व्यापार
पेट्रोल-डीजल के नए रेट जारी: हफ्ते के पहले दिन क्या आपको मिली राहत? टंकी फुल कराने से पहले चेक करें अपने शहर का भाव
16 Feb, 2026 07:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आज 16 फरवरी सोमवार है. आज के पेट्रोल-डीजल के रेट जारी हो चुके हैं. बता दें कि तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे तेल कंपनियां दाम लाइव करती हैं. दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹87.67 प्रति लीटर है. अगर आप टंकी फुल कराने जा रहे हैं तो यहां आप अपने शहर के लेटेस्ट रेट चेक कर सकते हैं.
कौन तय करता है पेट्रोल-डीजल के रेट: भारत में फ्यूल की कीमतें सेंट्रल अथॉरिटी द्वारा निर्धारित की जाती हैं और देश की कई फैक्टर्स और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए, किसी कीमत की अनुमति दी जाती है. इसका पालन डीजल रिटेलर्स और यूजर्स को सख्ती से पालन करना होता है. ऐसे कई कारक हैं जो या तो फ्यूल की कीमतों को नीचे लाते हैं या फिर उन्हें बढ़ाते हैं.
क्या हैं आपके शहर के पेट्रोल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹94.77
0
कोलकाता
₹105.41
0
मुंबई
₹103.54
0
चेन्नई
₹100.84
-0.22
गुड़गांव
₹95.51
0.04
नोएडा
₹95.05
0.31
बेंगलुरु
₹102.92
-0.04
भुवनेश्वर
₹101.11
0.08
चंडीगढ़
₹94.30
0
हैदराबाद
₹107.46
0
जयपुर
₹104.62
-0.1
लखनऊ
₹94.73
0.04
पटना
₹105.23
-0.88
तिरुवनंतपुरम
₹107.48
-0.01
क्या हैं आपके शहर के डीजल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹87.67
0
कोलकाता
₹92.02
0
मुंबई
₹90.03
0
चेन्नई
₹92.39
-0.22
गुड़गांव
₹87.97
0.04
नोएडा
₹88.19
0.38
बेंगलुरु
₹90.99
0
भुवनेश्वर
₹92.69
0.09
चंडीगढ़
₹82.45
0
हैदराबाद
₹95.70
0
जयपुर
₹90.12
-0.09
लखनऊ
₹87.86
0.05
पटना
₹91.49
-0.83
तिरुवनंतपुरम
₹96.48
0
गहने बनवाने का सबसे सही समय! सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट, चेक करें अपने शहर के ताजा रेट
16 Feb, 2026 07:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आज 16 फरवरी, सोमवार के दिन सोने की कीमत 10 ग्राम के लिए ₹1,57,740 है. वहीं, चांदी की बात करें तो इसकी कीमत प्रति किलो ₹2,74,900 है. यह जानकारी निवेशकों और गहनों के खरीदारों दोनों के लिए अहम है, क्योंकि कीमतों में इस बढ़ोतरी का असर बाजार और शादी-ब्याह के सीजन पर पड़ सकता है. बहुत से लोग अब गहने खरीदने की योजना को कुछ समय के लिए टालने पर विचार कर रहे हैं, उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कीमतों में कुछ कमी आए.
विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ने और रुपये की कीमत में गिरावट के कारण भारत में सोने और चांदी की कीमतें ऊंची हो रही हैं. अगर आप गहने खरीदने का सोच रहे हैं, तो बाजार के रेट पर ध्यान रखना जरूरी है, क्योंकि कीमतें किसी भी समय और भी बढ़ सकती हैं.
आज क्या है आपके शहर में सोने का रेट:
शहर
24 कैरेट का रेट
22 कैरेट का रेट
18 कैरेट का रेट
चेन्नई
₹15,883
₹14,559
₹12,449
मुंबई
₹15,774
₹14,459
₹11,830
दिल्ली
₹15,789
₹14,474
₹11,845
कोलकाता
₹15,774
₹14,459
₹11,830
बैंगलोर
₹15,774
₹14,459
₹11,830
हैदराबाद
₹15,774
₹14,459
₹11,830
केरल
₹15,774
₹14,459
₹11,830
पुणे
₹15,774
₹14,459
₹11,830
वडोदरा
₹15,779
₹14,464
₹11,835
अहमदाबाद
₹15,779
₹14,464
₹11,835
जयपुर
₹15,789
₹14,474
₹11,845
लखनऊ
₹15,789
₹14,474
₹11,845
कोयंबटूर
₹15,883
₹14,559
₹12,449
मदुरै
₹15,883
₹14,559
₹12,449
विजयवाड़ा
₹15,774
₹14,459
₹11,830
पटना
₹15,779
₹14,464
₹11,835
नागपुर
₹15,774
₹14,459
₹11,830
चंडीगढ़
₹15,789
₹14,474
₹11,845
सूरत
₹15,779
₹14,464
₹11,835
भुवनेश्वर
₹15,774
₹14,459
₹11,830
आज क्या है आपके शहर में सिल्वर का रेट:
शहर
10 ग्राम
100 ग्राम
1 किलो
चेन्नई
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
मुंबई
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
दिल्ली
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
कोलकाता
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
बैंगलोर
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
हैदराबाद
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
केरल
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
पुणे
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
वडोदरा
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
अहमदाबाद
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
जयपुर
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
लखनऊ
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
कोयंबटूर
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
मदुरै
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
विजयवाड़ा
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
पटना
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
नागपुर
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
चंडीगढ़
₹2,798
₹27,980
₹2,79,800
सूरत
₹2,749
₹27,490
₹2,74,900
भुवनेश्वर
₹2,799
₹27,990
₹2,79,900
सोने-चांदी की कीमतों में आया बड़ा बदलाव, खरीदने से पहले जान लें आज का सटीक भाव
15 Feb, 2026 07:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: घरेलू सोने की कीमतों में भारी गिरावट देखी गई, जबकि इंटरनेशनल मार्केट में रिकवरी के संकेत दिखे. बड़े शहरों में 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के रेट गिरे, साथ ही चांदी की कीमतों में भी अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई. मार्केट पार्टिसिपेंट्स अब शनिवार यानी आज 14 फरवरी को सोने की कीमतों पर करीब से नजर रख रहे हैं, जिसे वैलेंटाइन डे के तौर पर भी मनाया जाता है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX वीकेंड पर बंद रहेगा. हालांकि, अलग-अलग भारतीय शहरों में घरेलू सोने और चांदी की कीमतों में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है. गोल्ड, सिल्वर प्राइस आउटलुक भारत में गोल्ड का रेट शनिवार को एक रेंज में रहने की संभावना है और इंटरनेशनल कीमतों के ट्रेंड को दिखाते हुए कुछ ऊपर की ओर मोमेंटम हो सकता है.
