छत्तीसगढ़
बस्तर में डरे हुए हैं नक्सली संगठन, अमित शाह की रणनीति ने दिखाया असर
5 Apr, 2025 09:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लगातार एक्शन हो रहे हैं। सुरक्षाबल के जवान नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ में घुसकर कार्रवाई कर रहे हैं। जिसके बाद नक्सली खौफ में आ गए हैं। ऐसे में नक्सली संगठन की तरफ से शांति की पहल का एक लेटर जारी किया गया है। शांति की पहल को लेकर दावा किया जा रहा है कि नक्सली संगठन अब कमजोर हो गए हैं। केंद्र सरकार भी नक्सलवाद के खात्मे के लिए लगातार सपोर्ट कर रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लगातार नक्सलवाद के खिलाफ रणनीति बना रहे हैं और उसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
अमित शाह के डेडलाइन क्या है?
छत्तीसगढ़ में नक्सवाद के खात्मे की कमान खुद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अपने हाथों में ले रखी है। अमित शाह लगातार नक्सल विरोधी अभियानों की समीक्षा कर रहे हैं और रणनीति भी बना रहे हैं। अमित शाह ने नक्सलवाद के खात्मे के लिए एक डेडलाइन तक की है। शाह ने 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को खत्म करने की डेट तय की है। यह डेडलाइन तय होने के बाद सुरक्षाबल के जवान ताबड़तोड़ एक्शन कर रहे हैं। सेना की पहुंच उन इलाकों में हो गई है जहां कभी नक्सलियों की बिना इजाजत के कोई बाहरी व्यक्ति कदम नहीं रख सकता था।
गृहमंत्री ने दिया है दो टूक जवाब
नक्सली संगठन का एक लेटर सामने आया है। इस लेटर में उन्होंने कहा कि सरकार को युद्ध विराम की घोषणा करनी चाहिए। वह शांति से वार्तालाप करना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने उसके लिए शर्त रखी है कि सरकार सेना की कार्रवाई रोके। नए इलाकों में बनाए गए कैंप को हटा दिया जाए। नक्सलियों की शर्त पर राज्य के गृहमंत्री विजय शर्मा दो दो टूक जवाब दे चुके हैं कि नक्सली संगठन हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटें उन्होंने कहा कि किसी भी शर्त पर बातचीत नहीं होगी।
क्यों शांति चाहते हैं नक्सली
नक्सलियों की शांति पहल को लेकर बस्तर के रहने वाले वरिष्ठ साहित्यकार रजीव रंजन ने नवभारत टाइम्स डॉट कॉम को बताया कि- ऐसा पहली बार हुआ है जब नक्सली इतने कमजोर हैं। जिस तरह से 2024 में नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन हुए उसके बाद इस साल की शुरुआत में जवानों ने माओवादियों के बड़े कैडर को मार गिराया हो उससे वह खौफ में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि यह शांति पहल नक्सलियों का एक ट्रैप है। इस ट्रैप का फायदा उठाकर वह अपने लिए समय की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह खुद को और अपने संगठन के टॉप लीडरों की बचाने की नक्सलियों की एक साजिश है। इस साजिश के जरिए नक्सली सरकार को शांतिवार्ता में उलझाकर जवानों की कार्रवाई रोकना चाहते हैं। वह जिस युद्ध विराम की बात कर रहे हैं वह खुद उन्हें करना चाहिए। सरेंडर करके सरकार की जो पुनर्वास नीति है उसका लाभ उठाना चाहिए।
हथियारों और लीडरों की कमी
उन्होंने कहा कि सुरक्षाबल के जवानों ने अबूझमाड के उन इलाकों में कैंप स्थापित कर लिए हैं जिन्हें नक्सली अपना सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते थे। नक्सलियों के खिलाफ जवान लगातार कार्रवाई ही नहीं कर रहे हैं उनके हथियार और विस्फोटकों को भी जब्त कर रहे हैं जिससे संगठन के पास आधुनिक हथियारों की भी कमी हो गई है। ऐसे में वह शांति का ट्रैप बिछाने की कोशिश में हैं। वह अपने टॉप लीडरों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाना चाहते हैं।
पहली बार ऐसा एक्शन
उन्होंने कहा कि इससे पहले हम बस्तर में देखते थे कि सरकार और जवान शांति के लिए पहल करते थे। लेकिन इस बार उल्टा है। जवान और सरकार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं और नक्सली शांति की बात कर रहे हैं। वह भारी दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को शांति पहल करनी चाहिए लेकिन बस्तर में जवानों की कार्रवाई तब तक नहीं ठहरनी चहिए जब तक की नक्सलवाद पूरी तरह से घुटने नहीं टेक देता है।
वक्फ बोर्ड की जमीन से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे, प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पास 7000 से अधिक संपत्तियां
4 Apr, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: वक्फ संशोधन विधेयक संसद से पारित हो चुका है और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलते ही यह कानून बन जाएगा। इसके बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्तियों पर से कब्जे हटेंगे? राज्य में वक्फ बोर्ड की 7000 से ज्यादा संपत्तियां हैं, जिनमें से 80 फीसदी पर अवैध कब्जे हैं। जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पास 7000 से ज्यादा संपत्तियां पंजीकृत हैं, जिनकी कीमत 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इन संपत्तियों में मस्जिद, कब्रिस्तान, मजार और दरगाह, मकबरे, ईदगाह, मदरसे, स्कूल और कॉलेज शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर संपत्तियों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है।
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने शुरू की कार्रवाई
संसद में वक्फ संशोधन विधेयक पारित होने के बाद छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने सक्रियता दिखाई है। बोर्ड ने मुतवल्लियों को पत्र लिखकर संपत्तियों की जानकारी मांगी है। अब तक 70 फीसदी संपत्तियों की जानकारी मिल चुकी है, जहां से जानकारी मिली है, वहां के कब्जेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं।
क्या बोले वक्फ बोर्ड चेयरमैन?
छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के चेयरमैन डॉ. सलीम राज ने कहा कि कब्जेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
क्या नए कानून से बदलेगी स्थिति?
वक्फ संशोधन विधेयक लागू होने के बाद संपत्तियों की निगरानी और प्रबंधन और सख्त हो जाएगा। इससे अवैध कब्जे हटाने की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया में समय लग सकता है, क्योंकि कब्जेदार इसे कानूनी तौर पर चुनौती भी दे सकते हैं।
बस्तर पंडुम समृद्ध जनजातीय संस्कृति को प्रदर्शित करने का एक अद्वितीय मंच-राज्यपाल रमेन डेका
4 Apr, 2025 10:36 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान आज बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होने ऐतिहासिक कार्यक्रम ’’बस्तर पंडुम 2025, के आयोजन के लिए प्रशासन और विशेष रूप से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पहली बार हो रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य बस्तर की जनजातीय पारंपरिक कला, नृत्य, जनजातीय व्यंजन, स्थानीय खाद्य पदार्थ और संस्कृति को संरक्षित करना है। इस कार्यक्रम में बस्तर के सात जिलों सहित असम, ओडिशा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश तेलंगाना राज्यों के लगभग 1200 कलाकार भाग ले रहे हैं। महोत्सव न केवल बस्तर की रीति लोक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया है, बल्कि स्थानीय लोक कलाकार को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अद्वितीय मंच भी प्रदान किया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि बस्तर का जनजातीय संस्कृति अपने अनोखी परंपरा, लोकगीत, नृत्य शैलियां और अपने हस्तशिल्प के लिए पूरे विश्व भर में जाना जाता है। यहाँ की प्रमुख जनजाति गोंड, मुरिया, मडिया हल्बा, धुरवा, दोरला आदि हैं। बस्तर के जनजातीय समुदाय के लोग पंडुम में मुख्य रूप से विभिन्न परम्पराओं, अनुष्ठानों का आयोजन करते हैं। ग्राम्य देवी -देवताओं की पूजा-अर्चना, लोक नृत्य, लोकगीत और संगीत, सामुदायिक भोज, शिकार, छोटे-छोटे मड़ई-मेला का आयोजन, प्रकृति, जंगल, नदियों का संरक्षण किया जाता है। बस्तर पंडुम हमारी संस्कृति का समीक्षा करने का मौका प्रदान कर रहा है। हम पूरी समर्पण के साथ अपनी विरासत की जड़ों से जुड़कर इसे एक नया आयाम देंगे। आधुनिक जीवन शैली को स्वीकार करते हुए भी अपनी विरासत को बचाए रखना ही सही मायने में समाज को एक सूत्र में बांधना है। इस तरह के आयोजन से निश्चित रूप से बस्तर के आदिवासी सांस्कृतिक विरासत को अखंड बनाए रखने में मदद मिलेगी। उन्होने कहा कि बस्तर पंडुम केवल एक महोत्सव नहीं है, बल्कि यह जनजातीय जीवन का पूरा स्केच है। यह आयोजन हमें बताता है कि किस प्रकार हमारी संस्कृति, नृत्य, संगीत, वेशभूषा, नृत्य, संगीत, वेशभूषा, खानपान, आभूषण इत्यादि सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखते हैं। बस्तर के परंपरागत नृत्य जैसे गौर-माड़िया नृत्य आदि यहां की सांस्कृतिक विविधता को दिखाते हैं। बस्तर पंडुम के माध्यम से इस संस्कृति को एक मंच दिया जा रहा है। साथ ही इसके प्रदर्शन के माध्यम से अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार और समाज के सहयोग से बस्तर के सांस्कृतिक विरासत हो संरक्षित किया जा रहा है।
दंतेवाड़ा के हाई स्कूल मैदान में आयोजित चार दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यक्रम में राज्यपाल डेका का पारंपरिक धुरवा तुआल एवं कलगी से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सातों जिलों के लगाए गए जनजातीय कला संस्कृति, वेशभूषा, खानपान की प्रदर्शनी का राज्यपाल ने अवलोकन किया। अवलोकन के दौरान उन्होंने जनजातीय पहनावा और आभूषणों के संबंध में युवाओं से चर्चा की। कार्यक्रम में बीजापुर जिला और असम राज्य के नर्तक दलों द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, विधायक चैतराम अटामी, अन्य जनप्रतिनिधि सहित राज्यपाल के सचिव सीआर प्रसन्ना, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, डीआईजी कमलोचन कश्यप, , कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
रमेन डेका ऐसे पहले राज्यपाल जो पहुंचे आकांक्षी जिला सुकमा
4 Apr, 2025 10:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका आज अपने एक दिवसीय सुकमा जिले के प्रवास पर रहे। उनके साथ सचिव सीआर प्रसन्ना उपस्थित थे। सर्किट हाउस आगमन पर उन्हें गार्ड ऑफ़ ऑनर देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात उन्होंने नगर पालिका सुकमा में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही से मुलाकात की।
राज्यपाल डेका ने लगाया रुद्राक्ष का पौधा, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
राज्यपाल रमेन डेका ने सुकमा जिले के प्रवास के दौरान जिला कलेक्टोरेट परिसर में ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान के तहत अपनी दिवंगत मां स्व. श्रीमती चंपावती डेका की स्मृति में रुद्राक्ष का पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि पेड़-पौधे हमें ऑक्सीजन, फल, छाया और स्वच्छ वातावरण प्रदान करते हैं। राज्यपाल डेका ने आगे कहा कि जिले में वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए ऑक्सीजन पार्क बनाने की पहल करनी चाहिए। वृक्षारोपण सिर्फ एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारे भविष्य के लिए आवश्यक भी है। उन्होंने समस्त नागरिकों से आह्वान किया कि वे अपने घरों, बगीचों, स्कूलों, कॉलेजों, शासकीय कार्यालयों एवं अन्य खाली स्थानों पर पौधे लगाकर उनका संरक्षण करें।
