मध्य प्रदेश
हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत हुई "तिरंगा यात्रा-वॉकाथॉन"
12 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर चल रहे ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के अंतर्गत, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा मंगलवार को भोपाल में तिरंगा यात्रा–वॉकाथॉन का भव्य आयोजन किया गया। इस यात्रा की शुरुआत सुबह 7 बजे बोट क्लब से हुई, जिसका शुभारंभ मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के ज्वाइंट डायरेक्टर (एडवेंचर) एस. के. श्रीवास्तव ने किया।
यह उत्साहपूर्ण यात्रा मुख्यमंत्री निवास से होकर पुनः बोट क्लब पर समाप्त हुई। यात्रा में पारंपरिक भारतीय परिधान में सजे लगभग 9 कॉलेजों के विद्यार्थियों सहित 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हाथों में तिरंगा थामकर भाग लिया और ‘भारत माता की जय’ के नारों से वातावरण को देशभक्ति के रंग से सराबोर कर दिया। जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद् भोपाल तथा जंगल ट्रैकर संस्था सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने देशभक्ति गीतों की धुन पर जुंबा और योगा के माध्यम से “फिट इंडिया” का संदेश दिया गया।
देशभक्ति का संदेश देंगे बाइकर्स
"हर घर तिरंगा अभियान" के अंतर्गत मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा बुधवार, 13 अगस्त को सुबह 7 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर से बाइकर्स तिरंगा रैली निकाली जाएगी। इसमें 100 से अधिक महिला और पुरुष बाइकर्स, पारंपरिक भारतीय परिधान में, हाथों में तिरंगा लिए राजधानी की सड़कों पर देशभक्ति का संदेश देंगे। यह रैली जेल रोड, शौर्य स्मारक, लिंक रोड, न्यू मार्केट, गौहर महल, रवीन्द्र भवन, राजभवन होते हुए पुनः कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर पहुंचेगी। इस अवसर पर सुपर बाइक्स भी आकर्षण का केंद्र होंगी।
मंडल रेल प्रबंधक ने किया रानी कमलापति–बीना खंड का निरीक्षण
12 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सांची, विदिशा, गंजबासोदा, मंडीबमौरा और बीना स्टेशनों सहित मेमू शेड, लॉबी एवं रनिंग रूम की संरक्षा और सुविधाओं की गहन समीक्षा
भोपाल। पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक श्री पंकज त्यागी द्वारा आज दिनांक 12 अगस्त को रानी कमलापति से बीना के मध्य रेलखंड का निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य संपूर्ण खंड में संरक्षा मानकों, परिचालन व्यवस्था, आधारभूत संरचना एवं यात्री सुविधाओं की स्थिति का प्रत्यक्ष मूल्यांकन करना था।
निरीक्षण यात्रा की शुरुआत रानी कमलापति स्टेशन से हुई, जहाँ से मंडल रेल प्रबंधक निरीक्षण विशेष ट्रेन में सवार होकर खंड में स्थित रेलवे पटरियों, समपार फाटकों, सिग्नलिंग प्रणाली, जल निकासी व्यवस्था एवं ट्रैक अनुरक्षण से जुड़ी प्रक्रियाओं का सूक्ष्म अवलोकन किया।
निरीक्षण के क्रम में सबसे पहले सांची स्टेशन का निरीक्षण किया गया। यहां अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत प्रगति पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा की गई। मंडल रेल प्रबंधक ने स्टेशन परिसर, प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, प्लेटफॉर्म स्तर तथा स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए कार्यों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
विदिशा स्टेशन पर मंडल रेल प्रबंधक ने यार्ड की संरचना, ट्रैक प्वाइंट्स की स्थिति, संरक्षा लॉगबुक, सिग्नलिंग प्रणाली एवं सर्कुलेटिंग एरिया का गहन परीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने हेतु सुविधाओं को और अधिक समृद्ध एवं सुव्यवस्थित करने पर जोर दिया।
गंजबासोदा स्टेशन पर स्टेशन भवन, प्लेटफॉर्म की स्थिति, स्वच्छता प्रबंधन एवं जनसुविधाओं का निरीक्षण किया गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से संवाद करते हुए अमृत भारत योजना के प्रस्तावित कार्यों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली एवं तत्परता से योजनाओं के क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
मंडीबमौरा स्टेशन के निरीक्षण के दौरान पैनल रूम, बुकिंग काउंटर, प्रतीक्षालय, पेयजल व्यवस्था एवं शौचालय सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। मंडल रेल प्रबंधक ने स्टेशन पर कार्यरत स्टाफ से संवाद कर उनकी कार्य स्थितियों, संसाधनों एवं आवश्यकताओं को समझते हुए समन्वयात्मक कार्यप्रणाली की आवश्यकता पर बल दिया।
निरीक्षण के अंतिम चरण में मंडल रेल प्रबंधक बीना स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने स्टेशन यार्ड, प्लेटफॉर्म सुविधाएं, सर्कुलेटिंग एरिया, संकेत एवं नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया। इसके पश्चात बीना स्थित मेमू शेड का निरीक्षण किया गया, जिसमें लोकोमोटिव की मरम्मत प्रक्रिया, दैनिक अनुरक्षण मानक, सफाई व्यवस्था एवं कार्यकुशलता की समीक्षा की गई।
इसके अतिरिक्त बीना रनिंग रूम का निरीक्षण करते हुए मंडल रेल प्रबंधक ने लोको पायलट एवं गार्ड्स के लिए उपलब्ध विश्राम सुविधाएं, भोजन व्यवस्था तथा सुविधाओं की जांच की। उन्होंने रनिंग स्टाफ से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक संसाधनों की शीघ्र उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर उन्होंने रेलवे अस्पताल, बीना का भी निरीक्षण किया, जहां उन्होंने रोगियों के उपचार, स्वच्छता, उपकरणों की उपलब्धता तथा चिकित्सा स्टाफ की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित किया कि कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
निरीक्षण के उपरांत मंडल रेल प्रबंधक ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी त्योहारी एवं उच्च यातायात वाले सीजन को ध्यान में रखते हुए संरक्षा, परिचालन दक्षता एवं यात्री सुविधा के हर पहलू में विशेष सजगता और तत्परता सुनिश्चित की जाए।
इस निरीक्षण यात्रा के दौरान अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री अभिराम खरे, मुख्य परियोजना प्रबंधक श्री अनुपम अवस्थी, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक श्री रोहित मालवीय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली में की सौजन्य भेंट
12 Aug, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को संसद भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री शाह को प्रदेश में नए आपराधिक कानून लागू करने और सहकारिता के क्षेत्र में किए गए नवाचारों से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश की राजधानी बने। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रदेश की हिस्सेदारी, जो अभी 9 प्रतिशत है, उसको बढ़ाकर 25% करने का लक्ष्य रखा गया है। नए कानून लागू करने में मध्य प्रदेश अग्रणी राज्य बन गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में चल रहे नवाचारों के माध्यम से सुशासन के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री शाह से मिल रहे मार्गदर्शन और सहयोग के लिये आभार माना।
