मध्य प्रदेश
ज्ञानवान होने के साथ उसे आचरण में उतारना जरूरी - राज्यपाल पटेल
11 Jan, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि ज्ञानवान होना ही पर्याप्त नहीं है, ज्ञान को आचरण में उतारना भी जरूरी है। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान कवि, लेखक और राष्ट्रभक्त की स्मृति में स्थापित विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का दायित्व है कि वह देश, समाज, समुदाय,परिवार और वंचितों के प्रति संवेदनशील रहें। राज्यपाल पटेल शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर हॉल में आयोजित अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में उपस्थित अतिथियों और विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि भावी जीवन में कैरियर की सफलताओं में माता-पिता, गुरूजन और समाज के जरूरतमंद पीछे नहीं छूटने चाहिए। पालकों के संघर्ष के पलों, समाज के सबसे पिछड़े, गरीब व्यक्ति के आपकी शिक्षा-दीक्षा में प्रत्यक्ष और परोक्ष सहयोग को सदैव याद रखें। दीक्षांत शपथ के दस्तावेज को सम्भाल कर रखें। प्रतिदिन उसे दोहराएं और उसके अनुसार आचरण करें। आस-पास के वंचितों की जरूरतों की जानकारी लें। उनको पूरा करने का यथा संभव प्रयास करें। उन्होंने स्वामी विवेकानंद का उल्लेख करते हुए कहा कि हर व्यक्ति में अपार क्षमता है आवश्यकता अपनी शक्तियों को जगाने की है। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की गरिमा को बढ़ाने और समाज एवं राष्ट्र की सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए शुभकामनांए दी।
भारतीय सूचना प्रौद्यौगिकी संस्थान भोपाल के निदेशक आशुतोष सिंह ने महाभारत के मछली की आँख वाले प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि जीवन में सफलता के लिए कठिन प्रतिस्पर्धा हर युग में रही है, आगे भी रहेगी। भावी जीवन में भी रोज नई परीक्षा देनी होगी। आवश्यकता देश, काल और परिस्थिति के अनुसार स्वयं को ढालकर प्रयास करने की है। अंधेरा कितना भी घना हो, दिया जलाने पर रोक नहीं लगाता है। उन्होंने कहा कि याद रहे मंजिल उन्हें मिलती है जिनके सपनों में जान होती है। पंख होना पर्याप्त नहीं, उड़ान का हौसला होना जरूरी है।
संचालक म.प्र. हिन्दी ग्रन्थ अकादमी अशोक कडैल ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति आधुनिक तकनीकी और रोजगार मूलक शिक्षा व्यवस्था के साथ ही भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़ी व्यवस्था है। अटल बिहारी वाजपेयी हिन्दी विश्वविद्यालय द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय जनमानस के साथ संवाद और संपर्क का प्रभावी माध्यम भारतीय भाषाएं है। उन्होंने कहा कि गैर पारम्परिक हिन्दी विश्वविद्यालय के छात्रों का दायित्व है कि वह हिन्दी के मान सम्मान को समृद्ध और सफल बनाने में योगदान करें। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रेरणा लेने के लिए कहा है।
विश्वविद्यालय के कुलगुरू खेम सिंह डहेरिया ने विश्वविद्यालय के प्रगति प्रतिवेदन का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय वाणिज्य़,एम.बी.ए. तथा शिक्षा शास्त्र में स्नातकोत्तर उपाधि के साथ ही डेयरी संचालन में डिप्लोमा पाठ्यक्रम की आगामी सत्र से शुरुआत करेगा। कृषि एवं इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम भी प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने विश्वविद्यालय के प्रकाशनों का कार्यक्रम में लोकार्पण अतिथियों के द्वारा कराया। आभार प्रदर्शन कुलसचिव शैलेन्द्र कुमार जैन ने किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों ने माँ शारदा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। उन्होंने स्व. वाजपेयी के चित्र पर पुष्पांजलि भी दी। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं मंचासीन अतिथियों का शॉल, श्रीफल, स्मृति प्रतीक एवं पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। राज्यपाल ने विभिन्न संकायों के पदक विजेताओं को पुरस्कृत किया। दीक्षांत अवसर पर वर्ष 2023-24 के 71 स्नातकोत्तर तथा 113 स्नातक छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदाय की गई है। सभी दीक्षित विद्यार्थियों को कार्यक्रम में दीक्षांत शपथ भी दिलाई गई।
भोपाल के अंकुर खेल मैदान में केनरा बैंक ऑफिसर एसोसिएशन सीबीओए ने लगातार चौथा वर्ष क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया
11 Jan, 2025 09:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल ! CBOA के जनरल सेक्रेटरी के रवि कुमार जीके मार्गदर्शन में तथा के के त्रिपाठी के नेतृत्व में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया प्रदेश के विभिन्न रीजनल ऑफिस इंदौर जबलपुर ग्वालियर उज्जैन रायपुर तथा भोपाल एवं अंचल कार्यालय की टीमों ने भाग लिया ! टूर्नामेंट का उद्घाटन उप माहप्रबंधक मैडम एन एस किरण तथा भोपाल रीजनल ऑफिस के उप महा प्रबंधक श्री राम खिलाड़ी मीणा जी ने किया ! टूर्नामेंट का समापन केनरा बैंक के अंचल प्रमुख श्री सुधांशु सुमन जी ने किया! टूर्नामेंट के विजेता जबलपुर रीजनल ऑफिस तथा उपविजेता भोपाल अंचल कार्यालय रही! सीबीओए के जॉइंट जनरल सेक्रेटरी के के त्रिपाठी जी ने बताया की बैंक के कार्य के अलावा खेलों से भी कर्मचारियों का उत्साह होता है भविष्य में इस प्रकार के आयोजन और होते रहेंगे ! इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी गण, महिला अधिकारी तथा इंदौर से सीनियर वाइस प्रेसिडेंट संजय गोयल जी विभु जोशी जी , टी एन वेंदिया, आयुषी मालवीय तथा मनीष चतुर्वेदी उपस्थित थे!
