मध्य प्रदेश
मौसम की मार को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
7 Jan, 2025 08:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। इन दिनो घने कोहरे के कारण हादसो की आंशका को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने इससे बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडवायजरी में कोहरे में गाड़ी चलाने के दौरान लोगों को सतर्क और सावधान रखने की अपील की गई है। पुलिस का मानना है कि कोहरे के दौरान कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखा जाए तो सड़क हादसों से बचा जा सकता है। चालको को वाहनों में आगे और पीछे फॉग लैंप लगवाने की सलाह दी गई है। इस लैंप से दूर के साथ ही वाहन के आसपास के क्षेत्र में साफ दिखाई देता है। कोहरे के दौरान वाहन की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए,क्योंकि इस दौरान सड़क भी गीली रहती है, जिससे वाहन के स्लिप होने का खतरा बना रहता है। वाहन चालक प्रयास करें की किसी वाहन को ओवरटेक न करें। वाहन की हेड लाइट लो बीम पर जलाएं, हाई बीम पर लाइट जलाने से रिफलेक्शन सीधे आंखों पर पड़ता है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। पार्किंग, फोग लाइट, चारों इंडीकेटर के बटन ऑन रखने चाहिए, ताकि आसपास के क्षेत्र में मौजूद अन्य वाहनों को साफ देखा जा सके। आगे चलने वाले वाहनों से सुरक्षित दूरी बनाकर वाहन चलाए। तीस किलोमीटर प्रतिघंटे की तरफ्तार से चलने वाले वाहन से करीब दस फीट की दूरी बनाकर रखनी चाहिए, इससे ज्यादा स्पीड में वाहन चल रहा है, तो दूरी भी ज्यादा होनी चाहिए। कार में डी-फास्टर एडजस्ट, विंडशील्ड वाइपर और हीटर ऑन रखना चाहिए, वाहन चलाते समय इयरफोन, मोबाइल का उपयोग नहीं करना चाहिए और टेप रिकार्ड भी बंद रखना चाहिए, कोहरा छंटने के बाद फोग लैंप बंद रखें और बार-बार लेन बदलने से बचें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में उद्योगों का तीव्र गति से विकास हो रहा है : मंत्री काश्यप
6 Jan, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उद्योगों का तीव्र गति से विकास किया जा रहा है, इसी श्रृंखला में संभागीय इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित किये जा रहे हैं, जिसके अच्छे परिणाम आ रहे हैं। मंत्री काश्यप इंदौर में लघु उद्योग भारती की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में मंत्री कश्यप द्वारा मालवा प्रांत के 15 जिलों से आए उद्यमियों के साथ संवाद किया एवं विभाग की योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने उद्यमियों के विभिन्न विषयों का समाधान भी किया गया।
मंत्री काश्यप ने कहा कि लघु उद्योग भारती उद्यमिता के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही है। हमें विश्वास है कि सरकार और संस्था मिलकर आगे और भी अच्छे कार्य करेंगे। अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाश चंद, उपाध्यक्ष ताराचंद गोयल, प्रदेश अध्यक्ष राजेश मिश्रा, प्रदेश महामंत्री अरुण सोनी सहित बड़ी संख्या में उद्यमी और मालवा के विभिन्न जिलों से 200 से अधिक उद्यमी उपस्थिति रहे।
खेल गतिविधियां जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार करती हैं- मुख्यमंत्री डॉ. यादव
6 Jan, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खेल गतिविधियां जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जा का संचार करती हैं। भारतीय संस्कृति में खेलों की समृद्ध और उत्कृष्ट परम्परा रही है। नई शिक्षा नीति के माध्यम से खेल के आधार पर डिग्री प्राप्त करने और स्पोर्टस टीचर को असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर वाइस चांसलर तक बनने की व्यवस्था स्थापित की गई है। खेल, व्यक्ति की दक्षता, क्षमता और योग्यता के प्रकटीकरण के प्रभावी माध्यम हैं। राज्य शासन प्रत्येक स्तर पर खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में सभी खेलों को प्रोत्साहित कर प्रतिभाओं को निखारने के लिए आवश्यक व्यवस्था स्थापित की है। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में इसके परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। भोपाल में बेहतर क्रिकेट स्टेडियम विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के खेल पत्रकार संघ द्वारा आयोजित 30 वें इंटर प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट-2025 के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ओल्ड केम्पियन ग्राउंड पर बल्लेबाजी कर टूर्नामेंट की शुरूआत की। इस अवसर पर खेल मंत्री विश्वास सारंग, पूर्व विधायक ध्रुव नारायण सिंह, खेल पत्रकार संघ के संरक्षण मृगेंद्र सिंह सहित संघ के पदाधिकारी, मीडिया कर्मी एवं खेल प्रेमी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
गुरू गोबिंद सिंह जी की जीवन यात्रा सभी के लिए प्रेरणादायी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
6 Jan, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुरू गोबिंद सिंह ने देश और धर्म के गौरव की रक्षा तथा मूल धर्म की स्थापना के लिए अपने चार साहिबजादों और परिवार का जो बलिदान दिया उसके लिए संपूर्ण राष्ट्र नतमस्तक है। देश के स्वाभिमान और संस्कृति को विदेशी आक्रांताओं के खिलाफ अपने परिवार को कुर्बान कर देने वाली गुरू जी की जीवन यात्रा सभी के लिए प्रेरणादायी है। गुरू गोबिंद सिंह ने खालसा पंथ की स्थापना कर यह बताया कि देश और संस्कृति के लिए हथियार उठाकर बहादुरी के साथ लड़ना जरूरी है। धर्म, संस्कृति और इतिहास को बचाने का उनका प्रयास सम्पूर्ण विश्व के सामने एक प्रभावी, अतुलनीय और अद्भुत उदाहरण है। हर युग और हर काल में उनकी शहादत याद रखी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सिखों के 10वें गुरू खालसा पंथ के संस्थापक गुरू गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर गुरूद्वारा हमीदिया रोड में मत्था टेकने के बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे।
