छत्तीसगढ़
निकाय चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष
19 Feb, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। निकाय चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष का सिलसिला जारी है। कांग्रेस के पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा एक बार फिर विवादों में हैं, जब उत्तर विधानसभा से दो हारे हुए कांग्रेस प्रत्याशियों ने उनके खिलाफ शिकायत की है। वार्ड 6 के प्रत्याशी राधेश्याम विभार और वार्ड 34 के उम्मीदवार कामरांत अंसारी ने राजीव भवन पहुंचकर प्रदेश महामंत्री मल्कित गैदू से जुनेजा के खिलाफ लिखित शिकायत की। प्रत्याशियों ने आरोप लगाया है कि जुनेजा ने अपने कार्यकर्ताओं से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ काम कराया। इसके अलावा, उन्होंने बागी प्रत्याशी आकाश तिवारी का समर्थन करने का भी आरोप लगाया। शिकायत में जुनेजा की कुछ तस्वीरें और फेसबुक चैट्स के स्क्रीनशॉट भी पीसीसी में जमा किए गए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, प्रदेश महामंत्री मल्कित गैदू ने कहा कि पार्टी ने प्रदेशभर में गाइडलाइंस के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि जुनेजा के खिलाफ शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू की जा रही है और जुनेजा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। वहीं, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा लगातार पार्टी के आंतरिक मामलों पर बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी में निष्कासित नेताओं की वापसी को लेकर विरोध जताया और पीसीसी चीफ दीपक बैज को पत्र लिखा था। इसके अलावा, चार बार कांग्रेस की चुनावी हार के बाद बैज से इस्तीफा देने की भी बात की थी। पार्टी ने जुनेजा को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर लिखित में जवाब देने को कहा है।
बालाघाट में पुलिस-नक्सली मुठभेड़, रौंदा के जंगल में ऑपरेशन जारी
19 Feb, 2025 06:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
C G: राज्य के नक्सल प्रभावित जिला बालाघाट के गढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत रौंदा के जंगल में एक बार फिर से पुलिस और नकस्ली आमने-सामने हो गए। मुठभेड़ की इस घटना में पुलिस को सफलता मिली है।
घने जंगल का फायदा उठाकर नक्सलियों ने की फायरिंग
रौंदा के जंगल में हुए इस मुठभेड़ में तीन नक्सलियों के ढेर होने की जानकारी मिली है। वहीं कई अन्य नक्सलियों के घायल होने की भी जानकारी मिली है और पुलिस पार्टियं जंगल में नक्सलियों की तलाश में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक, हॉकफोर्स के जवान जंगल में सर्चिंग कर रहे थे, तभी जंगल में घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने हॉकफोर्स की सर्चिंग टीम पर फायरिंग कर दी। खुद को बचाने के लिए जवानों ने जवाबी फायरिंग की।
जवाबी फायरिंग में तीन नक्सली ढेर
जवाबी फायरिंग के दौरान तीन नक्सलियों को मार गिराने पर जवानों को सफलता हाथ लगी है। रौंदा के जंगल में हुए इस मुठभेड़ की जानकारी मिलते है पुलिस के आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। मुठभेड़ में मारी गई तीन महिला नक्सलियों से एक इंसास राइफल, एक एसएलआर राइफल व एक 303 राइफल और दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की गई है। मुठभेड़ के दौरान कुछ नक्सली घायल भी हुए हैं, जो घने जंगल होने का फायदा उठाकर भाग गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
घने जंगल में घायल नक्सलियों की तलाश है जारी
हॉकफोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा एवं जिला बल सहित 12 से अधिक टीमों के द्वारा भागे गए नक्सलियों की तलाशी के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस ने महिला नक्सलियों के शव बरामद कर लिए हैं और उनकी शिनाख्त के लिए कार्रवाई की जा रही है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में भाजपा को बड़ा झटका, कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशियों ने मारी बाजी
19 Feb, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सूरजपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में सूरजपुर जिले में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। यहां जिला पंचायत सदस्य के लिए 15 सीटों में से 6 सीटों पर चुनाव हुआ, जिसमें भाजपा समर्थित सभी प्रत्याशी हार गए। वहीं, कांग्रेस समर्थित तीन और तीन निर्दलीय प्रत्याशी जीतने में सफल रहे। चुनाव के परिणाम भाजपा के लिए चौंकाने वाले रहे, क्योंकि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े और विधायक के क्षेत्र में भी कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की। भाजपा के अनूप सिन्हा, जो कि मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के क्षेत्र से उम्मीदवार थे, हार गए। वहीं, इस बार के चुनाव में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष नरेंद्र यादव ने जीत दर्ज की, और कांग्रेसियों ने ढोल-नगाड़े के साथ जीत का जश्न मनाया। कांग्रेस ने इस जीत को ओबीसी आरक्षण का लाभ बताया है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष भगवती राजवाड़े ने कहा, हमने पहले चरण में बड़ी जीत हासिल की है और आगामी दो चरणों के चुनाव में भी कांग्रेस को अच्छा लाभ मिलेगा। इस बार फिर हम जिला पंचायत में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बनाएंगे।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से, अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश होने की संभावना