स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशनः संवाद, सामर्थ्य और समृद्धि की त्रिवेणी
11 Jan, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : युवाओं की मेधा, शक्ति को जाग्रत करने वाले स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था, "उठो,जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए" विवेकानंद जी युवाओं को आशा और उम्मीद से देखते थे और युवा पीढ़ी को परिवर्तन का अग्रदूत मानते थे। स्वामी जी के लिये राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी पुस्तक "संस्कृति के चार अध्याय" में लिखा कि "अभिनव भारत को जो कुछ कहना था, वह विवेकानंद के मुख से उद्घोषित हुआ। अभिनव भारत को जिस दिशा में जाना था, उसका स्पष्ट संदेश विवेकानंद ने दिया। विवेकानंद वह सेतु हैं जिस पर प्राचीन और नवीन भारत परस्पर आलिंगन करते हैं। युवा शक्ति को राष्ट्र की मूलभूत चेतना और समाज निर्माण की ऊर्जा मानने वाले स्वामी विवेकानंद जी की जयंती 'राष्ट्रीय युवा दिवस' पर उनके चरणों में शत-शत नमन।
हमारे मार्गदर्शक यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवा पीढ़ी की क्षमता को जाना, समझा और ज्ञान (GYAN) पर ध्यान का मार्गदर्शन दिया। इसमें "जी" से गरीब, "वाय" से युवा, "ए" से अन्नदाता और "एन" से नारी कल्याण की बात कही। उन्होंने युवाओं के लिये अनुशासन, शील, सकारात्मकता, कौशल क्षमता और प्रतिभा के विकास का आह्वान किया। मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से हम मध्यप्रदेश में आज से "स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन" की शुरुआत कर रहे हैं।
हमने इस मिशन को "ज्ञान (GYAN) पर ध्यान" और मध्यप्रदेश की "युवा नीति-2023" को केन्द्र में रखकर आकार दिया है। इसका उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, रोज़गार के अवसर और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है। यह मिशन शहरी तथा ग्रामीण, पिछड़े और आर्थिक-सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं के कल्याण के लिये है। इसमें महिलाओं, दिव्यांग, युवाओं और किसानों को सशक्त बनाने का प्रयास है।
हमने युवाओं के विकास के लिये विभिन्न मोर्चो पर काम शुरू किया है। युवाओं के लिये विभिन्न विभागों में शासकीय नौकरी की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिये 55 पीएमकॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शुरू किये गये हैं। चिकित्सा शिक्षा के लिये आयुर्वेदिक, एलोपैथिक और होम्योपैथिक तीनों क्षेत्रों में कार्य किया जा रहा है। विगत वर्ष हमने तीन मेडिकल कॉलेज शुरू किये हैं। मुझे यह बताते हुए आनंद है कि पीपीपी मोड पर 2 साल में 25 नये मेडिकल कॉलेज आरंभ किये जायेंगे। औद्योगिकरण में रोज़गारपरक व्यवस्थाओं के लिये प्रदेश के विभिन्न अंचलों में आयोजित की जा रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का बड़ा आधार युवा शक्ति है। रीवा, उज्जैन, सहित अन्य आईटी पार्कों के माध्यम से युवाओं को अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर प्रदेश में ही रोज़गार के अवसर उपलब्ध हुए हैं।
"स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन" में युवाओं के कौशल संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना से रोज़गार के लिए आवश्यक दक्षताओं का विकास किया जाएगा। पर्यटन, कृषि और सेवा क्षेत्रों में कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम होंगे। इसके अलावा, युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जाएंगी। युवाओं को पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता और राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
युवा शक्ति मिशन "आत्म दीपो भवः" का घोष है। युवाओं के विकास और निर्माण के लिये जिन पक्षों को धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है, वर्षों पूर्व स्वामी विवेकानंद जी ने युवाओं की इसी क्षमता और मेधा को लेकर आह्वान किया था "आत्म दीपो भवः"अर्थात् अपना दीप स्वयं बनो। स्वयं अपने मार्गदर्शक बनो। युवाओं की ऊर्जा के सकारात्मक भाव से ही राष्ट्र की सुरक्षा, समृद्धि के साथ विकास आकार ले सकता है। यह युवाओं की श्रम साधना और कौशल उन्नयन से संभव है।
प्रधानमंत्री जी ने युवा समूह के लिये समुचित प्रोत्साहन की आवश्यकता बताई। यह सुखद संयोग है कि भारत में 15 से 29 वर्ष के युवाओं की संख्या 27.03 प्रतिशत है। यदि युवा सक्षम हैं, सामर्थ्यवान हैं, आत्मनिर्भर हैं तो पूरा समाज और देश उन्नत होगा। स्वामी विवेकानंद जी की इसी बात को ध्यान में रखकर "स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन" के तहत युवाओं में शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सेवा जैसे गुणों को विकसित किया जायेगा और उन्हें सक्षम बनाया जायेगा। इसमें युवाओं को नेतृत्ववान बनाने के लिये संसाधन और अवसर होंगे। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक कौशल से प्रशिक्षित कर उन्हें रोज़गार के लिये सक्षम बनाया जायेगा।
मिशन के स्तंभ हैं- संवाद, सामर्थ्य और समृद्धि। संवाद से आत्मविश्वास और नेतृत्व की क्षमता विकसित होगी। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, क्षमता संवर्धन और कौशल विकास से सामर्थ्य विकसित होगा और सामर्थ्यवान युवा समृद्ध होगा।
हमारे लिये यह हर्ष की बात है कि इस मिशन से युवा, स्वामी विवेकानंद जी के आह्वान को सार्थक करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे। वे भगवान श्रीकृष्ण की तरह स्वयं दीप बनेंगे और समाज को भी अपनी ऊर्जा और क्षमता से उज्ज्वल करेंगे। स्वामी जी ने युवाओं के लिये कहा था कि "आप भारतीय संस्कृति की विराट विरासत और परंपरा के उत्तराधिकारी हैं।" हम विरासत से विकास की अवधारणा को लेकर मध्यप्रदेश के विकास और निर्माण पथ पर अग्रसर हैं।