कितना है सोने का रेट?
भारत में सोने का रेट भारत में 24 कैरेट सोने का रेट 262 रुपये प्रति ग्राम गिरकर 15,578 रुपये प्रति ग्राम हो गया. भारत में 22 कैरेट सोने का रेट 240 रुपये प्रति ग्राम गिरकर 240 रुपये प्रति ग्राम हो गया. भारत में 18 कैरेट सोने का रेट 196 रुपये प्रति ग्राम गिरकर 11,684 रुपये प्रति ग्राम हो गया.
कितना है चांदी का रेट?
भारत में चांदी का रेट भारत में चांदी का रेट 15 रुपये प्रति ग्राम गिरकर 280 रुपये प्रति ग्राम और 2,80,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया. चांदी ने साल 2025 में लगभग 160 प्रतिशत रिटर्न दिया है और जनवरी में इसमें भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है.
MCX सिल्वर, गोल्ड रेट MCX गोल्ड रेट अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी के लिए शुक्रवार को 0.20 प्रतिशत बढ़कर 1,56,200 रुपये पर बंद हुआ. इस बीच, मार्च कॉन्ट्रैक्ट एक्सपायरी के लिए MCX पर चांदी का रेट सेशन के दौरान 2,44,999 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ.
इस बीच ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के अनुसार, शुक्रवार को इंटरनेशनल गोल्ड का रेट बढ़कर $4,990 प्रति औंस हो गया. हालांकि सोने की कीमतों में शॉर्ट टर्म में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन एक्सपर्ट्स लंबे समय में सोने को लेकर बुलिश बने हुए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है, 'सोने की कीमतों ने मॉडर्न हिस्ट्री में सबसे बड़े उतार-चढ़ाव में से एक दिखाया है.
Mahashivratri Special: लंबी यात्रा पर निकलने से पहले राहत की खबर, इन राज्यों में स्थिर रहे पेट्रोल-डीजल के दाम
15 Feb, 2026 07:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाशिवरात्रि का पावन पर्व आज है और लाखों श्रद्धालु दूर-दराज के मंदिरों की ओर रवाना हो रहे हैं. ऐसे में वाहन चलाने वालों के लिए सबसे बड़ी चिंता ईंधन की कीमतें होती हैं. अच्छी बात यह है कि आज सुबह तेल कंपनियों ने नए रेट जारी किए, लेकिन दिल्ली से लेकर मुंबई तक प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम बिल्कुल स्थिर हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें संतुलित बनी हुई हैं और घरेलू स्तर पर टैक्स व रुपये की दर में कोई बड़ा उछाल नहीं आया, जिससे आम आदमी को राहत मिली है.
प्रमुख शहरों में स्थिरता बरकरार
दिल्ली में जहां पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर पर टिका है, वहीं डीजल 87.67 रुपये पर है. मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये मिल रहा है. कोलकाता में पेट्रोल 105.45 रुपये जबकि डीजल 92.02 रुपये पर स्थिर है. चेन्नई में भी पेट्रोल 100.84 रुपये और डीजल 92.39 रुपये के आसपास बिना किसी बदलाव के उपलब्ध है. इन चारों महानगरों में पिछले कई दिनों से यही रेट चल रहे हैं, जो यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए सुकून भरा है.
दक्षिण और पश्चिम भारत का अपडेट
बेंगलुरु में पेट्रोल 102.92 रुपये और डीजल 90.99 रुपये पर है. हैदराबाद में पेट्रोल थोड़ा महंगा 107.50 रुपये पर बिक रहा है, जबकि डीजल 95.70 रुपये है. अहमदाबाद में पेट्रोल 94.68 रुपये और डीजल 90.35 रुपये पर कोई हलचल नहीं. पुणे में भी पेट्रोल 103.87 रुपये और डीजल 90.40 रुपये के स्तर पर स्थिरता है. इन शहरों में ईंधन की कीमतें काबू में हैं, जिससे लंबी ड्राइव प्लान करने वाले लोग बेफिक्र होकर निकल सकते हैं.
उत्तर भारत में राहत का माहौल
जयपुर में पेट्रोल 104.91 रुपये और डीजल 90.38 रुपये पर है. लखनऊ में पेट्रोल 94.69 रुपये जबकि डीजल 87.81 रुपये मिल रहा है. इंदौर में पेट्रोल 106.81 रुपये और डीजल 92.18 रुपये पर टिका हुआ है. पटना में भी पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 91.66 रुपये के आसपास कोई बदलाव नहीं. उत्तर भारत के इन प्रमुख शहरों में दामों की स्थिरता से किसानों से लेकर नौकरीपेशा लोगों तक सभी को फायदा हो रहा है.
वैश्विक संकेत और भविष्य की संभावनाएं
इस समय वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें करीब 67-68 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं, जो पिछले कुछ हफ्तों से ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा रही. भारत में ईंधन का बड़ा हिस्सा आयात होता है, इसलिए रुपये की मजबूती और सरकारी नीतियां दामों को नियंत्रित रख रही हैं. कई महीनों से कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. हालांकि, भविष्य में अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव पर नजर रखना जरूरी है, लेकिन फिलहाल स्थिति आम आदमी के पक्ष में है.
