मध्य प्रदेश
विंध्य को मिली नई एक्सप्रेस की रफ्तार, रीवा से दनदनाते और धूल उड़ाते महाराष्ट्र पहुंचेगी ट्रेन
3 Aug, 2025 08:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रीवा: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के सबसे प्रमुख जिले रीवा को रविवार को एक और बड़ी सौगात मिली. रीवा रेलवे स्टेशन से महाराष्ट्र के पुणे (हडपसर) के लिए पहली बार सीधी रेल सेवा शुरू की गई. मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव वर्चुअली जुड़े. केंद्रीय मंत्री ने मध्य प्रदेश को 2 ट्रेनों की और सौगात दी. उन्होंने जबलपुर-रायपुर एक्सप्रेस और भावनगर-अयोध्या एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
सप्ताह में एक दिन चलेगी रीवा-पुणे एक्सप्रेस
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, रीवा-पुणे एक्सप्रेस सप्ताह में एक बार चलेगी. ट्रेन प्रत्येक बुधवार सुबह 6:45 बजे रीवा से रवाना होकर सतना, कटनी, जबलपुर, नागपुर, भुसावल और अहमदनगर होते हुए शुक्रवार सुबह 9:45 बजे पुणे पहुंचेगी. वापसी में यह ट्रेन शुक्रवार शाम 5:30 बजे पुणे से रवाना होकर शनिवार को रीवा पहुंचेगी. कुल 1490 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेन को लगभग 27 घंटे का समय लगेगा. यह नई ट्रेन सेवा रीवा को पुणे से न केवल आपस मे जोड़ेगी बल्कि इससे व्यापार, शिक्षा, और रोजगार के नए अवसरों का द्वार भी खुलेगा.
विंध्य के छात्रों और व्यापारियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी
इस अवसर उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि "इस नई सेवा से विंध्य क्षेत्र के हजारों छात्र, व्यापारी और नौकरीपेशा लोगों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी, जिन्हें अब तक पुणे पहुंचने के लिए लंबा रूट अपनाना पड़ता था, लेकिन अब विंध्य वासियों को नई सौगात मिल गई है. अब वो रीवा में ट्रेन में बैठेंगे और सीधे पुणे जाकर उतरेंगे. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री मोहन यादव और सांसद जनार्दन मिश्रा के प्रयासों से आज विंध्य को नई ट्रेन की सौगात प्राप्त हुई है."
अब रीवा स्टेशन से चलेंगी 15 ट्रेनें
रीवा रेलवे स्टेशन की स्थापना वर्ष 1993 में हुई थी और तब से अब तक इसकी रेल सेवाओं में लगातार विस्तार हुआ है. यहां से पहली ट्रेन रीवा-जबलपुर शटल एक्सप्रेस ट्रेन चलाई गई थी, इसके बाद एक-एक करके इस स्टेशन से विंध्य वासियों को कई ट्रेनों की सौगात मिलती गई. अब तक स्टेशन से 14 ट्रेनों का संचालन हो रहा था लेकिन रीवा-पुणे एक्सप्रेस के साथ यह संख्या बढ़कर 15 हो गई है. इनमें वंदे भारत, रेवांचल एक्सप्रेस, रीवा-मुंबई स्पेशल, रीवा-दिल्ली सुपरफास्ट, रीवा-राजकोट और रीवा-एकता नगर महामना जैसी प्रमुख ट्रेनें शामिल हैं.
रीवा स्टेशन से अब 15 ट्रेनों का संचालन
रीवा स्टेशन से 15 ट्रेनें संचालित होती हैं जो इस प्रकार हैं- रीवा-रानी कमलापति वंदे भारत, रीवा-जबलपुर इंटरसिटी सुपरफास्ट, रीवा-जबलपुर एक्सप्रेस, मुंबई के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनल स्पेशल, रीवा-आनंद विहार टर्मिनल सुपरफास्ट, रीवा-इतवारी एक्सप्रेस, रीवा-चिरमिरी एक्सप्रेस, रीवा-रानी कमलापति रेवांचल सुपरफास्ट, रीवा-राजकोट सुपरफास्ट, रीवा-एकता नगर महामना एक्सप्रेस, रीवा-बिलासपुर एक्सप्रेस, रीवा-भोपाल एक्सप्रेस, रीवा-डॉ. अम्बेडकर नगर एक्सप्रेस और अब रीवा-पुणे एक्सप्रेस की शुरुआत हो गई है.
प्रतिदिन 30 हजार से ज्यादा यात्री करते हैं सफर
रीवा रेलवे स्टेशन प्रबंधक सत्येंद्र सिंह बघेल ने बताया कि "रीवा-पुणे एक्सप्रेस का संचालन होना विंध्य और रीवावासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. यह ट्रेन रीवा से चलकर पुणे से 6 किलोमीटर पहले हड़पसर रेलवे स्टेशन तक जाएगी. इससे पहले 14 ट्रेनों का रीवा रेलवे स्टेशन से संचालन होता था, लेकिन अब इसकी संख्या बढ़कर 15 हो चुकी है. वर्तमान में रीवा रेलवे स्टेशन से तकरीबन 30 हजार से ज्यादा यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं."
राखी से 2 दिन पहले लाड़ली बहनों को मिलेगा शगुन, मोहन यादव सरकार ने कर ली तैयारी
3 Aug, 2025 07:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार प्रदेश की लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन के पहले सरकार की तरफ से शगुन देने जा रहे हैं. यह शगुन कार्यक्रम कर 7 अगस्त यानी रक्षाबंधन के दो दिन पहले दिया जाएगा. इस शगुन के रूप में प्रदेश के सभी 1 करोड़ 28 लाख बहनों को 250-250 रुपए की राशि दी जाएगी. यह राशी लाड़ली बहना योजना के तहत मिलने वाली 1250 रुपए की राशि के अतिरिक्त होगी. इस तरह बहनों के खातों में 7 अगस्त को 1250 रुपए की राशि तो आएगी, साथ ही 250 रुपए की राशि अतिरिक्त मिलेगी. इस तरह बहनों के खातों में 1500 रुपए की राशि पहुंचेगी.