सभी गुरूओं के वचनों को एकत्र कर गुरू ग्रंथ साहब को प्रदान किया मार्गदर्शक का स्वरूप
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरू गोबिंद सिंह इस रूप में भी भाग्यशाली थे कि उनके परिवार के छोटे से छोटे बच्चे में भी देश, धर्म व संस्कृति के लिए गौरव की अनुभूति थी और वह अपने धर्म और जीवन मूल्यों के लिए बलिदान देने के लिए तत्पर था। गुरू गोबिंद सिंह ने कई आध्यात्मिक प्रश्नों के उत्तर खोजने का प्रयास किया। उन्होंने सभी गुरूओं के पवित्र वचनों को एकत्र करते हुए गुरू ग्रंथ साहब को पंथ के मार्गदर्शक का स्वरूप प्रदान किया।
गुरू तेगबहादुर जी के शहीदी पर्व सहित अन्य आयोजनों में राज्य शासन हरसंभव प्रदान करेगी सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साहिबजादों के बलिदान को शालेय पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीर बालकों की शहादत के दिन, वीर बाल दिवस मनाने का निर्णय लिया। साथ ही ननकानासाहिब कॉरीडोर सहित अनेकों सौगातें समाज को प्रदान की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरू तेगबहादुर जी के 350वें शहीदी पर्व सहित अन्य आयोजनों में राज्य शासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीर बाल दिवस पर गुरूद्वारे की व्यवस्था संभालने वाले बच्चों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीर बाल दिवस 26 दिसम्बर के मौके पर गुरूद्वारा हमीदिया रोड की व्यवस्थाओं को संभालने वाले बच्चों का सम्मान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्मृति-चिन्ह भेंटकर अभिवादन किया गया। उन्होंने गुरूद्वारे में सेवा भी की और उपस्थित जनसमुदाय का अभिवादन किया। इस अवसर पर सुनेहा बग्गा का सम्मान भी किया गया।
ग्राम सभाओं ने दे दिए शराब दुकानों के लाइसेंस
6 Jan, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मध्य प्रदेश में पेसा नियम के तहत इस वर्ष ग्राम सभाओं ने 211 नई शराब की दुकानें स्वीकृत की हैं। पेसा नियमों के तहत इन पेसा ग्राम सभाओं को राज्य शासन द्वारा मादक पदार्थों के संबंध में जारी निषेधाज्ञा को लागू करने की शक्ति प्राप्त है तथा निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का भी अधिकार है। इसी प्रकार, शराब व भांग के विक्रय का प्रतिषेध एवं विनियमन का भी अधिकार है।
पेसा नियम में प्रदेश के आदिवासी बहुल कुल 20 जिले आते हैं। इनमें छह जिले अलीराजपुर, झाबुआ, मंडला, बड़वानी, अनूपपुर एवं डिंडोरी पूरी तरह से पेसा जिले हैं जबकि शेष 14 आंशिक जिले हैं जिनमें बालाघाट, बैतूल, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, धार, खंडवा, होशंगाबाद, खरगौन, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, सीधी, उमरिया एवं रतलाम आते हैं।
88 पेसा विकासखंडों में 5,133 ग्राम पंचायत
इन सभी जिलों में 88 पेसा विकासखंडों में पांच हजार 133 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें आने वाले पेसा ग्रामों की संख्या 11 हजार 596 है। पेसा नियमों के तहत इन पेसा ग्राम सभाओं को राज्य शासन द्वारा मादक पदार्थों के संबंध में जारी निषेधाज्ञा को लागू करने की शक्ति प्राप्त है। निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाने का भी अधिकार है।
स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
6 Jan, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य है कि प्रदेश के प्रत्येक कोने तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचे, हर ज़िले में मेडिकल कॉलेज हों, अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध हों और पर्याप्त स्वास्थ्य अमला हो। उन्होंने कहा कि 46 हज़ार से अधिक स्वास्थ्य अमले की भर्ती के लिये स्वीकृति दी जा चुकी है। उन्होंने शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सशक्त स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा से कोई भी क्षेत्र विकास की छलांग लगाने के लिये तैयार होता है। सशक्त और विकसित प्रदेश के लिये इन क्षेत्रों का सशक्त होना ज़रूरी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समत्व भवन से ‘पीएम जनमन अभियान’ के तहत 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये मोबाइल मेडिकल यूनिट प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सहज और सुलभ उपलब्धता का कार्य करेगी।
संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स दुर्गम और स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित क्षेत्रों में पहुँचकर आमजन को ओपीडी, रोग निदान, उपचार और दवाइयों जैसी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी। प्रत्येक यूनिट में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मी और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से प्रदेश के स्वास्थ्य मानकों में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण के लिये संसाधनों की कमी नहीं होने दी जायेगी। मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिये हम संकल्पबद्ध हैं।
87 विकासखण्डों के 1268 ग्रामों में पहुँचेगी यूनिट
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (एमएमयू) से 21 जिलों के 87 विकासखंडों में 1268 ग्रामों के लगभग 3,12,246 लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। योजना में चिन्हित जिले अनूपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, छिन्दवाड़ा, दतिया, डिंडौरी, गुना, गवालियर, कटनी, मंडला, मुरैना, नरसिंहपुर, सतना, शहडोल, श्योपुर, सीधी, शिवपुरी, जबलपुर, रायसेन, उमरिया और विदिशा शामिल हैं।
मोबाइल मेडिकल यूनिट दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा प्रदाय में लायेंगी क्रांतिकारी बदलाव
उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में मध्यप्रदेश सरकार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘पीएम जनमन अभियान’ के तहत प्रदेश के 21 जिलों के 87 विकासखंडों में 66 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने का कार्य करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वे क्षेत्र जो स्वास्थ्य सेवाओं में पिछड़े और दुर्गम हैं, वहाँ विशेष प्रयासों के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ बनाया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच उत्कृष्ट समन्वय और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सशक्त नेतृत्व और प्रगतिशील सोच से सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, अधोसंरचना विकास और औद्योगिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश में नए मानक स्थापित हो रहे हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य विभाग के पूरे अमले के समर्पण और निष्ठापूर्ण प्रयासों से मध्यप्रदेश निश्चित रूप से स्वास्थ्य के विभिन्न मानकों में अग्रणी राज्य बनने में सफल होगा।
मोबाइल मेडिकल यूनिट (एमएमयू) के लाभ
प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में प्रशिक्षित मानव संसाधन, जिसमें एक डॉक्टर, नर्स, एएनएम/एमपीडब्ल्यू, लैब टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट और ड्राइवर शामिल हैं, सेवाएँ प्रदान करेंगे। प्रत्येक यूनिट में 14 प्रकार की जांच सुविधाएँ, 65 प्रकार की आवश्यक दवाइयाँ और 29 प्रकार की स्वास्थ्य सामग्रियाँ उपलब्ध रहेंगी।
मोबाइल मेडिकल यूनिट्स के माध्यम से लोगों को संचारी रोगों और मूलभूत ओपीडी सेवाएँ, टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, फाइलेरिया जैसी बीमारियों की पहचान और उपचार, प्रसवपूर्व एवं प्रसव उपरान्त देखभाल, उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन, मधुमेह, उच्च रक्तचाप और गुर्दा रोगों की पहचान, नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृतियों की जाँच एवं उपचार, परिवार नियोजन सेवाएँ, मानसिक स्वास्थ्य और पोषण परामर्श, वृद्धजनों की देखभाल और आकस्मिक चिकित्सा सेवाएँ प्रदान की जाएंगी। इन यूनिट्स को जीपीएस प्रणाली से लैस किया गया है, जिससे उनकी निगरानी और संचालन में पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट एक माह में 24 दिन तक सेवाएँ प्रदान करेगी और प्रतिदिन 2 गांवों में लगभग 50 मरीजों का इलाज करेगी।
इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप कुमार यादव और एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
देश की सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण स्त्रोत है बहुरंगी कलाएं : राज्यपाल पटेल
6 Jan, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि देश की सांस्कृतिक समृद्धि का महत्वपूर्ण स्त्रोत बहुरंगी कलाएं है। यह हमारे अंदर की कोमल भावनाओं को जगा कर हमें मनुष्यता का पाठ पढ़ाती है। कलाएं हमारी परम्पराओं, विरासतों, रीति-रिवाजों, संस्कारों, धर्म, समाज, भाषा आदि की विशिष्टताओं को सहेजती और संरक्षित रखती हैं।
राज्यपाल पटेल क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान परिसर श्यामला हिल्स भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर देशभर के विजेता छात्र-छात्राओं को कला की विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किये और राष्ट्रीय कला उत्सव की विभिन्न विधाओं के निर्णायकों को भी सम्मानित किया। राज्यपाल पटेल ने एन.सी.ई.आर.टी. द्वारा आयोजित कला प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
राष्ट्रीय कला उत्सव का आयोजन भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय और एन.सी.ई.आर.टी. के सहयोग से 3-6 जनवरी, 2025 तक किया गया। कला उत्सव में भारत के केन्द्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और एकलव्य विद्यालय के लगभग 6 सौ प्रतिभागी शामिल हुए। राज्यपाल पटेल ने प्रदेश की राजधानी भोपाल में राष्ट्रीय कला उत्सव के आयोजन के लिए एन.सी.ई.आर.टी. को साधुवाद भी दिया।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि कला उत्सव, देश की कला-संस्कृति की विरासत को शिक्षा के क्षेत्र में संरक्षित एवं प्रोत्साहित करने का प्रभावी प्रयास है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति बच्चों की प्रतिभा, कौशल को निखार कर उनका समग्र विकास कर 21वीं सदी के वैश्विक नेताओं के रूप में तैयार करने का प्रकल्प है। यह देश के बच्चों की असीम क्षमता को महसूस करते हुए विकसित भारत 2047 की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से बनाई गई है। उन्होंने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं से आगामी 12 जनवरी को आयोजित हो रहे विकसित भारत यंग लीडर्स संवाद कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने की अपील भी की।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि भावी पीढ़ी, अपनी संस्कृति के जिस स्वरूप को देखती है उसी के अनुरूप अपने जीवन के नये मूल्यों का निर्माण करती है। इसलिए हम सबकी जिम्मेदारी है कि बच्चों को अनुभव आधारित शिक्षा के द्वारा, हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विविधता से जोड़े और एक भारत-श्रेष्ठ भारत के गौरवशाली दृष्टिकोण से परिचित और प्रेरित कराएं।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि कला के लिए जीवन में विशेष जगह रखें क्योंकि कला हमें जोड़ती है, प्रेरित करती है और एक समुदाय के रूप में मजबूत बनाती है। इसलिए प्रयास करें कि राष्ट्रीय कला उत्सव का यह आयोजन, कला के विभिन्न रूपों के प्रदर्शन का केवल मंच नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और परंपराओं के बारे में जागरूक बनाने और संरक्षण के लिए जन मानस को प्रेरित करने का सशक्त माध्यम बने।
