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LPG पर राहत भरी खबर, सरकार बोली- आपूर्ति पर कोई असर नहीं
21 Apr, 2026 05:19 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी ने चिंता बढ़ा दी है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने मंगलवार को ऊर्जा क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का ब्योरा साझा किया।
क्रूड ऑयल की कीमतों का ग्राफ
मंत्रालय के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में कीमतों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है:
जनवरी: भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत लगभग 63 डॉलर प्रति बैरल थी।
मार्च: यह बढ़कर 113 डॉलर तक पहुँच गई।
अप्रैल: वर्तमान औसत मूल्य 116 डॉलर प्रति बैरल के आसपास दर्ज किया गया है।
राहत की बात: भारी उतार-चढ़ाव के बाद भी भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम पड़ोसी देशों के मुकाबले काफी कम और स्थिर बने हुए हैं।
रसोई गैस (LPG) और PNG की स्थिति
घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार ने निम्नलिखित जानकारी दी:
एलपीजी आपूर्ति: वर्तमान में सिलेंडर डिलीवरी की दक्षता 93% है। हालांकि, ऑनलाइन बुकिंग में मामूली कमी आई है और अब यह प्रतिदिन 45-46 लाख के स्तर पर है।
छोटे सिलेंडरों पर जोर: प्रवासी मजदूरों और छोटे परिवारों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाई गई है। इसके लिए देशभर में 7,400 जागरूकता कैंप लगाए गए।
PNG का विस्तार: अब तक 5.68 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। करीब 40 हजार लोगों ने एलपीजी छोड़कर पाइप वाली गैस (PNG) को अपनाया है।
सख्त निगरानी और छापेमारी
ईंधन की कालाबाजारी और अनियमितताओं को रोकने के लिए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है:
देशभर के पेट्रोल पंपों पर 2,200 से अधिक औचक निरीक्षण और छापेमारी की गई।
रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।
डेयरी और अन्य क्षेत्रों पर असर
पशुपालन एवं डेयरी विभाग की निदेशक पूजा रुस्तगी ने स्पष्ट किया कि डेयरी क्षेत्र में ईंधन, गैस या पैकेजिंग सामग्री की कोई कमी नहीं है। दूध का उत्पादन, परिवहन और वितरण सुचारू रूप से चल रहा है।
John Ternus कौन हैं, जिन्हें मिल सकती है Apple की कमान?
21 Apr, 2026 10:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिलिकॉन वैली: एपल ने आधिकारिक तौर पर अपने उत्तराधिकार की योजना का खुलासा कर दिया है। टिम कुक के लंबे और सफल कार्यकाल के बाद अब कंपनी के हार्डवेयर इंजीनियरिंग विभाग के दिग्गज जॉन टर्नस को भविष्य की कमान सौंपी गई है। टिम कुक पूरी तरह कंपनी से अलग नहीं होंगे, बल्कि वे बोर्ड चेयरमैन के रूप में एक नई भूमिका में नजर आ सकते हैं।
कौन हैं जॉन टर्नस? (प्रोफाइल और सफर)
50 वर्षीय जॉन टर्नस का एपल के साथ करीब 25 साल पुराना नाता है। पिछले तीन दशकों में वह कंपनी के पहले ऐसे सीईओ होंगे जिनका मूल बैकग्राउंड इंजीनियरिंग और हार्डवेयर से जुड़ा है।
शिक्षा: पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में स्नातक।
एपल में शुरुआत: उन्होंने 2001 में कंपनी जॉइन की थी। मैक (Mac) की स्क्रीन डिजाइन करने से शुरू हुआ उनका सफर उन्हें पूरे हार्डवेयर विभाग के शीर्ष तक ले गया।
टर्नस की कार्यशैली और बड़ी उपलब्धियां
जॉन टर्नस को कंपनी के भीतर एक 'संतुलित और दूरदर्शी' नेतृत्वकर्ता माना जाता है। उनकी कार्यशैली स्टीव जॉब्स के क्रांतिकारी अंदाज के बजाय टिम कुक के स्थिर और मुनाफे पर केंद्रित प्रबंधन से अधिक प्रेरित है।
तकनीकी बदलाव: इंटेल की चिप्स हटाकर एपल की स्वदेशी चिप्स (M-Series) का सफल ट्रांजिशन उन्हीं के नेतृत्व में हुआ।
रणनीतिक निर्णय: आईफोन के प्रीमियम 'प्रो' मॉडल्स में विशेष कैमरा तकनीक शामिल करने का सुझाव टर्नस का ही था, ताकि कंपनी का मुनाफा और ग्राहकों की वफादारी बनी रहे।
सहज स्वभाव: उन्हें एक 'सहयोगी नेता' माना जाता है जो अलग केबिन के बजाय ओपन ऑफिस में अपनी टीम के साथ बैठकर काम करना पसंद करते हैं।
भविष्य की राह: कांटों भरा ताज
नए सीईओ के रूप में टर्नस के सामने कुछ बड़ी वैश्विक चुनौतियां होंगी, जिनसे निपटना उनकी पहली परीक्षा होगी:
एआई की होड़: अन्य टेक कंपनियों के मुकाबले एपल फिलहाल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दौड़ में पीछे है। टर्नस को कंपनी को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाना होगा।
