छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ रेरा की बड़ी पहल : रेरा के नए वित्तीय सुरक्षा मॉडल से रियल एस्टेट खरीददारों के हितों की होगी सुरक्षा
3 Apr, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने और प्रोजेक्ट में भूमि - मकान आदि सम्पत्तियां खरीदने वाले लोगों के हितों को संरक्षित करने के उद्देश्य से रेरा ने रियल एस्टेट में वित्तीय अनुशासन और पादर्शिता लाने के लिए महत्वपूर्ण पहल की है। राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में एक बैंक एम्पैनलमेंट इवेंट में रेरा ने 17 बैंकों को सूचीबद्ध किया और रियल एस्टेट प्रमोटरों के साथ अपने नए वित्तीय सुरक्षा मॉडल को साझा किया।
कार्यक्रम में रेरा के अध्यक्ष संजय शुक्ला ने बताया कि इस नए वित्तीय माडल का मुख्य उद्देश्य आबंटियों के निवेश को सुरक्षित रखना और धनराशि के दुरुपयोग को रोकना है। बैंकों के सिस्टम को रेरा नामित खातों के अनुरूप बनाया गया है ताकि लेनदेन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बना रहे। साथ ही निधियों की निकासी, आवंटन और निगरानी सॉफ़्टवेयर-आधारित प्रणाली के माध्यम से होगी, जिससे मानव हस्तक्षेप न्यूनतम होगा और गलतियों की संभावना कम होगी।
रेरा के अध्यक्ष शुक्ला ने बताया कि इस नए वित्तीय माडल के अंतर्गत अब किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में आबंटियों से प्राप्त कुल राशि का 70 प्रतिशत भाग एक रेरा नामित बैंक खाते में जमा करना अनिवार्य होगा। रियल एस्टेट सेक्टर में वित्तीय अनियमितताओं को रोकने और खरीदारों के हितों की रक्षा करने के लिए रेरा ने बैंकों को इस प्रक्रिया में शामिल किया है। सरकार द्वारा इस प्रणाली को अपनाने से रियल एस्टेट क्षेत्र को सुव्यवस्थित करने में मदद मिलेगी। तय नियमों के तहत वित्तीय प्रबंधन आसान होगा, जिससे परियोजनाओं को सुचारू रूप से पूरा किया जा सकेगा। रियल एस्टेट क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देगा, जिससे सभी हितधारकों को लाभ मिलेगा।
रेरा के अध्यक्ष शुक्ला ने कहा कि इस नई व्यवस्था के तहत आबंटियों से प्राप्त धनराशि स्वचालित रूप से 70 प्रतिशत रेरा खाते में और 30 प्रतिशत अन्य आवश्यकताओं के लिए सुरक्षित होगी। यह राशि केवल परियोजना के वास्तविक विकास कार्य और उसके अनुपात में ही खर्च की जा सकेगी। बैंकों के सिस्टम को रेरा नामित खातों के अनुरूप बनाया गया है ताकि लेनदेन में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बना रहे। साथ ही निधियों की निकासी, आवंटन और निगरानी सॉफ़्टवेयर-आधारित प्रणाली के माध्यम से होगी, जिससे मानव हस्तक्षेप न्यूनतम होगा और गलतियों की संभावना कम होगी। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ रेरा के सदस्य धंनजय देवांगन, रजिस्ट्रार सुआस्था राजपूत, क्रेडाई छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष पंकज लाहोरी एवं विभिन्न बैंकों के जोनल हेड शामिल हुए।
हर प्रोजेक्ट के लिए मिलेगा रियल-टाइम अपडेट
रेरा के इस पहल से बैंकों, प्रमोटरों और रियल एस्टेट के खरीदारों को लाभ होगा। इसके तहत सूचीबद्ध बैंकों को अब भौतिक दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे संचालन सुगम होगा। हर प्रोजेक्ट के लिए रियल-टाइम अपडेट मिलेगा, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी। बैंकिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाया गया है, जिससे निधियों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित होगी। रियल एस्टेट प्रमोटरों और डेवलपर्स को अब बार-बार दस्तावेज जमा नहीं करने पड़ेंगे क्योंकि अब सभी दस्तावेज़ डिजिटल रूप से उपलब्ध होंगे जिससे प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी।
इसी तरह रियल एस्टेट खरीदारों को भी लाभ होगा। खरीदारों की जमा की गई धनराशि सुरक्षित रहेगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनका पैसा सही ढंग से उपयोग हो। साथ ही परियोजनाओं को तय समय पर पूरा करने के लिए प्रमोटरों पर दबाव बनेगा, जिससे खरीदारों को घर मिलने में देरी नहीं होगी। वित्तीय अनुशासन मजबूत होने से रियल एस्टेट क्षेत्र में भरोसा बढ़ेगा।
हेयर ड्रेसिंग सैलून से आत्मनिर्भर बना पदमलोचन
3 Apr, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है, इससे युवा आत्मनिर्भर हो रहे हैं। महासमुंद जिले में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से मदद लेकर सरायपाली के पदमलोचन बारिक हेयर ड्रेसिंग सेलून शुरू किया जो चल निकला है। वे न केवल आत्मनिर्भर हुए हैं बल्कि अन्य युवाओं को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।
सरायपाली के पदमलोचन बारिक ने बताया कि वे स्नातकोत्तर तक शिक्षित हैं उन्होंने स्वरोजगार के लिए छत्तीसगढ़ खादी और ग्रामोद्योग विभाग से संपर्क किया। उन्हें वहां प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी मिली। इस योजना का लाभ लेकर उन्होंने हेयर ड्रेसिंग एवं सैलून व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।
भारतीय स्टेट बैंक, सरायपाली शाखा से पदमलोचन बारिक को 3,68,400 रुपए की राशि मंजूर की गई, जिसमें से 25 प्रतिशत अनुदान के रूप में प्राप्त हुआ। इस राशि से उन्होंने आवश्यक उपकरण और सामग्रियां खरीदा और अपना हेयर ड्रेसर सैलून का व्यवसाय शुरू किया। इस योजना के माध्यम से न केवल उन्हें स्वरोजगार मिला, बल्कि अब वे हर महीने नियमित रूप से 30 से 35 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं और अपनी किश्तें भी समय पर चुका रहे हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय के तहत संचालित एक प्रमुख योजना है, जिसका उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाता है, जिससे लोग अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकें।
'भाजपा मेरी राजनीतिक हत्या करना चाहती है', बोले-पूर्व सीएम भूपेश बघेल
