11 अन्य घायल
3 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेक्सिको. मेक्सिको (Mexico) के उत्तर-पश्चिमी राज्य सोनारा की राजधानी हर्मोसिल्लो में एक स्टोर (supermarket) में भीषण आग (massive fire) और विस्फोट (explosion) की घटना हुई, जिसमें कम से कम 23 लोगों की मौत हो गई, जिनमें कई बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह हादसा शहर के डाउनटाउन इलाके में स्थित वाल्डोज स्टोर में हुआ। सोनारा के गवर्नर अल्फोंसो दुराजो ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए एक वीडियो में इस घटना की पुष्टि की और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई।
घायलों का इलाज जारी
राज्य के अटॉर्नी जनरल गुस्तावो सालास चावेज ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि मौतें विषाक्त गैसों के सांस द्वारा सेवन के कारण हुई हैं। उन्होंने कहा फिलहाल ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है जिससे लगे कि आग जानबूझकर लगाई गई थी, हालांकि किसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। घटना के बाद 12 घायलों को हर्मोसिल्लो के छह अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने जताया शोक
मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने एक्सपर पोस्ट कर कहा मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं जिन्होंने इस भयावह हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है। सरकार की राहत टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं।
आग लगने के सटीक कारणों की जांच होगी
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टोर पूरी तरह आग की लपटों में घिरा हुआ था। एक वीडियो में एक झुलसे व्यक्ति को स्टोर के बाहर गिरते हुए देखा गया, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।स्थानीय प्रशासन ने बताया कि दमकलकर्मियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।
टैरिफ विरोधी एड से ट्रंप के भड़कने पर बैकफुट पर आए कनाडाई पीएम कार्नी, मांग ली माफी
3 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन (Ronald Reagan) के एक बयान को कनाडा द्वारा एडिट करके चलाने पर ट्रंप नाराज हो गए थे। इसके बाद उन्होंने कनाडा के ऊपर टैरिफ (Tariff) लगाने का ऐलान कर दिया था। अब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी (Canadian OM Mark Carney) का कहना है कि उन्होंने टैरिफ विरोधी उस ए़ड के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से माफी मांग ली है।
समाचार एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक एशिया-प्रशांत महासागर आर्थिक सहयोग के शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू पहुंचे कनाडाई प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से माफी मांग ली थी। राष्ट्रपति नाराज थे, अब जहां तक अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता की बात है, तो जब वह (अमेरिका) तैयार होगा। बातचीत फिर से शुरु हो जाएगी।”
कार्नी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के भाषण से टैरिफ विरोधी एड बनाने वाले ओंटारियो के कंजर्वेटिव प्रीमियर डग फोर्ड का भी जिक्र किया। कार्नी ने कहा, “मैंने उनसे इसे आगे न बढ़ाने का अनुरोध किया है। मैं उनकी जगह होता तो, मैं ऐसा नहीं करता।” उन्होंने कहा, “कनाडा के प्रधानमंत्री के तौर पर मैं ही अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ संबंधों के लिए ज़िम्मेदार हूँ… इसलिए चीजें होती रहती हैं। हम अच्छे और बुरे दोनों को स्वीकार करते हैं, और मैंने माफी मांगी है।”
क्या था मामला?
