धर्म एवं ज्योतिष
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (25 जनवरी 2026)
25 Jan, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- धन का व्यय संभव है, तनाव पूर्ण वार्ता से बचिएगा, कार्य का ध्यान अवश्य रखें।
वृष राशि :- अधिकारियों के समर्थन से सफलता, कार्य कुशलता से संतोष होवे, बिगड़े कार्य बनेंगे।
मिथुन राशि :- चिन्ताएं कम हो, सफलता के साधन जुटाए तथा शुभ समाचार अवश्य मिलेंगे।
कर्क राशि :- बड़े-बड़े लोगों से मेल मिलाप होवे तथा सुख समृद्धि के साधन अवश्य बनेंगे।
सिंह राशि :- स्त्रीवर्ग से हर्ष उल्लास होवे, भोग कार्य की प्राप्ति होगी, कार्य गति उत्तम बनें।
कन्या राशि :- प्रतिष्ठा बाल बाल बचें, संघर्ष से अधिकार प्राप्त करें, भाग्य का साथ दें।
तुला राशि :- कुटुम्ब और धन की चिन्ता बनी रहे, परिश्रम से सोचे कार्य अवश्य ही बनेंगे, ध्यान दें।
वृश्चिक राशि :- प्रत्येक कार्य में बाधाएं, क्लेश युक्त रखे, स्थिति साम्थर्य के योग अवश्य बनें।
धनु राशि :- भावनाएं विक्षुब्ध रखे, दैनिक कार्यगति मंद रहे, परिश्रम से कार्य अवश्य बनेंगे।
मकर राशि :- तनाव क्लेश व अशांति, धन का व्यय, मानसिक खिन्नता, अवश्य बनेगी।
कुंभ राशि :- कार्य कुशलता से संतोष, व्यवसायिक समृद्धि के साधन।
मीन राशि :- कुटुम्ब के कार्यों में समय बीतें तथा हर्षप्रद समाचार प्राप्त हो।
आचार्य चाणक्य की 10 महान नीतियां जो जीवन को सफल बना सकती हैं
24 Jan, 2026 03:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आचार्य चाणक्य : की नीति जीवन के गहरे सत्य और व्यवहारिक ज्ञान को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाती है। चाणक्य कहते हैं कि हर व्यक्ति इस संसार में अस्थायी है, इसलिए किसी के जाने पर अत्यधिक शोक नहीं करना चाहिए। यह जीवन और मृत्यु का प्राकृतिक नियम है, जिसे समझकर व्यक्ति मानसिक रूप से मजबूत बन सकता है।
चाणक्य के अनुसार, आज के समय में सबसे बड़ी शक्ति ज्ञान है। जैसे कमजोर दिखने वाला खरगोश अपनी बुद्धि से शेर को भी मात दे सकता है, वैसे ही इंसान को शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक रूप से मजबूत होना चाहिए। वे यह भी कहते हैं कि किसी भी परिस्थिति में अपनों का साथ नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि अपनों से दूर जाना अधर्म के समान है।
चाणक्य समझाते हैं कि किसी वस्तु का आकार या ताकत ही सब कुछ नहीं होती। जैसे बिजली पहाड़ से छोटी होते हुए भी उसे तोड़ सकती है, वैसे ही बुद्धि और रणनीति बड़ी से बड़ी समस्या को हल कर सकती है।
उनके अनुसार, जिज्ञासा और स्थिर मन वाला व्यक्ति ही वास्तव में शक्तिशाली होता है। जो व्यक्ति केवल घरेलू कार्यों में उलझा रहता है, वह ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता।
चाणक्य लोभ, व्यभिचार और स्वार्थ को भी बुराइयों की जड़ बताते हैं। वे कहते हैं कि लालची व्यक्ति कभी सच्ची बात नहीं कहता और बुरा व्यक्ति कभी सुधर नहीं सकता, चाहे उसे कितना भी समझाया जाए।
अंत में, आचार्य चाणक्य की नीति हमें सिखाती है कि ज्ञान, संयम और सही सोच ही जीवन की सच्ची सफलता की कुंजी है।
2026 Marriage Shubh Muhurat: बसंत पंचमी पर क्यों नहीं बजेगी शहनाई? जानिए पूरे साल के शुभ विवाह मुहूर्त
24 Jan, 2026 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंदू धर्म : में बसंत पंचमी को अत्यंत शुभ माना जाता है और इस दिन से शादी-विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत की जाती है। लेकिन साल 2026 में एक दुर्लभ ज्योतिषीय स्थिति के कारण बसंत पंचमी पर विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं बन रहे हैं।
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शुक्र ग्रह 31 दिसंबर 2025 से अस्त हो गया है और इसका उदय 1 फरवरी 2026 को होगा। शुक्र ग्रह को विवाह और सुख-संपत्ति का कारक माना जाता है, इसलिए इसके अस्त होने पर शादी-ब्याह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। इसी कारण लोगों को विवाह के लिए कुछ समय इंतजार करना होगा।
इसके अलावा, ज्येष्ठ मास में अधिक मास पड़ने के कारण 17 मई से 15 जून 2026 तक विवाह मुहूर्त नहीं होंगे। अधिक मास के दौरान धार्मिक और मांगलिक कार्यों को टालना शास्त्रसम्मत माना जाता है।
2026 Marriage Shubh Muhurat की प्रमुख तिथियां
फरवरी में 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 तारीख शुभ हैं। मार्च में 1, 2, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 तारीखें अनुकूल रहेंगी। अप्रैल में 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 अप्रैल विवाह के लिए शुभ हैं। मई में 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13 और 14 मई अच्छे मुहूर्त हैं। जून में 21 से 29 जून तक शुभ तिथियां हैं। जुलाई में 1, 6, 7 और 11 जुलाई विवाह योग्य हैं। नवंबर में 21, 24, 25, 26, 27 और 30 नवंबर, जबकि दिसंबर में 1 से 13 दिसंबर तक विवाह के लिए शुभ मुहूर्त बन रहे हैं।
पंचांग: शनिवार को स्कंद षष्ठी का शुभ संयोग, जानें राहुकाल और शुभ पहर
24 Jan, 2026 07:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार, के दिन माघ महीने की शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि है. भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) इस तिथि के शासक हैं. जमीन-जायदाद या नए गहने खरीदने के लिए यह तिथि बहुत शुभ मानी जाती है. इस तिथि को स्कंद षष्ठी के नाम से भी जाना जाता है.
