धर्म एवं ज्योतिष
पंचांग : गुरुवार को फुलेरा दूज का अद्भुत संयोग: सिर्फ चंद्र दर्शन से बदल सकती है किस्मत, जानें क्यों है यह दिन खास
19 Feb, 2026 07:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 19 फरवरी, 2026 गुरुवार, के दिन फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि है. इसके देवता विवादेव होते हैं. इस दिन चंद्रमा का दर्शन शुभ माना जाता है. शादी, वेडिंग रिंग की खरीदी और देवताओं की स्थापना के लिए यह तिथि शुभ होती है. किसी भी तरह के तकरार या विवाद के लिए यह तिथि अच्छी नहीं मानी जाती है. आज फुलेरा दूज भी है.
19 फरवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : शुक्ल पक्ष द्वितीया
दिन : गुरुवार
तिथि : शुक्ल पक्ष द्वितीया
योग : सिद्धि
नक्षत्र : पूर्वभाद्रपदा
करण : कौलव
चंद्र राशि : कुंभ
सूर्य राशि : कुंभ
सूर्योदय : सुबह 06:57 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:13 बजे
चंद्रोदय : सुबह 07.54 बजे
चंद्रास्त : रात 08.11 बजे
राहुकाल : 13:59 से 15:24
यमगंड : 06:57 से 08:21
शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा कुंभ राशि और पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र में रहेंगे. इस नक्षत्र का विस्तार कुंभ राशि में 20 डिग्री से लेकर 3:20 डिग्री मीन राशि तक है. इसके देवता रुद्र और नक्षत्र स्वामी बृहस्पति हैं. लड़ाई, छल और संघर्ष या शत्रुओं के विनाश की योजना बनाने, कीटनाशक छिड़कने, आगजनी, कचरा जलाने, विनाश के कार्य या क्रूरता के कार्यों के लिए ये उपयुक्त नक्षत्र है. लेकिन शुभ कार्यों के लिए ये नक्षत्र अनुकूल नहीं है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 13:59 से 15:24 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल : कर्क राशि वालों के लिए गुरुवार की सबसे बड़ी चेतावनी: फिजूलखर्ची और तनाव से ऐसे पाएं छुटकारा
19 Feb, 2026 07:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा ग्यारहवें भाव में होगा. आज आर्थिक मामलों में आपका दिन अच्छा है. आप किसी नए निवेश की योजना बना सकते हैं. शादी योग्य युवाओं को जीवनसाथी मिलने का योग है. प्रेमी जीवन में भी आपका दिन संतुष्टी से भरा रहेगा. जीवनसाथी के साथ सुखद पलों का अनुभव होगा. सामाजिक रूप से आपको यश-कीर्ति मिलेगी. व्यापार में लाभ होगा. कहीं बाहर जरूरी हो, तो स्वास्थ्य का ध्यान रखें. कार्यस्थल पर मानसिक एकाग्रता में कमी रहेगी. स्वास्थ्य में भी उतार-चढ़ाव रहेगा. प्रियजनों से मतभेद हो सकता है.
वृषभ- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा दसवें भाव में होगा. आज कोई पुरानी चिंता दूर हो सकेगी. शारीरिक रूप से भी आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. पारिवारिक जीवन में सुख-संतोष का अनुभव होगा. जीवनसाथी के साथ समय सुखपूर्वक गुजरेगा. व्यवसाय में आपको यश मिलेगा. कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी और अधिकारी आपसे प्रसन्न रहेंगे. दोपहर के बाद भी किसी नए काम की शुरुआत कर पाएंगे. व्यापार में लाभ होगा. सामाजिक क्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. वित्तीय स्थिति अच्छी बनी रहेगी. धन लाभ होने की संभावना है.
मिथुन- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा नवें भाव में होगा. आपका आज का दिन मिश्रित फलदायी है. स्वास्थ्य में भी कुछ उतार-चढ़ाव होगा. बाहर जाने या खाने-पीने से आपको परहेज करना चाहिए. व्यापार में पार्टनर के साथ मतभेद हो सकते हैं. कार्यस्थल पर भी अधीनस्थों का सहयोग नहीं मिलेगा. धन का व्यय अधिक होगा. संतान की चिंता हो सकती है. दोपहर के बाद आपके काम में सफलता मिलेगी. टारगेट पूरा होने से आपका मन भी खुश रहेगा. घर के बड़ों का आशीर्वाद आपके साथ रहेगा. अपने प्रिय पात्र के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा.
कर्क- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा आठवें भाव में होगा. आज मन को शांत रखकर ईश्वर के नाम का स्मरण करें. इससे एकाग्र होने में दिक्कत नहीं आएगी. गुस्से को वश में रखें. नेगेटिव विचार आपको परेशान कर सकते हैं. ज्यादा धन खर्च होने के कारण मन उदास हो सकता है. जीवनसाथी के साथ भी कोई पुराना विवाद फिर खड़ा हो सकता है. हालांकि दोपहर के बाद आप प्रसन्न रहेंगे. आनंद-प्रमोद में दिन व्यतीत होगा. नौकरीपेशा लोग अधिकारी से वाद-विवाद ना करें. विदेश से स्वजनों के समाचार प्राप्त होंगे. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा रहेगा.
सिंह- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा सातवें भाव में होगा. आज आपको मनोरंजन के भरपूर साधन उपलब्ध होंगे. इससे आप मित्रों और स्नेहीजनों के साथ खुशी महसूस करेंगे. गृहस्थ जीवन सुखमय बीतेगा. अपने किसी प्रिय के साथ बाहर जाने का कार्यक्रम बन सकता है. दोपहर के बाद मानसिक रूप से आप थका हुआ महसूस करेंगे. गुस्सा आपको चिड़चिड़ा बनाएगा. काम में मन नहीं लगेगा. धन की कमी रह सकती है. इस दौरान कार्यस्थल पर भी अतिरिक्त काम आपको मिल सकता है. अधीनस्थों का सहयोग पूरी तरह से नहीं मिलने से आप निराश रह सकते हैं. स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं होगी.
कन्या- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा छठे भाव में होगा. आज का दिन आपके लिए शुभ फलदायक है. काम में सफलता मिलने से आज आप आनंदित रहेंगे. आपका यश बढ़ेगा. परिवार का वातावरण अनुकूल रहेगा. इससे शारीरिक और मानसिक रूप से आप खुश और स्वस्थ अनुभव करेंगे. किसी बात पर ज्यादा भावुक ना हो. प्रेम जीवन में आपको बेहद धैर्य से काम लेना होगा. दोपहर के बाद आपका दिन मनोरंजन में गुजरेगा. व्यापार में भागीदारों से लाभ होगा. आज आपकी वित्तीय स्थिति भी मजबूत बनी रहेगी. खर्च के साथ आय भी बनी रहेगी. स्वास्थ्य मध्यम रहेगा.
