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ED: टीना अंबानी दूसरी बार ईडी के समन पर नहीं हुईं पेश, अमेरिका से जुड़ी संपत्ति को लेकर होनी है पूछताछ
17 Feb, 2026 03:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रिलायंस समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी की पत्नी और पूर्व अभिनेत्री टीना अंबानी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर मंगलवार को लगातार दूसरी बार पेश नहीं हुईं। धन शोधन मामले में पूछताछ के लिए उन्हें बुलाया गया था। अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले 10 फरवरी को भी वह संघीय जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुई थीं, जिसके बाद उन्हें नया नोटिस भेजा गया था। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि उन्होंने अनुपस्थित रहने का कोई कारण जांच अधिकारी को बताया है या नहीं। ईडी सूत्रों का कहना है कि उन्हें पूछताछ के लिए नई तारीख दी जा सकती है।जांच एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि टीना अंबानी के पेश होने पर उनसे विस्तृत पूछताछ की जाएगी और उनका बयान धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया जाएगा। इसी मामले में 66 वर्षीय अनिल अंबानी को भी रिलायंस समूह की विभिन्न कंपनियों और उनसे जुड़े बैंक ऋण मामलों की जांच के सिलसिले में बुधवार को दूसरी बार पेश होने को कहा गया है। वह पहली बार अगस्त 2025 में ईडी के सामने उपस्थित हुए थे।
अमेरिकी संपत्ति सौदे की जांच
सूत्रों के मुताबिक, टीना अंबानी को न्यूयॉर्क के मैनहैटन इलाके में स्थित एक लग्जरी आवासीय अपार्टमेंट की खरीद से जुड़े धन के स्रोत की जांच के लिए बुलाया गया है। इस मामले में ईडी ने हाल ही में रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप है कि न्यूयॉर्क स्थित यह संपत्ति वर्ष 2023 में कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया के दौरान गर्ग ने धोखाधड़ी से बेच दी थी। बताया जाता है कि रिलायंस कम्युनिकेशंस ने वर्ष 2025 में शेयर बाजार को इस संदिग्ध बिक्री की जानकारी दी थी।
विदेशी लेनदेन पर संदेह
ईडी के अनुसार, इस संपत्ति की बिक्री से प्राप्त 8.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 69.55 करोड़ रुपये) की राशि अमेरिका से दुबई स्थित एक इकाई को कथित फर्जी निवेश के नाम पर भेजी गई थी। एजेंसी का यह भी दावा है कि उस इकाई पर पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति का नियंत्रण था।
विशेष जांच दल गठित
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ईडी ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय अनियमितताओं के कई मामलों की जांच के लिए हाल ही में एक विशेष जांच दल गठित किया है। एजेंसी अब तक जांच के तहत लगभग 12,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क कर चुकी है और समूह की कंपनियों के खिलाफ तीन प्रवर्तन प्रकरण सूचना रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है।
India-AI Summit LIVE: 'भारत को अपने डेटा पर आधारित एआई विकसित करना होगा', नीति आयोग के पूर्व सीईओ कांत बोले
17 Feb, 2026 12:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान पूर्व जी20 शेरपा अमिताभ कांत ने कहा कि बड़ी टेक कंपनियां ग्लोबल साउथ देशों के डेटा का उपयोग अपने लार्ज लैंग्वेज मॉडल (एलएलएम) को ट्रेन करने में कर रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि भारत और अन्य विकासशील देशों को एआई से समान लाभ पाने के लिए अपने स्वयं के डेटा पर आधारित मॉडल विकसित करने चाहिए।इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एक पैनल चर्चा के दौरान कांत ने बताया कि एलएलएम के प्रशिक्षण में ग्लोबल साउथ के डेटा की महत्वपूर्ण भूमिका है और भारत अकेले अमेरिका से भी लगभग 33 प्रतिशत अधिक डेटा उपलब्ध कराता है। उन्होंने चेतावनी दी कि वैश्विक टेक कंपनियां इस डेटा के आधार पर अपने व्यावसायिक उत्पाद तैयार कर सकती हैं और बाद में उन्हें ऊंची कीमत पर बाजार में बेच सकती हैं।साथ ही उन्होंने कहा कि भारत की जनसांख्यिकीय ताकत और तकनीकी महत्वाकांक्षा उसे वैश्विक एआई दौड़ में विशिष्ट स्थान देती है। उन्होंने कहा कि देश की युवा आबादी और एआई के प्रति बढ़ती रुचि इस तकनीक की परिवर्तनकारी क्षमता को दर्शाती है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई का बढ़ता उपयोग
स्वास्थ्य व परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि एआई डॉक्टरों का विकल्प नहीं है, बल्कि उनके नियमित कार्यों का बोझ कम करने में सहायक तकनीक है।पत्रकारों से बातचीत में पटेल ने कहा कि एआई चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है, लेकिन अंतिम निर्णय और उपचार की जिम्मेदारी डॉक्टरों की ही रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआई का उद्देश्य डॉक्टरों को प्रतिस्थापित करना नहीं, बल्कि उन्हें समर्थन देना है ताकि वे अधिक जटिल और गंभीर मामलों पर बेहतर ध्यान दे सकें। उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई साक्षरता बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनके अनुसार, अदक मेडिकल समुदाय एआई तकनीक को बेहतर ढंग से समझे और अपनाए, तो इससे समावेशिता और स्वास्थ्य समानता के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है।
एआई इम्पैक्ट समिट में नहीं शामिल होंगे बिल गेट्स, वेबसाइट से हटा नाम
इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स शामिल नहीं होंगे। सरकारी सूत्रों के अनुसार, गेट्स अब इस समिट में हिस्सा नहीं लेंगे, जबकि पहले उन्हें कार्यक्रम की आधिकारिक वेबसाइट पर वक्ताओं की सूची में शामिल किया गया था।राष्ट्रीय राजधानी में 16 से 20 फरवरी तक आयोजित हो रहे इस समिट की वेबसाइट पर मंगलवार को उनके नाम का उल्लेख नहीं दिखा। सूत्रों ने बताया कि गेट्स के कार्यक्रम में शामिल न होने का निर्णय हाल ही में जारी कुछ दस्तावेजों के संदर्भ में लिया गया है, जो दिवंगत यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों से संबंधित हैं।हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि एपस्टीन के किसी भी पीड़ित द्वारा बिल गेट्स पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी रिकॉर्ड में एपस्टीन की ओर से एक आरोप का जिक्र है, लेकिन गेट्स के खिलाफ किसी प्रकार की आधिकारिक आपराधिक शिकायत दर्ज नहीं है।
एआई के गलत इस्तेमाल से गंभीर खतरे की आशंका, मंत्री वैष्णव ने मीडिया उद्योग को लेकर चिंता जताई