भू-राजनीतिक पेच: अमेरिका की नई टैरिफ नीतियां और विनिर्माण के लिए चीन पर निर्भरता को कम करना उनके कार्यकाल का सबसे कठिन हिस्सा हो सकता है।
साइबर ठगी का बड़ा खेल, 2500 करोड़ के घोटाले में बैंक अधिकारियों पर शिकंजा
21 Apr, 2026 09:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजकोट। गुजरात के राजकोट जिले में पुलिस ने एक विशाल साइबर धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसने भारतीय बैंकिंग प्रणाली की सुरक्षा और आंतरिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस 2,500 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले में शामिल होने के आरोप में तीन प्रमुख निजी बैंकों के अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक कुल गिरफ्तारियों की संख्या 20 हो गई है।
घोटाले का चौंकाने वाला विस्तार
राजकोट (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विजय गुर्जर ने बताया कि जांच के दौरान इस घोटाले की परतें खुलती जा रही हैं:
बढ़ी रकम: शुरुआती जांच में यह धोखाधड़ी 1,500 करोड़ रुपये की लग रही थी, लेकिन गहन पड़ताल के बाद कुल लेन-देन का आंकड़ा 2,500 करोड़ रुपये को पार कर गया है।
नेटवर्क: पुलिस ने अब तक 85 संदिग्ध बैंक खातों की पहचान की है।
शिकायतें: राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर इस घोटाले से संबंधित 535 शिकायतें पहले ही दर्ज की जा चुकी हैं।
गिरफ्तार बैंक अधिकारियों की भूमिका
पुलिस ने इस संगठित अपराध में शामिल तीन मुख्य अधिकारियों को पकड़ा है, जो बैंकिंग नियमों को दरकिनार कर धोखाधड़ी में मदद कर रहे थे:
मौलिक कमानी (पर्सनल मैनेजर, यस बैंक): संदिग्ध खाते खोलने और उन्हें सक्रिय रखने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा करने का आरोप। मोबाइल से मिले साक्ष्यों के अनुसार, ये नकद निकासी कर 'हवाला' के जरिए धन भेजने में भी शामिल थे।
कल्पेश डांगरिया (मैनेजर, एक्सिस बैंक): गलत पहचान का उपयोग कर फर्जी खाते खुलवाने का आरोप। इन्होंने बैंक सिस्टम को चकमा देने के लिए कृषि मंडी (APMC) से जुड़े दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ की थी।
अनुराग बलधा (पर्सनल बैंकर, एचडीएफसी बैंक): गिरोह के हिस्से के रूप में बैंक खातों के सत्यापन और प्रमाणन की प्रक्रिया को फर्जी तरीके से पूरा करने का आरोप।
भीतरघात का खुलासा
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, ये तीनों अधिकारी वर्तमान में पुलिस रिमांड पर हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह घोटाला वित्तीय संस्थानों के भीतर मौजूद 'इनसाइडर थ्रेट' (आंतरिक खतरे) का एक गंभीर उदाहरण है, जहाँ बैंक कर्मियों ने ही अपराधियों के साथ मिलकर सुरक्षा तंत्र को सेंध लगाई। फिलहाल पुलिस इस रैकेट के अन्य संपर्कों और लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
बाजार में तेजी की शुरुआत, सेंसेक्स में 400 अंकों की बढ़त, निफ्टी मजबूत
21 Apr, 2026 09:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। वैश्विक तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजारों के लिए मंगलवार की सुबह राहत भरी रही। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत की खबरों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने निवेशकों के उत्साह को बढ़ा दिया है।
बाजार के मुख्य आंकड़े: सेंसेक्स-निफ्टी की बढ़त
शुरुआती कारोबार में ही बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते दिखे:
सेंसेक्स: बीएसई (BSE) सेंसेक्स 445.82 अंक की मजबूती के साथ 78,966.12 के स्तर पर जा पहुँचा।
निफ्टी: एनएसई (NSE) निफ्टी 121.15 अंक चढ़कर 24,486 के पार निकल गया।
प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन
मुनाफे वाले शेयर: बैंकिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के शेयरों में तेजी रही। मुख्य रूप से अदाणी पोर्ट्स, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और एनटीपीसी के शेयरों में बढ़त देखी गई।
दबाव वाले शेयर: आईटी और सीमेंट सेक्टर में सुस्ती रही। टीसीएस, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर शुरुआती दौर में गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
रुपये और कच्चे तेल की स्थिति
