ख़बर
2जी सिस्टम ने रोकी राशन सप्लाई, हरियाणा के 9300 डिपो पर काम बंद
11 Mar, 2026 01:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ | हरियाणा में सरकारी राशन वितरण व्यवस्था तकनीकी खामियों के कारण ठप पड़ गई है। प्रदेश के करीब 9300 राशन डिपो पर लगी पुरानी और कंडम हो चुकी बायोमीट्रिक मशीनों के सर्वर बंद होने से लगभग 1.59 करोड़ लाभार्थियों को मार्च का राशन अब तक वितरित नहीं हो पाया है।5जी के दौर में भी ये मशीनें 2जी नेटवर्क पर आधारित हैं, जिसके कारण डिपो होल्डरों को लंबे समय से धीमी नेटवर्क स्पीड, सॉफ्टवेयर अपडेट में दिक्कत और खराब बैटरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि हर महीने एक से तीन तारीख के बीच राशन वितरण पूरा हो जाता था, लेकिन इस बार 10 मार्च तक भी वितरण प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी।सिरसा के कालांवाली निवासी नाजर सिंह के मुताबिक पहले हर महीने तय समय पर राशन मिल जाता था लेकिन पहली बार ऐसा हुआ है जब महीने की 10 तारीख तक भी सरकारी दुकान से राशन नहीं मिला। राशन लेने के लिए लोग बार-बार डिपो के चक्कर लगा रहे हैं। डिपो होल्डर मशीन का सर्वर न चलने की बात कहकर इंतजार करने को कह रहे हैं।
2017 से चल रही पुरानी पीओएस मशीनें
प्रदेश के डिपो होल्डरों को वर्ष 2017 में ऑनलाइन सिस्टम के तहत बायोमीट्रिक और दस्तावेज अपलोड करने वाली पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें दी गई थीं। नवंबर 2016 में ट्रायल के बाद जून 2017 से इन्हें पूरी तरह लागू किया गया। इन मशीनों का मासिक किराया करीब 1250 रुपये है लेकिन इनमें केवल बायोमीट्रिक सुविधा ही उपलब्ध है।
डिपो होल्डरों ने पहले भी उठाई थी मांग
कालांवाली क्षेत्र के गांव हस्सू के डिपो होल्डर हरविंदर सिंह गिल के अनुसार पुरानी मशीनों में सर्वर और सॉफ्टवेयर की समस्या अक्सर आती रहती है। पहले कभी-कभी एक-दो दिन राशन वितरण में देरी हो जाती थी लेकिन इस बार स्थिति ज्यादा गंभीर है और 10 मार्च तक भी वितरण शुरू नहीं हो पाया। नई मशीनें लगाने की मांग पहले भी विभागीय अधिकारियों के सामने रखी जा चुकी है।
1.59 करोड़ लोग सरकारी राशन पर निर्भर
प्रदेश में मार्च तक कुल 39,88,155 राशन कार्ड हैं। एक कार्ड पर औसतन चार सदस्यों के हिसाब से लगभग 1 करोड़ 59 लाख 52 हजार 620 लोग सरकारी राशन पर निर्भर हैं।
एसोसिएशन बोली-पूरा सिस्टम ठप
ऑल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी का कहना है कि मशीनों के कंडम होने और सर्वर समस्या के कारण पूरे प्रदेश में राशन वितरण प्रभावित है। कई कार्डधारक डिपो होल्डरों से उलझ रहे हैं, जबकि असल में पूरा सिस्टम ही ठप पड़ा है।
मंत्री बोले-जल्द मिल जाएगा राशन
प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री राजेश नागर का कहना है कि तकनीकी समस्या को जल्द ठीक किया जा रहा है और लाभार्थियों को जल्द ही मार्च महीने का राशन मिल जाएगा। सरकार की ओर से डिपो होल्डरों को 10 हजार नई 5जी आधारित पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनें देने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया है।
देश की अखंडता से जुड़ा मामला: ज्योति मल्होत्रा को राहत देने से हाईकोर्ट का इनकार
11 Mar, 2026 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ | पाकिस्तान को संवेदनशील जानकारी भेजने की आरोपी हिसार की यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को जमानत देने से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोप देश की संप्रभुता व अखंडता से जुड़े हैं।मामले की गंभीरता और उपलब्ध प्रथम दृष्टया साक्ष्यों को देखते हुए उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने कहा कि जहां देश की संप्रभुता व अखंडता का मामला हो वहां जमानत से पहले अत्यधिक सावधानी बरतना आवश्यक है।हिसार सिविल लाइन थाना में 16 मई 2025 को दर्ज एफआईआर में ज्योति रानी पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम सहित अन्य धाराएं जोड़ी गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि ज्योति रानी, जो ‘ट्रैवल-विद-जो’ नाम से यूट्यूब चैनल चलाती है, पाकिस्तान की यात्रा के दौरान दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के एक अधिकारी के संपर्क में आई थी। पुलिस के अनुसार उक्त अधिकारी की पहचान एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश के रूप में हुई, जिससे याचिकाकर्ता का मोबाइल के माध्यम से संपर्क रहा। जांच एजेंसियों का आरोप है कि इस संपर्क के माध्यम से संवेदनशील सूचनाओं के आदान-प्रदान की आशंका सामने आई। पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले में एकत्र साक्ष्य इस ओर संकेत करते हैं कि याचिकाकर्ता का संपर्क ऐसे व्यक्ति से था जो पड़ोसी देश से जुड़ा हुआ था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है।राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और जांच अभी महत्वपूर्ण चरण में है। जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ लगाए गए आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और जांच एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत सामग्री से प्रथम दृष्टया आरोपों का समर्थन होता है।
