मध्य प्रदेश
मंत्रालय में हुआ राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान का सामूहिक गायन
1 Aug, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : अगस्त माह के प्रथम शासकीय कार्य दिवस पर मंत्रालय के समक्ष सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्र-गीत "वंदे-मातरम" एवं राष्ट्र-गान "जन-गण-मन" का सामूहिक गायन हुआ। इस अवसर पर पुलिस बैंड ने मधुर धुनें प्रस्तुत की। वंदे-मातरम गायन में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण,विमुक्त घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव, मनु श्रीवास्तव, संजय कुमार शुक्ल, सहित सतपुड़ा-विंध्याचल भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
हरपालपुर जल प्रदाय परियोजना पर तेजी से काम
1 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अधीन कार्यरत उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा छतरपुर जिले के हरपालपुर नगर में जल प्रदाय परियोजना का कार्य तेज गति से चल रहा है। यह परियोजना एशियन डेवलपमेंट बैंक के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। इस परियोजना की लागत 28 करोड़ 40 लाख रूपये है। इस लागत में आगामी दस वर्षों तक संचालन और संधारण की व्यवस्था भी शामिल है। योजना के अंतर्गत धसान नदी से जल लेकर उसे 3.36 एमएलडी क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र में शुद्ध किया जाएगा। जल शोधन संयंत्र का निर्माण कार्य लगभग 83 प्रतिशत तक पूरा किया जा चुका है।
जल संग्रहण के लिये परियोजना के अंतर्गत विभिन्न क्षमताओं वाले तीन ओवरहेड टैंक का निर्माण भी किया जा रहा है। संपूर्ण परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 80 प्रतिशत पूरी हो चुकी है। इस परियोजना का जल्द ही काम पूरा हो जायेगा। इस परियोजना से हरपालपुर नगर की 20 हजार से अधिक आबादी को नियमित, सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। यह योजना नगरीय क्षेत्रों में जल संकट की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। परियोजना के प्रति स्थानीय नागरिकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। उन्हें उम्मीद है कि योजना के पूरा होते ही उन्हें निर्बाध और गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध होगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार भी होगा।
प्रदेश के सभी बांधों एवं जलाशयों की निरंतर करें निगरानी : जल संसाधन मंत्री सिलावट
1 Aug, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी बांधों एवं जलाशयों की निरंतर निगरानी की जाए और सभी सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। विभाग के अधिकारी, जिला प्रशासन एवं सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वय बनाकर कार्य करें। सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष प्रभावी रूप से कार्य करें और अतिवृष्टि एवं बाढ़ की जानकारी राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष को भेजते रहें। बांधों से जल छोड़ने की जानकारी सभी संबंधियों को दी जाए और विशेष रूप से मुनादी करवाकर व अन्य साधनों से आमजन को समय से पूर्व उपलब्ध कराई जाए। मंत्री सिलावट ने शुक्रवार को मुख्य अभियंता बोधी कार्यालय स्थित राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्रदेश में वर्षा और जलाशयों में जलभराव की स्थिति की समीक्षा की।
मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि मानसून के इस चुनौती पूर्ण समय में पूर्ण सजगता और सक्रियता के साथ कार्य करें, जिससे प्रदेश में कोई भी अप्रत्याशित घटना न हो और न ही किसी प्रकार से जान-माल का नुकसान हो। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन राजेश राजौरा, मुख्य अभियंता आर डी अहिरवार सहित सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि प्रदेश में बारिश की स्थिति अच्छी है. इस मानसून में मध्यप्रदेश में आज दिनांक तक 711.30 मि.मी. वास्तविक वर्षा दर्ज की गई है, जो प्रदेश की औसत वर्षा से 59% अधिक है। राज्य के पूर्वी हिस्से में औसत से 62% अधिक एवं पश्चिमी हिस्से में औसत से 55% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। विगत वर्ष आज की स्थिति में मध्यप्रदेश में वास्तविक वर्षा 480.40 मिलीमीटर दर्ज हुई थी, जो कि प्रदेश की औसत वर्षा से 8% अधिक थी। प्रदेश के प्रमुख बांधों में जल भराव की स्थिति भी अच्छी है। विगत वर्ष आज दिनांक की स्थिति में प्रदेश के प्रमुख बांधों में लगभग 50.07% औसत जल भराव था, जबकि इस वर्षाकाल में अच्छी बारिश के चलते प्रदेश के प्रमुख बांधों में 72.75% जलभराव हो चुका है। प्रदेश के 18 बांधों के जल द्वार खोले जा चुके हैं।
मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश के सभी प्रमुख बेसिन में बांधों के जल ग्रहण क्षेत्र में मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी वर्षा के पूर्वानुमान, पानी की आवक और बांधों के गवर्निंग लेवल के दृष्टिगत गेटों का संचालन किया जा रहा है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। रिजर्वायर लेवल मॉनिटरिंग सिस्टम में चिन्हित प्रदेश के 286 प्रमुख बांधों में से 104 बांधों में 90% से अधिक, 31 बांधों में 75% से 90% तक तथा 46 बांधों में 50% से 75% तक जल भराव हो चुका है. इसी प्रकार 52 बांधों में 25 प्रतिशत से 50% तक, 25 बांधों में 10% से 25% तक तथा शेष प्रमुख बांधों में 10% से कम जल भराव हुआ है।
मंत्री सिलावट ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख 18 बांधों के द्वार खोले जा चुके हैं। बरगी जबलपुर बांध के पांच, बिलगांव डिंडोरी के दो, गोपी कृष्ण सागर गुना का एक, इंदिरा सागर खंडवा के 12, कोतवाल फीडर मुरैना के दो, कुटनी छतरपुर के दो, मणिखेड़ा शिवपुरी के 10, मनुअर शिवपुरी के दो, मटियारी मंडला के 6, मोहिनी पिकअप वियर शिवपुरी के दो, ओंकारेश्वर के 19, पगारा मुरैना के दो, पगरा फीडर सागर के सात, पवई पन्ना का एक, राजघाट अशोकनगर के 8, संजय सागर विदिशा का एक, थावर मंडला का एक तथा अपर ककेटो श्योपुर का एक गेट खोले जा चुके हैं। बाँधों के जल ग्रहण क्षेत्र में वर्षा के पूर्वानुमान एवं जल आवक के अनुसार निकासी की जा रही है, जिससे बाढ़ की स्थिति नियंत्रण में है। जल निकासी की निरंतर आमजन और सभी संबंधितों को समय से पूर्व सूचना दी जा रही है
नदी बेसिन में जलभराव की स्थिति
नर्मदा बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में औसत से अधिक वर्षा दर्ज होने से लगभग सभी बाँधों में जल भराव की स्थिति सामान्य से अधिक है। जबलपुर जिले में बरगी बांध 62.01 प्रतिशत, रायसेन जिले में बारना 78.9 प्रतिशत, नर्मदापुरम में तवा बांध 82.45 प्रतिशत, सीहोर में कोलार बांध 64.37 प्रतिशत, खंडवा में इंदिरा सागर बांध 88.80 प्रतिशत एवं ओंकारेश्वर बांध 94.85 प्रतिशत भर चुका है।
प्रदेश के गंगा बेसिन अंतर्गत निर्मित बड़ी परियोजनाओं में शहडोल स्थित बाणसागर में 63.68 प्रतिशत एवं सीधी स्थित महान बांध में 80.81 प्रतिशत जलभराव हो चुका है। बाणसागर बॉध के जलग्रहण क्षेत्र में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई।
वैनगंगा बेसिन अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख बांधो में पेंच छिंदवाड़ा में 63.38 प्रतिशत, संजय सरोवर सिवनी में 69.80 प्रतिशत एवं बालाघाट स्थित राजीव सागर में 32.05 प्रतिशत जल भराव है।
माही एवं ताप्ती बेसिन में प्रमुख बांध पारसडोह 60.64 प्रतिशत, माही मेन और माही सब्सिडरी बांध में क्रमश: 42.32 प्रतिशत एवं 20.17 प्रतिशत जल भराव हुआ है।
बेतवा बेसिन बेसिन अंतर्गत प्रमुख बांधो में भोपाल जिले में स्थित केरवा एवं कलियासोत बांध में क्रमश: 52.78 एवं 60.91 प्रतिशत जल भराव की स्थिति है। सम्राट अशोक सागर हलाली 61.75 प्रतिशत, संजय सागर बांध 70.71 प्रतिशत और राजघाट 73.18 प्रतिशत भर चुके हैं।
चंबल बेसिन में गांधी सागर बांध 52.42 प्रतिशत, मोहनपुरा 75.59 प्रतिशत और कुण्डलिया 42.08 प्रतिशत भर गए हैं।
प्रदेश के शेष बेसिन जैसे सिंध, केन और धसान में भी बांधों के जलग्रहण क्षेत्र में माह जुलाई में अत्यधिक वर्षा दर्ज हुई है। प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र के छतरपुर, टीकमगढ़, निवारी जिलों में गत दिनों भारी वर्षा दर्ज की गई। धसान बेसिन में बाणसुजारा बांध 53.43 प्रतिशत एवं पन्ना में पवई बांध 50.67 प्रतिशत जलभराव में है।
इसी प्रकार ग्वालियर-चंबल संभाग में दतिया, भिण्ड, शिवपुरी, श्योपुर एवं अशोक नगर में भी भारी वर्षा दर्ज की गई है। सिंध बेसिन पर स्थित आवदा बांध 100.00 प्रतिशत, हरसी 105.52 प्रतिशत, अपर काकेटो 44.94 प्रतिशत, काकेटो 100.98 प्रतिशत, मड़ीखेड़ा 74.30 प्रतिशत, मोहिनी पिकअपवेयर 58.99 प्रतिशत जल भराव की स्थिति में हैं।
आयुष मंत्री परमार ने "वैद्य आपके द्वार योजना" ई-संजीवनी पोर्टल का किया शुभारंभ
1 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने शुक्रवार को भोपाल स्थित निवास कार्यालय में आयुष विभाग की "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल (स्वस्थ भारत) का प्रदेश स्तरीय वर्चुअल शुभारम्भ किया। भारत सरकार के निर्देशानुसार यह सुविधा पूरे देश में एक साथ ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से संचालित हैं और अब सुविधा मध्यप्रदेश में भी प्रारंभ की गई है।