19 Feb, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 24 फरवरी से शुरू हो रहा है। इस बार राज्य के गठन के बाद अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किए जाने के आसार हैं। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि बजट छत्तीसगढ़ के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और नई योजनाओं के साथ राज्य आगे बढ़ेगा। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि पिछले एक साल में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था को एक मजबूत आधार मिला है और इसी आधार पर अर्थव्यवस्था को और बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। जैसे-जैसे जीडीपी की वृद्धि हो रही है और टैक्स रेवेन्यू में बढ़ोतरी हो रही है, बजट का आकार भी बढ़ेगा। जानकारों के अनुसार इस बार छत्तीसगढ़ का बजट 1.5 लाख करोड़ रुपए के आसपास हो सकता है, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। नए बजट पर 22 फरवरी को होने वाली साय कैबिनेट की बैठक में चर्चा की जाएगी और मंजूरी दिए जाने की संभावना है। विधानसभा के बजट सत्र की अवधि 24 फरवरी से 21 मार्च तक होगी, जिसमें कुल 17 बैठकें होंगी। इस सत्र के दौरान 2025-26 के लिए बजट पेश किया जाएगा और विधायकों के द्वारा पूछे गए कुल 1,862 सवालों पर भी चर्चा होगी, जिसमें 943 तारांकित और 871 आतंकित सवाल शामिल हैं।
राजधानी रायपुर में नौकरी जिहाद का मामला सामने आया
19 Feb, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नौकरी जिहाद का मामला सामने आया है। हिंदू समाज के लोगों ने इस मामले की गंभीरता को लेकर एसएसपी लाल उम्मेद सिंह से मुलाकात कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस और साइबर सेल की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है। बता दे कि निश्चय वाजपेयी ने सिविल लाइन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने शिकायत में बताया कि यह धोखाधड़ी का एक बड़ा नेटवर्क चल रहा है, जिसमें हिंदू समाज की लड़कियों को नौकरी दिलाने के बहाने झांसा दिया जा रहा है। वाजपेयी के अनुसार, इन अपराधी तत्वों ने सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्मों के माध्यम से महिलाओं से संपर्क किया और नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन दिया। शिकायत में यह भी बताया गया कि कुछ अपराधी इन महिलाओं को गलत कामों में धकेल रहे हैं, और यह साजिश एक विशेष समुदाय के लोग साजिशन कर रहे हैं। इस पूरी घटना को नौकरी जिहाद के रूप में देखा जा रहा है, जहां महिलाओं को गलत रास्ते पर डाला जा रहा है। इस घटनाक्रम को लेकर तेलंगाना के बीजेपी विधायक टी राजा ने भी बयान दिया था कि हमारी बहन-बेटियों को लव जिहाद के जरिए फंसाया जा रहा है, और अब यह नया नौकरी जिहाद रायपुर से सामने आया है।
छत्तीसगढ़ में नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की करारी हार, पार्टी में गुटबाजी बढ़ी
19 Feb, 2025 03:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ में सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस नेता बीते सभी चुनावों में लगातार हार से परेशान हैं. अब नगर निकाय चुनावों में भी मिली करारी हार के बाद पार्टी के अंदर गुटबाजी सतह पर आ गई है. यही वजह है कि नगरीय निकायों में मिली करारी हार के बाद कार्यकर्ताओं का गुस्सा कांग्रेस के बड़े नेताओं पर लगातार निकल रहा है. कांग्रेस में गुटबाजी को लेकर सोशल मीडिया पर भी पार्टी के कार्यकर्ता अपनी भड़ास निकालने में पीछे नहीं हैं. बिलासपुर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय केशरवानी ने तो कांग्रेस MLA को पार्टी से निष्कासित करने की सिफारिश आला कमान तक से कर दी है.
दरअसल, बिलासपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि सोमवार को पूर्व डिप्टी सीएम टी एस सिंहदेव का बिलासपुर दौर था. इस दौरान कोटा से कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने उनसे सिंहदेव के सामने ही दुर्व्यवहार किया. उसके बाद विजय केशरवानी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को पत्र लिखकर अपना दर्द बताया है. साथ ही विधायक अटल श्रीवास्तव को पार्टी से निष्कासित करने की सिफारिश की है.
रायपुर के पूर्व विधायक को कारण बताओ नोटिस
नगर निकाय चुनाव में मिली करारी हार के बाद लगातार सोशल मीडिया पर पार्टी के खिलाफ बयानबाजी करने के आरोप में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रायपुर के पूर्व कांग्रेस विधायक कुलदीप जुनेजा को शो कॉज नोटिस भेजा है. पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा कांग्रेस में बगिया की वापसी का लगातार सार्वजनिक मंचों पर विरोध कर रहे हैं.
