छत्तीसगढ़
चिरायु टीम के प्रयास ने अपेक्षा को दी नई जिंदगी
11 Mar, 2025 08:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
महासमुंद : ग्राम झालखम्हरिया की 8 साल की नन्ही अपेक्षा साहू की जिंदगी अचानक एक ऐसे मोड़ पर आ गई, जहाँ हर पल मौत की परछाईं उसका पीछा कर रही थी। उसके मासूम बचपन पर ब्लड कैंसर के एक दुर्लभ प्रकार एक्यूट प्रोमाइलोसाइटिक ल्यूकेमिया (एपीएमएल) ने गहरा असर डाला। महीनों से चला आ रहा बुखार, शरीर पर उभरते चकत्ते और पीलापन किसी गंभीर खतरे का संकेत दे रहे थे। जब स्वास्थ्य विभाग की चिरायु टीम को उसकी हालत का पता चला, तो बिना देरी किए उसे एम्स रायपुर ले जाया गया, जहाँ विस्तृत जांच के बाद उसकी बीमारी की पुष्टि हुई।
इलाज की शुरुआत कीमोथेरेपी से हुई, लेकिन यह जितनी जरूरी थी, उतनी ही खतरनाक भी साबित हुई। पहली ही खुराक के बाद उसके शरीर ने गंभीर प्रतिक्रिया दी, अचानक दौरे पड़ने लगे, मस्तिष्क में रक्तस्राव (सीवीए) हो गया, और उसका बायाँ हिस्सा अर्ध-पक्षाघात (हेमिप्लेगिया) से प्रभावित हो गया। यह सब देखकर उसके माता-पिता का दिल बैठ गया। उन्हें लगा कि अब कुछ भी ठीक नहीं हो सकता, और उन्होंने इलाज बीच में ही रोकने का फैसला कर लिया।
लेकिन यही वह क्षण था जब चिरायु टीम ने उम्मीद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने माता-पिता को समझाया कि यह लड़ाई अधूरी छोड़ देना ही असली हार होगी। उनकी काउंसलिंग और हौसले के चलते अपेक्षा का इलाज दोबारा शुरू हुआ। उसे बाल्को मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया, जहाँ उसने 7 खुराक कीमोथेरेपी पूरी की। दर्द और तकलीफ के बावजूद, उसकी मासूम आँखों में जिंदा रहने की चमक बनी रही। धीरे-धीरे उसकी हालत सुधरने लगी, और हर गुजरते दिन के साथ वह इस जानलेवा बीमारी पर विजय पाने की ओर बढ़ती गई। ऐसे कठिन समय में आयुष्मान योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए की वित्तीय सहायता भी कारगर साबित हुई। सितंबर 2024 में, जब उसने अपनी आखिरी कीमोथेरेपी पूरी की, तो यह सिर्फ एक इलाज का अंत नहीं था, बल्कि एक नई जिंदगी की शुरुआत थी। अब वह सिर्फ दवाइयाँ ले रही है, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रही है। अभी कु. अपेक्षा कक्षा दूसरी में अध्ययनरत् है। उसकी हँसी अब दर्द से भरी नहीं, बल्कि जज़्बे और हिम्मत की कहानी बयां करती है। अपेक्षा सिर्फ एक कैंसर सर्वाइवर नहीं, बल्कि साहस और उम्मीद की मिसाल है। उनकी माता-पिता के लिए जीने का संबल है।
‘प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्र प्रारंभ कराएं’
11 Mar, 2025 08:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर बस्तर कांकेर : कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने आज साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत एवं लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्रता से प्रारंभ कराने के निर्देश जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा सभी जनपद पंचायतों के सीईओ को दिए। साथ ही उन्होंने नियद नेल्लानार योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी कार्यों को जल्द से जल्द पूर्ण करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आज सुबह 10.30 बजे से आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने नगरीय निकाय निर्वाचन एवं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के निर्विघ्न एवं शांतिपूर्ण ढंग से निष्पादित कराए जाने पर सभी अधिकारियों को अपनी शुभकामनाएं दी। तत्पश्चात उन्होंने नियद नेल्लानार योजना के तहत चयनित ग्रामों में अब तक हुए विकास कार्यों की जानकारी लेते हुए नर्सिंग स्टॉफ नियुक्त करने, हैलीपेड निर्माण हेतु आवश्यक कार्यवाही करने, इन ग्रामों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों का समायोजन करने तथा जिला निर्माण समिति एवं जिला खनिज न्यास निधि के अधीन स्वीकृत सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण के लंबित कार्यों को अविलंब शुरू कराने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया। बैठक में आंगनबाड़ी केन्द्र भवन निर्माण के 502 स्वीकृत में से 235 कार्य पूर्ण नहीं होने पर असंतोष प्रकट करते हुए कलेक्टर ने इसमें तेजी लाने व अप्रारंभ कार्यों को जल्द शुरू कराने के निर्देश संबंधित जनपद पंचायत के सीईओ को दिए। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में स्वीकृत 25 हजार 851 प्रकरणों में से 23 हजार 681 हितग्राहियों को प्रथम किश्त और 10 हजार 840 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त जारी की जा चुकी है, इसके बाद भी कार्यों में समुचित प्रगति नहीं आई है। उन्होंने अप्रारंभ आवास को प्रारंभ कराने एवं अपूर्ण निर्माण को पूर्ण कराने रणनीति तैयार कर अभियानपूर्वक कार्य कराने हेतु जिला पंचायत के सीईओ हरेश मंडावी को निर्देशित किया। इसी तरह ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में प्रगति लाने तथा पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह आयुष्मान भारत योजना के तहत 93 प्रतिशत उपलब्धि को शत-प्रतिशत कराने पर जोर दिया। इसके अलावा आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत 26 हजार 358 लक्ष्य के विरूद्ध अब तक सिर्फ 26 प्रतिशत पंजीयन होने के संबंध में ग्रामीण क्षेत्र के वयोवृद्धजनों को योजना से जोड़ने, उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिलाने के लिए योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को दिए।