जनता की सेवा पवित्र भाव से करें : राज्यपाल मंगुभाई पटेल
12 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि वे सभी सौभाग्यशाली हैं, जिन्हें प्रदेश की जनता की सेवा का अवसर मिला है। जनता की सेवा हमेशा पवित्र भाव से करें। समाज के ग़रीब, वंचित और जरूरतमंदों की पूरी निष्ठा के साथ मदद करें। उन्हें न्याय दिलाने का हर संभव प्रयास करें। राज्यपाल पटेल ने प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा में सफलता के लिए प्रशिक्षु उप जिलाध्यक्षों को बधाई दी।
राज्यपाल पटेल मंगलवार को मध्यप्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग की 2020 और 2021 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रशासनिक सेवा, केवल एक नौकरी नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा का महान अवसर है। आप सभी अमृत काल की उस पीढ़ी के प्रतिनिधि हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत के सपनों को साकार करने का महान लक्ष्य मिला है। प्रदेश के विकास और कल्याण में भागीदारी का सुअवसर मिला है।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि लोक सेवक सुशासन के आधार होते हैं। उनके विवेकपूर्ण, न्यायसंगत और लोक हितकारी व्यवहार से जनता का प्रशासन पर विश्वास बढ़ता है। एक सफल अधिकारी अच्छा टीम लीडर होता है। आपकी सफलता आपके सहकर्मियों के साथ सामंजस्य, सहयोग और पारदर्शिता पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि हमेशा सीखते रहें। उम्र के हर पड़ाव पर सीखें। अपने सहकर्मियों से आत्मीय रहें, उनके अनुभवों का लाभ ले। अपनी सीख का प्रदेश की जनता के जीवन को बेहतर करने में उपयोग करें।
राज्यपाल पटेल का प्रशासनिक अकादमी भोपाल के संचालक मुजीबुर रहमान खान ने पौधा भेंट कर स्वागत, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। संचालक रहमान ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षु अधिकारियों की ओर से अक्षय डिगरसे और सुअंकिता पाटकर ने प्रशिक्षण के अपने अनुभवों को बताया। आभार प्रशासनिक अकादमी की सह-प्रशिक्षण संचालक श्रीमती रूचि जैन ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव उमाशंकर भार्गव और प्रशिक्षु अधिकारी मौजूद रहें।
उद्योगों की मांग अनुसार कौशल विकास पाठ्यक्रम डिजाइन करें : राज्यपाल पटेल
12 Aug, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि क्रिस्प प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के उद्योगों में रोजगार की मांग का आकलन कर उसके अनुसार कौशल विकास के कार्यक्रम डिजाइन करे। स्थानीय उद्योगों की मांग के अनुरूप स्थानीय विद्यार्थियों का कौशल विकास करें, जिससे उन्हें अपने क्षेत्र में ही रोज़गार प्राप्त हो सकें।
राज्यपाल पटेल कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में सेंटर फॉर रिसर्च एण्ड इंडस्ट्रियल स्टॉफ़ परफॉर्मेंस (क्रिस्प) के 29वें स्थापना दिवस कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने क्रिस्प के 29 वें स्थापना दिवस के अवसर पर उपस्थितजनों को बधाई दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का क्रिस्प स्थापना दिवस बधाई वीडियो संदेश प्रदर्शित किया गया। उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा मंत्री इन्दर सिंह परमार भी उपस्थित रहे।
राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में सक्षम योजना के तहत महिला प्रशिक्षार्थियों और प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त प्रशिक्षणार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों द्वारा तैयार की गई प्रदर्शनी का अवलोकन कर सराहना भी की। राज्यपाल पटेल ने कहा कि संस्थान ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत कौशल विकास के कार्यक्रमों से युवाओं को आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के संकल्प की दिशा में सराहनीय प्रयास है।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश, कौशल भारत और कुशल भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। उनकी विजनरी लीडरशिप में भारत आर्थिक महाशक्ति बन रहा है। भारत अब विश्व का तीसरा बड़ा स्टार्ट-अप ईको सिस्टम वाला देश है। प्रदेश सरकार भी युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के कार्यक्रमों ने विशेष कर बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर दिए हैं। इसी का सुखद परिणाम है कि अब आई.आई.टी., एन.आई.टी., ट्रिपल आई.टी. जैसे संस्थानों के दाखिलों में बेटियों की भागीदारी बढ़ने लगी है।
रोज़गार अवसरों की वृद्धि में 'फ़ोरलेन मॉडल' कारगर उपाय
राज्यपाल पटेल ने कहा कि भारत में रोज़गार अवसरों को बढ़ाने के लिए 'फोरलेन मॉडल' कारगर भूमिका निभा सकता है। इसमें विकेंद्रीकरण, स्वदेशी, उद्यमिता और सहकारिता शामिल हैं। ऐसा देखा गया है जब देश में सहकारिता आधारित उद्योग सक्रिय होते हैं तो देश में सामाजिक समरसता को भी गतिशीलता मिलती है। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आज भी भारत के युवाओं को सर्वाधिक रोज़गार देने वाला क्षेत्र कृषि है। लगभग 35 प्रतिशत युवा कृषि पर ही निर्भर है। भारत में लगभग 11 करोड़ लोगों ने लघु और कुटीर उद्योगों के माध्यम से स्वरोजगार को अपनाया है, जो रोज़गार के लगभग 20% से अधिक है। उन्होंने कहा कि संस्थान, प्रशिक्षण प्रयासों में स्किल डेवलपमेंट के साथ स्किल अपडेशन के नए कार्यक्रमों का आयोजन करें।
उज्जैन में स्थापित होगा क्रिस्प का पहला संभागीय केन्द्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्रिस्प के 29वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए जारी वीडियो संदेश में कहा कि सेंटर फॉर रिसर्च एंड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉर्मेंस (क्रिस्प) के केन्द्रों का विस्तार संभाग स्तर तक किया जाएगा। प्रदेश में औद्योगिक और निवेश गतिविधियों के विस्तार के परिणाम स्वरूप कुशल श्रमिकों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसके दृष्टिगत प्रदेश में कौशल उन्नयन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्रिस्प के केन्द्रों की संभाग स्तर पर स्थापना से प्रदेश के युवाओं को लाभ होगा। यह पहल प्रदेश के युवाओं को रोजगारपरक कार्यों से जोड़कर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और देश-प्रदेश की प्रगति में सहायक होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी "पीएम मित्र पार्क" के भूमि-पूजन के लिए 25 अगस्त को बदनावर-धार आ रहे हैं। भविष्य में इस क्षेत्र में कुशल श्रमिकों की मांग बढ़ेगी। अत: संभाग स्तर पर क्रिस्प के केन्द्र स्थापित करने की शुरुआत उज्जैन से की जाएगी।
