मध्य प्रदेश
अब संघ प्रमुख की शरण में जाएंगे श्रमिक-आउटसोर्स कर्मचारी
9 Jan, 2025 01:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । न्यूनतम पुनरीक्षित वेतन और सरकारी कर्मचारियों को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं न मिलने से आहत आउटसोर्स कर्मचारी एवं श्रमिक अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की शरण में जाएंगे। ऑल डिपार्टमेंट आउटसोर्स अस्थाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा ने तय किया है कि फरवरी में नागपुर जाकर श्रमिकों के प्रति मध्य प्रदेश सरकार का रवैया बताया जाएगा। मोर्चा के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि ऐसा लगता है कि मध्य प्रदेश में जमीदारी प्रथा फिर से लौट आई है। तभी तो ग्राम पंचायतों में चौकीदारों,पंप आपरेटरों, भृत्य, सफाई कर्मियों से 2-3 हजार रुपए महीने में काम कराया जा रहा है।
शर्मा ने बताया कि प्रदेश में चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों के साथ व्यापक स्तर पर अन्याय हो रहा है, यह अन्याय अंग्रेजी हुकूमत, जमीदारी प्रथा की याद दिलाता है। सरकारी विभागों का कंपनीकरण अंग्रेजी राज की वापसी जैसा है, इसीलिए इस अन्याय की जानकारी आरएसएस प्रमुख को देना जरूरी हो गया है। उनसे चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय को समाप्त कराने का आग्रह करेंगे। साथ ही सरकारी विभागों का कंपनीकरण रुकवाने एवं पंचायती राज व्यवस्था को रोजगारन्मुखी बनाए रखने की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों में ठीक वैसी ही स्थिति हो गई है जैसी आजादी से पहले जमीदारी प्रथा में हुआ करती थी। जिसमें काम करने वाले को तुच्छ सा मेहनताना दिया जाता था। शर्मा ने कहा कि आज गांव सबसे अधिक अन्याय के शिकार हैं और ग्रामीण जनता के बीच गरीबी बढ़ रही है, जिसका कारण है ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगारों का समाप्त हो जाना। मनरेगा लगभग ठप है, इस कारण ग्रामीण मजदूरों को काम नहीं मिल रहा है और वे दूसरे जिलों में पलायन को मजबूर हैं। जिन्हें पंचायती राज के तहत काम मिला है, उन्हें 2-3 हजार रुपए दिए जा रहे हैं, वह भी सरपंच सचिव की मेहरबानी पर। इसी तरह मनरेगा में काम कराने वालों को भी कोई मासिक वेतन नहीं मिलता है। अन्याय दूसरे सरकारी विभागों में काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी, ठेका श्रमिकों के साथ भी हो रहा है। तृतीय-चतुर्थ श्रेणी की सारी नौकरियां आउटसोर्स, अस्थाई की जा चुकी हैं। इन कर्मचारियों को भी इतना वेतन मिलता है कि परिवार का ठीक से पेट भी न भर सके। ऐसा लग रहा है कि सरकारी विभागों में सिर्फ अधिकारी सरकारी हैं, बाकी सभी कर्मचारी ठेके पर हैं। शर्मा ने बताते हैं कि 20 साल से मप्र में चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती नहीं हुई, चपरासी, माली, ड्राइवर, चौकीदार, वार्डवाय, सफाईकर्मी की नौकरी सरकार ने नहीं दी है, इसी तरह सरकार के पास खुद का कंप्यूटर आपरेटर तक नहीं है।
मप्र में आ रही मेगा सोलर पावर प्लांट परियोजनाएं
9 Jan, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मप्र सौर ऊर्जा पर अपनी निर्भरता में वृद्धि करने जा रहा है। सरकार का प्लान है कि 2030 तक अपनी आधी बिजली की आपूर्ति सोलर एनर्जी से की जाए। इसके लिए प्रदेश में बंजर, अनुपयोगी कृषि भूमि पर सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। इनके जरिए किसानों को बिजली उत्पादक बनाया जाएगा। यह सोलर प्लांट किसान और निवेशक मिलकर भी लगा सकते हैं। इन सोलर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली को सरकार खरीदेगी। इसके लिए सरकार सोलर प्लांट लगाने वालों से 25 साल का अनुबंध करेगी। इसकी प्रक्रिया ऊर्जा विकास निगम ने शुरू कर दी। सोलर प्लांट लगाने वालों से पंजीयन कराए जा रहे हैं। हर महीने की 15 तारीख तक सोलर प्लांट के लिए रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद एनओसी संबंधित क्षेत्र के सब स्टेशन से लेना होगी।
दरअसल, आठ हजार मेगावाट वाली सौर ऊर्जा की परियोजना मुरैना में स्थापित करने को लेकर मप्र और उत्तर प्रदेश के बीच सहमति बन गई है। वहीं भिंड, शिवपुरी, आगर, धार, अशोकनगर और सागर में साढ़े सात हजार मेगावाट ऊर्जा क्षमता की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। अधिकारियों के अनुसार एमपी में वर्ष 2030 तक बिजली की जरूरत लगभग 40 हजार मेगावाट होगी। इसमें से आधी यानी 20 हजार मेगावाट बिजली सौर ऊर्जा के द्वारा बनाई जाएगी। गौरतलब है कि प्रदेश में वर्तमान समय में 26 हजार मेगावाट बिजली की जरूरत होती है, अभी सौर ऊर्जा से सात हजार मेगावाट बिजली की पूर्ति की जा रही है। जबकि सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 में जब 40 हजार मेगावाट बिजली की आवश्यकता हो सकती है। तब आधी बिजली की पूर्ति सौर ऊर्जा से हो सकती है।
जिलों में लगाए जाएंगे 2033 सोलर प्लांट
प्रदेश के सभी जिलों में 2033 सोलर प्लांट इस स्कीम के तहत लगाए जाएंगे। इसके बाद सोलर प्लांट लगाए जाने की भारत सरकार की कुसुम योजना के तहत यह सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। सबसे ज्यादा 1079 सोलर प्लांट सेंट्रल जोन में लगेंगे। वेस्ट जोन में 372 और ईस्ट जोन में 582 प्लांट लगाए जाएंगे। ये सोलर प्लांट 500 किलोवॉट से 2 मेगावॉट तक होंगे। प्रधानमंत्री कुसुम अ योजना के अंतर्गत यह सोलर प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। परियोजना से उत्पादित विद्युत, शासन द्वारा क्रय की जाएगी, जिससे कृषको को नियमित आय होगी। प्रदेश की वितरण कंपनियों द्वारा चिन्हित सब स्टेशनों से 5 किमी की परिधि में सोलर प्लांट लगेंगे। बिजली कंपनियों ने प्रदेश के सभी सब स्टेशन की लिस्ट ऊर्जा विकास निगम को सौंप दी है। इसके मुताबिक निवेशक और किसान सोलर प्लांट के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना में यह भी प्रावधान है कि यदि कृषक सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए आवश्यक वित्तीय व्यवस्था कर पाने में असमर्थ हैं, तो आपसी समन्वय व सहमति से अपनी भूमि द्विपक्षीय अनुबंध (किसान और विकासक, निवेशक के मध्य) द्वारा लीज रेट पर देकर, जो रुपए प्रति एकड़ प्रति वर्ष के अनुसार तय होगी अथवा रुपए प्रति यूनिट उत्पादित विद्युत प्रति एकड़ के अनुसार तय कर, निवेशक के माध्यम से संयंत्र की स्थापना कर सकेंगे, जिसकी संस्थापना, संचालन एवं रख-रखाव की पूर्ण जिम्मेदारी विकासक, निवेशक की होगी। इससे किसानों की भी निर्धारित आय तय हो जाएगी।
