छत्तीसगढ़
बिजली बिल में बड़ी राहत: प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का कोड़ातराई में दिखा असर
10 Mar, 2025 08:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लागू की गई प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना ग्रामीण इलाकों में लोगों के बिजली खर्च को कम करने में मील का पत्थर साबित हो रही है। रायगढ़ जिले के ग्राम कोड़ातराई में इस योजना ने कई परिवारों को राहत पहुंचाई है, जिससे वे हर महीने हजारों रुपये की बचत कर पा रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना न केवल लोगों के बिजली खर्च को कम कर रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है। रायगढ़ जिले के कोड़ातराई ग्राम में इस योजना की सफलता भविष्य में अन्य गांवों के लिए भी अनुकरणीय होगी।
ग्राम कोड़ातराई के निवासी जयनारायण चौधरी और राजेश कुमार चौधरी जैसे उपभोक्ताओं के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। जयनारायण चौधरी ने बताया कि पहले उनका बिजली बिल हर माह 2000 से 2500 रुपये तक आता था, जब उन्हें प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत आवेदन किया। एक माह के भीतर उनके घर पर 3 किलोवाट का सौर संयंत्र स्थापित हो गया, जिसकी कुल लागत 1 लाख 90 हजार रुपये थी। उन्हें इस पर 78 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई।
इसी तरह, राजेश कुमार चौधरी ने विद्युत विभाग से संपर्क कर आवेदन किया और एक से डेढ़ सप्ताह के भीतर उनके घर पर 3 किलोवाट का सौर संयंत्र लग गया। इस संयंत्र से हर माह 300 से 350 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है, जिससे उनका बिजली बिल काफी कम हो गया है। दोनों उपभोक्ताओं ने इस योजना की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों को सस्ती और स्थायी ऊर्जा प्रदान करना है। 29 फरवरी 2024 को लागू इस योजना के तहत सभी घरेलू विद्युत उपभोक्ता अपने घर की छत पर 1, 2 या 3 किलोवाट तक का सौर संयंत्र स्थापित कर सकते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता को https://pmsuryaghar.gov.in पर आवेदन करना होगा। इससे औसतन 300 यूनिट तक की बचत के जरिए बिजली बिल में 2000 रुपये तक की कमी संभव है। इसके अतिरिक्त, इस योजना के तहत बैंक लोन भी उपलब्ध है, जिसमें उपभोक्ता को संयंत्र की लागत का 90 प्रतिशत तक बैंक लोन न्यूनतम 7 प्रतिशत ब्याज दर पर मिल सकता है।
रायगढ़ जिले में अब तक 833 उपभोक्ताओं ने योजना के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 69 उपभोक्ताओं के घरों में सौर संयंत्र स्थापित हो चुका है। रायगढ़ जिले के ग्राम कोड़ातराई को आर्दश सौर ग्राम के रूप में चयनित किया गया है। यहां के 187 पात्र आवेदकों में से 46 उपभोक्ताओं ने योजना के लिए आवेदन किया है और अब तक 4 उपभोक्ताओं के घरों में सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में 3934 बच्चों का स्वर्णप्राशन
10 Mar, 2025 08:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : राजधानी रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में पुष्य नक्षत्र पर आज 3934 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन के लिए पहुंचे 800 बच्चों को स्वर्णप्राशन किट और 350 बच्चों को बाल रक्षा किट भी वितरित किए गए। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान द्वारा महाविद्यालय को ये किट उपलब्ध कराए गए थे।
आयुष विभाग की संचालक सुश्री इफ्फत आरा ने आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय में बच्चों और परिजनों को ये किट प्रदान किए। उन्होंने स्वयं बच्चों का स्वर्णप्राशन भी कराया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक चिकित्सा परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. संजय शुक्ला और महाविद्यालय की प्रभारी अधीक्षक डॉ. अरुणा ओझा सहित अनेक प्राध्यापक भी इस दौरान मौजूद थे।
स्वर्णप्राशन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बताया कि हर पुष्य नक्षत्र तिथि में आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों का स्वर्णप्राशन कराया जाता है। यह बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्तिवर्धन एवं रोगों से बचाव में बहुत लाभदायक और उपयोगी है। वे स्वर्णप्राशन के लिए आने वाले बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी करते हैं। इसी कड़ी में आज करीब चार हजार बच्चों का स्वर्णप्राशन किया गया है।
पर्यटन विभाग की अंतर्विभागीय समिति की बैठक सम्पन्न