इसके अलावा एग्रीस्टेक पोर्टल में सभी किसानों का ऑनलाइन पंजीयन कराने, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत श्रमिकों की पंजीयन संख्या में वृद्धि करने सहित विभिन्न लंबित प्रकरणों की प्रगति की समीक्षा कलेक्टर ने अनुभागवार एवं विभागवार की। बैठक में डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी बोर्ड परीक्षा श्रीमती आस्था बोरकर ने गत 01 मार्च से आगामी 28 मार्च तक चलने वाली बोर्ड परीक्षाओं के संचालन के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के सुचारू रूप से संचालन हेतु जिले में कुल 27 उड़नदस्ता दल और 130 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। जिनके द्वारा प्रतिदिन परीक्षा केन्द्रों में जाकर सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में अब तक एक भी नकल प्रकरण नहीं बना है। बैठक में इसके अलावा विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर एडीएम बी.एस. उईके एवं जितेन्द्र कुर्रे, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित अनुविभागीय अधिकारी और जिला स्तर के अधिकारीगण उपस्थित थे।
शीशल कला को बस्तर अंचल के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचा रही शोभा बघेल
11 Mar, 2025 08:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जगदलपुर : बस्तर अंचल विभिन्न शिल्प कलाओं के लिए प्रसिद्ध है जहां काष्ठ कला, टेराकोटा, बेलमेटल, लौह शिल्प इत्यादि के विख्यात शिल्पकार अपनी अमिट पहचान स्थापित कर चुके हैं। इसी क्रम में बस्तर जिले के विकासखण्ड बस्तर के परचनपाल निवासी शोभा बघेल शीशल कला की हुनर को एक नई दिशा देने में जुटी हुई हैं। शोभा जहां स्वयं शीशल रस्सी से डायनिंग मेट, पी-कोस्टर, नाव, झूमर, गुड़िया, बास्केट, साईड पर्स, झूला, दिवाल इंजिन, लेटर होल्डर आदि कलात्मक वस्तुएं तैयार कर विक्रय कर रही हैं। वहीं विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों को शीशल कला का प्रशिक्षण देकर उन्हें हुनरमंद बना रही हैं। शोभा अपनी कलात्मक वस्तुओं को शबरी एम्पोरियम सहित बिहान मड़ई, शिल्प महोत्सव, बस्तर मड़ई, चित्रकोट महोत्सव, स्थानीय बाजार, आमचो बस्तर बाजार, राज्य के आधुनिक मॉल तथा अन्य प्रदेशों के प्रदर्शनी, सरस मेला जैसे आयोजनों में विक्रय कर हर महीने 20 से 25 हजार रुपए आय अर्जित कर रही हैं और अपने घर-परिवार को खुशहाल बना चुकी हैं। अपनी छोटी सी लेकिन महत्वपूर्ण आमदनी के जरिए शोभा ने अपने बेटे भगतसिंह बघेल को ग्रेजुएट तक पढ़ाई करवाया है तो बेटी पिंकी बघेल को बीएससी नर्सिंग की शिक्षा दिलवाई हैं। जिससे पिंकी अब जगदलपुर के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल में स्टॉफ नर्स की सेवा देकर घर-परिवार की मदद कर रही हैं।
शोभा ने बताया कि वह अपने पति बंशी बघेल के साथ विभिन्न स्थानों में शीशल कला का ट्रेनिंग भी दे रही हैं जिसके तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिला स्व सहायता समूहों के साथ ही केंद्रीय विद्यालय जगदलपुर, नवोदय विद्यालय जगदलपुर के छात्र-छात्राओं को शीशल कला का प्रशिक्षण प्रदान किया है। वहीं वर्तमान में समीपवर्ती ओड़ीसा राज्य के बलांगीर जिले के नवोदय विद्यालय बेलपाड़ा में शीशल कला का प्रशिक्षण दे रही हैं। शोभा बताती हैं कि विकासखण्ड बस्तर अंतर्गत ग्राम पंचायत के परचनपाल में एनआरएलएम के तहत फरवरी 2016 में गठित स्व-सहायता समूह से जुड़ी और पूर्व से ही शीशल की कलात्मक सामग्री डायनिंग मेट, नाव, झूमर, गुड़िया, बास्केट, साईड पर्स, झूला, दिवाल इंजिन, लेटर होल्डर आदि शीशल उत्पाद बना रहे हैं। जिसके माध्यम से उनकी आजीविका और आय में वृद्धि कर परिवार का भरण-पोषण अच्छे से कर रहे हैं। बिहान कार्यक्रम से जुड़ने से उन्हें आजीविका के लिए नई दिशा मिली और स्थानीय स्तर पर कच्चे माल की उपलब्धता के साथ ही तैयार उत्पाद का उचित दाम मिलने लगा, जिससे समूह से जुड़ी महिलाओं के जीवन में भी खुशहाली आयी है। बिहान के माध्यम से रिवालिंग फण्ड सहित सामुदायिक निवेश कोष एवं बैंक लिंकेज के माध्यम से उक्त शीशल कला उत्पाद से जुड़ी महिलाओं को दो लाख रुपए से अधिक की सहायता उपलब्ध कराई गई है। जिससे वे सभी महिलाएं अपनी शीशल कला को देश-विदेश में पहुंचाने के लिए पूरी तन्मयता से जुटी हुई हैं।
पीडब्ल्यूडी में बिना अनुमति के 855 करोड़ के काम कराने और टेंडर के जरिए भुगतान करने का बड़ा मामला सामने आया
