धर्म एवं ज्योतिष
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर बन रहा 300 साल बाद अद्भुत संयोग, महादेव की कृपा से ये 3 राशियां होंगी मालामाल
8 Feb, 2026 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Mahashivratri 2026: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, फाल्गुन का यह महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि इसी माह की 15 तारीख को महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाएगा. भगवान शिव को समर्पित यह त्योहार इस वर्ष ज्योतिषीय गणना के आधार पर बेहद खास है, क्योंकि लगभग 300 वर्षों के बाद एक अत्यंत दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है. इस बार महाशिवरात्रि पर एक साथ 8 शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जो कई राशि के जातकों के लिए सौभाग्य लेकर आएगा.
इस दिन सूर्य, बुध और शुक्र की युति से ‘त्रिग्रही योग’ बनेगा, साथ ही बुध-शुक्र के मिलन से ‘लक्ष्मी नारायण राजयोग’ और सूर्य-शुक्र की युति से ‘शुक्रादित्य राजयोग’ का निर्माण होगा. शास्त्रों के अनुसार, महादेव का अति प्रिय ‘श्रवण नक्षत्र’ भी इस दिन पड़ रहा है, जो इस पर्व को और ज्यादा खास बनाएगा.
मेष राशि
महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर मेष राशि के जातकों के लिए ग्रहों की स्थिति अत्यंत लाभकारी रहने वाली है.
महाशिवरात्रि पर बनने वाला दुर्लभ संयोग मेष राशि के जातकों के लिए धन आगमन के प्रबल योग बना रहा है, जिससे लंबे समय से चली आ रही आर्थिक तंगी दूर होगी.
यदि आपका धन या पैसा कहीं फंसा हुआ था, तो इस समय में उसके वापस मिलने की पूरी संभावना है.
कार्यक्षेत्र और व्यापार में आपकी उन्नति की गति तेज होगी, जिससे आपके पेशेवर जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं.
इस दौरान आपको कमाई के एक से अधिक स्रोत प्राप्त हो सकते हैं, जो आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेंगे.
नौकरीपेशा जातकों को कार्यस्थल पर मान-सम्मान मिलेगा और प्रमोशन के अवसर प्राप्त होंगे.
सेहत से जुड़ी पुरानी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा और आप स्वयं को अधिक ऊर्जावान महसूस करेंगे.
आप अपने दुश्मनों पर विजय प्राप्त करने में सफल रहेंगे और आपकी बनाई गई रणनीतियां सटीक परिणाम देंगी.
कन्या राशि
महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व कन्या राशि के जातकों के लिए नई ऊर्जा और सुनहरे अवसरों की सौगात लेकर आ रहा है.
महाशिवरात्रि के शुभ संयोग में नया व्यापार, दुकान या फैक्ट्री शुरू करना आपके लिए अत्यंत फलदायी साबित हो सकता है.
वहीं कारोबार से जुड़े लोगों को अपने काम को आगे बढ़ाने और बड़ा मुनाफा कमाने के बेहतरीन मौके मिलेंगे.
भगवान शिव के आशीर्वाद से आपकी कोई लंबे समय से रुकी हुई मनोकामना इस समय पूरी हो सकती है.
आपके जो प्रोजेक्ट्स या काम काफी समय से रुके हुए थे, वे अब तेजी से पूरे होने की दिशा में बढ़ेंगे.
नौकरी और पेशेवर जीवन में आपको मनचाहे बदलाव और उन्नति देखने को मिलेगी.
नए प्रोजेक्ट्स शुरू करने के लिए यह समय ज्योतिषीय दृष्टि से सर्वोपरि है, जिससे भविष्य में बड़ी सफलता मिलने के योग हैं.
वृश्चिक राशि
महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व वृश्चिक राशि के जातकों के लिए करियर और वित्त के मामले में विशेष वरदान लेकर आ रहा है.
नौकरीपेशा जातकों को इस समय प्रमोशन या किसी बड़ी जिम्मेदारी की शुभ सूचना मिल सकती है.
आप अपनी रचनात्मकता और ‘क्रिएटिविटी’ के बल पर कार्यक्षेत्र में एक नया मुकाम हासिल करने में सफल रहेंगे.
ऑफिस में बॉस और सीनियर अधिकारियों का भरपूर साथ मिलेगा, जिससे आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी.
आपकी वित्तीय स्थिति में सकारात्मक सुधार आएगा, जिससे भविष्य को लेकर आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा.
फिजूलखर्ची में कमी आएगी और आप धन सेविंग्स करने में कामयाब रहेंगे.
कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यशैली की सराहना होगी, जो उन्नति के नए मार्ग प्रशस्त करेगी.
पंचांग : रविवार को इन 5 गलतियों से बचें, वरना पूरे हफ्ते पीछा नहीं छोड़ेंगी बाधाएं
8 Feb, 2026 07:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 08 फरवरी, 2026 रविवार, के दिन फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि है. इस तिथि पर बड़े ऋषियों के साथ भगवान इंद्र का शासन है. हालांकि किसी भी तरह के शुभ कार्यों को इस दिन टालना चाहिए. जीवन में आ रही बाधाओं पर काबू पाने की योजना बनाने के लिए यह दिन अच्छा है. आज भानु सप्तमी है.
8 फरवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : कृष्ण पक्ष सप्तमी
दिन : रविवार
तिथि : कृष्ण पक्ष सप्तमी
योग : गंड
नक्षत्र : स्वाति
करण : विष्टि
चंद्र राशि : तुला
सूर्य राशि : मकर
सूर्योदय : सुबह 07:06 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:05 बजे
चंद्रोदय : देर रात 12.23 बजे (9 फरवरी)
चंद्रास्त : सुबह 10.33 बजे
राहुकाल : 16:42 से 18:05
यमगंड : 12:35 से 13:58
अस्थायी प्रकृति के कार्यों के लिए उपयुक्त है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा तुला राशि और स्वाति नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र तुला राशि में 6:40 से 20:00 डिग्री तक फैला है. इसके शासक ग्रह राहु और देवता वायु हैं. यह अस्थायी प्रकृति का नक्षत्र है, लेकिन यात्रा करने, नया वाहन प्राप्त करने, बागवानी करने, जुलूसों में जाने, खरीदारी करने, दोस्तों से मिलने और अस्थायी प्रकृति की किसी भी चीज के लिए इसे उपयुक्त माना जाता है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 16:42 से 18:05 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल : रविवार को तुला राशि वाले रखें इन 3 बातों का खास ख्याल, संकट से बचने के लिए अपनाएं ये अचूक उपाय
8 Feb, 2026 07:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति सातवें भाव में होगी. आज भाग्य आप पर मेहरबान रहेगा. दिनभर मानसिक रूप से स्वस्थ रहेंगे. पारिवारिक जीवन में सुख रहेगा. किसी छोटी यात्रा का और लजीज भोजन का भी योग है. कोई खोई हुई वस्तु आज मिलने की संभावना अधिक है. अपने विचारों और आवेश को अंकुश में रखें. विदेशी व्यापार से जुड़े लोगों को सफलता और लाभ मिलेगा. चर्चा में विवाद की आशंका बनी रहेगी. कार्यस्थल पर सहकर्मियों के सहयोग से काम आसानी से पूरा हो सकेगा.
वृषभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति छठे भाव में होगी. आज दिनभर आप आनंदित रहेंगे. अपने काम में व्यवस्थित रूप से आप आगे बढ़ पाएंगे और योजना के अनुसार काम भी कर सकेंगे. अधूरे कामों को सफलतापूर्वक पूरा कर पाएंगे. कार्यालय में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा. महिलाओं को मायके से शुभ समाचार मिलने की संभावना अधिक है. मानसिक रूप से भी आप आनंदित रह पाएंगे. आज आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा. स्पोर्ट्स और कला की गतिविधि में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे.
