छत्तीसगढ़
रामसेतु पुल ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम- अमर
18 Jan, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर। ऐतिहासिक धरोहर, रामसेतु पुल , जो 30 जुलाई 1926 को पहली बार उद्घाटित हुआ था, अब 99 वर्षों के गौरवशाली इतिहास के साथ एक नई यात्रा पर अग्रसर है। यह पुल न केवल शहर की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि इसकी पहचान का एक अभिन्न हिस्सा भी है। 22 जनवरी 2024 को रामसेतु पुल के नामकरण समारोह में, नगर विधायक अमर अग्रवाल ने पुल के सौंदर्यीकरण हेतु जो भी राशि की आवश्यकता होगी, उसे उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। उनके नेतृत्व और प्रयासों से 2.63 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इस राशि का उपयोग पुल के सौंदर्यीकरण और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के लिए किया जाएगा। इस परियोजना के तहत पुल के ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उसे शहर की शान के अनुरूप विकसित किया जाएगा। यह कार्य न केवल पुल की ऐतिहासिक महत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि बिलासपुरवासियों के लिए गर्व और पर्यटन के नए अवसर भी प्रदान करेगा। नगर विधायक अमर अग्रवाल ने कहा, रामसेतु पुल हमारे शहर की ऐतिहासिक पहचान है। इसका सौंदर्यीकरण और संरक्षण भविष्य की पीढयि़ों के लिए प्रेरणा का कार्य करेगा। यह परियोजना बिलासपुर के विकास में एक और कदम है।
बिलासपुर वासियों के लिए यह क्षण बेहद गर्व और हर्ष का है कि उनकी ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित और संवारा जा रहा है। यह पहल शहर के विकास और समृद्धि में मील का पत्थर साबित होगी।
सिम्स में ऑनलाइन मरीज ओपीडी पंजीयन की शुरुआत
18 Jan, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर । सिम्स मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में अब मरीजों को ओपीडी पंजीयन के लिए लंबी कतार में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। प्रबंधन ने ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा शुरू कर दी है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ लखन सिंह ने बताया कि चिकित्सालय में वर्तमान में लगातार मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। बिलासपुर ही नहीं आसपास के जिला एवं राज्यों के मरीज भी सिम्स में अपना विश्वास जाता कर इलाज के लिए पहुंचते है। सामान्य प्रकरण में चिकित्सकों से मिलने के पूर्व मरीजों को शश्चस्र पंजीयन करवाना अनिवार्य होता है। मरीजों का पंजीयन आसानी से हो सके इसके लिए प्रबंधन ने 11 काउंटरों की व्यवस्था की है। भीड़ बढऩे पर 02 अतिरिक्त काउंटर और लगाए जाते है। अधीक्षक ने बताया कि मरीज चिकित्सालय आने के पूर्व ही, घर से अपना पंजीयन सिम्स चिकित्सालय में कर सकते है। प्ले स्टोर से आभा ऐप डाउनलोड कर, मरीज की सारी जानकारी भर के, अपना टोकन नंबर जनरेट कर सकते है। चिकित्सालय के काउंटर पर अपना टोकन नंबर बता के, निर्धारित शुल्क भुक्तान कर अपनी ओपीडी स्लिप प्राप्त कर सकते है। अधिष्ठाता डॉ रमनेश मूर्ति के निर्देश पर अधीक्षक ने कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति इस कार्य के लिए की है ताकि जो लोग ऑनलाइन पंजीयन करने में सक्षम नहीं हैं वे उनकी मदद कर सके। अधीक्षक डॉ लखन सिंग ने ये भी बताया कि गरीब तपके का वर्ग भी चिकित्सालय में इलाज के लिए आता है जो मोबाइल नहीं रखते। ऐसे लोगों के लिए चिकित्सालय में अलग से पंजीयन काउंटर की व्यवस्था की गई है, जिन्हें मैन्युअल टोकन के माध्यम से सुविधा दी जा रही है।
पानी नहीं देने पर युवक ने महिला पर किया था प्राणघातक हमला
18 Jan, 2025 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर। जोरापारा सरकंडा में दो दिन पहले घर के सामने एक 65 वर्षीय महिला घायल अवस्था में बेसुध मिली थी। हालत गंभीर होने पर उसे सिम्स से रायपुर एम्स रेफर किया गया था। इस मामले की जांच करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में उसने पानी न देने पर हमला करना बताया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जोरापारा सरकंडा निवासी हरबंश यादव ने लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बुआ अकेली रहती है। 