केसरवानी ने विधायक पर लगाया छुरा घोंपने का आरोप
बता दें कि नगरीय निकाय चुनाव के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव पहली बार बिलासपुर आये थे. इस मौके पर कांग्रेस नेता पंकज सिंह ने सिंहदेव को भोजन के लिए आमंत्रित किया था. सिंहदेव के स्वागत के लिए बिलासपुर जिला अध्यक्ष और कांग्रेस विधायक भी अपने-अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे. इस दौरान निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर जिला अध्यक्ष और विधायक में तू तू मैं मैं शुरू हो गई. कांग्रेस विधायक ने जिला अध्यक्ष केसरवानी से यह भी कहा कि तूने मेरी पीठ में छुरा घोंपा है.
बस्तर के राजमहल में ऐतिहासिक शादी, 107 साल बाद गद्दी पर बैठे राजा का विवाह
19 Feb, 2025 03:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ के राजपरिवार में महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेव के लिए चर्चित बस्तर राजमहल में पूरे 107 साल बाद गद्दी पर आसीन किसी राजा की शादी होने जा रही है. यहां पिछली शादी साल 1918 में रुद्रप्रताप देव की हुई थी. करीब पांच पीढ़ियों के बाद अब 20 फरवरी 2025 को बस्तर महाराजा कमलचंद भंजदेव की शादी हो रही है. इस भव्य वैवाहिक उत्सव को देखने के लिए लोग बहुत उत्सुक हैं.
तत्कालीन बस्तर महाराजा रुद्रप्रताप देव का जन्म साल 1891 में हुआ था और 1921 तक वह शासन करते रहे. उनकी पहली शादी 1908 में कुसुमलता के साथ हुई थी. रानी की आकस्मिक मौत की वजह से साल 1918 में रुद्रप्रताप देव ने चंद्रादेवी से दूसरी शादी की थी. इनकी शादी के बाद 107 सालों तक बस्तर स्टेट की राजगद्दी पर बैठे किसी राजा की शादी राजमहल में नहीं हुई है.
बाहर होती रही शादियां
राजगुरु नवीन ठाकुर ने बताया कि बस्तर महाराज प्रवीर चंद्र भंजदेव का विवाह 4 जुलाई 1961 को वेदवती के साथ दिल्ली में हुआ था. इसके बाद साल 1954 में विजय चंद्र भंजदेव का विवाह हितेंद्रकुमारी के साथ गुजरात में हुआ था. इसी तरह भरत चंद्र भंजदेव का विवाह भी कृष्णकुमारी के साथ गुजरात में हुआ था. इस बीच प्रवीरचंद्र भंजदेव की बहनों का विवाह ब्रिटिश काल में हुआ था. करीब 35 साल पहले महाराजकुमार हरिहर चंद्र भंजदेव की शादी पैलेस में हुई थी. वह गद्दी पर आसीन राजा नहीं थे.
अब कमलचंद्र की शादी
राजमहल में इन दोनों राजगद्दी पर आसीन बस्तर महाराजा कमलचंद भंजदेव की शादी हो रही है. उनका विवाह मध्य प्रदेश के किला नागौद के महाराजा शिवेंद्र प्रताप सिंह की बेटी महाराजकुमारी भुवनेश्वरी कुमारी के साथ 20 फरवरी को होने जा रहा है. इसके चलते ही 1890 में निर्मित बस्तर राजमहल की बेहतरीन सजावट की गई है. वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न करने राजस्थान से कैटरिंग और रजवाड़ा शामियाना वालों को बुलाया गया है.