11 Mar, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: लोक निर्माण विभाग में बिना टेंडर के 855 करोड़ रुपए का काम कराने और भुगतान का बड़ा मामला सामने आया है। विभाग के चीफ इंजीनियर ने FIR दर्ज करने और तत्काल निलंबन की अनुशंसा की है। इस मामले में रायपुर के धमतरी, दुर्ग, बेमेतरा, ब्रिज डिवीजन रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, विद्युत यांत्रिक रायपुर बिलासपुर और कोरबा समेत सभी डिवीजन उजागर हुए हैं। इन सभी जगहों के कार्यपालन अभियंताओं को नोटिस भेजकर 10 अप्रैल तक जवाब पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य गठन के बाद लोक निर्माण विभाग में यह सबसे बड़ा घोटाला माना जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर विजय कुमार भतफरी ने जारी नोटिस में कहा है कि रायपुर के कुशालपुर निवासी गणेश केवट की शिकायत पर यह मामला सामने आया है। जिसमें बिना टेंडर के 855 करोड़ रुपए का काम कराने वाले कार्यपालन अभियंता के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की जानी है।
पूर्ण विवरण व कार्य रिपोर्ट मांगी गई
मुख्य अभियंता भतफरी ने पत्र में कहा है कि रायपुर के चारों संभाग, सेतु संभाग व उक्त जिलों के संभागों के कार्यपालन अभियंता जांच के दायरे में हैं। कार्यपालन अभियंताओं को बिना निविदा आमंत्रित किए कराए गए गैर अनुबंधित कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट, कार्यवार, मदवार, लागत व भुगतान व लंबित बिलों की जानकारी 10 अप्रैल तक मुख्य अभियंता कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। मुख्य अभियंता ने 7 मार्च को कार्यपालन अभियंताओं को नोटिस जारी करने के साथ ही उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करने व निलंबन के संबंध में पीडब्ल्यूडी सचिव कमलप्रीत को भी प्रति भेजी है।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल के घर से ED ने किये 33 लाख जब्त, इसके विरोध में कांग्रेस का प्रदेशभर में आंदोलन का एलान
11 Mar, 2025 02:48 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ में आज कांग्रेस पार्टी ईडी की कार्रवाई के खिलाफ पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेगी। इसके तहत कांग्रेस कार्यकर्ता ईडी का पुतला जलाएंगे और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर ईडी की कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे। पार्टी ने इस संबंध में सभी जिला अध्यक्षों को निर्देश जारी किए हैं।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के घर पर ईडी ने छापा मारा। यह कार्रवाई करीब 10 घंटे तक चली। इस दौरान ईडी की टीम ने भूपेश बघेल से पूछताछ की और 32-33 लाख रुपए नकद और कुछ दस्तावेज जब्त किए। बताया जा रहा है कि इन दस्तावेजों में मंतूराम मामले से जुड़ी एक पेन ड्राइव भी शामिल है।
भाजपा हमेशा ईडी को आगे रखती है- भूपेश
छापेमारी के बाद भूपेश बघेल ने कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि उनकी आवाज दबाने की ताकत किसी में नहीं है। उन्होंने कहा, पूरा देश और प्रदेश जान गया है कि भाजपा सीधे चुनाव नहीं लड़ सकती। वह हमेशा ईडी को आगे रखती है। सीडी कांड की जांच दबाव में की गई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसलिए भाजपा बौखलाई हुई है। भूपेश बघेल ने यह भी कहा कि उनसे घर में मौजूद संपत्ति के बारे में पूछताछ की गई। उन्होंने कहा, मैंने विधानसभा में विजय शर्मा से पूछताछ की थी। उस सवाल के बाद ईडी को भेजा गया। भाजपा की घबराहट के कारण यह छापेमारी की गई।
सात घंटे तक की गई पूछताछ
ईडी की टीम ने भूपेश बघेल के भिलाई स्थित घर पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने कई दस्तावेज और 6 मोबाइल फोन जब्त किए। साथ ही सिम कार्ड और नोट गिनने की मशीन भी बरामद की गई। ईडी की टीम ने भूपेश बघेल और उनके बेटे चैतन्य बघेल से करीब 7 घंटे तक पूछताछ की।
कांग्रेस का विरोध
एक दिन पहले भी कांग्रेस ने ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बताते हुए पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने भूपेश बघेल के आवास के बाहर एकत्र होकर 'रघुपति राघव राजा राम' भजन गाकर विरोध जताया।
इन मामलों में ईडी की पूछताछ
ईडी की जांच आबकारी घोटाले और अन्य मामलों से जुड़ी है। इसके तहत कांग्रेस नेताओं, रियल एस्टेट कारोबारियों, राइस मिलर्स, सराफा कारोबारियों और होटल कारोबारियों से पूछताछ की जा रही है। ये सभी भूपेश बघेल के करीबी बताए जाते हैं।
नगर निगम की पुरानी बिल्डिंग में आग लगने से मचा हड़कंप, मौके पर दमकल की टीम
11 Mar, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: गर्मी की शुरुआत होते ही आग लगने की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं। राजधानी रायपुर के बीचों-बीच स्थित नगर निगम की पुरानी बिल्डिंग में अचानक आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बिल्डिंग के चारों तरफ दुकानें हैं. यहां हर दिन खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती है।