3 Apr, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के मामले में सवाल उठाते हुए केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि जब भी मोदी और शाह छत्तीसगढ़ आते हैं, उससे पहले सीबीआई और ईडी आ जाती है. अभी प्रधानमंत्री के आने से पहले सीबीआई ने छापेमारी की. सीबीआई ने 40-50 जगहों पर छापेमारी की. अब अमित शाह आ रहे हैं. 18 दिसंबर 2024 की एफआईआर कल पब्लिक डोमेन में भेज दी गई. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह काम मोगैंबो खुश हुआ की तर्ज पर हो रहा है. कुल मिलाकर मोगैंबो को खुश करना है. पूर्व सीएम बघेल ने आरोप लगाया कि मैंने सात साल पुराने मामले में सरेंडर किया था, जब कोर्ट ने मुझे उस मामले में सीबीआई के आरोपों से मुक्त कर दिया तो अब नया खेल शुरू हो गया है. पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनना और पंजाब का प्रभारी बनना बीजेपी को परेशान कर रहा है, इसलिए बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है. हम डरने और झुकने वालों में से नहीं हैं. महादेव सट्टा ऐप मामले में ईडी ने केस ईओडब्ल्यू को सौंपा, ईओडब्ल्यू ने सीबीआई को सौंपा। 18 दिसंबर 2024 को एफआईआर हुई, अब इसे सार्वजनिक किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पास इसके खिलाफ कोई कानून नहीं है। 1867 का गेमिंग एक्ट अंग्रेजों के जमाने का है। हमारी सरकार ने इस मामले में कानून बनाया, बदले की भावना से हमारे खिलाफ कार्रवाई की।
'सीबीआई की एफआईआर में मेरा नाम छठे नंबर पर है'
उन्होंने पूछा कि सरकार ऑनलाइन गेमिंग को लीगल मानती है या इन-लीगल? अगर यह लीगल है तो प्रोडक्शन मनी का सवाल ही नहीं उठता और अगर यह इन-लीगल है तो यह अभी भी कैसे चल रहा है? चुनाव से ठीक पहले नवंबर में शुभम सोनी का वीडियो बीजेपी ऑफिस से जारी होता है। उन्होंने पूछा कि अगर यह वीडियो शुभम सोनी ने बनाया है तो बीजेपी ने इसे सार्वजनिक कैसे कर दिया? सोनी को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उन्होंने कहा कि हमने कानून बनाया, हमने एफआईआर दर्ज की, फिर प्रोडक्शन मनी की बात क्यों? सीबीआई की एफआईआर में मेरा नाम छठे नंबर पर है। मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर का नाम मेरे बाद है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई ने अपनी एफआईआर में 21 सट्टा ऐप का जिक्र किया है। इनमें से किसी में भी मालिक या पार्टनर के तौर पर उनके मालिकों और पार्टनर का नाम नहीं लिखा है। उसी शुभम सोनी के कथित बयान के आधार पर मेरे खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह एफआईआर भाजपा और केंद्र सरकार की सोची-समझी साजिश के तहत दर्ज की गई है।
शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दे रहे- भूपेश
उन्होंने आरोप लगाया कि वे सिर्फ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दे रहे हैं। उनकी मंशा मुझे इस मामले में गिरफ्तार करने की है। मुझे इसका कोई डर नहीं है। मैं दिल्ली जा रहा हूं, अपने नेताओं को इस बारे में जानकारी दूंगा, वकीलों से बात करूंगा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर सीबीआई से पूछा कि अगर महादेव सट्टा ऐप मामले में आरोपी शुभम सोनी के आरोपों पर मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज हो सकती है तो मैं भी आरोप लगा रहा हूं कि महादेव ऐप प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के संरक्षण में चल रहा है, क्या सीबीआई इस पर जांच कर कार्रवाई करेगी? '74 एफआईआर, 200 से अधिक गिरफ्तारियां, 2000 से अधिक बैंक खाते सीज'
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उनकी सरकार ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ लगातार कार्रवाई की। महादेव सट्टा मामले में 74 से अधिक एफआईआर, 200 से अधिक गिरफ्तारियां और 60 से अधिक गैजेट मोबाइल, लैपटॉप और 2000 से अधिक बैंक खाते सीज किए गए। इस मामले में ईडी ने अपना काम किया। उसके बाद जब सरकार बदली तो मामला एसीबी को सौंप दिया गया। इसके बाद एसीबी ने मामला सीबीआई को सौंप दिया, लेकिन किसी ने इस मामले की जांच नहीं की।
जीएसटी से राजस्व बढ़ाने में छत्तीसगढ़ देश में अव्वल, एक साल में 18 प्रतिशत की ऐतिहासिक वृद्धि
3 Apr, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य ने ₹16,390 करोड़ का कुल जीएसटी राजस्व संग्रहित कर देश में सर्वाधिक 18 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है। यह उपलब्धि जीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में छत्तीसगढ़ को पूरे देश में प्रथम स्थान पर रखती है। इस क्रम में महाराष्ट्र 16% और 15% की वृद्धि दर के साथ क्रमशः दूसरे और तमिलनाडु तीसरे स्थान पर रहा।
मार्च 2025 में पहली बार ₹2000 करोड़ से अधिक का मासिक संग्रहण
मार्च 2025 में छत्तीसगढ़ को एसजीएसटी मद में ₹1,301.09 करोड़ प्राप्त हुए, जो मार्च 2024 की तुलना में 72 प्रतिशत अधिक है। यह पहली बार है जब राज्य ने एसजीएसटी संग्रहण में ₹1000 करोड़ का आंकड़ा पार किया है। मार्च 2025 में ही आईजीएसटी मद में 756.73 करोड़ रुपए प्राप्त हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार मार्च 2025 में कुल जीएसटी संग्रहण 2,057.82 करोड़ रुपए रहा, जो मार्च 2024 के 1,443.66 करोड़ रुपए की तुलना में 43 प्रतिशत की प्रभावशाली मासिक वृद्धि दर्शाता है।
जीएसटी आने के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ ने एक माह में कुल जीएसटी राजस्व में 2000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार किया है। बेहतर प्रशासन, तकनीक के समावेश और सतत निगरानी से मिली ऐतिहासिक सफलता: यह उल्लेखनीय प्रगति मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और राज्य में वित्त मंत्री ओपी चौधरी के दिशा-निर्देशों के तहत वाणिज्यिक कर विभाग में किए गए व्यापक सुधारों, नवाचार और नई कार्य संस्कृति का प्रत्यक्ष परिणाम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और वाणिज्यिक कर मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में विभाग ने जीएसटी प्रशासन को और अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाए हैं।
