छत्तीसगढ़
खपत घटाने और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने, छत्तीसगढ़ सरकार तत्पर, 800 से एक हजार करोड़ रुपए की होगी बचत
22 Feb, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में बिजली बिल और ऊर्जा ऑडिट किया जाएगा। परंपरागत ऊर्जा की जगह सौर ऊर्जा का उपयोग किया जाएगा। कुछ निकायों में इसकी शुरुआत भी हो चुकी है, ताकि भारी भरकम बिजली बिल से निजात मिल सके। बता दें कि अधिकांश निकायों में फंड की कमी के कारण समय पर बिजली बिल का भुगतान नहीं हो पाता है। इसके कारण नगरीय निकायों और विभाग को हर साल बिजली विभाग को सरचार्ज और एरियर के रूप में अनावश्यक रूप से अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ता है। ऊर्जा और बिजली बिलों के ऑडिट से इन्हें बचाने के उपाय करने में आसानी होगी।
हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रयास
निकायों में बिजली बचाने और इसके खर्च को कम करने के लिए परंपरागत ऊर्जा की जगह हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे निकायों के खर्च में कमी आएगी साथ ही पर्यावरण में भी सुधार होगा। हर साल 100 से 200 करोड़ खर्च; जानकारी के मुताबिक नगरीय प्रशासन विभाग हर साल निकायों में बिजली बिलों के समायोजन के लिए करीब 100 करोड़ से 200 करोड़ की राशि बिजली विभाग को ट्रांसफर करता है। वर्तमान में लगभग 800 करोड़ का भुगतान लंबित होने के कारण अधिभार की राशि लगातार बढ़ रही है। निकायों में बिजली की खपत कम करने तथा सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने से दीर्घावधि में लगभग 800 करोड़ से एक हजार करोड़ की बचत होगी। साथ ही निकायों को हरित ऊर्जा का उपयोग कर कार्बन क्रेडिट भी मिलेगा। इसके अलावा निकायों में ऊर्जा प्रबंधन में सौर ऊर्जा को शामिल करने तथा तापीय ऊर्जा के उपयोग को कम करने से पर्यावरणीय स्थिरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
पायलट प्रोजेक्ट की कार्ययोजना तैयार
सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग कर नगरीय निकायों को ऊर्जा दक्ष बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा निकायों में बिजली की खपत की वास्तविक जानकारी एकत्रित करने के लिए ऊर्जा ऑडिट कराने के लिए पायलट प्रोजेक्ट की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। ऊर्जा ऑडिट के माध्यम से नगरीय निकायों में बिजली की वास्तविक खपत तथा व्यवस्था में व्याप्त अनियमितताओं एवं कमियों की पहचान की जाएगी तथा बिजली बिलों का विश्लेषण कर बिजली दक्ष उपकरणों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा, बिजली की खपत कम कर बिलों में बचत की जाएगी तथा चरणबद्ध तरीके से सौर ऊर्जा प्रणाली जैसी वैकल्पिक व्यवस्था को अपनाया जाएगा।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से बदला मौसम, हल्की बारिश की संभावना
22 Feb, 2025 12:58 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। प्रदेश में आज शनिवार को हल्की बारिश की संभावना है। बीते दिनों एक दो जगहों पर हल्की मध्यम बारिश हुई है। उत्तर और पूर्व भागों में गरज चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं इस बीच अधिकतम तापमान और न्यूनतम तापमान में कोई विशेष बदलाव की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग के अनुसार, छत्तीसगढ़ में अगले 48 घंटे में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई विशेष बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री और अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री गिरावट होने की संभावना है। ऐसे में एक बार फिर से ठंड लौट सकती है। मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि अभी दो दिनों तक मौसम ऐसे ही बने रहने की संभावना है।
मौसम एक्सपेक्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ के जिलों में एक दो जगह पर गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई थी। 22 फरवरी तक दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में एक दो जगह पर हल्की मध्यम बारिश और आकाश मेघमय रहने की संभावना जताई है। इस बीच प्रदेश में दिन में तेज धूप पड़ने वाली मौसम से राहत मिलेगी। इसके साथ ही अब ठंड भी लगने लगेगी।
स्कूल टॉयलेट में विस्फोट, मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल
