धर्म एवं ज्योतिष
समाज में नई पहचान और सम्मान दिलाती हैं आपकी ये 5 बातें, हर कोई करता है प्रशंसा
22 Feb, 2026 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बहुत से लोग चाहते हैं कि समाज में उनकी इज्जत बढ़े और हर कोई उनका सम्मान करे. लेकिन चाणक्य कहते हैं कि सम्मान कमाना हमारे अपने हाथ में है. कुछ लोगों को स्वाभाविक रूप से सम्मान मिलता है, लेकिन चाणक्य नीति के अनुसार हमें इसके लिए मेहनत करनी चाहिए. आप बिना पैसे या ताकत के भी कुछ आदतें अपनाकर सम्मान पा सकते हैं.
आचार्य चाणक्य को भारतीय इतिहास का महान अर्थशास्त्री, कूटनीतिज्ञ और नीति-विशारद माना जाता है. उनकी लिखी नीतियां आज भी लाइफ मैनेजमेंट और सामाजिक व्यवहार के लिए मार्गदर्शक मानी जाती हैं. वर्तमान समय में जहां लोग समाज में प्रतिष्ठा और सम्मान पाने के लिए तरह-तरह के प्रयास करते हैं, वहीं चाणक्य ने सदियों पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि समाज में मान-सम्मान प्राप्त करने के लिए किन चीजों को अपनाना चाहिए. बहुत से लोग चाहते हैं कि समाज में उनकी इज्जत बढ़े और हर कोई उनका सम्मान करे. लेकिन चाणक्य कहते हैं कि सम्मान कमाना हमारे अपने हाथ में है. आइए जानते हैं समाज में सम्मान प्राप्त करने के लिए किन 5 चीजों का ध्यान रखना चाहिए...
चाणक्य नीति में बताई गई कुछ सरल लेकिन प्रभावशाली बातें आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं. उनके अनुसार यदि व्यक्ति सत्यनिष्ठा, संयम, मधुर वाणी, ज्ञान और कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में उतार ले, तो समाज में उसे स्वाभाविक रूप से सम्मान मिलता है. खास बात यह है कि ये सिद्धांत किसी विशेष वर्ग या समय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर व्यक्ति के लिए समान रूप से उपयोगी हैं. आइए जानते हैं वे 5 बातें, जिन्हें अपनाकर आप समाज में अपनी अलग पहचान और सम्मान बना सकते हैं.
चाणक्य नीति में बताई गई कुछ सरल लेकिन प्रभावशाली बातें आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं. उनके अनुसार यदि व्यक्ति सत्यनिष्ठा, संयम, मधुर वाणी, ज्ञान और कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में उतार ले, तो समाज में उसे स्वाभाविक रूप से सम्मान मिलता है. खास बात यह है कि ये सिद्धांत किसी विशेष वर्ग या समय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर व्यक्ति के लिए समान रूप से उपयोगी हैं. आइए जानते हैं वे 5 बातें, जिन्हें अपनाकर आप समाज में अपनी अलग पहचान और सम्मान बना सकते हैं.
चाणक्य नीति में बताई गई कुछ सरल लेकिन प्रभावशाली बातें आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं. उनके अनुसार यदि व्यक्ति सत्यनिष्ठा, संयम, मधुर वाणी, ज्ञान और कर्तव्यनिष्ठा को अपने जीवन में उतार ले, तो समाज में उसे स्वाभाविक रूप से सम्मान मिलता है. खास बात यह है कि ये सिद्धांत किसी विशेष वर्ग या समय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हर व्यक्ति के लिए समान रूप से उपयोगी हैं. आइए जानते हैं वे 5 बातें, जिन्हें अपनाकर आप समाज में अपनी अलग पहचान और सम्मान बना सकते हैं.
चाणक्य ने बताया है कि हर किसी के साथ विनम्रता से पेश आएं, चाहे उनका दर्जा कुछ भी हो. धन्यवाद कहना और दूसरों की मदद करना जैसी छोटी-छोटी बातें भी सम्मान दिलाती हैं और आपको दूसरों से अलग बनाती हैं. साथ ही मुश्किल समय में शांत रहना आपकी मैच्योरिटी और नेतृत्व क्षमता दिखाता है.
चाणक्य ने बताया कि लोग उन्हीं का सम्मान करते हैं, जो लगातार सीखते और आगे बढ़ते रहते हैं. सम्मान पाना हर दिन की ईमानदार और नेकदिली से किए गए कामों का नतीजा है. अगर आप संयम के साथ जीवन जिएंगे तो सम्मान अपने आप आपके पीछे आएगा. दूसरों की परंपराएं, दूसरों के कार्यों को सम्मान देंगे तो वे भी आपका सम्मान करेंगे.
चाणक्य ने अंत में कहा है कि समाज में नई पहचान और सम्मान प्राप्त करने के लिए हमेशा अच्छी संगति चुनें. संगति का आपके मन और निर्णय पर विशेष प्रभाव पड़ता है. साथ ही वाणी में भी मधुरता बनाए रखें, वाणी ही आपको सम्मान दिलाती है और वाणी ही आपका पतन का कारण बन सकती है. इसलिए हमेशा अच्छी संगति और वाणी में मधुरता बनाए रखें.
1000 स्तंभों पर टिका है यह मंदिर, नहीं है कोई दीवार, यहां भगवान विष्णु और शिव के साथ सूर्यदेव की होती है पूजा
22 Feb, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश के अलग-अलग राज्यों में रहस्य और भक्ति से भरे कई मंदिर हैं, जहां भक्त अपने आराध्य के लिए मीलों चलकर आते हैं और उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. भगवान शिव और भगवान विष्णु को दक्षिण भारत में सबसे ज्यादा पूजा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक मंदिर ऐसा है, जहां भगवान शिव और भगवान विष्णु के साथ एक ही गर्भगृह में भगवान सूर्य भी विराजमान हैं? मंदिर के प्रांगण में मौजूद हाथी और विशाल नंदी महाराज की प्रतिमा को विशाल बेसाल्ट पत्थर से जाकर बनाया गया है. आइए जानते हैं 1000 स्तंभों पर टिके इस मंदिर के बारे में खास बातें…
रुद्रेश्वर स्वामी मंदिर
तेलंगाना राज्य के हनमकोंडा में हजार स्तंभों वाला मंदिर मौजूद है, जिसे रुद्रेश्वर स्वामी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. मंदिर को हजार स्तभों वाला मंदिर इसलिए कहा जाता है क्योंकि मंदिर स्तभों पर ही टिका है और मंदिर को सपोर्ट देने के लिए कोई दीवार नहीं है. मंदिर की बनावट ऐसी है कि कुछ स्तभों को सीधे तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन कुछ स्तंभ एक दूसरे से इस कदर चिपके हुए हैं कि उन्होंने लंबी दीवार का रूप ले लिया है. मंदिर की हालत बहुत जर्जर थी, लेकिन सरकार के अधीन आते ही मंदिर की मरम्मत का काम जारी है और अब मंदिर को भक्तों के लिए खोल दिया गया है.
हजार स्तंभ मंदिर एक लोकप्रिय तीर्थस्थल
स्टार शेप की वास्तुकला में निर्मित, हजार स्तंभ मंदिर एक लोकप्रिय तीर्थस्थल है जहां लगभग हर दिन 1000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं. मंदिर में काले बेसाल्ट पत्थर से बनी एक विशाल नंदी प्रतिमा भी है. मंदिर में स्थित तीनों गर्भगृहों को सामूहिक रूप से त्रिकूटलयम के नाम से जाना जाता है. गर्भगृह में भगवान शिव और भगवान विष्णु के साथ भगवान सूर्य भी विराजमान हैं. ये देश का पहला मंदिर है, जहां ब्रह्मांड को चलाने वाली तीन बड़ी शक्तियों को एक ही छत के नीचे देखा गया है.
धूमधाम से मनाए जाते हैं ये त्योहार
भगवान सूर्य की प्रतिमा होने की वजह से मकर संक्रांति (पोंगल) पर भक्त सूर्य देव का आशीर्वाद लेने आते हैं. मंदिर में मकर संक्रांति (पोंगल) के अलावा, महाशिवरात्रि, कुंकुमा पूजा, कार्तिक पूर्णिमा, उगादी, नागुला चविती, गणेश चतुर्थी, बोनालु महोत्सव और बथुकम्मा महोत्सव भी धूमधाम से सेलिब्रेट किए जाते हैं.