14 जनवरी को करीब 8.30 बजे सूचना मिली कि उसकी बुआ से किसी ने मारपीट की है, घर के बाहर बेहोश पड़ी है। इस पर वह अपने भाई के साथ मौके पर गया तो देखा कि बुआ घर के बाहर बेहोश हालात में पड़ी है, उसके सिर पर प गहरी चोट है। आसपास खून गिरा है। उसने संदेह जाहिर किया कि पड़ोस का नंद कुमार धु्रव अक्सर बुआ के घर आना-जाना करता है। कहीं उसी ने तो इस घटना को अंजाम नहीं दिया। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस ने संदिग्ध आरोपी नंद कुमार धु्रव 21 वर्ष को घेराबंदी कर पकड़ा।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे बड़ी प्यास लगी थी, लिहाजा महिला से पानी मांगा। नहीं देने पर उसे गुस्सा आया और पत्थर से उसके सिर पर वार कर भाग गया। बहरहाल पुलिस ने न्यायिक रिमांड पर भेज उसके बयान के साथ ही अन्य पहलुओं पर भी मामले की जांच कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार की नवीन पहल
18 Jan, 2025 08:13 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राजनांदगांव । नगरीय ठोस अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के लिये मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, गेल इंडिया लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम के अलावा प्रदेश के 6 नगर निगमों के बीच ऐतिहासिक त्रियपक्षीय एमओयू हुआ। एमओयू के दौरान उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव सहित मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद व डॉ. बसवराजु एस तथा गेल इंडिया, बीपीसीएल, छत्तीसगढ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण के अधिकारी और नगरीय प्रशासन व विकास विभाग के अधिकारी एवं 6 नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय जी ने कहा कि छत्तीसगढ के विकास में आज एक नई कडी जुड रही है। छत्तीसगढ में सतत योजना के अंतर्गत नगरीय ठोस अपश्ष्टि से कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की दिश हम तेजी से आगे बड रहे है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब प्रदेश में स्वच्छता को लेकर बेहतर काम हो रहे है। नगरीय निकायो मंे इस संयंत्र की स्थापना से शहरों को स्वच्छ सुंदर बनाने का हमारा संकल्प पूरा होगा। उन्होंने कहा कि जैव इंधन के रूप में बायोगैस के उत्पादन से हमारी ऊर्जा की आवश्यकता भी पूरी होगी और वेस्ट टू एनर्जी की परिकल्पना भी सकार होगी। उन्होंने एमओयू में शामिल सभी संस्थाओं से संयंत्र स्थापना के कार्य को समयबद्ध रूप में करने को कहा। इस एमओयू से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता जैसे बड़े उद्देश्य की पूर्ति के साथ साथ रोजकार भी सृजित होगे।
उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री माननीय मोदी जी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में बड़े निर्णय लिये गये है। प्रदेश में स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है, हमारा लक्ष्य है कि नगर स्वच्छ सुंदर और सुविधापूर्ण बने। भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू से यह कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण होगा।
इस एमओयू के माध्यम से 6 नगर निगमों में नगर निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा और सीबीडीए एवं गेल इंडिया लिमिटेड के बीच तथा नगर निगम बिलासपुर, राजनांदगांव, धमतरी और सीबीडीए व भारत पेट्रलियम कार्पोरेशन लिमिटेड के बीच समझौता हुआ। इसमें 6 नगर निगमों के लगभग 350 मीट्रिक टन, प्रतिदिन नगरीय ठोस अपशिष्ट एवं लगभग 500 मीट्रिक टन अधिशेष बायोमास का उपयोग जैव इंधन उत्पादन के लिये किया जायेगा। इस 6 संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 70 मीट्रिक टन कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन होगा। इन परियोजनाओं में लगभग 600 करोड रूपये का निवेश पूर्ण रूप से जीएआईएल और बीपीसीएल द्वारा किया जायेगा, इसी प्रकार संयंत्रों से होने वाले उत्पादन और बिक्री से राज्य को प्रतिवर्ष 6 करोड रूपये का जीएसटी प्राप्त होगा।
कलेक्टर व प्रशासक संजय अग्रवाल के मार्ग दर्शन एवं निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा के नेतृत्व में राजनांदगांव के लिये बोईरडीह में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाया जायेगा। प्लांट लगने से इस क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा। प्लांट में प्रतिदिन निगम सीमाक्षेत्र से संग्रहित लगभग 25 टन गीला कचरा दिया जायेगा तथा गीला कचरा व आस पास के गांव के पराली को प्लांट में डालकर कंप्रेस्ड बायोगैस बनाया जायेगा। इससे निकलने वाले वेस्ट को जैविक खाद के रूप में जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ाने उपयोग किया जायेगा तथा गैस का उपयोग इंधन के रूप में किया जायेगा। निगम द्वारा स्वच्छता दीदीयों के माध्यम से गीला कचरा हर घर से अनिवार्य रूप से लेकर संग्रहण कर बायोगैस प्लांट में भेजा जायेगा।
