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The Bonus Market Update: हरे निशान पर खुला भारतीय शेयर बाजार; सेंसेक्स 255 अंक चढ़ा, निफ्टी 25500 के पार
26 Feb, 2026 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को हरे निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 254.75 अंक या 0.31 प्रतिशत बढ़कर 82,530.82 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 63.15 अंक या 0.25% बढ़कर 25,545.65 अंक पर आ गया।
सावधान! गुरुवार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में दिखी हलचल, जानें आपके शहर में आज क्या हैं रेट्स।
26 Feb, 2026 08:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: 26 फरवरी पेट्रोल-डीजल रेट जारी कर दिए गए हैं। हर दिन की तरह आज भी सुबह 6 बजे तेल कंपनियों ने नई कीमतें अपडेट कीं। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर बिक रहा है। अगर आप आज टंकी फुल कराने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांच लें।
भारत में ईंधन की कीमतें केंद्रीय स्तर पर तय की जाती हैं। कीमतें तय करते समय अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल रेट, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और टैक्स जैसे कई आर्थिक कारकों को ध्यान में रखा जाता है। इसके बाद जारी दरों का पालन सभी डीजल रिटेलर्स और उपभोक्ताओं को करना होता है। यही वजह है कि कभी कीमतों में तेजी आती है तो कभी राहत मिलती है।
प्रमुख शहरों की बात करें तो कोलकाता में पेट्रोल ₹105.45, मुंबई में ₹103.54 और चेन्नई में ₹100.80 प्रति लीटर है। वहीं हैदराबाद में पेट्रोल ₹107.50 और जयपुर में ₹104.62 प्रति लीटर दर्ज किया गया। नोएडा में मामूली बढ़त के साथ पेट्रोल ₹95.05 पर पहुंच गया है।
डीजल के दाम भी शहरों के अनुसार अलग हैं। मुंबई में ₹90.03, कोलकाता में ₹92.02 और चेन्नई में ₹92.39 प्रति लीटर है। हैदराबाद में डीजल ₹95.70 और तिरुवनंतपुरम में ₹96.18 प्रति लीटर बिक रहा है।
सोने-चांदी की कीमतों में बड़ा उलटफेर! गुरुवार को बाजार खुलते ही बदल गए रेट, देखें आपके शहर का हाल।
26 Feb, 2026 08:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: 26 फरवरी गोल्ड रेट में आज फिर तेजी देखने को मिली है। गुरुवार को 24 कैरेट सोना 10 ग्राम के लिए ₹1,61,900 पर पहुंच गया है। वहीं चांदी की कीमत ₹2,84,900 प्रति किलो दर्ज की गई है। बढ़ती कीमतों का असर निवेशकों के साथ-साथ शादी-ब्याह की तैयारी कर रहे खरीदारों पर भी साफ दिख रहा है। कई लोग फिलहाल खरीदारी टालने का मन बना रहे हैं, उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कुछ राहत मिल सकती है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की बढ़ती मांग और रुपये में कमजोरी के कारण घरेलू बाजार में दाम ऊंचे बने हुए हैं। ऐसे में अगर आप गहने खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो बाजार भाव पर नजर रखना बेहद जरूरी है। कीमतों में उतार-चढ़ाव कभी भी हो सकता है।
प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का रेट अलग-अलग है। चेन्नई, कोयंबटूर और मदुरै में यह ₹16,289 प्रति ग्राम है। मुंबई, कोलकाता, बैंगलोर, हैदराबाद और पुणे में ₹16,190 प्रति ग्राम दर्ज किया गया। दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में ₹16,205 प्रति ग्राम भाव रहा।
चांदी की बात करें तो मुंबई, दिल्ली और कोलकाता में 1 किलो का रेट ₹2,84,900 है, जबकि चेन्नई, हैदराबाद और केरल में ₹2,95,100 प्रति किलो तक पहुंच गया है।
UK E-Visa: ब्रिटेन में डिजिटल यात्रा प्रणाली लागू भारतीयों के लिए ई-वीजा अनिवार्य; बायोमेट्रिक पंजीकरण जरूरी
26 Feb, 2026 08:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ब्रिटेन ने बुधवार से डिजिटल यात्रा प्रणाली लागू कर दी है। इसके तहत भारतीय यात्रियों के लिए अनिवार्य ई-वीजा और बिना वीजा वाले आगंतुकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ईटीए) आवश्यक रूप से शामिल है। यह नई प्रक्रिया पिछले कुछ वर्षों में चरणबद्ध ढंग से लागू किए गए कार्यक्रम के तहत कागज आधारित वीजा स्टिकर की जगह लेगी। हालांकि नई प्रणाली में बायोमेट्रिक पंजीकरण के लिए आवेदन केंद्र पर जाना अनिवार्य होगा, लेकिन इससे प्रक्रिया अवधि में पासपोर्ट दस्तावेज छोड़ने की जरूरत खत्म हो जाएगी। ब्रिटेन के प्रवासन-नागरिकता मंत्री माइक टैप ने कहा, मैं सभी यात्रियों से आग्रह करूंगा कि वे सुनिश्चित करें कि वे यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उनके पास सही अनुमति है।