12वीं शताब्दी में किया था निर्माण
12वीं शताब्दी में मंदिर का निर्माण रुद्र देव ने किया था. मंदिर में रुद्र देव के गृह देवता की प्रतिमा भी मौजूद है, जिसकी वजह से मंदिर को रुद्रेश्वर स्वामी मंदिर के नाम से जाना जाता है. यह मंदिर चालुक्य मंदिरों की स्थापत्य शैली में निर्मित है. मंदिर के प्रांगण में मौजूद हाथी और विशाल नंदी महाराज की प्रतिमा को विशाल बेसाल्ट पत्थर से जाकर बनाया गया है. प्रतिमा पर बारीक नक्काशी भी देखने को मिलती है, जो नंदी महाराज की शोभा को बढ़ाती है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (22 फ़रवरी 2026)
22 Feb, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- स्त्री वर्ग से हर्ष-उल्लास एवं कार्य कुशलता से निश्चय ही संतोष होगा।
वृष राशि :- योजनायें फलीभूत होंगी तथा स्वभाव में बेचैनी, कष्टप्रद स्थिति बनेगी।
मिथुन राशि :- कार्यक्षमता अनुकूल, कार्यवृत्ति में सुधार होगा तथा संघर्ष बना रहेगा।
कर्क राशि :- आर्थिक हानि, योजना बनकर बिगड़े, कार्य-व्यवसाय रुक कर बनेंगे।
सिंह राशि :- झगड़े के कारण व्यय होगा तथा आप आरोपित होने से बचिये।
कन्या राशि :- कार्य कुशलता से संतोष, इष्ट मित्र सुखवर्धक होंगे, ध्यान से कार्य करें।
तुला राशि :- योजनायें फलीभूत होंगी, इष्ट मित्र सुखवर्धक होंगे, समय का ध्यान अवश्य रखें।
वृश्चिक राशि :- मानसिक विभ्रम से हानि, समय स्थिति को ध्यान में रखते हुये कार्य अवश्य बना लें।
धनु राशि :- मानसिक विभ्रम, उपद्रव, असमंजस की स्थिति बनेगी तथा कार्य रुकेंगे।
मकर राशि :- दैनिक कार्यगति में सुधार, आर्थिक योजना अवश्य ही सुधरेगी ध्यान दें।
कुंभ राशि :- चिन्तायें कम होंगी, कुटुम्ब के कार्य में समय बीतेगा, कार्य अवरोध होगा।
मीन राशि :- स्त्री वर्ग से सुख-भोग, ऐश्वर्य की प्राप्ति, दैनिक कार्यगति अनुकूल होगी।
पंचांग: आज का शनिवार है बेहद खास, इन 3 योजनाओं को बनाने से मिलेगी बड़ी सफलता
21 Feb, 2026 07:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पंचांग : आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार, के दिन फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि है. ये तिथि भगवान गणेश देवता द्वारा नियंत्रित होती है. विरोधियों के खिलाफ रणनीतिक योजना बनाने के लिए अच्छी है, लेकिन रिक्ता तिथि होने के कारण किसी भी तरह का शुभ काम नहीं करने चाहिए.
21 फरवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : शुक्ल पक्ष चतुर्थी
दिन : शनिवार
तिथि : शुक्ल पक्ष चतुर्थी
योग : शुभ
नक्षत्र : रेवती
करण : विष्टि
चंद्र राशि : मीन
सूर्य राशि : कुंभ
सूर्योदय : सुबह 06:55 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:15 बजे
चंद्रोदय : सुबह 08.56 बजे
चंद्रास्त : रात 10.16 बजे
राहुकाल : 09:45 से 11:10
यमगंड : 14:00 से 15:25
व्यापार की योजना बनाने के लिए उपयुक्त है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मीन राशि और रेवती नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र मीन राशि में 16:40 डिग्री से लेकर 30 डिग्री तक फैला हुआ है. इसके शासक ग्रह बुध और देवता पूषा हैं. यह कोमल और सौम्य स्वभाव का नक्षत्र है. इस नक्षत्र आध्यात्मिक उन्नति के काम के साथ व्यापार की योजना बनाने के लिए उपयुक्त है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 09:45 से 11:10 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
कन्या राशिफल : आज भूलकर भी न करें ये एक काम, वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें
21 Feb, 2026 07:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा बारहवें भाव में है. आपका दिन अस्वस्थता और चिंता में गुजरेगा. आपको सर्दी, कफ और बुखार की समस्या हो सकती है. किसी का भला करने की जगह आज अपने काम में ही व्यस्त रहें. किसी से पैसों का लेन-देन ना करें. जमीन और संपत्ति के काम आज ना ही करें. किसी तरह का महत्वपूर्ण निर्णय ना लें. चिंता में वृद्धि होगी. अधिक लाभ के लालच में आपकी हानि हो सकती है. व्यवसाय में कुछ नया प्रयोग आज ना ही करें. जीवनसाथी के साथ आपके संबंध सामान्य रहेंगे.
वृषभ- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा ग्यारहवें भाव में है. आज का दिन सावधानीपूर्वक गुजारें. आप का मन अनेक प्रकार की चिंताओं में रहने वाला है. स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और आंखों में पीड़ा होने की संभावना है. आत्मीयजनों एवं परिवारजनों से विवाद हो सकता है. ज्यादातर समय आज आपको धैर्य के साथ गुजारना चाहिए. आज प्रारंभ किए हुए सभी काम अधूरे रह सकते हैं. फिजूलखर्ची से खुद को बचाएं. दुर्घटना होने का भय रहेगा, इसलिए सावधानी रखें. गहन परिश्रम के बाद भी आज उसका उचित परिणाम नहीं मिलेगा.
मिथुन- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा दसवें भाव में है. आज शारीरिक और मानसिक सुख बना रहेगा. नौकरी और व्यवसाय में आपके काम की प्रशंसा होगी. सहकर्मी आपका साथ देंगे. व्यापारी अपने व्यापार की वृद्धि कर सकेंगे. इससे आप अधिक प्रोत्साहित होंगे. आर्थिक लाभ होगा और कहीं निवेश करने संबंधी कोई योजना भी आप बना सकते हैं. समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी. सरकारी कामों में सफलता मिलेगी. गृहस्थ जीवन में आनंद रहेगा. प्रेम जीवन में भी आज सकारात्मकता रहेगी.
कर्क- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा नवें भाव में है. तन-मन में आनंद की अनुभूति होगी. आपके भाग्य में निखार आ सकता है. विदेश से अच्छे समाचार मिलेंगे. धर्म संबंधी कामकाज या किसी मंदिर दर्शन के लिए बाहर जाना पड़ सकता है. पारिवारिक सदस्यों के साथ आनंद के पल बीता सकते हैं. अचानक आर्थिक लाभ हो सकता है. हालांकि परिवार की जरूरत पर धन खर्च करके मन को प्रसन्नता भी होगी. नौकरी में भी लाभ होने की संभावना है. यदि कॅरियर में बदलाव के बारे में विचार कर रहे हैं, तो आज आवेदन कर सकते हैं. स्वास्थ्य उत्तम रहेगा.
सिंह- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा आठवें भाव में है. आज आपको अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना रहेगा. चिकित्सा पर धन खर्च होने की संभावना है. नकारात्मक विचार आपको गलत मार्ग पर ले जा सकते हैं. आज ऑफिस में आपका मन काम में नहीं लगेगा. पारिवारिक सदस्यों के साथ मनमुटाव होगा. नियम विरुद्ध किए गए काम से बदनामी हो सकती है. आध्यात्मिकता से आपको काफी राहत मिलेगी. हालांकि ध्यान रखें, समय कभी भी एक जैसा नहीं रहता है, इसलिए सकारात्मक सोच रखें. निराशा और चिंता से आपका ही नुकसान होगा.
कन्या- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा सातवें भाव में है. उग्रता और नकारात्मकता आपके मन को बेचैन कर देंगे. मन पर नियंत्रण रखना आवश्यक है. व्यवसाय में किसी से विवाद होने से आपको परेशानी हो सकती है. खान-पान में सावधानी रखना आवश्यक है. स्वास्थ्य खराब हो सकता है. परिवार में थोड़ी अशांति रहेगी. खर्च बढ़ने से आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा. नए सम्बंध आपको कठिनाई में डाल सकते हैं. रिश्तों को बढ़ाने की जल्दबाजी नहीं करें. आज आपको किसी नए काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए. आय स्थिर रहेगी.
तुला- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा छठे भाव में है. आज नौकरीपेशा लोगों के लिए अत्यंत लाभदायक दिन है. नौकरीवालों को उनके काम में यश और सफलता मिलेगी. विरोधियों पर विजय मिलेगी. ऑफिस में सहकर्मियों का सहयोग मिलेगा. व्यापार के लिए भी लाभप्रद दिन है. पारिवारिक वातावरण अच्छा रहेगा. ननिहाल पक्ष से अच्छे समाचार मिलेंगे. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा. विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी. धन की योजना बनाने के लिए यह अच्छा दिन है. परिश्रम से प्रगति होगी. संतान के बारे में शुभ समाचार मिलेंगे.