रिश्तों का खूनी अंत: पति ने पत्नी को मारा, फिर खुद भी खत्म की जिंदगी
11 Mar, 2026 01:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चरखी दादरी | रावलधी गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक पति ने अपनी पत्नी को कुल्हाड़ी से कई वार कर मौत के घाट उतार दिया। वहीं, हत्या करने वाले आरोपी पति ने अब खुद ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या के बाद फरार हुआ आरोपी रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और एक चलती ट्रेन के आगे छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।मृतक पति का नाम शक्ति बताया जा रहा है, जो मूल रूप से रावलधी गांव का निवासी था। घटना के बाद जीआरपी की टीम ने शव को कब्जे में ले लिया है और जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हुई।जानकारी के अनुसार, देर रात रावलधी गांव में घरेलू विवाद के चलते आरोपी ने अपनी पत्नी पर कुल्हाड़ी से कई वार किए थे, जिससे महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। वारदात के बाद वह फरार हो गया था। सदर थाना पुलिस, डीएसपी और एफएसएल टीम जांच में जुटी हुई थी।
पाकिस्तान में गहराया ईंधन संकट, स्कूल बंद और खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान पर
11 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर पड़ने लगा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँचने से पाकिस्तान में गंभीर ईंधन संकट पैदा हो गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने देश भर में ऊर्जा की खपत कम करने के लिए कड़े कदम उठाने का फैसला किया है।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पेट्रोलियम पदार्थों की खपत को नियंत्रित करने के लिए नए दिशा-निर्देशों की घोषणा की है। सरकार के फैसले के मुताबिक, देश भर के स्कूलों को अगले दो हफ्तों के लिए पूरी तरह बंद रखने का आदेश दिया गया है। वहीं, कॉलेज और विश्वविद्यालयों की उच्च शिक्षा की कक्षाएं अब ऑनलाइन मोड में संचालित होंगी ताकि छात्रों और स्टाफ की आवाजाही कम की जा सके और परिवहन में इस्तेमाल होने वाले ईंधन को बचाया जा सके। इसके अतिरिक्त, सरकारी स्तर पर होने वाले आधिकारिक रात्रिभोज और इफ्तार पार्टियों पर भी पूरी तरह से लगाम लगा दी गई है।
ईंधन के इस संकट ने खाद्य बाजार को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। रमजान के पवित्र महीने के दौरान पाकिस्तान के प्राइस कंट्रोल सिस्टम की विफलता साफ नजर आ रही है। पंजाब प्रांत सहित देश के कई हिस्सों में फलों और सब्जियों की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकारी रेट लिस्ट के बावजूद दुकानदार मनमानी कीमतों पर सामान बेच रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, प्रथम श्रेणी के केलों का सरकारी भाव 240 रुपये प्रति दर्जन तय किया गया था, लेकिन बाजारों में ये 300 रुपये से कम में उपलब्ध नहीं हैं। इसी तरह, अमरूद और कंधारी अनार भी अपनी तय कीमतों से काफी ऊंचे दामों पर बिक रहे हैं। अदरक और सेब जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी आम आदमी की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।
पाकिस्तान में इस तेल संकट की मुख्य वजह होर्मुज स्ट्रेट में पैदा हुआ तनाव है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होने वाली तेल की आपूर्ति बाधित हुई है। चूंकि पाकिस्तान अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल इसी मार्ग से आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में आई रुकावट ने देश के भीतर पेट्रोल और डीजल की किल्लत पैदा कर दी है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में पाकिस्तान की आवाम को और भी कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
ईरान के साथ युद्ध लगभग खत्म, कुछ भी क्यूट किया तो होगा देश का अंत: डोनाल्ड ट्रंप
