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The Bonus Market Update: बड़ी गिरावट के साथ खुला घरेलू शेयर बाजार; सेंसेक्स 883 अंक टूंटा, निफ्टी 25600 के नीच
13 Feb, 2026 09:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को भारतीय बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला। कमजोर वैश्विक संकेतों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से होने वाले व्यवधानों को लेकर लगातार बनी चिंताओं के कारण निवेशकों की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा। इसके चलते शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे गिरकर 90.69 पर आ गया।शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 883.4 अंक या 1.05 प्रतिशत गिरकर 82,791.52 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 262.60 अंक या 1.02 प्रतिशत गिरकर 25,544.60 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
पिछले सत्र से जारी बिकवाली के दबाव का सबसे ज्यादा असर टेक्नोलॉजी शेयरों पर भी देखने को मिला। सेंसेक्स में इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। एटरनल, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अदानी पोर्ट्स, ट्रेंट, टाटा स्टील, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडिगो, लार्सन एंड टुब्रो, अल्ट्राटेक सीमेंट और एनटीपीसी के शेयर भी गिरावट के दायरे में कारोबार कर रहे थे।बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक और भारती एयरटेल ही ऐसे शेयर थे जिन्हें लाभ हुआ। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 1.93 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 1.40 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि बाजार एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुके हैं, जिससे निवेशकों में कुछ घबराहट पैदा होगी, हालांकि साथ ही अवसर भी मिलेंगे। अमेरिकी बाजारों में एआई शेयरों में बिकवाली की उम्मीद थी, लेकिन बिकवाली का समय और सीमा अज्ञात थी।
एआई शेयरों में गिरावट भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक
उन्होंने कहा कि भारतीय बाजार के लिए एआई शेयरों में यह गिरावट सकारात्मक है, क्योंकि पिछले साल की वैश्विक तेजी मुख्य रूप से एआई से संबंधित व्यापार पर आधारित थी, जिसमें भारत, जो एआई के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ देश है, भाग नहीं ले सका। इसलिए, यदि एआई व्यापार में गिरावट जारी रहती है, तो यह भारतीय दृष्टिकोण से सकारात्मक है।उन्होंने आगे कहा कि भारतीय बाजार को इस समय जो बात हिला रही है, वह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली है, जो भारत की कंपनियों के मुनाफे का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है। आईटी क्षेत्र पर 'मानवजनित संकट' का वास्तविक प्रभाव अभी तक पता नहीं चल पाया है।
एशियाई बाजारों रहा मिला-जुला हाल
एशियाई बाजारों में, हांगकांग का हैंग सेंग बेंचमार्क, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स और शंघाई का एसएसई कंपोजिट इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी सकारात्मक दायरे में था। गुरुवार को रात भर के कारोबार में अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।
एआई से जुड़ी चिंताओं के बीच तकनीकी शेयरोंमें बिकवाली तेज
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के प्राइम रिसर्च के प्रमुख देवर्ष वकील ने कहा कि गुरुवार को वॉल स्ट्रीट सूचकांकों में भारी गिरावट आई, जिसमें प्रौद्योगिकी शेयरों से भरा नैस्डैक 2 प्रतिशत तक गिर गया, क्योंकि निवेशकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से होने वाले व्यवधान की चिंताओं के बीच तकनीकी शेयरों की बिकवाली तेज कर दी और परिवहन शेयरों से दूरी बना ली। उन्होंने आगे कहा कि एआई की व्यापार मॉडल को बाधित करने की क्षमता को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण प्रमुख तकनीकी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई।
ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 67.41 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.16 प्रतिशत गिरकर 67.41 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। इस बीच, एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 108.42 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने भी 276.85 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। गुरुवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 558.72 अंक गिरकर 83,674.92 पर बंद हुआ। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 146.65 अंक गिरकर 25,807.20 पर समाप्त हुआ।
Gold Silver Price: चांदी की कीमतों में 3500 रुपये का उछाल, सोना 1.54 लाख रुपये पर पहुंचा, जानें आज का अपडेट
13 Feb, 2026 09:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोने-चांदी कीमतों में शुक्रवार को तेजी देखने को मिली। चांदी की कीमत 3580 रुपये की उछाल के साथ 2.41 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 2090 रुपये महंगा होकर 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
एमसीएक्स पर गिरावट
शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर सोने का भाव 6,074 रुपये गिरकर ₹1,52,681 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत 26,518 रुपये सस्ती होकर ₹2,36,500 प्रति किलो पर आ गया।
घरेलू बाजार में सोने-चांदी का भाव
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, गुरुवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 400 रुपये गिरकर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। चांदी की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ और यह 2,68,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी खरीदारी के संकेत दिखे। कॉमेक्स पर चांदी की कीमतों में वैल्यू बाइंग देखने को मिली और यह इंट्राडे में 77.045 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर तक पहुंच गई, जो ओपनिंग बेल के कुछ ही मिनटों में 1.25 प्रतिशत से अधिक की तेजी को दर्शाता है।एशियाई बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान सोना और चांदी दोनों में हल्की खरीदारी दर्ज की गई। कॉमेक्स गोल्ड करीब 5,000 डॉलर प्रति औंस के आसपास हरे निशान में ट्रेड करता दिखा, जिसमें इंट्राडे लगभग 1.10 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
दोनों कीमती धातुएं अपने उच्च स्तर से करीब कितनी फिसली?