24 जनवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : माघ
पक्ष : शुक्ल पक्ष षष्ठी
दिन : शनिवार
तिथि : शुक्ल पक्ष षष्ठी
योग : शिव
नक्षत्र : उत्तराभाद्रपदा
करण : कौलव
चंद्र राशि : मीन
सूर्य राशि : मकर
सूर्योदय : सुबह 07:14 बजे
सूर्यास्त : शाम 05:52 बजे
चंद्रोदय : सुबह 10.22 बजे
चंद्रास्त : रात 11.19 बजे
राहुकाल : 09:53 से 11:13
यमगंड : 13:53 से 15:13
शुभ कार्यों के लिए अनुकूल है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मीन राशि और उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र मीन राशि 3:20 डिग्री से लेकर 16:40 तक फैला हुआ है. इसके देवता अहिर्बुध्न्य हैं, जो एक नाग देवता हैं. इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह शनि हैं. कुआं खोदने, नींव या शहर बनाने, प्रायश्चित अनुष्ठान करने, पेड़ लगाने, राज्याभिषेक, भूमि खरीदने, मेधावी कर्म, बीज बोने, देवताओं की स्थापना, मंदिर के निर्माण, विवाह या किसी अन्य गतिविधि के लिए ये अनुकूल नक्षत्र है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 09:53 से 11:13 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल: शनिवार को कर्क राशि को मिलेंगे शुभ समाचार, होगी भाग्यवृद्धि
24 Jan, 2026 07:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति बारहवें भाव में होगी. आज दिनभर प्रतिकूलता का सामना करना पड़ सकता है. शारीरिक और मानसिक रूप से आप अस्वस्थता का अनुभव करेंगे. व्यर्थ खर्च की मात्रा भी बढ़ेगी. पूंजी निवेश में ध्यान रखें. परोपकार की जगह पहले आप अपने काम पर ध्यान दें. लेन-देन करते समय सावधानी बरतें. आध्यात्मिकता में आपकी रुचि अधिक रहेगी. आप लाभ के लालच में न फंसे. निर्णयशक्ति का अभाव दुविधा में डाल देगा.
वृषभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति ग्यारहवें भाव में होगी. आज आपकी आय और व्यापार में वृद्धि होने के योग हैं. व्यापार में नए लाभदायक संपर्क होंगे. परिजनों और मित्रों के साथ हंसी-खुशी के पल बिताने का अवसर मिलेगा. प्रवास और पर्यटन के योग हैं. आज महिला वर्ग से लाभ होगा. जीवनसाथी के साथ के संबंधों में आत्मीयता का अनुभव होगा. भाई- बंधुओं और बुजुर्गों से लाभ होगा. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. आप समय पर अपना कार्य कर पाने की स्थिति में रहेंगे.
मिथुन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दसवें भाव में होगी. आज का दिन अच्छा होने के कारण आपके सभी काम अच्छी तरह से पूरे होंगे. घर और ऑफिस का वातावरण प्रफुल्लित और आनंदमयी बना रहेगा. प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. अधिकारियों की मदद से आप प्रगति के पथ पर अग्रसर हो सकेंगे. पारिवारिक जीवन में खुशी रहेगी. सुखी वैवाहिक जीवन व्यतीत कर सकेंगे. पिछले कई दिनों से व्यापार में आ रही सरकारी कामकाज की बाधाएं दूर होगी. आपके काम सरलता से संपन्न होंगे. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन अच्छा है.
कर्क- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति नवें भाव में होगी. आज आपकी भाग्य वृद्धि के साथ आकस्मिक धन लाभ होगा. विदेश से अच्छे समाचार आएंगे. धार्मिक काम या यात्रा के पीछे धन खर्च होगा. पारिवारिक सदस्यों के साथ सुखमय दिन गुजरेगा. नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिलेगा. अपना काम समय पर कर पाने की खुशी आपके चेहरे पर स्पष्ट देखी जा सकेगी. व्यापार में नए ग्राहक मिलने से प्रसन्नता होगी. प्रेम जीवन में आपको नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए. स्वास्थ्य की दृष्टि से दिन मध्यम है. ध्यान रखें.
सिंह- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति आठवें भाव में होगी. आज का दिन थोड़ा परेशानी से भरा है. आपको स्वास्थ्य का ध्यान रखना पड़ेगा. खान-पान में ध्यान नहीं रखेंगे तो बीमारी पर पैसा खर्च करना होगा. मन में नेगेटिविटी आने से परेशान रह सकते हैं. इस कारण किसी कार्य में आपका मन नहीं लगेगा. नौकरीपेशा लोग आज आराम करने के मूड में रहेंगे. पारिवारिक सदस्यों के साथ बातचीत में संभलकर रहना पड़ेगा. चिंता कम करके आगे बढ़ने के लिए आध्यात्मिकता का सहारा लें. व्यापार में ज्यादा लाभ के लालच में ना पड़ें.
कन्या- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति सातवें भाव में होगी. सामाजिक और सार्वजनिक क्षेत्र में लाभ मिलेगा. मित्रों से लाभ होगा. दांपत्यजीवन में सुख के पलों का अनुभव होगा. नए वस्त्र और आभूषणों की खरीदारी तथा पहनने का अवसर मिलेगा. नए व्यक्तियों के साथ परिचय और दोस्ती होगी. भागीदारी के लिए समय अनुकूल है. पार्टनरशिप के जरिए व्यापार को आगे बढ़ाने की योजना पर आप काम कर सकते हैं. इसके लिए कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है. नौकरीपेशा लोगों का दिन भी अनुकूल रहेगा. स्वास्थ्य लाभ के लिए एक्सरसाइज या ध्यान जैसी एक्टिविटी में शामिल हो सकते है.
तुला- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति छठे भाव में होगी. आपके घर में सुख- शांति बनी रहेगी. नौकरीपेशा लोगों के जीवन में अच्छे अवसर आएंगे. काम में सफलता और प्रतिष्ठा दोनों प्राप्त होगी. नौकरी में आपकी प्रगति होगी. आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. किसी जरूरी जगह पर खर्च की संभावना है. आप सफलता प्राप्त करेंगे. व्यापार में आर्थिक लाभ से मन प्रसन्न रहेगा. आपको ननिहाल से अच्छे समाचार मिलेंगे. पुराने किसी निवेश से आपको आर्थिक फायदा हो सकता है. अपने सहकर्मियों एवं अधीनस्थों का सहयोग प्राप्त कर सकेंगे.