3.25 यूनिट की दर से खरीदी जाएगी बिजली
कृषि भूमि पर लगने वाले सोलर प्लांट से उत्पादित होने व वाली बिजली को 3.25 रुपए प्रति यूनिट की दर से खरीदा जाएगा। इसका अनुबंधन उत्पादक के साथ सरकार और बिजली कंपनी 25 साल के लिए करेगी। ऊर्जा विकास निगम द्वारा निर्धारित सभी सोलर प्लांट अगर प्रदेश में लग जाते हैं, तो आधे से ज्यादा प्रदेश सोलर ऊर्जा से रोशन हो सकता है। परियोजना के संचालन और रख-रखाव का अनुबंध भी मप्र पॉवर मैनेजमेंट कंपनी करेगी।
जिलों में सोलर प्लांट की स्थिति
प्रदेश के कुछ जिलों में सोलर प्लांट की स्थिति इस प्रकार है। भोपाल में 139 प्लांट, बैतूल में 60, होशंगाबाद में 66, हरदा में 33, सीहोर में 64, विदिशा में 61, राजगढ़ में 29, रायसेन में 37, ग्वालियर में 117, अशोकनगर में 21, शिवपुरी में 94, श्योपुर में 77, मुरैना में 70, गुना में 79 और दतिया में 28 प्लांट लगाए गए हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मुकाबला तेज, दिल्ली तक बिठा रहे जुगाड़
9 Jan, 2025 12:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ दिलचस्प होने वाली है। क्योंकि जिला अध्यक्षों के लिए पहले से ही खींचतान चल रही है। इसी तरह प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भी समीकरण बन रहे हैं। कई बड़े नेताओं के नाम दौड़ में हैं। इस पद का इतिहास बताता है कि 1980 से अब तक मालवा क्षेत्र से नेता छह बार अध्यक्ष बन चुके हैं। इनमें सुंदरलाल पटवा, कैलाश जोशी, विक्रम वर्मा जैसे नेता शामिल हैं।
भोपाल से दिल्ली तक बन रहे समीकरण
ग्वालियर-चंबल के नेताओं को चार बार मौका मिला। नरेंद्र सिंह तोमर दो बार प्रदेश अध्यक्ष रहे। इसी तरह शिवराज सिंह महाकौशल से दो बार और मध्य क्षेत्र से एक बार प्रदेश अध्यक्ष रहे। हालांकि बुंदेलखंड और विंध्य के नेताओं की किस्मत उनका साथ नहीं दे रही है। इसका नतीजा यह है कि इस क्षेत्र के नेताओं की प्रदेश अध्यक्ष बनने की हसरत अब तक अधूरी रह गई है। इसीलिए जब भी मध्य प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ शुरू होती है तो विंध्य और बुंदेलखंड के नेता दबी जुबान में कहते रहते हैं कि हमारी बारी कब आएगी। इस बार नियुक्ति के लिए कौन सी रणनीति अपनाई जाएगी, इसके लिए भोपाल से दिल्ली तक समीकरण बनाए जा रहे हैं।
अविभाजित मप्र में इन्हें मिला था मौका
1980 के बाद ऐसा दो बार हुआ है कि छत्तीसगढ़ से भाजपा नेताओं को प्रदेश अध्यक्ष बनने का मौका मिला है। रायगढ़ के लक्खीराम अग्रवाल 1990 से 1994 तक और नंदकुमार राय 1997 से 2000 तक अध्यक्ष रहे। वीडी का रिकॉर्ड: मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा लगातार 58 महीने तक पद पर रहे हैं। इससे पहले पटवा 12 जनवरी 1986 से 8 मार्च 1990 तक अपने दूसरे कार्यकाल में 50 महीने तक अध्यक्ष रहे थे।
नामों पर रार...दिल्ली करेगी समाधान: मप्र भाजपा जिलाध्यक्ष चुनाव
9 Jan, 2025 11:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । संगठन चुनाव की गाइडलाइन के अनुसार मप्र में 15 जनवरी तक प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो जाना चाहिए, लेकिन अभी तक जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा ही नहीं हो पाई है। दरअसल, मप्र भाजपा में जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर मंत्री, सांसद, विधायक में समन्वय नहीं बन पाया है। नामों को लेकर मची रार के बाद अब दिल्ली को समाधान करना है। ऐसे में जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान नहीं हो पाया है। जब तक जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान नहीं होगा अध्यक्ष का चुनाव नहीं होगा। गौरतलब है कि संगठन पर्व में उम्दा प्रदर्शन करने वाला मप्र भाजपा संगठन अब जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में पिछड़ता नजर आ रहा है। तय समय सीमा पांच जनवरी तक अध्यक्षों की घोषणा नहीं हो पाई। वजह नामों पर सहमति नहीं बन पाना है। सूत्रों के मुताबिक दो जनवरी को रायशुमारी में 40 से ज्यादा जिलों पर सहमति बन गई थी। अब उसमें से भी कुछ जिलों में फिर विवाद शुरू हो गया है। इससे सूची अटक गई है। वहीं कई महत्वपूर्ण भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, छिंदवाड़ा, सीहोर, टीकमगढ़, सतना और नर्मदापुरम जैसे जिले भी गायब हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के हजारों कार्यकर्ता दो दिन से भोपाल में डेरा डाले रहे। संभावना थी कि छह की शाम तक तो सूची सामने आ ही जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूत्रों के मुताबिक कई कार्यकर्ता इससे नाराज हैं। माना जा रहा है कि सूची में और देर हुई और पसंद के नेताओं को जिला अध्यक्ष नहीं बनाया गया तो कई कार्यकर्ता हंगामा खड़ा कर सकते हैं। बता दें छत्तीसगढ़ ने अध्यक्षों की नियुक्ति में बाजी मार ली है।
23 जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का विवाद
प्रदेश में भाजपा के नए जिला अध्यक्षों वाली सूची का इंतजार बढ़ता जा रहा है। 23 जिलों में कई दिग्गजों के बीच समन्वय नहीं बनने से मामला उलझा है। प्रदेश भाजपा ने हर स्तर पर सुलह के प्रयास किए, पर बात नहीं बनी। सूत्रों के मुताबिक सत्ता की ओर हस्तक्षेप किया किया, तब भी हल नहीं निकला तो संघ ने भी सुलह के प्रयास किए। अंतत. मामला अब दिल्ली पहुंच गया है। शीर्ष नेतृत्व से प्रदेश संगठन को बुलावा आ गया। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा व प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा दिल्ली पहुंच गए हैं। असल में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति का मामला सिंगल और डबल सूची के बीच में भी उलझ गया है। सूत्रों का कहना है कि जिस प्रकार से नियुक्ति में देरी हुई है, उससे स्पष्ट है कि अब संगठन एक सूची में ही सभी जिला अध्यक्षों की घोषणा कर सकता है। कुछ का ये भी कहना है कि विवादित जिले होल्ड कर 50 से 60 प्रतिशत जिलों की घोषणा की जाएगी, ताकि प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाए।
