मध्य प्रदेश
ईडी-आईटी एक्शन में, लोकायुक्त पड़ा ठंडा
2 Jan, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा छापा मामला
भोपाल । लोकायुक्त की छापेमारी में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के पास मिली अकूत संपत्ति को देखते हुए ईडी और आयकर विभाग एक्शन मोड में आ गए हैं। केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता को देखते हुए लोकायुक्त की जांच धीमी पड़ गई है। मामले में लोकायुक्त अभी तक सिर्फ सौरभ की मां के बयान ही दर्ज कर पाई है। करीबियों और रिश्तेदार के बयान दर्ज नहीं होने से उसकी बेनामी संपत्ति का राज नहीं खुल सका है। सौरभ शर्मा के खिलाफ लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल वह फरार है। वहीं ईडी और आरकर विभाग ने अपनी जांच-पड़ताल तेज कर दी है।
लोकायुक्त के शिकंजे में फंसे परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक के मामले में ईडी ने सौरभ शर्मा और चेतन सिंह गौर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में सौरभ के परिवार से भी पूछताछ की जाएगी। जांच का दायरा जैसे-जैसे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे नए-नए खुलासे भी हो रहे हैं। अब सौरभ के बारे में पता चला है कि वह नौकरी छोडऩे के बाद भी परिवहन विभाग में सक्रिय था। अपने लोगों को परिवहन के चेक पोस्टों पर भेजा करता था। हालांकि तब सितंबर 2023 में कुछ अधिकारियों ने इसका विरोध करते हुए जानकारी ऊपर तक भी पहुंचाई थी, लेकिन इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। इनकम टैक्स विभाग ऐसे सभी लोगों को पूछताछ के लिए नोटिस देकर बुलाने तैयारी की है। इनसे पूछताछ के बाद फिर नए राज खुलेंगे। सभी लोगों से उनके काली कमाई को लेकर पूछताछ होगी। पूरे मामले में लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। लोकायुक्त पुलिस ने अब तक केवल सौरभ की मां से ही पूछताछ की है। सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और करीबियों से लोकायुक्त पुलिस ने पूछताछ नहीं की गई है।
सौरभ के दुबई से आने के बाद होगी पूछताछ
आयकर विभाग की टीम ने बिल्डर के यहां छापेमारी में अहम राजफाश करने के बाद अब सौरभ शर्मा पर फोकस बढ़ा दिया है। दिल्ली से दिशा-निर्देश मिलने के बाद आयकर विभाग ने सोने और 10 करोड़ रुपये की नकदी की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सौरभ के दुबई से भारत आने के बाद उसे पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। आयकर सूत्रों का कहना है कि रातीबड़ में एक फार्म की जमीन पर खड़ी कार से जब्त सोना और रुपये को लोकायुक्त को वापस करने की चर्चाओं पर अब विराम लग गया है। आला अधिकारियों की बैठक के बाद रकम को होल्ड करने का फैसला लिया गया है। जब तक सोने की पूरी जानकारी नहीं मिल जाती है, तब तक रकम और सोना आयकर विभाग के पास ही रहेगा।
अभी तक सिर्फ मां के बयान
लोकायुक्त जांच अधिकारी वीरेंद्र सिंह सौरभ के घर पहुंचे। जहां उन्होंने उसकी मां उमा के बयान दर्ज किए। लेकिन सौरभ के करीबियों व रिश्तेदारों से फिलहाल पूछताछ नहीं हो पाई है। अधिकांश रिश्तेदार व दोस्त फोन बंद कर परिवार समेत गायब हो गए हैं। लोकायुक्त के ढिलमुल रवैया के कारण अधिकांश ने सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिए, जिससे पुलिस उन तक न पहुंच सके। सौरभ शर्मा और उसके करीबी चेतन सिंह गौर के घर पर लोकायुक्त की टीम ने 18 दिसंबर को छापा मारा था। 12 दिन बाद सिर्फ उसकी मां के बयान हुए हैं। सूत्रों की माने तो छापे में पुलिस को 20-30 रजिस्ट्रियां मिली हैं। इनके बारे में पूछताछ होनी है कि यह बेनामी हैं या नहीं। जिनके नाम संपत्ति है, पहले उनसे पूछताछ की जाएगी। अगर, वह कहते हैं कि संपत्ति की कीमत सौरभ ने चुकाई थी, उपयोग भी वह या उसके परिजर कर रहे थे तो इन्हें बेनामी की श्रेणी में रखा जाएगा। लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा, पत्नी दिव्या, मां उमा शर्मा, करीबी शरद जायसवाल और चेतन सिंह गौर को पूछताछ के लिए समन जारी कर चुकी है, लेकिन सिर्फ बयान मां के दर्ज किए गए।
आयकर करेगी 50 लोगों से पूछताछ
मामले में जांच कर रही दूसरी एजेंसी आयकर विभाग ने 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की तैयारी की है। इनमें सौरभ समेत उसके करीबी, रिश्तेदार व दोस्त शामिल हैं। जिनके नाम पर सौरभ ने बेनामी संपत्ति खरीदी है। यह चल- अचल दोनों संपत्ति है। सौरभ के अलावा शरद जायसवाल के नाम भी अचल संपत्ति खरीदी गई है। जब तक दोनों से पूछताछ नहीं होती तो सच्चाई सामने नही आएगी। सौरभ के करीबी चेतन गौर ने ईडी और आयकर में बयान दर्ज करा दिए हैं, पर लोकायुक्त पुलिस ने उससे भी अभी तक पूछताछ नहीं की है। जिस कार में 54 किलो सोना और लगभग 11 करोड़ रुपए नकद मिले थे, वह चेतन के नाम ही थी। मामले में शरद जायसवाल, जबलपुर निवासी सौरभ के रिश्तेदार रोहित तिवारी और ग्वालियर में उसके करीबियों से पूछताछ की जाएगी। मामले में कुछ सेवानिवृत आईएएस अधिकारी, व्यवसायी और सौरभ के कर्मचारियों से पूछताछ होगी। ईडी ने भी सौरभ और उसके करीबियों के यहां आठ स्थानों पर पिछले सप्ताह छापेमारी की थी। इसके बाद संबंधितों को पूछताछ के नोटिस जारी करने की तैयारी की है।
विधान सभावार विजन आधारित तैयार करें रोडमैप - मुख्यमंत्री डॉ.यादव