मुझे विश्वास है कि यह मिशन युवाओं के सपनों को साकार करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सफल होगा। प्राचीन, सुसंस्कृत और चिर युवा भारत की यह त्रिवेणी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित राष्ट्र निर्माण के संकल्प को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभायेगी। युवा अपने सपनों को साकार करें, स्वयं आगे बढ़ें और समाज, देश तथा प्रदेश को आगे बढ़ायें।
मुझे संतोष है कि मध्यप्रदेश का युवा प्रदेश सरकार पर भरोसा करता है। इस मिशन से उनके जीवन में नया सूर्य उगे, उनका जीवन आलोकित हो और वे समाज के लिये रचनात्मक और सृजनात्मक कार्यों में सहभागी बनें।
युवाओं को जाग्रत करने और भारतीय आध्यात्म और संस्कृति को वैश्विक पटल पर स्थापित करने वाले स्वामी विवेकानंद जी को पुनश्च नमन।
बिजली खरीदी के बोझ से दब रही कंपनियां
11 Jan, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भले ही प्रदेश सरकार बिजली उत्पादन को लेकर बड़े -बड़े दावे करे , लेकिन वास्तविकता में स्थिति अलग है। यही वजह है कि साल दर साल प्रदेश के खजाने पर बिजली खरीदने का बोझ बढ़ता ही जा रहा है। इस साल बिजली खरीदी में करीब 5500 करोड़ रुपए का इजाफा होना तय है। इसके साथ ही ब्याज पर ही करीब 1300 करोड़ रुपए का भुगतान करना होगा। इससे हर साल बिजली खरीदी और उससे संबंधित आर्थिक बोझ कम होने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है। दरअसल पूर्व की सरकार में बिजली का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर सरकारी प्लांटों की बजाए निजी प्लांटों की ओर शिफ्ट कर दिया गया था, जिसकी वजह से नए सरकारी प्लांट लगाने का काम बंद हो गया है। बावजूद इसके संकट के समय निजी सेक्टर की कंपनियां बिजली आपूर्ति से हाथ खड़े कर देती है। ऐसा दो बार संकटकालीन समय में हो चुका है, लेकिन फिर भी इन निजी कंपनियों पर न कोई जुर्माना लगाया गया और न इनके दीर्घकालीन समझौतों में कोई कमी या अनुबंध खात्मे की कोशिश की गई। कुल मिलाकर बिजली के मामले में एमओयू भी काम नहीं आ रहे हैं। प्रदेश में अप्रैल से शुरू होने वोले वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 40987 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी का प्लान है। इसके तहत हर महीने औसत 3100 करोड़ से ज्यादा की बिजली खरीदी जाएगी। इसके अलावा ब्याज पर कुल 1349 करोड़ रुपए सालाना दिए जाएंगे। वहीं इससे पूर्व मौजूदा वित्तीय वर्ष में 35404 करोड़ रुपए की बिजली खरीदी जानी है।
40 हजार करोड़ की खरीदी, घाटा 4000 करोड़
बिजली की खरीदी पर 40 हजार करोड़ से ज्यादा खर्च हो रहे हैं, जबकि बिजली कंपनियां आमदनी और खर्च में करीब 4000 करोड का अंतर ही बता रही है। वह भी तब, जबकि बिना बिजली खरीदी के ही करीब 1200 करोड़ और ब्याज पर 1300 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। यदि दीर्घकालीन समझौतों में कटौती की जाए तो इस राशि को बचाया जा सकता है। इससे आमदनी और खर्च के बीच का अंतर कम होगा। इससे बिजली की दर वृद्धि में कमी की जा सकती है, लेकिन इसे लेकर कोई कदम नहीं उठता। सूबे में सरकारी प्लांटों को घटाकर निजी प्लांटों को बढ़ाया जा रहा है।
दो बार कंपनियां खड़ी कर चुकी हैं हाथ
दरअसल, बिजली कंपनियां निजी बिजली कंपनियों से संकट या जरूरत के समय बिजली खरीदी के लिए पहले से एमओयू करती है। लेकिन दो बार ऐसा हो चुका है, जब कोयला संकट छाने के कारण बिजली की जरूरत पड़ी तो निजी बिजली कंपनियों ने भी हाथ खड़े कर दिए कि उनके पास भी कोयला नहीं है। ऐसा वर्ष 2017-18 और 2022 में हो चुका है।
फिर सामने आई रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना
11 Jan, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। निशातपुरा इलाके में सौतेले पिता द्वारा बेटी से अश्लील हरकत किये जाने की शर्मसार घटना सामने आई है। पीड़िता ने इसकी शिकायत महिला थाने में की है, पीड़िता नेआरेापी पिता पर मारपीट करने के भी आरोप लगाये है। पुलिस ने आरोपी सौतेले पिता के खिलाफ मामला कायम कर उसकी तलाश शुरु कर दी है। थाना पुलिस के अनुसार 19 वर्षीय पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह मूल रुप से बैतूल जिले की रहने वाली है।
उसके पिता का करीब 15 साल पहले देहांत हो गया था। दो साल पहले उसकी मां ने सौतेले पिता हीरालाल के साथ शादी की है। उसकी मॉ यहॉ निशातपुरा इलाके में दुर्गा नगर झुग्गी बस्ती में सौतेले पिता के साथ रहती रहती है, और वह बैतूल में ही रहती है। पीड़िता की मां ने किसी काम के चलते बेटी को मदद के लिए गांव से अपने पास बुलाया था। आरोप है कि उसका सौतेला पिता उसे बुरी नजर से घूरता था, जिसके चलते वह उससे दूरी बनाकर रहती थी। 7 जनवरी का करीब 9 बजे पीड़िता फोन पर अपनी रिश्ते की बहन से बातचीत कर रही थी। उसी समय उसका सौतेला पिता उसके पास आया और फोन पर लड़कों से बात करने की बात कहते हुए अनगर्ल बातें करने लगा। पीड़िता ने जब उसका विरोध किया तब आरोपी सौतेले पिता ने उसके साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। मारपीट के दौरान आरोपी उसके साथ अशीलल हरकते करता रहा। उस समय पीड़िता उसकी करतूत सहन कर गई लेकिन दो दिन बाद मौका मिलने पर वह थाने जा पहुंची। शिकायत मिलने पर थाना पुलिस ने सौतेले पिता के खिलाफ मामला कायम कर आगे की कार्यवाही शुरु कर दी है।
मप्र में जल्द आएगी नई एमएसएमई पॉलिसी
11 Jan, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । मप्र में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रदेश सरकार नई एमएसएमई पॉलिसी बना रही है। जानकारी के अनुसारी प्रदेश सरकार ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से पहले एमएसएमई की नई पॉलिसी के साथ ही भूमि आवंटन नियम और प्रोत्साहन की नई पॉलिसी लाने जा रही है। इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में स्थानीय उद्यमों के विकास, विदेशी निवेशकों को प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए आकर्षित करना और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना है। इसी पॉलिसी में एमएसएमई के क्षेत्र में प्रोत्साहन सब्सिडी 700 से 1100 करोड़ रुपए की जा रही है। अभी हाल ही में उद्योग मंत्री ने अलग-अलग व्यापारिक संघों से इस संबंध में बातचीत की और वर्तमान पॉलिसी में सुधार के लिए सुझाव भी मांगे थे। मिली जानकारी के मुताबिक सरकार नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और निर्यात संवर्धन पर मजबूत पहल करने जा रही है। मीटिंग में मंत्री ने यह भी कहा कि एमएसएमई में प्रोत्साहन के लिए और भी अधिक पारदर्शी नीति बनाई जाएगी और स्टार्ट-अप के साथ क्लस्टर के विकास का नया ईको-सिस्टम बनेगा। यह नव उद्यमियों, अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं की इकाइयों के लिए मददगार होगा।