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के 1987 में दिए एक भाषण को एडिट करके कनाडा में एड के रूप में चलाया जा रहा था। इस बयान में रीगन विश्व में मुक्त व्यापार, टैरिफ रहित व्यापार की बात कर रहे थे। इस एड के बाहर आने के बाद ट्रंप नाराज हो गए और उन्होंने कनाडा के साथ जारी व्यापार वार्ता को स्थगित कर दिया और इसके साथ ही टैरिफ भी बढ़ा दिया।
इस मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात की पुष्टि की थी उन्हें कार्नी की माफी मिल गई है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात के संकेत नहीं दिए थे कि वह कनाडा के साथ व्यापार वार्ता शुरु करने की इच्छा रखते हैं या नहीं।
Israel का दावाः गाजा में रेड क्रॉस को सौंपे गए शव इजरायली बंधकों के नहीं
3 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। हमास (Hamas) इस सप्ताह रेड क्रॉस (Red Cross.) को सौंपे गए 3 लोगों के अवशेष इजरायली बंधकों के नहीं हैं। इजरायल (Israel) ने शनिवार को यह जानकारी दी। ताजा घटनाक्रम इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम के लिए अमेरिका (America) की मध्यस्थता वाले समझौते को कमजोर कर सकता है। इजरायल की ओर से 30 फिलिस्तीनियों के शव शुक्रवार को गाजा को लौटाने के बाद ये अवशेष रेड क्रॉस को सौंपे गए थे। इसी हफ्ते चरमपंथियों की ओर से 2 बंधकों के अवशेष सौंपे गए थे, जो इस बात का संकेत था कि इजरायल-हमास के बीच युद्धविराम समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
तीन अज्ञात लोगों के अवशेष शुक्रवार देर रात इजरायल भेजे गए, जहां रात भर उनकी पड़ताल की गई। एक अन्य इजरायली सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी थी कि इजरायली खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिया था कि ये अवशेष 7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजरायल पर हुए हमले के दौरान हमास द्वारा बंधक बनाए गए किसी भी व्यक्ति के नहीं थे। इजरायल के एक अन्य सैन्य अधिकारी ने शनिवार को पुष्टि की कि ये किसी बंधक के अवशेष नहीं हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि ये अवशेष किनके हैं और उन्हें इजरायल को क्यों लौटाया गया।
अवशेष किसी भी बंधक के नहीं
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने शनिवार को पुष्टि की कि ये अवशेष किसी भी बंधक के नहीं हैं, हालांकि उन्होंने कोई और विवरण नहीं दिया। हमास की सशस्त्र इकाई ने बाद में एक बयान में कहा कि उसने शुक्रवार को अज्ञात शव के नमूने सौंपने की पेशकश की थी, लेकिन इजरायल ने उन्हें लेने से इनकार कर दिया और जांच के लिए अवशेषों की मांग की। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि ये अवशेष किसके थे।
फिलिस्तीनी शवों की कुल संख्या 225
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार युद्धविराम शुरू होने के बाद से इजरायल की ओर से लौटाए गए फिलिस्तीनी शवों की कुल संख्या अब 225 हो गई है। मंत्रालय के अनुसार, इनमें से केवल 75 की ही पहचान परिवारों की ओर से की जा सकी है। इस बीच, जॉर्डन के विदेश मंत्री ने शनिवार को चेतावनी दी कि गाजा पट्टी में इजरायल की सैन्य मौजूदगी युद्धविराम को खतरे में डाल रही है।
भारत चाहता है कि पाकिस्तान….., पाक रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने फिर दिया भड़काऊ बयान
3 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लाहोर। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Khawaja Asif) ने शनिवार (1 नवंबर 2025) को कहा कि उनका देश इस समय दो मोर्चों की जंग की स्थिति में है. उन्होंने कहा कि भारत की कोशिश है कि पाकिस्तान पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर उलझा रहे ताकि उसकी सैन्य और आर्थिक ताकत कमजोर (weak economic strength) हो जाए. यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर हिंसक झड़पें हुईं और कतर व तुर्की की मध्यस्थता से दोनों देशों ने अस्थायी युद्धविराम पर सहमति जताई.
आसिफ ने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नई दिल्ली लंबे समय से अफगानिस्तान का इस्तेमाल छद्म युद्ध (Proxy War) के लिए कर रही है. उन्होंने कहा कि अशरफ गनी के शासनकाल से ही भारत पाकिस्तान के खिलाफ पर्दे के पीछे से हमला करवा रहा है. अब हमारे पास इसके ठोस सबूत हैं, जो वक्त आने पर पेश किए जाएंगे. उन्होंने दावा किया कि तालिबान की मौजूदा सरकार भी भारत के प्रभाव में काम कर रही है और कहा काबुल में जो कुछ हो रहा है, उसका रिमोट दिल्ली के हाथ में है.
हाल की झड़पें और ऑपरेशन सिंदूर की गूंज
पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर हाल में हुई गोलीबारी के बाद दोनों देशों के रिश्ते और तनावपूर्ण हो गए हैं. तुर्की और कतर की मध्यस्थता से इस्तांबुल में हुई वार्ता में दोनों पक्षों ने संघर्षविराम पर सहमति दी, लेकिन सीमा पर तनाव अभी भी बना हुआ है. ख्वाजा आसिफ ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि वह इस मौके का फायदा उठाकर पूर्वी सीमा पर कोई गंदी चाल चल सकता है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हर चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है. उनका यह बयान ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के बाद सामने आया है, जब मई 2025 में भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और सीमा पार स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी.
