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माइग्रेशन की मांग को लेकर बढ़ा आंदोलन, प्रशासन पर दबाव
24 Feb, 2026 10:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हांसी (हरियाणा)। नारनौंद नर्सिंग कॉलेज की छात्राएं माइग्रेशन की मांग के लिए पिछले 12 दिन से हांसी विधायक विनोद भयाना के आवास के बाहर धरना दे रही हैं। विधायक के आवास के बाहर सोमवार को पांच छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठीं। देर रात करीब 11 बजे एक छात्रा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसको नागरिक अस्पताल हांसी में भर्ती कराया गया। छात्राओं ने मंगलवार को विधायक आवास घेराव का एलान किया हुआ है। धरने पर बैठी मुस्कान को उपचार के लिए एंबुलेंस से नागरिक अस्पताल ले जाया गया। मुस्कान नर्सिंग कॉलेज की फोर्थ सेमेस्टर की छात्रा है। धरना कमेटी के अनुसार विधायक ने 15 दिन में माइग्रेशन कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। धरना और घेराव में किसान और मजदूर भी शामिल होंगे।
मलेशिया में आया 7.1 तीव्रता का भूकंप, गहराई ज्यादा होने से नहीं हुआ कोई नुकसान
24 Feb, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। मलेशिया में रविवार-सोमवार को जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए। अमेरिका के सीस्मोलॉजिस्ट के मुताबिक सोमवार सुबह मलेशिया के सबा राज्य के पास बोर्नियो आइलैंड भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिपोर्ट में बताया गया है कि भूकंप की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 7.1 मापी गई थी। बताया जा रहा है कि भूकंप का सेंटर कोस्टल स्टेट कैपिटल कोटा किनाबालु से 100 किलोमीटर से दूर था। इसकी गहराई 619.8 किलोमीटर थी, जिसकी वजह से तीव्रता ज्यादा होने के बावजूद जान-माल की कम क्षति होने की संभावना है। बता दें भूकंप भारतीय समयानुसार 10 बजकर 27 मिनट पर आया।
रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप के तुरंत बाद तटीय इलाकों में सुनामी को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। हालांकि, अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूकंप की अत्यधिक गहराई का मतलब है कि सुनामी आने की कोई उम्मीद नहीं है। मलेशियाई मौसम विभाग ने इस भूकंप की तीव्रता को 6.8 मैग्नीट्यूड बताया है विभाग के मुताबिक सबा के पश्चिमी तट और सरवाक राज्य के कई इलाकों में झटके महसूस किए गए। विभाग स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है और किसी भी आपात स्थिति के लिए प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है।
रंजिश के चलते हुई थी सत्यवान की हत्या, जांच में सामने आया सच
24 Feb, 2026 09:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतक। खेड़ी साध प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान अपहरण कांड का खुलासा हो गया है। धर्मेंद्र हत्याकांड की रंजिश के चलते ही जमानत पर आए हत्या आरोपी सत्यवान की शनिवार दोपहर गोली मारकर हत्या की गई थी। मंगलवार सुबह गिरफ्तार आरोपी भिवानी जिले के गांव भापड़ौदा निवासी मंजीत उर्फ माफिया की निशानदेही पर पुलिस ने कन्हेली हेड के पास जेएलएन से शव बरामद कर लिया। साल 2018 में नए साल के जश्न के दौरान खेड़ी साध गांव में युवक धर्मेंद्र की गोली मारकर हत्या की गई थी। पुलिस ने पड़ोसी प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान को गिरफ्तार किया था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद सत्यवान छह माह जमानत पर बाहर आया था। 20 फरवरी को उसकी कार खरावड़ मंदिर के नजदीक आउटर बाईपास के किनारे पर लावारिस मिली। कार पर अंधाधुंध फायरिंग की हुई थी। चार गोलियां कार में लगी थी। घटनास्थल से 15 खोल बरामद हुए थे। घटना के बाद से ही सत्यवान का सुराग नहीं लग रहा था। एसपी ने ब्लाइंड केस को सुलझाने के लिए एसआईटी का गठन किया था। इसमें सीआईए की टीम के अलावा आईएमटी थाना पुलिस को भी साथ लिया था परिजनों ने दिल्ली के गांव जाड़ौदा निवासी प्रदीप डागर व प्रदीप के परिजनों पर शक जताया था। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच की। जांच के दौरान पुलिस ने भिवानी जिले के गांव भापड़ौदा निवासी मंजीत उर्फ माफिया व भाली गांव निवासी मनीष को काबू किया। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि पुरानी रंजिश के चलते ही सत्यवान की हत्या हुई है। अब पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी कि हत्याकांड में प्रदीप डागर या अन्य आरोपियों की भूमिका है या नहीं।
