मध्य प्रदेश
दूध बेचने वालों पर विपत्ति आती है. चूड़िया गांव की पीढ़ियों से चली आ रही मान्यता
11 Aug, 2025 07:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। देश का दिल मध्य प्रदेश अपने स्वाद, अलग-अलग खान-पान, संस्कृति, परंपरा और रीति-रिवाज के लिए पूरे देश में जाना जाता है। यहां एक ऐसा अनोखा गांव है, जहां हर घर में गाय और भैंस पाली जाती हैं, लेकिन उनका दूध बेचना सख्त मना है। यह सदियों पुरानी परंपरा इस गांव के लोग दिल से निभाते हैं। यहां जो भी दूध मांगने आता है, उसे मुफ्त में दे दिया जाता है।
बिशनखेड़ा गांव की कहानी
मध्य प्रदेश के सीहोर जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर है बिशनखेड़ा गांव यहां की आबादी लगभग 800 लोगों की है। इस गांव के हर घर में गाय और भैंस हैं, लेकिन दूध का व्यापार पूरी तरह वर्जित है।
क्या है रहस्य?
ग्रामीणों का मानना है कि दूध बेचने से उनके पशु बीमार हो जाते हैं या गांव से भाग जाते हैं। यही वजह है कि यहां दूध नहीं बेचा जाता है और कोई मांगता है तो उसे दूध मुफ्त में बांटा जाता है। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।
शुद्ध शाकाहारी गांव
ग्रामीणों का कहना है कि गांव की रक्षा देवनारायण बाबा करते हैं, जो एक सिद्ध संत हैं। इस गांव में कोई भी शराब नहीं पीता और न ही मांस का सेवन करता है। सभी लोग शुद्ध शाकाहारी हैं. दूध का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों और स्वास्थ्य के लिए किया जाता है, न कि व्यापार के लिए। गांव में बाहरी लोगों का प्रवेश भी सीमित है।
परंपरा तोड़ने की सजा
कुछ लोगों ने इस परंपरा को तोड़ने की कोशिश की, लेकिन उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ग्रामीणों का विश्वास है कि दूध बेचने से देवनारायण बाबा नाराज हो जाते हैं और इसका दंड देते हैं। यही कारण है कि बिशनखेड़ा में दूध की नदियां बहती हैं, लेकिन कोई इसे खरीद नहीं सकता।
धर्मांतरण की आड़ में धोखे पर रोक, मंत्री सारंग का स्पष्ट संदेश
11 Aug, 2025 06:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल में नरेला रक्षाबंधन महोत्सव शुरू हो गया है। इस दौरान कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने ‘विश्वास विजय वाहिनी’ की महिला कार्यकर्ताओं से लव जिहाद के खिलाफ फॉर्म भरवाए हैं। विश्वास सारंग ने कहा, ‘विश्वास विजय वाहिनी की बहनों ने संकल्प लिया है कि हिन्दू बेटियों को लव जिहाद का शिकार नहीं होने देंगे।
20 अगस्त तक घर-घर जाकर लव जिहाद के खिलाफ जागरुक करेंगे‘
भोपाल के सुभाष नगर खेल मैदान से नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का शुभारंभ किया गया है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग को राखी बांधने पहुंची हैं। इस दौरान महिलाओं ने लव जिहाद और नशे के खिलाफ लड़ाई का संकल्प लिया. विश्वास सारंग ने कहा, ’20 अगस्त तक लव जिहाद के खिलाफ ‘विश्वास विजय वाहिनी’ की महिलाएं जन जागरण करेंगी। जिसमें महिलाएं सार्वजनिक स्थलों के साथ ही घर-घर जाकर लव जिहाद के खिलाफ लोगों को जागरुक करेंगी।
पिछले साल एक लाख 82 हजार बहनों ने बांधे थे रक्षासूत्र
मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि सरकार लव जिहाद के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करेगी। लव जिहाद बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लव जिहाद से पीड़ित परिवार के लिये कानूनी सलाह की भी व्यवस्था होगी। बहनों से संकल्प पत्र भरवाकर संकल्प लिया गया है। नरेला विधानसभा में 2009 से लगातार रक्षाबंधन महोत्सव का आयोजन हो रहा है। पिछले साल कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग को लगभग 1 लाख 82 हजार से ज्यादा बहनों ने रक्षासूत्र बांधे थे। रक्षाबंधन महोत्वस का ये 17वां वर्ष है. इस वर्ष 11 से 20 अगस्त तक रक्षाबंधन महोत्सव चलेगा। महोत्सव से पहले लाखों बहनों ने ऑफ लाइन और ऑन लाइन पंजीयन करवाया है।
पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर्स की कार्यशाला में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खरी-खरी सुनाई
11 Aug, 2025 05:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीडब्ल्यूडी विभाग के इंजीनियरों को नसीहत देते हुए कहा "सरकार का पैसा है. लेकिन सरकार के पैसे के अलावा हमारे अंदर आत्मा भी है, जिसे अच्छे और बुरे का भी जवाब देना है. हमें तो परमात्मा को भी जवाब देना है, जब जाएंगे तो बताना होगा कि यह जो किया है, उसके जवाबदार हम ही हैं. हमारे द्वारा किया गया काम, हमको भी अच्छा लगना चाहिए." मुख्यमंत्री भोपाल के रवीन्द्र भवन में पीडब्ल्यूडी विभाग के पर्यावरण से समन्वय पर केंद्रित संगोष्ठी सह प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे.
मुख्यमंत्री ने बताया इंजीनियर शब्द का मतलब
कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा "इंजीनियर शब्द का अर्थ ही है विज्ञान, गणित. जो इन दोनों में समान अधिकार रखे वहीं इंजीनियर है. हमारे अपने कई निर्माण की कई संरचनाएं हैं, जो आश्चर्यचकित करती हैं. वन क्षेत्र से सड़क निकली तो ब्रिज बनाकर निकाल दी. यह नया प्रयोग हुआ है. इसमें नीचे से टाइगर निकल रहे हैं, ऊपर से सड़क निकली है. इस तरह के प्रयोग पर्यावरण को ध्यान में रखकर किए जा रहे हैं."
समझदार को इशारा काफी होता है
मुख्यमंत्री ने कहा "कांक्रीट की मात्रा, लोहे की मात्रा, सीमेंट आदि की गुणवत्ता आदि भी संकट का विषय होता है. वैसे सरकार की मर्यादा होती है और मुख्यमंत्री की ज्यादा होती है, लेकिन समझदार को इशारा काफी होता है. मैं जो बोलना चाहता हूं वो आप समझ गए होंगे. पर्यावरण के साथ जोड़कर निर्माण काम करने का संकल्प के साथ आगे बढ़ें. इस तरह के संकल्प के साथ चलने से हमारा ध्येय भी दिखाई देता है."