बाजार में तेजी के बावजूद मुद्रा बाजार में रुपया 16 पैसे कमजोर होकर डॉलर के मुकाबले 93.32 के स्तर पर आ गया। इसका मुख्य कारण वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता को माना जा रहा है।
वहीं, कमोडिटी बाजार से अच्छी खबर आई। ब्रेंट क्रूड ऑयल 0.51% गिरकर 94.99 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। जानकारों का मानना है कि तेल का 100 डॉलर से नीचे रहना भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
विशेषज्ञों का विश्लेषण और वैश्विक रुझान
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स और एनरिच मनी के विशेषज्ञों के अनुसार:
न्यूज ड्रिवेन मार्केट: वर्तमान में बाजार पूरी तरह से खबरों पर आधारित है। शांति वार्ता की उम्मीद बाजार को ऊपर ले जा रही है, जबकि संघर्ष बढ़ने का डर दबाव बना सकता है।
एशियाई बाजारों का रुख: जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ खुले, जबकि चीनी बाजारों में कुछ कमजोरी देखी गई।
विदेशी निवेश: आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले सत्र में बिकवाली की थी, लेकिन घरेलू बाजार की बुनियादी मजबूती अब भी बनी हुई है।
कच्चे तेल की नरमी बनी अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत
21 Apr, 2026 07:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत का व्यापार घाटा: रिकॉर्ड गिरावट के बाद अब सुधार की उम्मीद
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी व्यापार के मोर्चे से एक अहम खबर है। बैंक ऑफ बड़ौदा की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का व्यापार घाटा 333.3 अरब डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और नए व्यापार समझौतों से आने वाले समय में बड़ी राहत मिलने की संभावना है।
1. व्यापार घाटे में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के मुख्य कारण
पिछले वित्त वर्ष में व्यापार घाटा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण बहुमूल्य धातुओं और वैश्विक अनिश्चितता को माना जा रहा है:
सोना और चांदी: सोने के आयात में 26% की वृद्धि हुई, जबकि चांदी के आयात में 151% का जबरदस्त उछाल देखा गया।
निर्यात की धीमी रफ्तार: वस्तुओं का निर्यात 441.7 अरब डॉलर रहा, जिसमें केवल 0.9% की मामूली बढ़त दर्ज की गई।
बढ़ता आयात बिल: कुल आयात 721 अरब डॉलर से बढ़कर 775 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
2. कच्चे तेल और वैश्विक तनाव का असर
पश्चिम एशिया के संघर्षों ने भारतीय बाजार पर गहरा असर डाला है:
होर्मुज जलमार्ग में बाधाओं के चलते तेल की कीमतों में 58% तक का उछाल देखा गया।
राहत की बात यह रही कि अप्रैल से फरवरी के बीच कीमतों में 1% की सालाना गिरावट आई, जिससे आयात बिल का कुल बोझ थोड़ा कम हुआ।
क्रूड के आयात में मात्रा के हिसाब से 6.5% की कमी दर्ज की गई है।
3. चीन और अमेरिका से बढ़ता आयात
भारत के आयात समीकरणों में भी बदलाव देखने को मिला है:
चीन: चीन से होने वाले आयात में पिछले साल के 11.5% के मुकाबले इस बार 16% की बढ़त हुई।
अमेरिका: अमेरिका से होने वाला आयात भी बढ़कर 15.9% के स्तर पर पहुंच गया।
4. भविष्य का अनुमान और सरकारी लक्ष्य
आर्थिक विशेषज्ञों और सरकार को उम्मीद है कि बुनियादी आधार मजबूत होने के कारण बाहरी क्षेत्रों के प्रदर्शन में सुधार होगा:
चालू खाता घाटा (CAD): सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए चालू खाता घाटे को जीडीपी के 1.5 से 2 फीसदी के दायरे में रखने का लक्ष्य रखा है।
सेवा क्षेत्र की मजबूती: सेवाओं के निर्यात ने कुल घाटे को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई है। वस्तुओं और सेवाओं को मिलाकर कुल घाटा 119.3 अरब डॉलर रहा।
Apple में बड़ा बदलाव, Tim Cook पद छोड़ेंगे, John Ternus बनेंगे नए CEO
21 Apr, 2026 06:17 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कैलिफोर्निया। तकनीकी दुनिया की दिग्गज कंपनी 'एप्पल' (Apple) के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। स्टीव जॉब्स के बाद लगभग 15 वर्षों तक कंपनी का सफल नेतृत्व करने वाले टिम कुक अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
नए नेतृत्व का उदय और कुक की भूमिका
नए CEO: कंपनी के वर्तमान हार्डवेयर इंजीनियरिंग प्रमुख, जॉन टर्नस, 1 सितंबर से एप्पल के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