2 Jan, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास का विजन डॉक्यूमेंट (रोडमैप) बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी विधायक क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ जन समस्याओं के निराकरण को लेकर जन-संवाद करें। जनकल्याण अभियान के मिल रहे परिणामों का आकलन करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए जरूरी है कि जनता के बीच जाएं, उनसे संवाद करें, उनकी समस्याएं जानें और निराकरण के लिए तुरन्त कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं वृहद् निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, इंदौर सांसद शंकर लालवानी सहित अन्य क्षेत्रीय विधायकों एवं जन-प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने-अपने क्षेत्र से वर्चुअली सहभागिता की। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव एस.एन, मिश्रा, अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गाँव में रात्रि विश्राम करें अधिकारी और जन-प्रतिनिधि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वुर्चअली जुड़े मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेने के लिए अधिकाधिक फील्ड दौरे करें। जन-प्रतिनिधि, क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ दूरस्थ गाँव (विशेषकर जनजातीय ग्राम) में रात्रि विश्राम करें। वहां ग्रामीणों से बात करें, उनकी कठिनाईयों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने दिन-ब-दिन बढ़ती सर्दी के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करें। जरूरतमंदों को कंबल एवं गर्म वस्त्र प्रदाय करें। किसी को भी सर्दी से कठिनाई न होने पाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए विधायक यदि चाहें, तो कोई नवाचार भी कर सकते हैं। ऐसी नवाचारी गतिविधियों को अमल में लाएं, जिससे जनता को अधिकतम लाभ हो। उन्होंने कहा कि अब सभी संभागों के प्रभारी अपर मुख्य सचिव जिलेवार समीक्षा बैठक करेंगे। इससे सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र की प्रमुख मांगों एवं संवदेनशील विषयों को रखने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स अब विधानसभावार समीक्षा बैठक करें। जिले के सभी विधायकों से चर्चा करें और उनके विधानसभा क्षेत्र का विजन डाक्यूमेंट बनाने में सहयोग भी करें।
पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूल का निर्माण पूरा कराएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज स्कूलों के निर्माण की समीक्षा में कहा कि पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूलों का जितना भी निर्माण कार्य अभी शेष है, पहले उन्हें विशेष प्राथमिकता से पूरा कर लिया जाए। इसके बाद नये सीएम राइज स्कूलों के निर्माण का प्रस्ताव लिये जाए।
ताप्ती-चिल्लूर वृहद परियोजना की पूर्णता के लिये महाराष्ट्र सरकार से करेंगे चर्चा
जल संसाधन विभाग की समीक्षा में खंडवा जिले की ताप्ती-चिल्लूर वृहद सिंचाई परियोजना के बारे में जानकारी दी गई। इस पर खंडवा जिले के हरसूद से विधायक एवं जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मुख्यमंत्री से इस परियोजना को जल्द से जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस पर काम शुरू किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई, तो वे स्वयं महाराष्ट्र शासन से भी इस परियोजना के संबंध में चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि करीब 26 हजार 279 करोड़ रूपए लागत वाली इस वृहद सिंचाई परियोजना के पूरा होने पर संबंधित क्षेत्र के 81 हजार 600 हेक्टेयर रकबे में फसल सिंचाई एवं वाटर रिचार्जिंग की स्थायी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
जल जीवन मिशन के कामों में तेजी लाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर संभाग में जल जीवन मिशन के तहत संचालित कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें। जल जीवन मिशन सीधा जनता से जुड़ा अभियान है। यदि इस अभियान के क्रियान्वयन में कोई समस्या आ रही है, तो आपसी संवाद एवं समन्वय से उसका समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि वे 20 जनवरी तक पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बताया गया कि इंदौर संभाग के अंतर्गत अधीन जिलों में नल-जल योजना के अंतर्गत खोदी गई 3205.83 कि.मी. रोड के विरूद्ध अब तक 3166.81 कि.मी. रोड का रेस्टोरेशन कार्य गुणवत्तापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शेष रोड का रेस्टोरेशन कार्य पाइप लाईन की टेस्टिंग के बाद पूरा कर लिया जाएगा।
इंदौर-उज्जैन के वर्तमान फोरलेन को बनाया जाएगा सिक्स लेन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर-उज्जैन के फोरलेन को सिक्स लेन में बदलने के संबंध में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। बताया गया कि इस काम के लिए निर्माण एजेंसी से अनुबंध कर लिया गया है। तय निर्माण एजेंसी द्वारा अनुबंध के अनुसार प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां भी तेजी से संचालित की जा रही है। इंदौर सांसद ने इंदौर-देपालपुर मार्ग को फोरलेन बनाए जाने की मांग रखी। बैठक यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान 6 एक्सप्रेस-वे नियोजित हैं,जिसमें नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ विकास पथ, बुंदेलखंड विकास पथ, अटल प्रगति पथ और मध्य भारत विकास पथ का निर्माण प्रगतिरत है।
अपने सुझाव परिसीमन आयोग को भी दे सकते हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वर्चुअली जुड़े सांसद एवं विधायकों से कहा कि यदि वे क्षेत्रीय आबादी या भौगोलिक स्तर पर जनहित में अपने जिले या तहसील का संभाग या जिला परिवर्तन कराना चाहते हैं, तो वे अपने सुझाव लिखित में राज्य सरकार द्वारा गठित परिसीमन आयोग को दे सकते हैं। प्राप्त सुझाव पर परिसीमन आयोग ही अंतिम निर्णय लेगा।
बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बदलने के दे दें प्रस्ताव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बनाने के मामलों में गंभीर है। सभी विधायक अपने क्षेत्र की ऐसी सभी बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बदलने का प्रस्ताव दे दें। आबादी को लाभ और जनहित में सरकार प्रस्तावों पर समुचित निर्णय लेगी।