चार गोलियां लगी हैं सत्यवान को, तीन पेट व एक चेहरे पर
पुलिस मंगलवार सुबह आरोपी मंजीत को लेकर कन्हेली हेड पर पहुंची। आरोपी ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। शव को वे अपनी कार में डालकर कन्हेली हेड पर पहुंचे। वहां नहर में फेंक दिया। इसके बाद मौके से भाग गए। प्रॉपर्टी डीलर सत्यवान की हत्या पुरानी रंजिश के चलते हुई है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्याकांड में सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले सुंदर राठी उर्फ काला की कोई भूमिका अब तक सामने नहीं आई है। डाली गई पोस्ट दहशत फैलाने का हिस्सा हो सकती है।
‘मार-ए-लागो’ रिसॉर्ट में घुसने की कोशिश करते समय मारा गया शख्स कई दिनों से था लापता
24 Feb, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित ‘मार-ए-लागो’ रिसॉर्ट की सुरक्षा में एक बार फिर सेंधमारी की कोशिश हुई है। हालांकि अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने इस खतरे को भांप लिया और एक हथियारबंद घुसपैठिए को मौके पर ही ढेर कर दिया। इस शख्स की पहचान 21 साल के ऑस्टिन टकर मार्टिन के रूप में हुई है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक हमलावर ऑस्टिन अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना का रहने वाला था। सीक्रेट सर्विस के प्रवक्ता एंथनी गुग्लिल्मी ने कहा कि ऑस्टिन पिछले कई दिनों से लापता था और उसके परिवार ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जांचकर्ताओं का मानना है कि वह नॉर्थ कैरोलिना से फ्लोरिडा तक का सफर तय करके आया था और इस यात्रा के दौरान उसने वह बंदूक खरीदी थी, जिसे लेकर वह रिसॉर्ट में घुसा था बाद में उसकी कार से हथियार का एक खाली बॉक्स भी बरामद हुआ है।
रिपोर्ट में अधिकारियों के मुताबिक यह पूरी घटना रविवार को स्थानीय समयानुसार रात करीब 1:30 बजे की है। ऑस्टिन पाम बीच एस्टेट के ‘नॉर्थ गेट’ से अपनी गाड़ी लेकर उस वक्त अंदर घुस गया, जब वहां से एक दूसरी गाड़ी बाहर निकल रही थी। अंदर घुसते ही उसका सामना दो सीक्रेट सर्विस एजेंट्स और एक पाम बीच काउंटी शेरिफ के डिप्टी से हुआ। ऑस्टिन के पास एक शॉटगन और पेट्रोल का कनस्तर था। पाम बीच काउंटी के एक शख्स ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने उसे बार-बार हथियार और पेट्रोल का डिब्बा नीचे रखने की चेतावनी दी। उसने गैस का डिब्बा तो रख दिया, लेकिन अपनी शॉटगन को फायरिंग पोजीशन में ऊपर उठा लिया। इसके जवाब में अधिकारियों ने तुरंत फायरिंग की और उसे वहीं ढेर कर दिया। इस घटना में कोई भी अधिकारी घायल नहीं हुआ है।
हमले का मकसद क्या था, यह अभी साफ नहीं है और अधिकारी इसकी जांच कर रहे हैं। एफबीआई, सीक्रेट सर्विस और पाम बीच काउंटी शेरिफ कार्यालय मिलकर इस मामले की जांच कर रहे हैं। एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने कहा है कि इस मामले की तह तक जाने के लिए सभी जरूरी संसाधन लगा दिए गए हैं और स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। जांच एजेंसियां ऑस्टिन के बैकग्राउंड, डिजिटल फुटप्रिंट और घटना से पहले के कुछ दिनों की उसकी हर गतिविधि को खंगाल रही हैं। अटॉर्नी जनरल ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से बात की है और वे सुरक्षित हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने हथियारबंद घुसपैठिए को ढेर करने के लिए सीक्रेट सर्विस की त्वरित और निर्णायक कार्रवाई की तारीफ की।