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
14 Feb, 2026 04:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोने-चांदी की रिकॉर्ड कीमतों का प्रभाव असंगठित ज्वैलर्स के कारोबार पर पड़ रहा है। ऊंची कीमतों होने की वजह से स्टॉक की खरीदारी कम हो रही है, हालांकि जरूरत के हिसाब से स्टॉक रखा जाता है, साथ ही सीमित तरलता के कारण कारोबार पर असर पड़ा है। ज्वैलर्स का कहना है कि सोने और चांदी की ऊंची कीमतें और कम मांग होने के कारण उनकी बिक्री में 30 से 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन का अनुमान
देश भर के स्थानीय जौहरियों और सुनारों ने बिक्री में 45 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है।सोने-चांदी की कीमतों में मौजूदा अस्थिरता के बीच उनके लिए काम करना मुश्किल हो गया है।उद्योग के आंकड़ों के अनुसार बाजार की लगभग 53 प्रतिशत हिस्सेदारी असंगठित ज्वैलर्स की है।सोना-चांदी खरीदना आम ग्राहकों की पहुंच के बाहर मुंबई के स्थानीय ज्वैलर बेलवेकर ज्वैलर्स के राकेश बेलवेकर कहते हैं, सोने और चांदी की कीमतों में तेजी होने की वजह से मध्यवर्ग ग्राहक खरीदारी से दूर हो गए हैं। यह आम आदमी की पहुंच से बाहर हो गए हैं। जिसकी वजह से हमने बिक्री में 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की है। कीमती धातुओं के भाव में मौजूदा तेजी के साथ जो अस्थिरता बनी हुई है, यानी हर दिन कीमतों में तेज उछाल या फिर अचानक से गिरावट आने की वजह से कारोबार करना मुश्किल हो गया है। राकेश कहते हैं, कारोबार में रोलिंग बंद सी हो गई है, जिसकी वजह से नई डिजाइन या फिर वैरिएशन लाना बेहद चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
चांदी की कीमतें बढ़ने से ज्वैलर्स की बिक्री पर असर
कुछ साल पहले जब सोने के दामों में वृद्धि हुई थी, तब चांदी अपने सामान्य भाव पर चल रही थी। तब ग्राहक चांदी की खरीदारी करते थे, जो उनकी बजट में आती थी और यह सोने के विकल्प के साथ अच्छे निवेश के तौर पर खरीदी जारी रही, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में चांदी की कीमतें तेजी से बढ़ी है। इस कारण से वे लोग जो सोने की जगह चांदी सस्ती होने की वजह से खरीदारी करते थे, वे अब पूरी तरह से दूर हो गए हैं। जिसने हमारी बिक्री पर बुरा असर डाला है।कारोबार में नकदी की कमी मुंबई के झवेरी बाजार के चांदनी ज्वैलर्स के मुकेश जैन कहते हैं कि सोने और चांदी के भाव इतने बढ़ चुके हैं कि खरीदारी बंद सी हो गई है। हमारे ग्राहक आम लोग है, जिनके पास उनका एक अपना बजट होता है। सोना-चांदी अब बजट से बाहार हो गया है। इसलिए हमारी बिक्री पर असर पड़ा है और इसमें 40 प्रतिशत की गिरावट आई है। मांग नहीं होने से हमारे पास बिना बिका हुआ पुराना स्टॉक पड़ा है। अब जब बिक्री नहीं तो नकदी की समस्या बढ़ गई है। जिसकी वजह से कारोबार करना मुश्किल हो गया है। बाजार में काफी छोटे ज्वैलर्स हैं, जो नकदी पर ही कारोबार करते हैं, उनका कारोबार तो बंद पड़ गया है। क्योंकि कीमतें इतनी अधिक है, स्टॉक खरीदने के लिए पूरा पेमेंट करना पड़ता है। अब थोड़ा पेमेंट करके स्टॉक नहीं मिल रहा है, इसकी वजह सोने-चांदी की कीमतों में प्रतिदिन होने वाला बदलाव है। ऐसे में कोई नुकसान नहीं चाहता।सोने-चांदी की कीमतें बढ़ना परेशानी नहीं कीमतों में अस्थिरता चुनौती है बॉम्बे बुलियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार जैन कहते हैं, सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि का दौर चल रहा है, ऐसे में असंगठित ज्वैलर्स के कारोबार अधिक प्रभावित हुए हैं। देखें तो 30 से 40 प्रतिशत तक उनकी बिक्री में गिरावट हुई है। सोने-चांदी की कीमतों का बढ़ना परेशानी नहीं हैं, बुरी बात यह है कि कीमतों में अस्थिरता अधिक है। अब देखिए सोने ने कुछ समय पहले 2 लाख रुपये का स्तर छुआ और अब 1,50,000 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया है। वहीं चांदी की कीमत भी 3 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई और बाद में घटकर 2 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। इतनी बड़ी गिरावट और वृद्धि एक छोटे ज्वैलर के लिए झेल पाना मुश्किल है।कुमार कहते हैं कि किमतें बढ़े, लेकिन स्थिर रहनी चाहिए क्योंकि स्थिर रही तो ही लोग खरीदारी की योजना बनाते हैं। लोग मानसिक रूप से परेशान हो जाते हैं। लेकिन जब कीमतें लगातार ऊपर-नीचे होती रहती हैं, तो ग्राहक खरीदारी से बचते हैं, जब तक कि कोई शादी या अत्यावश्यक जरूरत न हो। वे कहते हैं, अभी अधिकतर ग्राहक पुराने सोने के आभूषण देकर उन्हें नए करवा रहे हैं। इससे ज्वैलर्स को नुकसान होता है, पुराने गहनों को पिघलाना, फिर नई डिजाइन बनाना और काटने और पॉलिश करने में नुकसान होता है, इससे सोने का वजन भी कम होता है और खर्च बढ़ता है। ब्रांडेड ज्वैलर्स को फायदा मिल रहा हैहोलसेल ज्वैलरी एसोसिएशन का कहना है कि इसका फायदा बड़े ब्रांडेड ज्वैलर्स को हो रहा है। उनके पास हर तरह के डिजाइन और वजन के आभूषण ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं। हाल ही में शादी ब्याह को लेकर खरीदारी बाजार में बढ़ती दिख रही है, लेकिन कीमतें अधिक होने की वजह से ग्राहक 10 ग्राम के बदले 5 ग्राम, 2 ग्राम और 3 ग्राम तक के आभूषणों की ओर रुख कर रहे हैं। लेकिन इतनी वैराइटी छोटे ज्वैलर्स के पास नहीं है। इसकी वजह से ग्राहक बड़े ज्वैलर्स की ओर रुख कर रहे हैं। जहां पर उन्हें हल्के आभूषणों की पूरी रेंज और कस्टमाइज्ड आभूषणों का सुविधा मिल रही है। जबकि छोटे ज्वैलर्स पहले से ही नकदी की कमी, पुराना स्टॉक का जमावड़ा, जिसकी वजह से नई डिजाइन को अपडेट करने में उन्हें दिक्कत हो रही है। यह चुनौतिया फिलहाल असंगठित ज्वैलर्स के सामने हैं।
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?