ईटीए की लागत प्रतिस्पर्धी
ब्रिटेन में ईटीए (आने-जाने का टिकट) की लागत प्रतिस्पर्धी है और अन्य देशों के अनुरूप है। इनमें अमेरिका का ईएसटीए (40 डॉलर) और ईयू का ईटीआईएएस ( 20 यूरो) होने की उम्मीद है।
कई सेवाएं नई प्रणाली में स्थानांतरित
ब्रिटिश सीमा-आव्रजन प्रणाली को पूर्ण डिजिटल योजनाओं के तहत, बायोमेट्रिक निवास परमिट (बीआरपी), वीजा विग्नेट स्टिकर या स्याही की मुहर वाले पासपोर्ट को नई प्रणाली में स्थानांतरित कर दिया गया है। बायोमेट्रिक निवास कार्ड (बीआरसी) का उपयोग आव्रजन अधिकार प्रमाण के रूप में करने वाले सभी लोगों को भी पूरी तरह से ऑनलाइन यूकेवीआई प्रणाली में स्थानांतरित कर दिया गया है।
अमेरिका, ईयू के लिए भी ईटीए अनिवार्य
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने कहा कि ई अब तक 1 करोड़ से अधिक ई-वीजा जारी किए जा चुके हैं। उसने कहा, यूरोपीय संघ (ईयू) निपटान योजना का दर्जा प्राप्त लोगों सहित सभी ई-वीजा धारकों को यूकेवीआई खाता नवीनतम पासपोर्ट विवरण के साथ अपडेट रखना होगा। अमेरिका, कनाडा, फ्रांस जैसे बिना वीजा जरूरत वाले देश के लोगों सहित 85 देशों को भी अब ईटीए रखना अनिवार्य होगा।
कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए भी ईटीए को किया जरूरी
ब्रिटेन की यात्रा करने वाले उन यात्रियों के लिए भी ईटीए अनिवार्य है जिन्हें कनेक्टिंग फ्लाइट लेनी होती है और पासपोर्ट नियंत्रण से गुजरना होता है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अक्तूबर 2023 में ईटीए शुरू होने के बाद से, 1.9 करोड़ से अधिक यात्रियों ने सफलतापूर्वक आवेदन किया है और ब्रिटेन की सीमा और आव्रजन प्रणाली में पुनर्निवेश के लिए 38.3 करोड़ पाउंड से अधिक का राजस्व जुटाया गया है।
आकस्मिक यात्राएं संभव बनी रहेंगी
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय ने कहा, ईटीए योजना का कार्यान्वयन आव्रजन प्रणाली के डिजिटलीकरण की दिशा में अहम कदम है और भविष्य में ब्रिटेन की सीमा को संपर्क रहित बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है। यह योजना सीमा को सुरक्षित रखने में भी मदद करती है।
मैकेंजी रिपोर्ट: 2030 तक हर साल 45 फीसदी की दर से बढ़ेगा क्विक कॉमर्स, पांच साल में 40 अरब डॉलर का उद्योग
26 Feb, 2026 07:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कम समय में डिलीवरी और बेहतर सेवाओं के दम पर देश में क्विक कॉमर्स क्षेत्र तेज रफ्तार से विस्तार कर रहा है। खासकर शहरी इलाकों में। मैकेंजी एंड कंपनी की रिपोर्ट के मुताबिक, विस्तार की रफ्तार इतनी तेज है कि क्विक कॉमर्स क्षेत्र पांच वर्षों में सालाना 45 फीसदी की चक्रवृद्धि दर से बढ़कर 2030 तक 35-40 अरब डॉलर तक पहुंच जाएगा। वर्तमान में यह क्षेत्र 5-6 अरब डॉलर का है। रिपोर्ट में कहा गया है कि क्विक कॉमर्स भारत के डिजिटल कॉमर्स क्षेत्र में सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बन रहा है। इसकी वृद्धि को उन शहरी उपभोक्ताओं से बढ़ावा मिल रहा है, जो तेजी से डिलीवरी और बेहतर सुविधाओं को महत्व दे रहे हैं। दरअसल, क्विक कॉमर्स क्षेत्र की वृद्धि को ज्यादा उत्पाद रेंज, तेज रफ्तार डिलीवरी सेवा एग्रीमेंट और जस्ट-इन-टाइम फुलफिलमेंट यानी मांग आधारित उत्पाद मॉडल अपनाने से भी समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, मेट्रो और अन्य बड़े शहरों में इंटरनेट की मजबूत पहुंच और उपभोक्ताओं के व्यवहार में बदलाव भी क्विक कॉमर्स क्षेत्र को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
शुरुआती उपभोक्ताओं को मिलते हैं कई लाभ
रिपोर्ट में बताया गया है कि क्विक कॉमर्स में शुरुआती उपभोक्ताओं को ऑप्टिमाइज्ड स्टोर नेटवर्क, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों से जुड़े डाटा तक आसान पहुंच और अनुशासित परिचालन मॉडल से लाभ मिलता है। इसके अलावा, क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ग्रोसरी डिलीवरी से आगे बढ़कर उत्पाद श्रेणी की एक बड़ी रेंज में फैल रहे हैं, जिससे डिजिटल कॉमर्स क्षेत्र में उनकी भूमिका और मजबूत हो रही है।