क्रिस्प कौशल विकास का प्रतिष्ठित केन्द्र : मंत्री परमार
उच्च शिक्षा, आयुष और तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि क्रिस्प कौशल विकास का प्रतिष्ठित केन्द्र है। बदलते समय के साथ संस्थान को नई जरूरतों के अनुरूप नए पाठ्यक्रम चलाना चाहिए।
कार्यक्रम में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल, क्रांतिसूर्य टंट्या भील विश्वविद्यालय खरगौन और देवी अहिल्या विश्वविद्यालय इंदौर के साथ क्रिस्प के सहकार्यता अनुबंध (एम.ओ.यू.) का आदान-प्रदान किया गया। राज्यपाल पटेल का क्रिस्प के प्रबंध संचालक डॉ. श्रीकांत पाटिल ने पुष्पगुच्छ, शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। डॉ. पाटिल ने संस्थान के कार्यों, उद्देश्यों और उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। आभार क्रिस्प के संचालक अमोोल वैद्य ने माना। कार्यक्रम में बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलगुरू सुरेश कुमार जैन, आर.जी.पी.वी. विश्वविद्यालय के कुलगुरू राजीव त्रिपाठी, क्रिस्प के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और प्रशिक्षणार्थी उपस्थित थे।
क्रिस्प ने बड़ी संख्या में विद्यार्थी, प्रशिक्षकों और अधिकारी-कर्मचारियों को किया प्रशिक्षित
प्रदेश में 1997 में भारत-जर्मन तकनीकी सहयोग समझौते के तहत स्थापित तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग की स्वशासी संस्था क्रिस्प प्रदेश की अग्रणी संस्थाओं में से एक है। विगत 28 वर्षों से यह संस्था कौशल विकास, औद्योगिक प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गतिविधियां संचालित कर रही है। क्रिस्प ने प्रदेश के लगभग एक लाख 50 हजार विद्यार्थियों, 1500 प्रशिक्षकों और राज्य शासन के 10 हजार से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया है।
अलार्म चेन का दुरुपयोग: भोपाल मंडल में 3,300 से अधिक मामले दर्ज, रेल प्रशासन ने अपनाया सख्त रुख
12 Aug, 2025 08:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता के उद्देश्य से भारतीय रेल प्रत्येक यात्री कोच में इमरजेंसी अलार्म चेन की सुविधा प्रदान करती है। यह सुविधा केवल गंभीर एवं वास्तविक आपात स्थिति में ट्रेन को रोककर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। किंतु हाल के दिनों में इस सुविधा के अनुचित उपयोग के मामले चिंताजनक रूप से बढ़ गए हैं, जिससे न केवल ट्रेनों का समयबद्ध संचालन प्रभावित हो रहा है, बल्कि अन्य यात्रियों को भी अनावश्यक असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त डॉ. अभिषेक के मार्गदर्शन में भोपाल मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर रेलवे सुरक्षा बल द्वारा विशेष जागरूकता एवं चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान यात्रियों को नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ अलार्म चेन के अनुचित उपयोग पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है।
जुलाई 2025 तक के आँकड़ों के अनुसार भोपाल मंडल के रानी कमलापति, भोपाल, इटारसी, हरदा, विदिशा, बीना, गुना, शिवपुरी सहित अन्य स्टेशनों और आउटर क्षेत्रों में अलार्म चेन के दुरुपयोग के कुल 3,383 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 2,981 मामलों में रेलवे अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि शेष 402 मामलों की जाँच जारी है। कई मामलों में दोषियों को जेल भी जाना पड़ा है।
रेल अधिनियम की धारा 141 के अनुसार, बिना उचित कारण अलार्म चेन खींचने पर एक वर्ष तक का कारावास, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है—"रेल की चेन कोई खिलौना नहीं, जिम्मेदारी से करें सफर"। यात्रियों से अपील है कि यात्रा के दौरान इमरजेंसी अलार्म चेन का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही करें, ताकि सभी की यात्रा सुरक्षित, समयबद्ध और सुगम बनी रहे।
सीमा सुरक्षा में नया हथियार: ग्वालियर ड्रोन खुद करेगा शिकंजा—पहचान और पीछा, दोनों में सक्षम
12 Aug, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: भारत की सीमाओं पर अब चौकसी बढ़ाने में मध्य प्रदेश के ग्वालियर की भी अहम भूमिका होगी. यहां टेकनपुर स्थित बीएसएफ की रुस्तमजी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर और छात्रों के साथ बीएसएफ के अधिकारी मिलकर ऐसे ड्रोन तैयार कर रहे हैं जो सीमाओं पर तो दुश्मन की निगरानी करेंगे ही साथ ही कुछ ड्रोन अनियंत्रित भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़ेंगे.
टेकनपुर में चौकसी ड्रोन तैयार
देश की सीमाओं पर चौकसी के लिए बीएसएफ हमेशा तैनात और मुस्तैद रहती है. ऐसे में निगरानी व्यवस्था को आधुनिक बनाने लिए अब जल्द ही बॉर्डर एरिया पर ड्रोन तैनात हो सकते हैं, जो ना सिर्फ बॉर्डर पर चौकसी करेंगे बल्कि दुश्मनों की पहचान भी करेंगे. इस ड्रोन को नाम दिया गया है 'चौकसी ड्रोन'. यह ड्रोन ग्वालियर के टेकनपुर में तैयार किया गया है और इसका ट्राइल किया जा रहा है. जिसे आरजेआईटी छात्रों और बीएसएफ के अफसरों ने मिलकर तैयार किया है.
संदिग्ध व्यक्ति की लाइव लोकेशन भेजेगा ड्रोन
आरजेआईटी में जिस 'चौकसी ड्रोन' का परीक्षण अभी चल रहा है, वह सीमा पर संदिग्ध व्यक्ति का चेहरा स्कैन कर उसकी पहचान करेगा और उसके हर मूवमेंट को ट्रैक करते हुए कंट्रोल रूम को लाइव लोकेशन भेजेगा. इससे जवानों को घुसपैठियों पर नजर रखने, सर्विलांस का दायरा बढ़ाने और स्थिति का रियल टाइम आकलन करने में बड़ा सहारा मिलेगा.
फेस डिटेक्शन के साथ खुद करेगा पीछा
इस ड्रोन में एडवांस फेस रीडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. यह तकनीक किसी भी चेहरे की विशेषताओं के आधार पर पहचानती है. फेसप्रिंट बन जाने के बाद यह ड्रोन इन सूचनाओं को अपने डेटा-बेस से मिलान करके संदिग्ध व्यक्ति का पीछा करता है. जिन संदिग्धों के चेहरों को पहले से फीड किया गया है, उन्हें देखते ही ड्रोन खुद अलर्ट भेज देगा. इस तकनीक को आरजेआईटी के छात्र और बीएसएफ के अधिकारी सीमा पर तैनात करने के लिए मिलकर विकसित कर रहे हैं.
बांग्लादेश और पाकिस्तान बॉर्डर्स पर होगा तैनात
बीएसएफ के लिए आरजेआईटी में इसके पहले तैयार किए गए एडवांस तकनीक के ड्रोन रणवीर के बाद यह दूसरा अत्याधुनिक ड्रोन होगा. इसका परीक्षण पूरा होने के बाद तैयार रिपोर्ट के आधार पर इसे क्लीयरेंस मिलते ही इसे देश की सीमाओं पर भेजा जाएगा. यह ड्रोन भारत-बांग्लादेश और पाकिस्तान की सीमाओं पर तैनात किए जाएंगे. जिससे किसी भी संदिग्ध मूवमेंट या घुसपैठ की समय रहते और बिना खतरा मोल लिए आसानी से निगरानी की जा सके.