मुख्यमंत्री बोले यह भाई की तरफ से उपहार
रक्षाबंधन पर शगुन की राशि दिए जाने को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि "7 अगस्त को लाड़ली बहनों के खातों 250 रुपए की अतिरिक्त राशि दी जाएगी. जो रक्षाबंधन पर भाई की तरफ से छोटा सा उपहार है. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए बेटियों को रोजगार के अवसर लगातार उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है.
इसके लिए प्रदेश में शुरू हो रहे उद्योगों में बहनों और बेटियों को काम के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि वे हुनर को निखार सकें. साथ ही आजीविका का अच्छा साधन भी तैयार हो सके."
काम के साथ सरकार दे रही पैसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनें कंपनियों में जाकर काम करती है, तो मध्य प्रदेश सरकार कंपनी में काम करने वाली बहनों को 5 हजार रुपए की राशि भी अपनी तरफ से दे रही है, ताकि बेटियां काम करने के लिए प्रोत्साहित हो सकें. मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों के सशक्तिकरण के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही हैं और आने वाले समय में प्रदेश सरकार और बेहतर काम करने के लिए प्रयासरत है.
दीपावली से खुशियां होंगी डबल
उधर प्रदेश की लाड़ली बहनों की दीपावली से खुशियां डबल हो सकती है. राज्य सरकार अक्टूबर माह से लाड़ली बहना योजना की राशि में बढ़ोत्तरी करने जा रही है. अक्टूबर माह में दीपावली है. राज्य सरकार दीपावली के बाद भाईदूज से राशि बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
बेकाबू सिंध ने शिवपुरी में मचाई तबाही, सैलाब में बहा भडौता रोड, मंजर देख सहमे लोग
3 Aug, 2025 02:25 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: सिंध नदी में आई बाढ़ के बाद जैसे-जैसे नदी का जलस्तर घट रहा है, वैसे-वैसे बर्बादी की तस्वीरें सामने आ रही हैं. शनिवार को सिंध नदी का जलस्तर घटने पर कोलारस की भड़ौता रोड पर जो दृश्य सामने आया, उसने दर्जनों गांवों के ग्रामीणों की रूह को कंपा कर रख दिया. सिंध के सैलाब में भडौता रोड पर रेशम मंदिर से सिंध नदी तक करीब आधा किलोमीटर का रोड पूरी तरह बह गया है. इसके बहने से आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है.
सड़क बहने से आवागमन ठप
कोलारस से इस रोड पर जाने वाले लोग भड़ौता तक तो पहुंच रहे हैं, लेकिन इसके बाद उनका जाना असंभव हो गया है. लोग इस मार्ग का उपयोग खरैह, बिजरी, देहरदा गणेश, रन्नौद, टपरियन सहित आसपास के दर्जनों छोटे-बड़े गांवों तक जाने के लिए तो करते ही थे. साथ ही पिछोर, खनियाधाना, अशोकनगर व ललितपुर तक इस मार्ग से लोग जाते थे. रोजाना करीब 2 हजार से अधिक वाहन यहां से गुजरते थे.
कलेक्टर ने रोड का निरीक्षण किया
इस रोड के बह जाने के कारण अब लोगों को करीब 15 किमी का लंबा चक्कर लेकर देहरदा सड़क होते हुए अपने गंतव्य तक जाना पड़ रहा है. इस संबंध में शनिवार को कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने भी स्वयं उक्त रोड का निरीक्षण किया और संबंधित विभाग के अधिकारियों को रोड सही करने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए हैं.
करीब 10-10 फीट गहरे गड्ढे हुए
सिंध के रौद्र रूप का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पानी के बहाव में रोड तो बह ही गई. इसके अलावा रोड के अंदर जमीन की मिट्टी तक को पानी का सैलाब अपने साथ बहा ले गया है. मिट्टी बहने से रोड में बीच-बीच में कई स्थानों पर करीब दस-दस फीट तक गहरे गड्ढे नजर आ रहे हैं.
इधर मेहलौनी के पुल में हुए गड्ढे
पोहरी क्षेत्र में पानी का रौद्र रूप देखने को मिला है. यहां छर्च से मेहलौनी को जोड़ने वाले पुल में भी गहरे गड्ढे हो गए हैं. इसकी वजह से मेहलौनी, भरतपुर, टुकी, जीगनी, पारा, गाजेट आदि गांवों का रास्ता बंद हो गया है. अब लोग यहां से सिर्फ पैदल निकल पा रहे हैं. वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद है. अगर अब कोई भी व्यक्ति वाहन से यात्रा करते हुए इन गांवों तक पहुंचना चाहता है तो उसे कई किमी का फेर लगाने के बाद डिगडौली होकर जाना पड़ेगा.
जल्द बनाई जाए सड़क: कलेक्टर
इस पूरे मामले में कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी का कहना है कि "मेरे द्वारा भड़ौता गांव का निरीक्षण किया गया था. यह बात सही है आधा किलोमीटर सड़क बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुई है. मैंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को सड़क को जल्द से जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए है."
