मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए नई ट्रेनों की सौगात, 40 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा
8 Jan, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए रेलवे डिवीजन की ओर से स्पेशल ट्रेनों की नई सौगात। अगर आप महाकुंभ में जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। रेलवे ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मध्य प्रदेश से 40 स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। ये ट्रेनें 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेंगी और मध्य प्रदेश के 35 से अधिक स्टेशनों से होकर गुजरेंगी। इनमें से अधिकांश ट्रेनों में सीटें उपलब्ध हैं, जबकि कुछ ट्रेनों में वेटिंग भी है।
14 से अधिक ट्रेनों में सीटें उपलब्ध
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रयागराज कुंभ में मध्य प्रदेश से लाखों लोग शामिल होंगे। अब तक घोषित 40 ट्रेनों में से 14 से अधिक ट्रेनों में स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी श्रेणी में सीटें उपलब्ध हैं। रेलवे ने नैनी स्टेशन पर 8 ट्रेनों को स्टॉपेज भी दिया है।
प्रमुख विशेष रेलगाड़ियाँ और उनके मार्ग
बलिया-विश्वामित्री महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन
- 09029 विश्वामित्री-बलिया: 17 फरवरी को प्रस्थान
- 09030 बलिया-विश्वामित्री: 18 फरवरी को प्रस्थान
गुंटूर-आजमगढ़-विजयवाड़ा महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन
- 07081 गुंटूर-आजमगढ़: 14 फरवरी को प्रस्थान
- 07082 आजमगढ़-विजयवाड़ा: 16 फरवरी को प्रस्थान
उधना-बलिया महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन
- 09031 उधना-बलिया: 17 जनवरी और 16 फरवरी को प्रस्थान
- 09032 बलिया-उधना: 18 जनवरी और 17 फरवरी को प्रस्थान
डॉ. अम्बेडकर नगर-बलिया महाकुम्भ मेला विशेष रेलगाड़ी
- 09371 डॉ. अंबेडकर नगर-बलिया: 22, 25 जनवरी और 8, 22 फरवरी को प्रस्थान।
- 09372 बलिया-डॉ. अंबेडकरनगर : 23, 26 जनवरी और 9, 23 फरवरी को प्रस्थान
गया-वापी महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन
- 09017 वापी-गया: 9, 16, 18, 20, 22, 24 जनवरी और 7, 14, 18, 22 फरवरी को प्रस्थान
- 09018 गया-वापी: 10, 17, 19, 21, 23, 25 जनवरी और 8, 15, 19, 23 फरवरी को प्रस्थान
वलसाड-दानापुर-वलसाड महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन
- 09019 वलसाड-दानापुर: 8, 17, 21, 25 जनवरी और 8, 15, 19, 26 फरवरी को प्रस्थान
- 09020 दानापुर-वलसाड: 9, 18, 22, 26 जनवरी और 9, 16, 20, 27 फरवरी को प्रस्थान
छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-मऊ कुंभ मेला विशेष ट्रेन
-01033 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-मऊ: 09, 17, 22, 25 जनवरी और 05, 22 और 26 फरवरी को प्रस्थान
-01034 मऊ-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस: 10, 18, 23, 26 जनवरी और 06, 23 और 27 फरवरी को प्रस्थान
पुणे - मऊ कुंभ मेला विशेष ट्रेन
– 01455 पुणे - मऊ: 08, 16, 24 जनवरी और 06, 08 और 21 फरवरी को प्रस्थान
– 01456 मऊ-पुणे: 9, 17, 25 जनवरी और 07, 21 फरवरी को प्रस्थान 09 और 22 फरवरी
नागपुर-दानापुर कुंभ मेला स्पेशल ट्रेन
– 01217 नागपुर-दानापुर: 26 जनवरी 05, 09 और 23 फरवरी को प्रस्थान
– 01218 दानापुर-नागपुर: 27 जनवरी 06, 10 और 24 फरवरी को प्रस्थान
रानी कमलापति-बनारस-रानी कमलापति कुंभ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन
– 01661 रानी कमलापति-बनारस: 16 जनवरी 2025 से 20 फरवरी 2025 तक हर सोमवार और गुरुवार को प्रस्थान
– 01662 बनारस-रानी कमलापति: 17 जनवरी 2025 से 21 फरवरी 2025 तक हर मंगलवार और शुक्रवार को प्रस्थान
सोगरिया-बनारस कुंभ मेला एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन
– 09801 सोगरिया-बनारस: 17 जनवरी 2025 से हर मंगलवार और शुक्रवार को प्रस्थान 21 फरवरी 2025 तक
– 09802 बनारस-सोगरिया: 18 जनवरी 2025 से 19 फरवरी 2025 तक प्रत्येक बुधवार और शनिवार को प्रस्थान
महाकुंभ मेले के लिए इन ट्रेनों को नैनी स्टेशन पर अस्थायी ठहराव दिया गया
22683 यशवंतपुर-लखनऊ एक्सप्रेस 13 जनवरी से 24 फरवरी 2025 तक (7 ट्रिप) दोपहर 12:00 बजे नैनी स्टेशन पर पहुंचेगी और दोपहर 12:02 बजे रवाना होगी।
22684 लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस 9 जनवरी से 27 फरवरी 2025 तक (8 ट्रिप) दोपहर 1:08 बजे नैनी स्टेशन पर पहुंचेगी और दोपहर 01:10 बजे रवाना होगी।
22613 रामेश्वरम-अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 12 जनवरी से 23 फरवरी 2025 तक (7 ट्रिप) नैनी स्टेशन पर रात 9:38 बजे पहुंचेगी और रात 9:40 बजे रवाना होगी।
22614 अयोध्या कैंट-रामेश्वरम एक्सप्रेस 15 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक (7 ट्रिप) नैनी स्टेशन पर सुबह 05:43 बजे पहुंचेगी और सुबह 05:45 बजे रवाना होगी।
12669 पुरात्ची थलाइवर एमजीआर (चेन्नई सेंट्रल)-छपरा जंक्शन एक्सप्रेस 11 जनवरी से 24 फरवरी 2025 तक (14 ट्रिप) नैनी स्टेशन पर सुबह 1:03 बजे पहुंचेगी और सुबह 01:05 बजे रवाना होगी।
12670 छपरा जंक्शन-पुरात्ची थलाइवर एमजीआर (चेन्नई सेंट्रल) एक्सप्रेस 13 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक (14 ट्रिप) नैनी स्टेशन पर सुबह 4:48 बजे पहुंचेगी और सुबह 04:50 बजे रवाना होगी। 12539 यशवंतपुर-लखनऊ एक्सप्रेस 8 जनवरी से 26 फरवरी 2025 तक (8 ट्रिप) नैनी स्टेशन पर सुबह 4:13 बजे पहुंचेगी और सुबह 04:15 बजे रवाना होगी।
12540 लखनऊ-यशवंतपुर एक्सप्रेस 10 जनवरी से 21 फरवरी 2025 तक (7 ट्रिप) नैनी स्टेशन पर सुबह 1:58 बजे पहुंचेगी और सुबह 02:00 बजे रवाना होगी।
सीट उपलब्धता
महाकुंभ में जाने वाली कई ट्रेनों में सीटें उपलब्ध हैं, जबकि कुछ ट्रेनों में वेटिंग है। विभिन्न ट्रेनों में स्लीपर, थर्ड एसी और सेकंड एसी क्लास में सीटों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
विशेष स्टेशन ठहराव
रेलवे ने नैनी स्टेशन पर कई ट्रेनों का अस्थायी ठहराव दिया है, ताकि कुंभ मेले के दौरान श्रद्धालु यात्रा कर सकें। मध्य प्रदेश के यात्री इस सुविधा का लाभ उठाकर आसानी से कुंभ मेले में शामिल हो सकते हैं।
स्पा सेंटर पर छापेमारी के बाद पुलिस प्रशासन सख्त, कमिश्नर ने दिए आदेश, आदेशानुसार करना होगा ये काम