तीन चैनलों से चलता है डिजिटल कॉमर्स तंत्र
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का डिजिटल कॉमर्स तंत्र अभी तीन मुख्य चैनल से चलता है...पारंपरिक ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस, क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म और डायरेक्ट-टु-कंज्यूमर (डी2सी)। ये तीनों प्लेटफॉर्म मिलकर देश के ऑनलाइन कॉमर्स क्षेत्र की नींव बनाते हैं, जो अपनी सेवाओं के जरिये विक्रेताओं को उपभोक्ताओं तक पहुंचने के कई तरीके मुहैया कराते हैं। पारंपरिक ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस स्केल और प्रोडक्ट डिस्कवरी देते हैं। क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म तेज डिलीवरी एवं सुविधा पर फोकस करते हैं। डायरेक्ट-टु-कंज्यूमर चैनल ब्रांड्स को विजिबिलिटी, कीमत और वितरण पर ज्यादा नियंत्रण रखने में मदद करते हैं, जिससे वे अपने ग्रोथ स्टेज के आधार पर टूल्स और सेवाएं अपना सकते हैं। मैकेंजी ने कहा, क्विक कॉमर्स क्षेत्र जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, भारत की ओवरऑल ई-कॉमर्स ग्रोथ स्टोरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह तकनीकी आधुनिकीकरण, उपभोक्ता मांग और बढ़ते डिजिटल बुनियादी ढांचे से आगे बढ़ेगा।
स्मार्टफोन निर्यात 30 अरब डॉलर के पार: दुनिया का विनिर्माण केंद्र बनता भारत, 2025 में 30 करोड़ फोन का उत्पादन
26 Feb, 2026 07:02 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
देश में 2025 में हुए कुल निर्यात में स्मार्टफोन का दबदबा रहा। इस अवधि में स्वदेशी निर्मित 30 अरब डॉलर मूल्य से अधिक का स्मार्टफोन निर्यात किया गया। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह जानकारी साझा करते हुए कहा, भारत अब दुनिया का स्मार्टफोन विनिर्माण केंद्र बनता जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी-दिसंबर, 2025 के दौरान देश का स्मार्टफोन निर्यात 30 अरब डॉलर पहुंच गया। वहीं, वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान करीब 60 अरब डॉलर (5.5 लाख करोड़ रुपये) के स्मार्टफोन का उत्पादन हुआ, जबकि निर्यात 22 अरब डॉलर (करीब दो लाख करोड़ रुपये) रहा। देश से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र का कुल निर्यात 2025 के दौरान 44 अरब डॉलर (चार लाख करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया। इस साल चार सेमीकंडक्टर संयंत्रों में उत्पादन शुरू करने के बाद इसके निर्यात में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। बाजार शोध संस्था काउंटरपॉइंट रिसर्च के सह-संस्थापक एवं शोध उपाध्यक्ष नील शाह ने कहा, एपल ने चीन पर अमेरिकी टैरिफ लगने के बाद भारत में विनिर्माण बढ़ाकर देश को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दी है। भारत में 2025 में 30 करोड़ स्मार्टफोन का उत्पादन होने का अनुमान है और हर चार में से एक स्मार्टफोन का निर्यात किया गया। उच्च औसत विक्रय मूल्य (एएसपी) वाले अमेरिकी बाजार में एपल, सैमसंग और मोटोरोला की मजबूत मांग ने निर्यात मूल्य को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया।
एपल ने रिकॉर्ड 50 लाख आईफोन की आपूर्ति की
इंटरनेशनल डाटा कॉरपोरेशन (आईडीसी) के वर्ल्डवाइड क्वार्टरली मोबाइल फोन ट्रैकर रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की तीसरी तिमाही में एपल ने घरेलू बाजार में 50 लाख आईफोन की आपूर्ति की, जो किसी भी तिमाही का उच्चतम स्तर है। रिपोर्ट के मुताबिक, एपल प्रीमियम (53,000-71,000 रुपये की कीमत वाले स्मार्टफोन) और सुपर-प्रीमियम सेगमेंट (71,000 रुपये से अधिक कीमत वाले) दोनों में सबसे आगे है। इसने सितंबर तिमाही के दौरान भारत के स्मार्टफोन मार्केट की वृद्धि की रफ्तार बढ़ाई।
Gold-Silver Price: चांदी की कीमतों में 6600 रुपये का उछाल, सोना 1.61 लाख रुपये पर पहुंचा, जानें आज का अपडेट
