मध्य प्रदेश
यात्रियों की सुविधा के लिए स्पेशल फेयर पर चलाई गई उज्जैन-संतहिरदाराम ट्रेन
25 Jul, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल 25 जुलाई। रेल प्रशासन द्वारा यात्रियों की सुविधा और अतिरिक्त यात्री यातायात क्लियर करने के लिए उज्जैन-संतहिरदाराम नगर-उज्जैन के मध्य स्पेशल ट्रेन स्पेशल फेयर पर चलाई जा रही है, जो मार्ग में तराना रोड, मक्सी जंक्शन, बेरछा, काली सिंध, अकोदिया, शुजालपुर, कालापीपल एवं सीहोर स्टेशन पर हाल्ट लेकर गंतव्य को जाएगी। इस स्पेशल ट्रेन में सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे।
गाड़ी संख्या 09311 उज्जैन-भोपाल स्पेशल 26 जुलाई, 2025 से 31 अगस्त, 2025 तक प्रतिदिन उज्जैन से दोपहर 14:05 बजे चलकर तराना रोड (14:15/14:17), मक्सी (14:53/14:55), बेरछा (15:15/15:17), कालीसिंध (15:30/15:32), अकोदिया (16:20/16:22), शुजालपुर (16:40/16:42), कालापीपल (17:00/17:02), सीहोर (17:45/17:47) होते हुए शाम 18:35 बजे संतहिरदाराम नगर पहुँचेगी।
इसी प्रकार वापसी में गाड़ी संख्या 09312 संतहिरदाराम नगर-उज्जैन स्पेशल 26 जुलाई, 2025 से 31 अगस्त 2025 तक प्रतिदिन संतहिरदाराम नगर से रात 21:35 बजे चलकर सीहोर (22:06/22:08), कालापीपल (22:34/22:36), शुजालपुर (22:49/22:51), अकोदिया (23:03/23:05), कालीसिंध (23:32/23:34), बेरछा (23:46/23:48), मक्सी मध्यरात्रि (00:20/00:22), तराना रोड (00:31/00:33) होते हुए 01:35 बजे उज्जैन पहुँचेगी।
यात्री सुविधा का लाभ लेते हुए स्पेशल ट्रेन के ठहराव की विस्तृत जानकारी स्टेशन, रेल मदद 139 अथवा ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकते है।
सोम कंपनी में गुंडों के लिए नौकरी? पुलिस मुख्यालय पहुँचीं शिकायत।
25 Jul, 2025 08:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। कभी सुना है ऐसा? जहां नौकरी पाने के लिए ज़ुर्म करना पड़े! हत्या, डकैती, लूट, जितना संगीन अपराध, उतना मोटा पैकेज! भोपाल की एक शराब कंपनी सोम डिस्टिलरी का नाम अब सिर्फ शराब के धंधे तक सीमित नहीं रहा। आरोप हैं कि यह कंपनी अब अपराधियों के लिए रोजगार की फैक्ट्री बन गई है।
यहां नौकरी पाने का मानदंड क्या है? क्लीन रिकॉर्ड वाले नहीं, बल्कि हत्या, लूट, और डकैती जैसे संगीन मामलों के आरोपी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है! ग्वालियर-चंबल बेल्ट से आने वाले कुख्यात अपराधियों को बाकायदा इस कंपनी में जगह दी गई है। जितना बड़ा बदमाश, उतनी ऊंची तनख्वाह, यहाँ यही फॉर्मूला चलता है!
शराब के व्यापार की आड़ में संगठित अपराध का नेटवर्क, टैक्स चोरी और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले ऐसे खुलासों ने राजधानी के प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है।
हाल ही में एक शिकायती ज्ञापन पुलिस मुख्यालय को भेजा है, जिसमें सोम डिस्टिलरी के कामकाज, कर्मचारियों और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की पूरी लिस्ट सौंपी गई है। आरोप सिर्फ नौकरी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहर का माहौल बिगाड़ने और संगठित अपराध को बढ़ावा देने की साजिश का भी जिक्र है।
ज्ञापन के अनुसार, कंपनी ने ग्वालियर-चंबल अंचल के अपराधियों को भोपाल में बुलाकर न सिर्फ रोजगार दिया, बल्कि उनका इस्तेमाल मारपीट, हत्या की कोशिश और झूठे प्रकरणों में किया जा रहा है। आरोपों के मुताबिक, कंपनी की नौकरी उन्हीं को दी जाती है जिनके खिलाफ आपराधिक मुकदमे दर्ज हों।
ढाबा संचालक की हत्या से लेकर डिलीवरी बॉय की मौत तक, घटनाओं का सिलसिला
ज्ञापन में भोपाल की कई हालिया घटनाओं का हवाला दिया गया है जिनमें सोम कंपनी से जुड़े लोगों की भूमिका बताई गई है।
1. मिसरोद क्षेत्र में ढाबा संचालक की हत्या, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
2. घोड़ा निकास क्षेत्र में रोहन मेवाड़ा के साथ मारपीट और उसके खिलाफ झूठा आबकारी मामला दर्ज।
3. कोहेफिजा थाने के सामने युवक आकाश की पिटाई और 34(2) का मामला।
4. कोलार में महिला को वाहन से कुचल कर हत्या।
5. मिसरोद में डिलीवरी बॉय को बोलेरो से टक्कर मारकर घायल कर दिया गया।
इन घटनाओं के पीछे कंपनी संचालक जगदीश अरोड़ा, उनके पुत्र दीपक अरोड़ा और उनके साथियों अनिल अरोड़ा, भानु, मनोज शर्मा, पहलवान, रज्जू और नारायण के शामिल होने का आरोप है।
अवैध सप्लाई, टैक्स चोरी का खेल
ज्ञापन में बताया गया है कि सोम कंपनी डायरेक्ट फैक्ट्री से शराब की आपूर्ति कर रही है जिससे आबकारी ड्यूटी और वेट टैक्स की चोरी हो रही है।
23 जुलाई को पिपलानी थाना क्षेत्र में 300 पेटी अवैध विस्की जब्त की गई थी जिसे खजूरी पीरिया क्षेत्र से निकाला गया और अन्य दुकानों पर भेजा जा रहा था।
पत्र में मांग की गई है कि कंपनी की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही पाए जाएं तो कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
खानपान स्टॉल संचालन अब केवल निर्धारित स्थल पर ही, ओवरचार्जिंग पर कार्रवाई तय
25 Jul, 2025 08:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल सहायक वाणिज्य प्रबंधक ने कैटरिंग लाइसेंसियों के साथ की बैठक, दिए निर्देश
भोपाल। यात्रियों को बेहतर खानपान सुविधा उपलब्ध कराने एवं मिल रही शिकायतों में कमी लाने की दिशा में पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बीना स्टेशन पर खानपान सेवाओं के सुधार को लेकर एक अहम बैठक का आयोजन किया गया।
यह बैठक वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया के मार्गदर्शन में सहायक वाणिज्य प्रबंधक श्री नवल अग्रवाल की अध्यक्षता में स्टेशन प्रबंधक कार्यालय, बीना में आयोजित की गई। बैठक में बीना स्टेशन पर कार्यरत लगभग 10 खानपान लाइसेंसियों एवं उनके प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।
वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने बताया कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया एवं प्रत्यक्ष शिकायतों के माध्यम से प्राप्त फीडबैक को ध्यान में रखते हुए खानपान सेवाओं में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना था। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेल यात्रियों की संतुष्टि रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सहायक वाणिज्य प्रबंधक श्री नवल अग्रवाल ने सभी उपस्थित लाइसेंसधारकों को रेलवे अनुबंध की शर्तों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टॉल संचालन केवल निर्धारित स्थल पर ही किया जाए, खुले खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा, तथा सभी विक्रेता केवल पूर्ण गणवेश, पहचान पत्र एवं अधिकृत दस्तावेजों के साथ ही प्लेटफॉर्म पर कार्य करें।
बैठक में विशेष रूप से यह निर्देश दिए गए कि खाद्य सामग्री को प्लेटफॉर्म पर रखकर नहीं बेचा जाए, स्टेशन पर स्वच्छता के मानकों का कठोरता से पालन किया जाए, यात्रियों से सम्मानजनक व्यवहार किया जाए, खानपान सामग्री केवल निर्धारित दरों पर ही बेची जाए तथा ओवर चार्जिंग की स्थिति में तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर मंडल वाणिज्य निरीक्षक श्री मधुकर निगम, स्टेशन प्रबंधक (वाणिज्य) श्री आशीष अवस्थी, वरिष्ठ वाणिज्य निरीक्षक श्री मयंक शर्मा एवं मुख्य माल पर्यवेक्षक श्री बी.डी. राजक भी उपस्थित रहे।
रेलवे प्रशासन ने सभी कैटरिंग लाइसेंसियों से समर्पित सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की है तथा यात्रियों को गुणवत्तापूर्ण, अनुशासित एवं स्वच्छ सेवाएं उपलब्ध कराने का आह्वान किया है।
ग्वालियर में बारिश का कहर: विधानसभा अध्यक्ष के बंगले तक घुसा पानी
25 Jul, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिंड: मध्य प्रदेश में भारी बारिश के चलते जन जीवन अस्तव्यस्त है. कई जिलों अतिवर्षा से नदी-नाले उफान पर हैं, तो कई जगह कस्बों में पानी भरा है. इन हालातों के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के ग्वालियर स्थित बंगले में पानी भर गया. वहीं बारिश के चलते जिले के सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है.
नरेंद्र सिंह तोमर के बंगले में भरा पानी
गुरुवार रात से हो रही बारिश के चलते ग्वालियर में जगह-जगह जल भराव की स्थिति बन गई है. ग्रामीण इलाकों के साथ ही शहरी क्षेत्र में भी जगह-जगह जल भराव की स्थिति हो गई. लगातार बारिश की वजह से ग्वालियर में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बंगले में भी पानी भर गया. हालांकि वे इस दौरान बंगले में मौजूद नहीं थे.
कलेक्टर ने स्कूलों की छुट्टी घोषित की
वहीं बरसात की वजह से बनी जल भाव की स्थिति में स्कूली छात्रों के लिए भी आवागमन की परेशानी हो रही है. इन हालातों को देखते हुए ग्वालियर कलेक्टर ने 26 जुलाई 2025 के दिन के लिए सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है.
स्कूल प्राचार्यों को विशेष निर्देश
शुक्रवार सुबह ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान के द्वारा जारी "आदेश के जरिए जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के प्राचार्यों को यह भी निर्देश जारी किए गए हैं कि, बारिश की वजह से जो बच्चे स्कूल नहीं पहुंच सके हैं. अगर स्कूल में मंथली टेस्ट या कोई परीक्षा है, जो छूट रही है, वह आने वाले दिनों में ली जाए.
आंगनबाड़ी में दो दिन का अवकाश
कलेक्टर स्कूलों के साथ साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में भी 25 और 26 जुलाई को अवकाश घोषित किया है जहां जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल शनिवार को बंद रहेंगे तो वहीं अनगनवाड़ी केंद्रों में शुक्रवार और शनिवार दो दिन की छुट्टी घोषित की गई है.
गोविंद सिंह को जान से मारने की धमकी, सुरक्षा के लिए पहुंचे DGP ऑफिस
25 Jul, 2025 07:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिंड: मध्य प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह को जान से मारने की धमकी मिली है. जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है. बताया जा रहा है कि धमकी देने वाले शख्स का कॉल उत्तर प्रदेश से आया था. जहां उसने धमकी देते हुए कहा कि 'तु जल्दी मरने वाला है', तेरा घर तोड़ दिया जाएगा'. गोविंद सिंह ने मामले की शिकायत पुलिस महानिदेशक डीजीपी कैलाश मकवाना को पत्र लिखकर की. उन्होंने मामले में जांच की मांग गई है. वहीं पुलिस ने धमकी भरे कॉल की जांच शुरू कर दी है.
धमकी भरा कॉल और अभद्र भाषा
पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने बताया कि "25 जुलाई 2025 को सुबह 9 बजकर 10 मिनट पर उनके मोबाइल पर उत्तर प्रदेश के नंबर से एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया. कॉलर ने अभद्र भाषा का उपयोग करते हुए कहा, 'तू जल्दी मरने वाला है’ कॉलर ने यह भी धमकी दी कि उनका मकान तोड़ दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि True Caller एप पर नाम शैलेंद्र चौहान और राज्य उत्तर प्रदेश का शो हो रहा था.
पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र, जांच की मांग
धमकी मिलने के बाद गोविंद सिंह ने तुरंत डीजीपी कैलाश मकवाना को पत्र लिखा. पत्र में उन्होंने कॉलर का नंबर और धमकी के विवरण का जिक्र करते हुए मामले की गहन जांच की मांग की. उन्होंने लिखा, ‘अभद्रता पूर्वक बात करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई. मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की. वहीं पुलिस ने इस शिकायत को गंभीरता से लिया.
सात बार रहे चुके विधायक गोविन्द सिंह
डॉक्टर गोविन्द सिंह का नाम एक बड़े नेताओं में आता है. वे लहार से लगातर सात बार विधायक रहे चुके हैं. कमलनाथ सरकार के समय वह कैबिनेट मंत्री भी रहे हैं. इसके बाद जब कांग्रेस सरकार की गिरी तो, विपक्ष में रहते हुए नेता प्रतिपक्ष बने थे. वहीं आठवीं बार अंबरीश शर्मा गुड्डू ने इनको चुनाव हरा दिया था. इसके बाद हाल ही में लहार में इनकी कोठी का अतिक्रमण हटाया गया था. इसमें लगातार सुखियों में रहे थे, वहीं एक बार फिर फोन पर धमकी मिलने से हड़कंप मच गया है.
