छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
20 Feb, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस (21 फरवरी) के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान इसकी समृद्ध भाषायी विरासत और बहुभाषी संस्कृति में निहित है। छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी, सरगुजिया, कुड़ुख, भतरी सहित अनेक लोकभाषाएँ यहां की सांस्कृतिक आत्मा को संजोए हुए हैं। अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस हमें अपनी मातृभाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और विकास के प्रति जागरूक करता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मातृभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारे समाज की जड़ों से जुड़ने का सेतु भी है। छत्तीसगढ़ में लोकगीतों, लोककथाओं और पारंपरिक ज्ञान की समृद्ध परंपरा हमारी मातृभाषाओं में संरक्षित है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना हमारी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपनी मातृभाषाओं को बढ़ावा दें, बच्चों को अपनी बोली और भाषा से जोड़ें तथा छत्तीसगढ़ की भाषाई विविधता को संरक्षित करने में योगदान दें।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर की जयंती पर किया स्मरण
20 Feb, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय मधुकर खेर की जयंती (21 फरवरी) पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हिंदी और अंग्रेजी पत्रकारिता को समृद्ध करने में उनका योगदान अमूल्य है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि स्व. मधुकर खेर ने अपनी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहितकारी पत्रकारिता के माध्यम से समाज को जागरूक करने, जनसमस्याओं को सामने लाने और सकारात्मक बदलाव को प्रेरित करने का कार्य किया। उनकी लेखनी न केवल सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रही, बल्कि जनचेतना को प्रखर बनाने का माध्यम भी बनी।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खेर का समर्पण और उनकी पत्रकारिता की विरासत आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। उनके विचार, सिद्धांत और मूल्य हमें निष्पक्ष, सशक्त और समाजोन्मुखी पत्रकारिता की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
नया दुकान एवं स्थापना अधिनियम : आर्थिक सशक्तिकरण की नई दिशा
20 Feb, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू किए गए नये दुकान एवं स्थापना अधिनियम को व्यापारिक जगत और नागरिकों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इस ऐतिहासिक फैसले से रोजगार के अवसरों में वृद्धि, व्यापारिक गतिविधियों के सुगमतापूर्वक संचालन के साथ ही राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। खासतौर पर, दुकानों को बिना समय सीमा के संचालित करने की अनुमति मिलने से कारोबारियों के लिए व्यापार सुविधाजनक होगा और उपभोक्ताओं को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि, यह अधिनियम शराब दुकानों पर लागू नहीं होगा।
व्यापार और रोजगार की संभावनाओं को मिलेगी नई गति
सरकार का यह निर्णय ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। नए नियमों से छोटे दुकानदारों को राहत, पंजीयन प्रक्रिया में सरलता, और कर्मचारियों के अधिकारों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
पहले से पंजीकृत दुकानों को 6 महीने के भीतर श्रम पहचान संख्या (LIN) प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा, लेकिन इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। यदि 6 महीने के बाद आवेदन किया जाता है, तो नियमानुसार शुल्क अनिवार्य होगा।
सातों दिन 24 घंटे दुकान संचालन की स्वतंत्रता
नए अधिनियम के तहत, व्यापारी अब अपनी दुकानें सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे खोलने के लिए स्वतंत्र होंगे। हालांकि, यह निर्णय पूरी तरह से व्यापारियों की इच्छा पर निर्भर करेगा। इस पहल से व्यवसायिक गतिविधियाँ बढ़ेंगी, जिससे नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
पुरानी व्यवस्था के अनुसार, सप्ताह में एक दिन दुकान बंद रखना अनिवार्य था, लेकिन अब यह प्रतिबंध हटा दिया गया है। हालांकि, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश दिया जाए और किसी भी कर्मचारी से 8 घंटे से अधिक कार्य न कराया जाए।
श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा प्राथमिकता
सरकार ने व्यापारिक स्वतंत्रता देने के साथ ही श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा है। दुकानदारों को श्रम कल्याण से संबंधित सभी प्रावधानों का पूर्ववत पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। इसके तहत साप्ताहिक अवकाश का प्रावधान अनिवार्य होगा, किसी भी कर्मचारी से 8 घंटे से अधिक कार्य नहीं कराया जा सकेगा और श्रम कल्याण योजनाओं का पालन सुनिश्चित करना होगा।
आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम
यह अधिनियम राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नए आयाम देने के साथ-साथ व्यापारियों को अधिकतम स्वतंत्रता और सुविधा प्रदान करता है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल छत्तीसगढ़ में व्यापारिक गतिशीलता बढ़ेगी, बल्कि राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी।
छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल व्यापार और उद्योग के लिए एक बड़ा सुधार है, बल्कि एक मजबूत और समावेशी आर्थिक प्रणाली की नींव भी रखता है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पी. टी. उषा ने की भेंट
20 Feb, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नई दिल्ली में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद पी. टी. उषा ने सौजन्य भेंट की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात में छत्तीसगढ़ में खेलों के विकास, युवा खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, खेल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण और ओलंपिक स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए राज्य की तैयारियों को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री साय ने राज्य में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को 3 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 1 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है।
आईओए का विशेषज्ञ दल देगा खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण
बैठक के दौरान पी. टी. उषा ने छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के मार्गदर्शन के लिए भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा एक विशेष प्रतिनिधिमंडल भेजने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस दल में विभिन्न खेलों के अनुभवी कोच और विशेषज्ञ शामिल होंगे, जो स्थानीय खिलाड़ियों को ओलंपिक स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए प्रशिक्षित करेंगे और उनकी खेल तकनीकों को निखारने में सहायता करेंगे।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, और यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधन मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मंचों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उषा ने राज्य में खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयासों की सराहना की और इसे भारत के खेल प्रोत्साहन मॉडल के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।
बस्तर ओलंपिक और अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन जैसे आयोजन खेल प्रतिभाओं को देंगे नई उड़ान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाने और छिपी हुई प्रतिभाओं को निखारने के लिए विशेष खेल आयोजनों का सफलतापूर्वक संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में ‘बस्तर ओलंपिक’ का आयोजन किया गया, जिसमें 1.65 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य स्थानीय खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना था। उन्होंने बताया कि 2 मार्च 2025 को ‘अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन’ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 5000 से अधिक युवा प्रतिभागी भाग लेंगे। इस प्रतिष्ठित मैराथन को तीन श्रेणियों – 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर में आयोजित किया जाएगा। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से सरकार युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित कर रही है और राज्य को एक मजबूत खेल हब के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। छत्तीसगढ़ सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ के बीच यह साझेदारी राज्य में खेलों के विकास को नया आयाम देगी।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव: दूसरे चरण का मतदान संपन्न, दुर्ग में 77.68 फीसदी वोटिंग