प्रोत्साहन सब्सिडी 1100 करोड़
उद्योग विभाग के अफसरों के मुताबिक अगले सप्ताह निर्यात बढ़ाने के लिए बड़ी कार्यशाला होगी। जिला स्तर पर स्थापित निवेश सेंटर, वन स्टॉप सेंटर के रूप में उद्योगपतियों से निरंतर संवाद किया जा रहा है। इसे और बढ़ाया जाएगा। कलेक्टर्स इस समिति को लीड करेंगे। एमएसएमई की प्रोत्साहन सब्सिडी को बढ़ाकर 700 से 1100 करोड़ रुपए कर दिया है। उद्योग परिसंघों ने सरकार की इस पहल पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। एक ऐसा पोर्टल विकसित किया जा रहा है जिसमें पॉलिसी और नीतियों के साथ उद्योगपतियों का एक ही जगह डाटा संग्रहित होगा। वहीं निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ट्रांसपोर्ट अनुदान, नवीकरणीय ऊर्जा मुख्यत: सोलर प्लांट को सहायता, जेड प्रमाणन को बढ़ावा देने, इंडस्ट्रियल अवशिष्ट के लिए सहायता एवं टेस्टिंग लैब को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार काम करेगी।
विभिन्न संगठनों व उद्योगों की सरकार से मांग
विभिन्न संगठनों और औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने सरकार से अपेक्षा की है कि दोहरे कराधान को समाप्त किया जाए। भूखंड हस्तांतरण नीति को सरल किया जाए। महिला उद्यमियों द्वारा संचालित व्यवसायों को अधोसंरचना प्रदान करने, बड़े शहरों के साथ सभी जिलों में एमएसएमई के लिए नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर काम किया जाएगा। साथ ही बड़े शहरों में बहुमंजिला औद्योगिक क्षेत्रों के निर्माण तथा वर्तमान उद्योगों की उत्पादन लागत कम करने गुणवत्ता बढ़ाने नई तकनीक एवं के प्रयोग एवं आधुनिकीकरण पर अतिरिक्त अनुदान प्रदान करने जैसे सुझाव भी दिए गए।
उद्योगपतियों के सुझाव को महत्व
नई पॉलिसी में उद्योग प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझाव को शामिल किया जाएगा। सरकार नए औघोगिक क्षेत्रों के विकास और निर्यात संवर्धन पर मजबूत पहल करेगी। एमएसएमई में प्रोत्साहन के लिए और भी अधिक पारदर्शी नीति बनाई जाएगी और स्टार्ट-अप के साथ क्लस्टर के विकास का नया ईको-सिस्टम बनेगा। यह नव उद्यमियों, अनुसूचित जाति, जनजातीय और महिलाओं की इकाईयों के लिए मददगार होगा। गौरतलब है कि वर्ष-2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाने की मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप ऐसी पॉलिसी बनाई जा रही है, जिससे स्थानीय स्तर पर निवेश और उद्योग का विकास हो सके। संभाग स्तर पर हो रही रीजनल इंडस्ट्री कॉन्कलेव के अच्छे परिणाम परिलक्षित हुए हैं। इससे नजदीकी जिलों के उद्योगपतियों के सहभागिता से निवेश और रोजगार की संभावनाएं बनी है।
आयुष विभाग का टेंडर दिलाने के नाम पर महिलाकर्मी ने हड़पे सवा करोड़
11 Jan, 2025 06:28 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। आयुष विभाग में संविदा पर नियुक्त एक महिला कर्मचारी ने 65 करोड़ का ठेका दिलाने के नाम पर एक कंपनी संचालक से सवा करोड़ रूपये हड़प लिये। इस राशि में से महिला कर्मचारी ने 15 लाख रूपये अपने खाते में ले लिये। इसके अलावा शेष रकम 01 करोड़ 10 लाख रूपये नगद लिये। राजधानी में यह अपनी तरह का पहला मामला है जिसमें संविदाकर्मी ने इतनी मोटी रकम हजम की है।
बिलखिरिया थाना प्रभारी उमेश चैहान के मुताबिक ए-2/405 प्रधानमंत्री आवास योजना कोकता आरटीओ के पास रहने वाले धर्मवीर सिंह सेंगर सिक्युरिटी कंपनी चलाते है। उनका काम शासकीय विभागों में सिक्युरिटी गार्ड एवं मैन पावर सप्लाई का हैं। कंपनी की साख इतनी अच्छी है कि, उसे आल इंडिया में काम करने का मौका मिला हैं। कंपनी का नाम सेंगर सिक्युरिटी एण्ड सर्विसेज प्रा.लि. हैं कंपनी ने पिछले वर्ष 2023 में प्रदेश के आयुष विभाग के टेंडर में भागीदारी की थी। जिसमें ठेका दिलाने का दावा म.नं. 604-9 बी साकेत नगर निवासी श्रीमती प्रगति श्रीवास्तव पति चन्द्रप्रकाश श्रीवास्तव ने किया ओर भरोसा दिलाया कि, उसकी आयुष विभाग में बहुत पहुंच हैं। प्रगति श्रीवास्तव ने उस वक्त अपना परिचय आयुष विभाग में काम करने का दिया था, इसके बाद वह दो तीन बार मिली, और उसने विभाग में पेंडिंग बिलों का भुगतान करा दिया। इससे उस पर भरोसा हो गया कि, वह आयुष विभाग में सिक्युरिटी एवं मेन पावर का संपूर्ण कार्य दिला देगी। इसके एवज में उसने सवा करोड़ रूपये की मांग की थी, चूंकि आयुष विभाग में 60 करोड़ का ठेका मिलने वाला था सो उसकी बात मान ली गई। सारी बात होने के बाद प्रगति श्रीवास्तव ने बैंक एकाउंट नंबर दिया और कहा कि, इसमें 15 लाख रूपये डाल दीजिये। शिकायतकर्ता ने 14 अगस्त 2023 को खाता नंबर-116785800000094 यस बैंक इन्द्रपुरी में डाल दिये।
इसके बाद प्रगति श्रीवास्तव ने काम की प्रोगेस बताते हुए कहा कि, अब मुझे एक करोड़ 10 लाख रूपये कैश चाहिये। यह राशि शिकायतकर्ता ने अपने दोस्तों से इकट्ठा कर 11 अक्टूबर 2023 को प्रगति श्रीवास्तव को दे दी। यह रकम उसने अपने दो दोस्तों के सामने प्रगति श्रीवास्तव को दी थी इस दौरान् दोनों दोस्त विनोद एवं विपिन पोखरियाल साथ थे जिनके सामने प्रगति श्रीवास्तव ने रकम हासिल की। यह राशि 11 अक्टूबर 2023 को कोकता स्थित आरटीओ आफिस के पास दी गई थी। पैसे देने के कुछ समय तक तो प्रगति श्रीवास्तव शिकायतकर्ता से बात करती रही किन्तु जब आयुष विभाग का टेण्डर हुआ तो वो टेंडर कंपनी को नहीं मिला। इसके बाद शिकायतकर्ता ने प्रगति श्रीवास्तव से कहा कि, आपने इतनी मोटी रकम ले ली और काम तो हुआ नहीं तो प्रगति टाल मटोल करने लगी, जिससे उस पर शक हुआ।
