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ईरान में अब नहीं टहला सकेंगे कुत्ते, प्रशासन ने लगाया प्रतिबंध
9 Jun, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ईरान ने सामाजिक व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 20 से ज्यादा शहरों में कुत्तों के घुमाने पर बैन लगा दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिन शहरों में प्रतिबंध लगाया गया है उनमें करमानशाह, इलम, हमादान, करमान, बोरूजेर्ड, रोबत करीम, लवसनात और गोलेस्तान शामिल हैं।
इसी तरह के बैन सबसे पहले 2019 में राजधानी तेहरान में लगाए गए थे, जिससे नागरिकों के बीच और आलोचना हुई थी। ईरानी अधिकारियों ने दावा किया है कि कुत्तों को टहलाना लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है। उनका यह भी तर्क है कि कुत्तों को टहलाना सुरक्षा संबंधी मुद्दों को जन्म दे सकता है।
कुत्तों के मालिक पर हो रही कार्रवाई
हालांकि उन्होंने इस कदम को लेकर कोई विशेष जानकारी नहीं दी है। रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारी प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले कुत्तों के मालिकों पर कार्रवाई कर रहे हैं, जिसके कारण गिरफ्तारी और प्रतिरोध हो रहा है। सुधारवादी अखबार एतेमाद ने रविवार को इलाम शहर के एक अधिकारी के हवाले से कहा कि उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस खबर में कोई अन्य अपडेट नहीं था। ईरान के सरकारी अखबार ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना, सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करना है
ईरान में कुत्तों को टहलाना प्रतिबंधित क्यों है?
स्थानीय निर्देशों और पुलिस के आदेशों के जरिए प्रतिबंध लगाया गया है क्योंकि कोई राष्ट्रीय कानून पारित नहीं हुआ है। हालांकि, ईरान के दंड संहिता और संविधान में कुछ ऐसे अनुच्छेद हैं जो अधिकारियों को ऐसे प्रतिबंध लगाने में सक्षम बनाते हैं, जो सार्वजनिक नैतिकता पर अनुच्छेद 638, सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए खतरों पर अनुच्छेद 688 और संविधान का अनुच्छेद 40 है, जो दूसरों को नुकसान पहुंचाने पर रोक लगाता है।
12 देशों के नागरिकों पर अमेरिका की यात्रा पर पाबंदी, ट्रंप का आदेश
9 Jun, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में इमिग्रेशन एनफोर्समेंट पर बढ़ रहे तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा प्रतिबंध नीति आज से प्रभावी हो रही है. राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते बुधवार को एक आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए, 12 देशों के लोगों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगा दी थी. उन्होंने अपने पहले कार्यकाल की एक खास नीति को पुनर्जीवित करने और उसका विस्तार करने में राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया है, जिसका प्रभाव मुख्य रूप से अफ्रीका और मिडिल ईस्ट के लोगों पर पड़ेगा.
बुधवार को घोषित प्रतिबंध अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो गणराज्य, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन के नागरिकों पर लागू होता है. बढ़ा हुआ प्रतिबंध बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला के लोगों पर लागू होता है, जो अमेरिका से बाहर हैं और उनके पास वैध वीजा नहीं है.
न्यायाधीशों के साथ टकराव
यह नीति आज से प्रभावी होगी और इसके खत्म होने की कोई तारीख तय नहीं है. नए नियमों के बारे में जानने योग्य बातें यहां दी गई हैं. व्हाइट हाउस में लौटने के बाद से, ट्रंप ने इमिग्रेशन एनफोर्समेंट का एक अभूतपूर्व अभियान शुरू किया है, जिसने कार्यकारी शक्ति की सीमाओं को पार कर लिया है और संघीय न्यायाधीशों के साथ टकराव हुआ है जो उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे हैं.
सात मुस्लिम देशों पर प्रतिबंध
अपने पहले कार्यकाल के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2017 में भी एक आदेश जारी किया था, जिसमें सात मुस्लिम देशों के नागरिकों पर अमेरिका की यात्रा करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था. इन देशों में इराक, सीरिया, ईरान, सूडान, लीबिया, सोमालिया और यमन शामिल थे. 2017 में ट्रंप के इस आदेश के बाद इन मुस्लिम देशों के लोग परेशान हुए थे. कुछ यात्रियों को या तो अमेरिका आने वाली उड़ानों पर चढ़ने से रोक दिया गया था या फिर उन्हें उतरने के बाद अमेरिकी एयरपोर्ट पर हिरासत में ले लिया गया था.
ट्रंप के इस आदेश को मुस्लिम प्रतिबंध भी कहा गया था. बहुत से लोगों ने इसका विरोध किया और कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन 2018 में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने इसका एक संशोधित रूप मंजूर कर लिया.
ट्रंप के प्रतिबंध से कौन हुआ प्रभावित?
उस दौरान ट्रंप के प्रतिबंध से ईरान, सोमालिया, यमन, सीरिया और लीबिया के विभिन्न श्रेणियों के यात्री और अप्रवासी प्रभावित हुए थे. इसके अलावा, उत्तर कोरिया और कुछ वेनेजुएला के सरकारी अधिकारियों और उनके परिवारों पर भी इस प्रतिबंध का असर हुआ था.
नए प्रतिबंध में भी कई मुस्लिम देश
अब नए प्रतिबंध में भी कई मुस्लिम देश शामिल हैं. ट्रंप ने इस प्रतिबंध का हमेशा यह तर्क देकर बचाव किया कि इसका उद्देश्य देश की रक्षा करना था. यह मुस्लिम विरोधी पूर्वाग्रह पर आधारित नहीं था. हालांकि, ट्रंप ने व्हाइट हाउस के लिए अपने पहले अभियान के दौरान मुसलमानों पर खुले तौर पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया था.