रिटर्न दाखिल न करने वालों पर नियंत्रण
रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यापारियों से सतत निगरानी और संवाद के माध्यम से अनुपालन दर में बड़ा सुधार हुआ है। रिटर्न दाखिल न करने वालों की संख्या 15 प्रतिशत से घटकर मात्र 6 प्रतिशत रह गई है।
फर्जी पंजीकरणों की जांच
28,000 से अधिक व्यवसायों का भौतिक सत्यापन किया गया, जिनमें से 4,252 फर्म, जो कुल फर्मों का लगभग 15% है, फर्जी पाई गईं। इससे कर चोरी पर प्रभावी रूप से अंकुश लगा और कर अनुपालन में वृद्धि हुई।
डेटा एनालिटिक्स आधारित कार्रवाई
डेटा एनालिटिक्स के आधार पर वर्ष के दौरान 313 मामलों में लेखा पुस्तकों की जांच करके ₹45.13 करोड़ की वसूली की गई। साथ ही, 77 प्रतिष्ठानों की तलाशी/निरीक्षण से ₹47.35 करोड़ की अतिरिक्त राशि वसूल की गई।
क्षेत्र विश्लेषण एवं अंतर-विभागीय समन्वय
जीएसटी विभाग द्वारा क्षेत्र आधारित विश्लेषण एवं अंतर-विभागीय आंकड़ों का उपयोग करते हुए 49 संभावित कर चोरी क्षेत्रों की पहचान की गई, जिससे ₹101 करोड़ का राजस्व संग्रह हुआ।
सरकारी विभागों से बेहतर अनुपालन
मार्च 2025 में किए गए विशेष प्रयासों के तहत सरकारी विभागों के आपूर्तिकर्ताओं से जीएसटीआर-7 रिटर्न दाखिल करवाकर ₹37 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व एकत्र किया गया।
व्यापक व्यापारी संपर्क अभियान
राज्य भर में 36,847 व्यापारियों से संपर्क किया गया, जिन्होंने या तो शून्य रिटर्न दाखिल किया था या व्यापार में नकारात्मक वृद्धि दिखाई थी, जिससे कर अनुपालन में वृद्धि सुनिश्चित हुई। इन सभी ठोस एवं प्रौद्योगिकी आधारित उपायों का सीधा परिणाम यह है कि छत्तीसगढ़ आज देश में जीएसटी वृद्धि में शीर्ष पर है।
भविष्य के लिए डिजिटल और एआई आधारित रणनीति तैयार
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के मार्गदर्शन में जीएसटी विभाग अब डिजिटल ट्रैकिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली और उन्नत अनुपालन तंत्र लागू करके आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ को देश में अग्रणी स्थान पर रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
"छत्तीसगढ़ की यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल आंकड़ों की उपलब्धि नहीं है, बल्कि ईमानदारी, पारदर्शिता और जनभागीदारी पर आधारित सुशासन का प्रतीक है। कर प्रशासन को जन-केंद्रित और तकनीक-संचालित बनाकर हमारी सरकार ने साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो राजस्व और विश्वास भी बढ़ता है। हम इस गति को बनाए रखेंगे और छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और समावेशी विकास का मॉडल बनाएंगे।"
सीएम विष्णुदेव साय ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर खुशी जताई
3 Apr, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने पर खुशी जताई है. उन्होंने कहा कि हमारे देश की संसद के लोकसभा सदन में वक्फ संशोधन विधेयक भारी बहुमत से पारित हुआ है. सदन की कार्यवाही देर रात तक चलती रही. इस दौरान हम लोग भी टीवी के सामने बैठकर देखते रहे. यह विधेयक भारी बहुमत से पारित हुआ है. सीएम साय ने कहा कि हमारे देश में मुस्लिम समाज के लोग रहते हैं. इस विधेयक से उन लोगों को बहुत लाभ होगा जो गरीब, दुखी और जरूरतमंद हैं. निगम, मंडल, आयोगों में पदाधिकारियों की नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि 36 लोगों को निगम, मंडल, आयोगों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. मैं उन सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं. वे छत्तीसगढ़ के विकास में अपना कर्तव्य निभाएंगे. वे छत्तीसगढ़ के विकास में अच्छे से काम करेंगे. उन्होंने कहा कि जीएसटी कलेक्शन में छत्तीसगढ़ पूरे देश में नंबर वन है. पिछले साल की तुलना में इस बार 18 प्रतिशत की ग्रोथ हुई है. राज्य में जीएसटी कलेक्शन 16 हजार करोड़ से ज्यादा हुआ है. वहीं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने रायपुर के नगर घड़ी चौक पर पटाखे फोड़कर संसद में प्रस्तुत वक्फ बोर्ड संशोधन का स्वागत किया। मोर्चा ने इसे गरीब मुसलमानों के हित में उठाया गया ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू को बधाई दी। इस अवसर पर मोर्चा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने "कोई दूरी नहीं, कोई फासला नहीं, पीएम मोदी हमारे भाई हैं" जैसे नारे लगाकर मिठाई बांटी।
घोटालों पर लगेगी रोक
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि आज जो वक्फ संशोधन विधेयक लाया गया है, उससे घोटालों पर सख्ती से रोक लगेगी और अवैध कब्जाधारियों पर लगाम लगेगी। ये अवैध कब्जाधारी वर्षों से अरबों रुपए की संपत्तियों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। इन पर नकेल कसने के लिए कलेक्टर को शामिल किया गया है, ताकि कलेक्टर राजस्व मामलों का त्वरित निपटारा कर राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त कर इनके अतिक्रमण को हटा सकें। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि जब अतिक्रमण हटेगा, तो वहां अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए स्कूल और अस्पताल बनाए जाएंगे। इन अतिक्रमणों के हटने से वक्फ संपत्तियों से सरकारी खजाने में 12 हजार करोड़ रुपए आएंगे, जो अभी मात्र 162 करोड़ रुपए है। इस वक्फ विधेयक में पहली बार दो महिला सदस्यों की नियुक्ति का प्रावधान कर केंद्र सरकार ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। क्रांतिकारी कार्य हुआ है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक के जरिए बोर्ड के न्यायाधिकरण की शक्तियों को बढ़ाया जा रहा है। वक्फ संपत्तियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, ताकि दस्तावेज मजबूत हो। इसी तरह हर साल ऑडिट का प्रावधान किया गया है। बोर्ड में मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति भी की जा रही है। भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के इस कार्यक्रम में मोर्चा के प्रदेश महामंत्री मखमूर इकबाल खान, प्रदेश प्रवक्ता तौकीर रजा, प्रदेश उपाध्यक्ष असगर अली, रजिया खान, शेख निजाम, गुलाम गौस खान, आरिफ नियाजी, इसराइल खान समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अधिकारों की रक्षा में ऐतिहासिक कदम; विकास मरकाम