“सरपंच है गांव का प्रधानमंत्री” – महासम्मेलन में गूंजे सशक्तिकरण के नारे
25 Jul, 2025 03:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मैहर / भोपाल। बुधवार को मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद द्वारा पटेल मैरेज पैलेस ,जनपद पंचायत के समीप आयोजित त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों एवं सरपंचों के महासम्मेलन को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया पंचायत परिषद के मुख्य महामंत्री श्री शीतला शंकर विजय मिश्र, ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार वायदा खिलाफी करके अपनी विश्वसनीयता खो रही है और विगतवर्ष 23 जुलाई 2024 को अम्बेडकर पार्क भोपाल में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से पधारे लगभग 15 हजार से अधिक सरपंचों के सम्मेलन में मध्यप्रदेश के पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल जी एवं राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह जी को ग्राम पंचायतों के सरपंचों की ओर सौपे गए 28 सूत्रीय मांगों के स्वीकार करने का आश्वासन दिया था। आज एक वर्ष पूरा हो रहा है लेकिन सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण मांगों को पूरा नहीं किया है और मासूम सरपंचों के साथ वायदा खिलाफी किया है। ऑल इंडिया पंचायत परिषद (अखिल भारतीय पंचायत परिषद ) ग्राम सशक्तिकरण एवं आत्म निर्भर गाँव,चलो गाँव की ओर (ग्राम स्वराज) अभियान कार्य क्रम विगत वर्षों से चला रही है और मा० प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने सांसदों एवं विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र के गावों में विकास कार्यों की जानकारी के लिए चलो गांव की ओर कार्यक्रम के तहत चौपाल लगाने का निर्देश दिया था लेकिन परिणाम ढाँक के तीन पात ही रहे। त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों के सम्मेलन को अवगत कराते हुए श्री मिश्र मुख्य महामंत्री, ने कहा कि ऑल इंडिया पंचायत परिषद के अनवरत संघर्षो के परिणाम स्वरूप त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के जनक श्री मेहता जी के द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों के अनुरूप भारतीय संविधान में 73वाँ एवं 74वाँ संशोधन हुआ और राज्य सरकारों ने अपने राज्य में पंचायती राज एक्ट बना कर त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का निर्वाचन कराना प्रारम्भ तो कर दिया परंतु 73वें, 74वें संवैधानिक संशोधन एवं पेशा पंचायत एक्ट 1996 द्वारा प्रदत्त 29 विभागों के अधिकारों को पंचायती राज संस्थाओं को विधिवत हस्तांतरित आज तक नहीं किया है और न, ही यथोचित सम्मान जनक मानदेय निर्वाचित पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को दिया है। सरकार को वायदा खिलाफी महंगी पड़ेगी यदि आवश्यकता पड़ी तो आप सभी के नेतृत्व में परिषद विधान सभा का घेराव करेगी।
श्री मिश्र जी ने त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित हजारों पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को कहा कि अनवरत जारी वर्षा में भी आप लोगों की विशाल भागीदारी सुनिश्चित कर रही है कि “मंजिल करीब है कदम आगे बढ़ाये जा,थामे थकन जो पांव तो कह दे अभी नहीं ।विजय हिम्मत तेरी जवां हैं तमन्ना तेरी हसीं ।।
मध्य प्रदेश पंचायत परिषद के माध्यम से ऑल इंडिया पंचायत परिषद ने त्रिस्तरीय पंचायतों के संवैधानिक अधिकारों एवं निर्वाचित प्रतिनिधियों क्रमशः सरपंच गण ,जनपद पंचायत अध्यक्ष गण एवं अध्यक्ष ज़िला परिषद तथा ज़िला परिषद सदस्य ,क्षेत्र पंचायत सदस्यों एवं ग्राम पंचायत सदस्यों को सम्मान जनक मानदेय प्रतिमाह राज्य सरकार प्रदान करे और समस्त त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के उपरोक्त निर्वाचित प्रतिनिधियों को सांसद,विधायकों की तरह यथोचित पेंशन दिलवाने के लिए जन जागरण पखवारा अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
श्री मिश्र ने इस महासम्मेलन के माध्यम से माननीय मुख्य जी से अपील किया कि वह 73वें संवैधानिक संशोधन द्वारा प्रदत्त 29 विषयक संवैधानिक अधिकारों एवं उपरोक्त मासिक मानदेय ,पेंशन आदि त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों को यथा शीघ्र बिना किसी टकराव के देने की घोषणा करें और लागू करें ताकि अमर शहीद श्री बलवंत राय मेहता जी के गाँव गणराज्य के संकल्प एवं गांधी के ग्राम स्वराज की कल्पना को साकार किया जा सके। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा जो मानदेय दिया जा रहा है वह बहुत कम और सम्मान जनक नही है उस पर पुनर्विचार करे। श्री मिश्र ने कहा कि पेशा पंचायत के अनुसार प्रधानमंत्री जी एवं मुख्य मंत्री जी राज्य सरकार मध्य प्रदेश बताएँ कि आदि वासियों के हालात कब सुधरेंगे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार ,झारखंड एवं राजस्थान में गर्मी के दिनों में पेयजल समस्या रहती है, शहर , गाँव और क़स्बों में रहने वाले लोगों के साथ आदिवासियों को अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। आदिवासियों के घर जंगलों में बने होते हैं, सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक नहीं पहुँच पाता है। ऐसे में बिजली , पानी, समेत सरकारी मूल भूत योजनाओं का लाभ आदिवासियों को नहीं मिल पाता है। इन वंचित योजनाओं का लाभ आदिवासियों को मिलना चाहिए।यह आश्चर्य जनक है कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आदिवासियों के लिए चलाई जा रही 250 योजनाओं में से लग भग 54%योजनाओं में एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ है। इस ओर तेज़ी लाने की आवश्यकता है। हमें यह समझना होगा कि आदिवासी भी हमारे समाज के अहम हिस्सा हैं। वे लोग न केवल कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं बल्कि जंगलो की ज़िम्मेदारी भी अपने कंधों पर उठाए होते हैं। इसके साथ अपने समुदाय की सदियों पुरानी संस्कृति को बचाए रखते हैं। आदिवासियों को मूलभूत सुविधाएँ प्राप्त हो सकें, यह उनके समुदाय के उद्धार के लिए ज़रूरी है। यह तभी सम्भव होगा, जब हम आदिवासियों की बात सुनें और उन्हें हल कराने का प्रयास करें।