22 Feb, 2025 12:53 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर के सेंट विंसेंट पलोटी स्कूल में शुक्रवार को हुए एक बड़े हादसे ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल के टॉयलेट में हुए सोडियम ब्लास्ट से चौथी कक्षा की एक मासूम बच्ची बुरी तरह झुलस गई है। इस घटना के बाद से स्कूल प्रशासन घिर गया है और परिजनों में जबरदस्त आक्रोश है।
इस घटना के विरोध में शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल के बाहर इकट्ठा हुए और स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगने लगे। परिजनों का कहना है कि वे सुबह 7 बजे से स्कूल गेट पर खड़े हैं, लेकिन अब तक प्रबंधन ने उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। अभिभावको का कहना है कि हम लोग चाहते हैं कि स्कूल प्रशासन के इंचार्ज, फादर या प्रिंसिपल खुद सामने आकर बताए कि आखिर इस घटना की सच्चाई क्या है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई हो रही है। परिजनों ने इस हादसे को स्कूल प्रशासन की लापरवाही बताया और कहा कि इसे बच्चों की शरारत बताकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इस ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ सोडियम लैब से नहीं निकाला गया था, बल्कि ऑनलाइन पटना से मंगाया गया था। आशंका जताई जा रही है कि यह किसी शिक्षक के लिए मंगाया गया था। परिजनों का कहना है कि इस घटना के पीछे किसी बड़े स्तर की लापरवाही हो सकती है, जिसकी गहन जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है। पहले भी इस स्कूल में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन स्कूल प्रशासन ने हमेशा हल्के में लेकर मामले को टाल दिया। अब हम चाहते हैं कि 24 घंटे के अंदर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और इन बच्चों को स्कूल से निकाला जाए।
इस बीच, स्कूल प्रशासन ने अभी तक कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम उठाते नहीं दिख रहे।
राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर भयानक सड़क हादसा, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
22 Feb, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में शनिवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जहां प्रयागराज में महाकुंभ के लिए जा रही एक कार पुलिया से गिर गई। इस हादसे में एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए।
भायनक हादसे में दो लोगों की मौत
पुलिस के एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह दुर्घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर फरसगांव पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत बोरगांव गांव के पास सुबह करीब 6.45 बजे हुई।
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बेंगलुरु से एक परिवार के सदस्य दो कारों में सवार होकर प्रयागराज जा रहे थे। अधिकारी ने कहा कि एक कार के चालक ने एक मोड़ पर वाहन से नियंत्रण खो दिया और वह सड़क से फिसलकर एक छोटी पुलिया से गिर गई और एक पेड़ से जा टकराई।
राहगीर ने पुलिस और एंबुलेंस को दी सूचना
उन्होंने कहा, "दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए हैं।" अधिकारी ने कहा कि एक राहगीर ने एंबुलेंस बुलाई और पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद घायलों को फरासगोन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को जन्मदिवस पर मिला जनता का अपार प्रेम, समर्थन और आशीर्वाद
21 Feb, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जन्मदिन पर उनका गृह ग्राम बगिया एक भावनात्मक मिलन का केंद्र बन गया। उनके आगमन की सूचना से ही सुबह से लोग उन्हें शुभकामनाएं देने उमड़ पड़े, और दोपहर तक पूरा गांव एक उत्सव स्थल जैसा दिखने लगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जन जन के अपार प्रेम, शुभकामनाएं और आशीर्वाद के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपके प्यार, विश्वास और स्नेह से मुझे नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी के आशीर्वाद के लिए हृदय से आभारी हूँ। मेरी कामना है कि यह आत्मीयता और समर्थन सदैव बना रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जन्मदिवस पर बगिया में हुआ सत्यनारायण व्रत कथा का आयोजन