14 Feb, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में फरवरी 2026 को शायद ब्लैक फरवरी के रूप में याद किया जाए। यह वह महीना है जब भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे मजबूत कंपनियों खासकर आईटी कंपनियों ने एक अभूतपूर्व झटके का सामना किया। जिन कंपनियों ने कभी भारतीय बाजार को बुलंदियों पर पहुंचाने में सबसे ज्यादा योगदान दिया था, अब बाजार उन्हीं कंपनियों के लिए जैसे बेरहम हो गया है। मात्र कुछ हफ्तों में ही देश की आईटी सेक्टर की कंपनियों से 50 बिलियन डॉलर मतलब करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप हवा हो गया है।बाजार में आई गिरावट कोई सामान्य समझना किसी बेवकूफी से कम नहीं होगा।। इसके केंद्र में है 'एंथ्रोपिक' का नया एआई टूल और निवेशकों का यह डर कि भारतीय आईटी कंपनियों का दशकों पुराना बिलिंग मॉडल अब ध्वस्त होने की कगार पर है। टीसीएस का रिलायंस के बाद दूसरे नंबर से फिसलकर छठे नंबर पर आना इस बदलाव की सबसे बड़ी गवाही है।आइए इस पूरे घटनाक्रम, इसके तकनीकी कारणों और भविष्य की रणनीतियों को इससे जुड़े सवालों के जवाब के जरिए डिकोड करने की कोशिश करते हैं।
आखिर भारतीय बाजार में अचानक इतनी दहशत क्यों है? ट्रिगर क्या था?
जवाब: भारतीय शेयर बाजार के आईटी शेयरों में आई सुनामी का केंद्र बिंदु 30 जनवरी 2026 है। इसी दिन अमेरिकी एआई कंपनी एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड कोवर्क प्लेटफॉर्म के लिए 11 नए ऑटोमेशन प्लग-इन्स लॉन्च किए। यह खबर जंगल की आग की तरह फैली क्योंकि ये प्लग-इन्स उन कार्यों को मिनटों में कर सकते हैं, जिनके लिए भारतीय आईटी कंपनियां हजारों इंजीनियरों का इस्तेमाल करती थीं। इसे विश्लेषकों ने 'SaaSpocalypse' यानी (सॉफ्टवेयर सेवाओं का अंत) जैसे नामों से नवाजा है।
सवाल: क्या एआई वाकई भारतीय आईटी कंपिनयों के 'बिजनेस मॉडल' को खत्म खत्म कर सकता है?
जवाब: खतरा वास्तविक और गंभीर है। भारतीय आईटी कंपनियों का का पारंपरिक बिजनेस मॉडल 'श्रम मध्यस्थता' और 'प्रति घंटा बिलिंग' पर आधारित रहा है। यानी, जितने ज्यादा लोग और जितने ज्यादा घंटे, उतना ज्यादा मुनाफा।लेकिन एंथ्रोपिक के आने के बाद कहानी ही बदल गई है। यह कुछ अलग ही फंडे पर काम कर रहा है। जैसे- डेटा एनालिस्ट प्लग-इन: पहले जिस डेटा को साफ करने और विजअलाइज करने में विश्लेषकों की टीम को हफ्ते लगते थे और हजारों डॉलर खर्च होते थे, अब वही काम एआई बिना मानवीय हस्तक्षेप के 2-3 दिनों में कर रहा है। और लागत आ रही है? मात्र 30-40 डॉलर प्रति हर महीने।, दूसरी चीज है- लीगल प्लग-इन: हजारों पन्नों के कॉन्ट्रैक्ट और दस्तावेजों की समीक्षा अब एआई मिनटों में कर रहा है।जब महीनों का काम मिनटों में होगा और इंसान की जरूरत नहीं होगी, तो कंपनियां बिल किस बात का बनाएंगी? यही वह डर है जिसने ब्रोकरेज फर्मों को यह कहने पर मजबूर कर दिया है कि आईटी सेवा प्रदाता कंपनियों का 40% तक का राजस्व जोखिम में है।
सवाल: बाजार में गिरावट कितनी भयावह है? बड़ी कंपनियों का क्या हाल है?
जवाब: शेयर बाजार के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरी स्थिति साफ हो जाती है। फरवरी 2026 के दूसरे हफ्ते में आईटी शेयरों ने कोरोना काल (मार्च 2020) के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की है। टीसीएस जो भी कभी देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी थी अब अब छठे स्थान पर खिसक गई है। इसका मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर से भी नीचे आ गया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और आईसीआईसीआई बैंक अब उससे कहीं आगे निकल चुके हैं। टीसीएस अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से लगभग 44% टूट चुका है। इन्फोसिस और विप्रो में भी 30% से 34% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
सवाल: क्या नौकरियों पर भी संकट है? आंकड़े क्या कहते हैं?
जवाब: यह इस रिपोर्ट का सबसे चिंताजनक पहलू है- रोजगार यानी नौकरी का जाना। 'बेंच स्ट्रेंथ' बढ़ाने का दौर खत्म हो चुका है। वित्त वर्ष 2026 के पहले 9 महीनों में भारत की शीर्ष पांच आईटी कंपनियों ने नेट आधार पर केवल 17 कर्मचारी जोड़े हैं। तुलना के लिए, पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 17,764 थी। एंथ्रोपिक के सीईओ ने इस बारे में एक बड़ा दावा भी किया है। उनका मानना है कि अगले एक से पांच वर्षों में 50% एंट्री-लेवल व्हाइट-कॉलर नौकरियां (जैसे जूनियर कोडर, कंटेंट राइटर) समाप्त हो जाएंगी। दूसरी ओर, नौकरियों में कुशलता भी एक समस्या बनकर उभरी है। 10 एआई नौकरियों के लिए देश में केवल एक योग्य इंजीनियर उपलब्ध है। 2026 के अंत तक 14 लाख एआई पेशेवरों की कमी हो सकती है।
सवाल: क्या सब कुछ खत्म हो गया है या उम्मीद की कोई किरण बाकी है?