वृश्चिक- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा पांचवें भाव में है. स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है. संतान की समस्या आपको चिंतित करेगी. आज आप अपने काम पर ही ध्यान दें. अनावश्यक किसी के विवाद में पड़ने से मानहानि की संभावना है. निवेश को लेकर किसी भी तरह की जल्दबाजी से आपको बचना चाहिए. संभव हो तो यात्रा टालें. विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिलेगी. आर्थिक आयोजन सफलतापूर्वक पूरे हो सकेंगे. हालांकि दोपहर के बाद आपकी स्थिति बदलेगी और आपके विचार सकारात्मक बनेंगे.
धनु- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा चौथे भाव में है. तन और मन में ताजगी का अभाव रहेगा. मन पर चिंता का भार रहेगा. परिवार में किसी से विवाद हो सकता है. माता या बड़ी बहन से कोई विवाद हो सकता है. उनकी तबीयत के संबंध में भी चिंता रहेगी. सार्वजनिक कार्यक्रम में आप मौन ही रहें. अनिद्रा और समय पर भोजन नहीं मिलने से गुस्सा आएगा. महत्वपूर्ण काम आज ना करें. जीवनसाथी से विचारों का ताल-मेल बनाकर रखें. प्रेम जीवन में आपको अपने प्रिय के साथ समय गुजारने का अच्छा अवसर मिल सकता है.
मकर- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा तीसरे भाव में है. दैनिक कामों में अनुकूल परिस्थिति निर्मित होने पर राहत महसूस करेंगे. जीवनसाथी के साथ कोई पुराना मतभेद दूर होगा और गृहस्थ जीवन की समस्याएं हल होती हुई प्रतीत होंगी. संपत्ति संबंधी काम के परिणाम सुखद आएंगे. व्यापार में आर्थिक लाभ होगा. भाई-बहनों का सहयोग मिलेगा. विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय है. प्रिय व्यक्ति से मुलाकात होगी. विरोधियों से आगे निकल सकेंगे. नए काम के लिए आज का दिन अनुकूल है.
कुंभ- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा दूसरे भाव में है. वाणी पर संयम रखेंगे तो आज बहुत सी समस्याओं से बच जाएंगे. किसी के साथ वाद-विवाद में न पड़ें. अनावश्यक खर्च पर अंकुश रखें. काम में कम सफलता मिलेगी. असंतोष की भावना का अनुभव होगा. स्वास्थ्य खराब होगा. विद्यार्थियों को विद्या प्राप्ति में बाधा आएगी. आर्थिक हानि की संभावना है. आज का दिन धैर्य के साथ गुजारें. जल्दबाजी से आपको नुकसान होने की आशंका रहेगी. हालांकि शाम के बाद स्थिति में परिवर्तन होगा.
मीन- आज 21 फरवरी, 2026 शनिवार के दिन मीन राशि में चंद्रमा है. आपकी राशि से चंद्रमा पहले भाव में है. आपको खर्च पर संयम रखना होगा. ज्यादा खर्च से मानसिक कष्ट हो सकता है. लोगों से गुस्से या आवेश में बात ना करें. आज किसी से मनमुटाव हो सकता है. खासकर धन के लेन-देन में सावधानी बरतें. स्वजनों के साथ खटपट होने की आशंका है. शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य मध्यम रहेगा. नेगेटिव विचारों के कारण मन उदास रह सकता है. व्यापारियों के लिए दिन सामान्य रहेगा. प्रेम जीवन में नकारात्मक विचार आपको परेशान कर सकते हैं.
पूर्णिमा की रात क्यों बेचैन हो उठता है मन? क्या सच में चंद्रमा बदल देता है व्यवहार? ज्वार-भाटा से जुड़ा इसका सीक्रेट
21 Feb, 2026 06:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रात के आसमान को देखते हुए अक्सर मन में एक सवाल उठता है-हम पृथ्वी पर रहते हैं, हमारी रोजमर्रा की चिंताएं, फैसले और भावनाएं यहीं बनती-बिगड़ती हैं, फिर लाखों-करोड़ों किलोमीटर दूर घूमते ग्रह हमारे जीवन पर असर कैसे डाल सकते हैं? ज्योतिष मानने वाले कहते हैं कि ग्रह-नक्षत्र केवल खगोलीय पिंड नहीं, बल्कि ऊर्जा के स्रोत हैं जो मनुष्य के शरीर, मन और भाग्य को प्रभावित करते हैं. वहीं विज्ञान का नजरिया अलग है, लेकिन कुछ प्राकृतिक घटनाएं-जैसे चंद्रमा का ज्वार-भाटा पर प्रभाव-इस चर्चा को और रोचक बना देती हैं. नवग्रहों को लेकर फैली धारणाओं और वास्तविक समझ के बीच की दूरी आज भी कायम है. तो आखिर ग्रहों की चाल और मानव जीवन के बीच यह रिश्ता कैसे समझा जाए? इसी जिज्ञासा के जवाब तलाशती है यह रिपोर्ट.
ग्रहों की ऊर्जा और जीवन का संतुलन
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पृथ्वी पर जीवन को चलाने के लिए तीन मुख्य ऊर्जाएं जरूरी मानी गई हैं-ध्वनि, ऊष्मा और प्रकाश. ध्वनि ऊर्जा हम वातावरण और शरीर की गतिविधियों से पा लेते हैं, लेकिन प्रकाश और ऊष्मा के लिए मनुष्य पूरी तरह सूर्य पर निर्भर है. यही कारण है कि सूर्य को जीवनदाता कहा जाता है. ज्योतिष की परंपरा में नवग्रह-सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु-मानव जीवन की अलग-अलग प्रवृत्तियों से जोड़े जाते हैं. मान्यता है कि इन ग्रहों से आने वाली ऊर्जा शरीर की जैविक और मानसिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है. उदाहरण के तौर पर सूर्य को आत्मबल और स्वास्थ्य से, चंद्रमा को मन और भावनाओं से, मंगल को रक्त और साहस से जोड़ा जाता है.
चंद्रमा का घटता-बढ़ता प्रकाश और मन का उतार-चढ़ाव
चंद्रमा पृथ्वी का सबसे निकटतम खगोलीय पड़ोसी है, इसलिए उसके प्रभाव को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा होती है. खगोलीय गणना बताती है कि चंद्रमा प्रतिदिन लगभग 12 अंश सूर्य से दूर या पास होता है. जब वह सूर्य से दूर जाता है तो उसका प्रकाशित हिस्सा कम होता जाता है और अमावस्या की रात लगभग अदृश्य हो जाता है. वहीं सूर्य के करीब आते-आते वही चंद्रमा पूर्णिमा की रात पूर्ण चमक में दिखता है. ज्योतिष में कहा जाता है कि जितना अधिक चंद्रमा का प्रकाश पृथ्वी पर परावर्तित होता है, उतना ही मनुष्य के मन और व्यवहार पर उसका प्रभाव बढ़ता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी बुजुर्ग कहते मिल जाते हैं कि पूर्णिमा के दिनों में बेचैनी, अनिद्रा या भावनात्मक उतार-चढ़ाव ज्यादा महसूस होते हैं. आधुनिक मनोविज्ञान में इस पर मतभेद हैं, लेकिन यह धारणा लोकविश्वास का हिस्सा बनी हुई है.
ज्वार-भाटा से जुड़ा उदाहरण
समुद्र में आने वाला ज्वार-भाटा चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण से जुड़ा है-यह विज्ञान द्वारा प्रमाणित तथ्य है. इसी उदाहरण को आधार बनाकर ज्योतिष में कहा जाता है कि जब चंद्रमा विशाल समुद्र के जल को प्रभावित कर सकता है, तो मानव शरीर-जिसमें लगभग 60 प्रतिशत पानी होता है-उससे अछूता कैसे रह सकता है. इसी तर्क के आधार पर चंद्रमा को शरीर के जल तत्व और मंगल को रक्त से जोड़ा जाता है. ज्योतिष ग्रंथों में कहा गया है कि इन दोनों ग्रहों की स्थिति मनुष्य के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर असर डालती है.
