मध्य प्रदेश
मैराथन में अधिक से अधिक आमजन करें सहभागिता : मंत्री सारंग
10 Jan, 2025 11:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने 19 जनवरी को होने वाली ऑर्मी मैराथन के संबंध में शुक्रवार को निजी और शासकीय विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने सभी विश्वविद्यालय के युवा एवं फैकल्टी को फिट रहने के लिये मैराथन में भागीदारी करने की अपील की। सभी ने फिट रहने के लिये इसमें भागीदारी करने की सहमति प्रदान की। मंत्री सारंग ने भोपालवासियों से अधिक से अधिक संख्या में मैराथन में सहभागिता करने का आह्वान किया।
तीन श्रेणियों में होगी मैराथन
मंत्री सारंग ने कहा कि स्वच्छ भारत, हरित भारत, फिट इंडिया के लिये भारतीय सेना के साथ दौड़े। यह सहन शक्ति, दृढ़ संकल्प और विजय की परिचायक बने। उन्होंने बताया कि मैराथन अपने आदर्श वाक्य "फिट इंडिया, रन विद इंडियन ऑर्मी" के माध्यम से भारत सरकार के फिट इंडिया एकता और देशभक्ति के अभियान को बढ़ावा देगा। मैराथन में 3 श्रेणी रखी गई है इसमें 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी के लिये न्यूनतम शुल्क पर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। सहभागियों को टी-शर्ट और ऑर्मी मैराथन में भाग लेने का प्रमाण-पत्र दिया जायेगा। यही नहीं संस्था, विश्वविद्यालयों को भी इसका प्रमाण-पत्र मोमेन्टो के साथ प्रदाय किया जायेगा। उन्होंने बताया कि मैराथन भोपाल स्थित द्रौणांचल से वीआईपी रोड होते हुए द्रौणांचल पर समाप्त होगी। मंत्री सारंग ने सभी विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों से संबंधित संस्था एवं संस्थानों के सोशल मीडिया एकाउन्ट से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा है।
हमारी सुरक्षा में ऑर्मी की महतवपूर्ण भूमिका
मंत्री सारंग ने कहा कि हम घर और देश में सुरक्षित हैं, इसमें ऑर्मी का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसके लिये सार्वजनिक रूप से सेना और सैनिकों के प्रति सम्मान करने की भावना को व्यक्त करने को कहा है। भोपाल में भी ऑर्मी का महत्वपूर्ण सेट-अप स्थापित है। ऑर्मी मैराथन के माध्यम से नागरिक सहयोग और सम्मान प्रकट कर सकते है। उन्होंने कहा कि मैराथन में अधिक से अधिक भागीदारी कर इतिहास बनाया जा सकता है।
कल्चर ऑफ फिटनेस को बढ़ावा
ऑर्मी मेजर जनरल सुमित कबथियाल ने कहा कि मंत्री सारंग के माध्यम से राज्य सरकार का सहयोग मिल रहा है। यह मैराथन कल्चर ऑफ फिटनेस को बढ़ावा देगी और फिट रहने एवं हेल्थ के प्रति जागरूक करने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि द्रौणांचल में युद्धस्थल के माध्यम से युद्ध के इतिहास और शहीदों के बारे में जानकारी भी अर्जित होगी। उन्होंने बताया कि मैराथन में एनसीसी के ही लगभग 600 रजिस्ट्रेशन हो चुके है। मैराथन सभी के लिये है, इसमें परिवार, दोस्त सभी भागीदारी कर सकते हैं।
10 लाख रुपये तक का पुरस्कार
ऑर्मी मैराथन सुबह 6 बजे से शुरू होगी। इसमें सभी क्षेत्रों से लगभग 12 हजार प्रतिभागी तीनों श्रेणियों की दौड़ में हिस्सा लेंगे। आकर्षक प्रायोजित पुरस्कारों के अलावा 10 लाख रूपये तक के नकद पुरस्कार भी दिये जायेंगे। हॉफ मैराथन में विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं के लिये 5,30,000 रूपये के नकद पुरस्कार, 10 किमी में विभिन्न श्रेणी के विजेताओं को 2,64,000 रूपये और 5 किमी में 1,87,000 रूपये के नकद पुरस्कार दिये जायेंगे। मैराथन में भाग लेने के लिये www.armymarathonbhopal.com पर रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिये 62690-33347 पर संपर्क कर सकते है।
भारतीय सेना के सुदर्शन चक्र कोर द्वारा ऑर्मी मैराथन भोपाल 2025 के आयोजन सेना दिवस 15 जनवरी के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। जनरल केएम करियप्पा के वर्ष 1949 में भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ के रूप में पदभार ग्रहण करने पर इस ऐतिहासिक दिन को वार्षिक श्रद्धांजलि के रूप में मनाते हुए इस मैराथन का आयोजन किया गया है। इसका शुभारंभ भोपाल से होगा, जिसमें सशस्त्र बलों, स्थानीय समुदायों और खेल प्रमियों के सदस्य एक साथ आयेंगे। भोपाल में ऑर्मी मैराथन, मुख्यालय पश्चिम एमपी सब एरिया के तत्वाधान में भोपाल में आयोजित होने वाला पहला खेल आयोजन है। इसका उद्देश्य ऑर्मी मैराथन को खेल जगत में एक प्रमुख आयोजन बनाना और फिट इंडिया अभियान के साथ वार्षिक मैराथन कैलेण्डर के रूप में दर्ज करना है।
बैठक में ब्रिगेडियर एस.एस. छिल्लर सेना मेडल, कर्नल विशाल आहूजा, कर्नल राजेश नायक, संयुक्त संचालक बी.एस. यादव सहित भोपाल स्थित निजी और शासकीय विश्वविद्यालय के पदाधिकारी उपस्थित थे।
राहुल-प्रियंका की यात्रा के पहले कांग्रेस के असंतोष को दबाने की कोशिश
10 Jan, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल; गणतंत्र दिवस पर कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की इंदौर यात्रा के पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने एडजस्टमेंट का कार्ड खेल लिया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कल शाम अचानक फेरबदल करते हुए प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के समर्थकों को पद बांट दिए गए हैं। इसके माध्यम से इन दोनों नेताओं को संतुष्ट करने की कोशिश की गई है।
जय बापू, जय भीम, जय संविधान अभियान के समापन के मौके पर गणतंत्र दिवस पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी इंदौर जिले के महू आ रहे हैं। संविधान निर्माता बाबा साहब आंबेडकर की जन्मस्थली पर आयोजित रैली में यह नेता भाग लेंगे। इस संदर्भ में पिछले दिनों प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की वर्चुअल मीटिंग रखी गई थी। इस वर्चुअल मीटिंग में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और दिग्विजयसिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर निशाना लगा दिया था। कमलनाथ ने तो सीधे तौर पर कहा था कि मुझे गाली देने वालों को पद देकर उपकृत किया जा रहा है। इस बैठक में पटवारी को घेरने के बाद दोनों पूर्व मुख्यमंत्री बैठक से क्वीट कर गए थे। इस मामले के मीडिया में उजागर होने के बाद पार्टी के केंद्रीय नेताओं से दबाव बनवाकर कमलनाथ से यह बयान दिलवाया गया कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है।
कांग्रेस में हम सभी एक हैं। पटवारी ने कोशिश करके कमलनाथ का यह बयान चाहे दिलवा दिया हो, लेकिन हकीकत तो उन्हें भी मालूम थी। ऐसे में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की आगामी यात्रा के दौरान प्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी उजागर होकर सामने आने के आसार बढ़ते जा रहे थे। ऐसे में यदि इस यात्रा के दौरान राहुल, प्रियंका के समक्ष शिकायत की जाती और रैली में समुचित भीड़ नहीं जूट पाती तो पटवारी के लिए मुश्किल होती। ऐसी स्थिति में पटवारी ने एडजस्टमेंट का रास्ता अपनाया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कल अचानक फेरबदल करते हुए जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया है।