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम ने केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा में पारित वक्फ संशोधन विधेयक, 2024 की सराहना करते हुए कहा कि यह विधेयक आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों और संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। यह विधेयक 5वीं और 6वीं अनुसूची क्षेत्रों में आदिवासी समुदायों के भूमि अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। यह वक्फ बोर्ड द्वारा अतिक्रमण से आदिवासियों की परंपराओं की रक्षा करके संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखेगा।
विधेयक के मुख्य प्रावधानों में यह प्रावधान शामिल है कि राज्यपाल और स्वायत्त परिषदों की मंजूरी के बिना किसी भी भूमि को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा विधेयक में धारा 40 को समाप्त कर दिया गया है, जिससे अब केवल घोषणा के आधार पर कोई भी भूमि वक्फ संपत्ति नहीं बन सकेगी। यह कदम आदिवासी और पारंपरिक भूमि अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी सुधार है। और वक्फ संपत्तियों से संबंधित विवादों को पारदर्शी और न्यायसंगत तरीके से हल करने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करता है।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने मोदी सरकार की प्रशंसा करते हुए इस विधेयक को "आदिवासी स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करने वाला" बताया। उन्होंने कहा, "यह विधेयक 5वीं और 6वीं अनुसूची क्षेत्रों में रहने वाले हमारे आदिवासी समुदायों को यह विश्वास दिलाता है कि उनकी पारंपरिक भूमि पर कोई अन्याय नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी की सरकार ने आदिवासी समुदायों की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए जो प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अतुलनीय है।" उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से राज्यों के राज्यपालों, स्वायत्त जिला परिषदों और आदिवासी सलाहकार परिषदों को अधिक अधिकार मिलेंगे, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी बाहरी संस्था अवैध निर्माण नहीं कर सकेगी।
सिकोसा पहुंचे राज्यपाल रेमेन डेका, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के कार्यों का किया अवलोकन
3 Apr, 2025 04:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: राज्यपाल श्री रामेन डेका ने बालोद जिले के अपने दो दिवसीय प्रवास के अंतिम दिन गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम सिकोसा पहुंचकर प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत नवनिर्मित आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राम सिकोसा के प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के हितग्राही श्री कमलेश साहू एवं श्री बोधीराम तथा उनके परिजनों से मुलाकात की और उनका हालचाल भी पूछा। श्री डेका ने इन दोनों हितग्राहियों से प्रधानमंत्री आवास योजना के अलावा शासन की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ के बारे में जानकारी ली।
राज्यपाल श्री डेका ने प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को उपहार भी भेंट किए तथा उन्हें नए आवास की सौगात मिलने पर बधाई दी। आज ग्राम सिकोसा में राज्यपाल श्री रामेन डेका के आगमन को लेकर प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के साथ-साथ ग्रामीणों में भी काफी उत्साह देखा गया। ग्रामीणों ने राज्यपाल के अपने गांव आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का उनके गांव में आना हम सबके लिए बहुत महत्वपूर्ण क्षण है। ग्रामीणों ने कहा कि वे पहले राज्यपाल हैं जो सीधे लाभार्थियों से मिलकर उनकी वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
राज्यपाल डेका अपने प्रवास के दौरान जरूरतमंद और समाज के अंतिम पंक्ति के लोगों से मिलकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। यह एक अभिनव प्रयास है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों और ग्रामीणों के साथ राज्यपाल डेका की आत्मीय मुलाकात और उनकी सादगी और सहजता से ग्रामीण और लाभार्थी काफी अभिभूत हुए। इस दौरान राज्यपाल रमेन डेका ने मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।
CG संपत्ति कर जमा करने की तिथि बढ़ाई गई, अब 31 अप्रैल तक भरा जा सकेगा संपत्ति कर
3 Apr, 2025 02:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ में संपत्ति कर व अन्य कर 30 अप्रैल तक जमा किए जा सकेंगे। निकायों में संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च थी। तिथि बढ़ने से लोगों को राहत मिली है। नगरीय प्रशासन विभाग ने संपत्ति कर, जल कर व अन्य कर जमा करने की तिथि बढ़ा दी है। विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश में बताया गया कि लोकसभा व निकाय चुनाव तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कारण संपत्ति कर व अन्य करों की वसूली में विलंब हुआ, जिससे कई निकायों में लक्ष्य पूरा नहीं हो सका। अप्रैल माह में कर जमा करने पर निगम बकाया राशि का 17 प्रतिशत अधिभार वसूलता था, लेकिन अब 30 अप्रैल तक अधिभार राशि जमा नहीं करनी होगी। निकायों में संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च थी। संपत्ति कर व अन्य कर जमा करने के लिए लोग निकाय की वेबसाइट खोलने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन वेबसाइट नहीं खुल रही थी। इस कारण भी जो लोग ऑनलाइन संपत्ति कर व अन्य कर जमा करना चाहते थे, वे निर्धारित तिथि पर संपत्ति कर जमा नहीं कर पाते थे। अब वे 31 अप्रैल तक जमा कर सकेंगे।