25 Feb, 2026 09:36 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Sone Chandi ka Aaj ka Rate: सोने-चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली। चांदी की कीमत 6600 रुपये बढ़कर 2.67 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई। वहीं सोने का भाव 690 रुपये बढ़कर 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। एमसीक्स पर चांदी की कीमत 3764 रुपये गिरकर 2.61 लाख रुपये पर आ गई। वहीं सोना 1590 रुपये की गिरावट के साथ 1.60 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना-चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड करीब 0.48% बढ़कर 5,202 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर लगभग 0.96% चढ़कर 88.25 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले दोनों कीमती धातुओं ने मंगलवार को अपनी चार दिन की तेजी का सिलसिला तोड़ते हुए करीब 1.6% तक की गिरावट दर्ज की थी।
क्या है विशेषज्ञों की राय?
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम होने से कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बोस्टन फेड की अध्यक्ष सुसान कॉलिन्स ने संकेत दिया है कि मजबूत श्रम बाजार के चलते फेड कुछ समय तक ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। जनवरी की फेड बैठक के मिनट्स में भी यह सामने आया कि अधिकारी दरों में कटौती को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर सोना-चांदी जैसे गैर-ब्याज देने वाले सुरक्षित निवेश साधनों पर दबाव डालती हैं। इसके अलावा अमेरिका के टैरिफ को लेकर अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग को मजबूत बनाए रखा है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में व्यापार समझौतों से पीछे हटने वाले देशों को ऊंचे शुल्क की चेतावनी भी दी है, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। इसी बीच, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपातकालीन टैरिफ को खारिज किए जाने के बाद लॉजिस्टिक्स कंपनी फेडएक्स ने रिफंड की मांग को लेकर मुकदमा भी दायर किया है। हालांकि बाद में अमेरिका ने कुछ वस्तुओं पर नया 10% टैरिफ लागू कर दिया, जिससे वैश्विक व्यापार और कमोडिटी बाजार पर दबाव बना हुआ है।
The Bonus Market Update: हरे निशान पर खुला घरेलू शेयर बाजार; सेंसेक्स 470 अंक चढ़ा, निफ्टी 25500 के पार
25 Feb, 2026 09:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय शेयर बाजार बुधवार को हरे निशान पर खुला। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 469.19 अंक या 0.57% गिरकर 82,695.11 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 130.80 अंक या 0.51% गिरकर 25,555.45 अंक पर आ गया।
जापान का बेंचमार्क 1.3% बढ़कर 58,081.62 पर पहुंच गया। यह चीन द्वारा पिछले दिन 40 जापानी कंपनियों और संगठनों को निर्यात प्रतिबंधित करने के कदम के बावजूद हुआ, जिनके बारे में उसका कहना है कि वे जापान के "पुन: सैन्यीकरण" में योगदान दे रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 1.1% बढ़कर 9,122.50 पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.7% बढ़कर 6,069.36 पर पहुंच गया। हांगकांग का हैंग सेंग 0.3% बढ़कर 26,668.83 पर पहुंच गया, जबकि शंघाई कंपोजिट 0.7% बढ़कर 4,147.68 पर पहुंच गया।
ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण पर बाजार की नजर
निवेशक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं, जो एशिया के लिए दिन के समय प्रसारित किया जा रहा है। ट्रम्प को उम्मीद है कि वे तेजी से सतर्क हो रहे अमेरिकियों को आश्वस्त कर पाएंगे कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और उनकी नीतियां घरेलू रोजगार बाजार और विनिर्माण क्षेत्र को समर्थन देती हैं। वॉल स्ट्रीट पर, एसएंडपी 500 मंगलवार को 0.8% चढ़ा और पिछले दिन की भारी गिरावट का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा रिकवर कर लिया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 370 अंक या 0.8% की वृद्धि हुई और नैस्डैक कंपोजिट में 1% का लाभ हुआ।
US Solar Panel Tariffs: सौर ऊर्जा क्षेत्र में 126 फीसदी टैरिफ वसूलेगा अमेरिका; ट्रंप के फैसले से किसे झटका?