इस बंटवारे में कमलनाथ और दिग्विजयसिंह के समर्थकों को मुख्य जिम्मेदारी देते हुए एडजस्ट करने की कोशिश की गई है। इस कोशिश के माध्यम से इन दोनों नेताओं को साधने और आलोचना नहीं करने की स्थिति बनाई गई है। कल की गई जिम्मेदारी वितरण की कार्रवाई में दिग्विजयसिंह की झोली ज्यादा भरी गई है। उनके समर्थक फूलसिंह बरैया, डॉ. विक्रांत भूरिया, आतिफ अकील, प्रियव्रतसिंह, जयवर्धनसिंह, पीसी शर्मा आदि को मुख्य जिम्मेदारी दी गई है। कमलनाथ के समर्थक महेंद्र जोशी, विभा बिंदु डांगर, राजीवसिंह, रवि जोशी, रोशनी यादव को जिम्मेदारी देकर एडजस्ट किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश संगठन कार्यालय मंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से पटवारी ने अपने समर्थक संजय कामले को नवाज दिया है।
अधिकारी वही, जो जनहित के करें कार्य - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 Jan, 2025 11:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अधिकारी वह है, जो जनहित में कार्य करें। इस उद्देश्य से शासकीय सेवा में प्रवेश करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, स्वयं को प्रधान सेवक मानते हैं। मध्यप्रदेश का मंत्रि-मंडल भी परस्पर सहयोग से जनता के सेवक के रूप में कार्य कर रहा है। पद पर आने के बाद हमारे मन में अहंकार नहीं होगा, इस संकल्प के साथ, समाज हित और प्रदेश के विकास के लिए समर्पित होकर अपने दायित्व निर्वहन में आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को रवीन्द्र भवन में कृषि, पशुपालन और राजस्व विभागों के लिए चयनित 362 शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा अधिकारियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रदान कीं। उन्होंने कहा कि माता-पिता सहित परिवार के सदस्यों की आशा, अपेक्षा और उनके सहयोग के परिणामस्वरूप ही यह उपलब्धि प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नव चयनित अधिकारियों सहित उनके परिजन को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के बाद प्रगति पथ पर निरंतर अग्रसर होने का प्रयास जारी रखें। अधिकारी अपनी क्षमता, योग्यता को पहचानते हुए अपने उत्तरदायित्व का श्रेष्ठतम तरीके से निर्वहन कर स्वयं भी गौरवान्वित हो और शासन को भी गौरवान्वित करें।
256 कृषि विस्तार अधिकारी, 70 सहायक पशु चिकित्सकों और 36 नायब तहसीलदारों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विभाग के 256 कृषि विस्तार अधिकारी, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के 70 सहायक पशु चिकित्सकों और राजस्व विभाग के 36 नव चयनित नायब तहसीलदारों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने प्रदेश के सभी जिलों में सायबर तहसील स्थापना की पहल की। यह तकनीक के उपयोग से नागरिक सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। देश में दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर है। हमारा लक्ष्य दुग्ध उत्पादन की क्षमता को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक पहुंचाना है। इससे देश के किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रदेश में गौ-माता की बेहतर देखभाल के लिए गौ-शालाओं का विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में भोपाल सहित सभी बड़े शहरों में 10-10 हजार क्षमता की गौ-शालाएं संचालित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। किसानों की आय बढ़ाने में सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका दुग्ध उत्पादन की है। किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों में दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इससे किसानों को सीधे तत्काल लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि दस गाय से अधिक गौ-पालन करने वालों को अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। गाँवों में सड़क, घर-घर नल से जल जैसी सुविधाएं मिलने से गौपालन भी सुविधाजनक हुआ है।
कृषि और पशु चिकित्सा की शिक्षा सुविधा का विस्तार किया जाएगा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नव चयनित अधिकारी से यही अपेक्षा है कि वे अपनी प्रतिभा और क्षमता को निरंतर बेहतर करें। विकास की नई संभावनाओं के लिए प्रतिबद्धता के साथ अधिकारी सेवा में प्रवेश करें। प्रदेश में कृषि के रकबे को अगले 5 साल में 48 लाख हैक्टेयर से एक करोड़ हैक्टेयर तक ले जाने का संकल्प है। इस उद्देश्य से हमें सभी प्रबंध बेहतर करने होंगे। राजस्व अधिकारियों की नियुक्तियां, कृषि और पशुपालन विभाग के अमले में विस्तार इसमें सहायक होगा। राज्य सरकार द्वारा कृषि और पशु चिकित्सा की शिक्षा सुविधा का भी विस्तार किया जाएगा, इसमें नई शिक्षा नीति भी सहायक है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वितरित किए नियुक्ति पत्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विस्तार अधिकारी प्रियंवदा द्विवेदी, कमलेश वाटी, राजेश मीणा, सुबबली बागरी, सुअर्चना गौर, सहायक पशु चिकित्सक डॉ. पूजा सोलंकी, डॉ. नीतेश सूर्यवंशी, डॉ. राहुल यादव और नायब तहसीलदार सुभारती सोलंकी, रवि पटेल, कपिल गुर्जर आदि को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री वर्मा, किसान एवं कृषि विकास मंत्री कंषाना, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री लखन पटेल ने विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी।
वन क्षेत्र और वन्य जीवों की गतिविधियों में वृद्धि प्रदेश की उपलब्धि : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 Jan, 2025 11:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के पन्ना जैसे क्षेत्र जहां वन्य जीवों की स्थिति शून्य हो गई थी, वहां भी वन अधिकारियों के प्रयासों के परिणामस्वरूप वन्य जीवों की गतिविधियां पुन: आरंभ हुईं, यह अपनी सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है और वे बधाई के पात्र हैं। वर्तमान में प्रदेश के पास हीरा है, चीता है और अब तो गजराज भी मध्यप्रदेश का रूख कर रहे हैं। प्रदेश का वन क्षेत्र समृद्ध है। वर्ष 2003 से 2021 के मध्य वन क्षेत्र में 1063 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई है। भोपाल देश की एकमात्र ऐसी राजधानी है, जिसके आस-पास आसानी से टाइगर देखे जा सकते हैं। यह हमारे प्रदेश के लिए सुखद और पर्यावरण की दृष्टि से बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंडित खुशीलाल आयुर्वेद महाविद्यालय सभागार में दो दिवसीय आई.एफ.एस (भारतीय वन सेवा) मीट और वानिकी सम्मेलन के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ कर तथा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार, अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णवाल, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव तथा अन्य आई.एफ.