जवाब: भारत की आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बाद बाजार में जहां हाहाकार है। पर एक उम्मीद की किरण दिखी है। दुनिया की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित वित्तीय सेवा संस्थानों (बैंकिंग) में से एक जेपी मॉर्गन इस गिरावट को एक अलग नजरिए से देख रही है। भारतीय आईटी कंपनियों को तकनीकी दुनिया का प्लंबर कहा है। इसकी टिप्पणी क्यों अहम है क्योंकि यह 2.35 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति वाला संस्थान है। यह अमेरिका का सबसे बड़ा और मार्केट कैपिटल के मामले में दुनिया के सबसे मूल्यवान बैंकों में से एक है। यह निवेश बैंकिंग, संपत्ति प्रबंधन और वाणिज्यिक बैंकिंग जैसी सेवाएं प्रदान करता है। उनका तर्क है कि एआई जादू नहीं है। बड़ी कंपनियों के पुराने सिस्टम को ठीक करने, एआई को सुरक्षित रूप से इंटीग्रेट करने और डेटा पाइपलाइन बनाने के लिए इन्हीं प्लंबरों जैसे टीसीएस और इंफोसिस की जरूरत पड़ेगी, ऐसे में कोई कहे की इनका काम खत्म हो गया, ऐसा सही नहीं लगता। जेपी मॉर्गन का मानना है कि शेयर की कीमतें संकट के स्तर पर जरूर आ गई हैं, यह कुछ 2008 की मंदी जैसा है। पर यह वास्तव में डीप वैल्यू की स्थिति और इसे खरीदने के मौके के रूप में देखा जा सकता है। जेपी मॉर्गन की टिप्पणी अहम इसलिए है क्योंकि यह 2.35 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति वाला संस्थान है। यह अमेरिका का सबसे बड़ा और मार्केट कैपिटल के मामले में दुनिया के सबसे मूल्यवान बैंकों में से एक है।
सवाल: एक निवेशक के नजरिए से इस पूरी कहानी का मतलब क्या समझा जाए?
जवाब: भारत की आईटी कंपनियों के शेयर अपने सर्वश्रेष्ठ भाव की तुलना में लगभग आधी कीमतों पर बिक रहे हैं। पर इसका यह मतलब कतई नहीं है कि सबकुछ खत्म ही हो गया। बड़े वित्तीय जानकार भी मानते हैं कि भारतीय आईटी सेक्टर खत्म नहीं हो रहा, बल्कि एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कुछ समय के लिए केवल भुगतान का दौर खत्म हो गया है और फिलहाल परिणाम के लिए भुगतान (पेमेंट फोर आउटपुर) का दौर शुरू हो गया है। इस दौर में जो कंपनियां खुद को एआई-फर्स्ट कंपनी के रूप में ढाल लेंगीं, उनका डंका आगे भी बाजार में बजना जारी रहेगा। फिलहाल जहां तक निवेश की बात है, तो यह किसी अधिकृत विशेषज्ञ की सलाह से ही करना सही होगा।निवेशक विशेषज्ञों की राय लेकर बार्बेल अप्रोच अपना सकते हैं। इसके तहत एक तरफ अत्यधिक गिरे हुए लार्ज-कैप शेयरों में निवेश किया जाता है तो और दूसरी तरफ एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी ग्रोथ कंपनियों को तवज्जो दी जाती है।बड़े गिरावट के समय देखा गया है कि अक्सर लार्ज कैप ही टिक पाते हैं। टीसीएस और इन्फोसिस के पास मजबूत बैलेंस शीट और जीरो डेट है, जो उन्हें एआई में निवेश करने और खुद को बदलने की ताकत देता है। एक निवेशक के रूप में किसी भी हालत में लोगों को गिरते चाकू पकड़ने से बचना चाहिए। तकनीकी रूप से अभी शेयर अपने मूविंग एवरेज से नीचे हैं। एकमुश्त पैसा लगाने के बजाय निवेशकों के लिए एसआईपी या बॉय ऑन डिप्स की रणनीति सही रणनीति काम कर सकती है।अस्वीकरण: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। इस खबर में हम किसी शेयर में निवेश की सलाह नहीं दे रहे। किसी भी निवेश निर्णय को लेने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें। लेखक या संस्थान किसी भी वित्तीय नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे।
बाजार में प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए क्या है सेबी की तैयारी, पांडे बोले अनुपालन का बोझ करना होगा कम
14 Feb, 2026 03:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सेबी और राष्ट्रीय प्रतिभूति बाजार संस्थान ने आईआईएम मुंबई, महाराष्ट्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, मुंबई और एनएसई के सहयोग से प्रतिभूति बाजार के छठे वार्षिक अंतरराष्ट्रीय अनुसंधान सम्मेलन 2026 का आयोजन किया। यहां सेबी चैयरमैन तुहिन कांत पांडे ने संवाददातओं को जानकारी देते हुए बताया कि, अनुपालन की ऊंची लागत देश की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त में बाधा डाल सकती है। इसलिए हमारे सभी उपायों की दक्षता, लागत दक्षता महत्वपूर्ण है।
प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए क्या कर रहा सेबी?
उन्होंने कहा कि अगर आपकों प्रतिस्पर्धात्मकता का निर्माण करना है, तो नियमों के अनुपालन का बोझ कम करना होगा, नहीं तो इसकी गति कम हो जाती है। इसलिए नियामक भारतीय प्रतिभूति बाजार की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए अनुपालन के बोझ और विनियामक लागत को कम करने पर ध्यान दे रहा है। पांडे ने कहा इन कोशिशों से देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका अनुमान लगाना संभव नहीं है। लेकिन पूंजी की लागत को कम करना हमारी प्राथमिकता बना हुआ है।
विनियामक प्रभाव आकलन के लिए एक ढांचा हो रहा तैयार
उन्होंने बताया बाजार नियामक वर्तमान में विनियामक प्रभाव आकलन के लिए एक ढांचा तैयार कर रहा है।इसका संकेत केंद्रीय बजट में भी दिया गया है।सरकार की इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए सेबी एक नियामक अध्ययन केंद्र शुरू कर रहा है।सेबी अध्यक्ष ने बताया कि यह एक उच्च स्तरीय केंद्र होगा जो लगातार काम करेगा और रिसर्च में सहायता करेगा।इस पहल से नीति निर्माण संस्थाओं और अनुसंधानों को यह समझने में मदद होगी कि नियमन बाजार को कैसे प्रभावित करते हैं, क्योंकि नियमों पर सदैव एक अंतर्निहित खर्च होता है।
सेबी किन-किन कारकों पर कर रहा विचार?