मिथुन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पांचवें भाव में होगी. नए काम शुरू करने के लिए समय अच्छा नहीं है. आपको जीवनसाथी और संतान के स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए. किसी के साथ चर्चा में स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है, सावधान रहना जरूरी है. मित्रों पर धन खर्च होने की संभावना है. शरीर और मन से अस्वस्थ महसूस होने के कारण आपके उत्साह में कमी आएगी. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है. प्रेम जीवन में आपको आज धैर्य के साथ काम लेना चाहिए.
कर्क- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति चौथे भाव में होगी. आज आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ अनुभव नहीं करेंगे. सीने में दर्द या जलन जैसी तकलीफ से परेशान रहेंगे. परिवार के सदस्यों के साथ संघर्ष हो सकता है. आपके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचने जैसी परिस्थिति निर्मित होने की संभावना है. अनावश्यक जगह पर खर्च होने का योग है. भोजन में अनियमितता रहने से आप परेशान रहेंगे. अनिद्रा भी आपके लिए चिंता का कारण बन सकती है.
सिंह- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति तीसरे भाव में होगी. आज व्यापार के लिए कोई छोटी यात्रा हो सकती है. विदेश से कोई अच्छे समाचार मिलेंगे. धन लाभ होगा. नए काम के लिए अच्छा समय है. किसी लाभदायक निवेश में आप रुचि ले सकते हैं. दोपहर के बाद आप अधिक सहनशील बनेंगे. किसी बात की चिंता बनी रहेगी. शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है. पारिवारिक तथा जमीन-जायदाद से जुड़ी समस्याएं खड़ी होंगी. हालांकि आज ज्यादातर समय आप दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलने-जुलने में व्यस्त रहने वाले हैं.
कन्या- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दूसरे भाव में होगी. आज आपके मन में किसी बात को लेकर उलझन बनी रहेगी. कोई नया काम शुरू ना करें. ज्यादातर समय मौन बने रहें, इससे विवाद होने से बच जाएगा. परिजनों के साथ बातचीत में संयम बरतें. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रख पाएंगे. दोपहर के बाद आपका समय अनुकूल दिखेगा. भाई-बंधुओं के साथ कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम बनेगा. भाग्यवृद्धि के संकेत हैं. दोस्तों के साथ शाम का समय पुरानी यादों में गुजर सकता है. आज कोई नया रिश्ता भी बन सकता है.
तुला- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पहले भाव में होगी. आज आपकी रचनात्मकता से आप कोई कठिन काम आसानी से कर पाएंगे. शारीरिक और मानसिक रूप से आप स्वस्थ रहेंगे. नए वस्त्र, आभूषण या मनोरंजन पर धन खर्च होगा. दोपहर के बाद किसी भी तरह का निर्णय लेने में आपको कठिनाई महसूस हो सकती है. परिजनों के साथ वाद-विवाद टालें. इगो को अलग रखकर मेल-जोल भरे वातावरण में काम करें. आज दोस्तों और रिश्तेदारों से मिलना होगा. आप मुस्कुराकर लोगों का स्वागत करें, अन्यथा लोग आपको स्वार्थी समझ सकते हैं.
वृश्चिक- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति बारहवें भाव में होगी. आपका उग्र और असंयमित व्यवहार आपको समस्या में डाल सकता है. दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ कोई विवाद ना हो, इसका ध्यान रखें. दोपहर के बाद शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में दिक्कत रहेगी. आर्थिक मामलों में आज आपको बेहद सावधानी से आगे बढ़ना होगा. शाम के बाद आज आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. आपके घर कोई मेहमान भी आ सकते हैं. कोई आपको उपहार भी दे सकता है. हालांकि आज किसी तरह का कोई नया काम शुरू ना करें.
धनु- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति ग्यारहवें भाव में होगी. आज स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. आज का दिन आध्यात्मिक प्रवृत्ति के लिए बहुत अच्छा है. आर्थिक लाभ होगा. विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है. दोपहर के बाद स्थिति अनुकूल रहेगी. मन में जो दुविधा है, उसका निराकरण हो जाएगा. शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहेंगे. गुप्त शत्रु आपको नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे.
मकर- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दसवें भाव में होगी. आज धार्मिक कामों में आपकी रुचि रहेगी. व्यापार के लिए वातावरण अनुकूल रहेगा. आप के हर काम सरलता से पूरे कर सकेंगे. जीवन में भी आनंद बढ़ जाएगा. दोपहर बाद किसी बात की चिंता से नकारात्मक विचार आ सकते हैं. इससे हताशा भी बढ़ सकती है. आप कहीं निवेश करने की योजना बना सकते हैं. आज मित्रों के साथ सुखद मिलन होगा. आप किसी खास जगह पर घूमने जाने की योजना भी बना सकते हैं.
कुंभ- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति नवें भाव में होगी. आज के दिन बौद्धिक काम, नए सृजन और साहित्यिक गतिविधि में आप उलझे रहेंगे. नए काम की शुरुआत आज कर सकते हैं. किसी धार्मिक यात्रा का आयोजन हो सकता है. व्यापार में लाभ का अवसर मिलेगा. थोड़ा संभलकर चलना होगा. स्वास्थ्य का ध्यान रखें. दोपहर के बाद पारिवारिक जीवन में हर्षोल्लास का वातावरण बना रहेगा. माता से लाभ होगा. उत्तम सुख की प्राप्ति होगी. घर में मेहमान के आगमन से खुशी मिलेगी. आप दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ समय व्यतीत करेंगे.
मीन- चंद्रमा राशि बदलकर आज 08 फरवरी, 2026 रविवार के दिन तुला राशि में होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति आठवें भाव में होगी. आज आकस्मिक धन लाभ के योग हैं. मानसिक तथा शारीरिक श्रम के कारण स्वास्थ्य खराब हो सकता है. सर्दी, सांस की तकलीफ, खांसी और पेट दर्द की परेशानी हो सकती है. बाहर जाने से बचें. आज खर्च में वृद्धि होगी. पैतृक संपत्ति से संबंधित लाभ मिलेंगे. अनैतिक कामों से दूर रहें. ईश्वर भक्ति और आध्यात्मिक विचार आपके कष्ट को कम करेंगे. व्यापारियों के लिए आज का दिन अच्छा है. नए ग्राहक मिल सकते हैं. प्रेम जीवन में भी आज का दिन सकारात्मक रहेगा.
जमीन-जायदाद से लेकर लग्ज़री गाड़ी तक, इस रत्न को पहनने से मिलते हैं चौंकाने वाले फायदे, जानें नियम
8 Feb, 2026 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रत्न पहनने की परंपरा बहुत पुरानी है, लेकिन आज भी लोग इसे सिर्फ फैशन नहीं, बल्कि किस्मत से जोड़कर देखते हैं. खासकर जब बात घर, जमीन, गाड़ी या पैसों की स्थिरता की हो, तो ज्योतिष में एक रत्न बार-बार सामने आता है -मूंगा. कई लोग बताते हैं कि मूंगा पहनने के बाद उनके अटके काम आगे बढ़े, प्रॉपर्टी से जुड़े झगड़े सुलझे या वाहन लेने के मौके बने. ज्योतिष मान्यता के अनुसार इसका सीधा संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है, जो जमीन, साहस और एक्शन का ग्रह है, लेकिन हर किसी को मूंगा पहनना सही नहीं होता. सही राशि, सही तरीका और सही सलाह जरूरी मानी जाती है, वरना फायदा कम और परेशानी ज्यादा भी हो सकती है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
मूंगा क्या है और क्यों माना जाता है खास
मूंगा समुद्र की गहराई में पाए जाने वाले छोटे जीवों से बनता है. यह पत्थर लाल, गहरा लाल, नारंगी, गुलाबी और कभी हल्के रंग में भी मिलता है. इसका असली मूंगा चिकना, चमकदार और बिना दरार वाला होता है. ज्योतिष में इसे ताकत और जमीन से जुड़े मामलों का रत्न माना जाता है.