11 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य संघर्ष को लेकर एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा युद्ध अब लगभग पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में ईरान को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि ईरान कुछ भी क्यूट (चालाकी भरा) करने की कोशिश न करे, वरना उस देश का अंत हो जाएगा। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, अगर वे कुछ भी बुरा करते हैं, तो यह ईरान का अंत होगा और दुनिया में फिर कभी उसका नाम नहीं सुना जाएगा। वहीं ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाया गया, तो वे भी जवाबी कार्रवाई करेंगे, जिससे तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया सहित पूरी दुनिया में इस तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर संकट गहराया हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाहाकार मचा है। हालांकि, ईरान ने ट्रंप के इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि युद्ध कब खत्म होगा, इसका फैसला वाशिंगटन नहीं बल्कि तेहरान करेगा। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा, युद्ध अब लगभग पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उनके पास अब न कोई प्रभावी नौसेना बची है, न संचार व्यवस्था और न ही वायु सेना। उनकी मिसाइलें खत्म होने की कगार पर हैं और उनके ड्रोन हर जगह नाकाम किए जा रहे हैं। तेहरान के पास अब सैन्य स्तर पर कुछ भी शेष नहीं है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले ट्रंप ने अनुमान लगाया था कि सैन्य कार्रवाई चार से पांच हफ्ते चलेगी, लेकिन अब वे यह कहते हुए पीछे हट रहे हैं कि अमेरिका ने अपने उद्देश्य प्राप्त कर लिए हैं। ट्रंप के इस बयान पर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। आईआरजीसी ने कहा कि युद्ध के अंत की घोषणा ईरान करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिकी और इजरायली हमले जारी रहे, तो ईरान इस क्षेत्र से एक लीटर तेल भी निर्यात नहीं होने देगा। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह समर्पण करने के बजाय लंबे युद्ध के लिए तैयार है। मैदान पर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है। ईरान ने इजरायल और अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर खुर्रमशहर, फतह और खैबर जैसी हाइपरसॉनिक और बैलिस्टिक मिसाइलों से नए हमले किए हैं। इस बीच, खाड़ी देशों में भी डर का माहौल है। अबू धाबी में हुए हवाई हमलों के मलबे से दो लोग घायल हुए हैं, जबकि तुर्की ने अपनी सीमा पर ईरानी मिसाइल को रोकने का दावा किया है। इस युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा मंडरा रहा है।
नॉर्वे में अमेरिकी दूतावास के बाहर धमाका, इमारत का प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त
11 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ओस्लो। नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में अमेरिकी दूतावास के बाहर हुए एक जोरदार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। रविवार तड़के अमेरिकी दूतावास के कांसुलर सेक्शन के बाहर धमाका हुआ, जिससे इमारत के प्रवेश द्वार को नुकसान पहुंचा और पूरे इलाके में धुआं फैल गया। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ओस्लो पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह एक जानबूझकर किया गया हमला हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक जांच इकाई के प्रमुख फ्रोडे लार्सन ने कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए यह हमला सीधे अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाकर किया गया हो सकता है। पुलिस ने आतंकवादी हमले की आशंका से इनकार नहीं किया। अभी तक किसी संदिग्ध की पहचान नहीं हुई है, पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की जांच की जा रही है और नॉर्वे की सरकार जांच में पूरा सहयोग कर रही है।
यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर लगातार हमले हो रहे हैं और पूरे पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। ईरान पहले ही क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और सहयोगी देशों को निशाना बना चुका है। पहले भी माना जाता रहा है कि हमले की स्थिति में अगर ईरान सीधे यूरोप में हमला नहीं भी करता, तो उसके समर्थक या प्रॉक्सी समूह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिकी संस्थानों को निशाना बना सकते हैं। इस वजह से इस धमाके को भी अमेरिका-ईरान युद्ध से जोड़कर देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक व्हाइट हाउस का दावा है कि पिछले कई दशकों में ईरान समर्थित समूहों ने दुनिया भर में अमेरिकी ठिकानों और दूतावासों को निशाना बनाया है। 1983 में बेरूत में अमेरिकी दूतावास पर हुए कार बम हमले में 17 अमेरिकी मारे गए थे। उसी साल लेबनान में अमेरिकी मरीन बेस पर हुए ट्रक बम धमाके में 241 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी। हाल के वर्षों में भी ईरान समर्थित मिलिशिया पर इराक, सीरिया और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के आरोप लगते रहे हैं।