25 Feb, 2026 08:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारत से आयात होने वाले सोलर मॉड्यूल पर प्रारंभिक तौर पर 126% तक का भारी शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है। विभाग का कहना है कि जांच में यह पाया गया कि भारत ने सोलर मैन्युफैक्चरिंग को ऐसे सब्सिडी समर्थन दिए, जिससे वहां के निर्यातकों को अमेरिकी घरेलू उत्पादकों की तुलना में सस्ते दाम पर उत्पाद बेचने का लाभ मिला।
इंडोनेशिया और लाओस पर भी तय किए गए प्रारंभिक शुल्क
इसी जांच के तहत इंडोनेशिया पर 86% से 143% और लाओस पर करीब 81% तक के प्रारंभिक शुल्क भी तय किए गए हैं। अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि विदेशी सब्सिडी के कारण इन देशों के सोलर उत्पाद अमेरिकी बाजार में अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा कर रहे थे।
डेवलपर्स और उपभोक्ताओं दोनों को होगा नुकसान
हालांकि इन शुल्कों का उद्देश्य घरेलू सोलर उद्योग को बढ़ावा देना बताया जा रहा है, लेकिन इससे सोलर सेक्टर में लागत बढ़ने और अनिश्चितता गहराने की आशंका भी जताई जा रही है। इससे सोलर प्रोजेक्ट डेवलपर्स और उपभोक्ताओं दोनों के लिए कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता
ये प्रस्तावित शुल्क ट्रंप प्रशासन के व्यापक वैश्विक टैरिफ से अलग हैं, जिन्हें हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसके बाद प्रशासन ने 10% के नए टैरिफ लागू किए हैं, जिन्हें बढ़ाकर 15% तक करने की चेतावनी भी दी गई है। इसी महीने अमेरिका और भारत के बीच व्यापार तनाव कम करने के उद्देश्य से एक द्विपक्षीय व्यापार समझौता भी हुआ था।
सोलर मॉड्यूल आयात को लेकर क्या कहते हैं आकड़े?
आंकड़ों के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में अमेरिका के कुल सोलर मॉड्यूल आयात का लगभग 57% हिस्सा भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आया था। इससे पहले अमेरिका द्वारा कुछ दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों पर कड़े शुल्क लगाने के बाद डेवलपर्स ने इन देशों से सोर्सिंग बढ़ा दी थी।
वाणिज्य विभाग के मुताबिक, 2024 में अमेरिका ने भारत से लगभग 792.6 मिलियन डॉलर के सोलर आयात किए, जो 2022 की तुलना में नौ गुना से अधिक है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतने ऊंचे शुल्क लागू होने पर भारतीय सोलर पैनल निर्माताओं के लिए अमेरिकी बाजार लगभग बंद हो सकता है।
अंतिम रिपोर्ट 6 जुलाई को हो सकती है जारी
अमेरिकी सोलर उद्योग समूह अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड ने ही इस जांच की मांग की थी। समूह का कहना है कि यह कदम अमेरिकी निर्माण क्षमता, निवेश और रोजगार की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
वहीं, वाणिज्य विभाग की अंतिम रिपोर्ट 6 जुलाई को जारी होने की संभावना है। इसके साथ ही भारत, इंडोनेशिया और लाओस से आयातित सोलर सेल्स पर एंटी-डंपिंग जांच भी समानांतर रूप से चल रही है, जिसका असर वैश्विक सोलर सप्लाई चेन और व्यापार संबंधों पर पड़ सकता है।
Tariff To Replace Income Tax: क्या अमेरिका इनकम टैक्स खत्म करेगा? राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिए अहम संकेत
25 Feb, 2026 08:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कई टैरिफ को रद्द किए जाने के बावजूद अमेरिका के अधिकांश व्यापारिक साझेदार उनके टैरिफ समझौतों को जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि समय के साथ टैरिफ से मिलने वाला राजस्व इनकम टैक्स की जगह ले सकता है और इसके लिए कांग्रेस की अतिरिक्त कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ेगी।
टैरिफ से अमेरिका को भारी राजस्व मिला है- ट्रंप
ट्रंप ने यह भी कहा कि विदेशी देशों की ओर से चुकाए जाने वाले टैरिफ से अमेरिका को भारी राजस्व मिला है और इससे आर्थिक व राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर बेहतर सौदे करने में मदद मिली। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान डाउ जोन्स और एसएंडपी जैसे सूचकांकों में तेजी को भी टैरिफ नीति का परिणाम बताया।
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला और ट्रंप