कभी बारिश के पानी पर ही थे निर्भर, मनरेगा के तहत कूप निर्माण से मिली सिंचाई की सुविधा, किसान शेषराम के खेतों में अब बारहों महीने रहती है हरियाली
17 Jan, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : सरगुजा जिले के जनपद पंचायत लखनपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत मुटकी के निवासी कृषक शेषराम के खेत पहले पानी की कमी से सूखे रहते थे, सिंचाई की कोई आसान सुविधा नहीं थी, तो बारिश के पानी पर ही निर्भर रहना पड़ता था। ऐसे में वे बस बरसात के समय में फसल ले पाते थे। वे बताते हैं कि मनरेगा तकनीकी सहायक से उन्हें योजना के तहत कूप निर्माण में सहयोग की जानकारी मिली। तो उन्होंने तुरंत आवेदन कर दिया। खेतों में कुआं निर्माण हुआ और जो खेत बरसात के अलावा बाकी समय सूखे पड़े रहते है. उनमें आज फसल लहलहा रही है।
शेषराम उन मुश्किल दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि हमारे पास खेती के लिए जमीन तो थी, लेकिन पानी नहीं था। दूर-दूर तक सिंचाई का कोई साधन नहीं था, नहर और कोई बड़ा तालाब नहीं होने के कारण खेती के लिए पानी की समस्या हमेशा बनी रहती थी। बरसाल के दिनों में ही हम फसल ले पाते थे, लेकिन अब मैं बारहों महीने खेती कर रहा हूं। यह सब शासन की महात्मा गांधी नरेगा योजना के तहत सम्भव हो पाया है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कुआं निर्माण हेतु उन्होंने ग्राम पंचायत को आवेदन दिया था जिस पर ग्राम के तकनीकी सहायक द्वारा तकनीकी प्राक्कलन तैयार कर जनपद से जिले को भेजा गया और फिर वहां से कुएं के निर्माण के लिए उन्हें 2.99 लाख रुपए की राशि की स्वीकृति प्राप्त हुई। कूप निर्माण हो जाने से अब उनके खेल हरे-भरे हो गए हैं। शेषराम के पास 3 एकड़ भूमि है, जो अब सिंचित हो गई है, शेषराम का कूप निर्माण रोजमर्रा की जल निस्तारी में भी काम आता है। वर्तमान में उन्होंने अपने खेतों में मटर एवं गेहू की फसल लगाई है। इस कूप निर्माण से 279 मानव दिवस का सृजन हुआ। उन्होंने इस योजना के लिए शासन एवं सहयोग के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
बता दें महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना से एक वित्तीय वर्ष में अकुशल परिवारों को 100 दिवस कार्य की गांरटी मिलती है, इसके साथ ही यह योजना ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार की व्यक्तिगत आजीविका मूलक परिसम्पत्तियों को निर्मित करने में सहयोग प्रदान कर रही है।
दूरस्थ ग्राम बनखेता के 36 घरों में पहुंची पानी की आसान सुविधा, हैंडपंप पर निर्भरता हुई खत्म
17 Jan, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : सरगुजा जिले के विकासखण्ड लखनपुर का मात्र 189 की आबादी वाला सुदूर बनखेता गांव, जो पहले पेयजल की समस्या से जूझ रहा था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित योजनाओं की वजह से इस समस्या से मुक्त हो गया है। गांव के लोग अब बेहद खुश हैं कि गांव के हर घर में अब नल लग गया है। गौरतलब है कि जल जीवन मिशन के तहत गांव के 36 परिवारों के घरों में नल से जल कनेक्शन दिया गया है। जल जीवन मिशन के तहत गांव में 10 हजार लीटर क्षमता वाले स्टील स्ट्रक्चर का निर्माण किया गया है, जो सभी ग्रामवासियों को शुद्ध पेयजल प्रदान कर रहा है। कार्य पूर्ण होने पर ग्राम बनखेता के लोगों को शुद्ध पेयजल आपूर्ति की खुशी में हर घर जल उत्सव भी गांव में पूर्व में मनाया गया था। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा प्राप्त जानकारी अनुसार ग्राम बनखेता को “हर घर जल ग्राम घोषित“ किया गया है।
दिनचर्या में आया बदलाव, अब हैंडपंप पर निर्भरता भी हुई खत्म
ग्रामीणों ने बताया कि हमारे घरों में नल लगने के बाद हम ग्रामवासियों की दिनचर्या में बदलाव आया है। पहले हमें पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। महिलाओं का आधा समय तो पानी की व्यवस्था में निकल जाता था। गांव में जो हैण्डपंप है, उसमें बरसात में गंदा पानी निकलने की समस्या भी बनी रहती थी। जिससे बीमारी का खतरा रहता था। ऐसे में चलकर 4 किलोमीटर दूर दूसरे गांव जाने के बाद पानी मिल पाता था। दैनिक कार्यों में भी बहुत समस्या होती थी। गर्मी के दिनों में भू जल स्तर में गिरावट की समस्या के कारण हैण्डपंप के जल का स्तर नीचे चले जाने से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पाता था। लेकिन अब जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन लग जाने से हमारी सारी समस्याएं खत्म हो गई हैं। ग्राम की 5 महिलाओं द्वार गठित जल वहिनियों का समूह समय- समय पर पानी की शुद्धता की जांच करते हैं। जिससे शुद्ध पेयजल ग्राम वासियों तक पहुंच पाता है।