10 Mar, 2025 08:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटन क्षमता में वृद्धि करने हेतु गठित अंतर्विभागीय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों की भूमिका पर चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य सचिव जैन ने पर्यटन विकास हेतु विभिन्न सहयोगी विभागों के मध्य समन्वय से कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने पर्यटन स्थलों को पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाने की बात भी कही। बैठक में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भूमि, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, परिवहन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कार्य करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा नवनिर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग तथा जिलों के नगरों तथा शहरों के समीप नवनिर्मित बायपास मार्गों के प्रमुख स्थानों पर छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड द्वारा सुविधा केन्द्र बनाने के संबंध में व्यापक चर्चा की गई। इसी तरह से टूरिज्म बोर्ड द्वारा निर्मित विभिन्न रिसॉटर्स में पर्याप्त जल आपूर्ति हो इसके लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने कहा गया। इसी तरह से मंदिरों, तालाबों, झीलों सहित अन्य पर्यटन स्थलों की सौंदर्यीकरण करने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा पुरातत्व विभाग को समन्वय से कार्य करने कहा गया।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भोरमदेव वाईल्ड लाईफ सफारी प्रारंभ करने से पर्यटकों को सुविधा होगी। अधिकारियों ने बताया कि कुरदूर रिसॉर्ट के पास स्थित बंद गेट को अचानकरमार जंगल सफारी के लिए खोलने की कार्यवाही प्रस्तावित है। अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के कुरदूर रिसॉर्ट तथा आमाडोब रिसॉट में पर्यटकों के लिए जंगल सफारी में जिप्सी की सुविधा भी प्रस्तावित है। नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों को कहा गया है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थित हॉटल, मोटल एवं रिसॉट आदि से वेस्ट कलेक्शन नियमित रूप से किया जाए और पर्यटन स्थलों में स्वच्छता एवं प्रकाश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित किया जाए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि गिरौदपुरी अमृत कुंड होते हुए छातापहाड़ को सतनाम मार्ग के रूप में विकसित करने तथा गिरौदपुरी धाम एवं छातापहाड़ को तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 128.20 लाख का प्रस्ताव प्राप्त हुआ है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा आयोजित इस बैठक में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव अन्बलगन पी., मुख्यमंत्री एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव पी.दयानंद, मुख्यमंत्री एवं वित्त विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव बसवराजु एस., परिवहन विभाग के सचिव एस.प्रकाश सहित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग, राजस्व, वित्त, वाणिज्य एवं उद्योग, जल संसाधन, कौशल विकास, संस्कृति एवं राजभाषा, पुरातत्व एवं सीएसआईडीसी के अधिकारी शामिल हुए।
वन संरक्षण अधिकारी लापरवाह, उनकी नाक के नीचे चल रही है जंगलों की अवैध कटाई
10 Mar, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बीजापुर: छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचल बीजापुर में जहां पेड़ों को भगवान मानकर पूजा जाता है. जहां आदिवासी अपनी प्रकृति को बचाने के लिए आंदोलन करते हुए मर जाते हैं, ऐसी जगह कुटरू वन क्षेत्र (बफर) के जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई जारी है और वनों के संरक्षण का जिम्मा संभालने वाले अधिकारी कुंभकरण की नींद सो रहे हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण पेड़ों की कटाई हो रही है। जबकि वन विभाग अवैध कटाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर रहा है। बीट नैमेड़ के नयापारा में पेड़ों की अवैध कटाई पर विभाग अंकुश नहीं लगा पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बीट नैमेड़ के नयापारा क्षेत्र में खेती के लिए जंगलों को साफ किया जा रहा है। इसमें ग्रामीण उन पेड़ों को भी काट रहे हैं जो कुछ साल पहले लगाए गए थे।
कई स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत विभागीय अधिकारियों से की है, इसके बावजूद रेंजर से लेकर बीट गार्ड तक कोई ध्यान नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस अवैध कारोबार की जानकारी वन विभाग समेत कई जिम्मेदार लोगों को है, लेकिन जब उनसे इस बारे में पूछा जाता है तो वे ऐसी गतिविधियों से इनकार करते हैं। ग्रामीणों की सजगता और सूचना पर कभी-कभार विभाग लकड़ी तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करता है। ठोस कार्रवाई के अभाव में अपराधी बच निकलते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अवैध कटाई से क्षेत्र के जंगल नष्ट हो रहे हैं।