रूस अपने भरोसेमंद साझेदार देशों में नहीं होने देगा तेल की कमी, जारी रखेगा सप्लाई
11 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मॉस्क। ईरान युद्ध की वजह से जब पूरी दुनिया में तेल-गैस का संकट खड़ा हो गया, तब रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का एक बड़ा बयान सामने आया है। पुतिन ने साफ कहा है कि रूस अपने भरोसेमंद साझेदार देशों को एनर्जी सप्लाई जारी रखेगा। पुतिन का यह इशारा सीधे तौर पर भारत जैसे उन मित्र देशों की ओर है, जो वैश्विक दबाव के बावजूद रूस के साथ व्यापारिक रिश्ते बनाए हुए हैं।
ईरान-इजराइल युद्ध के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। ऐसे में पुतिन का यह भरोसा भारत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। पुतिन ने कहा कि हम उन देशों को ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति जारी रखेंगे जो विश्वसनीय भागीदार हैं। रूसी कंपनियों को वर्तमान स्थिति का लाभ उठाने की जरूरत है। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा रूस से रियायती दरों पर खरीद रहा है। पुतिन के इस बयान से साफ है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के बावजूद रूस अपने साझेदार दोस्तों को तेल की कमी नहीं होने देगा।
पुतिन ने माना कि तेल की डिलीवरी के लिए लॉजिस्टिक्स को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि इसमें समय और पैसा जरूर लगेगा, लेकिन रूस अब उन बाजारों की ओर रुख करेगा जो ज्यादा लाभदायक और स्थिर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस अब पश्चिमी देशों के बजाय एशियाई बाजारों, खासकर भारत और चीन पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रहा है। दिलचस्प बात यह है कि पुतिन ने यूरोप को भी एक मौका देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर यूरोपीय खरीदार बिना किसी राजनीतिक दबाव के हमारे साथ दीर्घकालिक और स्थिर सहयोग करना चाहते हैं, तो हम इसके लिए तैयार हैं। हमने कभी मना नहीं किया। हालांकि उन्होंने शर्त रखी कि इसके लिए यूरोप को स्थिरता की गारंटी देनी होगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब हंगरी के पीएम विक्टर ओर्बन ने यूरोपीय संघ से अपील की है कि मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए रूसी तेल और गैस पर लगे प्रतिबंधों को हटाया जाए।
विशेषज्ञों के मुताबिक खाड़ी देशों में ईरान और अमेरिका-इजराइल द्वारा एक-दूसरे के तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के कारण दुनिया 1970 के दशक के बाद के सबसे बड़े ‘सप्लाई शॉक’ का सामना कर रही है। पुतिन ने चेतावनी दी कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा तेल उत्पादन अगले महीने तक पूरी तरह ठप हो सकता है। ऐसे कठिन समय में पुतिन का भारत जैसे ‘भरोसेमंद दोस्तों’ के साथ खड़े रहने का वादा न केवल कूटनीतिक रूप से अहम है, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था को महंगाई के झटके से बचाने में भी मददगार साबित हो सकता है।
ईरान के खिलाफ सऊदी अरब की भूमिका से खुश नहीं अमेरिका, रक्षा समझौते पर उठाए सवाल
11 Mar, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। ईरान की वजह से अमेरिका और सऊदी अरब के बीच तनाव पैदा हो गया है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सऊदी अरब को धमकी दी है। लिंडसे ईरान के खिलाफ सऊदी अरब की भूमिका से खुश नहीं हैं। ईरान के लगातार हमलों के कारण रियाद में अमेरिकी दूतावास खाली कराया जा रहा है। लिंडसे ने कहा कि ईरान के खिलाफ सऊदी अरब अपनी सक्षम सेना का इस्तेमाल नहीं कर रहा है। ईरानी हमले में सात अमेरिकियों की जान जा चुकी है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लिंडसे वही सीनेटर हैं जो भारत पर 500 फीसदी टैरिफ लगाना चाहते थे। उन्होंने अमेरिका और सऊदी अरब के रक्षा समझौते पर भी बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका आतंक खत्म करने के लिए अरबों डॉलर खर्च कर रहा है, लेकिन सऊदी अरब सिर्फ बयानबाजी कर रहा है। लिंडसे ने सेना न उतारने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। ईरान के लगातार हमलों से मिडिल ईस्ट में दहशत है।