8 Jan, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: स्पा सेंटर पर छापेमारी के बाद अब अन्य स्पा सेंटरों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा ने सत्यापन को लेकर नया आदेश जारी किया है। अब स्पा सेंटर और ब्यूटी पार्लर के कर्मचारियों की जानकारी थाने को देनी होगी। ऐसा न करने वालों पर कार्रवाई होगी। इससे पहले सत्यापन के आदेश आए थे। इनमें किराएदारों और व्यावसायिक जगहों पर काम करने वालों का सत्यापन कराने का आदेश था। यह पहली बार है जब स्पा सेंटर और ब्यूटी पार्लर को अलग से शामिल किया गया है।
जारी हुए ये आदेश
किराएदारों और घर में काम करने वाले नौकरों का सत्यापन कराना होगा। होटल, लॉज, धर्मशालाओं में ठहरने वालों की जानकारी थाने को देनी होगी। संचालक को हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की जानकारी थाने को देनी होगी। निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों का सत्यापन ठेकेदार को कराना अनिवार्य हो गया है। संचालक को ट्रैवल वाहन किराए पर देने वाले व्यक्ति की जानकारी थाने को देनी होगी। निजी गार्ड एजेंसियों में काम करने वाले लोगों को वेरिफिकेशन करवाना होगा। कोरियर सर्विस में काम करने वाले कर्मचारियों का वेरिफिकेशन अनिवार्य है।
स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना की गई छापेमारी
बता दें कि 4 जनवरी की रात पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्रा के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने बागसेवनिया, एमपी नगर और कमला नगर थाना क्षेत्रों में 15 स्पा सेंटरों की जांच की थी। इस दौरान चार स्पा सेंटरों पर 68 युवक-युवतियां पकड़े गए। इनमें विदेशी युवतियां भी शामिल थीं। कार्रवाई के दौरान पता चला कि कुछ पुलिसकर्मी स्पा संचालकों के संपर्क में थे।
स्पा सेंटर संचालकों के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने आशिमा मॉल में चल रहे चार स्पा सेंटरों के संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया। उन्होंने थाने में काम करने वाले कर्मचारियों की जानकारी नहीं दी। स्पा सेंटरों में मिलीभगत और सहभागिता के आरोपी पुलिसकर्मियों के सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल की जांच की जा रही है।
महिला कांस्टेबल समेत दो पुलिसकर्मी निलंबित
स्पा सेंटर संचालकों से मिलीभगत के मामले में दो पुलिसकर्मियों को बर्खास्त कर दिया गया है। इनमें एक क्राइम ब्रांच का कांस्टेबल और दूसरी महिला कांस्टेबल है। जांच के दायरे में अन्य पुलिसकर्मी भी हैं, जिनकी जांच एक महिला अधिकारी को सौंपी गई है।
परिचित ने लोन दिलाने के बहाने नजदीकिया बढ़ाकर विवाहिता से किया दुष्कर्म
8 Jan, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। पिपलानी पुलिस ने विवाहिता की शिकायत पर उसके परिचित युवक के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। आरेापी ने लोन दिलाने के बहाने उससे नजदीकियां बढ़ाई और एक दिन महिला उसके घर जा धमका। महिला को घर पर अकेला पाकर उसने डरा-धमकाकर अपनी हवस का शिकार बना डाला। इसके बाद आरोपी लगातार उसका शारीरिक शोषण करने लगा। तंग आकर पीड़िता पुलिस के पास जा पहुंची। पुलिस ने मुताबिक इलाके में स्थित एक बस्ती में रहने वाली 27 वर्षीय महिला ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया की शादी से पहले उसकी करोंद इलाके में रहने वाले पवन गोस्वामी नामक युवक से पहचान थी, वह लोन देने वाले समूह के लिए काम करता था। उस समय महिला को खुद का काम करने के लिए लोन की जरुरत थी, उसने इस संबध में पवन से बात की तब उसने लोन दिलाने का झांसा दिया था। इसी दौरान पवन महिला को फोन करता रहता था। बातचीत के दौरान आरोपी ने महिला से कहा कि वह उससे प्रेम करता है, और शादी करना चाहता है। इसके बाद महिला ने पवन से दूरी बना ली और बातचीत करना भी बंद कर दी। कई महीनों तक उनके बीच बात नहीं हुई। आरोप है कि जनवरी 2024 बाद वह महिला को फिर से मैसेज करने अपने किये की माफी मांगने लगा। बीते साल अक्टूबर के महीने में महिला के पति ने दीपावली त्यौहार के समय गांधी मार्केट में दुकान लगाई हुई थी, और त्यौहार के आखिरी दिनो में पति अक्सर देर रात तक दुकान पर ही रहता था। आरोप है कि इसी दौरान 24 अक्टूबर की रात करीब बारह बजे पवन महिला के घर जा धमका। और उसे अकेला पाकर डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म कर डाला। आरोपी ने घटना के बारे में किसी को भी बताने पर उसे समाज में बदनाम करने की धमकी दी। समाज में बदनामी के डर से विवाहिता चुप रही। उसकी खामोशी से आरोपी की हिम्मत बढ़ गई और वह लगातार उसे धमकाते हुए उसका दैहिक शोषण करने लगा। उसकी हरकतो और धमकियों से तंग आकर महिला ने सारी बात पति को बात बताई और थाने पहुंची। पवन गोस्वामी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है।
रिश्वत लेते पकड़ा गया पटवारी: लोकायुक्त पुलिस
8 Jan, 2025 01:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने अभी-अभी एक भ्रष्ट पटवारी को पकड़ा है। आरोपी पटवारी जमीन का नामांतरण करने की एवज में दो हजार की रिश्वत ले रहा था। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ग्वालियर राजेश मिश्रा ने बताया कि लोकायुक्त पुलिस ने सुनील पुत्र गोपाल शर्मा पटवारी हल्का नंबर 33 मौजा सिहोनिया तहसील अंबाह जिला मुरैना को दो हजार की रिश्वत लेते पकड़ा है।
पटवारी सुनील शर्मा ने फरियादी राम मोहन पुत्र मुंशी सिंह गुर्जर निवासी ग्राम खेतोडो गोहद जिला भिंड से ग्राम खुड़ी में खरीदी गई जमीन का नामांतरण करने की एवज में 8 हजार की रिश्वत मांगी थी। बुधवार को जैसे ही राम मोहन ने पटवारी सुनील शर्मा को रिश्वत की दो हजार की रकम दी, लोकायुक्त पुलिस ने उसे पकड़ लिया। ट्रैपिंग करने वाली टीम में डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह, निरीक्षक बृजमोहन नरवरिया, अंजली शर्मा शामिल थे।
महिला की मौत के मामले में दो डॉक्टर सहित हॉस्पिटल अधीक्षक के खिलाफ मामला दर्ज