2026 में सोना और चांदी की कीमतें भारी उतार-चढ़ाव के दौर में प्रवेश कर गई हैं। पिछले साल की असाधारण तेजी के बाद दोनों कीमती धातुएं अपने उच्च स्तर से करीब 16 से 43 प्रतिशत तक फिसल चुकी हैं। मजबूत अमेरिकी डॉलर और फेडरल रिजर्व की नीतियों को लेकर बदलती उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा पर असर डाला है, जिससे हालिया करेक्शन देखने को मिला।हालांकि हाल की गिरावट ने पहले की तेजी के बड़े हिस्से को कम कर दिया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह कमजोरी लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर हो सकती है। कई विशेषज्ञ इसे कीमती धातुओं में जारी बहुवर्षीय तेजी के चक्र का हिस्सा मान रहे हैं।घरेलू ब्रोकरेज एमके वेल्थ के अनुसार, सोना और चांदी 3 से 5 साल के बुल रन में हैं, जिसे अनुकूल मैक्रोइकोनॉमिक परिस्थितियों, संरचनात्मक मांग और निवेशकों की बदलती पसंद का समर्थन मिल रहा है। ब्रोकरेज ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे विविधीकृत पोर्टफोलियो के हिस्से के रूप में सोना-चांदी को होल्ड बनाए रखें और नई खरीदारी चरणबद्ध तरीके से, खासकर गिरावट के दौरान करें।
टंकी फुल कराने से पहले चेक करें आज के नए रेट, जानें कहां मिल रहा सबसे सस्ता तेल!
13 Feb, 2026 08:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देश में हर दिन सुबह-सुबह पेट्रोल और डीजल के नए दाम तय किए जाते हैं. तेल कंपनियों द्वारा सुबह 6 बजे इसकी घोषणा की जाती है. पेट्रोल-डीजल के बदलते दामों का सीधा असर लोगों के जेब पर पड़ता है, क्योंकि हर दिन अपने गाड़ी में सफर करने के लिए पेट्रोल-डीजल भरवाता है.
ऑफिस जाने वाले व्यक्ति से लेकर खेत में ट्रैक्टर चलाने वाले किसानों तक इसके दाम प्रभावित करते हैं. ऐसे में हमें इनके दामों का पता होना चाहिए. हर दिन की तरह आज भी पेट्रोल-डीजल के दाम जारी कर दिए गए हैं. जिसे आप यहां चेक कर सकते हैं.
इन शहरों में पट्रोल-डीजल के दाम
दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर, डीजल ₹87.67 प्रति लीटर
मुंबई: पेट्रोल ₹103.54 प्रति लीटर, डीजल ₹90.03 प्रति लीटर
कोलकाता: पेट्रोल ₹105.45 प्रति लीटर, डीजल ₹92.02 प्रति लीटर
चेन्नई: पेट्रोल ₹100.84 प्रति लीटर, डीजल ₹92.39 प्रति लीटर
अहमदाबाद: पेट्रोल ₹94.68 प्रति लीटर, डीजल ₹90.35 प्रति लीटर
बैंगलोर: पेट्रोल ₹102.92 प्रति लीटर, डीजल ₹90.99 प्रति लीटर
हैदराबाद: पेट्रोल ₹107.50 प्रति लीटर, डीजल ₹95.70 प्रति लीटर
जयपुर: पेट्रोल ₹104.91 प्रति लीटर, डीजल ₹90.38 प्रति लीटर
लखनऊ: पेट्रोल ₹94.69 प्रति लीटर, डीजल ₹87.81 प्रति लीटर
पुणे: पेट्रोल ₹103.87 प्रति लीटर, डीजल ₹90.40 प्रति लीटर
इंदौर: पेट्रोल ₹106.81 प्रति लीटर, डीजल ₹92.18 प्रति लीटर
पटना: पेट्रोल ₹105.41 प्रति लीटर, डीजल ₹91.66 प्रति लीटर
सूरत: पेट्रोल ₹94.69 प्रति लीटर, डीजल ₹90.38 प्रति लीटर
नासिक: पेट्रोल ₹104.50 प्रति लीटर, डीजल ₹91.02 प्रति लीटर
अंतरराष्ट्रीय बाजार से भारत तक पहुंचता है संकेत
इस महीने संयुक्त अरब अमीरात ने ईंधन के दामों में हल्की नरमी बरती है. जिससे वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के भाव कम हो सकते हैं. भारत में ईधन का बड़ा हिस्सा विदेशों से आता है. ऐसे में दामों में थोड़ा भी उतार-चढ़ाव आपके जेब पर असर डाल सकता है. हालांकि भारत में ईधन के दाम कई चीजों पर निर्भर करता है, जैसे की रुपये की मजबूती या कमजोरी और सरकारी टैक्स भी जुड़े होते हैं. अभी पेट्रोल-डीजल के दाम कई महीनों से स्थिर है.