वृश्चिक- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पांचवें भाव में होगी. आपका स्वास्थ्य थोड़ा नाजुक रहेगा. इस कारण समय पर अपना टास्क पूरा कर पाने की स्थिति में नहीं रहेंगे. किसी काम के पूरा नहीं होने से अपयश मिल सकता है. आपको शेयर- सट्टे के काम में आज नहीं पड़ना चाहिए. संतान की तकलीफ चिंता का कारण बन सकती है. संभव हो तो यात्रा- प्रवास टालें. विद्यार्थी पढ़ाई में सफलता प्राप्त कर सकेंगे. दोपहर के बाद आपकी आर्थिक योजना अच्छी तरह पूरी होंगी. परिवार के लोगों का सहयोग मिलने से निराशा दूर होगी.
धनु- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति चौथे भाव में होगी. आज आप यात्रा प्रवास टालें, क्योंकि पेट संबंधी बीमारी और समस्या हो सकती है. संतान के स्वास्थ्य और पढ़ाई की चिंता बनी रहेगी. काम में सफलता नहीं मिलने से मन व्याकुल रहेगा. क्रोध की भावना पर संयम रखें. साहित्य एवं कला के प्रति आज आपकी रुचि बनी रहेगी. काल्पनिक दुनिया में आप सैर करेंगे. दोस्तों के साथ समय अच्छा गुजरेगा. तार्किक एवं बौद्धिक चर्चा से दूर रहें.
मकर- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति तीसरे भाव में होगी. दैनिक काम में परिस्थिति आपके अनूकूल होने से आप स्वस्थ रहेंगे. पारिवारिक जीवन की समस्या हल होगी. जायदाद और संपत्ति से सम्बंधित विवाद हल होंगे. आपको व्यापार में वित्तीय लाभ हो सकता हैं. दोस्तों का साथ और सहयोग मिलेगा. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है. अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए सीनियर्स की मदद ले सकते हैं. आप प्रियजनों से मिल सकेंगे. विरोधियों पर आपकी जीत होगी. नए काम करने के लिए दिन अच्छा है. निवेश की योजना बना सकेंगे.
कुंभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दूसरे भाव में होगी. यदि आप वाणी पर अंकुश रखेंगे, तो बहुत-सी परेशानियों से बच सकेंगे. किसी विवाद में आज ना पड़ें. कार्यस्थल पर आप केवल अपने काम पर ध्यान दें. दोपहर के बाद कोई अनावश्यक खर्च आपको परेशान कर सकता है. आपको किसी भी काम में अनुकूल सफलता नहीं मिलेगी. असंतोष रहेगा. स्वास्थ्य खराब होने की आशंका है. समय आपको प्रतिकूल नजर आएगा. आर्थिक हानि होने की आशंका है. दिन को धैर्य के साथ गुजारें और नकारात्मक विचारों को मन से दूर रखें.
मीन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 24 जनवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पहले भाव में होगी. आज का दिन आनंद और उत्साह से भरा रहेगा. घर में किसी मांगलिक प्रसंग का आयोजन होगा. नए काम का आरंभ करने के लिए दिन शुभ है. सगे-संबंधियों और मित्रों के साथ मुलाकात होगी. उनके साथ बाहर भोजन करने या घूमने जाने का मौका मिलेगा. यात्रा की संभावना है. नौकरीपेशा लोग आज अपने टारगेट को आसानी से पूरा कर पाने की स्थिति में रहेंगे. व्यापार में लाभ होगा. विद्यार्थियों के लिए दोपहर के बाद का समय अच्छा है.
कलियुग में क्यों ट्रेंड कर रहा कालनेमि, जिसका त्रेतायुग में हो गया था अंत, द्वापर में बना मथुरा का राजा!
24 Jan, 2026 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
त्रेतायुग में जब प्रभु राम को 14 साल का वनवास हुआ और लंका का राजा रावण सीता जी का हरण कर ले गया. तो राम और रावण में भयंकर युद्ध हुआ, जिसमें मेघनाद के हाथों शक्ति लगने से लक्ष्मण मूर्छित हो गए और उस कड़ी में ही कालनेमि का जिक्र आता है. वो कालनेमि सतयुग में ही मारा गया था, लेकिन अचानक से आज कलियुग में वो क्यों ट्रेंड कर रहा है? वहीं कालनेमि द्वापर युग में मथुरा का राजा भी बना था.
‘कालनेमि सनातन को कर रहे कमजोर’
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एक संत के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ भी नहीं होता. उसकी कोई संपत्ति नहीं होती, धर्म ही उसकी संपत्ति और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है. जब कोई धर्म के विरुद्ध आचरण करता है तो समझना चाहिए कि ऐसे
अविमुक्तेश्वरानंद विवाद
18 जनवरी 2026 को मौनी अमावस्या पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को संगम तट तक नहीं जाने दिया गया था. मेला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा वजहों से उस क्षेत्र में पैदल जाने की अनुमति दी थी. पालकी रोके जाने से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद काफी नाराज हैं और वे धरने पर बैठे हैं. सीएम योगी के इस बयान को अविमुक्तेश्वरानंद विवाद से ही जोड़कर देखा जा रहा है.
रामायण काल यानि त्रेतायुग में कालनेमि को रावण का ममेरा भाई माना जाता है. कालनेमि मायावी राक्षस मारीच का बेटा था, मारीच रावण का मामा लगता था. कालनेमि ने हनुमान जी को छलने और उनको मारने के लिए साधु का रूप धारण किया था.
एक अन्य कथा में कालनेमि को हिरण्याक्ष का बेटा बताया गया है, जिसका वध भगवान विष्णु ने किया था. कालनेमि के भाई का नाम अंधक था. कालनेमि भक्त प्रह्लाद का चचेरा भाई था. जब कालनेमि मारा गया तो भक्त प्रह्लाद ने भगवान विष्णु से उसकी मुक्ति की प्रार्थना की. तब उन्होंने कहा कि अगले जन्म में फिर वो उनके हाथों मारा जाएगा, और तब उसका उद्धार होगा. वही कालनेमि अगले जन्म में कंस के रूप में पैदा हुआ और द्वापर में मथुरा का राजा बना, जिसे विष्णु अवतार श्रीकृष्ण ने मारा.
हनुमान को छलना चाहता था कालनेमि
लंका युद्ध के समय जब मेघनाद ने लक्ष्मण को शक्ति बाण मारा तो वे मूर्छित हो गए. उनके प्राणों की रक्षा के लिए संजीवनी बूटी सूर्योदय से पहले लेकर आनी थी. राम भक्त हनुमान संजीवनी बूटी लाने के लिए हिमालय की ओर उड़ चले. इस बात की जानकारी रावण को हुई तो उसने अपने मायावी भाई कालनेमि को बुलाया. उसने कालनेमि से कहा कि वह हनुमान को रास्ते में ही रोक दे, ताकि सूर्योदय तक वे संजीवनी बूटी लेकर लक्ष्मण तक न पहुंच सकें.