श्री मिश्र ने कहा कि आदिवासी जंगल में निवास करते हैं और जंगल पर ही उनकी आजीविका निर्भर होती हैं। जंगलों के बिना आदिवासियों की कल्पना मुश्किल है। जंगलों में लकड़ियाँ , देशी औषधि और मवेशियों का चारा बेंच कर उनके परिवार का भरण पोषण होता है। आज भी राष्ट्रीय स्तर पर शासन प्रशासन की ओर से आदिवासियों को पर्याप्त सुविधाएँ नहीं मिल रही है। फ़िलहाल शिक्षा का स्तर सुधरने के कारण आदिवासी समाज में रोज़गार उपलब्ध होने से घर की माली हालत ठीक हुई है, लेकिन हालात सुधरने में थोड़ा समय लग सकता है। माननीय प्रधान मंत्री जी से अपील है कि आदिवासियों के चतुर्मुखी विकास के लिए तत्काल सकारात्मक कदम उठायें और जल, जंगल, ज़मीन पर उनको मालिकाना हक़ भी देने के लिए क़ानून बनाएँ।
श्री अशोक सिंह जादौन, मा०अध्यक्ष ऑल इंडिया पंचायत परिषद ने सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तिकरण एवं 73वें संविधान संशोधन के द्वारा पंचायतों को प्रदत्त 29 विषयक संवैधानिक अधिकारों को राज्य सरकारों से त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को हस्तानांतरित करवाने के लिए और आत्म निर्भर गाँव की कल्पना को साकार करने के उद्देश्य से चलो गाँव की ओर अभियान कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश राज्य के समस्त त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों का इस सम्मेलन के माध्यम से आह्वान किया के वे संघर्ष के लिए तैयार रहें ।ऑल इण्डिया पंचायत परिषद आपके साथ है।
श्री सिंह ने कहा कि ग्राम सभाएँ जब तक आत्म निर्भर नहीं होगी तब तक आज़ादी के 77 वर्ष के तहत अमृत महोत्सव आधा - अधूरा है। श्री जादौन ने माँग की कि प्रधान मंत्री जी स्व घोषित आदर्श ग्राम सभाओं के विकास की समीक्षा कराकर देश को बताएँ कि देश में कितनी ग्राम सभाएँ अभी तक आदर्श ग्राम सभा बन पायी हैं? मुख्य अतिथि श्री जादौन जी ने कहा कि पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए अमर शहीद श्री बलवंत राय मेहता जी के दिखाए रास्ते पर चल कर उनके अधूरे स्वप्नों को साकार करने का प्रयास करेंगे और ग्राम पंचायत के सरपंचों को प्रशिक्षित करके इतना सशक्त बनाने का प्रयास करेंगे कि विधायक एवं सांसद सरपंच के पास समस्याएं जानने एवं निदान के लिए ग्राम पंचायत अध्यक्ष से सम्पर्क करेंगे। श्री जादोन ने कहा कि ग्राम पंचायत के सरपंच गण ,जनपद अध्यक्ष गण एवं अध्यक्ष जिला परिषद गण अपने पद की गरिमा का ध्यान रखें और गुटबाजी से दूर रहें ताकि ग्राम ,जनपद व जिला का चतुर्मुखी विकास हो सके।
श्री महेंद्र कुमार यादव जी उपाध्यक्ष ,ऑल इंडिया पंचायत परिषद ने सम्मेलन में अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि सरपंच ,ग्राम सभा का प्रधान मंत्री होता है और पंच गण,अपनी -अपनी समितियों के सदस्य के रूप में मंत्री होते हैं।पंचायत सचिव ,ग्राम सेवक है और सरपंच के अधीनस्थ कार्य करता है और उसका सी आर लिखने का अधिकार सरपंच को संविधान द्वारा दिया गया है उसे सीमित करने का अधिकार सरकार कम नहीं कर सकती है।शिक्षा ,भूमि प्रबंधन,सामाजिक न्याय,सिचाई, स्वास्थ्य एवं निर्माण कार्य आदि कराने एवं नियंत्रित करने का अधिकार सरपंच साहबान को दिया गया है ।ग्राम पंचायत एक कार्यदायी संस्था है ,आप लोग स्वार्थ से ऊपर उठकर अपनी ज़िम्मेदारी, शक्तियों को समझें और एकजुट रहें कोई नौकर शाह शोषण करने का प्रयास करे तो पुरजोर विरोध कीजिए।
श्री अशोक सिंह सेंगर जी अध्यक्ष ,मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद ने बताया कि आज के सम्मेलन में प्रदेश के समस्त जिलों से अधिकांश अध्यक्ष गण जिला परिषद ,अध्यक्ष गण जनपद पंचायत,सदस्य गण एवं 23000 ग्राम पंचायतों के सर्वाधिक सरपंच गण ,पंच गण उपस्थित होकर अपनी एकता एवं प्रतिबद्धता प्रदर्शित किया है। प्रदेश के समस्त संभागों एवं सर्वाधिक जिलों के स्तर पर मध्यप्रदेश पंचायत परिषद ने विगत वर्ष से लेकर अब तक त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों का सम्मेलन आयोजित किया है और शीघ्र ही राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन भोपाल में किया जाएगा।
श्री सेंगर ने सम्मेलन मे शामिल सभी प्रतिनिधियों से अपील किया कि आप लोग माँ शारदा की शक्तिपीठ की धरती पर आज संकल्प लें कि सरकार को तब -तक चैन से नहीं बैठने देंगे जब तक 73 वें संविधान संशोधन के अनुरूप शक्तिविकेंद्रीय करण सिद्धांत के तहत संपूर्ण फण्ड, फंग्शन एवं फ़ंगशनरीज़ का अधिकार पंचायतों को राज्य सरकार नहीं प्रदान कर देती है।
सम्मेलन की अध्यक्षता श्री विजय सिंह पटेल जी अध्यक्ष जिला पंचायत मैहर ने किया और सम्मेलन में सरपंच श्री नरेंद्र सिंह चौहान दावतपुरा ,प्रदेश प्रवक्ता, मध्यप्रदेश पंचायत परिषद ,श्री महेंद्र सिंह बुंदेला,राष्ट्रीय सचिव ऑल इण्डिया पंचायत परिषद श्री जालम सिंह पटेल अध्यक्ष जनपद पंचायत सोहागपुर जिला नर्मदापुरम, बद्रीदस वैरागी जी,अध्यक्ष जिला पंचायत दमोह आदि ने समस्याओं के संबंध में सारगर्भित विचार प्रकट किया ।
सायंकाल 5 बजे सम्मेलन में सर्वसम्मति से पारित 24 सूत्रीय प्रस्ताव जो महामहिम श्री राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन लेकर सम्मेलन में उपस्थित समस्त प्रतिनिधियों ने ऑल इंडिया पंचायत परिषद के नेतृत्व मे 4 किलोमीटर तक भीगते हुए पैदल मार्च कर जिलाधिकारी , मैहर के कार्यालय पहुँच कर जिलाधिकारी मैहर को 24 सूत्रीय मांग पत्र को पढ़कर सुनाया गया और ज्ञापन सौंपा गया। जिलाधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए, ज्ञापन रिसीविंग की प्रति दिया और आश्वासन दिया कि हमारे जिले स्तर की जो भी समस्या होगी उसका निराकरण शीघ्र ही किया जाएगा और ज्ञापन मूलरूप में महामहिम श्री राज्यपाल महोदय को प्रेषित करेंगे। जिलाधिकारी कार्यालय पर सम्मेलन समाप्ति की घोषणा मध्यप्रदेश पंचायत परिषद के अध्यक्ष श्री अशोक सिंह सेंगर द्वारा की गई और अंत मे सम्मेलन के अध्यक्ष श्री विजय सिंह पटेल ने समस्त त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के समस्त निर्वाचित पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों को सम्मेलन सफल बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। लोकसभा न विधान सभा सबसे बड़ी ग्राम सभा और जय पंचायती राज के गगनभेदी नारा लगाते हुए सभा विसर्जित हुई ।
पूर्व मध्य रेलवे के तहत पटना से 17 नई ट्रेनों का संचालन शुरू
25 Jul, 2025 02:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद गिरधारी यादव को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बिहार के रेलवे नेटवर्क का अभूतपूर्व विकास हुआ है। वर्ष 2014 के बाद यहां लगभग 1,900 किलोमीटर रेल लाइन का निर्माण हुआ। 2025-26 में राज्य को रिकॉर्ड 10,066 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया।
