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350वां शहीदी दिवस: सीएम सैनी बोले—हरियाणा संतों की धरती, गुरु तेग बहादुर का बलिदान प्रेरणादायक
25 Nov, 2025 02:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को लेकर सीएम सैनी ने एक संदेश पत्र जारी किया है। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर में श्री गुरु तेग बहादुर जी का व्यक्तित्व सदियों से अमिट, उत्ताल और अमर बना हुआ है। वे पीढ़ी-दर-पीढ़ी मानवता के सच्चे रक्षक, अत्याचार के खिलाफ अदम्य साहस के प्रतीक और धार्मिक स्वतंत्रता के महान संरक्षक के रूप में विख्यात हैं। सीएम सैनी ने कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर में आयोजित होने वाले 350वें शहीदी दिवस समागम के दौरान गुरु जी के बलिदान को समस्त मानवता के लिए प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह कुर्बानी केवल एक समुदाय या क्षेत्र तक सीमित नहीं थी, बल्कि 'वसुधैव कुटुम्बकम्' के सिद्धांत को जीवंत करने वाली थी।
सीएम सैनी ने समारोह स्थल का निरीक्षण करते हुए मीडिया से बातचीत में गुरु जी के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गुरु जी का बचपन का नाम त्यागमल था और वे छठे गुरु श्री हरगोबिंद साहिब जी व माता नानकी जी के पुत्र थे। उनका जन्म 1 अप्रैल 1621 को अमृतसर में हुआ, जहां आज गुरुद्वारा 'गुरु का महल' सुशोभित है। सैनी ने कहा, "जब-जब मानवता पर अत्याचार हुए, तब-तब महापुरुषों का अवतरण हुआ। गुरु जी के समय मुगल बादशाह औरंगजेब के इस्लामीकरण के प्रयासों से त्रस्त कश्मीरी पंडितों ने आनंदपुर साहिब में गुरु जी से रक्षा की विनती की।
बालक गोबिंद राय (भविष्य के गुरु गोबिंद सिंह) के प्रेरणा-वचन पर गुरु जी ने दिल्ली की ओर प्रस्थान किया और अपना शीश कुर्बान कर धर्म की रक्षा की। यदि यह बलिदान न होता, तो आज का हिन्दुस्तान कैसा होता, कल्पना से परे है।"मुख्यमंत्री ने हरियाणा को गुरुओं व संतों की धरती बताते हुए गौरवान्वित भाव व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "यह हमारा सौभाग्य है कि कुरुक्षेत्र की पवित्र भूमि पर महाभारत का युद्ध लड़ा गया, जहां महाराजा कुरु ने हल चलाया और श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया। यहीं आठ गुरु साहिबान गुरु नानक देव से गोबिंद सिंह तक के चरण पड़े।
सीएम सैनी ने 2015 में शुरू 'संत-महापुरुष सम्मान एवं चिंतन प्रसार योजना' का उल्लेख किया, जिसमें गुरु नानक देव, गुरु तेग बहादुर, गुरु गोबिंद सिंह, बाबा बंदा सिंह बहादुर, धन्ना भगत, कबीर, नामदेव व रविदास जैसे महापुरुषों के विचारों का प्रचार हो रहा है। यमुनानगर के लोहगढ़ (बाबा बंदा सिंह की राजधानी) में मार्शल आर्ट इंस्टीट्यूट व गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज बन रहा है। सिरसा के गुरुद्वारा चिल्ला साहिब को 72 कनाल भूमि निःशुल्क दी गई। अंबाला में 28 गुरुद्वारे हैं, जिसमें लखनौर साहिब प्रमुख। सीएम ने सिरसा के चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में 'गुरु तेग बहादुर चेयर', अंबाला पॉलिटेक्निक का नाम परिवर्तन, करनाल में मेमोरियल, टोहाना-जीन-नारनौल मार्ग को 'गुरु तेग बहादुर मार्ग', कैथल में 'गुरु तेग बहादुर वन' व यमुनानगर के किशनपुरा में कृषि महाविद्यालय का जिक्र किया।
इन प्रयासों से गुरु जी का त्याग व मानवता संदेश भावी पीढ़ियों तक पहुंचेगा। समागम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि हैं। वे ज्योतिसर में महाभारत अनुभव केंद्र का लोकार्पण करेंगे, गुरु जी की स्मृति में सिक्का व डाक टिकट जारी करेंगे, कॉफी टेबल बुक का अनावरण करेंगे तथा ब्रह्मसरोवर पर महाआरती में भाग लेंगे।
ट्रंप का एच-1बी वीजा पर संतुलित नजरिया: अमेरिकी नौकरियों को दे रहे प्राथमिकता
25 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच-1बी वीजा संबंधी बयानों का पुरजोर बचाव किया है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने स्पष्ट किया कि ट्रंप का दृष्टिकोण पूरी तरह संतुलित है और यह अमेरिकी कामगारों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की नीति पर आधारित है। उनके अनुसार, विदेशी विशेषज्ञों को केवल शुरुआती चरण में ही अमेरिका लाने की अनुमति दी जाएगी, ताकि बड़ी विदेशी कंपनियाँ जब यहाँ नए कारखाने और संयंत्र स्थापित करें, तो काम तुरंत शुरू हो सके। लेकिन जैसे ही ये परियोजनाएँ परिपक्व होंगी, उनमें स्थानीय अमेरिकी कामगारों को ही रोजगार दिया जाएगा।
लेविट ने जोर देकर कहा कि राष्ट्रपति की सोच को कई लोग गलत समझ रहे हैं। ट्रंप ने विदेशी निवेशकों को साफ संदेश दिया है कि यदि वे अमेरिका में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं, तो नौकरियाँ सिर्फ अमेरिकी नागरिकों को ही मिलनी चाहिए। यह नीति अमेरिका फर्स्ट के सिद्धांत का प्रत्यक्ष रूप है। हाल ही में ट्रंप ने लीगल इमिग्रेशन का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसी उन्नत इंडस्ट्रीज में अमेरिकी कामगारों को प्रशिक्षित करने के लिए शुरुआत में विदेश से हजारों उच्च कुशल विशेषज्ञों का स्वागत किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर उन्होंने एरिजोना में बन रहे विशाल कंप्यूटर चिप कारखानों का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा, आप अरबों डॉलर खर्च करके फैक्ट्री बनाते हैं और फिर बेरोजगारों की कतार से लोगों को उठाकर उसे नहीं चला सकते। शुरुआत में आपको हजारों विशेषज्ञ चाहिए होंगे। मैं उसका स्वागत करता हूँ। उन्होंने आगे कहा कि ये विदेशी विशेषज्ञ अमेरिकी कामगारों को चिप्स बनाना, उन्नत तकनीक संभालना और भविष्य की इंडस्ट्री चलाना सिखाएँगे। कुछ वर्षों बाद ये कारखाने पूरी तरह अमेरिकी कर्मचारियों के हाथ में होंगे।ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि इस नीति के कारण उनके कुछ कट्टर समर्थक नाराज हो सकते हैं और उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ सकता है। वास्तव में उनके बयानों के बाद रिपब्लिकन पार्टी में ही गहरे मतभेद सामने आ गए हैं। कई कट्टर रिपब्लिकन नेता और सांसद एच-1बी कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की माँग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस में तीखी बहस चल रही है और कुछ नीतियों के खिलाफ मुकदमे भी दायर हो चुके हैं। व्हाइट हाउस ने पहले भी स्पष्ट किया था कि नई एच-1बी व्यवस्था में 100,000 डॉलर का न्यूनतम शुल्क लगाना इस प्रणाली के दुरुपयोग को रोकने का मजबूत कदम है। प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा था कि आधुनिक इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति ने ट्रंप जितना अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा के लिए सख्त आव्रजन नीतियाँ नहीं बनाईं। कुल मिलाकर, ट्रंप का स्टैंड अस्थायी विशेषज्ञ आयात और दीर्घकालिक अमेरिकी रोजगार सृजन के बीच संतुलन बनाने का प्रयास है, भले ही यह विवादास्पद हो।
गुरु तेग बहादुर 350वां शहीदी समागम: आज कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे PM मोदी, भव्य तैयारियां पूरी
25 Nov, 2025 01:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कुरुक्षेत्र: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी समागम व गीता महोत्सव में शामिल होंगे। उनके स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की गई हैं। प्रधानमंत्री दोपहर बाद चार बजे ज्योतिसर में पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री छठी बार धर्मनगरी आ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी हेलिकॉप्टर के जरिये पिहोवा रोड पर करीब 170 एकड़ में बनाए गए समागम स्थल पर पहुंचेंगे। यहां से गीता उपदेश स्थली तीर्थ परिसर में ही बनाए गए महाभारत अनुभव केंद्र में सड़क मार्ग से पहुंचेंगे। यहां केंद्र का अवलोकन करेंगे और करीब दो करोड़ की लागत से तैयार किए गए पंचजन्य समारक का भी उद्घाटन करेंगे। 15 से 20 मिनट के इस कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री वापस समागम स्थल पर पहुंचेंगे, जहां गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माथा टेकेंगे और कीर्तन का श्रवण भी करेंगे। इसके बाद संबोधन करेंगे जिसके बाद वे सड़क मार्ग के जरिये ही पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर पहुंचेंगे, जहां वे करीब 10 मिनट तक ही रहेंगे।
यहां अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में हिस्सा लेते हुए पवित्र ब्रह्मसरोवर की सांध्यकालीन महाआरती में हिस्सा लेंगे। सोमवार देर रात तक तय कार्यक्रम के अनुसार वे आरती नहीं करेंगे लेकिन आरती के दौरान मौजूद रहेंगे। इस दौरान मंत्रोच्चारण के बीच तीर्थ पूजन भी करेंगे। पंडित बलराम गौतम तीर्थ पूजन करवाएंगे।
2014 में पहली बार धर्मनगरी आए थे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले धर्मनगरी आए थे, जहां उन्होंने तत्कालीन पार्टी प्रत्याशी राजकुमार सैनी के समर्थन में चुनावी रैली को संबोधित किया था। इसके बाद वे इसी वर्ष विधानसभा चुनाव में भी पहुंचे और थीम पार्क में रैली को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने मेला ग्राउंड में स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम पंचायतों व महिलाओं को सम्मानित भी किया था। वे 2019 के लोकसभा व विधानसभा चुनावों में भी पहुंचे थे और 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान थीम पार्क में रैली को संबोधित किया था।
2014 में प्रधानमंत्री ने चुनावी रैली में कुरुक्षेत्र में सत्य की असत्य पर जीत की धरा होने का जिक्र करते हुए यहां पर्यटन की अपार संभावनाएं जताई थीं। उनके पहले कार्यकाल में ही कुरुक्षेत्र को कृष्णा सर्किट में शामिल किया था और केडीबी को 500 करोड़ का बजट भी मिला था। अब प्रधानमंत्री 204 करोड़ के महाभारत अनुभव केंद्र व दो करोड़ से तैयार पंचजन्य समारक का उद्घाटन करेंगे।
सीमा पर तनाव: खोस्त में पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ, 9 बच्चों समेत 10 की मौत
25 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव कम होता नजर नहीं आ रहा है। अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत में पाकिस्तानी सैन्य कार्रवाई ने एक बार फिर सीमा पर तनाव को गहरा कर दिया है। देर देर रात पाकिस्तानी सेना द्वारा किए गए हवाई हमले में कम से कम 9 बच्चों और एक महिला की मौत हो गई। यह जानकारी अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दी। मृतकों में पांच लड़के और चार लड़कियां शामिल हैं। मुजाहिद ने बताया कि यह हमला रात 12 बजे गेरबजवो जिले के स्थानीय निवासी विलायत खान के घर पर किया गया, जिससे पूरा घर भी नष्ट हो गया।