20 Feb, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण का मतदान संपन्न हो चुका है। आज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हुआ। मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं में भारी जोश दिखा। पाटन के कुरुदडीह में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी वोट डाला। दुर्ग में दूसरे चरण के मतदान में शाम पांच बजे तक 77.68 प्रतिशत मतदान हुआ।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान का सिलसिला जारी है। मतदाताओं में भारी उत्साह है। बुजुर्ग महिला में उत्साह नजर आई है। बुजुर्ग मतदाता जिन्हें चलने फिरने में परेशानी हो रही है। पूरे परिसर में 3 मतदान केंद्र होने के बाद भी एक भी व्हीलचेयर नहीं रखा गया है। जिसके चलते बुजुर्ग मतदाताओं को काफी परेशानी हो रही है। ऐसे ही एक बुजुर्ग महिला तीजा बाई कवर 85 साल अपने बेटे कुशल सिंह के साथ ऑटो में सवार होकर बचरवार हाई स्कूल परिसर मतदान केंद्र क्रमांक 17 पहुंचे। वहां पर व्हीलचेयर की व्यवस्था नहीं होने से सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी रवि त्रिपाठी ने बुजुर्ग महिला तीजा बाई को अपने हाथों से गोदी में उठाकर मतदान केंद्र के अंदर लेजाकर मतदान कराया जिसके बाद महिला को उसके बेटे में ने वापस मतदान के बाद महिला को ऑटो में वापस लेकर घर गए।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण का मतदान जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पाटन के कुरूदडीह पहुंचकर मतदान किया। उन्होंने सपरिवार मतदान किया। दुर्ग के पाटन ब्लाक में 108 ग्राम पंचायत में 108 सरपंच,1699 पंच,25 जनपद पंचायत सदस्य और 4 जिला पंचायत सदस्य के लिए किया जा रहा है मतदान। 294 मतदान केंद्रों में सुबह 7 बजे से 3 बजे तक होगा मतदान।
भूपेश बघेल ने मतदान के बाद मीडिया से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने लोगों से मतदान करने की अपील की है। वहीं भिलाई नगर विधायक देवेन्द्र यादव के जमानत को लेकर कहा कि शासन कुछ भी कर सकती है। उसका जो घमंड है। उसके कारण उसकी गिरफ्तारी हुई है। आने वाले समय में जब तक ट्रायल चलेंगे तब तक वो बाइज्जत बरी हो जायेंगे। यह षड्यंत्र हुआ था जैतखंभ को काटने का, सतनामी समाज ने CBI जांच की मांग की थी,जो आज तक नही हुई। मामले में दोषी लोग पकड़े नहीं गए। बल्कि सरकार के निकम्मेपन के करने से बलौदाबजार के एसपी और कलेक्ट्रेट कार्यालय जल गए। इसके लिए जो दोषी है, राज्य सरकार है और गृह मंत्री जिम्मेदार है। अपनी नकामी छिपाने के लिए 86 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जिसमे 43 पहले ही छूट गए थे और आज देवेंद्र यादव भी छूट गए। सरकार कई-कई महीनों तक उन्हें जेल में बंद करके रखी हुई है। जो उनको अधिकार मिला है। उसका दुरुपयोग किया जा रहा है।
दूल्हे ने बारात जाने से पहले किया मतदान
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के द्वितीय चरण में पेंड्रा जनपद पंचायत क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो लोकतंत्र की आदर्श तस्वीर मानी जाएगी। पेंड्रा विकासखंड के कोटमी के सकोला गांव के दूल्हे ने अपनी बारात जाने के पहले मतदान केंद्र पहुंचकर अपना मतदान किया है। दूल्हा बारात लेकर पेंड्रा से 350 किलोमीटर दूर मध्यप्रदेश के मैहर जाएगा। अपनी दुल्हन लाने के पहले उसने ग्राम सरकार चुनने का फैसला किया और बारात में जाने के पहले मतदान केंद्र पहुंचकर अपना मतदान किया। इस तस्वीर ने लोगों के लिए वह संदेश सामने लाया है कि पहले मतदान फिर दूसरा काम दूल्हा बने ऋषभ श्रीवास्तव।
वन मंत्री केदार कश्यप ने किया मतदान
केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जगदलपुर के फरसागुडा स्थित पूर्व माध्यमिक शाला के बूथ क्रमांक-31 में मतदान किया। मंत्री केदार कश्यप ने आम मतदाताओं की तरह कतार में खड़े होकर क्रमबद्ध तरीके से मतदान किया है। इस अवसर पर उन्होंने जनता और मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि पहले मतदान करें उसके बाद जलपान, ताकि शत-प्रतिशत मतदान हो सके और समाज के साथ-साथ देश का भी विकास हो सके, इस दौरान केबिनेट मंत्री कश्यप ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि मतदाता निर्भीक हो कर अपने मतदान केंद्र पर पहुँचकर अवश्य मतदान करें। सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए अवश्य वोट करें।
तोड़मा स्कूल में नक्सलियों ने शिक्षक और ग्रामीण युवक को जन अदालत में मार डाला
20 Feb, 2025 04:31 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जिले के तुसवाल संकुल के प्राशा तोड़मा में पदस्थ शिक्षक बामन राम कश्यप (25) व ग्रामीण युवक अनिश (22) की हथियारधारी नक्सलियों ने दिन-दहाड़े हत्या की है। नक्सलियों ने पहले शिक्षक बामन राम कश्यप को स्कूल से पकड़ा फिर एक ग्रामीण अनिश के साथ जन अदालत लगाकर फैसला कर जंगल में ले जाकर धारदार हथियार से हत्या की। सूत्रों ने बताया यह घटना उस समय हुई जब शिक्षक अपने स्कूल में बच्चों को पढ़ा रहा था। स्कूल में 10-15 हथियारधारी नक्सली आ धमके और शिक्षक के साथ बेरहमी से मार-पीट कर जन अदालत में ले गये। घटना के समय मौजूद बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे।
स्कूल में पढ़ने वाले पहली व दूसरी के 20-22 बच्चे अपने घर भाग खड़े हुए। इसी समय ग्रामीण अनिश को भी साथ ले गए। शिक्षक द्वारा गांव के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए स्कूल को अपने प्रयास से खुलवाया था। लगभग एक सत्र ही स्कूल चल पाया है। जानकारों ने बताया कि तोड़मा स्कूल सालों से बंद था। उसको खोल कर बच्चों को शिक्षा देने का काम बामन कश्यप कर रहा था। उनकी शिक्षा के प्रति ललक से संकुल के शिक्षक भी प्रभावित रहे।