नहीं सुलझ पा रहा विवाद
सूत्रों के मुताबिक ग्वालियर-चंबल में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, विवेक शेजवलकर से लेकर तमाम नेता जोर लगाए हुए हैं। इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और रीवा में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल के दावेदार के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं। इस कारण ग्वालियर, ग्वालियर ग्रामीण, शिवपुरी, अशोकनगर, भिंड, सागर शहर, सागर ग्रामीण, धार शहर, धार ग्रामीण, भोपाल शहर, भोपाल ग्रामीण, इंदौर शहर, इंदौर ग्रामीण , जबलपुर शहर, जबलपुर ग्रामीण, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सतना, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, सीहोर हाल ही में दो संगठनात्मक जिले सागर और धार में बनाए गए हैं। अब 62 हो गए हैं। संगठन चुनाव के हर चरण में अव्वल रहने वाला मप्र तीसरे चरण में पिछड़ गया है। जिला अध्यक्ष नियुक्ति मामले में छत्तीसगढ़, हिमाचल, असम और नागालैंड ने बाजी मार ली है।
घोषणा का इंतजार
भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के एक दर्ज जिलों में भाजपा संगठन की जिम्मेदारी महिला नेत्रियों को दी जा सकती है। किसी भी जिले में चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले जिलाध्यक्षों को फिर से जिम्मेदारी नहीं मिलेगी और न नेताओं की सिफारिश पर किसी की नियुक्ति होगी। तय किया गया है कि किसी भी जिले में ऐसे जिलाध्यक्षों को दूसरी बार मौका नहीं दिया जाएगा, जो चार साल का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो जिला अध्यक्ष पद के लिए चुनाव बेहद सावधानी के साथ किया जा रहा है। जो पहले ही अपने कार्यकाल के 4 साल पूरे कर चुके हैं, उनको रिपीट किए जाने की संभावना नहीं है। नए व्यक्ति को जिला अध्यक्ष पद के लिए मौका मिलेगा। सूत्रों की मानें तो 40 से ज्यादा जिला अध्यक्षों के नामों पर सहमति बन चुकी है। हालांकि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े जिलों के लिए अभी नाम तय नहीं हो पाए हैं। कहा जा रहा है कि इन शहरों के नाम दिल्ली में ही तय किए जाएंगे। इस संबंध में पर्यवेक्षक रहे एक विधायक ने बताया कि जिलाध्यक्षों के चुनाव में सबसे ज्यादा दबाव जिलाध्यक्षों को रिपीट किए जाने को लेकर है पर पार्टी का प्रदेश नेतृत्व इसके लिए तैयार नहीं है और दिल्ली के फार्मूले के आधार पर ही निर्णय लिया जा रहा है। ऐसे में 4 साल पूरा करने वाले जिलाध्यक्ष बनने की संभावना नहीं है। नए व्यक्ति को जिला अध्यक्ष के पद पर मौका मिल सकता है। साथ ही इस बार महिलाओं को बड़ी संख्या में जिम्मेदारी मिल सकती है।
26 जनवरी के बाद मिशन मोड में दिखेगी कांग्रेस
9 Jan, 2025 10:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । दिल्ली में विधानसभा चुनावी माहौल का रंग मप्र के महू से गहरा दिखाई देगा। 26 जनवरी को महू से राहुल और प्रियंका गांधी जय बापू-जय भीम यात्रा की शुरुआत करेंगे। लेकिन, इस यात्रा के शुरू होते ही मप्र कांग्रेस भी डबल एक्टिव होने जा रही है। कांग्रेस पांच वर्गों पर फोकस कर चौपाल और सम्मेलन करेगी। इसमें प्रदेश के बड़े नेताओं की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जानकारी के अनुसार कांग्रेस महिला, युवा, आदिवासी, किसान और संबंधित क्षेत्र की बड़ी समस्या या मुद्दे पर फोकस करेगी। ब्लॉक स्तर पर पंचायत की जाएगी। साथ ही सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। पीथमपुर में भोपाल गैस त्रासदी के जहरीले कचरे को लेकर किए आंदोलन को कांग्रेस सफल मान रही है। लिहाजा पंचायतों में स्थानीय ज्वलंत समस्याओं पर फोकस किया गया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने बताया कि सत्ताधारियों को जगाने का काम ही विपक्ष का होता है। प्रदेश में सोई हुई भाजपा को जागने के लिए कांग्रेस ने पंचायत और सम्मेलनों का खाका तैयार किया है। हर पंचायत और हर विधानसभा स्तर पर चौपाल लगाई जाएगी। महू से होने वाले आगाज को पूरे प्रदेश में आगे बढ़ाया जाएगा। त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश का हर वर्ग जन विरोधी नीतियों से परेशान है। युवा बेरोजगार है, महिला असुरक्षित है, किसान खेती के लिए परेशान है तो सरकारी महकमों में भारी भ्रष्टाचार है। लिहाजा कांग्रेस जन आंदोलन के जरिए सरकार को नींद से जगाने का काम करेगी।
कांग्रेस अंदरूनी पंचायत में उलझी, सब नाटक
कांग्रेस के बिग एक्टिव प्लान पर भाजपा ने निशाना साधा। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय धवले ने कहा कि कांग्रेस को महू से आंदोलन या यात्रा की शुरुआत नहीं बल्कि माफी यात्रा निकालनी चाहिए। इतिहास गवाह है कि अंबेडकर के खिलाफ कांग्रेसी नेताओं तब क्या-क्या षड्यंत्र किए थे। धवले ने कहा कि प्रदेश में पंचायत और चौपाल की बात करने वाली कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी पंचायत से बाहर नहीं निकल पा रही है। कमलनाथ बैठक में कहते हैं कि मुझे कोई पूछता तक नहीं है, दिग्विजय सिंह भी कमलनाथ के समर्थन में उतरे। कांग्रेस को चाहिए कि पहले जो संगठन में फैला रायता है उसे समेटें। प्रदेश की कमान सुरक्षित हाथों में होने के कारण लगातार प्रगतिमान है। कांग्रेस के झूठे इवेंट को जनता समझ चुकी है।
कांग्रेस-बीजेपी नेताओं को फिल्म दिखाएंगे दिग्विजय सिंह