4,000 करोड़ का घाटा बताकर कंपनियां देगी महंगी बिजली का झटका
2 Jan, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नियामक आयोग के समक्ष साढ़े 7 फीसदी बिजली महंगी करने की तीनों कम्पनियों के साथ शासन ने भी दायर की याचिकाएं
भोपाल । हर साल बिजली कम्पनियां घाटा बताकर नियामक आयोग के समक्ष याचिकाएं दायर कर बिजली महंगी कर देती है। इस साल की शुरुआत में ही भोपाल सहित प्रदेश की तीनों बिजली कम्पनियों के साथ शासन ने भी 4 हजार करोड़ रुपए से अधिक का घाटा बताकर याचिकाएं दायर कर दी, जिसमें साढ़े 7 फीसदी बिजली महंगी करना प्रस्तावित किया गया है। इंदौर की बिजली कम्पनी ने अपना घाटा 1618 करोड़ रुपए बताया है और अगले एक महीने में ही महंगी बिजली के झटके घरेलू से लेकर अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को लगने लगेंगे।
मप्र में तीन बिजली कम्पनियां कार्यरत है, जिसमें पूर्व क्षेत्र जबलपुर, मध्य क्षेत्र भोपाल के साथ पश्चिमी क्षेत्र इंदौर शामिल है। उसके साथ-साथ शासन द्वारा एमपी पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी का संचालन किया जाता है। लिहाजा मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग के समक्ष शासन सहित तीनों बिजली कम्पनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए याचिकाएं दायर की हैं, जिसमें 54637 करोड़ के राजस्व का अनुमान लगाया है, जिसमें 4 हजार 107 करोड़ रुपए का घाटा बताया है, जिसकी पूर्ति के लिए 7.52 यानी साढ़े 7 फीसदी बिजली की दरों में वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
कंपनियों को होगी अतिरिक्त आय
कंपनियों द्वारा दिए गए प्रस्ताव में घरेलू, कृषि, चार्जिंग स्टेशन, रेलवे, कोयला खदान, औद्योगिक, शॉपिंग मॉल से लेकर मेट्रो, सार्वजनिक जलप्रदाय संयंत्र, सिंचाई व अन्य तमाम कार्यों के लिए ली जाने वाली बिजली की कीमत बढ़ जाएगी। घरेलू उपभोक्ताओं से ही दर वृद्धि के बाद 988 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय बिजली कम्पनियों को होगी, तो गैर घरेलू से 218 करोड़ रुपए और सार्वजनिक जल प्रदाय संयंत्रों और स्ट्रीट लाइट से 104 करोड़, निम्न दाब उद्योगों से 62, कृषि संबंधित गतिविधियों से डेढ़ हजार करोड़ रुपए की राशि प्राप्त होना है। इसी तरह कोयला खदानें, शॉपिंग मॉल और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं से बढ़ी हुई दरें वसूलकर 4107 करोड़ रुपए अतिरिक्त हासिल किए जाएंगे। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को अभी 151-300 यूनिट के मौजूदा टेरिफ स्लैब का लाभ मिलता है। उसे अब संशोधित कर 150 यूनिट तक ही सीमित किया जाएगा। यानी इससे अधिक बिजली जलाने वाले छोटे उपभोक्ताओं को भी बिजली की कीमत अधिक चुकानी पड़ेगी।
झुग्गी-झोपड़ी में डीटीआर मीटर
फिलहाल झुग्गी झोपड़ी समूह के लिए डीटीआर मीटर के माध्यम से जो टैरिफ अभी है उसे तब तक जारी रखा जाएगा जब तक कि घोषित और अघोषित अवैध कॉलोनियों में विद्युतीकरण के साथ सभी उपभोक्ताओं का मीटरीकरण नहीं हो जाता। स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए सुबह 9 से 5 बजे ऑफ पीक अवधि के दौरान खपत की गई ऊर्जा के लिए सामान्य दर पर 20 फीसदी की टीओडी छूट प्रस्तावित की गई है। इसी तरह रात 10 से सुबह 6 बजे के दौरान टैरिफ की सामान्य दरों पर ही भुगतान करना पड़ेगा। हरित ऊर्जा शुल्क भी वर्ष 2025-26 के लिए दो तरह से प्रस्तावित किया गया है। पहला कार्बन चिन्ह को कम करने और दूसरा ऊर्जा के नवीकरणीय स्त्रोतों से बिजली हासिल करने वाले उपभोक्ताओं की श्रेणी में लिया जाएगा। वहीं एचवी-3 टैरिफ के तहत उच्च दाब उपभोक्ताओं को वर्तमान में लागू सभी छूट आगामी वित्त वर्ष में भी जारी रहेगी। इन याचिकाओं के खिलाफ 24 जनवरी तक आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकेंगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष-2025 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया
2 Jan, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पर वर्ष 2025 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय कैलेंडर में संयोजित की गई विषय-वस्तु और इसके आकल्पन की प्रशंसा की। कैलेंडर विमोचन के अवसर पर मुख्यमंत्री के अपर सचिव एवं नियंत्रक शासकीय केन्द्रीय मुद्रणालय चंद्रशेखर वालिंबे सहित केन्द्रीय मुद्रणालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
संविदाकर्मियों को सीधी भर्ती में अब 50 प्रतिशत आरक्षण
2 Jan, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने अपने 7000 संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। उन्हें विभागीय भर्ती में 50त्न आरक्षण देने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। संविदा के पद पर कम से कम 5 साल काम करने वाले कर्मचारी इसके लिए पात्र होंगे। विभाग ने मध्य प्रदेश विकास आयुक्त पंचायत और ग्रामीण विकास तृतीय श्रेणी (लिपिक वर्गीय और अलिपिक वर्गीय) सेवा भर्ती नियम 1999 में संशोधन कर दिया है। बता दें कि प्रदेश में 1 लाख 25 हजार संविदा कर्मचारी हैं।
नियमित पदों पर होने वाली भर्ती में संविदा कर्मचारियों के लिए आरक्षण देने की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित सम्मेलन में की थी। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने नीति-निर्देश जारी किए, जिनके आधार पर यह कदम उठाया गया है। ज्ञात हो कि इससे पहले स्वास्थ्य और ऊर्जा विभाग भी सीधी भर्ती में संविदा कर्मचारियों को आरक्षण दे चुके हैं। सम्मेलन में संविदा कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान वेतन, अनुकंपा नियुक्ति, ग्रेच्युटी, अवकाश की सुविधा और स्वास्थ्य बीमा योजना लागू करने की घोषणाएं भी की गई थी।
