छत्तीसगढ़
बुजुर्ग मरीज से अभद्रता का मामला, अस्पताल में थप्पड़ मारने के आरोप पर ASI लाइन अटैच
21 Jul, 2026 01:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बलौदा बाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले के पलारी थाना क्षेत्र से खाकी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी में इलाज के लिए भर्ती एक 55 वर्षीय मरीज ने वहां ड्यूटी पर तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसने अस्पताल के भीतर उनके साथ मारपीट की और बेहद अभद्र व्यवहार किया। इस पूरी घटना के तूल पकड़ने और जानकारी सामने आने के बाद जिला पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए संबंधित एएसआई को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन अटैच कर दिया है और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है।
अस्पताल के जनरल वार्ड में देर रात हुआ था विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायपुर जिले के आरंग ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत धनभट्टी के निवासी और आरंग सरपंच संघ के अध्यक्ष हेमन बर्मन पिछले दो दिनों से बिच्छू के डंक लगने के बाद उसके उपचार के वास्ते पलारी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती होकर अपना इलाज करा रहे थे। बताया जा रहा है कि सोमवार की देर रात करीब 12 बजे पलारी थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (ASI) प्रभात साहू किसी कार्य से अस्पताल पहुंचे थे। उस समय वार्ड के भीतर की लाइट बंद थी।
एएसआई ने वहां मौजूद मरीजों से कड़े शब्दों में पूछा कि लाइट किसने बंद की है। इस पर मरीज हेमन बर्मन ने शालीनता से जवाब देते हुए कहा कि रात का समय होने के कारण संभव है कि किसी अन्य मरीज या अस्पताल के ही किसी कर्मचारी ने रोशनी बंद की होगी और उन्होंने स्वयं लाइट बंद नहीं की है।
पीड़ित मरीज का गंभीर आरोप— 'बिस्तर से उठाकर जड़े थप्पड़'
पीड़ित सरपंच संघ अध्यक्ष का आरोप है कि उनके इस सीधे-साधे जवाब से एएसआई बुरी तरह भड़क गए। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने अस्पताल के जनरल वार्ड के भीतर ही उन्हें उनके बिस्तर से जबरन उठाया और उनके साथ बेरहमी से मारपीट करते हुए दो-तीन जोरदार थप्पड़ जड़ दिए। इसके साथ ही उन्होंने मौके पर बेहद अभद्र भाषा का भी खुलकर इस्तेमाल किया। मरीज का यह भी कहना है कि उन्होंने पुलिसकर्मी से वार्ड में मौजूद अन्य लोगों से पूछताछ करने का अनुरोध किया था, लेकिन उन्होंने उनकी एक बात नहीं सुनी और अपना रौब झाड़ते रहे।
अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी घटना
पीड़ित पक्ष और उनके समर्थकों का दावा है कि यह पूरी शर्मनाक घटना अस्पताल परिसर और वार्ड में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में पूरी तरह से रिकॉर्ड हो चुकी है। इस घटना की जानकारी जैसे ही मंगलवार की सुबह उनके परिजनों और स्थानीय सरपंच संघ के अन्य पदाधिकारियों को मिली, इलाके में हड़कंप मच गया और यह मामला शहर में चर्चा का मुख्य विषय बन गया।
मामले की गंभीरता और बढ़ते आक्रोश को भांपते हुए जिला पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने तत्काल प्रभाव से कड़ा कदम उठाते हुए आरोपी एएसआई प्रभात साहू को लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट में यदि आरोपी पुलिस अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त निलंबन और अन्य आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर पुलिस के रवैये से जनता में आक्रोश
चिकित्सालय जैसे अत्यंत संवेदनशील और सेवाभाव वाले स्थान पर भर्ती एक बीमार मरीज के साथ इस तरह के कथित दुर्व्यवहार की घटना ने स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। लोगों का कहना है कि अस्पताल मरीजों के लिए इलाज, राहत और पूर्ण सुरक्षा की जगह होती है, ऐसे पवित्र स्थान पर यदि वर्दीधारी अधिकारी ही मरीजों के साथ इस तरह का अमानवीय और अभद्र व्यवहार करेंगे, तो आम जनता का कानून और पुलिस व्यवस्था पर से भरोसा उठना स्वाभाविक है। स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने इस पूरे मामले में पूरी तरह निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।
शिक्षा मंत्री के बंगले पर अतिथि शिक्षकों का हल्ला बोल, सड़क पर रात बिताकर सरकार को दी चेतावनी
21 Jul, 2026 12:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से ताल्लुक रखने वाले हजारों अतिथि शिक्षक अपनी विभिन्न न्यायसंगत मांगों को लेकर इन दिनों दुर्ग में उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इन आंदोलनकारी अतिथि शिक्षकों की मुख्य मांगों में उनके पदों का नियमितीकरण, सेवा संविलियन, समान अधिकार और समान काम के बदले समान वेतन शामिल है। इसी कड़ी में सोमवार को बड़ी संख्या मेंजमा हुए अतिथि शिक्षकों ने छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित आधिकारिक मंत्री बंगले का घेराव करने का पुरजोर प्रयास किया।
मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले के बाहर अतिथि शिक्षकों का जोरदार प्रदर्शन