भीड़ प्रबंधन में बनेगा बीएसएफ का फोर्स मल्टीप्लायर
सीमा पर निगरानी के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन में भी ड्रोन का प्रयोग कारगर साबित हो रहा है. बीएसएफ की टियर स्मोक यूनिट ने हाल ही में ऐसा ड्रोन लॉन्चर तैयार किया है जो ड्रोन से आंसू गैस के गोले गिरा सकता है. बीएसएफ आरजेआईटी के फैकल्टी कॉर्डिनेटर प्रोफेसर गौरव भारद्वाज से मिली जानकारी के अनुसार यह "ड्रोन टियर स्मोक लॉन्चर पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लिए भीड़ को नियंत्रित करने में 'फोर्स मल्टीप्लायर' साबित होगा."
लंबी दूरी से दागे जा सकते हैं आंसू गैस के गोले
प्रोफेसर गौरव भारद्वाज बताते हैं कि "इस ड्रोन टियर स्मोक लांचर की खासियत यह है कि, इसमें लगे हेक्साकॉप्टर में आंसू गैस के 6 गोले फिट किये जा सकते हैं. जिन्हें 35 से 50 फुट की ऊंचाई से तय लक्ष्यों पर गिराया जा सकता है. यह ड्रोन लांचर 3 किलोमीटर दूरी से भी आंसू गैस के गोले दागने में सक्षम है. इस सिस्टम का परीक्षण भी टेकनपुर की टियर स्मोक यूनिट में किया गया है. अब इसे बीएसएफ में देश भर की इकाइयों में भेजा जा रहा है ताकि जवानों को भीड़ के बीच जाकर खतरा मोल लेने की आवश्यकता न पड़े."
कम लागत में ड्रोन बनाने पर चल रहा काम
आरजेआईटी की इस पहल में तकनीकी शिक्षा और रक्षा तैयारी का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है. संस्थान में चल रहे रोबोटिक्स, एयरोस्पेस और डिफेंस क्लब में छात्र नई-नई अवधारणाओं पर काम कर रहे हैं. बीएसएफ के साथ मिलकर वे कम लागत वाले निगरानी ड्रोन बना रहे हैं जो सीमा चौकसी, मैपिंग और रीकॉनिसेंस जैसे कार्यों के लिए उपयोगी होंगे.
लेक पैलेस’ जैसा किला रीवा में: विवाह की शर्त बनी प्रेरणा, मोहन को मिला था 25 सालों का आश्रय
12 Aug, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रीवा: प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर गोविंदगढ़ का यह ऐतिहासिक किला लगभग 170 वर्ष पुराना है. यह किला कभी रीवा रियासत के महाराजाओं की शान हुआ करता था. इस भव्य किले का निर्माण साल 1851 में रीवा रियासत के महाराजा विश्वनाथ सिंह जूदेव ने कराया था. लेकिन समय बीतता गया और किले का अस्तित्व खत्म होता चला गया. देखरेख के अभाव में एक विशालकाय और खूबसूरत किला खंडहर में तब्दील हो गया.
बीते कई वर्षों से सरकार इसके संरक्षण के लिए योजनाएं तो बना रही थी लेकिन इसे मूर्तरूप नहीं दिया जा सका, बीते कुछ वर्ष पूर्व ही किले का वास्तविक रूप लौटाने के लिए सरकार के द्वारा वाइल्ड लाइफ हेरिटेज कंपनी को इसका काम सौंप दिया गया है. मगर स्थिति जस की तस बनी हुई है.
महाराजा विश्वनाथ सिंह ने कराया निर्माण
इतिहासकार असद खान ने बताया, "रीवा रियासत में अब तक 37 राजाओं की पीढ़ी ने राज किया. इन्हीं राजाओं में से एक राजा थे महाराजा विश्वनाथ सिंह जूदेव. महाराजा विश्वनाथ जूदेव के पुत्र थे रघुराज सिंह जूदेव. जिनका विवाह साल 1851 में उदयपुर के महाराजा की बेटी राजकुमारी सौभाग्य कुमारी के साथ सम्पन्न हुआ था.
विवाह से पहले उदयपुर के महाराजा ने रीवा महाराजा विश्वनाथ सिंह के सामने उदयपुर स्थित लेक पैलेस की तर्ज पर रीवा में एक भव्य किला निर्माण कराने की शर्त रखी थी जो की प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर हो. इसके बाद महाराजा विश्वनाथ सिंह जूदेव ने उनकी शर्त मान ली और गोविंदगढ़ में एक महल का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया."
गोविंदगढ़ तालाब का ऐतिहासिक महत्व
महल के निर्माण कार्य से पहले एक विशालकाय तालाब का निर्माण कार्य कराया गया, जिसका नाम विश्वनाथ सरोवर रखा गया. जिसे आज गोविंदगढ़ तालाब भी कहा जाता है. तालाब के ही किनारे एक किले का निर्माण कराया गया जो की उदयपुर के लेक पैलेस से मिलता-जुलता था.
असद खान ने बताया कि "साल 1851 में किले का निर्माण कार्य शुरू हुआ और 4 वर्ष बाद महाराजा विश्वनाथ सिंह जूदेव का निधन हो गया. जिसके बाद आगे का निर्माण कार्य उनके पुत्र महाराजा रघुराज सिंह जूदेव की देखरेख में किया गया. शर्त के अनुसार महाराजा रघुराज सिंह जूदेव का विवाह उदयपुर की राजकुमारी सौभाग्य कुमरी के साथ संपन्न हुआ था. रीवा राजघराने की महारानी बनने के बाद इसी गोविंदगढ़ के किले में उनका निवास हुआ."
वृंदावन की तर्ज पर बना गोविंदगढ़ का कस्बा
इस ऐतिहासिक किले के निर्माण कार्य के दौरान उसके आसपास बड़ी संख्या में मंदिरों का भी निर्माण कार्य कराया गया. इतिहासकार असद खान ने अनुसार "वृंदावन की तर्ज पर कस्बे को विकसित किया गया, जिनमें से एक मंदिर में रमा गोविंद भगवान जबकि अन्य सभी मंदिरों में अलग-अलग भगवानों की भव्य और बेशकीमती मूर्तियों की स्थापना की गई. तब से इस कस्बे का नाम गोविंदगढ़ हुआ.
जबकि पहले गोविंदगढ़ को खंदो के नाम से जाना जाता था. समय बीतने के साथ ही इस ऐतिहासिक किले और मंदिरों के अंदर रखी बेशकीमती मूर्तियों पर तस्करों की नजर पड़ी और कई मंदिरों से मूर्तिया चोरी कर ली गईं."
पहला सफेद बाघ मोहन इसी किले में पला बढ़ा
साल 1951 में विश्व के पहले सफेद बाघ मोहन को गोविंदगढ़ से लगे सीधी स्थित बरगड़ी के जंगलों से पकड़ा गया था. सफेद शेर को महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव ने पकड़ा था. सफेद बाघ महाराजा को इतना भा गया कि उन्होंने इसे अपने साथ गोविंदगढ़ के किले में रखा और उसका नाम मोहन रखा.
