व्यापार
रूसी तेल से दूरी बना रहा भारत: अमेरिका से नजदीकी के बीच वेनेजुएला से बातचीत, गोर बोले- व्यापार समझौता जल्द
20 Feb, 2026 02:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां भारत अब रूसी कच्चे तेल की अपनी खरीद को कम करने की दिशा में बढ़ रहा है। भारत में अमेरिका के नवनियुक्त राजदूत सर्जियो गोर के अनुसार, नई दिल्ली अपने तेल विकल्पों में 'विविधता' ला रही है और वेनेज़ुएला से तेल खरीदने के लिए बातचीत जारी है। यह रणनीतिक कदम अमेरिका और भारत के बीच घोषित उस व्यापार समझौते के बाद सामने आया है, जिसमें भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद कम करने का दावा किया गया था।
रूसी तेल पर अमेरिकी रुख और भारत की रणनीति
'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि भारत अपने ऊर्जा विकल्पों में विविधता लाने पर काम कर रहा है और वेनेज़ुएला से तेल खरीद के लिए बातचीत चल रही है। गोर ने साफ किया है कि तेल को लेकर एक सहमति बनी है और अमेरिका नहीं चाहता कि कोई भी देश रूस से तेल खरीदे, यह केवल भारत की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस मुद्दे पर बहुत स्पष्ट हैं; वह युद्ध की समाप्ति चाहते हैं और शांति की उम्मीद में उन सभी गतिविधियों को खत्म होते देखना चाहते हैं जो इस संघर्ष से जुड़ी हैं।
ट्रंप का दावा और भारत का कूटनीतिक रुख
इस व्यापार समझौते की घोषणा 2 फरवरी, 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा की गई थी। ट्रम्प ने अपने 'ट्रुथ सोशल' पोस्ट और व्हाइट हाउस के एक बयान में यह दावा किया था कि भारत रूसी तेल की खरीद को कम करने और उसे पूरी तरह से समाप्त करने पर सहमत हो गया है। हालांकि, भारत की तरफ से ऐसा कोई सीधा बयान नहीं दिया गया है, लेकिन नई दिल्ली ने यह जरूर स्पष्ट किया है कि वह वेनेज़ुएला से तेल सहित अन्य आयात बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करेगी।
व्यापार समझौते से टैरिफ में भारी कटौती
ऊर्जा के मोर्चे पर इस बदलाव के साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते भी एक नए मुकाम पर पहुंच रहे हैं। ट्रम्प प्रशासन के अधिकारी सर्जियो गोर ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि भारत और अमेरिका के बीच इस व्यापार समझौते पर जल्द ही मुहर लगने की उम्मीद है। यह एक "ऐतिहासिक" समझौता है, जिसके जरिए अमेरिका ने नई दिल्ली पर लगाए जाने वाले टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। देखा जाए तो अमेरिका और भारत के बीच यह व्यापार समझौता केवल व्यापारिक छूट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा कूटनीति का एक बेहद अहम हिस्सा है। भारत द्वारा रूसी तेल के बजाय वेनेज़ुएला जैसे नए ऊर्जा विकल्पों की तलाश करना बदलते वैश्विक व्यापारिक समीकरणों और अमेरिका की भू-राजनीतिक प्राथमिकताओं के साथ तालमेल बिठाने का साफ संकेत है।
Google: टेन्सर चिप डेटा चोरी मामले में बड़ा खुलासा, आरोप में कंपनी की पूर्व इंजीनियर समेत तीन पर केस दर्ज
20 Feb, 2026 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिका में गूगल के इन-हाउस टेन्सर प्रोसेसर से जुड़े कथित ट्रेड सीक्रेट चोरी मामले में एक पूर्व गूगल इंजीनियर, उसके पति और बहन पर गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, 41 वर्षीय समानेह घंदाली, जो ईरानी नागरिक हैं, सिलिकॉन वैली में गूगल में हार्डवेयर इंजीनियर के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उनकी 32 वर्षीय बहन सोरूर घंदाली भी कंपनी में इंटर्न रह चुकी थीं। बाद में दोनों ने एक अन्य टेक कंपनी जॉइन कर ली थी। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, यह मामला गूगल के गोपनीय हार्डवेयर डेटा से जुड़ा है, जो कंपनी के पिक्सेल स्मार्टफोन्स में इस्तेमाल होने वाले इन-हाउस टेन्सर प्रोसेसर से संबंधित है। आरोप है कि तकनीकी क्षेत्र में काम करने या नौकरी की तलाश के दौरान संवेदनशील और गोपनीय जानकारी को अवैध रूप से हासिल किया गया।
दोषी पाए जाने पर हो सकती है 20 साल की सजा
यह केस कैलिफोर्निया के नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट स्थित अमेरिकी जिला अदालत में दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों पर साजिश, ट्रेड सीक्रेट चोरी और सबूत नष्ट करने सहित कुल 14 संगीन आपराधिक धाराओं में आरोप तय किए गए हैं। तीनों को 19 फरवरी को गिरफ्तार किया गया और सैन जोस की संघीय अदालत में पेश किया गया। दोषी पाए जाने पर उन्हें अधिकतम 20 साल तक की सजा हो सकती है। गूगल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि घटना का पता चलते ही कंपनी ने तुरंत कदम उठाए और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सूचित किया। कंपनी के प्रवक्ता के अनुसार, गोपनीय सूचनाओं की सुरक्षा के लिए सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया गया है।
पिछले महीने भी आया था एक ऐसा ही मामला