जंगलों से लकड़ी के साथ-साथ अवैध जलाऊ लकड़ी का कारोबार भी दिन-प्रतिदिन फल-फूल रहा है। इन लकड़ियों का उपयोग होटलों, ढाबों, ईंट भट्टों और ग्रामीण क्षेत्रों में किया जा रहा है। अवैध कटाई के बाद जमीन को लेकर बढ़ रहे आपसी विवाद: हाल ही में कुटरू वन क्षेत्र में जंगल की कटाई देखने को मिली थी। वहीं नैमेड़ बीट के नयापारा में भी जंगल की कटाई के संकेत दिखाई दे रहे हैं। यहां कुछ ग्रामीण जंगल की कटाई कर रहे हैं। वहीं खेती के लिए जंगल साफ करने और जमीन पर अतिक्रमण करने को लेकर भी लोगों में विवाद हो रहे हैं।
कब्जे की वजह खेती और पट्टे का लालच
कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि नैमेड़ आदिवासी समुदाय की आड़ में वन माफिया काम करते हैं। उनसे जमीन साफ करवा लेते हैं और फिर उस पर कब्जा कर खेती करते हैं। आदिवासी समुदाय गरीब से भी गरीब बना हुआ है। उनका कहना है कि ग्रामीणों को समझ में आने लगा है कि उनका जीवन जंगलों पर निर्भर है। अगर जंगल नहीं होंगे तो न तो मवेशियों को चरने की जगह मिलेगी और न ही बारिश होगी। ग्रामीणों ने इसके लिए पहल भी की है। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण वनों की कटाई नहीं रुक रही है। वहीं कई ग्रामीण पट्टे के लालच में कब्जे के लिए जंगलों की ओर रुख कर रहे हैं।
जानिए क्या कहते हैं जिम्मेदार
जब इस पूरे मामले में रेंजर रामायण मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पहले भी जंगल काटे गए हैं, ग्रामीणों को समझाने के बाद भी उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि विभाग इसमें क्या करेगा। हालांकि इसके बाद इंद्रावती डीएफओ संदीप बलगा ने जांच और कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि आप जिस क्षेत्र की बात कर रहे हैं, वहां स्टाफ भेजकर जांच कराऊंगा तथा जो लोग इस प्रकार का कार्य कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सिंहदेव के करीबी माने जाने वाले प्रदेश कांग्रेस महामंत्री के ठिकानों पर IT की छापेमारी
10 Mar, 2025 07:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिलाई: छत्तीसगढ़ के भिलाई में पूर्व सीएम भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल के घर पर छापेमारी के बीच अब आयकर IT विभाग की टीम ने छापा मारा है। बताया जा रहा है कि विभाग ने पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के करीबी कांग्रेस नेता के ठिकानों पर छापेमारी की है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने दुकान और घर पर छापेमारी की है। सिंहदेव के करीबी माने जाने वाले प्रदेश कांग्रेस महासचिव दुतेंद्र मिश्रा कल्याण ट्रेडर्स के संचालक हैं। बताया जा रहा है कि आयकर में गड़बड़ी की शिकायत पर टीम ने कार्रवाई की है।
फिलहाल टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है। छापेमारी का अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन जांच जारी है। बताया जा रहा है कि करीब 15 लोगों की टीम लगातार उनके घर की जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो आईटी ने कई जगहों पर छापेमारी की है। हालांकि इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है, लेकिन कई अन्य जगहों पर कार्रवाई की गई है।
BREAKING: भूपेश बघेल के घर से निकला भारी मात्रा में कैश, ED ने मंगाई नोट गिनने की मशीन
10 Mar, 2025 06:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी में भारी मात्रा में नकदी मिलने का दावा किया जा रहा है। ईडी ने नकदी गिनने के लिए दो मशीनें मंगवाई हैं। ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल से जुड़े परिसरों से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और दस्तावेज भी जब्त किए हैं। सूत्रों के मुताबिक चैतन्य बघेल को जल्द ही पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। यह छापेमारी छत्तीसगढ़ में कथित 2100 करोड़ रुपये के शराब घोटाले से जुड़ी है। ईडी ने राज्य में 14 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया है। बघेल समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया, जिसके चलते इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
तुलसी गांव में यूट्यूबरों की संख्या 2 हजार, कला और वीडियो के दम पर कर रहे हैं शानदार कमाई
10 Mar, 2025 05:52 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़। भारत में जैसे-जैसे यूट्यूब का उत्थान हुआ है, गांव और कस्बों से कई सारे यूट्यूबर्स भी आज के समय में काफी नाम कमा चुके हैं। आज हम एक ऐसे गांव के बारे में बात करेंगे जिसे यूट्यूबर्स का गांव बोला जाता है। छत्तीसगढ़ के इस गांव का नाम है तुलसी।
राजधानी रायपुर से 45 किमी दूर बसे इस गांव को 'भारत का यूट्यूबर' गांव बोला जाता है। हालांकि, कुछ साल पहले तक इस गांव की पहचान एक औद्योगिक क्षेत्र की थी। यहां अदाणी का पावर प्लांट, सीमेंट प्लांट, प्लास्टिक फैक्ट्री और राइस मिल है। गांव में कॉलेज और आईटीआई भी है।