लोग हुए परेशान
लोगों की सूचना पर पहुंची गोलबाजार थाना पुलिस ने तुरंत फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाया। जिसके बाद उन्होंने आग पर काबू पाने की कोशिश की. इस घटना से बाजार में मौजूद दुकानदार और स्थानीय लोग काफी परेशान हो गए।
आग लगने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बिल्डिंग में आग जमीन पर फेंके गए कचरे की वजह से लगी होगी. गनीमत रही कि आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना दे दी गई, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
बड़ा हादसा टला
जयस्तंभ के आसपास का इलाका भीड़भाड़ वाला है. यहां बाजार और कई तरह की दुकानें लगती हैं. नगर निगम के पुराने भवन में लगी आग पर यदि समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। पिछले साल गर्मी की शुरुआत में ही गोलबाजार क्षेत्र की कई दुकानों में आग लग गई थी। इसके पहले जयस्तंभ स्थित रवि भवन में भी आग लग गई थी। इसमें लाखों का नुकसान हुआ है। वर्तमान में बढ़ती गर्मी के कारण आग की घटना से बचने के लिए सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।
भागने की कशम-कश में पुलिस ने किआ ढेर; छत्तीसगढ़ गैंगस्टर अमन साव एनकाउंटर
11 Mar, 2025 12:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: झारखंड के पलामू में पुलिस ने गैंगस्टर अमन साव को मुठभेड़ में मार गिराया। अमन साव को रायपुर से झारखंड ले जाया जा रहा था, तभी उसकी गाड़ी पलट गई। इसके बाद वह भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने मुठभेड़ में उसे मार गिराया। अमन साव कुख्यात गैंगस्टर था, जिसके खिलाफ झारखंड और छत्तीसगढ़ में 100 से ज्यादा मामले दर्ज थे। उसे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी माना जाता था और वह उसे हथियार सप्लाई करने के लिए जाना जाता था। अमन साव रांची के मतबे गांव का रहने वाला था।
अमन साव ने 2013 में बनाया था गैंग
अमन साव ने 2013 में अपना गैंग बनाया था। यह गैंग छत्तीसगढ़ और झारखंड में सक्रिय था। हाल ही में अमन साव के गैंग ने रायपुर के एक कारोबारी पर फायरिंग की थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।
झारखंड के रास्ते में पलटी गाड़ी
अमन साव को रायपुर से झारखंड ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसकी गाड़ी पलट गई, जिसके बाद उसने भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन अमन साव ने बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद अमन साव मारा गया।
अमन साव पर 100 से ज्यादा मामले
झारखंड और छत्तीसगढ़ में 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का करीबी और हथियार सप्लाई करता था।
रायपुर के एक कारोबारी पर उसने फायरिंग की थी।
छत्तीसगढ़ और झारखंड में सक्रिय गैंग का सरगना था।
पुलिस ने चलाया था विशेष अभियान
पुलिस ने अमन साव को गिरफ्तार करने के लिए विशेष अभियान चलाया था। गिरफ्तारी के बाद उसे झारखंड ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने इस अभियान को सफल बताया है।
थाना परिसर में दो लोगों के बीच जमकर मारपीट, माहौल हुआ गरम,
11 Mar, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोतवाली थाना अंतर्गत बस स्टैंड में अशरफ मेमन और गुलाम शेखानी के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद हड़कप मच गया। बस स्टैंड पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। दोनों के ही आदमी मौके पर पहुंचे और विवाद और बढ़ गया।
बस स्टैंड पर हुए विवाद के बाद दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ कोतवाली थाना शिकायत दर्ज करने पहुंचे। जहां कोतवाली थाना परिसर पर दोनों के बीच फिर से मारपीट हो गई। दोनों एक दूसरे पर लात घूंसे और मुक्का चलाने लगे। दोनों के बीच मारपीट और गली गलौज सुनकर थाने के अंदर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी दौड़कर बाहर पहुंचे।
लेकिन तब तक दोनों खून से लहूलुहान हो चुके थे। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ही पक्ष के लोग कोतवाली थाना परिसर पर पहुंच गए और भीड़ लग गई। पुलिस ने किसी तरह सभी को कोतवाली थाना से बाहर भगाया। दोनों एक दूसरे के खिलाफ शिकायत कर ही रहे थे कि फिर से विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। जहां पुलिस ने दोनों की शिकायत पर तत्काल मुलायजा के लिए अस्पताल रवाना किया गया।
इस मामले में कोरबा सीएसपी भूषण एक्क ने बताया कि दोनों ने एक दूसरे के खिलाफ मारपीट की शिकायत की है। आगे की जांच कार्यवाही की जा रही है। बताया जा रहा है कि पुरानी रंजीश को लेकर अशरफ मेमन और गुलाब मोहम्मद के बीच मारपीट की घटना सामने आई है। इससे पहले भी दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
बस्तर जिले के बड़ाजी थाने में पदस्थ आरक्षक ने की आत्महत्या