मोहम्मद यूनुस ने किसी भी फैसले को लेकर जानकारी नहीं दी, मुझे अंधेरे में रखा
24 Feb, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश में आम चुनाव के बाद नई सरकार गठित होते ही राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के जज्बात भी बदल गए हैं। इतने दिनों से मोहम्मद यूनुस की अगुआई में चल रही अंतरिम सरकार पर उन्होंने एक भी सवाल नहीं उठाया। अल्पसंख्यकों पर अत्याचार होते रहे और भारत के साथ रिश्ते खराब करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब शहाबुद्दीन कह रहे हैं कि मोहम्मद यूनुस ने उन्हें अंधेरे में रखा। बांग्लादेश की मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा कि मोहम्मद यूनुस ने ना तो कभी संस्थानों के बीच समन्वय पर ध्यान दिया और ना ही वह किसी भी फैसले को लेकर उन्हें कोई जानकारी देते थे।
रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा कि यहां तक कि विदेश दौरे की भी जानकारी उन्हें नहीं होती थी। विदेश नीति से संबंधित कोई भी सूचना राष्ट्रपति तक पहुंचती ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्हें अलग-थलग करने के लिए सारी राजनीतिक हथकंडे अपनाए जा रहे थे। शहाबुद्दीन ने कहा कि सरकार को जरूरी फैसले राष्ट्रपति की सलाह से करने चाहिए लेकिन यूनुस खुद ही सारे फैसले कर लेते थे। संविधान कहता है कि विदेश दौरे पर जाते समय राष्ट्रपति को जानकारी देनी चाहिए और लौटने के बाद इसके परिणामों पर चर्चा होनी चाहिए। कार्यकाल के दौरान वह 14 से 15 बार विदेश गए लेकिन एक बार भी उनकी सहमति नहीं ली गई।
उन्होंने कहा कि मोहम्मद यूनुस को मुख्य सलाहकार बनाने में उनकी बड़ी भूमिका थी। इसके बाद भी वह मुझे नजरअंदाज ही करते थे। वह मुझसे मिलने कभी आए ही नहीं, ऊपर से मुझे अंधेरे में रखा। उन्होंने कहा कि कतर और कोसोवो से उन्हें आमंत्रण मिला था लेकिन उनके नाम से ही लेटर बनाकर यात्रा रद्द कर दी गई। उन्होंने कहा कि बड़ा ही अजीब है, क्या राष्ट्रपति भी संवैधानिक कार्यों में इतना बिजी हो सकता है। उन्होंने कहा कि मुझे जनता के सामने जाने ही नहीं दिया जाता था। मेरी छवि जनता के बीच से बिगाड़ने की कोशिश की गई। ये लोग चाहते थे कि मेरा नाम कहीं भी सामने ना आए और कोई मुझे पहचाने तक ना। उन्होंने कहा कि मुझे यूनिवर्सिटी के कॉन्वोकेशन तक में नहीं जाने दिया जाता था।
विशेष अदालत ने दोषी को सुनाई 20 साल कठोर कारावास की सजा
23 Feb, 2026 04:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फतेहाबाद|अतिरिक्त एवं सत्र न्यायधीश, स्पेशल जज -कम-फ़ास्ट ट्रैक के न्यायधीश अमित गर्ग ने एक 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य यौन अपराध के मामले में आरोपी अभिजीत निवासी ढाणी बस्ती भीमा, फतेहाबाद को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसे अपराध समाज पर गहरा आघात हैं और दोषी पर दया दिखाना न्याय का मजाक होगा। घटनाक्रम के अनुसार 13.10.2024 को पीड़िता के पिता ने हुडा चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी अभिजीत पिछले 10 महीनों से उनकी बेटी को स्कूल जाते समय खाने-पीने की चीजों का लालच देकर बहलाता-फुसलाता था।करीब 18 दिन पहले, आरोपी उसे जबरन चिल्ली वाली झील के पास खेतों में ले गया, जहां उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया और विरोध करने पर मारपीट की। आरोपी ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया। केस की तफ्तीश उप-निरीक्षक राज बाला द्वारा अमल में लाई गयी तथा तफ्तीश के दौरान आरोपी को 16.10.2024 को गिरफ्तार किया गया, जिसने अपना अपराध कबूल किया।अभियोजन पक्ष की तरफ से केस की पैरवी देवेंद्र मित्तल, जिला न्यायवादी व् जगसीर सिंह बराड़, उप जिला न्यायवादी फतेहाबाद ने की। मामले की जानकारी देते हुए देवेंद्र मित्तल, जिला न्यायवादी ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने दोषी की कम उम्र और अन्य परिस्थितियों के बजाय अपराध की गंभीरता को प्राथमिकता दी।