बिहार में 13 वंदे भारत एक्सप्रेस, 5 अमृत भारत एक्सप्रेस और एक नमो भारत रैपिड रेल का परिचालन प्रारंभ किया गया है। साथ ही मोदी जी की सरकार ने 2014 के बाद पटना से दिल्ली, बेंगलुरु और मुंबई के लिए 17 ट्रेनें चलाई हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गिरधारी यादव को लिखे गए पत्र में उन ट्रेनों की सूची की संलग्न की है, जिनका परिचालन पटना से होता है। इन ट्रेनों में शामिल हैं।
1. सहरसा – आनंद विहार एक्सप्रेस (15529/15530)
2. मालदा टाउन – आनंद विहार एक्सप्रेस (13429/13430)
3. पटना – बैंगलोर प्रीमियम एक्सप्रेस (22353/22354)
4. जयनगर – लोकमान्य तिलक जनसाधारण एक्सप्रेस (15547/15548)
5. नाहरलगुन – नई दिल्ली एक्सप्रेस (22411/22412)
6. पटना – मुंबई सीएसटीएम सुविधा एसी एक्सप्रेस (22355/22356)
7. अगरतला – आनंद विहार एक्सप्रेस (14019/14020)
8. पटना – बांद्रा टर्मिनस हमसफर एक्सप्रेस (22913/22914)
9. अगरतला – आनंद विहार राजधानी एक्सप्रेस (20501/20502)
10. मधुपुर – आनंद विहार हमसफर एक्सप्रेस (12235/12236)
11. पटना – बनासवाड़ी हमसफर एक्सप्रेस (22353/22354)
12. आनंद विहार – मधुपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22465/22466)
13. आनंद विहार – मधुपुर हमसफर एक्सप्रेस (22459/22460)
14. गोड्डा – लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस (22311/22312)
15. लोकमान्य तिलक – सहरसा अमृत भारत एक्सप्रेस (11015/11016)
16. राजेंद्र नगर – नई दिल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस (22361/22362)
17. बापूधाम मोतिहारी – आनंद विहार अमृत भारत एक्सप्रेस (15567/15568)।
पूजा के बाद विधायक को लौटाए पैसे, CM की सादगी बनी सुर्खियों में
25 Jul, 2025 02:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भोपाल में हाल ही में आयोजित विधायक विश्रामगृह के भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सादगी और परंपराओं के प्रति सम्मान का एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। पूजा के दौरान जब दक्षिणा देने का समय आया, तब मुख्यमंत्री पूजा में व्यस्त थे और समय पर अपनी जेब से राशि नहीं निकाल सके। इस पर हुजूर विधानसभा से विधायक रामेश्वर शर्मा ने तुरंत अपनी जेब से ₹500 का नोट निकालकर मुख्यमंत्री को थमा दिया ताकि पूजा निर्विघ्न पूरी हो सके।
पूजा संपन्न होते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पर्स से 500 रुपए निकालकर तत्काल विधायक शर्मा को लौटा दिए। मुख्यमंत्री की यह आत्मनिर्भरता और पारदर्शिता भरी सादगी कार्यक्रम में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भावुक कर गई। इस छोटे से लेकिन गहरे संदेश वाले क्षण ने पूरे माहौल को मुस्कान और सहजता से भर दिया। बता दें कि उज्जैन के धार्मिक वातावरण से गहराई से जुड़े मुख्यमंत्री मोहन यादव की छवि एक धर्मनिष्ठ, सामाजिक मूल्यों को मानने वाले और आत्मसम्मान की भावना रखने वाले जननेता की है। वे न तो किसी से उधार लेना पसंद करते हैं और न ही मुफ्त में कुछ स्वीकार करते हैं। यह दृष्टिकोण उनके सार्वजनिक जीवन में स्पष्ट झलकता है।
इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में विधायक विश्रामगृह के निर्माण कार्य का भूमि पूजन हुआ। यह विश्रामगृह लगभग ₹160 करोड़ की लागत से तैयार होगा, जिसमें 102 आधुनिक फ्लैट और तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, महापौर मालती राय समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि सार्वजनिक जीवन में सादगी, अनुशासन और व्यक्तिगत जवाबदेही कितनी बड़ी प्रेरणा बन सकती है।
समुद्र मंथन दिवस पर हरिहर नाट्य समारोह
25 Jul, 2025 12:32 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। वीर भारत न्यास द्वारा समुद्र मंथन दिवस 24 जुलाई 2025 को भोपाल के रवीन्द्र भवन परिसर में हरिहर राष्ट्रीय नाट्य समारोह के साथ-साथ कलाओं में बघेश्वर और मणिधर प्रदर्शनी का शुभारंभ एवं पुस्तक लोक में मणिधर-बघेश्वर का लोकार्पण माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया गया।इस अवसर पर मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि "उज्जैन की हरिहर परंपरा भारत की सांस्कृतिक आत्मा की प्रतीक है। यह केवल धार्मिक अनुष्ठान भर नहीं है बल्कि सनातन संस्कृति की भी प्रतीक है। " इस मौके पर माननीय मंत्री कृष्णा गौर, पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा, संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला, माननीय मुख्यमंत्री जी के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, संस्कृति संचालनालय संचालक एन पी नामदेव सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। समुद्र मंथन दिवस के मौके पर हुए इस नाटक समारोह की शुरुआत नाटक "समुद्र मंथन" से ही हुई। राष्ट्रीय नाटक विद्यालय द्वारा प्रस्तुत इस नाटक के साथ छ: दिवसीय नाट्य समारोह की शुरुआत हुई।
मप्र मानसून सत्र में तीन मंत्रियों की निगरानी,सवाल-जवाब और गैर‑हाजिरी पर कड़ी नजर रखने का फैसला
25 Jul, 2025 11:51 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल
मध्य प्रदेश में 28 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। इस सत्र के लिए प्रदेश सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।सदन में अपने विधायकों और मुद्दों की मॉनिटरिंग के लिए हर समय कम से कम तीन मंत्री हर समय मौजूद रहेंगे। विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए बाकी मंत्रियों के साथ रोस्टर वाले तीन मंत्री को हर दिन अनिवार्य रूप से मौजूद रहना होगा।
मानसून सत्र के लिए सरकार की तैयारी तेज
28 जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के लिए सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों के साथ बैठक की। इस दौरान CM मोहन यादव ने कहा कि विपक्ष के सवालों का जवाब देते समय अधिकारी आखिरी क्षणों में अपने विभागीय मंत्रियों को स्लिप भेजते हैं, जिससे सरकार का पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रखा जा पाता इसलिए पहले से ही पूरी ब्रीफिंग की जाए और उपलब्धियों की जानकारी दी जाए। सरकार के कई बड़े कार्य हैं, जिन्हें सदन में सामने रखा जा सकता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दिए निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने निर्देश दिए कि सदन में हर समय कम से कम तीन मंत्री मौजूद रहेंगे, जिनका रोस्टर तैयार कर लिया गया है। ये मंत्री न केवल सदन में BJP विधायकों की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे, बल्कि यह भी देखेंगे कि सवालों के जवाब के दौरान कोई विधायक अनुपस्थित तो नहीं है। इन तीन मंत्रियों के अलावा अन्य मंत्री भी मौजूद रहेंगे, लेकिन रोस्टर वाले तीन मंत्री हर दिन अनिवार्य रूप से उपस्थित होंगे।