अपना रुपया सवा रुपए में तो चलाना सीखो
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा "मिट्टी की जैसे प्रकृति है, उसके हिसाब से निर्माण कार्य करें. यह अलग बात है कि स्टीमेट में थोड़ा फर्क पडता है, लेकिन मत बनाओ लंबा-चौड़ा, थोड़ा छोटा बना दो. अपना रुपया सवा रुपया में तो चलना चाहिए. मैं तो सुनने के लिए आया था. पीडब्ल्यूडी को बहुत गालियां पड़ती हैं. काम करते-करते, मैं समझता हूं कि इस भाव की दृष्टि से भी हम इसको देखें. आपकी अपनी सीमाएं होती हैं, लेकिन इस दायरे को खोलने के लिए यह कार्यशाला महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी."
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने लोकपथ एप का महत्व बताया
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा "हमने प्रदेश के इंजीनियरों को तेलंगाना भेजा. वहां जाकर इंजीनियरों ने बताया कि जिस सड़क पर खड़े थे, वह 7 साल पहले बनी थी और आज भी ऐसा लगता है कि वह आज ही बनी हो. सड़कों की गुणवत्ता को लेकर रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री को दी थी. इस रिपोर्ट के बाद ही तय किया गया था कि डामर सिर्फ सरकारी संस्थानों से ही खरीदा जाएगा. हर किलोमीटर पर रीचार्ज बोर बनाने का निर्णय लिया. लोकपथ एप बनाया गया. इस एप को लेकर विभाग को कई सवाल थे. लेकिन इस एप की सफलता है कि इसका सवाल कौन बनेगा करोड़पति तक में पूछा गया."
लोकपथ एप पर समय घटेगा, 4 दिन में होगा सुधार
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने कहा "अब निर्णय लिया गया है कि लोक पथ में अभी 7 दिन समय सीमा था, लेकिन अब इसे 4 दिन का समय निर्धारित किया जा रहा है. एनएचएआई तो शिकायत के बाद तो 48 घंटे में गड्ढे भरने का काम कर रहा है. मध्यप्रदेश में कैपिसिटी बिल्डिंग का ऐसा माड्यूल तैयार कर रहे हैं, जो पूरे देश के किसी राज्य में नहीं होगा, ताकि आने वाले समय में विभाग के किसी भी कर्मचारी की कार्यक्षमता पर उंगली न उठ सके. अगले 1 साल के अंदर पूरे देश में मध्यप्रदेश का लोक निर्माण विभाग अपनी अलग भूमिका के लिए जाना जाएगा."
मिसरोद इलाके से सामने आया वायरल फुटेज,बोतल का पानी और फल बने विवाद की वजह
11 Aug, 2025 03:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल के मिसरोद में थूक जिहाद का मामला सामने आया है। एक फल दुकान का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति पानी की बॉटल में थूकते हुए दिखाई दे रहा है। इसके बाद पास में खड़ा दूसरा व्यक्ति बॉटल के पानी को फलों पर छिड़कते हुए साफ तौर पर नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद हिन्दू संगठनों ने इसे थूक जिहाद बताया है और फल दुकान विक्रेता के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
हिंदूवादी संगठनों ने जमकर की नारेबाजी
वहीं घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचकर हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों ने जमकर नारेबाजी की। हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों का आरोप है कि जो व्यक्ति वीडियो में थूकते हुए दिख रहा है वो एक मौलाना है जिसने जानबूझकर हेलमेट पहना हुआ है। दूसरा व्यक्ति फल दुकानदार है, जो फलों पर थूका हुआ पानी छिड़क रहा है।
सावन के महीने में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया
घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों का कहना है कि घटना से हिन्दू आस्था को ठेस पहुंचा है। पवित्र सावन के महीने में थूक जिहाद को अंजाम देकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया गया है। हिन्दूवादी संगठन ने कर्रावाई की मांग को लेकर मिसरोद थाना का घेराव किया। हिंदूवादी संगठन ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा और मांग की है कि विशेष समुदाय की फल की दुकानों को हटाया जाए।
पुलिस ने कहा- जांच के बाद कार्रवाई करेंगे
मामले पर पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है। जो कानून के साथ खिलवाड़ करेगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। हिंदू संगठनों का कहना है कि कुछ लोग माहौल बिगड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हम पूरी जांच कर रहे हैं. पुलिस ने कहा है कि हम नगर निगम के भी संपर्क में है और नगर निगम भी कार्रवाई करेगा।
शिक्षा और स्वास्थ्य बना मुनाफे का खेल
11 Aug, 2025 11:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने देश में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के व्यवसायीकरण पर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि, ''आज शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत आवश्यकताएं आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं, जो एक चिंताजनक स्थिति है.'' यह बयान उन्होंने गुरुजी सेवा न्यास द्वारा स्थापित माधव सृष्टि कैंसर अस्पताल के उद्घाटन समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए दिया.
'सामान्य व्यक्ति की पहुंच से दूर शिक्षा और स्वास्थ्य'
मोहन भागवत ने कहा कि, ''शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही मानव जीवन के अत्यंत आवश्यक स्तंभ हैं. ज्ञान अर्जित करने के लिए शिक्षा जरूरी है, और ज्ञान प्राप्ति के लिए स्वस्थ शरीर भी. अस्वस्थ शरीर में ज्ञान अर्जित करना संभव नहीं है. लेकिन आज की स्थिति यह है कि आम व्यक्ति अपने घर-बार तक बेचकर इन दोनों जरूरी सेवाओं का खर्च वहन करता है. अच्छी शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवा की चाह रखना स्वाभाविक है, लेकिन दुर्भाग्य यह है कि ये सुविधाएं अब सामान्य व्यक्ति की पहुंच से बहुत दूर हो चुकी हैं और उनकी आर्थिक क्षमता के बाहर जा चुकी हैं.''
'व्यवसाय बना शिक्षा और स्वास्थ्य'
उन्होंने बताया कि, ''देश में विद्यालयों और अस्पतालों की संख्या और सुविधाएं बढ़ रही हैं, लेकिन समस्या यह है कि इन सेवाओं का स्वरूप सेवा के बजाय व्यवसाय बन गया है. पहले शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा एक सामाजिक जिम्मेदारी मानी जाती थी, लेकिन अब यह पूरी तरह से व्यावसायिक क्षेत्र बन चुका है. पहले शिक्षक अपने छात्रों को अपने घर जाकर तक उनकी स्थिति जानने का प्रयास करते थे, क्योंकि शिक्षा केवल आजीविका का साधन नहीं थी बल्कि एक सामाजिक दायित्व थी. आज के समय में शिक्षा तीन मिलियन डॉलर का व्यवसाय बन गई है, जो आम आदमी के लिए बेहद महंगी और कठिन हो गई है.''
आयुर्वेद और नेचुरोपैथी पद्धति भी अपनाएं
कैंसर जैसे गंभीर रोग के संदर्भ में मोहन भागवत ने यह भी कहा कि, ''इस बीमारी में मरीज की हिम्मत और डॉक्टर के साथ संवाद बेहद महत्वपूर्ण होता है. जब डॉक्टर और मरीज के बीच अच्छा संवाद होता है, तो मरीज को उपचार में सहारा मिलता है और वह हिम्मत बनाये रखता है.'' उन्होंने कहा कि, ''स्वास्थ्य सेवा में केवल एलोपैथी ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद और नेचुरोपैथी जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों को भी अपनाना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति की जरूरत और शरीर की प्रकृति अलग होती है.''