न्यायालय ने दोषी अभिजीत को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई। इसमें पॉस्को अधिनियम की धारा 4(2) के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना, बीएनएस की धारा-87 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना, धारा 137(2) के तहत 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 50,000 रुपये जुर्माना तथा पोस्को अधिनियम की धारा 12 के तहत 3 वर्ष का सश्रम कारावास और 20,000 रुपये जुर्माना शामिल है। जुर्माना न भरने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया है कि दोषी पर लगाए गए कुल 1,70,000 रुपये के जुर्माने में से 1,00,000 रुपये पीड़िता को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे। शेष 70,000 रुपये अदालती कार्यवाही की लागत के रूप में राज्य के खजाने में जमा होंगे। अभियोजन पक्ष का मानना है कि बच्चों की सुरक्षा के प्रति यह फैसला समाज में एक कड़ा संदेश स्थापित करेगा।
विपक्ष सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी में
23 Feb, 2026 03:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंडीगढ़ हरियाणा| विधानसभा के बजट सत्र का आज दूसरा दिन है। दोपहर 2 बजे से सदन की कार्यवाही की प्रश्नकाल से शुरुआत होगी। इसके बाद शून्यकाल और फिर राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष के अभिभाषण पर चर्चा होगी। प्रश्नकाल में विधायकों की तरफ से पूछे गए सवालों का जवाब भी दिया जाएगा। इस दौरान हंगामे के भी पूरे आसार है। इसके बाद 24 से 27 फरवरी तक सत्र की बैठकें सुबह 11 बजे से शुरू होंगी। 27 फरवरी को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी राज्यपाल के अभिभाषण पर अपनी बात रखेंगे।
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किए गए दो हवाई फायर
23 Feb, 2026 03:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पानीपत| की रिफाइनरी में ठेकेदार द्वारा 12 घंटे की ड्यूटी कराए जाने के खिलाफ मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। मजदूर आठ घंटे की कार्य अवधि की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान गेट पर भीड़ बढ़ने पर सीआईएसएफ के जवानों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दो राउंड हवाई फायर किए। इससे इलाके में थोड़ी देर के लिए अफरा-तफरी मच गई, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार कंपनी द्वारा अनुचित रूप से लंबी शिफ्ट लगाई जा रही है, जिससे उनकी सेहत और परिवार पर बुरा असर पड़ रहा है। वे बेहतर कार्य परिस्थितियों, उचित वेतन और 8 घंटे की ड्यूटी की मांग कर रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराने में जुटी। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत शुरू की है और जांच जारी है।
पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक में कई मासूमों की गई जान, अफगानिस्तान बोला- बदला लेंगे
23 Feb, 2026 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काबुल। अफगानिस्तान ने सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक की पुष्टि करते हुए कहा है कि इस हमले में दर्जनों नागरिकों मारे गए हैं। तालिबान के प्रवक्ता जुबिउल्लाह मुजाहित ने कहा है कि बीती रात नांगरहार और पाकटिका प्रांतों में पाकिस्तान ने अचानक हवाई हमला कर दिया। इसमें दर्जनों लोगों की जान चली गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना ने नांगरहार में एक रिहाइशी इमारत पर हमला किया जिसमें एक परिवार के करीब 23 लोग रहते थे। मलबे में परिवार दब गया है। अब तक इसमें से केवल चार लोगों को ही निकाला जा सका है। तालिबान ने बताया है कि पाकिस्तान ने बेरमाल और आरगुन जिलों में हवाई हमले किए हैं। इस्लामाबाद की तरफ से कहा गया था कि पाकिस्तान में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए सीमावर्ती इलाकों में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक जबीउल्लाह मुजाबित ने कहा कि पाकिस्तान ने नापाक