जन्मकुंडली: ग्रहों की स्थिति का मानचित्र
ज्योतिष में जन्मकुंडली को एक तरह का आकाशीय नक्शा माना जाता है. जन्म के समय ग्रह किस कोण और दिशा में थे, यह कुंडली में दर्ज होता है. प्रत्येक भाव 30 अंश का माना जाता है, जो ग्रहों के झुकाव और सूर्य से उनके संबंध को दर्शाता है. मान्यता है कि ग्रहों का जितना अधिक प्रकाश या ऊर्जा पृथ्वी की ओर परावर्तित होती है, वे उतने ही “शक्तिशाली” माने जाते हैं. उदाहरण के तौर पर यदि जन्म के समय चंद्रमा मजबूत स्थिति में है तो व्यक्ति भावनात्मक रूप से स्थिर माना जाता है, जबकि शनि का प्रभाव अधिक होने पर जीवन में संघर्ष और अनुशासन बढ़ने की बात कही जाती है.
हालाँकि वैज्ञानिक समुदाय इसे प्रतीकात्मक या सांस्कृतिक मान्यता मानता है, लेकिन सामाजिक व्यवहार में कुंडली का महत्व आज भी कायम है-शादी, करियर या नामकरण तक में.
विश्वास, अनुभव और धारणा का मिश्रण
भारत जैसे समाज में ज्योतिष केवल भविष्य बताने का माध्यम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है. गांवों में किसान आज भी बोआई या फसल कटाई के समय चंद्रमा की स्थिति देखते हैं. कई लोग यात्रा, व्यापार या नए काम की शुरुआत “शुभ ग्रह स्थिति” देखकर करते हैं. दिल्ली की एक आईटी प्रोफेशनल पूजा शर्मा बताती हैं, “मैं ज्योतिष पर पूरी तरह निर्भर नहीं हूं, लेकिन कई बार कुंडली मिलान या ग्रह दशा देखकर फैसले लेने से मानसिक भरोसा मिलता है.” यही भरोसा ज्योतिष की सामाजिक भूमिका को समझाता है-यह वैज्ञानिक सत्य से ज्यादा मनोवैज्ञानिक सहारा भी है.
गलतफहमियां और संतुलित समझ की जरूरत
ग्रहों के प्रभाव को लेकर कई अतिशयोक्त धारणाएं भी फैली हैं-जैसे हर समस्या का कारण शनि या राहु को मान लेना. विशेषज्ञ कहते हैं कि ज्योतिष को नियति का अंतिम निर्णय मानना सही नहीं. वास्तविकता यह है कि ग्रहों का प्रभाव मानना या न मानना व्यक्तिगत विश्वास का विषय है, लेकिन यह भी सच है कि सूर्य और चंद्रमा जैसे खगोलीय पिंड पृथ्वी पर भौतिक प्रभाव डालते हैं. इसी वास्तविकता और विश्वास के बीच ज्योतिष की अवधारणा विकसित हुई है.
आकाश और मानव के बीच प्रतीकात्मक रिश्ता
आखिरकार ग्रहों और मानव जीवन का संबंध केवल दूरी से नहीं, अर्थ से तय होता है. आकाश में घूमते ग्रह हमें समय, चक्र और प्रकृति की लय का एहसास कराते हैं. चाहे इसे ऊर्जा का प्रभाव मानें या सांस्कृतिक प्रतीक-ग्रहों की अवधारणा मानव सोच और जीवन दर्शन का हिस्सा रही है. इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि ग्रह सीधे जीवन बदलते हों या नहीं, लेकिन उनके प्रति विश्वास निश्चित रूप से मनुष्य के निर्णय और दृष्टिकोण को प्रभावित करता है.
माता लक्ष्मी घर में प्रवेश करने से पहले देखती हैं ये 6 चीजें, जानें कहां रहता है मां का वास?
21 Feb, 2026 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हिंदू धर्म में मां लक्ष्मी को धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिस घर पर मां लक्ष्मी की कृपा होती है, वहां कभी धन, खुशहाली या समृद्धि की कमी नहीं रहती. लेकिन हर घर को उनका आशीर्वाद नहीं मिलता. कहा जाता है कि किसी भी घर में प्रवेश करने से पहले मां लक्ष्मी कुछ खास बातों का ध्यान रखती हैं. आइए जानते हैं माता लक्ष्मी का घर में प्रवेश होगा या नहीं...
'जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता। सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता॥' माता लक्ष्मी की यह आरती बताती है कि मां जिस घर में प्रवेश करती हैं, वहां सद्गुण आता है, सभी कार्य संपन्न हो जाते हैं और किसी चीज को लेकर मन नहीं घबराता नहीं है. इस भौतिक संसार में माना जाता है कि धन और अन्न के बिना जीवन संभव नहीं है और इन दोनों का नियंत्रण मां लक्ष्मी के पास है. इसलिए हर घर में उनकी कृपा और उपस्थिति की कामना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां लक्ष्मी घर में प्रवेश करने से पहले कुछ चीजों को देखती हैं, अगर उस घर में सभी सही हो, तभी माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है. यहां हम आपको छह ऐसी बातें बता रहे हैं, जिनसे यह तय होता है कि मां लक्ष्मी आपके घर में ठहरेंगी या नहीं.
मां लक्ष्मी को साफ-सफाई बहुत पसंद है और वह उन्ही घरों में प्रवेश भी करती हैं. गंदा और अव्यवस्थित घर माता को पसंद नहीं आता. अगर घर साफ-सुथरा और व्यवस्थित है तो माना जाता है कि वहां मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है.
मां लक्ष्मी वहां निवास करती हैं, जहां शांति, प्रेम और सकारात्मकता का माहौल हो. अगर घर के सदस्य आपस में प्रेम से रहते हैं और झगड़े-कलह नहीं करते तो वहां मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. अगर घर में लड़ाई-झगड़े होते रहते हैं और सभी सदस्य एक दूसरे से नफरत करते हैं तो उस घर में मां लक्ष्मी प्रवेश नहीं करती है.
नियमित पूजा, दीपक जलाना और देवी-देवताओं की भक्ति से घर में पवित्रता आती है. माना जाता है कि जिस घर में हर पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्य होते हैं, वहां मां लक्ष्मी निवास करती हैं. वहीं जहां पूजा पाठ नहीं होता और कोई त्योहार या पर्व नहीं मनाया जाता, वहां माता लक्ष्मी कभी घर में प्रवेश नहीं करती हैं.
हिंदू मान्यता के अनुसार, जिस परिवार में श्रद्धा से तुलसी और गाय की सेवा करते हैं, वहां मां लक्ष्मी हमेशा निवास करती हैं. ऐसे घरों से मां लक्ष्मी कभी दूर नहीं जातीं. वहीं जिस घर में पशु पक्षी और लोगों का निरादर होता है, वहां कभी भी माता लक्ष्मी नहीं आतीं.
चाणक्य नीति: बिना एक भी सवाल पूछे लोगों के इरादों को जानने के 5 तरीके, क्या आप जानना चाहेंगे?
21 Feb, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आजकल लोगों की सही नीयत को पहचानना बेहद मुश्किल काम है. लोग कहते कुछ हैं और करते कुछ और ही हैं. आचार्य चाणक्य ने लोगों की असली नीयत को जानने के लिए एक नीति बनाई है, आप इन नीतियों के माध्यम से बिना किसी से बातचीत किए लोगों के मन में क्या चल रहा है, जान सकते हैं. आइए जानते हैं बिना एक भी सवाल पूछे लोगों की नीयत पहचानने के 5 तरीके...
आज के दौर में लोगों की कथनी और करनी में साफ नजर आता है और यह मामला कॉरपोरेट वर्ल्ड में ज्यादा नजर आता है. लोग बोलते कुछ और हैं और करते हैं, जिसकी वजह से कई बार समझ में नहीं आता, किस पर विश्वास किया जाए और किस पर नहीं. पहले राज दरबारों में भी कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ बोल रहा है, यह जानना बहुत मुश्किल होता था इसलिए चाणक्य ने बिना बातचीत किए लोगों को पढ़ना सीखा. चाणक्य ने इसे लेकर एक नीति भी बनाई और उस नीति के माध्यम से बताया कि इंसान अपनी नीयत को हमेशा अपने व्यवहार, चुप्पी और दोहराव से जाहिर करता है. जब आप इन संकेतों को पहचानना सीख जाते हैं तो आप शक करने वाले नहीं बल्कि समझदार बन जाते हैं. आइए इसी नीति के माध्यम से जानते हैं आखिर लोगों से बातचीत किए भी कैसे उनकी नीयत के बारे में पहचानें
चाणक्य ने उन पलों को बहुत अहमियत दी, जब किसी का स्वार्थ नहीं होता. जब ना कोई इनाम, ना पहचान, ना कोई रणनीतिक लाभ हो, तब लोग दिखावा करना छोड़ देते हैं. ऐसे समय में किसी का व्यवहार बताता है कि उनकी अच्छाई, वफादारी या नैतिकता असली है या सिर्फ लेन-देन के लिए. जब कोई देख नहीं रहा, जो बिना निगरानी के जिम्मेदारी निभाता है और जो नुकसान उठाकर भी ईमानदारी से पेश आता है, वह अपने कर्मों से अपनी नीयत दिखाता है. चाणक्य मानते थे कि यही सबसे शुद्ध सच है क्योंकि इसमें कोई स्वार्थ नहीं होता. अगर किसी की अच्छाई सिर्फ तब दिखती है जब उसे कुछ हासिल करना हो तो वही उसकी असली नीयत है.