श्योपुर में बच्चों को गुरुजी का नहीं टपका का है डर, रोज इसी खौफ में होती है पढ़ाई
3 Aug, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
श्योपुर: मध्य प्रदेश में जर्जर स्कूलों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. कहीं छत टपक रही है, कहीं प्लास्टर गिर रहा है तो कहीं जर्जर भवन में कक्षाएं संचालित हो रही हैं. ऐसी स्थिति पूरे प्रदेश के हजारों स्कूलों की है. स्कूल की हालत के बारे में पूछने पर प्रधानाध्यापक कहते हैं कि स्कूल की जर्जर स्थिति की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. ऐसे ही हालात श्योपुर के दर्जनों सरकारी स्कूलों के हैं.
60 साल से भी ज्यादा पुराने हैं स्कूल
श्योपुर में दर्जन भर से ज्यादा स्कूल हैं जो बेहद जर्जर हालत में पहुंच गए हैं. इसमें से कई तो 50-60 साल या उससे भी पुराने हैं. न तो उनकी मरम्मत हो रही है और न ही उनको गिराकर उसकी जगह पर नए भवन बनाए जा रहे हैं. हर साल बारिश के सीजन में छत टपकती है. हालत ये है कि प्लास्टर गिर रहा है, दीवारों में दरारे पड़ चुकी हैं. कंडीशन ऐसी है कि वो कभी भी धराशाई हो सकते हैं.
श्योपुर जिला मुख्यालय में स्थित उत्कृष्ट विद्यालय, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्राथमिक और मिडिल स्कूल चंबल कॉलोनी, प्राथमिक स्कूल कलमी का सहराना, आमली का सहराना प्राथमिक स्कूल और विजयपुर का प्राथमिक विद्यालय सिद्धपुरा सहित दर्जनों विद्यालय हैं जो जर्जर हो गए हैं. जिला मुख्यालय के एक्सीलेंस और कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छतों से पानी टपक रहा है.
कभी भी धराशाई हो सकते हैं भवन
हैरानी की बात ये है कि इन जर्जर और टपकते छतों वाले स्कूलों में कक्षाएं लगाई जा रही हैं. बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल आते हैं. कई स्कूल तो इतने जर्जर हो गए हैं कि वो कभी भी धराशाई हो सकते हैं. इसके बाद भी किसी को ये सुध नहीं है कि इसकी मरम्मत कराई जाए या इसके स्थान पर नए भवन बनाए जाएं. ये हालात जिला मुख्यालय के स्कूलों के हैं, तो फिर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों की क्या हालत होगी.
'बारिश के बाद होगी रिपेयरिंग'
कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य भारत सिंह जाट से स्कूल की जर्जर कंडीशन के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि "यह स्कूल 60 साल से ज्यादा पुराना है. इस दौरान कई बार इसकी मरम्मत कराई जा चुकी है, लेकिन फिर भी बारिश के सीजन में इसकी छत टपकने लगती है. पानी के ज्यादा रिसाव होने के कारण दीवारों में सीलन आ जाती है, जो लंबे समय तक रहती है. बारिश के बाद फिर से भवन की रिपेयरिंग कराई जाएगी."
शिवपुरी में सेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बचाई 500 जिंदगियां, सम्मान के साथ दी विदाई
3 Aug, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरी: मध्य प्रदेश के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है. अधिकांश जगह बारिश का कोटा जुलाई में ही फुल हो गया है. कई जिलों में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. प्रदेश के ज्यादातर डैम ओवरफ्लो हो गए हैं. सिंध नदी में आई बाढ़ के चलते शिवपुरी में हालात इतने ज्यादा खराब हो गए कि लोगों को रेस्क्यू करने के लिए सेना को बुलाना पड़ा. सेना ने 2 दिन में हजारों लोगों का रेस्क्यू किया. स्थानीय लोगों ने सेना को सम्मान के साथ विदा किया.
झांसी से पहुंची सेना की टीम
जिले में हुई मूसलाधार बारिश और उसके बाद आई बाढ़ से हालात इतने ज्यादा खराब हो गए की सेना को बुलाना पड़ गया. उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से सेना की टीम यहां पहुंची. मेजर विनय गांगुली इस टीम को लीड कर रहे थे. सेना की टीम ने यहां पहुंचते ही बाढ़ में फंसे लोगों को बचाया.
सेना ने बचाई 500 लोगों की जान
सेना की टीम ने पहुंचते ही बाढ़ग्रस्त इलाकों में मोर्चा संभाला और लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर करीब 500 लोगों की जान बचाई. सेना के जवान शिवपुरी के हर उस गांव में पहुंचे जहां प्रशासन और दूसरी रेस्क्यू टीमें नहीं पहुंच पा रहीं थी. सेना के जवानों ने गांव के उन लोगों को घरों तक पहुंचाया जो सिंध नदी में उफान के कारण 24 घंटे से ज्यादा समय से दूसरे गांवों में नदी के दूसरी ओर फंसे हुए थे.
30 बच्चों को भी पहुंचाया उनके घर
सेना के जवानों ने अपनी जान की बाजी लगाकर उफनती हुई सिंध नदी में करीब 5 किलोमीटर की यात्रा करते हुए 30 बच्चों को उनके घर पहुंचाया. बच्चे स्कूल गए हुए थे और सिंध नदी का पानी पुल पर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा था. ऐसे में स्कूल गए 30 बच्चे एक गांव में फंस गए और 24 घंटे से ज्यादा समय तक सरपंच के घर रुके रहे. इन मासूम बच्चों को उफनती सिंध नदी में वोट से सिंध नदी पार कराई और उनके घर पहुंचाया. इन बच्चों ने भी भारतीय जवानों का उत्साह वर्धन करते हुए इंडियन आर्मी जिंदाबाद के नारे लगाए.