मूंगा किस ग्रह से जुड़ा है
मूंगा मंगल ग्रह का रत्न माना जाता है. मंगल को जोश, हिम्मत, जमीन, मकान और एक्शन का ग्रह कहा जाता है. जब किसी की कुंडली में मंगल कमजोर होता है, तो प्रॉपर्टी के काम अटकते हैं, गुस्सा बढ़ता है या फैसले लेने में डर लगता है. मूंगा पहनने से मंगल की ताकत बढ़ती है, ऐसा माना जाता है.
जमीन-जायदाद और गाड़ी के लिए क्यों पहनते हैं मूंगा
मंगल का सीधा संबंध जमीन, बिल्डिंग, खेत, प्लॉट और वाहन से जोड़ा जाता है. इसलिए मूंगा पहनने वाले लोग उम्मीद करते हैं कि:
-प्रॉपर्टी खरीदने के मौके बनें
-जमीन के झगड़े सुलझें
-घर बनाने के काम में रुकावट कम हो
-गाड़ी लेने या बदलने का योग बने
रियल एस्टेट, बिल्डिंग, कॉन्ट्रैक्ट या मशीन से जुड़े काम करने वालों के लिए भी इसे अच्छा माना जाता है.
मूंगा पहनने के फायदे
1. आत्मविश्वास बढ़ाता है
डर और हिचक कम होती है, इंसान खुलकर फैसला ले पाता है.
2. काम में तेजी लाता है
टालने की आदत कम होती है, एक्शन लेने का मन करता है.
3. पैसों में स्थिरता
अचानक नुकसान कम होने की उम्मीद रहती है.
4. गुस्से पर कंट्रोल
मंगल संतुलित हो तो बेवजह चिड़चिड़ापन कम होता है.
5. सेहत पर असर
इसे खून के बहाव, ऊर्जा और शरीर की ताकत से भी जोड़ा जाता है (ये मान्यताओं पर आधारित है).
किन राशियों के लिए ज्यादा लाभकारी
-मेष- ये मंगल की ही राशि है, इसलिए मूंगा इनके लिए खास माना जाता है.
-वृश्चिक- इस राशि का स्वामी भी मंगल है.
-सिंह- कुछ हालात में फायदा देता है.
-धनु- अगर कुंडली में मंगल ठीक हो तो लाभ मिल सकता है.
-मीन- कुछ लोगों को यह स्थिरता देता है.
लेकिन बिना कुंडली देखे पहनना सही नहीं माना जाता.
मूंगा पहनने का सही तरीका
-धातु: सोना या तांबा
-उंगली: अनामिका (रिंग फिंगर)
-दिन: मंगलवार
-पहनने से पहले साफ पानी या गंगाजल से धोना
-कई लोग हनुमान जी का नाम लेकर पहनते हैं
सावधानियां जरूर जानें
-हीरा, पन्ना या नीलम के साथ कई बार मूंगा सूट नहीं करता.
-अगर मंगल खराब हालत में हो, तो उल्टा असर भी हो सकता है.
-नकली मूंगा बेअसर रहता है.
-हमेशा जानकार की सलाह लेना बेहतर माना जाता है.
लड़कियों को क्यों नहीं छूने चाहिए हनुमान जी के पैर? जान लें पूर्वजों का तर्क कितना सही और गलत
8 Feb, 2026 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हनुमान जी को शक्ति, भक्ति और ब्रह्मचर्य का प्रतीक माना जाता है. पूरे देश में उनकी पूजा बहुत श्रद्धा के साथ की जाती है, खासकर मंगलवार और शनिवार को. लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल आता है कि महिलाओं को हनुमान जी के चरण क्यों नहीं छूने चाहिए. इस बात को लेकर समाज में कई धारणाएं प्रचलित हैं, इसलिए इसकी मान्यता को सही और आसान तरीके से समझना जरूरी है, ताकि किसी तरह का भ्रम न रहे.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी आजीवन ब्रह्मचारी हैं. ब्रह्मचर्य का मतलब सिर्फ विवाह न करना नहीं होता, बल्कि मन, सोच और ऊर्जा पर पूरा नियंत्रण रखना भी होता है. शास्त्रों में माना गया है कि हनुमान जी की शक्ति और साधना की जड़ उनका कठोर ब्रह्मचर्य है. इसी वजह से परंपरा में यह माना गया कि महिलाएं उनके चरण स्पर्श न करें, ताकि उनके ब्रह्मचर्य और तपस्या की मर्यादा बनी रहे. यह नियम महिलाओं के सम्मान को कम करने के लिए नहीं, बल्कि हनुमान जी के आदर्शों का सम्मान करने के लिए माना जाता है.
इस मान्यता से जुड़ी एक पौराणिक कथा भी सुनने को मिलती है. कहा जाता है कि एक बार एक महिला ने श्रद्धा भाव से हनुमान जी के चरण छू लिए. तब हनुमान जी ने बहुत ही विनम्रता से उसे ऐसा न करने के लिए कहा. उन्होंने समझाया कि उनका जीवन पूरी तरह राम भक्ति और ब्रह्मचर्य को समर्पित है. इसलिए उनकी पूजा में चरण स्पर्श की बजाय दूर से प्रणाम करना और मन से भक्ति करना अधिक उचित माना जाता है. इस कथा का उद्देश्य महिलाओं को रोकना नहीं, बल्कि पूजा की मर्यादा को समझाना है.
धार्मिक जानकारों के अनुसार, यह परंपरा पुराने सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों से भी जुड़ी हुई है. प्राचीन समय में पूजा-पाठ के नियम उस दौर की सोच और समाज की व्यवस्था के अनुसार बनाए जाते थे. आज के समय में कई विद्वान यह मानते हैं कि भक्ति का असली महत्व मन और भावना में होता है, न कि सिर्फ किसी शारीरिक क्रिया में. हनुमान जी खुद सेवा, करुणा और समर्पण के प्रतीक हैं, और उनकी भक्ति में स्त्री और पुरुष के बीच कोई भेद नहीं किया गया है.
ये हैं प्राचीन काल की सबसे खौफनाक सजाएं, जानकर कांप जाएगी रूह!
महाशिवरात्रि पर बाबा बैद्यनाथ को चढ़ते ये बेलपत्र, त्रिकुट पहाड़ से बिहार के जंगलों तक जुटाते हैं तीर्थपुरोहित
8 Feb, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सनातन धर्म में भगवान शिव को अत्यंत दयालु और शीघ्र प्रसन्न होने वाला देव माना गया है. कहा जाता है कि अगर सच्चे मन से भगवान शिव को सिर्फ एक बेलपत्र भी अर्पित कर दिया जाए और उनसे कोई मनोकामना मांगी जाए, तो वह अवश्य पूरी होती है. यही कारण है कि शिवभक्तों के लिए बेलपत्र का विशेष धार्मिक महत्व है.
महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी को पूरे देश में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा. इस दिन देश के सभी शिवालयों को भव्य रूप से सजाया जाता है. सुबह से ही मंदिरों में हर हर महादेव के जयकारे गूंजने लगते हैं. भक्त जल, दूध, भस्म, धतूरा और विशेष रूप से बेलपत्र अर्पित कर भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना करते हैं.
16 प्रकार के पूजन सामग्री से बाबा बैद्यनाथ की जाती है पूजा
देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथधाम में महाशिवरात्रि का पर्व बेहद खास होता है. यहां महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की चार प्रहर में शोडशोपचार विधि से विशेष पूजा की जाती है. यह पूजा विधि अत्यंत दुर्लभ मानी जाती है, जिसमें 16 प्रकार के पूजन सामग्री से बाबा बैद्यनाथ की आराधना होती है.इस दिन बाबा बैद्यनाथधाम में सबसे खास आकर्षण होता है बेलपत्र अर्पण. मंदिर के सभी तीर्थपुरोहित भगवान भोलेनाथ को अलग-अलग प्रकार के बेलपत्र अर्पित करते हैं.यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसकी अपनी विशेष मान्यता है.