जरूरतमंदों का सहारा बनेगा माधव सृष्टि कैंसर अस्पताल
उन्होंने पश्चिमी देशों में एक मानक कैलोरी सेवन की रिसर्च का उदाहरण देते हुए कहा कि, ''भारत जैसे विविध जलवायु वाले देश में एक ही पैमाने को लागू करना उचित नहीं है.'' इसके अलावा उन्होंने बताया कि, ''पहले डॉक्टर एक परिवार के स्वास्थ्य इतिहास से परिचित होते थे, जिससे वे बीमारियों का पता आसानी से लगा लेते थे, लेकिन अब यह प्रथा खत्म हो गई है.'' इस अवसर पर उन्होंने माधव सृष्टि कैंसर अस्पताल के उद्घाटन पर प्रसन्नता जताई और कहा कि यह अस्पताल विशेष रूप से जरूरतमंदों के लिए कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में सहारा बनेगा.
मोहन भागवत का यह संदेश एक सामाजिक चेतावनी भी है कि, हमें शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को फिर से सेवा के भाव से देखना होगा, न कि केवल लाभ के नजरिए से. उनका मानना है कि जब तक ये दो महत्वपूर्ण क्षेत्र सामान्य जन की पहुंच में सस्ते और सरल रूप में नहीं आएंगे, तब तक सामाजिक समरसता और विकास की दिशा में बाधाएं बनी रहेंगी. इस उद्घाटन समारोह के माध्यम से उन्होंने स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और सेवा भाव को पुनः स्थापित करने का आह्वान किया.
चुनाव आयोग पर दिग्विजय का हमला, फर्जी वोटर सूची पर सवाल
11 Aug, 2025 10:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह रविवार को ग्वालियर पहुंचे. यहां मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए. साथ ही बिहार समेत अन्य राज्यों के विधानसभा चुनाव में फर्जी वोटरों के मुद्दे पर चुनाव आयोग को घेरा. इस दौरान उन्होंने इस मामले से मध्य प्रदेश का कनेक्शन भी बताया है. दिग्विजय सिंह ने कहा,"चुनाव आयोग अब निष्पक्षता से अपना काम नहीं कर रहा है."
'राहुल गांधी ने पकड़ा वोटर घोटाला'
दिग्विजय सिंह का कहना है कि "चुनाव आयोग निष्पक्षता से अपना काम नहीं कर रहा है. ऐसे में आने वाले बिहार के विधानसभा चुनाव सहित अन्य राज्यों के चुनाव भी संदेह के घेरे में हैं. हाल ही में उनके नेता राहुल गांधी ने बेंगलुरु की महादेवपुरा विधानसभा सीट में एक लाख से ज्यादा फर्जी वोटर का घोटाला पकड़ा है. उससे चुनाव आयोग की भूमिका संदिग्ध हो गई है. बिहार के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर भी शक के दायरे में है. क्योंकि एक झटके में 65 लाख वोटर मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं. चुनाव आयोग ने उन्हें मृत बता दिया लेकिन उनकी सूची जारी नहीं की."
'मध्य प्रदेश में भी 50 लाख फर्जी वोटर'
मीडिया के सवाल का जवाब देते हुे दिग्विजय सिंह ने मध्य प्रदेश में भी फर्जी वोटरों के होने की बात कही. उन्होंने कहा, "मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान मतदाता पुनर्निरीक्षण के वक्त 50 लाख फर्जी वोटर का पता लगाया गया था."
चुनाव आयोग पर लगाया गंभीर आरोप
पूर्व सीएम का कहना हैं कि "हमारे संविधान ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आयोग बनाया, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से चुनाव आयोग एक पक्षीय कार्रवाई कर रहा है. चुनाव के दौरान किसी धर्म को लेकर यदि कोई विपक्षी सदस्य भाषण देता है तो उसे नोटिस दिया जाता है. लेकिन बीजेपी द्वारा उस तरह के बयान देने पर कोई नोटिस नहीं दिया जाता."
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष करेगा मार्च
इसके साथ साथ दिग्विजय सिंह ने इलेक्ट्रॉनिक वोट लिस्ट डेटा के बारे में राहुल गांधी की माँग को लेकर भी बात रखी. उन्होंने कहा कि "बीजेपी और एनडीए को छोड़कर सभी दलों के सांसद सोमवार को इन मुद्दों को लेकर संसद से लेकर चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकालेंगे."
पहलगाम हमले का किया जिक्र
पहलगाम में हुई आतंकी घटना पर केंद्र सरकार के रूख को पूर्व मुख्यमंत्री ने हैरानी भरा बताया. उनका कहना है कि "मुंबई की आतंकी घटना के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का इस्तीफा हो गया था, लेकिन पहलगाम की घटना के बाद किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की गई.'' उन्होंने आगे कहा कि, ''कश्मीर के बेहद संवेदनशील लेकिन पर्यटन स्थल पर लोगों की भीड़ के बावजूद वहां न तो पुलिस तैनात थी न ही अर्धसैनिक बल तैनात थे. ऐसे में आतंकी आए और इतनी बड़ी घटना को अंजाम देकर चले गए. यदि विदेश में इस तरह की घटना होती तो वहां के जिम्मेदार लोगों का इस्तीफा हो गया होता."
सिंधिया मेरे बेटे जैसे: दिग्विजय सिंह
11 Aug, 2025 09:01 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की दिखी करीबी की चर्चा हर कहीं हो रही है. और अब दिग्विजय सिंह ने भी उन्हें अपने बेटे समान बताया है. इतना नहीं उन्होंने कांग्रेस पार्टी में मंच की होड़ पर भी बयान दे दिया.
मध्य प्रदेश के दो दिग्गज नेता और राज घराने के सदस्य केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बीच जुबानी जंग कई बार देखी जाती है. इसके उलट रक्षाबंधन से पहले भोपाल में आयोजित निजी कार्यक्रम में दोनों नेताओं का मिलन और आदर भाव चर्चाओं में है. जिस तरह कार्यक्रम के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया मंच से उतर कर सामने बैठे दिग्विजय सिंह और उनके परिवार से आकर मिले और उन्हें साथ मंच तक ले गए हर कोई इस वाकये के अपने मायने निकाल रहा है.
सिंधिया को बताया बेटा समान
इस ट्रेंडिंग इंसीडेंट के बाद जब रविवार को राज्य सभा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ग्वालियर पहुंचे तो उनसे भी सिंधिया के इस जेस्चर को लेकर सवाल किया गया. जिसका जवाब देते हुए दिग्विजय सिंह का कहना था, "भले ही सिंधिया कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में चले गए हैं लेकिन वह आखिरकार उनके पुत्र के समान हैं. उनके पिता के साथ मैंने काम किया है." उन्होंने यह भी कहा "यह एक निजी कार्यक्रम था, सिंधिया जी उस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे, उस कार्यक्रम में मैं भी था वे आए और मुझे अपने साथ मंच पर ले गए."