बाजार में मची हाहाकार या निवेश का सुनहरा मौका? सोना-चांदी के साथ शेयर बाजार भी धराशायी, जानें अब क्या करें निवेशक
13 Feb, 2026 08:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई: आज घरेलू बाजारों में एक साथ दोहरी मार देखने को मिली हैं. एक तरफ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी खुलते ही भारी गिरावट के साथ लाल निशान में चले गए. दूसरी तरफ कमोडिटी बाजार में सोना और चांदी के दाम भी तेजी से फिसले.
निवेशक सुबह से ही परेशान नजर आए. आईटी सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई, जिसने पूरे बाजार को नीचे खींचा. वैश्विक संकेतों के साथ घरेलू कारकों ने भी इस गिरावट को बढ़ावा दिया. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है, लेकिन फिलहाल माहौल कमजोर बना हुआ है.
सेंसेक्स-निफ्टी की कमजोर शुरुआत
कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स पिछले बंद 84,233.64 से फिसलकर 83,968.43 पर खुला और फिर तेजी से 83,795.65 तक लुढ़क गया, यानी 438 अंकों की गिरावट. निफ्टी भी 25,953.85 से घटकर 25,906.70 पर खुला और 25,822.30 तक पहुंच गया. शुरुआती मिनटों में ही निफ्टी 131 अंक नीचे आ गया. बाजार में बिकवाली का दबाव साफ दिख रहा था.
आईटी शेयरों में भारी टूट
गिरावट की सबसे बड़ी वजह आईटी सेक्टर रहा. इन्फोसिस के शेयर 4.50%, टेक महिंद्रा 4.20%, टीसीएस 3.80% और एचसीएल टेक 3.40% तक गिरे. पिछले सप्ताह भी अमेरिकी एआई टूल्स की खबरों से आईटी स्टॉक कमजोर हुए थे. इस बार भी वैश्विक संकेतों ने भारतीय आईटी कंपनियों पर असर डाला. निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की.
सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयर
लार्जकैप में इटरनल 2% और एमएंडएम 1.10% नीचे रहे. मिडकैप में कोफोर्ज 5%, एमफेसिस 4.10%, पर्सिस्टेंट 3.90% और गोदरेज प्रॉपर्टीज 2% गिरे. स्मॉलकैप में एआरईएंडएम 4.10%, साइएंट 3.50%, केफिनटेक 3% और एफएसएल 2.80% तक लुढ़के. इन शेयरों ने बाजार की कमजोरी को और गहरा किया.
सोना-चांदी में बड़ी नरमी
एमसीएक्स पर चांदी का भाव 2,63,018 रुपये से घटकर 2,60,453 रुपये प्रति किलो हो गया, यानी 2,565 रुपये की गिरावट. इसका उच्च स्तर 4,20,048 रुपये से अब 1.59 लाख रुपये तक सस्ता है. सोना भी 1,58,755 रुपये से फिसलकर 1,57,701 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया. रिकॉर्ड हाई 1,93,096 रुपये से अभी 35,395 रुपये कम है.
India-US Trade Deal: एसबीआई की रिपोर्ट- अमेरिका के साथ 90 अरब डॉलर के पार पहुंचेगा भारत का व्यापार अधिशेष
13 Feb, 2026 07:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
व्यापार समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर टैरिफ में कटौती निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का सुनहरा मौका है। साथ ही, यह व्यापार अधिशेष के लिहाज से भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद है।एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, टैरिफ कटौती के बाद निर्यात में तेज वृद्धि और अमेरिकी बाजारों में अधिक आयात से भारत का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) सालाना 90 अरब डॉलर के पार पहुंच सकता है। रिपोर्ट एक दिलचस्प आंकड़े की ओर इशारा कर रही है। भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले टॉप-15 उत्पादों में सालाना 97 अरब डॉलर के अतिरिक्त निर्यात की क्षमता है। अगर अन्य उत्पादों को जोड़ लिया जाए, तो यह आंकड़ा आसानी से 100 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा।न देने वाली बात यह है कि 2024-25 में भारत का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष 40.9 अरब डॉलर था, जिसके अब दोगुना से ज्यादा होने की उम्मीद है। इसका भारतीय जीडीपी पर करीब 1.1 फीसदी सकारात्मक असर पड़ सकता है। 2025-26 के पहले नौ माह में व्यापार अधिशेष 26 अरब डॉलर रहा है।
व्यापार समझौता
97 अरब डॉलर के अतिरिक्त निर्यात की क्षमता है अमेरिका भेजे जाने वाले टॉप-15 उत्पादों में