क्या कहते है बैद्यनाथधाम के तीर्थंपुरोहित:
देवघर के प्रसिद्ध तीर्थ पुरोहित श्रीनाथ पंडित बताते हैं कि महाशिवरात्रि से कई दिन पहले ही तीर्थ पुरोहित दुर्लभ बेलपत्रों की खोज में निकल पड़ते हैं. वे त्रिकुट पर्वत, दिघरईया पहाड़ और बिहार के घने जंगलों से तीन पत्ता, पांच पत्ता और सात पत्ता वाले बेलपत्र तोड़कर लाते हैं. ये बेलपत्र सामान्य नहीं होते, बल्कि अत्यंत दुर्लभ माने जाते हैं.श्रीनाथ पंडित के अनुसार, इन विशेष बेलपत्रों को बाबा बैद्यनाथ पर अर्पित करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं. मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से महाशिवरात्रि के दिन बाबा बैद्यनाथ का दर्शन कर बेलपत्र अर्पित करता है, उसके जीवन से कष्ट, रोग और बाधाएं दूर हो जाती हैं.
महाशिवरात्रि के अवसर पर बाबा बैद्यनाथधाम में लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से पहुंचते हैं. पूरी देवघर नगरी शिवमय हो जाती है. चारों ओर भक्ति, आस्था और विश्वास का अद्भुत संगम देखने को मिलता है.यही कारण है कि महाशिवरात्रि और बाबा बैद्यनाथधाम का यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सनातन संस्कृति की गहरी जड़ों को भी दर्शाता है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (08 फ़रवरी 2026)
8 Feb, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- भाग्य का सितारा साथ देगा, इष्ट मित्रों से सुख, कार्य व्यवसाय गति उत्तम होवेगी।
वृष राशि :- अचानक शुभ समाचार एवं धन प्राप्ति के योग बनेंगे, संवेदनशील होने से बचिये।
मिथुन राशि :- क्रोध से अशांति, झगड़े से बचें, अर्थ-व्यवस्था कुछ अनुकूल बन जायेगी।
कर्क राशि :- कार्य-कुशलता से सहयोग, स्त्री वर्ग से हर्ष, भोग-ऐश्वर्य की प्राप्ति
सिंह राशि :- इष्ट मित्र सुख वर्धक हों, कुटुम्ब की समस्याऐं अवश्य ही सुलझेंगी।
कन्या राशि :- व्यर्थ व्यय तथा असमंजस और स्थिरता का वातावरण, हीन भावना बने।
तुला राशि :- अधिकारियों का समर्थन विफल हो, कार्य व्यवसाय गति अनुकूल बनेगी।
वृश्चिक राशि :- समय की अनुकूलता से लाभांवित हों तथा कार्य-कुशलता से अनुकूलता बनेगी।
धनु राशि :- व्यवसाय गति उत्तम, भाग्य का सितारा साथ देवे, बिगड़े कार्य अवश्य ही बनेंगे।
मकर राशि :- स्त्री वर्ग से हर्ष-उल्लास, स्वास्थ्य नरम रहे, स्थति में सुधार अवश्य ही होगा।
कुंभ राशि :- स्त्री शरीर सुख, मानसिक बेचैनी से बचिये, समय का ध्यान अवश्य रखें।
मीन राशि :- धन का लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष अवश्य होगा, बिगड़े कार्य बने जायेंगे।
पंचांग का बड़ा चमत्कार: शनिवार को सर्वार्थ सिद्धि के साथ रवि योग, क्या आपकी राशि के लिए है ये 'गोल्डन टाइम'?
7 Feb, 2026 07:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 07 फरवरी, 2026 शनिवार, के दिन फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि है. इस तिथि पर मंगल का शासन है. चिकित्सा संबंधी कार्य करने या नई दवा शुरू करने के अलावा रियल एस्टेट से जुड़े काम के लिए यह तिथि अच्छी मानी जाती है. इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग भी बन रहा है.
7 फरवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : कृष्ण पक्ष षष्ठी
दिन : शनिवार
तिथि : कृष्ण पक्ष षष्ठी
योग : शूल
नक्षत्र : चित्रा
करण : गर
चंद्र राशि : कन्या
सूर्य राशि : मकर
सूर्योदय : सुबह 07:07 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:04 बजे
चंद्रोदय : रात 11.27 बजे
चंद्रास्त : सुबह 10.03 बजे
राहुकाल : 09:51 से 11:13
यमगंड : 13:57 से 15:20
यात्रा के लिए उपयुक्त है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा कन्या राशि और चित्रा नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र कन्या राशि में 23:20 से लेकर तुला राशि में 6:40 डिग्री तक फैला है. इसके देवता विश्वकर्मा और नक्षत्र स्वामी मंगल हैं. यह नर्म प्रकृति का नक्षत्र है. किसी भी तरह की दोस्ती की शुरुआत करने, कामुक संबंधों के साथ, ललित कला आदि सीखने और यात्रा करने के लिए यह नक्षत्र अच्छा है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 09:51 से 11:13 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल : शनिवार को कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत...बस एक गलती से बचें वरना हाथ से निकल जाएगा बड़ा लाभ
7 Feb, 2026 07:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए छठे भाव में होगा. व्यापार के लिए आज का दिन लाभदायी है. परिवार का आनंददायी वातावरण भी आपके मन को खुश रखने में सहायता करेगा. घर में सुखदायी घटना घटेगी. शारीरिक स्वास्थ्य में वृद्धि होगी. कार्यस्थल पर आपको मनपसंद काम मिल सकता है. आपको सहयोगियों का साथ मिलेगा. सामाजिक क्षेत्र में आपको यश मिलेगा. व्यापार में भागीदारों के साथ आपके संबंध अच्छे रहेंगे. जीवनसाथी के साथ संबंधों में निकटता आएगी. विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लग सकता है.
वृषभ- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पांचवें भाव में होगा. आज बौद्धिक चर्चाओं से दूर रहें. विद्यार्थियों के लिए समय कठिन है. मन में चिंता बनी रहेगी. पेट से संबंधित रोग होने से चिंता बढ़ेगी. दोपहर के बाद आप थोड़े आलसी बने रहेंगे. हालांकि आज लोग आपके काम और व्यवहार की तारीफ कर सकते हैं. महिलाओं को मायके से अच्छे समाचार मिलेंगे. प्रेम जीवन में संतुष्टि के लिए आपको अपने प्रिय की भावना का भी सम्मान करना होगा. निवेश संबंधी कोई योजना आज ना बनाएं.
मिथुन- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए चौथे भाव में होगा. आज आपको जमीन, मकान या वाहन आदि के कामकाज में बहुत सावधानी बरतना होगी. परिजनों के साथ बिना कारण तनाव बढ़ेगा. ग्रहस्थ जीवन में भी आपको वैचारिक मतभेदों का सामना करना पड़ेगा. संतान के विषय में आपको चिंता होगी. विद्यार्थियों को विद्याभ्यास में बाधा आएगी. आकस्मिक धन खर्च की आशंका है. मित्रों से उपहार मिल सकता है. कार्यस्थल पर काम समय पर पूरा करने में दिक्कत आएगी. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय मध्यम है.
कर्क- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए तीसरे भाव में होगा. किसी भी काम को बिना विचारें ना करें. आज रिश्तेदारों या दोस्तों के साथ मिलना-जुलना हो सकता है. उनके प्रेम से आपके आनंद में वृद्धि होगी. विरोधियों के सामने मजबूत मनोबल से टिके रहेंगे. दोपहर के बाद कुछ प्रतिकूलता रहेगी. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें. माता के स्वास्थ्य के कारण आप चिंतित हो सकते हैं. कोई अनावश्यक खर्चा आने से आर्थिक कष्ट हो सकता है. नकारात्मक विचार आपके मन को परेशान कर सकते हैं.