तुला- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा पांचवें भाव में होगा. अपनी बौद्धिक शक्ति से लेखन और अन्य रचनात्मक काम करने में आगे बढ़ेंगे. विचारों में आते शीघ्र परिवर्तन के कारण किसी एक काम पर एकाग्र होने में मुश्किल आएगी. आकस्मिक खर्च के योग हैं. दोपहर के बाद किसी काम में सफलता मिलने से आप प्रसन्न रहेंगे. आज यश और कीर्ति की प्राप्ति होगी. नौकरी में सहकर्मियों का सहयोग आपको मिलेगा. व्यापार में भी लाभ के योग बन रहे हैं. परिवार का वातावरण अच्छा रहेगा. प्रेम जीवन में सकारात्मक परिवर्तन से राहत मिलेगी.
वृश्चिक- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा चौथे भाव में होगा. आज विद्यार्थियों के लिए दिन अनुकूल है. कार्यस्थल पर स्वभाव से जिद्दीपन छोड़कर आगे बढेंगे, तो अनेक समस्याओं का निराकरण होता दिखेगा. नए वस्त्र और सौंदर्य की चीजें खरीदने में आपकी रुचि रहेगी. आर्थिक योजना बनाना सरल होगा. दोपहर के बाद वैचारिक स्थिरता नहीं रहेगी. नए काम की शुरुआत अभी आपके हित में नहीं है. व्यापार में नए ग्राहक बनाने के लिए ज्यादा मेहनत करना होगी. प्रेम जीवन में आपको अपने प्रेमी की भावना का भी सम्मान करना होगा.
धनु- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा तीसरे भाव में होगा. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य आज अच्छा बना रहेगा. इस कारण कार्यस्थल पर आप अपना काम समय पर कर पाने की स्थिति में रहेंगे. परिजनों के साथ किसी खरीदारी के लिए बाहर जा सकते हैं. मित्रों और स्वजनों के साथ अच्छे समय का आनंद ले पाएंगे. दोपहर के बाद आप शारीरिक और मानसिक रूप से चिंता का अनुभव करेंगे. सौंदर्य- प्रसाधन, घर की साज-सजावट और मनोरंजन के साधनों पर धन खर्च करेंगे. स्थायी संपत्ति के कागजात साइन करने से पहले आपको बेहद ध्यान रखने की आवश्यकता है.
मकर- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा दूसरे भाव में होगा. आज धार्मिक विचारों के साथ-साथ धार्मिक कामों पर भी धन खर्च होगा. अधिक वाद-विवाद से परिवार का वातावरण अच्छा नहीं रहेगा. ऑफिस के काम में मन नहीं लगेगा. दोपहर के बाद आप का मन चिंता से मुक्त रहेगा. मित्रों से सार्थक मुलाकात होगी. आज भाग्यवृद्धि के योग हैं. भाई-बहनों का प्रेम आप पर बरसेगा. दोपहर के बाद व्यापार-व्यवसाय में लाभ की उम्मीद है. हालांकि आज निवेश को लेकर कोई बड़ी योजना ना बनाएं.
कुंभ- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा पहले भाव में होगा. आज सांसारिक विषयों की बजाए आध्यात्मिक विषयों की तरफ आप का झुकाव अधिक रहेगा. किसी नेगेटिव भावनाओं को महत्व न देकर मानसिक रूप से स्वस्थ रहने का प्रयत्न करें. शारीरिक प्रफुल्लता और मानसिक प्रसन्नता बनी रहेगी. दोपहर के बाद आप धार्मिक कामों के प्रति आकर्षित रहेंगे. विद्यार्थियों को पढ़ने-लिखने में अनुकूलता रहेगी. गृहस्थ जीवन में शांतिपूर्ण समय बना रहेगा. धन लाभ होने की संभावना भी है. व्यापार बढ़ाने के लिए आप प्रयास करेंगे. कार्यस्थल पर आपको नया काम मिल सकता है.
मीन- 19 फरवरी, 2026 बृहस्पतिवार के दिन आज चंद्रमा की स्थिति कुंभ राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा बारहवें भाव में होगा. धन के लेन-देन, उगाही या निवेश करते समय आज सावधानी रखें. किसी भी काम में जल्दबाजी करने से विघ्न आ सकता है. कोर्ट कचहरी की बातों में संभलकर चलने की सलाह आपको दी जाती है. वाणी और क्रोध पर संयम बरतें. दुर्घटना हो सकती है, वाहन बेहद ध्यान से चलाएं. दोपहर के बाद शारीरिक और मानसिक स्वाय्थ्य में सुधार होगा. विशेषकर धार्मिक और आध्यात्मिक काम में आपका मन लगा रहेगा. मित्रों की ओर से उपहार प्राप्त होंगे. पारिवारिक वातावरण में आनंद मिलेगा. प्रेम जीवन में संतुष्टी का भाव रहेगा.
एकादशी का महत्व और चावल का सेवन न करने के कारण
19 Feb, 2026 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। प्रत्येक माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी को श्रद्धालु व्रत रखकर श्रीहरि की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि विधिपूर्वक एकादशी व्रत करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है। हालांकि, एकादशी व्रत के कई कठोर नियम होते हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण नियम है एकादशी के दिन चावल का सेवन न करना।
एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को प्रसन्न करने का सबसे प्रभावशाली उपाय माना गया है। यह व्रत आत्मशुद्धि, मन की एकाग्रता और आध्यात्मिक उन्नति के लिए किया जाता है।
पुराणों में वर्णित कथा के अनुसार, एक बार माता शक्ति के क्रोध से बचने के लिए महर्षि मेधा ने अपना शरीर त्याग दिया। उनके शरीर के अंश धरती में समाहित हो गए। जिन स्थानों पर उनके शरीर के अंश गिरे, वहां से जौ और चावल उत्पन्न हुए। चूंकि ये अनाज महर्षि के शरीर से उत्पन्न माने गए, इसलिए इन्हें ‘जीव’ के समान समझा गया। मान्यता है कि एकादशी के दिन ये अन्न सजीव अवस्था में होते हैं। इस कारण इस दिन चावल का सेवन करना महर्षि मेधा के शरीर के अंश का सेवन करने के समान माना गया है।
धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख
पद्म पुराण और विष्णु पुराण में वर्णन मिलता है कि जो व्यक्ति एकादशी के दिन चावल का सेवन करता है, उसके संचित पुण्य फलों का नाश हो सकता है। इसी कारण श्रद्धालुओं को इस दिन चावल से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
एकादशी व्रत में क्या खाएं?