एस. अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को रूद्राक्ष का पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस प्रकार के मीट परस्पर संवाद, मित्रता के भाव, अनुभव साझा करने और बेहतर कार्य संस्कृति विकसित करने के लिए आवश्यक हैं। मध्यप्रदेश में प्रचुर वन संपदा विद्यमान है तथा पुरातत्व, भू-गर्भ शास्त्र, पर्यावरण, वनस्पति शास्त्र सहित कई विधाओं में अध्ययन व शोध की अपार संभावना विद्यमान हैं। वन विभाग को इन क्षेत्रों में अध्ययन को प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान करने के लिए पहल करना होगी। इसी प्रकार पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए भी गतिविधियों का विस्तार किया जाए। उन्होंने रातापानी के संदर्भ में ग्रामों के विस्थापन की चुनौती का प्रभावी तरीके से सामना करने के लिए वन अमले की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य शासन द्वारा वनों के विकास और नवाचारी गतिविधियों के संचालन के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध मध्यप्रदेश के वन और वन्य जीव हमारी पहचान है। उन्होंने कहा कि शासन इनके संरक्षण और सवंर्धन के लिये कटिबद्ध है। प्रदेश में जनभागीदारी को केन्द्र में रखकर अनेक गतिविधियां और कार्यक्रम चलाएं जा रहे है। राज्य मंत्री अहिरवार ने कहा कि राज्य शासन द्वारा वनों के संरक्षण और संवर्द्धन के लिये की गई ईमानदार एवं प्रभावी पहल का परिणाम है कि प्रदेश के वन आवरण में स्थायित्व आने के साथ ही वन्य प्राणियों के प्रबंधन की दिशा में किये गये प्रयासों को सराहा गया है। मंत्री अहिरवार ने इस अवसर पर भारतीय वन सेवा अधिकारियों को बधाई दी। दो दिवसीय आई.एफ.एस. मीट में वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन, संयुक्त वन प्रबंधन, वनवासियों के कल्याण आदि विषय पर चार सत्र होंगे। इसके साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
मकर संक्रांति पर्व महिला सशक्तिकरण पर होगा केन्द्रित - मुख्यमंत्री डॉ. यादव
10 Jan, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मकर संक्रांति पर्व महिला सशक्तिकरण पर केन्द्रित करते हुए आयोजित किया जाए। इस अवसर पर लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत जनवरी माह की राशि का अंतरण शाजापुर के कालापीपल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा सिंगल क्लिक से किया जाएगा। मकर संक्रांति पर्व जिला स्तर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में महिलाओं को तिल, गुड़, कंगन और सुहाग सामग्री का वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में जनकल्याण अभियान, मकर संक्रांति, धान उपार्जन और युवा दिसव कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, एस.एन मिश्रा, अनुपम राजन उपस्थित थे। अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअली शामिल हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा करते हुए कहा कि शीत लहर को देखते हुए कलेक्टर सुविधा के अनुसार स्कूल समय में परिवर्तन करना चाहें तो तुरंत करें। उन्होंने कहा कि आगामी परीक्षाओं की तैयारियों के लिए अधिकारी, छात्रों और पालकों के साथ स्कूल ही नहीं कॉलेज स्तर पर भी समन्वय स्थापित करें। आगामी सिंहस्थ की तैयारियों के परिप्रेक्ष्य में भोपाल, इंदौर, उज्जैन संभाग के अधिकारी प्रयागराज में महाकुंभ की व्यवस्थाओं का अध्ययन करें और देखें कि सिंहस्थ के दौरान हमारे प्रदेश में व्यवस्थित संचालन में वे व्यवस्थाएं किस प्रकार प्रभावशील हो सकती हैं।
मकर संक्रांति पर्व
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मकर संक्रांति पर्व की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में एक-एक स्थान पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा। बताया गया कि 12 जनवरी को शाजापुर के कालापीपल में मुख्यमंत्री डॉ. यादव लाड़ली बहनों के खातों में जनवरी माह की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित करेंगे। इस अवसर पर पूरे प्रदेश में महिला सशक्तिकरण पर केन्द्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। दिनांक 12 जनवरी से 14 जनवरी के मध्य जनकल्याण शिविरों में मकर संक्रांति से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
धान का परिवहन करें तुरंत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने धान उपार्जन की समीक्षा करते हुए कहा कि मौसम के बदलते हालात को देखते हुए उपार्जित धान को गोदामों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए तुरंत उसका परिवहन करें। उन्होंने कहा कि किसानों को उपार्जित धान के भुगतान के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकृत करें। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि प्रदेश में 7.72 लाख पंजीकृत किसानों से 1400 उपार्जन केन्द्रों पर 36.89 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया। इसमें से अभी तक 28.01 लाख मीट्रिक टन धान का परिवहन किया जा चुका है। इसके साथ मिलर्स द्वारा मीलिंग के पश्चात 1.60 लाख मीट्रिक टन चावल जमा कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनकल्याण अभियान की सार्थकता तभी है जब आम जनता की कठिनाईयों का त्वरित निराकरण कर सकें। कलेक्टर स्वयं मॉनीटरिंग करें कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं के लाभों से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में किए गए कार्यों की जानकारी पोर्टल पर दर्ज कराएं, जिससे कार्यों का वास्तविक आंकलन किया जा सके। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजौरा ने बताया कि 23.013 लाख आयोजित शिविरों में 25 लाख 70 हजार आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 87.9 प्रतिशत आवेदन स्वीकृत किए गए। सर्वाधिक आवेदन भोपाल, उज्जैन, सिवनी, बालाघाट, राजगढ़, बैतूल, शिवपुरी एवं दतिया जिले में प्राप्त हुए।
युवा दिवस पर होंगे गरिमामय कार्यक्रम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवा दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर्स को निर्देशित किया कि जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय कर स्वामी विवेकानंद जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करें। युवा दिवस पर 12 जनवरी को प्रदेश के सभी विद्यालयों के छात्र-छात्राएं सामूहिक सूर्य नमस्कार के साथ प्राणायाम में भाग लेंगे। कार्यक्रम प्रात: 9 बजे से 10.15 के मध्यम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संदेश एवं सूर्य नमस्कार की 12 मुद्राओं एवं प्राणायाम का प्रसारण किया जाएगा। प्रदेश की शिक्षण संस्थाओं में स्वामी विवेकानंद पर केन्द्रित शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर उनके व्यक्तित्व से युवाओं को अवगत कराया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को कार्यक्रम की मॉनीटरिंग किए जाने के निर्देश दिए हैं।
शीत लहर पर करें पुख्ता प्रबंध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी कलेक्टर्स को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शीत लहर को दृष्टिगत रखते हुए सार्वजनिक स्थलों, बस स्टेण्ड, रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार एवं रैन बसेरे आदि में अलाव की व्यवस्था करें। फुटपाथ एवं खुली जगह पर सोने वालों को किसी सुरक्षित स्थान पर रात्रि विश्राम के लिए भिजवाएं। जिले में आने वाले मुसाफिर एवं गरीब वर्ग का विशेष रूप से ध्यान रखें। शीतलहर से होने वाली सर्दी-खांसी एवं अन्य बीमारियों से बचाव के लिए जिला अस्पतालों में व्यवस्था करें और चिकित्सा शिविर आयोजित करें। इसके साथ ही प्रदेश में एचएमपीवी वायरस के रोकथाम के लिए विशेष सावधानी रखें और बचाव के उपायों का व्यापक प्रचार-प्रसार भी करें।
