ख़बर
ट्रंप ने किया G-20 समिट का बायकॉट, साउथ अफ्रीका पर भड़के अमेरिका
8 Nov, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि इस साल दक्षिण अफ्रीका में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में कोई भी अमेरिकी सरकारी अधिकारी शामिल नहीं होगा. उन्होंने इसके पीछे की वजह दक्षिण अफ्रीका में श्वेत किसानों के साथ हो रहे व्यवहार को बताया है.
ट्रंप ने पहले ही घोषणा कर दी थी कि वह दुनिया की अग्रणी और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के राष्ट्राध्यक्षों के वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे. ट्रंप की जगह उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को इसमें शामिल होना था, लेकिन अब वह अब भी शिखर सम्मेलन के लिए वहां नहीं जाएंगे.
अफ्रीकी लोगों के साथ दुर्व्यवहार
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया साइट पर कहा, यह पूरी तरह से शर्मनाक है कि जी-20 दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होगा. अपने पोस्ट में, ट्रंप ने अफ्रीकी लोगों के साथ दुर्व्यवहार का हवाला दिया, जिसमें हिंसा और मौत के साथ-साथ उनकी ज़मीन और खेतों को ज़ब्त करना भी शामिल है.
भेदभाव और हिंसा का सामना
ट्रंप प्रशासन लंबे समय से दक्षिण अफ्रीकी सरकार पर अल्पसंख्यक श्वेत अफ्रीकी किसानों को सताने और उन पर हमला करने की अनुमति देने का आरोप लगाता रहा है. हालांकि इसने अमेरिका में प्रतिवर्ष प्रवेश पाने वाले शरणार्थियों की संख्या को सीमित कर दिया है. प्रशासन ने संकेत दिया है कि इनमें से ज्यादात श्वेत दक्षिण अफ्रीकी है, जिन्हें अपने देश में भेदभाव और हिंसा का सामना करना पड़ा है.
श्वेत लोगों का जीवन स्तर
वहीं दक्षिण अफ़्रीका सरकार ने कहा है कि वह भेदभाव के आरोपों से हैरान है, क्योंकि देश में श्वेत लोगों का जीवन स्तर आमतौर पर अश्वेत निवासियों की तुलना में कहीं बेहतर है. जबकि श्वेत अल्पसंख्यक शासन की रंगभेदी व्यवस्था की समाप्ति के तीन दशक से भी ज़्यादा समय बाद ऐसा हुआ है.
राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने दी सफाई
देश के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने कहा है कि उन्होंने ट्रंप को बताया है कि अफ़्रीकी लोगों के साथ कथित भेदभाव और उत्पीड़न की जानकारी पूरी तरह से झूठी है. फिर भी, प्रशासन ने दक्षिण अफ़्रीकी सरकार की आलोचना जारी रखी है. इस हफ़्ते की शुरुआत में मियामी में एक भाषण के दौरान, ट्रंप ने कहा था कि दक्षिण अफ़्रीका को जी-20 से बाहर कर दिया जाना चाहिए. इस साल की शुरुआत में, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्रियों की जी-20 बैठक का बहिष्कार किया था क्योंकि उसका एजेंडा विविधता, समावेशिता और जलवायु परिवर्तन के प्रयासों पर केंद्रित था.
मानेसर जमीन घोटाले में अब शुरू होगी आरोप तय करने की प्रक्रिया
7 Nov, 2025 05:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ गईं हैं. मानेसर लैंड स्कैम मामले में उनपर जमीन घोटाले का मुकदमा चलेगा. पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद हुड्डा की ये मुश्किलें बढ़ी हैं.
आरोप पंचकूला सीबीआई की विशेष अदालत में तय हो सकेंगे. सीबीआई पहले ही कोर्ट में चार्जशीट पेश कर चुकी है. आरोप तय होने के बाद हुड्डा पर मुकदमा चलेगा. हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते हुए मानेसर एरिया में आईएमटी रद्द कर 25 अगस्त 2005 को सेक्शन-6 का नोटिस जारी करवाया. मुआवजा 25 लाख रुपये प्रति एकड़ तय करते हुए अवार्ड के लिए सेक्शन-9 का नोटिस भी जारी किया था. बिल्डर्स ने 400 एकड़ जमीन किसानों से औने-पौने दामों में खरीदी.
किसानों को हुआ था इतने का नुकसान
साल 2007 में हुड्डा के मुख्यमंत्री रहते हुए ही सरकार ने उक्त 400 एकड़ जमीन अधिग्रहण से मुक्त कर दी थी. इससे किसानों को उस समय करीब 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. सीबीआई ने साल 2015 में जांच शुरू की और सितंबर 2018 में हुड्डा समेत 34 आरोपियों के खिलाफ 80 पन्नों की चार्जशीट अदालत में पेश की.
