धर्म एवं ज्योतिष
Shani Jayanti 2026: साल 2026 में कब है शनि जयंती? नोट कर लें सही तिथि और शुभ मुहूर्त
3 Feb, 2026 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Shani Jayanti 2026: हिंदू धर्म में शनि जयंती का एक अलग अपना महत्व होता है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या की तिथि को शनि जयंती का पर्व मनाया जाता है. हिंदू मान्यताओं के मुताबिक इस दिन सूर्यदेव और छाया पुत्र शनिदेव का जन्म हुआ था. शनि को न्याय के देवता, कर्मफल दाता शनि देव की विधिवत पूजा की जाती है. इसके साथ ही व्रत रखने का भी विधान है. मान्यता है कि शनि देव जातकों को उनके कर्मों के हिसाब से फल देते है, इसलिए मनुष्य जीवन में अच्छे कर्म करने चाहिए. कहा जाता है कि न्याय के देवता शनि की दृष्टि एक बार तो जीवन में अवश्य पड़ती ही है.
जातकों को शनि के साढ़े साती और ढैय्या का भी सामना करना पड़ता है. आपको बता दें कि शनि जयंती का पर्व उत्तर भारत में ज्येष्ठ अमावस्या को मनाया जाता है, तो वहीं दक्षिण भारत में वैशाख अमावस्या के दिन इस पर्व काे धुमधाम से मनाया जाता है. आइए जानते हैं कि इस साल ज्येष्ठ माह में पड़ने वाली शनि जयंती की सही तिथि क्या है और पूजा का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.
क्या है शनि जंयती की सही तिथि?
साल में दो बार शनि जयंती आती है. उत्तर भारत में शनि जयंती ज्येष्ठ अमावस्या को मनाई जाती है जा इस साल 16 मई को पड़ रही है. वहीं दक्षिण भारत में शनि जयंती वैशाख अमावस्या की तिथि को मनाई जाती है. धार्मिक मान्यताओं में ज्येष्ठ अमावस्या को आने वाली शनि जयंती का महत्व अधिक होता है. मान्यता है कि इस दिन सूर्यदेव और छाया पुत्र शनिदेव का जन्म हुआ था.
शनि जयंती का शुभ मुहूर्त
16 मई 2026 ज्येष्ठ अमावस्या के दिन पड़ने वाली शनि जयंती सुबह 5:11 बजे शुरू होगी और अगले दिन 17 मई 2026 को सुबह 1:30 बजे इसका समापन होगा. शनि देव की विशेष पूजा के लिए हिंदू पंचांग के अनुसार, शुभ मुहूर्त 7:05 बजे से रात 8:23 बजे तक रहेगा.
शनि जयंती के दिन क्या करना चाहिए
शनि जयंती के शुभ अवसर पर सबसे खास अनुष्ठानों में शनि देव को तैलाभिषेकम और शनि शान्ति पूजा की जाती है. इसको करने से व्यक्ति के जीवन में शनि की कृपा बनी रहती है.
शनि जयंती के दिन सुबह स्न्नान ध्यान आदि करना चाहिए और इसके बाद पीपल की में कच्चा दूध, गंगाजल और साफ जल को चढ़ाया जाना चाहिए. साथ ही 11 बार परिक्रमा भी करें.
शनि पूजा के दौरान ऊं शं शनैश्चराय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें.
शनि जयंती के दिन शनि देव का नाम लेते हुए लोहा, जामुन, काला तिल, काले जूते, तेल आदि का दान करें.
शनि जयंती पर किन लोगों को मिलता है शनि देव का आशीष
भगवान शनि देव को निष्पक्ष न्याय के देव के रूप में पूजा जाता है. शनि देव सभी जातकों के साथ निष्पक्ष न्याय करते हैं और अपने भक्तों को सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं. जिन लोगों पर भगवान शनि का आशीर्वाद नहीं होता, उन्हें जीवन में बहुत ही ज्यादा परिश्रम करना पड़ता है और किसी भी प्रकार की सफलता असानी से नहीं मिलती, कड़ी मेहनत करनी पड़ती है.
शनि देव किन लोगों से होते हैं नाराज
भगवान शनि देव गरीब, लाचार और असहाय लोगों को प्रताड़ित करने वाले लोगों से शनि देव कभी भी खुश नहीं होते हैं. ऐसे व्यक्ति के जीवन में जब भी शनि देव की दशा आती है तो उसे शारीरिक, मानसिक और आर्थिक कष्टों का सामना करना पड़ता है. शनि देव की मार उस व्यक्ति को पड़ती है. सबसे ज्यादा शराब, जुआ, चोरी, हत्या और अन्य तामसिक प्रवृत्ति में लिप्त हुए लोगों को शनि देव का प्रकोप सहना पड़ता है.
पंचांग: आज का मंगलवार तीर्थयात्रा के लिए है परम शुभ; जानें घर से निकलने का सबसे सटीक समय और मुहूर्त
3 Feb, 2026 07:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 03 फरवरी, 2026 मंगलवार, के दिन फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि है. इस तिथि के देवता वायु हैं, जो धरती पर मौजूद हवा के देवता हैं. यह तिथि नए भवन निर्माण के साथ तीर्थयात्रा करने के लिए अच्छी मानी जाती है.