गौरतलब है कि पिछले महीने भी गूगल के पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर लिनवेई डिंग, जिन्हें लियोन डिंग के नाम से भी जाना जाता है, को आर्थिक जासूसी और ट्रेड सीक्रेट चोरी के मामले में दोषी ठहराया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से जुड़े गूगल के हजारों पन्नों के गोपनीय दस्तावेज चुराकर चीन के हित में इस्तेमाल किए। यह फैसला नॉर्दर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज विंस छाब्रिया की अदालत में 11 दिन की सुनवाई के बाद आया था।
PMI: फरवरी में तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा भारत का पीएमआई, फैक्ट्री उत्पादन में बढ़ोतरी रही मुख्य वजह
20 Feb, 2026 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत का पीएमआई फरवरी में तीन महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंचा है। एसएंडपी की रिपोर्ट में साझा किए गए डेटा के अनुसार, एचएसबीसी फ्लैश इंडिया पीएमआई डेटा फरवरी में बढ़कर तीन महीनों के उच्चतम स्तर 59.3 पर पहुंच गया है, जो कि जनवरी में 58.4 था। डेटा में बताया गया कि पीएमआई में तेज बढ़ोतरी की वजह फैक्ट्री उत्पादन में बढ़ोतरी होना है। हालांकि, सर्विसेज गतिविधियों की वृद्धि जनवरी के मुताबिक ही समान रही है।एचएसबीसी में भारत के लिए मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, 'उत्पादन में मजबूत वृद्धि और नए घरेलू ऑर्डरों के समर्थन से फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री मजबूत हुई है।' समग्र स्तर पर, फरवरी में हुई वृद्धि पिछले सितंबर के बाद सबसे मजबूत रही। भंडारी ने आगे कहा, 'बढ़ती महंगाई के बावजूद, मैन्युफैक्चरर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स दोनों ही भविष्य को लेकर आशावादी थे।'भारत में निजी क्षेत्र की कंपनियों ने फरवरी के दौरान कुल नए ऑर्डर और अंतरराष्ट्रीय बिक्री में हुई तीव्र वृद्धि का स्वागत किया, जिससे उन्हें अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिला। इसके अलावा, व्यवसायों में विकास की संभावनाओं को लेकर आशावाद बढ़ा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन सुधारों के साथ-साथ महंगाई का दबाव भी बढ़ा, जिससे इनपुट लागत और विक्रय शुल्क दोनों में तेजी से वृद्धि हुई।रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि उत्पादन के रुझान के समान, कुल नए ऑर्डर में पिछले नवंबर के बाद से सबसे तेज गति से वृद्धि हुई है। सर्वेक्षण में भाग लेने वालों ने वृद्धि का श्रेय मांग में मजबूती, स्थानीय पर्यटन, विपणन प्रयासों और ग्राहकों की बढ़ती पूछताछ को दिया। वस्तुओं के उत्पादकों ने सेवा कंपनियों की तुलना में कुल बिक्री में अधिक मजबूत वृद्धि दर्ज की, और यह वृद्धि पिछले चार महीनों में सबसे तेज थी। वहीं, सेवा कंपनियों की वृद्धि 13 महीनों के निचले स्तर पर आ गई थी।गुणात्मक आंकड़ों से पता चला कि प्रतिस्पर्धी दबाव और अन्य जगहों पर सस्ती सेवाओं की उपलब्धता ने इस तेजी को धीमा कर दिया। आंकड़ों से पता चला, 'सेवा अर्थव्यवस्था ने निर्यात के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन किया, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर में अगस्त 2025 के बाद से सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई।' अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती के अलावा, माल उत्पादकों ने खरीद की मात्रा भी बढ़ाई। फरवरी में इनपुट खरीद में वृद्धि चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। आंकड़ों से अनुसार, आपूर्तिकर्ता समय पर सामग्री की आपूर्ति करने में सक्षम थे, और विक्रेताओं के बेहतर प्रदर्शन का सिलसिला दो साल से जारी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे कंपनियों को कच्चे माल और अर्ध-तैयार वस्तुओं का स्टॉक बढ़ाने में मदद मिली।
गाजा पुनर्निर्माण: विश्व बैंक ने किया विशेष फंड का एलान, अजय बंगा ने बताई भूमिका, जानिए सबकुछ
20 Feb, 2026 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
युद्ध प्रभावित गाजा के पुनर्निर्माण को गति देने के लिए विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा ने एक समर्पित गाजा रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट फंड की घोषणा की है। यह फंड अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मिलने वाले धन को सुव्यवस्थित तरीके से प्रबंधित करेगा और पुनर्निर्माण परियोजनाओं में उसके प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करेगा।
बोर्ड ऑफ पीस का फंड विश्व बैंक के भीतर स्थापित हो चुका है
वाशिंगटन में आयोजित बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक को संबोधित करते हुए बंगा ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव पारित होते ही विश्व बैंक ने फंड की स्थापना की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया कि यह फंड अब विश्व बैंक के भीतर स्थापित हो चुका है और दानदाताओं से मिलने वाली राशि प्राप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
विश्व बैंक की क्या होगी भूमिका?