राज्यपाल पटेल का कार्यक्रम में शॉल और पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का वीडियों संदेश प्रसारित किया गया। केन्द्रीय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने कला के परिचय, प्रकार और उपयोगिता पर अपने विचार रखे। एन.सी.ई.आर.टी. के निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने कला उत्सव के आयोजन की विस्तार से जानकारी दी। राष्ट्रीय समन्वय डॉ. ज्योत्सना तिवारी ने कला उत्सव आयोजन की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। डॉ. दीपक पालीवाल ने आभार व्यक्त किया। राष्ट्रीय कला उत्सव के समापन समारोह में केन्द्रीय स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के अपर सचिव आनंद राव पाटिल, कला मनीषी, कला गुरू, विभिन्न विधाओं के प्रतिभागी छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे।
नए सिरे से बनेगी कांग्रेस प्रवक्ताओं की सूची
6 Jan, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व द्वारा दो दिन पहले निकाली गई प्रवक्ता और पेनालिस्टों की सूची को लेकर अंदरूनी तौर पर उपजा विवाद दिल्ली तक पहुंच गया है। पार्टी नेताओं ने अलग-अलग माध्यम से केंद्रीय नेतृत्व के संज्ञान में मप्र प्रवक्ताओं की सूची का मामला लाया है। वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी प्रवक्तों की सूची को लेकर संतुष्ट नहीं बताए जा रहे हैं। अब संशोधन के बाद ही प्रवक्ता और पनोलिस्टों की सूची जारी की जाएगी। जिसमें वरिष्ठ नेताओं को पेनालिस्ट और प्रवक्ता से बाहर किया जाएगा। साथ ही जो प्रवक्ता बाहर किए हैं, उन्हें फिर से सूची में शामिल किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस ने 3 जनवरी को 40 प्रवक्ता और 8 पेनालिस्टों की सूची जारी की थी। जैसे ही सूची जारी की गई, उस पर इतना विवाद हो गया कि एक घंटे के भीतर ही सूची को स्थगित करना पड़ा। पार्टी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता और पेनालिस्टों की सूची व्यक्ति विशेष ने अपने स्तर पर तैयार की है। यही वजह ही कि पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल, कुृणाल चौधरी को भी बाहर कर दिया। वहीं पेनालिस्टों की सूची में वरिष्ठ विधायक झूमा सोलंकी का नाम जोड़ दिया गया। जबकि पहली बार की विधायक रामसिया भारती को प्रवक्ता बनाया गया है। इसके अलावा पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को प्रवक्ता बनाया गया है। पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि सूची तैयार करने से पहले संगठनात्मक स्तर पर चर्चा नहीं की गई। एकल व्यक्ति आधार पर सूची तैयार की गई हे। जब नाम सामने आए तब पार्टी में अंदरूनी तौर पर कई नेताओं ने आपत्ति दर्ज कराई है।
नारेबाजी करने वालों को भी बना दिया प्रवक्ता
जीतू पटवारी के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद कुछ नेताओं ने पार्टी कार्यालय में नारेबाजी की थी। साथ ही कुछ नेताओं ने पटवारी की खिलाफत भी की। इसके बावजूद भी उन्हें प्रवक्ताओं की सूची में जगह दी गई है। चूंकि सूची पर रोक लगा दी है। इस वजह से ज्यादातर नेताओं ने इस मामले में चुप्पी साध ली है। इस बीच कांग्रेस के कुछ नेताओं ने प्रदेश प्रभारी जितेन्द्र भंवर सिंह के सामने आपत्ति भी दर्ज कराई है। साथ ही दिल्ली पहुंचकर शीर्ष नेतृत्व के सामने बात रखी है।
बड़ी होगी प्रवक्ताओं की सूची
कांग्रेस प्रवक्ताओं की सूची में संशोधन किया जा रहा है। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रवक्ताओं की सूची को लेकर मीडिया विभाग से चर्चा की है। जिसमें कुछ और नाम जोड़े जाएंगे। जिसमें वे नाम भी शामिल हंै, जिन्हें प्रवक्ता से बाहर किया गया है। जबकि कुछ नए नाम भी जोड़े जा सकते हैं।
कलेक्टरों के तबादलों पर चुनाव आयोग का रोड़ा खत्म!
6 Jan, 2025 08:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मप्र में आज मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही तबादलों से चुनाव आयोग की रोक हट जाएगी। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार मंत्रालय से लेकर जिलों तक बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी में है। इसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच कई दौर की बैठक हो चुकी है। कई जिलों के कलेक्टर्स को बदला जाएगा। इसमें जिलों में अधिकारियों के परफॉर्मेंस को देखा जाएगा। बता दें, सरकार मप्र का विजन डॉक्यूमेंट बना रही है। इसको सरकार ने आठ क्षेत्रों में बांटा है। इसके लिए सभी अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई। अब उनके परफॉर्मेंस को देखकर अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
दरअसल, प्रदेश में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम चल रहा था। इसके चलते कलेक्टरों को नहीं बदला जा रहा था। अब मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम पूरा हो गया है। प्रदेश में अधिकारियों को नई जिम्मेदारी देने के लिए अब तक के उनके काम को देखा जाएगा। इसमें राजस्व महाभियान में अब तक का काम, सीएम मॉनिट और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों के निपटारे समेत उनके अन्य कामों को देखा जाएगा। इसमें खास तौर से उन शिकायतों को देखा जाएगा, जहां पर शिकायतों को बिना वैधानिक प्रक्रिया के संख्या कम करने के लिए बंद कर दिया गया और अब वहां से दोबारा शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसमें मंत्रालय में विभाग अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव से लेकर, उप सचिव से लेकर विभाग प्रमुख और संभाग और जिलों में पदस्थ अधिकारियों के ट्रांसफर होंगे। वहीं, तीन साल से अधिक समय से जमे अधिकारियों को भी हटाया जाएगा।
शिकायत वाले अधिकारी भी हटेंगे