आंदोलनकारी शिक्षक जबजुलकर नारेबाजी करते हुए मंत्री निवास की तरफ आगे बढ़ रहे थे, तो सुरक्षा में तैनात पुलिस बल ने पहले से ही मजबूत बैरिकेडिंग करके उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। इस दौरान पुलिस और आक्रोशित शिक्षकों के बीच तीखी धक्का-मुक्की तथा हल्की झड़प जैसी स्थिति भी निर्मित हो गई। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद नाराज शिक्षक वहीं बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
इससे पहले खून से पत्र लिखकर मांगी थी इच्छामृत्यु
आपको बता दें कि यह पहला मौका नहीं है जब अतिथि शिक्षकों ने अपनी नाराजगी इस तरह जाहिर की हो। इससे पहले इन शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम अपने खून से खत लिखकर सरकार से 'इच्छा मृत्यु' (यूथनेशिया) की अनुमति देने की मांग तक कर डाली थी। उनका साफ तौर पर कहना था कि यदि राज्य सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित और स्थायी नहीं कर सकती, तो उन्हें इस तरह घुट-घुट कर जीने का कोई अधिकार नहीं है।
आंदोलन के 20 दिन पूरे होने पर मंत्रियों के निवास का घेराव
लगातार 20 दिनों से चल रहे इस आंदोलन के पूरा होने के बाद अब शिक्षकों ने सीधे शिक्षा मंत्री के आवास तक पहुंचकर अपनी इन लंबित मांगों पर जल्द से जल्द नीतिगत फैसला लेने की गुहार लगाई है। इस बीच, दुर्ग प्रवास पर पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विद्यामितान और अतिथि शिक्षकों के इस विषय में जो भी नियमसंगत और उचित होगा, सरकार उसी के आधार पर सही निर्णय लेगी।
अतिथि शिक्षकों की प्रमुख और मुख्य मांगें
आंदोलन कर रहे शिक्षकों का दर्द है कि वे पिछले कई लंबे वर्षों से सरकारी विद्यालयों में अपनी निष्ठावान सेवाएं देते आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें न तो सेवा का नियमितीकरण मिला है, न ही किसी प्रकार की जॉब सिक्योरिटी (सेवा सुरक्षा), न ही समान कार्य के लिए समान वेतन और न ही संविलियन का कोई वास्तविक लाभ मिल पाया है। अपनी इन्हीं वर्षों पुरानी मांगों को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को अपने खून से लिखे पत्र भी प्रेषित किए थे, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई भी ठोस और संतोषजनक निर्णय सामने नहीं आया है, जिसके कारण शिक्षकों में भारी निराशा और आक्रोश व्याप्त है।
बाल संप्रेषण गृह हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर
21 Jul, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के सरकंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित बाल संप्रेषण गृह में चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे की सनसनीखेज हत्या के मामले में स्थानीय पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। इस बहुचर्चित जघन्य हत्याकांड के बाद से फरार चल रहे कुल चार आरोपियों में से तीन मुख्य आरोपियों को देश के अलग-अलग राज्यों से धर दबोचा गया है, जबकि चौथे और अंतिम फरार आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
प्रयागराज, पटना और बेंगलुरु से हुई आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस तफ्तीश से सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी पुलिस और कानून की नजरों से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों में भाग निकले थे। तकनीकी और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने सबसे पहले आरोपी दिनेश राठिया को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज शहर से गिरफ्तार किया। इसके बाद गहन सुरागकशी करते हुए पुलिस ने अभियान के तहत दो अन्य आरोपियों को बिहार की राजधानी पटना तथा कर्नाटक के बेंगलुरु से भी दबोचने में सफलता हासिल की। फिलहाल चौथे आरोपी की सुरागरसी की जा रही है।
क्रूरतापूर्वक मारपीट के बाद की गई थी चौकीदार की हत्या
पुलिस जांच में इस बात का खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने क्रूरता की हदें पार करते हुए सबसे पहले चौकीदार नरेंद्र कुमार खांडे के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। इसके बाद उन्होंने विरोध रोकने के लिए उनके हाथ-पैर मजबूती से बांध दिए और गला घोंटने के साथ ही उनके मुंह में गमछा ठूंस दिया, जिसके कारण दम घुटने से उनकी दर्दनाक मौत हो गई थी। इस दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
घटना के समय सभी आरोपी हो चुके थे बालिग
पुलिस ने इस बात स्पष्ट किया है कि भले ही इन आरोपियों ने अपने शुरुआती अपराध किशोर अवस्था में किए थे, लेकिन इस बार इस हत्याकांड को अंजाम देते वक्त वे सभी वयस्क (बालिग) हो चुके थे। इसी कानूनी स्थिति के चलते उन्हें बाल संप्रेषण गृह की विशेष 'प्ले सेफ सेफ्टी यूनिट' के अंदर रखा गया था, जहां उन्होंने इस खौफनाक घटना को अंजाम दिया।
चौथे आरोपी की धरपकड़ के लिए दबिश जारी
इस पूरे प्रकरण में फरार चल रहे चौथे आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने के लिए पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशन में विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो विभिन्न संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार कर इस हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं का पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
कांग्रेस के विवादित पोस्टर पर भाजपा का तीखा प्रहार, किरणदेव सिंहदेव बोले- जनता सब देख रही है