राज्यपाल रमेन डेका ने जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में सभी जिला स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने जिले में जल संचयन, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण, जैविक कृषि को बढ़ावा, टीबी उन्मूलन, पीएम जनमन व जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली।
राज्यपाल डेका ने घटते भूजल स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए जल स्तर बढ़ाने विशेष प्रयास करने, जल संचयन के लिए प्रेरित करने तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की बात की। उन्होंने जिले में तालाब एवं डबरी निर्माण योजना अंतर्गत प्रगति के संबंध में जानकारी ली तथा जल संरक्षण के लिए ज्यादा से ज्यादा डबरी निर्माण करने के लिए कहा।
राज्यपाल डेका ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में किये जा रहे प्रयासों की जानकारी ली तथा महिलाओं के आजीविका संवर्धन के लिए विशेष प्रयास करने एवं नवाचार अपनाने की बात कही। इस दौरान उन्होंने जिले में ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’’ योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने ओडीएफ गाँवों के संबंध में जानकारी ली तथा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक शौचालय को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक करने कहा। उन्होंने जिले में रेडक्रॉस सोसायटी का विस्तार करने एवं अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने की बात कही। उन्होंने स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति केंद्र स्थित लाइब्रेरी में नियमित सेमिनार आयोजित कर युवाओं को प्रोत्साहित करने की बात की। राज्यपाल ने जिले में नशे की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी ली तथा नशे के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने और सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बढ़ती सड़क दुर्घटना पर संज्ञान लेते हुए भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भारी वाहनों के प्रवेश पर उचित रोक लगाने एवं अन्य आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने कार्यों का विश्लेषण करने तथा जनहित के लिए पूरी संवेदना और सहभागिता से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल रमेन डेका पहुंचे हेलिपैड सुकमा
4 Apr, 2025 10:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : राज्यपाल रमेन डेका के सुखमा पहंुचने पर हेलीपैड में उनका स्वागत सुदीपिका सोरी सदस्य राज्य महिला आयोग छत्तीसगढ़, कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव, पुलिस अधीक्षक किरण गंगाराम चव्हाण, सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों आत्मीय स्वागत किया।
तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, शिकायत के आधार पर की गई कार्रवाई
4 Apr, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति ने प्रदेश के तीन निजी मेडिकल कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। छात्रों से परिवहन, छात्रावास और मेस के नाम पर अधिक राशि लेने की शिकायत सही पाए जाने पर यह जुर्माना लगाया गया है। छात्रों से ली गई अधिक राशि को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित एक माह के भीतर वापस करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवेश एवं शुल्क विनियामक समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत) प्रभात कुमार शास्त्री ने बताया कि शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जुनवानी, बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस मोवा और रायपुर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में एमबीबीएस, एमडी एमएस पाठ्यक्रम के संचालन में परिवहन, छात्रावास और मेस के नाम पर प्रत्येक छात्र से अधिक राशि लेने की शिकायत जांच में सही पाई गई है।
उन्होंने बताया कि तीनों निजी मेडिकल कॉलेजों को एक माह के भीतर जुर्माने की राशि शासन के पक्ष में जमा करने को कहा गया है। यदि एक माह के भीतर राशि जमा नहीं की जाती है तो तीनों मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की अनुशंसा भी शासन से की गई है। न्यायमूर्ति शास्त्री ने बताया कि इन तीनों निजी मेडिकल कॉलेजों द्वारा छात्रों से अत्यधिक राशि वसूले जाने की अनेक शिकायतें प्राप्त होने पर समिति ने संबंधित तीनों मेडिकल कॉलेजों को सुनवाई का पूरा अवसर दिया तथा उनसे लेखा विवरण आदि की जानकारी प्राप्त करने पर समिति ने पाया कि तीनों कॉलेज परिवहन, छात्रावास एवं मेस के लिए केवल 'नो प्रॉफिट-नो लॉस' के आधार पर ही संचालन कर सकते हैं, अर्थात उन्हें केवल वास्तविक व्यय ही वसूलने का अधिकार है, लेकिन वे छात्रों से मनमानी राशि वसूल रहे हैं।
शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जुनवानी भिलाई द्वारा परिवहन के लिए 2.50 लाख रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि वास्तविक राशि 4,635 रुपए है। इसी प्रकार छात्रावास के लिए 2.46 लाख रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि वास्तविक राशि 53,337 रुपए है। मेस चार्ज के रूप में 56,700 रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि वास्तविक राशि 51,015 रुपए है। इस प्रकार छात्रों से 4,43,713 रुपए अधिक राशि ली जा रही है। बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस मोवा रायपुर द्वारा तीनों मदों में 5.50 लाख रुपए लिए जा रहे हैं, जबकि परिवहन मद में वास्तविक राशि 13,719 रुपए, वास्तविक राशि 50,583 रुपए तथा मेस चार्ज की वास्तविक राशि 27,476 रुपए है।
इस प्रकार विद्यार्थियों से 4,58,222 रुपए अधिक राशि ली जा रही है। वहीं रायपुर इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस भानसोज, ग्राम गोढ़ी रायपुर द्वारा तीनों मदों में 5.50 लाख रुपए लिए जा रहे हैं, जबकि परिवहन मद में वास्तविक राशि 13,384 रुपए, वास्तविक राशि 37,748 रुपए तथा मेस चार्ज की वास्तविक राशि 45,275 रुपए है। इस प्रकार विद्यार्थियों से 4,53,593 रुपए अधिक राशि ली जा रही है। इस आधार पर तीनों मेडिकल कॉलेजों को विद्यार्थियों से ली गई अतिरिक्त राशि को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित एक माह के भीतर उनके खातों में जमा करने के आदेश दिए गए हैं।
तीनों कॉलेजों पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे एक माह के भीतर सरकार के पक्ष में जमा कराना होगा। अगर एक माह के भीतर यह राशि जमा नहीं कराई गई तो तीनों मेडिकल कॉलेजों की मान्यता रद्द करने की भी सरकार से संस्तुति की गई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय योग आयोग के अध्यक्ष के पदभार ग्रहण समारोह में हुए शामिल
4 Apr, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: योग आत्मा, मन और शरीर को संतुलित करने का सबसे बड़ा माध्यम है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने योग को विश्व पटल पर स्थापित किया और आज पूरा विश्व भारत की इस प्राचीन पद्धति को अपनाकर आरोग्य प्राप्त कर रहा है। यह बात मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूपनारायण सिन्हा के पदभार ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए कही।
राजधानी रायपुर के दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आयोजित गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री श्री साय ने संतों का अभिवादन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री सिन्हा को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्री सिन्हा को छत्तीसगढ़ को जोड़ने और स्वस्थ रखने की बड़ी जिम्मेदारी मिली है। जनसेवा को समर्पित उनका सामाजिक जीवन और संगठनात्मक दायित्वों का लंबा अनुभव योग आयोग के साथ-साथ प्रदेश की जनता को भी लाभान्वित करेगा। वर्ष 2017 में स्थापित योग आयोग का अब तक का सफर शानदार रहा है और श्री सिन्हा के नेतृत्व में यह नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भारत में योग ऋषियों की देन है और वे इस सुंदर परंपरा के वाहक भी हैं। योग एक शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक अभ्यास है और इसका अर्थ है जुड़ना या एकजुट होना, जो शरीर और चेतना के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से ही योग के रूप में यह चेतना पूरे विश्व में फैली और संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। श्री साय ने कहा कि योग पूरे विश्व में विभिन्न रूपों में प्रचलित है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी से अपील करते हुए कहा कि हमें स्वस्थ शरीर और मन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए और भावी पीढ़ी को योग से जोड़कर इसका महत्व समझाना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योग आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री रूप नारायण सिन्हा ने कहा कि योग सबके लिए है और सबको जोड़ने का काम करता है। संगठन में काम करते हुए मैंने हमेशा लोगों को जोड़ने का काम किया है और आज मुझे योग आयोग के माध्यम से सबको जोड़ने की बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। श्री सिन्हा ने कहा कि प्रकृति में कई महत्वपूर्ण संपदाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उनमें से सबसे अच्छी संपदा मानव संसाधन है। मुख्यमंत्री ने मुझे मानव संसाधन को स्वस्थ रखने की जिम्मेदारी सौंपी है और इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमारा उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाना है। हमारे प्रधानमंत्री नियमित रूप से योग करते हैं। आज पूरी दुनिया उनकी ऊर्जा और कार्यकुशलता से परिचित है। श्री सिन्हा ने योग की विश्वव्यापी लोकप्रियता और प्रासंगिकता पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री अनुज शर्मा, डॉ. रामप्रताप सिंह, श्री संजय श्रीवास्तव, महामंडलेश्वर श्री हरिहरानंद महाराज, पूज्य संत उदयनाथ जी महाराज, श्री वासु देवानंद जी महाराज, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री भुवनेश यादव, संचालक समाज कल्याण श्रीमती रोक्तिमा यादव सहित पूज्य संत, योगाचार्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
नगर पालिका की लापरवाही से व्यवस्था फेल, आम जनता के लिए पेयजल उपलब्धता पर उठे सवाल...