3 फरवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : कृष्ण पक्ष द्वितीया
दिन : मंगलवार
तिथि : कृष्ण पक्ष द्वितीया
योग : शोभन
नक्षत्र : मघा
करण : तैतिल
चंद्र राशि : सिंह
सूर्य राशि : मकर
सूर्योदय : सुबह 07:09 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:01 बजे
चंद्रोदय : शाम 07.37 बजे
चंद्रास्त : सुबह 08.03 बजे
राहुकाल : 15:18 से 16:39
यमगंड : 11:13 से 12:35
इस नक्षत्र में यात्रा और धन के लेन-देन से करें परहेज
आज के दिन चंद्रमा सिंह राशि और मघा नक्षत्र में रहेंगे. इस नक्षत्र का विस्तार 0 से 13:20 डिग्री तक सिंह राशि में फैला है. इसके देवता पितृगण और नक्षत्र स्वामी केतु हैं. यह उग्र और क्रूर प्रकृति का नक्षत्र है. किसी भी तरह का शुभ कार्य, यात्रा या उधार धन देने या लेने का काम इस नक्षत्र में नहीं करना चाहिए. शत्रुओं के विनाश की योजना बनाने का काम इस नक्षत्र में किया जा सकता है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 15:18 से 16:39 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल: वृष राशि वालों के लिए धन लाभ के योग, लेकिन सेहत को लेकर रहना होगा सावधान—जानें क्या कहते हैं आपके सितारे"
3 Feb, 2026 07:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा पांचवें भाव में होगा. आज पूरे दिन आपको शारीरिक और मानसिक थकान का अनुभव होगा. परिश्रम की अपेक्षा सफलता कम होने से आपको निराशा होगी. संतान की चिंता हो सकती है. काम में सतत व्यस्तता के कारण परिवार की उपेक्षा होगी. कहीं घूमने जाने की योजना टालना हितकर है. पेट संबंधी तकलीफें आपको परेशानी में डालेंगी. आपकी जिद के कारण किसी का नुकसान न हो, इसका ध्यान रखें. प्रेम जीवन में आज समय मध्यम फलदायी है.
वृषभ- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा चौथे भाव में होगा. आज आप सभी काम दृढ़ मनोबल और आत्मविश्वास से पूरा कर सकेंगे. पिता से लाभ हो सकता है. विद्यार्थी विद्याध्ययन में सफल होंगे. संतान के पीछे खर्च या निवेश की संभावना है. कलाकार और खिलाड़ी अपनी कुशलता अच्छी तरह प्रदर्शित कर सकेंगे. सरकार से लाभ हो सकता है. कार्यस्थल पर आज आपको कोई नया काम भी मिल सकता है. दोपहर के बाद अचानक किसी बात की चिंता भी हो सकती है. स्वास्थ्य सुख मध्यम रहेगा.
मिथुन- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा तीसरे भाव में होगा. आज सुबह आपका मन क्रोधित रहेगा. शारीरिक रूप से अस्वस्थ और मानसिक रूप से चिंता का अनुभव होगा. व्यर्थ धन खर्च होगा. विद्यार्थियों को अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे. दोपहर के बाद किसी प्रिय मित्र से मुलाकात हो सकती है. आर्थिक लाभ भी होगा. भाई-बंधुओं से प्रेम संबंध बढ़ेंगे. भाग्यवृद्धि के अवसर मिलेंगे. काम में सफलता मिलने से आपका उत्साह बढ़ सकता है.
कर्क- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा दूसरे भाव में होगा. आज का आपका दिन खुशी और आनंद से गुजरेगा. आप कुछ अधिक ही संवेदनशील रहेंगे. आपकी कोई चिंता दूर हो सकती है. स्नेहीजन और मित्रों से मुलाकात सुखद रहेगी. हालांकि आप वाणी पर संयम रखें. शाम में किसी तरह के नकारात्मक विचार आपको परेशान कर सकते हैं. गुस्से पर संयम रखें. व्यापारियों के लिए आज का दिन अच्छा है.
सिंह- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा पहले भाव में होगा. आज वाणी पर संयम रखें. परिजनों के साथ किसी बात पर विवाद हो सकता है. आय की अपेक्षा व्यय अधिक रहेगा. किसी कन्फ्यूजन में दिन गुजरेगा. स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें. दोपहर के बाद का समय आपके लिए अनुकूल रहेगा. आप नए काम की शुरुआत कर सकेंगे. दोपहर के बाद दोस्तों के साथ मुलाकात होगी. किसी तरह का आर्थिक लाभ हो सकता है.
कन्या- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा बारहवें भाव में होगा. आज आपको विविध क्षेत्रों से लाभ होने की संभावना है. व्यवसाय में लाभ होगा. मित्रों का पूरा सहयोग मिलेगा. दोस्तों के लिए धन खर्च कर सकते हैं. किसी छोटी जगह की यात्रा हो सकती है. दोपहर के बाद आपका मन उलझन में रहेगा. संबंधियों के साथ भेदभाव के प्रसंग भी उपस्थित हो सकते हैं. क्रोध में किसी के साथ विवाद की आशंका बनी रहेगी. स्वास्थ्य नरम-गरम रहेगा.
तुला- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा ग्यारहवें भाव में होगा. आज का दिन आप के लिए एकदम शुभ है. धार्मिक काम में मन लगेगा और देव दर्शन के लिए जा सकते हैं. विविध क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है. नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों से प्रोत्साहन मिलेगा. पदोन्नति के योग हैं और कई दिनों से अधूरी मन की मुराद भी पूरी हो सकती है. प्रियपात्र और मित्रों के साथ मुलाकात होगी. पर्यटन का आयोजन हो सकता है. शादी योग्य युवक-युवतियों का रिश्ता पक्का हो सकता है.
वृश्चिक- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा दसवें भाव में होगा. आज का दिन आपके लिए शुभ है. किसी नए काम का टारगेट पूरा हो सकेगा. व्यापार में लाभ मिल सकता है. पार्टनरशिप के काम सफल रहेंगे. पिता से भी आर्थिक लाभ की संभावना दिख रही है. आज किसी प्रियपात्र और मित्रों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बनेगा. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. प्रेम संबंधों के लिए आज का दिन शुभ फलदायक है.
धनु- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा नवें भाव में होगा. आज स्वास्थ्य कुछ कमजोर रहने की आशंका है. शारीरिक रूप से आलस्य की भावना रहेगी. मानसिक रूप से भी किसी चिंता में रहेंगे. व्यवसाय में कई विघ्न आ सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों पर भी काम का अतिरिक्त बोझ रहेगा. नकारात्मक विचारों से दूर रहें. किसी भी काम की शुरुआत संभलकर करें. अधिकारियों के साथ विवाद के प्रसंग उपस्थित होंगे. ज्यादातर समय मौन रहें. शाम को परिजनों के साथ समय अच्छा गुजरेगा. प्रेम जीवन सफल रहेगा.