8000 कर्मचारी कोर्ट पहुंचे
राज्य सरकार ने पिछले साल संविदा कर्मचारियों के लिए सीपीआई इंडेक्स जारी किया था। जिसके आधार पर वेतन वृद्धि होनी थी पर सैकड़ों कर्मचारियों का ग्रेड-पे कम हो गया। इस कारण एक साल में करीब 8000 कर्मचारी कोर्ट चले गए।
संविदा नीति का ही पालन नहीं किया
मैप आईटी, कुक्कुट विकास निगम सहित कई उपक्रमों और निगम-मंडलों में संविदा नीतियों का पालन नहीं हो रहा है।संविदाकर्मियों की जानकारी ही नहीं दीपंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पिछले साल 12 योजनाओं में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के वेतन, ग्रेड-पे और पे-लेवल की जानकारी मांगी थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
डॉ. मोहन सरकार ने परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता को हटाया, एडीजी विवेक शर्मा बने नए परिवहन आयुक्त
2 Jan, 2025 08:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रदेश सरकार ने परिवहन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। प्रदेश के परिवहन आयुक्त डीपी गुप्ता को पद से हटा दिया गया है और उनकी सेवाए परिवहन विभाग से वापस लेकर पुलिय मुख्यालय में पदस्थ किया गया है। वहीं, उनकी जगह अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) योजना, विवेक शर्मा को नया परिवहन आयुक्त नियुक्त किया गया है। बता दें परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल खडे हो रहे थे। हाल ही में चेक पोस्ट बद होने के बावजूद चेक पाइंट पर अवैध वसूली को लेकर वीडियो वायरल हुए थे। ऐसे में लगातार सवाल उठ रहा था कि यह वसूली कौन करा रहा है।
वहीं, परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को लेकर भी परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खडे हो रहे थे। बताया जा रहा है कि डीपी गुप्ता को इन्हीं मामलों को लेकर हटाया गया है। 1998 बैंच के ADG विवेक शर्मा अब परिवहन विभाग में नए परिवहन आयुक्त के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। इस संबंध में गृह विभाग ने गुरुवार को आदेश जारी किए।
त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के मालिक की ₹250 करोड़ की संपत्ति जब्त: पूर्व मुख्य सचिव से है संबंध
2 Jan, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: आयकर विभाग ने भोपाल में त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर राजेश शर्मा की करीब 250 करोड़ रुपये की 24 संपत्तियां कुर्क की हैं। विभाग ने आईजी पंजीयन और भोपाल के वरिष्ठ जिला पंजीयक को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि राजेश शर्मा की किसी भी संपत्ति का पंजीयन न किया जाए। आपको बता दें कि पिछले महीने आयकर विभाग ने त्रिशूल कंस्ट्रक्शन, क्वालिटी ग्रुप और ईशान ग्रुप के डायरेक्टरों के 56 ठिकानों पर छापेमारी की थी।
एक सप्ताह तक चली छापेमारी
एक सप्ताह तक चली छापेमारी के दौरान कई बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे, जिन्हें आयकर विभाग ने जब्त कर लिया था। भोपाल में 53, इंदौर में 2 और ग्वालियर में 1 ठिकानों पर की गई इस छापेमारी के दौरान विभाग को 10 करोड़ रुपये की नकदी और 25 से अधिक लॉकरों की जानकारी मिली थी। इसके बाद दस्तावेजों की जांच की गई और अब संबंधित व्यक्तियों को समन जारी किए जा रहे हैं। उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पूर्व आईएएस और छत्तीसगढ़ के कारोबारी से संबंध
राजेश शर्मा के बड़े कारोबारी और पूर्व आईएएस तथा प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस से भी संबंध हैं। आयकर विभाग ने छापेमारी के दौरान जिन संपत्तियों को जब्त किया है, वे भोपाल के चर्चित और विवादित क्षेत्र सेंट्रल पार्क और अन्य हाई प्रोफाइल इलाकों के साथ ही आसपास के इलाकों में स्थित हैं। इन संपत्तियों में जमीन, प्लॉट, फ्लैट और बिल्डिंग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि राजेश शर्मा ने पूर्व आईएएस अधिकारी से अपने करीबी संबंधों के चलते अपने प्रभाव के बल पर ये संपत्तियां अर्जित की हैं।
राजेश शर्मा की संपत्ति के रजिस्ट्रेशन पर रोक
छापेमारी के दौरान पता चला कि राजेश शर्मा ईशान ग्रुप, क्वालिटी ग्रुप और त्रिशूल कंस्ट्रक्शन के कारोबार का मास्टरमाइंड है। आयकर विभाग को आशंका है कि छापेमारी के बाद शर्मा अपनी संपत्तियों को हटाकर सस्ते दामों पर बेच सकता है। इसलिए वरिष्ठ जिला पंजीयक के माध्यम से भोपाल स्थित रजिस्ट्री कार्यालय के उप पंजीयक को निर्देश भेजे गए हैं कि राजेश शर्मा के स्वामित्व वाली किसी भी संपत्ति का रजिस्ट्रेशन आयकर विभाग की अनुमति और सूचना के बिना नहीं किया जाएगा।
आयकर विभाग ने रायपुर के खनन कारोबारी महेंद्र गोयनका को भी समन भेजकर बयान के लिए बुलाया था। गोयनका का राजेश शर्मा से सीधा संबंध है और उन्होंने हाल ही में मीडिया के जरिए अपने संबंधों को स्वीकार किया था। महेंद्र गोयनका पर आरोप है कि उन्होंने भोपाल के सेवनिया गौड़ इलाके में खरीदी गई जमीन के लिए 50 करोड़ रुपये की नकद रकम का भुगतान किया था, जो राजेश शर्मा के जरिए किया गया था। इस मामले में विभाग की टीम पिछले दो दिनों से महेंद्र गोयनका से पूछताछ कर रही है।
MP Online से जमा कर सकेंगे बिजली बिल
2 Jan, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: शहर या जिले में ऐसे कई लोग है जिनके पास या तो मोबाइल है ही नहीं या फिर आधुनिक मोबाइल जिसके माध्यम से बिजली का बिल जमा किया जा सके, लिहाजा ऐसे लोगों को बिजली कंपनी के कार्यालय जाकर ही बिल जमा करना पड़ता है लेकिन अब ऐसे ही उपभोक्ताओं को एमपी ऑनलाइन के माध्यम से बिजली का बिल जमा करने की सुविधा मिलने वाली है।