उन्होंने कहा कि इन सभी विषयों पर एक वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद स्तर पर चर्चा होती है। उन्होंने इस पर जानकारी देते हुए बताया कि, मुझे लगता है यह पूरी एक प्रक्रिया है और विकास परिषद के जरिए अंतर नियामक निकायों का समन्वय स्थापित किया जाता है। साथ ही डेटा एकत्र करना, अनुसंधान को बढ़ावा देने और पहुंच में सुधार लाने व इसकी लागत को कम करने के तरिकों पर विचार किया जा रहा है। पांडे ने बताया कि सेबी एक ऐसी प्रणाली विकसित करने पर भी काम कर रहा है, जिसमें निवेशकों को विभिन्न नियामकों के तहत सभी वित्तीय परिसंपत्तियों का विवरण प्राप्त कर सकेंगे, जिसमें पेंशन और बीमा उत्पाद भी शामिल है।
Cabinet: सरकार ने दिल्ली, हरियाणा व महाराष्ट्र से जुड़ी बड़ी रेल परियोजनाओं को दी मंजूरी, जानिए क्या है तैयारी
14 Feb, 2026 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने रेल मंत्रालय की तीन महत्वपूर्ण मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इनकी कुल लागत लगभग 18,509 करोड़ रुपये है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिन परियोजनाओं को स्वीकृति मिली।
इनमें ये लाइन शामिल हैं
कसारा- मनमाड तीसरी और चौथी लाइन,
दिल्ली-अंबाला तीसरी और चौथी लाइन,
बल्लारी-होसपेटे तीसरी और चौथी लाइन
सरकार के अनुसार इन परियोजनाओं से रेलवे की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे यातायात सुगम होगा, परिचालन दक्षता बढ़ेगी और सेवाओं की विश्वसनीयता में सुधार आएगा। मल्टी-ट्रैकिंग के जरिए भीड़भाड़ कम करने और संचालन को अधिक सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।ये परियोजनाएं पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत तैयार की गई हैं, जिनका उद्देश्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक दक्षता को मजबूत करना है। इससे लोगों, माल और सेवाओं की आवाजाही के लिए निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।तीनों परियोजनाएं दिल्ली, हरियाणा, महाराष्ट्र और कर्नाटक के 12 जिलों को कवर करेंगी और भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 389 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी। इनसे करीब 3,902 गांवों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, जिनकी कुल आबादी लगभग 97 लाख है।सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, हम्पी (यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल), बल्लारी किला, तुंगभद्रा बांध और अन्य धार्मिक व ऐतिहासिक स्थानों तक पहुंच बेहतर होगी।साथ ही ये रूट कोयला, स्टील, लौह अयस्क, सीमेंट, खाद्यान्न, उर्वरक, कंटेनर और पेट्रोलियम उत्पाद जैसे प्रमुख माल परिवहन के लिए अहम हैं। क्षमता वृद्धि से अतिरिक्त 96 मिलियन टन प्रतिवर्ष माल ढुलाई की संभावना है।रेल मंत्रालय के मुताबिक, इन परियोजनाओं से लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी, तेल आयात में लगभग 22 करोड़ लीटर की बचत होगी और 111 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी आएगी, जो लगभग चार करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है। सरकार का मानना है कि ये परियोजनाएं क्षेत्रीय विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देंगी।
Andhra Pradesh Budget: आंध्र प्रदेश सरकार का 2026-27 के लिए ₹3.32 लाख करोड़ का बजट पेश, जानें किसे क्या मिला
14 Feb, 2026 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आंध्र प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 3.32 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट पेश किया। इसमें कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों के बीच संतुलन बनाने पर जोर दिया गया है। राज्य विधानसभा में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री पय्यावुला केशव ने बताया कि अनुमानित राजस्व व्यय 2.56 लाख करोड़ रुपये और पूंजीगत व्यय करीब 54,000 करोड़ रुपये रखा गया है।वित्त मंत्री के अनुसार, राज्य का अनुमानित राजस्व घाटा करीब 22,000 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 1.11 प्रतिशत) रहने का अनुमान है।वहीं राजकोषीय घाटा लगभग 76,000 करोड़ रुपये (जीएसडीपी का 3.84 प्रतिशत) आंका गया है।
बजट में पिछड़ा वर्ग (BC) घटक के लिए 51,021 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग को 32,308 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।स्वास्थ्य, चिकित्सा व परिवार कल्याण विभाग के लिए 19,306 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग को क्या मिला?
इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के पास मौजूद पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग को लगभग 23,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो ग्रामीण बुनियादी ढांचे और स्थानीय विकास को मजबूत करने पर सरकार के फोकस को दर्शाता है।राज्य को निर्माण के लिए दो वर्ष का समय पर्याप्त नहीं बजट भाषण में केशव ने कहा कि राज्य को पुनर्निर्माण के लिए दो वर्ष का समय पर्याप्त नहीं है, क्योंकि राज्य ने अपने गठन के बाद कई गंभीर चुनौतियों का सामना किया है। उन्होंने 2014 के विभाजन को अतार्किक बताते हुए कहा कि इससे राज्य एक मजबूत राजधानी, विकास के प्रमुख इंजन और राजस्व देने वाले सेवाक्षेत्र से वंचित हो गया। उन्होंने 2019-24 के शासनकाल को नीतिगत ठहराव और वित्तीय लापरवाही का दौर बताते हुए कहा कि इससे राज्य की आर्थिक स्थिति और प्रभावित हुई।वित्त मंत्री ने बजट को केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं बल्कि पांच करोड़ लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने का एक रोडमैप बताया, जिसमें सामाजिक कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दी गई है।
Gold Silver Price: वैलेंटाइन डे पर सर्राफा बाजार में दिखी तेजी; चांदी 8000 रुपये महंगी, जानें सोने का अपडेट
14 Feb, 2026 12:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Sone Chandi ka Aaj ka Rate: वैलेंटाइंस डे के मौके पर शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। एमसीएक्स पर चांदी की कीमत करीब 8,110 रुपये उछलकर 2,44,545 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, जबकि सोने में 3,266 रुपये की तेजी दर्ज की गई।
घरेलू बाजार में सोने-चांदी का भाव
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव बढ़कर लगभग 1,57,900 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया, वहीं मुंबई में यह करीब 1,57,750 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। इससे पहले एक दिन पहले दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत करीब 2,400 रुपये (लगभग 1.5%) गिरकर 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई थी। वहीं चांदी की कीमत 13,500 रुपये टूटकर 2.55 लाख रुपये प्रति किलोग्राम आ गई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी का हाल
वैश्विक बाजार में भी कीमती धातुओं में मजबूती रही। हाजिर सोना करीब 4,968 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि कॉमेक्स (COMEX) पर सोना लगभग 5,046 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ, जिसमें करीब 2% की इंट्राडे तेजी दर्ज की गई। इसी तरह चांदी की कीमत भी 3% से अधिक उछलकर लगभग 77.96 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का असर सुरक्षित निवेश पर पड़ा