9 Jan, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कांग्रेस और बीजेपी के नेताओं को फिल्म दिखाएंगे। 13 जनवरी को विधानसभा के मानसरोवर सभागार में फिल्म जंगल सत्याग्रह का प्रीमियर शो आयोजित होगा। दिग्विजय सिंह ने इस शो के लिए कांग्रेस और बीजेपी के विधायकों, सांसदों, पूर्व विधायकों और मंत्रियों समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को निमंत्रण भेजा है।
दिग्विजय सिंह ने सीएम हाउस पहुंचकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को इस फिल्म के प्रीमियर शो में आने का निमंत्रण दिया। दिग्विजय सिंह के पीएस सचिन वत्स और मीडिया कोऑर्डिनेटर योगेंद्र सिंह परिहार ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को भी निमंत्रण भेजा। साथ ही, मोहन सरकार के मंत्रियों और बीजेपी विधायकों को भी निमंत्रण भेजा जा रहा है।
फिल्म बैतूल के आदिवासियों के विद्रोह पर आधारित
स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक बहुचर्चित आंदोलन जंगल सत्याग्रह में बैतूल के आदिवासियों ने अंग्रेजों के खिलाफ 1930 में विद्रोह का बिगुल फूंका था। इस आंदोलन में आदिवासी नायक सरदार गंजन सिंह कोरकू, सरदार विष्णु सिंह गोंड, ठाकुर मोहकम सिंह, रामजी कोरकू और जुगरू गोंड द्वारा 1930 में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जल, जंगल और जमीन के लिए किए गए संघर्ष को फिल्म में दिखाया गया है। इस सत्याग्रह पर आधारित फिल्म जंगल सत्याग्रह का निर्माण बैतूल के स्थानीय कलाकारों ने किया है। इस फिल्म का प्रीमियर शो 13 जनवरी को विधानसभा के ऑडिटोरियम में रखा गया है।
पटवारी, सिंघार को दिग्गी ने दिया न्योता
पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अन्य सीनियर कांग्रेस नेताओं को भी फिल्म के प्रीमियर शो में शामिल होने का न्योता दिया है। कांग्रेस विधायकों समेत पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों को भी बुलावा भेजा जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को भी दिग्विजय सिंह ने कार्यक्रम में आमंत्रित किया है। राज्यपाल मंगू भाई पटेल को भी वे निमंत्रण देने जाएंगे।
10 को सीएम हाउस घेरेंगे प्राइवेट स्कूल संचालक
9 Jan, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों के मान्यता नियमों में बदलाव को लेकर अब स्कूल संचालक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के बंगले का घेराव करेंगे। 10 जनवरी को होने वाले इस घेराव में प्रदेश के अनेक जिलों से स्कूल संचालक, स्कूल डायरेक्टर भोपाल पहुंचेंगे। प्रदेश संचालक मंच के कोषाध्यक्ष मोनू तोमर ने बताया कि इसमें हजारों की संख्या में प्रदेश भर से स्कूल संचालक शामिल होंगे।
मोनू तोमर ने बताया कि इससे पहले हम सीएम से लेकर शिक्षा मंत्री व अपने-अपने जिलों के विधायकों के सामने इस संबंध में गुहार लगा चुके हैं। सरकार ने मान्यता के नियमों को बहुत जटिल कर दिया है। इससे सबसे अधिक कठिनाई ग्रामीण जिलों में हो रही है। वहीं एफडी अमाउंट में बढ़ोतरी को भी वापस लेने की मांग करते हैं।
शिक्षक हो जाएंगे बेरोजगार
मोनू ने बताया कि सत्र 2025-26 की मान्यता में बहुत से स्कूलों के बंद होने की संभावना है। स्कूल बंद होंगे तो उसमें कार्यरत शिक्षक व कर्मचारी बेरोजगार व जुड़े संस्थान प्रभावित होगें। बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी। वर्तमान में प्राइवेट स्कूलों से किस प्रकार से राजस्व की बढ़ोतरी की जाए उस पर जोर दिया जा रहा है। इससे पहले शिक्षा के महत्व को समझते हुए मान्यता नियमों को शिथिल रखा गया था।
नहीं जमा करेंगे किराया नाम और सुरक्षा निधि
मोनू ने बताया कि प्राइवेट स्कूल वेलफेयर संचालक मंच मप्र के आह्वान पर निर्णय लिया गया है कि सत्र 2025-26 के मान्यता आवेदन पर रजिस्टर्ड किराया नामा एवं सुरक्षा निधि जमा नहीं की जाएगी। किराया नामा एवं सुरक्षा निधि व आरटीई को लेकर प्रतिनिधि मंडल शिक्षा मंत्री, संचालक लोक शिक्षण भोपाल मप्र व आयुक्त राज्य शिक्षा केन्द्र एवं जिला कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन देकर समस्याओं से अवगत करा चुका है।
महिला हनीट्रैप में फंसाकर युवक को कर रही थी ब्लैकमेल, परेशान युवक ने की आत्महत्या
8 Jan, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: ग्वालियर जिले में हनी ट्रैप के मामले में फंसकर ब्लैकमेल से परेशान एक युवक ने अपनी जान गंवा दी। घटना जिले के डबरा की है। दो दिन से लापता युवक का शव अंबेडकर कॉलोनी स्थित एक मकान की दूसरी मंजिल पर फंदे से लटका मिला। पता चला कि पास की ही कॉलोनी में रहने वाली एक महिला मृतक का अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल कर रही थी। पुलिस ने महिला और उसके पति व बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जवाहर कॉलोनी में रहने वाली अनीता वाल्मीकि ने अपना और संतोष का अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया था। इसके बाद इन वीडियो के आधार पर वह अपने पति रामेश्वर साहू, बेटे मुन्ना वाल्मीकि के साथ मिलकर उससे लगातार पैसे मांगकर ब्लैकमेल कर रही थी और न देने पर वीडियो वायरल कर बदनाम करने की धमकी दे रही थी। डर के मारे युवक ने उन्हें 20 हजार रुपये दे दिए थे, लेकिन वे लोग धमकाकर और पैसे मांग रहे थे।
पति और बेटे के साथ मिलकर कई लोगों को बनाया शिकार
पुलिस को यह भी पता चला कि महिला अपने पति और बेटे के साथ मिलकर इस तरह के वीडियो बनाकर कई लोगों को ब्लैकमेल कर चुकी है। पुलिस को मोबाइल से कुछ और वीडियो भी मिले हैं। वीडियो बनाने के लिए उसका पति और बेटा मोबाइल को छिपा देते थे। फिलहाल सिटी थाना पुलिस अनीता, रामेश्वर और मुन्ना के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच कर रही है। बताया गया कि डबरा शहर के अंबेडकर कॉलोनी की गली नंबर 6 निवासी संतोष जाटव (40) पुत्र ओमकार जाटव पेट्रोल पंप पर सेल्समैन का काम करता है। रविवार दोपहर वह बिना किसी को बताए घर से गायब हो गया। सोमवार को परिजनों ने सिटी थाने पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। आज जब उसकी पत्नी गिरजा फोन पर बात करते हुए दूसरी मंजिल पर खाली कमरे में पहुंची तो उसकी नजर कमरे की खिड़की पर पड़ी। उसने खिड़की से कमरे के अंदर देखा तो संतोष फंदे से लटका हुआ था।