घटना को लेकर पाकिस्तान की सेना और पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह बमबारी ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही पाकिस्तान के पेशावर में दो आत्मघाती हमलों में तीन अर्धसैनिक कर्मियों की मौत हुई थी। पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन हमलों के लिए अफगान सीमा के भीतर छिपे कथित आतंकी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया था। तालिबानी नेता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया कि पाकिस्तानी सेना ने खोस्त के अलावा कुनर और पक्तिका प्रांतों में एरियल अटैक, जिसमें चार नागरिक घायल हुए हैं। उन्होंने घटना से जुड़ी तस्वीरें भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा कीं, जिनमें घर के मलबे और मृत बच्चों के शव दिखाई दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में तनाव लगातार बढ़ा है। अक्टूबर में पाकिस्तानी और अफगान सैनिकों के बीच हुई झड़पों में दर्जनों लोगों की मौत हुई थी, जिसे 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद सबसे गंभीर संघर्ष माना गया. बाद में दोहा में दोनों पक्षों ने सीज़फायर समझौता किया, लेकिन तुर्की में हुई शांति वार्ता किसी स्थायी समाधान के बिना समाप्त हो गई। इसका मुख्य कारण पाकिस्तान की वह मांग बताई जाती है जिसमें उसने अफगानिस्तान में सक्रिय पाकिस्तान-विरोधी संगठनों पर कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा की थी। खोस्त में हुई ताजा बमबारी ने क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
मुर्दाघर के फ्रीजर से नहीं निकल पाई दादी, डॉक्टरों की एक गलती की वजह से हुई मौत
24 Nov, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अस्पताल में मुर्दाघर के फ्रीज में एक महिला को गलती से बंद कर दिया गया। महिला की जब आंख खुली, तब बाहर निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हुई। जमा देने वाली ठंड की वजह से उसकी अंदर ही मौत हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, मारिया डी जीसस अरोयो नाम की महिला को लॉस एंजिल्स के उनके घर में हार्ट अटैक आया। इसके बाद महिला को मृत घोषित किया गया। इस दादी को मृत घोषित करने के बाद मुर्दाघर के फ्रीजर में रखा गया। कुछ देर बाद महिला को होश आया और दादी ने फ्रीजर से निकलने की कोशिश की, लेकिन ठंड से वजह से उनकी मौत हो गई।
अब महिला के परिवार ने दावा किया कि उन्हें जीवित रहते हुए ही मुर्दाघर के फ्रीजर में रखा गया था। डॉक्टरों ने उनके शरीर को निर्जीव समझ बॉडी बैग में बंद कर फ्रीजर में रख दिया। लेकिन वह तब भी जीवित थीं। कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, मारिया का शव अस्पताल के एक रेफ्रिजरेटेड शवगृह में रखा गया था। हालांकि, जब कई दिनों बाद अंतिम संस्कार गृह के कर्मचारी बैग लेने पहुंचे, तब उन्होंने पाया कि बैग आधा खुला था और महिला अंदर औंधे मुंह पड़ी थी। महिला की टूटी हुई थी और चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था।
अस्पताल के खिलाफ परिवार की कानूनी कार्रवाई में दावा किया गया है कि 80 साल की महिला को जिंदा रहते ही मुर्दाघर के फ्रीजर में डाला गया था और बाद में जमा देने वाले तापमान के कारण मौत हुई। इस भयावह गलती का पता तब तक नहीं चला जब तक कि अंतिम संस्कार करने वाले लोग उनकी बॉडी को लेने नहीं पहुंचे। परिवार द्वारा नियुक्त एक रोगविज्ञानी ने बाद में निर्धारित किया कि जब उन्हें फ्रीजर में रखा गया था, तब वह होश में थीं और उन्हें चोटें तब लगी थीं, जब वह ठंडे तापमान में जागने के बाद बॉडी बैग से बाहर निकलने का प्रयास कर रही थीं। कानूनी दस्तावेजों में, पैथोलॉजिस्ट ने कहा कि महिला को जिंदा जमा दिया गया था। जब महिला जगीं और वहां से निकलने की कोशिश की, तब उनका चेहरा क्षतिग्रस्त हो गया और उसने अपना चेहरा नीचे की ओर कर लिया, क्योंकि वह अपनी जमी हुई कब्र से बाहर निकलने का असफल प्रयास कर रही थीं।
उसके परिवार ने सबसे पहले जनवरी 2011 में लापरवाही का दावा दायर किया था। 2012 में रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, उन्होंने गलत तरीके से हुई मौत और चिकित्सा कदाचार का एक अतिरिक्त मुकदमा दायर किया। निचली अदालत ने क़ानून की सीमाओं के आधार पर मामले को खारिज किया था। अब कैलिफोर्निया के द्वितीय जिला अपील न्यायालय में केस को फिर से खुला है। अदालत ने कहा कि वादी के पास यह संदेह करने की कोई वजह नहीं थी कि मृतक को अस्पताल के मुर्दाघर में रखे जाने के समय वह जीवित थीं, मृत नहीं। परिवार गलत तरीके से जिंदा होने का दावा पहले नहीं कर सकता था।
कुरुक्षेत्र में राजनाथ सिंह का आगमन—हरियाणा पवेलियन का भव्य उद्घाटन
24 Nov, 2025 04:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के पावन अवसर पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने पवित्र ब्रह्म सरोवर पर तीर्थ पूजन किया। मंत्रोच्चारण और शंखनाद के बीच उन्होंने सरोवर के तट पर पूजन-अर्चना की, जो इस धार्मिक-सांस्कृतिक उत्सव की शुरुआत का प्रतीक बना।
इसके बाद, मंत्री महोदय ने हवन यज्ञ में आहुति देकर सभी को गीता के उपदेशों से प्रेरित होने का संदेश दिया। गीता महोत्सव के तहत आयोजित इस भव्य हवन यज्ञ में सैकड़ों भक्तों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भगवद्गीता की शिक्षाएं न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देती हैं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गीता के संदेश को अपनाकर देश की सेवा में तत्पर रहें।