अफगानिस्तान से रिश्ते क्यों बिगड़े?
पिछले कुछ महीनों से इस्लामाबाद और काबुल के बीच रिश्ते लगातार खराब हो रहे हैं. पाकिस्तान का कहना है कि अफगान सरहद पार से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के आतंकी हमले कर रहे हैं, जबकि तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान अपनी नाकाम सुरक्षा नीतियों की जिम्मेदारी उस पर डाल रहा है.
दशकों से दूसरे देशों में हस्तक्षेप कर सत्ता परिवर्तन कराता आ रहा US : तुलसी गबार्ड
3 Nov, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका (America) के ट्रंप प्रशासन (Trump Administration) में खुफिया विभाग की निदेशक तुलसी गबार्ड (Intelligence Bureau Director Tulsi Gabbard) ने दूसरे देशों में सत्ता परिवर्तन (Power change) करने की नीति को खुले तौर पर स्वीकार किया है। उन्होंने माना कि दशकों से अमेरिकी सरकार दूसरे देशों में हस्तक्षेप कर सत्ता परिवर्तन करवाती आ रही है, लेकिन इस नीति ने वैश्विक सुरक्षा को बढ़ाने की जगह पर अमेरिका के दुश्मनों की संख्या को बढ़ा दिया है। तुलसी ने आईएसआईएस और अलकायदा को अमेरिका की इस हस्तक्षेप वाली नीति का ही परिणाम माना। हालांकि, उन्होंने ट्रंप प्रशासन के अंतर्गत इस नीति की समाप्ति की भी घोषणा की है।
अंतर्राष्ट्रीय सामरिक अध्ययन संस्थान द्वारा आयोजित मनामा डॉयलॉग में अपनी बात रखते हुए गबार्ड ने कहा कि अमेरिका की यह हस्तक्षेप वाली नीति अक्सर वाशिंगटन पर ही उल्टी पड़ती थी। गबार्ड ने कहा, “कई दशकों से हमारी विदेश नीति दूसरे देशों के शासन को बदलने, उस राष्ट्र का निर्माण करने के एक बिना मतलब के और अंतहीन चक्र में फंसी हुई थी। यह किसी देश के शासन को उखाड़ फेंकने और उस पर अपनी शासन प्रणाली को थोपने का प्रयास करने का संघर्ष करना हम पर ही उल्टा पड़ता था। इसकी वजह से हमने अपने सहयोगियों से ज्यादा दुश्मनों को बढ़ा लिया है।”
ट्रंप प्रशासन की अहम सदस्य तुलसी गबार्ड ने माना कि इस नीति के परिणाम बहुत ही ज्यादा विनाशकारी थे। उन्होंने कहा, “इस नीति का परिणाम यह रहा कि अनगिनत जानें गईं, कई मामलों में तो सुरक्षा के और भी बड़े और ज्यादा खतरे पैदा हो गए।
ट्रंप ने बदली अमेरिकी नीति: गबार्ड
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दृष्टिकोण की तारीफ करते हुए गबार्ड ने कहा कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में संयुक्त राज्य अमेरिका की नीति लोकतंत्र को बढ़ावा देने और वैश्विक आर्थिक समृद्धि और क्षेत्रीय स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने की है। बकौल, गबार्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका की यह नीति हाल में हुए गाजा सीजफायर के दौरान भी देखने को मिली। इसमें गाजा में जारी युद्ध की समाप्ति और ईरान के परमाणु केंद्रों पर अमेरिका द्वारा किए गए हमले शामिल हैं, जिसकी वजह से इजरायल और ईरान का संघर्ष समाप्त हुआ।
गाजा में अभी भी हालात नाजुक: गबार्ड
गबार्ड ने गाजा में जारी युद्ध विराम को अभी भी नाजुक हालात में बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि मध्य-पूर्व में चीन अभी भी एक चुनौती बना हुआ है। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा जारी की गई रिपोर्ट का हवाला देते हुए गबार्ड ने कहा कि ईरान की परमाणु सुविधाओं में गतिविधि देखने को मिल रही है,जो नए खतरों की ओर संकेत करती है। उन्होंने कहा, “वहां पर आगे की राह बिल्कुल भी आसान नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे पर बहुत ही ज्यादा प्रतिबद्ध हैं।