खाद वितरण व्यवस्था को बेहतर तरीके से वितरण व्यवस्था नहीं बनाने वाले अधिकारियों पर भी संकट हैं। वहीं, इसके अलावा जनप्रतिनिधियों की तरफ से जिन अधिकारियों की सरकार को शिकायत मिली उन पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। इसके अलावा कई जिलों में खाद्य एवं औषधि विभाग में सुरक्षा अधिकारी और औषधि निरीक्षक लंबे समय से फील्ड में काम कर रहे हैं। इनमें कुछ अधिकारियों को पांच से सात साल का समय हो गया है। उनको हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा नापतौल, पंजीयन, उद्यानिकी, खनिज, पुलिस, लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू में भी लंबे समय से जमे अधिकारियों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
दो दर्जन से अधिक कलेक्टर बदलेंगे
जानकारी के अनुसार सरकार मैदानी अधिकारियों के बीच बड़ा फेरबदल करने जा रही है। जिसमें दो दर्जन से ज्यादा जिलों के कलेक्टर प्रभावित हो सकते हैं। सरकार ने इस बार तेजतर्रार एवं साफ छवि के अधिकारियों को मैदानी पदस्थापना करने का निर्णय लिया है। ढीले और खराब छवि के अधिकारियों को मंत्रालय वापस बुलाया जा सकता है। प्रशासनिक मुखिया अनुराग जैन के कार्यकाल में मैदानी अधिकारियों की यह पहली बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होगी। अभी तक मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की वजह से जिलाधीश समेत अन्य जिला अधिकारियों के तबादलों पर चुनाव आयोग की रोक थी। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, कलेक्टरों के तबादलों में 2014 एवं 2015 बैच को ज्यादा तवज्जो दी जाएगी। साथ ही 2016 बैच के अधिकारियों को भी जिलाधीश बनाया जा सकता है। ऐसे में 2009 एवं 2010 बैच के अधिकारियों को मैदानी पदस्थापना से हटाया जा सकता है। साथ ही 2011, 2012 एवं 2013 बैच के कुछ अधिकारियों के जिले बदले जा सकते हैं। 2013 एवं 2014 बैच के ज्यादा अधिकारियों को दूसरे जिलों की कमान सौंपी जाएगी। कुछ अधिकारी व्यक्तिगत कारणों से भी जिलों से हटना चाहते हैं। इन्होंने बाकायदा शासन से गुहार लगाई है। प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि मैदानी प्रशासनिक जमावट को लेकर मुख्य सचिव तैयारी कर चुके हैं। इसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ अंतिम बैठक होना शेष है। इसके बाद मैदानी अधिकारियों के तबादलों का सिलसिला शुरू हो जाएगा। इसके साथ ही जिला पंचायत सीईओ, नगर निगम आयुक्त एवं अन्य मैदानी अधिकारी भी बदले जाएंगे।
इनको बदले जाने की संभावना
सरकार की इस बड़ी प्रशासनिक सर्जरी में जिन कलेक्टरों को बदलने की संभावना है उनमें 2009 बैच के अकेले अधिकारी गुना के कलेक्टर डॉ. सतेन्द्र सिंह सचिव के पद पर पदोन्नति हो चुके हैं। उनका हटना लगभग तय है। 2010 बैच के कौशलेंद्र सिंह भोपाल, आशीष सिंह इंदौर, दीपक सक्सेना जबलपुर, शीलेन्द्र सिंह छिंदवाड़ा, कर्मवीर शर्मा खरगोन, संदीप माकिन दतिया और सुरेश कुमार को पन्ना से हटाया जा सकता है। वहीं, 2011 बैच तीन अधिकारी ग्वालियर-चंबल के शिवपुरी, भिंड और ग्वालियर में पदस्थ हैं। इनमें से शिवपुरी के रवीन्द्र चौधरी और भिंड के संजीव श्रीवास्तव प्रभावित हो सकते हैं। इसी तरह 2012 बैच के अधिकारियों में प्रवीण अढ़ायच सीहोर, अनुराग वर्मा सतना, प्रतिभा पाल रीवा, राहुल फटिंग हरिदास बड़वानी, अवधेश शर्मा टीकमगढ़, सुभाष द्विवेदी अशोकनगर, धर्णेन्द्र जैन उमरिया, अरविंद दुबे रायसेन, नरेन्द्र सूर्यवंशी बैतूल और राजेश बाथम रतलाम प्रभावित हो सकते हैं। इसी बैच के उज्जैन कलेक्टर नीरज सिंह को इंदौर या भोपाल की कमान मिल सकती है। वहीं, 2013 बैच के जिलाधीशों में प्रियंक मिश्रा धार, सोनिया मीणा नर्मदापुरम, अनूप भारतीय खंडवा, राघवेन्द्र सिंह आगर-मालवा प्रभावित हो सकते हैं। इसी तरह 2014 बैच की शीतला पटले नरसिंहपुर, ऋाभ गुप्ता देवास, अंकित अष्ठाना मुरैना, सुश्री भव्य मित्तल बुरहानपुर, रानी बातड़ मैहर, चंद्रशेखर सिंगरौली, अभय बेडेकर अलीराजपुर और सुधीर कोचर दमोह भी बदले जा सकते हैं।
बैंक कर्मचारी महिला हुई डिजिटल अरेस्ट का शिकार, असली पुलिस ने पहुंचकर बचाया
6 Jan, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भोपाल की एक महिला बैंक कर्मचारी को डिजिटली अरेस्ट कर साइबर ठगी का प्रयास किया गया। जालसाज के कॉल से घबराई महिला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और वीडियो कॉल पर बात करने लगी, तभी परिजनों को शक हुआ। उनकी सूचना पर पुलिस पहुंची और बैंक कर्मचारी को डिजिटली अरेस्ट से मुक्त कराकर साइबर ठगी से बचाया। महिला ने जालसाजों की शिकायत कोलार थाने में की है। जानकारी के मुताबिक 30 वर्षीय प्रणाली थुल अपने परिवार के साथ कोलार के दानिश कुंज में रहती हैं। वह बैंक ऑफ इंडिया में क्लर्क का काम करती हैं। प्रणाली की सास संगीता ने बताया कि रविवार को वे दोनों घर में अकेली थीं। दोपहर 12:40 बजे प्रणाली के पास एक कॉल आया, कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआई बैंक का प्रतिनिधि बताया। उसने कहा कि आपके खाते से 2 करोड़ 56 लाख रुपए का अवैध ट्रांजेक्शन हुआ है। मुंबई क्राइम ब्रांच पुलिस इसकी जांच कर रही है।
आधार नंबर बताया, बैंक डिटेल भी देने वाली थी
जब एक जालसाज का फोन कट गया तो तुरंत उसके मोबाइल पर दूसरे जालसाज का वीडियो कॉल आया। तब तक प्रणाली दूसरे कमरे में चली गई थी और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया था। दूसरे जालसाज ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। वह वर्दी में था और वीडियो कॉल पर ऐसे दिखा जैसे वाकई पुलिस ऑफिस में बैठा हो। इसके बाद उन्होंने पूछताछ शुरू की। करीब 40 मिनट बात करने के बाद प्रणाली ने जालसाजों को अपना आधार कार्ड दिखाया और नंबर भी बताए, जालसाजों ने बैंक डिटेल भी मांगी।
संगीता ने बताया कि काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद प्रणाली नहीं मानी तो उसने खिड़की से झांका, वीडियो कॉल पर बात करते हुए वह परेशान दिख रही थी। इसके बाद मैंने अपने पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दी।