गांव के लोगों की रगों में है कला
इस गांव की पहचान एक समय पर कला के माध्यम से भी थी। यहां रामलीला में राम का किरदार निभाने से लेकर रावण बनकर अपने अभिनय का दमखम दिखाने वाले कई सारे लोग हैं। कला इस गांव के लोगों के रगों में था, शायद यही वजह है कि आज के समय में इस गांव में 40 यूट्यूब चैनल है और इनमें से 15 चैनल मोनेटाइज हो चुके हैं।
गांव के दो युवा जय और ज्ञानेंद्र ने ही गांव में पहले यूट्यूब चैनल की शुरुआत की। फिर अन्य युवाओं ने भी चैनल बनाने की इच्छा जाहिर की। जय और ज्ञानेंद्र के कई चैनल बंद हो चुके थे, इस चीज से उन्हें काफी कुछ सिखने को मिला और अब वो दोनों छोटी-छोटी तकनीकी बातों से लोगों को रूबरू कराते हैं।
इन दोनों ने युवाओं को वीडियो कैसे अपलोड करना है, टाइटल क्या लिखना है, वीडियो कैसे एडिट करना है, थंबनेल और हैशटैग जैसी कई जानकारियां दी। इसके बाद गांव में कई सारे यूट्यूब चैनल्स बने।
हर महीने 10 से 30 हजार रुपये की करते हैं कमाई
तुलसी गांव के ज्यादातर युवाओं व बुजुर्गों की रग-रग में कला के प्रति जुनून है। कुछ साल पहले दो युवाओं ने मिलकर वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड करना शुरू किया। देखते ही देखते वे प्रसिद्ध हो गए। उनसे प्रेरणा लेकर दूसरे युवा भी आगे आए।
अपना-अपना ग्रुप तैयार किया और मात्र छह साल में ही गांव में लगभग दो हजार लोग कलाकार बन चुके हैं। वे यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम में वीडियो, रील्स अपलोड करके प्रति माह 10 से 30 हजार रुपये तक की कमाई कर रहे हैं।
यूट्यूब के एल्गेरिदम् को समझकर आगे बढ़ते चले गए लोग
जय ने बताया कि गांव के लोग रामलीला में कई पीढ़ियों से मंचन करते आ रहे हैं। युवाओं से एक्टिंग कराना आसान था। हमने 50 पार कर चुके ग्रामीणों को भी इसके लिए प्रेरित किया। देखते ही देखते पूरे देश में इस गांव की चर्चा होने लगी।
देशभर में गांव के बारे में चर्चा होने के बाद तत्कालीन सरपंच गुलाब सिंह यदु को दिल्ली बुलाकर एक राष्ट्रीय चैनल ने सम्मानित भी किया। इतना ही नहीं, यूट्यूब इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर इशान चटर्जी ने जय और ज्ञानेंद्र को दिल्ली स्थित गूगल ऑफिस के सम्मेलन में बुलाया। इस सम्मेलन में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई भी आए हुए थे।
गांव की पिंकी साहू ने एल्बम से शुरुआत कर अब फिल्मों में कर रहीं हैं काम
तुलसी गांव की पिंकी साहू छालीवुड की दो तीन चर्चित फिल्मों में काम कर चुकी हैं। साथ ही उन्होंने 10-12 फिल्मों में छोट-छोटे किरदार भी निभाए हैं। पिंकी साहू ने बताया, बचपन से ही एक्टिंग का शौक था। हालांकि, उन्होंने ये भी बताया कि कॉमेडी वीडियो और म्यूजिक वीडियो से लेकर फिल्मों तक का सफर आसान नहीं रहा।
पिंकी साहू ने बताया कि पहले उन्हें उनकी फैमली से सपोर्ट नहीं मिला था और खासकर भाई बिल्कुल खिलाफ था। लेकिन बाद में प्रसिद्धि के साथ-साथ परिवार का सपोर्ट भी मिलने लगा। पिंकी अब रायपुर में रहकर अपना फिल्मी करियर बना रही है।
पिंकी साहु की तरह ही इस गांव से कई सारे यूट्यूबर्स निकले हैं, जिनका नाम आज देशभर में मशहूर है। इनमें आदित्य बघेल, एक्टर मनोज यदु और अभिषेक वर्मा (गोल्ड) जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं।
ईडी की छापेमारी पर सीएम साय का बयान, कहा- '5 साल में न जाने कितने हुए घोटाले'
10 Mar, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापेमारी की है। ईडी की इस कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय स्तर के नेताओं की प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं। इस बीच सीएम विष्णुदेव साय ने भी छापेमारी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि 5 साल की सरकार में कई तरह के घोटाले हुए, केंद्रीय एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। कई लोग जेल के अंदर भी हैं। ईडी एक केंद्रीय एजेंसी है, हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है. आपको बता दें कि ईडी की टीम ने आज सुबह-सुबह भूपेश बघेल के आवास पर छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम ने चैतन्य बघेल के घर और भूपेश बघेल के भिलाई स्थित आवास समेत प्रदेश भर में कुल 14 ठिकानों पर छापेमारी की है। फिलहाल ईडी की अलग-अलग टीमों ने रायपुर, भिलाई समेत अन्य जिलों में एक साथ छापेमारी की है, जहां अहम दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
भूपेश बघेल ने इसे 'षड्यंत्र' बताया
जब सात साल से चल रहा झूठा मामला कोर्ट में खारिज हो गया, तो आज सुबह ईडी के मेहमान पूर्व मुख्यमंत्री, कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल के भिलाई आवास में घुस आए हैं। अगर कोई इस षड्यंत्र से पंजाब में कांग्रेस को रोकने की कोशिश कर रहा है, तो यह गलतफहमी है।
किस मामले में हो रही है जांच?