ग्रामीण जयंती देवी बताती हैं कि नल कनेक्शन मिलने से पहले हमें पेयजल के लिए हैण्डपंप पर निर्भर रहना पड़ता था और अपनी बारी के इंतजार में बहुत समय व्यतित हो जाता था। जिससे अपने घरेलू कार्य एवं कृषि कार्य करने में पिछड़ जाते थे और कई महत्वपूर्ण कार्य समय के कमी के कारण नहीं हो पाता था। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत अब घर पर ही टेप नल लगाए जाने से पानी भरने हेतु हैण्डपंप पर निर्भर नहीं होना पड़ता, अब सारा काम सही समय पर हो जाता है। जिससे महिलाओं को काफी राहत मिली है और दूसरे कार्यों में भी समय दे पा रहें हैं।
पानी लाने की जुगत में बच्चों को समय ही नहीं दे पाते थे, पर अब आसानी से मिल रहा पानी
ग्रामीण तीजो सिंह- पहले हमें पानी भरने पैदल चलकर दूसरे गांव तक जाना पड़ता था। कोई भी मौसम हो बरसात, सर्दी, गर्मी सभी का सामना करते हुए पानी लेने जाना बहुत मुश्किल होता था। हम बच्चों को भी समय नहीं दे पा रहे थे, परंतु अब जल जीवन मिशन योजना से घर पर ही शुद्ध पेयजल प्राप्त हो रहा है जिससे मैं बहुत खुश हूं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: गुणवत्ता परीक्षण के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक का छत्तीसगढ़ दौरा
17 Jan, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन कार्यों के तृतीय स्तरीय गुणवत्ता परीक्षण के लिए राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। वे राज्य के तीन जिलों का दौरा कर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्माणाधीन सड़कों का परीक्षण करेंगे। निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता से संबंधित शिकायत संबंधित जिले के राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क कर साझा की जा सकती है। राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक विजेंद्र कुमार 21 जनवरी को गरियाबंद जिले की सड़कों की गुणवत्ता का परीक्षण करेंगे। नुरुल एन इशरत 20 जनवरी को सुकमा जिले की सड़कों की गुणवत्ता की जांच करेंगे। बिनय कुमार सिन्हा 21 जनवरी को राजनांदगांव जिले की सड़कों की गुणवत्ता की समीक्षा करेंगे।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में भूपेश बघेल पर भी लटकी तलवार, ED कर सकती है पूछताछ
17 Jan, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और मौजूदा कांग्रेस विधायक कवासी लखमा की गिरफ्तारी के बाद सियासी घमासान मचा हुआ है। चर्चा है कि जांच की आंच पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक पहुंच सकती है। ईडी बघेल को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है।
नोटशीट के आधार पर रची गई थी शराब घोटाले की साजिश
सूत्रों के मुताबिक, जिस नोटशीट के आधार पर शराब घोटाले की साजिश रची गई, उस पर कवासी लखमा के साथ भूपेश बघेल के भी हस्ताक्षर हैं। ईडी की हिरासत में मौजूद लखमा से दो हजार करोड़ के इस घोटाले में बघेल की भूमिका के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। जांच में पता चला है कि शराब सिंडिकेट की ओर से लखमा को हर महीने दो करोड़ रुपये कमीशन दिया जाता था।
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार में भी हुआ था शराब घोटाला
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सरकार में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। वहां भी आबकारी मंत्री के बाद मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में यहां ईडी की कार्रवाई भी उसी तस्वीर को दोहराने की तैयारी में है। केंद्रीय एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक ईडी की टीम में दिल्ली से अफसरों को शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि कोंटा विधायक कवासी के बाद कांग्रेस के अन्य बड़े नेताओं को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
मवेशी बेचकर मंत्री बने लखमा, लालू जैसे अंदाज से हुए लोकप्रिय