बजट की तैयारियों में जुटी मोहन सरकार
10 Jan, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मप्र की डॉ. मोहन यादव सरकार वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट तैयार करने में जुटी हुई है। सरकार का फोकस है कि सभी विभागों को पर्याप्त और संतुलित बजट मुहैया कराया जाए ताकि विकास को लगातार गति मिलती रहे। जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार का फरवरी के अंतिम या मार्च के प्रथम सप्ताह में प्रस्तुत होने वाले बजट में सरकार पीएम नरेंद्र मोदी की चार जातियों यानी युवा, महिला, गरीब और किसान पर केंद्रित पर केंद्रित रहेगा। इन वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं के लिए प्राथमिकता के आधार पर वित्तीय प्रविधान रहेंगे।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि इन वर्गों को लेकर संचालित केंद्रीय योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ हितग्राहियों को दिलाने के लिए तीन वर्ष की कार्ययोजना बनाएं। इसके अनुसार ही बजट प्रविधान प्रस्तावित करें। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव जनवरी के अंतिम सप्ताह में मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बजट की तैयारियों को लेकर बैठक करेंगे। केंद्रीय योजनाओं का शत प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए बजट में राज्यांश रखा जाएगा। उधर, वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी योजनाएं, जिनकी प्रकृति एक जैसी है, उन्हें आपस में मिलाने पर विचार किया जाए। साथ ही जिनके लक्ष्य पूरे हो चुके है, उन्हें बंद किया जाएगा।
चार लाख करोड़ से अधिक का बजट
प्रदेश का वर्ष 2024-25 का बजट 3 लाख 65 हजार करोड़ रुपये से अधिक का है। 22 हजार करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट के माध्यम से भी विभागों को अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई गई है। इसे देखते हुए संभावना जताई जा रही है कि वर्ष 2025-26 का बजट चार लाख करोड़ रुपये से अधिक का हो सकता है। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जो चार जातियां गरीब, किसान, युवा और महिला, बताई हैं, उसको ही केंद्र में रखा जाएगा। बजट का खाका भी युवा, महिला, गरीब और किसानों के लिए चलाए जाने वाले मिशन को आगे बढ़ाने की दृष्टि से खींचा जा रहा है। सभी विभागों में इन चारों वर्गों के लिए संचालित योजनाओं के लिए आवश्यकता के अनुसार प्रविधान होंगे। बजट में इन्हें अलग से प्रदर्शित भी किया जाएगा और एक विभाग को नोडल बनाया जाएगा। यह ठीक कृषि, चाइल्ड और जेंडर बजट जैसा होगा। इसमें अलग से बताया जाता है कि किस वर्ग के लिए क्या वित्तीय प्रविधान किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं स्वास्थ्य विभाग सहित युवा, रोजगार से जुड़ी योजनाओं एवं विभागों के लिए राशि का बजट में विशेष प्रावधान रहने के संकेत मुख्यमंत्री की ओर से मिल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि बजट में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम को बढ़ावा देने, स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन की व्यवस्था के लिए प्रविधान प्रस्तावित किए जाएंगे। किसानों के लिए धान में प्रोत्साहन राशि प्रति हेक्टेयर दो हजार रुपये रखने के साथ प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने, पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए भी राशि रखी जाएगी। इसी तरह महिला और गरीबों के लिए प्रविधान होंगे। 15 जनवरी तक इसका खाका तैयार कर माह के अंत में मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
विकास और निर्माण का बजट बढ़ेगा
विधायकों द्वारा उनके विधानसभा क्षेत्रों में प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए बजट में अलग से प्रावधान भी किया जाएगा, जो अधोसंरचना विकास और निर्माण कार्यों से जुड़े विभागों के बजट का आकार भी बढ़ाएंगे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी विधायकों से उनके विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करने की बात कही है। साथ ही कहा है कि उनके क्षेत्र में जनता के काम समय पर हों, इसकी भी वे चिंता करें। मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को उनकी विधानसभा क्षेत्र के योजनाबद्ध विकास के लिए अगले 5 साल का मास्टर प्लान बनाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यह भी स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए जनता को बेहतर सेवाएं देने के लिए भी प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि विकास कार्य और जनकल्याण के काम उनकी प्राथमिकता में हैं। विधायक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में आवश्यक एवं जनता की परेशानी और सुविधा से संबंधित कम लागत के जरूरी विकास कार्यों की सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को देंगे। इनमें छोटे पुल-पुलिया, सडक़, बिजली, पानी, विद्यालय, आंगनबाड़ी, सामुदायिक भवन जैसे कामों की सूची संबंधित विभागों के पास प्रस्ताव बनाने के लिए भेजी जाएगी। इन प्रस्तावों की लागत की राशि को बजट में शामिल कराया जाएगा। अगले 5 साल में एक करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही मध्यप्रदेश सरकार का 2025-26 के लिए जल संसाधन विभाग का बजट विगत वर्षों से बड़ा होगा। वित्तीय वर्ष 2020-21 में बजट 6063.70 करोड़ का था, 2021- 22 में 6436 हजार करोड़ हुआ। 2024- 25 के लिए जल संसाधन विभाग का बजट 6348 हजार करोड़ था। लेकिन इस बार यह इससे अधिक हो सकता है। इस बार मप्र में नदी जोड़ो अभियान शुरू हुआ है। केन-बेतवा और पार्वती-चम्बल- कालीसिंध परियोजनाओं का भूमिपूजन हो चुका है। 18 अन्य योजनाओं के प्रस्ताव भी तैयार किए जा रहे हैं। इनमें राज्य के हिस्से की राशि का बजट में प्रावधान किया जाएगा।
बजट में जनता की सहभागिता
सरकार ने आगामी बजट के मद्देनजर प्रदेशवासियों से सुझाव मांगे हैं ताकि विकास की राह को और तेज किया जा सके। साथ ही जनता की बजट के निर्धारण में महत्वपूर्ण सुझाव के तौर पर हिस्सेदारी भी हो। राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों से विभिन्न माध्यमों के जरिए सुझाव मांगे हैं और यह सुझाव 15 जनवरी तक सरकार तक भेजे जा सकते हैं। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि विकास की राह पर निरंतर आगे बढ़ रहे मध्य प्रदेश के आगामी बजट में अपने सुझावों के माध्यम से आम जन सहभागी बनें और प्रदेश की प्रगति तथा समृद्धि में अपना योगदान दें। भारत सरकार द्वारा प्रायोजित जन कल्याण और विकास कार्यों से जुड़ी योजनाएं डॉ. मोहन यादव की सरकार की प्राथमिकताएं होंगी। नदी जोड़ो अभियान योजनाओं पर मप्र राजस्थान, मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश को योजना की लागत की कुल 10 प्रतिशत राशि देना है। जबकि इसका फायदा राज्य के उन क्षेत्रों को होगा, जहां इस तरह की योजना की महती आवश्यकता है। इसलिए केन्द्र प्रायोजित योजनाओं को सरकार ने प्राथमिकता में लिया है और बजट में इसके लिए अलग से राशि का प्रावधान भी किया जाएगा।