माड़ क्षेत्र के एरिया कमेटी ने दिया अंजाम
हथियारधारी नक्सलियों ने ग्रामीणों के सामने बुधवार को दिन में जन अदालत लगाकर उनको और ग्रामीण युवक अनिश के संबंध में गहन पूछताछ करने के बाद जंगल ले जाकर हत्या की। माड़ क्षेत्र के एरिया कमेटी ने इस घटना को अंजाम दिया है।
माड़ क्षेत्र में है तोडमा का स्कूल
तोडमा स्कूल वर्षों से बंद था। ग्रामीणों के मांग पर बामन राम कश्यप एक साल से स्कूल संचालित कर रहा था। तुषावल संकुल में तोडमा का इस स्कूल में इंद्रावती नदी पार करके जाना पड़ता है। तोडमा स्कूल के अलावा नदी पार आधा दर्जन ज्यादा स्कूल संचालित हैं। शिक्षक के हत्या से शिक्षा अलख जगाने वाले शिक्षकों के लिए ऐसे क्षेत्रों में कार्य करना जोखिम से कम नहीं है। नक्सली ऐसे इलाके में कार्य करने वालों पर शक की नजर से देखते हैं।
सिम्स में डॉक्टर्स के बीच मचा घमासान
20 Feb, 2025 11:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर । संभाग के सबसे बड़े अस्पताल सिम्स में डॉक्टरों की आपसी तालमेल नहीं होने और वर्चस्व की लड़ाई की खबरें सुर्खियों में बनी हुई है। गत दिनों सिम्स में कार्यरत जूनियर डॉक्टर द्वारा अपने सीनियर डॉक्टर पर अशोभनीय एवं ऐसा आरोप लगा दिया गया जो अति निंदनीय है। इस प्रकार के आरोप न सिर्फ डॉक्टरों की मर्यादा और गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं अपितु मरीजों की जान पर भी आफत बन जाते हैं।ऐसे क्रियाकलापों पर सक्षम अधिकारियों एवं प्रशासन को त्वरित एवं कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। सिम्स में कार्यरत डॉक्टर्स के बीच तालमेल न होने के कारण आपस में मनमुटाव व झगड़ा फसाद की खबरें पिछले कई सालों से देखी जा रही है। सिम्स में अपनी पैठ जमा चुका स्टाफ वर्षों से एक ही जगह पर जमा हुआ हैं, जो हटने का नाम नहीं लेते हैं। शायद ऊंची पहुंच और ऊपर बैठे आकाओं को मलाई पहुंचाने का असर रहता है कि ये अपने ही स्टाफ को डराते धमकाते रहते हैं और मनमानी करने से बाज नहीं आते हैं।
मामले की हो निष्पक्ष जांच
सिम्स जैसे बड़े हॉस्पिटल में जहां गरीब अमीर और दूरदराज से सैकड़ो हजारों की संख्या में मरीज भर्ती होते हैं। जिनके इलाज के लिए सस्ता और सुलभ साधन केवल सिम्स ही है। सिम्स की उपयोगिता क्षेत्र में इतनी अधिक है कि यहां क्षमता से अधिक मरिज रोजाना दिखाई देते हैं। लेकिन यह भी उतनी ही कड़वी और वास्तविक सच्चाई है कि सिम्स के कार्यरत कुछ डॉक्टरों को छोडकऱ अनेक डॉक्टर अपने निजी स्वार्थ और पहुंच की बदौलत पूरी ईमानदारी से अपना कार्य निष्पादन नहीं करते हैं। ऐसा नहीं है कि सिम्स में अपने कार्यों के प्रति समर्पित डॉक्टर नहीं है। कुछ गंभीर व ईमानदार डॉक्टर्स की वजह से सिम्स का नाम व काम अच्छे से चला आ रहा है।लेकिन इस तरह की ओछी घटनाओं के कारण सिम्स की गरिमा तार तार हो रही है।
सिम्स की गरिमा हो रही तार तार
कुछ ऐसे घटनाक्रम सिम्स में होते दिखाई देने लगे है जिससे यहाँ भर्ती मरीजों का विश्वास हिलता दिखाई दे रहा है, वही सिम्स जैसे विश्वसनीय हॉस्पिटल के ऊपर भी प्रश्न चिन्ह लगता दिखाई दे रहा है। ऐसी घटनाओं पर तत्काल अंकुश लगाना नितांत आवश्यक है । ताजा प्रकरण में जो दो डॉक्टरों के आपसी विवाद से बढ़ता दिखाई दे रहा है। दरअसल विवाद शुरू हुआ गत दिनों डॉक्टर अपर्णा पांडे और उनके सीनियर डॉक्टर पंकज टेम्भूर्रकर के बीच काफी गंभीर आरोप प्रत्यारोप लगाए जाने से। इस सारे घटनाक्रम में मर्यादाओं को, डॉक्टर्स की गरिमा को धूमिल करते हुए ऐसे ऐसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं जो कदाचित उचित नहीं है। फिलहाल दोनों डॉक्टर्स ने एक दूसरे के खिलाफ संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करवाई हुई है।इस सारे प्रकरण में सबसे दिलचस्प पहलू यह है की सिनीयर्स पर आरोप लगाने वाली डॉक्टर पांडे के खिलाफ ही सिम्स में भर्ती मरीज के परिजनों ने एट्रोसिटी थाने में दुव्र्यवहार व अपमानित करने की भी शिकायत दर्ज करवाई हुई है,जिसकी जांच चल रही है। अब देखना यह है कि इस तरह के आरोप लगाना तो सरल है लेकिन उसे साबित करना तो जांच का विषय है।फिलहाल पुलिस प्रशासन और सक्षम अधिकारियों के पास मामला जांच के लिए गया हुआ है, देखो जांच कार्यवाही का ऊंट किस करवट बैठता है।
सीनियर पर लगाया गया आरोप गंभीर
यह ऐसे गंभीर आरोप हैं जो लगा देना तो सरल है ,लेकिन उसको साबित करना बड़ा टेढीखीर है। वैसे भी जब डॉक्टर टेम्भूर्रकर की छवि क्षेत्र में काफी अच्छी रही है, उनके इलाज से सिम्स की छवि बनी हुई है। यहां भर्ती अनेक मरीजों को उन्होंने अपने इलाज से स्वस्थ किया है। काम के प्रति समर्पित और अपने काम में दक्ष डॉक्टर के खिलाफ यकायक इस प्रकार आरोप लगाना कहां तक उचित और सही है, यह तो समय बतायेगा?