इस सब के बीच एक नई बात यह भी सामने आई कि दिग्विजय सिंह ने पिछले दिनों ग्वालियर में ही घोषणा की थी कि कांग्रेस के किसी भी कार्यक्रम में वह मंच पर नहीं बैठेंगे. लेकिन सिंधिया के साथ मंच पर बैठने पर कई तरह की बातें सामने आने लगीं, जिनको लेकर भी उन्होंने सफाई दी है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि, कांग्रेस के मंच पर इसलिए नहीं बैठना चाहता कि मंच पर कौन बैठेगा कौन नहीं? इस बात पर विवाद शुरू हो जाते हैं. इसलिए मैं कार्यकर्ताओं के साथ बैठना पसंद करता हूं.
शुरू से ही कांग्रेस की परंपरा, मंच सिर्फ़ भाषणकर्ता के लिए
दिग्विजय सिंह ने कहा, अभी से नहीं मध्य भारत के जमाने में भी यही होता था. कांग्रेस के कार्यक्रम में सब नीचे बैठते थे. जिसका भाषण होता वह मंच पर जाता था. मंच पर सिर्फ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और मुख्य अतिथि बैठते थे. यहां तक कि मंत्री भी कार्यकर्ताओं के बीच ही बैठते थे. यह परम्परा कांग्रेस पार्टी की रही है. मैं कोई नई परंपरा शुरू नहीं कर रहा.
विदिशा में अचानक चली गोलियां, गांव में अफरा-तफरी
11 Aug, 2025 08:53 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विदिशा: मध्य प्रदेश के विदिशा जिले का झूकरजोगी गांव रक्षाबंधन के अगले दिन मनाए जाने वाले भुजरिया पर्व को एक अनोखे और रोमांचक अंदाज में मनाने के लिए जाना जाता है. यहां यह पर्व सिर्फ धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि हथियारों की गूंज और निशानेबाजी की परंपरा के साथ खास रंग में रंग जाता है. गांव में भुजरिया पर्व की शुरुआत तब होती है, जब दर्जनों ग्रामीण बंदूकें लेकर निशानेबाजी प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हैं. इस प्रतियोगिता में करीब तीन दर्जन से अधिक बंदूकधारी 200 फीट की दूरी से, 200 फीट से अधिक ऊंचाई पर बंधे नारियल को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं.
महिलाओं की भुजरिया यात्रा की शर्त
यहां एक खास नियम है—जब तक कोई बंदूकधारी नारियल को सफलतापूर्वक फोड़ नहीं देता, तब तक महिलाएं भुजरियां लेकर गांव में घूमने के लिए नहीं निकल सकतीं. जैसे ही नारियल टूटता है, महिलाएं पारंपरिक लहंगी नृत्य और गीतों के साथ भुजरिया यात्रा शुरू करती हैं.
नारियल को तोड़ने में सफल रहने वाले को ग्राम पंचायत करती है सम्मानित
जो भी निशानेबाज नारियल को तोड़ने में सफल होता है, उसे ग्राम पंचायत द्वारा सम्मानित किया जाता है और एक निश्चित नकद राशि भेंट की जाती है. आयोजन की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती रहती है, जिससे पर्व हर्षोल्लास और सुरक्षित माहौल में संपन्न हो सके.
सदियों से चली आ रही पुरानी परंपरा
यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसमें किसी जाति या समाज का भेदभाव नहीं है. भुजरिया का यह रूप चंबल क्षेत्र की पुरानी बंदूकों की गूंज और शौर्य की याद दिलाता है. लेकिन यहां यह शक्ति, एकता और उत्सव का प्रतीक बनकर सामने आता है. यह अनोखी परंपरा साबित करती है कि एक ही पर्व को अलग-अलग जगहों पर, कितने अलग और खास रंग में मनाया जा सकता है.
वहीं विदिशा में बेतवा नदी के तट पर रविवार को आस्था और परंपरा का संगम देखने को मिला. रविवार को भुजरिया विसर्जन के अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु नदी किनारे पहुंचे. शाम चार बजे से शुरू हुए इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भुजरिया विसर्जन किया. सुरक्षा के मद्देनज़र प्रशासन ने पुख्ता इंतज़ाम किए हैं. एसडीआरएफ और होमगार्ड के जवान तैनात हैं, जबकि नदी पर नावों के जरिए भी निगरानी रखी गई है. परंपरा, आस्था और उत्साह के इस संगम ने विदिशा की सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया.
पीएम जनमन योजना में जनजातीय बसाहटों में बढ़ी आधारभूत सुविधाएं
10 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : जनजातीय बसाहटों को आधारभूत सुविधाओं से संपन्न बनाने और जनजातीय परिवारों में खुशियां लाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन को साकार करते हुए मध्यप्रदेश ने पीएम जनमन योजना में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।
प्रदेश में पीएम जनमन योजना में 5800 जनजातीय बसाहटों में रह रहे 2 लाख 62 हजार से ज्यादा सहरिया, बैगा और भारिया परिवारों को विभिन्न विभागों की योजनाओं का सीधा लाभ मिला है। आधार कार्ड, जनधन बैंक खाता, आयुष्मान भारत, जाति प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान सम्मान निधि, राशन कार्ड देने में 100 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है। वे हितग्राहीमूलक योजनाओं का लाभ लेने में इन दस्तावेज का उपयोग कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, बहुउद्देशीय केंद्र, हर घर नल से जल, हर घर बिजली, सबको पोषण, सबको स्वास्थ्य, सबको शिक्षा, गांव-गांव मोबाइल नेटवर्क, वन धन विकास केंद्र बनाने जैसी परिवर्तनकारी योजनाओं को इन बसाहटों में क्रियान्वित किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी योजनाओं से संबंधित विभागों को दी गई है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है। जनजातीय परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने में शिवपुरी जिला न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में आगे है। यहां 16 हजार से ज्यादा आवास बन चुके हैं। शहडोल में 10711, श्योपुर 7639, उमरिया में 6410, छिंदवाड़ा में 5479 मंडला में 5446 आवास बने हैं। अन्य जिलों में विभिन्न स्तरों पर तेजी से काम चल रहा है।
सड़क सुविधा
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में 1570 बसाहटों में 2265 किमी सड़कें बनाने का लक्ष्य है। राष्ट्रीय ग्रामीण अधोसंरचना विकास ऐजेंसी को 269 किमी की 117 सड़कें बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। हाल में 739 किमी लंबाई की 377 सड़कों की स्वीकृति मिल गई है। इनके निर्माण के लिये टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
इसके अलावा 17 जिलों में 125 बहुउद्देशीय केंद्रों के निर्माण का काम चल रहा है। सबसे ज्यादा 33 शिवपुरी और 24 श्योपुर में बन रहे हैं।
हर घर नल से जल
हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए 4843 बसाहटों में रह रहे 12 लाख 30 हजार घरों में नल से जल पहुंचाने का लक्ष्य है। अब तक 8,43,258 घरों में नल से जल पहुंच रहा है। शेष घरों में दिसंबर माह तक पहुंच जाएगा।
सबको स्वास्थ्य
सबको स्वास्थ्य सुविधाएं देने के उद्देश्य से 3132 गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं और 1268 में मोबाइल मेडिकल यूनिट संचालित हैं। इस प्रकार 4400 गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच गई हैं। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक 4 लाख से अधिक रोगियों का परीक्षण किया गया है। विशेष रूप से टीबी और सिकल सेल की जांच की गई है। करीब 27000 रोगियों की फिजियोथैरेपी कराई गई।