17 Feb, 2026 12:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में इस बात पर व्यापक चर्चा हो रही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग आम जनता के हित में किस तरह किया जाए और इससे जुड़ी चुनौतियों का समाधान कैसे निकाला जाए। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 30 देशों के मंत्रियों के साथ मीडिया क्षेत्र में एआई के संभावित दुरुपयोग को रोकने पर गंभीर मंथन हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि डीपफेक और सिंथेटिक कंटेंट लोकतंत्र, रचनात्मक उद्योग और सूचना की विश्वसनीयता के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं, इसलिए इनके नियंत्रण और जिम्मेदार उपयोग पर वैश्विक स्तर पर सहयोग आवश्यक है।
India-AI Summit: एआई ट्रेनिंग में न्यूज कंटेंट के मुफ्त इस्तेमाल पर पब्लिशर्स सख्त, उचित भुगतान की मांग तेज
17 Feb, 2026 11:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जनरेटिव एआई के दौर में टेक प्लेटफॉर्म्स के साथ बढ़ते टकराव के बीच भारतीय न्यूज पब्लिशर्स ने अपने पत्रकारिता कंटेंट के बिना अनुमति और बिना भुगतान इस्तेमाल पर कड़ा रुख अपनाया है। उनका कहना है कि समाचार सामग्री को एआई सिस्टम की ट्रेनिंग के लिए मुफ्त डेटा की तरह इस्तेमाल करना उचित नहीं है, क्योंकि यह पेशेवर मेहनत, संसाधन और निवेश से तैयार की गई बौद्धिक संपदा है।राजधानी दिल्ली में 16 फरवरी को आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के उद्घाटन सत्र में मीडिया और पब्लिशिंग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि एआई मॉडलों को ट्रेन करने में इस्तेमाल होने वाले पत्रकारिता कंटेंट के लिए पब्लिशर्स को उचित भुगतान मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी जोर दिया कि न्यूज कंटेंट को सामान्य इंटरनेट डेटा से अलग माना जाना चाहिए, क्योंकि सत्यापित और पेशेवर रिपोर्टिंग न केवल मॉडल की सटीकता बढ़ाती है बल्कि गलत या भ्रामक उत्तर की संभावना को भी कम करती है।डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (DNPA) ने 'एआई एंड मीडिया: अपॉर्च्युनिटीज, रिस्पॉन्सिबल पाथवेज एंड द रोड अहेड' विषय पर सत्र आयोजित किया। सत्र में अमर उजाला समूह के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी, इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस-चेयरपर्सन कली पुरी, दैनिक भास्कर ग्रुप के उप प्रबंध निदेशक पवन अग्रवाल, बेनेट कॉलमैन ग्रुप के सीओओ मोहित जैन, द हिंदू समूह के सीईओ नवनीत एलवी, इंटरनेशनल न्यूज मीडिया एसोसिएशन के डिजिटल प्लेटफॉर्म इनीशिएटिव के हेड रॉबर्ट व्हाइटहेड और ईवाई समूह के आशीष फेरवानी ने हिस्सा लिया। पत्रकारिता कंटेंट बौद्धिक संपदा है, मुफ्त डेटा नहीं पैनलिस्ट्स ने जोर देकर कहा कि प्रोफेशनल पत्रकारिता कंटेंट को सामान्य इंटरनेट डेटा से अलग समझा जाना चाहिए, क्योंकि यह निवेश, इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रतिभा से तैयार होने वाली बौद्धिक संपदा है। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के कंटेंट का उपयोग अनुबंध के आधार पर होना चाहिए, न कि बिना अनुमति या भुगतान के।यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब भारत और अमेरिका सहित कई देशों में पब्लिशर्स के बीच यह चिंता बढ़ रही है कि उनके कॉपीराइटेड कंटेंट, जैसे समाचार रिपोर्ट्स, का उपयोग एआई कंपनियां बिना अनुमति और भुगतान के अपने फाउंडेशनल मॉडल्स को ट्रेन करने में कर रही हैं। इसी मुद्दे पर डीएनपीए से जुड़े पब्लिशर्स ने भारत में ओपनएआई के खिलाफ कथित 'कॉपीराइटेड सामग्री के अवैध उपयोग' को लेकर कानूनी चुनौती भी दी है।
क्या एआई पत्रकारों की जगह ले लेगा?
अमर उजाला समूह के प्रबंध निदेशक तन्मय माहेश्वरी ने इसका जावब देते हुए कहा, ''हमारे लिए एआई एक तकनीक की तरह ही है। किसी भी दूसरी तकनीक के अच्छे और बुरे, दोनों पहलू होते हैं। इसका क्लासिक उदाहरण परमाणु प्रौद्योगिकी है। इससे दुनिया का सबसे खतरनाक बम भी बन सकता है और दूसरी तरफ यह ऊर्जा के सबसे स्वच्छ स्रोतों में से एक भी है। एआई के साथ भी कुछ ऐसा ही है। सवाल यही है कि आप इसका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं। आपको इसके साथ हमेशा इंसानों को जोड़ना होगा। अमर उजाला में हम व्यापक दृष्टिकोण लेकर चलते हैं। हम टियर-टू, टियर-थ्री शहरों में मौजूद पाठकों और वहां से आ रही खबरों पर जोर देते हैं। इंसान जो काम करते हैं, एआई का इस्तेमाल उसकी मदद करने के लिए हो सकता है ताकि कंटेंट में और गहराई लाई जा सके और उसकी सामग्री को बेहतर बनाया जा सके। इसलिए हम एआई को किसी भी चीज का विकल्प नहीं मानते।''
एआई से पत्रकारिता का मूल्य घटेगा नहीं, बल्कि भरोसे की अहमियत बढ़ेगी
टाइम्स ग्रुप के मोहित जैन ने कहा कि एआई सूचना को कमोडिटी बना सकता है, लेकिन इससे विश्वसनीयता और जवाबदेही की प्रीमियम वैल्यू बढ़ेगी। उनके अनुसार विविध और जटिल समाज में संपादकीय विवेक, सत्यापन और संस्थागत स्मृति पत्रकारिता की बुनियादी जरूरत हैं, जो भरोसा निर्माण का प्रमुख आधार हैं।हालांकि आईएनएमए के रॉबर्ट व्हाइटहेड ने चेतावनी दी कि एआई चैटबॉट्स और एआई ओवरव्यू जैसे फीचर्स के कारण पिछले एक वर्ष में सर्च इंजन और सोशल मीडिया से पब्लिशर्स को मिलने वाला रेफरल ट्रैफिक तेजी से घटा है, जिससे उनके बिजनेस मॉडल पर दबाव बढ़ रहा है।
न्यूजरूम में AI का उपयोग, लेकिन मानव भूमिका अहम
पैनल में यह भी स्पष्ट किया गया कि AI पत्रकारों का विकल्प नहीं है, बल्कि एक सहायक उपकरण है। अमर उजाला के माहेश्वरी ने कहा कि ''हम एआई को खबरों की गुणवत्ता बेहतर करने के एक साधन के रूप में देखते हैं। आखिर में हमारा लक्ष्य अपने यूजर के लिए और बेहतर कंटेंट तैयार करना है। हम कभी यह नहीं मानते कि एआई किसी की जगह ले लेगा। इस पूरे एआई इंजन में कंटेंट की लेयर सबसे महत्वपूर्ण परत है। इसके अलावा डेटा लेयर, प्रोसेसिंग लेयर, एप्लिकेशन लेयर और पावर-एनर्जी लेयर भी शामिल हैं। लेकिन कंटेंट लेयर ही इकलौती ऐसी परत है, जो बदलती रहती है। एक जिम्मेदार संगठन के रूप में हमारा मानना है कि हमें इसी परत का उपयोग अपनी कंटेंट प्रोडक्शन प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहिए। आमतौर पर इसके उपयोग के उदाहरणों में कंटेंट की गहराई बढ़ाना, एक जैसे और बार-बार दोहराए जाने वाले काम को ऑटोमेट करना और उससे बचाए गए समय का इस्तेमाल ज्यादा शोध-आधारित और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के लिए करना शामिल है।''इंडिया टुडे की कल्ली पुरी ने 'AI सैंडविच' मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि प्रक्रिया की शुरुआत और अंतिम निर्णय मानव द्वारा ही लिया जाता है, जबकि बीच में एआई सहायक भूमिका निभाता है। द हिंदू समूह ने भी बताया कि वह AI का उपयोग पाठकों की गहराई से समझ बढ़ाने और एंगेजमेंट सुधारने के लिए कर रहा है, साथ ही अपने आर्काइव पर आधारित इन-हाउस AI मॉडल विकसित किया है जिससे हैल्युसिनेशन की संभावना कम होती है।
बहुभाषी न्यूज प्रोडक्शन में एआई की भूमिका