अब आपको बिल जमा करने के लिए बिजली कार्यालय के चक्कर नहीं लगाना होंगे। बिल जमा करने की प्रक्रिया को अत्यधिक आसान बनाने की दिशा में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जल्द ही महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। दरअसल अब जनवरी 2025 के अंतिम सप्ताह यानि इसी महीने से एमपी ऑनलाइन पर भी बिल जमा करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही नये कनेक्शन के लिए भी उपभोक्ता आवेदन कर सकेंगे। बिजली कंपनी नये साल में उपभोक्ताओं को सौगात दे रही है। बिजली उपभोक्ता अब एमपी ऑनलाइन के माध्यम से भी आवेदन कर नया बिजली कनेक्शन ले सकेंगे।
बता दें कि बिजली कंपनी द्वारा अपने कार्यक्षेत्र के जिलों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया है। इसी के चलते यह नई सुविधा भी शुरू की जा रही है। विद्युत वितरण कंपनी ने ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने की सुविधा शुरू करने के लिए एमपी ऑनलाइन से अनुबंध हस्ताक्षरित किया है इस दौरान कंपनी के प्रबंध संचालक क्षितिज सिंघल, निदेशक वाणिज्य सुधीर कुमार श्रीवास्तव और एमपी ऑनलाइन के चीफ ऑपरेटिंग अधिकारी प्रशांत राठी मौजूद थे।
IT की बड़ी कार्रवाई, बिल्डर राजेश शर्मा और उनकी पत्नी की 200 करोड़ रुपये की 24 संपत्तियां कुर्क
2 Jan, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के मशहूर बिल्डर और रईस राजेश शर्मा पर आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है. हाल ही में छापेमारी में मिली करोड़ों रुपये की संपत्तियों पर अब कार्रवाई शुरू हो गई है. आज आयकर विभाग ने राजेश शर्मा और उनकी पत्नी राधिका शर्मा के नाम की 24 संपत्तियों को कुर्क किया है. कुर्क की गई संपत्तियों की कीमत करीब 200 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
मध्य प्रदेश आयकर विभाग ने आज बिल्डर राजेश शर्मा के नाम पर दर्ज 8 और उनकी पत्नी राधिका शर्मा के नाम पर दर्ज 16 संपत्तियों को कुर्क किया है. अब इन पर बेनामी संपत्ति अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा. जांच जारी रहने तक इन संपत्तियों का लेन-देन नहीं हो सकेगा, यानी कोई भी इसे बेच या खरीद नहीं सकेगा।
पूर्व आईएएस से नजदीकी संबंध के चलते प्रभाव दिखाकर संपत्ति अर्जित करने की चर्चा
आयकर विभाग द्वारा कुर्क की गई संपत्तियां राजधानी के सबसे चर्चित और विवादित क्षेत्र सेंट्रल पार्क और अन्य पॉश इलाकों के साथ ही आसपास के इलाकों में हैं, इसमें जमीन, प्लॉट और फ्लैट और बिल्डिंग शामिल हैं, कहा जा रहा है कि राजेश शर्मा ने मध्य प्रदेश के एक पूर्व आईएएस अधिकारी से नजदीकी संबंध के चलते प्रभाव दिखाकर यह संपत्ति अर्जित की है।
कुर्क की गई संपत्तियों की कीमत करीब 200 करोड़ रुपए
आयकर विभाग द्वारा कुर्क की गई संपत्ति की कीमत गाइडलाइन के मुताबिक करीब 40 करोड़ रुपए है, लेकिन इसका बाजार मूल्य करीब 200 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, अब इन संपत्तियों पर बेनामी संपत्ति अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
आयकर छापों में करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्तियां मिलीं
बता दें कि हाल ही में आयकर विभाग ने त्रिशूल कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक राजेश शर्मा और उनके सहयोगियों के भोपाल, इंदौर और अन्य जगहों पर ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्तियां मिली थीं। अपनी प्रारंभिक जांच में राजेश और उनकी पत्नी राधिका के नाम पर जो संपत्तियां सामने आई हैं, उन्हें आयकर विभाग ने जब्त कर लिया है।
विधान सभावार विजन आधारित तैयार करें रोडमैप - मुख्यमंत्री डॉ.यादव
2 Jan, 2025 07:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जन समस्याओं के निराकरण के लिए करें जन-संवाद
रैन बसेरों का निरीक्षण करें
विधानसभा वार समीक्षा की जाए
इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने बैठक में दिए निर्देश
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विधायकों को अपने क्षेत्र के विकास का विजन डॉक्यूमेंट (रोडमैप) बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सभी विधायक क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ जन समस्याओं के निराकरण को लेकर जन-संवाद करें। जनकल्याण अभियान के मिल रहे परिणामों का आकलन करें और सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकार की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए जरूरी है कि जनता के बीच जाएं, उनसे संवाद करें, उनकी समस्याएं जानें और निराकरण के लिए तुरन्त कदम उठाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को इंदौर संभाग में चल रही विकास गतिविधियों एवं वृहद् निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।
जनजातीय कार्य, लोक परिसम्पत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री श्री नागर सिंह चौहान, इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी सहित अन्य क्षेत्रीय विधायकों एवं जन-प्रतिनिधियों ने बैठक में अपने-अपने क्षेत्र से वर्चुअली सहभागिता की। मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव श्री एस.