4 Apr, 2025 01:49 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: एमसीबी जिले के मनेन्द्रगढ़ शहर में जहां आम जनमानस के लिए पेय जल की उपलब्धता के लिए नगरपालिका प्रशासन ने नल टंकी में लाखों की पाइप लाइन, पेयजल को शुद्ध करने के लिए लाखों का ऐलम औऱ क्लोरीन में ख़र्च किये और आम जनमानस तक पेयजल पहुँचाया पर, नगरपालिका की लापरवाहियों के कारण ये व्यवस्था भी नाकाम होती चलीं गई औऱ आमजनमानस को इसके कारण पहले औऱ आज भी मानक स्तर से पेयजल नही मिल रहा है। इस के लिए शाशन और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के अथक प्रयासों से युद्ध स्तर पर कई प्रयास किये गए जिसमे भी लाखों का खर्च आया पर ये प्रयास कुछ हद तक ही सफल हो पाया। फिर इसी बीच में एक नई योजना की शुरुआत हुई जिसका नाम कोरिया नीर रखा गया और शहर में कई जगहों पर कोरिया नीर नगरपालिका प्रशासन ने लगवाया जिससे कि शहर की जनता को पीने के लिए शुद्ध पेयजल मिल सके।
वो एक समय था जब इस योजना की शुरुवात हुई फिर क्या शहर में युद्ध स्तर पर कई वार्डो में इस कोरिया नीर की व्यवस्था नगरपालिका प्रसाशन ने की साथ ही साथ इस योजना का श्रेय लेने हेतु कई नेता और जनप्रतिनिधियों ने अगुवाई करते हुए खुब तस्वीरे खिछवाई और जनता को अपना हितैसी दिखाने के लिए इस मौके का भरपूर फायदा उठाया, उस दौरान सब को लगा कि अब तो शहर में सुध पेय जल न मिलने की समस्या से निदान मिल गया पर जानत को कहा मालूम था कि इस योजना का लाभ तो केवल और केवल इस योजना के पीछे लगे पैसे की बंदर बाट और कमीशनख़ोरी करना था।
आज शहर के लगभग सभी कोरिया नीर नगरपालिका प्रशासन की अव्यवस्थाओ और रखरखाओ के चलते बंद पड़े है। नगरपालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों गिरती कार्यछमता के कारण आज भी सभी नीर मुर्दा हालात में पड़े है। आज शहर में मात्र केवल एक कोरिया नीर जो शासकीय अस्पताल मनेंद्रगढ़ के बाजू में चालू स्थिति में है जोकि अकेले ही शहर के कई परिवारों को शुद्ध पेयजल देने का भार झेल रहा है। अब देखना है, कि नगरपालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा कब इसपर अपना संज्ञान लेंगे और शहर में बंद पड़े बाकी कोरिया नीरो को आमलोगों के लिए कब चालू करवाते है।
वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रतिमा यादव से जनता ने उमीद जताई है कि शायद अब इन मुर्दा पड़े कोरिया नीरो का जल्द ही जीणोद्धार करवाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ भाजपा ने स्थापना दिवस पर संभाग प्रभारियों की घोषणा की
4 Apr, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: 6 अप्रैल 2025 को भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस भव्य रूप से मनाने की तैयारी की जा रही है। इसी क्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीमती चंपा देवी पावले की सहमति से जिला एवं मंडल संयोजक एवं सह संयोजकों की नियुक्ति की गई है।
जिला एवं मंडल स्तर पर सौंपी गई जिम्मेदारी
भाजपा संगठन द्वारा जिला एवं मंडल स्तर पर समर्पित कार्यकर्ताओं को संयोजक, सह संयोजक, मंडल प्रभारी एवं सह प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। मीडिया प्रभारी संजय गुप्ता ने इस घोषणा के संबंध में जानकारी साझा की।
जिम्मेदार व्यक्तियों की सूची जारी
घोषणा पत्र के अनुसार जिले के विभिन्न मंडलों में निम्नलिखित प्रमुख कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है:
कोटाडोल: अशोक सिंह (प्रभारी), रविशंकर सिंह (सह प्रभारी)
जनकपुर: जुगनाथ पांडे (प्रभारी), हीरालाल यादव (सह प्रभारी)
कुवंरपुर: आदित्य गुप्ता (प्रभारी), कौशल पटेल (सह प्रभारी)
केल्हारी: रामनरेश राय (प्रभारी), संजय राय (सह प्रभारी)
नागपुर: रामलाल सिंह (प्रभारी), सुशील सिंह (सह प्रभारी)
मनेंद्रगढ़: उमेश बैरागी (प्रभारी), संतोष सिंह (सह प्रभारी)
हसदेव: मुकेश जयसवाल (प्रभारी), गामती द्विवेदी (सह प्रभारी)
खड़गवां : वीरेंद्र सिंह राणा (प्रभारी), इंदु परिहार (सह प्रभारी), सोनमती उर्रे (सह प्रभारी)
चिरमिरी: अनिल कासरवानी (प्रभारी), धर्मेंद्र पटवा (सह प्रभारी)
संगठन को मजबूत करने पर जोर
भाजपा के इस फैसले से आगामी चुनाव को मजबूती मिलेगी स्थापना दिवस कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से संचालित करने की रणनीति बनाई गई है। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे। भाजपा जिला अध्यक्ष चंपा देवी पावले ने कहा कि ये सभी कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं और इनके सहयोग से स्थापना दिवस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाया जाएगा।
बुजुर्गों, विधवा और परित्यक्त महिलाओं को मिलेंगे तीर्थ के लाभ, सीएम साय ने किया तीर्थ दर्शन योजना का शुभारंभ