इस सवाल पर कि जब भारतीय भाषाओं में एआई मॉडलों का इस्तेमाल करते हैं, तो क्या संदर्भ सही तरह से काम करता है? इसके जवाब में तन्मय माहेश्वरी ने कहा, ''नहीं। इसलिए मैं कहूंगा कि भाषाओं पर आधारित मॉडलों में सटीकता 50-55% से भी कम रहती है। इस बारे में सैम ऑल्टमैन का एक बहुत प्रसिद्ध कथन भी है। वो कहते हैं कि एआई हमें दुनिया के अंत तक ले जा सकता है, लेकिन तब तक हम कुछ बेहतरीन कंपनियां जरूर बना लेंगे। ...अब यह हम सभी के लिए एक तरह का डार्क ह्यूमर हो सकता है, लेकिन जब भी हम कुछ नया बनाते हैं, तो वह भविष्य के लिए, अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए होता है। हम तो केवल संरक्षक हैं। यह दुनिया हमें सौंपी गई है और हमें इसे बेहतर और संतुलित रूप में आगे सौंपना है।
जवाबदेही और नियमों की मांग तेज
पब्लिशर्स ने AI से उत्पन्न गलत या भ्रामक कंटेंट की जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की। उनका कहना था कि जिस तरह पारंपरिक मीडिया कानूनी और नैतिक मानकों के प्रति जवाबदेह है, उसी तरह AI कंपनियों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और स्वतंत्र कंटेंट क्रिएटर्स को भी समान मानकों के तहत जवाबदेह बनाया जाना चाहिए।वक्ताओं का तर्क था कि अगर पारंपरिक मीडिया अपने प्रकाशित कंटेंट के लिए जवाबदेह है और संपादकीय स्तर पर कड़े मानकों का पालन करता है, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और AI आधारित सेवाओं को भी समान जिम्मेदारी के दायरे में लाया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा समय में पारंपरिक मीडिया और सोशल मीडिया के बीच 'इनाम और सजा' के नियमों में असमानता है, जहां एक ओर स्थापित मीडिया सख्त दिशानिर्देशों के तहत काम करता है, वहीं दूसरी ओर सोशल मीडिया पर अक्सर उन्हीं मानकों का उल्लंघन होता रहता है, जिसे नजरअंदाज कर दिया जाता है।समिट के निष्कर्षों में पब्लिशर्स ने नौ-सूत्रीय एजेंडा पेश करते हुए प्रशिक्षण डेटा की पारदर्शिता, कंटेंट की स्पष्ट लेबलिंग और ट्रेसबिलिटी व सत्यापित कंटेंट को वास्तविक मूल्य देने की मांग की। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि सरकारें ऐसे कानून लाएं, जिनसे पत्रकारिता कंटेंट पर आधारित AI मॉडल ट्रेनिंग के लिए मीडिया संस्थानों को उचित भुगतान सुनिश्चित किया जा सके।
AI: सिर्फ एक तकनीक नहीं, पूरी कहानी गढ़ रहे हैं देश, एनवीडिया और मोजिला के दिग्गज क्या बोले जानिए सबकुछ
17 Feb, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैश्विक तकनीकी पटल पर एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दुनिया भर के देश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केवल एक तकनीक या टूल के रूप में नहीं देख रहे, बल्कि इसे अपनी संप्रभुता और सामरिक रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं। एनवीडिया की वीपी सोवेरन एआई कैलिस्टा रेडमंड ने सोमवार को 'एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट' में यह अहम बात कही। उन्होंने साफ किया कि भारत समेत दुनिया के देश अब एआई के किसी एक घटक पर नहीं, बल्कि इसकी पूरी कहानी और बुनियादी ढांचे पर फोकस कर रहे हैं। यह बदलाव भारत जैसे देशों के लिए महत्वपूर्ण है जो अपनी खुद की एआई क्षमताओं को विकसित करने की दौड़ में शामिल हैं।
हार्डवेयर से लेकर मॉडल्स तक
सम्मेलन में बोलते हुए रेडमंड ने कहा कि जब वह वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों से बात करती हैं, तो एक स्पष्ट ट्रेंड दिखाई देता है- राष्ट्र 'लॉन्ग गेम' (लंबी पारी) खेलने की तैयारी में हैं। वे केवल पहली रिलीज या किसी एक एप्लिकेशन के सफल होने का इंतजार नहीं कर रहे। इसके बजाय, उनकी नजर पूरे टेक्नोलॉजी स्टैक पर है।रेडमंड ने बताया कि सरकारें अब हार्डवेयर, फाउंडेशनल मॉडल्स और उस इंफ्रास्ट्रक्चर को तैयार करने पर जोर दे रही हैं जो बेहतरीन एप्लिकेशंस बनाने के लिए जरूरी है। यह दृष्टिकोण केवल सॉफ्टवेयर खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि घरेलू स्तर पर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों को मजबूत करने पर केंद्रित है। इसे ही 'सोवेरन एआई' का नाम दिया गया है, जिसमें स्थानीय टीमों द्वारा स्थानीय डेटासेट पर प्रशिक्षित लार्ज लैंग्वेज मॉडल्स शामिल हैं।
ओपन सोर्स: संप्रभुता की चाबी
समिट के दौरान टेक लीडर्स ने 'ओपन सोर्स एआई' की भूमिका पर भी गहन चर्चा की। मोजिला के अध्यक्ष मार्क सुरमन ने इस बात पर जोर दिया कि एआई का केंद्रीकरण किसी भी देश की डिजिटल संप्रभुता के लिए सबसे बड़ा खतरा है।सुरमन के अनुसार, ओपन वेब और ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी इस खतरे का जवाब हैं। उन्होंने कहा कि ओपन सोर्स की मूल भावना यही है कि कोई भी, कहीं भी, अपनी शर्तों पर तकनीक का निर्माण कर सके। हालांकि इसमें अपनी चुनौतियां हैं, लेकिन यह तकनीक को इस तरह डिजाइन करने की आजादी देता है जिससे देशों को अपनी संप्रभुता बनाए रखने का बेहतर मौका मिलता है। रेडमंड ने भी माना कि दशकों से ओपन सोर्स एक 'ग्रेट लेवलर' (समान अवसर प्रदान करने वाला) रहा है।
भारत का एआई मिशन: आत्मनिर्भरता की ओर कदम
भारत सरकार की रणनीतियां रेडमंड के इन विचारों से पूरी तरह मेल खाती हैं। भारत का 'इंडिया एआई मिशन' एक व्यापक इकोसिस्टम बनाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसका उद्देश्य कंप्यूटिंग तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाना, डेटा की गुणवत्ता बढ़ाना और स्वदेशी एआई क्षमताओं को विकसित करना है।इस साल के समिट की एक बड़ी उपलब्धि उन 12 भारतीय स्टार्टअप्स की प्रगति रही, जिन्हें इंडिया एआई मिशन के तहत चुना गया है। ये स्टार्टअप्स भारतीय डेटासेट और भाषाओं पर प्रशिक्षित स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल विकसित कर रहे हैं। इनका लक्ष्य भारत की भाषाई विविधता और विशिष्ट क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करना है, जो पश्चिमी एआई मॉडल्स अक्सर नहीं कर पाते।
आगे की राह: परिणामों पर फोकस
सोमवार को शुरू हुए इस समिट का मुख्य फोकस सिर्फ चर्चाओं पर नहीं, बल्कि ठोस परिणामों पर है। नीति निर्माताओं और उद्योग के दिग्गजों का मानना है कि एआई इकोसिस्टम का उपयोग दक्षता बढ़ाने, उत्पादकता में सुधार करने और अर्थव्यवस्था के लिए एक 'मल्टीप्लायर इफेक्ट' (गुणात्मक प्रभाव) पैदा करने में किया जाना चाहिए।रेडमंड का यह बयान कि "देश एआई की पूरी कहानी देख रहे हैं," यह दर्शाता है कि एआई अब केवल आईटी विभाग का विषय नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय एजेंडा का एक मुख्य हिस्सा बन चुका है। भारत जैसे देशों के लिए, जो अपनी आबादी के लिए समावेशी समाधान बनाना चाहते हैं, यह 'संप्रभु एआई' ही भविष्य का रास्ता है।