पूछताछ में जुटी पुलिस
सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ब्लैकमेल किया है। थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि दो दिन से लापता युवक का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। जांच में पता चला है कि एक महिला अपने पति और बेटे के साथ मिलकर उसका वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल कर रही थी और पैसों की मांग कर रही थी। शिकायत मिल रही है कि महिला ने अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह के वीडियो बनाए हैं। महिला से पूछताछ की जा रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठे हैं।
प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन के साथ ही जल का हो रहा इष्टतम उपयोग
8 Jan, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जल संरक्षण और जल संवर्धन के साथ ही जल के इष्टतम उपयोग में दक्षता के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में दाबयुक्त सिंचाई प्रणाली के जरिए जल के अधिकतम उपयोग से जल के अपव्यय को कम किया गया है। इससे शेष जल का उपयोग सैंच्य क्षेत्र विस्तार, ग्रामीण एवं शहरी पेयजल आपूर्ति तथा अन्य क्षेत्रों में किया जाना संभव हो सकेगा। मोहनपुरा कुंडलियां की प्रेशराइज्ड पाइप प्रणाली की सफलता के बाद पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ों परियोजना और केन-बेतवा नदी जोड़ों परियोजना के माध्यम से जल की अधिकता वाले क्षेत्रों से अतिरिक्त जल को सूखा प्रभावित क्षेत्रों में भेजने तथा भण्डारण करने से कृषि और घरेलू उपयोग के लिए जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
जल संसाधन विभाग के सचिव जॉन किंग्सली ए.आर. ने बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित जल और पर्यावरण पर 3 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (IPWE-2025) के प्रारंभ अवसर पर उक्त विचार व्यक्त किए। इस 3 दिवसीय प्रतिष्ठित सम्मेलन का आयोजन अमेरिकन सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स के पर्यावरण और जल संसाधन संस्थान और मध्यप्रदेश जल संसाधन विभाग एवं अंत्योदय प्रबोधन संस्थान के सहयोग से किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य विषय है "जलवायु परिवर्तन के अनुकूल सतत् और मजबूत जल बुनियादी ढांचे का निर्माण।" इसमें विश्व भर से प्रतिष्ठित विशेषज्ञ, पर्यावरणविद, निर्माता और शोधकर्ता भाग ले रहे हैं। सम्मेलन में लगभग 125 शोध पत्रों की प्रस्तुति की जाएगी।
सम्मेलन जल और पर्यावरण से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर नवीनतम प्रगति और सहयोगात्मक समाधानों पर चर्चा करने का एक मंच है। सम्मेलन में जल प्रबंधन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण समस्याओं, विशेष रूप से स्थायी और मजबूत जल अवसंरचना का निर्माण और जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए मंथन किया जाएगा। सम्मेलन में स्वच्छ जल आपूर्ति, जल संरक्षण, अपशिष्ट जल का उपचार, नदियों, बांधों और सिंचाई, जल उपयोग दक्षता, प्रणालियों का स्मार्ट प्रबंधन जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। सम्मेलन में मोहनपुरा कुंडलियां परियोजना, केन-बेतवा लिंक परियोजना, साईं संकेत, जैन इरिगेशन, करण डेवलपर्स सर्विस सहित 30 से अधिक के स्टाल लगाए गए हैं।
इस अवसर पर अमेरिकन सोसायटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स के अध्यक्ष फिनियोस्की पेना मोरा, अध्यक्ष पर्यावरण एवं जल संसाधन संस्थान शर्लि क्लार्क, सम्मेलन अध्यक्ष श्रीधर कमोज्जला, स्थानीय सम्मेलन अध्यक्ष व अधीक्षण यंत्री विकास राजौरिया, कैरोल ई हेडॉक, ब्रायन पारसंस, मेनिट डायरेक्टर करुणेश कुमार शुक्ला आदि उपस्थित थे।
सम्मेलन के प्रमुख विषय
जलवायु परिवर्तन: जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के अनुकूल रणनीतियाँ और खाद्य सुरक्षा।
सतत सिंचाई प्रणाली: पाइप आधारित सिंचाई नेटवर्क के माध्यम से जल संरक्षण।
भूजल प्रबंधन: भविष्य के लिए स्थायी भूजल प्रबंधन।
बाढ़ जोखिम न्यूनीकरण: बदलते जलवायु पैटर्न के संदर्भ में बाढ़ प्रबंधन।
स्मार्ट जल प्रणाली और सेंसर: जल वितरण और निगरानी के लिए नवीन तकनीक।
शहरी जल प्रबंधन: शहरीकरण के साथ जल आपूर्ति, मांग और संरक्षण का संतुलन।
अपशिष्ट जल उपचार और पुन: उपयोग: जैविक और जैव-इलेक्ट्रोकेमिकल तकनीकों का उपयोग।
प्राकृतिक समाधान: अतिवृष्टि जल प्रबंधन और शहरी योजना के लिए पारिस्थितिकी तंत्र आधारित दृष्टिकोण।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग: जल अवसंरचना में तकनीकी नवाचार।
ऊर्जा और जल: जल विलयन, ऊर्जा संचयन और जल विद्युत समाधान।
स्थानीय उत्पादों को जीआई टैग के जरिए वैश्विक पहचान दिलाने संबंधी कार्यशाला सम्पन्न
8 Jan, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : स्थानीय उत्पादों को जीआई टैगिंग के जरिए वैश्विक पहचान दिलाने के लिए बुधवार को विंध्याचल भवन स्थित कार्यालय में कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में प्रमुख रूप से पद्मडॉ. रजनीकांत भी शामिल हुए।
इस अवसर पर उद्योग आयुक्त दिलीप कुमार ने कार्यशाला में शामिल सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे जीआई टैगिंग के लिए संभावित और चिन्हित उत्पादों की सूची सांझा करें। पद्मडॉ. रजनीकांत ने जीआई टैगिंग के फायदे, कानूनी प्रकरण, ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और जीआई टैगिंग पर अपने अनुभव साझा किए।
कार्यशाला में कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन, रेशम उत्पादन जैसी गतिविधियों से जुड़े विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान जीआई टैगिंग के लिए उत्पादों का चयन और परियोजना कार्यान्वयन के लिए रोड मैप तैयार किया गया। प्रारंभ में लघु उद्योग निगम के अनिल धागले और एमएसएमई के संयुक्त संचालक पंकज दुबे ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला के प्रथम दिन एमएसएमई के विकास और क्षेत्रीय उत्पादों की पहचान को संरक्षित करने की कार्य योजना पर अमल पर सहमति से हुई।