मुख्यमंत्री ने परिवार सहित भक्तिभाव से कथा श्रवण कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज अपने जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में परिवारजनों और भक्तों के साथ सत्यनारायण व्रत कथा का श्रवण किया। इस पावन अवसर पर उनकी माता जसमनी देवी, धर्मपत्नी कौशल्या साय, परिवारजन, स्वजन और बंधु-बांधवों ने भक्तिभाव से कथा का श्रवण किया और भगवान सत्यनारायण की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मां का आशीर्वाद लेकर मनाया जन्मदिवस
कथा के समापन के पश्चात मुख्यमंत्री साय ने अपने प्रियजनों द्वारा लाए गए जन्मदिन के केक को सर्वप्रथम अपनी माता जसमनी देवी को अपने हाथों से खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आत्मीय संवाद किया और सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह जन्मदिवस उनके लिए निजी उत्सव से बढ़कर एक सेवा का संकल्प दिवस है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट की और छत्तीसगढ़ की समृद्धि, विकास और शांति के लिए सतत प्रयासरत रहने का संकल्प दोहराया।
इस अवसर पर अनेक विशिष्ट जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे, जिनमें प्रमुख रूप से राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, सांसद राधेश्याम राठिया, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक गोमती साय, कृष्णा राय, उर्वशी सिंह, सुनील गुप्ता, शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, ओमप्रकाश सिन्हा , गुरुपाल भल्ला, श्रीकांत सोमवार सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।
राज्यपाल डेका ने देखी फिल्म छावा
21 Feb, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका ने आज मैग्नेटो मॉल स्थित पीवीआर मल्टीप्लेक्स में जाकर राजभवन स्टाफ के साथ फिल्म छावा देखी।
फिल्म देखने के बाद डेका ने कहा कि छत्रपति संभाजी महाराज के जीवन, संघर्ष, वीरता और बलिदान पर आधारित यह फिल्म हमारे गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक अच्छा प्रयास है। इससे युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की भावना को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुनकुरी में डायलिसिस सेंटर का किया शुभारंभ
21 Feb, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम कैंप कार्यालय, बगिया में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुनकुरी में चार बिस्तरों वाले डायलिसिस सेंटर का वर्चुअल शुभारंभ किया। यह डायलिसिस सेंटर जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे कुनकुरी और आसपास के मरीजों को अब इलाज के लिए अंबिकापुर या रांची जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में एक और महत्वपूर्ण कदम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारा प्रयास है कि स्वास्थ्य सुविधाएं जन-जन तक आसानी से पहुंचे। कुनकुरी में डायलिसिस सेंटर के प्रारंभ होने से अब मरीजों को लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी और उन्हें घर के पास ही उत्तम उपचार मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। यह पहल जिले के नागरिकों को त्वरित, सुलभ और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ और उन्नत बनाने के लिए कृतसंकल्पित है। जशपुर जिले के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कुनकुरी में 220 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल की स्वीकृति भी दी जा चुकी है, जिससे जिले के नागरिकों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ मिल सकेंगी।
डायलिसिस सेवाएं अब और सुलभ
जशपुर जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क डायलिसिस सेवाएँ प्रदान करने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। वर्तमान में जिला चिकित्सालय जशपुर में 5 बिस्तरों वाली डायलिसिस यूनिट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पत्थलगांव में 3 बिस्तरों वाली डायलिसिस यूनिट संचालित हैं। इसी कड़ी में अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कुनकुरी में 4 बिस्तरों वाली डायलिसिस यूनिट प्रारंभ की गई है। इससे जिले के 75 से अधिक किडनी रोगी लाभान्वित होंगे, जिन्हें अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। अब तक जिले में कुल 217 मरीजों को 18,171 डायलिसिस सेशन दिए जा चुके हैं।
उल्लखेनीय है कि इस अवसर पर रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह, कृष्णा राय, सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं विधायक श्रीमती गोमती साय, नव-निर्वाचित दुलदुला बीडीसी शौर्य प्रताप सिंह जूदेव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।