अमेरिका में हालात बिगड़े, राष्ट्रपति ट्रंप ने की नेशनल गार्ड की तैनाती
9 Jun, 2025 11:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में इस समय लॉस एंजिलिस से लेकर कई राज्यों में हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है. गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया है. नारेबाजी की जा रही है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लॉस एंजिलिस में नेशनल गार्ड फोर्स को तैनात कर दिया है. फोर्स के तैनात होने के बाद आंदोलनकारी और भी ज्यादा गुस्से में आ गए हैं और फोर्स के खिलाफ नारेबाजी की जा रही है.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इमिग्रेशन को लेकर सख्त कदम उठा रहे हैं. देश में बिना दस्तावेजों के रहने वालों पर एक्शन लिया जा रहा है. इसी के चलते फेडरल इमिग्रेशन को लेकर लॉस एंजिलिस में रेड हुई. इस रेड में 44 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसी गिरफ्तारी और रेड को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा है. इमीग्रेशन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) ने लॉस एंजिल्स के तीन स्थानों पर छापेमारी की थी. इन छापों में दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया, जिसमें एक प्रमुख यूनियन नेता डेविड ह्यूएर्टा भी शामिल थे.
ट्रंप ने तैनात किए नेशनल गार्ड
पिछले दिनों से हो रहे आंदोलन के हिंसक रूप लेने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने लॉस एंजिलिस में नेशनल गार्ड तैनात कर दिए. अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर में इमिग्रेशन छापों के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद ट्रंप का कहना है कि उन्होंने “बहुत मजबूत कानून व्यवस्था” बनाए रखने के लिए लॉस एंजिल्स में 2,000 नेशनल गार्ड सैनिकों को तैनात किया. हालांकि, नेशनल गार्ड को बुलाने के उनके फैसले ने कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसोम के अधिकार को खारिज कर दिया, जिन्होंने इस कदम को “जानबूझकर भड़काऊ” कहा. राज्य के मामलों में आमतौर पर नेशनल गार्ड को तैनात करने का अधिकार गवर्नर को होता है.
क्या होते हैं नेशनल गार्ड?
इस समय जो शब्द सबसे ज्यादा सुनाई दे रहा है वो है नेशनल गार्ड, जो हथियार लेकर लॉस एनिजिलस में तैनात हो गए हैं. नेशनल गार्ड अमेरिकी सशस्त्र बल रिजर्व का हिस्सा है. इसमें दो ब्रांच होती हैं: आर्मी नेशनल गार्ड और एयर नेशनल गार्ड. इसका गठन साल 1903 में मिलिशिया एक्ट की ओर से किया गया था.
कब-कब किया जाता है तैनात?
नेशनल गार्ड को आपदा राहत पहुंचाने के लिए तैनात किया जाता है. यह इमरजेंसी, बाढ़, भूकंप जैसे हालात में तैनात किए जाते हैं. हाल ही में, इसे जनवरी 2025 में कैलिफ़ोर्निया में विनाशकारी जंगल की आग के दौरान बुलाया गया था और साल 2005 में तूफान कैटरीना के बाद भी तैनात किया गया था.
इसी के साथ आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी नेशनल गार्ड को तैनात किया जाता है. 6 जनवरी, 2021 को कैपिटल पर हमले के दौरान, राष्ट्रपति जो बाइडेन के उद्घाटन के आसपास सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, 25,000 से अधिक नेशनल गार्ड सैनिकों को वाशिंगटन डीसी में तैनात किया गया था.
साल 2020 में जॉर्ज फ्लॉयड के विरोध प्रदर्शन के दौरान, स्थानीय पुलिस बलों का समर्थन करने के लिए कई राज्यों में हजारों नेशनल गार्ड सैनिकों को जुटाया गया था. इसी के साथ नेशनल गार्ड विदेशों में सैन्य अभियानों का भी समर्थन कर सकते हैं.
क्या राष्ट्रपति कर सकते हैं तैनात?
लॉस एंजिलिस में बढ़ती अशांति को शांत करने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने शायद ही कभी इस्तेमाल किए जाने वाले संघीय कानून के तहत एक निर्देश जारी किया. इस निर्देश के तहत राष्ट्रपति कुछ परिस्थितियों में नेशनल गार्ड सैनिकों को तैनात करने की इजाजत देता है. नेशनल गार्ड एक मिक्स इकाई के रूप में कार्य करता है जो राज्य और संघीय दोनों हितों की सेवा करता है. आमतौर पर, किसी राज्य में नेशनल गार्ड को तैनात गवर्नर करते हैं.
आमतौर पर राष्ट्रपति तीन हालातों में नेशनल गार्ड को तैनात कर सकते हैं.
1- अमेरिका पर किसी विदेशी राष्ट्र की ओर से आक्रमण किया गया हो या आक्रमण का खतरा हो
2- सरकार के खिलाफ “विद्रोह हो या विद्रोह का खतरा हो
3- राष्ट्रपति नियमित बलों के साथ अमेरिका के कानूनों को निष्पादित करने में असमर्थ हों.
ट्रंप ने नेशनल गार्ड को तैनात करने का तर्क अपने ज्ञापन में दिया. उन्होंने कहा, लॉस एंजिल्स में विरोध प्रदर्शन अमेरिका की सरकार के अधिकार के खिलाफ विद्रोह का एक रूप है. इसी के चलते उन्होंने गार्ड्स को तैनात किया.
क्या है रोल?
लॉस एंजिल्स में इमिग्रेशन को लेकर की गई रेड के बाद लोग अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) के खिलाफ हो गए हैं. इसी के चलते गार्ड्स का रोल हालात को काबू करना है. साथ ही अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) और होमलैंड सुरक्षा सहित संघीय एजेंटों की रक्षा करने की है. इस दौरान यह सैनिक इमिग्रेशन छापे नहीं करेंगे. साथ ही नागरिकों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लेंगे.
पहले भी प्रोटेस्ट में तैनात किए गए गार्ड
विशेषज्ञों के मुताबिक, साल 1965 के बाद यह पहली बार है कि नेशनल गार्ड को राज्य के गवर्नर के अनुरोध के बिना तैनात किया गया है. साल 2020 में, जॉर्ज फ्लॉयड की हत्या पर विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर कुछ राज्यों में नेशनल गार्ड के सैनिकों को तैनात किया गया था.
क्यों हुआ आंदोलन?
अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप अवैध रूप से रहने वाले लोगों और इमिग्रेशन को लेकर सख्त हो गए हैं. इसी के चलते उन्होंने बिना दस्तावेजों के रहने वालो पर सख्त एक्शन लेने के लिए कहा है. इसी के चलते अवैध आप्रवासन पर ट्रंप की कार्रवाई के तहत ICE अधिकारियों ने शुक्रवार को एलए के कई हिस्सों में छापे मारे.