दिग्गजों ने ‘अपनों’ को बनवा दिया जिलाध्यक्ष
10 Jan, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मप्र भाजपा के जिलाध्यक्षों की सूची का लंबा इंतजार आज खत्म हो सकता है। जानकारी के मुताबिक सूची फाइनल हो चुकी है और किसी भी समय इस सूची का एलान किया जा सकता है। पहले ये सूची 5 जनवरी को जारी होनी थी, लेकिन कई जिलों में एक नाम पर सहमति ना बन पाने की वजह से गतिरोध इतना बढ़ा कि ये पूरा मामला केन्द्रीय नेतृत्व तक पहुंचा। अब भाजपा सूत्रों का कहना है प्रदेश के 62 जिलों की सूची फाइनल हो गई है और दिग्गजों ने पार्टी गाइडलाइन को दरकिनार कर अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनवा दिया है।गौरतलब है कि पार्टी ने हर जिले में जिलाध्यक्ष के चुनाव से पहले आम सहमति बनाने के लिए जो रायशुमारी कराई गई थी, उससे हटकर भी नामों को फाइनल किया गया है। भाजपा संगठन चुनाव के दूसरे चरण में पार्टी हाईकमान ने प्रदेश के 62 जिलों के अध्यक्षों का नाम फाइनल कर लिया है। पार्टी नेताओं के अनुसार, आज राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष की हरी झंडी के बाद सूची जारी की जा सकती है। पिछले एक सप्ताह से जिलाध्यक्षों के चुनाव को लेकर चल रही माथापच्ची के बाद जिन नामों पर सहमति बनी है, उनमें से कई रायशुमारी में आए पैनल से बाहर के हैं। सूत्रों के अनुसार, संगठन की गाइडलाइन को भी ठेंगा दिखाकर दिग्गज नेता अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनवा पाने में सफल रहे हैं। पार्टी ने कार्यकर्ताओं की नाराजगी की आशंका के चलते ही डैमेज कंट्रोल का प्लान पहले तैयार कर लिया है।
किसी भी समय हो सकता है ऐलान
लंबे समय से अटकी भाजपा जिलाध्यक्षों की सूची आज जारी हो सकती है। दिल्ली में राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री शिवप्रकाश और प्रदेश भाजपा प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह से मंथन के बाद इसे अंतिम रूप दे दिया है। जानकारी के मुताबिक धार और सागर में दो ग्रामीण जिले बढ़ाने के साथ अब भाजपा में 62 जिले हैं। जिन पर जानकारी के मुताबिक एक साथ ये सूची जारी होगी। जिलों की रायशुमारी से लेकर एक-एक नाम पर दिल्ली तक मंथन हुआ है। वहीं इस बार जिलाध्यक्षों के रिपीट होने की संभावना नहीं है। पहले खास तौर पर भोपाल और इंदौर के जिलाध्यक्ष को रिपीट किए जाने को लेकर दबाव था। इंदौर जिलाध्यक्ष गौरव रणदिवे और भोपाल जिला अध्यक्ष सुमित पचौरी को युवा होने की वजह से रिपीट किए जाने का दबाव था, लेकिन पार्टी किसी भी जिलाध्यक्ष को रिपीट किए जाने पर विचार नहीं कर रही, बल्कि माना जा रहा है कि इस बार बड़ी तादात में महिलाओं को जिलाध्यक्ष के पद पर मौका दिया जाएगा।
कहां अटक गई थी सूची
असल में ये पहली बार है कि भाजपा जिला अध्यक्ष की सूची के ऐलान में इतना लंबा समय लगा। वजह ये थी कि कई जिलों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का अपने समर्थकों को जिलाध्यक्ष बनाए जाने का दबाव था। कई जिलों में चूंकि कद्दावर नेताओं की तादात ज्यादा थी, इसलिए एक नाम पर आम सहमति बनना कठिन हो रहा था। वैसे भाजपा के संगठनात्मक जिले 60 हैं, लेकिन इस बार सागर और धार में शहरी और ग्रामीण दो हिस्से कर दिए जाने के बाद अब 62 जिलों पर एक साथ जिलाध्यक्षों की सूची का एलान होगा। भाजपा संगठनात्मक रूप से चार प्रमुख जिले भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और इंदौर बड़े जिले होने की वजह से इन्हें शहरी और ग्रामीण दो हिस्सों में बांटा गया है। जिलाध्यक्षों की घोषणा से ठीक पहले एमपी भाजपा की एक बड़ी वर्चुअल मीटिंग हुई। इस बैठक में भाजपा के सभी वर्तमान जिला अध्यक्ष, प्रदेश पदाधिकारी, विधायक सांसद वर्चुअल जुड़े। वर्चुअल मीटिंग में भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री ने कहा कि जिला अध्यक्षों को लेकर पूरी प्रक्रिया हो चुकी है। जिला अध्यक्षों के निर्वाचन की घोषणा भी जल्द होगी। लेकिन इस बात का सभी को ध्यान रखना चाहिए कि पार्टी का कार्यालय हमारी आस्था का मंदिर है। नए जिला अध्यक्ष की घोषणा के बाद उनका स्वागत कार्यालय में ही हो। किसी नेता के घर जाकर स्वागत सत्कार और आभार के प्रदर्शन के बजाय निवर्तमान अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए नए अध्यक्ष का सभी कार्यकर्ता स्वागत करें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा- मप्र का संगठन देश में अग्रणी रहा है। संगठन पर्व में भी मप्र भाजपा के कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह से भाग लिया है। बूथ समितियों से लेकर मंडल के संगठन पर्व और अब जिला संगठन पर्व (जिला अध्यक्ष का चुनाव) में भी सबने उत्साह से भाग लिया है। वीडी शर्मा ने कहा आप सभी ने संगठन के हर कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया है। इसी आधार पर मप्र भाजपा का संगठन देश में एक आदर्श संगठन के रूप में जाना जाता है।
प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का रास्ता साफ
माना जा रहा है कि अब प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के प्रवास के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश भाजपा के 62 जिलों के अध्यक्ष पर केंद्रीय नेतृत्व ने सहमति बना ली। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री ने प्रदेश के कई नेताओं के साथ कई दौर की बातचीत की लेकिन अंत में दिग्गजों की जिद ही सफल रही। सभी अंचलों में दिग्गज अपने-अपने समर्थकों को बिठाने में सफल रहे।
नर्मदा नदी में क्रूज चलाने की तैयारियां हुई तेज
10 Jan, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । नर्मदा नदी में क्रूज चलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मप्रपर्यटन विभाग ने बड़वानी से लगे धार जिले के नर्मदा किनारे स्थित मेघनाद घाट से गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक नर्मदा नदी में क्रूज संचालन हेतु निविदा जारी कर दी है। राज्यसभा सांसद सुमेरसिंह सोलंकी ने बताया कि पर्यटन विभाग ने सफर की तीन श्रेणियां बनाई हैं। पहली श्रेणी में पांच दिन के सफर की एक श्रेणी रखी है। इसमें रात्रि विश्राम, भोजन, स्विमिंग पूल जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। इसका मार्ग सरदार सरोवर बांध से हापेश्वर-मेघनाद घाट-साकरेज-स्टैच्यू आफ यूनिटी तक का रहेगा। इसकी दूरी 270 किमी होगी। सफर की दूसरी श्रेणी एक तरफा क्रूज यानी तीन दिन का सफर। सरदार सरोवर बांध से हापेश्वर- साकरेजा- मेघनाद घाट तक का सफर किया जा सकेगा। इसकी दूरी 135 किमी होगी। तृतीय श्रेणी में क्रूज का सफर केवल दो घंटे का होगा। क्रूज से स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। मेघनाद घाट से 10 किमी परिधि में ही सफर करवाया जाएगा। इस छोटे पैकेज में स्थानीय साइड सीन और नाश्ते की व्यवस्था उपलब्ध होगी।
चार प्रमुख स्थानों पर जेटी स्टेशन बनेंगे...