विश्वविद्यालय क्षेत्रीय संसाधनों और परिवेश की संभावनाओं को पहचाने : राज्यपाल पटेल
8 Jan, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं में उच्च गुणवत्ता को लक्ष्य बनाए। लक्ष्य और प्राप्ति के प्रयासों के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति में विश्वविद्यालयों को पर्याप्त स्वायत्ता दी गई है। जरूरी है कि कुलगुरू अपनी क्षमताओं, विश्वविद्यालय के संसाधनों और आस-पास के परिवेश के अनुसार विकास की संभावनाओं की पहचान करें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के परिप्रेक्ष्य में अपने सीमित दायरे से बाहर निकलें। वर्तमान की मांग और भविष्य की संभावनाओं पर कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि टॉस्क फोर्स बना कर समय-सीमा में सभी विश्वविद्यालयों की कार्ययोजना तैयार कराई जाए।
राज्यपाल पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को राजभवन में आयोजित शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलगुरूओं की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल और पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल भी मौजूद थे।
विद्यार्थी कल्याण के लिए संवेदनशील रहें : राज्यपाल पटेल
राज्यपाल पटेल ने कुलगुरूओं से कहा है कि विद्यार्थी कल्याण के विषयों के प्रति संवेदनशील रहें। अभिभावक अपने बच्चें सरकार के भरोसे पर शासकीय विश्वविद्यालयों में भेजते हैं। उनकी देख-भाल पालक के दृष्टिकोण के साथ की जाए। उन्होंने कहा कि कुलगुरू नियमित आधार पर छात्रावास, मेस, खेल सुविधाओं और कक्षाओं का नियमित निरीक्षण भी करें।
रोजगार की क्षेत्रीय संभावनाओं के लिए पाठ्यक्रम बनाए
राज्यपाल पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार की सम्भावनाओं को बढ़ाने वाले पाठ्यक्रमों पर फोकस करें। डिग्री, डिप्लोमा के साथ ही मांग आधारित पाठ्यक्रम भी प्रारम्भ किये जाएं। स्थानीय उद्योगों, व्यवासायिक प्रतिष्ठानों की आवश्यकताओं के अनुसार मानव संसाधन की उपलब्धता के रोजगार लिए संबद्ध विषयों के अध्ययन की व्यवस्था भी की जानी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में खेल सुविधाओं की उपलब्धता और उनके उन्नयन के लिए भी विशेष प्रयास करने की जरूरत बताई। राज्यपाल पटेल ने कहा कि रेडक्रास की गतिविधियों में विद्यार्थियों की अधिकाधिक सहभागिता की जाए।
रोज़गार आधारित कोर्स प्रारंभ करने बनाएं प्लॉन - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सभी विश्वविद्यालय बहु विषयक आत्मनिर्भर विश्वविद्यालय बनें। परम्परागत विषयों के साथ ही मांग आधारित और रोजगार की उच्च संभावनाओं वाले कोर्स प्रारंभ करने विशेष प्रयास करें।
ऑनलाईन वैल्यूएशन कार्य को बढ़ावा दें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय शिक्षा नीति में प्रदान स्वायत्ता के आधार पर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाएं। विद्यार्थियों को प्रवेश की सुविधा, उत्कृष्ट शिक्षा, समय पर परीक्षा और तत्काल परिणाम घोषणा के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के ऑनलाइन मूल्यांकन की व्यवस्था को बढ़ावा दें। इसी तरह प्रवेश के समय ही अंकसूची और डिग्री वितरण के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जाए, जिससे विद्यार्थियों के डीजी लॉकर में उनकी त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित हो।
शासकीय विश्वविद्यालयों को मिलेगा पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार उच्च शिक्षण संस्थानों की बेहतरी के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालयों को पूरा सहयोग सरकार दे रही है। विश्वविद्यालयों को वित्तीय, भौतिक और मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में सरकार ने नवीन पहल कर संसाधन सम्पन्न बनाया है। विश्वविद्यालयों का स्टॉफ सरकार के लिए शासकीय सेवकों के समान ही महत्वपूर्ण है।
स्व-वित्तीय व्यवस्था पर मंथन करें विश्वविद्यालय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्वविद्यालयों को आत्मनिर्भर होना होगा। विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता के लिए संसाधन और संभावनाओं के दोहन के लिए नई दूरदृष्टि के साथ कार्य करना होगा। इसके लिए निज संसाधनों, स्व-वित्त पोषित और पीपीपी मॉडल की उपयुक्तता के संबंध में कुलगुरूओं को अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का प्रदर्शन करना होगा। विश्वविद्यालय की भौतिक एवं शैक्षणिक आवश्यकताओं को बेहतर करना, कुलगुरूओं का दायित्व है। जिसके आधार पर उनके कार्य का मूल्यांकन भी किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परम्परागत, तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रम आधारित विश्वविद्यालयों को उनके कार्य क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों में विस्तारित करना चाहिए।
डिजिटल वैल्यूएशन विद्यार्थी के हित में : उच्च शिक्षा मंत्री सिंह
बैठक में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि परीक्षाओं का प्रभावी, पारदर्शी और निष्पक्ष संचालन जरूरी है। डिजिटल वैल्यूएशन विद्यार्थी हितों के अनुकूल है। विश्वविद्यालय परीक्षा मूल्यांकन संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करें। समय पर परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए डिजिटल वैल्यूएशन प्रणाली की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में राशियों के जमा करने की व्यवस्था का भी परीक्षण करें। विश्वविद्यालय के विकास में राशि के उपयोग और निवेश के संबंध में भी कार्यवाही की जाना चाहिए।
बैठक में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, प्रमुख सचिव संस्कृति डॉ. शिव शेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी उमाकांत उमराव सहित सभी शासकीय विश्वविद्यालयों के कुलगुरू और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