आईसीई की एक शाखा, होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन के एक प्रवक्ता ने कहा, 44 लोगों को गिरफ्तार किया गया.
ट्रंप का एलन मस्क पर हमला, बोले – 'उनकी हरकतों से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता'
9 Jun, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
न्यूयार्क। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उनकी अमेरिकी अरबपति और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के साथ संबंध सुधारने की कोई इच्छा नहीं है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मस्क उन उम्मीदवारों को वित्तपोषित करते हैं जो उन रिपब्लिकनों के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं जिन्होंने राष्ट्रपति के घरेलू नीति बिल के पक्ष में मतदान किया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दोनों के बीच जबरदस्त तलवारें खीची थीं। दोनों ने एक-दूसरे पर वार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। एक कार्यक्रम में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनके पास मस्क से बात करने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा- ''मैंने कभी भी मस्क के साथ अपने संबंधों को लेकर कोई चिंता नहीं की। मुझे उनकी गतिविधियों से कोई फर्क नहीं पड़ता।''
मस्क ने कुछ पोस्ट किए डिलीट
वैसे पर्दे के पीछे, दोनों के करीबी लोग सुलह कराने की कोशिश कर रहे हैं। मस्क ने ट्रंप के खिलाफ किए कुछ कड़े पोस्ट इंटरनेट मीडिया से हटा दिए हैं जबकि ट्रंप ने भी मस्क की और आलोचना करने में संयम बरता है। ट्रंप के सलाहकार मानते हैं कि यदि दोनों में समझौता हो भी जाता है तो यह रिश्ता पहले जैसा नहीं होगा।
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की जल युद्ध की धमकी, कहा– भारत को पानी के मोर्चे पर हराएंगे
8 Jun, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पाकिस्तान ने भारत के हाथों न जाने कितनी बार मुंह की खाई है लेकिन अपनी करतूत और गीदड़भभकी से कभी बाज नहीं आता है। वहीं, एक बार फिर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बयान दिया है कि जिसमें कहा गया है कि इस्लामाबाद जल युद्ध में भारत को हराएगा, उनका इशारा सिंधु जल संधि को लेकर था।
भारत चिनाब का पानी जानबूझकर कंट्रोल कर रहा है- ख्वाजा आसिफ
उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि भारत चिनाब का पानी जानबूझकर कंट्रोल कर रहा है। नदी में पानी का प्रवाह जितना होना चाहिए, उससे काफी कम है। उन्होंने कहा कि भारत पारंपरिक युद्ध में पराजित हुआ था, और अब हम उसे जल युद्ध में भी हराएंगे।
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान चिनाब नदी में पानी के कम प्रवाह और हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले और भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों पक्षों के बीच आधिकारिक बातचीत पूरी से बंद है।
इस्लामाबाद ने भारत को भेजे हैं कई पत्र
उन्होंने भारत के साथ किसी भी तरह की बैक-चैनल बातचीत से भी इनकार किया, जिससे पहले से ही तनावपूर्ण स्थिति में अनिश्चितता की एक और परत जुड़ गई। इस बीच, इस्लामाबाद ने नई दिल्ली को कई औपचारिक पत्र भेजकर इस निर्णय की समीक्षा करने को कहा है।
जल संसाधन सचिव ने चार भेजा पत्र
रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तजा ने भारत के जल शक्ति मंत्रालय को चार बार पत्र लिखा - जिनमें से तीन ऑपरेशन सिंदूर के बाद लिखे गए - जिसमें संधि निलंबन पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया।
भारत ने जारी किया बयान
हालांकि, भारत ने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। 24 अप्रैल को, उसने औपचारिक रूप से पाकिस्तान को सिंधु जल संधि को स्थगित रखने के अपने फैसले की जानकारी दी। भारत की जल संसाधन सचिव देबाश्री मुखर्जी ने लिखा कि सद्भावना के साथ संधि का सम्मान करना संधि का मूल आधार है। हालांकि, हमने इसके बजाय पाकिस्तान द्वारा भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर को निशाना बनाकर सीमा पार आतंकवाद को जारी रखा है।
पाकिस्तान की ओर से बार-बार संपर्क करने के बावजूद भारत अपनी बात पर अड़ा हुआ है। 29 अप्रैल को एक अधिकारी ने दोहराया कि जब तक पाकिस्तान “विश्वसनीय रूप से और अपरिवर्तनीय रूप से सीमा पार आतंकवाद का त्याग नहीं करता” तब तक कोई चर्चा नहीं होगी।
प्रदर्शन के बीच ट्रंप का सख्त कदम, नेशनल गार्ड की तैनाती से बढ़ा तनाव
8 Jun, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल शनिवार को एक और सख्त फैसला लिया जिस पर विवाद शुरू हो गया है. राष्ट्रपति ट्रंप ने लॉस एंजिलिस में विरोध प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के लिए कैलिफोर्निया नेशनल गार्ड के 2 हजाव जवानों को तैनात करने का आदेश दिया है हालांकि इस फैसले पर स्थानीय गवर्नर ने कड़ी आपत्ति जताई है.
व्हाइट हाउस ने शनिवार को अपने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप कैलिफोर्निया में “अराजकता को दूर करने के लिए नेशनल गार्ड को तैनात कर रहे हैं, जिसे वहां पर जानबूझकर पनपने दिया गया.” वहां पर कल प्रवासियों के खिलाफ सख्ती के बाद दूसरे दिन बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को भगाने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया.
ट्रंप का यह कदम भड़काऊः गवर्नर
कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम, जो डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े हैं, ने इस गार्ड की तैनाती पर आपत्ति जताई और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने एक पोस्ट में कहा कि रिपब्लिकन राष्ट्रपति का यह कदम “जानबूझकर भड़काऊ है और इससे सिर्फ तनाव ही बढ़ेगा.”