4 Apr, 2025 12:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत अब मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में वरिष्ठ नागरिकों के साथ-साथ विधवा और परित्यक्ता महिलाओं को भी पवित्र तीर्थ स्थलों की निःशुल्क यात्रा करने का अवसर मिलेगा। राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ये यात्राएं एक साथ आयोजित की जाएंगी, ताकि सभी लोग आस्था और भक्ति से भरी यात्रा का आनंद ले सकें। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत मप्र जिले से कुल 90 तीर्थ यात्रियों को यात्रा का लाभ मिलेगा। इसमें जिले की तीन जनपद पंचायतों से 15-15, नगर निगम चिरमिरी से 15, नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ से 10 तथा नगर पंचायत लेदरी, झगराखांड, जनकपुर और खोंगापानी से 5-5 हितग्राही शामिल होंगे।
आईआरसीटीसी की विशेष ट्रेन से निःशुल्क यात्रा
इस यात्रा के लिए चयनित 90 हितग्राहियों को आईआरसीटीसी द्वारा विशेष ट्रेन के माध्यम से निःशुल्क तीर्थ यात्रा पर भेजा जाएगा। इस योजना के तहत 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक चाहें तो अपने साथ 21 वर्ष या उससे अधिक आयु का सहायक भी ले जा सकते हैं। इस तीर्थ यात्रा के लिए शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। इसके लिए आवेदन पत्र के साथ शासकीय चिकित्सक द्वारा जारी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 04 अप्रैल 2025 तक
योजना के तहत तीर्थ यात्रा का लाभ लेने के इच्छुक पात्र हितग्राही अपने क्षेत्र के जनपद पंचायत या नगर पंचायत कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। इसके अलावा वे सीधे उप संचालक, समाज कल्याण विभाग, जिला मनेन्द्रगढ़ (आत्मानंद विद्यालय के सामने) पहुंचकर भी आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 04 अप्रैल 2025, शाम 5:00 बजे निर्धारित की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार की इस योजना के तहत अब श्रद्धालु बिना किसी आर्थिक बोझ के अपनी धार्मिक आस्था का एहसास कर सकेंगे।
वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार पद्मभूषण पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर CM साय ने किया नमन
4 Apr, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुप्रसिद्ध कवि, लेखक एवं पत्रकार पद्मभूषण पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की जयंती पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने पंडित माखन लाल चतुर्वेदी को स्मरण करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं में प्रकृति प्रेम, त्याग, बलिदान और देशभक्ति का अनुपम संगम दिखाई देता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पंडित माखनलाल चतुर्वेदी ने अपनी प्रभावशाली लेखनी के माध्यम से जनमानस में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत की और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बिलासपुर के सेंट्रल जेल में लिखी गई उनकी प्रसिद्ध कविता ‘पुष्प की अभिलाषा’ आज भी लोगों के हृदय में देशभक्ति की भावना का संचार करती है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि चतुर्वेदी जी की उत्कृष्ट रचनाएं, उनमें निहित राष्ट्रप्रेम और संवेदना भावी पीढ़ियों के मन में सदैव देशभक्ति की भावना का संचार करती रहेंगी।
बस्तर की वैभव-गौरवशाली संस्कृति को वैश्विक पटल पर पहुँचाने की पहल - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
3 Apr, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : राज्य शासन द्वारा बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित कर इसे देश और वैश्विक पटल पर रखने सहित स्थानीय जनजातीय समुदाय के लोगों को अमिट पहचान और समुचित सम्मान दिलाने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम 2025 यथा बस्तर का उत्सव का भव्य संभागीय स्तरीय कार्यक्रम आयोजन दंतेवाड़ा के हाईस्कूल मैदान में किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और वनमंत्री केदार कश्यप ने बस्तर पंडुम के संभागीय स्तरीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर बस्तर की वैभव-गौरवशाली संस्कृति को सहेजने और संवारने सहित वैश्विक पटल पर पहुंचाने के लिए सरकार ने बस्तर पंडुम कार्यक्रम का आयोजन किया है। जिससे बस्तर की संस्कृति, परंपरा को दुनिया के लोगों को जानने-समझने का अवसर मिलेगा। बस्तर अद्भुत सांस्कृतिक परम्परा, रीति रिवाज और जनजातीय व्यंजन से समृद्ध है, इस पावन धरा में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। इस क्षेत्र में मेरा जन्म ना होने से यहाँ की संस्कृति और अनेक स्वादिष्ट व्यंजन से मैं वंचित रहा हूँ पर आज इस कार्यक्रम में मुझे बस्तर की सभी स्वाद का अनुभव करने का अवसर मिला। उन्होंने बस्तर में सरकार द्वारा संचालित योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने हेतु सार्थक प्रयास करने की बात कही ।
वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर पंडुम की चर्चा देश-विदेश में हो रही है लोग बस्तर की संस्कृति को समझने के लिए लालायित हो रहे हैं। इसके साथ ही बस्तर क्षेत्र के स्थानीय व्यंजन, वेशभूषा- आभूषण जोे विलुप्तप्राय हैं ऐसी समृद्ध संस्कृति को बचाने की पहल बस्तर पंडुम के माध्यम से की जा रही है। इस कार्यक्रम में समूचे संभाग के जिलों के प्रतिभागियों द्वारा शानदार प्रदर्शनी लगाई गई है। उन्होंने दंतेवाड़ा का फाल्गुन मंडई और बस्तर में आयोजित बस्तर दशहरा को सामाजिक समरसता का प्रतीक निरूपित करते हुए कहा कि समाज के लोग इस परंपरा को संवर्धित कर रहे हैं। हमारे बस्तर क्षेत्र में जन्म से मृत्यु तक पंडुम मनाते हैं। इस समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का संदेश देने में हमारी परंपरा, रीति -रिवाज की अहम भूमिका है। कार्यक्रम में विधायक चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी ने भी संबोधित किया। संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी दी ।
कार्यक्रम के शुरुआत में दोनों मंत्रियों ने प्रदर्शनी में लगे जनजातीय कला स्टॉल का अवलोकन कर प्रदर्शनी में लगे जनजातीय संस्कृति के वाद्य यंत्र का वादन किया और स्थानीय एवं जनजातीय व्यंजन का स्वाद लेकर सराहना किए। इस अवसर पर विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मंडावी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., संस्कृति विभाग के संचालक विवेक आचार्य, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, सीईओ जयंत नाहटा सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ बस्तर पंडुम का भव्य आयोजन किया गया। उल्लेखनीय है कि बस्तर पंडुम 2025 के अन्तर्गत सात विधाएं शामिल की गई है। जिसमें संभाग के सातों जिलों के विजेताओं के मध्य प्रतियोगिता आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा, परब सहित लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत-चौतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा (रीति-रिवाज, तीज त्यौहार, विवाह पद्धति एवं नामकरण संस्कार आदि) जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य जिन्हें लय एवं ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र, वेशभूषा, मौलिकता, लोकधुन, वाद्ययंत्र, पारंपरिकता, अभिनय, विषय-वस्तु, पटकथा, संवाद, कथानक के मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके अलावा जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा शामिल रहे। जिन्हें संयोजन, पारंगता, प्रकार, प्राचीनता के आधार पर अंक दिए गए। जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया. ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण में एकरूपता, आकर्षकता, श्रृंगार, पौराणिकता को महत्व दिया गया। जनजातीय शिल्प एवं चित्रकला का प्रदर्शन विधा के अंतर्गत घड़वा, माटी कला, काष्ठ, ढोकरा, लौह प्रस्तर, गोदना, भित्तीचित्र, शीशल, कौड़ी शिल्प, बांस की कंघी, गीकी (चटाई), घास के दानों की माला प्रदर्शन प्रस्तुतियां हुई। साथ ही जनजातीय पेय पदार्थ एवं व्यंजन का प्रदर्शन-सल्फी, ताड़ी, छिंदरस, लांदा, कोसरा, जोन्धरा एवं मडि़या पेज, चापड़ा चटनी, सुक्सी पुड़गा,मछरी पुड़गा,मछरी झोर, आमट साग, तिखुर, बोबो इत्यादि के बनाने की विधि, स्थानीय मसाले, स्वाद, प्रकार का प्रस्तुतिकरण बस्तर पंडुम 2025 के मुख्य आकर्षण हैं।
रायपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में एक हिस्ट्रीशीटर को किया गिरफ्तार
3 Apr, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर: रायपुर पुलिस द्वारा नशीली दवाओं के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें रायपुर पुलिस के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं प्रभारी अपराध एवं सायबर यूनिट को नशीली दवाओं के कारोबारियों की पतासाजी कर कार्यवाही करने एवं इस पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये हैं। जिस पर समस्त पुलिस राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी एवं अपराध एवं सायबर यूनिट की टीम द्वारा मुखबिर लगाकर, पेट्रोलिंग कर एवं सूचना संकलन कर नशीली दवाओं के कारोबारियों के संबंध में जानकारी एकत्रित की जा रही है।
तिल्दा नेवरा क्षेत्र स्थित ग्राम कुंदरू में अधिकारियों के निर्देशन में अपराध एवं सायबर यूनिट एवं तिल्दा नेवरा थाने की संयुक्त टीम द्वारा आरोपी की तलाश प्रारंभ की गई तथा मुखबिर द्वारा बताये गये हुलिये से मेल खाते आरोपी को चिन्हांकित कर ग्राम कुंदरू एवं जलसो के मध्य बांध के सामने पकड़ा गया। पूछताछ में व्यक्ति ने अपना नाम पन्ना लाल पारधी निवासी तिल्दा नेवरा बताया।