आयुष मंत्री परमार ने ई-संजीवनी पोर्टल के शुभारम्भ अवसर पर पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध डॉक्टर से बात कर स्वास्थ्य परामर्श भी प्राप्त किया। उन्होंने आयुष विभाग को शुभकामनाएं एवं बधाई दीं। परमार ने कहा कि आमजन "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क आयुष चिकित्सा परामर्श लेकर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं।
ज्ञातव्य है कि "वैद्य आपके द्वार योजना" अंतर्गत बेहतर जनस्वास्थ्य के लिए टेलीमेडिसिन ऐप द्वारा मोबाइल पर घर बैठे आयुर्वेद, होम्यापैथी और यूनानी चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। यह आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) से जुड़ा है और बहुभाषी सहायता प्रदान करता है। डॉक्टर-टू-डॉक्टर मॉडल का उपयोग करते हुए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को उच्च-स्तरीय या विशेषज्ञ डॉक्टरों से वास्तविक समय में परामर्श करने में सक्षम भी है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आयुष डी.पी. आहूजा एवं आयुक्त आयुष सु उमा आर माहेश्वरी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
राज्यपाल पटेल को स्काउट्स स्कार्फ पहनाकर किया सम्मानित
1 Aug, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल की अध्यक्षता में स्काउट गाइड विश्व स्कार्फ दिवस राजभवन में शुक्रवार को मनाया गया।
राज्यपाल पटेल को इस अवसर पर स्कार्फ पहना कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य मुख्य आयुक्त पारस जैन एवं अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। विदित हो कि प्रतिवर्ष 01 अगस्त को स्काउट गाइड विश्व स्कार्फ दिवस मनाया जाता है। राज्यपाल, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राज्य संरक्षक होते हैं।
मध्य प्रदेश में यात्रियों को बस स्टॉप पर इंतजार करना अब बोझिल नहीं. इलेक्ट्रॉनिक डिस्पले जैसी कई सुविधाओं से लैस हैं स्मार्ट बस स्टॉप
1 Aug, 2025 06:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
हैदराबाद/इंदौर: समय के साथ जैसे बसों में फीचर्स बदलते जा रहे हैं और बसें स्मार्ट होती जा रही हैं वहीं वैसे ही अब विदेशों की तरह देश के कई शहरों में स्मार्ट बस स्टॉप बनना शुरू हो गए हैं. मध्य प्रदेश की बात करें तो यहां भी अब स्मार्ट बस स्टॉप की सुविधा शुरू हो रही है. देश की क्लीन सिटी इंदौर से इसकी शुरूआत हो चुकी है. ये स्मार्ट बस स्टॉप वाई-फाई, चार्जिंग प्वाइंट के साथ इलेक्ट्रॉनिक डिस्पले के साथ सेफ्टी फीचर्स जैसी कई सुविधाओं से लैस हैं.
स्मार्ट बस स्टॉप क्यों जरूरी हैं?
जैसे-जैसे परिवहन की सुविधाएं बढ़ रही हैं. अब ई-बस जीपीएस, सीसीटीवी जैसी कई स्मार्ट सुविधाओं से लैस है. ऐसे में अब आपको बस स्टॉप पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़े साथ ही यदि आप कुछ देर रुकते हैं तो यहां उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल कर अपने समय का उपयोग कर सकते हैं.
मसलन यदि बस लेट हो रही है और यदि आपको जल्दी पहुंचना है तो स्मार्ट बस स्टॉप पर बस की लोकेशन आपको इलेक्ट्रॉनिक डिस्पले पर नजर आ जाएगी कि बस कितनी देर में पहुंचने वाली है. यदि आपका मोबाइल डिस्चार्ज हो रहा है तो आप उसे चार्ज कर सकते हैं. आपको यहां बैठने की सुविधा होगी. ठंडा पानी मिलने जैसी कई सुरक्षित सुविधाओं से स्मार्ट बस स्टॉप लैस होंगे. कुल मिलाकर कहा जाए तो आपको यहां बस का इंतजार करना निराशा जैसी स्थिति पैदा नहीं होने देगा. यात्रियों को कई लग्जरी सुविधाओं को देने के लिए ये बस स्टॉप तैयार किए जा रहे हैं.
स्मार्ट बस स्टॉप में मिलेंगी ये सुविधाएं
स्मार्ट बस स्टॉप एक आधुनिक बस स्टॉप हैं. इस बस स्टॉप में यात्रियों को बेहतर सुविधा और जानकारी प्रदान करने के लिए विभिन्न तकनीकी सुविधाएं मिलेंगी. ये स्टॉप आमतौर पर डिजिटल स्क्रीन, वाई-फाई, चार्जिंग पॉइंट और बस आने का टाइम टेबल जैसी सुविधाएं प्रदान करते हैं.आइए आपको बताते हैं स्मार्ट बस स्टॉप की खासियत.
डिजिटल स्क्रीन
स्मार्ट बस स्टॉप में एक डिजिटल स्क्रीन लगी होगी. इसमें बस के आने और जाने की पूरी जानकारी मिलेगी.यदि ट्रैफिक के कारण बस समय से नहीं पहुंच रही है इसकी भी आपको जानकारी मिलेगी. बस किस स्टॉप पर कितने बजे पहुंचेगी और कितनी देर रुकेगी जैसी सभी जानकारियां मिलेंगी.
चार्जिंग पॉइंट
मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट की सुविधा मिलेगी.
वाई-फाई की सुविधा
बस स्टॉप पर यात्रियों को मुफ्त वाई-फाई की सुविधा मिलेगी जिससे वे इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं.
सुरक्षा फीचर्स की सुविधा
स्मार्ट बस स्टॉप सीसीटीवी जैसी सुविधाओं से लैस होंगे. यहां पैनिक बटन जैसी आपातकालीन सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी.
पर्यावरण के होंगे अनुकूल
कई स्मार्ट बस स्टॉप को पर्यावरण के अनुकूल तैयार किया जाएगा. ये बस स्टॉप सौर ऊर्जा से भी संचालित किए जाएंगे.