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामलों में की जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह छापेमारी किस खास मामले से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि शराब घोटाला, कोयला घोटाला और महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल का नाम सामने आया था, जिसके बाद से वे ईडी की रडार पर थे।
ईडी की छापेमारी से भूपेश बघेल और उनके परिवार पर शिकंजा, 14 ठिकानों पर दबिश
10 Mar, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपेश बघेल के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रेड मारी है। भिलाई स्थित उनके निवास पर ईडी सुबह से छापेमारी कर रही है। भूपेश बघेल के घर सहित 14 अन्य जगहों पर केंद्रीय एजेंसी ने रेड मारी है।
क्यों हुई छापेमारी?
बताया जा रहा है कि, केंद्रीय एजेंसी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल के घर पर भी छापेमारी की है। यह कार्रवाई वित्तीय अनियमिततओं और मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में की गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भिलाई तीन मानसरोवर कॉलोनी स्थित बंगला में ईडी की टीम ने छापेमारी की है। सुबह 7:00 बजे तीन ईनोवा कार से पहुंची थी ईडी की टीम। बंगले के भीतर चल रही ईडी की कार्रवाई। बाहर जुटने लगे हैं कांग्रेसी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा
ईडी की कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के लिए मौजूद सीआरपीएफ जवानों के साथ विवाद भी हुआ। मीडिया कर्मियों को कवरेज से रोके जाने पर कांग्रेसियों ने हंगामा किया। हालांकि कुछ देर में ही माहौल शांत हो गया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार एवं प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की। बड़ी संख्या में कांग्रेसी पूर्व मुख्यमंत्री के निवास के सामने पहुंच रहे हैं।
गेंदे की खेती कम लागत में ज्यादा मुनाफा
9 Mar, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जशपुरनगर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय किसानों को फल फूल की खेती करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। गेंदे की खेती एक लाभकारी व्यवसाय है किसानों को कम समय में अच्छा मुनाफा देती है। इसका लाभ भी किसानों को बढ़िया मिलता है। पत्थलगांव विकास खंड के ग्राम लोकेर के किसान मोती बंजारा गेंद की अच्छी खेती कर रहे हैं और दूसरे किसानों को गेंदे की खेती के लिए प्रोत्साहित भी कर रहे हैं। किसान मोती बंजारा ने बताया कि वे 2014 से गेंदे की खेती करना शुरू किया अपने खेत के 20 डिसमिल जमीन में फूल की खेती की त्योहार के सीजन में गेंदे का अच्छा विक्रय होने से उनको अच्छा मुनाफा होने लगा।
उन्होंने बताया कि कृषि विज्ञान केन्द्र डूमरबाहर जशपुर के मार्गदर्शन से ड्रिप मल्चिंग में खेती करना शुरू किया और रकबा को एक एकड़ तक बढ़ाया जिसके बाद कृषि वैज्ञानिकों ने नेट हाउस में खेती करने का सलाह दिया गया। किसान ने बताया कि पत्थलगांव के उघान विभाग से संपर्क करके अपना आवेदन जमा किया और अब 0.2000 हेक्टेयर में नेट हाउस और 1 एकड़ में ड्रिप मलचिंग के माध्यम से अब साल भर गेंदे और गेलोडियस की खेती से अच्छा मुनाफा हो रहा है। किसान मोती ने बताया कि पिछले दीपावली में ही 15 दिन के भीतर गेंदे फूल के विक्रय से 3 लाख से अधिक की कमाई हो गई। एक सीजन में अच्छा मार्केट होने पर प्रति 1 एकड़ से 3 से 3 तीन लाख 50 हजार की कमाई हो जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले खरीब सीजन में 2.5 एकड़ में गेंदे की फसल से अच्छा मुनाफा लिया था। गेंदे की मार्केट जशपुर जिले भर में और आस पास जैसे सरगुजा, बिलासपुर, रायपुर, उड़ीसा, झारखंड भी फूलों की सप्लाई किया जाता है। और अन्य जिलों के साथ अन्य राज्यों से भी मांग निरंतर बनी रहती है। जिले के कई किसान गेंदे की फूल लगाकर अच्छा आमदनी कर रहे हैं। किसान ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न योजना का लाभ उन्हें मिला है। उन्होंने बताया कि अन्य किसान भी उनको देखकर गेंदे की खेती करना चालू कर दिया है। और अच्छी आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ शासन की योजना के तहत क्रेडा विभाग से सौर सूजला योजना का लाभ भी मिला है। कृषि विभाग से गोदाम निर्माण, उघान विभाग से पैक हाउस,नेट हाउस जैसे अन्य योजनाओं का भी लाभ उन्हें मिला उन्होंने बताया कि गेंदे फूल के अलावा बुके गुलदस्ता बनाकर साल में लगभग 2 लाख की अतिरिक्त कमाई कर लेते हैं। किसान मोती ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनका परिवार बहुत खुश हैं।उनका पारिवारिक जीवन स्तर में सुखद बदलाव आया है।