बंगा ने स्पष्ट किया कि इस व्यवस्था में विश्व बैंक लिमिटेड ट्रस्टी की भूमिका निभाएगा, जबकि फंड का संचालन नवगठित बोर्ड ऑफ पीस के निर्देशों के तहत किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूरी प्रणाली का आधार पारदर्शिता और जवाबदेही होगी, ताकि सहयोग देने वाले देशों को यह स्पष्ट जानकारी मिल सके कि उनका धन किस परियोजना और किस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जा रहा है। इसके लिए वित्तीय, कानूनी और निगरानी से जुड़े कड़े मानक लागू किए जाएंगे। साथ ही जवाबदेही को और मजबूत करने के लिए विश्व बैंक ने एक वित्तीय नियंत्रक को प्रतिनियुक्ति पर बोर्ड ऑफ पीस के साथ जोड़ा है।
विश्व बैंक की तीन प्रमुख प्राथमिकताएं
विश्व बैंक समूह की व्यापक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बंगा ने तीन प्रमुख प्राथमिकताओं का उल्लेख किया।पहला, सार्वजनिक वित्त का अधिकतम उपयोग, जिसमें विश्व बैंक की उच्च क्रेडिट रेटिंग के माध्यम से निजी बांड के जरिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने की संभावना शामिल है।दूसरा, निजी निवेश को जोखिम से मुक्त बनाना, जिसके तहत गारंटी और वित्तीय उपकरणों के जरिए निजी पूंजी को आकर्षित किया जाएगा।तीसरा, विश्व बैंक की जमीनी विशेषज्ञता और अनुभव, जिसका उपयोग गाजा के पुनर्निर्माण कार्यों में किया जाएगा। विश्व केवल दूर से निगरानी करने वाली संस्था नहीं रहेगा उन्होंने कहा कि विश्व बैंक केवल दूर से निगरानी करने वाली संस्था नहीं रहेगा, बल्कि पुनर्निर्माण प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएगा, ताकि गाजा और पूरे क्षेत्र के लोगों को बेहतर जीवन और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।बैठक में प्रस्तुत पुनर्निर्माण योजना में आवास, बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं के बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण का खाका शामिल है।इसके अलावा गाजा में नई फिलिस्तीनी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।कई देशों ने अरबों डॉलर की सहायता देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 10 अरब डॉलर तक की सहायता का वादा शामिल है।विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व बैंक की भागीदारी से गाजा के युद्धोत्तर पुनर्निर्माण को एक संगठित, पारदर्शी और संस्थागत वित्तीय ढांचा मिला है, जिसे हाल के वर्षों की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पहलों में से एक माना जा रहा है।
क्या पाकिस्तान पर मेहरबान बना रहेगा आईएमएफ? आर्थिक हालातों से तय होगी अगली किस्त
20 Feb, 2026 10:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की एक स्टाफ टीम 25 फरवरी से पाकिस्तान का दौरा करेगी, जहां वह विस्तारित कोष सुविधा (ईएफएफ) के तहत चल रहे आर्थिक सुधार कार्यक्रम की तीसरी समीक्षा करेगी। इसके साथ ही रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (आरएसएफ) के तहत दूसरी समीक्षा पर भी चर्चा की जाएगी।
आईएमएफ पाकिस्तान के साथ करेगी आर्थिक स्थिरता पर चर्चा
आईएमएफ की संचार निदेशक जूली कोजैक ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए कहा कि यह दौरा नीति मानकों और सुधार प्रतिबद्धताओं के आकलन के लिहाज से अहम होगा। उन्होंने बताया कि टीम पाकिस्तान के साथ आर्थिक स्थिरता से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत बातचीत करेगी।कोजैक के अनुसार, ईएफएफ कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान द्वारा किए गए नीतिगत प्रयासों से अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और निवेशकों का भरोसा बहाल करने में मदद मिली है।वित्त वर्ष 2025 में देश का प्राथमिक राजकोषीय अधिशेष जीडीपी का 1.3 प्रतिशत रहा, जो कार्यक्रम के तय लक्ष्यों के अनुरूप है और इसे मजबूत राजकोषीय प्रदर्शन का संकेत माना जा रहा है।मुख्य महंगाई दर अपेक्षाकृत नियंत्रित रही है, जबकि वित्त वर्ष 2025 में पाकिस्तान ने 14 वर्षों में पहली बार चालू खाते में अधिशेष दर्ज किया है, जो बाहरी संतुलन में सुधार की दिशा में सकारात्मक संकेत है।
आईएमएफ ने सुशासन सुधारों को लेकर क्या कहा?