स्मार्ट बस स्टॉप से होंगे ये लाभ
स्मार्ट बस स्टॉप बसों का इंतजार कर रहे लोगों को बेहतर सुविधा प्रदान करते हैं. यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा आराम देने के लिए इन्हें कई सुविधाओं से डिजाइन किया गया है. जिसमें बैठने के लिए चौड़ी सीटें, धूप से बचाने वाले शीशे, रेन शील्ड और मौसम के अनुसार प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं. कई स्मार्ट बस स्टॉप पर सौर पैनल भी लगाएं जा रहे हैं. यात्री आरामदायक और सुविधाजनक चीजों की मौजूदगी से बस का इंतजार कर सकते हैं. यानि यात्रियों को अब इन बस स्टॉप पर ऊब और निराशा महसूस नहीं होगी.
शहरों का लुक दिखेगा आकर्षक
स्मार्ट सिटी में स्मार्ट बस स्टॉप शहरों को अधिक स्मार्ट यानि एक आकर्षक लुक देंगे.
आर्थिक विकास में मिलेगी मदद
स्मार्ट बस स्टॉप विज्ञापन और अन्य व्यावसायिक लाभ में भी मददगार होंगे. जिससे इसे संचालित करने वाली ऐजेंसियों को आर्थिक लाभ होगा और वे इन बस स्टॉप का बेहतर मेंटेनेंस कर पाएंगे.
इंदौर में 20 स्मार्ट बस स्टॉप की शुरुआत
इंदौर में अब बस यात्रियों को स्मार्ट बस स्टॉप की सुविधा शुरू हो गई है. नगर निगम ने गुरुवार को शहर में 20 स्मार्ट बस स्टॉप की सौगात शहरवासियों को दी है. महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि "पब्लिक ट्रांसपोर्ट को और बेहतर बनाने की दिशा में ये प्रयास किया जा रहा है. 20 बस स्टॉप शुरू करने के बाद पूरे शहर में ऐसे 200 बस स्टॉप बनाए जाएंगे. ये स्मार्ट बस स्टॉप यात्री सुरक्षा, यात्री सुगमता और डिजिटल इंदौर के पर्याय के रूप में नजर आएंगे."
इंदौर में बनेंगे 200 स्मार्ट बस स्टॉप
इंदौर शहर में करीब 487 की संख्या में बसें 200 से ज्यादा रूटों पर चलाई जाती हैं. जिनमें करीब प्रतिदिन सवा 2 लाख यात्री सफर करते हैं. इनमें महिलाओं की संख्या 30% होती है. जो सुबह से लेकर शाम तक बसों में सफर करती हैं. नए बस स्टॉप में यात्री सूचना प्रणाली (पीआईएस), रूट मैप, आपातकालीन संपर्क नंबर, सीसीटीवी निगरानी और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट सहित कई स्मार्ट सुविधाएं उपलब्ध हैं.
हेलमेट जरूरी वरना पेट्रोल नहीं: भोपाल में शुरू हुई सख्त कार्रवाई
1 Aug, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल में आज यानी, 1 अगस्त से बिना हेलमेट के टूव्हीलर्स चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह, बिना हेलमेट के सीएनजी गाड़ियों में भी गैस नहीं भरी जा रही है। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 30 जुलाई को यह आदेश जारी किया था। पहले दिन समझाइश का दौर भी देखने का मिल रहा है।
सुबह 11 बजे तक कई पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के भी पेट्रोल दिया जा रहा था, लेकिन जब अफसरों की टीमें घूमने लगी तो पंप संचालकों ने भी सख्ती बरतना शुरू कर दी। रत्नागिरी पेट्रोल पंप पर कई स्टूडेंट्स को भी लौटा दिया गया। वे हेलमेट पहनकर नहीं आए थे। पंपकर्मी मंजू गुर्जर ने बताया कि वह 100 से ज्यादा लोगों को लौटा चुकी हैं। उनसे कहा कि पहले हेलमेट पहनकर आए, तभी पेट्रोल भरेंगे।
न्यू मार्केट में दो पेट्रोल पंप पर भी यही तस्वीर नजर आई। पांच नंबर बस स्टॉप, एमपी नगर के पेट्रोल पंप भी लोगों को लौटा दिया गया। सख्ती के चलते कई वाहन चालक दूसरों से हेलमेट मांगकर गाड़ी में पेट्रोल भरवाते भी नजर आए। बता दें कि भोपाल में कुल 192 पेट्रोल पंप है। जहां हर रोज पेट्रोल और डीजल की खपत 21 लाख लीटर है। इनमें से आधी से ज्यादा पेट्रोल की खपत होती है। इन पर अब बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यानी, मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य हो गया है।
पेट्रोल पंप कर्मी मंजू गुर्जर ने बताया कि बिना हेलमेट हम पेट्रोल नहीं दे रहे हैं। सबको मना कर रहे हैं। सुबह से हम कम से कम 100 लोगों को बोल चुके हैं, हेलमेट पहनने के बाद ही पेट्रोल मिलेगा।
सरकार के आदेश के बाद निर्णय दो दिन पहले कलेक्टर सिंह के आदेश में कहा गया है कि इस संबंध में समय-समय पर केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा भी निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मप्र मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा-129 में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रत्येक दो पहिया वाहन सवारी और वाहन चालक अनिवार्य रूप से आईएसआई मार्क हेलमेट (सुरक्षात्मक टोप) पहनेगा।
बिना हेलमेट पहने टूव्हीलर्स चलाने से हादसे की संभावना बनी रहती है। हेलमेट से जान काफी हद तक बच सकती है। कलेक्टर ने एकपक्षीय आदेश पारित किया है।
इन्हें छूट मिली
प्रतिबंध मेडिकल संबंधी मामलों व आकस्मिक स्थिति में लागू नहीं होगा। यह प्रतिबंध अन्य किसी नियम/आदेश के प्रतिबंध के अतिरिक्त होंगे।