हालांकि, हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से ट्रंप प्रशासन के कई टैरिफ को अवैध करार दिया, जिसमें मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स और जस्टिस एमी कोनी बैरेट व एलेना केगन भी बहुमत में शामिल थे। फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने एक अलग कानून के तहत 10% का नया टैरिफ लागू कर दिया, जो 150 दिनों तक प्रभावी रहेगा और जिसे बढ़ाकर 15% करने की भी योजना है।
वहीं, न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व के एक हालिया शोध पत्र में कहा गया कि लगभग 90% टैरिफ का आर्थिक बोझ अंततः अमेरिकी कंपनियों और उपभोक्ताओं पर पड़ा, जिससे टैरिफ के वास्तविक प्रभाव पर बहस तेज हो गई है। इसी बीच, 2026 में अमेरिका अपनी स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ भी मना रहा है, जो 4 जुलाई 1776 को स्वतंत्रता की घोषणा के हस्ताक्षर के ढाई सौ वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।
नीति आयोग की रिपोर्ट: सरकारी कंपनियों के IPO से 2030 तक 20 अरब डॉलर जुटाएगा केंद्र, निजीकरण की योजना टाली
25 Feb, 2026 07:50 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में आईपीओ के जरिये हिस्सा बेचकर 2029-30 तक 1.79 लाख करोड़ रुपये (20 अरब डॉलर) जुटाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, कंपनियों के पूरी तरह से निजीकरण की योजना को टाल दिया गया है। सरकारी थिंक टैंक नीति आयोग की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ये प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) अगले चार वर्षों में सरकारी संपत्तियों का मौद्रिकरण कर 183.7 अरब डॉलर जुटाने के प्रयास का हिस्सा होंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि रेलवे, बिजली, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, विमानन और कोयला क्षेत्रों की कंपनियों के आईपीओ आएंगे। ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिसंपत्ति मौद्रिकरण के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिसके जरिये 2029-30 तक कुल 16.72 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। दरअसल, कंपनियों में कम हिस्सेदारी की बिक्री और निजीकरण सरकार की बजट घाटे को कम करने की योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हालांकि, सरकार ने 2024 के बाद विनिवेश के लिए विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित करना बंद कर दिया है।
पहले पूंजी जुटाने में होती थी मुश्किल
केंद्र सरकार को पहले सरकारी कंपनियों के पूर्ण निजीकरण के माध्यम से धन जुटाने में कठिनाई होती थी और हाल ही में उसने पुनर्निवेश के लिए पूंजी जुटाने हेतु इन कंपनियों की परिसंपत्तियों और सहायक कंपनियों के मुद्रीकरण पर ध्यान केंद्रित किया है।
रेलवे कंपनियों से 837 अरब जुटाने की तैयारी
सरकार का लक्ष्य आईपीओ के जरिये सात रेलवे कंपनियों में हिस्सा बेचना है, जिससे 2030 तक संभावित रूप से 837 अरब रुपये मिल सकते हैं। हालांकि, रिपोर्ट में कंपनियों के नाम नहीं बताए गए हैं। सरकार का लक्ष्य अगले वित्त वर्ष 2026-27 में शेयर बाजार में लिस्टिंग के माध्यम से 170 अरब रुपये जुटाना है। 2027-28 में गेल (इंडिया) की सहायक कंपनी गेल गैस को सूचीबद्ध करने की योजना है। इससे 31 अरब रुपये जुटाए जा सकेंगे।
बिजली-कोयला कंपनियों के साथ चार हवाईअड्डों में भी हिस्सा बेचगी सरकार
केंद्र ने चार वर्षों में सरकारी बिजली कंपनियों की सहायक इकाइयों को सूचीबद्ध कर 310 अरब जुटाने की भी योजना बनाई है। कोल इंडिया की सहायक कंपनियों और एनएलसी इंडिया की नवीकरणीय ऊर्जा संपत्तियों के आईपीओ से 483 अरब रुपये जुटाने की भी योजना है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अपनी एक सहायक कंपनी और निजी साझेदारों के साथ संयुक्त उद्यम स्वामित्व वाले चार हवाईअड्डों में अपनी हिस्सेदारी बेचेगा।
योजना से कम होगा सरकार पर बोझ
संपत्ति मौद्रिकरण से जुटाई गई राशि कंपनियों को पुनर्निवेश के लिए दी जाती है। साथ ही, इन कंपनियों के पुनर्पूंजीकरण के लिए सरकारी वित्त पर पड़ने वाला बोझ कम हो सकता है।
Fuel Alert: पेट्रोल-डीजल के रेट में बड़ा उलटफेर? जानें आज टंकी फुल कराना कितना पड़ेगा भारी