Biz Updates: ओस्लो में भारत-नॉर्वे निवेश व ग्रीन सहयोग पर चर्चा; अमेरिकी टैरिफ से टेक्सटाइल-अपैरल निर्यात घटा
17 Feb, 2026 10:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ओस्लो में नॉर्वे के वित्त मंत्री जेंस स्टोल्टेनबर्ग के साथ बैठक कर द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (TEPA) के प्रभावी उपयोग पर सहमति जताई, खासकर ब्लू इकॉनमी, ग्रीन इकॉनमी और संप्रभु संपत्ति एवं पेंशन फंड के जरिए निवेश बढ़ाने के क्षेत्रों में। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि बैठक के दौरान नॉर्वे के वित्त मंत्री ने भारत की तेज आर्थिक वृद्धि को निवेश और विकास के लिए बड़े अवसरों वाला बताया।बैठक में अक्षय ऊर्जा, विशेष रूप से सौर ऊर्जा, रेयर अर्थ प्रोसेसिंग, और कार्बन कैप्चर एवं स्टोरेज जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों देशों ने उभरते और सतत क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने के लिए टीईपीए का लाभ उठाने पर सहमति व्यक्त की।ब्लू इकॉनमी (समुद्र आधारित उद्योग) और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने वाली ग्रीन इकॉनमी को सहयोग के प्रमुख फोकस क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया। इसके अलावा, संप्रभु संपत्ति फंड और पेंशन फंड के माध्यम से निवेश बढ़ाकर आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर भी विचार हुआ। जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने यह भी कहा कि नॉर्वे इस वर्ष प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा का इंतजार कर रहा है और उम्मीद जताई कि इससे भारत-नॉर्वे सहयोग को नई गति मिलेगी।
अमेरिकी टैरिफ के असर से जनवरी में भारत के टेक्सटाइल और अपैरल निर्यात में गिरावट
जनवरी 2026 में भारत के टेक्सटाइल और अपैरल (वस्त्र) निर्यात में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट की प्रमुख वजह अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ रहे, जो 7 फरवरी तक प्रभाव में रहे। इससे भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हुई।कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री (CITI) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में टेक्सटाइल निर्यात में 3.68 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि अपैरल निर्यात 3.84 प्रतिशत घटा। कुल मिलाकर, टेक्सटाइल और अपैरल का संयुक्त निर्यात जनवरी 2026 में 3,275.44 मिलियन डॉलर रहा, जो जनवरी 2025 के 3,403.19 मिलियन डॉलर से कम है। इस तरह कुल निर्यात में 3.75 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि (डिग्रोथ) दर्ज की गई। गिरावट का असर खासतौर पर प्रमुख टेक्सटाइल सेगमेंट्स में देखने को मिला। कॉटन यार्न, फैब्रिक्स, मेड-अप्स और हैंडलूम उत्पादों का निर्यात 4.15 प्रतिशत घटकर 995.58 मिलियन डॉलर रह गया, जो एक साल पहले इसी महीने 1,038.69 मिलियन डॉलर था।
खराब शेल्फ मैनेजमेंट से भारत के 10 में से 9 संगठित रिटेल स्टोर्स घाटे में
भारत में संगठित रिटेल सेक्टर की बड़ी संख्या में दुकानें खराब शेल्फ मैनेजमेंट के कारण घाटे में चल रही हैं। वेक्टर कंसल्टिंग ग्रुप की नई रिपोर्ट के मुताबिक, 10 में से 9 ऑर्गेनाइज्ड रिटेल स्टोर्स को नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिससे उनके नेटवर्क का बड़ा हिस्सा मुनाफा कमाने में संघर्ष कर रहा है।‘द टिकिंग शेल्फ: द ओवरलुक्ड इकॉनॉमिक्स ऑफ स्टोर परफॉर्मेंस’ शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 91 प्रतिशत रिटेलर्स को शेल्फ स्तर पर रेवेन्यू लीकेज का सामना करना पड़ता है।100 प्रमुख रिटेल चेन के नेताओं पर किए गए इस अध्ययन में यह भी सामने आया कि बाजार में समग्र वृद्धि के बावजूद विभिन्न फॉर्मेट्स के 28 से 40 प्रतिशत स्टोर अब भी लाभप्रदता से नीचे संचालन कर रहे हैं, जो रिटेल सेक्टर की परिचालन चुनौतियों को उजागर करता है।
The Bonus Market Update: गिरावट के साथ खुला घरेलू शेयर बाजार; सेंसेक्स 290 अंक टूंटा, निफ्टी 25600 के नीचे
17 Feb, 2026 09:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को लाल निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट आई, लेकिन ब्लू-चिप शेयरों इंफोसिस और आईटीसी में खरीदारी से बाजारों को नुकसान की भरपाई करने में मदद मिली। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 289.72 अंक गिरकर 82,987.43 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 112.45 अंक गिरकर 25,570.30 पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसा बढ़कर 90.73 पर पहुंच गया।बाद में, दोनों बेंचमार्क सूचकांकों में तेजी आई और वे हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। बीएसई का बेंचमार्क सूचकांक 116.08 अंक बढ़कर 83,393.23 पर और निफ्टी सूचकांक 12.90 अंक बढ़कर 25,695.65 पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में इंफोसिस, आईटीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इंडिगो, सन फार्मास्यूटिकल्स और लार्सन एंड टुब्रो प्रमुख लाभ कमाने वाले शेयर थे। दूसरी ओर, इटरनल, टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा पिछड़ गए।
एशियाई बाजारों में दिखी गिरावट
एशियाई बाजारों में, जापान का निक्केई 225 सूचकांक लगभग 1 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था। चीन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजार चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बंद रहे। राष्ट्रपति दिवस के उपलक्ष्य में सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी बंद रहा।
ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 68.37 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.41 प्रतिशत गिरकर 68.37 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 972.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,666.98 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। सोमवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 650.39 अंक बढ़कर 83,277.15 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 211.65 अंक बढ़कर 25,682.75 पर स्थिर हुआ।
Fuel Price Update: आपके शहर में क्या है पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव? 17 फरवरी को जारी हुए नए रेट, यहां चेक करें
17 Feb, 2026 07:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आज 17 फरवरी शुक्रवार है. आज के पेट्रोल-डीजल के रेट जारी हो चुके हैं. बता दें कि तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे तेल कंपनियां दाम लाइव करती हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर है. अगर आप टंकी फुल कराने जा रहे हैं तो यहां आप अपने शहर के लेटेस्ट रेट चेक कर सकते हैं.