11 Mar, 2025 10:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बस्तर जिले के बड़ाजी थाने में पदस्थ एक आरक्षक ने अज्ञात कारणों के चलते आत्महत्या कर ली है, घटना की जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुँच जांच शुरू कर दी है। मामले की जानकारी देते हुए बताया जा रहा है कि बड़ाजी थाने में पदस्थ आरक्षक नवलेश कश्यप 25 वर्ष ने मंगलवार की सुबह अपने घर से कुछ दूरी पर स्थित तकरागुड़ा के जंगल में आत्महत्या कर ली।
ऐसा बताया जा रहा है कि मृतक आरक्षक पहले डीआरजी में था, उसके बाद उसकी पदस्थापना बड़ाजी थाने में कर दिया गया। वहीं मृतक लोहंडीगुड़ा का ही निवासी बताया जा रहा है। मृतक आरक्षक कुछ दिनों से डिप्रेशन में चल रहा था। लेकिन कारणों का पता नही चल पाया है। वहीं इस संबंध में उनके परिजनों से लेकर दोस्तों तक को इस मामले की कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।
मामले की जानकारी लगते ही एक टीम को घटनास्थल भेज दिया गया। जहां शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया गया है। वहीं इस घटना के संबंध में पुलिस की ओर से कुछ भी नहीं बताया जा रहा है। आखिर आरक्षक ने सुसाइड क्यों किया है। फिलहाल शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है। वही परिजनों के अलावा दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है कि आखिर आरक्षक ने सुसाइड क्यों किया।
सफलता की नई इबादत लिख रहीं कोण्डागांव जिले की महिलाएं
10 Mar, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। कोण्डागांव जिले की महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृषि, पशुपालन, सिलाई, बुनाई, दुकान और अन्य छोटे व्यवसायों से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं। जिले की कई महिलाएं अपनी मेहनत और लगन से शासन की योजनाओं का लाभ उठाकर सफलता की नई कहानी लिख रही हैं। आज हम ऐसी ही महिलाओं की प्रेणादायक कहानी साझा कर रहे हैं, जिन्होंने बिहान से जुड़कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की।
चंद्रिका मरकाम बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
ऐसी ही कहानी माकड़ी विकासखंड के ग्राम पंचायत ओण्डरी की रहने वाली चंद्रिका मरकाम की है, जिन्होंने वर्ष 2014 में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ के अंतर्गत मां शक्ति स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपने आत्मनिर्भर बनने की यात्रा शुरू की। उस समय उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी, और परिवार पूरी तरह से कृषि पर निर्भर था, जिससे होने वाली आय परिवार के जीवनयापन के लिए पर्याप्त नहीं था।
स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आया। ’’बिहान’’ के तहत मिली वित्तीय सहायता से उन्होंने डेयरी व्यवसाय की शुरुआत की। धीरे-धीरे व्यवसाय को बढ़ाया, जिससे अब उन्हें स्थायी आय प्राप्त हो रही है। वर्तमान में चंद्रिका मरकाम को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से 2,18,000 रुपये की वार्षिक आय हो रही है, जिसमें डेयरी व्यवसाय और कृषि से प्राप्त आय शामिल है। राज्य शासन की महतारी वंदन योजना की राशि सहित उन्हें महीने में कुल 18,166 रूपए की आमदनी हो रही है। अब उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो चुकी है और वे अपने परिवार की सभी आवश्यकताओं को आसानी से पूरा कर पा रही हैं। साथ ही बच्चों की शिक्षा में भी अब कोई बाधा नहीं है। चंद्रिका मरकाम ने बिहान से जुड़कर आत्मविश्वास और अपनी मेहनत के बल पर इस मुकाम पर पहुंची है, जो जिले के अन्य महिलाओं के लिए एक मिसाल है।
संतोषी ने कपड़ा व्यवसाय से परिवार को दी आर्थिक मजबूती
ग्राम पंचायत हीरापुर, विकासखंड माकड़ी की रहने वाली संतोषी देवांगन शादी के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही थीं। उनके पति की एक छोटी सी दुकान थी, जिससे घर चलाना मुश्किल हो रहा था। पूंजी की कमी के कारण वे कोई नया काम नहीं कर पा रही थीं। वर्ष 2017 में उन्होंने 10 महिलाओं के साथ मिलकर जय मां धरती स्व-सहायता समूह से जुड़ने का फैसला किया।
समूह की बचत सामुदायिक निवेश कोष एवं बैंक लिंकेज से प्राप्त 8.51 लाख रुपये की सहायता से उन्होंने कपड़े की दुकान शुरू की। धीरे-धीरे उनकी दुकान में ग्राहकों की संख्या बढ़ी और अब वे हर महीने 18,000 रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। साथ ही संतोषी को राज्य सरकार के द्वारा महतारी वंदन योजना का भी लाभ मिल रहा है। इस तरह आज संतोषी न सिर्फ अपने परिवार का भरण-पोषण कर रही हैं, बल्कि अपने दो बच्चों को अच्छी शिक्षा भी दिला रही हैं। उनके पति को भी व्यापार में सहयोग मिल रहा है, जिससे उनका परिवार समृद्ध और आत्मनिर्भर बन चुका है।
मुर्गी एवं बटेर पालन से अनिता को मिली एक नई पहचान
कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के धनोरा गांव की अनिता मंडावी पहले केवल मजदूरी और कृषि पर निर्भर थीं। वर्ष 2018 में उन्होंने जय अम्बे स्व-सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया और वर्ष 2022 में मुर्गी एवं बटेर पालन का कार्य शुरू किया। उन्होंने बैंक एवं सामुदायिक निवेश कोष से 1.50 लाख रुपये की सहायता प्राप्त की और 1 लाख रुपये की लागत से व्यवसाय की शुरुआत की। आज उनकी मासिक आय 20,000 रुपये तक पहुंच गई है, अनिता को महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रूपये हर महीने मिल रहा है इसके साथ ही कृषि, मजदूरी भी करती हैं। इस तरह अनिता बिहान से जुड़ कर अब तक 3 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर चुकी हैं और उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो गया है। अब वे अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
उन्नत खेती से लखपति बनीं दयावती देवांगन
ग्राम पंचायत बफना की दयावती देवांगन ने कड़ी मेहनत और नई कृषि तकनीकों को अपनाकर आर्थिक समृद्धि की ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने आईएफसी क्लस्टर के तहत सब्जी उत्पादन शुरू किया और अब तक एक लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर लखपति दीदी बन गई हैं।
दयावती ने अपने एक एकड़ खेत में मिर्ची, बरबटी, प्याज और लौकी की खेती शुरू की। पहले परंपरागत खेती करने के कारण उत्पादन कम था, लेकिन ड्रिप सिंचाई तकनीक अपनाने से न केवल उत्पादन में वृद्धि हुई, बल्कि पानी की भी बचत हुई। उन्होंने जैविक खाद का उपयोग कर स्वास्थ्यवर्धक और ताजी सब्जियां उगा रही है।
दयावती जय मां शारदा स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं। पहले उनके परिवार की आय केवल खेती पर निर्भर थी, जिससे घर चलाना मुश्किल हो रहा था। समूह से जुड़ने के बाद वे कृषि सखी बनीं और आधुनिक खेती शुरू की, जिससे अच्छी आमदनी होने लगी। दयावती के परिवार को राज्य सरकार के महतारी वंदन योजना के तहत 3,000 रुपये प्रतिमाह की सहायता राशि मिल रही है। साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत सालाना 6,000 की आर्थिक मदद मिल रहा है। आज दयावती का परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हुआ है और घर के बच्चों को बेहतर शिक्षा भी दे पा रही हैं।
मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना से लोगों को मिल रहा है लाभ
10 Mar, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
एमसीबी : जरूरतमंद व गरीब तबके के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने राज्य सरकार के द्वारा मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की शुरुआत की गई है। इसके लिए नगर पालिक निगम चिरमिरी क्षेत्र के पूरे 40 वार्डों के लिए 02 मोबाईल मेडिकल यूनिट बस संचालित है। क्षेत्र के लोगों के द्वार तक पहुंचने वाली मोबाईल मेडिकल यूनिट वाली बसें स्वयं में एक अस्पताल है। जिसमें मेडिकल स्टाफ, मेडिकल उपकरण सहित मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाएं व निःशुल्क दवा उपलब्ध है। इसी क्रम में सोमवार को नगर पालिक निगम चिरमिरी के अंतर्गत वार्ड क्रमांक- 01 पोड़ी, एवं वार्ड क्रमांक- 38 डोमनहिल फुटबॉल ग्राउण्ड के पीछे कैंप लगाया गया। पोड़ी में 30 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण व 10 मरीजों का लैब टेस्ट किया गया, वहीं सभी जांच कराने वाले मरीजों को निःशुल्क दवा का भी वितरण किया गया। आपको बता दे कि छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार बढ़ोत्तरी कर रही है, जिसके लिए आमजनों को स्वास्थ्य की जांच हेतु घर पहुंच सेवा मोबाईल मेडिकल युनिट बस की शुरूआत की गई है। जिसमें 42 प्रकार के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जिसमें मुख्य रूप से सी.पी.सी. मशीन से जांच, एल.एफ.टी., थायराइड, विटामिन बी-12, विटामिन डी-03, यूरिक एसिड जैसे अन्य कई प्रकार के जांच कर लोगों का घर पहुंच स्वास्थ्य सुविधाएं सरकार के द्वारा दिया जा रहा है। इस दौरान डॉ. किरण किशोर, डॉ. सुमन पाण्डेय, ए.एन.एम. सुनिता कारफारमा, लैब टेक्नीशियन सुशील यादव, फार्मासिस्ट नैन्सी, सुभाष, रोशन सिंह, लैब टेक्नीशियन अलमा एक्का व अन्य स्टाफ मौजूद रहे।
ईडी रेड पर आपस में भिड़े विपक्ष, कहा- भाजपा का चरित्र घृणास्पद राजनीति वाला
10 Mar, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने छापा मारा है। इस कार्रवाई से प्रदेश की सियासत गरमा गई है। भूपेश बघेल के बंगले के सामने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस ने इसे भाजपा की राजनीतिक साजिश बताया है, जबकि भाजपा इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई बता रही है। इस बीच नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने भाजपा पर हमला बोला है।
भाजपा के राष्ट्रीय चरित्र द्वेषपूर्ण राजनीति का एक और उदाहरण- महंत