सिंह- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दूसरे भाव में होगा. आज आप मधुरवाणी से किसी काम को आसानी से सफल बना पाएंगे. परिवार के लोगों के साथ आनंद से समय गुजारेंगे. दोपहर के बाद भी किसी काम में बिना सोचे समझे निर्णय ना लें. आपको अपनों से लाभ होगा. मित्रों-स्वजनों से मुलाकात होगी. विरोधियों का सामना कर सकेंगे. व्यापार और नौकरी में लाभ मिलेगा. आपकी प्रतिभा की लोग प्रशंसा करेंगे. गृहस्थ जीवन सुखमय बीतेगा. विद्यार्थी अपना काम समय पर पूरा करने की कोशिश करेंगे.
कन्या- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए पहले भाव में होगा. आप वाणी के प्रभाव से कोई विशेष काम कर पाने की स्थिति में रहेंगे. इससे अन्य लोगों के साथ आपके प्रेम संबंध बढ़ेंगे. किसी पर्यटन का कार्यक्रम बना सकते हैं. व्यापार के क्षेत्र में भी आपको लाभ होगा. नौकरीपेशा लोग भी अपने काम को समय पर कर पाने की स्थिति में रहेंगे. पारिवारिक वातावरण अच्छा रहेगा. आर्थिक लाभ की संभावना है. विदेश से जुड़े व्यापार में सफलता के साथ-साथ लाभ भी मिलेगा. रुचिपूर्ण भोजन मिलेगा. स्वास्थ्य उत्तम रहेगा.
तुला- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए बारहवें भाव में होगा. आकस्मिक खर्च हो सकता है, इसमें आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता के कारण काम में मन नहीं लगेगा. व्यापार में नुकसान की आशंका रहेगी. नौकरीपेशा लोग भी आज केवल अपने काम पर ध्यान दें. मित्रों के साथ विवाद होने की आशंका बनी रहेगी. कोर्ट-कचहरी के काम संभलकर करें. दोपहर के बाद स्थिति में सुधार होगा. कोई चिंता दूर होगी. परिजनों के साथ संबंध अच्छे रहेंगे.
वृश्चिक- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए ग्यारहवें भाव में होगा. आपको अनेक क्षेत्र में लाभ और यश प्राप्त होगा. धन प्राप्ति के लिए योग अच्छा है. मित्रों के पीछे धन खर्च होगा. आज किसी निवेश की योजना बना सकते हैं. परिजनों या दोस्तों के साथ बाहर घूमने जाने का अवसर मिलेगा. कार्यस्थल पर ज्यादा काम करने से आपको शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता का अनुभव करना पड़ेगा. किसी के साथ इगो ना रखें, अन्यथा नुकसान आपका ही होगा.
धनु- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए दसवें भाव में होगा. आज आपका दिन लाभकारी है. पारिवारिक और प्रोफेशनल दोनों ही क्षेत्रों में आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. आनंद का वातावरण आपको खुश रखेगा. अधिकारी आपके काम की प्रशंसा करेंगे. शारीरिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा. व्यापार में लाभ भी होगा. व्यापार बढ़ाने के लिए आप किसी नई योजना पर काम करेंगे. सरकारी कामों में सफलता मिलेगी. अनेक क्षेत्रों में यश प्राप्त होगा. किसी पर्यटन स्थल पर घूमने जाने का कार्यक्रम बन सकता है.
मकर- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए नवें भाव में होगा. आज का दिन पूरी तरह से शुभ फलदायी है. इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का काम करने वाले लोगों को फायदा होगा. किसी दोस्त या रिश्तेदार से मिले अच्छे समाचार से आपका मन प्रफुल्लित होगा. धार्मिक यात्रा की संभावना है. आज आपकी कोई पुरानी कार्य योजना पूरी होगी. अधूरे काम पूरे होने से आपको प्रसन्नता होगी. व्यापार में लाभ होगा. गृहस्थ जीवन सुखमय रहेगा. प्रेम जीवन में संतुष्टि रहेगी. स्वास्थ्य की दृष्टि से आपका समय उत्तम है.
कुंभ- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए आठवें भाव में होगा. आज मन में किसी बात की खुशी बनी रहेगी. लोगों से गुस्से में बात ना करें। कार्यस्थल पर तनाव रहेगा. आप अनावश्यक विवाद में फंस सकते हैं. परिजनों के साथ वाद-विवाद में न पड़ें. दोपहर के बाद स्वजनों तथा मित्रों के साथ अच्छा समय गुजार सकेंगे. धार्मिक यात्रा हो सकती है. विदेश से अच्छे समाचार मिलेंगे. व्यवसाय में भागीदार का साथ मिलेगा. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय उत्तम है.
मीन- 07 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन कन्या राशि का चंद्रमा आज आपके लिए सातवें भाव में होगा. आज का दिन दैनिक कामों में आपको शांति देगा. किसी मनोरंजक स्थल पर मित्रों या परिजनों के साथ जाना हो सकता है. व्यापार में भागीदारों के साथ व्यवहार अच्छा रहेगा, परंतु दोपहर के बाद आपका स्वास्थ्य अच्छा नहीं रहेगा. इस दौरान बाहर खाने-पीने से आपको बचना चाहिए. परिजनों के साथ मतभेद हो सकता है. वाणी पर संयम रखें. किसी अनावश्यक काम पर पैसा खर्च हो सकता है. दोपहर के बाद मानसिक तनाव रह सकता है.
कुंडली में क्या होता है नाड़ी दोष, कैसे वैवाहिक जीवन पारित डालता है नकारात्मक असर?
7 Feb, 2026 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शादी की बात चलती है तो घर में उत्साह के साथ एक और चीज चुपचाप शुरू हो जाती है-कुंडली मिलान. “गुण कितने मिले?” ये सवाल आज भी उतना ही आम है जितना पहले था. खासकर अरेंज मैरिज में तो ये कदम लगभग पक्का माना जाता है. कई बार सब ठीक चलता दिखता है, लेकिन अचानक एक शब्द माहौल बदल देता है-नाड़ी दोष. परिवार में चिंता, सलाह, पंडित जी से दूसरी राय… सब शुरू. पर असल में नाड़ी दोष है क्या, क्यों इसे इतना गंभीर माना जाता है और क्या हर केस में डरने की जरूरत होती है? आम लोगों के मन में यही उल्कझन रहती है. इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं भोपाल निवासी ज्योतिषी एवं वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा.
कुंडली मिलान में नाड़ी का मतलब क्या है?
ज्योतिष के मुताबिक शादी से पहले लड़का और लड़की की जन्म जानकारी के आधार पर 36 गुण मिलाए जाते हैं. इनमें से नाड़ी को काफी अहम माना गया है. नाड़ी असल में जन्म नक्षत्र से जुड़ी एक श्रेणी है, जो तीन तरह की होती है-आदि नाड़ी, मध्य नाड़ी और अंत नाड़ी, अगर वर-वधु दोनों की नाड़ी एक ही निकलती है, तो इसे नाड़ी दोष कहा जाता है. मान्यता है कि ऐसा मेल वैवाहिक जीवन में परेशानी ला सकता है, इसलिए इसे गंभीरता से देखा जाता है.
नाड़ी दोष को अशुभ क्यों कहा जाता है?
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार नाड़ी दोष होने पर शादी के बाद दंपति को कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. बुजुर्ग अक्सर कहते हैं कि इससे सेहत, संतान सुख और आपसी तालमेल प्रभावित हो सकता है. कुछ लोग इसे आर्थिक दिक्कतों और रिश्ते में खटास से भी जोड़ते हैं.