आईएमएफ ने सुशासन सुधारों पर भी जोर दिया है। हाल ही में जारी गवर्नेंस और भ्रष्टाचार आकलन रिपोर्ट में कर नीति को सरल बनाने, सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में समान अवसर सुनिश्चित करने और संपत्ति घोषणाओं में पारदर्शिता बढ़ाने जैसे प्रमुख सुधारों का सुझाव दिया गया है।दौरे के दौरान आईएमएफ टीम राजकोषीय समेकन, महंगाई नियंत्रण, बाहरी स्थिरता और संरचनात्मक सुधारों की प्रगति का समग्र मूल्यांकन करेगी। समीक्षा के आधार पर ही आगे की किस्त जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा।
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पिछले कुछ वर्षों से बेहाल
गौरतलब है कि पाकिस्तान पिछले कुछ वर्षों से भुगतान संतुलन के दबाव, ऊंची महंगाई और आर्थिक अस्थिरता से जूझता रहा है। ऐसे में व्यापक आर्थिक स्थिरता बहाल करने के लिए वह लगातार आईएमएफ समर्थित कार्यक्रमों पर निर्भर रहा है। विस्तारित कोष सुविधा (ईएफएफ) के तहत दीर्घकालिक वित्तीय सहायता दी जाती है, जो व्यापक संरचनात्मक सुधारों और नीतिगत अनुशासन से जुड़ी होती है।
Biz Updates: तीसरी तिमाही में बैंकों की कमाई बढ़ी; रिपोर्ट का दावा- इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर
20 Feb, 2026 10:18 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तीसरी तिमाही में बैंकों की लाभप्रदता में सुधार देखने को मिला है। सिस्टेमैटिक्स ग्रुप की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में वृद्धि, कम स्लिपेज, बेहतर रिकवरी और फीस आय में सुधार के कारण हुई है। इससे बैंकिंग सेक्टर में स्थिरता बनी हुई दिखाई देती है।रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकों की कमाई में बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण कोर इनकम की मजबूत ग्रोथ और एसेट क्वालिटी में सुधार रहा। कम स्लिपेज और बेहतर रिकवरी से बैंकों की बैलेंस शीट पर दबाव कम हुआ, जबकि फीस से होने वाली आय ने भी कुल कमाई को सहारा दिया।रिपोर्ट के अनुसार, मार्जिन में तिमाही आधार पर सुधार हुआ है, हालांकि आगे यह सीमित दायरे में स्थिर रहने की उम्मीद है। आगे चलकर बैंकों की लाभप्रदता स्वस्थ बनी रहने का अनुमान है। इसकी वजह कर्ज (एडवांसेज) में बेहतर वृद्धि, जमा दरों के पुनर्मूल्यांकन (डिपॉजिट रिप्राइसिंग) से ब्याज खर्च में कमी और कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) की कम आवश्यकताओं से मिलने वाला लाभ बताया गया है।वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कमजोर प्रदर्शन से इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर दबाव देश के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का आउटलुक फिलहाल सतर्क बना हुआ है। नुवामा रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में कमजोर प्रदर्शन के कारण सेक्टर की ग्रोथ में गिरावट दर्ज की गई।रिपोर्ट में बताया गया कि इस तिमाही में कई चुनौतियों की वजह से कमजोरी जारी रही। इनमें घटते हुए एक्जीक्यूटेबल ऑर्डर बुक, पेमेंट से जुड़ी दिक्कतें, लंबा मानसून और निर्माण पर लगे प्रतिबंध शामिल हैं, जिससे प्रोजेक्ट के कामकाज और राजस्व वृद्धि पर असर पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, इन कारणों से तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर लगभग 4 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि वित्त वर्ष 2027 के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिक आवंटन का वादा किया गया है, फिर भी पूरे सेक्टर को लेकर सतर्क रुख बनाए रखा गया है। आंकड़ों के अनुसार, तीसरी तिमाही वित्त वर्ष 2026 में शीर्ष 14 सूचीबद्ध इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों की कुल आय (टॉप लाइन) में सालाना आधार पर 4 प्रतिशत की कमी आई। वहीं लाभप्रदता भी घटी है। औसत EBITDA मार्जिन और समायोजित शुद्ध लाभ (PAT) मार्जिन करीब 40 बेसिस पॉइंट गिरकर क्रमशः 10.1 प्रतिशत और 5.2 प्रतिशत रह गए।
Pax-Silica: भारत आज पैक्स सिलिका में शामिल होगा, एआई-सप्लाई चेन सुरक्षा से जुड़ा है ट्रंप प्रशासन का ये प्रयास
20 Feb, 2026 09:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारत आज औपचारिक रूप से अमेरिका की अगुवाई वाली पहल 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने जा रहा है। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह घोषणा दिल्ली में चल रहे ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान की गई है।
क्या है पैक्स सिलिका?
यह अमेरिकी विदेश विभाग की प्रमुख पहल है। इसका मकसद एआई तकनीक को सुरक्षित तरीके से विकसित करना, महत्वपूर्ण सामान और संसाधनों की सप्लाई चेन को भरोसेमंद बनाना और सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना है। इस पहल की घोषणा में कहा गया है कि मजबूत सप्लाई चेन आर्थिक सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। एआई भविष्य की समृद्धि और विकास की सबसे बड़ी ताकत बनेगा।
घोषणा पर किन देशों ने किया हस्ताक्षर?
इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इस्राइल, कतर और ग्रीस शामिल हैं। जबकि कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान जैसे देश इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।
अमेरिका-भारत सहयोग भी बढ़ेगा
अमेरिका के आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग 20-21 फरवरी तक भारत दौरे पर हैं। वे एआई सम्मेलन में भाग लेंगे, भारत-अमेरिका टेक्नोलॉजी साझेदारी मजबूत करेंगे और एआई एक्सपोर्ट प्रोग्राम का नया चरण शुरू करेंगे।
हाल ही में खनिज सप्लाई पर भी सहयोग
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में अमेरिका में हुए महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, जरूरी खनिजों की सप्लाई कुछ देशों में ज्यादा केंद्रित है- यह दुनिया के लिए जोखिम है। देशों को मिलकर सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना होगा।
Gold-Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी; जानें सर्राफा बाजार में आज का अपडेट
20 Feb, 2026 09:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी जारी की गई है। चांदी 1560 रुपये की बढ़त के साथ 2.44 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई। सोने का भाव बढ़कर 1.55 लाख प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।वैश्विक संकेतों और जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच सोने-चांदी की कीमतों में इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशकों के साथ-साथ शादी-ब्याह के लिए गहने खरीदने वाले लोग भी दुविधा में हैं। हाजिर बाजार में दोनों की कीमतों में हालिया दिनों में करीब 7% तक की बढ़त दर्ज की गई है।
एमसीक्स पर सोने-चांदी का भाव
राजधानी के सर्राफा बाजार में सोना 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है, जबकि चांदी 2.6 लाख रुपये प्रति किलो के भाव पर कारोबार कर रही है। दूसरी ओर, कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोना लगभग 1,54,700 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,41,400 रुपये प्रति किलो के आसपास बनी हुई है।विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की तुलना में चांदी में कहीं अधिक तेज उतार-चढ़ाव दर्ज किया जा रहा है। MCX पर चांदी की कीमतें एक समय ऐतिहासिक उछाल के साथ 4,20,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थीं, लेकिन उसके बाद इसमें भारी गिरावट आई और फिलहाल यह 2.41 लाख रुपये के करीब ट्रेड कर रही है। इंडस्ट्री की मांग, ग्लोबल मार्केट में बदलाव और निवेशक सेंटीमेंट को इस अस्थिरता का प्रमुख कारण माना जा रहा है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि दीर्घकालिक निवेशक इस गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में दिखी मजबूती
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी में मजबूती देखी गई। कॉमेक्स ट्रेड में सोना शुरुआती गिरावट के बाद 4,996 डॉलर प्रति औंस से संभलकर 5,018.20 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो 24 घंटों में करीब 0.43% की बढ़त दर्शाता है। वहीं, स्पॉट सिल्वर 0.67% की तेजी के साथ 78.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-ईरान वार्ता में ठोस प्रगति न होने से सेफ-हेवन खरीदारी बढ़ी है, जिससे कीमती धातुओं को समर्थन मिला। इसके अलावा, 19 फरवरी को प्रकाशित ऑगमोंट बुलियन की रिपोर्ट में कहा गया कि लूनर न्यू ईयर अवकाश के दौरान एशियाई बाजारों में कम लिक्विडिटी के कारण गोल्ड मार्केट कंसोलिडेशन फेज में रहा और कीमतों की चाल पर टेक्निकल फैक्टर्स का असर ज्यादा देखने को मिला।
लाल निशान पर खुला घरेलू शेयर बाजार; US डॉलर के मुकाबले रुपया 27 पैसे हुआ कमजोर
20 Feb, 2026 09:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय बाजार शुक्रवार को लाल निशान पर खुला। शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती नुकसान से उबरते हुए बैंकिंग और पूंजीगत वस्तुओं के शेयरों में खरीदारी के चलते बढ़त दर्ज की। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 27 पैसे गिरकर 90.95 पर आ गया।शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 291.93 अंक या 0.35 प्रतिशत गिरकर 82,206.21 पर आ गया। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 74.6 अंक या 0.29 प्रतिशत गिरकर 25,379.75 पर पहुंच गया। हालांकि, दोनों बेंचमार्क सूचकांक जल्द ही शुरुआती गिरावट से उबर गए और सकारात्मक दायरे में कारोबार करने लगे। बीएसई बेंचमार्क 161.43 अंक बढ़कर 82,659.57 पर और निफ्टी 65.55 अंक बढ़कर 25,519.90 पर कारोबार कर रहा था।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल शेयरों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन, एक्सिस बैंक, टाटा स्टील, पावरग्रिड, सन फार्मास्यूटिकल्स, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक लाभ कमाने वाले शेयर रहे। टेक महिंद्रा, इंफोसिस, इटरनल, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स और ट्रेंट पिछड़ गए।जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "कई संकटों के बीच, भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और तीसरी तिमाही के आंकड़ों में परिलक्षित कॉर्पोरेट आय में सुधार बाजार के लिए सकारात्मक संकेत हैं।"उन्होंने आगे कहा कि निवेशक पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर नजर रख सकते हैं और जो लोग संभावित समझौते को लेकर आशावादी हैं, वे "बाजार में मौजूदा कमजोरी का फायदा उठाकर बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, होटल, प्रमुख पूंजीगत सामान और दूरसंचार क्षेत्रों में उचित मूल्य वाले उच्च गुणवत्ता वाले शेयरों को खरीद सकते हैं"।