टिम कुक का नया पद: 65 वर्षीय टिम कुक पूरी तरह सेवानिवृत्त नहीं होंगे। वह जेफ बेजोस की तर्ज पर कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष (Executive Chairman) के रूप में जुड़े रहेंगे।
कुक की उपलब्धि: उनके कार्यकाल में एप्पल का बाजार मूल्य आश्चर्यजनक रूप से बढ़कर 3.6 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुँच गया। भले ही उन्हें स्टीव जॉब्स जैसा नवोन्मेषी (Innovator) नहीं माना गया, लेकिन उन्होंने अपनी कुशलता से एप्पल को दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बना दिया।
भारत में संकट: एप्पल पर ₹3.56 लाख करोड़ के जुर्माने का खतरा
एक तरफ जहाँ कंपनी के नेतृत्व में बदलाव हो रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत में एप्पल बड़ी कानूनी मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने कंपनी के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है।
क्या है पूरा मामला?
आरोप: एप्पल पर आरोप है कि उसने ऐप स्टोर मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति का गलत लाभ उठाया और डेवलपर्स को अपने 'इन-ऐप पेमेंट सिस्टम' के इस्तेमाल के लिए मजबूर किया, जो बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को रोकता है।
जांच में देरी: नियामक (CCI) ने बताया कि एप्पल अक्टूबर 2024 से अपना वित्तीय डेटा साझा करने में आनाकानी कर रहा है। साथ ही कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट में भारत के एंटीट्रस्ट कानून को चुनौती भी दी है।
संभावित कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए CCI ने 21 मई को अंतिम सुनवाई की तारीख तय की है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो कंपनी पर उसके वैश्विक टर्नओवर के आधार पर 38 अरब डॉलर (लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
मिशन सुरक्षित वापसी: खाड़ी देशों से अब तक 2,423 भारतीय निकाले गए, दूतावासों में 24 घंटे हेल्पलाइन
20 Apr, 2026 04:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। सरकार के अनुसार, देश में गैस आपूर्ति और बंदरगाह संचालन सामान्य है, जबकि विदेश मंत्रालय फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षित वापसी के लिए लगातार सक्रिय है।
राजनयिक प्रयास और समुद्री सुरक्षा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि एनएसए अजीत डोभाल ने सऊदी अरब का दौरा कर क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की है। होर्मुज जलडमरूमध्य में भारतीय जहाजों पर हुई हालिया फायरिंग के बाद भारत ने ईरान के समक्ष गहरी चिंता जताई है। ईरानी राजदूत को तलब कर भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समुद्री मार्गों पर निर्बाध आवाजाही का मुद्दा उठाया गया है।
नागरिकों की वापसी और गैस आपूर्ति
अब तक ईरान, अजरबैजान, जॉर्डन और मिस्र से 2,423 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, घरेलू एलपीजी और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति 100 प्रतिशत सामान्य है। वहीं, शिपिंग मंत्रालय ने बताया कि पिछले 24 घंटों में 25 नाविकों सहित कुल 2,563 नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है।
चिप से लेकर शिप तक बढ़ेगा सहयोग: पीएम मोदी और राष्ट्रपति ली जे मायुंग के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता
20 Apr, 2026 03:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। भारत और दक्षिण कोरिया ने वैश्विक चुनौतियों के बीच अपने आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे मायुंग के बीच हुई वार्ता के बाद, दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (CEPA) को अपग्रेड करने के लिए आधिकारिक बातचीत शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित करना और व्यापारिक बाधाओं को कम करना है।
भविष्य की तकनीक और औद्योगिक विस्तार
इस साझेदारी का मुख्य ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर्स, उभरती तकनीकों और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर है। पीएम मोदी ने इसे 'चिप से लेकर शिप' तक का सहयोग बताते हुए कहा कि यह भविष्योन्मुखी साझेदारी दोनों देशों के उद्योगों को दीर्घकालिक लाभ पहुंचाएगी। साथ ही, दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता और शांति के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प दोहराया।
क्रूड ऑयल की कीमतों में लगी आग, क्या थम जाएगी शेयर बाजार की रफ्तार?