कौन तय करता है पेट्रोल-डीजल के रेट: भारत में फ्यूल की कीमतें सेंट्रल अथॉरिटी द्वारा निर्धारित की जाती हैं और देश की कई फैक्टर्स और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, किसी कीमत की अनुमति दी जाती है. इसका पालन डीजल रिटेलर्स और यूजर्स को सख्ती से पालन करना होता है. ऐसे कई कारक हैं जो या तो फ्यूल की कीमतों को नीचे लाते हैं या फिर उन्हें बढ़ाते हैं.
क्या हैं आपके शहर के पेट्रोल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹94.77
0
कोलकाता
₹105.41
0
मुंबई
₹103.54
0
चेन्नई
₹100.93
0.09
गुड़गांव
₹95.65
0.26
नोएडा
₹94.90
0
बेंगलुरु
₹102.92
-0.04
भुवनेश्वर
₹101.35
0.38
चंडीगढ़
₹94.30
0
हैदराबाद
₹107.50
0
जयपुर
₹104.72
0
लखनऊ
₹94.73
0.04
पटना
₹105.23
-0.36
तिरुवनंतपुरम
₹107.48
0
क्या हैं आपके शहर के डीजल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹87.67
0
कोलकाता
₹92.02
0
मुंबई
₹90.03
0
चेन्नई
₹92.48
0.09
गुड़गांव
₹88.10
0.25
नोएडा
₹88.01
0
बेंगलुरु
₹90.99
0
भुवनेश्वर
₹92.92
0.37
चंडीगढ़
₹82.45
0
हैदराबाद
₹95.70
0
जयपुर
₹90.21
0
लखनऊ
₹87.86
0.05
पटना
₹91.49
-0.33
तिरुवनंतपुरम
₹96.48
0
बड़ी खुशखबरी! फिर कम हुई सोने-चांदी की कीमतें, बजट बनाने से पहले चेक करें 22K और 24K का भाव
17 Feb, 2026 07:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आज 17 फरवरी, मंगलवार के दिन सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹1,56,430 है. वहीं, चांदी की बात करें तो इसकी कीमत प्रति किलो ₹2,67,900 है. यह जानकारी निवेशकों और गहनों के खरीदारों दोनों के लिए अहम है, क्योंकि कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर बाजार और शादी-ब्याह के सीजन पर पड़ सकता है. बहुत से लोग अब गहने खरीदने की योजना को कुछ समय के लिए टालने पर विचार कर रहे हैं, उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कीमतों में कुछ कमी आए.
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ने और रुपये की कीमत में गिरावट के कारण भारत में सोने और चांदी की कीमतें ऊंची हो रही हैं. अगर आप गहने खरीदने का सोच रहे हैं, तो बाजार के रेट पर ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि कीमतें किसी भी समय और भी बढ़ सकती हैं.
आज क्या है आपके शहर में सोने का रेट:
शहर
24 कैरेट का रेट
22 कैरेट का रेट
18 कैरेट का रेट
चेन्नई
₹15,752
₹14,439
₹12,349
मुंबई
₹15,643
₹14,339
₹11,732
दिल्ली
₹15,658
₹14,354
₹11,747
कोलकाता
₹15,643
₹14,339
₹11,732
बैंगलोर
₹15,643
₹14,339
₹11,732
हैदराबाद
₹15,643
₹14,339
₹11,732
केरल
₹15,643
₹14,339
₹11,732
पुणे
₹15,643
₹14,339
₹11,732
वडोदरा
₹15,648
₹14,344
₹11,737
अहमदाबाद
₹15,648
₹14,344
₹11,737
जयपुर
₹15,658
₹14,354
₹11,747
लखनऊ
₹15,658
₹14,354
₹11,747
कोयंबटूर
₹15,752
₹14,439
₹12,349
मदुरै
₹15,752
₹14,439
₹12,349
विजयवाड़ा
₹15,643
₹14,339
₹11,732
पटना
₹15,648
₹14,344
₹11,737
नागपुर
₹15,643
₹14,339
₹11,732
चंडीगढ़
₹15,658
₹14,354
₹11,747
सूरत
₹15,648
₹14,344
₹11,737
भुवनेश्वर
₹15,643
₹14,339
₹11,732
आज क्या है आपके शहर में सिल्वर का रेट:
शहर
10 ग्राम
100 ग्राम
1 किलो
चेन्नई
₹2,649
₹26,490
₹2,64,900
मुंबई
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
दिल्ली
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
कोलकाता
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
बैंगलोर
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
हैदराबाद
₹2,649
₹26,490
₹2,64,900
केरल
₹2,649
₹26,490
₹2,64,900
पुणे
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
वडोदरा
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
अहमदाबाद
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
जयपुर
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
लखनऊ
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
कोयंबटूर
₹2,649
₹26,490
₹2,64,900
मदुरै
₹2,649
₹26,490
₹2,64,900
विजयवाड़ा
₹2,649
₹26,490
₹2,64,900
पटना
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
नागपुर
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
चंडीगढ़
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
सूरत
₹2,679
₹26,790
₹2,67,900
भुवनेश्वर
₹2,649
₹26,490
₹2,64,900
India-AI Summit: समाचार में एआई की भूमिका कैसी? एआई समिट में अमर उजाला समेत कई मीडिया दिग्गज; किसने क्या कहा?