हरकत करके मासूमों की जान ली है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने घुसपैठ की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के जनरल इसी तरह की हरकतें करके अपनी छवि सुधारने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र में दखल दिया है। ऐसे में अफगानिस्तान के पास भी जवाब देने का अधिकार है। सही समय आने पर हमला किया जाएगा। पाकिस्तान का कहना है कि खैबर-पख्तूनख्वा के बन्नू इलाके में शनिवार को एक आत्मघाती हमले में सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल और एक सैनिक की मौत हो गई थी और उसी का बदला लेने के लिए यह एयर स्ट्राइक की गई है। इसके बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि इस्लामाबाद की शिया मस्जिद पर हमला और शनिवार को बन्नू में हुई घटना समेत आतंकवाद की ये घटनाएं कथित तौर पर ख्वारिज ने अफगानिस्तान स्थित अपने आकाओं और संचालकों के इशारे पर की थीं।
मंत्रालय ने कहा कि इन हमलों की जिम्मेदारी फितना अल ख्वारिज (एफएके) से संबंधित अफगानिस्तान स्थित पाकिस्तानी तालिबान और उनके सहयोगियों तथा इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरसान प्रांत ने ली है। उसने कहा कि पाकिस्तान को यह भी उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय सकारात्मक एवं रचनात्मक भूमिका निभाते हुए तालिबान शासन से दोहा समझौते के तहत अपनी इन प्रतिबद्धताओं का पालन करने का आग्रह करेगा कि वह अन्य देशों के खिलाफ अपनी भूमि का उपयोग होने से रोके और यह कार्य क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने का प्रयास किया है, लेकिन हमारे नागरिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बर्फीला तूफान और भारी बर्फबारी को लेकर न्यूयॉर्क और बोस्टन अलर्ट पर, 1500 से ज्यादा उड़ानें रद्द
23 Feb, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी तट पर तीव्र शीतकालीन तूफान की चेतावनी से जनजीवन प्रभावित हो गया है। अमेरिकी मौसम विभाग के अनुसार सेंट्रल अटलांटिक और उत्तर-पूर्वी राज्यों में भारी बर्फबारी, तेज हवाओं और तटीय बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। हालात को देखते हुए न्यूयॉर्क और बोस्टन सहित कई बड़े शहरों में अलर्ट जारी किया गया है। खराब मौसम के चलते 1500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
अमेरिका की राष्ट्रीय मौसम सेवा के मौसम पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र में बना निम्न दबाव तंत्र (लो प्रेशर सिस्टम) दक्षिणी मध्य अटलांटिक तट की ओर बढ़ रहा है और तेजी से गहराते हुए उत्तर-पूर्व की ओर आगे बढ़ेगा। इस प्रणाली के कारण सोमवार तक व्यापक और गंभीर प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
एक से दो फीट तक बर्फबारी की आशंका
पूर्वानुमान के अनुसार कुछ इलाकों में बर्फबारी की दर एक इंच प्रति घंटे से अधिक हो सकती है। कुल बर्फबारी एक से दो फीट तक पहुंचने की संभावना है, जिससे सड़क और हवाई यात्रा लगभग ठप हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारी और गीली बर्फ के साथ तेज हवाओं का संयोजन बिजली आपूर्ति बाधित कर सकता है और कई क्षेत्रों में पावर कट की स्थिति बन सकती है।
112 किमी प्रति घंटा तक चलेंगी हवाएं
डेलावेयर से दक्षिण-पूर्वी न्यू इंग्लैंड तक तटीय क्षेत्रों में 64 से 113 किलोमीटर प्रति घंटे (लगभग 112 किमी प्रति घंटा) की रफ्तार से हवा के झोंके चलने की आशंका है। तेज हवाओं के कारण दृश्यता में भारी कमी आएगी और यात्रा बेहद खतरनाक हो सकती है। तटीय न्यू जर्सी से लेकर केप कॉड तक मध्यम स्तर की बाढ़ और सड़कों के जलमग्न होने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने कहा है कि रविवार रात के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं, जब बर्फबारी की तीव्रता चरम पर होगी।