एन, मिश्रा, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ल, प्रमुख सचिव श्रीमती रश्मि अरूण शमी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गाँव में रात्रि विश्राम करें अधिकारी और जन-प्रतिनिधि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वुर्चअली जुड़े मंत्रीगण, सांसद, विधायक एवं अन्य जन-प्रतिनिधियों से कहा कि वे सरकार की योजनाओं का फीडबैक लेने के लिए अधिकाधिक फील्ड दौरे करें। जन-प्रतिनिधि, क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ दूरस्थ गाँव (विशेषकर जनजातीय ग्राम) में रात्रि विश्राम करें। वहां ग्रामीणों से बात करें, उनकी कठिनाईयों का समाधान करें। मुख्यमंत्री ने दिन-ब-दिन बढ़ती सर्दी के मद्देनजर कलेक्टर एवं जिला अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करें। जरूरतमंदों को कंबल एवं गर्म वस्त्र प्रदाय करें। किसी को भी सर्दी से कठिनाई न होने पाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए विधायक यदि चाहें, तो कोई नवाचार भी कर सकते हैं। ऐसी नवाचारी गतिविधियों को अमल में लाएं, जिससे जनता को अधिकतम लाभ हो। उन्होंने कहा कि अब सभी संभागों के प्रभारी अपर मुख्य सचिव जिलेवार समीक्षा बैठक करेंगे। इससे सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र की प्रमुख मांगों एवं संवदेनशील विषयों को रखने का पर्याप्त अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी कलेक्टर्स अब विधानसभावार समीक्षा बैठक करें। जिले के सभी विधायकों से चर्चा करें और उनके विधानसभा क्षेत्र का विजन डाक्यूमेंट बनाने में सहयोग भी करें।
पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूल का निर्माण पूरा कराएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीएम राइज स्कूलों के निर्माण की समीक्षा में कहा कि पुराने मंजूर सीएम राइज स्कूलों का जितना भी निर्माण कार्य अभी शेष है, पहले उन्हें विशेष प्राथमिकता से पूरा कर लिया जाए। इसके बाद नये सीएम राइज स्कूलों के निर्माण का प्रस्ताव लिये जाए।
ताप्ती-चिल्लूर वृहद परियोजना की पूर्णता के लिये महाराष्ट्र सरकार से करेंगे चर्चा
जल संसाधन विभाग की समीक्षा में खंडवा जिले की ताप्ती-चिल्लूर वृहद सिंचाई परियोजना के बारे में जानकारी दी गई। इस पर खंडवा जिले के हरसूद से विधायक एवं जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने मुख्यमंत्री से इस परियोजना को जल्द से जल्द मंजूरी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि जल्द से जल्द इस पर काम शुरू किया जाएगा। यदि आवश्यकता हुई, तो वे स्वयं महाराष्ट्र शासन से भी इस परियोजना के संबंध में चर्चा करेंगे। उल्लेखनीय है कि करीब 26 हजार 279 करोड़ रूपए लागत वाली इस वृहद सिंचाई परियोजना के पूरा होने पर संबंधित क्षेत्र के 81 हजार 600 हेक्टेयर रकबे में फसल सिंचाई एवं वाटर रिचार्जिंग की स्थायी सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
जल जीवन मिशन के कामों में तेजी लाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर संभाग में जल जीवन मिशन के तहत संचालित कामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें। जल जीवन मिशन सीधा जनता से जुड़ा अभियान है। यदि इस अभियान के क्रियान्वयन में कोई समस्या आ रही है, तो आपसी संवाद एवं समन्वय से उसका समाधान निकाला जाए। उन्होंने कहा कि वे 20 जनवरी तक पूरे प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। बताया गया कि इंदौर संभाग के अंतर्गत अधीन जिलों में नल-जल योजना के अंतर्गत खोदी गई 3205.83 कि.मी. रोड के विरूद्ध अब तक 3166.81 कि.मी. रोड का रेस्टोरेशन कार्य गुणवत्तापूर्वक पूरा कर लिया गया है। शेष रोड का रेस्टोरेशन कार्य पाइप लाईन की टेस्टिंग के बाद पूरा कर लिया जाएगा।
इंदौर-उज्जैन के वर्तमान फोरलेन को बनाया जाएगा सिक्स लेन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर-उज्जैन के फोरलेन को सिक्स लेन में बदलने के संबंध में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली। बताया गया कि इस काम के लिए निर्माण एजेंसी से अनुबंध कर लिया गया है। तय निर्माण एजेंसी द्वारा अनुबंध के अनुसार प्री-कंस्ट्रक्शन गतिविधियां भी तेजी से संचालित की जा रही है। इंदौर सांसद ने इंदौर-देपालपुर मार्ग को फोरलेन बनाए जाने की मांग रखी। बैठक यह भी बताया गया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान 6 एक्सप्रेस-वे नियोजित हैं,जिसमें नर्मदा प्रगति पथ, विंध्य एक्सप्रेस-वे, मालवा-निमाड़ विकास पथ, बुंदेलखंड विकास पथ, अटल प्रगति पथ और मध्य भारत विकास पथ का निर्माण प्रगतिरत है।
अपने सुझाव परिसीमन आयोग को भी दे सकते हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वर्चुअली जुड़े सांसद एवं विधायकों से कहा कि यदि वे क्षेत्रीय आबादी या भौगोलिक स्तर पर जनहित में अपने जिले या तहसील का संभाग या जिला परिवर्तन कराना चाहते हैं, तो वे अपने सुझाव लिखित में राज्य सरकार द्वारा गठित परिसीमन आयोग को दे सकते हैं। प्राप्त सुझाव पर परिसीमन आयोग ही अंतिम निर्णय लेगा।
बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बदलने के दे दें प्रस्ताव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बनाने के मामलों में गंभीर है। सभी विधायक अपने क्षेत्र की ऐसी सभी बड़ी ग्राम पंचायतों को नगर परिषद में बदलने का प्रस्ताव दे दें। आबादी को लाभ और जनहित में सरकार प्रस्तावों पर समुचित निर्णय लेगी।
रेलवे जीएम ने वर्किंग टाइम टेबल का किया विमोचन
2 Jan, 2025 06:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: रेल परिचालन के सुचारु संचालन हेतु परिचालन विभाग द्वारा कार्यकारी समय सारिणी यानि वर्किंग टाइम टेबल जारी किया जाता है। ये वर्किंग टाइम टेबल सभी रेलवे स्टेशनों के स्टेशन मास्टर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, लोको इंस्पेक्टर, पीडब्लूआई, लेवल क्रॉसिंग एवं कंट्रोल ऑफिस के रेलकर्मचारियों के लिए उपयोगी है। इसमें सभी रेलगाड़ियों के समय-सारिणी एवं गति प्रतिबंध सहित परिचालन और रेलवे कार्यो से सबंधित अति महत्वपूर्ण जानकारियाँ उपलब्ध रह्ती है। इसी कड़ी में पश्चिम मध्य रेलवे के तीनों मण्डलों जबलपुर, भोपाल एवं कोटा मण्डलों में रेलवे स्टाफ के लिए रेल परिचालन हेतु कार्यकारी समय सारिणी (वर्किंग टाइम टेबल) जारी किया गया। बुधवार 01 जनवरी 2025 को पमरे मुख्यालय में वर्किंग टाइम टेबल का विमोचन श्रीमती शोभना बंदोपाध्याय के कर कमलों से किया गया।