20 Apr, 2026 08:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के साथ हुई। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स 200 अंक गिरकर संभला और 236 अंकों की बढ़त के साथ 78,730 के स्तर पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 24,420 के पार निकल गया। हालांकि, एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के दबाव के कारण बाजार में अस्थिरता बनी रही।
प्रमुख कंपनियों का प्रदर्शन
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में ट्रेंट और एसबीआई टॉप गेनर्स रहे, जबकि आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स और अदानी पोर्ट्स में भी खरीदारी दिखी। दूसरी ओर, एचडीएफसी बैंक और इंफोसिस के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। आईसीआईसीआई बैंक के मुनाफे में 9.28% की वृद्धि (₹14,755 करोड़) की खबर से इसके शेयरों में 2% का उछाल आया।
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल का असर
होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा बंद होने की खबरों से कच्चे तेल (ब्रेंट क्रूड) की कीमतों में 5.57% का उछाल आया, जिससे यह 95.41 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव और 22 अप्रैल को युद्धविराम खत्म होने की संभावना से बाजार में निकट भविष्य में अस्थिरता बनी रह सकती है।
विदेशी निवेश और रुपया
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले कारोबारी सत्र में ₹683.20 करोड़ की खरीदारी की। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे मजबूत होकर 92.72 के स्तर पर पहुंच गया।
वैश्विक संकट के बीच पड़ोसी देशों में पेट्रोल महंगा, भारत में कंट्रोल
20 Apr, 2026 08:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी है। हालांकि, वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
ब्रेंट क्रूड में उछाल, पर भारत में राहत
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, ब्रेंट क्रूड $5.51 की बढ़त के साथ $95.89 प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसके बावजूद भारतीय तेल कंपनियों ने कीमतों में बदलाव नहीं किया है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹94.72 और डीजल ₹87.62 प्रति लीटर पर बरकरार है।
राज्यों के बीच बड़ा अंतर
देश में पेट्रोल की कीमतों में क्षेत्रीय स्तर पर काफी भिन्नता है। दिल्ली की तुलना में पश्चिम बंगाल में पेट्रोल करीब ₹10 महंगा है, जहाँ कोलकाता में भाव ₹104.95 तक हैं। वहीं, अंडमान-निकोबार के पोर्ट ब्लेयर में देश का सबसे सस्ता ईंधन मिल रहा है।
शहर पेट्रोल (₹/ली.) डीजल (₹/ली.)