कालनेमि एक पहाड़ी पर साधु का रूप धारण करके एक कुटिया में बैठ गया. अपनी माया से एक सरोवर का निर्माण किया और उसमें एक मकरी को भी रख दिया. वीर हनुमान जब आकाश मार्ग से उड़ते हुए उसके पास से जा रहे थे, तो साधु बने कालनेमि ने जोर जोर से राम नाम का जाप करने लगा. राम नाम सुनते ही हनुमान वहां रूक गए, जिज्ञासावश वे उसके पास गए. वे जानना चाहते थे कि ऐसी जगह पर कौन व्यक्ति है, जो उनके प्रभु के नाम का जाप कर रहा है. हनुमान जब कालनेमि के पास गए तो उसने कहा कि आप थक गए होंगे. सरोवर में जाकर स्नान कर लीजिए.
कितना भी कमाओ, हमेशा कम? किस्मत बदल देगा गुप्त नवरात्रि पर ये तरीका, तंत्र-मंत्र के लिए भी जरूरी
24 Jan, 2026 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अयोध्या. सनातन धर्म में गुप्त नवरात्रि का अत्यंत विशेष महत्त्व माना गया है. वैसे तो साल में चार बार नवरात्रि का पर्व मनाया जाता है, जिसमें एक शारदीय नवरात्रि, दूसरी चैत्र नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि होती हैं. गुप्त नवरात्रि में गुप्त रूप से माता दुर्गा के 10 महाविद्याओं की पूजा आराधना की जाती है. तंत्र-मंत्र की साधना के लिए यह समय बेहद उत्तम माना जाता है. अगर आप गुप्त नवरात्रि के दौरान कुछ खास उपाय करते हैं तो जीवन की कई परेशानियां दूर होंगी. आर्थिक तंगी से भी मुक्ति मिलेगी. अयोध्या के ज्योतिष पंडित कल्कि राम बताते हैं कि वर्ष में दो बार आने वाली गुप्त नवरात्रि साधना, मंत्र सिद्धि और तंत्र-उपासना के लिए बेहद फलदायी होती है. वर्तमान में गुप्त नवरात्रि का पर्व चल रहा है. इस दौरान किए गए कुछ सरल उपाय व्यक्ति के जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल सकते हैं.
नौ फूल और लौंग
पंडित कल्कि राम बताते हैं कि गुप्त नवरात्रि में हल्दी से किया गया एक विशेष उपाय माता दुर्गा की कृपा प्राप्त करने में सहायक होता है. इसके लिए हल्दी की एक गांठ लें और उस पर नौ अलग-अलग स्थानों पर सिंदूर से टीका करें. इसके बाद इस हल्दी को माता दुर्गा के सम्मुख स्थापित करें और लौंग के नौ फूल अर्पित करें. ऐसा करने से माता रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की अनेक परेशानियों से मुक्ति मिलती है. माता दुर्गा को गुड़हल और गुलाब के पुष्प अर्पित करें. इसके बाद सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का पाठ करें. गुप्त नवरात्रि में रात्रि के समय एकांत स्थान पर दीपक प्रज्वलित कर सिद्ध कुंजिका स्तोत्र का नौ बार पाठ करना शुभ है. ऐसा करने से साधक के जीवन से संकट और बाधाएं दूर हो जाती हैं.
लाल आसन
धन प्राप्ति के लिए भी गुप्त नवरात्रि में विशेष उपाय बताए गए हैं. गुप्त नवरात्रि की किसी भी रात्रि में नौ गोमती चक्र, नौ कौड़ियां और एक लाल आसन खरीदकर माता भगवती के सामने रखें. इसके ऊपर घी का दीपक प्रज्वलित करें और माता जगदंबा के मंत्रों का श्रद्धा से जाप करें. ऐसा करने से धन आगमन के मार्ग प्रशस्त होते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार आता है. गुप्त नवरात्रि के दौरान माता दुर्गा के मंत्रों का गुप्त रूप से जाप करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है. कहा जाता है कि इस पावन समय में की गई साधना शीघ्र फल प्रदान करती है और साधक को मानसिक, आर्थिक और पारिवारिक सुख-शांति प्राप्त होती है.
क्या आप भी रोहिणी नक्षत्र में जन्मे हैं? जानिए आपकी छुपी खूबियां और कमजोरियां
24 Jan, 2026 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ज्योतिष में नक्षत्रों का खास महत्व माना जाता है, क्योंकि ये व्यक्ति के स्वभाव, सोच और जीवन की दिशा पर गहरा असर डालते हैं. इन्हीं 27 नक्षत्रों में से एक है रोहिणी नक्षत्र, जिसे चंद्रमा का सबसे प्रिय नक्षत्र कहा जाता है. यह नक्षत्र सौंदर्य, आकर्षण, प्रेम और समृद्धि से जुड़ा माना जाता है. जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में होता है, उनका व्यक्तित्व आमतौर पर शांत, प्रभावशाली और लोगों को अपनी ओर खींचने वाला होता है. रोहिणी नक्षत्र सिर्फ बाहरी सुखों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मन की स्थिरता, भावनात्मक गहराई और जीवन में संतुलन देने में भी अहम भूमिका निभाता है. पौराणिक कथाओं में इसे चंद्रमा की प्रिय पत्नी बताया गया है, जिस वजह से इसका संबंध सुख, प्रेम और भौतिक उन्नति से जोड़ा जाता है. यह नक्षत्र उन लोगों के लिए खास माना जाता है, जो जीवन में स्थिरता चाहते हैं और अपने काम से पहचान बनाना चाहते हैं. कला, सौंदर्य, खेती, व्यापार और रचनात्मक क्षेत्रों में यह नक्षत्र अच्छा फल देने वाला माना जाता है.
रोहिणी नक्षत्र क्या है?
रोहिणी नक्षत्र चंद्रमा के 27 नक्षत्रों में चौथा स्थान रखता है. यह वृषभ राशि में स्थित होता है और इसे सबसे आकर्षक और उर्वर नक्षत्र माना जाता है. शास्त्रों में इसका संबंध विकास, उन्नति और खुशहाली से जोड़ा गया है. पुराणों के अनुसार रोहिणी चंद्रमा की सबसे प्रिय पत्नी थीं, इसलिए चंद्रमा इस नक्षत्र में सबसे अधिक बलवान माना जाता है. इसी वजह से यह नक्षत्र मानसिक संतुलन और भौतिक सुख देने वाला माना जाता है.