8 Jan, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी के काटजू अस्पताल में नसबंदी के लिए सिवनी मालवा से आई विवाहिता की मौत के मामले में टीटी नगर पुलिस ने स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनंदा जैन, एनेस्थिसिया विशेषज्ञ डॉ. केलू ग्रेवाल और अधीक्षक प्रवीण सिंह के खिलाफ लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है। यह एफआईआर कोर्ट के निर्देश के बाद दर्ज की गई है। काटजू अस्पताल में नसबंदी ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत हो गई थी। महिला के पति ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रबंधन के अलावा आला अधिकारियों से की लेकिन कोई कार्यवाही न होने पर उन्होनें कोर्ट में परिवाद दायर किया था। पुलिस के अनुसार, 14 मई 2023 को सिवनी मालवा की रहने वाली रीना गौर (38) नसबंदी का ऑपरेशन कराने के लिए भोपाल के काटजू अस्पताल आई थी, जहां उसकी मौत हो गई। रीना का एक ढाई साल का बेटा और साढ़े चार साल की बेटी भी हैं। रीना के पति अविनाश गौर का कहना है कि ऑॅपरेशन से पहले उसकी पत्नि रीना पूरी तरह से स्वस्थ थी। ऑपरेशन थियेटर में ले जाने के 20 मिनट बाद उसकी मौत हो गई। ऑपरेशन के बाद अस्पताल स्टाफ ने उन्हें बताया कि रीना की मौत हार्ट अटैक से हुई। ऑपरेशन थियेटर से पत्नि का शव बाहर लाने पर उन्होनें देखा तो उसका पेट फूला हुआ था, और जीभ बाहर थी। डॉक्टरों और स्टाफ ने उन्हें जानकारी दी कि ऑपरेशन के दौरान अटैक आने से रीना की मौत हुई है। वहीं पति का आरोप है, कि ऑॅपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया देने में लापरवाही बरती गई, जिससे उसकी पत्नी की जान चली गई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामले में आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए आगे की जॉच शुरू कर दी है।
अवैध रूप से हथियार, गोला बारूद बनाने वालों पर सरकार की नजर
8 Jan, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार अब अवैध रूप से हथियार, गोला बारूद बनाने वालों पर कड़ी नजर रखेगी। निर्माण, विक्रय, परिवहन और उपयोग के नियंत्रण के लिए सरकार ने हाई लेवल कमेटी बनाई है। जिसमें चीफ सेक्रेटरी अनुराग जैन को अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं पांच सदस्य के साथ अपर मुख्य सचिव गृह को भी शामिल किया गया है। एक्सपर्ट के तौर पर बैलिस्टिक मामलों की जानकार विनय मिश्रा को भी सदस्य बनाया है। यह कमेटी 10 सप्ताह के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट तैयार कर सुप्रीम कोर्ट के सामने रिपोर्ट पेश करेगी।
प्रदेश की मोहन सरकार ने अवैध हथियारों और गोला-बारूद के निर्माण, विक्रय, परिवहन एवं उसके उपयोग को नियंत्रित करने के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश मुताबिक, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति में अपर मुख्य सचिव गृह को सदस्य सचिव, पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, सचिव विधि एवं विधायी कार्य विभाग और विनय मिश्रा बैलेस्टिक विशेषज्ञ (वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी) को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। समिति 10 सप्ताह में कार्ययोजना तैयार कर प्रभारी अधिकारी के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
‘ई-ऑफिस’ में वन विभाग अव्वल
8 Jan, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। नए साल में मप्र सरकार ने नई और सकारात्मक शुरुआत की है। अब मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय सहित सभी मंत्रालयों और विभागों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू हो गया है। यानी कागजी नोटशीट फाइलों के बजाए मंत्रालय के सभी 56 विभागों में अब ऑनलाइन फाइलें मूव हो रही हैं। मुख्य सचिव ने दो महीने पहले सभी विभागों की एक बैठक लेकर हर हाल में एक जनवरी से ई-ऑफिस सिस्टम पर काम करने का टारगेट दिया था। एक सप्ताह से शुरू ई-ऑफिस सिस्टम के आंकलन (रिव्यू) में चौंकाने वाले नतीजे आए। 56 विभागों में से ई-ऑफिस सिस्टम पर काम करने वालों विभागों में प्रथम स्थान पर मप्र वन विभाग आया है। गौरतलब है कि प्रदेश में ई-ऑफिस सिस्टम तीन चरणों में पूरे प्रदेश में लागू होगा। पहला चरण में 1 जनवरी से यह मंत्रालय में पूरी तरह लागू किया गया है। अब मंत्रालय में सभी फाइलों का मूवमेंट सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक मोड (ई-फाइल) में ही हो रहा है और पूरी कार्यवाही पेपरलेस हो गई है। दूसरे चरण में सभी विभाग प्रमुखों के कार्यालय और तीसरे चरण में सभी जिला स्तर के कार्यालयों को ई-ऑफिस प्रणाली में लाया जाएगा। दूसरे और तीसरे चरण की तारीखें अभी तय नहीं हैं।
स्वास्थ्य शिक्षा विभाग फीसड्डी
मप्र सरकार ने अभी हाल में ही मंत्रालय के सभी 56 विभागों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू हो गया। सभी विभागों ने अपने-अपने कार्यालयों में इस सिस्टम पर काम करना शुरू कर दिया है। मुख्य सचिव ने दो महीने पहले सभी विभागों की एक बैठक लेकर हर हाल में एक जनवरी से ई-ऑफिस सिस्टम पर काम करने का टारगेट दिया था। एक सप्ताह से शुरू ई-ऑफिस सिस्टम के आंकलन (रिव्यू) में चौंकाने वाले नतीजे आए। 56 विभागों में से ई-ऑफिस सिस्टम पर काम करने वालों विभागों में प्रथम स्थान पर मप्र वन विभाग आया है। सातवें स्थान पर लोक निर्माण विभाग व आठवें स्थान पर सहकारिता विभाग है। अंतिम 56 वें नंबर पर स्वास्थ्य शिक्षा है, जहां का आंकलन शून्य है। प्रथम स्थान पर मप्र वन विभाग रहा। दूसरे स्थान पर सामान्य प्रशासन विभाग, तीसरे स्थान पर तकनीकी शिक्षा विभाग, चौथे स्थान पर नगरीय विकास विभाग, पांचवें स्थान पर कृषि विभाग तथा छठवें स्थान पर राजस्व, सांतवे स्थान पर लोक निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी, आठवें स्थान पर सहकारिता, नौवें स्थान पर गृह विभाग तथा दसवें स्थान पर स्कूल शिक्षा विभाग आया है। 13 वें स्थान पर आए पीएचई ने सर्वाधिक 3429 पी. फाइले क्रिएट की, हालांकि ई. फाइल महज 49 ही हो पाया। कुछ विभागों ने तो महज खानापूर्ति के लिए ही ई-ऑफिस सिस्टम पर काम शुरू किया है।
आठ साल पहले शुरू हुआ अभियान
राज्य सरकार ने सबसे पहले वर्ष 2016 से ई-ऑफिस सिस्टम पर काम करने की योजना बनाई थी। इसे पहले मंत्रालय में लागू करना था। इसके बाद इसके विभिन्न संचालनालयों व तीसरे चरण में जिले स्तर पर ई-ऑफिस सिस्टम लागू करना था। उस दौरान इस सिस्टम के लिए सभी विभागों में कंप्यूटर लगाए गए। साल भर प्रशिक्षण चलता रहा। करोड़ों रुपए पानी की तरह बहाया गया। किंतु सिस्टम पर काम शुरू नहीं हो पाया। यह सब होते हुए 8 वर्ष बीत गए। इस बार फिर से ई-ऑफिस सिस्टम पर काम शुरू करने की तैयारी हुई। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों को लक्ष्य दिया। विभागों ने भी इसे काफी संजीदगी से लिया। गृह विभाग ने तो अपने कर्मचारियों से साफ कर दिया कि हर हाल में ई-ऑफिस सिस्टम पर काम शुरू करें, अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सूत्र बताते हैं कि अभी भी कई ऐसे विभाग हैं, जो ई- ऑफिस सिस्टम पर काम शुरू नहीं करना चाहते हैं। ऐसे अधिकारियों व उस विभाग के कर्मचारियों का मानना है कि पुरानी व्यवस्था फिर से शुरू हो जाएगी। एक कर्मचारी ने बताया कि वे तो पूरी शिद्दत से इस पर काम करना चाहते हैं, पर उनके विभाग के अधिकारी ही इसके लिए गंभीर नहीं हैं। इस वजह से ई-ऑफिस सिस्टम पर काम शुरू करने में अड़चनें आ रही है। यदि विभागों की यही रफ्तार रही तो आने वाले दिनों में यह सिस्टम भी पुरानी व्यवस्था का भेंट चढ़ जाएगा।