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र
मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई से शुरू होने वाला है, जो 8 अगस्त तक चलेगा। इस 12 दिन के सत्र में कुल 10 बैठकें होंगी। 2 अगस्त (शनिवार) और 3 अगस्त (रविवार) को अवकाश रहेगा. इस सत्र में सरकार द्वारा लाए गए विधेयकों पर गहन चर्चा होगी और पक्ष-विपक्ष मिलकर राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।बता दें कि विधानसभा के मानसून सत्र में मोहन सरकार द्वारा अनुपूरक बजट भी पेश किया जाएगा। सरकार ने तय किया है कि बजट में केवल जनहित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
भोपाल में अशोका गार्डन का नया नाम तय, हमीदिया के नाम बदलने पर सियासी घमासान
25 Jul, 2025 11:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : नगर निगम भोपाल की परिषद बैठक में गुरुवार को दो नामों को बदलने के प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया गया है. भोपाल के अशोका गार्डन क्षेत्र का नाम बदलकर रामबाग कर दिया गया है. वहीं हमीदिया का नाम बदलने का प्रस्ताव हंगामे के बाद पारित कर दिया गया है. इसी के साथ बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, नीलबड़, संजीव नगर, मालीखेड़ी और प्रेमपुरा घाट में 25 करोड़ रुपये से नए विसर्जन कुंड बनाने की परिषद से हरी झंडी मिल गई है.
अशोका गार्डन अब रामबाग
नगर निगम परिषद में गुरुवार को अशोका गार्डन का नाम बदलने का प्रस्ताव लाया गया था. जिसके बाद अब अशोका गार्डन का नया नाम रामबाग कर दिया गया है. इसके साथ अशोका गार्डन स्थित 80 फीट रोड पर विवेकानंद पार्क के पास स्थित चौराहे का नाम भी विवेकानंद चौक किया गया है. परिषद में यह प्रस्ताव वार्ड क्रमांक 69 से भाजपा पार्षद सूर्यकांत गुप्ता ने रखा था.
वहीं इनके अलावा पुराने शहर में स्थित एक पार्क का नाम पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह, अशोका गार्डन 80 फीट रोड का नाम पूर्व सांसद स्वर्गीय रमेश शर्मा, टीटी नगर स्थित काली मंदिर के पास की सड़क का नाम योगाचार्य श्री कृष्ण मोहन गांगुली और बागमुगालिया बस स्टाप का नाम डॉ.भीमराव अंबेडकर के नाम पर करने का प्रस्ताव प्रस्ताव दिया है.
हमीदिया अस्पताल का नाम बदलने पर हंगामा
परिषद की बैठक में भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और सड़क का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा. इसका कांग्रेस पार्षदों ने विरोध किया, तो भाजपा के पार्षद हिंदुस्तान जिंदाबाद पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे. भाजपा पार्षदों ने नवाब हमीदुल्ला को कलंकित और गद्दार कहा. इस पर कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति ली और इस शब्द को विलोपित करने की मांग की. इस दौरान कांग्रेस पार्षद अजीजुद्दीन और भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव के बीच कहासुनी शुरु हो गई. दोनों एक दूसरे के सामने आ गए. देवेंद्र ने अजीजुद्दीन को कुछ अपशब्द कहा, जिसे सुनते ही अजीजुद्दीन ने भार्गव की कॉलर पकड़ ली. हालांकि, बाद में दोनों को अन्य पार्षदों ने अलग कराया. आखिरकार परिषद बैठक में हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और सड़क का नाम बदलने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है.अब इसका प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा.
निगम अध्यक्ष बोले, नवाब गद्दार था
परिषद में हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और सड़क का नाम बदलने का प्रस्ताव पास होते ही हंगामा शुरु हो गया था. नगर निगम अध्यक्ष ने इस दौरान कहा, '' भोपाल का नवाब गद्दार था, गद्दार है और गद्दार रहेगा.'' इस बीच दोनों पक्षों के बीच जमकर नोंकझोंक हुई. इस बीच 15 मिनट के लिए परिषद की बैठक स्थगित कर दी गई. बता दें कि नगर निगम अध्यक्ष बीते दो सालों से हमीदिया अस्पताल, सड़क और कॉलेज का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि नवाब हमीदुल्लाह देशद्रोही हैं. उनके कारण ही भोपाल साल 1947 की बजाय 1949 में आजाद हुआ. ऐसे व्यक्ति के नाम पर शहर में स्कूल, अस्पताल और सड़कों के नाम नहीं होने चाहिए.
आयुक्त के खिलाफ निंदा प्रस्ताव की मांग
बैठक में निर्दलीय पार्षद विलासराव घाड़गे ने नगर निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की. उनका आरोप था कि आयुक्त की कार्यप्रणाली ठीक नहीं है. इसके बाद वो निंदा प्रस्ताव की मांग करते हुए आसंदी के सामने जमीन पर बैठ गए. हालांकि, आयुक्त का बचाव करते हुए एमआइसी मेंबर जगदीश यादव ने कहा कि नगर निगम आयुक्त की वजह से भोपाल इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण में दूसरे नंबर पर आया है.
इस दौरान कांग्रेस पार्षदों ने भी निगम आयुक्त का पक्ष लिया. जिसके बाद नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने पार्षद विलासराव को समझाइश देकर अपनी कुर्सी पर बैठने को कहा.
छिंदवाड़ा में खुलेगा सैनिक स्कूल! BSNL नेटवर्क अपग्रेड को केंद्र की मंजूरी शेष
25 Jul, 2025 10:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश में एक और मिलिट्री स्कूल खुल सकता है. छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर मिलिट्री स्कूल के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध होने की बात के साथ ही मिलिट्री स्कूल खोलने की मांग की है. वहीं उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मुलाकात की और मोबाइल टॉवर स्थापना के संबंध में उन्हें लेटर सौंपा.
मिलिट्री स्कूल खोलने सांसद ने रक्षा मंत्री से की मुलाकात
सांसद बंटी विवेक साहू ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को छिंदवाड़ा या पांढुर्णा में मिलिट्री स्कूल खोलने के संबंध में एक पत्र दिया है. जिसमें उन्होंने कहा कि ''छिंदवाड़ा जिला अपनी जनजातीय संस्कृति धरोहर और शिक्षा के प्रति जनमानस की प्रतिबद्धता के लिए जाना जाता है. इन दोनों जिलों में शिक्षा के क्षेत्र में अब तक बहुत प्रगति नहीं हो पायी है. जिसके चलते यहां के बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए बाहर जाना पड़ता है.''
''छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले में मिलिट्री स्कूल की स्थापना के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध है. जिले के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सैन्य अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए एक मिलिट्री स्कूल स्थापित करना क्षेत्र के विकास में सहायक सिद्ध होगा. साथ ही राष्ट्र की सेवा के लिए योग्य और प्रेरित युवाओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा.''
भौतिक-सामाजिक संरचना मिलिट्री स्कूल के लिए अनुकूल
छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिला मध्य प्रदेश के प्रमुख जिलों में से एक है. यहा भी भौतिक और सामाजिक संरचना मिलिट्री स्कूल के लिए अनुकूल है. इस स्कूल की स्थापना से स्थानीय युवाओं को उत्कृष्ट शैक्षिक और सैन्य प्रशीक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. इन दोनों जिलों के आस-पास कही भी मिलिट्री स्कूल नहीं है. सांसद ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मांग की है कि छिंदवाड़ा या पांढुर्णा जिले में मिलिट्री स्कूल प्रारंभ किया जाए.
टॉवर लगवाने से ग्रामीण इलाकों में बढे़गा नेटवर्क
सांसद बंटी विवेक साहू लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में छिंदवाड़ा और पांढुर्णा के विकास कार्यो के लिए लगातार केन्द्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं. सांसद ने केन्द्रीय शहरी विकास राज्य मंत्री तोखन सिंह साहू और केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद गुरुवार को संचार व पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास के केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की है.
सांसद ने केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात के दौरान उनसे छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा जिले के विकास कार्यों को लेकर चर्चा करते हुए उन्हें दोनों जिले के ग्रामीणों क्षेत्रों में बीएसएनएल नेटवर्क को ठीक करने के लिए मोबाइल टॉवर की स्थापना के संबंध में एक पत्र भी सौंपा है. जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि उनके संसदीय क्षेत्र के दोनों जिलों में दूरस्थ ग्रामीण अचंलों में आदिवासी बाहुल्य जनसंख्या निवास करती है. इन क्षेत्रों में बीएसएनएल के नेटवर्क को ठीक करने के संबंध में दोनों जिलों के 107 स्थानों पर नये टॉवर लगाने की मांग की है.
मध्य प्रदेश में राशन प्रणाली में बड़ा बदलाव, अब चावल से ज्यादा मिलेगा गेहूं
25 Jul, 2025 09:11 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: प्रदेश के पीडीएस (Public Distribution System) के पात्र हितग्राहियों को अब ज्यादा मात्रा में गेहूं मिलेगा. प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रयास से सालों से लंबित मांग को आखिरकार केंद्र सरकार ने मान लिया है. अब पीडीएस के हितग्राही परिवारों को खाद्यान्न में 75% गेहूं और 25 % चावल दिया जाएगा. अभी तक चावल और गेहूं 60:40 के अनुपात में मिलता था.
इस अनुपात में बदलाव की मांग लंबे समय से की जा रही थी. प्रदेश के हर जिले से मांग आ रही थी कि गेहूं की मात्रा बढ़ाते हुए 75% और चावल की 25% कर दी जाय. खाद्य सुरक्षा कानून के तहत केंद्र राज्यों को खाद्यान्न आवंटन तय अनुपात में करता है, इसलिए फैसला केंद्र सरकार को करना था. इस फैसले के बाद हर महीने हमें 1 लाख मीट्रिक टन गेहूं अधिक मिलेगा. प्रति व्यक्ति के हिसाब से पहले 3 किलो चावल और 2 किलो गेहूं मिलता था. नए फैसले के बाद अब 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल मिलेगा.
केंद्रीय मंत्री ने तुरंत मानी मांग
दरअसल, मध्य प्रदेश में ज्यादा आबादी चावल की अपेक्षा गेहूं का अधिक उपयोग करती है. लेकिन पीडीएस हितग्राहियों को चावल ज्यादा और गेहूं कम दिया जा रहा था. इस विसंगति को दूर करने खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने हाल ही में दिल्ली में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाया और मात्र एक हफ्ते के भीतर मांग पर सहमति दे दी.
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी को यह भी बताया था कि, ''मध्य प्रदेश में चावल की आवश्यकता कम है. चावल ज्यादा मात्रा में मिलने पर अक्सर हितग्राही बाजार में औने-पौने दामों पर बेंच देते हैं. इसके विपरीत हितग्राहियों को जरूरत के हिसाब से गेहूं मिले, तो व्यवस्था ज्यादा प्रभावी और पारदर्शी होगी. खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत का सुझाव केन्द्रीय खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी को समसामयिक और उपयोगी लगा, तो उन्होंने तुरंत निर्णय लिया.''
केंद्र का फैसला नीतिगत बदलाव की दिशा में मिसाल
राज्य सरकार के अनुरोध पर केंद्र सरकार का फैसला न केवल जनहितैषी बल्कि केंद्र और राज्य के समन्वय का उदाहरण है. ये सिर्फ अनुपात बदलने का नहीं, बल्कि जनता की नब्ज पहचान कर नीतिगत बदलाव का उदाहरण है. इस पहल पर केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रहलाद जोशी का गोविंद सिंह तोमर ने आभार व्यक्त किया.
पीडीएस का उद्देश्य गरीब और वंचित वर्ग को खाद्य सुरक्षा देना
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि, ''पीडीएस के खाद्यान्न में चावल की जगह गेहूं की मात्रा बढ़ाने का अनुरोध एक हफ्ते के अंदर स्वीकार कर बदलाव के आदेश जारी करना बताता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार जनहित के फैसलों पर तुरंत अमल करती है.'' उन्होंने कहा कि, ''पीडीएस का मूल उद्देश्य गरीब और वंचित वर्ग को खाद्य सुरक्षा देना है. नए अनुपात में हितग्राहियों को अधिक उपयोगी और पसंदीदा अनाज गेहूं जरूरत के हिसाब से मिलेगा.''
मोहन सरकार का बड़ा ऐलान, युवाओं को मिलेगा हर महीने 5 हज़ार
25 Jul, 2025 08:06 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश में मोहन सरकार अब नौजवानों को पांच हजार रुपए का इंसेंटिव देगी. जबकि उधोग से जुड़ी लाड़ली बहनों को 6 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाएंगे. ये खासतौर पर उन नौजवानों को दिया जाएगा, जो प्रदेश में रोजगार परक उद्योगों में काम करेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, '' मध्यप्रदेश में हमारा प्रयास है कि हर युवा को काम मिलना चाहिए.'' मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अचारपुरा में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ये एलान किया.