आपको बता दें, तुलसी गबार्ड शुरुआत से ही अमेरिका के दूसरे देशों के युद्धों में उलझने के खिलाफ रही हैं। 2020 में अपने राष्ट्रपति पद के लिए प्रचार के दौरान भी उन्होंने इस बात का जिक्र किया था। वहीं, दूसरी तरफ अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप भी अमेरिकी डीप स्टेट को लेकर अपनी नाराजगी खुले तौर पर जता चुके हैं।
अमेरिका में हैलोवीन के मौके पर आतंकी हमला नाकाम, FBI निदेशक काश पटेल का दावा
2 Nov, 2025 12:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन. अमेरिका (America) की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) के निदेशक (Director) काश पटेल (Kash Patel) ने दावा किया है कि मिशिगन में संभावित आतंकी हमले (Terrorist attack) को नाकाम कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि हैलोवीन सप्ताह के मौके पर कुछ संदिग्ध आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे। हालांकि काश पटेल ने ज्यादा जानकारी नहीं दी, लेकिन विभिन्न रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि मामला चरमपंथियों के समूह से जुड़ा है, जो हैलोवीन के मौके पर हमले की योजना बना रहे थे।
काश पटेल ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में काश पटेल ने कहा कि ‘आज सुबह एफबीआई ने एक संभावित आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया और मिशिगन में कई लोगों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर हैलोवीन सप्ताह पर एक हिंसक हमले की साजिश रच रहे थे। और ज्यादा जानकारी जल्द ही आएगी। एफबीआई और हर जगह कानून प्रवर्तन एजेंसियों के उन सभी पुरुषों और महिलाओं को धन्यवाद जो 24 घंटे पहरा दे रहे हैं और देश की रक्षा करने के हमारे मिशन को पूरा कर रहे हैं।’ हालांकि काश पटेल ने ये नहीं बताया कि एफबीआई ने मिशिगन में कहां कार्रवाई की, लेकिन मिशिगन पुलिस ने बताया कि डियरबोर्न इलाके में एफबीआई ने एक ऑपरेशन किया है।
संदिग्धों के चरमपंथियों के संपर्क में होने का शक
डियरबोर्न इलाका फोर्ड मोटर कंपनी के मुख्यालय के लिए प्रसिद्ध है और इस शहर में अरब अमेरिकी मूल की आबादी बड़ी संख्या में है। ये पता नहीं चल पाया है कि ये आतंकी हमला किस तरह का था। राष्ट्रपति ट्रंप के शासन में लैटिन अमेरिकी ड्रग तस्करों और फासीवादी विरोधी अभियान एंटीफा को भी आतंकी घोषित किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जांचकर्ताओं का मानना है कि यह साजिश इस्लामिक स्टेट के चरमपंथ से प्रेरित थी और जांच की जा रही है कि हिरासत में लिए गए लोग कहीं ऑनलाइन चरमपंथियों के संपर्क में तो नहीं थे। इस जांच में एक ऑनलाइन चैट रूम में हुई बातचीत शामिल है, जिसमें हिरासत में लिए गए कुछ संदिग्ध शामिल थे। एक व्यक्ति के अनुसार, ग्रुप ने हैलोवीन के आसपास हमला करने की बात की थी।
इस महिला की वजह से बिगड़ने वाले थे भारत-रूस के संबंध? अब रूसी दूतावास ने दी सफाई
2 Nov, 2025 11:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्को: एक महिला (Women) की वजह से भारत (India) के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को रूस (Russia) के साथ संबंध बिगड़ने (Deteriorating Relations) की चिंता सताने लगी थी. ये महिला रूस की है और मामला तलाक (Divorce) और बच्चे की कस्टडी (Child Custody) से जुड़ा है. सुप्रीम कोर्ट ने इस उलझे हुए केस की सुनवाई के दौरान कहा था कि ‘हम इस मामले पर ऐसा कोई फैसला नहीं देना चाहते जिससे भारत और रूस के संबंध खराब हों’. सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी के बाद अब रूसी दूतावास ने भी मामले में सफाई जारी कर दी है.