कोटा में विजय जश्न के दौरान ओशियन डिफेंस अकादमी के पास गोली चलने से कांग्रेस कार्यकर्ता घायल
19 Feb, 2025 02:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोटा के चांदनी चौक स्थित ओशियन डिफेंस अकादमी के पास आधी रात को गोली चलने से हड़कंप मच गया। जानकारी के मुताबिक, यह घटना पार्षद चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस प्रत्याशी के विजय जश्न के दौरान हुई। ओशियन अकादमी के संचालक नंदकिशोर ने एयरगन से गोली चलाई। बताया जा रहा है कि विजय जुलूस के बाद कार्यकर्ताओं के शोर मचाने से नाराज होकर अकादमी संचालक ने एयरगन से गोली चलाई। इसमें कांग्रेस कार्यकर्ता भूपेश चंद्राकर की कमर में छर्रा लग गया। घायल युवक को तुरंत एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घटना के बाद कार्यकर्ताओं ने अकादमी संचालक के घर पर पथराव किया। पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और आरोपी नंदकिशोर को हिरासत में ले लिया। मामला सरस्वती नगर थाना इलाके का है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पीड़ित गोली चलने के बयान से मुकरा
पुलिस ने बताया कि 18 फरवरी की रात करीब 11.30 बजे भूपेंद्र चंद्राकार ने सूचित किया कि ओशियन अकादमी के संचालक ने एयर गन से फायर कर चोट पहुंचाई है। सूचना तस्दीक पर संदेही और पीड़ित को थाना लाया गया और तत्काल आहत को इलाज के लिए एम्स अस्पताल रवाना किया गया।
मगर, जब प्रार्थी को एफआईआर दर्ज कराने कहा गया, तब उसने बताया कि रात्रि में पाइप लाइन कोटा फैक्ट्री में खाना खाने के दौरान ओशियन अकादमी के संचालक द्वारा यहां हल्ला कर रहे हो बोलकर वाद विवाद करने लगा। इसी समय पटाखा फूटने की आवाज आई, जिससे पीड़ित को लगा कि ओशियन अकादमी के संचालक नंद किशोर ने उस पर एयरगन से फायर किया है और विवाद हुआ था।
पीड़ित ने यह भी बताया कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सुलह हो गई है और कार्यवाही नहीं चाहते हैं। इस संबंध में पीड़ित ने एक लिखित आवेदन भी दिया है। खुद को आई खरोच के संबंध में पीड़ित ने कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। पुलिस ओशियन के संचालक नंद किशोर के खिलाफ अलग से कार्यवाही कर रही है।
चुनाव के एक दिन पहले 11 फरवरी को चली थी गोली
गोलबाजार के मटका लाइन एक धार्मिक कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान रात करीब 2 बजे मौदहापारा का तैफुद्दीन उर्फ टप्पू और मोहम्मद कलीम भी वहां पहुंचे। वहां कुछ लड़कों से उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद तैफुद्दीन ने पिस्टल निकाला और दो राउंड हवाई कर दिया। इस दौरान कलीम भी आस-पास के लोगों से गालीगलौज कर रहा था। इससे मौके पर दहशत का माहौल बन गया। लोगों में सनसनी फैल गई। लोग इधर-उधर भागने लगे।
इसकी सूचना पर गोलबाजार पुलिस मौके पर पहुंची। आला अधिकारी भी गए। दोनों आरोपी भाग निकले थे। पुलिस ने अपराध दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। रात भर में दोनों को हिरासत में लिया गया। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की कार्रवाई की गई। आरोपी ने यूपी से पिस्टल मंगवाया था। उसी से फायरिंग की है।
डीकेएस अस्पताल के डॉक्टरों ने बच्चे की आहार नली से बिना ऑपरेशन सिक्का निकाला
19 Feb, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
डीकेएस अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने बच्चे की आहार नली से बिना ऑपरेशन सिक्का निकाला है। दरअसल, आठ साल के बच्चे ने खेल-खेल में ही गलती से दो का सिक्का निगल लिया। इसके बाद बच्चे के सीने में तेज दर्द होने लगा। चूंकि सिक्का आहार नली में फंसा रहा, जिसकी वजह से उसे खाने-पीने से लेकर पानी तक निगलने में परेशानियां होने लगीं। ऐसे में स्वजन उसे आनन-फानन में उसे डीकेएस अस्पताल ले गए। वहां, डॉक्टरों ने बिना ऑपरेशन के ही एंडोस्कोपी के माध्यम से सिक्के को दो घंटे के भीतर ही बाहर निकाल लिया।
पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. जीवन पटेल ने अस्पताल पहुंचते ही बच्चे का एक्स-रे कर सिक्के की लोकेशन का पता लगाया गया। इसके बाद एंडोस्कोपी और सहायक उपकरणों की सहायता से बिना किसी चीर-फाड़ के ही सिक्के को बाहर निकाला गया।
24 घंटे ऑब्जर्वेशन में रखा, फिर किया डिस्चार्ज
इसके तुरंत बाद दोबारा से उसकी एंडोस्कोपी की गई और देखा गया कि जहां सिक्का था, उस हिस्से में किसी प्रकार की क्षति तो नहीं पहुंची है। इसके बाद बच्चे को 24 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखा गया और खाने-पीने में समस्या नहीं आने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉ. पटेल के साथ ऐनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. लोकेश कुमार नेटी और डॉ. विवेक श्रीवास्तव का प्रमुख रूप से योगदान रहा।
डीकेएस में बच्चों की एंडोस्कोपी सुविधा