एशियाई बाजारों में दिखी गिरावट
एशियाई बाजारों में व्यापक रुझान देखने को मिला, जापान का निक्केई 225 बेंचमार्क 1.25 प्रतिशत गिर गया, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.67 प्रतिशत नीचे आया। हालांकि, दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 2 प्रतिशत बढ़ा। चीन की मुख्य भूमि में शेयर बाजार चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण बंद रहे।गुरुवार को रात भर के कारोबार में अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 71.90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.33 प्रतिशत बढ़कर 71.90 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को 880.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक भी 596.28 करोड़ रुपये के शेयरों के शुद्ध विक्रेता रहे।गुरुवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1,236.11 अंक गिरकर 82,498.14 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 365 अंक गिरकर 25,454.35 पर बंद हुआ।
पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी: क्या आज फुल टैंक करवाना होगा महंगा? जानें आपके शहर का ताजा रेट
20 Feb, 2026 07:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: 20 फरवरी, 2026 तक, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं और पिछले दिन से कोई बदलाव नहीं हुआ है. यह ग्लोबल क्रूड ऑयल ट्रेंड, स्थिर एक्सचेंज रेट और लगातार घरेलू नीतियों के असर को दिखाता है. बड़े मेट्रोपॉलिटन शहरों में, नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर, मुंबई में ₹103.50 प्रति लीटर, कोलकाता में ₹105.41 प्रति लीटर और चेन्नई में ₹100.90 प्रति लीटर है. इसी तरह डीजल की कीमतें दिल्ली में ₹87.67 प्रति लीटर, मुंबई में ₹90.03 प्रति लीटर, कोलकाता में ₹92.02 प्रति लीटर और चेन्नई में ₹92.48 प्रति लीटर हैं
इन रेट्स में सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन, VAT (जो हर राज्य में अलग-अलग होता है) और दूसरे लोकल टैक्स शामिल होते हैं, जिससे इलाके में काफी अंतर होता है, अक्सर मेट्रो और छोटे शहरों या ज्यादा टैक्स वाले राज्यों जैसे दक्षिणी या पूर्वी इलाकों के बीच ₹10-15 प्रति लीटर का अंतर होता है. 2017 में शुरू किए गए डायनामिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत रोज सुबह 6 बजे कीमतें बदली जाती हैं.
क्या हैं आपके शहर के पेट्रोल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹94.77
0
कोलकाता
₹105.41
0
मुंबई
₹103.50
-0.04
चेन्नई
₹100.90
0
गुड़गांव
₹95.51
-0.14
नोएडा
₹94.90
0
बेंगलुरु
₹102.55
-0.41
भुवनेश्वर
₹101.19
0.21
चंडीगढ़
₹94.30
0
हैदराबाद
₹107.50
0
जयपुर
₹104.72
0
लखनऊ
₹94.69
-0.04
पटना
₹105.23
-0.31
तिरुवनंतपुरम
₹107.48
0
क्या हैं आपके शहर के डीजल के रेट:
शहर
कीमत
बदलाव
नई दिल्ली
₹87.67
0
कोलकाता
₹92.02
0
मुंबई
₹90.03
0
चेन्नई
₹92.48
0
गुड़गांव
₹87.98
-0.12
नोएडा
₹88.01
0
बेंगलुरु
₹90.65
-0.34
भुवनेश्वर
₹92.77
0.21
चंडीगढ़
₹82.45
0
हैदराबाद
₹95.70
0
जयपुर
₹90.21
0
लखनऊ
₹87.81
-0.05
पटना
₹91.49
-0.29
तिरुवनंतपुरम
₹96.48
0
सोना-चांदी फिर हुए बेकाबू: गहने बनवाने से पहले देख लें आज के नए रेट, वरना जेब पर पड़ेगा भारी बोझ
20 Feb, 2026 07:41 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: 20 फरवरी, 2026 तक, ग्लोबल संकेतों, मजबूत US डॉलर और लगातार सेफ-हेवन डिमांड के बीच, भारत में सोने और चांदी की कीमतों में मामूली बढ़त के साथ स्थिरता दिख रही है. 24 कैरेट सोने का रेट लगभग ₹1,56,500 प्रति 10 ग्राम है. चांदी ₹2,70,100 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही है, जो हाल के उतार-चढ़ाव के बाद थोड़ी रिकवरी दिखाती है.
इन रेट्स में इंटरनेशनल स्पॉट कीमतें, रुपया-डॉलर एक्सचेंज लगभग ₹91, इंपोर्ट ड्यूटी, और इन्वेस्टर्स और शादी के मौसम में खरीदारों की घरेलू मांग शामिल हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बढ़ी हुई कीमतें जियोपॉलिटिकल टेंशन, सेंट्रल बैंक की खरीदारी और महंगाई हेजिंग की वजह से हैं. ज्वेलरी शॉपर्स गिरावट की उम्मीद में खरीदारी में देरी कर सकते हैं, लेकिन वोलैटिलिटी बनी रहती है- ग्लोबल इवेंट्स के आधार पर कीमतें रोज बदल सकती हैं. फेस्टिव मार्केट में अफोर्डेबिलिटी पर असर डालने वाले हाई लेवल के बावजूद कीमती मेटल्स पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन के लिए आकर्षक बने हुए हैं.