ईडी ने सुकमा के कोंटा से छह बार के कांग्रेस विधायक और पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा पर तीन साल में 72 करोड़ रुपये कमाने का आरोप लगाया है। कोंटा के छोटे से गांव नागारास के लखमा की कहानी किसी फिल्म जैसी है। शुरुआती जीवन में लखमा आंध्र प्रदेश के सलूर, राजमहेंद्री जैसे शहरों से मवेशी लाकर बेचते थे। स्थानीय गोंडी-हल्बी बोली में सीधे और बेबाकी से बात करने की उनकी कला ने उन्हें बिहार के लालू यादव जैसी लोकप्रियता दिलाई। अपने बयानों को लेकर वे सुर्खियों में रहे। चाहे वह हेमा मालिनी के गालों जैसी चमकती सड़क की बात हो या लखमा जीत गए तो मोदी मर जाएंगे, या स्कूली बच्चों से कही गई बात कि नेता बनना है तो एसपी-सरपंच का कॉलर पकड़ो, उनके बयान हमेशा चर्चा में रहे हैं।
बीजापुर में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी, मारे गए 12 नक्सलियों के शव बरामद
17 Jan, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजापुर: बीजापुर जिले के उसूर ब्लॉक के पुजारी कांकेर और मरुदबाका के जंगलों में गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ में मारे गए 12 नक्सलियों के शव सुरक्षाबलों ने बरामद किए हैं. यह संख्या और बढ़ सकती है. बीजापुर और तेलंगाना की सीमा पर तीन जिलों के नक्सलियों के खिलाफ जवान बड़ा ऑपरेशन चला रहे हैं. गुरुवार को सुरक्षाकर्मियों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी. सुबह करीब 9 बजे दक्षिण बीजापुर के जंगल में फायरिंग शुरू हो गई।
सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है. बताया जा रहा है कि नक्सली बड़ी मीटिंग कर रहे थे. मीटिंग में छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना कैडर के हार्ड कोर नक्सली मौजूद थे. इनामी नक्सलियों के भी मारे जाने की खबर है. पुलिस ने सूचना के आधार पर इस मुठभेड़ को अंजाम दिया है. घना जंगल होने की वजह से नक्सली भाग नहीं पाए. सभी जवान सुरक्षित बताए जा रहे हैं. 12 नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं. इस मुठभेड़ में कितने नक्सली मारे गए हैं? यह जवानों के लौटने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगा. शुक्रवार सुबह से फोर्स ने फिर सर्चिंग शुरू कर दी है। फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है। तीन जिलों के 1500 से ज्यादा जवानों ने इलाके को घेर रखा है।
किरण सिंह देव फिर से बनाये गए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, कार्यकर्ताओं में उत्साह
17 Jan, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने किरण सिंह देव को एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने गुरुवार रात रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में उनके नाम की घोषणा की। अध्यक्ष पद के निर्वाचन की प्रक्रिया पूरी तरह निर्विरोध रही। चुनाव अधिकारी खूबचंद पारख ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए कुल तीन नामांकन जमा हुए, लेकिन सभी नाम किरण सिंह देव के समर्थन में थे। नामांकन प्रक्रिया के बाद दिल्ली से अनुमति ली गई, जिसके बाद विनोद तावड़े ने आधिकारिक घोषणा की। भाजपा के नियमों के अनुसार, प्रदेश अध्यक्ष बनने के लिए तीन बार का सक्रिय सदस्य होना और 30 प्रस्तावकों का समर्थन प्राप्त होना अनिवार्य है। किरण सिंह देव इन शर्तों को पूरी तरह पूरा करते हैं। उनके नेतृत्व और अनुभव को देखते हुए पार्टी ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका मानना है कि किरण सिंह देव के नेतृत्व में पार्टी को नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे संगठन के संचालन और प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य को बेहतर समझते हैं, जिससे आगामी चुनावों में भाजपा को लाभ मिलेगा। किरण सिंह देव को एक सशक्त नेता और कुशल संगठनकर्ता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने पार्टी के विभिन्न पदों पर काम करते हुए अपनी काबिलियत साबित की है। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता पर पार्टी का भरोसा आगामी चुनावी रणनीतियों में अहम भूमिका निभाएगा।
छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ पर्यावरण और नेट जीरो एमिशन के लक्ष्य को पाने की दिशा में की है बड़ी पहल : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