विभागों की परफॉर्मेंस
प्रदेश में ई-ऑफिस सिस्टम लागू होने के बाद से लगभग सभी विभाग फाइलों को ऑनलाइन मुवमेंट पर जोर दे रहे हैं। ई-ऑफिस सिस्टम को लेकर विभागों की परफॉर्मेंस पर गौर करें तो मंत्रालय के विभागों में प्रथम स्थान पर आए वन विभाग ने कुल 1060 फाइलें मूव की, जबकि सबसे अधिक 9962 फाइलें सामान्य प्रशासन विभाग ने मूव किया है। तीसरे स्थान पर आए तकनीकी शिक्षा विभाग ने महज 28, नगरीय विकास विभाग ने 909, कृषि विभाग ने 69 राजस्व विभाग ने 3158 तथा पीडब्ल्यूडी ने 1421 फाइलें मूव की। स्वास्थ्य शिक्षा सभी मापदंडों पर फिसड्डी रहा। इनका परफारमेस जीरो रहा। महज 11 विभाग ही 50 या उससे फाइले क्रिएट कर सकी। बाकी सभी विभाग उससे नीचे प्रदर्शन किए हैं। आश्चर्य की बात यह कि 56 में से महज 25 विमाग ही ऐसे हैं. जहां 20 से अधिक फाइले क्रिएट हुई और ई-ऑफिस सिस्टम पर काम सुचारू पूर्वक शुरू हुआ। बाकी सभी विभागों का प्रदर्शन बेहद ही शर्मनाक रहा। यह भी आश्चर्य है कि इस सिस्टम पर काम करने में एक तरफ जहां सभी तरह से सिस्टम को सुचारू बनाया गया है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री सचिवालय को जाने वाली फाइलों के लिए अभी सिस्टम में कोई भी ऑप्शन नहीं है। ऐसे में यदि कोई मुख्यमंत्री कार्यालय में फाइलें भेजना चाहते तो ऑप्शन नहीं होने से ऐसा नहीं हो सकता। अब वहां की फाइलें पारंपरिक तरीके से ही जाएगी। कई अन्य तरह की दिक्कतें भी कर्मचारियों के सामने आ रही है।
4 दिन में तैयारी होगा बजट 2025-26 का खाका
8 Jan, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मप्र में आगामी बजट की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्य सचिव अनुराग जैन के दिशा निर्देशन में चार दिनों तक सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारी मंथन करेंगे। 15 जनवरी को वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा के सामने नए बजट का प्रेजेंटेशन पेश करेंगे। सभी विभागों के बजट और महा अभिलेखाकर को पेश किए जाने वाली रिपोर्ट पर भी चर्चा होगी। बजट की तैयारी का जो शेड्यूल तय किया गया है उसके अनुसार 8 जनवरी से विभागवार समीक्षा शुरू होगी, जो 9, 10 और 11 जनवरी को भी जारी रहेगी। हर विभाग को बैठक के लिए औसतन 15 मिनट का समय दिया गया है। इस दौरान संबंधित विभाग को अतिरिक्त बजट मांग के लिए प्रेजेंटेशन भी देना होगा। साथ ही बजट खर्च का ब्यौरा देना होगा। विभागीय बैठकों का सिलसिला 11 जनवरी तक चलेगा। जानकारी के अनुसार साल के पहले ही दिन वित्त विभाग से सभी विभागों के अधिकारियों को पत्र लिखकर बजट पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया गया है। वित्त विभाग के साथ विभागीय अधिकारियों की बैठकों का सिलसिला 8 जनवरी से मंत्रालय में शुरू होने जा रहा है। हर विभाग की अलग से बैठक होगी, जिसमें विभाग प्रमुखों को बजट पर सुझावों के साथ आने को कहा गया है। वित्त विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार बजट बैठकों में विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव एवं सचिव स्तर के अधिकारी शामिल रहेंगे। जिसमें विभाग के पास उपलब्ध मौजूदा बजट की स्थिति, केंद्रीय सहयोग से चलने वाली योजनाओं के लिए बजट की स्थिति एवं आगामी वित्त वर्ष में योजनाओं एवं विभाग पर होने वाले खर्च के अनुमान पर चर्चा होगी।
कमाई बढ़ाने पर भी चर्चा
बजट पर चर्चा के दौरान सामान्य विभाग मांग पर चर्चा करते हैं, लेकिन अब राजस्व लक्ष्य हासिल करने वाले विभाग कमाई बढ़ाने पर भी चर्चा करते हैं। जिसमें वाणिज्यिक कर, आबकारी, परिवहन, राजस्व, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, पर्यटन के अलावा अन्य विभाग भी शामिल हैं। अतिरिक्त कमाई के सुझाव देने वाले विभागों का प्रस्ताव वित्त विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रियों की बैठक में जाता है। इसके बाद इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है। पिछली बैठकों में भी सरकार राजस्व प्राप्ति के अतिरिक्त साधनों पर चर्चा कर चुकी है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा पा रही है। सभी विभागों के अधिकारी 4 दिन तक बजट पर बैठक करेंगे। इसके बाद वित्त मंत्री की अध्यक्षता में सभी विभागों के मंत्री बजट पर मंथन करेंगे। मुख्यमंत्री भी इस बैठक में मौजूद रह सकते हैं। वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मंत्रियों की बैठक के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में अलग-अलग समय पर बजट को लेकर बैठकें होंगी, जिनमें मुख्यमंत्री एवं मंत्री सरकार की प्राथमिकता तय करेंगे। इनमें तय होगा कि किस क्षेत्र में करों में कटौती की जाए और कहां-कहां करों में बढ़ोत्तरी की जाए। इसके बाद वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बजट प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
विभागवार बैठकों का शेड्यूल
8 जनवरी को वाणिज्यिक कर, खनिज संसाधन, परिवहन, योजना, आर्थिकी एवं सांख्यिकी, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन, प्रवासी भारतीय, पर्यावरण, पर्यटन, विमानन, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, संस्कृति, सूक्ष्य लघु एवं मध्यम उद्यम, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के बजट पर चर्चा होगी। 9 जनवरी को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, खेल एवं युवा कल्याण, स्कूल शिक्षा, वन, महिला एवं बाल विकास राजस्व, आनंद, जनसंपर्क और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग। 10 जनवरी को आयुष, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास, घुमंतू एवं अद्र्धघुमंतू जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा, अनुसूचित जाति कल्याण, जनजातीय कार्य, वित्त, मछुला कल्याण तथा मतस्य विभाग, कुटीर एवं उद्योग, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जनकल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग। 11 जनवरी को लोक सेवा प्रबंधन, गृह, विधि एवं विधायी कार्य, श्रम, संसदीय कार्य, सामान्य प्रशासन, जेल, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नर्मदा घाटी विकास, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, जल संसाधन, लोक निर्माण, ऊर्जा, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी विकास, सहकारिता, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण और किसान कल्याण एवं कृषि विभाग।