सेना के जवानों का किया सम्मान
सेना के सफल ऑपरेशन और बिना किसी कैजुअल्टी के लोगों की जिंदगी बचाने पर इलाके में खुशी का माहौल है. यही वजह है कि सेना के इस शौर्य के लिए स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों ने सेना के जवानों को सम्मान के साथ विदा किया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने सेना के जवानों का शाल और श्रीफल से सम्मान किया.
भारतीय जवान हुए भावुक
स्थानीय लोगों ने भारतीय सेना को प्यार, दुलार और सम्मान के साथ जब रुखसत करने के लिए कार्यक्रम रखा तो अपना सम्मान देख कर भारतीय सेना के जवान भावुक हो गए. उन्होंने इलाके के लोगों को भरोसा दिलाया कि वह उनकी सेवा के लिए हमेशा तत्पर और तैयार रहेंगे.
प्रशासन ने कहा थैंक यू आर्मी
कोलारस एसडीएम अनूप शर्मा ने भारतीय सैनिकों के शौर्य पर गर्व जताया. उन्होंने प्रशासन की ओर से थैंक यू बोलते हुए कहा कि आप जवानों ने हमारा हौसला बढ़ाया, हमारा मुसीबत में साथ दिया. इसके लिए हम आपके प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेंगे तो स्थानीय लोगों ने प्रत्येक जवान को सेल्यूट किया.
रेलवे ने स्वच्छता अभियान का किया आगाज
2 Aug, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
* 1 अगस्त से 15 अगस्त, 2025 तक देश के सभी प्रमुख स्टेशनों पर चलेगा अभियान।
* रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने नई दिल्ली स्टेशन पर अधिकारियों और कर्मचारियों को दिलाई स्वच्छता की शपथ।
* इस अवसर पर विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर श्रमदान के माध्यम से व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया।
* स्टेशन परिसर को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से यात्रियों में जागरूकता पैदा करने के लिए स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया जाएगा।
नई दिल्लीः स्वतंत्रता दिवस के उल्लास को स्वच्छता अभियान से जोड़ते हुए रेलवे ने 1 अगस्त से 15 अगस्त, 2025 तक देशभर के स्टेशनों पर स्वच्छता अभियान की शुरूआत की है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस अभियान की शुरुआत करते हुए रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर श्रमदान में भी भाग लिया। इस अवसर पर पौधारोपण भी किया गया।
सतीश कुमार ने स्टेशन पर प्रयोग में लाई जा रहीं सफाई मशीनों का भी निरीक्षण किया और यात्रियों से संवाद कर स्वच्छता पर फीडबैक भी प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि स्टेशन परिसर को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से यात्रियों में जागरूकता पैदा करना जरूरी है। इसके लिए रेलवे स्टेशनों पर नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया जाएगा। स्वच्छता अभियान के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा देश में शुरू की गई स्वच्छ भारत की मुहिम में रेलवे बहुत अच्छा कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में फेज-1 में 15 दिनों का ये कार्यक्रम चलेगा। इसके बाद 16 अगस्त से अक्टूबर तक फेज-2 में स्वच्छता का ये कार्यक्रम चलेगा। ये अक्टूबर तक ही सीमित नहीं रहेगा। हम अपनी दिनचर्या में, अपने कार्य में साफ-सफाई को ढाल रहे हैं, जिससे कि यात्रियों को एक साफ स्टेशन दे सकें।
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर पहले और अब में बहुत फर्क है। यही नहीं, पहले जो जगह डंपिंग ग्राउंड थी, आज वहां पर गार्डन है। लोगों को अच्छा वातावरण मिला है। मैंने कई जगह आज निरीक्षण किया और सफाई का जायजा लिया। रेलवे के सभी कर्मचारी और अधिकारी देशभर में 7,000 रेलवे स्टेशनों पर साफ-सफाई की निगरानी कर यात्रियों को अच्छी व्यवस्था देने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि सफाई केवल स्टेशनों तक सीमित नहीं है।
ट्रेनों में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था की जा रही है। स्टेशनों पर हमने क्लिन ट्रेन स्टेशन की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त रेल मदद पर आने वाली शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करते हैं। इस अभियान के तहत हम यात्रियों में जागरूकता लाना चाहते हैं। इस अवसर पर उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक अशोक कुमार वर्मा, मंडल रेल प्रबंधक दिल्ली पुष्पेश रमण त्रिपाठी सहित रेलवे के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
वहीं, इस अवसर पर विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर श्रमदान के माध्यम से व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया गया। साथ ही पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस अभियान की शुरुआत नवीन गुलाटी (सदस्य इन्फ्रास्ट्रक्चर) ने दिल्ली सराय रोहिल्ला रेलवे स्टेशन पर, ब्रज मोहन अग्रवाल (सदस्य ट्रैक्शन एवं रोलिंग स्टॉक) ने हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर, हितेन्द्र मल्होत्रा (सदस्य ऑपरेशन और बिजनेस डेवलपमेंट) ने दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर, उषा वेंणुगोपाल (सदस्य वित्त) ने दिल्ली जंक्शन स्टेशन पर, आर. राजगोपाल (महानिदेशक मानव संसाधन) ने आनंद विहार टर्मिनल पर, हरि शंकर वर्मा (महानिदेशक सुरक्षा) ने फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर तथा डॉ. जगदीश चंद्रा (महानिदेशक रेलवे स्वास्थ्य सेवा) ने तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन पर की।
शव वाहन योजना: अंतिम यात्रा होगी गरिमा के साथ, परिजनों को नहीं उठानी पड़ेगी परेशानी