शिकायतकर्ता ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि, प्रगति श्रीवास्तव के पिता स्व. आर. डी. सक्सेना पत्रकार थे और वे भ्रष्टाचारियों के काले कारनामे की ‘‘खबर’’ नामक साप्ताहिक अखबार चलाते थे जिनके खाते में प्रगति ने 15 लाख रूपये लिये हैं। उक्त अखबार आर.एन.आई. विभाग दिल्ली की वेबसाइट पर बंद दिखाया जा रहा है, यह जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ता के होश उड़ गये और उसे लगा कि प्रगति ने उसके साथ धोखाधड़ी की है। यह बात उसे बताई तो वह उलटे शिकायतकर्ता को झूठे केस में फंसाने की धमकी देने लगी। इससे साफ समझ आ गया कि, प्रगति श्रीवास्तव ने शिकायतकर्ता के साथ सवा करोड़ की धोखाधड़ी की है। इस घटना की शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से दो माह पूर्व की गई थी जिसकी जांच करने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया।
चोरी-चकारी पर भी लग रही डकैती की धारा
11 Jan, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । कभी डकैतों के लिए कुख्यात ग्वालियर-चंबल अब बदल रहा है। बीहड़ अब पर्यटन स्थल बन रहे हैं और फिल्मों की शूटिंग हो रही है। लेकिन एक पुराना कानून, जिसे 11/13 डकैती अधिनियम भी कहा जाता है, अभी भी लागू है। इस कानून की वजह से पिछले एक साल में करीब 106 लोग डकैती के आरोप में फंस गए हैं। दरअसल, यह कानून डकैतों पर लगाम लगाने के लिए बना था, लेकिन अब इसका इस्तेमाल मोबाइल छीनने, अपहरण और बलवा जैसी घटनाओं में हो रहा है। कानून के जानकारों का मानना है कि इस कानून को खत्म कर देना चाहिए। ग्वालियर के आईजी का कहना है कि जिस तरह के अपराध होते हैं, उसी हिसाब से इस कानून का इस्तेमाल किया जाता है। इस कानून को खत्म करने के बारे में लोगों से राय मांगी गई है। चंबल में डकैत अब नहीं हैं। कुछ जेल की सलाखों के पीछे हैं तो कुछ सजा काट कर बाहर आ चुके हैं और सामान्य जीवन जी रहे हैं। हालांकि इनके लिए साल 1981 में बनाई गई 11/13 डकैती अधिनियम की धारा अभी भी जिंदा है। यह कानून 1981 में डकैती, लूट और अपहरण जैसी घटनाओं को रोकने के लिए बनाया गया था। उस समय ग्वालियर-चंबल में ऐसी घटनाएं आम थीं।
अब छोटे-मोटे अपराधों में हो रहा इस्तेमाल
इस कानून का सबसे बड़ा असर यह है कि अब इसका इस्तेमाल छोटे-मोटे अपराधों में भी किया जा रहा है। मोबाइल छीनना, झगड़ा करना या फिर छोटा-मोटा अपहरण, इन सब मामलों में भी पुलिस इसी कानून का सहारा ले रही है। कानून के जानकार और बुद्धिजीवी वर्ग का मानना है कि इस कानून को अब खत्म कर देना चाहिए। यह कानून अब अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। यह कानून आईपीसी-1860 के साथ इस्तेमाल हो रहा है। इस कानून के तहत आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलती। यही वजह है कि पुलिस इसका इस्तेमाल छोटे-मोटे मामलों में भी करती है। सरकार ने इस कानून को खत्म करने के बारे में लोगों से राय मांगी है। यह अधिनियम सात अक्टूबर 1981 को उन क्षेत्रों में लागू किया गया था, जहां 70-80 के दशक में डकैती, लूट और फिरौती के लिए अपहरण होते थे। अभी ग्वालियर जोन में यह ग्वालियर व शिवपुरी, चंबल जोन में भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया और रीवा जोन में रीवा और सतना में यह लागू है। अधिनियम बीएनएस-2023 (आईपीसी-1860) की धाराओं के साथ उपयोग हो रहा है। इस धारा में विशेष कोर्ट में जमानत नहीं होती। इसलिए इस धारा का उपयोग किया जा रहा है। आईजी ग्वालियर कहते हैं, जो धारा के तहत अपराध होते हैं, तभी इसकी उपयोग होता है।
छोटे मामलों में भी डकैती की धारा
इस धारा का दुरुउपयोग इससे भी समझा जा सकता है कि 11 दिसंबर 2023 को दिल्ली से ग्वालियर आ रहे पीके यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. रणजीत यादव को मुरैना में अटैक आया। एंबुलेंस न मिलने पर लॉ स्टूडेंट्स हिमांशु श्रोतिय और सुकृत शर्मा ने हाईकोर्ट जज की कार लेकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया। लेकिन उनके खिलाफ ग्वालियर के थाना पड़ाव में लूट और डकैती का केस दर्ज हुआ। वहीं, डबरा के वकील चंद्रभान मीणा का ग्राम बेलगढ़ा में जमीन को लेकर केदार रावत से विवाद था, जिसके बाद उन पर लूट और डकैती का केस दर्ज हो गया था। ग्वालियर-चंबल के दर्ज अपराधों के अनुसार ग्वालियर में साल 2023 में 48 और साल 2024 में 35 मुकदमे दर्ज हुए। वहीं शिवपुरी में साल 2023 में 34 और 2024 में 19 मुकदमे, मुरैना में साल 2024 में 12 मुकदमे, भिंड जिले में साल 2024 में 15 मुकदमे, दतिया में साल 2024 में 11 मुकदमे और श्योपुर में साल 2024 में चार मुकदमे दर्ज हुए।
अफसर और रसूखदारों को मिलता था काली कमाई का हिस्सा
11 Jan, 2025 05:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल । पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी में जांच एजेंसियों को अकूत संपत्ति बरामद हुई है। लगातार चल रही कार्रवाई से प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। इस बीच सौरभ शर्मा की डायरी में कई अहम जानकारी मिली, जिसमें चेकपोस्ट से लेकर आरटीओ के लेनदेन और बकाया राशि का पूरा हिसाब लिखा जाता था। डायरी में ञ्जरू और ञ्जष्ट की मुहर लगती थी। इस मामले में कई पूर्व मंत्रियों पर भी कथित आरोप लग रहे हैं। सौरभ की डायरी में किस चेक पोस्ट से कितने करोड़ की कमाई होती थी, इसका ब्यौरा भी मिला है। सेंधवा चेकपोस्ट, इंदौर आरटीओ से सबसे ज्यादा काली कमाई आती थी।हर महीने 19 चेकपोस्ट से 161 करोड़ रुपए आते थे। वहीं, 51 आरटीओ कार्यालयों से 136 करोड़ रुपए की कमाई होती थी। काली कमाई का हिस्सा हर महीने नेता, अफसर, रसूखदारों को मिलता था। सेंधवा चेकपोस्ट से हर महीने सबसे ज्यादा 40 करोड़ की वसूली होती थी। सबसे कम 50 लाख रुपए रामनगर तिराहा, कराहल चेकपोस्ट से मिलते थे। वहीं, नयागांव से 20, खवासा, सिकंदरा से 15-15, शाहपुर, मुलताई चेकपोस्ट से 10-10 करोड़ की वसूली होती थी।
आरटीओ कार्यालय का हिसाब डी कोड