आज क्या है आपके शहर में सोने का रेट:
शहर
24 कैरेट का रेट
22 कैरेट का रेट
18 कैरेट का रेट
चेन्नई
₹15,819
₹14,501
₹12,401
मुंबई
₹15,650
₹14,346
₹11,738
दिल्ली
₹15,665
₹14,361
₹11,753
कोलकाता
₹15,650
₹14,346
₹11,738
बैंगलोर
₹15,650
₹14,346
₹11,738
हैदराबाद
₹15,650
₹14,346
₹11,738
केरल
₹15,650
₹14,346
₹11,738
पुणे
₹15,650
₹14,346
₹11,738
वडोदरा
₹15,655
₹14,351
₹11,743
अहमदाबाद
₹15,655
₹14,351
₹11,743
जयपुर
₹15,665
₹14,361
₹11,753
लखनऊ
₹15,665
₹14,361
₹11,753
कोयंबटूर
₹15,819
₹14,501
₹12,401
मदुरै
₹15,819
₹14,501
₹12,401
विजयवाड़ा
₹15,650
₹14,346
₹11,738
पटना
₹15,655
₹14,351
₹11,743
नागपुर
₹15,650
₹14,346
₹11,738
चंडीगढ़
₹15,665
₹14,361
₹11,753
सूरत
₹15,655
₹14,351
₹11,743
भुवनेश्वर
₹15,650
₹14,346
₹11,738
आज क्या है आपके शहर में सिल्वर का रेट:
शहर
10 ग्राम
100 ग्राम
1 किलो
चेन्नई
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
मुंबई
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
दिल्ली
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
कोलकाता
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
बैंगलोर
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
हैदराबाद
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
केरल
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
पुणे
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
वडोदरा
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
अहमदाबाद
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
जयपुर
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
लखनऊ
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
कोयंबटूर
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
मदुरै
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
विजयवाड़ा
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
पटना
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
नागपुर
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
चंडीगढ़
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
सूरत
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
भुवनेश्वर
₹2,701
₹27,010
₹2,70,100
AI Summit: जीत अदाणी बोले- एआई आने वाले समय में संप्रभुता की परिभाषा बदल देगा, 100 अरब डॉलर निवेश की योजना
19 Feb, 2026 05:12 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस के निदेशक जीत अदाणी ने इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में कहा कि एआई आने वाले समय में संप्रभुता की परिभाषा बदल देगा। भारत के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह एआई को सिर्फ अपनाएगा या खुद विकसित कर वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करेगा।
देश को क्या करना होगा तय?
उन्होंने कहा कि देश को यह तय करना होगा कि वह इंटेलिजेंस आयात करेगा या खुद उसका निर्माण करेगा, किसी और की प्रणाली से जुड़ेगा या अपनी प्रणाली विकसित करेगा। उनके अनुसार, भारत का उदय प्रभुत्व के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक संतुलन और समावेशी तकनीकी ढांचे के निर्माण के लिए है।
संप्रभुता आधुनिक राष्ट्रवाद की बुनियादी नींव हैं
जीत अदाणी ने जोर देकर कहा कि समावेशन बिना क्षमता के कमजोरी है और क्षमता बिना संप्रभुता के विदेशी निर्भरता बन जाती है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा संप्रभुता, कंप्यूट और क्लाउड संप्रभुता व सेवाओं की संप्रभुता आधुनिक राष्ट्रवाद की बुनियादी नींव हैं और एआई को पहले भारतीय नागरिकों के लिए शक्ति बढ़ाने वाला साधन बनना चाहिए, न कि केवल मुनाफा बढ़ाने का माध्यम।
अदाणी समूह करेगा 100 अरब डॉलर का निवेश
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अदाणी समूह देश के लिए संप्रभु और हरित ऊर्जा आधारित एआई इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म बनाने के लिए 100 अरब डॉलर का निवेश करेगा। उनके अनुसार, यह केवल डेटा सेंटर विस्तार नहीं, बल्कि 5 गीगावाट क्षमता वाले और लगभग 250 अरब डॉलर के एकीकृत ऊर्जा व कंप्यूट इकोसिस्टम की दिशा में बड़ा कदम होगा, जो भारत की 'इंटेलिजेंस रिवोल्यूशन' को मजबूती देगा।
The Bonus Market Update: बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ शेयर बाजार; सेंसेक्स 1236 अंक टूटा, निफ्टी 25500 के नीचे
19 Feb, 2026 03:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन यानी गुरुवार को भारतीय बाजार लाल निशान पर बंद हुआ। बेंचमार्क इक्विटी सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1236.11 अंक या 1.48 प्रतिशत गिरकर 82,498.14 पर बंद हुआ। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 365.00 अंक या 1.41 प्रतिशत गिरकर 25,454.35 पर बंद हुआ।
बाजार में गिरावट के कारण