21 Jul, 2026 11:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों में उस समय भूचाल आ गया जब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्टर साझा किया गया। कांग्रेस पार्टी की तरफ से जारी इस पोस्टर में तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा गया है कि, 'जलियांवाला बाग में गोलियां चली थीं, जंतर-मंतर पर लाठियां चल रही हैं।' कांग्रेस के इस आक्रामक और विवादित कदम के बाद भारतीय जनता पार्टी ने भी तीखा पलटवार किया है, जिस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा है।
सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर पीएम मोदी पर साधा निशाना
इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम के तहत कांग्रेस पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर केवल पोस्टर ही साझा नहीं किया, बल्कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का एक तीखा बयान भी प्रसारित किया। उस बयान में राहुल गांधी ने सीधे तौर पर यह आरोप लगाया कि, "नरेंद्र मोदी भारतीय इतिहास के अब तक के सबसे अधिक युवा-विरोधी प्रधानमंत्री साबित हुए हैं। वे इतने युवा-विरोधी हैं कि अपनी नाकामी छुपाने वाले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा तक स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। जब देश के छात्र अपनी शिक्षा और भविष्य से जुड़े बेहद जायज सवाल पूछने आगे आए, तो सरकार की ओर से उन्हें जवाब में पुलिसिया लाठीचार्ज और हिरासत में लेना ही मिला।" कांग्रेस पार्टी के द्वारा सोशल मीडिया पर डाले गए इन पोस्टों के बाद छत्तीसगढ़ सहित राष्ट्रीय स्तर की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है।
'कांग्रेस पार्टी की भाषा शैली बेहद निम्न स्तर की है' — किरण सिंहदेव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कांग्रेस द्वारा जारी किए गए इस विवादित पोस्टर और बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि, "कांग्रेस पार्टी देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ लगातार ओछी और बेहद निम्न स्तर की टिप्पणियां करने पर उतारू है। देश की जागरूक जनता को कांग्रेस की इस प्रकार की अमर्यादित भाषा शैली बिल्कुल भी पसंद नहीं है।"
किरण सिंहदेव ने आगे अपनी बात रखते हुए कहा कि, "कांग्रेस पार्टी की यह भाषाशैली और कार्यप्रणाली साफ तौर पर उनकी राजनीतिक हताशा, निराशा और मानसिक बौखलाहट को उजागर करती है। मीडिया की सुर्खियों में बने रहने और राजनीतिक चर्चा में टिके रहने के लिए कांग्रेस के नेता लगातार इस तरह की स्तरहीन बयानबाजी का सहारा ले रहे हैं।" भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास जनता के विकास से जुड़ा कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वे गंभीर विषयों पर राजनीति करने के बजाय व्यक्तिगत टिप्पणियां करके सूबे और देश का राजनीतिक माहौल खराब करने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
बस्तर की जलशक्ति से रोशन होगा छत्तीसगढ़, 14,000 मेगावाट उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम
21 Jul, 2026 10:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में बिजली उत्पादन की क्षमता को कई गुना बढ़ाने और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने पंप स्टोरेज हाइड्रो परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर काम करना शुरू कर दिया है। प्रदेश की बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए कुल 14,000 मेगावाट बिजली के उत्पादन की एक बेहद महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की गई है। इस पूरी योजना की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि इसमें पहली बार बस्तर संभाग को भी शामिल किया गया है। कभी नक्सल प्रभावित रहे बस्तर क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कानून-व्यवस्था बेहतर होने और विकास कार्यों को गति मिलने के बाद अब ऊर्जा क्षेत्र में भी भारी निवेश की जमीन तैयार हो रही है। राज्य पॉवर कंपनी ने बस्तर क्षेत्र के तीन प्रमुख जिलों में स्थित कुल 9 जलाशयों का प्रारंभिक सर्वे कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इन प्रस्तावित परियोजनाओं से लगभग 5,700 मेगावाट बिजली का उत्पादन करने का बड़ा लक्ष्य रखा गया है। आने वाले समय में मानसून के दौरान मिलने वाले जल उपलब्धता के पुख्ता आंकड़ों के आधार पर इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी।
मुख्यमंत्री के गृह जिले जशपुर में सबसे पहले शुरू होगा काम
सूबे के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिले जशपुर में पंप स्टोरेज की दो बहुत बड़ी परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं। जिले के डांगरी और रौनी क्षेत्रों में कुल मिलाकर 3,500 मेगावाट की भारी-भरकम क्षमता वाले अत्याधुनिक बिजली संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता इन दोनों परियोजनाओं को सबसे पहले प्रथम चरण में शुरू करने की है।
बिजली की लगातार बढ़ती मांग बनी एक बड़ी चुनौती