उल्लेखनीय है कि फूलों खेती कम समय में तैयार हो जाता है। गेंदा लगभग 60-70 दिनों में फूल देना शुरू कर देता है, जिससे किसानों को जल्दी मुनाफा मिलता है। कम लागत, अधिक लाभ इसकी खेती में बहुत ज्यादा निवेश नहीं लगता, और इसकी मांग हमेशा बनी रहती है, जिससे अच्छा लाभ मिलता है।
फूलों की उच्च मांग
शादी-विवाह और त्योहारों पर गेंदे के फूलों की मांग बहुत अधिक होती है।
मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सजावट के लिए भी इसका उपयोग होता है।
बहुउपयोगी फसल
गेंदे का उपयोग औषधीय रूप में भी किया जाता है।
बाजार में अच्छी कीमत गेंदा हर मौसम में बिकता है, खासकर दिपावली दुर्गा पूजा, गणेश चतुर्थी, होली जैसे त्योहारों पर इसकी कीमत बढ़ जाती है।
नेशनल लोक अदालत में 29951 प्रकरणों का हुआ तात्कालिक निराकरण
9 Mar, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर बस्तर कांकेर : राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तत्वावधान में जिला एवं सत्र न्यायालय कांकेर में प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद ध्रुव द्वारा नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया।
लोक अदालत में विभिन्न मामलों का त्वरित, सौहार्द्रपूर्ण एवं आपसी सहमति से 29 हजार 951 प्रकरणों का तात्कालिक व त्वरित निराकरण किया गया। इस संबंध में बताया गया कि जिले में कुल 10 खंडपीठ गठित की गई थी, जिनमें कांकेर में 06, भानुप्रतापपुर में 02 एवं पखांजूर में 02 खंडपीठ शामिल थे। खण्डपीठ क्र-1 आनंद कुमार ध्रुव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, खण्डपीठ क्र-2 रमाशंकर प्रसाद, न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायाधीश खण्डपीठ क्र-3 लीना अग्रवाल, प्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, खण्डपीठ क्र-4 भुपेन्द्र कुमार वासनीकर, तृतीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) क्र-भास्कर मिश्र, प्रथम सिविल जज सीनियर डिवीजन/मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कांकेर, खण्डपीठ क्र-6 अम्बा शाह द्वितीय सिविल न्यायाधीश सीनियर डिवीजन तथा तालुका भानुप्रतापपुर में खण्डपीठ क्र-1 दीपक के गुप्ता, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश भानुप्रतापपुर, खण्डपीठ क्र-2 गुलापन राम यादव, सिविल जज सीनियर डिवीजन, तथा तालुका पखांजूर में खण्डपीठ क्र-1 ताजुदीन आसिफ, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पखांजूर, क्र-2 मयंक सोनी, सिविल जज वर्ग-1 प्रथम श्रेणी पखांजूर की खण्डपीठ बनाई गई थी।
लोक अदालत के माध्यम से 3284 लंबित प्रकरणों में कुल 3034 प्रकरण निराकृत किया गया जिसमें कुल राशि 3 करोड़ 43 लाख 34 हजार 980 अवार्ड पारित किया गया। साथ ही प्रीलिटिगेशन प्रकरणों जैसे बैंक वसूली, विद्युत एवं जलकर, टेलीफोन में कुल 32 हजार 544 मामले पेश किये गये जिसमें 20 हजार 917 प्रकरण निराकृत हुए एवं 2 करोड़ 24 लाख 17 हजार 381 रुपए की राशि पारित की गई। लंबित एवं प्रीलिटिगेशन में कुल 5 करोड़ 67 लाख 52 हजार 361 अवार्ड राशि पारित किया गया।
निःशुल्क चिकित्सा जांच शिविर लगाया गया
लोक अदालत में आए लोगों की सुविधा के लिए निःशुल्क चिकित्सा जांच शिविर का आयोजन भी किया गया जिसमें 45 लोगों का रक्तचाप (बीपी), शुगर आदि की जांच की गई। यह सेवा विशेष रूप से बुजुर्गों और दूरदराज क्षेत्र से आए लोगों के लिए लाभकारी रहा, जिससे उन्हें अपने स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी मिली और आवश्यक परामर्श भी प्रदान किया गया।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वृहद कार्यक्रम आयोजित
9 Mar, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर बस्तर कांकेर : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शनिवार 08 मार्च को कांकेर के नया कम्युनिटी हाल में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं को सम्मान किया गया। कार्यक्रम में कांकेर विधायक आशाराम नेताम, नगर पालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक, उपाध्यक्ष उत्तम यादव शामिल हुए। इस अवसर महिला केंद्रित विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बाल विवाह विरोधी शपथ दिलायी गई। श्रेष्ठ कार्य करने वाली शासकीय तथा गैर शासकीय महिलाओं, बालिकाओं को सम्मानित किया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को गैस कनेक्शन वितरित किए गए। छत्तीसगढ़ महिला कोष अंतर्गत लगभग 40 लाख रुपए की ऋण राशि भी वितरित की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष, पार्षदों, जनपद सदस्यों, सरपंचों सहित बड़ी संख्या में नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों, महिला स्व सहायता समूहों की सदस्यों तथा अन्य ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री साय ने उत्कृष्ट कार्य पर राम कुमारी चौहान का किया सम्मान