रियाद में मौजूद अमेरिकी दूतावास को खाली कराया जा रहा है। लिंडसे ग्राहम ने सऊदी अरब की चुप्पी पर एतराज जताया। उन्होंने पूछा कि जब सऊदी अरब लड़ाई में शामिल नहीं है तो रक्षा समझौता क्यों। अमेरिका ईरानी शासन को हटाने के लिए अपने अरबों डॉलर पानी की तरह बहा रहा है। दूसरी तरफ सऊदी अरब सिर्फ बयान कर रहा है। पर्दे के पीछे से मिलने वाली मामूली मदद से अमेरिका संतुष्ट नहीं है। लिंडसे ने कहा कि ईरान का शासन खत्म करने के लिए मिलिट्री एक्शन बहुत जरूरी है।
अमेरिका चाहता है कि खाड़ी सहयोग परिषद के देश इस लड़ाई में आगे आएं। लिंडसे ने कहा कि यह पूरी लड़ाई उनके ही अपने इलाके में लड़ी जा रही है। अगर वे अभी अपनी मजबूत सेना का इस्तेमाल नहीं करेंगे तो फिर कब करेंगे। अमेरिका को उम्मीद है कि हालात जल्दी बदलेंगे। लिंडसे ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसके परिणाम बहुत बुरे होंगे।
दुश्मनों को लग रहा था ईरान कमजोर पड़ जाएगा, गलतफहमी दूर करेंगे: ईरानी नेता लारिजानी
10 Mar, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तेहरान। अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान में सत्ता का परिवर्तन हो गया है। उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना गया है, जिसके बाद ईरान की इस्लामिक सरकार के समर्थकों में एक नया जोश देखा जा रहा है। ईरान के राजनीतिक गलियारों में भी इस बदलाव का जोरदार स्वागत हुआ है। संसद के स्पीकर और कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने देशवासियों से नए नेता के प्रति एकजुट रहने की अपील की है। वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने इस अवसर पर कहा कि दुश्मनों को लगा था कि अली खामेनेई के बाद ईरान कमजोर पड़ेगा, लेकिन कानूनी प्रक्रिया के तहत नए नेता के चयन ने देश की मजबूती को साबित कर दिया है।
नए सर्वोच्च नेता के पद संभालते ही ईरान ने इजरायल के खिलाफ अपनी सैन्य आक्रामकता को चरम पर पहुंचा दिया है। इस बीच, मोजतबा खामेनेई को लेकर यह दावा भी किया जा रहा है कि वह वर्तमान युद्ध की स्थिति में घायल हो चुके हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि या विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है। मोजतबा खामेनेई के नेतृत्व की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर ईरान ने न केवल इजरायल बल्कि सऊदी अरब की तरफ भी भारी मात्रा में ड्रोन लॉन्च किए हैं। ईरान की सबसे शक्तिशाली सैन्य संस्था, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने नए सुप्रीम लीडर के प्रति अपनी अटूट निष्ठा जताई है। आईआरजीसी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि वह मोजतबा खामेनेई के ‘दिव्य आदेशों’का पूरी तरह पालन करेगी और अमेरिका के साथ संभावित युद्ध में अपनी जान तक कुर्बान करने को तैयार है। युद्ध के मोर्चे पर आईआरजीसी ने वीडियो जारी कर दावा किया है कि इजरायल और अन्य क्षेत्रीय लक्ष्यों पर खोर्रमशहर, फतह, खैबर और कद्र जैसी आधुनिक मिसाइलों से हमले किए गए हैं। इन हमलों की तीव्रता को देखते हुए अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अपना तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर जॉर्ज बुश ईरान की ओर रवाना कर दिया है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव इस कदर बढ़ गया है कि सोमवार सुबह बहरीन में ईरानी ड्रोन हमलों से कम से कम 32 लोग घायल हो गए, जबकि कुवैत और कतर की सेनाओं ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने की पुष्टि की है। विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई का शासन ईरान की नीतियों को और अधिक कठोर बनाएगा, जिससे अमेरिका और इजरायल के खिलाफ उनका रुख पहले से कहीं ज्यादा सख्त होने की संभावना है।
रेलवे रोड पर लूट की कोशिश, विरोध करने पर व्यापारी को चाकू मारा
10 Mar, 2026 11:48 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
करनाल। रेलवे रोड पर सोमवार रात सेक्टर 33 निवासी व्यापारी संजय अरोड़ा से चार लुटेरों ने लूट का प्रयास किया। चारों व्यापारी के पास पहुंचे और रुपयों का बैग छीनने की कोशिश की। व्यापारी ने विरोध किया, तो एक बदमाश ने उनकी टांग पर चाकू से हमला कर दिया। घायल व्यापारी ने शोर मचाया, तो आरोपी मौके से भाग हो गए। घायल को साथियों ने ट्रामा सेंटर पहुंचाया, जहां उसका मेडिकल हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।
ऑनलाइन टिकट बुकिंग का काम करते हैं संजय अरोड़ा