16 Feb, 2026 03:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया-एआई समिट 2026 में आज एआई एंड मीडिया: अपॉर्च्युनिटिज, रिस्पॉन्सिबल पाथवेज एंड दी रोड अहेड सत्र का आयोजन हुआ। इसमें देश-विदेश के प्रमुख मीडिया और टेक विशेषज्ञ ने भाग लिया।इस सत्र में अमर उजाला समूह के तन्मय माहेश्वरी, इंडिया टुडे ग्रुप से कली पुरी, दैनिक भास्कर ग्रुप के पवन अग्रवाल, बेनेट कॉलमैन ग्रुप (टाइम्स ऑफ इंडिया) की तरफ से मोहित जैन, दी हिंदू के नवनीत एलवी, आईएनएमए के रॉबर्ट व्हाइटहेड और ईवाई समूह के आशीष फेरवानी शामिल हैं। सभी मीडिया दिग्गजों ने मीडिया के बदलते स्वरूप के बीच एआई की भूमिका पर अपने विचार रखे।
Acquisition: नाभा पवार का अधिग्रहण करेगी टोरेंट पावर, इतने करोड़ में एलएंडटी की इकाई से डील तय
16 Feb, 2026 02:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
टोरेंट पावर ने लार्सन एंड टुब्रो की इकाई से नाभा पावर के अधिग्रहण की घोषणा की है। कंपनी के बयान के अनुसार यह सौदा 6,889 करोड़ रुपये के एंटरप्राइज वैल्यू पर किया जाएगा। कंपनी के अनुसार, यह सौदा जरूरी नियामकीय मंजूरियों और सामान्य क्लोजिंग शर्तों के अधीन रहेगा। नाभा पावर लिमिटेड (एनपीएल) एल एंड टी पावर डेवलपमेंट लिमिटेड (एल एंड टीपीडीएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो स्वयं इंफ्रास्ट्रक्चर दिग्गज L&T की सब्सिडियरी है।
टोरेंट पावर की परिचालन क्षमता बढ़ेगी
इस अधिग्रहण के पूरा होने के बाद टोरेंट पावर की परिचालन क्षमता 5 गीगावॉट से बढ़कर 6.4 गीगावॉट हो जाएगी। टोरेंट ग्रुप के चेयरमैन समीर मेहता ने कहा कि एनपीएल कंपनी के पोर्टफोलियो में एक स्थापित ऑपरेटिंग एसेट जोड़ेगी, जो पूरी तरह अनुबंधित कैश फ्लो और मजबूत ऑपरेशनल ट्रैक रिकॉर्ड से समर्थित है। उन्होंने कहा कि यह अधिग्रहण पहले दिन से ही राजस्व और मुनाफे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करेगा।
मुख्य व्यवसायों को मजबूत करने का लक्ष्य
वहीं, एनएंडटी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर एस.एन. सुब्रह्मण्यन ने कहा कि एनपीएल की बिक्री कंपनी की मुख्य व्यवसायों को मजबूत करने और वैल्यू अनलॉक करने की रणनीति के अनुरूप है, जिससे दीर्घकालिक हितधारकों के लिए मूल्य सृजन होगा।साल 2014 में चालू हुआ नाभा पावर का 1,400 मेगावॉट (2x700 MW) सुपरक्रिटिकल कोयला आधारित थर्मल पावर प्लांट पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा में स्थित है और यह 25 वर्षीय पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत संचालित होता है। प्लांट के पास एसईसीएल और एनसीएल के साथ दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौते भी हैं, साथ ही वैकल्पिक कोयला खरीद की व्यवस्था भी मौजूद है।कंपनी के अनुसार, इस सुपरक्रिटिकल पावर एसेट ने वित्त वर्ष 2024-25 में 4,866 करोड़ रुपये का राजस्व, 1,153 करोड़ रुपये का समायोजित ईबीआईटीडीए और 95.36 प्रतिशत का प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर दर्ज किया।करीब 45,000 करोड़ रुपये के टॉरेंट ग्रुप की प्रमुख कंपनी टोरेंट पॉवर देश की प्रमुख एकीकृत पावर यूटिलिटीज में से एक है, जिसकी मौजूदगी उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण सहित पूरे पावर वैल्यू चेन में है।
Wholesale Price Inflation: जनवरी में बढ़ी थोक मूल्य मुद्रास्फीति; दिसंबर में 0.83 फीसदी थी, अब 1.81% पर पहुंची
16 Feb, 2026 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरकारी आंकड़ों के अनुसार थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर में लगातार तीसरे महीने में बढ़ोतरी दर्ज की गई। जनवरी 2026 में यह 1.81 प्रतिशत रही। यह वृद्धि खाद्य वस्तुओं, गैर-खाद्य वस्तुओं और विनिर्मित उत्पादों की कीमतों में महीने-दर-महीने आई तेजी के कारण हुई। पिछले वर्ष जनवरी में डब्ल्यूपीआई महंगाई 2.51 प्रतिशत थी, जबकि दिसंबर 2025 में यह 0.83 प्रतिशत दर्ज की गई थी।महंगाई दर का मुख्य कारण उद्योग मंत्रालय के बयान के मुताबिक जनवरी 2026 में सकारात्मक महंगाई दर का मुख्य कारण बेसिक मेटल, अन्य विनिर्माण, गैर-खाद्य वस्तुओं, खाद्य पदार्थों और वस्त्रों की कीमतों में बढ़ोतरी रहा।विश्व खाद्य प्रौद्योगिकी आयोग (डब्ल्यूपीआई) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में खाद्य पदार्थों की मुद्रास्फीति 1.55 प्रतिशत थी, जबकि दिसंबर में यह 0.43 प्रतिशत थी।सब्जियों के मामले में, जनवरी में मुद्रास्फीति 6.78 प्रतिशत थी, जबकि दिसंबर में यह 3.50 प्रतिशत थी।विनिर्मित उत्पादों के मामले में, विश्व उत्पाद सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) मुद्रास्फीति दिसंबर में 1.82 प्रतिशत के मुकाबले मामूली रूप से बढ़कर 2.86 प्रतिशत हो गई।गैर-खाद्य वस्तुओं की श्रेणी में मुद्रास्फीति जनवरी में बढ़कर 7.58 प्रतिशत हो गई, जबकि दिसंबर में यह 2.95 प्रतिशत थी।ईंधन और बिजली क्षेत्रों में नकारात्मक मुद्रास्फीति, या अपस्फीति, जनवरी में 4.01 प्रतिशत पर जारी रही, जबकि दिसंबर में यह 2.31 प्रतिशत थी।पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में देश की खुदरा मुद्रास्फीति मामूली रूप से बढ़कर 2.75 प्रतिशत हो गई।भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चालू वित्त वर्ष में नीतिगत ब्याज दरों में 1.25 प्रतिशत अंकों की कमी की है क्योंकि मुद्रास्फीति कम बनी हुई है।आरबीआई मुख्य रूप से खुदरा मुद्रास्फीति पर नजर रखकर बेंचमार्क ब्याज दरें तय करता है। इस महीने की शुरुआत में, आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत ब्याज दरों को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा।
India-AI Impact Summit: PAK को भारत ने आईना दिखाया, दिल्ली के वैश्विक मंच पर पड़ोसी को जगह नहीं; मायने क्या?