अस्पताल अधीक्षक डॉ. शिप्रा शर्मा ने बताया कि डीकेएस में बच्चों की एंडोस्कोपी की पूरी सुविधा है। पूर्व में भी सिक्के, टी-पिन, बटन बैटरी जैसी वस्तुएं निकाल ली गई हैं। बच्चों में खून की उल्टी का उपचार भी एंडोस्कोपी द्वारा किया जाता है।
इस तरह करें बचाव
.बच्चों को सिक्के, बटन, बैटरी, छोटे खिलौने जैसी चीजों से दूर रखें।
.अगर कोई बच्चा कोई वस्तु निगल ले, तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें।
.निलगने के तुरंत बाद जबरदस्ती उल्टी कराने की कोशिश न करें।
.जल्द से जल्द एक्स-रे और एंडोस्कोपी से स्थिति की पुष्टि कराएं।
राज्य सरकार ने छोटे दुकानदारों को दी राहत, दुकान एवं स्थापना अधिनियम 2017 को लागू किया
19 Feb, 2025 01:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्य सरकार ने छोटे दुकानदारों को राहत और कर्मचारियों के अधिकारों के संरक्षण के लिए दुकान एवं स्थापना नियोजन एवं सेवा की शर्तों का विनियमन अधिनियम, 2017 और नियम 2021 को पूरे राज्य में लागू कर दिया है। इसके साथ ही पुराना अधिनियम 1958 और नियम 1959 को निरस्त कर दिया गया है। पुरानी व्यवस्था में दुकानों को सप्ताह में एक दिन बंद रखना अनिवार्य था। अब दुकानें 24 घंटे और पूरे सप्ताह खुली रह सकती हैं। बशर्ते कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। नई व्यवस्था के तहत कुछ सुरक्षा शर्तों के साथ महिला कर्मचारियों को रात में भी काम करने दिया जाएगा।
सभी नियोजकों को कर्मचारियों के रिकॉर्ड इलेक्ट्रानिक रूप से मेंटेन करने होंगे। हर साल 15 फरवरी तक सभी दुकान और स्थापनाओं को अपने कर्मचारियों का वार्षिक विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। श्रम विभाग के अनुसार, नया अधिनियम पूरे राज्य में लागू होगा।
10 से अधिक कर्मचारी वाली दुकानों पर लागू होगा नियम
वहीं, पुराना अधिनियम केवल नगरीय निकाय क्षेत्रों में प्रभावी था। इस बदलाव से छोटे दुकानदारों को राहत मिलेगी। नया कानून केवल दस या अधिक कर्मचारियों वाली दुकानों और स्थापनाओं पर ही लागू होगा। पहले बिना किसी कर्मचारी के भी सभी दुकानें अधिनियम के दायरे में आती थीं।
नए अधिनियम में जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है। मगर, अपराधों के कम्पाउंडिंग की सुविधा दी गई है, जिससे नियोजकों को कोर्ट की कार्रवाई से बचने का विकल्प मिलेगा। निरीक्षकों की जगह फैसिलिटेटर और मुख्य फैसिलिटेटर नियुक्त किए जाएंगे, जो व्यापारियों और नियोजकों को बेहतर मार्गदर्शन देंगे। पहले दुकान और स्थापनाओं का पंजीयन कार्य नगरीय निकायों द्वारा किया जाता था। अब 13 फरवरी 2025 की अधिसूचना के अनुसार यह कार्य श्रम विभाग द्वारा किया जाएगा।
कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तय होगा शुल्क
नए नियमों के तहत दुकान और स्थापनाओं के पंजीयन शुल्क को कर्मचारियों की संख्या के आधार पर तय किया गया है। न्यूनतम शुल्क 1,000 रुपये और अधिकतम 10,000 रुपये होगा। पहले यह शुल्क 100 रुपये से 250 रुपये तक था।
श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि नए अधिनियम के लागू होने के छह महीने के भीतर सभी पात्र दुकानों और स्थापनाओं को पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। यह प्रक्रिया श्रम विभाग के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। कर्मचारी राज्य बीमा और भविष्य निधि में पहले से पंजीकृत दुकानें नए अधिनियम में स्वतः शामिल होंगी। पहले से पंजीकृत दुकानों को छह महीने के भीतर श्रम पहचान संख्या प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा मगर, इसके लिए उन्हें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यदि छह महीने बाद आवेदन किया जाता है, तो नियमानुसार शुल्क देना अनिवार्य होगा।
मेडिकल पीजी काउंसलिंग में गड़बड़ी का मामला, हाई कोर्ट ने 25 फरवरी तक रोक लगाया
19 Feb, 2025 01:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। इस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को काउंसलिंग पर रोक लगा दी है। अब इस मामले की सुनवाई 25 फरवरी को होगी। याचिकाकर्ता डॉ. यशवंत राव और डॉ. पी. राजशेखर ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि मेडिकल पीजी प्रवेश की काउंसलिंग प्रक्रिया में कई अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी का लाभ दिया गया। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार, इस श्रेणी में पात्रता के लिए 31 जनवरी 2024 तक तीन साल की सेवा पूरी करना अनिवार्य था।
हालांकि, काउंसलिंग के दौरान अधिकारियों ने सेवा अवधि की गणना कटऑफ तारीख से आगे बढ़ा दी। इससे अयोग्य उम्मीदवारों को भी प्रवेश का लाभ मिल गया। याचिका में यह भी कहा गया कि अधिकारियों ने एक निजी उम्मीदवार को गलत तरीके से सेवारत श्रेणी में प्रमाणित किया।
महाधिवक्ता ने माना हुई हैं अनियमितताएं