पुलिसकर्मियों ने कहा-वे नकली पुलिस हैं, तब खोला दरवाजा
कोलार थाने में तैनात हेड कांस्टेबल कैलाश जाट, कांस्टेबल बलराम कुर्मी और अजय झारिया ने महिला को बचाया। कैलाश का कहना है कि हमें देखकर प्रणाली भ्रमित हो गई। उसे लगा कि वो जिन लोगों से फोन पर बात कर रही है, वो असली पुलिस वाले हैं। खिड़की से झांककर हमने उसे बताया कि वो नकली पुलिस वाले हैं, इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया और दरवाजा खोल दिया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विभिन्न रेल परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखी
6 Jan, 2025 06:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना और ओडिशा में रेल ढ़ांचा परियोजनाओं के शुभारंभ से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और इन क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद मिलेगी
हम भारत में रेलवे के विकास को चार मापदंडों पर आगे बढ़ा रहे हैं। पहला- रेलवे ढ़ांचे का आधुनिकीकरण, दूसरा- रेलवे के यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं, तीसरा- रेलवे की देश के कोने-कोने में कनेक्टिविटी और चौथा- रेलवे से रोजगार सृजन और उद्योगों को मदद
आज भारत रेल लाइनों के शत-प्रतिशत विद्युतीकरण के करीब है, हमने रेलवे की पहुंच का भी निरंतर विस्तार किया है-प्रधानमंत्री
भोपाल। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से विभिन्न रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखी। प्रधानमंत्री ने नए जम्मू रेलवे डिवीजन का उद्घाटन किया। उन्होंने पूर्वी तटीय रेलवे के रायगढ़ रेलवे मंडल भवन की आधारशिला भी रखी और तेलंगाना में चरलापल्ली नए टर्मिनल स्टेशन का उद्घाटन किया।
श्री गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती के अवसर पर सबको अपनी शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि गुरु गोविंद सिंह की शिक्षाएं और जीवन एक सुदृढ़ और समृद्ध राष्ट्र के दृष्टिकोण के लिए प्रेरित करते हैं। आवागमन संपर्क में भारत की तेज प्रगति की सराहना करते हुए श्री मोदी ने कहा कि 2025 के आरंभ में ही भारत ने अपने मेट्रो रेल नेटवर्क को 1000 किलोमीटर से अधिक तक विस्तारित करने के साथ अपनी पहल को गति दे दी है। श्री मोदी ने कहा कि आज का कार्यक्रम इस बात को फिर प्रमाणित करता है कि सारा देश एक साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है और जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और तेलंगाना में आरंभ की गई रेल परियोजनाएं देश के उत्तर, पूर्व और दक्षिण क्षेत्रों के लिए आधुनिक आवागमन संपर्क की एक बड़ी उपलब्धि है। प्रधानमंत्री ने फिर दोहराया कि सबका साथ, सबका विकास का मंत्र विकसित भारत की भविष्यदृष्टि को वास्तविकता में बदल रहा है। उन्होंने इन परियोजनाओं के लिए संबंधित राज्यों के लोगों और देश के सभी नागरिकों को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में समर्पित माल ढुलाई गलियारे जैसे आधुनिक रेल नेटवर्क पर तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये विशेष गलियारे नियमित पटरियों पर बोझ कम करेंगे और उच्च गति की रेल गाड़ियो का अधिक परिचालन होगा। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि मेड इन इंडिया को बढ़ावा देने के साथ रेलवे में भी परिवर्तनकारी सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मेट्रो और रेलवे के लिए आधुनिक कोच विकसित किए जा रहे हैं। स्टेशनों को पुनर्विकसित किया जा रहा है, स्टेशनों पर सौर पैनल लगाए जा रहे हैं और रेलवे स्टेशनों पर एक स्टेशन, एक उत्पाद की दुकानें खोली जा रही हैं। ये सभी पहल रेलवे क्षेत्र में रोजगार के लाखों नए अवसर उत्पन्न कर रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि पिछले एक दशक में लाखों युवाओं को रेलवे में स्थायी सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि नए रेल कोच बनाने वाली फैक्ट्रियों में कच्चे माल की मांग से अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अधिक अवसर उत्पन्न हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रेल संबंधित विशेष कौशल को ध्यान में रखते हुए देश का पहला गति-शक्ति विश्वविद्यालय भी स्थापित किया गया है। रेलवे नेटवर्क के विस्तार के साथ ही नए रेल मंडल और मुख्यालय स्थापित किए जा रहे हैं, जिसका लाभ जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और लेह-लद्दाख जैसे क्षेत्रों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन के साथ ही जम्मू-कश्मीर रेल बुनियादी ढांचे में नई उपलब्धि हासिल कर रहा है, जिसकी चर्चा आज पूरे देश में हो रही है। श्री मोदी ने कहा कि दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज- चिनाब ब्रिज का निर्माण पूरा होने से यह शेष भारत से इस क्षेत्र को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और लेह-लद्दाख के लोगों को काफी सुविधा होगी।
श्री मोदी ने कहा कि अंजी खड्ड ब्रिज भी इस परियोजना का हिस्सा है जो देश का पहला केबल आधारित रेलवे पुल है । उन्होंने कहा कि चिनाब ब्रिज और अंजी खड्ड पुल इंजीनियरिंग के बेजोड़ उदाहरण हैं जो क्षेत्र में आर्थिक प्रगति और समृद्धि को बढ़ावा देते हैं।
प्रधानमंत्री ने इसका उल्लेख किया कि ओडिशा में प्रचूर प्राकृतिक संसाधन और विशाल समुद्र तट है जिससे वहां अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की काफी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में 70,000 करोड़ रुपये से अधिक की कई रेलवे परियोजनाएं चल रही हैं, साथ ही सात गति शक्ति कार्गो टर्मिनलों की भी स्थापना की गई है, जिससे व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है। श्री मोदी ने कहा कि आज ओडिशा में रायगढ़ रेलवे मंडल की आधारशिला रखी गई है, जो राज्य के रेलवे अवसंरचना ढांचे को मजबूती देगा और इससे विशेष कर दक्षिण ओडिशा में पर्यटन, व्यवसाय और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा जहां बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार रहते हैं।