9 Mar, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायगढ़ : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रायगढ़ जिले के ट्रांसपोर्ट नगर किरोड़ीमल आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकर्ता राम कुमारी चौहान को उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुरस्कार से सम्मानित किया।
राम कुमारी चौहान को यह सम्मान पोषण ट्रैकर एप पर शत-प्रतिशत एंट्री करने, हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ दिलाने, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं की विशेष देखभाल करने, कुपोषण मुक्ति की दिशा में उत्कृष्ट योगदान देने, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का बेहतर क्रियान्वयन, महतारी वंदन योजना से अधिकाधिक हितग्राहियों को लाभान्वित करने, सुकन्या समृद्धि योजना में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री साय ने महिला सशक्तिकरण और बाल विकास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका की सराहना की और उन्हें समाज निर्माण में आधार स्तंभ बताया। राज्य स्तरीय सम्मान प्राप्त करने पर राम कुमारी चौहान जिले के आंगनबाड़ी के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनी। कलेक्टर गोयल एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी ने राम कुमारी चौहान को मुख्यमंत्री साय द्वारा उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित होने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ का भव्य आयोजन
9 Mar, 2025 08:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास, रायपुर में ‘महतारी वंदन अभिनंदन’ कार्यक्रम का भव्य और गरिमामय आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिला पत्रकारों को सम्मानित किया और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाएँ समाज का सशक्त आधार हैं, और छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और समर्थ बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएँ हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रही हैं, और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि उन्हें हर अवसर पर समान अधिकार और सुरक्षा मिले।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ‘महतारी वंदन’ की संकल्पना को साकार करने के लिए समर्पित है। वर्तमान युग में महिलाएँ केवल परिवार और समाज का ही नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से देश की प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
महिला पत्रकारों के योगदान की सराहना
मुख्यमंत्री साय ने पत्रकारिता में महिलाओं की भूमिका को विशेष रूप से सराहा। उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों ने समाज में जागरूकता फैलाने और लोगों की आवाज बनने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।उन्होंने कहा कि महिला पत्रकारों की मेहनत, निडरता और निष्पक्षता समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद कर रही है। महिला पत्रकारों ने अपनी साहसिक पत्रकारिता से न केवल जनता के अधिकारों की रक्षा की है, बल्कि उन मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया है, जो आमतौर पर अनसुने रह जाते हैं। उन्होंने महिला पत्रकारों को सम्मानित करते हुए उनके योगदान को प्रेरणादायक बताया और उन्हें आगे भी सच और न्याय की आवाज बुलंद करने के लिए प्रेरित किया।
महिला सुरक्षा और सुविधाओं पर सरकार का विशेष ध्यान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य में विशेष महिला थानों, हेल्पलाइन सेवाओं और कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में महिला थानों और कामकाजी महिलाओं के लिए सुविधाओं का विशेष प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ‘महतारी वंदन’ योजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने यह भी बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में सरकार ठोस कदम उठा रही है।
सम्मानित हुईं महिला पत्रकार