135 किमी लंबे जलमार्ग पर चार स्थानों को क्रूज संचालन के लिए जोड़ा जाएगा। यह जलमार्ग बड़वानी से लगे धार जिले के मेघनाद घाट से शुरु होकर अलीराजपुर जिले के साकरेजा, गुजरात के हापेश्वर होते हुए स्टैच्यू आफ यूनिटी तक जाएगा। इन स्थानों पर जेटी स्टेशन(पोंटून) बनाए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को क्रूज पर आने-जाने की सुविधा मिल सके। वर्तमान में प्रदेश में बनने वाले दो स्टेशन के लिए जेटी पोंटून आ गए हैं और ये मेघनाद घाट पर नदी में खड़े हैं।
छोटे स्टेशन भी बनाएं जाएंगे
सांसद ने बताया कि बड़वानी, अंजड़ और धरमपुरी में भी छोटे स्टेशन बनाना प्रस्तावित है जो मुख्य स्टेशन मेघनाद घाट से जुड़ेंगे। निजी एजेंसियों को इस परियोजना के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 29 जनवरी तय की गई है। इस परियोजना के अंर्तगत साल 2026 के अंत तक पहले अंतर-प्रांतीय जल मार्ग पर पर्यटन शुरू होने की उम्मीद है। क्रूज मार्ग पर अलीराजपुर जिले के साकरेजा और गुजरात के हापेश्वर जेटी पाइंट्स पर पर्यटकों को आदिवासी बहुल गांवों में होम स्टे की व्यवस्था भी होगी।
मंत्रालय में प्रमोशन के पदों पर सीधी भर्ती की तैयारी
10 Jan, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में हर साल 3 से 4 हजार कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं और पदोन्नति पर रोक है। ऐसे में प्रदेश के सबसे बड़े प्रशासकीय भवन मंत्रालय में कर्मचारियों का टोटा पडऩे लगा है। यहां अतिरिक्त सचिव से सहायक ग्रेड-2 संवर्ग के 469 पद खाली हैं। इस कारण मंत्रालय का कामकाज प्रभावित हो रहा है। भविष्य में यह स्थिति और बिगड़ सकती है, जिसे देखते हुए सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) 306 कर्मचारियों की भर्ती करने की तैयारी कर रहा है। विभाग कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से परीक्षा कराकर यह पद भरेगा। भर्ती प्रक्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई थी कि विरोध शुरू हो गया है। दरअसल, अनुभाग अधिकारी से सहायक ग्रेड-2 के जिन पदों को भरने की कोशिश की जा रही है, वह प्रमोशन के पद हैं।साल 2024 में मंत्रालय से 85 अधिकारी रिटायर हुए हैं और साल 2025 में लगभग 130 अधिकारी रिटायर होंगे। इस स्थिति ने जीएडी के अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। यही कारण है कि प्रमोशन के पदों को भी सीधी भर्ती से भरने की कोशिश की जा रही है। उधर, कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं। मंत्रालय सेवा अधिकारी-कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार पटेल कहते हैं कि मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव जीएडी सहित अन्य अधिकारियों को लिखित में आपत्ति दर्ज करा दी है। पटेल का कहना है कि इन पदों पर कर्मचारियों को पदोन्नत किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में मामला होने के कारण ऐसा नहीं कर सकते हैं तो साल 2020 में लिए निर्णय अनुसार उच्च पदनाम दे दें। फिर जिम्मेदारी से काम करने लगेंगे।
4 साल पहले हुआ पदनाम देने का निर्णय
पदोन्नति पर रोक से कर्मचारियों की बढ़ती नाराजी के कारण सरकार ने 2020 में कैबिनेट कमेटी बनाई थी। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन महाधिवक्ता, हाईकोर्ट जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता, विधि विभाग के प्रमुख सचिव की मौजूदगी में बीच का रास्ता निकाला गया था। कमेटी ने तय किया था कि कर्मचारियों को वरिष्ठ वेतनमान तो दिया ही जा रहा है, उच्च पदनाम भी दे दें, तो काम में सुधार हो जाएगा। जीएडी ने यह निर्देश अन्य विभागों को जारी किए और विभागों में उच्च पद का प्रभार देकर कर्मचारियों को किसी हद तक संतुष्ठ भी कर दिया, पर जीएडी ने खुद ही अपने निर्देश का पालन नहीं किया।
अप्रैल 16 से पदोन्नति पर रोक
मप्र लोक सेवा (पदोन्नति) अधिनियम 2002 का पदोन्नति में आरक्षण का नियम जबलपुर हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल 2016 को खत्म कर दिया था और इस नियम से पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों को रिवर्ट करने को कहा था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ मप्र सरकार सुप्रीम कोर्ट गई, तो कोर्ट ने पहली ही सुनवाई में प्रकरण में यथास्थिति रखने के निर्देश दिए थे। तभी से प्रदेश में पदोन्नति पर रोक लगी है। इस अवधि में 1 लाख 50 हजार से अधिक कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं।
इन विभागों ने दिया उच्च पद का प्रभार
पुलिस-गृह, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, वन सहित कई विभागों ने कर्मचारियों के विरोध को शांत करने के लिए अपने कर्मचारियों को उच्च पद का प्रभार दे दिया है।
माननीय केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री भारत सरकार श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया द्वारा 13 ट्रेनों के प्रायोगिक ठहराव और बीना-गुना मेमू गाड़ी के विस्तार का शुभारंभ किया गया
10 Jan, 2025 07:07 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भोपाल मंडल के अशोकनगर रेलवे स्टेशन पर 10 जनवरी 2025 को माननीय केंद्रीय संचार एवं उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री,भारत सरकार श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 13 ट्रेनों के प्रायोगिक ठहराव और बीना-गुना मेमू स्पेशल ट्रेन का रुठियाई स्टेशन तक विस्तारित सेवा का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने अशोकनगर स्टेशन पर आयोजित गरिमामयी कार्यक्रम में हरी लझंडी दिखाकर ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया। माननीय मंत्री जी ने गुना संसदीय क्षेत्र में रेलवे द्वारा किये गए विकास कार्यो के संबंध में अशोक नगर के गणमान्य नागरिकों को संबोधित किया।
इस अवसर पर श्री ब्रजेन्द्र यादव माननीय विधायक मुंगावली, श्री जजपाल सिंह पूर्व माननीय विधायक अशोकनगर, श्री अजय यादव माननीय अध्यक्ष जिला पंचायत अशोकनगर, श्री नीरज मनोरिया माननीय अध्यक्ष नगर पालिका अशोकनगर एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति, मीडिया प्रतिनिधि तथा रेल प्रशासन की ओर से मंडल रेल प्रबंधक श्री देवाशीष त्रिपाठी, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्रीमती रश्मि दिवाकर , वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया, तथा अन्य रेलवे अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
गाड़ियों के प्रायोगिक ठहराव की समय-सारणी
यात्रियों की सुविधा के लिए निम्नलिखित गाड़ियों के ठहराव की घोषणा की गई:
• गाड़ी संख्या 18573 विशाखापट्टनम-भगत की कोठी एक्सप्रेस, अशोकनगर स्टेशन पर हर शुक्रवार को 04:28 बजे आगमन और 04:30 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 19053 सूरत-मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस, मुंगावली स्टेशन पर हर शुक्रवार को 22:18 बजे आगमन और 22:20 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 20971 उदयपुर-शालीमार एक्सप्रेस, मुंगावली स्टेशन पर हर शनिवार को 10:43 बजे आगमन और 10:45 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 22194 दौंड-ग्वालियर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, बदरवास स्टेशन पर हर शनिवार को 19:18 बजे आगमन और 19:20 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 18574 भगत की कोठी-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस, अशोकनगर स्टेशन पर हर रविवार को 09:46 बजे आगमन और 09:48 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 20482 तिरुचिरापल्ली-भगत की कोठी एक्सप्रेस, मुंगावली स्टेशन पर हर रविवार को 16:18 बजे आगमन और 16:20 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 19054 मुजफ्फरपुर-सूरत एक्सप्रेस, मुंगावली स्टेशन पर हर सोमवार को 00:25 बजे आगमन और 00:27 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 20972 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस, मुंगावली स्टेशन पर हर सोमवार को 18:10 बजे आगमन और 18:12 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 22193 दौंड-ग्वालियर सुपरफास्ट एक्सप्रेस, बदरवास स्टेशन पर हर सोमवार को 21:04 बजे आगमन और 21:06 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 18207 दुर्ग-अजमेर एक्सप्रेस, मुंगावली स्टेशन पर हर मंगलवार को 05:23 बजे आगमन और 05:25 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 20961 उधना-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस, बदरवास स्टेशन पर हर मंगलवार को 21.04 बजे आगमन और 21.06 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 18208 अजमेर-दुर्ग एक्सप्रेस, मुंगावली स्टेशन पर हर बुधवार को 06.12 बजे आगमन और 06.14 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 20962 वाराणसी-उधना सुपरफास्ट एक्सप्रेस, बदरवास स्टेशन पर हर गुरुवार को 06:35 बजे आगमन और 06:37 बजे प्रस्थान।
• गाड़ी संख्या 61611 बीना- रुठियाई मेमू स्पेशल ट्रेन 08.55 बजे रुठियाई पहुचेगी और गाड़ी संख्या 61612 रुठियाई-बीना मेमू स्पेशल ट्रेन 09.45 बजे रुठियाई से प्रस्थान करेगी|
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इन ठहराव और गाड़ी विस्तार से स्थानीय यात्रियों को न केवल सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्रीय संपर्क भी सशक्त होगा। उन्होंने कहा कि रेलवे लगातार यात्रियों के लिए सेवाओं में सुधार और विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है।
भोपाल रेल मंडल द्वारा की गई इस पहल से न केवल यात्रियों को बेहतर सेवाएं प्राप्त होंगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी बल मिलेगा।
16 जनवरी से शुरू हो जाएंगे शादी समारोह, बाजार में लौटेगी रौनक
10 Jan, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। पौष माह में विवाह पर रोक का समय समाप्त होने वाला है। माघ महीने के साथ ही शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगेगी। 16 जनवरी से वैवाहिक मुहूर्त प्रारंभ होते ही विवाह आयोजन और खरीदारी का दौर भी तेज हो जाएगा। शादी का सीजन न केवल परिवारों के लिए खास होता है, बल्कि कारोबारियों के लिए भी यह समय फायदे का सौदा साबित होता है। पौष माह की पूर्णिमा तिथि पर 13 जनवरी को छेरछेरा का पर्व मनाया जाएगा। यह इस माह का अंतिम दिन रहेगा। इसके बाद 14 जनवरी को मकर संक्रांति आने के साथ ही माघ माह की शुरुआत होगी। इस दौरान पारंपरिक रीति-रिवाजों को निभाने और त्योहारी माहौल के कारण बाजारों में रौनक बनी रहेगी। संक्रांति के दिन तिल और गुड़ से बने मिष्ठान की खरीदारी बढ़ जाती है। इसके बाद जैसे ही वैवाहिक मुहूर्त शुरू होगा, बाजार की हलचल और तेज हो जाएगी। 16 जनवरी से वैवाहिक मुहूर्त भी शुरू हो जाएंगे।
बाजारों में शुरू हुई तैयारियां
भोपाल के बाजार इन दिनों अपने स्टॉक को अपडेट करने में लगे हैं। सराफा, बर्तन, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर खासतौर पर ग्राहकों की संख्या में इजाफा होने की संभावना है। शादी के सीजन में गहनों की मांग हमेशा अधिक होती है। लिहाजा, ज्वेलरी शोरूम के मालिकों ने आकर्षक डिजाइन और छूट का ऑफर देने की तैयारी कर ली है। बर्तन बाजार में स्टील और किचन अप्लायंसेज के उत्पादों का स्टाक बढ़ा दिया गया है। विवाह के अवसर पर मेहमानों को भेंट देने के लिए ट्रेंडी और उपयोगी उपहारों की मांग अधिक रहती है। कपड़ा बाजार में दूल्हे-दुल्हन के कपड़ों के अलावा मेहमानों के लिए एथनिक और फॉर्मल आउटफिट की खरीदारी जोर पकड़ती दिख रही है।
इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स की बढ़ी मांग
इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर्स में फ्रिज, वाशिंग मशीन, मिक्सर-ग्राइंडर और टीवी की मांग बढऩे की उम्मीद है। शादी में दी जाने वाली वस्तुएं अधिकतर इसी श्रेणी की होती हैं। स्टोर्स ने इन उत्पादों पर ऑफर देने की योजना बनाई है, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्राहक खींचे जा सकें।
ऑनलाइन शॉपिग पर भी जोर
जहां एक ओर पारंपरिक बाजार में रौनक दिखाई दे रही है। वहीं, दूसरी तरफ ऑनलाइन पोर्टल भी ग्राहकों को आकर्षक छूट और डिलीवरी सेवाओं के साथ जोड़ रहे हैं। इस बार युवा वर्ग ऑनलाइन प्लेटफॉम्र्स पर शादी के लिए कपड़े और गहने खरीदने में रुचि दिखा रहा है। कारोबारी वर्ग के लिए शादी का सीजन किसी बूस्टर की तरह है।
होटल और वेडिंग वेंडर्स की बढ़ेगी व्यस्तता
विवाह के आयोजन के लिए बैंक्वेट हाल, कैटरिंग और डेकोरेशन सर्विस की मांग भी तेज हो रही है। होटल व्यवसायी पहले से ही अपनी बुकिंग फुल करने में लगे हैं। हलवाई और आयोजकों की टीम तैयार है और वेदियों की बुकिंग के लिए जल्दबाजी शुरू हो गई है।
भोपाल से दिल्ली तक विचार-विमर्श के बाद बनी सहमति, आज जारी हो सकती है नेम लिस्ट
10 Jan, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में भाजपा जिला अध्यक्षों को लेकर 5 दिन तक मंथन चला। भोपाल से दिल्ली तक चली मंत्रणा के बाद आखिरकार सहमति बन गई है। शुक्रवार (10 जनवरी) को नए जिला अध्यक्षों के नाम का ऐलान हो सकता है। बीजेपी के प्रदेश संगठन महामंत्री ने गुरुवार को हुई बैठक के बाद कहा कि जिला अध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब बदलाव की गुंजाइश नहीं हैं। बस सूची जारी करने की देर है।
मिलकर संगठन के कार्यों को धरातल पर उतारना है
एमपी में भाजपा जिला अध्यक्षों को लेकर पिछले कई दिनों से खींचतान मची है। जिला अध्यक्षों की सूची के इंतजार के बीच गुरुवार को प्रदेश संगठन के नेताओं की वर्चुअल बैठक बुलाई गई। बैठक में जुड़े प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह ने सभी नेताओं को नए जिला अध्यक्ष मिलने से पहले बधाई दी। कहा कि सभी को साथ मिलकर संगठन के कार्यों को धरातल पर उतारना है। बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने कहा कि जिला अध्यक्षों के चयन को लेकर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बस सूची जारी करने की देर है।
पार्टी कार्यालय में ही होगा स्वागत सत्कार