सेक्टर-33 के संजय अरोड़ा का रेलवे रोड पर अपना कार्यालय है। वो ऑनलाइन टिकट बुकिंग का काम करते हैं। सोमवार रात करीब 9 बजे वह ऑफिस से घर जाने की तैयारी कर रहे थे। उनके पास लैपटॉप वाले बैग में करीब 60 से 70 हजार रुपए नकदी थी। इसी दौरान चार युवक उनके पास पहुंचे। इनमें से एक युवक सफेद रंग की एक्टिवा पर बैठा हुआ था और उसने चेहरा ढका हुआ था, जबकि बाकी तीन युवक पैदल ही उनके पास आए। आरोपियों ने उनका बैग मांगा तो व्यापारी ने विरोध कर दिया। इस पर एक बदमाश ने दूसरे से चाकू निकलने की बात कही तो व्यापारी ने हाथ में लिए टिफिन से वार कर दिया। इसके बाद एक बदमाश न उनकी टांग पर चाकू से वार कर दिया। चोट लगने के बावजूद उन्होंने जोर से शोर मचाया
शोर सुनकर पहुंचे पड़ोसी, भीड़ होती देख भागे लुटेरे
व्यापारी के शोर मचाने के बाद आसपास के पड़ोसी एकत्रित हो गए। वहां लोगों के आने की भीड़ देखकर बदमाश मौके से भाग गए। संजय अरोड़ा ने बताया कि बैग में रखे करीब 60 से 70 हजार रुपए सुरक्षित बच गए। उन्होंने कहा कि अगर वह विरोध नहीं करते तो बदमाश कैश लेकर फरार हो जाते।
सऊदी अरब के अल-खार्ज में मिसाइल हमला, दूतावास ने दी सतर्क रहने की सलाह
10 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रियाद। सऊदी अरब के अल-खार्ज शहर में एक रिहायशी परिसर पर हुए हालिया मिसाइल हमले को लेकर स्थिति अब स्पष्ट हो गई है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को आधिकारिक बयान जारी कर उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें किसी भारतीय नागरिक की मृत्यु का दावा किया गया था। भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे सऊदी अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में हैं और पूरी स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए सामुदायिक कल्याण काउंसलर वाई. साबिर ने रविवार देर रात स्वयं अल-खार्ज का दौरा किया। उन्होंने वहां अस्पताल में भर्ती घायल भारतीय नागरिक से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। दूतावास ने स्पष्ट किया कि इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में किसी भी भारतीय की जान नहीं गई है, जो एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, इस हमले में एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है, जिसका वर्तमान में अल-खार्ज के एक सरकारी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
यह स्पष्टीकरण उन शुरुआती रिपोर्टों के बाद आया है जिनमें दावा किया गया था कि एक मेंटेनेंस और क्लीनिंग कंपनी के आवास पर गिरे प्रोजेक्टाइल के कारण दो लोगों की मौत हुई है, जिनमें एक भारतीय भी शामिल है। वहीं, सऊदी सिविल डिफेंस के जनरल डायरेक्टोरेट की ओर से जारी एक अन्य बयान में बताया गया था कि इस सैन्य प्रोजेक्टाइल हमले में दो विदेशी नागरिकों की जान गई और 12 अन्य लोग घायल हुए हैं। हमले के कारण रिहायशी परिसर को भी भारी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिक ढांचों पर होने वाले ऐसे हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन करार दिया है। पश्चिम एशिया में मौजूदा अस्थिरता और बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय दूतावास ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी भी जारी की है। दूतावास ने सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है। नागरिकों से कहा गया है कि वे किसी भी आपात स्थिति में दूतावास या स्थानीय अधिकारियों की सलाह को प्राथमिकता दें। क्षेत्रीय हालातों के बावजूद, दूतावास ने आश्वस्त किया है कि रियाद और जेद्दा स्थित भारतीय राजनयिक कार्यालय सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं और भारतीयों की सहायता के लिए नियमित कांसुलर कैंप भी आयोजित किए जा रहे हैं। परिवहन सेवाओं को लेकर भी स्थिति सामान्य बताई गई है; रियाद, जेद्दा और दमाम जैसे प्रमुख शहरों से भारत के लिए विभिन्न एयरलाइंस की उड़ानें सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि हाल के हफ्तों में ईरान और अन्य देशों के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं, जिसका असर अब नागरिक इलाकों पर होने वाले इन हमलों के रूप में दिखने लगा है।
गोहाना में किसान परिवार के बीच पहुंचे Rahul Gandhi, बेटी की शादी में हुए शामिल