40.9 अरब डॉलर रहा था 2024-25 में अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष
55 अरब डॉलर बढ़ सकता है अमेरिका से आयात
व्यापार समझौते की घोषणा के तहत भारत ने सभी अमेरिकी औद्योगिक सामान और कृषि एवं खाद्य उत्पादों पर टैरिफ कम करने या खत्म करने पर सहमति जताई है। वहीं, कुछ कमोडिटीज को छोड़कर भारत के आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी पहले से ही 20-40 फीसदी के बीच है। टैरिफ कम होने पर इसके और बढ़ने का अनुमान है। इससे अमेरिका से आयात में 55 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हो सकती है।
तीन अरब डॉलर से अधिक बचा सकता है भारत
भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदने की सहमति जताई है। कुछ क्षेत्रों में तो अमेरिका पहले से ही हावी है। जैसे... बादाम के मामले में भारत के कुल आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी 90 फीसदी है। टैरिफ कम होने से भारत सिर्फ बादाम आयात पर अपने विदेशी मुद्रा भंडार में 10-15 करोड़ डॉलर बचा सकता है। इसके अलावा, अन्य उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ शून्य होने या आयात शुल्क में कमी के चलते भारत विदेशी मुद्रा भंडार में तीन अरब डॉलर की बचत कर सकता है। आयात सब्स्टिट्यूशन के साथ यह बचत और भी ज्यादा हो सकती है।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में बदलाव: व्हाइट हाउस ने अमेरिकी दालों को सूची से हटाया, समझिए क्या है इसके मायने
11 Feb, 2026 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां दोनों देशों के बीच हुए इस व्यापार समझौते की एक महत्वपूर्ण सूचना में अब बदलाव किया है। पहले जारी तथ्य पत्र में कुछ दालों को शामिल किया गया था, लेकिन अब उन्हें सूची से हटा दिया गया है। इस बात की जानकारी व्हाइट हाउस की ओर से बयान जारी कर दिया गया। इसका मतलब है कि भारत पर अमेरिकी दालों के आयात शुल्क में बदलाव अभी स्पष्ट नहीं है। बता दें कि व्हइट हाउस की ओर से जारी पहली तथ्य पत्र में में कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कुछ खाद्य और कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेगा या हटा देगा। इनमें खास तौर पर सूखे अनाज, लाल ज्वार, पेड़ के मेवे, फल और नट्स, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, शराब और वाइन शामिल थी।
अब समझिए बदलाव क्या हुआ?
ऐसे में अब व्हाइट हाउस ने अपनी पहला तथ्य पत्र का संशोधित कर दिया है। अब इसमें शामिल दालें को हटा दिया गया है। यानी अब यह साफ नहीं है कि भारत अमेरिकी दालों पर कोई शुल्क घटाएगा या नहीं।ऐसे समझिए पूरा मामला भारत और अमेरिका ने अंतरिम समझौते पर सहमति दी।अमेरिका चाहता है कि भारत उसके सामान पर कम टैक्स लगाए, ताकि अमेरिका के उत्पाद आसानी से भारत में बिक सकें।शुरू में व्हाइट हाउस ने कहा था कि दालें भी शामिल हैं।अब यह बात बदल गई है, दालों का जिक्र तथ्य पत्र से हटा दिया गया।भारत अमेरिका से बहुत सारा दाल आयात करता है।अगर भारत पर टैक्स नहीं घटाएगा, तो अमेरिका के लिए दालों का निर्यात महंगा रह सकता है।
अमेरिका-भारत अंतरिम व्यापार समझौते में बदलाव: कुछ दालें हटाईं, अन्य कृषि व औद्योगिक उत्पादों पर घटेंगे टैरिफ
11 Feb, 2026 09:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां दोनों देशों के बीच हुए इस व्यापार समझौते की एक महत्वपूर्ण सूचना में अब बदलाव किया है। पहले जारी तथ्य पत्र में कुछ दालों को शामिल किया गया था, लेकिन अब उन्हें सूची से हटा दिया गया है। इस बात की जानकारी व्हाइट हाउस की ओर से बयान जारी कर दिया गया। इसका मतलब है कि भारत पर अमेरिकी दालों के आयात शुल्क में बदलाव अभी स्पष्ट नहीं है। बता दें कि व्हइट हाउस की ओर से जारी पहली तथ्य पत्र में में कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कुछ खाद्य और कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेगा या हटा देगा। इनमें खास तौर पर सूखे अनाज, लाल ज्वार, पेड़ के मेवे, फल और नट्स, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, शराब और वाइन शामिल थी।
अब समधिए बदलाव क्या हुआ?