युवा शक्ति राष्ट्र विकास को देगी नई दिशा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
8 Jan, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल :राज्य स्तरीय युवा उत्सव का समापन समारोह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वप्न है कि वर्ष 2047 में आजादी के शताब्दी वर्ष तक देश ही नहीं दुनिया के प्रतिनिधित्व में हिन्दुस्तान के युवाओं की अग्रणी भूमिका हो। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र के विकास को एक नई दिशा प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को त्रि-दिवसीय राज्य स्तरीय युवा उत्सव-2025 के समापन पर टी.टी. नगर स्टेडियम के बैडमिंटन हॉल में आयोजित रंगारंग कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा महोत्सव के अवसर पर 2 महत्वपूर्ण पार्थ एवं युवा प्रेरक अभियान ('एमपीवायपी') शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खेल विभाग द्वारा प्रदेश के ऐसे युवा जो सेना और पुलिस में अपनी सेवाएं देना चाहते हैं, उनके लिए "पार्थ" योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। प्रदेश में 10 स्थानों पर इनके प्रशिक्षण की व्यवस्था रहेगी। यह संस्था स्व-पोषित होगी। इनमें प्रशिक्षणार्थियों को न्यूनतम शुल्क देना होगा। एमपीवायपी अभियान के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास, कॅरियर और रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रदेश के युवा अपनी योग्यता और हुनर को और अधिक तराश कर अपने भविष्य के आधार की नींव को मजबूती प्रदान करेंगे।
आनंद का परमानंद है युवा शक्ति में
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कला एवं कलाकारों के अद्भुत संगम की प्रस्तुति से मन आनंद प्रफुल्लित हो उठा है, जिसका वर्णन करना मुश्किल है। परम आनंद की अनुभूति है युवा शक्ति में। आज के युवा में कल के विकसित भारत की झलक देखने को मिलती है।मुख्यमंत्री डॉ. यादव के स्वागत में युवा उत्सव के विजेता सदस्यों द्वारा रंगारंग नृत्य-नाटिका की प्रस्तुति दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नृत्य नाटिका में कलाकारों द्वारा दी गई प्रस्तुति की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। बुन्देली पार्श्व गायिका के साथ उन्होंने बुन्देली गायन और नृत्य में कलाकारों द्वारा माँ दुर्गा और चण्डी के स्वरूप की अद्भुत प्रस्तुति की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विजेता कलाकारों के साथ सेल्फी ली और फोटो खिंचवाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 28वें राज्य स्तरीय युवा उत्सव में संभागों की टीमों द्वारा विभिन्न विधाओं में दी गई प्रस्तुतियों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के सम्मुख समूह लोकगीत श्रेणी में विजेता सागर संभाग और समूह लोक नृत्य श्रेणी में विजेता ग्वालियर संभाग की प्रस्तुति दी गई। चित्रकला में प्रथम आए जबलपुर संभाग के आयुष कुशवाहा और द्वितीय स्थान पर रही इंदौर संभाग की सुसंस्कृति श्रीवास्तव के चित्र का अवलोकन किया। विज्ञान मॉडल श्रेणी में प्रथम आई जबलपुर संभाग की सुपल्लवी ऐडे द्वारा प्रस्तुत ग्लूको ब्रिथे लाइजर और द्वितीय रहे ग्वालियर संभाग के अमन धाकड़ द्वारा प्रस्तुत बॉयोगैस कंप्रेसर के मॉडल का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अवलोकन कर जानकारी प्राप्त की तथा दोनों विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।
प्रधानमंत्री करेंगे युवाओं से संवाद
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने बताया कि 6 से 8 जनवरी 2025 तक 28वें राज्य स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन भोपाल में किया गया। इसके अंतर्गत प्रदेश भर में जिला, संभाग एवं राज्य स्तरीय युवा उत्सव का विशेष आयोजन किया गया था। मंत्री सारंग ने बताया कि युवा महोत्सव में चयनित 45 युवा भारत मंडपम नई दिल्ली में 11 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में विकसित भारत के निर्माण में अपने दृष्टिकोण और विचार सांझा करेंगे। इस वर्ष युवा उत्सव के आयोजन में 10 संभागों के 350 प्रतिभागियों ने 7 विधाओं समूह लोकगीत, समूह लोकगायन, पेंटिंग, भाषण, विज्ञान मेला, कहानी लेखन एवं कविता लेखन में प्रतिभागिता की। युवा उत्सव में जिला स्तर पर 18 से 26 दिसम्बर तक 10 हजार 500 युवा प्रतिभागी एवं संभागीय स्तर पर 3 से 5 जनवरी 2025 तक 1700 युवाओं ने प्रतिभागिता की थी।
शुरूआत में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री सारंग द्वारा स्मृति-चिन्ह एवं पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इस अवसर पर भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय एवं अपर मुख्य सचिव खेल मनु श्रीवास्तव, संचालक खेल रवि कुमार गुप्ता तथा बड़ी संख्या में युवा और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
विकसित भारत की संकल्प सिद्धि में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण: राज्यपाल पटेल
8 Jan, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल :राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि विकसित भारत की संकल्प की सिद्धि में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। सभी युवा विकसित भारत के लिए संकल्पित अमृत पीढ़ी के प्रतिनिधि है। भारत जब 2047 में आज़ादी की 100वीं सालगिरह मनाएगा तो उस समय आज का युवा पीढ़ी ही राजनेता, व्यापारी, अधिकारी, उद्योगपति, समाजसेवी, शिक्षक, साहित्यकार, इंजीनियर आदि के रूप में देश का नेतृत्व करेगी।
राज्यपाल पटेल 11 और 12 जनवरी को दिल्ली में आयोजित यंग लीडर डायलॉग और युवा उत्सव में शामिल हो रहे प्रदेश के युवाओं को राजभवन में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि आप सब युवा सौभाग्यशाली है, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रूप में विजनरी नेतृत्व प्राप्त हुआ है। मोदी जी का प्रयास है कि देश की कला संस्कृति की विरासत को संरक्षित करने के साथ ही भविष्य के स्वरूप में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो। उन्होंने देश के युवाओं की असीम क्षमता को विकास की संकल्पना में जोड़ने के लिए यंग लीडर डायलॉग कार्यक्रम का मंच प्रदान किया है।