अब SC की टिप्पणी के बाद रूसी दूतावास की तरफ से स्टेटमेंट सामने आया है. जिसमें दावा किया गया है कि ये रिपोर्ट्स सिर्फ अटकलों के आधार पर तैयार की गई है, जो सच्चाई से बिल्कुल मेल नहीं खाती है. इसमें आगे कहा गया है कि ‘दूतावास अपने प्राथमिक दायित्वों के तहत रूसी नागरिकों के अधिकारों और वैध हितों की रक्षा सुनिश्चित करता है और यह सब भारतीय कानूनों के पूर्ण अनुपालन में किया जाता है. विक्टोरिया बसु के मामले में, दूतावास भारतीय अथॉरिटीज के साथ घनिष्ठ संपर्क बनाए हुए है’.
न्यूयॉर्क एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला, बीच रास्ते में टकरा गए 2 प्लेन
2 Nov, 2025 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: न्यूयॉर्क (New York) के ला गार्डिया एयरपोर्ट (La Guardia Airport) पर शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया. दो हवाई जहाज (Two Airplanes) आपस में टकरा (Collided) गए. हालांकि, किसी यात्री या क्रू मेंबर को चोट नहीं आई. इस घटना के बाद एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए अफरातफरी जरूर मच गई. दोनों विमानों में कुल 328 यात्री और 15 क्रू मेंबर थे, लेकिन किसी को कोई चोट नहीं आई. वीडियो फुटेज में मरम्मत दल टक्कर खाए विमान की जांच करते नजर आए.
रिपोर्ट के मुताबिक, यूनाइटेड एयरलाइंस का एक विमान ऑरलैंडो (फ्लोरिडा) से लौटकर अपने गेट की ओर जा रहा था. इसी दौरान उसने टैक्सीवे पर खड़े एक दूसरे यूनाइटेड एयरलाइंस के विमान की पूंछ को टक्कर मार दी. बताया गया कि दूसरा विमान ह्यूस्टन के लिए उड़ान भरने वाला था और उस वक्त वहीं खड़ा था.
एक यात्री ने ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ को बताया- “हमें बस हल्का सा झटका महसूस हुआ, लेकिन यह नहीं पता था कि सामने कोई और प्लेन है. बाद में कप्तान ने बताया कि टक्कर हो गई थी.” हादसे के बाद मौके पर कई इमरजेंसी वाहन पहुंच गए और दोनों विमानों को गेट पर वापस ले जाया गया.
‘चीन आक्रामक तरीके से AI में…’, अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप को चेताया; भारतीयों को लेकर कही बड़ी बात
2 Nov, 2025 09:03 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: अमेरिकी (America) सांसदों (MPs) ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से अपील की है कि वो एच1-बी वीजा (H1-B visa) को लेकर जारी अपने आदेश पर पुनर्विचार करें, जिसमें 1,00,000 अमेरिकी डॉलर की भारी भरकम फीस शामिल है. सांसदों ने कहा कि भारतीय नागरिक अमेरिका के सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) क्षेत्र में अमेरिका के नेतृत्व के केंद्र में हैं और इस तरह की प्रतिबंधात्मक नीतियां अमेरिका और भारत के बीच संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव डालेंगी.
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य जिमी पनेटा के साथ ही कांग्रेस सदस्यों अमी बेरा, सालुद कार्बाजल और जूली जॉनसन ने गुरुवार को डोनाल्ड ट्रंप को लेटर लिखा. सांसदों ने एच1-बी वीजा कार्यक्रम को लेकर ट्रंप की ‘कुछ गैर-प्रवासी कामगारों के प्रवेश पर पाबंदी’ संबंधी घोषणा पर चिंता जतायी, जिसके तहत अन्य पाबंदियों के अलावा नये आवेदनों पर 100,000 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगाया गया है.
उन्होंने कहा, ‘‘हाल ही में भारत गए प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के रूप में हम न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और कॉम्पिटेटिव बेनिफिट के लिए, बल्कि भारतीय-अमेरिकी समुदायों के संबंधों को लेकर भी एच-1बी कार्यक्रम के महत्व को समझते हैं.’’ सांसदों ने पत्र में कहा, ‘हम आपसे सम्मानपूर्वक अनुरोध करते हैं कि आप 19 सितंबर की घोषणा को स्थगित करें और ऐसी किसी भी नीति पर पुनर्विचार करें, जो एच-1बी कार्यक्रम तक उचित पहुंच को कमतर करती हो.’