यह आदेश 1 अगस्त 2025 से लागू होगा और 29 सितंबर-25 तक की अवधि में प्रभावशील रहेगा। इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था और संचालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता-23 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।
बिना हेलमेट पहनकर आने वालों पर क्या कार्रवाई होगी? पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन बिना हेलमेट के पेट्रोल देने पर पेट्रोल पंप संचालक पर तो कार्रवाई करेगी, लेकिन जो पेट्रोल ले रहा है, उस पर क्या कार्रवाई होगी? सड़क पर पुलिस बिना हेलमेट वाले मोटरसाइकिल चालकों को नहीं पकड़ पा रही है। इस पर भी सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए।
कचरे से ईंधन! आइसर वैज्ञानिकों ने तैयार किया बायो-डीजल बनाने का अनोखा फॉर्मूला
1 Aug, 2025 03:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: एमपी की राजधानी भोपाल स्थित आइसर के वैज्ञानिकों ने कमाल का काम किया है। जिस केले के छिलके और प्लास्टिक के कचरे को कम फेक देते थे, उनसे यहां के वैज्ञानिकों ने डीजल बनाने का तरीका खोज निकाला है। यह डीजल सस्ता होगा। साथ ही पर्यावरण के लिए भी अच्छा होगा। इसके लिए वैज्ञानिकों ने को-पैरोलीसिस तकनीक का इस्तेमाल किया है। इससे बायोडीजल तैयार होगा।
डीजल वाहनों में अच्छे से काम करेगा
वैज्ञानिकों का दावा है कि यह बायो-डीजल, डीजल वाहनों में भी अच्छे से काम करेगा। यह खोज कचरे को उपयोगी बनाने के लिए की गई है। साथ ही स्वच्छ भारत मिशन को इससे आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
केमिकल इंजीनियरिंग विभाग ने की खोज
यह रिसर्च आइसर भोपाल के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शंकर चाकमा के नेतृत्व में हुई। उनके साथ बबलू अलावा और अमन कुमार ने भी इस रिसर्च में भाग लिया। वैज्ञानिकों ने केले के छिलके और प्लास्टिक कचरे को 25:75 के अनुपात में मिलाया। फिर उन्होंने इसे एक खास तापमान पर गर्म करके पायरो-ऑयल (तरल ईंधन) प्राप्त किया।
ऐसे होगा इस्तेमाल
रिसर्च में पता चला कि इस ईंधन को डीजल के साथ 20 प्रतिशत तक मिलाकर गाड़ी में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस रिसर्च को जर्नल ऑफ द एनर्जी इंस्टीट्यूट और एनर्जी नेक्सस में भी छापा गया है। रिसर्च करने वालों के अनुसार, एक किलोग्राम केले के छिलके और प्लास्टिक कचरे से लगभग 850 ग्राम तरल पदार्थ, 140 ग्राम गैस और 10 ग्राम चारकोल मिलता है। गैस का इस्तेमाल खाना बनाने में किया जा सकता है, जबकि चारकोल का इस्तेमाल पानी को साफ करने के लिए किया जा सकता है। तरल ईंधन को डीजल के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है।
क्या होता है पायरो आयल
वहीं, यह जो पायरो-आयल है, उसमें कई तरह के हाइड्रोकार्बन होते हैं। जैसे कि ओलेफिन, पैराफिन, एरोमैटिक्स, एस्टर और अल्कोहल। इसमें लगभग 12 प्रतिशत ऑक्सीजन वाले यौगिक और लंबी श्रृंखला वाले एस्टर भी पाए जाते हैं। इससे इसकी ऊष्मा (हीट) देने की क्षमता लगभग 55 मेगाजूल प्रति किलोग्राम तक बढ़ जाती है। यह सामान्य डीजल से कहीं ज्यादा गर्मी देता है।
ईंधन की खपत कम हुई
इस वैकल्पिक ईंधन को डीजल इंजनों में भी टेस्ट किया गया। टेस्ट में पाया गया कि इससे ईंधन की खपत कम हुई और बीटीई (ब्रेक थर्मल एफिशिएंसी) में भी काफी सुधार हुआ। इससे यह साबित होता है कि यह ईंधन डीजल से न केवल सस्ता है, बल्कि प्रदर्शन के मामले में भी बेहतर है।
एमपी में नियुक्तियों की उल्टी गिनती शुरू, दिल्ली से लिस्ट को मिली मंजूरी
1 Aug, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्यप्रदेश की राजनीति में एक दो दिन में बड़ा उठापटक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के दिल्ली दौरे के बाद यह कयास लगने लगे हैं कि सूची फाइनल हो चुकी है। जी हां, इस सूची में निगम-मंडलों में राजनीतिक नियुक्तियों से संबंधित है। सत्ता-संगठन में तालमेल के लिए नई दिल्ली में गुरुवार रात मध्यप्रदेश के सांसदों की बैठक हुई। नई दिल्ली के एमपी भवन में संपन्न हुई इस बैठक की खास बात यह है कि इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के साथ ही पूर्व सीएम केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, सह प्रभारी सतीश उपाध्याय, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद सहित लोकसभा एवं राज्यसभा के सांसद शामिल हुए।
क्षेत्रीय-सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश
इस बैठक में क्षेत्रीय-सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की गई। इशारों ही इशारों में सबको साधने की कोशिश कर ली गई। मुख्यमंत्री ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इसके बाद वे गृहमंत्री अमित शाह के अलावा अन्य बड़े नेताओं से भी मिले। संगठन के नेताओं से भी उनकी चर्चा हुई। इसके बाद मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को नया प्रदेश अध्यक्ष मिलने के बाद अब निगम-मंडल, बोर्ड और आयोगों में राजनीतिक नियुक्तियों का रास्ता खुल गया है। ऐसे में जल्द ही कई पदों पर नई नियुक्तियों की घोषणा हो सकती है। दरअसल, पिछले दिनों ओबीसी आयोग के अध्यक्ष पद पर रामकृष्ण कुसमारिया की नियुक्ति हुई है। इसके बाद अब निगम-मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों में राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया को लेकर हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद अनुमोदित सूची में शामिल नामों की नियुक्तियों के आदेश जारी करेंगे।
ऐसे किया गया चयन
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखा है। पूर्व मंत्री, संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद और कुछ वर्तमान विधायकों को भी शामिल किया गया है। गौरतलब है कि वर्तमान में राज्य में निगम-मंडल, बोर्ड और आयोगों के लगभग तीन दर्जन से अधिक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पद रिक्त हैं। डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा चुनाव से पहले 45 निगम-मंडलों और बोर्डों में की गई पूर्ववर्ती नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। तब से यह पद रिक्त हैं।
भोपाल: नई रेललाइन पर 125 किमी की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन, सुरक्षा निरीक्षण पूरा
1 Aug, 2025 12:33 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल-रामगंज मंडी नई रेलवे लाइन परियोजना के अंतर्गत जरखेड़ा से शामपुर के बीच नव निर्मित रेलखंड का रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) मनोज अरोरा द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल रन कर इस रेलखंड की संरचनात्मक एवं तकनीकी मजबूती की जांच। करीब 11 किलोमीटर लंबे इस खंड की प्रारंभिक जांच मोटर ट्राली के माध्यम से की गई, जिसमें स्टेशन यार्ड, ट्रैक, सिग्नलिंग और अन्य तकनीकी पहलुओं का गहन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सीआरएस के साथ परियोजना के वरिष्ठ अधिकारी, अपर मंडल रेल प्रबंधक भोपाल योगेन्द्र बघेल, मुख्य परियोजना प्रबंधक विजय पाण्डेय, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एमएस हाशमी और उप मुख्य अभियंता (निर्माण) मो. वसीम भी उपस्थित रहे।
परियोजना की ये हैं विशेषताएं
- भोपाल-रामगंज मंडी रेलवे लाइन की कुल लंबाई: 276 किमी
- कुल अनुमानित लागत: 3,035 करोड़ रुपये।
- इसमें से 111 किमी रेलखंड भोपाल रेल मंडल क्षेत्र में आता है।
- यह लाइन भोपाल, सीहोर, राजगढ़ (मध्यप्रदेश) और झालावाड़, कोटा (राजस्थान) जिलों से होकर गुजरेगी।
- रेलमार्ग के चालू होने से यात्रा समय में करीब 3 घंटे की बचत होगी।
- केलकेरा मंदिर, कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट सहित अन्य क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से कनेक्टिविटी मिलेगी।
- नया मार्ग ब्यावरा-झालावाड़ मार्ग की तुलना में 42 किमी छोटा होगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।
- भोपाल मंडल क्षेत्र के लिए परियोजना बजट: 1,255 करोड़ रुपये।
- दिसंबर 2027 तक परियोजना के पूर्ण होने का लक्ष्य निर्धारित।
सीधी और निर्बाध रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी
मंडल रेल प्रबंधक, भोपाल देवाशीष त्रिपाठी ने बताया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से भोपाल और कोटा मंडल के विभिन्न स्टेशनों के बीच सीधी और निर्बाध रेल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। इससे न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी बल्कि माल परिवहन में भी अत्यधिक दक्षता आएगी।
तालाब में तैरता 'फ्लोटिंग बेड', पन्ना के जुगाड़ू युवक ने कर दिखाया गजब करिश्मा
1 Aug, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पन्ना: मध्य प्रदेश के पन्ना में सामाजिक कार्यकर्ता संजय सिंह राजपूत ने नशा मुक्ति का संदेश देने के लिए एक अनोखा और दुर्लभ तरीका अपनाया. उन्होंने कमलाबाई तालाब में घंटों तक जल योग कर सभी को चौंका दिया. इस दौरान वे करीब 20 फीट गहरे पानी की सतह पर ऐसे लेटे दिखे जैसे किसी बिस्तर पर विश्राम कर रहे हों. इस दौरान उन्होंने कई प्रकार की क्रियाएं भी की. उनका यह प्रदर्शन स्थानीय पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान के तहत किया गया.
जल पर लेटकर लिखा नशा मुक्ति पर निबंध
संजय सिंह ने पानी की सतह पर लेटकर न केवल शरीर का अद्भुत संतुलन दिखाया, बल्कि कई क्रियाएं भी कीं. उन्होंने जल में तैरते हुए कलम से निबंध लिखा, मोबाइल फोन से वीडियो कॉल पर दोस्तों से बात की, अपना वीडियो रिकॉर्ड किया और अखबार भी पढ़ा. यह सब उन्होंने बिना किसी सहारे के किया, जिससे वहां मौजूद लोग इस अद्भुत कला को देखकर हैरान हो गए. संजय सिंह के इस जलयोग का मकसद लोगों को नशा मुक्ति की तरफ प्रेरित करना था.