आज दुनिया भर के चिड़ियाघरों में जितने भी सफेद शेर मौजूद हैं वे सभी सफेद बाघ मोहन के ही वंशज हैं. इसी गोविंदगढ़ किले में 25 वर्षों तक मोहन की देखरेख की गई. लगभग 1976 के दरमियान मोहन ने अंतिम सांस ली. जिसकी याद में किले के बाहर आंगन में ही उसकी समाधि भी बनाई गई है.
देखरेख के अभाव में खंडहर हुआ किला
महाराजा रघुराज सिंह जूदेव के बाद उनके पुत्र गुलाब सिंह और महाराजा गुलाब सिंह जूदेव के बाद उनके पुत्र महाराजा मार्तण्ड सिंह के कार्यकाल में लगातार इस किले का विस्तार होता रहा. इसके बाद राजतंत्र समाप्त हुआ और लोकतंत्र स्थापित होने के बाद से प्रशासनिक अनदेखी के चलते प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर खूबसूरत इस विशालकाय किले का अस्तित्व खोता चला गया और 170 वर्ष पुराना यह किला खंडहर में तब्दील हो गया.
राज्य सरकार ने 1985 में लिया अपने अधीन
साल 1985 में मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने इस किले को राज्य सरकार के आधीन ले लिया. इसके बाद इसमें पुलिस कार्यशाला का संचालन शुरू कर दिया गया. वहीं देखरेख के अभाव में यह किला जीर्णशीर्ण होने लगा, तो कुछ वर्षों बाद इसे पुरातत्व विभाग के हवाले कर दिया गया. प्रशासनिक अभाव का दंश झेलता किला जर्जर होता चला गया और बाद में किले की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को सौंप दी गई.
100 करोड़ की लागत से होना था जीर्णोद्धार
किले का रिनोवेशन करने के लिए राज्य सरकार के द्वारा वर्ष 2010 में 3 साल के भीतर काम पूरा करने की शर्त पर मेसर्स मैगपाई रिसोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को काम सौंपा गया, लेकिन 5 वर्ष तक कार्य शुरू नहीं हुआ. 5 साल के बाद समीक्षा कर अनुबंध निरस्त कर दिया गया. कंपनी की ओर से जमानत की जमा कराई गई 1.72 करोड़ की राशि को जब्त कर लिया गया.
प्रेमी संग असम से भागी महिला, मुरैना में छोड़कर फरार हो गया आशिक
12 Aug, 2025 03:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना में एक प्रेम प्रसंग का अनोखा मामला सामने आया है। इसमें आगरा का एक युवक घर पर परीक्षा का बहाना बनाकर हजारों किलोमीटर दूर असम जाता है। वहां से वह प्रेमिका को लेकर आता है। वहीं, उसके घर वाले इस बात के लिए राजी नहीं होते तो वह प्रेमिका को घर से अलग रहने का झांसा देकर मुरैना में छोड़ जाता है। अब मुरैना पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे वापस असम के लिए भेजा है।
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को एक महिला लावारिस रूप में घूमती हुई नजर आई। पुलिस ने उससे पूछताछ की, जिस पर महिला भाषा से पुलिस को उसके अन्य स्थान के होने का एहसास हुआ। पुलिस ने महिला को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया। जहां महिला ने अपने साथ हुई पूरी घटना की जानकारी दी।
आगरा के युवक के साथ आई थी महिला
महिला ने बताया कि उत्तर प्रदेश आगरा के रहने वाले एक युवक से उसकी दोस्ती इंस्टाग्राम पर हुई थी। महिला से मिलने के लिए कुछ दिन पहले युवक उसके घर गया। इतना ही नहीं असम में महिला और युवक एक साथ 7 दिनों तक एक ही होटल में रुके। इसके बाद युवक महिला को अपने घर आगरा ले आया। लेकिन घर वाले ने महिला को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
महिला को मुरैना में छोड़कर चला गया
युवक ने महिला से कहा कि वह उसे अपने साथ रखेगा और घर से अलग रहेंगे। इसके बाद दोनों मुरैना आए। यहां वह महिला को छोड़ कर कही चल गया। महिला को भी नहीं पता।
महिला ने भी बोला झूठ
महिला की जानकारी के लिए जब मुरैना पुलिस ने असम पुलिस से संपर्क किया तो महिला के झूठ का पर्दाफाश हुआ। दरअसल, महिला ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया था कि वह अविवाहित है। उसकी मां और दादी की मौत हो चुकी है। वह अपने पिता के साथ रहती है। जबकि असम पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार महिला शादीशुदा ही नहीं बल्कि एक बच्चे की मां भी है। पुलिस ने महिला से उसके बेटे की बात करवाई। तब महिला ने पुलिस को पूरी बात बताई। इसके बाद महिला को लेने आए उसके पिता के साथ उसे वापस भेज दिया गया।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने शुरू की मतदाता सूची जांच, बूथ स्तर पर होगा सत्यापन
12 Aug, 2025 03:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: देशभर में मतदाता सूचियों को लेकर मचे हंगामे को मध्यप्रदेश कांग्रेस भुनाने के मूड में दिख रही है। कांग्रेस अब प्रदेश की मतदाता सूचियों में खामियां तलाशेगी और हर बूथ स्तर पर इसका सत्यापन कराएगी। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देश के बाद प्रदेश इकाई से मतदाता सूची का सत्यापन कराया जाना है।
मतदाताओं का सत्यापन कराएगी पार्टी
पार्टी की कार्ययोजना के अनुसार वर्ष 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव के समय जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जोड़े या संशोधित किए गए। उनकी पहचान करके एक रिपोर्ट तैयार करने के लिए जनवरी 2026 तक का लक्ष्य रखा है। कांग्रेस पदाधिकारियों के अनुसार प्रदेशभर के 65 हजार कार्यकर्ताओं को बूथों पर भेजकर मतदाताओं का सत्यापन कराया जाएगा।
राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजेंगे रिपोर्ट
इसकी रिपोर्ट पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजी जाएगी। खामियां मिलने पर मुद्दे को उठाते हुए चुनाव आयोग में आपत्ति दर्ज कराई जाएगी। इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव-2023 को लेकर चुनाव-चोरी पर रिपोर्ट जारी की जाएगी।
2018 से पहले की मतदाता सूची में थी भारी गड़बड़ी
आपको बता दें कि पूर्व सीएम कमल नाथ और दिग्विजय सिंह सहित कांग्रेस के कई नेताओं ने दावा किया था कि वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में भारी गड़बड़ी थी। पार्टी की शिकायत के बाद कई नाम हटाए गए थे। 2023 के चुनाव में भी प्रमाण सहित शिकायतें की गई थीं, जिनमें से कुछ पर कार्रवाई भी हुई।
2023-24 की मतदाता सूची का होगा निरीक्षण
अब वर्ष 2023 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के बाद जो परिवर्तन हुआ था, उसकी जांच होगी। इन चुनाव के समय की मतदाता सूची लेकर बूथ लेवल एजेंट मतदान केंद्रों पर जाएंगे। यहां चिन्हित मतदाताओं के घर जाएंगे और यह पता करेंगे कि जो परिवर्तन हुए थे, वे सही थे या नहीं।
बुर्के वाली’ टिप्पणी ने मचाया सियासी तूफ़ान, उषा ठाकुर ने कहा– धर्मांतरण रोकना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य
12 Aug, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा लव जिहाद को लेकर दिए गए बयान का मामला भले ही तूल पकड़ता जा रहा है लेकिन पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने बाबा बागेश्वर के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री सनातन के साधक हैं. सनातनी बेटियों को जागृत करना उनका धर्म है. उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा था कि दुर्गा बनो, काली बनो बुर्के वाली मत बनो. उषा ठाकुर ने आगे कहा, "धर्मांतरण रोकना हर जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है, जिसे धीरेंद्र शास्त्री बखूबी निभा रहे हैं."