एकादशी के दिन सामान्य अन्न का सेवन नहीं किया जाता। व्रती लोग फलाहार, दूध, मखाना, साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा आदि का सेवन करते हैं। कुछ लोग निर्जला व्रत भी रखते हैं। एकादशी व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि आत्मसंयम और आध्यात्मिक साधना का भी प्रतीक है। चावल का त्याग इसी परंपरा और पौराणिक मान्यता से जुड़ा हुआ है। श्रद्धालु नियमपूर्वक व्रत का पालन कर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करते हैं।
24 फरवरी से शुरु हो रहा होलाष्टक
19 Feb, 2026 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फाल्गुन महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से होलाष्टक शुरू होता है। इस बार, 24 फरवरी से लेकर 3 मार्च तक होलाष्टक रहेगा और 3 मार्च को होलिका दहन के साथ खत्म हो जाएगा।
हिंदू धार्मिक पंचांग में होलाष्टक वह अवधि है जो होली के ठीक आठ दिन पहले से लेकर होलिका दहन तक का समय चलता है, जिसे धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अशुभ माना जाता है। इस दौरान लोग नए शुभ कार्य, मांगलिक आयोजन या कोई भी बड़ा फैसले नहीं लेत हैं और साधना-ध्यान, पूजा-अर्चना में समय लगाए रखते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इन आठ दिनों में भक्त प्रह्लाद को उनके पिता हिरण्यकश्यप ने बहुत सी यातनाएं दी थीं। इस कारण इस समय को अच्छा नहीं माना जाता।
साल 2026 में होलाष्टक का आरंभ 24 फरवरी 2026 (मंगलवार) को फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से है। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 24 फरवरी को सुबह 7:02 बजे प्रारंभ हो जाएगी और अगले दिन शाम तक जारी रहेगी। इसी तिथि की शुरुआत के साथ ही होलाष्टक का समय शुरू माना जाता है।
होलाष्टक की अवधि 8 दिनों की होती है और यह फाल्गुन मास की पूर्णिमा (होली की पूर्व संध्या यानी होलिका दहन) तक जारी रहती है। इस वर्ष होलाष्टक का आरंभ 24 फरवरी से हो रहा है तो इसका समापन 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के दिन होगा। होली के मौके पर ही पूर्णिमा तिथि समाप्त होती है और साथ में होलाष्टक भी समाप्त हो जाता है। इससे अगले दिन रंग वाली होली खेली जाती है।
धर्म ग्रंथों में सोने को लेकर भी हैं नियम
19 Feb, 2026 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इन्सान के स्वास्थ्य का शयन कक्ष से सीधा संबंध है। हमारे धर्म ग्रंथों में सोने के कुछ नियम बताए गए हैं। इनका पालन करने से शरीर में कोई रोग नहीं होता, साथ ही घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। मनुस्मृति में लिखा गया है कि सूने घर में अकेले नहीं सोना चाहिए। जहां बिल्कुल अंधेरा हो, वहां सोने से भी बचना चाहिए। साथ ही मंदिर और श्मशान में कभी नहीं सोना चाहिए। अच्छी सेहत के लिए सुबह जल्दी उठाना जरूरी है। कुछ लोगों की आदत होती है कि सोने से पहले पैर धोते हैं। यह अच्छा है, लेकिन भीगे पैर सोना धर्म ग्रंथों में शुभ नहीं माना गया है। बताते हैं कि सूखे पैर होने से घर में लक्ष्मी आती है।
पलंग या खाट टूटा हो तो उस पर न सोएं। खाने के तुरंत बाद बिस्तर पर न जाएं। झूठे मुंह सोना अशुभ है। आप किस दिशा में सोते हैं, यह भी बहुत अहम है। पूर्व की तरफ सिर करके सोने से विद्या, पश्चिम की ओर सिर करके सोने से प्रबल चिन्ता, उत्तर की ओर सिर करके सोने से हानि व मृत्यु, तथा दक्षिण की तरफ सिर करके सोने से धन व आयु की प्राप्ति होती है।
कई लोगों को दिन में सोने की आदत होती है। इसे तुरंत छोड़ दें। दिन में तथा सुर्योदय एवं सुर्यास्त के समय सोने वाला रोगी और दरिद्र हो जाता है।
बायीं करवट सोना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। दक्षिण दिशा में पांव रखकर कभी नहीं सोना चाहिए। इस तरफ यम और दुष्टदेवों का निवास रहता है। इसका वैज्ञानिक कारण यह भी है कि मस्तिष्क में रक्त का संचार कम को जाता है।
सोते समय हदय पर हाथ रखकर नहीं सोना चाहिए। पैर पर पैर रखकर भी नहीं सोना चाहिए। माथे पर तिलक लगा है तो सोने से पहले उसे साफ कर लें। तिलक लगाकर सोना अच्छा नहीं माना जाता।
इन तीनों गुणों के होने से मनुष्य को कहते हैं चेतन
19 Feb, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
किसी भी वस्तु की चेतनता की पहचान इच्छा, क्रिया अथवा अनुभूति के होने से होती है। अगर किसी वस्तु में ये तीनों नहीं होते हैं, तो उसे जड़ वस्तु कहते हैं और इन तीनों के होने से उसे चेतन वस्तु कहते हैं। मनुष्य में इन तीनों गुणओं के होने से उसे चेतन कहते हैं। मनुष्य के मृत शरीर में इनके न होने से उसे अचेतन अथवा जड़ कहते हैं।
प्रश्न यह उठता है कि जो मनुष्य अभी-अभी इच्छा, क्रिया अथवा अनुभूति कर रहा था और चेतन कहला रहा था, वही मनुष्य इनके न रहने से मृत क्यों घोषित कर दिया गया जबकि वह सशरीर हमारे सामने पड़ा हुआ है? आमतौर पर एक डॉक्टर बोलेगा कि इस शरीर में प्राण नहीं हैं। शास्त्रीय भाषा में, जब तक मानव शरीर में आत्मा रहती है, उसमें चेतनता रहती है। उसमें इच्छा, क्रिया व अनुभूति रहती है। आत्मा के चले जाने से वही मानव शरीर इच्छा, क्रिया व अनुभूति रहित हो जाता है, जिसे आमतौर पर मृत कहा जाता है।