120 किलो वजन के बावजूद दिखाया असाधारण संतुलन
संजय सिंह राजपूत ने ईटीवी भारत से विशेष बातचीत में बताया कि "वे पिछले 17 वर्षों से जल योग कर रहे हैं. पहले उनका वजन 50 किलो था, लेकिन अब यह बढ़कर 120 किलो से अधिक हो चुका है. इसके बावजूद उन्होंने पानी की सतह पर खुद को इतने अच्छे से संतुलित रखा मानो वे पीपल के पत्ते की तरह तैर रहे हों." उनका यह संतुलन देखने लायक था और उन्होंने बताया कि योग और ध्यान से यह संभव हो सका है.
इस दौरान उन्होंने लोगों को नशा मुक्ति का संदेश देते हुए कहा, "लोगों को नशा नहीं करना चाहिए. इससे कई प्रकार की और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. नशा करने वाला व्यक्ति अक्सर घरेलू हिंसा भी करता है जिससे परिवार बर्बाद हो जाता है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस लत से दूर रहें और स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाएं."
जल योग क्या है?
जल योग, योग का ही एक विशेष रूप है, जिसमें योगासनों और ध्यान की क्रियाएं पानी में की जाती हैं. इसमें व्यक्ति पानी की सतह पर तैरते हुए या डूबने से बचे रहकर संतुलन बनाते हुए शारीरिक और मानसिक नियंत्रण का अभ्यास करता है. यह योग न केवल फिटनेस के लिए बल्कि मानसिक शांति, तनाव मुक्ति और आत्म-संयम के लिए भी किया जाता है.
हालांकि जल योग करने के दौरान कई चीजों का ध्यान रखना चाहिए. सबसे महत्वपूर्ण आपको तैरना आना चाहिए और सांसों पर नियंत्रण होना चाहिए. अगर आपको तैरना न आता हो तो इसको करने का प्रयास भी करना जानलेवा साबित हो सकता है. इसलिए बिना उचित गाइडेंस के इसको करने का प्रयास न करें.
सिंगरौली की धरती ने दिया कीमती तोहफा, भारत की ग्रीन एनर्जी को मिलेगी रफ्तार
1 Aug, 2025 08:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली/सिंगरौली: ऊर्जा राजधानी के नाम से देश में मशहूर सिंगरौली में दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare Earth Elements) के भंडार पाए गए हैं. देश में पहली बार कहीं रेयर अर्थ एलिमेंट्स के इतने बड़े भंडार मिले हैं. इन दुर्लभ मृदा तत्वों (RRE) के भंडार मिलने से ग्रीन एनर्जी के मामले में भारत का डंका पूरी दुनिया में बजेगा. आत्मनिर्भर भारत अभियान में ये भंडार बड़ी भूमिका निभाएंगे. बता दें कि ग्रीन एनर्जी सेक्टर में भारत धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है लेकिन दुनिया के कई देशों से इस मामले में अभी हम पीछे हैं.
ग्रीन एनर्जी सेक्टर में भारत बनेगा आत्मनिर्भर
संसद में कोयला व खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने रेयर अर्थ एलिमेंट्स के अकूत भंडारों की जानकारी देते हुए बताया " सिंगरौली के कोयला क्षेत्रों में दुर्लभ मृदा तत्वों के भंडार पाए गए हैं." ये भंडार मिलने के बाद भारत औद्योगिक क्षेत्र में रॉकेट की रफ्तार से विकास करेगा. गौरतलब है कि ग्रीन एनर्जी के साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सिंगरौली में मिले ये भंडार अहम भूमिका निभाएंगे. सिंगरौली में काफी दिनों से कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) कोयला खदानों से निकलने वाले अपशिष्ट से दुर्लभ मृदा तत्वों को लेकर कई टीमें रिसर्च में जुटी हैं.
कोल इंडिया लिमिटेड की रिसर्च जारी
कोयला व खान मंत्री जी किशन रेड्डी के अनुसार "सिंगरौली के कोयला क्षेत्रों में कोयला, मिट्टी, शेल, बलुआ पत्थर की रिसर्च के रिजल्ट आशा के अनुकूल आए हैं." रेड्डी ने कहा कि दुर्लभ मृदा अयस्क किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए काफी अहम हैं. बता दें कि कोल इंडिया लिमिटेड लंबे समय से कोयला के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के लिए लगातार काम कर रहा है. इसके लिए स्वदेशी तकनीक और स्वदेशी संसाधनों पर नजर है.
भारत की चीन पर निर्भरता होगी कम
अब उम्मीद जताई जा रही है कि सिंगरौली में दुर्लभ अयस्कों के भंडार मिलने से भारत की निर्भरता अन्य देशों खासकर चीन पर न के बराबर हो जाएगी. ये सुखद खबर ऐसे समय में मिली है, जब दुनियाभर में ट्रेड वार का मामला गर्म है. टेरिफ को लेकर अमेरिका भारत को लगातार धमका रहा है तो वहीं चीन से भी भारत को डर है कि वह टेरिफ बढ़ा सकता है. फिलहाल स्थिति ये है कि भारत के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र में दुर्लभ मृदा तत्वों के लिए हम अन्य देशों से आयात पर बहुत अधिक निर्भर हैं. इसमें भी चीन का नाम सबसे ऊपर है.