मकर- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा आठवें भाव में होगा. आज का दिन दोस्तों के साथ मौज-मस्ती में गुजरने वाला है. मनोरंजक एक्टिविटी मेें आपका मन लगेगा. भागीदारी से लाभ होगा. सुखद यात्रा का संयोग बनेगा. व्यापार में भी आपको लाभ होगा, परंतु दोपहर बाद आपका मन किसी काम में नहीं लगेगा. शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ रहेंगे. परिवार में विवाद हो सकता है.
कुंभ- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा सातवें भाव में होगा. आज का दिन पूरी तरह से शुभ फलदायी है. व्यापार करने वालों के लिए दिन अनुकूल रहेगा. शारीरिक और मानसिक रूप से आप स्वस्थ बने रहेंगे. दोस्तों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बनेगा. माता-पिता का आशीर्वाद साथ रहेगा. घर में भी खुशी का वातावरण रहेगा. प्रेम जीवन में सकारात्मकता रहेगी. आज किसी नए व्यक्ति के साथ आपके संबंध जुड़ सकते हैं.
मीन- आज चंद्रमा की स्थिति 03 फरवरी, 2026 मंगलवार को सिंह राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा छठे भाव में होगा. मन की दृढ़ता और आत्मविश्वास से आपका काम सफल बनेगा. परिवार में सुख और शांति और आनंद का वातावरण रहेगा. गुस्से के चलते वाणी और व्यवहार में उग्रता न लाएं. नौकरी में आपका वर्चस्व बढ़ेगा. विरोधियों पर विजय मिलेगी. बीमार व्यक्ति के स्वास्थ्य में सुधार होगा. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. व्यापारियों को विशेष लाभ नहीं मिल पाएगा.
फरवरी में आमलकी एकादशी कब? ये हर पाप से मुक्ति का दिन, काशी के पंडित से जानें तरीका
3 Feb, 2026 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Aamlaki Ekadashi Vrat (आमलकी एकादशी व्रत विधि) वाराणसी. सनातन धर्म में एकादशी के व्रत का विशेष महत्त्व है. हर महीने में दो एकादशी का व्रत होता है. पहला कृष्ण पक्ष और दूसरा शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को यह व्रत रखा जाता है. फरवरी महीने में भी दो एकादशी के व्रत हैं. इसी महीने में आमलकी एकादशी भी पड़ रही है. इस एकादशी के व्रत से सभी पापों का नाश होता है. फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी के नाम से जानते हैं. आमलकी एकादशी के दिन आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु का निवास होता है. इसलिए इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा से भगवान विष्णु के पूजन का फल मिलता है. आमलकी एकादशी को रंगभरी एकादशी के नाम से भी जानते हैं. लोकल 18 से बात करते हुए काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय बताते हैं कि 26 फरवरी को आमलकी एकादशी का व्रत रखा जाएगा.
क्या है पूजा का शुभ समय
आमलकी एकादशी पर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए. उसके बाद भगवान विष्णु का ध्यान कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए. सनातन वैदिक पंचांग के अनुसार, इस दिन पूजा के लिए सुबह 6 बजकर 15 मिनट से लेकर 9 बजकर 40 मिनट तक का समय बेहद शुभ है. इस समय में भगवान विष्णु की पूजा के दौरान उन्हें आंवले का फल भी जरूर अर्पण करना चाहिए. इससे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (03 फ़रवरी 2026)
3 Feb, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- कार्य-कशुलता से संतोष, योजनाएं फलीभूत होंगी, कार्य का ध्यान रखें।
वृष राशि :- दूसरों की समस्याओं में फंसने से बचिये, किसी के कार्य में हस्तक्षेप न करें।
मिथुन राशि :- सामाजिक कार्यों में प्रभुत्व-प्रतिष्ठा, मानसिक वृद्धि के योग अवश्य ही बनेंगे।
कर्क राशि :- समय की अनुकूलता से लाभांवित होंगे तथा कार्यकुशलता से लाभ होगा।
सिंह राशि :- सामाजिक कार्य में प्रभुत्व वृद्धि, मनोवृत्ति संवेदनशील बनी ही रहेगी।
कन्या राशि :- कार्यकुशलता से संतोष, अधिकारियों का समर्थन फलप्रद होगा।
तुला राशि :- अशुद्ध गोचर रहने से विघटनकारी तत्व परेशानी करेंगे, विरोध हो।
वृश्चिक राशि :- समय की अनुकूलता से लाभांवित होंगे, सामाजिक कार्य में सहयोग करें।
धनु राशि :- धन लाभ, कार्यकुशलता से संतोष, सामाजिक कार्य में मान-प्रतिष्ठा बढ़े।
मकर राशि :- सफलता के साधन सम्पन्न होंगे, बिगड़े कार्य एक-एक करके बन जायेंगे।
कुंभ राशि :- मित्र परेशान करें, मानसिक उद्विघ्नता, व्यर्थ धन का व्यय होगा।
मीन राशि :- चिन्ताएं कम हों, भाग्य का सितारा प्रबल होगा, बिगड़े कार्य बनेंगे।
Mahashivratri 2026 पर रुद्राक्ष पहनने जा रहे हैं? एक गलती बदल सकती है पूरा असर, पहले जान लें ये नियम
3 Feb, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रुद्राक्ष को भगवान शिव का महाप्रसाद कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह पवित्र मनका शिव के आंसुओं से उत्पन्न हुआ था. रुद्राक्ष केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने वाला भी माना जाता है. हालांकि रुद्राक्ष धारण करने से पहले इसके नियम, सही विधि और लाभ जानना बेहद जरूरी है. अगर नियमों का पालन न किया जाए तो इसका पूरा फल नहीं मिल पाता. महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 पर यदि आप रुद्राक्ष पहनने की सोच रहे हैं, तो नीचे बताए गए सात जरूरी बिंदुओं को जरूर जान लें.
1. महाशिवरात्रि पर रुद्राक्ष धारण करने का शुभ समय रुद्राक्ष पहनने के लिए महाशिवरात्रि का दिन बहुत शुभ माना गया है. खासकर निशीथ काल में रुद्राक्ष धारण करना श्रेष्ठ फल देता है. इस समय मन और शरीर दोनों को साफ रखना चाहिए. स्नान के बाद ही पूजा या धारण की प्रक्रिया शुरू करें.