क्षेत्रीय युवाओं को बनाया जा रहा शारीरिक रूप से मजबूत, 'पूना पर्रियान' के तहत किया जा रहा कार्य
3 Apr, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
उत्तर बस्तर कांकेर: कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की पहल “पूना पर्रियान“ (नई उड़ान) के तहत क्षेत्र के ऐसे युवा छात्र जो सेना अग्निवीर, जल, थल, वायु सेना भर्ती, पुलिस एसआई भर्ती, पुलिस आरक्षक भर्ती, वनरक्षक भर्ती या अन्य परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए विकासखंड भानुप्रतापपुर मुख्यालय से 2 किमी की दूरी पर ग्राम चौगेल (मुल्ला) में पूर्व से संचालित कैम्प में शारीरिक दक्षता हेतु फिजिकल गतिविधियां कराई जा रही हैं।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी ने बताया कि चौगेल (मुल्ला) के पुराना कैम्प में क्षेत्र के युवाओं के लिए शारीरिक दक्षता के साथ-साथ प्रतिभागियों की मेंटल एबिलिटी की तैयारी भी कराई जा रही है। सभी छात्रों के लिए प्रातः 06 बजे से 09 बजे तक विभिन्न प्रकार की प्रैक्टिस कराने के बाद 10 बजे से मेंटल एबिलिटी की कक्षाएं संचालित की जाती हैं। छात्र भविष्य में सेना, अग्निवीर, एसआई भर्ती, पुलिस, आबकारी, वनरक्षक या अन्य ऐसे रोजगार जहां फिजिकल टेस्ट आवश्यकता हो, उन क्षेत्रों की तैयारी कराई जा रही है। जिला प्रशासन द्वारा भी इस पूना पर्रियान (नई उड़ान) की सतत मानिटरिंग एवं सुपरविजन किया जा रहा है। उन्होंने सभी इच्छुक युवाओं से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इसका लाभ अवश्य उठाएं।
शिवाजी महाराज सिर्फ इतिहास के पन्नों में दर्ज एक नाम नहीं, बल्कि भारत माता की आत्मा में समाए स्वाभिमान- CM साय पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि
3 Apr, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने छत्रपति शिवाजी महाराज की पुण्यतिथि (03 अप्रैल) पर उन्हें सादर नमन करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज सिर्फ इतिहास के पन्नों में दर्ज एक नाम नहीं हैं, बल्कि वे भारत माता की आत्मा में समाए स्वाभिमान हैं, जिन्होंने स्वराज्य का सपना देखा और उसे हकीकत में बदला। वे साहस, दृढ़ संकल्प और देशभक्ति की जीवंत प्रतिमूर्ति थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज भारतीय संस्कृति, नीति और नेतृत्व के अमिट प्रतीक हैं। उन्होंने न सिर्फ धार्मिक सहिष्णुता, लोक कल्याण और न्यायपूर्ण शासन का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया, बल्कि यह भी साबित किया कि सच्चे शासक की पहचान सिर्फ तलवार से नहीं, बल्कि नीति, संस्कार और जनसेवा से होती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज जब देश नए भारत के निर्माण की ओर बढ़ रहा है, तब शिवाजी महाराज की सोच, उनका साहस और स्वराज्य का दर्शन हमारे लिए प्रेरणा बन सकता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि जब संकल्प दृढ़ हो और लक्ष्य राष्ट्रहित हो, तो कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती। मुख्यमंत्री साय ने युवाओं को शिवाजी महाराज के राष्ट्रभक्ति के आदर्श का अनुसरण करने तथा राष्ट्र के विकास में अपनी ऊर्जा, प्रतिभा और समय समर्पित करने तथा सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया।
ग्राम झलमला में भव्य चुनरी यात्रा का आयोजन, भक्तों ने किया श्रद्धा से श्रव्य प्रदर्शन
3 Apr, 2025 10:58 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बालोद जिले के ग्राम झलमला के विख्यात मां गंगा मैया मंदिर में नवरात्रि के पर्व की धूम देखने को मिल रही है। ऐसे में यहां ग्राम झलमला के निवासियों ने भव्य चुनरी यात्रा निकाली।
इस चुनरी यात्रा में डीजे और धूमल की धुनों पर भक्त झूमते हुए नजर आए। पूरे गांव का भ्रमण करने के बाद यहां पर चुनरी मां गंगा मैया को समर्पित की गई। हजारों की संख्या में भक्त मौजूद रहे और इस चुनरी शोभा यात्रा को लेकर भक्तों में उत्साह देखने को मिला।
जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू ने बताया कि आस्था के इस महापर्व में खुशनसीब हूं कि इस चुनरी यात्रा में शामिल होने का मौका मिला। आयोजक समिति सदस्य आदित्य दुबे ने बताया कि प्रत्येक वर्ष यह आयोजन होता है। पहले युवाओं ने इसकी शुरुआत की थी फिर हर वर्ग का समर्थन मिला और आज पूरा गांव ने मिलकर चुनरी यात्रा निकाली।
माता को समर्पित की चुनरी
पूरे गांव का भ्रमण करने के बाद यह चुनरी मां गंगा मैया को समर्पित की गई। यात्रा में शामिल हुई जिला पंचायत सदस्य पूजा साहू ने बताया कि इस गौरव शाली क्षण में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है। मां गंगा मैया बालोद जिले की आस्था की देवी हैं। हर व्यक्ति की आस्था माता के साथ जुड़ी हुई है और इस चुनरी यात्रा में आस्था का सैलाब देखने को मिल रहा है।
जानिए मां गंगा मैया मंदिर और उसकी कहानी
मां गंगा मैया की कहानी अंग्रेज शासनकाल से जुड़ी हुई है। आज से तकरीबन 110 साल पहले जिले की जीवनदायिनी तांदुला नदी की नहर का निर्माण चल रहा था। इस दौरान झलमला गांव की आबादी महज 100 थी। सोमवार के दिन ही यहां बाजार लगता था। जहां दूरस्थ अंचलों से पशुओं के विशाल समूह के साथ सैकड़ों लोग आया करते थे। पशुओं की अधिकता से पानी की कमी महसूस की जाती थी।
पानी की कमी को पूरा करने के लिए तालाब बनाने डबरी की खुदाई की गई। जिसे बांधा तालाब नाम दिया गया। मां गंगा मैया के प्रादुर्भाव की कहानी इसी तालाब से शुरू होती है। जिस जगह पर वर्तमान में देवी की प्रतिमा स्थापित है, वहां पहले तालाब था, जहां पानी भरा रहता था।
किवंदती अनुसार एक दिन ग्राम सिवनी का एक केवट मछली पकड़ने के लिए बांधा तालाब में गया। तब जाल में मछली की जगह पत्थर की प्रतिमा फंस गई। केवट ने अज्ञानतावश उसे साधारण पत्थर समझ फिर से तालाब में फेंक दिया।
मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा
गांव के गोंड़ जाति के बैगा को स्वपन में आकर कहा कि मैं जल के अंदर पड़ी हूं। मुझे जल से निकालकर प्राण प्रतिष्ठा कराओ। स्वप्न आने की जानकारी बैगा ने मालगुजार व गांव के अन्य लोगों को जानकारी दी। जाल फेंके जाने पर वही प्रतिमा फंसी।
समझा साधारण पत्थर
देवी मां की प्रतिमा को लेकर कई किवदंतिया प्रचलित है। केवट के जाल में बार-बार फंसने के बाद मूर्ति को साधारण पत्थर समझकर फेंकने की घटना को वर्तमान में भी यहां के निवासरत लोग अपनी पूर्वजों से मिली जानकारी अनुसार सही मानते हैं। सभी ने मिलकर प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई। जल से प्रतिमा निकली, इस वजह से गंगा मैया के नाम से पहचान बनी।
छत्तीसगढ़: प्रधान पाठक के बैग से चेक चोरी, फर्जी हस्ताक्षर कर रकम निकाली
3 Apr, 2025 10:43 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में प्राथमिक शाला में पदस्थ प्रधान पाठक के बैग से अज्ञात शख्स ने चेक की चोरी करते हुए फर्जी हस्ताक्षर कर दो लाख रुपये निकाल लिये। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक, उदयराम श्रीवास उम्र 50 साल निवासी बाझीआमा ने धरमजयगढ थाने में रिपोर्ट लिखाते हुए बताया कि वह प्राथमिक शाला सजवारी में प्रधान पाठक के रूप में पदस्थ है। उन्होंने बताया कि उनका बैंक खाता भारतीय स्टेट बैंक की शाखा धरमजयगढ में हैं, जहां से उसे चेक बुक दिया गया है। 25 मार्च की दोपहर 1:19 बजे उसके मोबाइल में मैसेज आया कि चेक लगाकर उनके खाते से 2 लाख रूपये का निकाले गए हैं। पीड़ित प्रधान पाठक ने बताया कि उसके द्वारा बैंक में किसी प्रकार से कोई चेक से नहीं लगाया गया था। इस दौरान उसने जब अपने बैग को देखा तो उसमें रखे चेकबुक के आखरी चेक का पन्ना नहीं था।
पीड़ित प्रधान पाठक ने बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसके बैग से चेकबुक के आखरी चेक को चोरी कर फर्जी तरीके से उसका हस्ताक्षर करते हुए उसके बचत खाते से दो लाख रूपये निकाले हैं। पीड़ित की शिकायत के बाद धरमजयगढ पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
शोभायात्रा के दौरान DJ की तेज आवाज से गिरा छज्जा, हादसे में 10 लोग घायल, एक बच्चे की मौत
2 Apr, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर के मल्हार में हुए हादसे पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख अपनाया है। पिछले रविवार को जुलूस के दौरान डीजे की तेज आवाज के कारण एक घर का छज्जा गिरने से एक बच्चे समेत 10 लोग घायल हो गए थे. कोर्ट ने कलेक्टर को व्यक्तिगत हलफनामा देने का निर्देश दिया है और मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को तय की है। राज्य सरकार ने कोर्ट को दिए अपने जवाब में दावा किया है कि छज्जा डीजे की तेज आवाज के कारण नहीं, बल्कि किसी वाहन की टक्कर के कारण गिरा था। हालांकि स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं।
पुलिस ने मामला दर्ज किया, आरोपी फरार
घटना के बाद पुलिस ने डीजे संचालक, चालक और शोभा यात्रा आयोजकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। हालांकि आयोजन समिति के कुछ आरोपी अभी भी फरार हैं।
जानिए उस दिन जुलूस के दौरान क्या हुआ था
बिलासपुर डीजे साउंड हादसा- बिलासपुर मस्तूरी थाना क्षेत्र के मल्हार स्थित केवटपारा (बिलासपुर डीजे साउंड डेथ केस) में रविवार रात भीषण हादसा हुआ, जिसमें एक मकान का छज्जा अचानक गिरने से 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में 4 नाबालिग बच्चे भी शामिल हैं। यह हादसा हिंदू नववर्ष के जश्न के दौरान निकाले गए जुलूस के कारण हुआ, जिसमें डीजे की तेज आवाज और भारी बास के कंपन के कारण पुराना छज्जा गिर गया। जानकारी के अनुसार, हिंदू नववर्ष का जुलूस रविवार रात करीब 8:30 बजे केवटपारा पहुंचा था। इस दौरान डीजे की तेज आवाज और धधकते बास के कारण आसपास के घरों में कंपन होने लगा। इस दौरान तुकेश केवट के घर का पुराना और कमजोर छज्जा अचानक गिर गया, जिसकी चपेट में वहां खड़े 5 लोग आ गए।
बढ़ाई गई नक्सल सहायता राशि, आत्म समर्पण प्रोत्साहन हेतू लिया निर्णय
2 Apr, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छतीसगड़ शासन की आत्म समर्पण पुनर्वास नीति में किया गया बड़ा बदलाव. नक्सल संगठन कोई भी लीडर आत्म समर्पण करता हैं तो उसकी सहायता राशि की जाएगी दुगनी. ग्राम पंचायत या कोई ब्लाक नक्सल मुक्त होता है तो उसके विकास कार्यों के लिए स्वीकृति किये जायेंगे 1 करोड़ रुपए. बस्तर आई जी ने एक बार फीर नक्सल संगठन से की अपील. आगे आये और करे आत्म समर्पण.. क्षेत्र के विकास में बने भागीदारी. वरना भुगते अंजाम।
छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलवादी, आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत पुनर्वास नीति-2025 लागू हो गई है। इस नीति के तहत नक्सलवाद से पीड़ित व्यक्तियों और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास के लिए मदद दी जाएगी। समर्पण करने वाले नक्सलियों को नकद राशि 50 हजार रुपए के साथ जमीन, मकान, और जो नक्सली जमीन, मकान, और जो नक्सली हथियार, गोला-बारूद के साथ समर्पण करेंगे, उन्हें मुआवजा राशि भी मिलेगी। यह नीति अगले दो साल तक लागू रहेगी। वहीं कुछ प्रावधान आम जनता के उन व्यक्तियों के लिए भी लागू होंगे, जिन्होंने नक्सलियों के विरुद्ध अभियान में पुलिस को विशेष सहयोग किया हो अथवा स्वयमेव आम जनता की रक्षा व शासकीय, अशासकीय संपत्ति की सुरक्षा के दौरान नक्सलियों से मुकाबला किया हो।
नक्सल पीड़ितों को मिलेगी ये मदद