छत्तीसगढ़ राज्य में बिजली की खपत और मांग में लगातार तेजी से इजाफा हो रहा है। हाल ही में बीते गर्मियों के सीजन के दौरान राज्य में बिजली की अधिकतम मांग (पीक डिमांड) 7,300 मेगावाट के आंकड़े को पार कर गई थी, जबकि आने वाले कुछ ही वर्षों में इसके बढ़कर 8,000 मेगावाट से भी अधिक हो जाने का पूरा अनुमान लगाया गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि छत्तीसगढ़ राज्य पॉवर कंपनी के विभिन्न संयंत्रों की कुल स्थापित क्षमता लगभग 2,960 मेगावाट है, लेकिन वास्तविक बिजली उत्पादन आमतौर पर 2,000 से 2,500 मेगावाट के बीच ही सिमट कर रह जाता है। ऐसे में ये नई पनबिजली परियोजनाएं भविष्य में प्रदेश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में रीढ़ की हड्डी साबित होंगी।
बस्तर संभाग में पहली बार आकार लेगी पंप स्टोरेज परियोजना
अतीत में बस्तर क्षेत्र में व्याप्त नक्सलवाद और सुरक्षा संबंधी बाधाओं के कारण इस प्रकार की वृहद विकासात्मक परियोजनाएं शुरू नहीं की जा सकी थीं। अब स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद सरकार ने वहां के तीन जिलों के कुल 9 जलाशयों को चिन्हित कर लिया है। इन सभी परियोजनाओं में आधुनिक 'पंप स्टोरेज तकनीक' का प्रमुख रूप से उपयोग किया जाएगा। इस विशेष तकनीक की कार्यप्रणाली यह होती है कि बिजली की मांग कम होने के समय पानी को निचले जलाशय से पंप करके ऊपरी जलाशय में पहुंचाया जाता है। इसके विपरीत, जब बिजली की मांग चरम पर होती है, तब उसी पानी को नीचे गिराकर टरबाइन घुमाई जाती है और बड़े पैमाने पर बिजली का उत्पादन किया जाता है।
किन-किन जिलों में स्थापित होंगे नए बड़े बिजली संयंत्र?
राज्य सरकार ने केवल बस्तर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य चुनिंदा स्थानों पर भी पंप स्टोरेज परियोजनाओं का पूरा जाल बिछाने की योजना बनाई है, जिनका विवरण इस प्रकार है:
प्रस्तावित स्थान और जिला
प्रस्तावित बिजली उत्पादन क्षमता
हसदेव बांगो (कोरबा)
800 मेगावाट
सिकासेर बांध (गरियाबंद)
1,200 मेगावाट
कुरुंड (गरियाबंद)
1,000 मेगावाट
डांगरी (जशपुर)
1,400 मेगावाट
रौनी (जशपुर)
2,100 मेगावाट
कोटापाली (बलरामपुर)
1,800 मेगावाट
बस्तर संभाग के 9 जलाशय
5,700 मेगावाट
ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार से राज्य को मिलेंगे अनगिनत लाभ
इन सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद छत्तीसगढ़ की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की जाएगी। इससे न केवल राज्य के भीतर घरेलू और औद्योगिक स्तर पर बिजली की बढ़ती मांग आसानी से पूरी होगी, बल्कि भविष्य में सरप्लस (अतिरिक्त) बिजली देश के दूसरे राज्यों को भी व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके साथ ही, बस्तर जैसे ऐतिहासिक और जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बुनियादी ढांचे का विकास होगा और संपूर्ण औद्योगिक प्रगति को एक नई और तेज रफ्तार मिलने की पूरी उम्मीद है।
समान नागरिक संहिता पर छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा कदम, 24 जुलाई को पहली बैठक
21 Jul, 2026 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता - UCC) लागू करने की दिशा में प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। राज्य में यूसीसी का पूरा खाका और उसका कानूनी प्रारूप (ड्राफ्ट) तैयार करने के लिए गठित विशेष उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति की पहली औपचारिक और महत्वपूर्ण बैठक आगामी 24 जुलाई को निर्धारित की गई है।
UCC को लेकर 24 जुलाई को होगी पहली उच्चस्तरीय समिति बैठक
विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस हाई-लेवल कमिटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई द्वारा की जा रही है। इस विशेषज्ञ समिति के अन्य प्रमुख सदस्यों में उत्तराखंड के पूर्व आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, छत्तीसगढ़ के पूर्व आईएएस अधिकारी एम.के. रावत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्रिंसिपल ज्योति रानी सिंह शामिल हैं। गठित इस उच्चस्तरीय समिति की यह पहली बैठक आगामी 24 जुलाई को दोपहर ठीक 12 बजे मुख्य सचिव विकास शील के आधिकारिक कक्ष में आयोजित की जाएगी।
बैठक में इन अहम बिंदुओं और प्रक्रियाओं पर होगा मंथन
कानूनी ढांचे का अध्ययन: इस पहली बैठक के दौरान राज्य के मौजूदा कानूनी ढांचे और छत्तीसगढ़ में यूनिफॉर्म सिविल कोड को पूरी तरह से लागू करने की संभावनाओं का गहराई से अध्ययन किया जाएगा।
विस्तृत ड्राफ्ट तैयार करना: यह समिति विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, पैतृक संपत्ति के अधिकार और बच्चों के दत्तक ग्रहण (गोद लेने) जैसे अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण पारिवारिक मुद्दों को अपने दायरे में शामिल करते हुए एक व्यापक और विस्तृत ड्राफ्ट तैयार करेगी।
सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट: कानूनी प्रारूप और विभिन्न पक्षों पर विचार-विमर्श के बाद समिति अपनी आधिकारिक सिफारिशें राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर सरकार आगे की विधाई और प्रशासनिक कार्रवाई तय करेगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पहली बैठक को छत्तीसगढ़ में यूसीसी लागू करने की प्रक्रिया की दिशा में पहला सबसे बड़ा औपचारिक और निर्णायक कदम माना जा रहा है।
रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, छत्तीसगढ़ में 8 ट्रेनें कैंसिल; हावड़ा जाने वाली एक्सप्रेस का बदला रूट
21 Jul, 2026 07:55 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ के रेल यात्रियों के लिए एक जरूरी और अहम खबर सामने आई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले भाटापारा और हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी रेलवे लाइन के सेक्शन पर ऑटो सिग्नलिंग कमीशनिंग का महत्वपूर्ण कार्य किया जाना है, जिसके चलते रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है।
छत्तीसगढ़ में 8 पैसेंजर ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद्द
इस आवश्यक तकनीकी कार्य के कारण आगामी 22 और 23 जुलाई को बिलासपुर, रायपुर, कोरबा और गेवरा रोड रेल रूट पर चलने वाली कुल 8 मेमू और पैसेंजर ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हालांकि, रेलवे प्रशासन का कहना है कि बिलासपुर रेलवे जोन में यात्री सुविधाओं के विस्तार के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का काम तेजी से चल रहा है, जिसे जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि भविष्य में यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसी कड़ी में तीसरी लाइन से जुड़ा यह तकनीकी कार्य किया जा रहा है।
रद्द की जाने वाली ट्रेनों की पूरी सूची:
22 जुलाई: गाड़ी संख्या 68728 (रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर) पूरी तरह रद्द रहेगी।
22 जुलाई: गाड़ी संख्या 68734 (बिलासपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर) रद्द रहेगी।
22 जुलाई: गाड़ी संख्या 68733 (गेवरा रोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर) रद्द रहेगी।
22 जुलाई: गाड़ी संख्या 68719 (बिलासपुर-रायपुर मेमू पैसेंजर) रद्द रहेगी।
22 जुलाई: गाड़ी संख्या 58203 (कोरबा-रायपुर पैसेंजर) रद्द रहेगी।
22 जुलाई: गाड़ी संख्या 58204 (रायपुर-कोरबा पैसेंजर) रद्द रहेगी।
22 जुलाई: गाड़ी संख्या 68746 (रायपुर-गेवरा रोड मेमू पैसेंजर) रद्द रहेगी।
23 जुलाई: गाड़ी संख्या 68745 (कोरबा-रायपुर मेमू पैसेंजर) रद्द रहेगी।
छत्तीसगढ़वासियों के लिए मौसम अलर्ट, कई जिलों में बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी
21 Jul, 2026 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में इन दिनों मानसून की सक्रियता के साथ ही झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के रायपुर क्षेत्रीय केंद्र द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, आज प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से लेकर मध्यम बारिश होने की पूरी संभावना है।
गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी, सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने राज्य के कुछ विशेष स्थानों पर तेज बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और वज्रपात (आकाशीय बिजली गिरने) की भी आशंका जताई है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने आम जनता को खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और अनावश्यक रूप से बाहर यात्रा करने से बचने की सलाह दी है। लगातार सक्रिय हो रहे मानसून के प्रभाव के कारण कई जिलों में आसमान में घने बादल छाए रहने और रुक-रुककर वर्षा होने का अनुमान लगाया गया है।
पिछले 24 घंटों के दौरान कई इलाकों में हुई अच्छी बारिश
मौसम विज्ञानियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटों के भीतर उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा, रायपुर और सरगुजा संभाग के कुछ चुनिंदा स्थानों पर भारी बारिश भी रिकॉर्ड की गई है।
इस मानसूनी बारिश के चलते राज्य के कई क्षेत्रों में मौसम बेहद सुहावना हो गया है और तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, अगर पूरे मौजूदा मानसून सीजन के आंकड़ों पर नजर डालें, तो प्रदेश में अब तक सामान्य से 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसके बावजूद, मौसम वैज्ञानिकों का सकारात्मक अनुमान है कि आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में और अधिक तेजी आएगी।
आगामी पांच दिनों तक लगातार जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में आगामी 21 जुलाई से 26 जुलाई तक मानसून पूरी तरह से सक्रिय और मजबूत स्थिति में बना रहेगा। इस समयावधि के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है। कई जिलों में रुक-रुक कर वर्षा का यह सिलसिला लगातार जारी रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी से जूझ रहे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
शिकार के दौरान गोलीकांड, युवक की मौत के बाद पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई; 12 गिरफ्तार
20 Jul, 2026 05:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पेंड्रा। छत्तीसगढ़ के पेंड्रा जिले के गौरेला थाना क्षेत्र में सामने आए एक सनसनीखेज अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने पूरी तरह से सुलझा लिया है। शुरुआत में जिस 21 वर्षीय युवक की मौत को सामान्य बीमारी बताया जा रहा था, वह दरअसल एक गुप्त शिकार के दौरान चली गोली से हुई हत्या निकली। इस सनसनीखेज वारदात को छिपाने और दबाने के लिए आरोपियों ने न केवल मृतक के परिजनों को डराया-धमकाया, बल्कि बिना पोस्टमार्टम के ही अंतिम संस्कार करवाकर साक्ष्य मिटाने की भी पूरी कोशिश की। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कुल 12 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