25 Feb, 2026 07:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Petrol Diesel Price Today: तेल कंपनियों ने सुबह 6 बजे नए रेट जारी कर दिए हैं। राजधानी नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर है। अगर आप अपनी गाड़ी की टंकी फुल कराने की सोच रहे हैं, तो पहले अपने शहर के ताजा भाव जरूर चेक कर लें।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केंद्र सरकार की नीतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार के आधार पर तय होती हैं। कच्चे तेल की कीमत, रुपये-डॉलर विनिमय दर और टैक्स जैसे कई फैक्टर रेट को प्रभावित करते हैं। इसलिए कीमतों में कभी मामूली बढ़ोतरी तो कभी गिरावट देखने को मिलती है।
आज के रेट पर नजर डालें तो मुंबई में पेट्रोल ₹103.54 और डीजल ₹90.03 प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल ₹105.45 और डीजल ₹92.02 है। वहीं चेन्नई में पेट्रोल ₹100.85 और डीजल ₹92.40 दर्ज किया गया है।
कुछ शहरों में हल्का बदलाव भी देखा गया है। नोएडा और पटना में पेट्रोल के दाम बढ़े हैं, जबकि चेन्नई और लखनऊ में मामूली गिरावट आई है।
सोने-चांदी की कीमतों में उछाल, जानें आज का ताजा रेट
25 Feb, 2026 07:22 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Gold Price Today : सोने और चांदी की कीमतों में मजबूती देखी गई है। देश में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,61,360 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है। वहीं, चांदी की कीमत ₹3,00,100 प्रति किलो दर्ज की गई है। बढ़ती कीमतों का असर निवेशकों और शादी के सीजन में खरीदारी करने वालों पर साफ दिख रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग बढ़ी है। इसके अलावा रुपये में कमजोरी भी एक बड़ी वजह है। यही कारण है कि घरेलू बाजार में दाम ऊंचे बने हुए हैं। अगर आप गहने खरीदने की सोच रहे हैं, तो बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी है। क्योंकि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।
राजधानी नई दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹16,151 प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट ₹14,806 और 18 कैरेट ₹12,117 प्रति ग्राम बिक रहा है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का रेट ₹16,136 प्रति ग्राम है। वहीं चेन्नई में यह ₹16,212 प्रति ग्राम तक पहुंच गया है।
चांदी की कीमतों में भी स्थिरता के साथ मजबूती है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और अन्य प्रमुख शहरों में चांदी ₹3,001 प्रति 10 ग्राम और ₹3,00,100 प्रति किलो पर बनी हुई है।
Gold Silver Price: ट्रंप के टैरिफ विवाद से सर्राफा बाजार में उछाल; चांदी ₹2.72 लाख, सोना 1.62 लाख रुपये के पार
24 Feb, 2026 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को खारिज किए जाने और उसके बाद पैदा हुई वैश्विक व्यापारिक अनिश्चितता का सीधा असर कीमती धातुओं के बाजार पर दिखा है। सुरक्षित निवेश की मांग तेजी से बढ़ने के कारण सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सराफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में 3 प्रतिशत तक का भारी उछाल दर्ज किया गया है। यह स्थिति वैश्विक अर्थव्यवस्था में गहराते तनाव और निवेशकों के बीच बढ़ती घबराहट को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि: आंकड़ों की जुबानी
ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के ताजा आंकड़ों के अनुसार, घरेलू बाजार में कीमती धातुओं ने तीन सप्ताह का उच्चतम स्तर छू लिया है।चांदी में भारी उछाल: चांदी की कीमतों में 8,000 रुपये (3.03 प्रतिशत) की शानदार छलांग देखी गई, जिससे यह शुक्रवार के 2,64,000 रुपये से बढ़कर 2,72,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के स्तर पर पहुंच गई है।सोना भी रिकॉर्ड स्तर पर: 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत में 3,300 रुपये (2.06 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है, और यह पिछले सत्र के 1,59,500 रुपये के मुकाबले अब 1,62,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ है।अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल: वैश्विक स्तर पर भी यही रुझान है; स्पॉट सिल्वर 2.2 प्रतिशत (1.79 डॉलर) की बढ़त के साथ 86.50 डॉलर प्रति औंस और सोना लगभग 1 प्रतिशत चढ़कर 5,151 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है।