2. सही रुद्राक्ष का चयन कैसे करें हर व्यक्ति के लिए अलग मुखी रुद्राक्ष उपयुक्त माना जाता है. बाजार से रुद्राक्ष खरीदने से पहले किसी जानकार या ज्योतिष विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है. कटा, फटा या छेद वाला रुद्राक्ष कभी न लें.
3. रुद्राक्ष की पूजा विधि महाशिवरात्रि के दिन रुद्राक्ष को पहले गंगाजल से धो लें. इसके बाद उसे शिवलिंग के पास रखें. फूल, चंदन, धूप और दीप से पूजा करें. फिर “ॐ नमः शिवाय” या महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें.
4. रुद्राक्ष पहनने की सही विधि मंत्र जाप के बाद रुद्राक्ष को लाल या सफेद धागे में पिरो लें. इसे गले, कलाई या बाजू में धारण किया जा सकता है. इसे भगवान शिव का प्रसाद मानकर पूरे विश्वास के साथ पहनें.
5. रुद्राक्ष से जुड़े जरूरी नियम किसी और का पहना हुआ रुद्राक्ष कभी न पहनें. रुद्राक्ष को जमीन पर न रखें. शौच या अंतिम संस्कार में जाने से पहले इसे उतारकर साफ जगह पर रखें.
6. रुद्राक्ष पहनने वालों को किन बातों से बचना चाहिए रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को मांस, शराब और नशे से दूरी बनानी चाहिए. सोते समय रुद्राक्ष को उतारकर पूजा स्थान में रखना अच्छा माना जाता है.
7. रुद्राक्ष धारण करने के धार्मिक लाभ मान्यता है कि रुद्राक्ष पहनने से शिव कृपा बनी रहती है. इससे भय, मानसिक तनाव और नकारात्मक सोच दूर होती है. व्यक्ति को आत्मविश्वास, शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.
होलिका दहन पर साल का पहला चंद्र ग्रहण...इन 3 राशियों की पलटने वाली है किस्मत, बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा
2 Feb, 2026 12:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण फाल्गुन पूर्णिमा के दिन, यानी होलिका दहन के अवसर पर पड़ने जा रहा है. यह ग्रहण 3 मार्च 2026 को दोपहर 2 बजकर 16 मिनट पर शुरू होगा और शाम 7 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में साफ़ तौर पर दिखाई देगा, इसी वजह से इसका सूतक काल मान्य रहेगा. सूतक की शुरुआत 3 मार्च की सुबह 9 बजकर 39 मिनट से होगी, जो शाम 6 बजकर 46 मिनट तक प्रभावी रहेगा.
साल 2026 के चंद्र ग्रहण का समय
ग्रहण का प्रभाव धीरे-धीरे दोपहर के समय दिखाई देने लगेगा. दोपहर 3 बजकर 21 मिनट के बाद इसका असर अधिक स्पष्ट होगा. शाम 6 बजकर 46 मिनट पर चंद्रमा ग्रहण से बाहर निकलना शुरू करेगा और पूर्ण रूप से ग्रहण की समाप्ति 7 बजकर 52 मिनट पर होगी. ज्योतिषीय दृष्टि से यह चंद्र ग्रहण कुछ राशियों के लिए विशेष लाभकारी माना जा रहा है.
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के जीवन में इस दौरान सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं. आय के नए अवसर बनेंगे और निवेश से लाभ मिलने की संभावना है. नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापार से जुड़े लोगों का रुका हुआ पैसा वापस आने के संकेत हैं. नए काम या प्रोजेक्ट की शुरुआत के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा.
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए यह ग्रहण आर्थिक स्थिति को मज़बूत करने वाला साबित हो सकता है. पुराने निवेश या पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के योग बन रहे हैं. धन-संपत्ति में बढ़ोतरी के साथ-साथ मान-सम्मान और प्रभाव में भी इज़ाफ़ा हो सकता है. राजनीति, प्रशासन या सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभदायक माना जा रहा है.
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए यह चंद्र ग्रहण अचानक लाभ और राहत लेकर आ सकता है. लंबे समय से चली आ रही आर्थिक दिक्कतें दूर होने की संभावना है. छात्रों के लिए यह समय सफलता और उपलब्धियों से भरा रहेगा. पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी बड़े लक्ष्य को हासिल करने के संकेत हैं. विदेश से जुड़े करियर या नौकरी के सपने भी इस दौरान पूरे हो सकते हैं.
पंचांग : आज की तिथि में छिपा है अच्छी सेहत का राज! जानें चिकित्सा कार्यों के लिए क्यों है यह सबसे उत्तम दिन
2 Feb, 2026 07:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 02 फरवरी, 2026 सोमवार, के दिन फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि है. इस दिन पर माता दुर्गा का शासन है. नए प्रोजेक्ट्स की प्लानिंग और चिकित्सा संबंधी कामों के लिए अच्छा दिन है. किसी भी तरह का अन्य बड़ा शुभ काम नहीं करना चाहिए.
2 फरवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
दिन : सोमवार
तिथि : कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
योग : आयुष्यमान
नक्षत्र : अश्लेषा
करण : बलव
चंद्र राशि : कर्क
सूर्य राशि : मकर
सूर्योदय : सुबह 07:10 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:00 बजे
चंद्रोदय : शाम 06.33 बजे
चंद्रास्त : सुबह 07.27 बजे
राहुकाल : 08:31 से 09:52
यमगंड : 11:13 से 12:35
तांत्रिक कार्यों के लिए अच्छा है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा कर्क राशि और अश्लेषा नक्षत्र में रहेंगे. कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र का विस्तार 16:40 से 30 डिग्री तक है. इसके देवता सर्प और नक्षत्र स्वामी बुध हैं. इस नक्षत्र को अच्छा नक्षत्र नहीं माना जाता है. इस नक्षत्र में किसी भी तरह का शुभ कार्य करने से बचना चाहिए. हालांकि युद्ध में सफलता की तैयारी, तांत्रिक कार्य, कारावास या अलगाव से जुड़े कार्य, विनाश के कार्य और वरिष्ठों के साथ गठबंधन तोड़ने के लिए इस नक्षत्र में कार्य किए जा सकते हैं.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 08:31 से 09:52 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल: आज की एक छोटी सी शांति दिलाएगी बड़ी सफलता! जानें सोमवार को आपके भाग्य के सितारे क्या इशारा कर रहे हैं
2 Feb, 2026 07:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा चौथे भाव में है. आज आप में भावुकता काफी रहेगी. किसी की बात या व्यवहार से आपकी भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है. मां के स्वास्थ्य की चिंता आपको हो सकती है. आज कार्यस्थल पर भी आपको मौन रहना होगा. आप ज्यादातर समय अपने काम में ही व्यस्त रहें. किसी से अनावश्यक विवाद हो सकता है. भोजन और नींद में अनियमितता रहने से उदासी होगी. विद्यार्थियों के लिए समय मध्यम है. मन की शांति के लिए आध्यात्म का सहारा लें. अचल संपत्ति संबंधी चर्चा को टालें.