विमोचन अवसर पर प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक श्री गुरिंदर मोहन सिंह, मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक श्री विवेक कुमार, उप मुख्य परिचालन प्रबंधक (कोचिंग) श्री नवनीत राज, वरिष्ठ परिवहन प्रबंधक (कोचिंग) श्री ए. के. एस यादव, चीफ कण्ट्रोलर (टाइम टेबल) उपेंद्र प्रसाद, विवेक कुमार एवं परिचाल विभाग के रेलकर्मचारी उपस्थित थे।
महाकुंभ मेले के लिए नैनी स्टेशन पर गाड़ियों का अस्थायी ठहराव
2 Jan, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेल प्रशासन द्वारा महाकुंभ मेले के अवसर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज मंडल के नैनी स्टेशन पर भोपाल मंडल से गुजरने वाली निम्नलिखित गाड़ियों को अस्थायी रूप से 2 मिनट का ठहराव प्रदान किया गया है।
1. गाड़ी संख्या 22683 यशवंतपुर-लखनऊ एक्सप्रेस 13 जनवरी से 24 फरवरी 2025 (7 ट्रिप) तक नैनी स्टेशन पर 12:00 बजे आगमन और 12:02 बजे प्रस्थान करेगी।
2. गाड़ी संख्या 22684 लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस 9 जनवरी से 27 फरवरी 2025 (8 ट्रिप) तक नैनी स्टेशन पर 01:08 बजे आगमन और 01:10 बजे प्रस्थान करेगी।
3. गाड़ी संख्या 22613 रामेश्वरम-अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 12 जनवरी से 23 फरवरी 2025 (7 ट्रिप) तक नैनी स्टेशन पर 21:38 बजे आगमन और 21:40 बजे प्रस्थान करेगी।
4. गाड़ी संख्या 22614 अयोध्या कैंट-रामेश्वरम एक्सप्रेस 15 जनवरी से 26 फरवरी 2025 (7 ट्रिप) तक नैनी स्टेशन पर 05:43 बजे आगमन और 05:45 बजे प्रस्थान करेगी।
5. गाड़ी संख्या 12669 पुरातची थलैवर डॉ. एम.जी. रामचन्द्रन (चेन्नई सेण्ट्रल)-छपरा जंक्शन एक्सप्रेस 11 जनवरी से 24 फरवरी 2025 (14 ट्रिप) तक नैनी स्टेशन पर 01:03 बजे आगमन और 01:05 बजे प्रस्थान करेगी।
6. गाड़ी संख्या 12670 छपरा जंक्शन-पुरातची थलैवर डॉ. एम.जी. रामचन्द्रन (चेन्नई सेण्ट्रल) एक्सप्रेस 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 (14 ट्रिप) तक नैनी स्टेशन पर 04:48 बजे आगमन और 04:50 बजे प्रस्थान करेगी।
7. गाड़ी संख्या 12539 यशवंतपुर-लखनऊ एक्सप्रेस 8 जनवरी से 26 फरवरी 2025 (8 ट्रिप) तक नैनी स्टेशन पर 04:13 बजे आगमन और 04:15 बजे प्रस्थान करेगी।
8. गाड़ी संख्या 12540 लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस 10 जनवरी से 21 फरवरी 2025 (7 ट्रिप) तक नैनी स्टेशन पर 01:58 बजे आगमन और 02:00 बजे प्रस्थान करेगी।
यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा की योजना बनाते समय रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा (NTES/139) का उपयोग कर गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।
रक्सौल-एलटीटी-रक्सौल एक्सप्रेस निरस्त
2 Jan, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रेल प्रशासन द्वारा अपरिहार्य कारणों से गाड़ी संख्या 05557/05558 रक्सौल-एलटीटी-रक्सौल सुपरफास्ट साप्ताहिक एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन, जो भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन से होकर गुजरती है, को अस्थायी रूप से निरस्त करने का निर्णय लिया गया है।
निरस्तीकरण का विवरण:
1. गाड़ी संख्या 05557 रक्सौल-एलटीटी सुपरफास्ट साप्ताहिक एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन, दिनांक 14.01.2025 से 28.01.2025 तक (तीन ट्रिप) निरस्त रहेगी।
2. गाड़ी संख्या 05558 एलटीटी-रक्सौल सुपरफास्ट साप्ताहिक एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन, दिनांक 16.01.2025 से 30.01.2025 तक (तीन ट्रिप) निरस्त रहेगी।
यात्रियों से अनुरोध है कि यात्रा की योजना बनाते समय रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा (NTES/139) का उपयोग कर गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।
मप्र में ई-ऑफिस प्रणाली लागू, सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया शुभारंभ, अब डिजिटली होगा सारा काम
2 Jan, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: नए साल की शुरुआत के साथ मध्य प्रदेश में ई-ऑफिस प्रणाली का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास से इस प्रणाली का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि सुशासन के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। मध्य प्रदेश सरकार सभी व्यवस्थाओं को ऑनलाइन करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। डिजीटाइजेशन के माध्यम से योजनाओं के कार्यान्वयन में सुधार, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और जन कल्याण की गति को तेज करने में सहायता मिलेगी।
डिजीटाइजेशन जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजीटाइजेशन के महत्व को समझते हैं और इसे पारदर्शिता और कार्यों की तत्परता के लिए आवश्यक मानते हैं। यह कदम सुशासन की दिशा में एक ठोस पहल है, जो राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ई-ऑफिस प्रणाली से न केवल कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर सेवाएं प्रदान की जा सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने जनहितैषी कार्यक्रमों पर जोर देते हुए कहा कि सरकार गरीबों, महिलाओं, किसानों और युवाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में उठाए गए कदमों से समाज के सभी वर्गों को लाभ होगा और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। ई-ऑफिस प्रणाली इस प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
1 जनवरी से सभी ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित
विभिन्न विभागों ने 1 जनवरी 2025 से सभी नस्तियों को ई-ऑफिस के माध्यम से संचालित करने का निर्णय लिया है, जिससे कार्यप्रणाली में सुधार होगा। इस नई प्रणाली के तहत, विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने ई-ऑफिस प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।
10 माह में मप्र को मिले 3.85 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
2 Jan, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मप्र में औद्योगिक विस्तार के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का फॉर्मूला अपनाया है और नीतियों को सरल बनाया है उससे देश-दुनिया के निवेशकों के लिए मप्र पहला पसंदीदा प्रदेश बन गया है। यही वजह है कि1 मार्च 2024 से लेकर दिसंबर तक के 10 महीनों में मप्र को देश-दुनिया से 3.85 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह इस बात का संकेत है कि मप्र सरकार ने प्रदेश को इंडस्ट्रियल हब बनाने के लिए किस प्रकार तत्पर है। सरकार की कोशिश उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ हमारी व्यवस्थाओं के बलबूते पर आईटी, टूरिज्म, खनन, उर्जा सहित सभी सेक्टर में गतिविधियों के विस्तार की है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव प्रदेश में कार्य संस्कृती बदलने का प्रयास है। यह कॉन्क्लेव प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए राज्य शासन की प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है।
औद्योगिक विकास के इन क्षेत्रीय समागमों में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित राज्य शासन के प्रमुख अधिकारियों की सहभागिता, प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और जो कहा उसे तय समय-सीमा में कर दिखाने की भावना का असर है कि प्रदेश में तेजी से निवेश बढ़ा है। क्षेत्रीय कॉन्क्लेव के माध्यम से औद्योगिक विकास की प्रक्रिया में प्रदेश के जन-जन को शामिल किया जा रहा है। गौरतलब है कि निवेश और उद्योग के लिए सभी प्रकार की अनुकूलता मप्र में उपलब्ध है। प्रदेश में विनम्र, लगनशील, परिश्रमी और समर्पित मानव संसाधन उपलब्ध है। राजनैतिक नेतृत्व के साथ-साथ प्रशासकीय व्यवस्था भी उद्योगों के लिए अनुकूल है और उद्योग-मित्र नीति भी विद्यमान है। इसको देखते हुए निवेशकों ने प्रदेश का रूख किया है।
हर महीने औसतन 38500 करोड़ के निवेश
सरकार का मानना है कि उद्योग केवल उद्योगपति के लिए नहीं होता अपितु जहां भी उद्योग लगेगा, वहां रोजगार के अवसर सृजित होंगे, राज्य सरकार को राजस्व मिलेगा और देश-दुनिया में हमारे राज्य की साख बनेगी। सरकार प्रदेश में निवेश आमंत्रित करने और औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कारण 1 मार्च 2024 से लेकर दिसंबर तक के 10 महीनों में मप्र को देश-दुनिया से 3.85 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यानी निवेशकों ने मप्र में हर महीने औसतन 38500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दिए हैं। यह निवेश जब धरातल पर उतरेगा, तब राज्य के 3.69 लाख नौजवानों को रोजगार मिलेगा। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मप्र को निवेश मिलने की शुरुआत महाकाल की नगरी उज्जैन से हुई। 10 महीने पहले 1 मार्च 2024 को उज्जैन में हुई रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव में 1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए थे, इसके बाद से मप्र को लगातार निवेश मिल रहा है।
खेती के साथ उद्योग पर फोकस
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य को खेती के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के साथ ही उद्योग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए। उन्होंने निवेश के लिए अभी तक चल रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव शुरू किये। मुख्यमंत्री के इस कदम से बदलाव यह हुआ कि निवेशकों को राज्य के अलग-अलग हिस्से में अपनी पसंद के हिसाब से निवेश करने का मौका मिला। मार्च से लेकर दिसंबर तक के 10 महीनों में उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा और नर्मदापुरम संभाग में रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव आयोजित की जा चुकी हैं। 6 संभागों में हुए उद्योग सम्मेलनों में 2.07 लाख के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि उद्योगों के लिए मप्र का वातावरण हर तरह से अनुकूल है। निवेश के क्षेत्र में मप्र सरकार के प्रयासों को निवेशकों ने सराय है। मप्र में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। 2025 को हम उद्योग वर्ष के रूप में मनाने जा रहे हैं। मप्र तेजी से तरक्की करने वाला राज्य बनेगा।
जीआईएस में छाएगा मप्र का जादू
देश-दुनिया के निवेशकों ने मप्र में हर क्षेत्र में निवेश की इच्छा जताई है। फरवरी में मप्र की राजधानी भोपाल में पहली बार होने जा रहे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में दुनिया भर से 12000 निवेशक, उद्यमी पहुंचेंगे। जिसमें विदेशों से ही 1000 से ज्यादा आएंगे। जीआईएस के जरिए मप्र उद्योग के क्षेत्र में अलग ही पहचान बनाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए मप्र के बाहर देश के प्रमुख औद्योगिक शहरों मुंबई, कोयंबटूर, बैंगलुरु, कोलकाता में रोड शो किए। जिसमें 1 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए। साथ ही पिछले महीने नवंबर में इंग्लैंड और जर्मनी की यात्रा की। दोनों देशों की यात्रा में 78 हजार करोड़ रुपए का निवेश मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उद्योगों को जमीन आवंटन से लेकर सभी तरह की अनुमतियां देने के लिए चली आ रही सिंगल विंडो की जटिल प्रक्रिया को बंद करके कलेक्टरों को यह जिम्मेदारी सौंप दी। इसका फायदा यह हुआ है कि निवेशकों को जमीनों से लेकर सभी तरह की अनुमतियां हाथों-हाथ मिलने लगीं।
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