अधिकारियों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, आपातकालीन किट तैयार रखने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी में अटलांटिक तट पर ऐसे शक्तिशाली शीतकालीन तूफान सामान्य हैं, जब ठंडी महाद्वीपीय हवाएं अपेक्षाकृत गर्म अटलांटिक महासागर के संपर्क में आती हैं और तेजी से तीव्र मौसम प्रणाली का निर्माण करती हैं।
अगर इजराइल चाहे तो वह पूरे मिडिल ईस्ट पर कर सकता है कब्जा
23 Feb, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दोहा। अमेरिकी राजदूत के एक बयान पर मिडिल ईस्ट में नया विवाद खड़ा हो गया है। इजराइल में अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी ने मिडिल ईस्ट के देशों को लेकर कहा कि अगर इजराइल चाहे तो वह सब कब्जा कर सकता है। इस टिप्पणी के बाद 14 अरब और इस्लामिक देशों ने संयुक्त बयान जारी कर इसकी कड़ी निंदा की है। यह बयान एक इंटरव्यू के दौरान आया। जिसमें राजदूत से पूछा कि क्या आधुनिक इजराइल का दावा उस भूभाग पर हो सकता है, जो इराक की यूफ्रेटीस नदी से लेकर मिस्र की नील नदी तक फैला है। इस पर हकाबी ने जवाब दिया, अगर वे सब ले लें तो भी ठीक होगा यानी अगर इजराइल इलाके पर भी कब्जा कर ले तो वो सही होगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार रात दोहा से जारी संयुक्त बयान में कतर, मिस्र, जॉर्डन, यूएई, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, तुर्किये, सऊदी अरब, कुवैत, ओमान, बहरीन, लेबनान, सीरिया और फिलिस्तीन के विदेश मंत्रालयों ने इन टिप्पणियों को खतरनाक और भड़काऊ बताया। साथ ही गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल, अरब लीग और ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन के सचिवालयों ने भी इस पर आपत्ति जताई। संयुक्त बयान में कहा गया है कि इस तरह की बातें यह संकेत देती हैं कि इजराइल को अरब देशों की जमीन पर कब्जे का अधिकार मिल सकता है, जिसमें कब्जे वाला वेस्ट बैंक भी शामिल है। हस्ताक्षर करने वाले देशों ने साफ कहा कि कब्जे वाले फिलिस्तीनी क्षेत्रों या किसी अन्य अरब भूमि पर इजराइल की कोई संप्रभुता नहीं है।
रिपोर्ट के मुताबिक बयान में यह भी कहा गया कि ऐसी टिप्पणियां अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का स्पष्ट उल्लंघन हैं और क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। इंटरव्यू में जिस क्षेत्र का जिक्र किया गया, उसमें आज का लेबनान, सीरिया, जॉर्डन और सऊदी अरब के हिस्से शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक जब विवाद बढ़ा तो अमेरिकी राजदूत हकाबी ने अपने बयान को कुछ हद तक अतिशयोक्ति बताया और कहा कि इजराइल अपनी मौजूदा सीमाओं का विस्तार नहीं कर रहा, बल्कि उसे अपनी वर्तमान जमीन के अंदर सुरक्षा का अधिकार है। हालांकि, उनके बयान की चौतरफा आलोचना हुई और सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस बयान को इजराइल के ग्रेटर इजराइल प्लान से भी जोड़ा। इसके बावजूद अरब और इस्लामिक देशों ने ऐसे उकसाने वाले बयानों को तुरंत रोकने की मांग की और चेतावनी दी कि दूसरों की जमीन पर नियंत्रण को वैध ठहराने वाली बातें शांति नहीं, बल्कि तनाव और हिंसा को बढ़ावा देती हैं।
यात्री बस के नदी में गिरने से 18 लोगों की मौत, कई घायल; विदेशी पर्यटक भी थे सवार
23 Feb, 2026 09:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
काठमांडू. नेपाल (Nepal) के धादिंग जिले में सोमवार तड़के एक भीषण हादसा (terrible accident) हुआ। पोखरा से काठमांडू (Kathmandu) जा रही एक यात्री बस (bus) त्रिशूली नदी (Trishuli River) में जा गिरी। इस हादसे में कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना भारतीय समयनुसार रात करीब एक बजे चिनाधारा क्षेत्र के पास हुई। बस में करीब 40 से 45 से अधिक यात्री सवार थे। इनमें कुछ विदेशी पर्यटक भी सवार थे।
बताया जा रहा है कि मृतकों की संख्या 18 है। इनमें छह महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं। हादसे में 25 से 27 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में आठ महिलाएं, 18 पुरुष और एक नाबालिग लड़की शामिल है।
कैसे हुआ हादसा?