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा, "ऐसा लगता है कि निकट भविष्य में व्यापक स्तर पर बिकवाली होगी क्योंकि बाजार ने महीने की शुरुआत से अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है, जिससे मुनाफावसूली शुरू हो गई है। एशियाई बाजारों में चंद्र नव वर्ष की छुट्टियों के कारण विदेशी निवेश निवेशकों (एफआईआई) की भागीदारी कम रहने की संभावना भी इसमें अहम भूमिका निभा रही है।" इसके अतिरिक्त, गुरुवार को बैंकिंग अवकाश होने के कारण लेनदेन बंद रहता है। उन्होंने आगे कहा कि हालांकि ये कारक आमतौर पर बाजार की दिशा को प्रभावित नहीं करते हैं, लेकिन ये ट्रेडिंग की कार्यप्रणाली, तरलता और मात्रा को प्रभावित कर सकते हैं। नायर ने कहा, "कच्चे तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता अमेरिका-ईरान समझौते में देरी और होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड का मूल्य 70 अमेरिकी डॉलर से ऊपर पहुंच जाने से - भारतीय शेयर बाजार पर दबाव पड़ रहा है।"
Bangladesh: बकाया भुगतान विवाद पर स्पाइसजेट के लिए बांग्लादेश का एयरस्पेस बंद, लंबा रूट लेने को मजबूर उड़ानें
19 Feb, 2026 01:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बांग्लादेश ने कथित बकाया भुगतान न चुकाने के कारण बजट एयरलाइन स्पाइसजेट को अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग से रोक दिया है। सूत्रों के मुताबिक, एयरस्पेस उपलब्ध न होने के चलते कोलकाता से गुवाहाटी और इम्फाल जाने वाली कुछ उड़ानों को अब लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है। हालांकि, स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा कि एयरलाइन संबंधित प्राधिकरणों के साथ नेविगेशन शुल्क समेत संचालन और प्रक्रियागत मुद्दों पर नियमित संवाद में है। उन्होंने इसे उद्योग से जुड़े सामान्य मुद्दे बताते हुए कहा कि जल्द समाधान की दिशा में रचनात्मक तरीके से काम किया जा रहा है और निर्धारित उड़ान सेवाएं नियमों के अनुसार जारी हैं।
बकाया की प्रकृति और राशि के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं
सूत्रों का कहना है कि बकाया राशि के भुगतान न होने के कारण यह कदम उठाया गया है, हालांकि बकाया की प्रकृति और राशि के बारे में तत्काल स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। वहीं, फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार स्पाइसजेट की कुछ उड़ानें बांग्लादेशी एयरस्पेस से बचते हुए वैकल्पिक और लंबा मार्ग अपना रही हैं।
स्पाइसजेट के शेयर में आई गिरावट
इस बीच, बीएसई में दोपहर के कारोबार के दौरान स्पाइसजेट के शेयर में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने हाल ही में दिसंबर 2025 तिमाही में 269.27 करोड़ रुपये का घाटा भी दर्ज किया था, जिसका कारण बढ़ती लागत और एकमुश्त खर्च बताए गए।
ED: अनिल अंबानी को 26 फरवरी को पूछताछ के लिए बुलाया, धन शोधन के मामले में होगी पूछताछ
19 Feb, 2026 12:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को नया समन जारी किया है। इस हफ्ते बयान देने के लिए नहीं आने की वजह से उन्हें 26 फरवरी को फिर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनकी पत्नी टीना अंबानी ने भी दो बार सुनवाई टाली है। टीना अंबानी को 10 फरवरी और 17 फरवरी को ईडी के सामने पेश होना था। ईडी ने बताया कि दोनों को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अलग-अलग बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। अनिल अंबानी एक बार अगस्त 2025 में ईडी के सामने पेश हुए थे। माना जा रहा है कि टीना अंबानी को न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में एक लग्जरी अपार्टमेंट खरीदने से जुड़े मनी ट्रेल के बारे में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ईडी ने हाल ही में इस मामले में रिलायंस कम्युनिकेशन के पूर्व अध्यक्ष पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। ईडी ने पहले एक बयान में दावा किया था कि न्यूयॉर्क की प्रॉपर्टी को 2023 में रिलायंस कम्युनिकेशन के कॉर्पोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया के दौरान गर्ग ने धोखे से बेचा था।माना जाता है कि रिलायंस कम्युनिकेशन ने 2025 में स्टॉक एक्सचेंज को इस धोखेबाज बिक्री के बारे में बताया था। ईडी ने पहले दावा किया था बिक्री से 8.3 मिलियन डालर (लगभग 69.55 करोड़) की रकम अमेरिका से एक नकली निवेश व्यवस्था की आड़ में भेजी गई थी, जिसे दुबई की एक कंपनी के साथ पाकिस्तान से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा कंट्रोल किया जाता था, और इसके बारे में रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल को पता या मंज़ूरी नहीं दी गई थी।एजेंसी ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप के खिलाफ कथित बैंक धोखाधड़ी और उससे जुड़ी वित्तीय गड़बड़ियों के कई मामलों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल बनाई है। जांच के तहत इसने 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है और रिलायंस ग्रुप की कंपनियों के खिलाफ एनफोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट्स नाम की तीन शिकायतें दर्ज की हैं।
ट्विशा मौत मामला: दिल्ली AIIMS टीम ने किया दोबारा पोस्टमॉर्टम, भोपाल में अंतिम विदाई