रोहिणी नक्षत्र का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष के अनुसार रोहिणी नक्षत्र बेहद शुभ होता है. यह नक्षत्र प्रेम, सौंदर्य, खेती, धन और रचनात्मक सोच से जुड़ा रहता है. जिन लोगों की कुंडली में चंद्रमा रोहिणी नक्षत्र में होता है, वे स्वभाव से सौम्य, कल्पनाशील और आकर्षक होते हैं. इस नक्षत्र में चंद्रमा की स्थिति नई शुरुआत, खरीदारी, यात्रा और विवाह जैसे कार्यों के लिए अच्छी मानी जाती है.
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह
रोहिणी नक्षत्र का स्वामी ग्रह चंद्रमा है. चंद्रमा मन, भावना, शांति और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है. इसी कारण रोहिणी नक्षत्र में जन्मे लोग भावनात्मक रूप से गहरे और रिश्तों को महत्व देने वाले होते हैं. यदि कुंडली में चंद्रमा मजबूत स्थिति में हो, तो व्यक्ति को मानसिक मजबूती, आत्मविश्वास और रचनात्मक ऊर्जा मिलती है.
रोहिणी नक्षत्र में जन्मे जातकों का स्वभाव
इस नक्षत्र में जन्मे लोग दिखने में आकर्षक, व्यवहार में नरम और दिल से भावुक होते हैं. ये लोग सुंदर चीजों की ओर जल्दी आकर्षित होते हैं और जीवन में स्थिरता पसंद करते हैं. परिवार इनके लिए बहुत अहम होता है. हालांकि ज्यादा भावुक होने की वजह से कभी-कभी ये लोग जल्दी आहत भी हो जाते हैं. सही मार्गदर्शन मिलने पर ये लोग ऊंचे मुकाम तक पहुंच सकते हैं.
करियर और व्यवसाय
रोहिणी नक्षत्र के जातक रचनात्मक क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं. कला, फैशन, डिजाइन, फिल्म, संगीत, लेखन, विज्ञापन, खेती और बागवानी जैसे क्षेत्रों में इन्हें सफलता मिलती है. व्यापार में भी ये लोग अपने आकर्षक व्यवहार और समझदारी से अच्छी पहचान बना लेते हैं.
विवाह और पारिवारिक जीवन
यह नक्षत्र विवाह के लिए अनुकूल माना जाता है. इस नक्षत्र में जन्मे लोग अपने जीवनसाथी के प्रति वफादार और भावनात्मक रूप से जुड़े रहते हैं. हालांकि ज्यादा उम्मीदें रखने से कभी-कभी मनमुटाव हो सकता है, लेकिन समझदारी से रिश्ता लंबे समय तक संतुलित बना रहता है.
रोहिणी नक्षत्र के शुभ उपाय
-सोमवार के दिन भगवान शिव का जल से अभिषेक करें
-“ॐ सोमाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें
-चावल, दूध और सफेद वस्तुओं का दान करें
-सफेद या हल्के रंग के कपड़े पहनें
-मन को शांत रखने की कोशिश करें
रोहिणी नक्षत्र में क्या करें और क्या न करें
इस नक्षत्र में कला, लेखन, संगीत और सजावट से जुड़े काम शुरू करना अच्छा रहता है. परिवार के साथ समय बिताना भी लाभ देता है. भावनाओं में बहकर बड़े फैसले लेने से बचें और बेवजह की चिंता न पालें.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (24 जनवरी 2026)
24 Jan, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- समय विफल हो, कार्यगति में बाधा, चिन्ता व्यर्थ भ्रमण कार्य अवरोध होगा।
वृष राशि :- इष्ट मित्रों से सुख, अधिकारियों से मेल मिलाप होगा, कार्य अवश्य बनेंगे।
मिथुन राशि :- भाग्य का सितारा प्रबल हो, अधिकारियों के सर्मथन से सफलता अवश्य मिलें।
कर्क राशि :- भाग्य का सितारा प्रबल हो, बिगड़े कार्य अवश्य ही बनेंगे, ध्यान अवश्य ही दें।
सिंह राशि :- इष्ट मित्र सुखवर्धक हो, कुटुम्ब की समस्याएं सुलझे, स्त्री वर्ग से हर्ष होगा।
कन्या राशि :- भावनाएं संवेदन शील रहे, कुटुम्ब में सुख व शान्ति के साधन बनेंगे।
तुला राशि :- समय अनुकूल नहीं, स्वास्थ्य नरम रहे, किसी धारणा का अंदेशा अवश्य होगा।
वृश्चिक राशि :- शरीर, स्त्रीकष्ट, मानसिक उद्विघ्नता, स्वभाव में असमर्थता अवश्य होगी।
धनु राशि :- आशानुकूल सफलता स्थिति में सुधार, व्यवसाय गति उत्तम बनेगी।
मकर राशि :- व्यर्थ धन का व्यय, मानसिक उद्विघ्नता हानि प्रद होगी, ध्यान अवश्य दें।
कुंभ राशि :- इष्ट मित्रों से सहयोग कार्य बनेंगे तथा कार्यगति अनुकूल।
मीन राशि :- भाग्य का सितारा प्रबल हो, बिगड़े कार्य अवश्य ही बनेंगे।
बसंत पंचमी 2026: पीले फूलों से पाएं मां सरस्वती का आशीर्वाद और धन लाभ
23 Jan, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बसंत पंचमी 2026 : पावन पर्व आज पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है और इसे ज्ञान, संगीत और कला की देवी का जन्मोत्सव माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान ब्रह्मा ने माता सरस्वती को प्रकट किया था, इसलिए हर साल बसंत पंचमी 2026 को विशेष रूप से मनाया जाता है।
हिंदू धर्म ग्रंथों में मां सरस्वती को बुद्धि, विद्या और संगीत की देवी बताया गया है। इस दिन पीले रंग का विशेष महत्व होता है। पीले वस्त्र पहनना, पीले फूल चढ़ाना और पीले पकवान बनाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि पीले फूल चढ़ाने से मां सरस्वती प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, बसंत पंचमी 2026 के दिन पीले फूलों को सही दिशा में रखने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा को देवी-देवताओं की दिशा माना जाता है। इस दिशा में ताजे गेंदे और सूरजमुखी के पीले फूल रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और करियर व व्यापार में सफलता मिलती है।
धन लाभ के लिए ड्राइंग रूम की उत्तर दिशा में पीले फूल रखना लाभकारी माना गया है। इसके अलावा, घर के मध्य भाग में पीले फूलों का गुलदस्ता रखने और रंगोली बनाने से घर की सुंदरता बढ़ती है और पारिवारिक संबंध मजबूत होते हैं।
पंचांग: वसंत पंचमी तिथि की रक्षक हैं मां ललिता त्रिपुर सुंदरी, जानें शुभ पहर
23 Jan, 2026 07:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार, के दिन माघ महीने की शुक्ल पक्ष पंचमी तिथि है. माता ललिता त्रिपुर सुंदरी इस तिथि की रक्षक हैं. यह तिथि सभी तरह के शुभ काम के लिए अच्छी मानी जाती है. आज वसंत पंचमी है.