जानकारों के मुताबिक, अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अपेक्षा से कम रहने से डॉलर पर दबाव बना और निवेशकों ने सुरक्षित निवेश के रूप में सोना-चांदी में खरीदारी बढ़ा दी। जनवरी 2026 में अमेरिकी महंगाई दर 2.40% रही, जो बाजार के 2.50% के अनुमान से कम थी, हालांकि यह दिसंबर 2025 की तुलना में 0.30% अधिक है।
सोने-चांदी को लेकर विशेषज्ञों का अनुमान
विश्लेषकों का मानना है कि हालिया गिरावट के बावजूद कीमती धातुओं में लंबी अवधि का बुल रन जारी है। ब्रोकरेज फर्म एमके वेल्थ के अनुसार, अनुकूल वैश्विक मैक्रोइकॉनॉमिक स्थितियां, संरचनात्मक मांग और निवेशकों की बदलती प्राथमिकताएं सोना-चांदी को अगले 3-5 वर्षों तक समर्थन दे सकती हैं।जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोने की कीमत 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखने के लिए सोना-चांदी को होल्ड करें और गिरावट के दौरान चरणबद्ध निवेश करें, क्योंकि मौजूदा उतार-चढ़ाव को दीर्घकालिक तेजी के बीच सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
खुशखबरी या झटका? पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा उलटफेर, जानें कहाँ मिल रहा सबसे सस्ता तेल
14 Feb, 2026 07:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: देश में हर सुबह 6 बजे तेल कंपनियां आज के पेट्रोल-डीजल के दाम जारी करती हैं। इन कीमतों का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। ऑफिस जाने वाले कर्मचारी से लेकर खेत में ट्रैक्टर चलाने वाले किसान तक, हर कोई इन दामों से प्रभावित होता है। इसलिए रोजाना अपडेट रहना जरूरी है।
प्रमुख शहरों में ताजा रेट
आज जारी कीमतों के अनुसार, Delhi में पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर है। Mumbai में पेट्रोल ₹103.54 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर बिक रहा है। Kolkata में पेट्रोल ₹105.45 और डीजल ₹92.02 है, जबकि Chennai में पेट्रोल ₹100.84 और डीजल ₹92.39 प्रति लीटर है।
इसके अलावा अहमदाबाद, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर, लखनऊ, पुणे, इंदौर, पटना, सूरत और नासिक में भी कीमतें अलग-अलग स्तर पर बनी हुई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों का असर भारत पर पड़ता है। हाल ही में United Arab Emirates ने ईंधन के दामों में हल्की नरमी दिखाई है। हालांकि भारत में ईंधन की कीमतें रुपये की स्थिति और सरकारी टैक्स जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं।
सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट, जानें आपके शहर में आज का ताजा भाव क्या है
14 Feb, 2026 07:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों को चौंका दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange (MCX) पर एक ही दिन में दोनों कीमती धातुओं में ₹32,000 तक की गिरावट दर्ज की गई। सोना 4.07% टूटकर ₹1,52,300 पर आ गया। वहीं चांदी 9.84% गिरकर ₹2,37,136 पर बंद हुई।
रिकॉर्ड हाई से बड़ी फिसलन
29 जनवरी को चांदी ₹4.20 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। उसी दिन सोना भी ₹1.93 लाख तक गया था। लेकिन इसके बाद बाजार में तेज गिरावट आई। सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब ₹41,000 नीचे आ चुका है, जबकि चांदी में ₹1.83 लाख की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
आज का बाजार रुख
शुक्रवार को कमोडिटी मार्केट के आखिरी कारोबारी दिन भी दबाव बना हुआ है। ओपन इंटरेस्ट एनालिसिस शॉर्ट बिल्डअप का संकेत दे रहा है। इसका मतलब है कि ट्रेडर्स मंदी की उम्मीद में नई पोजीशन ले रहे हैं। इसलिए सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट फिलहाल थमती नहीं दिख रही।
दिल्ली में ताजा भाव
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹15,976 प्रति ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹14,646 प्रति ग्राम पर है। वहीं सिल्वर 999 का भाव ₹2,899 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है।
Trade Deal: डेयरी और पोल्ट्री के दरवाजे नहीं खोले गए, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बोले कृषि मंत्री चौहान
13 Feb, 2026 01:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमेरिकी व्यापार समझौते में किसानों के हितों को लेकर अहम बात की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश में कहा कि पीएम मोदी हमेशा से किसान हितैशी रहे हैं। चौहान ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री का हर निर्णय किसानों के हित में लिया गया है। उनकी योजनाओं ने किसानों की जिंदगी बदल दी है। और अभी अमेरिका से जो समझौता हुआ है, उसमें भी किसान हित पूरी तरह से सुरक्षित है।
विभिन्न मुख्य खाद्य पदार्थों का उत्पादन करने वालें किसानों के लिए क्या?
कृषि मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह समझौता विशेष रूप से विभिन्न मुख्य खाद्य पदार्थों का उत्पादन करने वाले किसानों की जरूरतों को पूरा करता है। चौहान ने कहा कि हमारे अनाज उत्पादक किसान गेहूं, चावल, मक्का, सोया, मोटा अनाज पैदा करने वाले किसानों के हितों का पूरी तरह से ध्यान रखा गया है। हमारे प्रमुख फल और सब्जी उत्पादों किसानों के हितों को भी इस समझौते में पूरी तरह संरक्षीत किया गया है।संवेदनशील क्षेत्र को लेकर कही अहम बात चौहान ने स्पष्ट किया कि सरकार ने कुछ संवेदनशील क्षेत्र के लिए सख्त सीमाएं बनाए रखी हैं। उन्होंने कहा कि पोल्ट्री के लिए , डेयरी उत्पाद के लिए देश के दरवाजे नहीं खोले गए हैं। सच तो ये है हमारे मसाला उत्पाद किसानों को नया विशाल बाजार मिलेगा। बाजार विस्तार की संभावनाओं पर डाला प्रकाश मंत्री ने नए समझौते के तहत विभिन्न भारतीय उत्पादों के लिए बाजार विस्तार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चाय, कॉफी, पनीर सहित अनेकों वस्तुओं को नया बाजार मिलने से निर्यात बढ़ेगा। इससे किसानों को फायदा होगा, उनकी आमदनी बढ़ेगी। टेक्सटाइल के निर्यात से हमारे कपास उत्पादक किसानों को बहुत फायदा होने वाला है। पीएम मोदी का हर निर्णय किसानों के हित में है। राहुल गांधी पर साधा निशाना साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे झूठे हैं उन्हें देश के किसानों से कोई लेना-देना नहीं है। किसानों की मजबूती उन्हें कभी रास नहीं है, इसलिए तो देश विरोधी बातें करते हुए नजर आते हैं। अभी उन्होंने एक वीडियो में झूठ बोलने के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। वो झूठ बोलकर देश में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि झूठ बोलकर किसानों के हितों का फैसला नहीं किया जाता। किसानों का भला होगा, सच्चे और किसान हितैशी फैसलों से , जो पीएम मोदी सदैव करते आए हैं। दरअसल, राहुल गांधी ने 12 फरवरी को अपने एक्स प्लेटफॉर्म पर वीडियो साझा करके आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसानों को नुकसान होगा।
Repo Rate: महंगाई के नए आंकड़ों के बाद भी आरबीआई ब्याज दरों में नहीं करेगा बदलाव? जानें रिपोर्ट का दावा
13 Feb, 2026 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार वर्ष में बदलाव का मौद्रिक नीति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) आने वाले महीनों में ब्याज दरों में बदलाव करने के बजाय उन्हें फिलहाल स्थिर रख सकता है।
जनवरी में महंगाई दर कितनी रही?