शास्त्रों के अनुसार स्वरूप से आत्मा सच्चिदानन्दमय होती है। सच्चिदानन्द अर्थात सत्+चित्+आनंद। संस्कृत में सत् का अर्थ होता है नित्य जीवन अर्थात् वह जीवन जिसमें मृत्यु नहीं है, चित् का अर्थ होता है ज्ञान जिसमें कुछ भी अज्ञान नहीं है और आनंद का अर्थ होता है नित्य सुख जिसमें दुःख का आभास मात्र नहीं है। यही कारण है कि कोई मनुष्य मरना नहीं चाहता, कोई मूर्ख नहीं कहलवाना चाहता और कोई भी किसी भी प्रकार का दुःख नहीं चाहता।
अब नित्य जीवन, नित्य आनंद, नित्य ज्ञान कहां से मिलेगा? जैसे सोना पाने के लिए सुनार के पास जाना पड़ता है, लोहा पाने के लिए लोहार के पास, इसी प्रकार नित्य जीवन-ज्ञान-आनंद पाने के लिए भगवान के पास जाना पड़ेगा क्योंकि एकमात्र वही हैं जिनके पास ये तीनों वस्तुएं असीम मात्रा में हैं। प्रश्न हो सकता है कि बताओ भगवान मिलेंगे कहां? ये भी एक बहुत महत्वपूर्ण प्रश्न है। कोई कहता है भगवान कण-कण में हैं, कोई कहता है कि भगवान मंदिर में हैं, कोई कहता है कि भगवान तो हृदय में हैं, कोई कहता है कि भगवान तो पर्वत की गुफा में, नदी में, प्रकृति में वगैरह।
वैसे जिस व्यक्ति के बारे में पता करना हो कि वह कहां रहता है, अगर वह स्वयं ही अपना पता बताए तो उससे बेहतर उत्तर कोई नहीं हो सकता। उक्त प्रश्न के उत्तर में भगवान कहते हैं कि मैं वहीं रहता हूं, जहां मेरा शुद्ध भक्त होता है। चूंकि हम सब के मूल में जो तीन इच्छाएं- नित्य जीवन, नित्य ज्ञान व नित्य आनंद हैं, वे केवल भगवान ही पूरी कर सकते हैं, कोई और नहीं। इसलिए हमें उन तक पहुंचने की चेष्टा तो करनी ही चाहिए।
भगवान स्वयं बता रहे हैं कि वह अपने शुद्ध भक्त के पास रहते हैं। अतः हमें ज्यादा नहीं सोचना चाहिए और तुरंत ऐसे भक्त की खोज करनी चाहिए जिसके पास जाने से, जिसकी बात मानने से हमें भगवद्प्राप्ति का मार्ग मिल जाए। साथ ही हमें यह सावधानी भी बरतनी चाहिए कि कहीं वह भगवद्-भक्त के वेश में ढोंगी न हो। स्कंद पुराण के अनुसार भगवान शिव माता पार्वती से कहते हैं कि कलियुग में ऐसे गुरु बहुत मिलेंगे जो शिष्य का सब कुछ हर लेते हैं, परंतु शिष्य का संताप हर कर उसे सद्माहर्ग पर ले आए ऐसा गुरु विरला ही मिलेगा।
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (19 फ़रवरी 2026)
19 Feb, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष होगा तथा कार्यवृत्ति में सुधार होगा।
वृष राशि :- कार्य योजना पूर्ण होगी, रुके कार्य निपटा लेवें, कार्य योजना से लाभ अवश्य होगा।
मिथुन राशि :- कुटुम्ब की समस्यायें सुलझेंगी, बिगड़े हुये कार्य अवश्य ही बनेंगे ध्यान दें।
कर्क राशि :- समय की अनुकूलता से लाभांवित होंगे तथा कार्य कुशलता से हर्ष अवश्य होगा।
सिंह राशि :- धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष होगा, बिगड़े कार्य बनेंगे।
कन्या राशि :- अर्थ व्यवस्था अनुकूल होने पर भी धन लाभ की संभावना नहीं है, दु:ख होगा।
तुला राशि :- अधिकारियों का समर्थन फलप्रद होगा तथा कार्य कुशलता से लाभ होगा।
वृश्चिक राशि :- कार्य कुशलता अनुकूल रहेगी, धन का व्यय संभव है, समय का ध्यान रखें।
धनु राशि :- धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष होगा, चिन्ता कम अवश्य होगी।
मकर राशि :- आशानुकूल सफलता से संतोष होगा तथा चिन्ता में कमी, धैर्य से काम लें।
कुंभ राशि :- विरोधियों के आक्षेप से हानि होगी, मानसिक व्यग्रता अवश्य ही बनेगी।
मीन राशि :- मनोवृत्ति संवेदनशील बनेगी, कार्य-व्यवसाय गति अनुकूल बनेगी।
इस मंदिर में ‘केसर बरसाते’ हैं महादेव… और पलभर में सोने-से चमक उठते हैं पहाड़!
18 Feb, 2026 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिमी राजस्थान की सरहदी धरती बाड़मेर आस्था, रहस्य और चमत्कारों की कहानियों से भरी पड़ी है. इन्हीं में से एक अनोखा और रोमांचकारी स्थल है डंडाली गांव की पहाड़ियों में स्थित गोयणेश्वर भाखर महादेव मंदिर जहां महाशिवरात्रि की रात एक ऐसा अद्भुत नजारा देखने को मिलता है जिसे श्रद्धालु “देवों का आशीर्वाद” मानते हैं.
पश्चिमी राजस्थान के सरहदी बाड़मेर जिले की वीरान पहाड़ियों के बीच बसा डंडाली गांव सालभर शांत रहता है, लेकिन महाशिवरात्रि की रात यहां का दृश्य पूरी तरह बदल जाता है. जैसे ही रात गहराती है, गोयणेश्वर भाखर महादेव मंदिर के आसपास का वातावरण आस्था, रहस्य और दिव्यता से भर उठता है. स्थानीय लोग कहते हैं कि इस पावन रात को यहां एक ऐसा चमत्कार होता है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं.
महाशिवरात्रि की रात आसमान से बरसती है केसर
महाशिवरात्रि की मध्यरात्रि में मंदिर परिसर और आसपास की पहाड़ियों पर अचानक केसर जैसे पीले-नारंगी रंग के कण गिरते दिखाई देते हैं. यह दृश्य कुछ ही समय के लिए होता है, लेकिन उस पल को देखने वाले इसे जीवन का सबसे दिव्य अनुभव बताते हैं. लोग इसे भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद का प्रतीक मानते हैं.