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरश्मि ड्रोलिया, ज्योति सिंह, मधुमिता पाल, सरिता दुबे, सुनिशा द्विवेदी, सुनिधि प्रसाद, शगुफ्ता शिरीन, सुचित्रा पटेल, सुकरिश्मा सोनी, आफताब बेगम, सुखुशबू ठाकरे, तनु वर्मा, आकांक्षा तिवारी, आकांक्षा दुबे, सुरसिका पांडे सहित 60 से अधिक महिला पत्रकारों को सम्मानित किया।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला पत्रकारों की सक्रिय भागीदारी और निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र को सशक्त बनाने में सहायक है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री साय ने महिला पत्रकारों को छत्तीसगढ़ सरकार की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं के लिए संचालित योजनाएँ उनके आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में क्रांतिकारी परिवर्तन ला रही हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि महिलाएँ केवल आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि समाज में अपनी पहचान को और अधिक मजबूत करें। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार महिलाओं के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और वित्तीय सहायता जैसी योजनाओं को और अधिक विस्तारित करने पर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर शासन की योजनाओं से संबंधित बुकलेट, ब्रोशर और पुस्तकें प्रदान की गईं, ताकि वे इनका लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें।
सम्मान में दी गईं स्मृति चिन्ह और उपहार
कार्यक्रम के दौरान महिला पत्रकारों और गणमान्य महिलाओं को सम्मानस्वरूप शॉल, स्मृति चिन्ह और आकर्षक बैग भेंट किए गए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सम्मान केवल उनके कार्यों की सराहना नहीं, बल्कि उनके योगदान को आगे बढ़ाने की प्रेरणा भी है।उन्होंने कहा कि हमारी सरकार चाहती है कि महिलाएँ आत्मनिर्भर बनें, और वे अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह से जागरूक हों।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आने वाले समय में सरकार नई योजनाओं को लागू करेगी, जिनमें महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक महिला को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मिले, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा सकें।मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएँ।
मुख्यमंत्री साय ने महिला पत्रकारों और उपस्थित गणमान्य महिलाओं के साथ संवाद किया और उनके विचारों और सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि सरकार महिलाओं की भागीदारी और उनकी आवाज को और अधिक सशक्त करने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में महिला पत्रकारों ने मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार प्रकट किया और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिला पत्रकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
प्रदेश सरकार के प्रयासों से हो रहा है महिला सशक्तिकरण उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन
9 Mar, 2025 08:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में महतारी वंदन सम्मेलन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें महिलाओं के योगदान को सराहा गया और उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। प्रदेश सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिसके तहत महतारी वंदन योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। रेडी टू ईट योजना को पुनः शुरू किया गया है, जिससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा। इसके अलावा, जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों, छात्रावासों और आश्रमों में लकड़ी के चूल्हों के स्थान पर गैस सिलेंडर की व्यवस्था की गई है, जिससे महिलाओं को धुएं से राहत मिलेगी। मंत्री देवांगन ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री महिलाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहें है। उन्होंने श्रम विभाग द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने सिलाई मशीन, साइकल सहित अन्य सामग्रियों हेतु खाते में राशि दी जा रही है।
कलेक्टर अजीत वसंत ने महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य के विकास में महिलाओं का बराबर योगदान है। हाल ही में संपन्न नगरीय निकाय चुनाव में महिलाओं की भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि वे प्रशासनिक कार्यों में भी आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा की महिलाओं को अपने पैरो पर खड़ा होने के लिए आर्थिक रूप से सक्षम होना जरूरी है। नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार सिंह ने कहा कि अब महिलाओं का उत्थान केवल एक चर्चा का विषय नहीं रह गया है, बल्कि वे पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में कार्य कर रही हैं।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष निकिता जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और तकनीकी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी से सशक्तिकरण को और बल मिल रहा है। कार्यक्रम के दौरान महिला कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महतारी वंदन योजना से लाभांवित महिलाओं ने अपना अनुभव साझा किया।
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