हरियाणा पवेलियन का किया औपचारिक उद्घाटन
इसके अलावा, रक्षा मंत्री ने हरियाणा पवेलियन का औपचारिक उद्घाटन किया, जो महोत्सव का प्रमुख आकर्षण है। यह पवेलियन हरियाणा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कृषि, उद्योग और पर्यटन को प्रदर्शित करता है। उद्घाटन समारोह में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। पवेलियन में लगे स्टॉल्स पर राज्य की हस्तकला, पारंपरिक व्यंजन और गीता से जुड़ी प्रदर्शनियां आकर्षण का केंद्र बनीं।
अंबाला में मंत्री अनिल विज ने किया रक्षा मंत्री का स्वागत
बता दें कि रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सोमवार सुबह अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे। यहां उनका हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने गर्मजोशी से स्वागत किया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह सुबह दिल्ली से विशेष विमान से अंबाला छावनी एयरफोर्स स्टेशन पहुंचे। इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर से अंबाला से कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हुए।
2026 में आसमान से आएगी आफत...बार-बार आएगा भंकूप.......ये हम नहीं बाबा वंगा कह रहे
24 Nov, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लंदन । “2026 में एक नया बड़ा खतरा आसमान से आ सकता है, और दुनिया तीसरी सबसे भयानक हिंसा और खून-खराबे की घटना देख सकती है। यह हम नहीं बाबा वंगा कह रहे हैं, जिनके पास दुनिया को देखने के लिए आंखें नहीं थी, लेकिन अपनी रहस्यवादी शक्तियों के दम पर उन्होंने मरने से पहले 5079 तक भविष्यवाणी की। उनकी भविष्यवाणी के मुताबिक दुनिया के लिए आने वाला साल भी चुनौतियों भरा रहेगा।
बाबा वंगा सबसे दिलचस्प, रहस्यमयी और हमेशा सुर्खियों में रहने वाली शख्सियतों में से एक हैं। 1911 में जन्मी और बचपन में एक दुर्घटना के बाद अपनी दृष्टि खोने वाली, बाबा वंगा ने दावा किया कि उनके पास असाधारण भविष्यवाणी करने की क्षमता है।
जैसे-जैसे दुनिया 2026 के करीब आ रही है और भविष्य में और आगे देख रही है, उनकी भविष्यवाणियों में दिलचस्पी लोगों में बढ़ रही है, खासकर उन लोगों में जो यह जानने को उत्सुक हैं कि आने वाले सालों में क्या हो सकता है, और उनकी भविष्यवाणियों से जानकारी, चेतावनियां और खुलासे जानने के लिए उत्सुक हैं। 2026 के लिए वेंगा ने चेतावनी दी थी कि इस साल बड़ी-बड़ी प्राकृतिक आपदाओं से दुनिया दहल जाएगी। बार-बार भूकंप से धरती कांपेगी और जगह-जगह ज्वालामुखी फटेगा।
बाबा वेंगा की भविष्यवाणी में चेताया गया है कि आने वाले साल धरती का कम से कम सात से आठ प्रतिशत हिस्सा आपदाओं से जूझेगा। बाबा वेंगा की भविष्यवाणी के मुताबिक एआई इतना एडवांस हो जाएगा कि इंसानों के कंट्रोल से बाहर जा सकता है, जिसकी वजह से बड़ा खतरा पैदा होने की उम्मीद हैं। उनके मुताबिक 2026 वहां साल होगा जब सबसे पहली बार एलियन्स के साथ संपर्क हो सकता है, ये सब साल के आखिरी महीनों में होने वाला है। उन्होंने धरती के आस-पास स्पेसक्राफ्ट मंडराने की भी चेतावनी दी है।
ट्रंप का नया दांव: वेनेजुएला में हो सकता है तख्ता पलट, दोनों देशों में बढ़ा तनाव
24 Nov, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए कृतसंकल्प दिख रहे हैं। उन्होंने हाल ही में एक व्यापक 28-सूत्री शांति योजना प्रस्तुत की है, जो यूक्रेन को पूर्वी क्षेत्रों जैसे डोनबास और क्रीमिया का कुछ हिस्सा छोड़ने, अपनी सेना का आकार सीमित करने और कभी भी नाटो में शामिल न होने का वादा करने के लिए बाध्य करती है। योजना में रूस-नाटो सुरक्षा संवाद, संयुक्त अमेरिका-रूस कार्य समूह और यूरोप के साथ गैर-आक्रामकता संधि जैसे प्रावधान शामिल हैं। इसका कार्यान्वयन एक शांति परिषद द्वारा निगरानी में होगा, जिसकी अध्यक्षता ट्रंप स्वयं करेंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे अंतिम समझौते की नींव बताया है, जबकि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने इसे कठिन क्षण करार देते हुए वैकल्पिक सुझाव देने का वादा किया है। ट्रंप का यह कदम वैश्विक कूटनीति में नया मोड़ ला सकता है, लेकिन आलोचकों का मानना है कि यह रूसी हितों को अधिक लाभ पहुंचाता है।
हालांकि, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि ट्रंप एक युद्ध समाप्त कर दूसरे को जन्म दे रहे हैं।
वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी प्रशासन की गतिविधियां अचानक तेज हो गई हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन आने वाले दिनों में वेनेजुएला से जुड़े ऑपरेशनों का नया चरण शुरू करने की तैयारी में है। व्हाइट हाउस ने अभी अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन चार अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि प्रारंभिक कदम गुप्त अभियान हो सकते हैं, जिनका सीधा लक्ष्य राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार होगा। अमेरिका इसे ड्रग तस्करी के खिलाफ अभियान बता रहा है, जिसमें मादुरो पर ड्रग नेटवर्क को संरक्षण देने का आरोप है। मादुरो इन आरोपों से इनकार करते हुए अमेरिका को आक्रमणकारी करार दे चुके हैं। ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि वे मादुरो से बातचीत के लिए खुले हैं, लेकिन वेनेजुएला का तेल भंडार दुनिया का सबसे बड़ा होने के कारण अमेरिका को वहां हस्तक्षेप करना पड़ेगा। प्रशासन ने सीआईए को गुप्त कार्रवाइयों की अनुमति दे दी है, जिसमें हवाई हमले और ड्रग उत्पादन केंद्रों पर निशाना साधना शामिल है।