पोर्ट ब्लेयर, 82.42, 78.01
ईटानगर, 90.87, 80.38
सिलवासा, 92.37, 81.32 (जम्मू)
पड़ोसी देशों का हाल
वैश्विक संकट का असर भारत के पड़ोसियों पर साफ दिख रहा है। पाकिस्तान में पेट्रोल ₹122.42, श्रीलंका में ₹134.38 और म्यांमार में ₹146.82 प्रति लीटर तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में कीमतों की स्थिरता के पीछे चुनावी माहौल और सरकार की जनहित प्राथमिकताएं मुख्य कारण हैं।
डिजिटल क्रांति और बुनियादी ढांचा: कॉन्क्लेव में भविष्य के भारत का खाका तैयार
20 Apr, 2026 08:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली के वेलकमहोटल बाय ITC, कापसहेड़ा में 18 अप्रैल, 2026 को स्कोब्सा (SCOBSA) कॉन्क्लेव 2026 का सफल आयोजन हुआ। इस सम्मेलन में भारत की नवाचार क्षमता, विशाल उपभोक्ता बाजार और डिजिटल बुनियादी ढांचे पर विस्तृत चर्चा की गई।
कॉन्क्लेव की मुख्य विशेषताएं
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में स्कोब्सा अध्यक्ष नीति माकर ने उद्योग जगत की हस्तियों का स्वागत किया। सम्मेलन में बदलाव के दौर में नेतृत्व, पूंजी बाजारों का उदय और युवा बिजनेस लीडर्स की भूमिका जैसे अहम विषयों पर प्रकाश डाला गया।
प्रमुख वक्ताओं के विचार
नेतृत्व और संस्था निर्माण: लाइटस्पीड इंडिया के विवेक गंभीर और द कन्वर्जेंस फाउंडेशन के आशीष धवन ने भविष्य की संस्थाओं के निर्माण पर जोर दिया।
सेक्टर ग्रोथ: लॉरियल इंडिया के असीम कौशिक ने मैन्युफैक्चरिंग और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए महत्वपूर्ण बताया।
वेलनेस और व्यवहार: इस्प्रवा रियल्टी की दर्शिनी थानावाला ने दैनिक जीवन में 'वेलनेस' और कैप्टन प्रवीण दहिया ने 'व्यावहारिक अंतर्दृष्टि' पर अपने विचार साझा किए।
शहीद सुखदेव कॉलेज की प्रिंसिपल प्रोफेसर पूनम वर्मा ने संस्थागत संबोधन दिया। अंत में, बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और वित्तीय अनिश्चितताओं के बीच स्कोब्सा नेटवर्क की मजबूती को सराहा गया।
बढ़ती महंगाई में जरूरी है स्मार्ट निवेश, नहीं तो घटेगी आपके पैसे की ताकत
20 Apr, 2026 07:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मयंक खंडूरी की उलझन और आपके द्वारा दी गई जानकारी को ध्यान में रखते हुए, मैंने इस खबर को अधिक संक्षिप्त, प्रभावी और पढ़ने में आसान बनाया है।
कैश को बेकार न छोड़ें: स्मार्ट तरीके से बढ़ाएं अपनी जमा-पूंजी
देहरादून के मयंक खंडूरी की तरह कई लोग मैच्योरिटी के बाद एफडी का पैसा बचत खाते (Savings Account) में पड़ा रहने देते हैं। बाजार का डर और गिरती ब्याज दरें अक्सर उन्हें निवेश से रोकती हैं, जिससे महंगाई उनकी बचत की वैल्यू कम कर देती है। अगर आप भी जोखिम और सुस्त रिटर्न के बीच फंसे हैं, तो ये 4 विकल्प आपके लिए बेहतरीन हैं:
1. लिक्विड फंड्स: बचत खाते का स्मार्ट विकल्प
अगर आपको अचानक पैसे की जरूरत पड़ती है, तो लिक्विड फंड्स बेस्ट हैं। इसमें रिस्क कम है और पैसा 24 घंटे में आपके खाते में आ जाता है। यह बचत खाते से लगभग 2-3% ज्यादा रिटर्न दे सकते हैं।
2. आर्बिट्राज फंड्स: टैक्स बचाने का 'ब्रह्मास्त्र'
जो लोग 30% टैक्स स्लैब में आते हैं, उनके लिए यह शानदार है। इसे इक्विटी की तरह ट्रीट किया जाता है, जिससे टैक्स कम लगता है। यह कैश और फ्यूचर मार्केट के अंतर से मुनाफा कमाते हैं।
3. स्वीप-इन डिपॉजिट: एफडी और सेविंग का हाइब्रिड
अपने बैंक खाते में 'स्वीप-इन' सुविधा शुरू करें। इसमें एक तय सीमा से ज्यादा की रकम खुद-ब-खुद एफडी बन जाती है। जरूरत पड़ने पर बैंक बिना पेनल्टी एफडी तोड़कर आपको पैसा दे देता है। यानी ब्याज एफडी का और सुविधा सेविंग अकाउंट की।
4. ट्रेजरी बिल: सरकारी सुरक्षा की गारंटी
आरबीआई के 'रिटेल डायरेक्ट पोर्टल' के जरिए आप सीधे भारत सरकार को पैसा उधार दे सकते हैं। 91 से 364 दिनों की अवधि वाले इन बिलों में निवेश पूरी तरह सुरक्षित है।