ऐसे में अब व्हाइट हाउस ने अपनी पहला तथ्य पत्र का संशोधित कर दिया है। अब इसमें शामिल दालें को हटा दिया गया है। यानी अब यह साफ नहीं है कि भारत अमेरिकी दालों पर कोई शुल्क घटाएगा या नहीं।ऐसे समझिए पूरा मामला भारत और अमेरिका ने अंतरिम समझौते पर सहमति दी।अमेरिका चाहता है कि भारत उसके सामान पर कम टैक्स लगाए, ताकि अमेरिका के उत्पाद आसानी से भारत में बिक सकें।शुरू में व्हाइट हाउस ने कहा था कि दालें भी शामिल हैं।अब यह बात बदल गई है, दालों का जिक्र तथ्य पत्र से हटा दिया गया।भारत अमेरिका से बहुत सारा दाल आयात करता है।अगर भारत पर टैक्स नहीं घटाएगा, तो अमेरिका के लिए दालों का निर्यात महंगा रह सकता है।यह बदलाव व्यापारिक बातचीत में सूक्ष्म लेकिन महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
The Bonus Market Update: हरे निशान पर खुला भारतीय शेयर बाजार; सेंसेक्स 69 अंक चढ़ा, निफ्टी 25900 के पार
11 Feb, 2026 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन यानी बुधवार को भारतीय बाजार बढ़त के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 68.97 अंक या 0.08 प्रतिशत चढ़कर 84,342.89 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 40.40 अंक या 0.16 प्रतिशत चढ़कर 25,975.55 अंक पर आ गया।
Gold Silver Price Today: आज सर्राफा बाजार में तेजी, चांदी की कीमतों में ₹6700 का उछाल, सोना करीब ₹1500 महंगा
11 Feb, 2026 08:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोना-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। बुलियन की दरों के अनुसार चांदी की कीमतों में 6700 रुपये की तेजी देखने को मिली। वहीं सोना भी 1500 रुपये तक महंगा हो गया। शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर चांदी 4.23 प्रतिशत गिरकर ₹2,51,500 प्रति किलो पर आ गई। वहीं सोना भी 0.91% सस्ता हो कर ₹1,56,631 प्रति 10 ग्राम पर आ गया घरेलू बाजार में सोना-चांदी का हाल पिछले दिन मंगलवार को सर्राफा बाजार में एक किलोग्राम चांदी की कीमत 7,500 कम हो गई है। चांदी की कीमत घटकर 2,64,500 रुपये प्रति किलो (सभी करों सहित) रह गई। वहीं 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 2,200 रुपये या 1.4 प्रतिशत उछलकर 1,60,700 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का भाव वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में कुछ माहौल देखने को मिला। मंगलवार की गिरावट के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों ने बाजार को सहारा दिया। बुधवार को एशियाई कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 5,065 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा, जबकि स्पॉट सिल्वर में तेज उछाल आया और यह 1.16% की तेजी के साथ 81.32 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।हालांकि, सोने की कीमतें अभी भी अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे हैं। सोना 29 जनवरी को बने 5,608.35 डॉलर प्रति औंस के ऑल-टाइम हाई से करीब 11% नीचे है। वहीं, चांदी अभी भी अपने 121.67 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर से लगभग 50% दूर है।
डिफेंस ट्रेड फेयर सिंगापुर एयरशो: एशिया के सुपर-रिच खरीदारों को साधने की होड़, निजी जेट कारोबार में तेज उछाल
11 Feb, 2026 06:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एशिया के सबसे बड़े एविएशन और डिफेंस ट्रेड फेयर सिंगापुर एयरशो में इस बार निजी जेट उद्योग की बढ़ती ताकत साफ नजर आई। विमान निर्माता कंपनियां अब कमर्शियल एयरलाइंस के बजाय बेहद अमीर निजी ग्राहकों और बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों को साधनों की तैयारी कर रही हैं।इस रणनीति के तहत गल्फस्ट्रीम ने अपने फ्लैगशिप बिजनेस जेट जी700 को प्रमुखता से प्रदर्शित किया, जिसकी कीमत करीब 7.5 से 8 करोड़ डॉलर (620-660 करोड़ रुपये) बताई जाती है। एयरशो परिसर में यात्री विमानों और सैन्य एयरक्राफ्ट से अलग खड़े इस निजी जेट को देखने को लंबी कतारें लगी रहीं।बीबीसी के मुताबिक, विमान के भीतर संभावित ग्राहकों के साथ सौदे को लेकर बातचीत चलती रही, जिससे साफ है कि एशिया में सुपर-रिच खरीदारों की मांग तेजी से बढ़ रही है।विमान में पैनोरमिक खिड़कियों से आती रोशनी हल्के रंग की लेदर सीटों और पॉलिश्ड लकड़ी के वेनियर पर पड़ती है। केबिन में अलग-अलग लिविंग एरिया हैं। टीवी कंसोल और पीछे की ओर शावर के साथ ग्रैंड सुइट मौजूद है। यह डिजाइन सिर्फ लग्जरी नहीं, बल्कि उद्योग में रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है।