17 Jan, 2025 07:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ ने स्वच्छ पर्यावरण और नेट जीरो एमिशन के लक्ष्य को पाने की दिशा में बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण, गेल इंडिया लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम और प्रदेश के 6 नगर निगमों के बीच ऐतिहासिक त्रिपक्षीय एमओयू संपन्न होने के अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री ने सभी संस्थाओं को इस विशेष एमओयू के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि यह कदम स्वच्छता, ऊर्जा उत्पादन और सतत विकास के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान दिलाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में आज एक और महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ रही है। छत्तीसगढ़ में सतत योजना के अंतर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की दिशा में हम तेजी से आगे बढ़ रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी और इसी पहल के माध्यम से देशवासियों में अपने परिवेश की स्वच्छता को लेकर व्यापक चेतना आई थी। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में स्वच्छता को लेकर बेहतर काम हो रहे हैं। नगरीय निकायों में इन संयंत्रो की स्थापना से शहरों को स्वच्छ-सुंदर बनाने का हमारा संकल्प पूरा होगा। जैव ईंधन के रूप में बायोगैस के उत्पादन से हमारी ऊर्जा की आवश्यकता भी पूरी होगी और वेस्ट टू एनर्जी की परिकल्पना भी साकार होगी। उन्होंने एमओयू में शामिल सभी संस्थाओं से संयंत्र की स्थापना के कार्य को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का करने को कहा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस एमओयू से पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता जैसे बड़े उद्देश्य की पूर्ति के साथ-साथ रोजगार भी सृजित होंगे। भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से यह कार्य पूरा होगा और इस क्षेत्र में उनकी विशेषज्ञता का लाभ भी हमें मिलेगा।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वेस्ट टू वेल्थ की दिशा में बड़े निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश में स्वच्छता को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है और शहरों के लिए आज यह बहुत महत्वपूर्ण विषय हो गया है। हमारा लक्ष्य है कि नगर स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बने और भारत सरकार के प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू से यह कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण होगा।
एमओयू के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस, गेल इंडिया, बीपीसीएल, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण और 06 नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में सतत् योजना(Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) के अंतर्गत नगरीय ठोस अपशिष्ट से जैव ईंधन जैसे कि कम्प्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के निरंतर प्रयास से नगर पालिक निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, राजनांदगांव और धमतरी में नगरीय ठोस अपशिष्ट से कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना हेतु सीबीडीए, गेल एवं बीपीसीएल के साथ आज त्रिपक्षीय एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इनमें नगर पालिक निगम अंबिकापुर, रायगढ़, कोरबा और सीबीडीए एवं गेल इंडिया लिमिटेड के बीच तथा नगर पालिक निगम बिलासपुर, धमतरी, राजनांदगांव और सीबीडीए एवं भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) के बीच समझौता हुआ।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
इस एमओयू के माध्यम से 6 नगर पालिक निगमों के लगभग 350 मीट्रिक टन प्रतिदिन नगरीय ठोस अपशिष्ट एवं लगभग 500 मीट्रिक टन अधिशेष बायोमास का उपयोग जैव ईंधन उत्पादन के लिये किया जावेगा। इन 06 संयंत्रों से प्रतिदिन लगभग 70 मीट्रिक टन कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन होगा। इन परियोजनाओं में लगभग 600 करोड़ रुपये का निवेश पूर्ण रूप से GAIL और BPCL द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार संयंत्रों से होने वाले उत्पादन और बिक्री से राज्य को प्रतिवर्ष लगभग 6 करोड़ रुपये का जीएसटी प्राप्त होगा।
स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जैविक खेती और नेट जीरो एमिशन की दिशा में अग्रसर होगा प्रदेश