कई हफ्तों से अमेरिका कैरेबियन क्षेत्र में अपने युद्धपोत, विमानवाहक पोत और सैन्य क्षमता भेज रहा है। अमेरिका का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड अपने स्ट्राइक ग्रुप के साथ 16 नवंबर को यहां पहुंचा। इसके साथ कम से कम आठ युद्धपोत, एक परमाणु पनडुब्बी और एफ-35 लड़ाकू विमान तैनात हैं। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि वेनेजुएला के खिलाफ सीक्रेट और ओवरट यानी गुप्त व खुली दोनों कार्रवाइयों की तैयारी है। सोमवार को अमेरिका ने कथित ड्रग नेटवर्क कार्टेल दे लोस सोलेस को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया, जिसका नेतृत्व मादुरो पर होने का दावा किया गया। इससे अमेरिकी सेना को मादुरो के संपत्तियों पर निशाना साधने की छूट मिल गई।
अमेरिका समेत दुनिया बेखबर, ताइवान पर कब्जा करने चीन ने बनाया सीक्रेट प्लान
24 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया के सैन्य एक्सपर्ट्स को डरा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक एक विस्तृत जांच में पता चला कि चीन अपने व्यापारी जहाजों और आम नागरिक नौकाओं को इस तरह इस्तेमाल कर रहा है कि जरूरत पड़ने पर ये ताइवान पर संभावित समुद्री हमले में सेना की पहली लहर का हिस्सा बन सकें। इस साल हुए बड़े सैन्य अभ्यास में इन नागरिक जहाजों की भूमिका को जहाज ट्रैकिंग डेटा और सैटेलाइट तस्वीरों के जरिए चिन्हित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये अभ्यास सिर्फ दिखावा नहीं, बल्कि चीन की उन ठोस योजनाओं का हिस्सा हैं जिनसे वह ताइवान को वह अपने सामने जल्दी झुका सके। अगस्त 2025 में चीन के तट के पास एक अभ्यास देखा गया जिसमें 12 नागरिक जहाज पहले अपनी-अपनी घरेलू जगहों पर थे, लेकिन एक तय योजना के तहत धीरे-धीरे दक्षिण की ओर बढ़ गए। इनमें छह रोल-ऑन, रोल-ऑफ फेरी थीं, जिनमें गाड़ियां सीधे जहाज पर एक रैंप के जरिए चढ़ और उतर सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक छह कार्गो जहाज थे जिन्हें एशिया में आम तौर पर भारी सामान ढोने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। रात होने के बाद ये जहाज ग्वांगडोंग प्रांत के एक बीच के पास पहुंचे, जहां चीन की सेना के ठिकाने मौजूद हैं। इसके बाद सैटेलाइट तस्वीरों में साफ दिखा कि ये जहाज अपने रैंप खोलकर सैन्य वाहनों को सीधे रेत पर उतार रहे थे। ताइवान और अमेरिका के दस से ज्यादा नौसैनिक विशेषज्ञों ने इन तस्वीरों को देखने के बाद माना कि चीन अब नागरिक जहाजों को सैन्य इस्तेमाल के लिए पूरी तरह शामिल करने की रणनीति पर काम कर रहा है। इन जहाजों का फायदा यह है कि ये सस्ते हैं, बड़ी संख्या में मौजूद हैं और इनका ढांचा ऐसा है कि ये पोर्ट की जरूरत के बिना सीधे समुद्र तट पर भारी सामान उतार सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो इन हजारों नागरिक जहाजों की मदद से वह समुद्र तट पर उतरने वाली अपनी सेना की क्षमता को कई गुना बढ़ा सकता है। कई विशेषज्ञों ने कहा कि अगर चीन ताइवान पर उतरा, तो यह ऑपरेशन द्वितीय विश्व युद्ध की नॉर्मंडी लैंडिंग से भी बड़ा और कठिन हो सकता है। अगस्त के इस अभ्यास में सिर्फ कार्गो जहाज ही नहीं, बल्कि छोटे वाहनों की लंबी लाइन और एक अस्थायी पियर्स सिस्टम भी देखा गया, जिसे पहले तकनीकी कारणों से असफल बताया गया था।
इससे संकेत मिलता है कि चीन लगातार अपनी तकनीक में सुधार कर रहा है और किसी भी संभावित कार्रवाई के समय ताइवान पर कई दिशाओं से उतरने की क्षमता तैयार कर चुका है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर चीन कई जगहों पर एक साथ उतरने की कोशिश करता है, तो ताइवान की रक्षा और मुश्किल हो जाएगी। इन अभ्यासों के सिर्फ 11 दिन बाद बीजिंग में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भव्य सैन्य परेड निकाली। भले ही उन्होंने ताइवान का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी पार्टी बार-बार कह चुकी है कि ताइवान चीन का हिस्सा है और उसे अलग होने नहीं दिया जाएगा. ताइवान सरकार इसे सख्ती से खारिज करती है और कहती है कि ताइवान के भविष्य का फैसला उसके लोग करेंगे। उधर, ताइवान के रक्षा मंत्री ने कहा कि उनका देश चीन के इस तरह के अभ्यासों पर लगातार निगरानी रख रहा है।
पेशावर में पैरामिलिट्री फोर्स मुख्यालय पर बड़ा आत्मघाती हमला, 3 जवान और 3 आतंकी ढेर – इलाके में गोलीबारी जारी
24 Nov, 2025 01:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Pakistan Double Blast: पाकिस्तान के पैरामिलिट्री फोर्स हेडक्वार्टर पर बड़ा आत्मघाती बम धमाका हुआ है, जिसमें तीन जवानों की मौत हो गई है. वहीं कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. इस धमाके में 3 आतंकियों के भी मारे जाने की खबर है. आर्मी और पुलिस समेत लॉ एनफोर्समेंट की टीम ने इलाके को घेर लिया है. फिलहाल कार्रवाई जारी है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर में अर्धसैनिक बल के मुख्यालय पर बंदूकधारियों ने हमला किया. सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि फ्रंटियर कांस्टेबुलरी अर्धसैनिक बल के मुख्यालय परिसर पर दो आत्मघाती हमलावरों ने भी हमला किया, जिसमें तीन लोग मारे गए हैं. आगे की कार्रवाई जारी है.