वृषभ- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा तीसरे भाव में है. आपकी चिंताएं कम होने से आप काफी राहत का अनुभव करेंगे. आज आप काफी भावुक और संवेदनशील रहेंगे, इससे आपकी कल्पनाशक्ति और सृजनशक्ति उभर कर सामने आएगी. साहित्य लेखन तथा कलाक्षेत्र में आज आप योगदान कर सकेंगे. परिवार के सदस्य विशेष रूप से माता के साथ आपकी आत्मीयता बढ़ेगी. छोटी यात्रा का आयोजन हो सकता है. वित्तीय मामलों पर ध्यान देंगे. आपका पूरा दिन आनंद में गुजरेगा.
मिथुन- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा दूसरे भाव में है. आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन लाभदायी है. आज मित्रों एवं परिजनों के सहयोग से आपके कठिन काम आसानी से हो पाएंगे. उत्तम भोजन और वस्त्र की सुविधा भी आप को मिलेगी. मन में किसी प्रकार के नेगेटिव विचारों को रखेंगे, तो कोई काम नहीं बनेगा. व्यापार में अनुकूल वातावरण से मन में खुश रहेगा. दोपहर के बाद उत्साह तथा ताजगीभरा समय रहेगा, इसे आनंद से गुजारें. नौकरीपेशा लोग आज आराम के मूड में रहेंगे.
कर्क- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा पहले भाव में है. आज आप प्यार एवं भावना के प्रवाह में रहेंगे. दोस्त, स्वजनों और रिश्तेदारों से कोई उपहार मिल सकता है. आप उनके साथ अपना दिन खुशी में गुजार सकेंगे. प्रवास, सुंदर भोजन एवं प्रियजन के साथ से आप रोमांचित रहेंगे. पत्नी का विशेष साथ मिलने से मन प्रसन्न रहेगा. बहुत दिनों से चल रहा मतभेद भी दूर हो सकेगा. कार्यस्थल पर आज आपको कोई नया काम मिल सकता है. व्यापारियों के लिए आज का दिन विशेष फलदायी नहीं है.
सिंह- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा बारहवें भाव में है. आज आपके मन में क्रोध और आवेश की भावना रहेगी. लोगों से संभलकर बातचीत करें. स्वास्थ्य की दृष्टि से आज का दिन शुभ नहीं है. मन में किसी बात की चिंता रहेगी. परिजनों के साथ वाद-विवाद हो सकता है, परंतु दोपहर के बाद आपका मन खुश रहेगा. दोस्तों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है. खर्च पर अंकुश रखें. हो सके तो सुबह के समय ज्यादातर समय मौन रहें अन्यथा किसी से विवाद हो सकता है.
कन्या- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा ग्यारहवें भाव में है. आज घर, परिवार एवं व्यापार जैसे तमाम क्षेत्रों में आपको लाभ होगा. मित्रों के साथ आनंददायक प्रवास होगा, तो दांपत्यजीवन में भी आप ज्यादा निकटता बना सकेंगे. महिला मित्रों से विशेष लाभ होगा. धन प्राप्ति के लिए भी समय शुभ है. व्यापारी अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए किसी विशेष स्थान की यात्रा कर सकते हैं. अविवाहितों को जीवनसाथी की तलाश में सफलता मिल सकती है. आज का दिन लाभदायी रहेगा.
तुला- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा दसवें भाव में है. आज आपके घर और कार्यस्थल पर बेहतर वातावरण रहने से काफी प्रसन्नता रहेगी. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. नौकरी करने वालों के लिए पदोन्नति का योग है. काम में उच्च अधिकारी आपके काम की सराहना करेंगे. परिवार में हर्षोल्लास का माहौल रहेगा. माता से लाभ मिलेगा. सरकारी काम में आज सफलता मिलेगी. कार्यस्थल पर कोई नया टारगेट आपको मिल सकता है.
वृश्चिक- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा नवें भाव में है. आध्यात्मिकता और ईश्वर की प्रार्थना से अनिष्ट से बच सकेंगे. शारीरिक और मानसिक रूप से आप अस्वस्थ रहेंगे. सभी के साथ आप अच्छा व्यवहार रखें. वाणी पर संयम रखने से परिस्थिति अनुकूल बनी रहेगी. व्यापार में कोई मुश्किल आ सकती है. पार्टनरशिप के काम में आप ध्यान रखें. माता-पिता के स्वास्थ्य की चिंता हो सकती है. शाम के समय दोस्तों के साथ कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है.
धनु- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है। आपकी राशि से चंद्रमा आठवें भाव में है। आज आपको खाने-पीने में खास ध्यान रखने की जरूरत है। कार्य सफलता में विलंब होने से निराशा का अनुभव होगा। काम समय से पूरा नहीं होगा। काम का बोझ ज्यादा रहेगा। नए काम की शुरुआत ना करें। शारीरिक स्वास्थ्य कमजोर रहेगा। मन बेचैन एवं चिंतित रहेगा। वाणी पर संयम रखें। खर्च ज्यादा होगा। परिजनों के साथ विवाद टालने के लिए जरूरी है कि आज आप ज्यादा समय मौन रहें.