अब भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर आरोप तय करते हुए सीबीआई की विशेष अदालत मामले की सुनवाई करेगी. सुप्रीम कोर्ट ने मानेसर लैंड स्कैम में सीबीआई जांच का निर्देश दिया था. अदालत ने पाया कि अधिग्रहण प्रक्रिया को रद्द करने का तत्कालीन हुड्डा सरकार का 2007 का फैसला दुर्भावनापूर्ण था और इसे धोखाधड़ी माना. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को बिचौलियों द्वारा कमाए गए अनुचित लाभ की जांच करने और राज्य सरकार को “एक-एक पाई वसूलने” का निर्देश दिया था.
ट्रंप ने फिर दोहराया कहा- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मार गिराए 8 सैन्य विमान
7 Nov, 2025 04:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। दावों पर दावे करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने टैरिफ को एक निवारक के रूप में इस्तेमाल करके भारत और पाकिस्तान को एक पूर्ण युद्ध में जाने से रोका। अपने इस दावे को दोहराते हुए ट्रंप ने एक नई बात भी कही। उनका दावा है कि भारत-पाकिस्तान सैन्य झड़प में आठ सैन्य विमानों को नुकसान हुआ। वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, भारत और पाकिस्तान, आठ विमानों को मार गिराया गया। पहले यह आंकड़ा सात का था, लेकिन अब यह आठ हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने टैरिफ के कारण आठ में से पांच या छह युद्धों को समाप्त किया।
भारत ने लगातार इस संघर्षविराम में किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की बात को खारिज किया है और ट्रंप के इस दावे को दृढ़ता से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम दोनों पक्षों के सैन्य संचालन महानिदेशकों के बीच स्थापित सैन्य संचार चैनलों के माध्यम से प्राप्त किया गया था। मंत्रालय ने दोहराया कि भारत का रुख अपरिवर्तित है, पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दों को किसी भी तीसरे पक्ष की भागीदारी के बिना, द्विपक्षीय रूप से हल किया जाना है।ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने दोनों परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों को 24 घंटे के भीतर शांति स्थापित करने के लिए मजबूर किया। ट्रंप ने कहा, अगर आप भारत और पाकिस्तान को देखें तो वे लड़ने वाले थे। दोनों परमाणु संपन्न देश हैं। आठ विमानों को मार गिराया गया। मैंने उनसे कहा, अगर आप लोग लड़ने जा रहे हैं, तो मैं आप पर टैरिफ लगा दूंगा। वे खुश नहीं थे। 24 घंटे के भीतर, मैंने युद्ध को सुलझा लिया। टैरिफ के बिना मैं ऐसा नहीं कर पाता। ट्रंप ने दावा किया कि शांति के लिए बातचीत 9 मई को हुई थी और अगले ही दिन दोनों ने युद्धविराम की घोषणा कर दी। इससे पहले बुधवार को मियामी, फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम में बोलते हुए भी ट्रंप ने कहा कि उनके व्यापार को काटने की धमकी ने ही नई दिल्ली और इस्लामाबाद को लड़ाई रोकने पर मजबूर किया। वहीं,पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग शिखर सम्मेलन में भी ट्रंप ने यही दावा किया था कि उन्होंने संभावित परमाणु युद्ध को रोकने के लिए भारत और पाकिस्तान को टैरिफ की धमकी दी थी।
वंदे मातरम् दिवस पर हरियाणा में देशभक्ति के रंग में रंगा माहौल
7 Nov, 2025 04:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का स्मरणोत्सव पूरे हरियाणा में भी पूरी गरिमा और शालीनता से मनाया जा रहा है. चंडीगढ़ स्थित हरियाणा सिविल सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की. उन्होंने कहा कि अपने ही देश में पराधीनता की पीड़ा कितनी कष्टदायी होती है, इसकी कल्पना ही बड़ी मुश्किल है. सन् 1857 में स्वतंत्रता के पहले संग्राम का बिगुल बजा और प्रबुद्ध नागरिकों ने अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ बोलना शुरू किया.
उन्होंने कहा कि गीत-संगीत की हमारे देश में एक लम्बी परम्परा रही है. ऐसा ही एक गीत है-वंदे मातरम्. इस अमर गीत ने अंग्रेजी शासन के अत्याचारों से ग्रस्त और त्रस्त जनमानस को उद्वेलित कर जन-जन में देशभक्ति की ज्योति प्रज्वलित की, राष्ट्रीय चेतना को स्वर प्रदान किया और भारत के स्वाधीनता संग्राम को दिशा दी.
उन्होंने कहा कि आज पूरा देश बड़े ही गर्व और गौरव के साथ वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने का उत्सव मना रहा है. उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, यह भारत माता की आराधना है, हमारे राष्ट्रीय चरित्र की आत्मा है.
उन्होंने कहा कि इस अवसर पर इस अमर गीत के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के जीवन पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई गई है. इसमें उनके जीवन के जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया गया है. उन्होंने उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों का आह्वान किया कि वे इस प्रदर्शनी को जरूर देखें और इससे कुछ न कुछ सीखकर जाएं. उन्होंने राष्ट्रीय गीत को हिन्दी में भी उच्चारण किया.