16 Feb, 2026 11:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर आईना दिखाया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित इंडिया-एआई इंपैक्ट समिट 2026 में कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब पांच बजे इस शिखर सम्मेलन का शुभारंभ करेंगे। पीएम मोदी वैश्विक कंपनियों और राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को रेखांकित करेंगे। पीएम मोदी नीत सरकार के कार्यकाल में पाकिस्तान के प्रति भारत सख्त नीतियां अपना रहा है, एआई इंपैक्ट समिट में न्योता न भेजना इसकी एक और बानगी है। दिल्ली में हो रहे इस पांच दिवसीय ग्लोबल इवेंट में किन राष्ट्राध्यक्षों को बुलाया गया है? किन देशों की कौन सी बड़ी कंपनियां भारत में एआई से जुड़े इस आयोजन में भाग ले रही हैं? पीएम मोदी नीत सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर क्या नीतियां अपना रही है? बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्यों के बीच भारत का ये प्रयास सही मायने में वैश्विक क्यों है? जानिए ऐसे तमाम सवालों के जवाब इस खबर में
पाकिस्तान को नहीं दिया गया निमंत्रण
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा समेत कई प्रमुख वैश्विक नेता इस समिट में हिस्सा लेंगे। इस समिट के लिए पाकिस्तान को आमंत्रण न दिए जाने को लेकर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इस समिट के लिए अब तक लगभग तीन लाख प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। सम्मेलन का मकसद केवल तकनीकी विमर्श तक सीमित नहीं है, बल्कि एआई को हेल्थकेयर, कृषि और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में लागू कर आम लोगों के जीवन में वास्तविक और व्यापक सुधार लाना भी है।
कौन-कौन होंगे शामिल?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर निम्नलिखित विश्व नेता समिट में शामिल होंगे-
भूटान - प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे
बोलीविया - उपराष्ट्रपति एडमंड लारा मोंटानो
ब्राजील - राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा
क्रोएशिया - प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच
एस्टोनिया - राष्ट्रपति अलार कारिस
फिनलैंड - प्रधानमंत्री पेटेरी ऑर्पो
फ्रांस - राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों
ग्रीस - प्रधानमंत्री क्यरियाकोस मित्सोताकिस
गयाना - उपराष्ट्रपति डॉ. भरत जगदेव
कजाखस्तान - प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव
लिकटेंस्टाइन - वंशानुगत राजकुमार एलोइस
मॉरीशस - प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम
सर्बिया - राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुचिच
स्लोवाकिया - राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी
स्पेन - प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज
श्रीलंका - राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायका
सेशेल्स - उपराष्ट्रपति सेबेस्टियन पिल्ले
स्विट्जरलैंड - राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन
नीदरलैंड - प्रधानमंत्री डिक स्कूफ
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) - अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान इनके अलावा 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल, संयुक्त राष्ट्र महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी समिट में भाग लेंगे।
गूगल, माइक्रोसॉफ्ट समेत टेक दिग्गजों की भागीदारी
समिट में वैश्विक टेक उद्योग की बड़ी हस्तियों की भी मौजूदगी रहेगी। गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हासाबिस, एंथ्रॉपिक के सीईओ डारियो अमोडेई और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन सहित कई प्रमुख टेक लीडर्स इसमें शामिल होंगे।पांच दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में 500 से अधिक सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें एआई सुरक्षा, गवर्नेंस, नैतिक उपयोग, डेटा सुरक्षा और भारत के 'सॉवरेन AI' दृष्टिकोण जैसे प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी। यह समिट वैश्विक एआई नीति, जिम्मेदार तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर भारत की बढ़ती भूमिका को भी रेखांकित करेगा।
7 चक्र और 3 सूत्रों पर आधारित होगा समिट
समिट की चर्चाएं सात प्रमुख विषयों- ह्यूमन कैपिटल, सोशल एम्पावरमेंट, सुरक्षित और भरोसेमंद AI, इनोवेशन, साइंस, AI रिसोर्सेज का लोकतंत्रीकरण और आर्थिक विकास पर आधारित होंगी।
पूरी रूपरेखा तीन सूत्रों पर टिकी है:
पीपल (लोग): AI को मानव प्रगति और सांस्कृतिक विविधता के सम्मान के साथ जोड़ना।
प्लैनेट (ग्रह): जिम्मेदार इनोवेशन को बढ़ावा देना।
प्रोग्रेस (तरक्की): एआई के जरिए सबको विकास का समान अवसर मिले।
महिलाओं के लिए क्या है खास?
‘AI बाय हर’ पहल के तहत महिलाओं द्वारा संचालित शीर्ष 10 स्टार्टअप्स को कुल 25 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जिसमें प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को 2.5 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा। वहीं ‘AI फॉर ऑल’ कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समाधानों को बढ़ावा देना है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों में जमीनी स्तर पर ठोस बदलाव ला सकें; इसके लिए भी 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
आम लोगों के लिए क्या है खास?
AI इम्पैक्ट समिट 2026 आम लोगों के लिए भी खास अनुभव लेकर आएगा। करीब 70,000 वर्ग मीटर में फैले मेगा AI एक्सपो में 30 से अधिक देशों की 300 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा लेंगी, जहां विजिटर्स लाइव डेमो के जरिए देख सकेंगे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वास्तविक जीवन में कैसे काम करता है। छात्रों और युवाओं के लिए 'YUVAi' और 'AI for ALL' जैसे विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनका उद्देश्य पढ़ाई, स्किल डेवलपमेंट और करियर में AI टूल्स के उपयोग को समझाना है।पांच दिनों के कार्यक्रम में 16 फरवरी को विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के बीच राउंडटेबल चर्चा और 'इंडिया AI एक्सपो' का उद्घाटन होगा। 17 फरवरी को कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, जेंडर सशक्तिकरण और दिव्यांग सहायता पर आधारित छह विशेष रिसर्च पुस्तकों का लोकार्पण किया जाएगा। 18 फरवरी को शीर्ष वैज्ञानिक और रिसर्चर अपनी नई रिसर्च प्रस्तुत करेंगे और कंपनियां AI तकनीक के लाइव डेमो देंगी। 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे और वैश्विक दिग्गजों के साथ अहम बैठकों में AI निवेश और रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होगी। वहीं 20 फरवरी को GPAI काउंसिल की बैठक में सदस्य देश सुरक्षित, भरोसेमंद और जिम्मेदार AI के विकास पर मंथन करेंगे।
India-France Ties: तीन दिन के भारत दौरे पर आज रात मुंबई पहुंचेंगे फ्रांस के राष्ट्रपति, जानें पूरा कार्यक्रम
16 Feb, 2026 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 16 फरवरी को तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर भारत पहुंच रहे हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मैक्रों 16 से 19 फरवरी तक मुंबई और नई दिल्ली में विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह उनका प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत का चौथा दौरा होगा, जो भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की गहराई और निरंतरता को दर्शाता है।मुंबई में उच्चस्तरीय कार्यक्रम और द्विपक्षीय बैठक राष्ट्रपति मैक्रों सोमवार देर रात मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पहुंचेंगे। 17 फरवरी को वे प्रधानमंत्री मोदी से मुंबई के लोक भवन में मुलाकात करेंगे। इसके बाद राजभवन के दरबार हॉल में दोनों नेता समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान करेंगे और संयुक्त प्रेस वक्तव्य जारी करेंगे।इसी दिन ताज महल पैलेस होटल में इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम आयोजित होगा, जबकि शाम को गेटवे ऑफ इंडिया पर 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन एंड कल्चरल कमेमोरेशन 2026' का संयुक्त उद्घाटन किया जाएगा।एआई इम्पैक्ट समिट में वैश्विक फोकस 18 फरवरी को मैक्रों नई दिल्ली पहुंचेंगे और भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेंगे। 19 फरवरी को वे उद्घाटन समारोह, कंट्री पवेलियंस का दौरा, लीडर्स प्लेनरी और वर्किंग लंच में भाग लेंगे। यह समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उभरती प्रौद्योगिकियों और वैश्विक नीति सहयोग पर केंद्रित है, जिसमें दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्ष, नीति-निर्माता और टेक लीडर्स शामिल होंगे।