बस पृथ्वी राजमार्ग पर चल रही थी। बताया जा रहा है कि बेनीघाट रोरांग ग्रामीण नगरपालिका-5 के भैसेपाटी इलाके के पास बस अचानक अनियंत्रित हो गई। वाहन सड़क से फिसलकर करीब 300 मीटर नीचे ढलान से होते हुए नदी किनारे जा गिरा। बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में मिली।
पुलिस ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक आशंका है कि चालक ने नियंत्रण खो दिया या सड़क की स्थिति खराब थी। बस में क्षमता से अधिक यात्री होने की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी है।
रात में राहत कार्य की चुनौती
हादसा रात के समय हुआ, जिससे बचाव अभियान में दिक्कत आई। नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल, नेपाल पुलिस और स्थानीय लोग मिलकर राहत कार्य में जुटे। हाईवे रेस्क्यू मैनेजमेंट समिति के अध्यक्ष राजकुमार ठाकुरी ने बताया कि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अंधेरा और नदी का बहाव बचाव कार्य के लिए बड़ी चुनौती बना रहा।
टैरिफ को रद्द करने के फैसले से बौखलाए ट्रंप, दुनिया पर फोड़ा टैरिफ बम
23 Feb, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वाशिंगटन,। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट से मिली हार के बाद एक बार फिर से टैरिफ बम फोड़ दिया है। यूएस सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा दुनिया के तमाम देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी बताकर इसे रद्द करने का फैसला सुनाया था, तो इसके तुरंत बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सभी देशों पर 10 फीसदी का ग्लोबल टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया। इसके महज 24 घंटे के अंदर ही उन्होंने फिर से टैरिफ बम फोड़ा और इसे बढ़ाकर 15फीसदी कर दिया है। अमेरिका के इस कदम को लेकर सुप्रीम कोर्ट में ट्रंप को झटका देने वाले भारतीय-अमेरिकी वकील नील कत्याल ने सवाल उठाए हैं।
बता दें ट्रंप ने ग्लोबल टैरिफ को बढ़ा दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए ऐलान किया कि यूएस तत्काल प्रभाव से दुनिया भर के देशों पर लागू 10 फीसदी टैरिफ को बढ़ाते हुए 15फीसदी करने जा रहा है। इस टैरिफ हाइक के साथ ही उन्होंने फिर से पुराना दावा दोहराते हुए कहा है कि तमाम देश दशकों से अमेरिका का फायदा उठाते आ रहे हैं और टैरिफ से जुड़ा ये फैसला उसी का जवाब है। उन्होंने ये भी कहा कि टैरिफ हाइक पूरी तरह से कानून के दायरे में है और इसकी जांच-परख भी की जा चुकी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में नील कत्याल ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के लिए धारा 122 पर भरोसा करते हुए इसका सहारा लेना मुश्किल नजर आता है, क्योंकि इसी मामले में अमेरिकी न्याय विभाग ने सुप्रीम कोर्ट को इसके विपरीत बताया था। उन्होंने कहा कि धारा 122 का यहां कोई स्पष्ट अनुप्रयोग नहीं है, क्योंकि ट्रंप ने जिस आपातकालीन स्थिति का हवाला दिया था, वह व्यापार घाटे से जुड़ी है, कत्याल ने आगे कहा कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बड़े स्तर पर दुनिया के देशों के ऊपर टैरिफ लगाना ही चाहते हैं, तो उन्हें इसके लिए अमेरिकी तरीका अपनाना चाहिए और कांग्रेस के पास जाना चाहिए।
बता दें कत्याल वह भारतीय-अमेरिकी वकील हैं, जिनकी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में दलीलों ने ट्रंप टैरिफ को चारों खाने चित कर दिया था। उन्होंने कोर्ट में कहा था कि अमेरिकी संसद कांग्रेस के पास व्यापार को विनियमित करने की शक्ति है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इस शक्ति को मनमाने ढंग से इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं।