विकल्प ,जोखिम ,लिक्विडिटी ,अनुमानित रिटर्न ,टैक्स
सेविंग अकाउंट,बहुत कम,सबसे ज्यादा,3–4%,टैक्स स्लैब के अनुसार
स्वीप-इन एफडी,बहुत कम,बहुत अच्छी,6–7%,टैक्स स्लैब के अनुसार
लिक्विड फंड,कम,बहुत अच्छी,6.5–7.5%,टैक्स स्लैब के अनुसार
आर्बिट्राज फंड,कम,अच्छी,7–8%,इक्विटी टैक्स (कम)
ट्रेजरी बिल,शून्य,औसत,6.5–7%,टैक्स स्लैब के अनुसार
ईरान के फैसले का असर: सप्लाई की चिंता खत्म होते ही कच्चा तेल सस्ता, अब भारत पर टिकी सबकी नजर।
18 Apr, 2026 03:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली।अंतरराष्ट्रीय बाजार से कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी गिरावट की खबर आ रही है, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम अब भी पुराने स्तर पर ही टिके हुए हैं। शुक्रवार को वैश्विक बाजार में क्रूड की कीमतें 10 फीसदी तक लुढ़क गईं और भाव 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। इसके बावजूद, घरेलू तेल कंपनियों ने ईंधन की कीमतों में कटौती का कोई संकेत नहीं दिया है।
राजधानी और देश का हाल
देश की राजधानी दिल्ली में आज भी पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। वहीं, देश में सबसे किफायती ईंधन अब भी अंडमान की राजधानी पोर्टब्लेयर में मिल रहा है, जहाँ पेट्रोल के दाम 78.05 रुपये और डीजल 82.64 रुपये प्रति लीटर हैं।
क्यों आई कच्चे तेल में इतनी बड़ी गिरावट?
वैश्विक बाजार में आई इस मंदी के पीछे मुख्य कारण ईरान का एक सकारात्मक बयान है। ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' के रास्ते अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को फिर से सुचारू करने का आश्वासन दिया है। इससे दुनिया भर में तेल की आपूर्ति को लेकर बना डर खत्म हो गया और कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
बढ़ चुकी हैं कीमतें: प्रीमियम और निजी कंपनियों का रुख
एक ओर जहाँ सरकारी कंपनियां दाम स्थिर रखे हुए हैं, वहीं निजी कंपनियों जैसे शेल इंडिया और नायरा ने हाल के महीनों में कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही, इंडियन ऑयल का हाई-परफॉर्मेंस पेट्रोल XP100 भी अब 160 रुपये प्रति लीटर के ऊंचे स्तर पर पहुँच गया है। मध्यम वर्ग अब भी इस उम्मीद में है कि वैश्विक गिरावट का लाभ उन्हें पेट्रोल पंपों पर कब मिलेगा।
प्रमुख शहरों में ईंधन की वर्तमान स्थिति (₹/लीटर)
मुंबई: पेट्रोल 104.21 और डीजल 92.15
हैदराबाद: पेट्रोल 107.46 और डीजल 95.70
जयपुर: पेट्रोल 104.72 और डीजल 90.21
चेन्नई: पेट्रोल 100.75 और डीजल 92.34
कोलकाता: पेट्रोल 103.94 और डीजल 90.76
लखनऊ: पेट्रोल 94.69 और डीजल 87.80
बेंगलुरु: पेट्रोल 94.49 और डीजल 89.02
चंडीगढ़: पेट्रोल 94.30 और डीजल 82.45
इंदौर: पेट्रोल 106.48 और डीजल 91.88
पटना: पेट्रोल (पुराना दर) और डीजल 93.80
₹1,00,000 करोड़ का प्रोजेक्ट: मुंबई के गोरेगांव में 10 साल में तैयार होगी 'अदाणी सिटी'।
18 Apr, 2026 03:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई | गौतम अदाणी के नेतृत्व वाली अदाणी प्रॉपर्टीज ने मुंबई के गोरेगांव (वेस्ट) में स्थित 143 एकड़ के 'मोतीलाल नगर' को नया रूप देने की कमान संभाल ली है। इस महत्वाकांक्षी पुनर्विकास परियोजना (Redevelopment) के लिए कंपनी ने ₹1,00,000 करोड़ ($10 बिलियन से अधिक) के निवेश का भारी-भरकम बजट तय किया है। धारावी के बाद यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी आवासीय कायाकल्प योजना मानी जा रही है।
दशकों पुराना इंतजार होगा खत्म
महाराष्ट्र आवास एवं क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MHADA) के मार्गदर्शन में चलने वाला यह प्रोजेक्ट मोतीलाल नगर 1, 2 और 3 के निवासियों के लिए खुशहाली लेकर आएगा। 1960 के दशक में बसा यह इलाका पिछले 20 सालों से नवीनीकरण की राह देख रहा था। अगले 10 वर्षों के भीतर, इस पूरे क्षेत्र को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्मार्ट टाउनशिप में तब्दील कर दिया जाएगा।