दोनों ओर से चल रही गोलीबारी
पाकिस्तानी न्यूज आउटलेट ‘डॉन’ के अनुसार, पुलिस अफसर ने बताया कि FC हेडक्वार्टर पर हमला हुआ है. जिसमें एक साथ कई धमाके हुए हैं. जवाबी कार्रवाई के लिए इलाके को घेर लिया है. गोलीबारी अभी जारी है. बता दें, इससे पहले भी साल की शुरुआत में ही यहां कार बम धमाका हो चुका है, जिसमें करीब 10 लोगों की मौत हो गई थी. खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान के इलाकों में लगातार आतंकी हमले होते रहते हैं. इससे पहले भी कई बार हमले हो चुके हैं.
आम लोगों के लिए कई रास्ते बंद
जानकारी के अनुसार, हमले के बाद पेशावर के व्यस्त इलकाों को पूरी तरह बंद कर दिया है. यहां से आम जनता और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. ताकि किसी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके और बचे हुए आतंकियों के पकड़ने में सफलता मिल पाए. फिलहाल अभी तक इस हादसे में कितने लोगों की जान चली गई है और कितने लोग घायल हैं. अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है.
पाकिस्तान के पेशावर में एफसी मुख्यालय में आतंकी हमला, धमाकों से गूंजा इलाका
24 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पेशावर स्थित फेडरल कॉन्स्टेबुलरी में सोमवार सुबह हुए धमाकों से इलाका गुंज गया। यह पैरा मिलिट्री फोर्सेज का मुख्यालय है, जहां पर आतंकी हमला हुआ है। यहां दो जबरदस्त धमाके होने के साथ ही रुक-रुक कर गोलाबारी हुई है।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर में सोमवार सुबह आतंकियों ने हमला कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेशावर स्थित फेडरल कॉन्स्टेबुलरी (एफसी) मुख्यालय पर आतंकियों ने हमला किया है। हमले की पुष्टि पेशावर के कैपिटल सिटी पुलिस अधिकारी डॉ. मियां सईद अहमद ने करते हुए मीडिया को बताया, कि सुरक्षा बल और हमलावरों के बीच लगातार रुक-रुक कर गोलाबारी हो रही है। इलाके में करीब दो जबरदस्त धमाके होने की बात कही जा रही है। पुलिस अधिकारी का कहना है, कि आतंकियों ने मुख्यालय को निशाना बनाया और फायरिंग की है, इस पर सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाते हुए तुरंत जवाबी कार्रवाई की है। कार्रवाई करते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और अतिरिक्त बल घटनास्थल पर पहुंच बड़ा ऑपरेशन चलाया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आतंकी हमले के बाद पेशावर का व्यस्त सद्दर इलाका पूरी तरह बंद कर दिया गया है। आम नागरिकों और वाहनों की आवाजाही पर भी तुरंत ही रोक लगा दी गई। पुलिस और रैपिड रिएक्शन फोर्स की टीमें इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा, कि एक आत्मघाती हमलावर ने एफसी हेडक्वार्टर के गेट पर खुद को उड़ा लिया। इस ब्लास्ट के फौरन बाद ही फायरिंग की आवाजें सुनी गईं। सुरक्षा सूत्र बताते हैं कि आतंकी इस हमले में मारे जा चुके हैं, जबकि सुरक्षाबल ने इलाके को घेरते हुए सर्च अभियान तेज कर दिया है। इस हमले में कितने लोगों की मौत हुई या कितने लोग घायल हुए हैं और क्या कोई बड़ा नुक्सान हुआ है, इसकी फिलहाल जानकारी नहीं दी जा सकी है।
यहां बताते चलें कि खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवादी गतिविधियां आम बात हो गई है। इन दोनों ही प्रांतों में लगातार आतंकी हमले होने की खबरें आती रहती हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और बलूच लिबरेशन आर्मी इन प्रांतों में सक्रिय है।
कुरुक्षेत्र दौरे से नायब सैनी की ताकत बढ़ेगी, 4 बड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे पीएम मोदी
24 Nov, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सात महीने के भीतर दूसरी बार 25 नवंबर को हरियाणा आ रहे हैं। श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस के मौके पर पीएम का कुरुक्षेत्र दौरा मुख्यमंत्री नायब सैनी के लिए काफी मायने रखता है।
पीएम के दौरे को सफल बनाने के लिए सैनी ने पूरी ताकत झोक रखी है। सैनी सरकार के टॉप अफसर रैली की तैयारियों में जुटे हैं। पीएम का कुरुक्षेत्र दौरा सफल होता है तो नायब सैनी और मजबूत होंगे।
पीएम पहले 17 अक्तूबर को सैनी सरकार का पहला साल पूरा होने के उपलक्ष्य पर सोनीपत के गोहाना में रैली करने वाले थे। उस दौरान दिवंगत आईपीएस वाई पूरण कुमार का मामला गर्माने से पीएम को रैली रद्द करनी पड़ी थी। विपक्ष एक नरेटिव बनाकर सीएम सैनी और उनकी सरकार की साख को धूमिल करने की कोशिश में जुटा था। सभी धारणाओं व रैली रद्द होने के बीच प्रधानमंत्री का फिर से आना एक तरह से सैनी के लिए किसी उपलब्धि से कम नहीं होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बड़ौली ने कहा कि भाजपा व प्रदेश की जनता इस बड़े आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयार है।
सैनी की पीठ थपथपाकर पीएम देंगे संदेश
17 अक्तूबर को पीएम की जो रैली रद्द हुई थी मुख्यमंत्री उस रैली में अपनी सरकार की उपलब्धि रखने वाले थे। अब 25 नवंबर को पीएम मोदी मंच से सीएम सैनी की पीठ थपथपाकर उनकी उपलब्धियों को जनता के सामने रखेंगे। एक साल में भाजपा सरकार ने अपने 48 संकल्प पूरे कर लिए हैं। 70 से ज्यादा संकल्पों पर काम चल रहा है।