23 जनवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : माघ
पक्ष : शुक्ल पक्ष पंचमी
दिन : शुक्रवार
तिथि : शुक्ल पक्ष पंचमी
योग : परिध
नक्षत्र : पूर्वभाद्रपदा
करण : बव
चंद्र राशि : कुंभ
सूर्य राशि : मकर
सूर्योदय : सुबह 07:14 बजे
सूर्यास्त : शाम 05:51 बजे
चंद्रोदय : सुबह 09.52 बजे
चंद्रास्त : रात 10.18 बजे
राहुकाल : 11:13 से 12:33
यमगंड : 15:12 से 16:32
शु्भ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा कुंभ राशि और पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र में रहेंगे. इस नक्षत्र का विस्तार कुंभ राशि में 20 डिग्री से लेकर 3:20 डिग्री मीन राशि तक है. इसके देवता रुद्र और नक्षत्र स्वामी बृहस्पति हैं. लड़ाई, छल और संघर्ष या शत्रुओं के विनाश की योजना बनाने, कीटनाशक छिड़कने, आगजनी, कचरा जलाने, विनाश के कार्य या क्रूरता के कार्यों के लिए ये उपयुक्त नक्षत्र है. लेकिन शुभ कार्यों के लिए ये नक्षत्र अनुकूल नहीं है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 11:13 से 12:33 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल : मिथुन राशि वालों की चमकेगी किस्मत...शुक्रवार को होगा छप्परफाड़ धनलाभ, बस एक गलती से बचें
23 Jan, 2026 07:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा ग्यारहवें भाव में होगा. आज भाग्य आपका साथ देगा. आय में वृद्धि हो सकती है. सामाजिक रूप से यश और कीर्ति मिलेगी. व्यापार में लाभ होगा. विवाह योग्य जातकों का रिश्ता पक्का हो सकता है. दोपहर बाद आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. इस दौरान आपको नकारात्मक विचारों से भी बचना होगा. पूंजी निवेश से पहले आपको सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है. परिजनों से किसी बात पर विवाद हो सकता है. वाहन चलाते समय बहुत ध्यान रखें. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ अपने काम से काम रखें.
वृषभ- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा दसवें भाव में होगा. आज का दिन शुभ फलदायी है. व्यापार में स्थिति अनुकूल रहेगी. आपके काम की उचित प्रशंसा होगी. कार्यस्थल पर भी मनचाहा काम मिलने से आपको खुशी मिलेगी. सामाजिक रूप से मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. काम भी सरलता से पूरे होंगे. आर्थिक लाभ होगा. मैरीड कपल के बीच रोमांस बरकरार रहेगा. नए कामों के आयोजन करने के लिए समय अच्छा है. सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से लाभ के योग हैं. घूमने जाने का कार्यक्रम बन सकता है. विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी कर पाएंगे.
मिथुन- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा नवें भाव में होगा. विरोधियों और अधिकारियों के साथ आज किसी भी तरह से वाद-विवाद में ना पड़ें. कार्यस्थल पर सहकर्मियों का सहयोग नहीं मिलने से निराशा हो सकती है. आनंद- प्रमोद से सम्बंधित वस्तुओं को खरीदने में अधिक धन खर्च हो सकता है. व्यापार के क्षेत्र में वातावरण अच्छा रहेगा. मानसिक रूप से आज स्वस्थ रह पाएंगे. फिर भी दोपहर के बाद शारीरिक और मानसिक स्थिति में अनुकूल परिवर्तन आ सकता है. धन प्राप्ति के लिए अच्छा योग है. पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी.
कर्क- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा आठवें भाव में होगा. आज नेगेटिव विचार आपको घेरे रखेंगे. वाणी पर संयम रखें, अन्यथा कार्यस्थल पर किसी से विवाद होने की आशंका बनी रहेगी. अधिकारी आपसे नाराज रहेंगे. विरोधियों के साथ वाद-विवाद में न पड़ने की सलाह आपको दी जाती है. परिवार में भी छोटी बात पर विवाद हो सकता है. दोपहर के बाद शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता आपको सताएगी. हालांकि इस दौरान विदेश से व्यापार करने वालों को अच्छे समाचार प्राप्त हो सकते हैं. संतान के विषय में चिंता रहेगी.
सिंह- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा सातवें भाव में होगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से आज आप प्रसन्न और आनंदित रहेंगे. मित्रों तथा संबंधियों के साथ घूमने- फिरने की योजना बनाएंगे और आनंददायी प्रवास भी कर पाएंगे. सामाजिक रूप से सम्मान प्राप्त होगा. व्यापार में बिजनेस पार्टनर के साथ सकारात्मक चर्चा होगी. नौकरीपेशा लोग अपना काम समय पर पूरा करने की कोशिश करेंगे. दोपहर के बाद आप मानसिक रूप से शिथिलता का अनुभव करेंगे. क्रोध की भावना अधिक रहेगी. इस दौरान आपको किसी से विवाद से बचना चाहिए.
कन्या- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा छठे भाव में होगा. आपके स्वभाव में आज कुछ अधिक संवेदनशीलता रहेगी. काम की सफलता से मानसिक रूप से आप प्रफुल्लित रहेंगे. यश में भी वृद्धि होगी. नौकरीपेशा लोग भी अपना टारगेट पूरा कर पाने में समर्थ होंगे. महिलाओं को मायके से अच्छे समाचार मिलेंगे. जीवनसाथी के साथ प्रेम संबंध मजबूत होंगे. शारीरिक और मानसिक रूप से आप प्रसन्नता का अनुभव करेंगे. पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी. आपके प्रत्येक काम में आज दृढ़ता और आत्मविश्वास छलकता दिखेगा. पर्यटन में आपकी रुचि रहेगी.