तीन लाख करोड़ से अधिक का बजट
प्रदेश का वर्ष 2024-25 का बजट 3 लाख 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। 22 हजार करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट के माध्यम से भी विभागों को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई है। इसे देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि वर्ष 2025-26 का बजट चार लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो चार जातियां गरीब, किसान, युवा और महिला, बताई हैं, उसको ही केंद्र में रखा जाएगा। बजट का खाका भी युवा, महिला, गरीब और किसानों के लिए चलाए जाने वाले मिशन को आगे बढ़ाने की दृष्टि से खींचा जा रहा है। सभी विभागों में इन चारों वर्गों के लिए संचालित योजनाओं के लिए आवश्यकता के अनुसार प्रविधान होंगे। बजट में इन्हें अलग से प्रदर्शित भी किया जाएगा और एक विभाग को नोडल बनाया जाएगा। यह ठीक कृषि, चाइल्ड और जेंडर बजट जैसा होगा। इसमें अलग से बताया जाता है कि किस वर्ग के लिए क्या वित्तीय प्रविधान किए गए हैं।
रोजगार बढ़ाने पर फोकस
सूत्रों का कहना है कि बजट में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम को बढ़ावा देने, स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन की व्यवस्था के लिए प्रविधान प्रस्तावित किए जाएंगे। किसानों के लिए धान में प्रोत्साहन राशि प्रति हेक्टेयर दो हजार रुपये रखने के साथ प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए भी राशि रखी जाएगी। इसी तरह महिला और गरीबों के लिए प्रविधान होंगे। 15 जनवरी तक इसका खाका तैयार कर माह के अंत में मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। प्रदेश में लागू किए जाने वाले चार मिशन के लिए पिछले दिनों मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित चिंतन बैठक में युवा, महिला, गरीब और किसानों के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। केंद्रीय योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए बजट में राज्यांश रखा जाएगा। उधर, वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी योजनाएं, जिनकी प्रकृति एक जैसी है, उन्हें आपस में मिलाने पर विचार किया जाए। साथ ही जिनके लक्ष्य पूरे हो चुके है, उन्हें बंद किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 5.70 करोड़ हुईं
8 Jan, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मध्य प्रदेश में एक माह से मतदाता सूची को अपडेट करने का काम किया जा रहा है। चुनाव आयोग द्वारा अंतरिम मतदाता सूची जारी की गई है। चुनाव आयोग ने दावे और आपत्ति आमंत्रित की हैं। अंतरिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या बढ़कर 5 करोड़ 70 लाख 92367 हो गई है।
चुनाव आयोग ने इसके पूर्व 28 अक्टूबर 2024 को मतदाता सूची प्रकाशित की थी।उस समय 5 करोड़ 65 लाख 94963 मतदाता थे। पिछले दो माह के अंतराल में 4 लाख 97404 नए मतदाता बढे हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी सुखबीर सिंह ने अंतरिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया है।इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से एसएस उप्पल और कांग्रेस की ओर से जेपी धनोपिया एडवोकेट एवं अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
‘स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन’ युवाओं की ऊर्जा को देगा रचनात्मक दिशा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
7 Jan, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ध्येय मंत्र GYAN पर ध्यान (ग़रीब, युवा, अन्नदाता और नारी) के सशक्तिकरण पर रहा है। उनके सशक्त एवं विजनरी नेतृत्व में राज्य सरकार का भी फोकस युवाओं के सशक्तिकरण पर है। प्रधानमंत्री मोदी के ध्येय मंत्र को धरातल पर लाने के उद्देश्य से प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने, उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित कर उनकी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा देने के लिये "स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन" प्रारंभ किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के विकास में युवाओं की व्यापक क्षमताओं का उपयोग करने के उद्देश्य से डिजाइन किये गए इस मिशन का नामकरण युवाओं (ऊर्जा) के आदर्श स्वामी विवेकानंद के नाम पर किया गया है। इस वर्ष 2025 में उनकी जयंती 12 जनवरी से राज्य स्तरीय मिशन को शुभारंभ किया जाकर सशक्त युवा नेतृत्व से मध्यप्रदेश के विकास का स्वर्णिम अध्याय रचा जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सशक्तिकरण मंत्र के विजन GYAN में शामिल ‘युवा’ (वाय) में शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सेवा जैसे प्रमुख नेतृत्व गुणों को विकसित कर उन्हें सक्षम बनाया जाएगा, जिससे वे प्रदेश के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 15 से 29 वर्ष के युवाओं की संख्या 27.3 प्रतिशत है। इनकी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा दी जाए तो वे देश-प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होंगे। ‘स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन’ के केंद्र में इसीलिए युवाओं को रखा गया है। युवाओं को नेतृत्व सक्षम बनाने के लिये आवश्यक संसाधन और अवसर प्रदान करना ही इस मिशन का मुख्य उद्देश्य है। इसकी पूर्ति के लिए युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावसायिक कौशल का प्रशिक्षण देकर नौकरी के लिए तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मिशन में युवाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ एवं सुदृढ़ बनाया जाएगा, जिससे वे समाज, खेल, संस्कृति, पर्यावरण सुधार और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करते हुए अपने लिए सम्मानजनक स्थान सुनिश्चित करने में समर्थ बन सकें। मिशन का लक्ष्य वर्ष-2030 तक प्रदेश के 70 प्रतिशत युवाओं की आय मानक कुशल श्रेणी श्रमिक के लिए निर्धारित न्यूनतम दर के समान करना है। इसके लिए वर्ष-2028 तक प्रदेश के शत-प्रतिशत युवा को 10वीं एवं 2030 तक 12वीं तक अनिवार्य रूप से शिक्षित किया जाएगा।