सदियों पुरानी आस्था आज भी कायम है विश्वास
गोयणेश्वर भाखर महादेव मंदिर वर्षों से स्थानीय लोगों की अटूट श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई प्रार्थना जरूर पूरी होती है. महाशिवरात्रि के मौके पर दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और पूरी रात भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना में लीन रहते हैं. यह बाड़मेर जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर स्थित है.
हर मान्यता होती है पूरी
महाशिवरात्रि के दिन मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो जाता है. भक्त जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं. रात होते-होते पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयकारों से गूंज उठता है. गोयणेश्वर भाखर महादेव मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है. यहां दूर-दूर के गांवों और जिलों से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मुराद पूरी होती है.
सोने सा चमक उठते हैं पहाड़
इतना ही नहीं मंदिर के आसपास की पहाड़ियां महाशिवरात्रि की रात एक पल के लिए सोने जैसी चमकने लगती हैं. जैसे ही चंद्रमा की रोशनी और वातावरण में मौजूद खास कण पहाड़ियों पर पड़ते हैं पूरा क्षेत्र स्वर्णिम आभा से जगमगा उठता है.
18 या 19 फरवरी कब शुरू हो रहा माह-ए-रमजान, यहां देखें दिल्ली में सेहरी और इफ्तार का समय
18 Feb, 2026 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुस्लिम धर्म में सबसे पाक और पवित्र महीना रमजान माना जाता है. यह मुकद्दस महीना एक बार फिर दस्तक देने जा रहा है. इस साल रमजान के 18 या 19 फरवरी 2026 से शुरू होने की संभावना है. हालांकि, रमजान की शुरुआत चांद दिखाई देने पर निर्भर करती है, इसलिए अंतिम तिथि चाँद के दीदार के बाद ही तय होगी.
रमजान इस्लामी कैलेंडर का 9वां महीना होता है. इस पूरे महीने 30 दिनों तक रोजा रखा जाता है. रोज़े की शुरुआत सुबह सहरी (सेहरी) से होती है और शाम को सूर्यास्त के समय इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है. इसके साथ ही पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है और रात में खास नमाज़ तरावीह पढ़ी जाती है. इस पवित्र महीने में रोज़ा, दुआ, इबादत और गरीब-जरूरतमंदों की मदद करने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस महीने में किए गए नेक कामों का सवाब 70 गुना तक बढ़ जाता है.
रोजे का महत्व और इतिहास
इस्लामी मान्यता के अनुसार, पवित्र ग्रंथ कुरआन की पहली वह़ी (ईश्वरीय संदेश) रमजान के महीने में नाज़िल हुई थी. यह घटना सऊदी अरब के मक्का शहर के पास स्थित गार-ए-हिरा में हुई मानी जाती है. इसी कारण रमजान को “शहर-ए-क़ुरआन” भी कहा जाता है.
होलिका दहन की अग्नि में अर्पित करें ये सामग्री, चमक उठेगा भाग्य ग्रह दोष होंगे समाप्त, नौकरी और शादी की बाधा खत्म
18 Feb, 2026 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
होलिका दहन का त्योहार हमारे जीवन में विशेष महत्व रखता है. कई बार ऐसा होता है कि व्यक्ति मेहनत तो बहुत करता है. लेकिन उसे सफलता नहीं मिलती. कुछ लोग लगातार ग्रह दोष, कर्ज, शारीरिक कष्ट या शादी-विवाह में आ रही बाधाओं से परेशान रहते हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार होलिका दहन का दिन इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए बेहद शुभ माना जाता है.
होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. यह पर्व होलिका दहन के रूप में मनाया जाता है, जो होली से एक दिन पहले होता है. इस दिन अग्नि जलाई जाती है और मान्यता है कि उस पवित्र अग्नि में अपनी नकारात्मक ऊर्जा, कष्ट और बाधाओं को समर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आते हैं. तो लिए देवघर के ज्योतिषाचार्य से जानते हैं कि होलिका दहन के दिन अग्नि में किन चीजों का अर्पण करना शुभ होता है और होलिका दहन का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है?
क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस साल 2 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा. इस दिन रात 11 बजकर 50 मिनट का समय विशेष रूप से शुभ बताया गया है. यदि इस शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से होलिका दहन किया जाए तो इसका विशेष फल प्राप्त होता है. होलिका दहन के दिन कुछ विशेष उपाय करने चाहिए. सबसे पहले श्रद्धा और विश्वास के साथ होलिका की पूजा करें. इसके बाद होलिका की अग्नि के चारों ओर 11 बार परिक्रमा करें. परिक्रमा करते समय मन में अपनी समस्याओं के समाधान की प्रार्थना करें. माना जाता है कि 11 परिक्रमा करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन की बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं.
होलिका दहन के दिन अग्नि में करे इन चीजों का अर्पण
परिक्रमा के बाद होलिका की अग्नि में कुछ विशेष चीजें अर्पित करनी चाहिए. इनमें काला तिल, खीर-पूरी का पकवान, हल्दी, लौंग और पीली सरसों शामिल हैं. काला तिल नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में सहायक माना जाता है. हल्दी और पीली सरसों शुभता और समृद्धि का प्रतीक है. लौंग से वातावरण शुद्ध होता है और खीर-पूरी को समर्पण और प्रसन्नता का प्रतीक माना जाता है.
मान्यता है कि इन वस्तुओं को अग्नि में अर्पित करने से कर्ज से मुक्ति मिलने के योग बनते हैं. यदि किसी व्यक्ति को लंबे समय से आर्थिक परेशानी है तो उसे राहत मिल सकती है.शारीरिक कष्टों में भी कमी आती है और स्वास्थ्य में सुधार होता है. इसके साथ ही यदि शादी-विवाह में कोई अड़चन आ रही हो, रिश्ते बार-बार टूट रहे हों या बात बनते-बनते रुक जाती हो, तो यह उपाय उन बाधाओं को दूर करने में सहायक माना गया है.