2 Aug, 2025 08:17 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दमोह : दमोह जिले अब गरीब और ग्रामीण परिवारों को अपने मृत परिजनों के शव को घर ले जाने के लिए भारी भरकम किराया नहीं देना पड़ेगा, क्योंकि दमोह जिले को शासन की ओर से दो नए शव वाहन (मरचुरी वैन) उपलब्ध कराए गए हैं। यह सेवा निशुल्क उपलब्ध होगी। अभी तक ग्रामीण इलाकों के लोगों को शव ले जाने के लिए निजी एम्बुलेंस पर निर्भर रहना पड़ता था, जो दो हजार से लेकर तीन हजार रुपये तक वसूलते थे। जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को काफी परेशानियों से जूझना पड़ता था। कई बार शव समय पर घर नहीं पहुंचने की वजह से अंतिम संस्कार दूसरे दिन करना पड़ा, लेकिन अब सरकारी वाहन 24 घंटे उपलब्ध रहेगा।
एक शव वाहन जिला अस्पताल में रहेगा, जबकि दूसरे को हटा या फिर जिले के किसी अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात किया जाएगा। खास बात यह है कि शव वाहन 108 एम्बुलेंस की तर्ज पर बनाए गए हैं। हालांकि शहर में कुछ समाजसेवी द्वारा न्यूनतम दर पर केवल डीजल खर्च पर भी शव वाहन की सेवा उपलब्ध है, लेकिन जानकारी न होने से सभी गरीबों को इसका लाभ नहीं मिल पाता है, जिसका फायदा निजी एम्बुलेंस चालक उठाते थे।
कई बार हाथ ठेलों पर शव ले जाते हैं परिजन
पूर्व में कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं। जिसमें परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से लोगों को अपने-अपने मृत परिजनों को ऑटो या माल वाहक से शव ले जाना पड़ा था। वहीं, शहर में भी करीब एक साल पहले ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं, जिसमें कुछ लोग अपने मृत परिजनों को हाथ ठेले पर ले जाते नजर आए, लेकिन अब लोगों को इस तरह की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। शासन ने दो वाहन जनसेवा के लिए उपलब्ध करा दिए हैं।
निशुल्क उपलब्ध होंगे वाहन
सीएमएचओ डॉ. राजेश अठ्या का कहना है कि शासन द्वारा दमोह जिले के लिए दो बड़े शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। जिससे मृतकों के शव को निःशुल्क ले जाया जा सकेगा। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। जिसका शुभारंभ शनिवार से किया गया। एक वाहन जिला अस्पताल में रहेगा, जबकि दूसरे को कहां रखा जाएगा, यह एक-दो दिन में तय हो जाएगा।
छात्रों का भविष्य सुरक्षित: निजी स्कूल बंद होने पर सरकार देगी वैकल्पिक शिक्षा का भरोसा
2 Aug, 2025 08:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश भर के करीब 250 स्कूलों में पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उनकी मान्यता पिछले माह रद्द कर दी गई है। ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य पर संकट के बादल मंडराने लगे थे, लेकिन अब विभाग ने निर्णय लिया है कि इन स्कूलों के बच्चों का एडमिशन पास के सरकारी स्कूल में कराया जाएगा ताकि उनका भविष्य ना खराब हो। इसे लेकर लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआइ) ने सभी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। कहा गया कि ऐसे विद्यार्थियों को एक सप्ताह के भीतर दूसरे स्कूल में प्रवेश दिलाया जाए।
भोपाल के 12 स्कूलों की मान्यता हुई समाप्त
राजधानी भोपाल के ही करीब 12 स्कूल हैं जिनकी मानता रद्द की गई है। यहां पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के एडमिशन अवैध हो गए हैं। अब बच्चों की आगे की पढ़ाई पर संकट है। इस कारण अब डीईओ की जिम्मेदारी होगी कि इन स्कूलों में दर्ज बच्चों को नजदीक के स्कूलों में प्रवेश दिलाएं। यह आदेश सत्र शुरू होने के चार माह बाद हुए हैं।
दस्तावेज पेश नहीं कर पाए स्कूल
प्रदेश के 250 स्कूलों की मान्यता रद्द की गई है। ये स्कूल जमीन संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए थे। कुछ स्कूलों के पास जमीन नहीं थी तो कुछ के पास पर्याप्त जमीन और रजिस्ट्री के कागज नहीं थे। अपील में जाने वाले 50 स्कूलों की मान्यता का नवीनीकरण हुआ वहीं 50 स्कूलों का मामला अभी भी लंबित है।
2500 विद्यार्थियों को दिया जाएगा सरकारी स्कूल में प्रवेश
राजधानी भोपाल के अंकुर हायर सेकेंडरी स्कूल, जवाहर चौक स्थित सेवन हिल्स, सर्वधर्म कोलार स्थित प्रीति हायर सेकेंडरी स्कूल, कोलार स्थित राजपुष्पा, पार्थ, ज्ञान कृष्णा समेत अन्य स्कूल शामिल है। इन स्कूलों में मान्यता समाप्त करने का कारण जमीन नहीं होना बताया गया है। इन स्कूलों में करीब दो ढाई हजार विद्यार्थी हैं। इन स्कूलों के करीब 2500 विद्यार्थियों को पास के सरकारी स्कूल में प्रवेश दिलाया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं सोनाली मिश्रा, RPF की पहली महिला DG नियुक्त
2 Aug, 2025 05:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की नए महानिदेशक के रूप में सोनाली मिश्रा ने कार्रभार संभाल लिया है। वह मध्य प्रदेश कैडर की 1993 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। यह आरपीएफ के 143 साल के इतिहास में पहली बार है जब किसी महिला को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सोनाली मिश्रा की नियुक्ति को मंजूरी दी है। वह 31 अक्टूबर, 2026 को सेवा से रिटायर होंगी। रेल मंत्रालय के अनुसार, “अपनी पेशेवर दक्षता, समर्पण और नेतृत्व क्षमता के लिए पहचानी जाने वाली सोनाली मिश्रा के पास तीन दशकों से अधिक का अनुभव है। इससे पहले वह अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (चयन/भर्ती) के साथ-साथ पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल और मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी, भोपाल की निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रही थीं।” उन्होंने सीबीआई और बीएसएफ में भी सेवाएं दी हैं। कोसोवो में संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन में सेवा देने का अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी उनके पास है।