10 Mar, 2026 10:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोहाना। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज फिर सुर्खियों में हैं। यह चर्चा निकटवर्ती गांव मदीना में एक शादी समारोह की वजह से है, जिसमें राहुल आशीर्वाद देने पहुंचे हैं। दरअसल, गांव के किसान संजय की बेटी की शादी है और इसके लिए परिवार ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को निमंत्रण भेजा था। 8 जुलाई 2023 की है, जब सुबह-सुबह लोग सोकर उठे ही थे। अचानक मदीना के खेतों में राहुल गांधी को देखकर हर कोई चौंक गया था। पुरानी खबरों के मुताबिक कांग्रेस सांसद राहुल गांधी शिमला जा रहे थे। अचानक सोपीपत से वह गोहाना और फिर मदीना पहुंच गए थे। यहां उन्होंने किसानों के साथ मिलकर धान की रोपाई की, ट्रैक्टर चलाया और उनके साथ बैठकर खाना भी खाया। इस यात्रा के दौरान उन्होंने मदीना (गोहाना) के किसानों व मजदूरों की समस्याओं को सुना और उनसे सीधा संवाद किया।
इन्हीं में से एक किसान संजय हैं, जिनके खेत में राहुल गांधी ने ट्रैक्टर चलाकर खेत को धान के लिए तैयार किया था। इसके बाद धान की रोपाई की और फिर खेत में काम कर रही महिलाओं के साथ जमीन पर बैठकर खाना भी खाया था। अब जब संजय की बेटी की शादी हो रही है तो इसके लिए उन्होंने राहुल गांधी को भी कार्ड भेजा था। कार्ड मिलने पर राहुल गांधी ने पहुंचने का आश्वासन दिया। राहुल गांधी संजय की बेटी को आशीर्वाद देने आज मदीना पहुंच चुके हैं।
ट्रंप ने दी वेनेजुएला की मौजूदा सरकार को आधिकारिक मान्यता, तेल उत्पादन शुरु
10 Mar, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने वेनेजुएला की मौजूदा सरकार को आधिकारिक मान्यता दे दी है। ट्रंप ने इसका ऐलान तब किया है, जब जनवरी में अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर आक्रमण कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अगवा कर लिया था। अमेरिका ने मादुरो पर नार्को टेररिज्म का आरोप लगाया है और वह न्यूयॉर्क में ट्रॉयल का इंतजार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा है कि मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि इस हफ्ते, हमने वेनेजुएला सरकार को ऑफिशियली मान्यता दे दी है। हमने असल में उन्हें कानूनी तौर पर मान्यता दी है।
बता दें मादुरो के पकड़े जाने के बाद वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने कुछ समय के लिए हेड ऑफ स्टेट की ड्यूटी उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को ट्रांसफर कर दी थी, जिन्होंने 5 जनवरी को आधिकारिक रूप से कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली। तब से अमेरिका और वेनेजुएला ने अपने लंबे समय से चले आ रहे तनावपूर्ण रिश्तों को सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं। ट्रंप ने चंद दिनों पहले वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि डेल्सी रोड्रिगेज वेनेजुएला में बहुत अच्छा काम कर रही हैं। अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ बहुत अच्छे से सहयोग कर रही हैं। तेल का उत्पादन शुरू हो गया है और दोनों देशों के बीच पेशेवर रवैया और समर्पण देखना बहुत अच्छा लग रहा है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबि हाल में ही अमेरिका के गृह मंत्री डग बर्गम ने वेनेजुएला का दौरा किया था। उन्होंने वेनेजुएला में तेल और खनन कार्यों को बढ़ावा देने को लेकर अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज से बात की थी। वहीं जनवरी के अंत में अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अमेरिका में पंजीकृत संस्थाओं के लिए वेनेजुएला के तेल की ड्रिलिंग, खरीद, बिक्री और निर्यात से संबंधित लेनदेन को अधिकृत किया था। फरवरी में अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने तेल बुनियादी ढांचे के साथ-साथ तेल और गैस उत्पादन कार्यों का प्रत्यक्ष आकलन करने के लिए वेनेजुएला की यात्रा की थी।
Haryana में गर्मी बढ़ी, Mahendragarh रहा सबसे गर्म; 20 के बाद बारिश की संभावना
10 Mar, 2026 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिसार (हरियाणा)।कमजोर पश्विम विक्षोभ के चलते सोमवार को बादल छाए। इसका तापमान पर अधिक असर नहीं है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान महेंद्रगढ़ में 36.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हिसार में अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की गिरावट आई। हिसार का अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री दर्ज किया गया। यह अब भी सामान्य से 6.2 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार 19 मार्च के बाद बारिश के आसार हैं।