गवर्नर न्यूसम ने अपने बयान में कहा, “संघीय सरकार कैलिफोर्निया नेशनल गार्ड को “अपने नियंत्रण में लेने” की ओर बढ़ रही है. सरकार की यह कोशिश “जानबूझकर भड़काऊ” है और चेतावनी दी कि इससे “केवल तनाव बढ़ेगा.” उन्होंने आगे कहा, “संघीय सरकार कैलिफोर्निया नेशनल गार्ड को अपने नियंत्रण में ले रही है और लॉस एंजिल्स में 2,000 सैनिकों को तैनात कर रही है, इसलिए नहीं कि वहां कानून व्यवस्था खराब है, बल्कि इसलिए कि वे एक तमाशा चाहते हैं.”
हिंसा जारी रही तो सेना की होगी तैनातीः रक्षा सचिव
इस बीच रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने X पर अपने एक पोस्ट में अमेरिकी सेना को तैनात करने की धमकी दी. उन्होंने कहा, “यदि हिंसा जारी रहती है, तो कैंप पेंडलटन में एक्टिव ड्यूटी मरीन को भी बुलाया जाएगा – वे हाई अलर्ट पर हैं.”
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कैलिफोर्निया के नेशनल गार्ड के एक हिस्से को टाइटल 10 अथॉरिटी के नाम से फेडरलाइज्ड बनाया है, जो गवर्नर को नहीं, बल्कि उन्हें कमांड की श्रृंखला में सबसे ऊपर रखता है.
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान आव्रजन अधिकारी जो काम कर रहे थे, वह “संयुक्त राज्य अमेरिका में अवैध अपराधियों के हमले को रोकने और उलटने के लिए जरूरी है. इस हिंसा के मद्देनजर, कैलिफोर्निया के बेकार डेमोक्रेट नेताओं ने अपने नागरिकों की रक्षा करने की अपनी जिम्मेदारी को पूरी तरह से दूर कर दिया है.”
‘यह गलत कदम, भरोसा होगा खत्म’
राष्ट्रपति का यह कदम उनके सोशल मीडिया नेटवर्क पर एक धमकी जारी करने के तुरंत बाद आया, जिसमें कहा गया था कि अगर न्यूजॉम और लॉस एंजिल्स की मेयर करेन बास “अपना काम नहीं करते हैं,” तो “संघीय सरकार मामले में हस्तक्षेप करेगी और समस्या, दंगों और लुटेरों को हल करेगी, इसे किसी भी तरह से हल किया जाना चाहिए!” ट्रंप ने न्यू जर्सी में UFC फाइट में हिस्सा लेने से कुछ समय पहले आदेश पर हस्ताक्षर किए, जहां वे बॉक्सर माइक टायसन के साथ रिंगसाइड पर बैठे थे.
सोशल मीडिया पर अपने बयान में न्यूसम ने कहा कि स्थानीय अधिकारी “किसी भी समय कानून व्यवस्था को बनाए रखने में सक्षम हैं,” और “वर्तमान में कोई भी ऐसी जरूरत नहीं है जिसकी पूर्ति न की गई हो.” उन्होंने कहा, “यह गलत मिशन है और इससे जनता का भरोसा खत्म हो जाएगा.”
पैरामाउंट शहर में एक औद्योगिक पार्क (IT park) के बाहर दंगारोधी गियर और गैस मास्क पहने बॉर्डर पैट्रोल कर्मियों ने पहरा दिया, और जब राहगीर और प्रदर्शनकारी बीच में और सड़क पर जमा हो गए, तो उन्होंने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. कुछ लोगों ने स्मार्टफोन पर घटनाओं को रिकॉर्ड करते हुए अधिकारियों का मजाक उड़ाया.
ट्रंप से तनातनी के बाद मस्क को उठाना पड़ा भारी नुकसान, एक दिन में सर्वाधिक घाटा झेलने वाली कंपनियों में शामिल हुई टेस्ला
8 Jun, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन । एक वक्त ट्रंप के सबसे बड़े समर्थक रहे एलन मस्क, अब उनके सबसे बड़े आलोचकों में से एक हो गए हैं। मस्क सार्वजनिक तौर पर ट्रंप की आलोचना कर रहे हैं और ट्रंप ने भी सार्वजनिक तौर पर पलटवार किया है। ट्रंप ने टेस्ला और स्पेसएक्स को मिलने वाले सरकारी ठेकों को बंद करने की धमकी दी है। जिससे मस्क को भारी नुकसान की आशंका है। साथ ही ट्रंप से भिडऩे के बाद मस्क की कंपनी टेस्ला के शेयरों में भारी गिरावट हुई है। मार्केट कैप में 13 लाख करोड़ रुपये गंवाकर एलन मस्क की कंपनी टेस्ला अमेरिकी बाजार में एक दिन में सबसे ज्यादा नुकसान वाली टॉप पांच कंपनियों में शामिल हो गई है।
राष्ट्रपति ट्रंप और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के बीच बढ़ते विवाद के बाद गुरुवार को टेस्ला के मार्केट कैप में करीब 152.4 बिलियन डॉलर (12,92,000 करोड़ रुपये) की गिरावट आई। डॉव जोन्स के मार्केट डेटा के अनुसार रिकॉर्ड पर यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। टेस्ला ने पिछले पांच सत्रों में बाजार मूल्य में लगभग 237.2 अरब डॉलर गंवा दिए हैं। 2 जनवरी के बाद से कंपनी के शेयरों में यह पांच दिनों की सबसे खराब गिरावट है। गुरुवार के सत्र के दौरान 276 मिलियन से अधिक टेस्ला शेयरों की खरीदारी-बिकवाली हुई जो जनवरी 2023 के बाद से सबसे अधिक है।
टेस्ला के बाजार पूंजीकरण में 29 प्रतिशत की कमी आई है और इस साल लार्ज कैप शेयरों में सबसे खराब प्रदर्शन टेस्ला का ही रहा। साल 2025 की शुरुआत में टेस्ला पूरी दुनिया में आठवीं सबसे बड़ी कंपनी थी, वो अब 10वें स्थान पर आ गई है। ट्रंप प्रशासन में सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख के तौर पर मस्क ने बड़ी संख्या में संघीय सरकार के खर्चों में कटौती की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी से निकाला गया। इसका विरोध भी मस्क को झेलना पड़ा और अमेरिका में लोगों ने टेस्ला और टेस्ला के शोरूम में तोडफ़ोड़ की। इससे भी टेस्ला को काफी नुकसान उठाना पड़ा। कंपनी ने 2025 में अपने बाजार मूल्य का करीब 29 फीसदी से अधिक गंवा दिया है। भारतीय रुपयों में इसकी गणना करें तो यह राशि करीब 32 लाख करोड़ रुपये (380 अरब डॉलर) के आसपास होगी।
एक दिन में 14 प्रतिशत गिरे टेस्ला के शेयर