कार्यक्रम के प्रारंभ में मुख्य सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर भारत माता के चरणों में पुष्प अर्पित किए. इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने राष्ट्रीय गीत गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया. उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों ने मिलकर वंदे मातरम् गाया. कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान के साथ-साथ राज्य गीत जय जय जय हरियाणा भी गाया गया.
पाक सरकार के मंत्री आतंकी सईद की शरण में, पीएमएमएल नेताओं से मिले
7 Nov, 2025 03:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामबाद। आतंकी हाफिज सईद फिर राजनीति में सक्रिय हो रहा है और अब इसमें खुद पाकिस्तान सरकार के मंत्री भी शामिल हो रहे हैं। पीएम शहबाज शरीफ के करीबी और गृह राज्य मंत्री तालाल चौधरी हाल ही में हाफिज सईद की प्रतिबंधित संगठन जमात-उद-दावा के राजनीतिक विंग पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग के दफ्तर पहुंचे। ये दफ्तर पंजाब के फैसलाबाद में है।
तालाल चौधरी का पीएमएमएल हाउस में जाकर वहां के नेताओं से मुलाकात करना पाकिस्तान में राजनीतिक गलियारों में बड़ा संदेश माना जा रहा है। इसे शहबाज सरकार की ओर से हाफिज सईद के संगठन को ऑफिशियल संरक्षण देने जैसा कदम बताया जा रहा है। हाफिज सईद वही शख्स है जिसे मुंबई 26/11 हमले का मास्टरमाइंड माना जाता है और जो इस समय लाहौर की कोट लखपत जेल में आतंकी फंडिंग के मामलों में सजा काट रहा है।
पीएमएमएल की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने राष्ट्रीय एकता, राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निरंतरता पर जोर दिया। बयान के मुताबिक यह भी सहमति बनी कि मौजूदा हालात में सभी राजनीतिक दलों को मिलकर एक रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए ताकि देश में सामाजिक सौहार्द और लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूती दी जा सके, लेकिन लोगों का कहना है कि सब लोकतंत्र की नहीं बल्कि हाफिज सईद की “राजनीतिक वापसी” की तैयारी है।
यह पहली बार है जब किसी संघीय मंत्री ने पीएमएमएल के दफ्तर का दौरा किया। इससे पहले पंजाब विधानसभा के स्पीकर मलिक अहमद खान ने कासुर जिले में पीएमएमएल की रैली में शिरकत की थी और वहां सईद की खुलकर तारीफ की थी। बताया जा रहा है कि मई में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच पीएमएमएल अचानक फिर से सक्रिय हो गया। सूत्रों का कहना है कि संगठन अब सरकारी छत्रछाया में काम कर रहा है और खुलेआम सभाएं और प्रचार अभियान चला रहा है।
सईद के संगठन ने खुद को राजनीतिक दल के रूप में पेश कर पाकिस्तान की जनता के बीच वैधता पाने की कोशिश शुरू कर दी है। यह वही पुरानी रणनीति है, जिसमें आतंकी संगठन अपने नाम बदलकर और “लोकतांत्रिक एजेंडा” दिखाकर खुद को जनता का प्रतिनिधि बताने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पाकिस्तान के अंदर कट्टरपंथी राजनीति को बल मिलेगा और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समुदाय की कोशिशों को भी झटका लगेगा।
भारत पहले ही कई बार संयुक्त राष्ट्र और एफएटीएफ जैसे मंचों पर पाकिस्तान को चेतावनी दे चुका है कि आतंकी संगठनों के खिलाफ दिखावटी कार्रवाई से काम नहीं चलेगा। ऐसे में किसी मंत्री का सईद के लोगों से मिलना न सिर्फ पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को उजागर करता है, बल्कि आतंकी मानसिकता के राजनीतिककरण की पुष्टि भी करता है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि शहबाज शरीफ सरकार का यह रुख आने वाले महीनों में भारत-पाक संबंधों को और ठंडा कर सकता है। वहीं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान की छवि को भी गहरा नुकसान होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अगले साल आ सकते हैं भारत, पीएम मोदी को कहा- ‘ग्रेट मैन’
7 Nov, 2025 02:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के ‘ओवल ऑफिस’ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनकी बातचीत और भारत के साथ व्यापार वार्ता कैसी चल रही है, तो उन्होंने कहा, ‘बहुत बढ़िया, अच्छी चल रही है। उन्होंने (प्रधानमंत्री मोदी ने) रूस से तेल खरीदना काफी हद तक बंद कर दिया है।’ ट्रंप ने कहा, ‘वह (प्रधानमंत्री मोदी) मेरे दोस्त हैं, हम बात करते रहते हैं। वह चाहते हैं कि मैं वहां आऊं। हम इस पर विचार कर रहे हैं। मैं जाऊंगा। मैंने वहां प्रधानमंत्री मोदी के साथ एक शानदार यात्रा की थी। वह एक महान व्यक्ति हैं। मैं फिर जाऊंगा।’