बिजनेस एयरक्राफ्ट की मांग में बदलाव
गल्फस्ट्रीम के वर्ल्डवाइड सेल्स प्रमुख स्कॉट नील ने कहा, हम बड़े कॉरपोरेशनों और हाई-नेटवर्थ व्यक्तियों के लिए बिजनेस एयरक्राफ्ट की मांग में बड़ा बदलाव देख रहे हैं। अधिक कंपनियां वैश्विक स्तर पर कारोबार कर रही हैं और उन्हें ज्यादा जगहों तक यात्रा करनी पड़ती है। ऐसा करने का सबसे कुशल तरीका बिजनेस एयरक्राफ्ट है।बॉम्बार्डियर से दसॉ तक सभी कंपनियां आमने-सामने इस सेगमेंट में गल्फस्ट्रीम अकेला खिलाड़ी नहीं है। दसॉ, बॉम्बार्डियर, एम्ब्रेयर और टेक्सट्रॉन एविएशन जैसी कंपनियां भी अमीर ग्राहकों को लुभाने की दौड़ में हैं। हालांकि, पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर निजी विमानों की आलोचना भी हो रही है, लेकिन विमान निर्माताओं ने इसमें बड़ा कारोबारी अवसर देख लिया है।इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के मुताबिक, एयरलाइंस आमतौर पर अपने खर्च से सिर्फ दो-चार फीसदी अधिक मुनाफा कमा पाती हैं। इसके उलट, निजी जेट कम संख्या में बिकते हैं, लेकिन उनकी कीमत बेहद ऊंची होती है। कंपनियां सपोर्ट, स्पेयर पार्ट्स और मेंटेनेंस प्रोग्राम्स से भी अतिरिक्त कमाई करती हैं।
नई रणनीति: कम थकान, ज्यादा आराम
आज निजी जेट निर्माताओं के लिए यात्रियों की थकान कम करना बड़ा सेलिंग पॉइंट बन गया है। कंपनियां दावा कर रही हैं कि उन्होंने केबिन एयर प्रेशर सुधारा है। शोर कम किया है और इंटीरियर को ऐसे डिजाइन किया है कि लंबी उड़ानें ज्यादा आरामदेह बन सकें। यही तकनीकी सुधार और समय बचत की सुविधा आज के सुपर-रिच ग्राहकों को निजी विमान खरीदने की ओर तेजी से आकर्षित कर रही है।पांच साल में 70% से ज्यादा बढ़े सुपर-रिच एविएशन इंटेलिजेंस फर्म विंगएक्स के मुताबिक, 2025 में वैश्विक स्तर पर निजी जेट उड़ानों की संख्या 37 लाख रही, जो 2024 से 5 फीसदी और महामारी पूर्व स्तर से 35 फीसदी अधिक है। 2020 से 2025 के बीच दुनिया में अल्ट्रा हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स की संख्या 70 फीसदी से ज्यादा बढ़ी है।
Report: कारोबार में खूब इस्तेमाल हो रहा AI, अमेरिका के बाद सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा भारत; सुरक्षा अब भी चुनौती
11 Feb, 2026 06:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाने के मामले में दुनिया में बड़ी ताकत बनकर उभरा है। एंटरप्राइज एआई/एमएल के इस्तेमाल में अमेरिका के बाद भारत वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है। क्लाउड सुरक्षा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जेडस्केलर की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय उद्यमों ने जून से दिसंबर, 2025 के बीच कुल 82.3 अरब एआई/एमएल लेनदेन दर्ज किए। यह संख्या एशिया-प्रशांत क्षेत्र की कुल एआई गतिविधियों का 46.2 फीसदी है, जो भारत को इस क्षेत्र का निर्विवाद अगुवा बनाती है।भारत की यह वृद्धि 2025 में सरकार समर्थित निरंतर डिजिटल परिवर्तन प्रयासों के साथ एआई बुनियादी ढांचे और कौशल विकास में बड़े सार्वजनिक एवं निजी निवेश के बिल्कुल अनुरूप है। एआई-सक्षम कार्यबल के विस्तार और क्लाउड-फर्स्ट ढांचे ने पिछले वर्षों की तुलना में देश की इस उल्लेखनीय वृद्धि में योगदान दिया है। क्लाउड-फर्स्ट ढांचे एआई सेवाओं का तेजी से प्रसार करने में मदद करते हैं। यह रिपोर्ट कंपनी के जीरो ट्रस्ट एक्सचेंज मंच पर जनवरी से दिसंबर, 2025 के बीच 1,000 अरब एआई/मशीन लर्निंग लेनदेन के विश्लेषण पर आधारित है।प्रौद्योगिकी-संचार क्षेत्र कर रहे वृद्धि की अगुवाई जेडस्केलर ने थ्रेटलैब्ज-2026 एआई सुरक्षा रिपोर्ट में कहा, भारत में एआई के बढ़ते उपयोग का नेतृत्व मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी और संचार ने किया है। इन क्षेत्रों में 31.3 अरब लेनदेन हुए हैं। इसके बाद विनिर्माण (15.7 अरब), सेवा (12.6 अरब) और वित्त-बीमा (12.2 अरब) क्षेत्रों का स्थान है। भारत में जेडस्केलर के सीआईएसओ-इन-रेजिडेंस सुब्रत सिन्हा ने कहा, देश में एंटरप्राइज एआई अपनाने का पैमाना अधिकांश संगठनों की इसे नियंत्रित करने की क्षमता से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है।कंपनियों के पास संवेदनशील डाटा की जानकारी नहीं जेडस्केलर ने कहा, भारत में एआई की स्वीकार्यता की मजबूत गति के बावजूद सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण चुनौतियां बनी हुई हैं। इनमें एजेंटिक एआई का हथियार के तौर पर इस्तेमाल और नवाचार-सुरक्षा उपायों के बीच बड़ा अंतर शामिल है।