जांच में सामने आया कि यदि सेवा अवधि की गणना सही कटऑफ तारीख तक की गई होती, तो उक्त उम्मीदवार पात्र नहीं होता। शिकायत के बावजूद विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने सोमवार को प्रारंभिक सुनवाई के दौरान शिकायत में मजबूती पाई। महाधिवक्ता ने भी कोर्ट में माना कि अनियमितताएं सामने आई हैं।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समान स्थिति वाले सभी उम्मीदवारों पर लागू होगा। हाई कोर्ट ने महाधिवक्ता को निर्देश दिया कि वे इस आदेश की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें।
सीजीपीएससी फर्जीवाड़ा: उद्योगपति श्रवण गोयल ने लगाई याचिका
उधर, सीजीपीएससी 2021 भर्ती प्रक्रिया में फर्जीवाड़ा के आरोप में गिरफ्तार उद्योगपति श्रवण गोयल ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में अपनी जमानत के लिए याचिका दायर की है। उनकी याचिका पर मंगलवार को जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में सुनवाई हुई।
इसमें सीबीआई को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया। मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। गोयल के अधिवक्ता अंकित सिंघल ने कोर्ट में स्वास्थ्यगत कारणों का हवाला देते हुए अंतरिम जमानत की मांग की। इस पर सीबीआई की ओर से सीनियर एडवोकेट बी गोपाकुमार पेश हुए और जवाब देने के लिए समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया।
क्या है मामला
सीजीपीएससी 2021 भर्ती में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का आरोप पूर्व मंत्री और भाजपा नेता ननकीराम कंवर ने लगाया था। उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जनहित याचिका दायर कर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कुछ नेताओं और अधिकारियों के रिश्तेदारों को गलत तरीके से चयनित किया गया। उद्योगपति श्रवण गोयल की बेटी और दामाद का नाम भी आरोपित सूची में शामिल हैं।
रेलवे ने महाकुंभ के दौरान सारनाथ एक्सप्रेस ट्रेन रद्द की, यात्रियों में गहरी नाराजगी
19 Feb, 2025 12:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महाकुंभ के समापन से पहले रेलवे ने श्रद्धालुओं को बड़ा झटका दिया है। 19 फरवरी से तीन दिन तक सारनाथ एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन बंद रहेगा। प्रयागराज जाने के लिए यह महत्वपूर्ण ट्रेन है। तीनों तिथि में हजारों यात्रियों ने रिजर्वेशन भी कराया है। इसके बावजूद रेलवे ने इस समय अवधि के दौरान ट्रेन को रद करने का फैसला लिया है। इससे यात्रियों में काफी नाराजगी है।
छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण ट्रेन से सारनाथ एक्सप्रेस
.प्रयागराज में महाकुंभ मेला चल रहा है। अभी यहां देशभर से करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने के लिए पहुंच रहे हैं। जितनी संख्या में श्रद्धालु निजी वाहन से जा रहे हैं, उतने ही ट्रेनों के माध्यम से पहुंच रहे हैं।
.छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के लिए तो सबसे महत्वपूर्ण ट्रेन दुर्ग- छपरा सारनाथ एक्सप्रेस है। यह ट्रेन प्रतिदिन चलती है। सामान्य दिनों में भी इस ट्रेन में लंबी प्रतीक्षा सूची रहती है।
.यह जानते हुए भी रेलवे ने विभिन्न कारणों का हवाला देकर इस ट्रेन को रद करने का ऐलान किया है। ऐसे में तीन दिन इस ट्रेन की अनुपलब्धता के कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
.यात्रियों को वजह भी समझ नहीं आ रही है। आमतौर, ब्रिज निर्माण, ट्रैक मरम्मत या अन्य अधोसंरचना कार्यों को बताकर ट्रेनें रद की जाती है। केवल परिचालनीक कारण बताकर इतनी महत्वपूर्ण ट्रेन रद कर देना यात्रियों को समझ से परे हैं।
.रेल अधिकारियों ने यहां तक नहीं सोचा कि जिन्होंने इन तिथियों में प्रयागराज जाने की तैयारी कर ली है, अब वह कैसे पहुंचेंगे। अन्य ट्रेनों में रिजर्वेशन व प्रतीक्षा सूची की स्थिति कैसी है, यह किसी से छिपी भी नहीं है।
यह वजह, पर रेलवे का इनकार
ट्रेन रद करने की मुख्य वजह महाकुंभ मेले के कारण प्रयागराज स्टेशन पर क्षमता से अधिक यात्रियों की भीड़ है। रेलवे ने ट्रैफिक और अन्य व्यवस्थाओं को संभालने के लिए ऐसा किया गया है। हालांकि, रेल प्रशासन इससे इनकार कर रहा है। वह पारिचालनीक कारण ही बता रहा है।
वापसी में भी दिक्कत
रेलवे के इस निर्णय से न केवल छत्तीसगढ़ से जाने वाले श्रद्धालुओं व अन्य यात्रियों को दिक्कत होगी। बल्कि वहां से वापस आने वाले यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। रेलवे ने 21, 22 व 23 फरवरी को छपरा से छूटने वाली 15159 छपरा - दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस भी रद कर दी है। इस तिथि में जिन्होंने इस ट्रेन में रिजर्वेशन कराया होगा, उन्हें लौटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ेगी।
आम जनता के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