दीपक से दीपक जलाना ठीक नहीं, गंगा जल प्लास्टिक बोतल में रखना भी घातक, आप भी तो नहीं कर रहे ये गलतियां
18 Feb, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सनातन धर्म में पूजा पाठ का विशेष महत्त्व है. नियम के साथ की गई पूजा आराधना न केवल मन को शांति प्रदान करती है बल्कि घर में सुख समृद्धि भी लाती है. कई बार लोग पूजा पाठ में कुछ बातों को अनदेखा कर देते हैं, जिसका बुरा असर भी हमारे दैनिक जीवन में देखने को मिलता है. अगर आप पूजा पाठ करने जा रहे हैं, तो ये गलती न करें. तभी पूजा पाठ का पूरा पुण्य आपको मिलेगा. शास्त्रों के अनुसार, भगवान की भक्ति में पवित्रता और सही विधि का होना अनिवार्य है. गलत तरीके से की गई पूजा का पूर्ण फल नहीं प्राप्त होता. घर के मंदिर से लेकर दीपक जलाने तक और भगवान को तिलक लगाने तक, हर काम के लिए कुछ खास धार्मिक नियम हैं. इन नियमों का पालन करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
होगा उल्टा असर
कि अगर आप पूजा करने जा रहे हैं तो स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें. पूजा में कभी भी दीपक से दीपक को नहीं जलाना चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार. ऐसा करने से दरिद्रता बढ़ती है. आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ता है. देवी-देवताओं को तिलक लगाने का भी एक तरीका है. भगवान को हमेशा अनामिका अंगुली से ही तिलक लगाना शुभ है. शास्त्रों में चंदन, कुमकुम और हल्दी के तिलक का सकारात्मक महत्त्व बताया गया है.
माफी भी मांगें
बिना आसन पर बैठे पूजा नहीं करनी चाहिए. इससे पूजा का फल नहीं मिलता. गंगाजल को भी कभी प्लास्टिक की बोतल में नहीं रखना चाहिए. हमेशा तांबे अथवा पीतल के बोतल में ही रखना शुभ है. रविवार एकादशी तिथि और शाम के समय तुलसी के पत्ते को न तोड़ें. पूजा के बाद शंख बजाना बेहद शुभ है. किसी भी पूजा की शुरुआत भगवान गणेश की वंदना से करें पूजा खत्म होने के बाद भगवान से प्रार्थना करनी चाहिए कि जाने-अनजाने में कोई गलती हुई हो तो माफ करें, ऐसा करने पर ही पूजा का पुण्य फल मिलेगा..
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (18 फ़रवरी 2026)
18 Feb, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- कुटुम्ब की समस्यायें सुलझेंगी, अनावश्यक व्यय होगा, रुके कार्य बन जायेंगे।
वृष राशि :- दैनिक कार्यगति में सुधार होगा, सफलता के साधन जुटायें, कार्य व्यवसाय में लाभ होगा।
मिथुन राशि :- समय की अनुकूलता से लाभांवित होंगे, कार्यक्षेत्र में सफलता अवश्य मिलेगी।
कर्क राशि :- अशुद्ध गोचर रहने से विशेष कार्य स्थगित रखें, लेन-देन के मामले में हानि संभव है।
सिंह राशि :- सामाजिक कार्य में प्रभुत्व वृद्धि होगी, मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी तथा इष्ट मित्रों से लाभ होगा।
कन्या राशि :- धन लाभ, आशानुकूल सफलता का हर्ष होगा, बड़े-बड़े लोगों से मेल-मिलाप होगा।
तुला राशि :- परिश्रम से सफलता संभावित हैं तथा आश्वासन से कार्य में विलम्ब होगा ध्यान दें।
वृश्चिक राशि :- भाग्य का सितारा साथ देगा, समय अनुकूल है रुके कार्य बना ही लें।
धनु राशि :- समय विशेष अनुकूल है, भाग्य का सितारा साथ देगा, विशेष कार्य बन जायेंगे।
मकर राशि :- समय अनुकूल नहीं, समय के साथ कार्य करते रहें थोड़ा लाभ अवश्य होगा।
कुंभ राशि :- विशेष कार्य करेंगे, अपेक्षाकृत अनुकूल समय तथा व्यवसाय के कार्य होंगे।
मीन राशि :- मित्र वर्ग से हर्ष, कार्य-व्यवसाय में समृद्धि के साधन अवश्य ही बनेंगे ध्यान दें।
Surya Grahan 2026: आज आसमान में दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर’, क्या भारत में भी लगेगा सूर्य ग्रहण, जानिए टाइमिंग
17 Feb, 2026 12:54 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Surya Grahan 2026: साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज हो रहा है. विज्ञान के लिए यह एक अनोखी खगोलीय घटना है, तो ज्योतिष शास्त्र में भी इसका बड़ा महत्व है क्योंकि सूर्य को ऊर्जा और नेतृत्व का मुख्य स्रोत माना जाता है. इस बार यह ग्रहण कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में पड़ रहा है.सबसे जरूरी बात यह है कि क्या भारत में इसका असर दिखेगा या नहीं.
पहला सूर्य ग्रहण कितने बजे लगेगा?
भारतीय समय के मुताबिक, इस सूर्य ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3:26 बजे होगी. यह शाम 5:40 बजे अपने सबसे गहरे प्रभाव में रहेगा और रात 7:57 बजे पूरी तरह खत्म हो जाएगा. इस तरह यह खगोलीय नजारा कुल 4 घंटे 32 मिनट तक चलेगा.
आसमान में दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर’
इस सूर्य ग्रहण के समय करीब 2 मिनट 20 सेकंड के लिए चंद्रमा सूर्य को 96 प्रतिशत तक ढक लेगा, जिससे आसमान में एक चमकती हुई अंगूठी जैसा ‘रिंग ऑफ फायर’ का अद्भुत नजारा दिखेगा.
क्या भारत में सूतक काल लगेगा?
यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए शास्त्रों के अनुसार यहां इसका कोई धार्मिक असर नहीं माना जाएगा. भारत में सूतक काल मान्य नहीं होने की वजह से मंदिरों के द्वार खुले रहेंगे, खान-पान सामान्य रहेगा और किसी भी विशेष नियम को मानने की ज़रूरत नहीं है. यहां तक कि गर्भवती महिलाओं को भी इस ग्रहण से घबराने या चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है.
साल का पहला सूर्य ग्रहण कहां-कहां दिखाई देगा?
यह सूर्य ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, अर्जेंटीना, चिली और अंटार्कटिका जैसे देशों में देखा जा सकेगा.
जो भारतीय इन इलाकों में रह रहे हैं, वे अपने वहां के समय के मुताबिक ग्रहण से जुड़ी सावधानियां या नियम अपना सकते हैं.
सूर्य ग्रहण लगने से क्या परेशनियां हो सकती हैं?