अपनाने की रफ्तार में तेजी के बावजूद कई संगठनों के पास अपने सक्रिय एआई मॉडल और उनमें शामिल खूबियों की बुनियादी सूची तक नहीं है। इस कारण उन्हें इस बात की सटीक जानकारी नहीं मिल पाती कि उनका संवेदनशील डाटा कहां असुरक्षित है।इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में पिचाई समेत दुनियाभर के दिग्गज होंगे शामिल : यह रिपोर्ट दिल्ली में 16-20 फरवरी तक आयोजित होने वाले इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026 से एक सप्ताह पहले आई है। इस सम्मेलन में एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, गूगल के सुंदर पिचाई, एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई और क्वालकॉम के क्रिस्टियानो आमोन जैसे दुनिया के प्रौद्योगिकी दिग्गजों, नीति-निर्माताओं और नवोन्मेषकों के शामिल होने की उम्मीद है।
The Bonus Market Update: बढ़त के साथ खुला घरेलू शेयर बाजार; सेंसेक्स 204 अंक चढ़ा, निफ्टी 25900 के पार
10 Feb, 2026 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन यानी मंगलवार को भारतीय बाजार बढ़त के साथ खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 204.42 अंक या 0.24 प्रतिशत चढ़कर 84,270.17 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 51.10 अंक या 0.20 प्रतिशत चढ़कर 25,918.40 अंक पर आ गया।
Money Laundering: ईडी के समन के बाद भी नहीं पेश हुईं टीना अंबानी, जानें क्या है पूरा मामला
10 Feb, 2026 09:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित धन शोधन मामले में रिलायंस समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी की पत्नी टीना अंबानी को पूछताछ के लिए समन भेजा था। हालांकि, समन मिलने के बावजूद वह तय तारीख पर जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुईं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में दिखी गिरावट; चांदी ₹2600 तक टूटी, सोना ₹960 सस्ता
10 Feb, 2026 09:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Sone Chandi ka Aaj ka Rate: मंगलवार को दो सत्रों की तेजी के बाद सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। सोने 960 रुपये सस्ता होकर 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं चांदी की कीमत 2640 रुपये गिरकर 2.61 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई।अमेरिकी डॉलर के एक हफ्ते से ज्यादा के निचले स्तर से उबरने के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना। निवेशक इस सप्ताह जारी होने वाले अहम अमेरिकी रोजगार और महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, ताकि ब्याज दरों की दिशा को लेकर संकेत मिल सकें।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमत
स्पॉट गोल्ड की कीमत 1% गिरकर 5,016.56 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इससे पहले, डॉलर में कमजोरी के चलते सोना पिछले सत्र में 2% चढ़ा था। 29 जनवरी को सोने ने 5,594.82 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड उच्च स्तर छुआ था। वहीं, अप्रैल डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.8% गिरकर 5,041.60 डॉलर प्रति औंस पर रहे। चांदी की कीमतों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। स्पॉट सिल्वर 2.5% टूटकर 81.31 डॉलर प्रति औंस पर आ गई, जबकि पिछले सत्र में इसमें करीब 7% की तेजी आई थी। 29 जनवरी को चांदी 121.64 डॉलर प्रति औंस के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची थी।
सर्राफा बाजार में सोने-चांदी का भाव
सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमत 6.66 प्रतिशत उछलकर 2.72 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इसी तरह 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में भी 1,300 रुपये की बढ़ोतरी हुई और यह 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
एमसीएक्स पर सोना-चांदी में तेजी
घरेलू बाजार में सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में मजबूती देखी गई। एमसीएक्स पर अप्रैल फ्यूचर्स के लिए एमसीएक्स गोल्ड 2,943 रुपये या 1.89% की बढ़त के साथ 1,58,394 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, मार्च फ्यूचर्स के लिए एमसीएक्स सिल्वर 12,853 रुपये या 5.14% चढ़कर 2,62,745 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ था।
Business Updates: यूपीआई से निकाल सकेंगे पीएफ धनराशि; बैंक ऑफ बड़ौदा का कार लोन 0.30 फीसदी सस्ता