मकर- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है। आपकी राशि से चंद्रमा सातवें भाव में है। आज का दिन धन की दृष्टि से बहुत अच्छा रहेगा। व्यापार वृद्धि के योग हैं। इसके अलावा दलाली, ब्याज, कमिशन से मिलने वाले पैसों से धन में वृद्धि होगी। प्रेमियों के लिए भी आज का दिन बेहतर है। किसी नए व्यक्ति से आकर्षण रहेगा। स्वादिष्ट भोजन, वस्त्र परिधान एवं वाहन सुख प्राप्त होगा। आज आपके घर पर कोई मेहमान भी आ सकते हैं। दोपहर के बाद आप दोस्तों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बना सकते हैं.
कुंभ- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है। आपकी राशि से चंद्रमा छठे भाव में है। आज आपको काम में सफलता मिलेगी। इससे आपका यश बढ़ेगा। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। सामाजिक रूप से मान-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। दोपहर के बाद आप मनोरंजन और शॉपिंग आदि में रुचि रखेंगे। दोस्तों के साथ समय अच्छा गुजरेगा। परिजनों के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है। इस समय को आप आनंद से गुजार सकेंगे। हालांकि स्वास्थ्य सुख मध्यम रहेगा। ज्यादा काम की वजह से आपको थकान लग सकती है.
मीन- 02 फरवरी, 2026 सोमवार के दिन आज कर्क राशि में चंद्रमा है। आपकी राशि से चंद्रमा पांचवें भाव में है। आज का दिन विद्यार्थियों के लिए अच्छा होने वाला है। उनको अभ्यास में सफलता मिलेगी एवं प्रगति के नए मौके मिलेंगे। आप अपनी कल्पनाशक्ति से साहित्य लेखन में नया काम कर सकते हैं। प्रेमीजन एक-दूसरे का साथ पा सकेंगे। आपके स्वभाव में ज्यादा भावुकता रहेगी। मित्रों पर खर्च हो सकता है। नए लोगों से आपके संबंध बनेंगे। व्यापारियों के लिए आज का दिन अच्छा है। आज परिजनों के साथ शाम का समय मौज-मस्ती में गुजरेगा.
पहाड़ों में बर्मा के बिना अधूरा माना जाता है शुभ कार्य, जानें 108 तिनकों से बने देवताओं के इस पवित्र आसन का रहस्य
2 Feb, 2026 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पहाड़ों में पूजा-पाठ सिर्फ एक धार्मिक कर्मकांड नहीं है, बल्कि यह यहां के जीवन जीने का एक तरीका है. यहां हर पूजा पूरी परंपरा, कड़े नियम और गहरी श्रद्धा के साथ संपन्न की जाती है. पहाड़ी संस्कृति में एक ऐसी चीज़ है, जिसके बिना कोई भी पूजा या अनुष्ठान पूरा नहीं माना जाता और वह है ‘बर्मा’. भले ही आज की पीढ़ी आधुनिक हो रही हो, लेकिन पहाड़ों में बर्मा का महत्व आज भी वैसा ही है जैसा सदियों पहले था. इसके बिना न तो देवताओं की स्थापना होती है और न ही पितरों का कार्य संपन्न होता है.
जानिए क्या है कूश जिससे बनता है बर्मा
बर्मा को ‘कूश’ कुशा या कहीं-कहीं पर कुश भी कहा जाता है. जो एक पवित्र पौधा (घास) होता है, उससे बर्मा को तैयार किया जाता है. हिंदू धर्म शास्त्रों में कूश को सबसे शुद्ध घास माना गया है. ऐसी मान्यता है कि कूश में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने और वातावरण को पवित्र करने की अद्भुत शक्ति होती है. यही कारण है कि इसका उपयोग सिर्फ देवताओं की पूजा में ही नहीं, बल्कि श्राद्ध, तर्पण और पितृ कार्यों में भी अनिवार्य रूप से किया जाता है. बिना कूश के किसी भी मंत्र का प्रभाव वैसा नहीं रहता जैसा होना चाहिए.
108 तिनकों का नियम और मंत्रों की शक्ति
बर्मा बनाने की प्रक्रिया भी अपने आप में बहुत अनोखी और नियमों से बंधी होती है. इसे बनाने के लिए कूश के ठीक 108 तिनकों का इस्तेमाल किया जाता है. हिंदू धर्म में 108 की संख्या का बहुत बड़ा आध्यात्मिक महत्व है, इसीलिए बर्मा में भी इतने ही तिनके रखे जाते हैं. इन्हें मंत्रोच्चारण के साथ एक खास तरीके से आपस में पिरोया या जोड़ा जाता है. इस काम को अक्सर घर के बुजुर्ग या कोई विद्वान पंडित ही करते हैं, ताकि विधि में कोई चूक न हो जाए.
देवताओं का आसन है बर्मा
इस परंपरा के बारे में बताते हुए पंडित बलदेव दत्त भट्ट बताते हैं कि बर्मा को सिर्फ कूश की बनी एक वस्तु समझना गलत होगा. असल में यह ‘देवताओं का आसन’ माना जाता है. पूजा के समय बर्मा के माध्यम से ही देवी-देवताओं का आवाहन (बुलावा) किया जाता है और उन्हें स्थान दिया जाता है. पंडित जी के अनुसार, बिना बर्मा के की गई पूजा अधूरी रहती है और जातक को उसका पूरा फल प्राप्त नहीं होता. यह देव कार्य और पितृ कार्य दोनों के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी है.
हर शुभ कार्य में बर्मा है जरूरी
पहाड़ों में शायद ही ऐसा कोई मांगलिक कार्य हो जहां बर्मा न दिखे. घर की छोटी-मोटी पूजा से लेकर बड़े हवन, यज्ञ और विवाह संस्कारों तक, बर्मा की मौजूदगी अनिवार्य है. लोगों का अटूट विश्वास है कि बर्मा के बिना किया गया कोई भी शुभ कार्य सिद्ध नहीं होता. इसी विश्वास के कारण आज भी पहाड़ों के हर गांव और हर घर में यह परंपरा जीवित है.
घरों में सहेज कर रखा जाता है बर्मा
पहाड़ी घरों में लोग बर्मा को बड़े ही सम्मान और सावधानी के साथ सहेज कर रखते हैं. इसे किसी साफ और ऊंचे स्थान पर रखा जाता है. जब भी घर में कोई पूजा होती है, बर्मा को निकालकर विधि-विधान से उसे स्थापित किया जाता है. बुजुर्गों का मानना है कि घर में बर्मा का होना सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है. यह सिर्फ घास के तिनकों का गुच्छा नहीं, बल्कि हमारी सदियों पुरानी पहाड़ी संस्कृति और अटूट आस्था का प्रतीक है.