जंगली जानवर के शिकार के दौरान चली गोली, मौके पर हुई मौत
पुलिस की गहन जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि गौरेला थाना क्षेत्र के दरमोहली गांव में रहने वाला 21 वर्षीय सरवन सिंह कुसराम 27 जून को जंगल की तरफ गया था। उसी दौरान गांव के कुछ लोग अवैध रूप से जंगली जानवर का शिकार करने के लिए जंगल में घेराबंदी कर रहे थे। इसी बीच, मुख्य आरोपी रामायण कुसराम द्वारा चलाई गई भरमार बंदूक की गोली अचानक सीधे सरवन के सीने में जा लगी। गंभीर चोट लगने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण सरवन की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
अपराध छिपाने के लिए रची गई बीमारी की झूठी कहानी
इस खौफनाक घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मृतक के पिता और भाई को जान से मारने की गंभीर धमकियां दीं, ताकि वे पुलिस को इस बारे में कोई सूचना न दे सकें। इसके बाद शव को चुपचाप जंगल से घर लाया गया और घटनास्थल पर गिरे खून के निशानों को गोबर से लीपकर पूरी तरह मिटाने की कोशिश की गई। इतना ही नहीं, अगले दिन बिना किसी पोस्टमार्टम के ही जल्दबाजी में शव का अंतिम संस्कार भी करवा दिया गया।
भाई के पूरक बयानों से खुला पूरी वारदात का राज
शुरुआती दौर में डरे और सहमे हुए परिजनों ने पुलिस को यही जानकारी दी थी कि सरवन की मौत अचानक पेट दर्द, खून की उल्टी और दस्त होने के कारण हुई है। इसी झूठी सूचना के आधार पर पुलिस ने मर्ग कायम कर अपनी जांच शुरू की थी। हालांकि, बाद में मृतक के भाई ने हिम्मत जुटाकर पूरी सच्चाई परिवार को बताई, जिसके बाद परिजनों ने थाने पहुंचकर अपने पूरक बयान दर्ज कराए। इसके बाद इस पूरे मामले की जांच की दिशा पूरी तरह से बदल गई और पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
12 आरोपी गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद
नए और पुख्ता साक्ष्यों तथा घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच के आधार पर गौरेला थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी रामायण कुसराम समेत कुल 12 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, उनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई एक भरमार बंदूक और एक एयरगन भी बरामद कर ली गई है। पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी कर रही है।
गृह विभाग की बड़ी कार्रवाई, तबादला सूची में ASP, DSP और इंस्पेक्टरों के नाम शामिल
20 Jul, 2026 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग ने पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारी संख्या में पुलिस अधिकारियों के तबादले किए हैं। राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी), उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) और निरीक्षक (इंस्पेक्टर) स्तर के कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद राज्य के विभिन्न जिलों और महत्वपूर्ण पुलिस इकाइयों में नई व्यवस्था देखने को मिलेगी।
गृह विभाग ने जारी किया व्यापक प्रशासनिक निर्देश
जारी की गई इस तबादला सूची के तहत कई वरिष्ठ और मध्यम स्तर के अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को और अधिक प्रभावी बनाने तथा प्रशासनिक सुगमता के उद्देश्य से यह व्यापक आदेश जारी किया गया है। पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी संबंधित अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से अपने नए पदस्थापन स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें।
संबंधित अधिकारी संभालेंगे अपनी नई जिम्मेदारी
सरकार का मानना है कि इस प्रशासनिक फेरबदल से पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी, जिससे विभिन्न जिलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा जनता से समन्वय स्थापित करने में खासी मदद मिलेगी। गृह विभाग की ओर से जारी इस सूची में प्रत्येक अधिकारी के वर्तमान पद और उनकी नई पदस्थापना का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। सभी अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
जंतर-मंतर से संसद तक गूंजा NEET पेपर लीक का मुद्दा, नवापारा में भी छात्रों ने खोला मोर्चा
20 Jul, 2026 02:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नवापारा। देशभर में नीट (NEET) परीक्षा में कथित पेपर लीक और गड़बड़ियों को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों की आंच अब छत्तीसगढ़ तक पहुंच गई है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित संसद घेराव आंदोलन के समर्थन में नवापारा में भी छात्र और युवा संगठन सड़कों पर उतर आए। खराब मौसम और मूसलाधार बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड पर इकट्ठा होकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से उनके पद से इस्तीफा देने की मांग की।
मूसलाधार बारिश के बीच सड़कों पर उतरे छात्र