10 Feb, 2026 08:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अंशधारक इस साल अप्रैल से नए मोबाइल फोन एप के जरिये यूपीआई से पीएफ राशि सीधे बैंक खातों में भेज सकेंगे। साथ ही, पासबुक देखने समेत अन्य सेवाओं का भी लाभ उठा सकेंगे। श्रम मंत्रालय की योजना के तहत ईपीएफ का निश्चित हिस्सा सुरक्षित कर दिया जाएगा, जबकि बड़ा हिस्सा यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के जरिये निकासी के लिए उपलब्ध होगा। अंशधारक एप से अपने बैंक खातों में हस्तांतरण के लिए उपलब्ध ईपीएफ शेष राशि देख सकेंगे। उन्हें लेनदेन पूरा करने के लिए यूपीआई पिन के उपयोग की अनुमति दी जाएगी, जिससे धन का सुरक्षित हस्तांतरण सुनिश्चित होगा। ईपीएफओ सेवा का अभी परीक्षण कर रहा है।
एमएसई: गारंटीमुक्त ऋण की सीमा 25 लाख रुपये तक बढ़ी
आरबीआई ने सोमवार को कहा, बैंक बेहतर पृष्ठभूमि और मजबूत वित्तीय स्थिति वाली सूक्ष्म एवं लघु इकाइयों (एमएसई) को 25 लाख रुपये तक का गारंटीमुक्त ऋण दे सकते हैं। इसके अलावा, बैंक जहां लागू हो वहां, क्रेडिट गारंटी योजना के कवर का लाभ भी उठा सकते हैं। केंद्रीय बैंक ने इसके लिए सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को ऋण से संबंधित निर्देशों में संशोधन किया है। ये संशोधित निर्देश एक अप्रैल, 2026 से प्रभावी होंगे।आरबीआई ने बताया, मौजूदा नियमों में संशोधन कर सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए बिना गारंटी वाले ऋण की अनिवार्य सीमा को बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। संशोधित निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि अगर ऋण लेने वाला व्यक्ति बिना गारंटी वाली सीमा तक के कर्ज के लिए अपनी मर्जी से सोना या चांदी गिरवी रखता है, तो इसे उपरोक्त नियमों का उल्लंघन नहीं माना जाएगा। नियमों में इन संशोधनों की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए आरबीआई ने कहा, इसका उद्देश्य उन सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण वितरण की अंतिम कड़ी को मजबूत करना है, जिनके पास गारंटी के तौर पर गिरवी रखने के लिए सीमित संपत्ति है।
बैंक ऑफ बड़ौदा: कार लोन 0.30 फीसदी सस्ता
बैंक ऑफ बड़ौदा (बॉब) ने सोमवार को कार लोन पर ब्याज दरों में 0.30 फीसदी की कटौती करने की घोषणा की। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। बैंक ने कहा, उसकी परिवर्तनशील (फ्लोटिंग) ब्याज दर अब 7.6 फीसदी सालाना से शुरू होगी। इसके अलावा, वह बड़ौदा कार लोन पर आकर्षक निश्चित ब्याज दर की भी पेशकश कर रहा है, जो 8.5 फीसदी सालाना से शुरू होती है।
देश का खाद्य तेल उत्पादन 96 लाख टन
विपणन वर्ष 2025-26 में देश में खाद्य तेल उत्पादन 96 लाख टन होने का अनुमान है। भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (आईवीपीए) के अध्यक्ष सुधाकर देसाई ने कहा, कुल उत्पादन भारतीय जरूरतों का करीब 40 फीसदी है। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए करीब 1.67 करोड़ टन खाद्य तेल का आयात करना होगा। उन्होंने कहा, 2024-25 में 1.6 करोड़ टन खाद्य तेलों का आयात किया गया था।
मारुति ने रेलवे से रिकॉर्ड 5.85 लाख वाहन भेजे
मारुति सुजुकी इंडिया ने रेलवे के माध्यम से 2025 में 5.85 लाख से अधिक वाहनों को भेजा। यह 2024 की तुलना में 18 फीसदी अधिक है। कंपनी ने कहा, आपूर्ति में रेल परिवहन की उसकी हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। यह 2016 के 5.1 फीसदी से बढ़कर 2025 में 26 फीसदी हो गई है। इससे कार्बन उत्सर्जन और देश के तेल आयात में उल्लेखनीय कमी आई है। सड़क पर लगने वाला जाम भी कम हुआ है।
यूलर मोटर्स का चार्जिंग इन्फ्रा के लिए जियो-बीपी से करार
इलेक्ट्रिक वाणिज्यिक वाहन बनाने वाली कंपनी यूलर मोटर्स ने सोमवार को कहा, उसने भारत में उच्च मांग वाले लॉजिस्टिक केंद्र में ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे के लिए जियो-बीपी के साथ समझौता किया है। इस रणनीतिक साझेदारी का मकसद देश में फ्लीट परिचालकों और उपयोगकर्ताओं के लिए चार्जिंग की पहुंच में सुधार करके ई-वाणिज्यिक वाहनों को बढ़ावा देना है।
बजाज इलेक्ट्रिकल्स को 34.1 करोड़ का घाटा
बजाज इलेक्ट्रिकल्स को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 34.10 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध घाटा हुआ है। सकल लाभ मार्जिन में कमी और नई श्रम संहिताओं के प्रभाव के कारण उसे यह घाटा उठाना पड़ा। कंपनी ने बताया, इस दौरान उसका परिचालन राजस्व 18.5 फीसदी घटकर 1,050.91 करोड़ रह गया।
ट्विशा मौत मामला: दिल्ली AIIMS टीम ने किया दोबारा पोस्टमॉर्टम, भोपाल में अंतिम विदाई