इंदौर आरटीओ कार्यालय से हर महीने सबसे ज्यादा 9 करोड़ की काली कमाई आती थी। सबसे कम 62 लाख रुपए अलीराजपुर आरटीओ कार्यालय से आते थे। भोपाल, छिंदवाड़ा आरटीओ कार्यालय से 4 करोड़ की राशि आती थी। उज्जैन, जबलपुर से साढ़े 6-6 करोड़, सागर, रीवा, ग्वालियर कार्यालय से 5-5 करोड़ की वसूली होती थी।
आईटी ने बरामद किया था सोना और कैश
गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में छापामार कार्रवाई की थी। वहीं 19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी की एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी खाली प्लॉट पर खड़ी है। जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए हैं। कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था। जिसके बाद आईटी की टीम ने कांच तोडक़र अंदर से बैग बाहर निकला, जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था।
सौरभ के घर से मिले थे करोड़ों रुपये
लोकायुक्त टीम ने परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के अरेरा कॉलोनी स्थित निवास पर भी छापा मारा था। जहां से वाहन, घर के सामान, आभूषण और नगद जिसकी कुल कीमत 3 करोड़ 86 लाख रुपये है। वहीं आरोपी के कार्यालय जहां उनका सहयोगी चेतन सिंह गौर का निवास भी है, वहां से चांदी और नगद, कुल 4 करोड़ 12 लाख की संपत्ति बरामद की गई थी।बताया जा रहा है कि प्रदेश के अलग-अलग जगह पर बेनामी संपत्ति के दस्तावेज भी मिले थे। सौरभ शर्मा को पिता की जगह अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। उन्होंने सिर्फ 10-12 साल की नौकरी की, फिर परिवहन विभाग से वीआरएस ले लिया था।
भोपाल के बीचोंबीच टाइगर...2 गायों का शिकार
11 Jan, 2025 01:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चंदनपुरा में अचानक कार के सामने आया बाघ; वन विभाग ने रास्ता बंद किया
भोपाल। राजधानी भोपाल के बीचोंबीच 2 टाइगर का मूवमेंट है। इन्होंने 24 घंटे में 2 गायों का शिकार कर लिया। इसके चलते वन विभाग ने चंदनपुरा इलाके की सडक़ को बंद कर दी है। ताकि, लोग वहां नहीं जा सके। इससे पहले दो टाइगर एक कार (स्कॉर्पियो) के सामने अचानक आ गए। जिससे ड्राइवर संतुलन खो बैठा और कार पेड़ से टकरा गई। बाघ के मूवमेंट से लोग में दहशत है। कार के पेड़ से टकराने का मामला शुक्रवार सुबह का है। जागरण लेक सिटी के पास सडक़ पर टाइगर का मूवमेंट रहा। प्रत्यक्षदर्शी राजेश जैन ने बताया कि इलाके में दो टाइगर घूम रहे हैं। इनमें एक छोटा है, जबकि दूसरा अच्छी कदकाठी का। जागरण लेक सिटी के पास दोनों घूमते हुए सडक़ पर आ गए। इससे एक कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। दोपहर में एक और गाय का शिकार टाइगर ने किया।
वाल्मी से मदरबुल फार्म तक टाइगर का मूवमेंट
बता दें कि वाल्मी से मदरबुल फार्म तक टाइगर का मूवमेंट रहता है। इस इलाके में कई बाघ हैं। मदरबुल फार्म में बाघ गायों का शिकार भी कर चुके हैं। रेंजर शिवपाल पिपल्दे ने बताया, टाइगर के मूवमेंट के चलते रास्ता बंद कर दिया गया है। वहीं, सर्चिंग की जा रही है। बाघ ने दो गायों का शिकार किया है। प्रत्यक्षदर्शी जैन ने बताया, टाइगर देखकर डर के मारे आंखें बंद हो जाती है। स्कार्पियो ड्राइवर भी डर गया और इस कारण गाड़ी पेड़ से टकरा गई। राजेश कुछ दूर मॉर्निंग वॉक करके लौट रहे थे।
इलाके में चार दिन से मूवमेंट
बाघ मित्र राशिद नूर ने बताया कि चंदनपुरा, जागरण लेक सिटी के पास, मदरबुल फार्म के आसपास के इलाकों में पिछले चार दिन से टाइगर का मूवमेंट है। ये टाइगर सडक़ पर भी आ रहे हैं। दूसरी ओर, यहां पर लापरवाही बरती जा रही है। हर रोज दर्जनों की संख्या में डंपर निकल रहे हैं। वहीं, निगम ने इलाके में स्ट्रीट लाइट भी लगा दी। जिससे लोग अब ज्यादा संख्या में मॉर्निंग और इवनिंग वॉक पर निकल रहे हैं। इससे डर है कि बाघ और इंसान के बीच कहीं आमना-सामना न हो जाए।
मप्र भाजपा अध्यक्ष के चुनाव में सोशल इंजीनियरिंग
11 Jan, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मप्र भाजपा के जिला अध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। भाजपा की पहली सूची में 50 प्रतिशत से ज्यादा जिलों के अध्यक्ष घोषित हो जाएंगे। इसके फौरन बाद प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। भाजपा सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति में पार्टी सोशल इंजीनियरिंग पर फोकस करेगी। यानी जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों में ब्राह्मण, ठाकुर, वैश्य, सिंधी, आदिवासी वर्ग के कई दिग्गज शामिल हैं। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को करीब 4 साल 10 महीने हो चुके हैं। उनका कार्यकाल एक बार बढ़ाया गया था। प्रदेश में मौजूदा स्थिति में सीएम डॉ. मोहन यादव ओबीसी वर्ग से हैं, जबकि दोनों डिप्टी सीएम में से राजेंद्र शुक्ल ब्राह्मण और जगदीश देवड़ा एससी से आते हैं। प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सामान्य से हैं। ऐसे में सोशल इंजीनियरिंग बनाने एससी पर पार्टी दांव खेल सकती है। गौरतलब है कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों में वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा तीसरा कार्यकाल पाने के लिए प्रयासरत हैं। वहीं, जातिगत समीकरणों में ब्राह्मण वर्ग से नरोत्तम मिश्रा, राजेंद्र शुक्ल और अर्चना चिटनीस पूरी ताकत लगा रहे हैं। क्षत्रिय वर्ग की बात करें तो अरविंद भदौरिया के साथ बृजेंद्र प्रताप सिंह और सीमा सिंह जादौन सबको साधने में लगे हैं। वैश्य वर्ग से हेमंत खंडेलवाल, सिंधी समाज से भगवानदास सबनानी से लेकर दलित और आदिवासी वर्ग फग्गन सिंह कुलस्ते, सुमेरसिंह सोलंकी के नेता भी प्रदेशाध्यक्ष बनना चाहते हैं।
15 तक होना है नए अध्यक्ष का चयन