खराब मौसम और तेज बारिश की परवाह किए बिना बड़ी संख्या में छात्र और युवा इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शनकारियों ने रोष व्यक्त किया कि बार-बार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है। उनका आरोप था कि मौजूदा परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही का भारी अभाव है, जिसके कारण कड़ी मेहनत करने वाले योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
परीक्षा में गड़बड़ी पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने कहा कि एनईईटी जैसी देश की इतनी महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित परीक्षाओं में बार-बार इस तरह की अनियमितताएं सामने आना अत्यंत गंभीर और चिंता का विषय है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि पर्दे के पीछे छिपे दोषियों को बेनकाब करके उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेने की पुरजोर मांग
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि परीक्षा तंत्र में लगातार हो रही विफलताओं और गड़बड़ियों की जवाबदेही शीर्ष स्तर पर तय होनी चाहिए।
आंदोलन को और व्यापक बनाने की चेतावनी
छात्र संगठनों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार द्वारा जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और अधिक व्यापक और तीव्र किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और उनके सपनों से जुड़ा हुआ गंभीर सवाल है।
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर पर घमासान, जांच शुल्क को लेकर उपभोक्ताओं ने जताई नाराजगी
20 Jul, 2026 01:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत और चिंता दोनों तरह की खबरें सामने आ रही हैं। प्रदेशभर में पुराने बिजली मीटरों को हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, लेकिन इनकी कार्यप्रणाली और बिलों में बढ़ोतरी को लेकर उपभोक्ताओं और राजनीतिक दलों के बीच गहमागहमी तेज हो गई है।
40 लाख से अधिक घरों में पहुंच चुके हैं स्मार्ट मीटर
राज्य में कुल करीब 60 लाख बिजली उपभोक्ताओं के पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने की बड़ी योजना पर तेजी से काम चल रहा है। अब तक लगभग 40 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। यह पूरा कार्य टाटा और जीनस (Genus) कंपनियों के माध्यम से सरकारी कार्यालयों के साथ-साथ घरेलू और व्यावसायिक परिसरों में किया जा रहा है।
मीटर जांच के नाम पर भारी शुल्क का प्रावधान
यदि किसी उपभोक्ता को यह संदेह होता है कि उनका स्मार्ट मीटर ठीक से काम नहीं कर रहा है या बिजली का बिल जरूरत से ज्यादा आ रहा है, तो वे इसकी जांच के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, इसके लिए विभाग ने फीस तय कर रखी है:
सिंगल फेज स्मार्ट मीटर जांच शुल्क: ₹500
थ्री फेज स्मार्ट मीटर जांच शुल्क: ₹1000
यही वजह है कि अधिकांश उपभोक्ता बिल अधिक आने के बावजूद भारी-भरकम जांच शुल्क के डर से आवेदन करने से बच रहे हैं।
खराबी मिलने पर बिल में होगा संशोधन
बिजली विभाग के नियमों के अनुसार, यदि जांच के दौरान स्मार्ट मीटर में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी पाई जाती है, तो मीटर लगने की अवधि के आधार पर बिजली बिल का पुनर्मूल्यांकन किया जाता है। यदि उपभोक्ता से अधिक वसूली की पुष्टि होती है, तो उनके बिल में संशोधन कर राशि समायोजित करने का प्रावधान भी है।
स्मार्ट मीटर को लेकर तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर प्रदेश में राजनीतिक पारा भी चढ़ गया है। विपक्षी दल कांग्रेस का लगातार आरोप है कि इन नए मीटरों के आने से आम जनता की जेब पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। दूसरी ओर, बिजली विभाग का तर्क है कि पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने और बिजली की खपत की सटीक निगरानी के लिए ये स्मार्ट मीटर बेहद जरूरी हैं।
उपभोक्ताओं की प्रमुख मांग
आम बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि जब स्मार्ट मीटरों की सटीकता और कार्यप्रणाली को लेकर इतनी शिकायतें सामने आ रही हैं, तो इनकी जांच की प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क होनी चाहिए, ताकि बिना किसी अतिरिक्त आर्थिक तनाव के विवादों का सही समाधान निकल सके।
बलरामपुर में शिक्षक हत्याकांड के बाद तनाव चरम पर, आगजनी के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
20 Jul, 2026 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के त्रिकूंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत घमनी (धमनी) गांव में एक शिक्षक की निर्मम हत्या के बाद क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बन गया है। इस जघन्य वारदात से आक्रोशित परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने गुस्से में आकर आरोपियों के घरों को आग के हवाले कर दिया, जिससे स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर होती नजर आई।
शिक्षक की हत्या के बाद गांव में तनाव और आगजनी
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में लेने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। वहीं, आगजनी की सूचना मिलने पर तुरंत पहुंची दमकल विभाग की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