विद्युत सुविधा
जनजातीय परिवारों को ग्रिड के माध्यम से हर घर बिजली देने में 24,800 घरों में विद्युत सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। दुर्गम क्षेत्रों में आफग्रिड के माध्यम से नवकरणीय ऊर्जा विभाग के सहयोग से 11 जरूरतमंद जिलों के 2060 गांवों में विद्युत सुविधा देने का काम तेजी से चल रहा है।
सभी बसाहटों में पोषण देने के लिए 704 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 628 बन गये हैं और शेष अगले दो महीनों में बन जायेंगे। इसके अलावा 76 नये आंगनवाड़ी केन्द्र खोलने का भी प्रस्ताव है। इन केन्द्रों में बच्चों के पोषण का स्तर लगातार मॉनिटर किया जा रहा है।
सबको शिक्षा
सबको शिक्षा सुविधा देने के लिए जिन जनजातीय बसाहटों के पास प्राथमिक शाला की सुविधा दी जा रही है। वर्तमान में 16 जिलों में 106 छात्रावास स्वीकृत किए गये हैं।
मोबाइल सुविधाओं को सुदृढ़ बनाते हुए 15 जिला में उपयुक्त स्थान पर 4जी मोबाइल नेटवर्क दिया जा रहा है। टावर के लिये स्थान चिन्हित कर लिये गये हैं। इसके अलावा वन एवं तकनीकी शिक्षा विभागों द्वारा 11 जिलों में 83 वन-धन विकास केंद्र स्वीकृत किए गए हैं। इससे 5000 जनजातीय हितग्राही जुड़े हैं। सभी को उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम और उद्यमिता विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वन-विकास केंद्र का बिजनेस प्लान बनाने में प्रशिक्षण दिया गया है।
प्रदेश के स्कूलों में 15 अगस्त तक मनाया जा रहा है ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता’ अभियान
10 Aug, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रदेश के स्कूलों में देश प्रेम, एकता, देशभक्ति की भावना और राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से 15 अगस्त तक ‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता’ अभियान मनाया जा रहा है। इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश भी जारी किये हैं।
यह अभियान प्रदेश के स्कूलों में 3 चरणों में संपन्न हो रहा है। पहला चरण 2 से 8 अगस्त तक संपन्न हो चुका है। दूसरा चरण 9 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। अभियान का तीसरा चरण 13 अगस्त से 15 अगस्त तक होगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने दिये गये निर्देशों में कहा है कि जिलों में स्कूलों के प्राचार्य और शिक्षकों के नेतृत्व में तिरंगे के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाये। बच्चों को राष्ट्रीय ध्वज के बारे में जानकारी दी जाये। स्कूलों में एनसीसी और एनएसएस यूनिट के माध्यम से ‘हर घर तिरंगा’ कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाये। तिरंगा पर केन्द्रित बच्चों की रंगोली प्रतियोगिता आयोजित की जाये। राष्ट्रीय ध्वज एवं इसके इतिहास पर स्कूलों में व्याख्यान के विशेष कार्यक्रम आयेाजित किये जायें। निर्देशों में यह भी कहा गया है कि स्कूलों में होने वाली तिरंगा रैलियों में बच्चों के साथ अधिक से अधिक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाये। दिये गये निर्देशों में कहा गया है कि विद्यार्थियों द्वारा तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर उसे www.harghartiranga.com वेबसाइट पर अपलोड भी किया जाये।
जनजातीय संग्रहालय में "संभावना" में नृत्य गायन एवं वादन प्रस्तुति हुई
10 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय में नृत्य, गायन एवं वादन पर केंद्रित गतिविधि "संभावना" का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 10 अगस्त को अग्नेश केरकेट्टा एवं साथी, भोपाल द्वारा उरांव जनजाति नृत्य सरहुल एवं उमाशंकर नामदेव एवं साथी, दमोह द्वारा राई नृत्य की प्रस्तुति दी गई। अग्नेश केरकेट्टा एवं साथी, भोपाल द्वारा उरांव जनजाति नृत्य सरहुल की प्रस्तुति दी गई। मध्यप्रदेश के जनजातियों में उराँव जनजाति रायगढ़ जिले की जशपुर तहसील के आसपास निवास करती हैं। उराँव जनजातियों का सर्वाधिक प्रसिद्ध नृत्य है सरहुल। उराँव जनजाति शाल सरई वृक्ष में अपने ग्राम देवता का निवास मानती हैं, इसलिए वर्ष में एक बार चैत्र मास की पूर्णिमा को शाल वृक्ष की पूजा करते हैं और शाल वृक्ष के आसपास नृत्य करते हैं। शाल वृक्ष पर सफेद कपड़े का झण्डा फहराया जाता है।
सरहुल एक समूह नृत्य है इसमें युवक-युवतियां और प्रौढ़ उरांव शामिल होते हैं। नृत्य में पद संचलन वाद्य तालों पर नहीं बल्कि गीतों की लय और तोड़ पर होता है। नृत्य धीमी गति के साथ प्रारंभ होता है और अत्यन्त तीव्र गति के चरम पर समापन। इस नृत्य में पुरूष नर्तक एक विशेष प्रकार का साफा बाँधते हैं तथा महिलाएँ अपने जूड़े में बगुला पंख की सफेद कलंगी लगाती हैं। नर्तकों के वस्त्र प्रायः सफेद होते हैं। सरहुल नृत्य के प्रमुख वाद्य मांदर, झाँझ और नगाड़ा है। कहीं-कहीं चौमुखा चकोल भी बजाते हैं।
उमाशंकर नामदेव एवं साथी, दमोह द्वारा राई नृत्य की प्रस्तुति दी गई। बुन्देलखण्ड अंचल की अपनी जातीय परम्परा मूलतः शौर्य और श्रृंगार परक है। यह अकारण नहीं है कि बुन्देलखण्ड के प्रख्यात लोकनृत्य राई में एक ओर तीव्र शारीरिक चपलता, बेग, अंग, मुद्राएं और समूहन के लयात्मक विन्यास है, वहीं दूसरी ओर नृत्य के लास्य का समावेश और लोक कविता के रूप में उद्याम श्रृंगार परक अर्थों की नियोजना। इसमें ऊर्जा, शक्ति और लालित्य एकमेक है। इस नृत्य को बुन्देलखण्ड में मंचीय नृत्य की स्थिति मात्र में सीमित नहीं किया गया है। बल्कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे के जन्म के समय और विवाह के अवसर पर राई नृत्य का आयोजन प्रतिष्ठा मूलक माना जाता है। अनेक बार किसी अभीप्सित कार्य की पूर्ति होने या मनौती होने पर भी राई नृत्य के आयोजन किये जाते हैं। राई एक जीवन्त कलात्मक हिस्सेदारी की तरह ही है। जीवन का अटूट हिस्सा जिसमें आनंद की स्वच्छंद अभिव्यक्ति मनुष्य की जीवनी शक्ति जैसा प्रकट होता है।
मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय परिसर में प्रत्येक रविवार दोपहर 2 बजे से आयोजित होने वाली गतिविधि में मध्यप्रदेश के पांच लोकांचलों एवं सात प्रमुख जनजातियों की बहुविध कला परंपराओं की प्रस्तुति के साथ ही देश के अन्य राज्यों के कलारूपों को देखने समझने का अवसर भी जनसामान्य को प्राप्त होगा।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने गोवर्धन में मलूकपीठाधीश्वर राजेन्द्रदास जी महाराज का लिया आशीर्वाद