आरपीएफ का नेतृत्व करने वाली पहली महिला
अधिकारियों ने बताया कि मिश्रा आरपीएफ का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी हैं। जिसे अन्य कर्तव्यों के अलावा रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह वर्तमान में मध्य प्रदेश पुलिस में अतिरिक्त महानिदेशक (चयन) के पद पर तैनात थीं।
पीएम मोदी की संभाल चुकी हैं सुरक्षा
मई 2025 में मध्य प्रदेश में राज्य स्तरीय महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन भोपाल में आयोजित किया गया था। इस खास मौके पर सुरक्षा की जिम्मेदारी महिला अफसरों के हाथ में सौंपी गई थी। कार्यक्रम में आईपीएस सोनाली मिश्रा को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा का जिम्मा दिया गया था। जिसको उन्होंने बखूबी निभाया था। सोनाली मिश्रा के नेतृत्व में 6 से अधिक महिला आईपीएस अधिकारियों ने भोपाल में मुस्तैदी के साथ अपनी सेवाएं दी थीं।
छत्तीसगढ़ से भी कनेक्शन
सोनाली मिश्रा अपने करियर के शुरुआती दिनों में छत्तीसगढ़ में भी अहम जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं। जब मध्यप्रदेश का बंटवारा नहीं हुआ था तब वह बिलासपुर जिले में सीएसपी और एएसपी के पद पर रहे चुकी हैं। राज्य के पुर्नगठन के बाद वह मध्यप्रदेश कैडर में चली गईं।
महिला से जबरदस्ती और वीडियो बनाकर धमकी, पति-पत्नी की घिनौनी करतूत
2 Aug, 2025 04:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शिवपुरीः जिले के भौंती थाना क्षेत्र के खोड़ टपरियन में गांव में अपराध का एक घिनौना मामला सामने आया। इसने समाज को झकझोर कर रख दिया। इस मामले में एक आरोपी व्यक्ति ने एक महिला के साथ बलात्कार किया। इस घिनौने अपराध में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी की पत्नी ने घटना का वीडियो बनाया। इस मामले में पीड़िता ने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई है। शिवपुरी पुलिस ने बलात्कार और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दोनों पति-पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
खेत पर बने कमरे में गंदा काम
पुलिस ने बताया कि 31 जुलाई को खोड टपरियन गांव की एक पीड़िता ने रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें उसने कहा कि वह खेत पर बकरी चरा रही थी। तभी करन सिंह मुझे खेत पर बने कमरे में जबरदस्ती ले गया और मेरे साथ जबरदस्ती गलत काम किया। वहीं, करन परिहार की पत्नी कविता ने मेरा वीडियो बनाया। फिर मुझे धमकाया कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे। पीड़िता की शिकायत पर रेप और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
आरोपी जेल भेज गए
आरोपी की पत्नी का बनाया यह शर्मनाक वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति-पत्नी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। भौंती थाना पुलिस ने ने मामला दर्ज करने के बाद दोनों आरोपियों न्यायालय में पेश किया गया। यहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या सामाजिक मूल्यों और संवेदनाओं की मर्यादा इतनी गिर चुकी है कि पत्नी अपने ही पति के दुष्कर्म को न केवल देखती है, बल्कि उसे कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया की वस्तु बना देती है।
पूर्व CM रविशंकर शुक्ल की जयंती में कांग्रेस के ही लोग नहीं आए, CM मोहन यादव ने कसा तंज
2 Aug, 2025 04:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पंडित रविशंकर शुक्ल की जयंती पर विधानसभा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष समेत मंत्री और विधायकों ने पंडित रविशंकर शुक्ल को याद करते हुए उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। लेकिन इस दौरान कांग्रेस विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं इसको लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस पर तंज कसा है। डॉ मोहन यादव ने कहा, पंडित रविशंकर शुक्ल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री हैं। BJP सरकार के लोग उनकी जयंती में शामिल हुए, लेकिन कांग्रेस का एक भी नेता या विधायक शामिल नहीं हुआ। यह सोचने की बात है।
कांग्रेस ने कहा- BJP सरकार कार्यक्रम की सूचना नहीं देती है
वहीं मामले पर कांग्रेस का कहना है कि BJP सरकार कार्यक्रम की सूचना नहीं देती है। कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा, रवि शंकर जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और स्वतंत्रता सैनिक है। कांग्रेस हर जिले में उनकी जयंती मना रही है। BJP सरकार अचानक कार्यक्रम रख लेती है और कांग्रेस के विधायक के नेताओं को सूचना नहीं देती तो कांग्रेस के नेता कार्यक्रम में कैसे पहुंचेंगे।
कार्यक्रम में कई कैबिनेट मंत्री रहे मौजूद
विधानसभा में पंडित रविशंकर शुक्ल की जयंती पर कार्यक्रम के आयोजन को लेकर मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की तारीफ की। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को बधाई देता हूं। उन्होंने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ये फैसला लिया है। कांग्रेस चाहती तो ये कदम पहले उठा सकती थी। लेकिन वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष का ये फैसला अच्छा है।
आखिर बाबा बागेश्वर ने क्यों की ऐसी अपील,किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी से बचें