ट्रंप के साथ तनातनी के बाद 6 जून को टेस्ला के शेयरों में 14 प्रतिशत की गिरावट आई। जिससे कंपनी को एक दिन में 150 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। यह एक दिन में किसी भी कंपनी को हुए सबसे बड़े नुकसान में से एक है। अभी भी मस्क की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं क्योंकि ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में मस्क की कंपनियों टेस्ला और स्पेसएक्स के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की धमकी दी है।
ट्रंप और मस्क के बीच तनातनी की वजह ट्रंप प्रशासन द्वारा लाए जा रहे टैक्स बिल को लेकर है। मस्क इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं। जबकि ट्रंप का कहना है कि इस बिल का मकसद टैक्स कटौती, रक्षा बजट को बढ़ाना और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना है। हालांकि इस बिल में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। साथ ही ईवी खरीदने पर मिलने वाली 7500 डॉलर की छूट को भी खत्म कर दिया गया है। माना जा रहा है कि मस्क को इन प्रावधानों से आपत्ति हो सकती है। टेस्ला वर्ष 2025 में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला लार्जकैप स्टॉक भी बन गया है। टेस्ला के शेयरों में गिरावट से जनवरी से अब तक, एलन मस्क को करीब 380 अरब डॉलर (करीब 32 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान उठाना पड़ा है। टेस्ला का बाजार पूंजीकरण 2025 में अब तक 29.3 प्रतिशत गिरकर 917 बिलियन डॉलर रह गया है। यह दुनिया की बड़ी कम्पनियों में एक दिन की पांचवीं सबसे बड़ी गिरावट है।
टेस्ला के शेयरों में हालिया गिरावट के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में नरमी, सीईओ एलन मस्क की राजनीतिक पारी व उससे जुड़े विवाद और अब सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनका सार्वजनिक मंच पर झगड़ा रहे हैं। टेस्ला के शेयरों में गुरुवार को भारी गिरावट उस समय आई, जब ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर एलन मस्क की कंपनियों के साथ सरकारी अनुबंधों को समाप्त करने की धमकी दी। इसके बाद मस्क ने अपने एक्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर वाले कर और व्यय विधेयक की तीखी आलोचना की।
यूक्रेन में रूस ने फिर मचाई तबाही, ड्रोन और मिसाइलों से किया धुआं-धुआं
8 Jun, 2025 09:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कीव। यूक्रेन के भयानक ड्रोन हमले के बाद रूस की जवाबी कार्रवाई लगातार जारी है। रूस ने शनिवार को यूक्रेन के पूर्वी शहर खारकीव पर एक भीषण ड्रोन और मिसाइल हमला किया, जिसमें कम से कम 3 लोगों की मौत हो गई और 21 लोग घायल हो गए। यूक्रेनी स्थानीय अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। यह हमला रूस की ओर से यूक्रेन पर हो रहे लगातार और व्यापक हमलों की कड़ी में एक और खतरनाक कदम है। खारकीव के मेयर इगोर टेरेखोव ने बताया कि हमले में 18 बहुमंजिला इमारतें और 13 निजी मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रूस ने इस हमले में 48 शहीद ड्रोन, 2 मिसाइलें और 4 एरियल ग्लाइड बम का इस्तेमाल किया। एरियल ग्लाइड बम को बेहद घातक माना जाता है, क्योंकि ये सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदते हैं और बड़े पैमाने पर तबाही मचा सकते हैं।
पिछले दिनों यूक्रेन ने ड्रोन के जरिए रूस पर ताबड़तोड़ हमला किया। रूस के अंदर यूक्रेन द्वारा ड्रोन हमला किए जाने के तुरंत बाद ली गई रूसी एयर बेस की सैटेलाइट इमेज से पता चलता है कि कई बम गिराने वाले विमान नष्ट हो गए और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
यूक्रेन ने टारगेट के करीब कंटेनरों से लॉन्च किए गए 117 मानव रहित एरियल व्हीकल का उपयोग करके रूस भर में करीब चार एयर बेस को निशाना बनाया। रॉयटर्स की ओर से वेरिफाइड ऑपरेशन के ड्रोन फुटेज से पता चलता है कि करीब दो जगहों पर कई एयरक्राफ्ट पर हमला किया गया।
बिलावल की अगुवाई में पहुंचे पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से अमेरिकी सांसद ने कहा-जैश-ए-मोहम्मद को खत्म करो
8 Jun, 2025 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वॉशिंगटन। अमेरिकी सांसद ब्रैड शेरमन ने बिलावल भुट्टो से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को पूरी तरह से खत्म करने को कहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को हर संभव प्रयास चाहिए। इसके साथ ही शेरमन ने पाकिस्तान से ओसामा बिन लादेन का पता लगाने में अमेरिका की मदद करने वाले डॉ. शकील आफरीदी को रिहा करने को कहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की कॉपी करते हुए पाकिस्तान ने भी 5 देशों में अपना डेलिगेशन भेजा है। इसमें एक डेलिगेशन का नेतृत्व बिलावल भुट्टो कर रहे हैं।
शेरमैन ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को ‘घिनौना’ बताते हुए कहा कि ये आतंकी संगठन 2002 में हुए वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डैनियल पर्ल की हत्या समेत कई अपराधों के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि मैंने पाकिस्तानी डेलीगेशन को आतंकवाद से लडऩे के महत्व पर जोर दिया। खास तौर पर जैश-ए-मोहम्मद समूह से जिसने 2002 में मेरे निर्वाचन क्षेत्र के निवासी डेनियल पर्ल की हत्या की थी।
एलन मस्क ने डिलीट किए ‘एप्सटीन फाइल्स’ वाले ट्वीट...