10 Aug, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सपरिवार सुरश्याम गौशाला, गोवर्धन पहुंचे। उन्होंने मलूकपीठाधीश्वर राजेन्द्रदास जी महाराज का दिव्य आध्यात्मिक सान्निध्य प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि महाराज जी के परम पावन सान्निध्य में बिताया गया प्रत्येक क्षण उनके जीवन की अमूल्य धरोहर है, जिसने उन्हें नव आध्यात्मिक चेतना से परिपूर्ण किया है। उन्होंने कहा कि पूजनीय संत समाज की कृपा से वे लोकमंगल हेतु निरंतर कार्यरत हैं। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने सुरश्याम गौशाला में गौसेवा एवं धार्मिक गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की और उपस्थित श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद किया।
मध्यप्रदेश में हो रहा औद्योगिक विकास भारत को नई औद्योगिक ऊंचाइयों पर ले जाने में होगा सहायक : केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह
10 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भगवान श्रीमहाकाल के आशीर्वाद से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश हो रहा औद्योगिक विकास भारत को नई औद्योगिक ऊंचाइयों पर ले जाने में सहायक होगा। सम्पूर्ण भारत मध्यप्रदेश को आशा और विश्वास से देख रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तेजी से औद्योगिक विकास को गति दे रहे हैं, भविष्य में मध्यप्रदेश प्राकृतिक सौंदर्य के साथ औद्योगिक विकास के लिए भी पहचाना जाएगा। मध्यप्रदेश में रक्षा क्षेत्र के विकास के लिए पूर्ण क्षमता, संसाधन और सभी आवश्यक विशेषताएं विद्यमान हैं। यहां 1800 करोड़ रुपए के निवेश से आरंभ हो रहे रेल कोच निर्माण केंद्र से 5 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा और आसपास के क्षेत्र का भी विकास होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान केंद्रीय मंत्री तथा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की विरासत को आगे बढ़ाने का काम किया है। जहां नेतृत्व शानदार हो वहां विकास भी तेजी से होता है। मध्यप्रदेश, देश में मॉडर्न प्रदेश के रूप में जाना जाएगा।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह "विकास की नई पहचान - स्वदेशी अभियान" के अंतर्गत भोपाल जिले की सीमा पर रायसेन जिले के ग्राम उमरिया में 1800 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित होने वाली अत्याधुनिक रेल कोच निर्माण इकाई का भूमि-पूजन कर संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से उपस्थित थे।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में उद्योगों के लिये 48 हजार हेक्टेयर का भूमि बैंक तैयार किया है और अधिक से अधिक उद्योग लगाने के सार्थक प्रयास किये जा रहे हैं। नवीन औद्योगिक इकाइयों को इंटरनेट, फैक्ट्री शेड, कनेक्टिविटी सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह विशेष पहल रही कि आज जिस रेल कोच निर्माण इकाई का भूमिपूजन हुआ है, उसके लिये बीईएमल को पिछले मई माह में भूमि आवंटित कर दी गई थी। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि अगले दो साल में यह इकाई काम करना शुरू कर देगी।
विश्व में भारत की पहचान दबंग और गतिशील अर्थव्यवस्था के रूप में हुई
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से आगे बढ़ रहा है। विश्व में भारत की पहचान दबंग और गतिशील अर्थव्यवस्था के रूप में हुई है। मेक इन इंडिया के माध्यम से भारत में सभी क्षेत्रों में उपकरणों के निर्माण में वृद्धि हुई है। वर्ष 2014 के बाद भारत का रक्षा क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, इस क्षेत्र में पहले भारत से 600 करोड़ का निर्यात था जो अब 24 हजार करोड़ से अधिक हो चुका है। केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि विकास और पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में शोध को प्रसारित करने की आवश्यकता भी बताई।
हमने धर्म नहीं कर्म देखकर भारत की आत्मा पर प्रहार करने वालों को मारा
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मनिर्भर बन कर ही दम लेगा। उन्होंने पहलगाम में आतंकवादियों द्वारा निर्दोष नागरिकों की हत्या के संबंध में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकियों को मुंह तोड़ जवाब दिया। हमने धर्म नहीं कर्म देखकर भारत की आत्मा पर प्रहार करने वालों को मारा है। प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है कि जो हमें छेड़ेगा हम उसे छोड़ेंगे नहीं।
परियोजना से पूरे प्रदेश के लिए औद्योगिक विकास के खुलेंगे नए द्वार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड की रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति प्रदान करेगी। इससे विकास और रोजगार की गंगौत्री बहेगी। इस परियोजना से भोपाल, रायसेन, सीहोर और विदिशा ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए औद्योगिक विकास के नए द्वार खुलेंगे। कुल 148 एकड़ में बनने वाली बीईएमएल (भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड) की यह इकाई हाई-वे, रेल और हवाई मार्ग से सीधे जुड़ेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायसेन प्रदेश का एकमात्र ऐसा जिला है जहां एक ओर सांची की आध्यात्मिकता है, वहीं भीमबेटका हमें अपनी विरासत पर गर्व करने का आधार प्रदान करती है। जिले के मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्र में प्रदेश के साथ ही देश के अलग-अलग भागों से आए लोग रोजगार पा रहे हैं और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। आध्यात्मिकता और औद्योगिक क्रांति की धरती रायसेन से देश को रेल निर्माण इकाई के माध्यम से नई गति और रक्षा उत्पादन से शक्ति मिलने जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मा परियोजना को प्रदेश में स्थापित करने की प्रतिबद्धता प्रदर्शित करने के लिए राज्य सरकार और प्रदेशवासी, प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह के आभारी हैं।
डिफेंस कॉरिडोर निर्माण के लिए सहमति प्रदान करने का अनुरोध
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर के लिए पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। उन्होंने केन्द्रीय रक्षा मंत्री से मध्यप्रदेश में डिफेंस कॉरिडोर निर्माण के लिए सहमति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री के नेतृत्व में आत्मनिर्भरता का संकल्प सामने रख स्वदेशी को नया आंदोलन बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। उन्होंने ने कहा कि प्रदेश औद्योगिक विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है। राज्य सरकार रोजगार परक उद्योग लगाने के लिए हर दूसरे दिन औद्योगिक विकास यात्रा को आगे बढ़ा रही है। प्रदेश में संभागीय स्तर पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से 38 हजार करोड़ रुपए की औद्योगिक इकाइयों के लोकार्पण और भूमिपूजन किए जा चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से प्रदेश के विकास के लिए सौगातों का सिलसिला इसी प्रकार निरंतर जारी रखने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की कृषि विकास दर में तेजी से वृद्धि हुई है, राज्य सरकार प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