राजिम कुंभ मेला में कोसा की प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र
21 Feb, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : राजिम कुंभ कल्प मेला में गरियाबंद जिले के विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में ग्रामोद्योग विभाग के रेशम प्रभाग का स्टाल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस स्टाल में किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों को कोसा उत्पादन की प्रक्रिया की जानकारी दी जा रही है। अब तक हजारों लोग इस स्टाल पर पहुंचकर कोसा उत्पादन की जानकारी प्राप्त कर चुके हैं। कोसा उत्पादन किसानों के लिए न केवल आय का एक अतिरिक्त जरिया बन सकता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाने में मददगार होगा।
स्टाल प्रभारी राम गोपाल चौहान ने बताया कि कोसा उत्पादन वन एवं कृषि आधारित रोजगार का एक बेहतरीन जरिया है, जिससे गांवों में ही आजीविका प्राप्त की जा सकती है। छत्तीसगढ़, जो हरितिमा से आच्छादित राज्य है, में खेतों के किनारे अर्जुन के पेड़ लगाकर कोसा उत्पादन किया जा सकता है। अर्जुन पेड़ों की पत्तियों पर कोसा कीड़े तीस दिन में कोसा फल तैयार कर देते हैं, जिसे किसान आसानी से बाजार में बेच सकते हैं।
कोसा उत्पादन कृषि के लिए भी लाभदायक है, क्योंकि इसका पालन खेतों में बायो-फर्टिलाइजर के रूप में भी उपयोगी होता है। प्रति अर्जुन वृक्ष 50 से 60 कोसा फल उत्पन्न होते हैं, जो बाजार में एक से दो रुपये प्रति फल की दर से बिकते हैं। इस प्रक्रिया में 70 प्रतिशत कोसा फल तोड़कर बेचा जाता है, जबकि 30 प्रतिशत को प्राकृतिक वंश वृद्धि के लिए पेड़ों पर ही छोड़ना आवश्यक होता है, जिससे आगे कोसा तितलियां विकसित होकर उत्पादन की श्रृंखला को बनाए रखें।
कई राज्यों की 2.23 करोड़ मूल्य की 33 हजार लीटर मदिरा जब्त
21 Feb, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ में शराब के अवैध संग्रहण, बिक्री और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फरवरी के प्रथम पखवाड़े के दौरान आबकारी विभाग ने 33,874 लीटर देशी और विदेशी मदिरा जब्त की है, जिसकी कीमत 2.23 करोड़ रुपये आंकी गई है। जब्त शराब मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की है, जिसे अवैध रूप से छत्तीसगढ़ लाकर बेचा जा रहा था। इस कार्यवाही के दौरान 10 वाहन भी जब्त किए गए, जिनकी कुल कीमत 1.59 करोड़ रुपये है।
आबकारी सचिव सह आयुक्त आर. शंगीता ने प्रदेशभर में सतत गश्त और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में कबीरधाम, राजनांदगांव, रायपुर, दुर्ग, कोरबा, बेमेतरा, बलौदाबाजार समेत अन्य जिलों में छापेमारी की गई। बिलासपुर में 1,000 पेटी विदेशी मदिरा बेमेतरा में 780 पेटी विदेशी मदिरा बलौदाबाजार में 776 पेटी विदेशी मदिरा जब्त की गई। कबीरधाम, राजनांदगांव और दुर्ग में भी बड़ी मात्रा में शराब और वाहन जब्त कर आरोपियों पर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 के द्वितीय चरण का मतदान सम्पन्न, 81.22% मतदान हुआ
21 Feb, 2025 09:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 के द्वितीय चरण का चुनाव 20 फरवरी को संपन्न हुआ। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, इस चरण में राज्य के 43 विकासखण्डों में मतदान हुआ, जिसमें महिला और पुरुष मतदाताओं ने मिलकर 81.22% मतदान किया। द्वितीय चरण में कुल 46 लाख 83 हजार 736 मतदाता थे, जिनमें 23 लाख 17 हजार 492 पुरुष और 23 लाख 66 हजार 157 महिलाएं थीं। मतदान के लिए कुल 9 हजार 738 मतदान केंद्र बनाए गए थे। इस चरण में पंच पदों के लिए 26,988, सरपंच के लिए 3,774, जनपद सदस्य के लिए 899 और जिला पंचायत सदस्यों के लिए 138 पदों के लिए मतदान हुआ। इस चुनाव में कुल 65,716 पंच पद, 15,217 सरपंच पद, 3,885 जनपद सदस्य पद और 699 जिला पंचायत सदस्य पदों के लिए प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव राज्य के विभिन्न जिलों और विकासखण्डों में हुए, जिनमें बिलासपुर, मुंगेली, रायगढ़, बलरामपुर, सूरजपुर, रायपुर, दुर्ग, और बस्तर सहित कई अन्य विकासखण्ड शामिल हैं।
शिक्षक में राष्ट्र का उन्नायक बनने की क्षमता है- कुलपति प्रो. चक्रवाल