पुलिस छावनी में बदला इलाका, असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर
फिलहाल गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस कैंप कर रही है और चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्या के इस मामले में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। इसके साथ ही, कानून हाथ में लेकर आगजनी और हिंसा फैलाने वाले उपद्रवी तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
चार घंटे तक जाम लगाने का खामियाजा, NH-49 मामले में कई ग्रामीणों पर पुलिस कार्रवाई
20 Jul, 2026 12:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के धूमा में राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-49) पर करीब चार घंटे तक चक्काजाम कर प्रदर्शन करने वाले लोगों पर पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। सिरगिट्टी थाना पुलिस ने इस मामले में 5 नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है।
NH-49 पर चार घंटे चक्काजाम करने के मामले में FIR दर्ज
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक स्थानीय ग्रामीणों ने जलभराव की गंभीर समस्या के विरोध में हाईवे पर जोरदार प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया था। इस लंबे प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे एंबुलेंस जैसी आपातकालीन गाड़ियां और सैकड़ों अन्य वाहन घंटों तक जाम में फंसे रहे। इस दौरान आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ड्रेनेज निर्माण अधूरा छोड़ने से हुआ जलभराव
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का आरोप था कि हाईवे निर्माण के दौरान पानी की निकासी के लिए कोई पुख्ता और उचित व्यवस्था नहीं की गई। तोरवा क्षेत्र के धूमाधाम ग्राम पंचायत के रहवासियों ने बताया कि पुल और ड्रेनेज (नाली) का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण बारिश का सारा पानी सीधे उनके गांवों और घरों में भर गया है। इसकी वजह से 150 से अधिक घर पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और लोगों का सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
पुलिस की समझाइश बेअसर, दर्ज हुआ मामला
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को बार-बार समझाकर रास्ता खाली कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने आवागमन बाधित करने, शासकीय कार्य में बाधा डालने और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। इसी कड़ी में सिरगिट्टी थाना पुलिस ने 5 मुख्य नामजद आरोपियों और अन्य ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।
रायगढ़ हादसे से पसरा मातम, कार-बाइक टक्कर में एक की जान गई, घायल को रायपुर रेफर किया गया
20 Jul, 2026 11:47 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायगढ़। रायगढ़ जिले के जूटमिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत पटेलपाली सब्जी मंडी के पास रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर कर दिया गया है।
तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी जोरदार टक्कर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शहर से सटे पटेलपाली सब्जी मंडी के पास रविवार देर रात करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार नेक्सॉन कार के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए सामने से आ रहे बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भयानक टक्कर में उमेश ठाकुर नामक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी संदीप शाह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत रायपुर अस्पताल रेफर किया गया है।
सब्जी कारोबार से जुड़े थे दोनों युवक
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, मृतक और घायल दोनों युवक पेशे से सब्जी का कारोबार करते थे। वे रोजाना की तरह तड़के पटेलपाली सब्जी मंडी सब्जी खरीदने जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। दुर्घटना को अंजाम देने के बाद कार चालक मौके पर ही वाहन छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस जांच और कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही जूटमिल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। वहीं, फरार कार चालक की तलाश के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हूतियों की नाकेबंदी से रेड सी रूट पर संकट, दुनिया की बढ़ी चिंता
मोबाइल को लेकर बढ़ा विवाद, पत्नी से झगड़े के बाद युवक ने खुद को किया आग के हवाले
'आवारापन 2' का इंतजार हुआ और खास, टाइटल सॉन्ग में इमरान हाशमी का इमोशनल अंदाज़
लड़कों के बीच ट्रेनिंग से लॉर्ड्स तक का सफर, शेफाली की कहानी बनी मिसाल
जन्मदिन पर खरगे का संदेश, ‘जश्न का दिन नहीं, जवाबदेही तय करने का समय’
'सरकार जवाब देने से बच रही है', विधानसभा में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान उमंग सिंघार का बड़ा बयान
फर्जी राशन कार्ड पर भी कार्रवाई, गड़बड़ी करने वाले डीलरों पर कसेगा शिकंजा
अस्त्र मिसाइल की ताकत का दुनिया में जलवा, भारत से खरीद में कई देश दिखा रहे दिलचस्पी
जबलपुर में बोलीं मीनाक्षी नटराजन, वांगचुक की गिरफ्तारी को लेकर सरकार पर साधा निशाना