7 Jun, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति एलन मस्क के बीच उपजा विवाद शायद खत्म होने की ओर बढ़ रहा है। दरअसल, टेस्ला और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप को लेकर किए अपने कई पुराने ट्वीट्स डिलीट कर दिए हैं। मस्क ने हाल ही में एक्स पर ट्रंप को लेकर की गई कई व्यक्तिगत टिप्पणियों वाले पोस्ट को डिलीट कर दिया है। इनमें से एक विवादित ट्वीट में उन्होंने दावा किया था कि डोनाल्ड ट्रंप का नाम जेफ्री एप्सटीन की फाइलों में है, और यही कारण है कि वो फाइलें सार्वजनिक नहीं हो पा रही हैं।
मस्क ने हटाए कई विवादित पोस्ट
इस ट्वीट में मस्क ने लिखा था, 'अब बड़ा धमाका करने का वक्त है, डोनाल्ड ट्रंप एप्सटीन फाइलों में हैं। यही असली वजह है कि वे सार्वजनिक नहीं हो रहीं। शुभ दिन डीजेटी! इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लो। सच्चाई बाहर आएगी।' हालांकि अब यह ट्वीट और अन्य कई आलोचनात्मक पोस्ट मस्क ने हटा दिए हैं। इस पर अमेरिकी सरकारी दक्षता विभाग पहल के प्रमुख जेम्स फिशबैक, जो मस्क की ट्रंप-विरोधी टिप्पणियों पर पहले नाराजगी जता चुके थे, ने अब उनकी इस 'पहली सकारात्मक पहल' की सराहना की है। फिशबैक ने कहा, 'एलन ने राष्ट्रपति के बारे में किए गए अपमानजनक ट्वीट्स डिलीट कर दिए हैं। यह एक अच्छा पहला कदम है। अगला कदम: ट्रंप और उनके परिवार से पूरी तरह माफी मांगना चाहिए।'
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब मस्क ने अमेरिकन पार्टी नाम की एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने की बात कही। इस पर फिशबैक ने उन्हें चेताया और लिखा- 'एलन, जापान की जनसंख्या दर और अपनी नई पार्टी के बारे में ट्वीट करते रहो, लेकिन ट्रंप से सार्वजनिक माफी जरूरी है। नीतियों पर असहमति हो सकती है, लेकिन निजी आरोप लगाना गलत था।' इसके बाद मस्क ने जवाब में कई ट्वीट्स किए, जिनमें से ज्यादातर अब डिलीट हो चुके हैं। हालांकि कुछ प्रतिक्रियाएं अभी भी ऑनलाइन दिखाई दे रही हैं, जो उनके हटाए गए ट्वीट्स से जुड़ी हैं।
ट्रंप की नाराजगी और तीखी प्रतिक्रिया
मस्क ने ट्रंप की एक महत्वपूर्ण योजना को घिनौनी और भयानक करार दिया था। यह बयान रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं को चौंकाने वाला लगा। जवाब में ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाया और कहा, 'एलन और मेरा रिश्ता पहले बहुत अच्छा था। अब नहीं पता कि आगे कैसा रहेगा।' इतना ही नहीं, ट्रंप ने मस्क की कंपनियों को मिलने वाली सरकारी सहायता और ठेके बंद करने की भी बात कह दी। उन्होंने कहा, 'सरकार का पैसा बचाने का सबसे आसान तरीका है एलन की कंपनियों के सब्सिडी और कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर देना।' इसके बाद मस्क ने ट्रंप को अकृतज्ञ कहा और एप्सटीन से जुड़े अपुष्ट दस्तावेजों की ओर इशारा कर मामले को और उग्र कर दिया।
विदेशी मंच पर गाना गाने से सांसद कटघरे में, रेखा शर्मा ने दी सफाई
7 Jun, 2025 05:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदेश में पाकिस्तान की पोल खोलने गईं हरियाणा से भाजपा की राज्यसभा सदस्य और महिला आयोग की पूर्व प्रमुख रेखा शर्मा के वायरल वीडियो पर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। अल्जीरिया में गुनगुनाती रेखा शर्मा के वायरल वीडियो ‘जाने तू या जाने ना’ को विपक्ष ने ‘कूटनीतिक अनुशासन’ की अनदेखी और संवेदनहीनता का प्रतीक बताया है। वहीं, रेखा शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि यह शर्मनाक है कि कांग्रेस राजनीतिक लाभ लेने के लिए इतना गिर रही है।
भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनिया के विभिन्न देशों में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा है, ताकि पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क की पोल खोली जा सके। इसी तरह का एक दल बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब और अल्जीरिया में भेजा गया ताकि भारत की जवाबी सैन्य कार्रवाई को वैश्विक समर्थन मिल सके और दक्षिण एशिया में आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्थिति को स्पष्ट किया जा सके।
अल्जीरिया में बैठक के दौरान भाजपा सांसद रेखा शर्मा का 15 सेकंड का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह ‘जाने तू या जाने ना’ गुनगुनाती दिख रही हैं और उनके बगल में असदुद्दीन ओवैसी मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। अंत में वहां बैठे लोग तालियां बजा रहे हैं।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इंटरनेट मीडिया हैंडल एक्स पर यह वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा है कि मुझे लगा कि सर्वदलीय मंडल हिंदुस्तान के खिलाफ एक क्रूर आतंकी हमले में 28 लोगों की शहादत, ऑपरेशन सिंदूर, पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों और पुंछ में हमारे 16 निर्दोष लोगों की शहादत के बारे में दुनिया को बताने गए हैं। लेकिन यहां तो अलग ही माहौल है।
ऑल इंडिया कांग्रेस (एआईसीसी) के एक्स हैंडल पर लिखा गया है कि 27 मई को भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कुवैत का दौरा किया और गीत गाए। इसके बाद 28 मई को कुवैत ने 19 साल के प्रतिबंध के बाद पाकिस्तानी वीजा आवेदन फिर से खोल दिया। क्या कूटनीति है।
भाजपा सांसद ने इस पर नाराजगी जताते हुए एक्स पर लिखा कि जब कूटनीति के एक वास्तविक क्षण को राजनीतिक नफरत के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश किया जाता है, तो यह बहुत दुख देता है। अल्जीरियाई लोगों द्वारा पसंद किया जाने वाला यह गीत किसी पार्टी में नहीं, बल्कि भारत के सम्मान से भरे कमरे में दोस्ती के संकेत के रूप में गाया गया था। यह शर्मनाक है कि कांग्रेस किस तरह से सस्ते राजनीतिक लाभ के लिए गिरती है और मजाक उड़ाती है।