मुस्लिम मातृशक्ति को उषा ठाकुर की नसीहत
दरअसल हाल ही में इंदौर की कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल ने धीरेंद्र शास्त्री के बुर्के वाले बयान को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजनीतिक बयानबाजी में बुर्के वालियों को घसीटना ठीक नहीं है.
उनके इस बयान पर मंत्री उषा ठाकुर ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल सहित मुस्लिम मातृशक्ति को नसीहत दे डाली. उषा ठाकुर ने कहा, "मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को अपने घर के पुरुषों चाहे वो बेटे हों या पति सब पर कड़ी निगरानी रखनी चाहिए. यदि ये निगरानी अच्छी तरह से की जाए तो समाज में लव जिहाद के मामले नहीं आएंगे."
'अपने पुरुषों पर रखें कड़ी निगरानी'
उषा ठाकुर ने कहा, "ये जो मुस्लिम मातृशक्ति है, उसको दृढ़ संकल्पित होना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन तलाक का मुद्दा खत्म किया और आपको सम्मान से जीने का अधिकार दिया. अब आपकी जिम्मेदारी है कि आप अपने पुत्र, अपने पति अपने परिवार के पुरुषों की कठोर निगरानी करें और लव जिहाद जैसे घृणित अपराध में शामिल होने वालों को सरकार और कानून के साथ-साथ मुस्लिम समाज की मातृशक्ति दंडित करें. तभी वह सच्ची मां और महिला कहलाएगी.
हिंदू बेटी की हत्या पर बाबा बागेश्वर की प्रतिक्रिया
दरअसल, पूरा मामला यह है कि बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बुरहानपुर में एक हिंदू बेटी की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि देश में थूक जिहाद, लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसी साजिशें चल रही हैं. दूषित मानसिकता वाले कुछ लोग हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनके साथ घृणित कार्य करते हैं. यदि उनके मकसद पूरे नहीं होते हैं तो बेटियों की हत्या तक कर देते हैं. धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू बेटियों से अपील की और कहा था कि दुर्गा बनो, काली बनो लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनो. अब इस बयान को लेकर राजनीति गरमाई हुई है.
माफी मांगे धीरेंद्र शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्री के बुर्के वाली बयान पर इंदौर के खजराना से कांग्रेस की पार्षद रुबीना इकबाल खान ने कड़ी आपत्ति जताई थी. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर धीरेंद्र शास्त्री, प्रज्ञा ठाकुर और कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए थे. उन्होंने कहा था कि बुर्का पहनना कब से अपराध बन गया. इसके अलावा कांग्रेस पार्षद ने धीरेंद्र शास्त्री के बुर्के वाली बयान को मुस्लिम समाज की महिलाओं का अपमान बताया. साथ ही उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को माफी मांगने की सलाह दी थी.
कांग्रेस पर साधा निशाना
पार्षद रुबीना इकबाल खान ने कांग्रेस पर अल्पसंख्यक समुदाय को वोट बैंक समझने का आरोप लगाया था. इस आरोप पर भी पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने जवाब दिया है. उन्होंने कहा, "कुछ दलों ने मुस्लिम समाज को केवल वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया. मुस्लिम समाज को अपना मूल्य खुद समझना होगा. आपको साइकिल पंचर जोड़ने से आगे नहीं बढ़ने दिया. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने जितनी भी लोक कल्याणकारी योजनाएं बनाई, वे बिना भेदभाव के हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सभी के लिए लागू की हैं."
मध्य प्रदेश में स्मार्ट मीटर योजना: हर 15 मिनट में मोबाइल पर बिजली खपत की जानकारी, बिल में मिलेगी छूट
12 Aug, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा लोगों के घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश भर में विरोध हो रहा है. राजधानी से लेकर जिला स्तर तक उपभोक्ता इसको लेकर बिजली कार्यालयों का घेराव कर रहे हैं. वहीं कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता को लेकर भी अफवाहें फैलाई जा रही हैं. इन सबके बीच मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट कर दिया है कि स्मार्ट मीटर निर्धारित प्लान के अनुसार लगाए जा रहे हैं और उपभोक्ता स्मार्ट मीटर लगवाने से मना नहीं कर सकते हैं. कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि स्मार्ट मीटर में किसी भी प्रकार की कोई गड़बड़ी नहीं है, इसको लेकर केवल अफवाहें फैलाई जा रही हैं.
अब तक लगे 3 लाख 60 हजार स्मार्ट मीटर
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के जनरल मैनेजर सीके पवार ने बताया कि "अब तक मध्य प्रदेश में 3,60,000 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं. वहीं भोपाल में करीब 1 लाख 90 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं. स्मार्ट मीटर के साथ ही 7372 उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर को चेक करने के लिए चेक मीटर भी लगाए गए हैं. लेकिन अब तक इन उपभोक्ताओं के घर से स्मार्ट मीटर में दर्ज खपत और चेक मीटर में कोई अंतर नहीं पाया गया है. पवार ने बताया कि सीएम हेल्पलाइन पर भी 547 शिकायतें स्मार्ट मीटर से संबंधित पाई गई लेकिन जब उनकी जांच की गई तो सभी शिकायतें गलत निकली."
ऊर्जा प्रभार में 20 प्रतिशत की छूट
सीके पवार ने बताया कि "बिजली टैरिफ के अनुसार ऐसे सभी 10 किलोवॉट तक के घरेलू उपभोक्ता जिनके यहां स्मार्ट मीटर लग चुका है. उन्हें अब दिन की विद्युत खपत यानी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक के टैरिफ में 20 प्रतिशत की छूट मिलने लगी है. अब तक ऐसे 1.40 लाख उपभोक्ताओं को 1.24 करोड़ की छूट प्रदान की गई है. मध्य प्रदेश में अभी स्मार्ट मीटर का काम मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र वाले भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग के 16 जिलों में किया जा रहा है."
मोबाइल डाटा की तरह हर 15 मिनट में आएगा मैसेज
स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि यह सटीक रीडिंग तो देता ही है, इसके साथ ही यह मोबाइल के डाटा खर्च होने की तरह आपके मोबाइल पर मैसेज भी भेजता है. हर 15 मिनट पर स्मार्ट मीटर में हो रही खपत का मैसेज उपभोक्ताओं के मोबाइल पर पहुंचता है जिससे उनको पता चल जाता है कि दिन भर में उनके यहां कितनी बिजली की खपत हुई.