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, ग्रहण के समय मिथुन लग्न बन रहा है जहां सूर्य, चंद्रमा और राहु के एक साथ होने से ‘ग्रहण योग’ का निर्माण हो रहा है. हालांकि, मिथुन लग्न का सीधा संबंध संचार माध्यमों से है इसलिए जानकारों का मानना है कि इस दौरान इंटरनेट, मोबाइल नेटवर्क या सैटेलाइट जैसी तकनीक में कुछ अस्थायी परेशानियां आ सकती हैं.
मंगल के अस्त होने से क्या प्रभाव पड़ेगा?
ज्योतिषियों के मुताबिक ग्रहण के दौरान मंगल ग्रह अस्त रहेगा. हालांकि आठवें भाव में मंगल का होना तनाव या गुस्से वाली स्थिति पैदा कर सकता है, लेकिन इसके ‘अस्त’ होने की वजह से इसका बुरा असर काफी कम हो जाएगा. इसका मतलब यह है कि अगर कहीं कोई विवाद या तनाव होता भी है, तो उसे बातचीत और सूझबूझ से आसानी से सुलझाया जा सकेगा.
सूर्य ग्रहण कब लगता है?
जब सूरज, चांद और धरती एक ही लाइन में आ जाते हैं और चांद बीच में आकर सूरज की रोशनी को रोक लेता है, तो उसे सूर्य ग्रहण कहते हैं. इस दौरान चांद की परछाई धरती के जिस हिस्से पर गिरती है वहां के लोगों को सूरज ढका हुआ दिखाई देता है.
सूर्य ग्रहण के समय क्या करें?
भारत में यह ग्रहण नहीं दिखेगा, इसलिए यहां किसी भी तरह के विशेष परहेज या सावधानी की आवश्यकता नहीं है.
जिन देशों में यह दिखाई देगा वहां लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-पाठ या मंत्रों का जाप कर सकते हैं.
ग्रहण के खत्म होने पर नहाना और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है.
सूर्य ग्रहण के सबसे क्या भोजन करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक ग्रहण के समय खाना खाने से बचना चाहिए, क्योंकि माना जाता है कि इस दौरान वातावरण में होने वाले बदलावों से भोजन शुद्ध नहीं रहता.
हालांकि, विज्ञान में इस बात का कोई पक्का सबूत नहीं है, इसलिए इसे पूरी तरह से अपनी श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा मामला माना जाता है.
सूर्य ग्रहण का असर किस राशि पर पड़ेगा?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अभी सूर्य और राहु दोनों कुंभ राशि में साथ आ रहे हैं. जिससे ‘ग्रहण योग’ की स्थिति बन रही है. इस बदलाव की वजह से कुछ लोगों को मानसिक तनाव या सही फैसले लेने में परेशानी महसूस हो सकती है. विशेष रूप से कुंभ राशि के जातकों को यह सुझाव दिया जाता है कि वे ग्रहण के अगले एक महीने तक पैसों के लेन-देन या जमीन-जायदाद से जुड़े बड़े फैसले बहुत सावधानी से लें.
पंचांग : मंगलवार को आसमान में दिखेगा 'रिंग ऑफ फायर...शुभ कार्यों पर लगी रोक, जानें आपके शहर में कब दिखेगा यह नजारा
17 Feb, 2026 07:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 17 फरवरी, 2026 मंगलवार, के दिन फाल्गुन महीने की अमावस्या तिथि है. इसे अंधकार का दिन कहा जाता है. माता काली इस दिन पर शासन करती है. ध्यान करने, लोगों को दान करने और जानवरों को खिलाने के साथ पूर्वजों की पूजा करने का ये एक सबसे अच्छा दिन है. इस दिन विवाह समारोह या कोई नई शुरुआत नहीं करनी चाहिए. बल्कि, नई शुरुआत के लिए चंद्रोदय की प्रतीक्षा करें. आज वलयकार सूर्य ग्रहण भी लग रहा है.
17 फरवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : कृष्ण पक्ष अमावस्या
दिन : मंगलवार
तिथि : अमावस्या
योग : परिध
नक्षत्र : धनिष्ठा
करण : चतुष्पाद
चंद्र राशि : मकर
सूर्य राशि : कुंभ
सूर्योदय : सुबह 06:59 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:12 बजे
चंद्रोदय : चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त :शाम 06.10 बजे
राहुकाल : 15:23 से 16:47
यमगंड : 11:11 से 12:35
यात्रा करने के लिए श्रेष्ठ है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मकर राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में रहेंगे. मकर राशि में इस नक्षत्र का विस्तार 23:20 से लेकर कुंभ राशि में 6:40 तक फैला है. इसके देवता अष्टवसु हैं और इस नक्षत्र पर मंगल का शासन है. यह नक्षत्र यात्रा करने, मित्रों से मिलने और आध्यात्मिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 15:23 से 16:47 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल: मंगलवार को वृषभ राशि को मिलेगा प्रमोशन, होगा आर्थिक लाभ
17 Feb, 2026 07:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा दसवें भाव में होगा. आज का दिन आपके लिए लाभदायी है. व्यापार में भी अपेक्षित सफलता मिलने की संभावना अधिक रहेगी. आय में वृद्धि होगी. आनंद-प्रमोद और मनोरंजक कार्यक्रम में आप दिनभर व्यस्त रह सकते हैं. घर की साज-सजावट में आज कुछ नयापन लाएंगे. घर को सजाने में आज पैसा खर्च करेंगे. वाहन सुख भी मिलेगा. सामाजिक प्रसंग में कहीं बाहर जाने का कार्यक्रम बनेगा. रमणीय स्थल जाने की योजना बन सकती है.
वृषभ- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा नवें भाव में होगा. आज आप व्यापार को विकसित करने की ओर अधिक ध्यान देंगे. नई योजनाओं से व्यवसाय में आपको लाभ होगा. हालांकि सफलता में विलंब हो सकता है. दोपहर के बाद व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण बनेगा. नौकरीपेशा लोग किसी मीटिंग में शामिल हो सकते हैं. पदोन्नति हो सकती है. आपके काम करने के तरीके से अधिकारी भी प्रसन्न रहेंगे. पिता और बड़ों से लाभ होगा. जीवनसाथी के साथ चल रहा पुराना विवाद दूर होगा.