आचार्य चाणक्य ने टालमटोल को कमजोरी नहीं बल्कि जानकारी माना. लोग चाहे कितनी भी आत्मविश्वास से बोलें, बड़े-बड़े वादे करें या लंबी-लंबी बातें करें लेकिन जो वे बार-बार टालते हैं, वही उनकी असली कहानी बताता है. जिम्मेदारी, स्पष्टता, वचनबद्धता या मुश्किल बातचीत से बचना अक्सर अंदरूनी विरोध या छुपी हुई मंशा का संकेत होता है. चाणक्य समझते थे कि इंसान स्वाभाविक रूप से उन हालातों से दूर भागता है, जो उसकी योजना के खिलाफ हों. अगर कोई बार-बार जिम्मेदारी से बचता है, फैसले टालता है या पारदर्शिता से इनकार करता है तो यह आमतौर पर भ्रम नहीं बल्कि नीयत होती है. समझदार लोग इन पैटर्न्स को नजरअंदाज नहीं करते बल्कि उन्हें समझते हैं.
दबाव वही दिखाता है, जो शिष्टाचार छुपा लेता है. आचार्य चाणक्य मानते थे कि तनाव लोगों को बदलता नहीं, बल्कि उनका असली चेहरा दिखा देता है. जब नतीजे अनिश्चित हों, भावनाएं तेज हों या नियंत्रण चुनौती में हो तो लोग अपनी असली प्रवृत्ति पर लौट आते हैं. संकट के समय देखें कि कोई ईमानदार बनता है या चालाक, शांत रहता है या आक्रामक, जिम्मेदार बनता है या बचने की कोशिश करता है. ये प्रतिक्रियाएं अचानक नहीं होतीं बल्कि गहराई से जमी आदतें होती हैं. चाणक्य ने शासकों को सलाह दी थी कि नुकसान या आपात स्थिति में लोगों का व्यवहार देखें क्योंकि दिखावटी अच्छाई दबाव में टूट जाती है, जबकि असली नीयत बिना कोशिश के सामने आ जाती है.
आचार्य चाणक्य ने सिखाया कि असली वफादारी कभी जोर-जबरदस्ती से नहीं दिखाई जाती. लोग सार्वजनिक रूप से किसकी तारीफ करते हैं, यह देखने के बजाय, वे निजी तौर पर किसका सम्मान करते हैं, यह देखना चाहिए. कौन उनके फैसलों को प्रभावित करता है? किसकी राय वे कभी नजरअंदाज नहीं करते? किसकी सीमाओं का वे स्वाभाविक रूप से सम्मान करते हैं? सम्मान अक्सर मन में बनी हुई श्रेणी को दिखाता है. कोई व्यक्ति बहुतों की खुशामद कर सकता है, लेकिन झुकता सिर्फ कुछ के आगे है. चाणक्य मानते थे कि इस चुपचाप बनी श्रेणी को समझना वफादारी, डर, महत्वाकांक्षा और मेल-मिलाप को समझने में मदद करता है. लोगों की नीयत इस बात से बनती है कि वे किसकी मंजूरी चाहते हैं, चाहे वे इसे कभी कबूल ना करें.
आचार्य चाणक्य ने अंत में एक चेतावनी भी दी कि लोगों को कभी एक बार के काम से ना आंकें. कोई एक बार समझदारी से पेश आ सकता है. असली नीयत समय के साथ लगातार व्यवहार में दिखती है. बार-बार का व्यवहार एक पैटर्न बनाता है और पैटर्न कभी झूठ नहीं बोलते. अगर किसी ने काम करने का वादा किया है लेकिन वह बार बार उस काम को टाल रहा है तो यही उसकी सच्चाई है. अगर आपको सामने वाले व्यक्ति के इरादे नेक लगते हैं, लेकिन व्यवहार बार-बार उनका खंडन करता है तो जो दोहराता है, उसी को सच मानें. चाणक्य मानते थे कि असली समझदारी धैर्य में है, इतना इंतजार करने की ताकत कि सच खुद-ब-खुद सामने आ जाए.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (21 फ़रवरी 2026)
21 Feb, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- इष्ट मित्रों से कार्य में बेचैनी व रुकावट होगी, असमर्थता का वातावरण रहेगा।
वृष राशि :- आशानुकूल सफलता से कार्य बनेंगे, रुके कार्य बनने के योग हैं ध्यान अवश्य दें।
मिथुन राशि :- परिश्रम से सफलता, कार्य बनेंगे, रुके कार्य एक-एक करके बनेंगे।
कर्क राशि :- कुटुम्ब की समस्यायें कुछ सुलझें, व्यवसायिक क्षमता अवश्य बढ़ेगी।
सिंह राशि :- विशेष कार्य स्थिगित रखें, किसी विवाद या झगड़े से निश्चय हानि होगी।
कन्या राशि :- सोचे कार्य परिश्रम से पूर्ण होंगे, समय स्थिति का ध्यान रखकर कार्य अवश्य करें।
तुला राशि :- आशानुकूल सफलता से हर्ष, दैनिक कार्य में सुधार होगा, धैर्यपूर्वक कार्य करें।
वृश्चिक राशि :- तनाव, क्लेश व अशांति, मानसिक विभ्रम, उत्तेजना से बचने का प्रयास करें।
धनु राशि :- धन लाभ, बिगड़े हुये कार्य बनेंगे, इष्ट मित्र सुखवर्धक होंगे, समय का ध्यान रखें।
मकर राशि :- विशेष कार्य बिगड़ेंगे, विवाद झगड़े का कारण बनेगा, विवादास्पद स्थिति से बचें।
कुंभ राशि :- कुटुम्ब के कार्य में समय बीतेगा, स्त्री वर्ग से तनाव अवश्य ही होगा।
मीन राशि :- तनाव, क्लेश व अशांति, व्यर्थ विभ्रम, धन का व्यय तथा अवरोध होगा।
शुक्रवार का पंचांग: आज शिव-शक्ति का अद्भुत संयोग, जानें किस 'शुभ पहर' में की गई पूजा बदल देगी आपकी किस्मत
20 Feb, 2026 07:35 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद: आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार, के दिन फाल्गुन महीने की शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि है. यह तिथि शिव और उनकी पत्नी माता गौरी देवी द्वारा नियंत्रित होती है. गृहप्रवेश, गृह निर्माण, कलात्मक कार्यों के लिए शुभ तिथि मानी जाती है. विवाद और मुकदमेबाजी के लिए यह तिथि अशुभ है. इस तिथि के दिन झगड़ों और मुकदमों से दूर रहना चाहिए.
20 फरवरी का पंचांग
विक्रम संवत : 2082
मास : फाल्गुन
पक्ष : शुक्ल पक्ष तृतीया
दिन : शुक्रवार
तिथि : शुक्ल पक्ष तृतीया
योग : साध्य
नक्षत्र : उत्तराभाद्रपदा
करण : गर
चंद्र राशि : मीन
सूर्य राशि : कुंभ
सूर्योदय : सुबह 06:56 बजे
सूर्यास्त : शाम 06:14 बजे
चंद्रोदय : सुबह 08.24 बजे
चंद्रास्त : रात 09.12 बजे
राहुकाल : 11:10 से 12:35
यमगंड : 15:24 से 16:49
विवाह कार्यों के लिए अनुकूल है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मीन राशि और उत्तराभाद्रपदा नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र मीन राशि 3:20 डिग्री से लेकर 16:40 तक फैला हुआ है. इसके देवता अहिर्बुध्न्य हैं, जो एक नाग देवता है. इस नक्षत्र का स्वामी ग्रह शनि है. कुएं खोदने, नींव या शहर बनाने, प्रायश्चित अनुष्ठान करने, पेड़ लगाने, राज्याभिषेक, भूमि खरीदने, मेधावी कर्म, बीज बोने, देवताओं की स्थापना, मंदिर के निर्माण, विवाह, या किसी अन्य गतिविधि के लिए ये अनुकूल नक्षत्र है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 11:10 से 12:35 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.