न नौजवानों को मिलेगी पांच हजार का इंसेटिव
मध्यप्रदेश में लाड़ली बहनों के बाद अब नौजवानों पर सरकार का फोकस है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज घोषणा की कि मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के नौजवानों को पूरी तरह से प्रोत्साहित करेगी. इसके लिए जो नौजवान रोजगार परक उद्योगों में काम कर रहे हैं, उन्हें राज्य शासन पांच हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि देगा. सीएम डॉ मोहन यादव ने कहा, '' प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने का कार्य प्राथमिकता में रखती है. राज्य शासन का ये प्रयास है कि हर युवा को काम मिलना चाहिए.''
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हमारे उद्योग मंदिर की तरह : सीएम
सीएम डॉ. मोहन यादव ने आगे कहा, '' हमारे उद्योग कारखाने एक तरह के मंदिर हैं. यह मंदिर का स्वरूप हैं, जो लोगों के कष्ट मिटाते हैं. मध्य प्रदेश में उद्योगों का जाल लगातार फैलाया जा रहा है. मध्य प्रदेश के युवाओं को पलायन की जरूरत नहीं है. हमारा राज्य समृद्ध होगा और यहीं नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर होंगे.''
लाड़ली बहनों को दिए जाएंगे 6 हजार
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा, '' लाड़ली बहनों को भी उद्योगों में कार्य करने पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. युवाओं के मुकाबले ये राशि ज्यादा होगी. बहनों को 6 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. यह एक तरह का स्थाई प्रबंध होगा.'' इसमें बताया गया कि आगे चलकर घर बैठे लाड़ली बहनों को तीन हजार रुपए मासिक तक प्राप्त होंगे जो परिवार के संचालन के लिए मददगार होंगे. इसी तरह जो बहनें घर से बाहर आकर उद्योगों में कार्य करती हैं, उन्हें भी प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी.
कमलनाथ सरकार में चार हजार का स्टाइपेंड
कमलनाथ सरकार ने भी घोषणा पत्र के मुताबिक बेरोजगार युवाओं के लिए युवा स्वाभिमान रोजगार योजना लॉन्च की थी. इस योजना में उम्र का क्राइटेरिया 21 से 30 वर्ष का ही था. इसमें नियम ये था कि 100 दिन का काम करने पर चार हजार रुपए की राशि दी जाएगी. इसके अलावा एक ऐसे रोजगार का भी वादा था, जिससे स्किल डेव्लप कर नौजवान आगे बढ़ सकें.
मध्यप्रदेश में फिलहाल युवा आबादी डेढ़ करोड़ से ज्यादा है. इनमें 20 वर्ष से 30 वर्ष तक के युवाओं की आबादी करीब एक करोड़ 53 लाख से ज्यादा है. माना जा रहा है कि अगले चौबीस वर्ष में ये आंकड़ा एक करोड़ 49 लाख 93 हजार तक पहुंचेगा. यानि कुछ कमी आएगी.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रीवा में ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव’ का शनिवार को करेंगे शुभारंभ
24 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में पर्यटन निवेश को प्रोत्साहित करने के साथ–साथ पर्यटन व्यवसायियों, टूर ऑपरेटर्स और होटल इंडस्ट्री के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रीवा में दो दिवसीय रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में शनिवार 26 जुलाई को शुभारंभ करेंगे।
कॉन्क्लेव में उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र सिंह लोधी भी उपस्थित रहेंगे। मध्यप्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि और विंध्य क्षेत्र की पर्यटन क्षमताओं को पहचानते हुए राज्य में पर्यटन निवेश को बढ़ाने के लिए रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। प्रसिद्ध अभिनेता मुकेश तिवारी और पंचायत वेब सीरीज की अभिनेत्री सान्विका सिंह कॉन्क्लेव में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।
प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश में आतिथ्य क्षेत्र के निवेशकों को सम्मानित भी किया जाएगा। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा अक्टूबर माह में भोपाल में आयोजित होने वाले मध्यप्रदेश ट्रेवल मार्ट की पूर्व तैयारियों के दृष्टिगत यह रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में ग्वालियर में अगस्त एवं इंदौर में सितंबर में रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव का आयोजन होगा।
डिजिटल पहल, एमओयू, आधारशिला कार्यक्रम एवं अनुबंध
आईआरसीटीसी पोर्टल पर पीएम पर्यटन वायु सेवा बुकिंग पोर्टल का शुभारंभ होमस्टे ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल का लोकार्पण मेक माय ट्रिप के साथ एमओयू चित्रकूट घाट में 'स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस' परियोजना की आधारशिला का वर्चुअल शिलान्यास होगा।
शहडोल में एफसीआई (फैसिलिटेशन सेंटर फॉर टूरिस्ट्स) का उद्घाटन
मंडला, डिंडोरी, सिंगरौली, सीधी और सिवनी में कला एवं शिल्प केंद्रों की स्थापना के लिये एजेंसियों के साथ और इंफ्लुएंसर मार्केटिंग एजेंसियों—मेसर्स बारकोड एक्सपीरिएंशल एवं मेसर्स क्यूयुकी डिजिटल के साथ अनुबंध होंगे।
वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं पर होगा मंथन
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन क्षेत्र पर आधारित विभिन्न सत्र होंगे। मध्यप्रदेश में वन्यजीव, धरोहर और ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं, पर्यटन अनुभव और निवेश पर मंथन होगा। इसमें “वन पथों से विरासत की कहानियों तक : रीवा का पर्यटन पुनर्जागरण”, “मध्यप्रदेश में समग्र पर्यटन अनुभव का निर्माण” और “मध्यप्रदेश में पर्यटन, फिल्म और आतिथ्य क्षेत्र में निवेश प्रोत्साहन के अवसर” विषय पर सत्र होंगे।
हितधारकों पर्यटन व्यवसाय में निवेश की संभावनाओं पर करेंगे चर्चा
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में ट्रेवल ऑपरेटर्स, होटल व्यवसायियों और टूरिज़्म स्टेकहोल्डर्स के बीच द्विपक्षीय संवाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा होगी। यह सत्र क्षेत्रीय पर्यटन के विकास के लिए बल्कि राष्ट्रीय पर्यटन समृद्धि के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
प्रदर्शनी में दिखेगा मध्यप्रदेश का सांस्कृतिक गौरव
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में विशेष पर्यटन प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें मध्यप्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन इकाइयों, हॉस्पिटिलिटी ब्रांड्स, होमस्टे, रिसॉर्ट्स, हैंडलूम/हैंडीक्राफ्ट, साहसिक गतिविधियों और सांस्कृतिक धरोहर को समर्पित स्टॉल लगाए जाएंगे। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रम की रंगारंग प्रस्तुति भी होगी।
फैम टूर का आनंद लेंगे हित-धारक एवं निवेशक
रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर चयनित अतिथियों एवं प्रतिनिधियों के लिए फैमिलियाराइज़ेशन टूर (FAM Tour) का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य रीवा एवं आसपास के पर्यटन स्थलों की संभावनाओं से प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना है।
कृष्णानगर में पीएम मोदी का वार, बोले- 4 मई को बीजेपी की जीत तय
बंगाल चुनाव में SIR पर घमासान, सियासत गरमाई
पुदीने और नींबू का कमाल: हीटवेव के दौरान शरीर को रिफ्रेश रखने के सबसे आसान उपाय
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