मिथुन- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा आठवें भाव में होगा. खान-पान में आज विशेष ध्यान रखें. नेगेटिव विचारों को मन से निकाल देने पर खुशी का अनुभव करेंगे. अनैतिक काम विपत्ति में डाल सकते हैं. संभव हो तो उनसे दूर रहें. आकस्मिक प्रवास का योग बनेगा. दोपहर के बाद कोई अच्छी खबर मिल सकती है. कोई पुरानी चिंता दूर हो सकती है. लेखन या साहित्यिक प्रवृत्ति में आपकी विशेष रुची रहेगी. व्यापार में विकास के लिए नई योजनाएं अमल में आएगी. नौकरीपेशा लोग अधिकारी के साथ वाद-विवाद में न पड़ें.
कर्क- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा सातवें भाव में होगा. किसी के साथ आज भावनात्मक संबंध में बंध सकते हैं. आनंद-प्रमोद तथा मनोरंजक प्रवृत्ति से मन खुश रहेगा. मित्रों का साथ मिलने से आनंद दोगुना हो जाएगा. दोपहर के बाद आप का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. इस समय आप काम को बोझ समझेंगे. वाहन चलाते समय ध्यान रखें. क्रोध पर संयम रखें. वाणी उग्र न हो जाएं इसका ध्यान रखें. नए काम का आरंभ करने के लिए आज का दिन अच्छा नहीं है. जीवनसाथी के साथ विचारों का मतभेद ना हो, इसका ध्यान रखें.
सिंह- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा छठे भाव में होगा. व्यवसाय को बढ़ाने के लिए प्रयास शुरू कर सकते हैं. व्यापार में भागीदारी से लाभ प्राप्त होगा. धन प्राप्ति का प्रबल योग है. ब्याज और दलाली से इनकम में वृद्धि होने की संभावना है. आय होने से आर्थिक कष्ट दूर हो जाएगा. अच्छे वस्त्र और अच्छे भोजन से मन खुश रहेगा. छोटे प्रवास या पर्यटन का योग है. आज नौकरी में भी आपको लाभ हो सकता है. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है.
कन्या- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा पांचवें भाव में होगा. वस्त्र या आभूषण की खरीदी आज आपके लिए रोमांचक और आनंददायी रहेगी. कला के प्रति आप की रुचि बढ़ेगी. व्यापार में कोई कठिन काम होने से आपके मन में उल्लास छाया रहेगा. नौकरीपेशा लोगों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा. विरोधियों पर विजय मिलेगी. जीवनसाथी के साथ चल रहा कोई पुराना मतभेद दूर हो सकेगा. प्रेम जीवन में संतुष्टि रहेगी. आपके लिए समय लाभ का बना हुआ है. विद्यार्थियों को भी पढ़ाई में लाभ होगा.
तुला- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा चौथे भाव में होगा. आज का दिन आप के लिए मध्यम फलदायी रहेगा. स्थायी संपत्ति के मामले में आपको बेहद ध्यान रखना होगा. माता के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है. परिवार में तकरार न हो, इसका ध्यान रखें. दोपहर के बाद आप स्वस्थ अनुभव करेंगे. आप में एनर्जी बनी रहेगी, इससे आप अपना टारगेट पूरा कर पाएंगे. विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल है. आज अविवाहितों का रिश्ता पक्का होने की संभावना रहेगी. अपने प्रिय के साथ अच्छा समय गुजार सकेंगे.
वृश्चिक- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा तीसरे भाव में होगा. आज का दिन व्यापार के लिए अनुकूल है. गृहस्थजीवन में उलझे हुए प्रश्नों का निराकरण हो सकेगा. स्थायी संपत्ति से जुड़े काम में आपको सफलता मिल सकती है. भाई-बहनों के साथ संबंधों में प्रेम बना रहेगा. दोपहर के बाद काम पूरे नहीं होने से आप परेशान हो सकते हैं. शारीरिक और मानसिक रूप से चिंता का अनुभव होगा. सामाजिक क्षेत्र में अपयश प्राप्त होगा. परिजनों के साथ मतभेद रह सकता है. धन हानि हो सकती है.
धनु- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा दूसरे भाव में होगा. आज स्वास्थ्य अच्छा बना रहेगा. आज का दिन आध्यात्मिक प्रवृत्ति के लिए बहुत अच्छा है. आर्थिक लाभ होगा. विद्यार्थियों को पढ़ाई में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है. दोपहर के बाद स्थिति अनुकूल रहेगी. मन में जो दुविधा है, उसका निराकरण हो जाएगा. शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहेंगे. गुप्त शत्रु आपको नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे. नौकरीपेशा लोगों की आज अधिकारी प्रशंसा करेंगे. प्रेम जीवन में संतुष्टि का भाव रहेगा.
मकर- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा पहले भाव में होगा. आज धार्मिक काम में आपकी रुचि रहेगी. व्यापार के लिए वातावरण अनुकूल रहेगा. आपके हर काम सरलता से पूरे हो सकेंगे. नौकरी में कोई नया टारगेट आपको मिल सकता है. जीवन में भी आनंद बढ़ जाएगा. दोपहर बाद किसी बात की चिंता से नकारात्मक विचार आ सकते हैं. इससे हताशा भी बढ़ सकती है. शेयर बाजार में पूंजी निवेश कर सकते हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा है. हालांकि बाहर खाने-पीने की लापरवाही से बचें.
कुंभ- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा बारहवें भाव में होगा. धार्मिक और सामाजिक काम के पीछे धन खर्च होगा. सम्बंधियों और मित्रों के साथ विवाद हो सकता है. वाहन चलाने या नया कोई इलाज शुरू करने में आपको आज सावधानी रखनी होगी. दोपहर के बाद प्रत्येक काम सरलतापूर्वक संपन्न होंगे. दफ्तर में आप का प्रभाव बढ़ता हुआ दिखेगा. अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे. मानसिक शांति छाई रहेगी. चिंता और तनाव दूर होगा. जीवनसाथी के साथ प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी.
मीन- आज चंद्रमा की स्थिति 17 फरवरी, 2026 मंगलवार को मकर राशि में है. आपकी राशि से चंद्रमा ग्यारहवें भाव में होगा. व्यापार के लिए आज का दिन लाभप्रद रहेगा. नया कोई रिश्ता भी बन सकता है. विवाह योग्य जातकों का रिश्ता पक्का हो सकता है. पर्यटन का आयोजन होगा. मित्रों से उपहार मिलेगा. दोपहर के बाद हर काम में कुछ सावधानी बरतनी होगी. सरकारी काम अटक सकता है. अधिक मेहनत के बावजूद भी कम फल मिलेगा. इस दौरान धैर्य से काम लेना होगा. आध्यात्मिकता की ओर झुकाव रहेगा. थकान होने से अस्वस्थता का अहसास होगा.
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