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब चीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता और एडवांस्ड तकनीकों में आक्रामक तरीके से इनवेस्ट कर रहा है. अमेरिका को अपने इनोवेशन इकोसिस्टम को बनाए रखने, रक्षा औद्योगिक आधार को मजबूत करने और अपनी दीर्घकालिक प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त को बनाए रखने के लिए दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करना जारी रखना चाहिए.
उन्होंने कहा, ‘‘भारत के मामले में जो पिछले साल 71 प्रतिशत एच-1बी धारकों का मूल देश था, इस प्रतिभा को आकर्षित करने से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक प्रमुख लोकतांत्रिक साझेदार के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी भी मजबूत होती है.’’
‘एशिया-प्रशांत सहयोग का नया दौर शुरू’, चीन में होगा अगला APEC शिखर सम्मेलन, जिनपिंग ने की घोषणा
2 Nov, 2025 08:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। चीन (China) के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) ने घोषणा की कि वर्ष 2026 का एपीईसी शिखर सम्मेलन (APEC Summit) चीन के शेनझेन शहर (Shenzhen City) में आयोजित किया जाएगा। इस बैठक में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के 21 देशों के नेता शामिल होंगे। दक्षिण कोरिया के ग्योंगजू में संपन्न इस साल की बैठक के समापन सत्र में शी ने यह एलान किया। उन्होंने कहा कि शेनझेन, जो कभी एक छोटा मछली पकड़ने वाला गांव था, आज आधुनिक अंतरराष्ट्रीय महानगर बन चुका है। यह चीन के खुलेपन और विकास की कहानी का प्रतीक है। आने वाले साल में हम सब इसी शहर में एशिया-प्रशांत क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखेंगे।
इस साल के एपीईसी सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात ने सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरीं। दोनों नेताओं के बीच टैरिफ और दुर्लभ खनिजों के व्यापार को लेकर नई सहमति बनी। ट्रंप ने घोषणा की कि अमेरिका चीन पर लगाई गई फेंटानिल टैरिफ को 20% से घटाकर 10% करेगा।
इसके बदले चीन ने अमेरिका से सोयाबीन और सेमीकंडक्टर चिप्स के आयात को मंजूरी दी और दुर्लभ खनिजों के निर्यात नियंत्रण को हटाने पर सहमति जताई। ट्रंप ने कहा कि वह अप्रैल 2026 में चीन का दौरा करेंगे, जबकि शी जिनपिंग उसके बाद अमेरिका की यात्रा करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि ट्रंप भी शेनझेन शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।
शी जिनपिंग ने अपने संबोधन में कहा एशिया-प्रशांत देशों को पारस्परिक सहयोग को और गहरा करना चाहिए, नई तकनीकों में खुला नवाचार अपनाना चाहिए और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास को मानवता के हित में दिशा देनी चाहिए। उन्होंने विकसित देशों से विकासशील देशों को वित्तीय, तकनीकी और क्षमता निर्माण में सहयोग देने की अपील की। शी ने कहा कि एपीईसी की असली ताकत उसकी एकजुटता और साझा दृष्टिकोण में निहित है।
बांग्लादेश के सोनादिया द्वीप पर मिली खनिजों की खान, आर्थिक तरक्की की उम्मीदें बढ़ीं
1 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश का एक छोटा सा द्वीप उसके लिए सोने की चिड़िया बनने वाला है. इस सोनादिया द्वीप पर इल्मेनाइट, मैग्नेटाइट, गार्नेट, ज़िरकॉन, रूटाइल और मोनाजाइट जैसे प्राकृतिक खनिज पाए गए हैं.
सोनादिया बांग्लादेश के कॉक्स बाजार जिले के महेशखाली उपजिला में स्थित एक छोटा द्वीप है, जो लगभग 9 वर्ग किलोमीटर है. यह द्वीप चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ है और इसमें मैंग्रोव और जंगल है. यहां की जमीन में ऐसे अहम खनिज मिले हैं जिनकी अनुमानित मात्रा लगभग 7 लाख टन है. इनमें गार्नेट और इल्मेनाइट सबसे ज्यादा हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इन खनिजों का कारोबारी रूप से इस्तेमाल किया जा सके तो यह देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकते हैं.