2 Aug, 2025 01:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बागेश्वर धाम। बाबा बागेश्वर ने वीडियो जारी करके लोगों से भ्रामक जानकारी से दूर रहने की अपील की है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पिछले 25 दिनों से फिजी, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड देशों के दौरे पर थे। शुक्रवार यानी 1 अगस्त को बाबा बागेश्वर भारत लौटकर आए।
बागेश्वर धाम में चोरी की घटना
दरअसल, कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा था। जिसमें कुछ महिलाओं को बागेश्वर धाम के एंबुलेंस में ले जाया जा रहा था। महिलाओं का आरोप था कि उन्हें धाम की गाड़ी में बैठाकर जबरन रेलवे स्टेशन पहुंचा दिया गया। वहीं दूसरी तरफ धाम के सेवादारों का कहना है कि महिलाएं दूसरे शहरों से यहां दर्शन के लिए आती थीं। लेकिन चोरी की वारदात को अंजाम देती थीं।
किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचें
इसको लेकर बाबा बागेश्वर ने विदेश से अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक वीडियो जारी कर अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही भ्रामक जानकारियों से सावधान रहें। उन्होंने अनुरोध किया है कि किसी भी प्रकार की गलत सूचना को प्रसारित करने से पहले बागेश्वर धाम और स्थानीय प्रशासन से सत्यापन कर लें, ताकि धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे और सनातन धर्म की छवि को नुकसान न हो। उनका कहना है कि सनातन धर्म हमेशा से उज्ज्वल रहा है और रहेगा. इसलिए बागेश्वर धाम के बारे में किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी से बचें।
15 साल के नाबालिग के साथ तीन दोस्तों ने की दरिंदगी
2 Aug, 2025 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: एक नाबालिग किशोर, जो अपने घर के बाहर खड़ा था, अपने ही तीन दोस्तों की बातों में फंस गया। उसके दोस्त, उसे झरना दिखाने की बोलकर झाडियों में ले गए। जिले के तिघरा थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय किशोर के साथ उसके तीन नाबालिग दोस्तों द्वारा गलत काम करने और वीडियो बनाकर धमकाने का मामला सामने आया है, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित को झरना दिखाने के बहाने ले जाया गया था, जहां उसके साथ मारपीट भी की गई।
महाराजपुरा का रहने वाला है पीड़ित
पीड़ित किशोर महाराजपुरा क्षेत्र का रहने वाला है। 27 जुलाई को वह घर के पास खड़ा था, तभी उसके तीन नाबालिग दोस्त आए। दोस्तों ने उसे तिघरा के पास बिठौली खो झरना घूमने चलने को कहा। किशोर उनके साथ घूमने के लिए तैयार हो गया। झरने के पास पहुंचते ही तीनों ने उसे पकड़ लिया और झाड़ियों में ले गए। वहां उसके साथ ग़लत काम किया गया। जब किशोर ने विरोध किया तो आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसका वीडियो वायरल कर देंगे।
पीड़ित ने डर से छुपाई बात
डर के कारण पीड़ित ने कुछ दिन तक यह बात छुपाई। बाद में उसने पिता को रोते हुए पूरी घटना बताई। पिता ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर तिघरा थाना पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। जल्द ही आरोपियों की धर-पकड़ शुरु हो जाएगी।
लाडली बहना की किस्त, 1250 की जगह मिलेंगे 1500 रुपये
2 Aug, 2025 12:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। लाडली बहनों को अगस्त के महीने में डबल सौगात मिलने वाली है। इस महीने योजना की 27वीं किस्त जारी की जाएगी। प्रदेश की 1.27 करोड़ महिलाओं के खाते में योजना की राशि ट्रांसफर की जाएगी। मध्य प्रदेश सरकार रक्षाबंधन से पहले लाडली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं के खाते में राशि अंतरित कर सकती है।
1500 रुपये होंगे जारी
हर महीने लाडली बहना योजना की किस्त 10 से 15 तारीख के बीच जारी की जाती है। प्रदेश की 1.27 करोड़ हितग्राही महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की राशि अंतरित होती है। इस बार रक्षाबंधन से पहले योजना की राशि जारी हो सकती है. लाडली बहनों के खाते में 1250 रुपये के साथ 250 रुपये एक्स्ट्रा, यानी कुल 1500 रुपये जारी किए जा सकते हैं। सीएम मोहन यादव ने ऐलान किया था कि रक्षाबंधन त्योहार को धूमधाम से मनाने के लिए सरकार 250 रुपये ज्यादा ट्रांसफर करेगी। रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त को मनाया जाएगा यानी इससे पहले योजना की राशि अंतरित की जा सकती है।
इन महिलाओं को मिलता है योजना का लाभ
महिलाओं को एमपी का निवासी होना चाहिए
महिलाओं का विवाहित होना अनिवार्य
हितग्राही महिलाओं की आयु 21 से 60 वर्ष के बीच होना चाहिए
विधवा, तलाकशुदा और पति द्वारा परित्यक्त महिलाएं को भी शामिल किया जाता है
महिलाओं की परिवारिक आय 2.5 लाख रुपये या कम होना चाहिए
शिवराज सिंह चौहान ने की थी शुरुआत
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने 28 जनवरी 2023 को इस योजना की शुरुआत की थी. उस समय हितग्राही महिलाओं को 1000 रुपये दिए जाते थे। इस योजना के लागू होने के लगभग 3 महीने बाद यानी 15 मार्च 2023 को राशि 1250 रुपये कर दी गई। महिलाओं को राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए राशि ट्रांसफर की जाती है।
दो साल से नहीं हुए नए रजिस्ट्रेशन
हर महीने लाडली बहना योजना की हितग्राहियों की संख्या में कमी आ रही है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण रजिस्ट्रेशन बंद होना है। 2023 से ही रजिस्ट्रेशन बंद हैं। योजना का लाभ 21 साल से 59 साल की विवाहित महिलाएं उठा सकती हैं।