मप्र भाजपा में प्रदेश अध्यक्ष के नाम पर कयासों का दौर तेज हो गया है। मप्र से छत्तीसगढ़ के विभाजन के बाद 24 वर्षों में अब तक आदिवासी वर्ग के हाथ प्रदेश की बागडोर नहीं मिल सकी। जबकि इस दौरान अनुसूचित जाति के सत्यनारायण जटिया नौ माह के लिए मनोनीत अध्यक्ष बने थे। वहीं साल 1980 से ब्राह्मण सबसे ज्यादा 6 और क्षत्रिय 5 बार प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस बीच बदलते पॉलिटिकल ट्रेंड में भाजपा जातिगत समीकरण साधने आदिवासी समुदाय की ओर भी जा सकती है। बता दें 15 जनवरी तक नए अध्यक्ष का चयन होना है। इसके लिए प्रदेश चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान जल्द ही भोपाल का दौरा कर सकते हैं। प्रदेश की कमान संभालने में जातीय आधार पर पार्टी में ब्राह्मण-क्षत्रिय वर्ग का वर्चस्व रहा है। अनुसूचित जाति के सत्यनारायण जटिया को सिर्फ नौ माह के लिए अध्यक्ष मनोनीत किया गया। जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री बने। तब प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर 27 फरवरी 2006 को पार्टी ने जटिया को प्रदेश अध्यक्ष के लिए मनोनीत किया। लेकिन नौ महीने बाद 21 नवंबर 2006 तक ही वो अध्यक्ष रहे। उनके बाद फिर क्षत्रिय समुदाय के नरेंद्र सिंह तोमर को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
कुलस्ते और सोलंकी चर्चा में
नए प्रदेश अध्यक्ष के लिए आदिवासी वर्ग से दो नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं। सात बार के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते इस दौड़ में सबसे आगे हैं। वे केंद्र में मंत्री रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी पार्टी ने उन्हें लोकसभा चुनाव लडऩे का मौका दिया। केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से उनकी संभावना प्रबल है। वहीं राज्यसभा सांसद सुमेर सिंह सोलंकी युवा और ऊर्जावान चेहरा हैं। मालवा के सोलंकी संघ के नजदीकी हैं। आदिवासी समाज में उनकी अच्छी पकड़ है। गजेंद्र सिंह पटेल और महिला नेताओं में हिमाद्री सिंह का नाम भी चर्चाओं में है। हालांकि इनकी संभावनाएं प्राथमिक नामों की तुलना में थोड़ी कमजोर मानी जा रही हैं। भाजपा ने पिछले विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनाव में आदिवासी वोटबैंक को साधने के लिए विशेष प्रयास किए थे। 230 सीटों में से 47 आदिवासी सीटों पर पार्टी ने 24 सीटें जीती थीं। हालांकि यह प्रदर्शन भाजपा के कुल 163 सीटों की तुलना में कमजोर था। लोकसभा चुनावों में पार्टी ने एसटी वर्ग की सुरक्षित सीटों पर 50त्न से अधिक वोट हासिल किए थे। बता दें प्रदेश में करीब 24 प्रतिशत आबादी आदिवासी है। जिसमें करीब 16 प्रतिशत आबादी दलित समुदाय की है। ऐसे में इस बार भी आदिवासी वोटों को साधने के लिए भाजपा खास रणनीति बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जनजातीय गौरव दिवस के रूप में बिरसा मुंडा जयंती मनाना और मध्यप्रदेश में जनजातीय संग्रहालयों का उद्घाटन इस दिशा में बड़े कदम माने जा सकते हैं। ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए किसी आदिवासी नेता को मौका देने की मांग को पूरा कर भाजपा बड़ा सियासी दांव खेल सकती है।
इस तरह होगा प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव
प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रदेश परिषद के सदस्यों की राय ली जाएगी। इसके लिए प्रदेश परिषद के सदस्यों का चयन किया जाएगा। इसमें सभी विधानसभाओं से एक-एक प्रदेश परिषद सदस्य प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में हिस्सा लेगा। हर जिले में दो-दो विधानसभाओं का एक कलस्टर बनाया जाएगा। अगर किसी जिले में तीन विधानसभा सीटें हैं या फिर कहीं 5 विधानसभा सीटें हैं तो अतिरिक्त एक विधानसभा को भी क्लस्टर मानकर प्रदेश परिषद का एक सदस्य बनाया जाएगा। सिंगल विधानसभा के क्लस्टर से महिला, एससी-एसटी वर्ग के नेता को प्रदेश परिषद का सदस्य बनाया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया होने तक जितने जिलाध्यक्ष घोषित हो चुके हैं वे भी प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में भाग लेंगे। प्रदेश में भाजपा के विधायकों और सांसदों में से 10-10 प्रतिशत विधायक और सांसदों को प्रदेश परिषद का सदस्य बनाया जाएगा। यानी भजापा के 165 विधायकों में से 16 विधायक और 29 लोकसभा सांसदों में से 3 सांसद प्रदेश अध्यक्ष के निर्वाचक मंडल में शामिल होंगे। जितने भी प्रदेश परिषद के सदस्य बनेंगे, उन्हें प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव का निर्वाचक मंडल माना जाएगा। चुनाव प्रक्रिया की तारीखें केंद्रीय नेतृत्व की ओर से तय की जाएंगी। एक दिन रायशुमारी और अगले दिन नामांकन के साथ ही नाम वापसी, दावे-आपत्ति और चुनाव परिणाम के लिए समय तय किया जाएगा। इसी दिन प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा होगी।
सैकड़ो पेड़ वाली जमीन को खाली बताकर की थी 18 लाख की स्टॉम्प ड्यूटी की चोरी
11 Jan, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ( ईओडब्ल्यू ) ने लाखो की स्टॉम्प ड्यूटी की चोरी कि शिकायत की जॉच के बाद दो लोगो के खिलाफ मामला दर्ज किया है। विभाग द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ईओडब्ल्यू को मिली शिकायत की जॉच में सामने आया है, कि ग्राम मेंहदी खेड़ा, तह. पिपरिया, जिला नर्मदापुरम में 10.793 हेक्टेयर भूमि की रजिस्ट्री के समय आरोपी उदय प्रकाश मिन्हास एवं मनमीत कौर निवासी 10 नंबर स्टॉप, अरेरा कालोनी भोपाल द्वारा तथ्य छिपाकर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्टॉम्प शुल्क की चोरी की गई है। आरोपियो ने उक्त जमीन को खाली भूमि बताकर शासन को लाखों रूपयों की राजस्व हानि कारित की गई है। शिकायत की जांच पर पाया गया कि खरीदी गई भूमि पर 1600 से अधिक पेड़ लगे हैं। इस प्रकार उदय प्रकाश मिन्हास व मनमीत कौर द्वारा कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से शासन को 18 लाख रूपये से अधिक की राजस्व हानि पहुंचाई गयी। जांच के आधार पर उदय प्रकाश व मनमीत कौर के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर आगे की विवेचना की जा रही है।
क्रिकेट मैच पर सट्टा बुक कर रहे सटोरिया को क्राइम ब्रांच ने दबोचा