21 Feb, 2025 08:04 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर। गुरु घासीदास विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय) नैक से ए++ ग्रेड प्राप्त विश्वविद्यालय में दिनांक 20-22 फरवरी तक तीन दिवसीय 57वीं आईएटीई की राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल की अध्यक्षता में हुआ। 20 फरवरी को सुबह 10.30 बजे रजत जयंती सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह में अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए कहा कि युगों से शिक्षक की राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका रही है। शिक्षक में राष्ट्र का उन्नायक बनने की क्षमता निहित है।
विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ टीचर्स एजुकेटर्स के संयुक्त तत्वावधान में शेपिंग टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम्स मेकिंग दि फ्यूचर टीचर विषय पर आयोजित तीन दिवसीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि शिक्षा के व्यावसायीकरण के दौर में एक अच्छा शिक्षक बनना बड़ी चुनौती है। व्यावसायीकरण के चलते हमने मानवीयता एवं नैतिकता की तुलना में लाभार्जन पर अधिक ध्यान केन्द्रित कर दिया है। अच्छा शिक्षक बनने के लिए हमें संवेदनशील और मूल्यनिष्ठ गुणों से संपन्न होना होगा। शिक्षक के शिक्षा और शिक्षण के केंद्र में सदैव से विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास होता है।
संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. संजीव सोनावने, कुलपति, यशवंतराव चव्हाण, महाराष्ट्र मुक्त विश्वविद्यालय नासिक ने कहा कि विकसित भारत 2047 के निर्माण में शिक्षक की भूमिका अहम है। शिक्षक का मूल्य तथा कौशल आधारित शिक्षा विदायर्थियों को प्रदान करना चाहिए। आईएटीई के अध्यक्ष प्रो. एम. मियां ने कहा कि शिक्षक का ज्ञानवान होने के साथ ही उत्तरदायित्व का बोध आवश्यक है। नकारात्मकता से दूर रहते हुए शिक्षक को ईमानदार एवं नैतिकबल से संपन्न होना चाहिए।
बीज वक्तव्य देते हुए प्रो. धनंजय यादव, निदेशक, एमएमटीसी एवं विभागाध्यक्ष शिक्षा विभाग, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा में समाहित करते हुए वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप विद्यार्थियों के कौशल विकास पर ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि प्रो. बी.आर. कुकरेती, महासचिव, आईएटीए ने कहा कि इंडियन एसोसिएशन ऑफ टीचर्स एजुकेटर्स द्वारा किये जा रहे कार्यों का ब्योरा दिया।
इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्जवलित कर मां सरस्वती, बाबा गुरु घासीदास एवं छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। नन्हें पौधों से अतिथियों का स्वागत किया गया। स्वागत उद्बोधन शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. संबित कुमार पाढ़ी ने दिया। शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. सी.एस. वझलवार ने शिक्षा विभाग की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला। कुलसचिव प्रो. ए.एस. रणदिवे ने विश्वविद्यालय में चल रही विभिन्न योजनाओँ के साथ उपलब्धियों के विषय में जानकारी दी।
इस अवसर पर 57वीं आईएटीई संगोष्ठी में प्रो. विभा जोशी, प्रो. आर.पी. पाठक और वृंदा वाजले को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन संगोष्ठी के आयोजन सचिव प्रो. सुजीत कुमार मिश्रा ने तथा संचालन डॉ. जानकी धपोला एवं अल्पना ने किया। अतिथियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। इस अवसर पर संक्षेपिका, आईएटीई के जर्नल एवं पुस्तकों का विमोचन हुआ। उद्घाटन कार्यक्रम में आईएटीई के पदाधिकारी, विश्वविद्यालय के विभिन्न विद्यापीठों के अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्षगण, शिक्षक एवं अधिकारी, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सोलर लाइट घोटाले में जांच समिति गठित, हाईकोर्ट ने शपथपत्र प्रस्तुत करने दिए निर्देश
21 Feb, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर । ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए करोड़ों के सोलर स्ट्रीट लाइट घोटाले में जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान बुधवार को महाधिवक्ता ने बताया कि जाँच समिति गठित हो गई है, जो अपना काम कर रही है। डीबी ने महाधिवक्ता को शपथपत्र देने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 18 मार्च को रखी है।बस्तर और सुकमा जिले के 190 गांवों में 18 करोड रूपए की 3500 से ज्यादा सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने के मामले में यह सुनवाई चल रही है। पूर्व में हुई सुनवाई में बताया गया कि पूरी निविदा प्रक्रिया क्रेडा के माध्यम से होनी चाहिए थी, जो वर्तमान मामले में नहीं की गई। राज्य के अधिकारियों को पूरी जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसकी अनदेखी की है, यहां तक कि भंडार क्रय नियम के तहत निर्धारित नियमों का भी उल्लंघन किया गया।