टैरिफ विवाद और वैश्विक अनिश्चितता
इस तेज रैली का मुख्य कारण अमेरिका में चल रही व्यापारिक और नीतिगत उथल-पुथल है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक, सौमिल गांधी के अनुसार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले ने विभिन्न एसेट क्लास में भारी उतार-चढ़ाव ला दिया है, जिसके चलते निवेशकों ने सुरक्षित माने जाने वाले एसेट्स (सोना-चांदी) का रुख किया। कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद, अपनी व्यापारिक नीति को बचाने के लिए डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को वैश्विक टैरिफ दर 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का ऐलान कर दिया। इस अचानक हुए नीतिगत बदलाव ने वैश्विक अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है, जहां कई सरकारें सतर्कता से प्रतिक्रिया दे रही हैं और वॉशिंगटन के अगले कदम का इंतजार कर रही हैं।
लंबी अवधि में भी मजबूती के संकेत
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड, हरीश वी. का कहना है कि भले ही सुप्रीम कोर्ट टैरिफ को अवैध मान ले, लेकिन यह व्यापारिक तनाव अमेरिकी डॉलर पर भारी दबाव डाल सकता है, जिससे बुलियन (सोना-चांदी) को सीधा समर्थन मिलेगा। टैरिफ विवाद के अलावा भी कई ऐसे बुनियादी कारक हैं जो लंबी अवधि में सोने की कीमतों को मजबूत बनाए रखेंगे। इनमें दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार खरीदारी, अमेरिका में ब्याज दरें घटने की उम्मीद, जारी भू-राजनीतिक जोखिम और धीमी वैश्विक आर्थिक विकास दर शामिल हैं।
श्रम मंत्रालय का फैसला: जल्द लौटाई जाएगी 7.11 लाख निष्क्रिय पीएफ खातों में पड़ी राशि; बंद होंगे 31.86 लाख खाते
24 Feb, 2026 11:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के 7.11 लाख निष्क्रिय खातों में फंसे 30.52 करोड़ रुपये जल्द संबंधित खाताधारकों या उनके कानूनी वारिसों को लौटाए जाएंगे। श्रम मंत्रालय का यह फैसला ऐसे 31.86 लाख खातों को बंद करने की पहल का हिस्सा है, जो मौजूदा समय में निष्क्रिय पड़े हैं। मंत्रालय के मुताबिक इनमें कुछ खाते 20 साल तक पुराने हैं, जिनमें तीन साल से कोई लेनदेन नहीं हुआ।मंत्रालय ने बताया कि निष्क्रिय खातों को बंद करने के पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर अभी ऐसे सात लाख खातों को चुना गया है, जिनमें शून्य से 1,000 रुपये तक राशि जमा है और ये आधार से जुड़े हैं। लिहाजा, ईपीएफओ सीधे उनके खाते में यह पैसे ट्रांसफर कर देगा। इन खातों में 30.52 करोड़ रुपये जमा हैं। पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर बाकी खातों में भी इसी तरह से पैसे लौटा दिए जाएंगे।निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए भविष्य निधि एक अनिवार्य सरकारी योजना है। इसमें प्रत्येक कर्मचारी मूल वेतन का 12 फीसदी हिस्सा डालता है, जबकि नियोक्ता की ओर से भी उतना ही योगदान दिया जाता है। लेकिन, जब खाते में तीन साल तक कोई लेनदेन नहीं होता तो यह निष्क्रिय खाते में तब्दील हो जाता है। श्रम मंत्रालय अब ऐसे खातों को अब बंद करने की ओर बढ़ रहा है।
कुल 10,903 करोड़ जमा
ईपीएफओ में करीब 31.86 लाख निष्क्रिय पीएफ खाते हैं, जिनमें कुल 10,903 करोड़ रुपये जमा हैं। सरकार के मुताबिक ईपीएफओ सदस्य अपना पैसा निकालने के लिए अब आसानी से क्लेम कर सकते हैं। लेकिन, यह भी देखने में आया है कि जिन खातों में पैसे कम हैं, वहां सदस्य आने-जाने के झंझट से बचने के लिए उन्हें ऐसे ही छोड़ देते हैं।
छोटी राशि बड़ी परेशानी
पीएफ की छोटी-छोटी धनराशि बड़ी परेशानी का सबब है, क्योंकि इस तरह से हजारों करोड़ रुपये निष्क्रिय खातों में पड़े हैं। लोग इन्हें निकालना नहीं चाहते और मंत्रालय के लिए पैसे की जवाबदेही बनी हुई है। इससे आधिकारिक दिशानिर्देश और तय समय पर काम करने की योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
ट्विशा मौत मामला: दिल्ली AIIMS टीम ने किया दोबारा पोस्टमॉर्टम, भोपाल में अंतिम विदाई