हाल ही में हुई रिसर्च
सोनादिया द्वीप के बहुमूल्य संसाधनों पर एक शोध पत्र हाल ही में स्विट्जरलैंड स्थित शोध पत्रिका ‘डिस्कवर जियोसाइंस’ ने प्रकाशित किया. यह शोध न्यूजीलैंड के डुनेडिन स्थित ओटागो यूनिवर्सिटी, ऑस्ट्रेलिया के वेस्टिन यूनिवर्सिटी और जहांगीरनगर यूनिवर्सिटी के चार शोधकर्ताओं: मोहम्मद शखावत हुसैन, मोहम्मद शहरयार रहमान, गुलाम तकी और मफतुहा जहान ने किया.
द्वीप में कौन-कौन से खनिज मिले?
इस रिसर्च में बताया गया कि द्वीप की रेत में गार्नेट की मात्रा 51.52% और इल्मेनाइट 38.14% है. इसके अलावा मैग्नेटाइट 5.74%, जिरकॉन 1.01%, रूटाइल 3.57% और मोनाजाइट 0.01% पाया गया. द्वीप के टीलों में भारी खनिजों की मात्रा बाकी तटीय क्षेत्रों से काफी ज्यादा है.
गार्नेट और इल्मेनाइट दोनों की ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में अत्यधिक मांग है. गार्नेट का इस्तेमाल वॉटरजेट कटिंग, पॉलिशिंग और सैंडब्लास्टिंग जैसे उद्योगों में होता है, जबकि इल्मेनाइट से टाइटेनियम मेटल बनता है, जो हवाई जहाज, रक्षा और अंतरिक्ष उद्योगों में काम आता है.
हालांकि, बांग्लादेश के इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग, मिनरोलॉजी एंड मेटालर्जी (IMMM) के वैज्ञानिक डॉ. मोहम्मद अमीनुर रहमान का कहना है कि सोनादिया में पाए गए 7 लाख टन खनिज संसाधन बहुत कम हैं और व्यावसायिक उपयोग की संभावना का पता आगे की जांच के बाद ही लगाया जा सकता है.
उन्होंने बताया कि 1980 के दशक में कॉक्स बाजार, टेकनाफ, महेशखाली और सोनादिया पर भी रिसर्च हुआ था, जिसमें 2.1 करोड़ टन खनिजों की उपस्थिति मिली थी.
सोनादिया देश के लिए क्यों अहम?
सोनादिया भौगोलिक हिसाब से और ब्लू इकॉनमी (Blue Economy) के लिए भी अहम है. यहां मत्स्य पालन और पर्यटन उद्योग पहले से ही देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं. पिछली सरकार ने यहां एक इको-टूरिज्म पार्क बनाने के लिए भूमि आवंटित की थी, लेकिन वर्तमान अंतरिम सरकार ने इस प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है.
2 हजार करोड़ की हो सकती है कमाई
बांग्लादेश भूवैज्ञानिक सर्वे विभाग के अनुसार, सरकार अब नदियों की रेत से खनिज निकालने की दिशा में काम कर रही है. उनका अनुमान है कि अगर हर साल नदी में आने वाली गाद का 10% भी प्रोसेस किया जाए तो सालाना 2,000 करोड़ टका कमाया जा सकता है.
रिसर्च में यह भी पाया गया कि सोनादिया द्वीप के खनिजों में जिरकॉन, रूटाइल और इल्मेनाइट में प्रमुख तत्वों की उच्च मात्रा है. इनमें एम्फिबोल, मस्कोवाइट और क्वार्ट्ज जैसे अन्य खनिज भी मौजूद हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, इल्मेनाइट और रूटाइल से बनने वाला टाइटेनियम डाइऑक्साइड पेंट, प्लास्टिक, पेपर और धातु उद्योग के लिए बेहद जरूरी है. जिरकॉन सिरेमिक, कांच और कास्टिंग उद्योग में गर्मी सहने की क्षमता और चमक बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होता है. गार्नेट आभूषणों और औद्योगिक उपयोग दोनों में काम आता है.
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