चार कार्यक्रम में शामिल होंगे प्रधानमंत्री मोदी
पीएम मोदी 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में चार कार्यक्रम में शामिल होंगे। पहला, श्री गुरु तेगबहादुर के 350वें शहीदी दिवस, दूसरा अनुभव केंद्र का उद्धाटन, गीता महोत्सव और ब्रह्मसरोवर की पवित्र आरती में भी शामिल होंगे। श्री गुरु तेगबहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन करना राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है। दरअसल पंजाब में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। सीएम सैनी लगातार पंजाब का दौरा कर रहे हैं। पिछले एक साल में वह एक दर्जन से ज्यादा दौरे कर चुके हैं। ऐसे में पीएम को बुलाकर वे सिखों के बीच एक संदेश देना का काम करेंगे। पंजाब की आप सरकार ने भी पीएम को श्री गुरु तेग बहादुर के शहीदी दिवस के कार्यक्रम पर आमंत्रित किया था।
दक्षिण अफ्रीका में भारतीय मूल के टेक उद्यमियों से चर्चा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने
23 Nov, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जोहान्सबर्ग । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने दक्षिण अफ्रीका में (In South Africa) भारतीय मूल के टेक उद्यमियों से चर्चा की (Discussed with Indian-origin Tech Entrepreneurs) । इस मुलाकात में नई तकनीक, उभरते क्षेत्रों में सहयोग और भारत व प्रवासी भारतीयों के बीच संबंध मजबूत करने जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, “जोहान्सबर्ग में भारतीय मूल के टेक उद्यमियों के साथ उपयोगी चर्चा की। उद्यमियों ने फिनटेक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, एग्रीकल्चर, एजुकेशन, हेल्थकेयर, मेडिकल डिवाइस और दूसरे सेक्टर्स में अपने काम के बारे में बात की। उनसे भारत के साथ अपने जुड़ाव को गहरा करने और हमारे लोगों के साथ मिलकर काम करने की अपील की।”
मुलाकात में कई उद्यमियों ने प्रधानमंत्री से हुई अपनी बातचीत के बारे में बताया। कृषि क्षेत्र में काम कर रहे एक टेक विशेषज्ञ ने कहा कि उन्होंने शिक्षा, कृषि और कार्बन फुटप्रिंट पर चर्चा की। हम एग्रीकल्चर के लिए एक क्वांटम सॉल्यूशन बना रहे हैं। बातचीत इस बात पर हुई कि भारत और दक्षिण अफ्रीका किस तरह विकास को गति दे रहे हैं, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं और तकनीक को दोनों देशों में कैसे उपयोग किया जा सकता है। एक अन्य प्रतिभागी ने बताया कि उन्होंने मीडिया, तकनीक, कृषि और शिक्षा क्षेत्र में चल रहे अपने काम के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी दी।
एक उद्यमी ने कहा कि प्रधानमंत्री के बारे में उन्होंने जितना पढ़ा था, वैसा ही अनुभव उन्हें मुलाकात में मिला। कई विषयों पर गहराई से चर्चा हुई। एक और उद्यमी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने उन टेक इनिशिएटिव पर चर्चा की जिन पर हम काम कर रहे हैं और लेटेस्ट ट्रेंड्स पर विस्तार से बातचीत की। इन सभी विषयों पर पीएम मोदी की जानकारी इतनी व्यापक और गहरी है कि वे हर विषय पर बहुत सूझबूझ से चर्चा करते हैं।
एक उद्यमी ने कहा, “हमारा हेल्थकेयर-फोकस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों को स्वास्थ्य विशेषज्ञों से जोड़ता है। यह ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, टेलीहेल्थ और दवाई पहुंचाने की सुविधा देता है। हम साउथ अफ्रीका और पड़ोसी देशों में ज्यादातर प्राइवेट सेक्टर को सपोर्ट करते हैं।” एक अन्य उद्यमी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनसे पूछा कि वे भारतीयों के लिए क्या कर रहे हैं और पर्यटन कैसे बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि यूपीआई दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल भुगतान मंच है और भारत इस क्षेत्र में नेतृत्व दिखा रहा है। प्रधानमंत्री हमेशा भारत के लिए सुविधाएं बढ़ाने की बात करते हैं।
जोहांसबर्ग पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय द्वारा दिए गए शानदार स्वागत की भी सराहना की । सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘रिद्म्स ऑफ ए यूनाइटेड इंडिया’ में भारत के 11 राज्यों के लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए, जिसमें दक्षिण अफ्रीका में बसे भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक विविधता को दिखाया गया। जी-20 नेताओं का शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री मोदी कई देशों के नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात भी करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की
23 Nov, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जोहान्सबर्ग । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने जोहान्सबर्ग में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से मुलाकात की (Met Australian Prime Minister Anthony Albanise in Johannesburg) । दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, खनिज, व्यापार एवं निवेश और अलग-अलग क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।