'देश का अपमान और शर्मिंदा करती कांग्रेस'
कांग्रेस के वीडियो पर सवाल उठाते हुए रेखा शर्मा ने लिखा है कि वीडियो अल्जीरिया का था, कुवैत का नहीं। लेकिन उन्हें कैसे पता चलेगा? वे नक्शे पर देश का पता भी नहीं लगा सकते। यही कारण है कि भारत ऐसी पार्टी पर भरोसा नहीं कर सकता जो अपने ही देश का अपमान करती है और उसे शर्मिंदा करती है।
भारत से तनाव के बीच सऊदी अरब पहुंचे पाक पीएम और मुनीर
7 Jun, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ऑपरेशन सिंदूर के बाद से विदेशों में घूम-घूमकर मदद मांग रहे हैं और अपनी साझेदारी को बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। इसी क्रम में शरीफ सऊदी अरब पहुंचे। उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस से मुलाकात की। इस दौरान भारत के साथ तनाव के दौरान सऊदी अरब की भूमिका की प्रशंसा की।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी सऊदी अरब की यात्रा पर है। इसमें विदेश मंत्री इशाक डार, फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर और गृहमंत्री सैयद मोहसिन नकवी शामिल हैं। बैठक के दौरान पाकिस्तान और सऊदी अरब ने रणनीतिक साझेदारी को बढ़ाने पर सहमति जताई।
क्राउन प्रिंस को पाकिस्तान की आधिकारिक यात्रा के लिए किया आमंत्रित
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने शुक्रवार को दोनों देशों के बीच बहुआयामी संबंधों को गहरा करने के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों नेताओं ने गाजा के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की।
प्रधानमंत्री ने राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की बढ़ती गति पर संतोष व्यक्त किया और पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच गहरे, रणनीतिक और भाईचारे के संबंधों की पुष्टि की।
शहबाज शरीफ ने क्राउन प्रिंस को पाकिस्तान की आधिकारिक यात्रा के लिए आमंत्रित किया।
मेक्सिको में विमान हादसे में तीन की मौत
7 Jun, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका और चीन की सरकार के बीच व्यापार वार्ता का नया चरण अगले सप्ताह से शुरू होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संबंध में कहा, अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी चीनी प्रतिनिधिमंडल के साथ लंदन में बैठक करेंगे। अमेरिकी पक्ष में ट्रेजरी मंत्री स्कॉट बेसेन्ट, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ट लुटनिक और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर शामिल होंगे। ट्रंप ने इससे पहले चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से फोन पर लंबी बात की थी। उन्होंने इसे 'सकारात्मक' बताते हुए कहा कि लंदन की बैठक में भी अच्छी बातचीत होने की उम्मीद है।
भारत और श्रीलंका में समुद्री सुरक्षा पर जोर
भारत और श्रीलंका ने अपने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर विचार-विमर्श के दौरान खासतौर से समुद्री सुरक्षा पर चर्चा की। श्रीलंका के रक्षा मंत्रालय ने कहा, कोलंबो में भारत-श्रीलंका रक्षा संवाद में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग मजबूत करने, समुद्री सुरक्षा बढ़ाने तथा प्रशिक्षण-रणनीतिक भागीदारी में सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर विचार किया गया। दोनों देशों के बीच इस बैठक में दीर्घकालिक रक्षा साझेदारी की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
ऑपरेशन ब्लू स्टार : ब्रिटिश भूमिका जांचने की मांग
ब्रिटेन के सिख सांसद वारिंदर ज्युस और जस अठवाल ने ब्रिटिश संसद में एक बार फिर मांग की है कि जून 1984 में भारत में हुए ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ में तत्कालीन पीएम मार्गरेट थैचर के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव पार्टी की सरकार की संलिप्तता की स्वतंत्र जांच की जाए। उत्तरी इंग्लैंड के वॉल्वरहैम्प्टन वेस्ट में सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के ज्युस और इलफोर्ड साउथ से लेबर सांसद अठवाल ने ‘हाउस ऑफ कॉमन्स’ की नेता लूसी पॉवेल के समक्ष सदन के सत्र के दौरान इस मामले को उठाया। उन्होंने स्वर्ण मंदिर में चरमपंथ विरोधी भारतीय सैन्य अभियान के 41 साल पूरे होने के मौके पर इस मुद्दे का जिक्र किया और अपने साथी सिख लेबर सांसद तन धेसी को पॉवेल द्वारा दिए गए आश्वासन की ओर इशारा किया। पॉवेल ने कहा था कि ‘मामले की तह’ तक जाना चाहिए।
अमेरिकी सांसद शेरमन बिलावल नीत शिष्टमंडल से बोले- पाकिस्तान में आतंकी संगठन- जैश-ए-मोहम्मद खत्म करें
पाकिस्तानी सांसद बिलावल भुट्टो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका दौरे पर है। यहां उन्होंने डेमोक्रेट नेता और सांसद ब्रैड शेरमन से मुलाकात की। शेरमन ने बिलावल से आतंकवाद के मुद्दे पर बेबाकी से बात की। शेरमन ने बिलावल कहा कि पाकिस्तान में को 'घृणित' आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे दहशतगर्दों का यह संगठन खत्म किया जा सके। शेरमन ने ये भही कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए। शेरमन ने खुद इस मुलाकात का ब्यौरा एक्स हैंडल पर साझा किया। उन्होंने 2002 में अमेरिकी नागरिक डेनियल पर्ल की हत्या का भी जिक्र किया।
डिमेंशिया से पीड़ित हत्यारे को मौत की सजा देने का आदेश
अमेरिका के उटाह के स्टेट जज ने डिमेंशिया से पीड़ित हत्या के दोषी व्यक्ति को मौत की सजा देने का आदेश दिया है। जज राल्फ लेरॉय मेंजिज ने 1988 में उटाह की एक महिला की हत्या के दोषी को मौजूदा वक्त में डिमेंशिया से पीड़ित होने के बावजूद मौत की सजा देने का आदेश दिया। हालांकि जज के फैसले पर कई लोगों ने विरोध जताया है।