एमओयू के फलस्वरूप संयंत्रों की स्थापना से उत्पन्न सह-उत्पाद से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। कचरे के प्रभावी निपटान से ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी आएगी और छत्तीसगढ़ नेट जीरो एमिशन प्राप्ति की दिशा में अग्रसर होगा।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घायल जवानों से की मुलाकात, उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की
17 Jan, 2025 07:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : बीजापुर के पुतकेल में हुए माओवादी हमले में घायल हुए दो बहादुर जवानों से आज उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रायपुर के निजी अस्पताल में मुलाकात की। उपमुख्यमंत्री शर्मा ने संबंधित डॉक्टरों और अधिकारियों से जवानों के इलाज की प्रगति की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि उनके इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न हो। इस दौरान उन्होंने जवानों का कुशलक्षेम जाना, उनसे बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इन जवानों के शौर्य और साहस के कारण नक्सल मोर्चे पर हमें निरंतर सफलता मिल रही है।
उपमुख्यमंत्री ने जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा स्थापित करने के लिए दृढ़संकल्पित है। जवानों के बलिदान और समर्पण को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उनके साहस ने पूरे प्रदेश को गौरवान्वित किया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोनी बाई के जीवन में लाया एक नया सवेरा
17 Jan, 2025 06:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : खुद के पक्के घर में निश्चिंत होकर कौन नहीं रहना चाहता। यह सभी का एक बड़ा सपना होता है, जिसे पूरा करने के लिये हर व्यक्ति जी जान से मेहनत करता है। सोनी बाई भी पक्के घर का सपना दिल में लिए जी रही थी। सोनी बाई की किस्मत रंग लाई और अब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना से खुद का पक्का घर मिल गया है। पक्का घर पाकर वे बेहद प्रसन्न हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन की सरकार और संवेदनशील सरकार ने आवासहीन परिवारों को पक्की छत देने के लिए
कृतसंकल्पित है। यह योजना न केवल लोगों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने में सहायक है, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और स्थिर आवास भी प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। उन्ही में से एक हैं कोंडागांव जिले के जनपद पंचायत फरसगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत चरकई की रहने वाली सोनी बाई कोर्राम, जिनका जीवन कई कठिनाइयों से भरा था। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली सोनी बाई ने अपने पति को 20 वर्ष पूर्व खो दिया है। पति के मृत्यु के बाद परिवार चलाने की जिम्मेदारी अकेले उनके कंधों पर आ गई। सोनी बाई के चार बच्चें हैं अपने पति को खोने के बाद बच्चों की परवरिश और जीवन यापन के लिए उन्होंने खेती और मनरेगा की मजदूरी का सहारा लिया। सोनी बाई के पास जमीन के नाम पर छोटा सा हिस्सा है जहाँ पर वह अपने बच्चों के साथ मिलकर खेती करती है। खेती से उतनी अच्छी पैदावार नहीं होती इस लिए उनके बेटे दूसरे के यहाँ मजदूरी का कार्य करते हैं ताकि सोनी बाई को घर चलाने में मदद मिले।
प्रधानमंत्री आवास योजना से सोनी बाई को मिला पक्का आशियाना
सोनी बाई का सपना था कि उनका खुद का एक पक्का घर हो, जिसमें वह अपने परिवार के साथ सुकून से रह सकें। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते यह सपना वर्षों तक अधूरा रहा। उनके लिए जीवन यापन के अलावा कुछ और सोच पाना सम्भव नही था इन हालतों के चलते उनका आधे से ज्यादा जीवन एक कच्चे मकान के एक कमरे में ही गुजर गया। स्वयं की जमीन होने के बावजुद भी सोनी बाई आर्थिक तंगी के कारण अपना पक्का मकान नही बनवा पा रही थी। उनकी इस समस्या का समाधान तब हुआ जब ग्राम पंचायत के सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास निर्माण की स्वीकृति की जानकारी दी।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चार किस्तों में मिली राशि और मनरेगा से मिली मजदूरी की रकम उनके खाते में सीधे जमा हुई। सोनी बाई ने अपना पक्का मकान बनवाया और उनके पक्का आशियाने का सपना पूरा हुआ। पक्के मकान के साथ-साथ उन्हें गैस कनेक्शन, बिजली कनेक्शन और शौचालय जैसी सुविधाएं भी प्राप्त हुईं। अब उनका परिवार चिंता मुक्त होकर इस नए आशियाने में खुशहाल जीवन जी रहा है। सोनी बाई और उनका परिवार इस बदलाव से बेहद खुश हैं। सोनी बाई ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्का आवास प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।