मिशन का कार्यक्षेत्र एवं स्तंभ
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन" का ध्येय वाक्य, ‘संवाद-सामर्थ्य-समृदिध’ के माध्यम से ‘आत्म दीपो भवः’ है। इस ध्येय वाक्य के प्रकाश में मिशन के लिए प्रमुख स्तंभ संवाद, शिक्षा, क्षमता संवर्धन, उद्यमिता एवं रोजगार, सामाजिक पहल और अनुश्रवण तय किये गए हैं। इस कार्य के लिए हर्ष (Holistic Assessment of Requirement for Support and Handholding), हुनर (Holistically Upskilling NARi-shakti), दक्ष (Direct Application of Knowledge and Skills) और श्रुति (State wide Reach-out on Understanding Technology and Innovation) जैसी पहल की जाएंगी। युवा-केंद्रित पहलों की प्रगति पर निगरानी रखने के लिए एक प्रभावी तंत्र स्थापित किया जायेगा। कार्यक्रम और पहलों को लगातार परिष्कृत करने के लिए डेटा-संचालित प्रणाली का उपयोग किया जायेगा। इस उद्देश्य के लिए, मिशन के तहत चिन्हित गतिविधियों और लक्ष्यों पर निगरानी रखने के लिए एक अलग पोर्टल विकसित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय विकास परियोजनाओं में युवाओं की भागीदारी उनके कौशल को निखारती है, साथ ही उन्हें जिम्मेदार नागरिक भी बनाती है। ‘युवा शक्ति मिशन’ मध्यप्रदेश के युवाओं के सशक्तिकरण की मजबूत बुनियाद सिद्ध होगा। साथ ही प्रधानमंत्री मोदी के ‘GYAN पर ध्यान’ के मंत्र में शामिल युवा शक्ति के सशक्तिकरण का प्रभावी तंत्र बन कर उभरेगा।
स्वामी विवेकानंद जयंती 12 जनवरी से आरंभ होगा युवा शक्ति मिशन - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
7 Jan, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानन्द की जयंती 12 जनवरी 2025 (युवा दिवस) के अवसर पर स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन प्रारंभ किया जायेगा। मिशन के प्रमुख उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास निर्माण, प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी के साथ उनके कौशल उन्नयन और प्रतिभा को निखारने की गतिविधियों को बढ़ावा देना है। मिशन के प्रमुख घटक संवाद, सामर्थ्य (योग्यता) और समृद्धि, है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले दिए गए अपने संबोधन में यह जानकारी दी। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति से भी अवगत कराया। मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले युवा शक्ति मिशन पर प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपने विचार भी रखे।
सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन, इंदौर संभाग में जारी अधोसंरचनात्मक कार्यों की प्रगति की प्रत्येक 15 दिन में हो समीक्षा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
7 Jan, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सिंहस्थ-2028 में उज्जैन और इंदौर संभाग गतिविधियों के मुख्य केंद्र रहेंगे। इन संभागों में 2 ज्योतिर्लिंग होने से श्रद्धालुओं का आवागमन तथा धार्मिक गतिविधियां तुलनात्मक रूप से अधिक होंगी। इंदौर-उज्जैन संभाग में जारी विभिन्न विभागों के कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों, यह मॉनिटरिंग प्रत्येक 15 दिन में सुनिश्चित करें। सक्षम स्तर के अधिकारी बैठक कर, कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। ऐसे विषय जिन में उच्च स्तर से समन्वय या मार्गदर्शन आवश्यक है, वे विषय राज्य शासन के संज्ञान में लाए जाएं। निर्माण एजेंसियों को सौंपे गए कार्यों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग सुनिश्चित कर विलंब के कारणों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में हुई सिंहस्थ-2028 की मंत्रि-मंडलीय समिति की द्वितीय बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उज्जैन तथा इंदौर जिलों में नवीन बस अड्डों के विकास के लिए दिए गए निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अधोसंरचना से संबंधित जिन कार्यों के निर्माण में अधिक समय लगना है, उन सब की मंत्रि-मंडलीय समिति से स्वीकृति प्राप्त करने और निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने का कार्य मार्च-2025 तक कर लिया जाए। जल प्रदाय, सीवरेज के कार्य तत्काल आरंभ किए जाएं। इसके साथ ही उज्जैन तथा इंदौर जिलों में बस अड्डों की क्षमता वृद्धि या नवीन बस अड्डों के विकास की कार्य योजना भी मार्च-2025 तक तैयार की जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए समस्त विभागों के अधोसंरचनात्मक कार्यों की कार्य-योजना को सितंबर-2025 तक अंतिम रूप दिया जाए।
प्रयागराज कुंभ के साथ ही हरिद्वार कुंभ मॉडल का भी होगा अध्ययन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 की व्यवस्थाओं को श्रेष्ठतम स्वरूप देने के लिए प्रयागराज कुंभ के साथ ही हरिद्वार कुंभ मॉडल का अध्ययन भी किया जाएगा। प्रयागराज कुंभ पूर्ण होने के बाद वहां क्रॉउड मैनेजमेंट, ड्रोन सर्वे, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग तथा अन्य गतिविधियों में लगी कंपनियों व स्टार्ट-अप का उज्जैन में सम्मेलन आयोजित कर वहां की बेस्ट प्रैक्टिसेस का क्रियान्वयन सिंहस्थ-2028 में करने की कार्य योजना बनाई जाएगी।
रेलवे से समन्वय के लिए विशेष सेल गठित किया जाए
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रद्धालुओं के आवागमन में सुगमता के लिए रेलवे से समन्वय के उद्देश्य से विशेष सेल गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घाटों तक श्रद्धालुओं के आसानी से आवागमन के लिए उपयुक्त पहुंच मार्ग विकसित किए जाएं। उज्जैन, इंदौर और देवास में होने वाले निर्माण कार्यों में सीवरेज, स्वच्छता और हरियाली का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पर्यटकों की सुविधा की दृष्टि से धर्मशालाओं के उन्नयन के लिए भी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 को देखते हुए, आवश्यकतानुसार विभागों में प्रशासकीय संरचनाओं का विस्तार तत्काल किया जाए।
सिंहस्थ, सदियों पुरानी सनातन परम्परा को जीवंत करने का उत्सव - मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सिंहस्थ, सदियों पुरानी सनातन परम्परा को जीवंत करने का उत्सव है। सिंहस्थ-2028 में पधार रहे श्रद्धालुओं के आवागमन और उनकी सुविधाजनक आवास व्यवस्था के लिए इंदौर, उज्जैन और देवास क्षेत्र में समन्वित रूप से व्यवस्थाएं विकसित की जाएं।
क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह के लिए जारी है कार्य