जापान की राजकुमारी को ब्राजील ने किया सम्मानित
जापान की राजकुमारी काको ऑफ अकिशिनो को ब्राजील के साओ पाउलो राज्य के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया। जापान की राजकुमारी इन दिनों दक्षिणी अमेरिकी देशों की 11 दिवसीय यात्रा पर हैं। जापानी राजकुमारी अपने दौरे के तहत गुरुवार को साओ पाउलो पहुंची थीं। उनके साथ जापानी समुदाय के कई लोग भी थे।
मेक्सिको में विमान हादसे में तीन की मौत
मेक्सिको में एक विमान हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। हादसे में ग्वाटेमाला के दो पायलट और एक मेक्सिकन कृषिविज्ञानी इंजीनियर की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ, जब ये लोग मवेशियों में स्क्रूवर्म के प्रसार को रोकने के लिए मक्खियों को मुक्त कर रहे थे। मेक्सिको के कृषि मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि ग्वाटेमाला का विमान दक्षिणी मैक्सिको में तापचुला के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया, लेकिन इसका कारण नहीं बताया। मेक्सिको ने पिछले महीने अमेरिकी सरकार के दबाव में कीट के प्रसार को नियंत्रित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया था, जिसने स्क्रूवर्म के डर से मैक्सिको से मवेशियों के आयात को निलंबित कर दिया था।
गाजा में अपहृत थाई बंधक का शव इस्राइल ने बरामद किया
इस्राइल ने सात अक्तूबर 2023 को गाजा में अपहृत एक थाई बंधक का शव बरामद कर लिया है। इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि थाई नागरिक नट्टापोंग पिंटा का शव एक विशेष सैन्य अभियान के तहत इस्राइल को लौटा दिया गया है। सरकार ने बताया कि पिंटा को किबुत्ज़ नीर ओज से अगवा किया गया था और युद्ध की शुरुआत में ही उसे कैद में मार दिया गया था। यह घटना दो इस्राइली-अमेरिकी बंधकों के शव बरामद होने के दो दिन बाद हुई है। गाजा में 55 बंधक अभी भी बचे हैं। इस्राइल का कहना है कि इनमें आधे से अधिक मर चुके हैं। रक्षा मंत्री ने शनिवार को बताया कि पिंटा का शव राफा क्षेत्र से बरामद किया गया। वह कृषि कार्य के लिए थाईलैंड से इस्राइल आया था।
नेपाल में अवैध सोने के साथ भारतीय नागरिक गिरफ्तार
नेपाल में एक भारतीय नागरिक को 274 ग्राम अवैध सोने के साथ गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल के 31 वर्षीय महादेव सामंत को शुक्रवार को काठमांडू जा रही एक यात्री बस की सुरक्षा जांच के दौरान चंद्रगिरी नगरपालिका के नागधुंगा से गिरफ्तार किया गया। भारतीय नागरिक बिना सीमा शुल्क चुकाए सोना लेकर आया था। पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।
लंदन में पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा की कार में तोड़फोड़....
7 Jun, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंजाब की मशहूर सिंगर सुनंदा शर्मा इन दिनों लंदन गई हुई थीं, जिनके साथ एक दुख घटना घट गई। सिंगर ने इस घटना के संबंध में एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया है।
सुनंदा ने इमोशनल होते हुए बताया कि लंदन में उनकी जगुआर कार को किसी ने काफी बुरी तरीके से तोड़ दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि किसी ने उनकी कार में तोड़फोड़ की है और कार के शीशे टूटे हुए हैं और कांच के टुकड़े हर जगह बिखरे पड़े हैं।
हालांकि, वीडियो में सुनंदा मुस्कुरा भी रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कार के साथ सिर्फ तोड़फोड़ नहीं हुई, बल्कि उनके दो महंगे बैगों की चोरी भी हुई है। वीडियो में सिंगर अपनी कार की ओर इशारा करके दिखा रही हैं कि उनका काफी ज्यादा नुकसान हुआ है।
न्यूजीलैंड की सांसद इस चीज से हुईं खफा, संसद में दिखाने लगी खुद की ऐसी तस्वीर...
7 Jun, 2025 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। जिस रफ्तार से टेक्नॉलॉजी विकसित हो रही है, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जल्द ही इंसानों के लिए कुछ भी असंभव नहीं रह जाएगा। लेकिन टेक्नोलॉजी के लगातार होते विकास ने मानवता को कहीं पीछे छोड़ दिया।
हाल ही में न्यूजीलैंड की सांसद लॉरा मैक्लूर ने डीपफेक टेक्नोलॉजी की काली सच्चाई दुनिया के सामने रखी है। उन्होंने संसद के फ्लोर पर अपने ही एक AI-जनरेटेड नग्न तस्वीर को दिखाया, जो पूरी तरह नकली था। सांसद मेक्लूर ने कहा, "यह मेरा नग्न चित्र है, लेकिन यह असली नहीं है।"
उन्होंने डीपफेक के खतरों पर बात करते हुए कहा, "पीड़ितों के लिए यह अपमानजनक और दिल दहलाने वाला है। मुझे संसद में यह तस्वीर उठाकर दिखाना भयानक लगा, भले ही मुझे पता था कि यह मैं नहीं हूं।"
'समस्या तकनीक में नहीं, इसके दुरुपयोग में है'
लॉरा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर इस चित्र को साझा करते हुए लिखा, "आज मैंने संसद में अपने AI-जनरेटेड नग्न डीपफेक चित्र को दिखाया ताकि यह जाहिर हो कि ये कितने वास्तविक दिखते हैं और इन्हें बनाना कितना आसान है। समस्या तकनीक में नहीं, बल्कि इसके दुरुपयोग में है, जिससे लोगों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हमारे कानूनों को इसकी गंभीरता के साथ कदम मिलाना होगा।"
जापान में आया 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप..............पूरे देश को हिला दिया
नक्सल मुक्त क्षेत्र में विकास की सौगात : साहेबिन कछार में गिरधर सोरी और जुगसाय गोड को मिला जीवन का नया सहारा
‘बिहान’ योजना से बदल रही ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर, बिलासो बाई बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रद्धेय बृजमोहन मिश्रा की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि मंत्री के निवास पर पहुंचकर वर-वधू को दिया आशीर्वाद