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने ट्विटर पर ट्वीट किया, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एआईसीसी के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल के घर पर ईडी की कार्रवाई सत्तारूढ़ भाजपा के राष्ट्रीय चरित्र द्वेषपूर्ण राजनीति का एक और उदाहरण है। भाजपा ईडी, आईटी, सीबीआई जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को डराने और दबाने के लिए कर रही है और अपने राजनीतिक लाभ के लिए सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है, यह गलत परंपरा है। चरणदास महंत ने कहा, सभी कांग्रेसजन भूपेश बघेल के साथ हैं और इससे डरने वाले नहीं हैं, बापू के सत्य और अहिंसा के मार्ग पर चलने वाले लोग इस संघर्ष को परास्त करेंगे।
लोकतंत्र पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- टीएस सिंहदेव
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की बी टीम के रूप में काम कर रही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा हमारे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ की गई द्वेषपूर्ण कार्रवाई का हम पुरजोर विरोध करते हैं। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है और विपक्ष की आवाज को दबाने का सुनियोजित प्रयास है। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं इस अन्याय के विरोध में मैदान में उतरने के लिए भिलाई से रवाना हो चुका हूं। मैं इस विषय को लेकर पार्टी के विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और संगठन के अन्य जिम्मेदार साथियों से लगातार संपर्क में हूं और हम सब एकजुट होकर इस लोकतांत्रिक लड़ाई को लड़ेंगे। यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं है, बल्कि पूरे लोकतांत्रिक ढांचे और जनता की आवाज पर हमला है।
छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्रांति 3 लाख करोड़ का निवेश, चार तरह के पावर प्लांट से बनेगी अपार ऊर्जा
10 Mar, 2025 08:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ अब ऊर्जा क्रांति की ओर तेजी से बढ़ रहा है। आज रायपुर में हुए ‘छत्तीसगढ़ एनर्जी इंवेस्टर्स समिट’ में कई बड़ी कंपनियों ने 3 लाख करोड़ से ज्यादा के निवेश का ऐलान किया है. इस निवेश से राज्य में परमाणु, थर्मल, सौर और पंप्ड स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में बिजली उत्पादन के नए प्रोजेक्ट शुरू होंगे। इससे न केवल उद्योगों को फायदा मिलेगा, बल्कि आम लोगों को भी सस्ती और निरंतर बिजली मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कहना है कि छत्तीसगढ़ में ऊर्जा के क्षेत्र में यह निवेश राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देकर हरित भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ न केवल ऊर्जा में आत्मनिर्भर बने, बल्कि पूरे देश के लिए एक ऊर्जा हब के रूप में स्थापित हो।
छत्तीसगढ़ पहले से ही 30,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जो देश के औसत से ज्यादा है। अब हर व्यक्ति को 2048 किलोवाट-घंटे बिजली मिल रही है, जिससे राज्य की ऊर्जा जरूरतें पूरी हो रही हैं।
परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एनटीपीसी ने 80,000 करोड़ रुपये की लागत से 4200 मेगावाट क्षमता का न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट लगाने की योजना बनाई है। इससे छत्तीसगढ़ में परमाणु ऊर्जा से बिजली उत्पादन की शुरुआत होगी।
थर्मल पावर क्षेत्र में भी बड़े निवेश की घोषणा हुई है। अदानी पावर 66,720 करोड़ रुपये खर्च कर कोरबा, रायगढ़ और रायपुर में 1600-1600 मेगावाट के तीन थर्मल पावर प्लांट लगाएगा। जिंदल पावर रायगढ़ में 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए 12,800 करोड़ रुपये का निवेश करेगा, जबकि सरदा एनर्जी रायगढ़ में 660 मेगावाट क्षमता के प्लांट के लिए 5,300 करोड़ रुपये लगाएगी। इसके अलावा, सरकारी कंपनियां एनटीपीसी और सीएसपीजीसीएल 41,120 करोड़ रुपये की लागत से 4500 मेगावाट बिजली उत्पादन करेंगी।
सौर ऊर्जा के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ को बड़ी सफलता मिली है। जिंदल पावर और एनटीपीसी ग्रीन मिलकर 10,000 करोड़ रुपये खर्च कर 2500 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन करेंगे। इसमें डोलेसरा में 500 मेगावाट और रायगढ़ में 2000 मेगावाट के सौर प्लांट शामिल होंगे।
किसानों के लिए भी खुशखबरी है। पीएम कुसुम योजना के तहत 4100 करोड़ रुपये की लागत से 675 मेगावाट सौर बिजली का उत्पादन किया जाएगा और 20,000 सोलर पंप लगाए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती बिजली मिलेगी और डीजल पंपों की जरूरत कम होगी।
इसके अलावा, 57,046 करोड़ रुपये की लागत से 8700 मेगावाट क्षमता के पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट भी शुरू होंगे। इसमें एसजेएन कोटपाली में 1800 मेगावाट और जिंदल रिन्यूएबल द्वारा 3000 मेगावाट के प्रोजेक्ट शामिल हैं।
इन सभी निवेशों के जरिए छत्तीसगढ़ जल्द ही देश के सबसे बड़े ऊर्जा उत्पादक राज्यों में शामिल हो जाएगा। इससे उद्योगों, किसानों और आम लोगों को फायदा होगा और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
प्रमुख निवेश और योजनाएं