प्रधानमंत्री ने तेलंगाना में चरलापल्ली नए टर्मिनल स्टेशन का उद्घाटन करते हुए आउटर रिंग रोड से जुड़कर क्षेत्रीय विकास को बढ़ाने की इसकी क्षमता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आउटर रिंग रोड से जुड़ा यह स्टेशन क्षेत्र में विकास को काफी बढ़ावा देगा। श्री मोदी ने स्टेशन के प्लेटफॉर्म, लिफ्ट, एस्केलेटर, सौर ऊर्जा से संचालित आधुनिक सुविधाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह संवहनीय बुनियादी ढांचे के निर्माण की दिशा में बढ़ता कदम है। उन्होंने कहा कि नया टर्मिनल सिकंदराबाद, हैदराबाद और काचीगुडा के मौजूदा स्टेशनों पर भीडभाड़ का दबाव कम करेगा जिससे लोगों की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
कार्यक्रम में केंद्रीय रेल, सूचना और प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री श्री जी किशन रेड्डी, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री श्री वी. सोमन्ना, राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू, केंद्रीय मंत्री बंडी संजय कुमार, ओडिशा के राज्यपाल श्री जिष्णु देव वर्मा, तेलंगाना के राज्यपाल श्री हरि बाबू कंभमपति, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला, तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री ए रेवंत रेड्डी और ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण माझी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पृष्ठभूमि
जम्मू-कश्मीर में आवागमन संपर्क और अधिक बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री ने नए जम्मू रेलवे डिवीजन का उद्घाटन किया। उन्होंने पूर्वी तटीय रेलवे के रायगढ़ रेलवे मंडल की आधारशिला भी रखी और तेलंगाना में चरलापल्ली नए टर्मिनल स्टेशन का उद्घाटन किया।
पठानकोट-जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला- भोगपुर-सिरवाल-पठानकोट, बटाला-पठानकोट और पठानकोट से जोगिंदर नगर सेक्शनों को मिलाकर 742.1 किलोमीटर लंबे जम्मू रेलवे डिवीजन स्थापित होने से जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों को काफी लाभ होगा, लोगों की काफी पुरानी लंबित आकांक्षाएं पूरी होंगी और भारत के अन्य हिस्सों से रेल संपर्क में सुधार होगा। इससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे, बुनियादी ढांचे का विकास होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र का समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास होगा।
तेलंगाना के मेडचल-मलकजगिरी जिले में चरलापल्ली नए टर्मिनल स्टेशन को लगभग 413 करोड़ रुपये की लागत से दूसरे प्रवेश मार्ग के प्रावधान के साथ नए कोचिंग टर्मिनल के तौर पर विकसित किया गया है। पर्यावरण अनुकूल इस टर्मिनल में बेहतर यात्री सुविधाएं प्रदान की गई हैं। इससे सिकंदराबाद, हैदराबाद और काचेगुडा में स्थित शहर के मौजूदा कोचिंग टर्मिनलों पर भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी।
प्रधानमंत्री ने पूर्वी तटीय रेलवे के रायगढ़ रेलवे मंडल भवन की आधारशिला भी रखी। इससे ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आस-पास के क्षेत्रों में आवागमन संपर्क में सुधार होगा और क्षेत्र के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
07083/07084 मचिलीपटनम-आजमगढ़- मचिलीपटनम महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (01-01 ट्रिप)
6 Jan, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: रेल प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महाकुंभ मेला विशेष ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 07083/07084 मचिलीपटनम-आजमगढ़- मचिलीपटनम महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन 01-01 ट्रिप चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी।
गाड़ी संख्या 07083 मचिलीपटनम-आजमगढ़ महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (01 ट्रिप)
गाड़ी संख्या 07083 मचिलीपटनम-आजमगढ़ महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 05 फरवरी 2025 को मचिलीपटनम स्टेशन से रात 22.00 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन शाम 17.40 बजे इटारसी एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन शाम 17.15 बजे आजमगढ़ स्टेशन पहुंचेगी।
भोपाल मंडल के इटारसी स्टेशन से होकर गुजरेगी
गाड़ी संख्या 07084 आजमगढ़-मचिलीपटनम महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन (01 ट्रिप)
गाड़ी संख्या 07084 आजमगढ़-मचिलीपटनम महाकुंभ मेला विशेष ट्रेन दिनांक 07 फरवरी 2025 को रात्रि 19.45 बजे आजमगढ़ स्टेशन से प्रस्थान कर, अगले दिन 15.40 बजे इटारसी एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 09.00 बजे मचिलीपटनम स्टेशन पहुंचेगी।
गाड़ी के हाल्ट
रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में गुदलवल्लेरू, गुदिवाड़ा जंक्शन, विजयवाड़ा जंक्शन, खम्मम, वारंगल, रामागुंडम, मंचेरियल, सिरपुर कागजनगर, बल्हारशाह, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी जंक्शन, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, वाराणसी जंक्शन, शाहगंज जंक्शन स्टेशनों पर रुकेगी।
कोच संरचना
इस विशेष ट्रेन में 09 शयनयान श्रेणी, 02 सामान्य श्रेणी, 08 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी एवं 01 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी के डिब्बे सहित कुल 22 डिब्बे होंगे।
यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें।उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।