राज्यपाल पटेल का कार्यक्रम में पुष्पगुच्छ से स्वागत और स्मृति-चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने स्वागत उद्बोधन में युवा उत्सव और विकसित भारत यंग लीडर संवाद दिल्ली के लिए प्रदेश के युवाओं के चयन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में युवा अभिषेक सुमन और सुअनुभूति तिवारी ने अपने अनुभव साझा किये। अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण मनु श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के.सी. गुप्ता, संचालक रवि गुप्ता, राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और युवा प्रतिभागी उपस्थित रहे।
भोपाल रेल मंडल द्वारा टी.बी. उन्मूलन हेतु “निक्षय शिविर” का आयोजन
8 Jan, 2025 06:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भारत सरकार के 100 दिवसीय टी.बी. उन्मूलन अभियान के अंतर्गत भोपाल मंडल के विदिशा जिले को उच्च प्राथमिकता वाला जिला चयनित किया गया है। इस अभियान के तहत, मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय डोगरा के नेतृत्व में आज दिनांक 08.01.2025 को विदिशा स्टेशन पर जिला क्षय नियंत्रण केंद्र, विदिशा के सहयोग से विशेष "निक्षय शिविर" का आयोजन किया गया।
इस शिविर में कुल 174 लाभार्थियों ने भाग लिया, जिनमें से 106 रेलवे कर्मचारी और उनके परिजन थे। शिविर में उच्च जोखिम वाली आबादी की स्क्रीनिंग हेतु 139 एक्स-रे एवं 25 बलगम परीक्षण किए गए।
जागरूकता अभियान:
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि स्टेशन पर यात्रियों और आमजन में टी.बी. के बचाव, शीघ्र निदान, उपचार, और आहार संबंधी जानकारी पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से साझा की गई। साथ ही पोस्टर, पंपलेट, होर्डिंग्स और स्टैंडीज का उपयोग करके जागरूकता का प्रसार किया गया।
इस अवसर पर रेलवे की ओर से वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. श्रुति मेंढेकर ने सक्रिय भागीदारी की और शिविर की सफलता सुनिश्चित की। डॉ. समीर किरार (डीटीओ, विदिशा) एवं जिला क्षय नियंत्रण केंद्र की मेडिकल टीम का इस आयोजन में विशेष सहयोग रहा। रेलवे प्रशासन इस अभियान के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है और समाज के कल्याण में योगदान करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
05074/05073 लालकुआ – क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) – लालकुआ विशेष ट्रेन
8 Jan, 2025 06:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल मंडल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों से होकर गुजरेगी
भोपाल: रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं उनकी यात्रा को सुगम, सुरक्षित एवं आरामदायक बनाने के उद्देश्य से विशेष ट्रेन चलाई जा रही है। इसी कड़ी में, गाड़ी संख्या 05074/05073 लालकुआ – क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) – लालकुआ विशेष ट्रेन चलाई जा रही है, जो भोपाल मंडल के बीना, रानी कमलापति एवं इटारसी स्टेशनों पर ठहरकर गंतव्य तक जाएगी।
गाड़ी संख्या 05074 लालकुआ – क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) विशेष ट्रेन
गाड़ी संख्या 05074 लालकुआ – क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) विशेष ट्रेन प्रत्येक शनिवार, 11 जनवरी 2025 से अगले आदेश तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन लालकुआ स्टेशन से शाम 17.55 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन सुबह 06.00 बजे बीना, 07.50 बजे रानी कमलापति, 09.30 बजे इटारसी एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन दोपहर 15.25 बजे क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) स्टेशन पहुंचेगी।
गाड़ी संख्या 05073 क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) – लालकुआ विशेष ट्रेन
गाड़ी संख्या 05073 क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) – लालकुआ विशेष ट्रेन प्रत्येक मंगलवार, 14 जनवरी 2025 से अगले आदेश तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) स्टेशन से सुबह 07.15 बजे प्रस्थान कर, अगले दिन 12.05 बजे इटारसी, 13.40 बजे रानी कमलापति, 17.45 बजे बीना एवं मार्ग के अन्य स्टेशनों से होते हुए तीसरे दिन सुबह 09.05 बजे लालकुआ स्टेशन पहुंचेगी।
गाड़ी के हाल्ट:
रास्ते में यह गाड़ी दोनों दिशाओं में लालकुआ जंक्शन, किच्छा, बहेरी, भोजीपुरा जंक्शन, इज्जतनगर जंक्शन, बरेली सिटी, बरेली जंक्शन, बदायूं, कासगंज, हाथरस सिटी, मथुरा छावनी, मथुरा जंक्शन, आगरा छावनी जंक्शन, ग्वालियर जंक्शन, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन, बीना जंक्शन, रानी कमलापति, इटारसी जंक्शन, बैतूल, नागपुर जंक्शन, सेवाग्राम, चंद्रपुर, बल्हारशाह, सिरपुर कागजनगर, मंचेरियल, पेद्दापल्ली, वारंगल, महबूबाबाद, खम्मम, विजयवाड़ा जंक्शन, तेनाली जंक्शन, ओंगोल, नेल्लूर, गुडूर जंक्शन, रेनीगुंटा जंक्शन, काटपाड़ी जंक्शन, जोलारपेट्टई जंक्शन, कुप्पम, बांगारपेट जंक्शन, कृष्णराजपुरम, बेंगलुरु छावनी, क्रांतिवीर संगोल्ली रायन्ना (बेंगलुरु) स्टेशनों पर रुकेगी।
कोच संरचना:
इस विशेष ट्रेन में 4 शयनयान श्रेणी, 10 वातानुकूलित तृतीय श्रेणी (इकोनॉमी) के डिब्बे सहित कुल 16 डिब्बे होंगे।
यात्रियों से अनुरोध है कि असुविधा से बचने के लिए रेलवे द्वारा अधिकृत रेलवे पूछताछ सेवा NTES/139 से गाड़ी की सही स्थिति की जानकारी पता करके तदनुसार यात्रा प्रारम्भ करें। उक्त विशेष ट्रेनों के विस्तृत समय और ठहराव की विस्तृत जानकारी हेतु कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या NTES ऐप डाउनलोड करें।
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