राशिफल : सावधान सिंह राशि...आज का दिन ला सकता है अनचाहा खर्च, जानें कैसे बचें
20 Feb, 2026 07:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति बारहवें भाव में होगी. आज आपका दिन अनुकूल है. स्वस्थ तन और प्रसन्न मन से आज सारे काम पूरे कर पाएंगे. परिणाम स्वरूप आप में ऊर्जा एवं उत्साह रहेगा. भाग्य का साथ आपको मिलेगा। परिवार के सदस्यों के साथ समय आनंद में गुजरेगा. माता से लाभ होगा. मित्र एवं स्नेहीजनों के मिलने से घर में खुशी का वातावरण रहेगा. जीवनसाथी के साथ आपके संबंध मजबूत होंगे. प्रेम प्रसंगों में सफलता मिलने से आप उत्साहित रहेंगे.
वृषभ- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति ग्यारहवें भाव में होगी. आज का दिन आपके लिए आनंद से भरा है. व्यापार में लाभ होगा. आय वृद्धि भी बेहतर रहेगी. परिजनों और मित्रों के साथ वातावरण आनंदमय रहेगा. नए संपर्क और परिचय व्यापार में लाभप्रद रहेंगे. छोटा प्रवास आनंददायी रहेगा. आज पूरे दिन मन उल्लास और प्रसन्नता से भरा होगा. नौकरीपेशा लोगों का काम भी समय पर पूरा हो सकेगा. प्रेम जीवन में संतुष्टि बनी रहेगी. विद्यार्थियों के लिए समय अच्छा है.
मिथुन- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दसवें भाव में होगी. आज आपके सभी काम सरलतापूर्वक पूरे होंगे. घर, ऑफिस तथा सामाजिक क्षेत्र में अनुकूल वातावरण बनने से प्रसन्नता का अनुभव करेंगे. मान-सम्मान में वृद्धि होगी. अधिकारियों के सहयोगपूर्ण व्यवहार के कारण आपकी प्रगति का मार्ग प्रशस्त होगा. गृहस्थ जीवन में आनंद छाएगा और उत्तम सांसारिक सुख प्राप्त कर सकेंगे. प्रेम जीवन में आपके साथी से आपको कोई विशेष उपहार भी मिल सकता है. आज सरकारी कामों में आने वाले अवरोध दूर होंगे और मार्ग आसान बनेगा. वित्तीय स्थिति संतोषजनक रहेगी.
कर्क- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति नवें भाव में होगी. आज आप धार्मिक काम में व्यस्त रहने वाले हैं. किसी धार्मिक स्थल पर जाकर आप खुश होंगे. आपकी किस्मत चमकने की पूरी संभावना है. पिछले दिनों छुटा हुआ अधूरा काम आज पूरा होने की संभावना बन रही है. दोस्तों के साथ भी अच्छा समय व्यतीत कर सकेंगे. विदेश से होने वाले व्यापार में आज कोई बड़ा सौदा भी हो सकता है. नौकरी में लाभ हो सकता है. अचानक आर्थिक लाभ होने का भी योग है. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अनुकूल है. परिवार के साथ भी समय अच्छा बीतेगा.
सिंह- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति आठवें भाव में होगी. आज स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है. स्वास्थ्य के पीछे धन खर्च भी हो सकता है. खान-पान में सावधानी बरतें और बाहर के खाने से परहेज करें. मौसमी या संक्रामक बीमारी होने की आशंका बनी रहेगी. कार्यस्थल पर वैचारिक मतभेद उभरेंगे. इससे आपके आसपास नकारात्मकता छाई रहेगी. आध्यात्मिकता के प्रति रुचि, ध्यान तथा जप आपको उचित मार्ग पर ले जाएंगे. इससे मानसिक तनाव कम होगा. परिवार का साथ आपको खुशी देगा.
कन्या- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति सातवें भाव में होगी. आज का दिन आपके लिए अनुकूल है. प्रिय व्यक्ति के साथ आपकी निकटता आपको आनंदित करेगी. अपने वैवाहिक जीवन में आत्मीयता का अनुभव करेंगे. आप प्रिय पात्रों के साथ समय बिताना पसंद करेंगे. समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा. भागीदारों के साथ सार्थक बातचीत होगी. आप मिलकर व्यापार बढ़ाने का आयोजन कर सकेंगे. सुंदर पोशाक, आभूषण और भोजन का आनंद ले सकेंगे. नए वाहन खरीदने की योजना बनेगी. स्वास्थ्य की दृष्टि से समय अच्छा है.
तुला- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति छठे भाव में होगी. आज के दिन आप मनोरंजन तथा घूमने-फिरने में समय व्यतीत करेंगे. हालांकि इस दौरान संक्रामक रोगों से बचने के लिए आपको खुद ही प्रयास करना होगा. आगे स्वास्थ्य खराब होने की आशंका बनी रहेगी. सांसारिक मामलों में आपका व्यवहार थोड़ा उदासीन रहेगा. जीवनसाथी का स्वास्थ्य खराब होने की आशंका है. मित्रों से मुलाकात अधिक आनंददायक नहीं रहेगी. व्यापारियों को बिजनेस पार्टनर्स के साथ धैर्य से काम लेना पड़ेगा. सार्वजनिक जीवन तथा सामाजिक जीवन में कम सफलता मिलेगी.
वृश्चिक- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पांचवें भाव में होगी. आज यात्रा न करें. स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी. संतान के संबंध में समस्याएं खड़ी होंगी. स्वाभिमान भंग न हो इसका ध्यान रखें. हालांकि वित्तीय आयोजन के लिए समय अच्छा है. बौद्धिक चर्चा या वाद-विवाद में न पड़ें. शेयर बाजार में लालच आपको हानि पहुंचा सकता है. कार्यस्थल पर आप दूसरों से मधुर व्यवहार करें. आज अपने अधूरे काम पूरे करने की कोशिश करें.
धनु- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति चौथे भाव में होगी. मानसिक रूप से आज आपमें उत्साह का अभाव रहेगा, जिससे मन में अशांति बनी रहेगी. परिजनों के साथ अनबन होने से पारिवारिक वातावरण क्लेशपूर्ण रहेगा. स्थायी संपत्ति के दस्तावेजी कामों में विशेष ध्यान रखें. धनहानि का योग है. मानहानि न हो इसका ध्यान रखें. माता के स्वास्थ्य के विषय में चिंता रहेगी. सीने में दर्द की शिकायत हो सकती है. हो सके तो आज का दिन आराम करें और ज्यादातर समय मौन रहें.
मकर- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति तीसरे भाव में होगी. आज आप रणनीति में शत्रुओं को परास्त करेंगे. नए काम के आरंभ के लिए तैयार रहें. सफलता मिलेगी. आपके सभी काम सफल रहेंगे. व्यापार में लाभ होगा. शेयर बाजार में लगाए हुए पैसे लाभ दिलवाएंगे. मित्रों, स्वजनों और भाई-बहनों के साथ मेल-जोल रहेगा. मन की उलझन हल होगी. विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा. उन्हें सफलता हासिल होगी. स्वास्थ्य की दृष्टि से आज का दिन लाभदायक है.
कुंभ- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति दूसरे भाव में होगी. मन में दुविधाएं होने से आप कोई ठोस निर्णय पर नहीं पहुंच सकेंगे. महत्वपूर्ण निर्णय न लें. वाणी पर संयम नहीं रहने से पारिवारिक सदस्यों के साथ मनमुटाव होने की आशंका है. धार्मिक काम के पीछे खर्च होगा. स्वास्थ्य खराब होगा. विद्यार्थियों के लिए समय मध्यम है. नकारात्मक विचारों से दूर रहें. व्यापार में आज कोई नई योजना नहीं बनाएं. नौकरीपेशा लोगों को कोई अरुचिपूर्ण काम मिल सकता है.
मीन- चंद्रमा आज 20 फरवरी, 2026 शुक्रवार को मीन राशि में उपस्थित होगा. आपके लिए चंद्रमा की स्थिति पहले भाव में होगी. आज आपको आनंद और उत्साह का अनुभव होगा. नए काम की शुरुआत करने से लाभ हो सकता है. मित्रों और स्नेहीजनों के साथ मिलकर स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेने की संभावना है. इनकम के नए सोर्स बढ़ेंगे. निर्धारित किए गए कार्यों में सफलता प्राप्त होगी. अधिकारी आपके काम की तारीफ करेंगे. व्यापार में लाभ की संभावना दिख रही है. वैवाहिक जीवन में आनंद रहेगा. परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी. संतान संबंधी चिंता दूर होगी. स्वास्थ्य सुख उत्तम रहेगा.