ट्रंप ने कहा, ‘और मैंने कहा, ‘सुनो, अगर तुम लोग लड़ते रहोगे तो मैं तुम पर शुल्क लगा दूंगा।’ वे दोनों खुश नहीं थे लेकिन 24 घंटे के भीतर मैंने वह युद्ध सुलझा दिया। अगर मेरे पास शुल्क (टैरिफ) न होता तो मैं वह युद्ध नहीं रोक पाता।’’ राष्ट्रपति ट्रंप ने शुल्क को ‘‘राष्ट्रीय रक्षा का एक बड़ा’’ माध्यम भी बताया। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए युद्ध को व्यापार के जरिये रुकवाया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने आठ युद्ध खत्म कराए जिनमें से पांच या छह तो शुल्क (टैरिफ) के जरिए खत्म कराए। मैं आपको एक उदाहरण देता हूं। अगर आप भारत और पाकिस्तान को देखें तो उन्होंने लड़ाई शुरू कर दी थी। वे दोनों परमाणु संपन्न देश हैं…वे एक-दूसरे पर गोलीबारी कर रहे थे। आठ विमान गिरा दिए गए थे। पहले सात थे। अब आठ हैं क्योंकि एक विमान जो मार गिराया गया था, उसे अब त्याग दिया गया है। आठ विमान गिराए गए।’ बता दें कि भारत अगले वर्ष क्वाड शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका के नेता भाग लेंगे। इससे पहले 2024 का शिखर सम्मेलन विलमिंगटन (डेलावेयर) में आयोजित हुआ था। बहरहाल, भारत में होने वाले सम्मेलन की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है।
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा को बड़ा झटका, मानेसर लैंड स्कीम मामले में चलेगा केस
7 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मानेसर लैंड स्कैम मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई के दौरान उनकी याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही अब पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
अंबाला कैंट स्टेशन पर 8 नवंबर को होगा नई ट्रेन का भव्य स्वागत
7 Nov, 2025 12:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबाला (हरियाणा): फिरोजपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली आठ कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस 02462 और 61 के नंबर से चलेगी जबकि उद्घाटन के दिन इस वंदे भारत का नंबर 26462 व 61 निर्धारित किया गया है। रेलवे ने वंदे भारत के नए नंबर का निर्धारण कर दिया है और जल्द ही इसे रेलवे के क्रिस साफ्टवेयर पर भी अपडेट कर दिया जाएगा, इसके अलावा ट्रेन के किराए के लिए भी मंथन शुरू हो गया है और जल्द ही किराए की जानकारी भी सिस्टम पर अपडेट कर दी जाएगी।
सीटें और कोच
मौजूदा समय में देश में चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में 16 कोच लगे हुए हैं, लेकिन फिरोजपुर-दिल्ली के बीच आठ कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस चलेगी। इसमें 6 चेयर कार और 2 एक्जीक्यूटिव श्रेणी के डिब्बे लगे हुए हैं। प्रत्येक चेयर कार में 78 यात्री बैठ सकते हैं, जबकि प्रत्येक एक्जीक्यूटिव डिब्बे में 52 सीटें हैं, यानी कुल मिलाकर 572 सीटें फिरोजपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में होंगी।
कैंट स्टेशन पर होगा स्वागत
अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आठ नवंबर को नई वंदे भारत एक्सप्रेस का स्वागत होगा। मंडल रेल प्रबंधक के निर्देश पर रेलवे ने इसकी पूरी तैयारी कर ली है और स्वागत के लिए पंडाल प्लेटफार्म नंबर एक पर लगाया जाएगा। इसके अलावा वंदे भारत के अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर ठहराव को लेकर भी खाका तैयार कर लिया गया है। फिरोजपुर से आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को प्लेटफार्म एक पर और दिल्ली की तरफ से आने वाली वंदे भारत को प्लेटफार्म सात पर ठहराव प्रदान किया जाएगा।
समय में हुआ परिवर्तन
रेलवे ने आठ नवंबर से चलने वाली फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत के समय में भी परिवर्तन कर दिया है। इस संबंध में वीरवार को लिखित आदेश जारी किए गए हैं। यह फैसला कुछ ट्रेनों के प्रभावित होने के कारण लिया गया है। अब नई वंदे भारत 02462 का फिरोजपुर से सुबह 8:05 बजे चलकर दोपहर 12:18 बजे अंबाला कैंट और 3:05 बजे दिल्ली पहुंचेगी। पहले इस ट्रेन का फिरोजपुर से चलने का समय सुबह 7:55 बजे, अंबाला कैंट और दिल्ली पहुंचने का समय क्रमश: 11:58 बजे और 2:35 बजे निर्धारित किया गया था।
अधिकारी के अनुसार
फिरोजपुर से दिल्ली के बीच चलने वाली नई वंदे भारत का ठहराव अंबाला कैंट में होगा। इसलिए आठ नवंबर को ट्रेन का स्वागत कैंट रेलवे स्टेशन पर किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरु कर दी गई है। ट्रेन के समय में भी कुछ परिवर्तन किया गया है ताकि अन्य ट्रेनों का संचालन प्रभावित न हो।
फिलीपींस में तूफान कल्मेगी का कहर, मृतकों का आंकड़ा 114 पहुंचा; राष्ट्रपति ने आपातकाल घोषित किया