निर्माण का मेगा स्ट्रक्चर
इस योजना के तहत कुल 28.8 लाख वर्ग मीटर निर्माण क्षेत्रफल (FSI) का उपयोग होगा। इसका विभाजन कुछ इस प्रकार है:
अदाणी प्रॉपर्टीज का हिस्सा: करीब 18.9 लाख वर्ग मीटर (बिक्री के लिए)।
पुनर्वास (Rehab) और MHADA का कोटा: शेष 10 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र निवासियों और सरकारी हिस्सेदारी के लिए सुरक्षित।
निवासियों के लिए 'लग्जरी' तोहफा
इस रिडेवलपमेंट की सबसे खास बात घर का क्षेत्रफल है। मुंबई के औसत प्रोजेक्ट्स के उलट, यहाँ रहने वाले 3,702 परिवारों को लगभग 1,600 वर्ग फीट के बड़े फ्लैट मिलेंगे। इसके अलावा, 1,600 स्लम निवासियों को 300 वर्ग फीट से ज्यादा के पक्के मकान और 328 दुकानदारों को करीब 987 वर्ग फीट का व्यवसायिक स्थान दिया जाएगा।
हाईटेक और इको-फ्रेंडली सुविधाएं:
टाउनशिप को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से डिजाइन किया जा रहा है। इसमें:
पर्यावरण: 15 एकड़ में हरियाली और विशाल पार्क।
इंफ्रास्ट्रक्चर: स्कूल, सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मॉडर्न मार्केट और मल्टी-लेवल पार्किंग।
टेक्नोलॉजी: सोलर पावर प्लांट, हाई-टेक फायर सेफ्टी, और जलभराव रोकने के लिए एडवांस्ड ड्रेनेज सिस्टम।
FII का बदला मन: लगातार बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों ने फिर लगाया भारत पर दांव
18 Apr, 2026 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली | अंतरराष्ट्रीय मंच पर तनाव कम होने की आहट और कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए 'संजीवनी' का काम किया। अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत शुरू होने की संभावनाओं ने निवेशकों के डर को कम किया, जिससे दलाल स्ट्रीट पर लिवाली का माहौल बना रहा। भारतीय मुद्रा में आई मजबूती ने भी बाजार की इस बढ़त को सहारा दिया।
मिडकैप और सेक्टोरल चमक
बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, यह सप्ताह पूरी तरह खरीदारों के नाम रहा। जहाँ आईटी कंपनियों के शेयरों में दबाव देखा गया, वहीं धातु , एफएमसीजी (FMCG) और ऊर्जा क्षेत्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3% तक की मजबूती दिखाई। बड़े सूचकांकों के मुकाबले मंझली और छोटी कंपनियों (मिडकैप व स्मॉलकैप) के शेयरों में अधिक चमक रही, जिनमें करीब 1.5% का उछाल दर्ज किया गया।
जानकारों का नजरिया
बाजार के जानकारों का कहना है कि यह रिकवरी भले ही क्रमिक है, लेकिन काफी ठोस है। विशेषज्ञ पोनमुडी आर के अनुसार, बाजार में अब भारी उतार-चढ़ाव की जगह स्थिरता दिख रही है। निवेशकों ने हर गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में इस्तेमाल किया है, जो इस बात का प्रमाण है कि बाजार का 'मूड' सकारात्मक हो रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ अभी भी एक बड़े और निर्णायक उछाल की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
निवेश का प्रवाह: विदेशी निवेशकों की घर वापसी
बाजार के लिए सबसे सुखद संकेत विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) का बदला हुआ रुख रहा। पिछले कई सत्रों से पैसा निकाल रहे विदेशी निवेशकों ने हफ्ते के आखिरी दिनों में शुद्ध खरीदारी की। दूसरी तरफ, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने इस बढ़त का लाभ उठाते हुए भारी मुनाफावसूली की और लगभग 6,300 करोड़ रुपये की निकासी की। कुल मिलाकर, बाजार वर्तमान में "वेट एंड वॉच" की स्थिति में है, जहाँ वैश्विक सुधारों ने तेजी की नई उम्मीदें जगा दी हैं।
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