'होराइजन 2047 रोडमैप' और इंडो-पैसिफिक पर चर्चा
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस दौरे के दौरान दोनों नेता 'होराइजन 2047 रोडमैप' के तहत रक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, अनुसंधान, ऊर्जा और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग और वैश्विक व क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श होगा।
रणनीतिक और रक्षा सहयोग के लिहाज से अहम दौरा
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब भारत अपने रक्षा और तकनीकी साझेदारों को विविध बनाने की दिशा में काम कर रहा है। हाल ही में भारत द्वारा बड़े रक्षा सौदों की मंजूरी, जिनमें फ्रांसीसी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों की खरीद की खबरें भी शामिल हैं, इस साझेदारी के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करती हैं।प्रधानमंत्री मोदी का फरवरी 2025 का फ्रांस दौरा, 2023 में बैस्टिल डे पर मुख्य अतिथि के रूप में उनकी उपस्थिति और 2024 के गणतंत्र दिवस पर मैक्रों की बतौर मुख्य अतिथि भागीदारी इन सभी घटनाओं ने दोनों देशों के बीच भरोसे और सहयोग को नई गति दी है।
2026: भारत-फ्रांस 'ईयर ऑफ इनोवेशन'
साल 2026 को दोनों देशों ने 'ईयर ऑफ इनोवेशन के रूप में मनाने का फैसला किया है, जिसका उद्देश्य स्टार्टअप, टेक्नोलॉजी, रिसर्च, AI और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में साझेदारी को बढ़ावा देना है। राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा इसी पहल की औपचारिक शुरुआत के साथ भारत-फ्रांस संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का भारत दौरा: पूरा कार्यक्रम (16-19 फरवरी 2026)
(स्रोत: विदेश मंत्रालय)
16 फरवरी 2026 (सोमवार)
रात 11:50 बजे: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, मुंबई पर मैक्रों का आगमन होगा।
17 फरवरी 2026 (मंगलवार) - मुंबई
दोपहर 3:15 बजे: लोक भवन, मुंबई में मौक्रों करेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
शाम 4:30 बजे: राजभवन, मुंबई के दरबार हॉल में समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान और संयुक्त प्रेस वक्तव्य होगा।
शाम 5:20 बजे: होटल ताज महल पैलेस में इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम
शाम 7:15 बजे: गेटवे ऑफ इंडिया पर 'इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन एंड कल्चरल कमेमोरेशन' कार्यक्रम में हिस्सा लेंगेष
18 फरवरी 2026 (बुधवार) - नई दिल्ली
दोपहर 2:00 बजे: नई दिल्ली में मैक्रों का आगमन होगा।
इसके बाद: भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 में भागीदारी
19 फरवरी 2026 (गुरुवार) - नई दिल्ली
सुबह 9:40 बजे: भारत मंडपम के प्लेनरी हॉल में उद्घाटन समारोह होगा।
सुबह 10:40 बजे: हॉल-14 में कंट्री पवेलियंस का दौरा करेंगे।
दोपहर 12:00 बजे: समिट रूम, भारत मंडपम में लीडर्स प्लेनरी और वर्किंग लंच करेंगे।
दोपहर बाद: 'होराइजन 2047 रोडमैप' के तहत व्यापक द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा होगी।
शाम 3:45 बजे: मैंक्रो पेरिस के लिए प्रस्थान करेंगे।
The Bonus Market Update: लाल निशान पर खुला घरेलू शेयर बाजार; सेंसेक्स 350 अंक टूंटा, निफ्टी 25400 के नीचे
16 Feb, 2026 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय शेयर बाजार सोमवार को लाल निशान पर खुला। वैश्विक बाजारों में मिले-जुले रुझान के चलते सोमवार को बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने कमजोर शुरुआत की, लेकिन शुरुआती नुकसान के बाद निवेशकों द्वारा चुनिंदा खरीदारी करने से बाद में इनमें अस्थिरता देखने को मिली। विदेशी निवेशकों की निकासी और डॉलर के मजबूत होने के कारण सोमवार को शुरुआती सत्र में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1 पैसा फिसलकर 90.67 पर आ गया।कारोबार के दौरान सेंसेक्स 537.49 अंक या 0.65% की तेजी के साथ 83,164.25 अंक पर आ गया। वहीं निफ्टी 192.55 अंक या 0.76 प्रतिशत बढ़कर 25,660 अंक पर आ गया। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 349.81 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 82,276.95 पर आ गया। वहीं, व्यापक बाजार सूचकांक एनएसई निफ्टी 98.4 अंक गिरकर 25,372.70 पर पहुंच गया।सेंसेक्स की कंपनियों का हाल सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में पावरग्रिड, एचडीएफसी बैंक, एनटीपीसी, बजाज फिनसर्व, सन फार्मास्युटिकल्स, एटर्नल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईटीसी, ट्रेंट, एशियन पेंट्स और टाटा स्टील लाभ कमाने वाली कंपनियां रहीं।दूसरी ओर, इंफोसिस, अदानी पोर्ट्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) प्रमुख पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं।आईटी शेयरों में हुई बिकवाली का असर दिखा जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि पिछले सप्ताह आईटी शेयरों में हुई भारी बिकवाली का असर निकट भविष्य में भी बाजारों पर बना रहेगा। शुक्रवार को आईटी शेयरों के एडीआर में आई मामूली रिकवरी से आईटी शेयरों को समर्थन मिलने की संभावना नहीं है। संस्थान आईटी शेयरों की बिकवाली जारी रख सकते हैं और वित्तीय, ऑटोमोबाइल, पूंजीगत वस्तुएं, दूरसंचार और फार्मा जैसे क्षेत्रों की ओर रुख कर सकते हैं, जहां आय वृद्धि की अच्छी संभावना है।उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनावों को लेकर चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड का मूल्य लगभग 68 अमेरिकी डॉलर के आसपास नाजुक रूप से संतुलित है। इस पर बारीकी से नजर रखनी होगी।विजयकुमार ने कहा कि कुल मिलाकर, 2026 के लिए बाजार की संभावनाएं अच्छी दिख रही हैं क्योंकि बुनियादी बातें बेहतर हो रही हैं और दीर्घकालिक औसत के अनुरूप मूल्यांकन उचित स्तर पर आ गए हैं। हालांकि मिड और स्मॉल कैप शेयरों का मूल्यांकन अपेक्षाकृत अधिक है, फिर भी वे उम्मीद से बेहतर कमाई दर्ज कर रहे हैं।एशियाई बाजारों में रहा मिला-जुला हाल एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 0.4 प्रतिशत बढ़ा जबकि जापान का निक्केई 225 सूचकांक स्थिर रहा। चीन और दक्षिण कोरिया के बाज़ार चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बंद रहे। अमेरिकी शेयर बाजार शुक्रवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ।ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 67.78 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड मामूली रूप से बढ़कर 67.78 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शुक्रवार को 7,395.41 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,553.96 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। शुक्रवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,048.16 अंक गिरकर 82,626.76 पर बंद हुआ, जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 336.10 अंक गिरकर 25,471.10 पर बंद हुआ।
ट्विशा मौत मामला: दिल्ली AIIMS टीम ने किया दोबारा पोस्टमॉर्टम, भोपाल में अंतिम विदाई