पीएम मोदी ने इस मुलाकात को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “ऑस्ट्रेलिया के पीएम अल्बनीज के साथ मीटिंग बहुत अच्छी रही। इस साल, हमारे देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के 5 साल पूरे हो रहे हैं और इन सालों में ऐसे बड़े बदलाव आए हैं जिनसे हमारा सहयोग और गहरा हुआ है।” उन्होंने आगे लिखा कि आज हमारी बातचीत में, तीन खास सेक्टर, डिफेंस और सिक्योरिटी, न्यूक्लियर एनर्जी, और ट्रेड पर जोर दिया गया, जहां रिश्तों को और बढ़ाने की बहुत ज्यादा गुंजाइश है। जिन दूसरे सेक्टर पर बात हुई उनमें एजुकेशन, कल्चरल लेन-देन और भी बहुत कुछ शामिल था।
इसके अलावा पीएम मोदी ने नैस्पर्स के चेयरमैन कूस बेकर और ग्रुप सीईओ मिस्टर फैब्रिसियो ब्लोसी से भी मुलाकात की। बैठक में इन्वेस्टमेंट लिंक को गहरा करने पर खास चर्चा हुई। इसके बाद पीएम मोदी ने साउथ अफ्रीका में रहने वाले इंडियन कम्युनिटी के सदस्यों से बातचीत की। ये लोग अलग-अलग कम्युनिटी ऑर्गनाइजेशन के साथ सक्रिय तौर पर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी के साथ इन लोगों ने अलग-अलग मुद्दों पर अपने अनुभव शेयर किए और अलग-अलग क्षेत्र में भारत की तरक्की की तारीफ की।
दक्षिण अफ्रीका में जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री मोदी का भव्य तरीके से स्वागत किया गया । जी20 में दक्षिण अफ्रीका की अध्यक्षता कई मायनों में खास है। दरअसल, 2023 में भारत ने जी20 की अध्यक्षता की थी। भारत की अध्यक्षता में ही दक्षिण अफ्रीका जी20 का सदस्य बना था।
दक्षिण अफ्रीका में पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से बातचीत की। पीएम मोदी का स्वागत युवाओं ने गणपति प्रार्थना, शांति मंत्र और अन्य आध्यात्मिक अर्चनाओं के साथ किया। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें भारत के 11 राज्यों के लोक नृत्य दिखाए गए। साउथ अफ्रीका में चिन्मय मिशन ने पीएम मोदी को एक-एक कलश भेंट किया, जिसमें भारत और साउथ अफ्रीका से आए अन्न और मिलेट्स हैं। पीएम मोदी ने बताया कि इसे डरबन के अन्नपूर्णा देवी मंदिर में रखा जाएगा।
“AI से होमवर्क न करें, सीखें”— पोप लियो का युवाओं को संदेश
22 Nov, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंडियानापोलिस, इंडियाना में एक नेशनल कैथोलिक यूथ कॉन्फ्रेंस में वेटिकन से लाइव प्रसारण में पोप लियो ने युवाओं को कई अहम संदेश दिए। उन्होंने एक सवाल जवाब के सत्र के दौरान 15,000 US युवाओं से कहा कि एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग हमें सोच समझकर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सीखने के लिए एक उपयोगी टूल हो सकता है, लेकिन इसे अपने होमवर्क के लिए इस्तेमाल न करें। पोप ने यह संदेश ऐसे समय पर दिया है, जब पूरी दुनिया में एआई का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि AI हमारे समय की खासियतों में से एक बन रहा है।
'AI का जिम्मेदारी से किया जाए इस्तेमाल'
पोप का कहना है कि एआई का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करने का मतलब है कि इसे ऐसे तरीकों से इस्तेमाल करना जो आपको आगे बढ़ने में मदद करें। इसको अपना होमवर्क करने के लिए न कहें।
बता दें कि यूएसस के पहले पोप लियो ने अपने छह महीने के पोप कार्यकाल के पहले ऐसे इवेंट में युवाओं से लगभग 40 मिनट तक बात की। वहीं, उन्होंने कैथोलिक धर्म के बारे में सवालों के जवाब दिए और स्कूल में दोस्त बनाने की सलाह दी।
राजनीति पर भी लियो पोप ने की बात
इतना ही नहीं उन्होंने अपने सेशन में कुछ समय के राजनीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जीसस चाहते हैं कि ईसाई दीवारों के बजाय पुल बनाने वाले लोग बनें और उन्होंने दिवंगत पोप फ्रांसिस की ट्रंप की सबसे कड़ी आलोचनाओं में से एक का जिक्र किया।
लियो ने युवाओं से कहा कि कृपया ध्यान रखें कि आस्था, चर्च के बारे में बात करने के लिए पॉलिटिकल कैटेगरी का इस्तेमाल करें। उन्होंने आगे कहा कि चर्च किसी पॉलिटिकल पार्टी से जुड़ा नहीं है। बल्कि, वह आपकी अंतरात्मा को बनाने में मदद करता है ताकि आप समझदारी और प्यार से सोच सकें और काम कर सकें।
जर्मनी पहुंचे रक्षा मंत्री, हाईटेक डिफेंस और AI पर होगी चर्चा
पार्टी में हलचल: प्रदेश अध्यक्ष ने विजय सिन्हा से की अहम मुलाकात
सिंगरौली शिक्षा विभाग में गड़बड़ी, कई अधिकारियों पर FIR
कबीरचौरा अस्पताल का कायाकल्प: 315 करोड़ के बजट से बदलेगी मंडलीय चिकित्सालय की सूरत।
यूपी से उठी देशव्यापी लहर: सीएम योगी ने लखनऊ मार्च को बताया महिला अस्मिता की नई क्रांति।
प्रियंका और सोनिया के संदेश से पलटवार: कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को जारी किए विशेष निर्देश
रात में भी चैन नहीं: पश्चिमी यूपी में 'उष्ण रात्रि' का अलर्ट, बुंदेलखंड और पूर्वांचल में लू का तांडव।