देश का पहला नदी जोड़ो अभियान प्रदेश में हुआ क्रियान्वित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जिस प्रकार से देश ने अपना स्वरूप बदला है, व्यवस्थाओं में सकारात्मक परिवर्तन आए हैं, उसी प्रकार भारतीय रेल की सूरत बदली है। यात्रियों को आधुनिकतम सुविधाएं और समयबद्ध रेल संचालन की सौगात मिली है। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में देश का पहला नदी जोड़ो अभियान केन-बेतवा परियोजना प्रदेश में शुरू हो चुकी है। एक लाख करोड़ रुपए की इस परियोजना से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल के साथ उद्योगों और पेयजल के लिए भी जलापूर्ति सुलभ होगी। इस परियोजना से बुंदेलखंड सहित मालवा और चंबल क्षेत्र में विकास के एक नए युग का सूत्रपात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ऑपरेशन सिंदूर में केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह के नेतृत्व में सेना द्वारा प्रदर्शित पराक्रम और पुरुषार्थ का उल्लेख करते हुए कहा कि विश्व ने भारत के शौर्य और सक्षमता को स्वीकारा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रायसेन जिले में बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों की हरसंभव सहायता करने, पात्र व्यक्तियों को पट्टे दिलवाने और उनके मकान बनवाने सहित आवश्यकतानुसार स्कूल, कॉलेज और अस्पताल निर्माण के लिए जिला कलेक्टर को निर्देश दिए।
किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा: केन्द्रीय मंत्री चौहान
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में सेना ने पराक्रम दिखाया। प्रधानमंत्री मोदी और रक्षामंत्री पर हमें गर्व है, इनके नेतृत्व में भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं और देश विकास के पथ पर अग्रसर हो रहा है। उमरिया को रेलवे कोच निर्माण की सौगात मिली है, अब ब्रह्मा परियोजना से क्षेत्र के लोगों को रोजगार मिलेगा, यह क्षेत्र देश का विशेष औद्योगिक क्षेत्र बनेगा। केंद्रीय मंत्री चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का परियोजना के लिये अविलंब भूमि उपलब्ध कराने के लिये आभार माना। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। देश को और मजबूत बनाने के लिए स्वदेशी अपनाना है, हम सभी प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैं। केंद्रीय मंत्री चौहान ने उपस्थित जन समुदाय से स्वतंत्रता दिवस, गणेश उत्सव और दिवाली स्वदेशी सामान के साथ मनाने का आहवान किया। उन्होंने बताया कि सोमवार को प्रदेश के किसानों के खातों में फसल बीमा के 1156 करोड़ रुपए जारी किए जाएंगे।
मध्यप्रदेश रेलवे की मैन्युफ्रैक्चरिंग और एक्सपोर्टिंग का केंद्र बनेगा: केन्द्रीय रेल मंत्री वैष्णव
केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में रेलवे ने बहुत प्रगति की है। गत 11 वर्षों में 35 हजार किलोमीटर पटरियां बिछाई गई और 51 हजार किलोमीटर ट्रैक का विद्युतीकरण किया गया, 40 हजार से अधिक कोच को लाइट वेट कोच से अपग्रेड किया गया और कई नई ट्रेन आरंभ की गई। आज विकास की इस माला में एक नया मोती जुड़ेगा। यह प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी के संकल्प का नया उदाहरण है। मध्यप्रदेश रेलवे की मैन्यूफ्रैक्चरिंग और एक्सपोर्टिंग का केंद्र बनेगा। इस फैक्ट्री से 5000 से अधिक रोजगार उपलब्ध होंगे। हम प्रधानमंत्री मोदी के "मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड" के संकल्प को साकार करने की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं।
18 महीने में पहला स्टॉक रोल आउट करने का प्रयास होगा
प्रेसिडेंट एंड सीएमडी बीईएमएल शांतनु राय ने कहा कि बीईएमएल ने 61 साल से देश की कई रेल, खनन एवं महत्वपूर्ण परियोजनाओं को आगे बढ़ाया, वर्ष 1964 से बीईएमएल की शुरुआत हुई। यह कंपनी रक्षा, रेल और खनन क्षेत्र में कार्य़ करती है। प्रधानमंत्री मोदी, रक्षा मंत्री सिंह एवं रेल मंत्री वैष्णव के नेतृत्व में रक्षा और रेल क्षेत्र में नए-नए कीर्तिमान गढ़े गए हैं।
मुख्यमंत्री ने परियोजना स्थापना में दिया हरसंभव सहयोग
राय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ऐसे पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने बीईएमएल के बेंगलुरू स्थित मुख्यालय आकर रायसेन उमरिया में ब्रह्मा परियोजना स्थापित करने के लिए भूमि आवंटन के पत्र सौंपे और तत्परता पूर्वक परियोजना स्थापना के लिए राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग देने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस पहल से ही यहां इतनी शीघ्रता से परियोजना का भूमिपूजन संभव हो पाया है। राय ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बेंगलुरु के बाद बीईएमएल का उमरिया में रेलवे का दूसरा रोलिंग स्टॉक यूनिट है। यहां से 18 महीने में पहला स्टॉक रोल आउट करने का प्रयास होगा। यहां अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए लाइट वेट एल्युमीनियम रेलवे कोच भी तैयार किए जाएंगे। इकाई में सुरक्षा और पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा जाएगा। भविष्य में यहां रक्षा उत्पादों का निर्माण भी किया जाएगा। यह इकाई सामाजिक बदलाव का केंद्र बनेगी और मेक इन इंडिया के विजन को मजबूत करेगी।
मंत्रोच्चार के साथ हुआ शिलान्यास
केन्द्रीय रक्षा मंत्री सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान ने वेद मंत्रोच्चार के बीच उमरिया में आधुनिक रेल कोच निर्माण के लिए ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्यूफेक्चरिंग) का शिलान्यास किया। ब्रह्मा परियोजना पर केंद्रित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही बीईएमएल परियोजना के प्रस्तावित प्लांट का 3डी वॉक थ्रू और नये संयंत्रों की मॉडल प्रदर्शनी का अतिथियों द्वारा अवलोकन किया गया। कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, रायसेन जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह पंवार, भोजपुर विधायक सुरेंद्र पटवा, बीईएमएल के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
1800 करोड़ की लागत से मध्य प्रदेश में लगेगी बड़ी फैक्ट्री, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
10 Aug, 2025 02:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल/रायसेन: मध्य प्रदेश में भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड(BHEL) जैसा एक और कारखाना खुलने वाला है. यह कारखाना राजधानी के पड़ोसी जिले रायसेन में खुलेगा. केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह रविवार को इसका भूमिपूजन करेंगे. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि भारत अर्थ मूवर्स परियोजना द्वारा रायसेन जिले के ग्राम उमरिया में 60 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर 1800 करोड़ रुपये की लागत से रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात मिलने जा रही है.