इसमें एक खास बात और है कि यदि अचानक से मीटर की रीडिंग बढ़ती है तो उपभोक्ता को तुरंत पता चल जाएगा कि इसमें कुछ गड़बड़ी हो रही है. इसके साथ ही अब तक फाल्ट होने की जानकारी नहीं मिल पाती थी लेकिन अब स्मार्ट मीटर बता देगा कि कहां पर समस्या है. इसी प्रकार उपभोक्ता अपनी बिजली की खपत को भी नियंत्रित कर सकता है.
स्मार्ट मीटर के जानिए फायदे
ऊर्जा की खपत को ट्रैक करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद करता है.
बिजली की खपत को सटीक रूप से मापता है, जिससे बिल में कोई गलती नहीं होती.
एप के जरिए मोबाइल पर रियल-टाइम डेटा देखकर ऊर्जा की खपत को नियंत्रित कर सकते हैं.
ऊर्जा की गुणवत्ता के बारे में जानकारी मिलती है, ताकि ऊर्जा की खपत को बेहतर बना सकते हैं.
ऊर्जा की खपत को ऑनलाइन ट्रैक करने और नियंत्रित करने की सुविधा मिलती है.
ऊर्जा की खपत को कम करने से पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम होता है.
ऊर्जा की खपत को नियंत्रित करने और ऊर्जा की बचत करने में मदद कर सकता है.
बिल जमा नहीं होने पर कंट्रोल रूम से कटेगी लाइट
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अपने कार्य क्षेत्र में करीब 22 लाख स्मार्ट मीटर लगाने जा रही है. इसके लिए उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा. स्मार्ट मीटर में डिस्कनेक्शन का और रिकनेक्शन का विकल्प भी है. यदि उपभोक्ता बिजली बिल जमा नहीं करता है तो कंट्रोल रूम से उसका बिजली का कनेक्शन कट जाएगा. वहीं बिजली का बिल जमा करने पर कंट्रोल रूम से ही रिकनेक्शन कर दिया जाएगा.
बिजली चोरी पर भी होगा नियंत्रण
स्मार्ट मीटर की एक बड़ी विशेषता यह भी है कि इसमें छेड़छाड़ या टेंपरिंग की गुंजाइश बहुत कम है. यदि कोई ऐसा करता है तो इसकी सूचना तुरंत बिजली कंपनी के कार्यालय को मिल जाएगी. बिजली कंपनी की टीम चोरी करने वाले उपभोक्ता के घर पहुंचकर उस पर कार्रवाई करेगी. अधिकारियों ने बताया कि कुछ लोग मीटर में टेंपरिंग करते हुए पाए गए हैं, ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है.
बिजली कंपनी के मैन पावर की होगी बचत
बता दें कि स्मार्ट मीटर इंटरनेट से कनेक्ट होगा. इससे बिजली कंपनी को मीटर रीडिंग लेने के लिए कर्मचारी की जरूरत नहीं होगी. न ही कंपनी को बिल जनरेट करने के लिए कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी. यह पूरी व्यवस्था ऑनलाइन रहेगी. मीटर रीडिंग से लेकर बिल जेनरेट तक सब काम ऑटोमेटिक हो जाएंगे. जिससे बिजली कंपनी को इन सब कामों के लिए मैन पावर पर पैसा नहीं खर्च करना होगा.
15 अगस्त को एमपी में मंत्रीगण करेंगे ध्वजारोहण, भोपाल में सीएम मोहन यादव की उपस्थिति
12 Aug, 2025 01:34 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: स्वतंत्रता दिवस यानि 15 अगस्त को सिर्फ 3 दिन बचे हैं। इस बीच, प्रदेश में कौन मंत्री कहां ध्वजारोहरण करेगा, इसकी लिस्ट जारी हो चुकी है। मोहन यादव सरकार ने स्वतंत्रता दिवस पर मंत्रियों के लिए ध्वजारोहण करने जिलों का आवंटन कर दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने सोमवार को स्वतंत्रता दिवस समारोह के मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी है। स्वतंत्रता दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल में होगा, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भोपाल ध्वजारोहण करेंगे। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा वित्त जबलपुर में जबकि राजेंद्र कुमार शुक्ल स्वास्थ्य शहडोल में ध्वजारोहण करेंगे।
31 जिलों में मंत्री करेंगे ध्वजारोहण
जारी की गई सूची के अनुसार प्रदेश के 55 में से 31 जिलों में मुख्यमंत्री और मंत्री ध्वजारोहण करेंगे। वहीं, बचे 24 जिलों में कलेक्टर ध्वजारोहण करके परेड की सलामी लेंगे। फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को किसी जिले का मुख्य अतिथि बनाया जा सकता है। इस सूची में फिलहाल उनका नाम शामिल नहीं है।
इन जगहों पर मंत्री फहराएंगे झंडा
सामान्य प्रशासन विभाग की सूची के अनुसार कैलाश विजयवर्गीय सतना, प्रहलाद पटेल भिंड और राकेश सिंह के लिए नर्मदापुरम जिला मुख्यालय तय किया है। इंदौर, उज्जैन, रीवा, छिंदवाड़ा, सागर जैसे जिलों में कलेक्टरों को मुख्य अतिथि घोषित किया है।
कौन कहां फहराएगा झंडा
डॉ. मोहन यादव भोपाल, जगदीश देवड़ा जबलपुर, राजेंद्र कुमार शुक्ल शहडोल, विजय शाह रतलाम, कैलाश विजयवर्गीय सतना, प्रहलाद पटेल भिंड, राकेश सिंह नर्मदापुरम, करण सिंह वर्मा मुरैना, उदय प्रताप सिंह बालाघाट, संपतिया उइके मंडला, तुलसीराम सिलावट बुरहानपुर, एदल सिंह कंसाना छतरपुर, निर्मला भूरिया मंदसौर, गोविंद सिंह राजपूत नरसिंहपुर, विश्वास सारंग खरगोन, नारायण सिंह कुशवाह ग्वालियर, नागर सिंह चौहान अलीराजपुर, प्रद्युम्न सिंह तोमर पांढुर्णा, राकेश शुक्ला श्योपुर, चैतन्य काश्यप राजगढ़, इंदर सिंह परमार दमोह, कृष्णा गौर सीहोर, धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी खंडवा, दिलीप जायसवाल सीधी, गौतम टेटवाल बड़वानी, लखन पटेल मऊगंज, नारायण सिंह पंवार रायसेन, नरेंद्र शिवाजी पटेल बैतूल, प्रतिमा बागरी डिंडोरी, दिलीप अहिरवार अनूपपुर और राधा सिंह मैहर।
यहां कलेक्टर फहराएंगे
वहीं, इंदौर, निवाड़ी, सागर, उज्जैन, धार, झाबुआ, पन्ना, टीकमगढ़, देवास, विदिशा, शाजापुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, रीवा, सिंगरौली, उमरिया, आगर मालवा, हरदा, नीमच, जिलों में कलेक्टर स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।
जीतू पटवारी का बड़ा दावा , चुनाव में हुई गड़बड़ी से कांग्रेस को नुकसान
12 Aug, 2025 01:08 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के बाद अब पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने बड़ा दावा किया है।उन्होंने कहा कि साल 2023 में हुए विधानसभा चुनाव में ‘चुनाव चोरी’ हुआ है। जबलपुर में सोमवार यानी 11 अगस्त को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पास प्रमाण हैं। राहुल गांधी देश के सामने जो नैरेटिव सेट कर रहे हैं, वह राजनीतिक लाभ के लिए नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि इस देश में आपका भी मताधिकार सुरक्षित रहे, आपके बेटे का भी मताधिकार सुरक्षित रहे और आगामी पीढ़ी का भी, तभी तो संविधान पर भरोसा रहेगा। यदि कोई भी व्यक्ति वास्तविक प्रमाण के साथ बात करे तो उसका स्वागत है लेकिन इसमें किसी भी प्रकार की नकारात्मकता लाने का प्रयास किया जाए तो यह भाजपा का एजेंडा है।
चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध है
मतदान को लेकर जीतू पटवारी ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और हरियाणा में ऐसा हुआ और कई राज्यों में ऐसा होता है। इस बात की सच्चाई कैसे पता लगेगी? मैंने जब से घोषणा की है कि हम इस बात खुलासा करने वाले हैं, तो राज्य चुनाव आयोग की वेबसाइट पिछले तीन दिनों से बंद है। उन्होंने आगे कहा कि मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि जबलपुर में ऐसे एक-दो नहीं एक हजार से ज्यादा घर ऐसे हैं, जहां एक घर में 50 से ज्यादा वोटर्स हैं। चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध है।
13 अगस्त को करेंगे खुलासा
जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि लोकतंत्र/संविधान को खत्म करने की खुली दुर्भावना रखने वालों की साजिशों को बेनकाब करना, अब जरूरी हो गया है! बुधवार, 13 अगस्त को मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी “मप्र विधानसभा चुनाव-2023” की “चुनाव-चोरी” का खुलासा करेगी!