तुला- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा पांचवें भाव में होगा. लेखनकार्य और साहित्यिक गतिविधियों के लिए आज का दिन शुभ फलदायक है. किसी विशेष चर्चा में भाग ले सकते हैं. नौकरीपेशा लोग अपने टैलेंट की बदौलत कुछ अच्छा काम कर पाएंगे. अधिकारी आपके काम की तारीफ करेंगे. आपके यश और कीर्ति में वृद्धि होगी. व्यापार में वातावरण अनुकूल रहेगा. आप व्यापार को बढ़ाने की नई योजना पर काम कर सकते हैं. परिवार में आनंद का वातावरण बनेगा. स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही ना करें. इससे आगे आपको नुकसान हो सकता है. खर्च के साथ आय भी बनी रहेगी.
वृश्चिक- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा चौथे भाव में होगा. आज किसी बात को लेकर जिद्दी ना बने रहें. अपने इमोशन पर नियंत्रण रखें. अपने प्रिय पात्र का साथ पाकर आप खुश रहेंगे. जीवनसाथी के साथ पुराना मतभेद दूर होगा. वित्तीय मामलों में लाभ की आशा रख सकते हैं. वस्त्र-आभूषण एवं सौंदर्य प्रसाधनों पर धन खर्च होगा. माता से लाभ होगा. दोपहर के बाद विचारों में शीघ्र परिवर्तन होगा. कार्यस्थल पर आपका मन नहीं लगेगा. नए काम की शुरुआत के लिए आज का दिन टालना बेहतर होगा. पेट दर्द हो सकता है. बाहरी खाने-पीने से बचना होगा.
धनु- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा तीसरे भाव में होगा. आज मन की कोई चिंता दूर होने से आप काफी हलकापन महसूस करेंगे. परिजनों के साथ किसी खास पारिवारिक चर्चा में भाग ले सकते हैं. मित्रों के साथ घनिष्ठता बढ़ेगी और विरोधियों पर विजय मिलेगी. आज भाग्यवृद्धि का योग है. हालांकि दोपहर के बाद कुछ थका हुआ महसूस करेंगे. स्वास्थ्य संबंधी मामलों में लापरवाही से बचना होगा. महिलाएं सौंदर्य सामग्री खरीदने पर धन खर्च करेंगी. जमीन, मकान या वाहन आदि का सौदा संभलकर करें. कार्यस्थल पर आपके काम की तारीफ होगी.
मकर- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा दूसरे भाव में होगा. आज आप अधिक वाद-विवाद न करें, अन्यथा कार्यस्थल पर आपकी छवि धूमिल हो सकती है. धार्मिक काम और उपासना के पीछे धन खर्च हो सकता है. परिजनों के साथ किसी बात पर वाद-विवाद हो सकता है. दोपहर के बाद आपका मन प्रफुल्लता का अनुभव करेगा. शारीरिक रूप से आप स्वस्थ रहेंगे. भाग्य आपका साथ देगा. कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम हो, तो सावधानी रखें. प्रियजन के साथ मेल-मिलाप मन को आनंदित करेगा. जीवनसाथी के साथ अच्छा समय गुजार सकेंगे.
कुंभ- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा पहले भाव में होगा. आज आपका मन खुश रहेगा. आध्यात्मिकता से मन को शांत रखने की कोशिश करेंगे. नेगेटिव विचारों को मन से निकाल देने में ही आपकी भलाई है. वाणी पर संयम रखें. किसी अनावश्यक काम में धन खर्च हो सकता है. आज किसी तरह का निर्णय नहीं ले पाएंगे. विद्यार्थियों को विद्याप्राप्ति में दिक्कत आ सकती है. हालांकि योग और ध्यान से मन को एकाग्र कर पाने की स्थिति में रहेंगे. आज एक समय पर एक ही काम करें. इससे आपको काम का अतिरिक्त भार नहीं लगेगा.
मीन- चंद्रमा 23 जनवरी, 2026 शुक्रवार को कुंभ राशि में स्थित है. आपकी राशि से चंद्रमा बारहवें भाव में होगा. आज किसी के साथ भी धन संबंधी कोई व्यवहार ना करें. दिन की शुरुआत में मन को एकाग्र रखने में दिक्कत आएगी. आज खर्च पर संयम रखें. स्वजनों से विवाद हो सकता है, इससे आपका मन उदास रहेगा. कार्यस्थल पर भी ज्यादा काम रहने से आपको परेशानी आ सकती है. दोपहर के बाद आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा. कोई बड़ी चिंता दूर हो सकेगी. मित्रों से उपहार मिल सकता है. आध्यात्मिक मामलों में रुचि बढ़ेगी. इस दौरान जीवनसाथी के साथ चल रहा कोई पुराना मतभेद दूर हो सकता है.
जो हो रहा है उसके जिम्मेदार हम स्वंय हैं
23 Jan, 2026 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हम मनुष्यों की एक सामान्य सी आदत है कि दु:ख की घड़ी में विचलित हो उठते हैं और परिस्थितियों का कसूरवार भगवान को मान लेते हैं। भगवान को कोसते रहते हैं कि हे भगवान हमने आपका क्या बिगाड़ा जो हमें यह दिन देखना पड़ रहा है। गीता में श्री कृष्ण ने कहा है कि जीव बार-बार अपने कर्मों के अनुसार अलग-अलग योनी और शरीर प्राप्त करता है। यह सिलसिला तब तक चलता है जब तक जीवात्मा परमात्मा से साक्षात्कार नहीं कर लेता। इसलिए जो कुछ भी संसार में होता है या व्यक्ति के साथ घटित होता है उसका जिम्मेदार जीव खुद होता है। संसार में कुछ भी अपने आप नहीं होता है। हमें जो कुछ भी प्राप्त होता है वह कर्मों का फल है। इश्वर तो कमल के फूल के समान है जो संसार में होते हुए भी संसार में लिप्त नहीं होता है। ईश्वर न तो किसी को दु:ख देता है और न सुख।
इस संदर्भ में एक कथा प्रस्तुत है? गौतमी नामक एक वृद्धा ब्राह्मणी थी। जिसका एक मात्र सहारा उसका पुत्र था। ब्राह्मणी अपने पुत्र से अत्यंत स्नेह करती थी। एक दिन एक सर्प ने ब्राह्मणी के पुत्र को डंस लिया। पुत्र की मृत्यु से ब्रह्मणी व्याकुल होकर विलाप करने लगी। पुत्र को डंसने वाले सांप के ऊपर उसे बहुत प्रोध आ रहा था। सर्प को सजा देने के लिए ब्राह्मणी ने एक सपेरे को बुलाया। सपेरे ने सांप को पकड़ कर ब्राह्मणी के सामने लाकर कहा कि इसी सांप ने तुम्हारे पुत्र को डंसा है, इसे मार दो।