7 Nov, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मनीला। फिलीपींस (Philippines) के राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर (President Ferdinand Marcos Jr.) ने गुरुवार को देश में आपातकाल की घोषणा (Declaration of Emergency) की। दरअसल, यहां शक्तिशाली तूफान कल्मेगी (Storm Kalmegi) की चपेट में आकर कम से कम 241 लोगों की मौत हुई है या वे लापता हो गए हैं। इस तरह से यह इस वर्ष देश में अब तक की सबसे भीषण प्राकृतिक आपदा है।
अधिकारियों के मुताबिक, तूफान से अब तक 114 लोगों की मौत हो चुकी है, ज्यादातर की मौत अचानक आई बाढ़ में डूबने से हुई। वहीं, 127 लोग लापता हैं। इनमें से अधिकतर मध्य प्रांत सेबू में हैं, जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। कल्मेगी के चलते लगभग 20 लाख लोग प्रभावित हुए और 5.6 लाख से अधिक ग्रामीणों को विस्थापित होना पड़ा। इनमें से करीब 4.5 लाख लोगों को आपातकालीन शिविरों में शरण दी गई है।
इशाक डार बोले-काबुल की चाय ने पाकिस्तान को झुलसाया
7 Nov, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल। अगस्त 2021 में तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा कर लिया था। उस समय एक तस्वीर ने खासी सुर्खियां बटोरीं। इस तस्वीर में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के तत्कालीन प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों के साथ काबुल के एक होटल में चाय पीते हुए दिखाई दिए थे। अब इसको लेकर पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार ने संसद में कहा कि उस ‘चाय’ की कीमत आज पाकिस्तान को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि एक कप चाय ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा को फिर से खोल दिया। इस दौरान डार ने देश के अंदर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हमलों के लिए पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार के फैसलों को जिम्मेदार ठहराया।
टोलो न्यूज के अनुसार, डार के बयान में कहा गया कि यह एक गंभीर चूक थी, जिसे दोहराने की कोई गुंजाइश नहीं। डार ने यह भी आरोप लगाया कि तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान में सुरक्षा संबंधी घटनाओं में इजाफा हुआ है। उन्होंने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), फितना अल-खवारिज और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) जैसे उग्रवादी संगठनों पर इल्जाम लगाया कि ये अफगान मिट्टी से अपनी कार्रवाइयां चला रहे हैं। डार ने बताया कि उन्होंने अपने अफगान समकक्ष अमीर खान मुत्तकी से छह बार फोन पर चर्चा की, जिसमें पाकिस्तान ने अपनी चिंताएं जाहिर कीं और मांग की कि अफगान सरजमीं से कोई आतंकी गतिविधि न हो।
हालांकि, मुत्तकी ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हाफिज जिया अहमद ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि दोनों पक्षों के बीच फोन वार्ताएं आपसी समझ और समन्वय के वातावरण में हुईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इशाक डार ने शुरुआत में ही इशारा किया था कि उन्हें इस मुद्दे की पूरी जानकारी नहीं है और विस्तृत जानकारी मिलने पर वे दोबारा संपर्क करेंगे। अहमद ने अपनी पोस्ट में जोर देकर कहा कि डार के ताजा बयान ( जिसमें उन्होंने दावा किया कि मुत्तकी ने एक ही दिन में छह बार फोन किया था) में सच्चाई और वास्तविकता की कमी है। दोनों देशों के बीच पहला फोन संपर्क आपसी सहमति और सहयोग के लिए था।
एआरवाई न्यूज के अनुसार, डार ने सीमा पार हमलों पर गहरी नाराजगी जताई, लेकिन उम्मीद जताई कि 6 नवंबर को इस्तांबुल में होने वाली पाक-अफगान वार्ता सुरक्षा मामलों पर सहयोग को मजबूत करेगी। बता दें कि पिछले महीने दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था, जब पाकिस्तान ने अफगान क्षेत्र में हवाई हमले किए। इसके जवाब में अफगान पक्ष ने पलटवार किया, जिससे सीमा पर भारी गोलीबारी हुई। बाद में कतर और तुर्की की मध्यस्थता से दोनों ने युद्धविराम पर सहमति जताई, जिसे आगे बढ़ाया गया। अब 6 नवंबर को इस्तांबुल में दूसरी दौर की बातचीत होगी।
POK में उबल रहा जेन-Z का गुस्सा, शहबाज सरकार की बढ़ी टेंशन
7 Nov, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में हिंसक अशांति (Violent Unrest) के कुछ ही हफ्तों के बाद अब एक बार फिर से इलाके में विरोध प्रदर्शनों (Protests) की नई लहर दौड़ गई है. इस बार विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व जेनरेशन Z कर रही है, जिसमें ज्यादातर युवा छात्र (Student) शामिल हैं. इस आंदोलन की शुरुआत शिक्षा सुधारों, बढ़ती फीस और मूल्यांकन प्रक्रिया के खिलाफ की गई थी, लेकिन अब यह प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ व्यापक विरोध में बदल गया है, जिससे इलाके के युवाओं के अंदर दबा असंतोष और आक्रोश नजर आ गया है.