11 Jan, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। बैरागढ़ इलाके में स्थित चिरायु अस्पताल के पास क्रिकेट मैच पर सट्टा बुक कर रहे सटोरिए को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास मिले दो मोबाइल में लाखों रुपए के लेनदेन का हिसाब मिला है। इसके साथ ही करीब आधा दर्जन से अधिक सट्टा बुक करने की आईडियां मिली हैं। पुलिस ने सट्टा अधिनियम के तहत मामाल दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार क्राइम ब्रांच को मुखबिर से सूचना मिली की चिरायु अस्पताल के सामने पर्सियन दरबार के पास सेकंड होम रेस्टोरेंट के सामने बैरागढ़ निवासी विकास सत्तानी उर्फ गट्टी क्रिकेट मैच पर अवैध सट्टा बुक कर रहा है, और अवैध रूप से क्रिकेट मैच सट्टे की आईडी अन्य लोगों को लेता-देता है। सूचना मिलते ही टीम ने घेराबंदी कर विकास सत्तानी उर्फ गट्टी (30) निवासी लक्ष्मण नगर बैरागढ़, को हिरासत में ले लिया। उसके पास मिले दो मोबाइल चैक करने पर क्रिकेट मैच सट्टे से संबंधित आधा दर्जन से अधिक आइडियों में लाखों रुपए के लेनदेन का हिसाब मिला। उसके पास से 35 हजार की नगदी सहित दो मोबाइल जब्त किए गए हैं। पूछताछ में आरोपी ने क्रिकेट मैच पर सट्टा खेलने व खिलाने की बात स्वीकार की। दोनों मोबाइल में मिलीं आईडियां व क्रिकेट सट्टे के लेनदेन के संबंध में आरोपी ने राकेश सादवानी उर्फ राकू उर्फ टोपू निवासी विजयनगर लालघाटी और धीरेन्द्र उर्फ डीके राजपूत निवासी डेयरी फार्म बैरागढ़ के द्वारा देना बताया।
एमपी एटीएस के 9 पुलिसकर्मी सस्पेंड
11 Jan, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। हरियाणा के गुरुग्राम के सोहना में एक होटल की तीसरी मंजिल से गिरकर हुई युवक की मौत के मामले में एमपी एटीएस की मुश्किले बढ़ गई है। घटना में जहॉ मृतक युवक बिहार निवासी हिमांशु (23) के चाचा चंदन कुमार की शिकायत पर मप्र एटीएस पर हत्या का केस दर्ज किया गया है। वहीं मामले को लेकर सोहना पुलिस ने भी मौत के कारणो की छानबीन शुरु करते हुए होटल के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने ज्यूडिशियल जांच शुरू कर दी है। इधर एडीजी इंटेलिजेंस योगेश देशमुख ने मप्र एटीएस टीम के नौ सदस्यों को सस्पेंड कर दिया है, जिसमें इंस्पेक्टर, हेड कॉन्स्टेबल और कॉन्स्टेबल शामिल हैं। गौरतलब है कि टेरर फंडिंग और साइबर क्राइम के मामले में 6 लोगों को हिरासत में लिया गया था। बिहार निवासी हिमांशु भी मप्र टेरर फंडिंग और साइबर क्राइम से जुड़े छह आरोपियों में से एक था। एमपी एटीएस ने सभी आरोपियों से 14 लैपटॉप, एक टैबलेट, 41 मोबाइल और 85 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। बताया जा रहा है कि हिमांशु और एक अन्य आरोपी पूरे नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी थे, जबकि चार अन्य उनके सहयोगी थे। मामले की जांच मप्र साइबर सेल और एटीएस की ओर से की जा रही है। घटना को लेकर जहॉ मध्यप्रदेश एटीएस का कहना है की हिमांशु बाथरूम जाने के बहाने तीसरी मजिंल की गैलरी में आया और वहां से बिजली केबल के सहारे नीचे भागने की और भागने की कोशिश कर रहा था। लेकिन वह केबल को पकड़ नहीं पाया और सिर के बल नीचे गिरा जिससे उसके सिर में घातक चोंट आई थी। एटीएस ने उसे फौरन अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। स्थानीय पुलिस को उसकी मौत की जानकारी अस्पताल से मिली। वहीं मृतक हिमांशु के परिजन ने एटीएस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हिमांशु के चाचा चंदन कुमार ने सोहना पुलिस को दी शिकायत में कहा कि हिमांशु दिल्ली में पढ़ाई कर रहा था, और सेना में भर्ती की तैयारी कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि मप्र एटीएस ने हिमांशु और उसके साथियों को होटल में रखा और फिर उसे तीसरी मंजिल से फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। एटीएस के पास हिमांशु को हिरासत में लेने के लिए कोई वारंट भी नहीं था। इधर साइबर क्राइम टीमे इस बात की लगातार जॉच कर रही है की आरोपियों का टेरर लिंक था या नहीं।
हाउसिंग बोर्ड के सब इंजीनियर ने दहेज में मांगे 50 लाख और कार
11 Jan, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी की मिसरोद थाना पुलिस ने भोपाल में हाउसिंग बोर्ड के सब इंजीनियर की पत्नि की शिकायत पर पति सहित उसकी मॉ और पिता के खिलाफ दहेज की मांग को लेकर कर घर से निकालने का मामला दर्ज किया है। पत्नी का आरोप है कि दहेज में 50 लाख कैश और कार की डिमांड को लेकर पति ने उन्हें घर से निकाल दिया। थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 32 वर्षीय आयुशी चौधरी ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी शादी साल 2021 में हाउसिंग बोर्ड में सब इंजीनियर रुपक जैन से दोनो परिवार वालो की सहमति से हुई थी। उनका मायका मिसरोद की श्रीराम कॉलोनी में है। पति रुपक जैन बाग मुगालिया में सास ममता जैन और ससुर विजय जैन के साथ रहते हैं। पति के सरकारी नौकरी में अच्छे पद पर होने के चलते मायके वालों ने शादी के समय दहेज काफी सामान दिया था। उसके 6 माह का बच्चा भी है। आरोप है कि शादी के बाद से ही उस पर दहेज में कार और 50 लाख नगद देने का दबाव बनाया जाने लगा। जब आयुशी के परिजन इतनी बढ़ी मांग को पूरा नहीं रक सके तब पति ने मारपीट और ताने मारकर मानसिक और शारीरिक रुप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। महिला ने यह बात सास-ससुर को बताई तब वह भी उसे ही दोष देने लगे। करीब डेढ़ साल पहले ससुराल वालो ने उसे 6 माह के बच्चे के साथ घर से निकाल दिया। काफी समय तक महिला और उसके परिवार वालो ने समझाइश देते हुए घर को बिगडने से बचाने के लिये कोशिश की लेकिन आरोपी दहेज की मांग पूरा हुए बिना उसे साथ रखने के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद पीड़िता ने थाने में शिकायत की। जांच के बाद प्रकरण दर्ज कर पुलिस आरोपी इंजीनियर सहित उनकी मां और पिता को गिरफ्तारी के नोटिस जारी करने की तैयारी में है।
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