नक्सली हिंसा में किसी आम नागरिक के मृत शारीरिक रूप से अर्पण होने या गंभीर रूप से पागल होने, किसी व्यक्ति की संपत्ति की आंशिक रूप से या पूर्ण रूप से क्षति होने पर उन्हें 5 लाख रुपए, पुलिस के 'विशेष सहयोगी की नक्सली घटनाओं में मृत्यु पर कुल राशि 5 लाख रुपए के स्थान पर कुल राशि 10 लाख रुपए दी जाएगी। केंद्रीय योजना के तहत दी जाने वाली राशि इसके अतिरिक्त होगी। घायल को स्थायी असमर्थ होने पर पांच लाख, गंभीर रूप से घायल होने पर दो लाख रुपए। पुलिस के 'विशेष सहयोगी' के स्वयं परिवार के सदस्यों के प्रकरणों में यह राशि क्रमशः ४ लाख एवं 4 लाख होगी, इसी तरह चल संपत्ति (अनाज, कपड़े, घरेलू सामान) के नुकसान पर रुपए 40 हजार, स्थायी संपत्ति (मकान, दुकान आदि) कच्चे मकान, पक्के मकान के 60 हजार और रुपए 1.50 लाख दिए जाएंगे। जीविकोपार्जन के साधन की क्षति जैसे बैलगाड़ी, नाव, ट्रैक्टर ट्रॉली, ट्रैक्टर, जीप, ट्रक, रोड रोलर, जेसीबी, पोकलेन एवं सड़क निर्माण में शामिल अन्य उपकरण पर 60 हजार रुपए से लेकर 8 लाख रुपए दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
जमीन और मकान या बदले में रकम भी
हत्या, गंभीर चोट या स्थाई अपंगता के प्रकरणों में सुरक्षा तथा अन्य कारणों को ध्यान में रखते हुए यदि शहरी या ग्रामीण क्षेत्र में पुनर्वास करना आवश्यक हो, ग्रामीण क्षेत्र में 1.5 हेक्टेयर कृषि भूमि अथवा शहरी क्षेत्रों में 4 डिसमिल (1742 वर्गफुट) आवासीय भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। यदि भूखण्ड उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो पीड़ित परिवार को ग्रामीण क्षेत्र में 4 लाख रुपए एवं शहरी क्षेत्र में 8 लाख रुपए सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस नीति में भूखण्ड का आकार एवं उसके बदले में मुआवजा राशि मात्र समावेश किया गया है। व्यावहारिक रूप से भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण अधिकांश प्रकरणों में मुआवजा राशि ही देय होगी। ऐसे पीड़ित परिवार द्वारा 3 वर्ष के भीतर कृषि होगी। ऐसे पीड़ित परिवार द्वारा 3 वर्ष के भीतर कृषि भूमि क्रय करने पर अधिकतम 2 एकड़ की भूमि पर स्टाम्प ड्यूटी एवं पंजीयन शुल्क से पूर्ण छूट दी जाएगी।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली कौन
नक्सल नीति में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को इस प्रकार परिभाषित किया गया है। भारत शासन, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विधि विरुद्ध क्रियाकलाप अधिनियम के अंतर्गत कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया माओवादी एवं उसके अग्र संगठन दंडकारण्य आदिवासी किसान मजदूर संघ, क्रांतिकारी आदिवासी बालक संघ, क्रांतिकारी किसान कमेटी, महिला मुक्ति मंच, आरपीसी या जनताना सरकार, चेतना नाट्य मंच, पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया, तृतीय प्रस्तुति कमेटी, झारखंड जनमुक्ति परिषद, जनहित क्रांति पार्टी, मूलनिवासी बचाओ मंच का सदस्य, चाहे वह किसी भी पद पर हो एवं शासन द्वारा समय-समय पर घोषित विधि विरुद्ध नक्सली संगठन का सदस्य हो, या रहा हो।
ईनामी नक्सलियों को मिलेगा बड़ा इनाम
राज्य में सक्रिय रुपए 5 लाख या उससे अधिक के ईनामी नक्सली द्वारा आत्मसमर्पण के बाद शहरी क्षेत्र में अधिकतम 4 डिसमिल (1742 वर्गफुट) जमीन आवास के लिए अथवा ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम 1 हेक्टेयर कृषि भूमि दी जाएगी। जमीन नहीं दिए जाने की स्थिति में अचल संपत्ति अथवा जमीन क्रय करने के लिए रुपए 2 लाख अनुदान राशि दी जाएगी। इस नीति में भूखण्ड का आकार एवं उसके बदले में मुआवजा राशि मात्र का समावेश किया गया है। व्यावहारिक रूप से भूमि की सीमित उपलब्धता के कारण अधिकांश प्रकरणों में मुआवजा राशि ही देय होगी।
शादी के लिए 1 लाख
नीति के मुताबिक आत्मसमर्पण के बाद प्रति व्यक्ति को 50 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि प्रदान दी जाएगी। अविवाहित अथवा जीवित पति, पत्नी न होने की स्थिति में आत्मसमर्पण करने के 3 वर्ष के भीतर आत्मसमर्पणकर्ता यदि विवाह करने यदि विवाह करने का इच्छुक है तो उसको 1 लाख रुपए अनुदान राशि विवाह के समय दी जाएगी। विवाह की स्थिति में पति, पत्नी दोनों आत्मसमर्पित नक्सली होने की स्थिति में, दोनों को एक इकाई मानकर लाभ दिया जाएगा।
रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 20 लाख का 40.545 किलोग्राम गांजा का गांजा किया जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार
2 Apr, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 40 किलो अवैध मादक पदार्थ गांजा जब्त किया है. यह कार्रवाई रियल इस्पात कंपनी के गेट के सामने सड़क किनारे खड़े ट्रक से की गई. पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ट्रक में गांजा भरा हुआ है, जिसे उड़ीसा से गुजरात ले जाया जा रहा था. सूचना के आधार पर उरला थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक और गांजा के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. जब्त माल की कीमत करीब 24 लाख रुपए बताई जा रही है. पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि 1 अप्रैल 2025 को उरला थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि रियल इस्पात कंपनी के गेट के सामने सड़क किनारे एक ट्रक खड़ा है, जिसमें भारी मात्रा में अवैध मादक पदार्थ गांजा छिपाकर रखा गया है. ट्रक चालक इसे उड़ीसा से गुजरात लाने की तैयारी में था. सूचना मिलते ही थाना प्रभारी ने अपनी टीम के साथ मौके पर दबिश दी. पुलिस ने जब ट्रक की तलाशी ली तो उसके टूल बॉक्स की डिग्गी में चार रंग-बिरंगे बोरों में 40 किलो गांजा बरामद हुआ।
आरोपी की पहचान पुलिस ने मौके से ट्रक चालक को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम इरफान सा दीवान बताया, जो गुजरात के आनंद जिले का रहने वाला है। इरफान ने कबूल किया कि वह उड़ीसा से गांजा लेकर आया था और गुजरात में इसकी सप्लाई करने की योजना बना रहा था। उसने बताया कि वह लोहा लोड करने के लिए रायपुर में रुका था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस ने ट्रक को भी जब्त कर लिया है और आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
तस्करी का और भी नेटवर्क