हितानंद ने दो टूक नसीहत देते हुए कहा है कि जिसकी भी जिलाध्यक्ष के पद पर नियुक्ति होती है, वे इस बात का ध्यान रखें कि किसी मंत्री, बड़े नेता, सांसद, विधायक या प्रदेश पदाधिकारी के घर, बंगले या दफ्तर जाकर स्वागत नहीं कराएंगे। पार्टी दफ्तर में ही स्वागत होगा। बैठक में यह भी कहा गया कि जिला अध्यक्ष पद जिसे भी मिले, सभी को मिलकर उसका साथ देना है। वीडी शर्मा ने कहा हमारा संगठन देश में अग्रणी है।
चुनाव अधिकारियों को घोषणा की जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक, संगठन नए जिला अध्यक्षों के नाम की सूची जारी कर विवाद से बचना चाह रहा है। इसलिए घोषणा का तरीका बदल है। चुनाव अधिकारियों को जिला अध्यक्षों के घोषणा की जिम्मेदारी दे गई है। अब जिला निर्वाचन अधिकारी ऊपर से बताए गए नाम पर सभी की सहमति बनाकर जिला अध्यक्षों की घोषणा करेंगे। अगर कोई विवाद होता है तो उसे भी संभालेंगे। सूत्रों के मुताबिक तय होने वाले नाम को सीधे मैसेज कर पार्टी कार्यालय बुलाया जाएगा।
भोपाल में भीषण हादसा, ट्रक ने मारी कॉलेज बस को टक्कर, एक छात्र की मौत, अन्य घायल
10 Jan, 2025 05:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक छात्र की मौत हो गई, जबकि दो प्रोफेसर समेत 35 छात्र घायल हो गए। आउटर भोपाल के भौरी बाईपास पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने कॉलेज बस को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस को काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का पिछला हिस्सा चकनाचूर हो गया। हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े और छात्रों को बस से निकालना शुरू किया। इसी बीच पुलिस को भी सूचना दी गई। पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया।
विजिटिंग कर लौट रहे थे छात्र
हादसा दोपहर 2 बजे हुआ। सभी छात्र पीपुल्स स्कूल ऑफ रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी के इंजीनियरिंग छात्र हैं। सभी छात्र इसार कंपनी के प्लांट का दौरा करने गए थे। हादसे में 6 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम बच्चों के इलाज में जुटी है। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक बस उस वक्त दुर्घटनाग्रस्त हुई, जब छात्र विजिट से लौट रहे थे।
एक छात्र की मौत
एक छात्र की दुर्घटना में मौत हो गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। दो छात्र गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
मप्र: रेलवे ने श्रद्धालुओं को दी बड़ी खुशखबरी, चलेंगी 4 कुंभ मेला स्पेशल ट्रेने, देखे अपडेट
10 Jan, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश (नर्मदापुरम): प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ के लिए रेलवे ने श्रद्धालुओं को बड़ी खुशखबरी दी है। मध्य प्रदेश से कुंभ जाने वाले यात्रियों के लिए चार नई ट्रेनों की घोषणा की गई है। ये ट्रेनें 13 जनवरी से 26 फरवरी तक चलेंगी। सीनियर डीसीएम सौरभ कटारिया ने बताया कि महाकुंभ में भाग लेने के लिए प्रदेश से लाखों लोग प्रयागराज पहुंचेंगे। ट्रेन संख्या 07087 मौला अली-वाराणसी महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन- यह ट्रेन 17 फरवरी को मौला अली स्टेशन से रात 11:55 बजे रवाना होगी और इटारसी व रूट के अन्य स्टेशनों से होते हुए अगले दिन शाम 5:40 बजे तीसरे दिन सुबह 11:10 बजे वाराणसी स्टेशन पहुंचेगी।
वहीं, ट्रेन संख्या 07083 मछलीपट्टनम-आजमगढ़ महाकुंभ मेला ट्रेन, ट्रेन संख्या 05074 लालकुआ-क्रांतिवीर संगोली रायन्ना (बेंगलुरु) स्पेशल ट्रेन, मौला अली-वाराणसी महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन चलेंगी। ट्रेन संख्या 07088 वाराणसी-मौला अली महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन 19 फरवरी को वाराणसी से शाम 7:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 2:40 बजे इटारसी होते हुए तीसरे दिन सुबह 7:00 बजे मौला अली पहुंचेगी। ट्रेन संख्या 07083/07084 मछलीपट्टनम-आजमगढ़ महाकुंभ मेला स्पेशल ट्रेन ट्रेन संख्या 07083 मछलीपट्टनम से 5 फरवरी को रात 10 बजे रवाना होगी।
1800 एकड़ जमीनों पर पर्यटन विभाग लाएगा होटलों के प्रोजेक्ट... क्रूज भी चलेगा
10 Jan, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । फरवरी माह में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी में एमपीआईडीसी भी जोर-शोर से जुटा है, क्योंकि सबसे अधिक प्रोजेक्ट इंदौर-पीथमपुर और आसपास की जमीनों पर ही आएंगे। इसी के साथ पर्यटन विभाग भी लैंड बैंक बढ़ाने में जुटा है, तो वहीं लगभग 1800 एकड़ जमीनों पर होटलों, रिसोर्ट सहित उससे जुड़े प्रोजेक्ट लाए जा रहे हैं। वहीं 120 किलोमीटर क्रूज के संचालन के टेंडर भी बुलाए गए हैं। यह क्रूज नर्मदा नदी में ओंकारेश्वर से लेकर यूनिटी ऑफ स्टेच्यू गुजरात के केवडिय़ा तक चलाया जाना है। इससे वॉटर टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। इसी तरह शरसी आईलैंड सहित अन्य 14 बोट क्लब भी पर्यटन विभाग ने तैयार किए हैं, जहां पर बोटिंग, जेट स्कीइंग सहित अन्य गतिविधियां होंगी।
उज्जैन में जहां मेडिकल डिवाइस पार्क और धार में पीएम मित्र टेक्सटाइल अपेरल पार्क विकसित किया जा रहा है, तो उसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में भी वहां से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इंदौर, पीथमपुर में ही मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क भी विकसित किया जा रहा है, तो इकोनॉमिक कॉरिडोर के साथ एमपीआईडीसी सेक्टर-7 को भी विकसित कर रहा है। फरवरी में भोपाल में जो समिट होने जा रही है उसमें सबसे अधिक इंदौर और उसके आसपास से जुड़े प्रोजेक्टों को ही हाईलाइट किया जाएगा, जिसकी तैयारी मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग निगम ने भी शुरू कर दी है। दरअसल, अभी उज्जैन में महाकाल लोक बनने के बाद देश-दुनिया से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं और बीते साल ही 6 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए, जिसके चलते इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर में भी धार्मिक पर्यटन कई गुना बढ़ गया है। इसके साथ ही सिंहस्थ-2028 की तैयारी भी उज्जैन में मुख्यमंत्री ने जोर-सोर से शुरू करवा दी है। पर्यटन विभाग मेहमाननवाजी से जुड़े तमाम प्रोजेक्ट अमल में ला रहा है, जिसमें होटल, रिसोर्ट, मनोरंजन पार्क से लेकर अन्य गतिविधियां रहेंगी, जिसके लिए 700 हेक्टेयर यानी लगभग 1800 एकड़ जमीनों पर ये प्रोजेक्ट लाए जाएंगे, जिसमें इंदौर, उज्जैन, मांडव, ओंकारेश्वर, देवास, ओरछा, खंडवा, बुरहानपुर, भोपाल, जबलपुर, छतरपुर, रायसेन सहित अन्य धार्मिक और पर्यटन से जुड़े क्षेत्र शामिल हैं। इंदौर में भी पर्यटन विभाग के पास 5 एकड़ जमीन कृषि कॉलेज के पास मौजूद है, जहां पर पहले होटल का प्रोजेक्ट था। अब इस जमीन को बेचने या नए सिरे से प्रोजेक्ट बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। वहीं मध्यप्रदेश और गुजरात के बीच इंटर इस्टेट क्रूज सेवा भी शुरू की जाएगी, जिसके लिए टेंडर आमंत्रित भी किए गए हैं।
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