नक्सली हमला सिर्फ आपराधिकृत्य नहीं, लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरा-हाईकोर्ट
21 Feb, 2025 11:40 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर । हाईकोर्ट ने 11 मार्च 2014 को राष्ट्रीय राजमार्ग 30 में रोड ओपनिंग के लिए गए सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला एवं आईईडी ब्लॉस्ट किया। इस हमले में 11 सीआरपीएफ, 4 राज्य पुलिस कर्मी एवं 4 अन्य शहीद हो गए। मावोवादी शहीदों के हथियार लूट कर ले गए।
कोर्ट ने नक्सली हमला को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि साजिश हमेशा गुप्त रूप से रची जाती है और ऐसा करना मुश्किल हो सकता है इसके प्रत्यक्ष साक्ष्य जोड़ें और अभियोजन पक्ष अक्सर भरोसा करेगा विभिन्न पक्षों के कृत्यों के साक्ष्य पर यह अनुमान लगाना कि वे किस प्रकार किये गये थे उनके सामान्य इरादे का संदर्भ। साजिश हो सकती है प्रत्यक्ष या परिस्थितिजन्य ऐसे साक्ष्यों से निस्संदेह सिद्ध होता है।
11.03.2014 को टाहकवारा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 30, एक सडक़ दल जिसमें 30 कर्मी शामिल थे। 80 वीं बटालियन केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की ‘एफ’ कंपनी सीआरपीएफ और 13 पुलिस कर्मी तोंगपाल पुलिस स्टेशन के 13 पुलिस कर्मी शामिल थे। सडक़ निर्माण में लगे कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए। रोड ओपनिग पार्टी (आरओपी) प्रात: 09:00 बजे 03 अनुभागों में थाना तोंगपाल से रवाना हुए। जब पहला खंड करीब 04 किमी दूर ग्राम टाहकवारा के पास पहुंचा सुबह करीब 10,30 बजे पुलिस थाना तोंगपाल दरभा की ओर हथियारों से लैस दरभा डिवीजन के माओवादी कैडरों का नेतृत्व सुरेंद्र, देवा, विनोद, सोनाधर ने आरओपी पर घात लगाकर हमला कर दिया। करीब एक घंटे तक फायरिग होती रही। फायरिग और आईईडी विस्फोट पर 15 सुरक्षाकर्मी (11 सीआरपीएफ और 04 राज्य पुलिस कर्मी, 03 अन्य कर्मी शहीद हो गए। गंभीर रूप से घायल. पास से गुजर रहे एक स्थानीय नागरिक की भी मौत हो गई।
माओवादी मृतकों के हथियार भी लूट ले गए
घटना के बाद माओवादी शहीदों और घायल कर्मियों के हथियार और सामान लूट लिया, जो इसमें 3 अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर समेत 6 एके-47 राइफलें शामिल हैं (यूबीजीएल) भी लगाए गए, एक इंसास एलएमजी, 8- इंसास और 2 एसएलआर और गोलियां भी शामिल थीं, हथियार लूटने के बाद नक्सली दोनों तरफ जंगल में भाग गये। हेड कांस्टेबल की लिखित शिकायत पर सन्ना, सुरेंद्र, गणेश उइके, रघु, सुखराम, विनोद, सुमित्रा, देवा, पूजा, जमीली, मासा, नरेश, अनिल, हिड़मे, देवे, लक्की, जोगी, बुधराम और लगभग 150से 200 माओवादी के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया। 21.03.2014 को एनआईए को जांच सौंप गया। एनआईए ने आरोपियों के विरूद्ब धारा 302, 377, 120 बी आईपीसी, धारा- 25 (1) के तहत (1बी)(ए), 27 शस्त्र अधिनियमज्यूएपीए की धारा 20, 23, 38 (2) के तहत आरोप पत्र पेश किया। विशेष न्यायालय जगदलपुर ने सभी पक्षों को सुनने के बाद माओवादी कवासी जोगा निवासी अंडालपारा, चांदामेटा, थाना-दरभा, जिला-बस्तर, छ.ग. दयाराम बघेल उर्फ रमेश अन्ना बघेल, निवासी ग्राम कुमा कोलेंग बोदावाड़ा, पुलिस थाना- तोंगपाल, जिला सुकमा, मनीराम कोर्राम उर्फ बोटी निवासी चांदामेटा, थाना-दरभा, जिला-बस्तर, छ.