हालांकि आजकल कई ज्योतिषी ये भी मानते हैं कि सिर्फ एक दोष देखकर पूरा रिश्ता खारिज करना सही नहीं. कुंडली में और भी कई योग और संतुलन देखने होते हैं. कई सफल शादियां ऐसी भी हैं जहां नाड़ी दोष था, लेकिन जीवन सामान्य रहा.
कब नाड़ी दोष नहीं माना जाता?
ये बात कम लोग जानते हैं कि हर समान नाड़ी वाला मेल दोष नहीं बनाता. ज्योतिष शास्त्र में कुछ स्थितियां ऐसी बताई गई हैं जहां राहत मानी जाती है:
अलग चरण, एक ही नक्षत्र
अगर दोनों एक ही नक्षत्र में जन्मे हों, लेकिन उनके चरण अलग हों, तो दोष का असर कम या खत्म माना जाता है.
एक राशि, अलग नक्षत्र
कुछ मान्यताओं के अनुसार अगर जन्म राशि समान हो, लेकिन नक्षत्र अलग हों, तो भी स्थिति हल्की मानी जाती है. इसीलिए सिर्फ “नाड़ी दोष है” सुनकर घबराने के बजाय पूरी कुंडली का संतुलन देखना जरूरी होता है.
लोगों के अनुभव क्या कहते हैं?
दिल्ली की नेहा (बदला हुआ नाम) बताती हैं कि उनकी शादी से पहले भी नाड़ी दोष बताया गया था. परिवार चिंतित था, लेकिन एक अनुभवी ज्योतिषी ने बाकी ग्रह स्थिति देखकर कहा कि डरने की बात नहीं. आज उनकी शादी को आठ साल हो चुके हैं और सब सामान्य है. दूसरी तरफ कुछ परिवार इसे पूरी तरह मानते हैं और उपाय कराके ही आगे बढ़ते हैं. यानी फैसले अक्सर विश्वास, परंपरा और सलाह के मिश्रण से होते हैं.
नाड़ी दोष के लिए क्या उपाय बताए जाते हैं?
पारंपरिक उपायों में मंत्र जाप, दान और विशेष पूजा शामिल हैं.
1. मंत्र और पूजा
महामृत्युंजय मंत्र का जाप काफी लोगों द्वारा किया जाता है.
2. दान
अनाज, वस्त्र, गाय सेवा या भोजन दान जैसी बातें भी कही जाती हैं.
मान्यता है कि ये उपाय मन को शांति देते हैं और नकारात्मक असर कम करने में मददगार होते हैं.
आखिर कितना डरना सही?
आज की पीढ़ी ज्योतिष को आस्था के रूप में देखती है, लेकिन साथ ही समझदारी भी रखती है. विशेषज्ञ मानते हैं कि कुंडली मिलान एक मार्गदर्शन हो सकता है, अंतिम सच नहीं. रिश्ते भरोसे, समझ और बातचीत से चलते हैं.
इसलिए नाड़ी दोष को जानना जरूरी है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है संतुलित नजरिया.
महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए यह है सबसे उत्तम महूर्त, जानें चार प्रहर की पूजा का शुभ समय
7 Feb, 2026 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का व्रत किया जाता है और इस बार यह शुभ तिथि 15 फरवरी दिन रविवार को है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन ही पहली बार भगवान शिव निराकार से साकार रूप में प्रकट हुए थे और इसी शुभ दिन पर शिव और पार्वती के विवाह के रूप में शिव और शक्ति फिर से एक हो गए थे. इस शुभ दिन पर सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और सभी शिव भक्त अपने आराध्य की कृपा पाने के लिए व्रत, पूजा और जलाभिषेक करते हैं. शिव पुराण का पाठ, रुद्राभिषेक के साथ कुछ भक्त रात्रि की चार प्रहर की पूजा में भी भाग लेते हैं. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए सबसे उत्तम महूर्त और चार प्रहर की पूजा का शुभ समय…
महाशिवरात्रि 2026 कब है?
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी दिन रविवार, शाम 5 बजकर 4 मिनट से
चतुर्दशी तिथि समापन: 16 फरवरी दिन सोमवार, शाम 5 बजकर 34 मिनट तक
ऐसे में उदिया तिथि को मानते हुए महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी 2026 दिन रविवार को मनाया जाएगा.
जलाभिषेक का शुभ समय
सुबह में चर-सामान्य मुहूर्त 08:24 ए एम से 09:48 ए एम के बीच
लाभ-उन्नति मुहूर्त 09:48 ए एम से 11:11 ए एम के बीच
अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त 11:11 ए एम से दोपहर 12:35 पी एम के बीच
शाम को शुभ-उत्तम मुहूर्त 06:11 पी एम से 07:47 पी एम के बीच जलाभिषेक कर सकते हैं.
महाशिवरात्रि पर रात्रि चार प्रहर पूजा का शुभ मुहूर्त
प्रथम प्रहर की पूजा का महूर्त : पहला प्रहर शाम 6 बजकर 19 मिनट से रात 9 बजकर 26 मिनट तक
दूसरे प्रहर की पूजा का महूर्त : रात 9 बजकर 26 मिनट से 27 फरवरी सुबह 12 बजकर 34 मिनट तक
तीसरे प्रहर की पूजा का महूर्त : 16 फरवरी की रात 12 बजकर 34 मिनट से सुबह 3 बजकर 41 मिनट तक
चौथे प्रहर की पूजा का महूर्त : 16 फरवरी को सुबह 3 बजकर 41 मिनट से 6 बजकर 48 मिनट तक रहेगा
महाशिवरात्रि का महत्व
महाशिवरात्रि का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है. इस दिन भगवान शिव की अराधना और व्रत करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है. महाशिवरात्रि को शिव और पार्वती के मिलन का पर्व भी माना जाता है और इसे शिव भक्त बड़े धूमधाम से मनाते हैं. इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र आदि अर्पित कर भगवान शिव की पूजा की जाती है. व्रत रखने वाले श्रद्धालु दिन भर उपवास रखते हैं और रात्रि जागरण करते हैं. महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव का विशेष मंत्र ऊँ नम: शिवाय का जाप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इस दिन शिव पुराण का पाठ, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और सभी शिव भक्त अपने आराध्य की कृपा पाने के लिए व्रत और पूजा करते हैं. महाशिवरात्रि पर व्रत रखने के पीछे धार्मिक और आध्यात्मिक कारण होते हैं. यह माना जाता है कि इस दिन उपवास और पूजा करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है.
महाभारत : दुर्योधन के पैदा होने पर होने लगीं कैसी अनहोनियां, डरे लोगों ने कहा-फेंक दो इसे जंगल में
7 Feb, 2026 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गधे चीख रहे थे. हर ओर से सियारों के हुआं – हुआं की आवाजें आने लगीं. आसमान काला हो गया. माहौल ऐसा हो गया कि हर किसी का दिल बैठने लगा, हर कोई घबरा गया. ये सब तब हुआ जबकि दुर्योधन का जन्म हुआ. जो सारी बातें हो रही थीं. वो कभी एकसाथ इस तरह नहीं हुईं थीं. ये अपशकुन था. क्योंकि पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया था.
ज्योतिषियों ने तुरंत पंचांग निकालकर ग्रह नक्षत्र की गणनाएं करनी शुरू कीं. तब वो भी घबरा गए. उन्होंने हस्तिनापुर के राजा धृतराष्ट्र से कहा कि आप अपने इस पुत्र से पीछा छूटा लें. इसे जंगल में जाकर फेंक दें. ज्योतिषियों ने जिस विनाश की भविष्यवाणी की वो तो हुआ. अब तक जानते हैं कि दुर्योधन के जन्म के समय कौन से अनशकुन या अनहोनियां होने लगी थीं.