देशभर में श्रद्धापूर्वक मनाई जा रही है गुरु गोविंद सिंह जयंती, सीएम मोहन यादव ने दी शुभकामनाएं
6 Jan, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: आज सिख धर्म के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती पूरे देश में प्रकाश पर्व के रूप में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। गुरु गोविंद सिंह जी ने समाज में जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव को खत्म करने की आवश्यकता पर बल दिया। खालसा पंथ की स्थापना के समय उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि जाति, धर्म या लिंग के बावजूद हर व्यक्ति समान है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि 'दसवें गुरु परम श्रद्धेय गुरु गोविंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। आपका पराक्रम, त्याग, परोपकार और प्रखर विचार हम सभी के लिए प्रेम, सहयोग और विश्व कल्याण के प्रति समर्पण की अनंत प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। मैं प्रार्थना करता हूं कि यह पर्व आप सभी के जीवन को ज्ञान, सुख और समृद्धि से आलोकित करे।'
गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन साहस और बलिदान का प्रतीक है
गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म 22 दिसंबर 1666 को बिहार के पटना साहिब में हुआ था। उनका जन्म ऐसे ऐतिहासिक समय में हुआ था जब भारत पर मुगल साम्राज्य का शासन था और सिखों पर कई तरह के अत्याचार हो रहे थे। गुरु गोबिंद सिंह जी के पिता गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। इस बलिदान के बाद गुरु गोबिंद सिंह जी ने दस वर्ष की आयु में सिखों के दसवें गुरु के रूप में गद्दी संभाली। गुरु गोबिंद सिंह जी का जीवन साहस, त्याग और समर्पण का प्रतीक है।
प्रकाश पर्व: गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाओं को याद करने का अवसर
गुरु गोबिंद सिंह जी ने 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस दिन बैसाखी थी और गुरु गोबिंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में एक ऐतिहासिक बैठक आयोजित की थी। इस बैठक में गुरु जी ने अपने अनुयायियों के सामने एक विशेष धर्म की स्थापना की घोषणा की, जो पूरी तरह से धार्मिक और शारीरिक रूप से मजबूत है। इस दिन को "खालसा पंथ की स्थापना" के रूप में मनाया जाता है। खालसा पंथ का उद्देश्य सिखों को एकजुट करना और उन्हें धर्म और समाज की रक्षा के लिए तैयार करना था। गुरु जी ने खालसा के अनुयायियों को पाँच ककारों का पालन करने का आदेश दिया जो केश, कड़ा, कृपाण, कच्छा और कंघा हैं। उनका जीवन एक आदर्श है जो सिखाता है कि धर्म, सत्य, न्याय और सेवा के मार्ग पर चलकर ही समाज में वास्तविक परिवर्तन लाया जा सकता है। गुरु गोबिंद सिंह जी की शिक्षाएँ आज भी हमारे समाज का मार्गदर्शन करती हैं।
मुख्यमंत्री ने बल्लेबाजी कर इंटरप्रेस क्रिकेट मैच का किया शुभारंभ
6 Jan, 2025 05:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव यू तो हर खेल में माहिर हैं, लेकिन क्रिकेट में उनका हाथ थोड़ा कच्चा है। जी हां… एक क्रिकेट टूर्नामेंट के शुभारंभ पर पहुंचे सीएम ने बल्ला थामा, लेकिन वह क्लीन बोल्ड हो गए। हालांकि उन्होंने दूसरी गेंद पर जोरदार शॉट मारा। दिलचस्ब खेल का वीडियो आया सामने।
सोमवार को राजधानी भोपाल के ओल्ड कैम्पियन मैदान पर 'इंटरप्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट' का शुभारंभ हुआ। जहां सीएम डॉ मोहन यादव भी बल्ला थामे और शॉट्स लगाते हुए हुए नजर आए। हालांकि वह चौका छक्का तो नहीं लग पाए, साथ ही बोल्ड भी हो गए। पहली बाल पर ही स्टंप आउट हुए , लेकिन दूसरी बाल पर लगया जोरदार शॉट। सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है वीडियो।
बता दे यह शुभारंभ एक अवसर था जिस पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन ने आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि 'खेलों में होने वाली स्पर्धा कहीं ना कहीं आपको आगे बढ़ती है और शरीर भी स्वस्थ रहता है'। इसके साथ ही सीएम ने क्रिकेट स्टेडियम को लेकर भी बात करी।
भोपाल से महाकुंभ के साथ वाराणसी, गंगासागर एवं पुरी यात्रा के लिए रवाना होगी भारत गौरव पर्यटक ट्रैन
6 Jan, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है।
भोपाल मंडल के रानी कमलापति एवं इटारसी से होकर गुजरेगी
यह ट्रेन 6 फरवरी 2025 को इंदौर से “महाकुंभ के साथ वाराणसी, गंगासागर और पुरी यात्रा” के लिए प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन इंदौर, देवास, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, रानी कमलापति, इटारसी, नरसिंहपुर, जबलपुर और कटनी स्टेशनों से होकर गुजरेगी, जहाँ यात्री इस पर सवार हो सकते हैं। आठ रातों और नौ दिनों की इस यात्रा में वाराणसी, प्रयागराज (महाकुंभ), गंगासागर, कोलकाता और पुरी के प्रमुख दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
तीन श्रेणियों में शुल्क निर्धारित
आईआरसीटीसी ने इस यात्रा के लिए तीन श्रेणियों में शुल्क निर्धारित किया है। स्लीपर इकॉनमी श्रेणी के लिए ₹24,500 प्रति व्यक्ति, 3एसी स्टैंडर्ड श्रेणी के लिए ₹34,400 प्रति व्यक्ति और 2एसी कम्फर्ट श्रेणी के लिए ₹42,600 प्रति व्यक्ति शुल्क रखा गया है। इस सर्व-समावेशी पैकेज में आरामदायक रेल यात्रा, ऑन-बोर्ड और ऑफ-बोर्ड भोजन, गुणवत्तापूर्ण बसों से दर्शनीय स्थलों का भ्रमण, यात्रा कार्यक्रम के अनुसार आवास व्यवस्था, टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑन-बोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग सेवाएं शामिल हैं।
महाकुंभ प्रयागराज के लिए आईआरसीटीसी की टेंट सिटी की अलग से बुकिंग भी उपलब्ध है, जिसे आईआरसीटीसी की वेबसाइट www.irctctourism.com पर या अधिकृत एजेंट के माध्यम से कराया जा सकता है।
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