शिक्षा सुधारों को लेकर हुआ यह विरोध प्रदर्शन शुरुआत में शांतिपूर्ण तरीके से जारी था, लेकिन हालात तब बिगड़ गए जब कथित रूप से एक अज्ञात बंदूकधारी शख्स ने छात्रों के एक समूह पर फायरिंग कर दी. इस घटना में एक छात्र घायल हो गया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल वीडियो में पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद (Muzaffarabad) में एक शख्स को प्रदर्शनकारी छात्रों पर गोली चलाते हुए देखा जा सकता है. गोली चलने के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई. हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि जब मुजफ्फराबाद में यह घटना घटी, तब पुलिसकर्मी वहां पर मौजूद थे.
जोहरान ममदानी की जीत पर कैसा रहा भारतीय-अमेरिकी समुदाय का रिएक्शन
7 Nov, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डेस्क। भारतीय-अमेरिकी समुदाय (Indian-American Community) के सदस्यों ने न्यूयॉर्क शहर (New York City) के मेयर पद (Mayor Post) के चुनाव (Election) में जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) की ऐतिहासिक जीत का स्वागत किया है। समुदाय के सदस्यों ने इसे एक नई उपलब्धि और इस बात का संकेत बताया कि प्रवासी समुदाय अब अमेरिका में नई पहचान बना रहा है। न्यूयॉर्क में स्थित शैक्षिक एवं सांस्कृतिक संस्था ‘द कल्चर ट्री’ की संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनु सहगल ने कहा, “पिछली रात एक नए युग की शुरुआत जैसी थी। जोहरान ममदानी की ऐतिहासिक जीत के साथ न्यूयॉर्क को भारतीय मूल का पहला मेयर मिलने के बाद हम इस शहर की पहचान, अपनापन और सत्ता को देखने के नजरिए में बदलाव देख रहे हैं।”
सहगल ने कहा कि ममदानी के विजय भाषण में प्रवासियों के प्रति दृढ़ विश्वास झलक रहा था। यह विश्वास कि न्यूयॉर्क उन लोगों से बना है जो यहां आते हैं, मेहनत करते हैं और आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा, “उनके भाषण में हमारी संस्कृति के कई पहलू झलक रहे थे। नेहरू का जिक्र और धूम फिल्म के गीत के साथ समारोह का समापन, यह सब हमारे समुदाय के लिए खास मायने रखता है।” सहगल ने कहा कि आगे चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन यह निर्विवाद है कि “दक्षिण एशियाई और प्रवासी समुदाय की कहानियां अब हकीकत में बदल रही हैं।”
दक्षिण एशियाई समुदाय के नेता और नासाउ काउंटी के पूर्व उप नियंत्रक दिलीप चौहान ने ममदानी को बधाई दी और कहा कि उन्हें यह देखकर प्रसन्नता हुई कि एक दक्षिण एशियाई-अमेरिकी सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पित होकर शहर के विकास के लिए कार्य करने का वादा कर रहा है। ममदानी के समर्थक चौहान ने कहा कि उनकी जीत उनके नेतृत्व में लोगों के विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “उन्होंने एक उज्जवल भविष्य की आशा जगाई है और हर प्रवासी के लिए प्रेरणा हैं। उन्हें हमारे समुदायों की सेवा और प्रगति के लिए काम करते रहने के लिए शुभकामनाएं।”
‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट फंड’ नाम के सामुदायिक संगठन ने कहा कि चुनाव परिणामों ने यह साबित किया है कि “चाहे वह सिटी काउंसिल हो, मेयर का पद या कोई राज्य स्तरीय पद, दक्षिण एशियाई-अमेरिकी अब इस देश के राजनीतिक भविष्य का हिस्सा हैं।” संस्था ने बताया कि अमेरिका में उसका समर्थन प्राप्त 19 उम्मीदवार विजयी हुए हैं, जिनमें वर्जीनिया की पहली दक्षिण एशियाई मूल की महिला लेफ्टिनेंट गवर्नर गजाला हाशमी और न्यूयॉर्क के पहले दक्षिण एशियाई मेयर जोहरान ममदानी शामिल हैं। इनके अलावा सिनसिनाटी के मेयर आफताब पुरेवाल ने एक बार फिर इस पद के लिए चुनाव जीता है और पेंसिल्वेनिया के बक्स काउंटी में जो खान जिला अटॉर्नी का चुनाव जीते हैं। ‘इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट फंड’ के कार्यकारी निदेशक चिंतन पटेल ने सभी विजयी उम्मीदवारों को बधाई देते हुए कहा कि जिन्होंने चुनाव लड़ा, वो भी सराहना के पात्र हैं।
अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों में उलझन- विमान गिरने की गिनती बदली
6 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया था. ट्रंप ने इस बार दावे में थोड़ा बदलाव भी किया है. फ्लोरिडा के मियामी में आयोजित अमेरिका बिजनेस फोरम में ट्रंप ने कहा कि भारत-पाक संघर्ष में 8 फाइटर जेट गिरे थे. इससे पहले वह 7 फाइटर जेट गिरने की बात कह चुके हैं. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ये विमान किस देश के थे.