क्या आपकी कुंडली में है कालसर्प दोष? बिना अनुष्ठान इस छोटे उपाय से होगा निवारण, रामायण में भी है उल्लेख
2 Feb, 2026 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंदू धर्म में कालसर्प दोष को अत्यंत अशुभ माना गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति की कुंडली में यह दोष होता है, उसे जीवन में अनेक विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. कालसर्प दोष के कारण मानसिक तनाव, आत्मविश्वास की कमी के साथ-साथ करियर और वैवाहिक जीवन में भी कई प्रकार की बाधाएं उत्पन्न होती हैं.
इस दोष के निवारण के लिए लोग महंगी और जटिल पूजा-पाठ व अनुष्ठानों का सहारा लेते हैं. विशेष रूप से नदी तटों, शिव मंदिरों और सिद्ध पीठों पर विशेष पूजा कराई जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कालसर्प दोष को एक सरल और प्रभावी उपाय से भी शांत किया जा सकता है.
क्या है कालसर्प दोष
करौली के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु पं. हरिमोहन शर्मा बताते हैं कि यदि जन्म कुंडली में राहु, केतु और शनि के बीच सभी ग्रह आ जाए, तो उस कुंडली में कालसर्प दोष माना जाता है. इस दोष से मुक्ति के लिए लोग पारंपरिक पूजा-विधि अपनाते हैं, लेकिन एक ऐसा आसान उपाय भी है, जिसे बिना किसी विशेष अनुष्ठान के अपनाया जा सकता है.
गले में धारण करें गरुड़ का पेंडल
पं. हरिमोहन शर्मा के अनुसार, जिन जातकों की कुंडली में कालसर्प दोष है, उन्हें पूजा-पाठ से पहले अपने गले में गरुड़ जी का पेंडल धारण करना चाहिए. यह पेंडल चांदी या किसी भी उपयुक्त धातु का हो सकता है. उनका कहना है कि गरुड़ जी का पेंडल न केवल कालसर्प दोष को शांत करता है, बल्कि कुंडली के अन्य कई दोषों के प्रभाव को भी कम करता है. उन्होंने बताया कि जातक अपनी श्रद्धा अनुसार गरुड़ जी का पेंडल बनवाकर उसका पंचामृत से अभिषेक करें और फिर श्रद्धापूर्वक गले में धारण करें.
रामायण में भी मिलता है उल्लेख
पं. हरिमोहन शर्मा बताते हैं कि इस उपाय का उल्लेख रामायण में भी मिलता है. जब इंद्रजीत ने लक्ष्मण जी को नागपाश में बांध दिया था, तब हनुमान जी गरुड़ जी को लेकर आए थे. गरुड़ जी के आते ही नागपाश समाप्त हो गया. आध्यात्मिक दृष्टि से यह कालसर्प दोष का ही प्रभाव था, जिसे गरुड़ जी ने समाप्त किया. इसी कारण कालसर्प दोष के निवारण के लिए गरुड़ जी का पेंडल सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है.
जागरण से जागेगा सौभाग्य, भोलेनाथ देंगे मनचाहा वरदान, जानें महाशिवरात्रि की 4 प्रहर पूजा का विशेष फल
2 Feb, 2026 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिव की नगरी उज्जैन मे हर पर्व बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है. इसी प्रकार देवों के देव महादेव को समर्पित महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक बहुत ही पवित्र और खास त्योहार है. यह दिन शिवभक्तों के लिए भक्ति, आस्था और साधना का विशेष अवसर होता है. वैसे तो शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है लेकिन फाल्गुन महीने की कृष्ण चतुर्दशी को आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है. इस शिवरात्रि का महत्व सबसे अधिक होता है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन रात भगवान शंकर शिवलिंग रूप में प्रकट हुए थे. शिवलिंग को सृष्टि और जीवन का प्रतीक माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि पंचतत्व सहित पूरे ब्रह्मांड की ऊर्जा शिवलिंग में समाहित है. यही वजह है कि महाशिवरात्रि की रात की गई पूजा, व्रत और साधना बहुत फल देने वाली मानी जाती है. इस दिन सच्चे मन से की गई प्रार्थना से भक्तों की इच्छाएं पूरी होती हैं. एक मान्यता यह भी है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था. इसी कारण इस दिन कई स्थानों पर शिव बारात निकाली जाती है और शिवालयों में विशेष उत्सव मनाया जाता है. आइए उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज से जानते है शिवरात्रि का महत्व व चार प्रहर की पूजा का शुभ समय.
कब मनाई जायगी महाशिवरात्रि?
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 फरवरी दिन रविवार को शाम 05 बजकर 04 मिनट से शुरू होगी. यह चतुर्दशी तिथि 16 फरवरी दिन सोमवार को शाम 5 बजकर 34 मिनट तक रहेगी. ऐसे में महाशिवरात्रि 15 फरवरी दिन रविवार को मनाई जाएगी. 15 फरवरी को महाशिवरात्रि व्रत रखा जाएगा और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की जाएगी.
महाशिवरात्रि पर चार प्रहर का शुभ मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर चारों प्रहर में पूजा करने का बड़ा महत्व है. इसमें महाशिवरात्रि की शाम से पूजा प्रारंभ होती है और अगले दिन की सुबह तक में कुल 4 बार पूजा की जाती है. यानी कि रात के चारों प्रहर में शिव-पार्वती जी की पूजा की जाती है. इस साल महाशिवरात्रि पर 4 प्रहर की पूजा के मुहूर्त ये हैं-
गुमला में यहां 2,000 फीट की ऊंचाई पर बसते हैं बाबा वैद्यनाथेश्वर, रामायण काल से जुड़ी है मान्यता
2 Feb, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुमलाः झारखंड के गुमला जिले को ‘शिवनगरी’ कहा जाता है, क्योंकि यहां के कण-कण में भगवान शिव का वास माना जाता है. इसी जिले के पालकोट प्रखंड में स्थित पम्पापुर की ऊंची पहाड़ियों (श्रीमुख पर्वत) पर बाबा वैद्यनाथेश्वर मनोकामना लिंग मंदिर स्थित है. धरातल से लगभग 2,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि अपनी प्राकृतिक सुंदरता और पौराणिक महत्व के लिए भी प्रसिद्ध है.