दीपावली से हर महीने मिलेंगे 1500 रुपये
सीएम डॉ. मोहन यादव ने एक कार्यक्रम में घोषणा करते हुए कहा था कि दीवाली पर लाडली बहना योजना की राशि की रकम बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रति महीने की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा था कि साल 2028 तक योजना के तहत प्रदेश सरकार की ओर से लाडली बहनों के खाते में घोषणा के अनुरूप 3,000 रुपये प्रति महीने राशि ट्रांसफर की जाने लगेगी।
स्मार्ट मीटर स्थापना रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के निर्णय की खबर निराधार
1 Aug, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : स्मार्ट मीटर की स्थापना रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा किसी भी प्रकार का निर्णय या आदेश नहीं दिया गया है। स्मार्ट मीटर एक देश व्यापी स्कीम है जिसके तहत समूचे देश में स्मार्ट मीटर लगाये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में कतिपय प्रिंट तथा सोशल मीडिया में यह खबर फैलाई जा रही है कि सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य नहीं है। यह खबर असत्य, भ्रामक और निराधार है। सुप्रीम कोर्ट अथवा मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा इस प्रकार का कोई भी फैसला नहीं दिया गया है।
स्मार्ट मीटर के संबंध में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, भोपाल ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर निर्धारित प्लान के अनुसार लगाये जा रहे हैं और उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने से मना नहीं कर सकते हैं। इसी प्रकार सोशल मीडिया में यह भ्रम भी फैलाया जा रहा है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे है यह बात विभिन्न टेस्टिंग लैब में गलत साबित हो गई है। स्मार्ट मीटर में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है और स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं द्वारा उपभोग की जा रही बिजली के अनुसार ही तकनीकी रूप से वास्तविक और सटीक रीडिंग दर्ज कर रहे हैं।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। अब तक साढ़े तीन लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं और उपभोक्ता हित में स्मार्ट मीटर के सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे हैं। कंपनी द्वारा गुना वृत्त में लगभग तीन माह पहले लगाए जा चुके स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं से जब बातचीत की तो उनके द्वारा फायदा होने की बात कही है। गुना शहर के उपभोक्ता विष्णु धाकड़ ने बताया कि उनके यहां दो महीने पहले स्मार्ट मीटर लगा था। शुरू में उन्हें डर था की कहीं स्मार्ट मीटर से बिल तो अधिक नहीं आएगा। लेकिन जैसे ही अगले महीने बिल आया तो देखा कि कहीं कोई ऐसी गड़बड़ी नहीं आई। इस महीने 80 रुपये बिल आया है, जिसे जमा भी कर दिया है। इसी तरह देवीदयाल ने बताया कि उनके यहां उनकी सहमति से स्मार्ट मीटर लगाया गया है। उन्होंने बताया कि इस महीने उनका बिल कम ही आया है। इसमें किसी तरह की कोई परेशानी नहीं है।
कंपनी ने कहा कि ऐप के माध्मय से हम अपने घर के बिजली उपभोग को भी नियंत्रित करना सीख गए हैं, क्योंकि उपकरणों पर नियंत्रण करने से बिल में काफी कमी आई है। गुना के ही उपभोक्ता अक्षय कुमार ने बताया कि स्मार्ट मीटर से कहीं कोई गलत बिल नहीं आया, हमारा बिल 550 रुपये आया है। रीडिंग लेने में कोई गड़बड़ी नहीं है, बल्कि अब तो अपने आप दूरसंचार प्रणाली से रीडिंग हो रही है और निर्धारित तिथि को सही रीडिंग का बिल मोबाइल पर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तो बिल कम करना अपने हाथ में है।
सोलर ऑवर में 20 प्रतिशत की छूट
कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जिसमें सार्वजनिक जल कार्य और स्ट्रीट लाइट और एलटी औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए ऑफ पीक/ सौर समय सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक की अवधि के दौरान उपभोग की गई ऊर्जा के लिए ऊर्जा प्रभार की सामान्य दर पर 20 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है। यह छूट 10 किलोवाट तक स्वीकृत लोड/अनुबंध मांग वाले उपभोक्ताओं को मिल रही है। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए यह सभी छूट अथवा प्रोत्साहन की गणना सरकारी सब्सिडी (यदि कोई हो) को छोड़कर की जा रही है।
राजधानी भोपाल के एकतापुरी, अशोकागार्डन निवासी विजय शंकर को जारी जुलाई माह के बिल में 29 रुपये की छूट मिली है, जबकि उनकी कुल खपत 92 रीडिंग का बिल सिर्फ 86 रुपये आया है। इन्हें दिन के टैरिफ में 30 यूनिट पर 20 प्रतिशत की छूट मिली है। इसी कॉलोनी के रहवासी महेश चंद्र को जुलाई माह के बिल में 99 रुपये की छूट मिली है। इनके स्मार्ट मीटर में कुल खपत 277 रीडिंग में से 85 रीडिंग पर 20 प्रतिशत की छूट मिली है। इस तरह से स्मार्ट मीटर में ऑटोमेटिक सटीक रीडिंग होने से कोई गड़बड़ी भी नहीं हो रही है तथा उपभोक्ताओं को अनेक फायदे मिल रहे हैं।
उपभोक्ताओं को घरेलू स्मार्ट मीटर से मिलने वाले फायदे
विद्युत वितरण कंपनी ने बताया कि ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है, बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती, एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं, ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, जिससे ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं और ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है।
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