महर्षि व्यास ने वर दिया था कि गांधारी के सौ पुत्र होंगे. गांधारी सही समय से गर्भवती भी हो गईं. लेकिन जब दो बरसों तक उनसे किसी संतान का जन्म नहीं हुआ तो सबको लगा कि ऐसा क्यों हो रहा है. इस बीच धृतराष्ट्र के भाई पांडु की पत्नी कुंती ने युधिष्ठिर को जन्म दे दिया. गांधारी के लिए ये चिंता की बात थी. उन्होंने पति धृतराष्ट्र को बगैर बताए जब अपना गर्भपात कराया तो देखा कि लोहे की कठोर एक ठोस मांस का पिंड निकला
वह उसे फेंकने जा ही रहीं थीं कि उसी समय वहां आकर महर्षि व्यास ने कहा, मेरा कहना कभी गलत साबित नहीं होता. व्यास की सलाह पर गांधारी ने शीतल जल में उस मांस के पिंड को भिगोने के लिए रख दिया. उससे अंगूठे के बराबर एक सौ एक भ्रूण अलग हुए. उन सभी भ्रूणों को अलग घी से भरे घड़ों में रख दिया. एक वर्ष के बाद एक घड़े से दुर्योधन का जन्म हुआ.
गधे चीखने लगे, उल्लू करने लगे आवाज
दुर्योधन जन्म लेते ही गधे की तरह कर्कश चीखने लगे. उसी समय गिद्ध, सियार, कौवे भी बोलने लगे. उल्लू भी चीख रहे थे. यानि बहुत अजीब आवाजें आने लगीं. और भी बुरे लक्षण नजर आने लगे. आसमान काला हो गया. कई जगहों पर आग लग गई. ये देखकर हर कोई डर ही गया. धृतराष्ट्र डर गए. जैसे ही धृतराष्ट्र ने डरकर विदुर और भीष्म से पूछा – मेरे पुत्र को राज्य तो मिलेगा ना, उनके ये पूछते ही फिर सियार और दूसरे जानवर चिल्लाने लगे.
क्यों चिंतित हो गए ज्योतिषी
तब ब्राह्मणों और ज्योतिषियों ने उस समय की गणना की. उन्होंने पाया कि दुर्योधन का जन्म इतने खराब समय में हुआ है कि वह पूरे कुल और परिवार के लिए नाश की वजह बनेगा. उसकी वजह से आपस युद्ध और कलह होती रहेगी. तब ज्योतिषियों ने धृतराष्ट्र को सलाह दी कि इस पुत्र को अपने दूर कर दीजिए. इसका त्याग कर दीजिए. अन्यथा इसको पास रखने से मुश्किल आएगी. लेकिन पुत्रमोह में पड़े धृतराष्ट्र ने ऐसा करने से मना कर दिया. बाद में एक माह के अंदर ही 99 पुत्र और एक बेटी दुशला नाम की बेटी हुई.
दुर्योधन नाम पड़ने की वजह
कुछ कथाओं के अनुसार, दुर्योधन का नाम जन्म के समय नाम सुयोधन था जिसका अर्थ होता है ‘एक महान योद्धा’ लेकिन बाद में उसने खुद अपना नाम बदलकर दुर्योधन कर लिया.
इस नाम का अर्थ
कुछ मान्यताओं के अनुसार, दुर्योधन नाम ‘दुर्जय’ शब्द से बना है जिसका अर्थ होता है जिसे जीतना मुश्किल हो. ये नाम उसके स्वभाव को दिखाता है, क्योंकि वह बहुत ही कठिन और जिद्दी व्यक्ति था.
विनाश की भविष्यवाणियां सच निकलीं
विदुर की भविष्यवाणी सच साबित हुई, क्योंकि दुर्योधन की महत्वाकांक्षाओं और जिद के कारण महाभारत का युद्ध हुआ, जिसके परिणामस्वरूप कौरवों का विनाश हुआ. दुर्योधन को कलयुग का अवतार भी माना जाता है, जिसमें वे सभी गुण थे जो कलयुग में स्वार्थ के लिए अपनाए जाते हैं
खत्म हो गए सारे कौरव
दुर्योधन को अक्सर उसके अहंकार और पांडवों के प्रति द्वेष के लिए जाना जाता है. उस समय के ऋषि-मुनियों ने यह भविष्यवाणी की थी कि यह बालक अपने अहंकार, ईर्ष्या और अधर्म के कारण एक बड़े युद्ध को जन्म देगा, जिसमें हजारों योद्धा मारे जाएंगे. कौरवों का अंत हो जाएगा. आखिर में ऐसा ही हुआ.
क्या थी दुर्योधन की उम्र
दुर्योधन और भीम एक ही दिन पैदा हुए थे. महाभारत युद्ध कुरुक्षेत्र में 3139 ईसा पूर्व (अनुमानित) हुआ. युद्ध के समय भीम और दुर्योधन की उम्र करीब 64-65 वर्ष रही होगी. जब पांडवों का वनवास हुआ (12 वर्ष का वनवास + 1 वर्ष अज्ञातवास), तब दुर्योधन की उम्र करीब 50-52 वर्ष रही होगी. जब दुर्योधन ने युवराज के रूप में हस्तिनापुर की राजनीति संभाली, तब वह लगभग 30-35 वर्ष का रहा होगा.
कुछ गुण भी थे उसमें
महाभारत में दुर्योधन को मुख्य रूप से एक अहंकारी, अधर्मी और ईर्ष्यालु व्यक्ति के रूप में दिखाया गया है. हालांकि अगर उसके प्रशासनिक कौशल की बात करें, तो वह एक कुशल, लेकिन पक्षपाती और अत्याचारी शासक माना जा सकता है. दुर्योधन को अपनी क्षमताओं पर पूरा विश्वास था. वह अपने राज्य को मजबूत करने के लिए लगातार कोशिश करता था. किसी चुनौती से पीछे नहीं हटता था.
कुशल रणनीतिकार
दुर्योधन ने अपनी सेना और मित्र राज्यों से संबंध मजबूत किए. उसने शकुनि, कर्ण, अश्वत्थामा और जयद्रथ जैसे शक्तिशाली योद्धाओं को अपने पक्ष में कर लिया. उसे कुशल रणनीतिकार भी माना जाता है. उसे अपने मित्रों के प्रति खासा वफादार माना जाता है, खासकर कर्ण के प्रति. हालांकि पांडवों को लेकर उसने हमेशा छल-कपट का सहारा लिया. दुर्योधन को अपनी प्रजा का उतना समर्थन प्राप्त नहीं था, जितना धर्मराज
बिहार ही नहीं भारत का है ये एकलौता मंदिर, टेंपल की रचना देखकर रह जाएंगे हैरान
7 Feb, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भागलपुर ऐतिहासिक दृष्टि कोण से काफी अहम है. यहां पर कई ऐसे धार्मिक स्थल है जिसका इतिहास सदियों पुराना है. वहीं कई ऐसे पर्यटन स्थल भी हैं जिसकी अपनी अलग कहानी है. ऐसे में आज बात करेंगे यहां के एक खास मंदिर की जो अंग्रेजों के जमाने का है. यह ऐसा मंदिर जो बिहार ही भारत मे एकलौता है. यह अष्टकोणीय मंदिर है जो बिल्कुल ही कमल के आकार है. यही इस मंदिर को बिल्कुल अलग बनाती है. यह मंदिर राधाकृष्ण का है.
क्या है इस मंदिर की खासियत
दरअसल भागलपुर गंगा के किनारे बसा शहर है जो इसकी खूबसूरती को चार चांद लगा देता है. ऐसे में गंगा के किनारे सीढ़ी घाट पर यह अद्भुत राधा कृष्ण का मंदिर है. जब इसको लेकर वहां के स्थानीय लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि यहां पर तीन स्टेट के राजा का मंदिर है. उसी में से एक यह मंदिर है जो अष्टकोणीय मंदिर है. उन्होंने बताया कि इसको अंग्रेजों के समय ही जमींदार बाबू ब्रज ठाकुर के द्वारा 1905 में बनवाया गया था. इसका आठ कोने पर गुम्बद है जो आकर्षक का केंद्र है. इसमें अष्टधातु की मूर्ति है जो काफी शक्तिशाली है. यह चुना सुर्खी का बना हुआ मंदिर है. अब यहां पर रिवर फ्रंट का भी निर्माण हो गया है जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देता है.