लगाए गए आरोप में कितनी सच्चाई
हो सकता है ऐसे आरोप में कुछ सच्चाई हो। इसलिए इस प्रकरण में गहराई से पूरी तत्परता से जांच कार्यवाही किए जाने के पश्चात ही किसी भी पक्ष को दोषी ठहराया जा सकता है। यहां इस पक्ष पर भी गौर करना लाजिमी होगा कि डॉक्टर जिन्होंने आरोप लगाया है वह भी कई आरोपों से जूझ रही हैं। उनके ऊपर भी मरीजों के प्रति लापरवाही और पैसे मांगने की शिकायतें रही है। इनके विरुद्ध पुलिस थाने में भी शिकायत दर्ज किया गया है जिसकी जांच चल रही है।
कुल मिलाकर इस सारे घटनाक्रम का निचोड़ यह है कि संभाग के सबसे बड़े और लोकप्रिय अस्पताल सिम्स की गरिमा, मर्यादा बरकरार रहे। और आने वाले मरीजों का विश्वास पूर्ववत बना रहे ,इसके लिए सक्षम अधिकारियों को निष्पक्ष रूप से त्वरित न्याय हेतु पूरी गहराई से जांच कार्यवाही कर आरोप प्रत्यारोप के इस दौर को समाप्त करना सर्वथा उचित होगा।
नारायणपुर में 2025 का अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन, 5000 से अधिक प्रतिभागियों की होगी भागीदारी
20 Feb, 2025 11:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मैराथन: बस्तर ओलिंपिक की सफलता के बाद अब नारायणपुर में अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन 2025 का आयोजन किया जा रहा है। दो मार्च को होने वाली मैराथन में पांच हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। विगत वर्ष दिसंबर में पहली बार आयोजित बस्तर ओलिंपिक में एक लाख 65 हजार युवाओं ने हिस्सा लिया था। इसकी प्रशंसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में भी की थी। उन्होंने सुकमा जिले की बेटी पायल कवासी का जिक्र करते हुए उनकी बहादुरी की तारीफ की थी। इसके बाद नईदुनिया से खास बातचीत में पायल ने कहा था कि मेरी जैसे कई युवा है, जिनके अंदर प्रतिभा तो है, लेकिन उन्हे सही मंच नहीं मिल रहा है।
हाफ मैराथन में प्रतिभा दिखाएंगे युवा
इसमें हाफ मैराथन 21 किमी, 10 किमी और पांच किमी की होगी। तीन श्रेणियों में होने वाली मैराथन में एथलीटों, पहली बार भाग लेने वालों और स्थानीय प्रतिभाओं को हिस्सेदारी का अवसर मिलेगा। अत्याधुनिक टाइमिंग सिस्टम, पेसर्स, चिकित्सा सहायता और हाइड्रेशन स्टेशनों के साथ यह आयोजन सभी प्रतिभागियों के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा। प्रतिभागियों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं। पार्किंग, आवास और भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
धावकों के लिए की जाएंगी ये व्यवस्थाएं
धावकों के लिए रिकवरी और आराम करने के लिए टेंट भी लगाए जाएंगे। लाइव ट्रैकिंग सिस्टम से प्रतिभागियों को रीयल-टाइम अपडेट प्राप्त होंगे और मार्ग को एलईडी संकेतकों से स्पष्ट रूप से चिह्नित किया जाएगा। मैराथन से पहले 28 फरवरी को ‘बैंड दायरा’ द्वारा जादू बस्तर कान्सर्ट होगा।
एक मार्च को एक भव्य ड्रोन शो होगा। अबूझमाड़ मल्लखंब टीम की ओर से करतब दिखाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक नृत्य, स्थानीय कला प्रदर्शनियां और बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जिसमें स्थानीय युवाओं को प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
मैराथन का उद्देश्य स्वास्थ्य, एकता और शांति का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पीस हाफ मैराथन को आशा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि खेल की सार्वभौमिक भाषा के माध्यम से लोगों को एकसाथ लाकर शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना चाहते हैं। इसके साथ ही शांति और एकता का एक महत्वपूर्ण संदेश भी देना चाहते हैं। अबूझमाड़ को अब नक्सलवाद से नहीं बल्कि यहां के लोगों की क्षमता और प्रतिभा से पहचाना जाएगा।
कांग्रेस विधायक और उनके पुत्र पर लगा भीतरघात का आरोप, शिकायत में कहा-इनके कारण ही अधिकृत प्रत्याशी की हार
20 Feb, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर। जिला पंचायत के क्षेत्र क्रमांक 14 के कांग्रेस प्रत्याशी सीमा श्रीवास के पति रवि श्रीवास ने मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया और उनके पुत्र अरविंद लहरिया पर खुलाघात का गंभीर आरोप लगाया है। रवि श्रीवास ने अपने शिकायत में कहा है कि दोनों के द्वारा निर्दलीय प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने से पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा है। इसलिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। रवि श्रीवास ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केसरवानी और पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को लिखित शिकायत करते हुए कहा है कि पिता और पुत्र ने मिलकर बागी प्रत्याशी किरण संतोष यादव का खुलेआम प्रचार किया है। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ प्रचार करने का आदेश दिया है। एक विधायक का निजी स्वार्थ में इस प्रकार की हरकत पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाला है। मामले में दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किया जाए। चुनाव परिणाम आने के बाद रवि श्रीवास ने जिला अध्यक्ष को लिखे पत्र में कहा कि पिता और पुत्र ने पार्टी के साथ धोखा किया है। प्रत्याशी एलान के बाद भी दोनों ने अपने अपने स्तर पर बागी प्रत्याशी किरण संतोष यादव का खुलेआम प्रचार प्रसार किया। विधायक पुत्र अरविन्द लहरिया ने फोन से गांव गांव में फैले अपने समर्थकों को रवि श्रीवास के खिलाफ प्रचार करने के लिए कहा। इतना ही नहीं विधायक और उनके पुत्र ने कार्यकर्ताओं को किरण संतोष यादव के लिए प्रचार करने को कहा। जबकि उनके ही सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिलीप लहरिया से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार करने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्होंने हर बार रोक दिया। उन्होने कार्यकर्ताओं से कहा कि मौका आने पर बताऊंगा। बाद में उन्होने कार्यकर्ताओं को किरण संतोष के लिए प्रचार करने के लिए कहा। इसके चलते मेरे सामने कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। तमाम लोकप्रियता के साथ मैदान में आगे होने के बाद भी करारी हार का सामना करना पड़ा है। रवि श्रीवास ने कहा कि बार बार कहे जाने के बाद भी दिलीप लहरिया ने एक बार भी क्षेत्र का दौरा नहीं किया और ना ही उनके पुत्र ने कोई सहयोग किया। लेकिन इस दौरान दोनों ने कहीं खुलेआम तो कहीं चोरी छिपे किरण संतोष का प्रचार किया है, इसका पुख्ता प्रमाण मेरे पास है। दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। आपको बता दे जिला पंचायत के क्षेत्र क्रमांक 14 से कई लोगों ने दावेदारी की थी। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने अपने अधिकृत प्रत्याशी के रूप में रवि श्रीवास की पत्नी सीमा श्रीवास को टिकट दिया था। रवि श्रीवास क्षेत्रीय कांग्रेस के पुराने कार्यकर्ता है ।
अरपा नदी प्रदूषित नाले जैसी दिख रही, महामारी फैलने का भी खतरा
20 Feb, 2025 09:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर। अरपा अर्पण महाअभियान जन आंदोलन समिति ने अरपा नदी में प्रदूषण फैलने पर गहरी चिंता जाहिर की है। समिति के पदाधिकारी ने कलेक्टर एवं निगम आयोग को ज्ञापन भी दिया है जिसमें उन्होंने जलकुंभी नहीं हटने पर शहर में महामारी फैलने की आशंका जताई है। समिति के संस्थापक अध्यक्ष श्याम मोहन दुबे का कहना है कि अरपा में चेकडेम व एनीकट बनने से होने वाले नुक़सान अब परिलक्षित होने लगे हैं । ज्ञात हो अरपा अर्पण महाअभियान जन आंदोलन द्वारा पूर्व में ही शासन को सूचित किया गया था कि अरपा पहाड़ी नदी है जिसमें बरसात के पानी का बहाव होता है, अमरकंटक की पहाड़ी से लेकर ,पेन्ड्रा के पठार से निकलकर दो मुहानी तक बहाव होता है , रेत उत्खनन होने के कारण नदी ने मिट्टी व गोटे ही बचे हैं जिससे जल संधारण नहीं हो पाता है । अरपा मैया सिर्फ शहर व गॉवों के गंदे नाले- नालियों का प्रदूषित पानी ही प्रवाहित होता है या कहें की अरपा नदी एक बड़े प्रदूषित नाले का रूप धारण कर चुकी है, जिसमें एनीकट बनाकर जगह जगह पर प्रदूषित पानी को रोका जा रहा है । इस ठहरे हुये प्रदूषित पानी से शहर में बीमारियों का प्रकोप, मच्छर का प्रकोप व भूजल के प्रदूषित होने की संभावना अधिक हो जाती है जिसके लिये अरपा अर्पण महाअभियान जन आंदोलन द्वारा आयुक्त नगर निगम बिलासपुर व कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर अरपा मैया मे एनीकट के द्वारा रोके गये प्रदूषित पानी को जल्द ही निकालने व जलकुंभी को हटाने की मॉग की है , ताकी शहरवासियों को गंभीर बीमारियों का सामना ना करना पड़े व बिलासपुर का भूमिगत जल स्वच्छ बना रहे ।
20 फरवरी को द्वितीय चरण तथा 23 फरवरी को तृतीय एवं अंतिम चरण का होगा मतदान
20 Feb, 2025 08:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
त्रिस्तरीय पंचायतों का आम निर्वाचन 2025
कल द्वितीय चरण में 46 लाख 83 हजार से अधिक मतदाता करेंगें मतदाधिकारी का उपयोग
9 हजार 738 मतदान केन्द्र बनाये गये है
रायपुर।त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 हेतु 17 फरवरी को प्रथम चरण का मतदान एवं परिणाम की घोषणा की जा चुकी है। कल 20 फरवरी को द्वितीय चरण तथा 23 फरवरी को तृतीय एवं अंतिम चरण का मतदान होगा। पूरे राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत अंतर्गत जिला पंचायत सदस्य के 433, जनपद पंचायत सदस्य के 2 हजार 973, ग्राम पंचायत (सरपंच) के 11 हजार 671 एवं वार्ड (पंच) के 1 लाख 60 हजार 161 सहित कुल 1 लाख 75 हजार 258 पदों के लिए तीन चरणों में निर्वाचन संपन्न हो रहा है। जिसमें 78 लाख 20 हजार 202 पुरूष मतदाता, 79 लाख 92 हजार 184 महिला मतदाता एवं 194 अन्य मतदाता सहित कुल 1 करोड़ 58 लाख 12 हजार 580 मतदाता त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2025 में शामिल है। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि पंच पदों के 68 और सरपंच पद के 01 स्थान के लिये सभी नामनिर्देशन पत्र खारिज हो गये है। पंच पद के 74 हजार 310, सरपंच पद के 448, जनपद पंचायत सदस्य के 41 और जिला पंचयत सदस्य के 01 पद पर निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। इस प्रकार प्रदेश के समस्त जिलो के लिए कुल पंच पद के 85 हजार 188, सरपंच पद के 11 हजार 181, जनपद पंचायत सदस्य के 2 हजार 932 और जिला पंचायत सदस्य के 432 स्थानों पर तीन चरणों में निर्वाचन हो रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि द्वितीय चरण के मतदान हेतु 9 हजार 738 मतदान केन्द्र बनाये गये है। 26 हजार 988 पंच पद हेतु, 3 हजार 774 सरपंच पद हेतु, 899 जनपद सदस्य हेतु एवं 138 जिला पंचायत सदस्य के लिए द्वितीय चरण में मतदान किया जायेगा। पंच पद के 65 हजार 716, सरपंच पद के 15 हजार 217, जनपद सदस्य के 3 हजार 885 और जिला पंचायत सदस्य के 699 अभ्यर्थी द्वितीय चरण में निर्वाचन लड़ रहे हैं। द्वितीय चरण में 23 लाख 17 हजार 492 पुरूष, 23 लाख 66 हजार 157 महिला एवं 87 अन्य सहित कुल 46 लाख 83 हजार 736 मतदाता मतदान करेंगे।
आबकारी विभाग की कार्रवाई : कोसीर टीम ने 10 लीटर महुआ शराब जब्त की
19 Feb, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार आबकारी विभाग द्वारा राज्य में अवैध शराब के भंडारण, परिवहन और विक्रय के विरुद्ध कार्रवाई का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला अंतर्गत आबकारी वृत्त कोसीर की टीम ने ग्राम दहिदा में छापामार कार्यवाही कर 10 लीटर महुआ शराब जब्त की।
सहायक आयुक्त आबकारी सोनल नेताम के मार्गदर्शन में आबकारी वृत्त कोसीर की टीम ने गांव में तलाशी अभियान चलाया, जिसमें सहस भारती के मकान से 10 लीटर अवैध महुआ शराब बरामद की गई। जब्त शराब को क़ब्ज़े में लेकर आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(2) और 59 क के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया। इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी आनंद वर्मा, वृत्त कोसीर प्रभारी आबकारी उपनिरीक्षक लोकनाथ साहू एवं आबकारी मुख्य आरक्षक राजेन्द्र खांडे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
त्रिस्तरीय पंचायतों का आम निर्वाचन 2025 : द्वितीय चरण के मतदान राज्य के 43 विकासखण्डों में 20 फरवरी को होगा मतदान
19 Feb, 2025 09:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन 2025 तीन चरणों में संपन्न हो रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 20 जनवरी को नगरीय निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायत आम निर्वाचन हेतु तारीखों की घोषणा की गई थी। राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि निर्वाचन हेतु सभी तैयारियां समय पूर्व सुनिश्चित कर ली गई है। उन्होनें बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन हेतु जारी कार्यक्रम अनुसार 27 जनवरी को त्रिस्तरीय पंचायत हेतु निर्वाचन की सूचना के प्रकाशन के साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर 03 फरवरी 2025 दिन सोमवार को दोपहर 3 बजे तक नाम निर्देशन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि निर्धारित की गई थी। अभ्यर्थिता से नाम वापस 06 फरवरी 2025 दिन गुरूवार को 3 बजे तक ली गई तथा निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार करना, प्रकाशन करना तथा निर्वाचन प्रतीकों के आबंटन के लिए 06 फरवरी की तिथि निर्धारित की गई थी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि मतदान दिवस के दिन ही मतदान केन्द्रों में मतगणना की जायेगी। सारणीकरण एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा पंच, सरपंच एवं जनपद पंचायत के मामलों में खण्ड स्तर पर प्रथम चरण हेतु 19 जनवरी को की जा चुकी है। द्वितीय चरण हेतु 22 फरवरी को एवं तृतीय चरण हेतु 25 फरवरी को प्रातः 9 बजे से की जायेगी। इसी प्रकार जिला पंचायत सदस्य के मामले में जिला मुख्यालय पर प्रथम चरण हेतु 20 फरवरी, द्वितीय चरण हेतु 23 फरवरी एवं तृतीय चरण हेतु 25 फरवरी को की जायेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि द्वितीय चरण में 20 फरवरी को राज्य के 43 विकासखण्डों में मतदान होगा। जिन विकासखण्डों के द्वितीय चरण में मतदान होना है-उसमें जिला बिलासपुर के विकासखण्ड बिल्हा, जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के विकासखण्ड पेण्ड्रा, जिला मुंगेली के विकासखण्ड लोरमी, जिला जांजगीर-चांपा के विकासखण्ड नवागढ़, जिला सक्ती के विकासखण्ड मालखरौदा, जिला कोरबा के विकासखण्ड पोड़ी-उपरोड़ा, जिला रायगढ़ के विकासखण्ड खरसिया एवं धरमजयगढ़, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के विकासखण्ड बिलाईगढ़, जिला सूरजपुर के विकासखण्ड रामानुजनगर एवं प्रेमनगर, जिला बलरामपुर के विकासखण्ड बलरामपुर, जिला सरगुजा के विकासखण्ड सीतापुर एवं मैनपाट, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़, जिला जशपुर के विकासखण्ड जशपुर एवं मनोरा, दुलदुला तथा कुनकुरी शामिल है।