मनोकामना शिवलिंग की महिमा
मंदिर के पुजारी रामू बाबा के अनुसार, इस शिवलिंग को ‘मनोकामना शिवलिंग’ के रूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि जो भी भक्त यहां सच्चे मन से अपनी मुराद लेकर आता है, महादेव उसकी झोली खाली नहीं रहने देते. चाहे नौकरी हो, व्यापार, संतान सुख या गंभीर शारीरिक व्याधियां बाबा वैद्यनाथेश्वर सभी कष्टों को दूर करते हैं. ऊंचाई और दुर्गम रास्ता होने के बावजूद ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के विभिन्न जिलों से हजारों भक्त यहाँ मत्था टेकने पहुंचते हैं.
रामायण काल से जुड़ाव
यह स्थान केवल शिव भक्तों के लिए ही नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के अनुयायियों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है. पौराणिक साक्ष्यों के अनुसार, इस पर्वत और इसके आसपास सुग्रीव गुफा स्थित है, जहां वानर राज सुग्रीव ने शरण ली थी. माता शबरी का आश्रम और मतंग ऋषि की कुटिया के अवशेष आज भी यहां की प्राचीनता को दर्शाते हैं. वहीं, पर्वत की इसी श्रृंखला में मां पम्पा भवानी का प्राचीन मंदिर भी है.
प्रकृति और अध्यात्म का संगम
पालकोट प्रखंड मुख्यालय से लगभग 25 किमी दूर स्थित यह स्थान सुकून और शांति का प्रतीक है. पहाड़ की चोटी पर पहुंचने के बाद भक्तों को एक अलग ही दिव्य शांति का अनुभव होता है. यहां का शांत वातावरण और मनोरम दृश्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. पुजारी जी का कहना है कि ऊंचाई देखकर घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि यहां पहुंचने के बाद मिलने वाला आत्मिक संतोष सारी थकान मिटा देता है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (02 फ़रवरी 2026)
2 Feb, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- कुटुम्ब की समस्याऐं सुलझें, भाग्य में समय परिवर्तनशील है, लाभ लें।
वृष राशि :- चिन्ताऐं कम हों, स्त्री वर्ग से सुख-वर्धक स्थिति होगी, प्रभुत्व के कार्य बनेंगे।
मिथुन राशि :- आशानुकूल सफलता का हर्ष, बिगड़े हुये कार्य बनेंगे तथा कार्य सिद्ध होंगे।
कर्क राशि :- लेनेदेन के मामले में हानि, व्यर्थ प्रयास व यात्रा के प्रसंग में हानि होगी।
सिंह राशि :- कार्य-कुशलता से संतोष, मनोवृत्ति संवेदनशील रहेगी, ध्यान से कार्य बना लें।
कन्या राशि :- मान-प्रतिष्ठा, प्रभुत्व में वृद्धि, अधिकारियों का समर्थन फलप्रद बना रहेगा।
तुला राशि :- व्यवसाय की चिन्ता, व्यवसाय गति अनुकूल तथा कार्य में सफल होंगे।
वृश्चिक राशि :- प्रत्येक कार्य में बाधा व विलम्ब तथा उत्तेजना की स्थिति बनी रहेगी।
धनु राशि :- आर्थिक चिन्ता मन उद्विघ्न रखे तथा प्रयत्नशीलता से कार्य बनेंगे।
मकर राशि :- धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष तथा कार्य पूर्ति में सुधार अवश्य होगा।
कुंभ राशि :- धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष, कार्यगति में सुधार अवश्य होगा।
मीन राशि :- अधिकारियों से समर्थन फलप्रद रहेगा, कार्य-व्यवसाय गति अनुकूल रहेगी।
पंचांग का खास संयोग: महीने की पहली तारीख को जागृत होगी आपकी सोई किस्मत, जानें आध्यात्मिक उन्नति का गुप्त रास्ता
1 Feb, 2026 07:42 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 01 फरवरी, 2026 रविवार, के दिन माघ महीने की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि है. इस दिन चतुर्दशी तिथि सुबह 5.52 बजे तक ही है. इसके बाद से पूर्णिमा तिथि लग रही है. इस तिथि के दिन माता लक्ष्मी, सरस्वती और मां पार्वती की पूजा की जाती है. सभी तरह की शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति के लिए यह दिन अच्छा है. शुभ समारोह करने और आध्यात्मिक उन्नति के लिए यह दिन शुभ माना जाता है. आज ललिता जयंती है. आज के दिन रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है.
1 फरवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : माघ
पक्ष : शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
दिन : रविवार
तिथि : शुक्ल पक्ष पूर्णिमा
योग : प्रीति
नक्षत्र : पुष्य
करण : वणिज
चंद्र राशि : कर्क
सूर्य राशि : मकर
सूर्योदय : सुबह 07:10 बजे
सूर्यास्त : शाम 05:59 बजे
चंद्रोदय : शाम 05.26 बजे
चंद्रास्त : चंद्रास्त नहीं
राहुकाल : 16:38 से 17:59
यमगंड : 12:35 से 13:56
शिक्षा और उद्योग शुरू करने के लिए अच्छा है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा कर्क राशि और पुष्य नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र कर्क राशि में 3:20 से 16:40 तक विस्तार लिया हुआ है. इसके देवता बृहस्पति और नक्षत्र के स्वामी ग्रह शनि हैं. किसी भी शुभ कार्य के लिए इसे सर्वश्रेष्ठ नक्षत्र माना जाता है. खेलकूद, विलासिता की वस्तुओं का आनंद लेने, उद्योग शुरू करने, कुशल श्रम, चिकित्सा उपचार, शिक्षा शुरू करने, यात्रा शुरू करने, दोस्तों को मिलने, कुछ सामान खरीदने और बेचने, आध्यात्मिक गतिविधियों के साथ, सजावट, ललित कलाओं को सीखने के लिए यह एक अच्छा नक्षत्र है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 16:38 से 17:59 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
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