कहाँ कहाँ से पहुंचते हैं लो
आपको बता दें कि इस मंदिर को देखने लोग देश के अलग अलग कोने से तो पहुंचते ही है इसके साथ साथ विदेश भी लोग पहुंचते हैं. सबसे खास बात है कि अब इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है जिसके वजह से इसका रंग खत्म हो गया है. लेकिन इसकी नक्काशी आज भी देखने योग्य है. दो द्वार यहां पर है दोनो द्वार पर भी जो नक्काशी उकेरी गई है वह अपने आप मे खास है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (07 फ़रवरी 2026)
7 Feb, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- भाग्य का सितारा साथ देगा, बिगड़े कार्य बनेंगे, योजनापूर्ण अवश्य होंगे।
वृष राशि :- नवीन मैत्री व मंत्रणा सफल हो, संवेदनशील होने से बचिएगा।
मिथुन राशि :- स्त्रीवर्ग से हर्ष, कुछ चिन्ता, व्यवसायिक कार्यों में आरोप, कष्ट अवश्य होगा।
कर्क राशि :- व्यग्र मन उद्विघ्न रखेगा, कार्यगति मंद होवे किन्तु रुके कार्य निश्चय होवे।
सिंह राशि :- साधन संपन्नता के योग बने, दैनिक व्यवसाय गति अनुकूल बनी ही रहे।
कन्या राशि :- विरोधी परेशान करें, व्यर्थ धन का व्यय असमंजस की स्थिति होगी।
तुला राशि :- कार्य व्यवसाय में बाधा, तनाव क्लेश से बचने का प्रयास करें।
वृश्चिक राशि :- चिन्ता बनी रहेगी, कुटुम्ब की समस्याओं का समाधान होगा।
धनु राशि :- बिगड़े हुए कार्य बनेंगे, आशानुकूल सफलता से सहयोग अवश्य ही बने।
मकर राशि :- स्थिति में सुधार कार्य सफलता से संतोष होगा, बिगड़े कार्य बनें।
कुंभ राशि :- स्वास्थ्य नरम एवं कही से तनाव पूर्ण वातावरण कष्टप्रद होगा।
मीन राशि :- दूसरो के कार्यों में समय और धन नष्ट न करें, समय का ध्यान दे।
Six Planets Alignment: आसमान में सजेगी ग्रहों की महफिल, 28 फरवरी को एक साथ दिखाई देंगे छह ग्रह
6 Feb, 2026 05:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Six Planets Alignment: साल 2026 का दूसरा महीना यानी फरवरी कई मायनों में खास रहने वाला है. एक तरफ जहां इस महीने प्राकृतिक बदलाव देखने को मिलेंगे, वहीं दूसरी तरफ महीने के अंत में एक दुर्लभ आकाशीय घटना भी देखने को मिलेगी. खगोल विशेषज्ञों के अनुसार, महीने की आखिरी तारीख यानी 28 फरवरी 2026 को सूर्यास्त के बाद पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी क्षितिज पर छह ग्रह एक सीधी रेखा में नजर आएंगे, जिससे आसमान में एक खूबसूरत नजारा दिखाई देगा. नासा और अन्य खगोल विशेषज्ञों के अनुसार, यह दुर्लभ दृश्य फरवरी के अंत से मार्च के शुरुआती दिनों तक आसमान में बना रहेगा. आपको यह अद्भुत संयोग जरूर देखना चाहिए, क्योंकि शाम के समय ऐसे नजारे कभी-कभी ही देखने को मिलते हैं.
कौन से ग्रह कैसे दिखेंगे?
शुक्र दिखने में सबसे चमकदार दिखाई देगा और क्षितिज के बहुत करीब होगा. शुक्र ग्रह को शाम का तारा भी कहा जाता है.
बुध 28 फरवरी के दिन शुक्र के करीब और थोड़ा ऊपर होगा. इसे देखना थोड़ी मुश्किल हो सकता है, क्योंकि यह उस दिन यह क्षितिज के पास होगा.
शनि ग्रह शुक्र और बुध से ऊपर स्थित रहेगा और इसकी चमक बिल्कुल स्थिर दिखाई देगा.
बृहस्पति ग्रह आकाश में सबसे अधिक ऊंचाई पर स्थित होगा और और सबसे ज्यादा चमकदार दिखाई देगा.
नेप्च्यून ग्रह क्षितिज के पास बहुत कम रोशनी के साथ मौजूद रहेगा.
यूरेनस ग्रह बृहस्पति के पास होगा, इसे देखने पर धुंधला दिखाई देगा.
शुक्र, बृहस्पति, शनि और बुध को आप सीधे अपनी आँखों से देख सकते हैं, बशर्ते मौसम साफ हो.
यूरेनस और नेपच्यून इतने दूर हैं कि इन्हें बिना दूरबीन के देखना संभव नहीं है.
कब और किस समय एक साथ सभी ग्रह दिखेंगे?
तारीख: यह अद्भुत नजारा 28 फरवरी 2026 की शाम से शुरू होकर मार्च के पहले सप्ताह तक बना रहेगा.
समय: सूर्यास्त होने के आधे घंटे बाद से लेकर अगले एक घंटे तक अवलोकन का सबसे अच्छा समय है.
स्थान और दिशा: बेहतर दृश्य के लिए शहर के प्रदूषण और रोशनी से दूर किसी खुले मैदान में जाएं और पश्चिम से दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर देखें.
भारत में: यह नजारा पूरे भारत में दिखाई देगा, हालांकि उत्तर भारत में साफ आसमान की संभावना अधिक है, लेकिन दक्षिण भारत में भी यह स्पष्ट दिखेगा.
ग्रहों को आसानी से पहचानने के लिए अपने फोन में ‘स्काई टुनाइट’, ‘स्टेलारियम’ या ‘स्टार वॉक’ जैसे ऐप्स इंस्टॉल कर लें.
कैसे दिखेगा शानदार नजारा?
28 फरवरी को चंद्रमा अपनी पूरी चमक के साथ बृहस्पति के करीब मौजूद रहेगा, जिसका तेज प्रकाश यूरेनस और नेपच्यून जैसे धुंधले ग्रहों को देखना कठिन बना सकता है. बुध और नेपच्यून क्षितिज के बहुत नीचे होने के कारण ऊंची इमारतों या पहाड़ों की ओट में छिप सकते हैं, इसलिए किसी खुले स्थान पर जाकर देखें. इसके अलावा, बादलों या धुंध की स्थिति में ग्रहों का नजारा साफ नहीं दिख सकता है.
यह अलाइनमेंट क्या है?
यह नजारा वास्तव में एक ऑप्टिकल इल्यूजन है. हालांकि पृथ्वी से देखने पर ग्रह एक कतार में सजे नजर आते हैं, लेकिन वास्तव में वे सूर्य की अलग-अलग कक्षाओं में अंतरिक्ष में दूर-दूर तक फैले होते हैं. ब्रह्मांड का ऐसा अद्भुत संयोग, जहां शाम के समय एक साथ छह ग्रह दिखाई दें, कई सालों में एक बार ही बनता है. यह खगोलीय घटना इसलिए खास है क्योंकि यह ग्रहों के एक काल्पनिक सीधी रेखा में होने का आभास कराती है.
इस संयोग में मंगल ग्रह क्यों नहीं शामिल?
सोशल मीडिया पर सात ग्रहों और मंगल की मौजूदगी वाली तस्वीरें वायरल हो रही हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, इस कतार में केवल छह ग्रह ही शामिल होंगे. मंगल वर्तमान में सुबह के आकाश में दिखाई देगा, न कि शाम की इस कतार में.
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