5 हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
इस ब्रह्मा परियोजना (बीईएमएल रेल हब फॉर मैन्युफैक्चरिंग) से राजधानी भोपाल सहित रायसेन, सीहोर और विदिशा आदि जिलों को लाभ होगा. इन जिलों के तकनीकी संस्थानों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे. इस परियोजना में 5 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.
इस उद्योग से भारत की विदेशी निर्भरता होगी कम
ब्राह्मा’ संयंत्र पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करेगा. संयंत्र में उपयोग होने वाली अधिकांश तकनीक और सामग्री देश में विकसित व निर्मित की जाएगी, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी. यह परियोजना प्रदेश को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
हरित मानको के अनुरूप विकसित होगा कारखाना
इस संयंत्र के निर्माण में पर्यावरणीय मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा. यहां शून्य तरल अपशिष्ट प्रणाली, सौर एवं नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग, वर्षा जल संचयन और हरित लैंडस्केपिंग को अपनाया जाएगा. निर्माण में रीसाइकिल्ड और टिकाऊ सामग्री का प्रयोग करते हुए इसे हरित फैक्ट्री मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की पहल पर प्रदेश को रेल कोच इकाई की बड़ी सौगात प्राप्त हो रही है. परियोजना का भूमि-पूजन केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 10 अगस्त को औबेदुल्लागंज के दशहरा मैदान में करेंगे. इस अवसर पर बीईएमएल (भारत अर्थ मूवर्स लि) परियोजना पर केन्द्रित लघु फिल्म, प्रस्तावित प्लांट का 3डी वॉक थ्रू और नए संयंत्रों के मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे.
हाईस्पीड रेल और मेट्रो की प्रतिस्पर्धा में एमपी होगा शामिल
परियोजना का प्रारंभिक उत्पादन क्षमता 125 से 200 कोच प्रतिवर्ष होगी, जिसे पांच वर्षों में बढ़ाकर 1,100 कोच प्रतिवर्ष किया जाएगा. इस यूनिट के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार सृजित होंगे, जिससे प्रदेश के युवाओं को अपने ही राज्य में उच्च स्तरीय औद्योगिक रोजगार उपलब्ध होंगे. साथ ही, यहां विकसित होने वाली तकनीकी क्षमताएं प्रदेश को हाई-स्पीड रेल और मेट्रो निर्माण के वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाएंगी.
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ केन्द्रीय कृषि तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, रक्षा उत्पाद सचिव संजीव कुमार, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार, भारत अर्थ मूवर्स परियोजना के अध्यक्ष शांतनु राय उपस्थित रहेंगे.
लाड़ली बहनों के खाते में होगी नोटों की बारिश, भाईदूज पर सरप्राइज गिफ्ट
10 Aug, 2025 12:13 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आगर मालवा: मुख्यमंत्री मोहन यादव रक्षाबंधन के पर्व पर शनिवार को आगर मालवा पहुंचे. यहां उन्होंने कोतवाली थाने के पीछे स्थित खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में लाड़ली बहनों से राखी बंधवाकर उनको मिठाई खिलाई. मोहन यादव ने कहा, ''बहनों के बिना संसार सूना है, यह रिश्ता अटूट और अमर है. बहनों के हित के लिए सरकार हमेशा तत्पर रहेगी.'' सीएम ने भाईदूज से लाड़ली बहना योजन की राशि 1250 रुपए से बढ़ाकर 1500 रुपए करने की घोषणा की. इस दौरान अपने सम्बोधन में उन्होंने कांग्रेस व राहुल गांधी को जमकर आड़े हाथों लिया.
भाईदूज से लाड़ली बहनों को देंगे 1500 रुपए
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि, ''जब यह योजना शुरू हुई थी, तब राशि 1000 रुपये थी. हमने इसे बढ़ाकर 1250 रुपये किया और भाई दूज से यह राशि 1500 रुपये प्रतिमाह हो जाएगी. इसके बाद आने वाले समय में इसे 3000 रुपये प्रतिमाह कर देंगे. कांग्रेस हमेशा से यही कहती रही योजना बंद हो जाएगी लेकिन देखो आज भी सरकार अपने वादे के मुताबिक हर महीने बहनों के खाते में सीधे पैसा पहुंचा रही है. हम लाड़ली बहना योजना कभी बंद नहीं करेंगे.'' कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने बहनों से राखी बंधवाई, उन्हें झूला झुलाया और उपहार भेंट किए.
'कांग्रेस के लोग क्या समझे वचन क्या होता है'
कांग्रेस और राहुल गांधी पर तंज सकते हुए मोहन यादव ने कहा कि, ''कांग्रेस के जमाने में नारी शक्ति योजना नहीं थी. उज्जवला गैस कनेक्शन बड़े लोगों को मिलता था. पक्के मकान बनाने की बात पर कांग्रेस जीरो थी. वचन के नाम पर कांग्रेस अडिग नहीं थी. कांग्रेस के लोग क्या समझे वचन क्या होता है यह तो बस अपने प्राण बचाने में लगे हुए हैं. ''कांग्रेस ने देश को कुछ नहीं दिया कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगा दिया यह इनका इतिहास है विरोधियों को जेल में डाल दिया उस समय पूरा देश त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रहा था.''
''कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष कभी सुप्रीम कोर्ट पर प्रश्न उठते हैं तो कभी सेना के पराक्रम पर प्रश्न उठाते हैं. हर बात में सबूत मांगते हैं इनको सेना पर भरोसा नहीं है. सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं है. लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है चुनाव आयोग. यह चुनाव आयोग को भी नहीं छोड़ रहे है. चुनाव यह लोग हारते हैं, जनता इनके खिलाफ है उसके बाद भी चुनाव आयोग को दोष देते हैं. इनके कर्म से ही इनकी ऐसी स्थिति बनी है. कांग्रेस को अपने अंतर्मन में झांकना होगा. इनको लाड़ली बहनों के आशीर्वाद की जरूरत पड़ेगी. इनको जनता का दिल जीतना पड़ेगा और सनातन संस्कृति पर विश्वास जताना पड़ेगा.''
बैजनाथ महादेव मंदिर में किए दर्शन
अपने आगर मालवा दौरे के दौरान सीएम मोहन यादव सबसे पहले आगर-मालवा जिले में स्थित बैजनाथ महादेव मंदिर पहुंचे. जहांं भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया. इसके बाद वह रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने कहा, बैजनाथ महादेव के दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. बाबा बैजनाथ की कृपा हर घर-आंगन में बनी रहे, हर घर में सुख, समृद्धि व खुशहाली हो, यही प्रार्थना है.'' बता दें कि, बैजनाथ महादेव मंदिर का इतिहास 13वीं शताब्दी से जुड़ा है और भक्तों की आस्था का केंद्र है.
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