शुरुआती जांच में पता चला कि इरफान उड़ीसा से गांजा लेकर गुजरात जा रहा था। वह लोहा लोड करने के बहाने रायपुर में रुका, ताकि तस्करी के दौरान किसी को शक न हो। उरला थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस अब इस तस्करी के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। आगे-पीछे के लिंकेज की जांच की जा रही है, ताकि इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। पुलिस को संदेह है कि यह किसी बड़े तस्करी रैकेट का हिस्सा हो सकता है। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़, खासकर रायपुर, ओडिशा और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से गांजा तस्करी का ट्रांजिट प्वाइंट बनता जा रहा है। 2024 में रायपुर पुलिस ने कई ऑपरेशन में 200 किलो से ज्यादा गांजा जब्त किया था।
अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान
रायपुर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया है। पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो लगातार निगरानी कर रही हैं। हालांकि तस्कर नए-नए तरीके अपनाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश करते हैं, जैसे ट्रक के टूल बॉक्स में गांजा छिपाना। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत नजदीकी थाने को सूचित करें। पुलिस ने इस मामले में जांच तेज कर दी है। इरफान से पूछताछ के आधार पर ओडिशा और गुजरात में गांजा तस्करी में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि रायपुर को मादक पदार्थों की तस्करी का हब बनने से रोका जा सके।
महादेव बेटिंग ऐप घोटाला पूर्व सीएम भूपेश बघेल को CBI ने बनाया आरोपी, 21 अन्य लोगों को पर भी FIR दर्ज
2 Apr, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ में महादेव बेटिंग ऐप घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी बनाया है। 1 अप्रैल 2025 को सीबीआई ने मामले में अपनी पहली सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) सार्वजनिक की, जिसमें भूपेश बघेल को छठा आरोपी बनाया गया। इस एफआईआर में कुल 21 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें महादेव ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल भी शामिल हैं।
महादेव बेटिंग ऐप घोटाला उजागर महादेव बेटिंग ऐप एक ऑनलाइन बेटिंग प्लेटफॉर्म है, जो 2018 में शुरू हुआ और 2019-2020 के COVID-19 लॉकडाउन के दौरान तेजी से बढ़ा। इस ऐप के जरिए भारत में पोकर, क्रिकेट, फुटबॉल, कार्ड गेम और यहां तक कि चुनावों पर भी सट्टा लगाया जाता था। सीबीआई जांच में पता चला कि इस ऐप ने अवैध सट्टेबाजी के जरिए करीब 6,000 करोड़ रुपये कमाए। इस घोटाले में बड़े पैमाने पर हवाला के जरिए पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और प्रभावशाली राजनेताओं को 'प्रोटेक्शन मनी' दी गई, ताकि यह अवैध कारोबार बिना किसी बाधा के चलता रहे।
भूपेश बघेल पर गंभीर आरोप सीबीआई की एफआईआर में भूपेश बघेल पर महादेव बेटिंग ऐप के प्रमोटरों से करीबी संबंध रखने और उन्हें संरक्षण देने का आरोप लगाया गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की समानांतर जांच में दावा किया गया है कि बघेल ने इस ऐप के प्रमोटरों से 508 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी। सीबीआई ने ईडी की इस रिपोर्ट को अपनी एफआईआर का हिस्सा बनाया है।
एफआईआर में अन्य आरोपी
सीबीआई ने इस मामले में 21 लोगों को आरोपी बनाया है, जिनमें सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल मुख्य मास्टरमाइंड हैं। दोनों फिलहाल दुबई में रह रहे हैं और उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया चल रही है। अन्य आरोपियों में शुभम सोनी (पिंटू), चंद्रभूषण वर्मा, असीम दास, सतीश चंद्राकर, नीतीश दीवान, अनिल अग्रवाल (उर्फ अतुल अग्रवाल), विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, विशाल आहूजा, धीरज आहूजा, अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, भीम सिंह यादव, हरिशंकर टिबरेवाल, सुरेंद्र बागरी, सूरज चोखानी और दो अज्ञात व्यक्ति (एक पुलिस अधिकारी सहित) शामिल हैं।
ईओडब्ल्यू के बाद सीबीआई ने की जांच
मार्च 2024 में छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने इस मामले की शुरुआत की थी, जब ईडी की रिपोर्ट के आधार पर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में अगस्त 2024 में भाजपा के नेतृत्व वाली छत्तीसगढ़ सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की। अगस्त 2024 और जनवरी 2025 के बीच, सीबीआई ने राज्य पुलिस द्वारा दर्ज 77 एफआईआर की समीक्षा की, जिसमें रायपुर में ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एक एफआईआर भी शामिल है, जिसमें बघेल को आरोपी बनाया गया था। सीबीआई ने 18 दिसंबर 2024 को अपनी एफआईआर दर्ज की थी, जिसे अब सार्वजनिक किया गया है।
सीबीआई की छापेमारी
सीबीआई ने 26 मार्च 2025 को चार राज्यों में 60 ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें बघेल के रायपुर और भिलाई स्थित आवास भी शामिल हैं। इस दौरान सीबीआई ने तीन फोन और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए, जिनमें वित्तीय लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड भी शामिल हैं। बघेल ने छापेमारी को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि सीबीआई ने उनके मूल दस्तावेज ले लिए और फोटोकॉपी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह इस ऐप को संरक्षण दे रहे हैं, क्योंकि मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है, जबकि उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी है। कांग्रेस ने इसे साजिश बताया इस मामले ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
कांग्रेस ने इसे भाजपा की साजिश करार दिया है, जबकि भाजपा का कहना है कि यह जांच निष्पक्ष है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। बघेल ने दावा किया कि उनकी सरकार ने इस ऐप के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया था, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
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