18 जुलाई को ट्रंप ने कहा था कि भारत-पाकिस्तान के बीच झड़प में 5 विमान मार गिराए गए. वहीं 25 अगस्त को 7 विमान गिरने का दावा किया था. पिछले कुछ महीनों में ट्रंप 60 से ज्यादा बार ये दावा कर चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराया था. ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने दोनों को धमकी दी कि अगर युद्ध नहीं रुका तो वह ट्रेड डील रद्द कर देंगे.
ट्रंप की जुबानी, उनकी कहानी
ट्रंप ने कहा, मैं भारत और पाकिस्तान के साथ व्यापार समझौता करने वाला था, तभी अखबार में खबर आई कि दोनों युद्ध करने जा रहे हैं. सात विमान गिराए गए और आठवां भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ. तब मैंने कहा यह तो युद्ध है और मैं युद्ध कर रहे देशों से व्यापार नहीं करूंगा.
ट्रंप ने कहा कि जब उन्होंने यह बात कही, तो भारत और पाकिस्तान ने कहा कि इसका व्यापार से कोई संबंध नहीं है. लेकिन ट्रंप ने कहा, इसका सीधा संबंध है, अगर तुम युद्ध करोगे तो मैं किसी डील पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा. ट्रंप के मुताबिक, अगले दिन उन्हें फोन आया कि दोनों देश सीजफायर पर सहमत हो गए हैं. मैंने कहा, बढ़िया! अब हम व्यापार करेंगे. अगर टैरिफ और दबाव न होते, तो यह संभव नहीं था.
ट्रंप 8 जंग रुकवाने का दावा कर चुके
ट्रंप ने दावा किया कि राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने आठ बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को रोका है, जिनमें भारत-पाकिस्तान, कोसोवो-सर्बिया और कांगो-रवांडा जैसे विवाद शामिल हैं. उन्होंने खुद को वैश्विक शांति लाने वाला नेता बताया.
हालांकि भारत ट्रंप के इस दावे को पूरी तरह नकार चुका है. भारत का कहना है कि सीजफायर अमेरिकी दखल से नहीं, बल्कि पाकिस्तान की अपील पर हुआ था. पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों ने भारत से गोलीबारी रोकने की गुजारिश की थी.
भारत का ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत 7 मई को पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था. यह कार्रवाई पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी.
पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने 26 भारतीयों की हत्या कर दी थी. इसके बाद दोनों देशों के बीच चार दिन तक गोलीबारी और मिसाइल हमले हुए. 10 मई को पाकिस्तान ने युद्धविराम की मांग की और संघर्ष खत्म हुआ.
दिल्ली में शेख हसीना की निगरानी? मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव का बड़ा खुलासा
6 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश की सरकार दिल्ली में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की जासूसी करवा रही है. यह सच खुद यूनुस सरकार के प्रेस सचिव ने मीडिया को बताया है. प्रेस सचिव का कहना है कि शेख हसीना की हर गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. इसके लिए स्पेशल मॉनिटरिंग सेल बनाया गया है.
रिपोर्ट के मुताबिक शफीकुल ने शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के कार्यकर्ताओं को नसीहत भी दिया है. आलम ने लीग के कार्यकर्ताओं से शेख हसीना से दूरी बनाने के लिए कहा है.
3 इंटरव्यू के बाद हरकत में सरकार
बांग्लादेश में अगस्त 2024 में शेख हसीना का तख्तापलट हुआ था. सरकार जाने के बाद परिवार के साथ शेख हसीना दिल्ली आ गई थीं. हसीना दिल्ली में ही लोधी गार्डन के पास रह रही हैं. हसीना ने हाल ही में इंटरव्यू दिया है.
इस इंटरव्यू के बाद से बांग्लादेश की सरकार हरकत में आ गई है. सरकार पर हसीना को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप है. हसीना पर बांग्लादेश में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. इनमें अधिकांश मुकदमे हत्या और भ्रष्टाचार से जुड़े हैं.
बांग्लादेश के प्रेस सचिव ने क्या कहा है?
प्रेस सचिव ने पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कहा- शेख हसीना को कई मौकों पर चुपचाप सोशल मीडिया के जरिए अपने कार्यकर्ताओं को संदेश देते हुए देखा गया है. हसीना ने बांग्लादेश में जुलाई विद्रोहियों को आतंकवादी कहा है. हम सरकारी एजेंसियों से लगातार हसीना के बारे में फीडबैक ले रहे हैं.