बांग्लादेश ने भारतीयों के लिए टूरिस्ट वीजा सेवा बहाल की, आज से सभी डिप्लोमैटिक मिशन में फिर शुरू होगी प्रक्रिया
23 Feb, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ढाका। बांग्लादेश ने भारत के साथ रिश्तों में सुधार की दिशा में अहम कदम उठाते हुए भारतीय नागरिकों के लिए टूरिस्ट वीजा सेवा फिर से शुरू करने की घोषणा की है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि भारत में स्थित बांग्लादेशी डिप्लोमैटिक मिशन सोमवार से पर्यटक वीजा जारी करना फिर से शुरू कर देंगे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुरक्षा कारणों के चलते बांग्लादेश सरकार ने पहले टूरिस्ट वीजा सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी थीं। हालांकि हालिया चुनावों के बाद हालात सामान्य होने पर अब इस सेवा को पूर्ण रूप से बहाल किया जा रहा है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि टूरिस्ट वीजा औपचारिक रूप से पूरी तरह बंद नहीं किए गए थे, बल्कि केवल सीमित और अर्जेंट मामलों में जारी किए जा रहे थे।
इन शहरों में फिर शुरू होगी सेवा
भारत में स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन नई दिल्ली के अलावा गुवाहाटी, अगरतला, मुंबई और कोलकाता में मौजूद मिशनों में भी सोमवार से टूरिस्ट वीजा की प्रक्रिया सामान्य रूप से शुरू हो जाएगी। अधिकारी के अनुसार, अन्य श्रेणियों के वीजा पहले से जारी किए जा रहे थे, लेकिन पर्यटक वीजा बड़े पैमाने पर अब फिर से बहाल किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने कहा कि स्थिति की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है और अब सभी प्रकार की वीजा सेवाएं नियमित रूप से उपलब्ध रहेंगी।
बताया गया कि 12 फरवरी को बांग्लादेश में हुए चुनावों के मद्देनजर 15 जनवरी से 15 फरवरी तक टूरिस्ट वीजा सेवाएं निलंबित करने का निर्देश दिया गया था। उस अवधि में अर्जेंट मामलों में ही वीजा जारी किए जा रहे थे। सुरक्षा कारणों से भूटान और नेपाल के लिए भी सेवाएं अस्थायी रूप से रोकी गई थीं।
रिश्तों में सुधार का संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत और बांग्लादेश के बीच सामान्य कूटनीतिक और जन-से-जन संपर्क को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक संकेत है। पर्यटन, व्यापार और पारिवारिक यात्राओं पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
बैकाल झील की बर्फ में फंसी चीनी पर्यटकों की बस, 8 की मौत
22 Feb, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजिंग। चीनी पर्यटकों को ले जा रही एक बस रूस की बैकाल झील की बर्फ में धंस गई, जिससे आठ लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट में अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इरकुत्स्क क्षेत्र के गवर्नर ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में लिखा कि शुक्रवार को हुई इस घटना में जमी हुई झील को पार कर रही बस से एक चीनी पर्यटक बचने में कामयाब रहा। उन्होंने बताया कि मृतकों में सात चीनी पर्यटक और बस का चालक शामिल हैं। रूस के आपातकालीन मंत्रालय ने बताया कि बचाव दल ने अभियान शुरू करने से पहले पानी के अंदर के कैमरों का इस्तेमाल किया।
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