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि आमतौर फरवरी और मार्च माह में उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों में मध्यम पश्चिमी विक्षोभ प्रणाली सक्रिय होने से उत्तरी पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी होती है। इस बार यह बर्फबारी व बारिश नहीं हुई। दूसरा गुजरात, पश्चिमी राजस्थान और अरब सागर पर बने प्रति चक्रवातीय परिसंचरण बना होने के कारण मौसम गर्म और शुष्क बन गई हैं। तीसरा इस समय पूर्वी हवाएं चलने के बजाय पश्चिमी हवाएं चलने के कारण अरब सागर की ओर से आ रही हवाएं गर्म हैं। जो मौसम को अधिक गर्म बना रही हैं। यह हवाएं वातावरण से नमी को खत्म कर रही हैं। इन तीन कारणों के चलते तेज गर्मी पड़ रही है। मार्च महीने में पहला कमजोर पश्चिम विक्षोभ सोमवार को सक्रिय हुआ। अब 11, 14 मार्च को पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे। मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा, बीच-बीच में बादलों की आवाजाही देखने को मिलेगी। सभी पश्चिमी विक्षोभ कमजोर रहेंगे जिनका असर केवल उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों तक सीमित रहेगा। सीमित स्थानों पर छिटपुट बूंदाबांदी देखने को मिलेगी। 19 मार्च के बाद मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। जिसके बाद 20 मार्च से तापमान में गिरावट आएगी। 19 मार्च के बाद प्रदेश में बारिश के आसार हैं। इस बार अप्रैल व मई महीने में भी बारिश होने की संभावना बन रही है।
ईरान पर हमला नहीं इजराइल का असल टारगेट........यहूदियों के तीसरे सबसे बड़े मंदिर की तैयारी
10 Mar, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मास्को। मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच रूस की मीडिया ने इजराइल पर एक ऐसा खुलासा किया है जिसे सुनकर 57 मुस्लिम देश हिल ही जाएंगे, लेकिन भारत भी चौंक जाएगा। इस जंग में अब जिस तरह से ईरान और खाड़ी देश आपस में लड़ रहे हैं, यह देखकर लग रहा है कि यह एक धार्मिक जंग बन गई है। यानी यह जंग अब शिया सुन्नी बवाल में बदल रही है। लेकिन सवाल ये हैं कि क्या इजराइल सच में यही चाहता था? क्या शिया सुन्नी जंग के बीच इजराइल यहूदियों का तीसरा सबसे बड़ा रहस्यमी मंदिर बनाने की कोशिश में है? सोशल मीडिया पर कई लोग दावा कर रहे हैं कि मुस्लिम देशों में अफरातफरी मचाकर इजराइल यरूशलम में अल अक्सा मस्जिद को नष्ट कर उसी जगह पर यहूदियों का तीसरा मंदिर बना सके।
मीडिया के मुताबिक इजराइली सैनिकों की वर्दी पर एक होश उड़ा देने वाली चीज दिखी है। बता दें कि यरूशलम स्थित अल अक्सा मस्जिद जिस टेंपल माउंट पर स्थित है, उसी जगह पर यहूदियों का प्राचीन मंदिर हुआ करता था। टेंपल माउंट पर यहूदियों का पहला मंदिर किंग सोलोमन ने बनवाया था जिसे सदियों पहले बेबीलोन के लोगों ने तोड़ दिया था। इसके बाद उसी जगह पर दूसरा मंदिर बनाया गया। लेकिन करीब 2000 साल पहले रोमंस ने उस मंदिर को भी गिरा दिया। तभी से टेंपल माउंट पर कोई मंदिर नहीं है। टेंपल माउंट पर जिस जगह यहूदियों के दो मंदिर थे, उसी परिसर में अब अल अक्सा मस्जिद है। बता दें कि मक्का मदीना के बाद मुस्लिमों की सबसे पवित्र अल अक्सा मस्जिद ही मानी जाती है। लेकिन इजराइल के लोग सदियों से विरोध करते आए हैं कि जिस टेंपल माउंट पर अल अक्सा मस्जिद है, वहां पर यहूदियों का तीसरा मंदिर बनना चाहिए।
इजराइल के लाखों लोगों ने कहा है कि अब टेंपल माउंट पर तीसरा मंदिर बनाने का समय आ गया है। यानी इसका सीधा मतलब यह है कि यहूदियों का तीसरा मंदिर तभी बन सकता है जब टेंपल माउंट परिसर से अल अक्सा मस्जिद हटे। एक प्रमुख अमेरिकी पत्रकार ने ईरान के खिलाफ जंग को लीड कर रहे अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ वॉर पीट हेगथ का एक पुराना बयान पोस्ट किया जिसमें वे यहूदियों के तीसरे मंदिर को बनाने की वकालत कर रहे हैं। बयान पुराना है लेकिन बयान देने वाला शख्स आज ईरान के खिलाफ जंग को लीड कर रहा है। इस मुद्दे पर अब चर्चा हो रही है। रूसी मीडिया ने इजराइल के कुछ सैनिकों की फोटो पोस्ट की है जिसमें उनकी वर्दी पर टेंपल माउंट की तस्वीरें दिख रही हैं। इजराइल जानता है कि अल अक्सा मस्जिद को हटाया गया, तब दुनिया में बवाल खड़ा हो जाएगा। लेकिन फिर भी कई लोग सवाल पूछ रहे हैं कि इजराइल ने ईरान के सबसे बड़े शिया धार्मिक नेता खामनई को क्यों मारा? इजराइल ने यह जंग सुन्नी बहुल मिडिल ईस्ट में क्यों फैला दी?
राशिफल 05 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार
बैगा अंचल की संस्कृति से प्रभावित हुई नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर टीम, छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन को बताया अद्भुत
पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन में 206 नव आरक्षकों का दीक्षांत समारोह संपन्न
स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता बढ़ाएं- डेका’