ग, महादेव नाग निवासी पटेलपारा, कांदानार, थाना-दरभा, जिला-बस्तर सहित अन्य को सभी धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके खिलाफ आरोपियों ने हाईकोर्ट में अपील प्रस्तुत की। सभी के अपील पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डीबी में सुनवाई हुई। डीबी ने अपने आदेश में कहा कि सुरक्षा बलों पर नक्सलियों द्बारा किये गये हमले/घात सिर्फ आपराधिक कृत्य नहीं हैं। लेकिन यह एक बड़े विद्रोह का हिस्सा हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून के लिए खतरा है। व्यवस्था, और लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए ये हमले पूर्व नियोजित हैं। अत्यधिक संगठित और राजनीति से प्रेरित, जो उन्हें कहीं अधिक बड़ा बनाता है सामान्य अपराधों से भी खतरनाक. चोरी जैसे आम अपराधों के विपरीत, डकैती, या यहां तक कि हत्या, नक्सली हमले विद्रोह के उद्देश्य से किए गए कार्य हैं। राज्य को अस्थिर करने इन ऑपरेशनों में घात लगाकर हमला करना, गुरिल्ला शामिल होता है युद्ध की रणनीति, और आईईडी जैसे परिष्कृत हथियारों का उपयोग (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज) और बारूदी सुरंगें। सुरक्षा कर्मी, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), पुलिस और शामिल हैं। अर्धसैनिक बल, अक्सर प्राथमिक लक्ष्य होते हैं। ये हमले अधिकतम लोगों को हताहत करने के इरादे से सुनियोजित और क्रियान्वित किए जाते हैं। सुरक्षा बलों के मनोबल को कमजोर करना और वन क्षेत्र पर नियंत्रण जमाना। नक्सली हिंसक तरीको से लोकतांत्रिक व्यवस्था को उखाड़ फेंकना चाहते हैं। कई हमलों में आईईडी विस्फोट, घात लगाकर हमला करना शामिल है। और गुरिल्ला युद्ध रणनीति, जिससे व्यक्तियों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। स्थानीय ग्रामीण अक्सर नक्सली गतिविधियों के गवाह बनते हैं, हिसक प्रतिशोध के डर से गवाही देने में अनिच्छुक होते हैं। नक्सली कुछ क्षेत्रों पर मजबूत नियंत्रण रखें, किसी भी व्यक्ति के साथ सहयोग करने गवाहों को डराया-धमकाया जाता है। नक्सली कई उपनाम का उपयोग करते हैं, जिससे अधिकारियों के लिए उनकी वास्तविक पहचान करना मुश्किल हो जाता है। इसलिए, अक्सर परिस्थितिजन्य साक्ष्य दोषी ठहराने में अहम भूमिका निभाते हैं और आरोपियों को सजा सुनाई है, प्रत्यक्ष साक्ष्य का अभावज्वर्तमान मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए षडयंत्र का, जो राज्य और उसके साधनों के विरुद्ध था, अत: षडय़ंत्र रचा जाना परिस्थितिजन्य से सिद्ध होता है सबूत और उन गवाहों के बयान भी जो पहले हिस्सा है।वचाराधीन अपराध, हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की बरामदगी किया गया। इसके साथ कोर्ट ने माओवादियों की अपील को खारिज कर एनआईए कोर्ट के आदेश की पुष्टि की है।एनआईए ने आरोपियों के विरूद्ब धारा 302, 307, 120 बी आईपीसी, धारा- 25 (1) के तहत (1बी)(ए), 27 शस्त्र अधिनियमज्यूएपीए की धारा 20, 23, 38 (2) के तहत आरोप पत्र पेश किया। विशेष न्यायालय जगदलपुर ने सभी पक्षों को सुनने के बाद माओवादी कवासी जोगा निवासी अंडालपारा, चांदामेटा, थाना-दरभा, जिला-बस्तर, छ.ग. दयाराम बघेल उर्फ रमेश अन्ना बघेल, निवासी ग्राम कुमा कोलेंग बोदावाड़ा, पुलिस थाना- तोंगपाल, जिला सुकमा, मनीराम कोर्राम उर्फ बोटी निवासी चांदामेटा, थाना-दरभा, जिला-बस्तर, छ.ग, महादेव नाग निवासी पटेलपारा, कांदानार, थाना-दरभा, जिला-बस्तर सहित अन्य को सभी धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कांग्रेस में गहराती जा रही है दरार.. फिर छिड़ा संग्राम, निकाय चुनाव में मिली करारी हार से आरोप प्रत्यारोप का दौर हुआ शुरू
21 Feb, 2025 10:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर। कोटा के विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अटल श्रीवास्तव ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केसरवानी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि वह बेलगाम हो चुके हैं और संगठन की शक्ति का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने जिला अध्यक्ष के खिलाफ जांच कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि जिला अध्यक्ष अनुशासनहीनता के नाम पर निष्कासन की अनुशंसा कर रहे हैं, जो सरासर गलत है। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विजय केसरवानी ने उनके खिलाफ मीडिया में बयान देकर पार्टी अनुशासन का उल्लंघन किया है। अटल श्रीवास्तव ने जोर देते हुए कहा कि जिला अध्यक्ष की मनमानी से कांग्रेस कमजोर हो रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को पार्टी फोरम में उठाएंगे और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करेंगे। इसके साथ ही विधायक ने उन मीडिया रिपोट्र्स को भी गलत बताया, जिनमें यह कहा गया था कि कलेक्टर को चपरासी के जरिए हटाए जाने की बात हुई थी। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस की करारी हार पर भी अटल श्रीवास्तव ने संगठन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बार-बार प्रत्याशियों की सूची बदली गई, जिससे पार्टी की छवि को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने पूछा, आखिर किसके आदेश पर टिकटों में बदलाव किया गया? उन्होंने कहा कि गलत टिकट वितरण के कारण कई प्रत्याशी नाराज हो गए, जिससे कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के 10 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। अटल श्रीवास्तव ने मांग की कि इस हार के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कोटा के विधायक अटल श्रीवास्तव के बंगले पर आज बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुटे। समर्थकों ने जिला अध्यक्ष द्वारा विधायक के निष्कासन की अनुशंसा पर कड़ी नाराजगी जताई। इस घटनाक्रम से कांग्रेस के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। संगठन और विधायक खेमे के बीच टकराव के संकेत साफ नजर आ रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि जिला अध्यक्ष के फैसले से कांग्रेस कमजोर हो रही है। इस विवाद ने कांग्रेस संगठन में गहरी दरार को उजागर कर दिया है। एक तरफ विधायक अटल श्रीवास्तव और उनके समर्थक हैं, तो दूसरी तरफ जिला अध्यक्ष विजय केसरवानी का खेमा। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस नेतृत्व इस मामले में क्या फैसला लेता है। क्या जिला अध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई होगी, या यह टकराव और गहराएगा? यह मामला अब पार्टी के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन 5-8वीं बोर्ड परीक्षा के मामले में हाईकोर्ट पहुंचा, सरकार से 10 दिनों में जवाब तलब
21 Feb, 2025 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर । सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में इसी सत्र से 5-8 वीं की परीक्षा लेने का आदेश ऐसे निजी स्कूलों के लिए मुसीबत बन गया है, जो पाठ्य पुस्तक निगम की बजाय निजी प्रकाशकों की किताबें पड़ा रहे हैं। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने इस आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। इस मामले में हाईकोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग से 10 दिनों में जवाब मांगा है। इस मामले में निजी स्कूल एसोसिएशन का कहना है कि उन्होंने पहले ही शिक्षा विभाग को लिखकर दिया था कि वो सीजी समग्र एवं मूल्यांकन पैटर्न पर बच्चों को पढ़ा रहे हैं। अब तक इन कक्षाओं के होम एग्जाम हुआ करते थे, लेकिन सत्र के आखिर में सीजी बोर्ड से पांचवीं और आठवीं की परीक्षा आयोजित कर शिक्षा विभाग मनमानी करने पर आमादा है। इस मामले को लेकर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट का रुख किया है। जहां कोर्ट ने कर्नाटक के मामले को लेकर हुए निर्णय का हवाला देते हुए राज्य सरकार से पूछा है कि हम ऐसा क्यों नहीं कर सकते। जवाब देने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। हाईकोर्ट ने पूछा कि जब कर्नाटक में बीच सत्र में इस तरह का निर्णय लिया गया था, तो उसका भी एक आदेश आया था, जिसके तहत छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग निर्णय क्यों नहीं ले सकता। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद सीबीएसई स्कूलों ने थोड़ी राहत की सांस ली है. लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि उन्हें पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा देनी है या नहीं। हालांकि शिक्षा विभाग का आदेश है कि शासकीय स्कूल और निजी स्कूल सभी में पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षाएं होने जा रही है, जिसकी तैयारी में वह जुट गए हैं।
सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान के लिए 20 मई तक नामांकन आमंत्रित
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उज्जैन की जनता सिंहस्थ संबंधी कार्यों में सहयोग कर पेश कर रही हैं नई मिसाल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आदि उत्सव जनजातीय गौरव, संस्कृति और उद्यमिता का है अदभुत संगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शीघ्र ही होगा जीवनदायिनी तांदुला नदी का कायाकल्प
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गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रदेश को देश में सभी क्षेत्रों में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भूकंप के झटकों से जापान में दहशत, लोग घरों से बाहर निकले