18 Feb, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : प्रदेश में शासन की पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में सुशासन एवं अभिसरण विभाग ने सेंटर फॉर इफेक्टिव गवर्नेंस ऑफ इंडियन स्टेट्स (CEGIS) और ट्रांसफॉर्मिंग रूरल इंडिया (TRI) के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी से प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि, योजनाओं की प्रभावी निगरानी एवं क्रियान्वयन को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि संसाधनों का सही और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से हमने प्रदेश में ‘सुशासन एवं अभिसरण विभाग’ की स्थापना की है। यह 58वां विभाग न केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाएगा बल्कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मदद करेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज हुए एमओयू से प्रशासनिक पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और नीति-निर्माण में क्रांतिकारी बदलाव आएंगे।
ई-गवर्नेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि ई-गवर्नेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, शिकायत निवारण तंत्र और योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाओं को इस पहल से नया आयाम मिलेगा। इस एमओयू से न केवल सरकारी कर्मचारियों और युवाओं के कौशल विकास और क्षमता उन्नयन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि शासन की योजनाओं को अधिक प्रभावी और सुगम बनाया जाएगा।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भ्रष्टाचार पर सख्त लगाम लगेगी और आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त होगा।
सीईजीआईएस और टीआरआई के सहयोग से नीति निर्माण को मिलेगी नई दिशा
सीईजीआईएस के फाउंडर कार्तिक मुरलीधरन ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मिलकर राज्य की नीतियों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तकनीकी, विश्लेषणात्मक और रणनीतिक सहयोग देंगे। साथ ही, रणनीतिक बजटिंग और वित्तीय प्रबंधन में शासन को सहयोग करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता और डेटा-ड्रिवन नीति निर्माण से छत्तीसगढ़ को व्यापक लाभ मिलेगा।
टीआरआई के सहयोग से ग्रामीण विकास को मिलेगा नया आयाम
ग्रामीण क्षेत्रों के सतत विकास के लिए TRI के साथ हुए समझौते के तहत, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और जल संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। TRI के एसोसिएट डायरेक्टर श्रीश कल्याणी ने बताया कि हम छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मिलकर स्थानीय शासन को सशक्त बनाने, सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने और ग्रामीण विकास को तेज गति देने में सहयोग करेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि-आधारित आजीविका और जलवायु अनुकूलन जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार लाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री साय ने इस महत्वपूर्ण समझौते के लिए सुशासन एवं अभिसरण विभाग, सीईजीआईएस और टीआरआई के प्रतिनिधियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी से छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों की नई राह खुलेगी और राज्य की जनता को योजनाओं का त्वरित और प्रभावी लाभ मिलेगा।
इस ऐतिहासिक समझौते के अवसर पर वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने कहा कि इस एमओयू की छत्तीसगढ़ में सुशासन की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, तथा सीईजीआईएस और टीआरआई के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अंबिकापुर में डिजिटल भू-प्रबंधन की नई शुरुआत
18 Feb, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर नगर निगम क्षेत्र में डिजिटल भू-प्रबंधन की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए नक्शा परियोजना की शुरुआत की गई। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह ने मध्यप्रदेश के रायसेन से इस परियोजना का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस पहल के तहत ड्रोन सर्वे के माध्यम से शहरी भू-सम्पत्तियों का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे संपत्ति विवादों का त्वरित समाधान होगा और भूमि स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी बनेंगे।
अंबिकापुर के जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम में सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, कलेक्टर विलास भोसकर, अपर कलेक्टर सुनील नायक एवं नगर निगम कमिश्नर डी. एन. कश्यप समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने इस अवसर पर कहा कि यह परियोजना शहरी भूमि प्रबंधन को आधुनिक बनाएगी और सम्पत्तियों के स्वामित्व से जुड़ी समस्याओं को जल्द सुलझाने में सहायक होगी। उन्होंने बताया कि ड्रोन तकनीक से सम्पत्तियों का हवाई सर्वे कर फोटो और वीडियो डेटा एकत्र किया जाएगा, जिसे भविष्य में सरकारी दस्तावेजों और भूमि रिकॉर्ड में सटीकता लाने के लिए उपयोग किया जाएगा।
यह परियोजना देश के 26 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों के 141 जिलों में लागू की जा रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, जगदलपुर और धमतरी को इस योजना में शामिल किया गया है। अंबिकापुर नगर निगम को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना जाना शहरवासियों के लिए गर्व की बात है।
सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नक्शा परियोजना से भूमि के हर इंच का सटीक रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जिससे भू-राजस्व संबंधी समस्याएं खत्म होंगी और डिजिटल रिकॉर्ड के चलते पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे शहरवासियों को अनावश्यक कानूनी उलझनों से बचाव मिलेगा और शहरी विकास की योजनाओं का सुचारू क्रियान्वयन संभव होगा।
कलेक्टर विलास भोसकर ने इस अवसर पर कहा कि डिजिटलीकरण के माध्यम से भूमि प्रबंधन को आसान और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, यह परियोजना बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय है। ऑनलाइन रिकॉर्ड होने से भू-राजस्व की सुरक्षा और योजनाओं की सफलता सुनिश्चित होगी। इस परियोजना के तहत अंबिकापुर नगर निगम में ड्रोन सर्वे से भू-सम्पत्तियों का रिकॉर्ड तैयार कर उसे ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे भविष्य में भूमि संबंधित विवादों का समाधान आसान होगा और शहरी विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी।
नक्शा परियोजना के शुभारंभ से अंबिकापुर ने डिजिटल क्रांति की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाया है। इससे न केवल भू-संपत्तियों का प्रबंधन आसान होगा, बल्कि शहरी विकास को भी नया आयाम मिलेगा। ड्रोन तकनीक से होने वाला यह सर्वे भविष्य में शहरों के सुव्यवस्थित विकास की नींव रखेगा।
सीएम साय ने कांग्रेस के भूपेश बघेल को घेरा, सैम पित्रोदा को पार्टी से बाहर करने की मांग
18 Feb, 2025 01:09 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष और राहुल गांधी के करीबी के बाद सियासत तेज हो गई है। सैम पित्रोदा ने कहा था कि भारत को चीन को अपना दुश्मन मानना बंद कर देना चाहिए। चीन से खतरे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर हमला बोला है। सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस के हाथ सीधे तौर पर अलगाववादियों, देश के दुश्मनों के साथ है।
क्या कहा सीएम ने
सीएम साय ने कहा- कांग्रेस के विदेशी विभाग के शायद देश के दुश्मनों का हाथ मजबूत करने के लिए ही रखा गया है। पित्रौदा द्वारा पहले भारतीय नस्ल को ही अपमानित करना, फिर बार-बार भारत के बारे में अलग-अलग मंचों पर दुष्प्रचार करना और देश को कमजोर करने की साजिश रचते रहना कांग्रेस की अघोषित नीति ही है। अभी फिर एक विवादास्पद बयान देकर फिर वही किया गया है। सीएम ने कहा- सैम पित्रौदा के हर बयान के बाद उसे निजी बयान बता देना भी कांग्रेस की पहले से तय नीति है। अपने नेता से बयान दिला कर पहले देश विरोधियों को तुष्ट कर देना और फिर भारत में उसे निजी बयान बता देना। यह साबित करता है कि कांग्रेस आज भी ‘चोर से कहो चोरी कर और गृह स्वामी से कहो जागते रह’ की अपनी पुरानी नीति पर कायम है। संबंधित देश के सत्ताधारी से कांग्रेस का आधिकारिक समझौते के कारण ही ये तमाम बयान आते हैं।
क्या पार्टी से निकाले जाएंगे सैम पित्रोदा
सीएम साय ने सवाल किया कि- अगर सैम के बयान से सहमति नहीं है तो क्या उन्हें पार्टी से निष्कासित कांग्रेस? अगर उन्हें को बर्खास्त नहीं किया जाता है, तो यह साबित होगा कि पार्टी आलाकमान के इशारे पर ही देश को कमजोर करने का कुचक्र रचा जा रहा है। यह निंदनीय है। इसे कतई सहन नहीं किया जा सकता।
क्या कहा था सैम पित्रोदा ने
अक्सर अपने बयानों के कारण सुर्खियों में रहने वाले सैम पित्रोदा ने कहा था कि भारत को चीन को अपना दुश्मन मानना बंद कर देना चाहिए। चीन से खतरे को अक्सर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाता है। उन्होंने कहा था कि चीन को दुश्मन मानने के बजाय उसे सम्मान देना चाहिए। मुझे समझ ही नहीं आता कि भारत को चीन से क्या खतरा है। हम सभी को साथ आकर काम करना चाहिए। भारत को चीन के प्रति अपने नजरिए को बदलने की जरूरत की है। हालांकि सैम पित्रोदा के इस बयान से कांग्रेस ने किनारा कर लिया है। कांग्रेस ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत बयान है।
सुशासन तिहार बना भरोसे और राहत का माध्यम
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आदि उत्सव जनजातीय गौरव, संस्कृति और उद्यमिता का है अदभुत संगम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
शीघ्र ही होगा जीवनदायिनी तांदुला नदी का कायाकल्प
पायलट एवं फॉलो गाड़ियों का उपयोग बंद कर दिया सादगी
गुरुदेव के आशीर्वाद से ही सनातन और सत्य मार्ग का अनुसरण करने की प्रेरणा मिलती है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रदेश को देश में सभी क्षेत्रों में अग्रणी बनाना हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
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पूर्व विधायक की पत्नी और बेटे को भी 10-10 साल कैद की सजा