आपका अंगूठा खोल सकता है किस्मत का राज! जानिए आप भाग्यशाली हैं या संघर्षशील, बस एक नजर ध्यान से देखिए
20 Feb, 2026 06:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कभी आपने यूं ही अपने हाथों को गौर से देखा है? हथेली की रेखाओं पर तो सबका ध्यान जाता है, मगर अंगूठे की बनावट पर बहुत कम लोग ध्यान देते हैं. दिलचस्प बात यह है कि हस्तरेखा शास्त्र में अंगूठे को सिर्फ एक उंगली नहीं, बल्कि इंसान की इच्छा-शक्ति और सोच का संकेतक माना गया है. पुराने समय से लोग हाथ देखकर स्वभाव और भविष्य का अंदाजा लगाते रहे हैं और आज भी गांव-कस्बों से लेकर शहरों तक कई लोग इसे जिज्ञासा से देखते हैं. आइए जानते हैं हस्तरेखा विज्ञान में बताए गए अंगूठे के तीन प्रमुख प्रकार और उनसे जुड़े जीवन के संकेत.
1. तर्जनी के साथ अधिक कोण बनाने वाला अंगूठा जब अंगूठा तर्जनी से खुलकर ज्यादा कोण बनाता है, तो उसे सात्विक या खुला अंगूठा माना जाता है. ऐसा अंगूठा अक्सर पतला, लंबा और देखने में आकर्षक होता है. इस तरह के अंगूठे वाले लोग दिल के नरम और व्यवहार में मधुर माने जाते हैं. समाज में ऐसे लोगों को आप कलाकार, गायक या रचनात्मक कामों में लगे हुए पाएंगे.
2. संघर्ष के बाद सफलता की कहानी इनका जीवन अक्सर आसान नहीं होता. बचपन या शुरुआती उम्र में परिस्थितियां इनके पक्ष में नहीं रहतीं, लेकिन यही संघर्ष इनके भीतर मजबूत इच्छाशक्ति पैदा करता है. धीरे-धीरे ये अपनी मेहनत से रास्ते बनाते हैं और परिवार की स्थिति भी सुधार लेते हैं. कई बार देखा गया है कि ऐसे लोग कम बोलते हैं, मगर अपने काम से पहचान बनाते हैं.
3. लंबाई ज्यादा हो तो संकेत बदलते हैं यदि यही अंगूठा जरूरत से ज्यादा लंबा हो जाए और तर्जनी के दूसरे पोर से ऊपर निकल जाए, तो इसे संतुलन से बाहर माना जाता है. ऐसे लोगों के जीवन में सफलता आती तो है, पर देर से और कई बाधाओं के बाद. वहीं संतुलित लंबाई वाला अंगूठा बुद्धिमत्ता और कला-प्रेम का संकेत देता है. इनके दोस्त कम होते हैं, लेकिन गहरे और भरोसेमंद होते हैं.
4. तर्जनी से समकोण बनाता मजबूत अंगूठा समकोण बनाने वाला अंगूठा मजबूत, सीधा और स्तंभ जैसा दिखता है. यह पीछे की ओर ज्यादा नहीं झुकता, जिससे स्थिरता का भाव मिलता है. ऐसे लोग व्यवहार में व्यावहारिक होते हैं-बात कम, काम ज्यादा.
5. जिद और दृढ़ता की पहचान अगर इन्होंने कोई लक्ष्य तय कर लिया, तो उसे पूरा करके ही दम लेते हैं. गुस्सा जल्दी आता है, मगर उतनी ही जल्दी शांत भी हो जाता है. कार्यस्थल पर ऐसे लोग भरोसेमंद माने जाते हैं, क्योंकि ये जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटते.
6. समाज और देश के प्रति लगाव हस्तरेखा के जानकार मानते हैं कि इस तरह के अंगूठे वाले लोग सामाजिक या राष्ट्रहित के कामों में आगे रहते हैं. कई स्वयंसेवी या अनुशासित पेशों में आपको ऐसे व्यक्तित्व ज्यादा मिलते हैं. इन्हें मेहनत पर भरोसा होता है, भाग्य पर कम.
7. न्यूनकोण बनाता छोटा या झुका अंगूठा जब अंगूठा तर्जनी से कम कोण बनाता है या छोटा-सा दिखाई देता है, तो इसे न्यूनकोण अंगूठा कहा जाता है. इसकी बनावट कई बार असंतुलित या झुकी हुई लगती है.
8. निराशा और संघर्ष की छाया ऐसे अंगूठे वाले लोग जीवन को थोड़ा नकारात्मक नजरिए से देख सकते हैं. आर्थिक मामलों में अस्थिरता या बार-बार बाधाएं इनके रास्ते में आती हैं. इन्हें किसी भी उपलब्धि के लिए दूसरों की तुलना में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.
9. सुस्ती और अस्थिरता का असर हस्तरेखा परंपरा कहती है कि इस तरह के व्यक्तित्व में कभी-कभी आलस्य या निर्णय लेने में देरी देखी जाती है. धर्म-कर्म या आध्यात्मिक रुचि भी अपेक्षाकृत कम होती है. हालांकि जीवन पूरी तरह तय नहीं होता-सही मार्गदर्शन और मेहनत से ऐसे लोग भी परिस्थितियां बदल सकते हैं.
10. अंगूठा क्यों माना जाता है इच्छा-शक्ति का संकेत हस्तरेखा विज्ञान में अंगूठे को मस्तिष्क और इच्छा-शक्ति का प्रतिनिधि माना गया है. यह बाकी उंगलियों से अलग और स्वतंत्र होता है, जो मनुष्य की स्वतंत्र सोच का प्रतीक माना जाता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि अंगूठे की लचक, कोण और आकार-ये सब व्यक्ति के निर्णय लेने के तरीके और आत्मविश्वास से जुड़े संकेत देते हैं. अंततः यह मानना जरूरी है कि हस्तरेखा शास्त्र जीवन का अंतिम सत्य नहीं, बल्कि परंपरागत मान्यताओं का एक रोचक पक्ष है. कई लोग इसे मनोरंजन या आत्म-चिंतन के रूप में देखते हैं. फिर भी इतना तय है कि हाथों की बनावट हमें खुद को देखने का एक नया नजरिया जरूर देती है.
पढ़ाई में नहीं लगता मन? ये ज्योतिष उपाय बढ़ाएंगे एकाग्रता और आत्मविश्वास, मिलेगा मनचाहा रिजल्ट
20 Feb, 2026 06:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
परीक्षा का मौसम आते ही घरों का माहौल बदल जाता है. बच्चों के कमरे में किताबों का ढेर, टेबल पर नोट्स, और माता-पिता की चिंता-सब कुछ एक साथ दिखने लगता है. कई छात्र दिन-रात पढ़ते हैं, फिर भी एग्जाम हॉल में बैठते ही दिमाग खाली सा लगने लगता है. कुछ को पढ़ाई में मन नहीं लगता, तो कुछ को याद किया हुआ टिकता नहीं. ऐसे में मेहनत के साथ मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास भी जरूरी होता है. यहीं से ज्योतिष से जुड़े कुछ पारंपरिक उपाय लोगों का ध्यान खींचते हैं. सदियों से घरों में अपनाए जाने वाले ये छोटे-छोटे तरीके पढ़ाई के माहौल को सकारात्मक बनाने और ध्यान बढ़ाने में मददगार माने जाते हैं. खास बात यह है कि ये उपाय किसी जादू की तरह नहीं, बल्कि मन को शांत और केंद्रित करने के साधन बनते हैं. आइए जानते हैं परीक्षा में सफलता से जुड़े वे ज्योतिषीय उपाय, जिन पर आज भी कई परिवार भरोसा करते हैं.
क्यों जुड़ता है ज्योतिष और पढ़ाई का रिश्ता
पढ़ाई सिर्फ याद करने का काम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और एकाग्रता का खेल भी है. जब दिमाग भटका हुआ हो या तनाव ज्यादा हो, तो याद की हुई चीजें भी सही समय पर याद नहीं आतीं. ज्योतिषीय मान्यताओं में ग्रह-नक्षत्रों को मानसिक स्थिति से जोड़ा जाता है. इसी कारण बुद्धि, स्मरण और एकाग्रता से जुड़े उपायों का चलन रहा है. आज भी कई अभिभावक मानते हैं कि जब बच्चे पढ़ाई शुरू करने से पहले थोड़ी देर ध्यान या प्रार्थना करते हैं, तो उनका मन जल्दी शांत होता है. मनोवैज्ञानिक भी कहते हैं कि कोई भी नियमित रिचुअल दिमाग को फोकस मोड में लाने में मदद करता है. यही वजह है कि ज्योतिषीय उपायों को सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि मानसिक तैयारी का हिस्सा माना जाता है.