1. परमाणु ऊर्जा: साफ और कुशल ऊर्जा उत्पादन के लिए ₹80,000 करोड़ का निवेश।
2. ताप विद्युत: राज्य की ताप विद्युत क्षमता को मजबूत करने के लिए ₹1,07,840 करोड़।
3. सौर ऊर्जा: सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के लिए ₹10,000 करोड़।
4. पीएम कुसुम योजना: किसानों के बीच सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ₹4,100 करोड़।
5. पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं (PSP): ग्रिड स्थिरता के लिए ऊर्जा भंडारण में ₹57,046 करोड़।
6. क्रेडा सौर पहल: सौर ऊर्जा विस्तार के लिए ₹3,200 करोड़।
7. पीएम सूर्य योजना: राष्ट्रीय सौर छत परियोजना के तहत ₹6,000 करोड़।
8. सरकारी भवनों में सौर ऊर्जा: सरकारी इमारतों में सौर ऊर्जा अपनाने के लिए ₹2,500 करोड़।
9. बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS): ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने के लिए ₹2,600 करोड़।
10. पावर ट्रांसमिशन नेटवर्क: बिजली पारेषण नेटवर्क को उन्नत करने के लिए ₹17,000 करोड़।
11. RDSS (वितरण क्षेत्र योजना): वितरण बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए ₹10,800 करोड़।
छत्तीसगढ़ कुनबी समाज महासंगठन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से की सौजन्य भेंट, फिल्म "छावा" को कर मुक्त करने पर किया आभार प्रकट
10 Mar, 2025 08:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ प्रदेश कुनबी समाज महासंगठन के 20 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य भेंट कर, छत्रपति शंभाजी महाराज के जीवन पर आधारित फिल्म "छावा" को राज्य में कर मुक्त किए जाने पर आभार व्यक्त किया। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यह निर्णय इतिहास को सहज और सरल रूप में जन-जन तक पहुँचाने की महत्वपूर्ण पहल है।
प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री साय को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा, मराठी टोपी, शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया तथा कहा कि आपके नेतृत्व में प्रदेश सुशासन और प्रगति के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। प्रतिनिधि मंडल ने शिवाजी जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग रखी। प्रतिनिधि मंडल की महिला सदस्यों सारिका गेडेकर व मनिषा बारसे ने मुख्यमंत्री साय को बताया कि कुनबी समाज की महिलाओं ने सामाजिक भवन में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए कुटीर उद्योग की स्थापना की है। इसके तहत हल्दी, मिर्च, मसाले आदि का निर्माण और पैकेजिंग कर बाजार में उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने महिलाओं की इस पहल की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया।
प्रतिनिधि मंडल ने प्रदेश कुनबी समाज भवन निर्माण से संबंधित जानकारी मुख्यमंत्री को दी और समाज के भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल में रंजीत भाऊ मुनेश्वर, उमेश घोड़मोड़, सारिका गेडेकर, मनिषा बारसे, दिलीप गेडेकर, हेमराज, प्रेम बोहरे, वासुदेव फुंडे, रागिणी गेडेकर, संगिता भंडारकर, रिंकु सहित अन्य पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
बिहान की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल
10 Mar, 2025 08:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में अम्बिकापुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत डिगमा की राधे कृष्णा स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हर्बल गुलाल का निर्माण कर अपनी अलग पहचान बना रही हैं। उनका यह प्रयास न केवल आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में एक कदम है, बल्कि लोगों को रासायनिक मुक्त और प्राकृतिक रंगों से सुरक्षित होली मनाने का भी अवसर दे रहा है।
समूह की महिलाओं ने बताया कि वे हर्बल गुलाल बनाने के लिए फलों, चुकंदर और पलाश के फूलों का उपयोग करती हैं, जिससे यह गुलाल पूरी तरह प्राकृतिक और त्वचा के लिए सुरक्षित होता है। यह पहल न केवल एक स्वस्थ विकल्प प्रदान कर रही है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक है। पिछले वर्ष समूह ने 10 क्विंटल हर्बल गुलाल का विक्रय कर एक लाख 54 हजार रुपये की आमदनी अर्जित की थी। इस वर्ष उन्होंने बिक्री का लक्ष्य 20 क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे उनकी आय और अधिक होगी।
महिला समूह द्वारा कलेक्ट्रेट कंपोजिट बिल्डिंग में लगाए गए हर्बल गुलाल के स्टॉल पर कलेक्टर विलास भोसकर सहित अन्य अधिकारियों ने भी होली के लिए हर्बल गुलाल खरीदा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। महिलाएं अब स्वरोजगार से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं सहायता समूह द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल का उपयोग करें और रासायनिक रंगों से बचकर प्राकृतिक और सुरक्षित होली मनाएं।
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