माँ का दूध अमृत है, हर नवजात को मिले जीवन की यह पहली सुरक्षा” : मंत्री भूरिया
31 Jul, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : विश्व स्तनपान सप्ताह हर साल अगस्त के पहले सप्ताह में मनाया जाता है। एक अगस्त से प्रारंभ हो रहे विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और सभी नागरिकों का आहवान किया है कि बच्चे को जन्म के पहले घंटे में माँ का दूध और छह माह तक केवल माँ का दूध देना अत्यंत आवश्यक है। इस संदेश को घर-घर, गाँव-गाँव पहुँचाएं और माताओं को सही समय पर सही जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाएं।
मंत्री भूरिया ने कहा कि माँ का दूध नवजात के लिए अमृत है। उन्होंने कहा कि स्तनपान नवजात शिशु के जीवन की सुरक्षा, पोषण और स्वास्थ्य की पहली एवं सबसे महत्वपूर्ण नींव है। पहला गाढ़ा दूध (कोलोस्ट्रम) शिशु को न केवल संक्रमण से बचाता है बल्कि उसमें रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करता है। साथ ही माँ और शिशु के बीच पहले रिश्ते को भी सुदृढ़ बनाता है। उन्होंने चिंता जताई कि आज भी कई क्षेत्रों में परंपरागत भ्रांतियों के कारण नवजात को शहद, घुट्टी या पानी दिया जाता है, जो बच्चों की सेहत के लिए हानिकारक है।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता समाज में पोषण और स्वास्थ्य परिवर्तन की है अग्रदूत
महिला बाल विकास मंत्री भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केवल सेविका नहीं, बल्कि समाज में पोषण और स्वास्थ्य परिवर्तन की अग्रदूत हैं। वे माताओं की भरोसेमंद मार्गदर्शक हैं और उनके प्रयासों से ही संभव हो पाएगा कि हर माँ को स्तनपान के महत्व की जानकारी और परिवार का सहयोग प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि मातृत्व और शिशु स्वास्थ्य केवल महिला की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज का सामूहिक दायित्व है। इस विश्व स्तनपान सप्ताह में यह आवश्यक है कि हम सब मिलकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी नवजात माँ के दूध से वंचित न रहे।
मंत्रालय में 1 अगस्त को होगा राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान
31 Jul, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मंत्रालय स्थित वल्लभ भाई पटेल पार्क में राष्ट्रगीत "वन्देमातरम" एवं राष्ट्रगान "जन गण मन" का गायन 1 अगस्त को प्रात: 10:15 बजे किया जाएगा। वर्षा होने की स्थिति में उक्त गायन मंत्रालय क्रमांक-1 स्थित पांचवी मंजिल कक्ष क्रमांक 506 में होगा। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक माह के प्रथम कार्य दिवस पर राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान का आयोजन पटेल पार्क में किया जाता है।
निर्माणाधीन कार्यों को समय से पूर्ण करें और शीघ्र सेवा प्रदाय करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
31 Jul, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विषयों पर समन्वय और समयबद्धता के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आमजन को सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, इसके लिए निर्माणाधीन कार्यों को समय से पूर्ण करें और इन पूर्ण कार्यों से शीघ्र सेवा प्रदाय की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गुरूवार को विभागीय अधिकारियों के साथ स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन सहित विभिन्न महत्त्वपूर्ण विषयों की वृहद समीक्षा की। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संदीप यादव, आयुक्त स्वास्थ्य तरुण राठी, संचालक प्रोजेक्ट नीरज कुमार सिंह एवं एमडी एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन प्रस्तावों की वृहद समीक्षा की। बताया गया कि एनएचएम के 3 विकास के 179, भवन के 81, स्थापना के 72 और अस्पताल प्रशासन के 34 कुल यानि 369 प्रस्तावों में से 198 का परीक्षण किया जा चुका है और इनमें से 113 प्रस्ताव उपयुक्त पाए गए हैं। एसएचसी के 51, पीएचसी के 12, सीएचसी के 9 उन्नयन प्रस्ताव सहित एसएचसी के 37 नवीन प्रस्ताव तथा जिला अस्पताल के 3 प्रस्ताव शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शेष प्रस्तावों के शीघ्र परीक्षण एवं पात्र प्रस्तावों में अग्रिम कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने 15 वें वित्त आयोग अंतर्गत प्रक्रियाधीन कार्यों को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे राशि का समय से उपयोग सुनिश्चित कर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके। उन्होंने बांड पोस्टिंग चिकित्सकों की कार्यस्थल में उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की और विधिवत सेवा प्रदाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने चिकित्सक, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं सहायक चिकित्सक की लोक सेवा आयोग और ईएसबी के माध्यम से की जा रही भर्ती प्रक्रिया की अद्यतन जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अक्टूबर 2025 तक प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समस्त औपचारिकताओं को समय से पूर्ण किया जाये और भर्ती प्रक्रिया की वरिष्ठ अधिकारी सतत निगरानी करें।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ऐसे चिकित्सकीय संस्थानों जहाँ एमआरआई, सीटी मशीने उपलब्ध हैं परंतु टेक्निशियन के अभाव में संचालन नहीं हो पा रहा है की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने तक सेवाओं के प्रदाय के लिए आउटसोर्स के माध्यम से टेक्नीशियन की व्यवस्था करने की कार्यवाही की जाये जिससे नागरिकों को सेवाएं शीघ्र प्राप्त हों और उपकरणों का सदुपयोग हो सके।
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