नरोत्तम मिश्रा ने किया पलटवार
पूर्व गृहमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि राहुल गांधी जी आप जिस कर्नाटक में वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं, वहां आपकी कांग्रेस पार्टी की सरकार है। उन्होंने ही वोट बढ़ाए और घटाए है, फिर आप आरोप किस पर लगा रहे है। जब आपके मंत्री एन राजन्ना ने आपके वोट चोरी के आरोपों की कलई खोली तो आपने उनसे ही इस्तीफा मांग लिया। संविधान बचाने और लोकतंत्र बचाने के नाम पर लाल किताब लिए घूम रहे हैं। एक बार उसे पढ़कर देख तो लो उसमें लिखा क्या है? आपकी देश के अंदर भ्रम फैलाने की कोशिश बेकार है।
संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर के लिए मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार से नवाजे जाने का ऐलान.
12 Aug, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: सरकारी योजनाओं में इनोवेशन को लेकर देश भर में मध्य प्रदेश की चर्चा होती है. लाडली लक्ष्मी, किसान सम्मान निधि, लोक पथ ऐप के बाद अब मध्य प्रदेश में शुरू किए गए संपदा 2.0 को लेकर मध्य प्रदेश की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है. संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर के लिए मध्य प्रदेश को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार से नवाजे जाने का ऐलान हुआ है.
यह पुरस्कार मध्य प्रदेश को डिजिटल तकनीक के जरिए कामकाज में सुधार के लिए दिया गया है. संपदा 1.0 के बाद प्रदेश सरकार ने संपदा 2.0 में काफी बदलाव किए हैं. इससे लोगों की सुविधा तो बढ़ी है, साथ ही पारदर्शिता में भी बढ़ोत्तरी हुई है.
2.0 के बाद क्या बढ़ी सुविधाएं
मध्य प्रदेश में 10 अक्टूबर 2024 से संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर लॉन्च किया था. इस सॉफ्टवेयर के लॉन्च होने के बाद कई बड़े फायदे उपभोक्ताओं को मिला.
अब उपभोक्ता को जमीन, भवन की रजिस्ट्री कराने के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस में जाने की जरूरत नहीं है. घर बैठे वेंडर की मदद से वह रजिस्ट्री करा सकते हैं.
इस नए सॉफ्टवेयर में रजिस्ट्री कराने के दौरान प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग होती है. जियो टैगिंग से प्रॉपर्टी की मौजूदा तस्वीरें टैग हो जाती है. यह लोकेशन की सटीकता सुश्चित तो करती है, साथ ही टैक्स चोरी की संभावना भी खत्म हो जाती है. पहले कई बार स्टांप ड्यूटी बचाने के लिए भवन के स्थान पर प्लॉट की रजिस्ट्री करा ली जाती थी.
संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर को कई विभागों के साथ लिंक किया गया है. अब इस सॉफ्टवेयर से राजस्व, वित्त विभाग, नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत विभाग के अलावा जीएसटी, आयकर विभाग और आधार कार्ड से भी लिंक किया गया है.
संपदा 2.0 में खरीदार चाहे तो स्वयं भी ई-स्टांप जारी कर सकता है. इसके लिए गवाहों की जरूरत नहीं पड़ती, क्यों खरीदार का डाटा आधार से लिंक रहेगा.
संपदा 2.0 से मध्य प्रदेश के किसी भी जिले की मोबाइल लोकेशन के माध्यम से राजस्व दर का आसानी से पता लगाया जा सकता है.
संपदा 1.0 क्या था...
पुराने सॉफ्टवेयर संपदा 1.0 में ऑनलाइन रजिस्ट्री की सुविधा नहीं थी. इसमें खरीदार और विक्रेता दोनों को बुकिंग के लिए स्लॉट बुक कराने के बाद तय समय पर रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचना होता था. दस्तावेज चेक कराने के बाद रजिस्ट्री होती थी.
प्रॉपर्टी के जियो टैगिंग की सुविधा नहीं थी, इस वजह से पारदर्शिता की कमी थी. खरीदार को प्रॉपर्टी पर जाकर अलग-अलग एंगल से फोटो खिंचवानी होती थी. एंगल ठीक न होने पर लोकेशन बदलने की आशंका बनी रहती थी. इससे खरीदी गई प्रॉपर्टी की सटीकता सुनिश्चित करना कठित होता था.
संपदा 1.0 में रजिस्ट्री के बाद हार्ड कॉपी मिलने में थोड़ा वक्त लगता था.
संपदा 1.0 में सिर्फ राजस्व और वित्त विभाग का ही इंटीग्रेशन था.
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने संपदा 2.0 को राष्ट्रीय स्तर पर सराहे जाने के लिए सभी को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश में पहला राज्य है, जहां 75 दस्तावेजों का फेसलेस, पेपरलेस ई-पंजीयन शुरू किया जा चुका है. इस सॉफ्टवेयर की मदद से जमीन विवादों में भी कमी आएगी. सरकार कामकाज में पारदर्शिता के लिए लिए कदम उठा रही है.
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