ब्राह्मणी ने संपरे से कहा कि इसे मारने से मेरा पुत्र जीवित नहीं होगा। सांप को तुम्ही ले जाओ और जो उचित समझो सो करो। संपेरा सांप को जंगल में ले आया। सांप को मारने के लिए संपेरे ने जैसे ही पत्थर उठाया, सांप ने कहा मुझे क्यों मारते हो, मैंने तो वही किया जो काल ने कहा था। संपेरे ने काल को ढूंढा और बोला तुमने सर्प को ब्राह्मणी के बच्चे को डंसने के लिए क्यों कहा। काल ने कहा ब्राह्मणी के पुत्र का कर्म फल यही था। मेरा कोई कसूर नहीं है। सपेरा कर्म के पहुंचा और पूछा तुमने ऐसा बुरा कर्म क्यों किया। कर्म ने कहा मुझ से क्यों पूछते हो, यह तो मरने वाले से पूछो मैं तो जड़ हूं। इसके बाद संपेरा ब्राह्मणी के पुत्र की आत्मा के पास पहुंचा। आत्मा ने कहा सभी ठीक कहते हैं। मैंने ही वह कर्म किया था जिसकी वजह से मुझे सर्प ने डंसा, इसके लिए कोई अन्य दोषी नहीं है।
महाभारत के युद्ध में अर्जुन ने भीष्म को बाणों से छलनी कर दिया और भीष्म पितामह को बाणों की शैय्या पर सोना पड़ा। इसके पीछे भी भीष्म पितामह के कर्म का फल ही था। बाणों की शैय्या पर लेटे हुए भीष्म ने जब श्री कृष्ण से पूछा, किस अपराध के कारण मुझे इसे तरह बाणों की शैय्या पर सोना पड़ रहा है। इसके उत्तर में श्री कृष्ण ने कहा था कि, आपने कई जन्म पहले एक सर्प को नागफनी के कांटों पर फेंक दिया था। इसी अपराध के कारण आपको बाणों की शैय्या मिली है। इसलिए कभी भी जाने-अनजाने किसी भी जीव को नहीं सताना चाहिए। हम जैसा कर्म करते हैं उसका फल हमें कभी न कभी जरूर मिलता है।
बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा से दूर होगा जीवन का अंधकार
23 Jan, 2026 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सनातन धर्म में माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। यह दिन बसंत ऋतु के शुरुआत का भी प्रतीक है। इस दिन ज्ञान, कला एवं संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा का विधान है। कहा जाता है कि इस दिन पूजा-पाठ करने से जीवन के अंधकार का नाश होता है। साथ ही सभी कामों में सफलता मिलती है।
बसंत पंचमी
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 23 जनवरी 2026 को सुबह 02 बजकर 28 मिनट पर शुरू होगी। वहीं, इसका समापन 24 जनवरी को सुबह 01 बजकर 46 मिनट पर होगा। ऐसे में 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।
सरस्वती पूजा मुहूर्त – सुबह 7 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक
बसंत पंचमी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्मा जी के मुख से इसी दिन देवी सरस्वती प्रकट हुई थीं। उनके प्रकट होते ही संसार से अज्ञानता का अंधकार दूर हुआ था। इस दिन को अबूझ मुहूर्त भी कहा जाता है, जिसका मतलब है कि इस दिन किसी भी शुभ काम जैसे - विवाह, मुंडन या गृह प्रवेश के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती है।
सरस्वती पूजा विधि
मां सरस्वती को पीला रंग बेहद प्रिय है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करें और पूजा में पीली चीजें शामिल करें। पूजा की चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें। साथ ही भगवान गणेश की प्रतिमा भी स्थापित करें। वेदी के दाईं ओर जल से भरा कलश स्थापित करें। मां सरस्वती को पीले चावल, बूंदी के लड्डू व केसरिया हलवे का भोग लगाएं। पूजा के दौरान ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः मंत्र का 108 बार जाप
अंगूठे से जाने जीवन के राज
23 Jan, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सभी को भविष्य में क्या छिपा है यह राज जानने की जिज्ञासा होती है। जन्मकुंडली के साथ ही हाथ की रेखाएं देखकर भी भविष्य के राज जाने जा सकते हैं।
हस्तरेखा विज्ञान में अंगूठे को चरित्र का आइना कहा जाता है। आप इसे देखकर व्यक्ति के बारे में कई गुप्त बातें जान सकते हैं। व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, बचत, काम वासना और रोगों का पता भी अंगूठे से लग जाता है।
अंगूठा लंबा
जिनका अंगूठा लंबा होता है वह बुद्धिमान और उदार होते हैं। ऐसे व्यक्ति शौकीन भी खूब होते हैं। अगर अंगूठा तर्जनी उंगली के दूसरे पोर तक पहुंच रहा है तो व्यक्ति नेक होता है और कभी किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता।
अंगूठा छोटा
अंगूठा छोटा होना अच्छा नहीं माना जाता। ऐसे लोगों के उधार और कर्ज देने से बचना चाहिए क्योंकि पैसा डूबने का डर रहता है। इन्हें जीवन में कई बार हानि उठानी पड़ती और पारिवारिक जीवन में भी उथल-पुथल मचा रहता है।
अंगूठा अधिक चौड़ा
अगर अंगूठा अधिक चौड़ा हो तो व्यक्ति खर्चीले स्वभाव का होता है। ऐसे लोग अक्सर कोई न कोई बुरी लत अपना लेते हैं।
कम खुलने वाला अंगूठा
कम खुलने वाला अंगूठा हस्तरेखा विज्ञान में अच्छा नहीं माना गया है। ऐसे लोगों के हर काम में बाधा आती रहती है और सफलता देर से मिलती है। ऐसे लोग चाहकर भी कमाई के अनुसार बचत नहीं कर पाते हैं।
ऊपर मोटा और गोल हो तो
अगर अंगूठा नीचे पतला और ऊपर मोटा और गोल हो तो ऐसा व्यक्ति शंकालु होते और इन्हे भी अपने काम में बाधाओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन हाथ भारी हो तो उन्नति करते हैं।
अंगूठा हो लंबा पतला तो
अंगूठा पतला और लंबा हो तो व्यक्ति शांत स्वभाव का होता है। ऐसे व्यक्ति अपने काम वासना पर नियंत्रण रखने में कुशल होते हैं। इन्हें व्यवहारकुशल भी माना जाता है। ऐसे लोग भावुक भी खूब होते हैं।
ऐसे लोग धनी होते हैं
जिनका अंगूठा ज्यादा खुलता है ऐसे लोग धनी होते हैं। अपने व्यक्तित्व के कारण इन्हें समाज में खूब सम्मान मिलता है।
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