भगवान गणेश और सरस्वती मंत्र का जप
पढ़ाई से पहले मन को स्थिर करने की परंपरा
घर में अक्सर देखा जाता है कि बच्चे परीक्षा के दिनों में सुबह जल्दी उठकर पूजा करते हैं. मान्यता है कि स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर दीपक जलाना और गणेश व सरस्वती मंत्र का जप करना स्मरण शक्ति को मजबूत करता है. कई शिक्षक भी मानते हैं कि पढ़ाई से पहले 2-3 मिनट आंख बंद करके मंत्र या श्लोक दोहराने से मन भटकता नहीं. इससे पढ़ाई में बैठने की आदत बनती है और दिमाग जल्दी विषय पर टिकता है.
पढ़ाई शुरू करने से पहले छोटा मंत्र अभ्यास
फोकस बढ़ाने की आसान आदत
विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि जब भी पढ़ाई के लिए बैठें, तो सबसे पहले कुछ सेकंड के लिए “ॐ गं गणपतये नमः” और “ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः” का उच्चारण करें. यह एक तरह का माइंड-स्विच जैसा काम करता है-जैसे दिमाग को संकेत मिल जाए कि अब पढ़ाई का समय है. कई छात्रों का अनुभव होता है कि इस छोटे अभ्यास से बेचैनी कम होती है. खासकर जो बच्चे जल्दी घबरा जाते हैं, उन्हें इससे स्थिरता मिलती है.
बुधवार को गणेश पूजा और प्रसाद परंपरा
नियमितता से बढ़ता है आत्मविश्वास
ज्योतिषीय परंपरा में बुधवार को बुद्धि और ज्ञान से जोड़ा जाता है. इसलिए इस दिन गणेश पूजा और प्रसाद चढ़ाने की सलाह दी जाती है. घरों में यह एक साप्ताहिक रिचुअल जैसा बन जाता है, जिसमें बच्चे भी शामिल होते हैं. मनोविज्ञान के नजरिए से देखें तो ऐसी नियमित परंपराएं बच्चों में भरोसा पैदा करती हैं कि वे सही तैयारी कर रहे हैं. यह आत्मविश्वास परीक्षा के दौरान काम आता है.
गणेश रुद्राक्ष धारण करने की मान्यता
प्रतीक से जुड़ता है आत्मबल
कुछ परिवारों में बच्चों को बुधवार को गणेश रुद्राक्ष पहनाया जाता है. इसे बुद्धि और विवेक का प्रतीक माना जाता है. हालांकि इसे धार्मिक मान्यता से देखा जाता है, लेकिन कई लोग मानते हैं कि यह बच्चे को मानसिक रूप से मजबूत महसूस कराता है-जैसे कोई सहारा साथ हो. आज के समय में इसे मोटिवेशनल टोकन की तरह भी देखा जाता है. जैसे कुछ छात्र परीक्षा में अपना पसंदीदा पेन रखते हैं, वैसे ही रुद्राक्ष एक भावनात्मक सहारा बन जाता है.
आस्था और मेहनत का संतुलन
ज्योतिषीय उपायों को लेकर एक बात साफ है-इन्हें मेहनत का विकल्प नहीं, बल्कि सहयोगी माना जाता है. शिक्षक और काउंसलर भी यही कहते हैं कि असली सफलता नियमित पढ़ाई, सही योजना और अभ्यास से मिलती है, लेकिन जब छात्र तनाव में हों, तो ऐसे छोटे-छोटे उपाय मन को संभालने में मदद करते हैं. इसलिए कई परिवार इन्हें सकारात्मक माहौल बनाने का तरीका मानते हैं. परीक्षा में सफलता का सूत्र आखिर वही है-तैयारी, विश्वास और शांत मन. ज्योतिषीय उपाय उन छात्रों के लिए सहारा बन सकते हैं जो पढ़ाई के साथ मानसिक संतुलन भी बनाए रखना चाहते हैं.
रंगभरी एकादशी कब है, इस दिन बन रहा है चार शुभ संयोग, क्यों है खास
20 Feb, 2026 06:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आमलकी एकादशी, जिसे आंवला एकादशी या रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है यह पावन दिन भगवान विष्णु को समर्पित है, लेकिन इसकी विशेषता यह है कि इस अवसर पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा का भी विशेष विधान है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजन करने से सभी प्रकार के पाप, दोष और नकारात्मक प्रभाव समाप्त हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. कब रखा जाएगा आमलकी एकादशी का व्रत? क्या बन रहे हैं शुभ संयोग? पारण का क्या रहने वाला है शुभ मुहूर्त? जानते हैं
फाल्गुन शुक्ल एकादशी का आरंभ 26 फरवरी की रात 12 बजकर 33 मिनट से होगा और 27 फरवरी रात्रि 10 बजकर 32 मिनट पर इसका समापन होगा. उदया तिथि के अनुसार यह व्रत 27 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा. इसी दिन रंगभरी एकादशी का भी उल्लासपूर्ण आयोजन किया जाएगा, जिससे इस पर्व का महत्व और भी बढ़ जाता है.
आमलकी एकादशी से ही काशी में शुरू हो जाती है होली
काशी नगरी में इस दिन का विशेष उत्साह देखने को मिलता है. यहां रंगभरी एकादशी पर शिव और गौरी की आराधना कर उन्हें रंग और गुलाल अर्पित किया जाता है. मान्यता है कि इस दिन शिव-पार्वती का दिव्य मिलन हुआ था, इसलिए भक्त रंगों के माध्यम से अपनी आस्था प्रकट करते हैं. मंदिरों में भजन-कीर्तन, आरती और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है.
इस दिन बन रहे हैं चार शुभ संयोग
इस साल आमलकी एकादशी का महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि इस दिन चार शुभ योगों का संयोग बन रहा है. सर्वार्थ सिद्धि योग, रवि योग, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन योगों में किए गए पूजन, दान और जप-तप का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है. विशेष रूप से भगवान विष्णु की पूजा और आंवला वृक्ष की आराधना अत्यंत शुभ मानी जाती है.
इन महिलाओं को जरूर रखना चाहिए यह व्रत
आमलकी एकादशी का व्रत विशेष रूप से नवविवाहित महिलाओं और उन स्त्रियों के लिए अत्यंत फलदायी बताया गया है जिनका विवाह निश्चित हो चुका है. मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा से करने पर वैवाहिक जीवन सुख, प्रेम और सौभाग्य से परिपूर्ण रहता है. परिवार में शांति और समृद्धि बनी रहती है तथा दांपत्य जीवन में मधुरता आती है.
पारण का शुभ मुहूर्त
व्रत का पारण 28 फरवरी, शनिवार को किया जाएगा. पारण का शुभ समय प्रातः 6 बजकर 47 मिनट से 9 बजकर 6 मिनट तक रहेगा. द्वादशी तिथि का समापन उसी दिन रात्रि 8 बजकर 43 मिनट पर होगा. श्रद्धालु इस निर्धारित समय में विधि पूर्वक व्रत खोलकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे. इस प्रकार आमलकी एकादशी भक्ति, आस्था और शुभ संयोगों से परिपूर्ण एक अत्यंत पावन पर्व है.
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (20 फ़रवरी 2026)
20 Feb, 2026 12:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मेष राशि :- स्वभाव में खिन्नता, मानसिक बेचैनी, शारीरिक असमर्थता बनी रहेगी।
वृष राशि :- बड़े-बड़े लोगों से मेल-मिलाप होगा, स्त्री वर्ग से हर्ष रहेगा, समय का ध्यान रखें।
मिथुन राशि :- कुटुम्ब की समस्यायें सुलझें, बिगड़े कार्य बनेंगे तथा हर्ष अवश्य ही होगा।
कर्क राशि :- कार्य कुशलता से हर्ष, सामाजिक कार्य में वृद्धि, प्रभुत्व वृद्धि होगी।
सिंह राशि :- आशानुकूल सफलता मिलेगी, मानसिक विभ्रम से अवश्य बचें।
कन्या राशि :- मानसिक शिथिलता से बेचैनी, अर्थ-व्यवस्था अनुकूल होगी, व्यर्थ व्यय होगा।
तुला राशि :- कार्य कुशलता से संतोष होगा, आर्थिक लाभ होगा, कार्य योजना फलीभूत होगी।
वृश्चिक राशि :- आकस्मिक विभ्रम व बेचैनी, चिन्तायें परेशान करेंगी, धैर्य से काम लें।
धनु राशि :- आशानुकूल सफलता मिलेगी, मानसिक विभ्रम से परेशानी, लाभ होगा।
मकर राशि :- योजनायें फलीभूत होंगी, शुभ समाचार हर्षयुक्त रखेगा, विशेष कार्य बनेंगे।
कुंभ राशि :- मानसिक व्यग्रता, विघटनकारी तत्व परेशान करेंगे, रुके कार्य अवश्य ही बनेंगे।
मीन राशि :- मनोवृत्ति संवेदनशील रहेगी, आकस्मिक धन लाभ से संतोष होगा।
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