टीम के सदस्यों द्वारा उसके पास रखे बोरे की तलाशी लेने पर बोरे में गांजा पाया गया। जिस पर टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी पन्ना लाल पारधी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 01 किलो 200 ग्राम गांजा कीमती लगभग 10,000/- रूपये जप्त किया गया तथा आरोपी के विरूद्ध थाना तिल्दा नेवरा में अपराध क्रमांक 124/25 धारा 20बी नारकोटिक्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई। आरोपी पन्ना लाल पारधी थाना तिल्दा नेवरा का हिस्ट्रीशीटर है, जिसके विरूद्ध थाना तिल्दा नेवरा में चोरी, आर्म्स एक्ट एवं मारपीट के लगभग आधा दर्जन अपराध पंजीबद्ध है, जिसमें आरोपी जेल भी जा चुका है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ने रत्नी अगरिया को दिया नया आशियाना
3 Apr, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : घर केवल ईंट और सीमेंट से बनी चार दीवारी नहीं, बल्कि हर व्यक्ति के सपनों का आशियाना होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से यह सपना अब हजारों जरूरतमंद परिवारों के लिए साकार हो रहा है। इसी योजना के तहत रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक की ग्राम पंचायत महलोई निवासी रत्नी अगरिया को भी उनका पक्का मकान मिल चुका है, जिससे उनका जीवन पहले से अधिक सुरक्षित और खुशहाल हो गया है।
रत्नी अगरिया पहले एक कच्चे मकान में रहकर कठिन परिश्रम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं। उन्होंने अपने बेटे का विवाह तो कर दिया, लेकिन खुद के लिए एक पक्के और सुरक्षित घर का सपना पूरा करना उनके लिए संभव नहीं था। बरसात के दिनों में उनके कच्चे मकान में पानी भर जाता था, जिससे गंदगी और बीमारियों का खतरा बना रहता था। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्के मकान के लिए सहायता राशि प्राप्त हुई, जिससे उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हो गया। इस राशि से उन्होंने 30 मार्च 2025 को चैत्र प्रतिपदा हिंदू नववर्ष के शुभ अवसर पर अपने नए घर में गृह प्रवेश किया। इस खुशी के मौके पर उन्होंने कहा कि अब मैं खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हूं। बारिश के मौसम में पानी टपकने की चिंता खत्म हो गई है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने मुझे नई जिंदगी दी है।
रत्नी अगरिया ने इस योजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना सिर्फ एक घर ही नहीं, बल्कि गरीबों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों जरूरतमंद परिवारों को उनका अपना घर मिल रहा है, जिससे उनका जीवन पहले से अधिक सुरक्षित और सशक्त हो रहा है।
महेन्द्र के परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना
3 Apr, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर : प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने कई जरूरतमंद परिवारों का पक्का घर पाने का सपना साकार किया है। इस योजना का लाभ पाकर कोण्डागांव जिले के ग्राम पीपरा निवासी महेन्द्र पटेल का परिवार अब सुरक्षित और सुखद जीवन जी रहा है।
जिला मुख्यालय कोण्डागांव से लगभग 45 किलोमीटर दूर केशकाल विकासखण्ड के ग्राम पीपरा के रहने वाले महेन्द्र पटेल, जो सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे, पहले एक जर्जर कच्चे मकान में रहते थे। बारिश के दिनों में घर में पानी टपकता था, जिससे उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना उनके लिए वरदान साबित हुई। योजना के तहत महेन्द्र को 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि मिली, साथ ही महात्मा गांधी रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत 90 दिनों की मजदूरी भी उन्हें मिली। इस सहायता से उन्होंने अपने परिवार के लिए एक पक्का मकान बना लिया। अब उनके पास एक सुरक्षित और मजबूत घर है, जहां वे अपने परिवार के साथ सुकून से रह रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले पक्के घर के साथ-साथ महेन्द्र को कई अन्य योजनाओं का लाभ भी मिला है। स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के तहत शौचालय सुविधा प्राप्त हुई। उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन मिला, जिससे रसोईघर धुएं से मुक्त हो गया। इसके अलावा, सौभाग्य-प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना के तहत उन्हें बिजली कनेक्शन भी मिला। महेंद्र और उनके परिवार ने इन सुविधाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इन योजनाओं के कारण अब उनका जीवन पहले से बेहतर और सुरक्षित हो गया है।
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