रिपोर्ट के अनुसार, नए आधार वर्ष 2023-24 के हिसाब से जनवरी 2026 में महंगाई दर (हेडलाइन CPI) 2.75 प्रतिशत रही, जो अनुमान के मुताबिक है। वहीं, कोर महंगाई (जिसमें खाद्य और ईंधन जैसे उतार-चढ़ाव वाले आइटम कम शामिल होते हैं) घटकर 3.46 प्रतिशत पर आ गई, जो पुराने अनुमान से बेहतर स्थिति दिखाती है।
एमपीसी किस आधार पर करती है फैसला?
रिपोर्ट में कहा गया है कि आधार वर्ष बदलने से आंकड़ों की गणना का तरीका अधिक सटीक और व्यापक हुआ है, लेकिन इससे आरबीआई की नीतिगत सोच में तुरंत कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) सिर्फ सालाना महंगाई के आंकड़े नहीं, बल्कि महंगाई की असली रफ्तार और आगे का ट्रेंड ज्यादा ध्यान से देखेगी।
कोर सीपीआई में गिरावट किस वजह से आई?
नए आधार वर्ष के तहत आंकड़ों के मुताबिक, कोर सीपीआई में गिरावट मुख्य रूप से गोल्ड सीपीआई का भार 1.1 प्रतिशत से घटकर 0.62 प्रतिशत होने के कारण आई। वहीं, सोने को छोड़कर कोर महंगाई 2.91 प्रतिशत तक बढ़ी, जिससे संकेत मिलता है कि अंतर्निहित महंगाई रुझान अभी भी कमजोर बने हुए हैं।
खाद्य महंगाई में हुई बढ़त
इस बीच, खाद्य महंगाई भी थोड़ी बढ़कर 2.11 प्रतिशत पर पहुंच गई है। नए आधार वर्ष में खाने-पीने की चीजों का वजन पहले के लगभग 46 प्रतिशत से घटाकर करीब 40 प्रतिशत कर दिया गया है और ज्यादा बाजारों, शहरों और वस्तुओं को शामिल किया गया है, जिससे डेटा अधिक व्यापक हो गया है।रिपोर्ट का कुल निष्कर्ष यह है कि आधार वर्ष बदलने के बावजूद आरबीआई जल्दबाजी में ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा। आने वाली तिमाहियों में उसका फोकस महंगाई के रुझान और बाजार में तरलता (लिक्विडिटी) को संभालने पर रहेगा, इसलिए दरें फिलहाल यथावत रहने की संभावना है।
Biz Updates: एपल मुंबई के बोरीवली में खोलेगा नया स्टोर, NSE पर ट्रेडिंग खातों ने 25 करोड़ का आंकड़ा पार किया
13 Feb, 2026 11:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आईफोन निर्माता एपल ने मुंबई के बोरीवली में अपने आगामी रिटेल स्टोर के लिए बैरिकेड का अनावरण कर दिया है। कंपनी ने बताया कि यह भारत में उसका छठा और मुंबई में दूसरा आधिकारिक स्टोर होगा। एपल के अनुसार, ‘एपल बोरीवली’ स्टोर का उद्घाटन गुरुवार, 26 फरवरी को किया जाएगा। इससे पहले कंपनी ने अप्रैल 2023 में मुंबई और दिल्ली में अपने पहले दो रिटेल स्टोर शुरू किए थे। इसके बाद एपल ने 2025 में भारत में विस्तार को गति देते हुए बेंगलुरु के हेब्बल, पुणे के कोरेगांव पार्क और हाल ही में नोएडा में नए स्टोर खोले थे। कंपनी ने बताया कि बोरीवली स्टोर के बैरिकेड पर मोर से प्रेरित विशेष विजुअल आइडेंटिटी का इस्तेमाल किया गया है, जिसे पहली बार बंगलूरू हेब्बल स्टोर के उद्घाटन के दौरान पेश किया गया था और बाद में पुणे व नोएडा स्टोर्स में भी अपनाया गया।
एनएसई पर निवेशकों के ट्रेडिंग खातों ने 25 करोड़ का आंकड़ा पार किया
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर पंजीकृत निवेशकों के ट्रेडिंग खातों ने एक बड़ा मील का पत्थर हासिल करते हुए फरवरी 2026 में 25 करोड़ (250 मिलियन) यूनिक क्लाइंट कोड (UCC) का आंकड़ा पार कर लिया है। एक्सचेंज ने आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी।एनएसई के अनुसार, पूंजी बाजार में भागीदारी की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हाल का एक करोड़ नए खाते महज दो महीनों में जुड़े हैं। वहीं, कुल खातों के लगभग 20 प्रतिशत यानी अंतिम पांच करोड़ खाते पिछले 16 महीनों में ही जोड़े गए हैं। एक्सचेंज ने बताया कि 31 जनवरी 2026 तक यूनिक पंजीकृत निवेशकों की संख्या 12.7 करोड़ थी, जिसने 22 सितंबर 2025 को 12 करोड़ का आंकड़ा पार किया था। एनएसई ने यह भी स्पष्ट किया कि कई निवेशक अलग-अलग ब्रोकर के साथ एक से अधिक खाते रखते हैं, इसलिए कुल ट्रेडिंग खातों की संख्या यूनिक पंजीकृत निवेशकों की तुलना में अधिक होती है।
ट्विशा मौत मामला: दिल्ली AIIMS टीम ने किया दोबारा पोस्टमॉर्टम, भोपाल में अंतिम विदाई