इसी तरह जिला रायपुर के विकासखण्ड धरसींवा एवं तिल्दानेवरा, जिला बलौदाबाजार के विकासखण्ड कसडोल, जिला गरियाबंद के विकासखण्ड छुरा, जिला महासमुन्द के विकासखण्ड पिथौरा एवं बागबहरा, जिला धमतरी के विकासखण्ड कुरूद, जिला दुर्ग के विकासखण्ड पाटन, जिला बालोद के विकासखण्ड बालोद, जिला राजनांदगांव के विकासखण्ड छुरिया, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गण्डई के विकासखण्ड खैरागढ़, जिला मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी के विकासखण्ड मोहला, जिला कबीरधाम के विकासखण्ड बोड़ला एवं पण्डरिया, जिला कोण्डागांव के विकासखण्ड फरसगांव एवं माकड़ी, जिला बस्तर के विकासखण्ड बस्तर एवं लोहण्डीगुड़ा, जिला उत्तर बस्तर कांकेर के विकासखण्ड भानुप्रतापपुर, एवं दुर्गूकोंदल, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा जिला के कटेकल्याण तथा जिला सुकमा के छिन्दगढ़ एवं बीजापुर जिला के विकाखण्ड भोपालपटनम एवं ऊसूर शामिल हैं।
बालोद जिला के विकासखण्ड डौण्डीलोहरा के ग्राम पंचायत सूरेगांव में होगा पुर्नमतदान
19 Feb, 2025 09:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : बालोद जिला के विकासखण्ड डौण्डीलोहरा में ग्राम पंचायत सुरेगांव के वार्ड क्रमांक 08 में प्रतीक आबंटन संबंधी त्रुटि हो जाने के कारण अभ्यर्थियों को गलत प्रतीक चिन्ह आबंटित हो गये। ग्राम पंचायत सुरेगांव के वार्ड क्रमांक 8 में दो अभ्यर्थी को आबंटित प्रतीक गलत हो जाने के कारण मतपत्र में उन्हें एक दुसरे के प्रतीक मुद्रित हो गये। इस कारण से ग्राम पंचायत सुरेगांव के वार्ड क्रमांक 8 के लिए पंच पद हेतु दिनांक 17 फरवरी 2025 को संपन्न हुआ मतदान दूषित हो गया।
राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर ग्राम पंचायत सुरेगांव के वार्ड क्रमांक 8 के पंच पद के लिए दिनांक 17 फरवरी 2025 को हुए मतदान को शुन्य घोषित करते हुए मतदान की नई तारीख दिनांक 23 फरवरी 2025 निर्धारित की है।
वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं और राज्य जीडीपी में उनका योगदान’ विषय पर 21 फरवरी को नवा रायपुर में कार्यशाला
19 Feb, 2025 09:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में, वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन और उनका राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में आर्थिक महत्व को चिन्हित करने के लिए 21 फरवरी को दंडकारण्य (ऑडिटोरियम), अरण्य भवन, नवा रायपुर में कार्यशाला का आयोजन होगा। यह कार्यशाला वन विभाग छत्तीसगढ़ द्वारा द एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट (टेरी) नई दिल्ली के सहयोग से आयोजित की जा रही है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी. श्रीनिवास राव, तथा अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (भू-प्रबंधन) सुनील कुमार मिश्रा के निर्देशन में आयोजित होने वाली इस कार्यशाला में वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन और उन्हें व्यापक आर्थिक ढांचे में एकीकृत करने पर राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा।
वनमंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है जो हरित जीडीपी में वन पारिस्थितिकी तंत्र मूल्यों को समाहित करने और उन्हें आर्थिक योजना में व्यवस्थित रूप से शामिल करने की पहल कर रहा है। यह कार्यशाला छत्तीसगढ़ को सतत विकास की दिशा में अग्रणी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी, जिससे राज्य की पर्यावरणीय संपदा को आर्थिक योजना में प्रभावी रूप से एकीकृत किया जा सकेगा।
इस कार्यशाला में कई विशिष्ट विशेषज्ञों के उद्बोधन होंगे, जिनमें सेवानिवृत्त पीसीसीएफ डॉ. आर. के. सिंह, डॉ. के. सुब्रमण्यम, सदस्य, छत्तीसगढ़ राज्य योजना आयोग; एवं डॉ. जे. वी. शर्मा, वरिष्ठ निदेशक (भूमि संसाधन प्रभाग) टेरी शामिल हैं। ये सभी विशेषज्ञ नीति और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन और आर्थिक योजना पर उनके प्रभाव पर विचार रखेंगे।
कार्यशाला के तकनीकी सत्र में कई प्रमुख विशेषज्ञ अपने शोध व विचार साझा करेंगे। जगदीश राव, सीईओ, लिविंग लैंडस्केप्स, हैदराबाद अपने अनुभव साझा करेंगे। डॉ. मधु वर्मा, वरिष्ठ आर्थिक सलाहकार एवं मुख्य पर्यावरण अर्थशास्त्री, आईओआरए, नई दिल्ली, भारत में पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन की महत्ता और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करेंगी। अनिरुद्ध सोनी, फेलो, सेंटर फॉर बायोडायवर्सिटी एंड इकोसिस्टम (टेरी) वन-आधारित पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं को राज्य जीडीपी से जोड़ने के लिए एसईईए फ्रेमवर्क पर अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा, प्रांजल चौहान, एसोसिएट फेलो, सेंटर फॉर बायोडायवर्सिटी एण्ड इकोसिस्टम, टेरी, छत्तीसगढ़ के वनों में पारिस्थितिकी तंत्र सेवा मूल्यांकन को लागू करने के लिए एक रोडमैप प्रस्तुत करेंगे।
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