बैठक में जानकारी दी गई कि मंत्रि-मंडलीय समिति द्वारा प्रथम बैठक में जल संसाधन, ऊर्जा, लोक निर्माण, संस्कृति, पुरातत्व और नगरीय विकास एवं आवास विभाग के लगभग 5 हजार 955 करोड़ रूपए लागत के 19 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। बैठक में क्षिप्रा नदी में निरंतर जल प्रवाह के लिए संचालित योजना सहित क्षिप्रा व कान्ह नदी पर प्रस्तावित बैराजों के निर्माण, कान्ह नदी डायवर्शन और घाट निर्माण की अद्यतन स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके साथ ही महाकाल लोक कॉरीडोर में पाषाण प्रतिमाओं के निर्माण, इंदौर-उज्जैन मार्ग के सिक्स लेन में चौड़ीकरण कार्य सहित उज्जैन के महत्वपूर्ण मार्गों, उज्जैन शहर की सीवरेज परियोजना आदि का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
गृह, पर्यटन, संस्कृति तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के कार्यों को मिली स्वीकृति
मंत्रि-मंडलीय समिति ने गृह, पर्यटन, संस्कृति तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के एक हजार 451 करोड़ रूपए लागत के 56 कार्य को स्वीकृति प्रदान की। इनमें गृह विभाग के अंतर्गत निर्मित होने वाले कंपोजिट कंट्रोल रूम उज्जैन, नवीन थाना भवन, इंटीग्रेटेड कमाण्ड एवं कंट्रोल सेंटर खण्डवा सहित उज्जैन, खण्डवा, देवास, इंदौर, आगर-मालवा, खरगोन में बनने वाले पुलिस आवास, थाना, ट्रांजिट हॉस्टल व कैम्प, बैरक आदि शामिल हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अंतर्गत सिंहस्थ के दौरान आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण 5 सड़कों के चौड़ीकरण कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
महेश्वर में नर्मदा रिसोर्ट, ओंकारेश्वर में नवीन होटल, मंदसौर में पर्यटन सुविधा केन्द्र भी होंगे विकसित
मंत्रि-मंडलीय समिति ने पर्यटन विभाग के अंतर्गत उज्जैन में होटल महाराजबाड़ा द हेरिटेज, ग्रांड होटल, क्षिप्रा रेसीडेंसी तथा होटल उज्जैयिनी के उन्नयन, मंदसौर में पर्यटन सुविधा केन्द्र के उन्नयन और ओंकारेश्वर सर्किट विकास के अंतर्गत इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर और महेश्वर में यात्री सुविधाओं के विकास को स्वीकृति प्रदान की गई। नर्मदा रिसोर्ट महेश्वर, चोरल रिसोर्ट इंदौर, ओंकारेश्वर में नवीन होटल निर्माण और उज्जैन के होटल अवंतिका के उन्नयन कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। संस्कृति विभाग के अंतर्गत लाल बाग पैलेस परिसर इंदौर के उन्नयन, दरबार हॉल राजबाड़ा इंदौर के अनुरक्षण और विकास कार्य, ओंकारेश्वर स्थित ममलेश्वर मंदिर कॉम्पलेक्स के विकास और वीर दुर्गादास जी की उज्जैन स्थित छतरी के विकास और अनुरक्षण कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, परिवहन मंत्री श्रीउदय प्रताप सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, संस्कृति, पर्यटन धार्मिक न्यास और धर्मस्व राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री गौतम टेटवाल, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
पंजीकृत गौ-शालाओं के गौवंश को मिलेगा 40 रुपए प्रतिदिन अनुदान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
7 Jan, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार गौ-संरक्षण एवं गौ-संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है गौ-वंश की उचित देखभाल हो, उन्हें समुचित आहार एवं पोषण मिले और इसके साथ पशुपालकों की आय भी बढ़े। इसके लिए सरकार कई योजनाएं ला रही है। प्रदेश में पशुपालन एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। पंजीकृत गौशाला में रहने वाले पशुओं को पहले 20 रुपए प्रति दिन प्रति पशु आहार अनुदान दिया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 40 रुपए किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादकों को बोनस दिए जाने की भी सरकार की योजना है।। उन्होंने कहा कि गौ-वंश पालन से सीएनजी बॉयोगैस संयंत्र की स्थापना को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज मंत्रालय में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में निर्देश दिए कि प्रदेश में संचालित सभी गौ-शालाओं का निरीक्षण करवाया जाए। अनुदान की राशि का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए। गौ-शालाओं के संचालन में समाज का भी पूरा सहयोग लिया जाना चाहिए। गौ-शाला में गौ-वंश के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पंचायतवार अभियान चलाकर गोचर भूमि खाली कराई जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घरों में गौ-वंश पालने के लिए भी शीघ्र योजना बनाई जाए। गाय का दूध अत्यंत पोषक होता है तथा बच्चों के कुपोषण को दूर करने में इसका महत्वपूर्ण योगदान है। गाय के दूध के उत्पादन एवं विपणन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कुपोषित बच्चों को गाय का दूध उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के बड़े नगरों भोपाल, इंदौर, जबलपुर की तरह अन्य बड़ी नगर पालिकाओं में भी आधुनिक गौ-शालाओं का निर्माण किया जाएगा। प्रदेश में 187.00 लाख गौ-वंश है इनमें से 90.96 प्रतिशत यानी 170.537 लाख देसी नस्ल के गौ-वंश है। प्रदेश में 3.15 लाख गौ-वंश के लिए 2190 गौ-शालाएं संचालित की गई है। इनमें से प्रशासकीय स्वयं सेवी संस्थान द्वारा 627 गौ-शालाएं संचालित की जा रही है। इनमें 1.95 लाख गौ-वंश और मुख्यमंत्री गौ-सेवा योजना के अंतर्गत 1563 गौ-शालाओं में 1.20 लाख गौ-वंश रखे गए हैं।
पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल ने सुझाव दिया कि पालतू एवं निराश्रित गौ-वंश की पहचान के लिए उन्हें अलग-अलग रंग के टैग लगाए जाएं, जिससे गौ-वंश की पहचान आसान हो सके। मंत्री पटेल ने बॉयो सीएनजी संयंत्र लगाने जाने की भी बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन पर सहमति व्यक्त की। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सुझाव दिया कि गौ-वंश की नस्ल सुधारने एवं बछिया उत्पादन के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमन का अधिकाधिक उपयोग किया जाए।
प्रमुख सचिव उमराव ने बताया कि 20 वीं पशु संगणना के अनुसार प्रदेश में एक करोड़ 87 लाख गौ-वंश है। प्रदेश में 2190 पंजीकृत गौ-शालाएं हैं, जिनमें 627 अशासकीय स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित और 1563 गौशालाएं मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना अंतर्गत संचालित हैं। इन गौ-शालाओं में कुल 3 लाख 15 हजार गौ-वंश है, जिन्हें अनुदान दिया जाता है। इसके लिए वित्त वर्ष 2024-25 में कुल 252 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है। जनवरी-2025 से अनुदान राशि 40 रुपए किए जाने पर इस वित्त वर्ष में 34 करोड़ 65 लाख रुपए के अतिरिक्त प्रावधान की आवश्यकता होगी।