शफीकुल आलम के मुताबिक सरकार हसीना की सभी गतिविधियों पर नजर रख रही है. कहीं कोई गड़बड़ी नहीं होने दिया जाएगा. आवामी लीग के उन कार्यकर्ताओं की भी पहचान की जा रही है, जो लगातार शेख हसीना के संपर्क में है. उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.
शफीकुल आलम ने आगे कहा- हसीना के खिलाफ कोर्ट का जैसे ही फैसला आएगा. हम भारत सरकार से संपर्क करेंगे. इसके बाद आगे की स्थितियों के बारे में आप सबको अपडेट करेंगे.
बांग्लादेश में शेख हसीना का मुद्दा
बांग्लादेश की सियासत में शेख हसीना का मुद्दा काफी अहम है. शेख हसीना के पिता शेख मुजीबउर रहमान ने बांग्लादेश को आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई थी. हसीना 2008 से 2024 तक बांग्लाेदश में प्रधानमंत्री पद पर रही हैं.
हसीना का कहना है कि 2024 में अमेरिका और पाकिस्तान ने कट्टरपंथियों की मदद से उनकी सरकार गिरा दी. बांग्लादेश में वर्तमान में मोहम्मद यूनुस की सरकार है. मोहम्मद यूनुस का कहना है कि शेख हसीना ने सरकार में रहने के दौरान जुल्म किए.
यूनुस के मुताबिक उन पर केस दर्ज है और कोर्ट में ट्रायल चल रहा है. बांग्लादेश के लोग शेख हसीना को भूल भी जाते, लेकिन हसीना लगातार बांग्लादेश में सोशल मीडिया के जरिए एक्टिव है.
इस्तांबुल में बड़ा फैसला: 57 मुस्लिम देशों ने मिलकर बनाया B57+ बिजनेस मंच
6 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत के दुश्मन माने जाने वाले तुर्की के इंस्ताबुल में इस्लामिक देशों की बड़ी बैठक हुई है. इस्लामिक चैंबर ऑफ कॉमर्स के अधिकारी इस बैठक को लीड कर रहे हैं. बैठक में बिजनेस समिट को लेकर कई फैसले किए गए हैं. इनमें आर्थिक सहयोग और निजी क्षेत्र के एकीकरण का फैसला सबसे अहम है.
मीडिया के मुताबिक इस बैठक में बी57+ मंच बनाने की घोषणा की गई. इस मंच के जरिए इस्लामिक कंट्री अगली पीढ़ी के व्यावसायिक नेताओं को तैयार करेगी. इसे काफी अहम माना जा रहा है.
सवाल- बी57+ मंच क्यों है अहम?
1. पहली बार दुनिया के 57 से ज्यादा मुस्लिम देशों ने एक साथ बिजनेस को लेकर बड़ा प्लान किया है. सऊदी, तुर्की और ईरान जैसे देशों को जहां इसका फायदा होगा, वहीं पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे भारत के पड़ोसी देश भी इस आईडिया का लाभ उठा सकेंगे.
2. इस्लामिक देशों की अर्थव्यवस्था हलाल उत्पादों और रियल स्टेट आधारित है. कुछ इस्लामिक देश तेल के व्यापार भी शामिल है. आने वाले दिनों में छोटे-छोटे मुस्लिम देशों में भी बड़े पैमाने पर इसमें बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
3. भारत के पड़ोस में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे मुस्लिम कंट्री है, जिसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. बी57+ मंच के बन जाने से इन देशों की तरक्की हो सकती है.
प्लान को कैसे सफल बनाया जाएगा?
इस प्लान को सफल बनाने के लिए इस्लामिक चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी अलग-अलग देशों का दौरा करेंगे. ये पदाधिकारी स्थानीय स्तर के बिजनेस लीडर्स से मुलाकात कर नए लोगों को ट्रेंड करेंगे.
इस्लामिक चैंबर ऑफ कॉमर्स की कोशिश मुस्लिम देशों में नए-नए बिजनेस लीडर्स बनाने की है. इस्लामिक चैंबर ऑफ कॉमर्स की पहली बैठक पाकिस्तान में प्रस्तावित है.
इस्लामिक चैंबर ऑफ कॉमर्स क्या है?
1977 में पाकिस्तान के कराची में इसकी स्थापना हुई थी. सऊदी के नेता वर्तमान में इसके चेयरमैन पद पर आसीन हैं. शुरुआत में इस संगठन का लक्ष्य इस्लामिक देशों में बिजनेस और निवेश को बढ़ाना था. अब इसने विकास के लक्ष्य को भी अपने साथ जोड़ा है.
यात्रियों को झटका, कुछ ट्रेनें रद्द तो कुछ का बदला शेड्यूल
हनुमानताल पुलिस को भनक तक नहीं, CSP ने मारा छापा
नारी शक्ति वंदन पर मंथन, 27 अप्रैल को MP विधानसभा का विशेष सत्र
अधिकारी के सम्मान पर हमला: आईपीएस एसोसिएशन मध्यप्रदेश ने विधायक के बयान की निंदा की
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल, एंबुलेंस क्यों नहीं पहुंची?