रायपुर: कारोबारी और रेलवे ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी,आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई
17 Jan, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: आयकर विभाग (आईटी) ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर में बड़ी छापेमारी की। यह कार्रवाई कंस्ट्रक्शन कंपनियों और रेलवे ठेकेदारों समेत कई बड़े कारोबारियों के ठिकानों पर की गई। अधिकारियों ने बताया कि टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई। सबसे बड़ी कार्रवाई आरएसए इंफ्रा कंपनी के मालिक संजय अग्रवाल के अवंति विहार स्थित घर और दफ्तर पर की गई। इसके अलावा उनके भाई और रेलवे ठेकेदार बजरंग अग्रवाल के आवास और दफ्तर पर भी छापेमारी की गई। आईटी अधिकारियों ने सुबह-सुबह ही दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी और कई महत्वपूर्ण फाइलें, डिजिटल डेटा और अन्य सामग्री जब्त की। सूत्रों के मुताबिक अग्रवाल बंधुओं के खिलाफ लंबे समय से टैक्स चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। उनकी कंपनियों से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट और ठेकों की गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई में टीमों ने रायपुर के अलावा अन्य जिलों में भी छापेमारी की। आईटी विभाग ने अभी इस कार्रवाई से जुड़े डेटा या जब्ती की जानकारी साझा नहीं की है।
ऑनलाइन सट्टा गिरोह, 68 बैंक खातों में 25 करोड़ का लेनदेन, पुलिस को बैंकों से नहीं मिल सकी कोई जानकारी
17 Jan, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अंबिकापुर: सरगुजा में सक्रिय डब्लू फिफ्टी टू (डब्लू 52) सट्टा गिरोह की गतिविधियों की जांच तेज हो गई है। अब तक की जांच में गिरोह द्वारा संचालित 68 बैंक खातों की जानकारी सामने आई है। इन खातों में 25 करोड़ रुपए के लेन-देन की पुष्टि हुई है। अधिकांश बैंकों से पुलिस अभी जानकारी हासिल नहीं कर पाई है। पुलिस इस गिरोह के मुख्य आरोपी सुधीर गुप्ता को रिमांड पर लेकर लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ में कुछ नए तथ्य भी सामने आए हैं, जिसके आधार पर पुलिस सट्टा कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। मालूम हो कि सुधीर गुप्ता के चार साथियों को सबसे पहले पुलिस ने पकड़ा था। शुरुआती जांच में ही इस बात की पुष्टि हो गई थी कि आरोपियों ने देश के 15 बैंकों की अलग-अलग शाखाओं में फर्जी खाते खोल रखे थे और ऑनलाइन माध्यम से सट्टे की रकम का लेन-देन कर रहे थे। क्रिकेट मैचों में सट्टा लगाया जा रहा था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इनमें से सिर्फ चार-पांच बैंकों से ही जानकारी मिल सकी है। इसमें 25 करोड़ रुपए के लेन-देन का पता चला है। चिन्हित बैंकों में से आधे से अधिक के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास अभी भी किया जा रहा है।
बैंकों की भूमिका भी संदिग्ध
पूरे मामले में बैंकों की भूमिका भी संदिग्ध है। आमतौर पर बैंकों पर लोगों को अपने ही खातों से पैसे निकालने के लिए प्रक्रियाओं में उलझाने का आरोप लगता है। लेकिन, फर्जी खातों से इतनी बड़ी रकम का लेन-देन कैसे हुआ, यह भी जांच का विषय है। सरगुजा पुलिस ने बैंकों की भूमिका की भी जांच की है। पुलिस के मुताबिक, इस बात की भी पुष्टि हुई है कि आरोपियों ने दूसरे लोगों के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लेकर फर्जी तरीके से बैंक खाते खोले हैं। इन फर्जी खातों से बड़ी रकम का लेन-देन भी हुआ है। यह काम कुछ लोगों की जानकारी के बिना फर्जी तरीके से किया गया है। पूरी संभावना है कि कुछ लोगों ने कमीशन के लिए आरोपियों को अपने बैंक खातों का इस्तेमाल करने की अनुमति दी होगी।
घरेलू मैचों में भी लगाया जा रहा था सट्टा
क्रिकेट मैचों में भी सट्टा लगाया जा रहा था। अंतरराष्ट्रीय मैचों के अलावा घरेलू क्रिकेट मैचों में भी सट्टा लगाया जा रहा था। जब पुलिस ने सट्टा अड्डे पर छापा मारा, तब ऑस्ट्रेलिया लीग का मैच चल रहा था। सट्टेबाज उस मैच पर भी सट्टा लगा रहे थे। आमतौर पर सट्टा सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मैचों पर ही लगाया जाता है, लेकिन अंबिकापुर का गिरोह घरेलू क्रिकेट मैचों पर भी सट्टा लगा रहा था।
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