स्वामी विवेकानन्द युवा शक्ति मिशन प्रारंभ करने की मंत्रि-परिषद ने दी सैद्धांतिक स्वीकृति
7 Jan, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश के युवाओं के समग्र सामाजिक-आर्थिक विकास के उद्देश्य से युवा-उन्मुखीकरण की गतिविधियों को समन्वित रूप से एक ही मंच पर लाने के लिए स्वामी विवेकानन्द युवा शक्ति मिशन प्रारंभ करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा स्वतंत्रता दिवस 2024 के अवसर पर प्रदेश में चार मिशन अन्नदाता (किसान) कल्याण, युवा शक्ति, नारी शक्ति और गरीब कल्याण को लागू करने की घोषणा की थी। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वामी विवेकानन्द युवा शक्ति मिशन, युवाओं के उन्मुखीकरण की गतिविधियों को समन्वित करने के लिए एक साझेदारी मंच का निर्माण करेगा, जिससे राज्य के विकास को बढ़ावा मिलेगा। स्वामी विवेकानन्द की जयंती 12 जनवरी 2025 (युवा दिवस) के अवसर पर मिशन प्रारंभ किया जायेगा। मिशन के प्रमुख उद्देश्य युवाओं में आत्म-विश्वास निर्माण, प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी के साथ उनके कौशल उन्नयन और प्रतिभा को निखारने की गतिविधियों को बढ़ावा देना है। मिशन के प्रमुख घटक संवाद, सामर्थ्य (योग्यता) और समृद्धि, है।
मिशन के तीन प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गये है। पहला लक्ष्य-प्रत्येक युवाओं की आय का स्तर न्यूनतम कुशल श्रेणी श्रमिक की दर के बराबर लक्षित करना। दूसरा लक्ष्य-प्रत्येक युवा को कक्षा 12वीं तक के स्तर तक शिक्षा पूरी कराने के लिये प्रयास करना। यह लक्ष्य 10वीं में वर्ष 2028 तक तथा 12वीं में वर्ष 2030 तक हासिल किया जायेगा। तीसरा लक्ष्य-प्रत्येक युवा को समाज के हित में सामाजिक पहल का हिस्सा बनाना है। वर्ष 2030 तक 70 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की जायेगी।
दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा
मंत्रि-परिषद द्वारा पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत सहकारी प्रणाली और सांची ब्राण्ड को बड़ा बनाने के उद्देश्य से एम.पी. स्टेट को-ओपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं संबद्ध दुग्ध संघों और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) के मध्य होने वाले सहकार्यता अनुबंध (कोलेबोरेशन एग्रीमेंट) पर सहमति दी गयी। यह निर्णय मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादकों की आय दोगुनी करने एवं दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लिया गया है।
एम.पी. स्टेट को-आपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड एवं राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य कोलेबोरेशन एग्रीमेंट के अनुसार दूध की खरीद सुनिश्चित करने एवं सही कीमत दिलाने में मदद के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में कलेक्शन सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। दुग्ध संघों की प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि की जायेगी। इस तरह अगले 5 सालों में लगभग 1500 करोड़ रूपये का निवेश किया जायेगा। दुग्ध समितियों की संख्या 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार की जायेगी। इस तरह दूग्ध संकलन 10.50 लाख किलोग्राम से बढ़ाकर 20 लाख किलोग्राम किया जायेगा। दुग्ध उत्पादकों की कुल वार्षिक आय 1700 करोड़ रूपये से दोगुना कर 3500 करोड़ रूपये किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। सांची ब्रांड का और व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाकर राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जायेगा।
रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव अब 16 को शहडोल में
7 Jan, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । इस साल 2025 में 24 और 25 फरवरी को भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट और स्थानीय स्तर पर शहडोल में निवेशकों को आमंत्रित करने के लिए इस साल का पहला और सातवां रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव 16 जनवरी को शहडोल में आयोजित किया जा रहा है।
एमपीआईडीसी बनाम औद्योगिक विकास निगम अब तक उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, सहित नर्मदापुरम में 6 रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव के अलावा कोलकाता, हैदराबाद, बेंगलुरु, मुम्बई में रोड शो कर चुका है। एमपीआईडीसी के अधिकारियों का दावा है कि अभी तक हुए रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव में हजारों करोड़ रुपए के निवेश के प्रस्ताव आ चुके हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने इस साल 2025 को औद्योगिक वर्ष घोषित किया है।
कोयला और गैस भंडार के लिए मशहूर
शहडोल संभाग के अंतर्गत तीन जिले शहडोल, उमरिया एवं अनूपपुर आते हैं। चंूकि शहडोल जिला उमरिया और अनूपपुर के मध्य में स्थित है, इसलिये शहडोल संभाग को मुख्यालय बनाया गया है। शहडोल सम्भाग कोयला और गैस भंडार के लिए मशहूर है।
तीन राज्यों को मप्र से जोड़ता है शहडोल
जिले में बड़े उद्योग स्थापित होने से बेरोजगार युवाओ को रोजगार मिलेगा। एमपी का शहडोल जिला देश के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है। सोहागपुर कोलफील्ड एशिया के सबसे बड़े कोयला भंडारों में से एक है। शहडोल में फायर क्ले, मीथेन गैस और अन्य महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं। शहडोल मध्यप्रदेश को छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार से जोड़ता है।
4 हजार से अधिक उद्यमियों ने कराया पंजीयन
इस रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के लिए 4471 उद्यमियों ने उपस्थिति के लिए ऑनलाइन पंजीयन कराया। जिससे अभी तक 12204.2 करोड़ के निवेश का रास्ता साफ हो गया है। औद्योगिक प्रायोजन के लिए मोहन सरकार ने शहडोल में 6797.716 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की है। आपको बता दें प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने साल 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में घोषित किया है।
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