मध्य प्रदेश
"छात्र नेता से लेकर सिविल जज की तैयारी तक – अर्चना का 'धाकड़' सफर"
21 Aug, 2025 03:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: शादी फिक्स होने के बाद कटनी की अर्चना तिवारी अपने दोस्त की मदद से काठमांडू भाग गई थी। वह विदेश में रहकर नई जिंदगी शुरू करना चाहती थी। मगर मंसूबों पर रेल पुलिस ने पानी फेर दिया है। अर्चना तिवारी को नेपाल बॉर्डर से पुलिस ने बरामद कर लिया है। साथ ही अब परिजनों के हवाले कर दिया है। अर्चना तिवारी अब कटनी पहुंच गई है। वहीं, अर्चना तिवारी काफी पढ़ी लिखी थी। लेकिन घर लोग उसकी शादी पटवारी से कर रहे थे।
कटनी से की है पढ़ाई
लखीमपुर खीरी से उसकी बरामदगी के बाद रेल पुलिस ने बताया था कि अर्चना तिवारी ने अपनी पढ़ाई कटनी से की है। उसने कटनी से ही ग्रेजुएशन किया था। ग्रेजुएशन के बाद अर्चना तिवारी ने एलएलबी किया है। इसके बाद वह हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करती थी। जबलपुर में भी अर्चना कुछ दिनों तक प्रैक्टिस के लिए रही है।
स्टूडेंट पॉलिटिक्स में भी सक्रिय रही
वहीं, रेल एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया था कि अर्चना तिवारी छात्र पॉलिटिक्स में भी सक्रिय रही है। वह कटनी में स्टूडेंट लीडर रही है। यही वजह है कि छात्र नेताओं से भी उसके अच्छे संपर्क रहे हैं।
सिविल जज की कर रही थी तैयारी
कोर्ट में प्रैक्टिस के साथ ही अर्चना तिवारी सिविल जज की भी तैयारी कर रही थी। वह इंदौर में रहकर एक निजी संस्थान में दाखिला ले ली थी। वहां हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करती थी। साथ ही राज्य में अलग-अलग जगहों पर प्रैक्टिस के लिए जाती थी। वकालत से भी अच्छी कमाई हो जा रही थी।
पटवारी से तय हुई थी शादी
वहीं, एकेडमिक रूप से अर्चना तिवारी का प्रोफाइल काफी धाकड़ था। वह आगे चलकर जज बनना चाहती थी। साथ ही जोर शोर से तैयारी में लगी थी। इस बीच परिवार के लोगों ने उसकी शादी एक पटवारी के साथ फिक्स कर दी। इसके लिए अर्चना कतई तैयार नहीं थी। वह विरोध भी जता चुकी थी लेकिन घर वाले उसकी बात मानने को तैयार नहीं थे।
मां से हुआ था झगड़ा
रेल पुलिस ने बुधवार को बताया था कि घर के लोग काफी दिनों से शादी का दबाव बना रहे थे। अर्चना तिवारी इसके लिए तैयार नहीं हो रही थी। इस दौरान वह कई बार शादी का प्रस्ताव रिजेक्ट कर चुकी है। शादी की बात को लेकर मां के साथ उसकी कहासुनी भी हुई थी। इसके बाद ही घर छोड़ने का फैसला किया था। हरदा स्थित ढाबे पर बैठकर उसने भागने की प्लानिंग की थी। इसमें दोस्त सारांश जोगबंद ने उसकी मदद की थी।
रिश्ते से नहीं थी खुश
अर्चना तिवारी का मानना था कि पहले वह करियर में सेट हो जाएगी। इसके बाद शादी पर विचार करेगी। हालांकि जहां शादी तय हो रही थी, वह लड़का अर्चना के प्रोफाइल से मैच नहीं कर रहा था। ऐसे में यह भी हो सकता है कि वह इसकी वजह से शादी के लिए तैयार नहीं रही हो। लेकिन परिवार के लोगों ने इस पर कोई बात नहीं की है।
"लड्डू विवाद बना सरकारी सिरदर्द, अब सचिव देंगे मिठास का हल"
21 Aug, 2025 03:27 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिंड: एमपी के भिंड जिले में एक दिलचस्प मामला सामने आया है। नौधा ग्राम पंचायत में स्वतंत्रता दिवस पर झंडावंदन हुआ था। इस दौरान वह मौजूद लोगों में लड्डू का वितरण किया गया। सभी को एक-एक लड्डू दी जा रही थी। वहीं, एक शख्स ने दो लड्डू की मांग की। लड्डू नहीं मिलने से वह नाराज हो गया और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत कर दी है।
लड्डू नहीं मिलने पर सीएम से शिकायत
जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त को नौधा पंचायत भवन में ध्वजारोहण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद ग्रामीणों को परंपरा के अनुसार लड्डू वितरित किए गए। इसी दौरान कमलेश कुशवाहा नामक ग्रामीण ने दो लड्डू की मांग की। पंचायत कर्मचारी ने उन्हें एक लड्डू दिया, जिस पर कमलेश नाराज हो गए और सीधे सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत में उन्होंने लिखा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर झंडावंदन के बाद भी ग्राम पंचायत की ओर से उन्हें अपेक्षित मिठाई नहीं दी गई। उनकी समस्या का जल्द से जल्द निराकरण किया जाए।
लड्डू खरीदकर देगी पंचायत
ग्राम पंचायत सूत्रों के अनुसार, इस शिकायत के बाद अब पंचायत द्वारा बाजार से लड्डू खरीदकर कमलेश कुशवाहा को देने की व्यवस्था की जा रही है। पंचायत सचिव रविन्द्र श्रीवास्तव का कहना है कि सभी ग्रामीणों को समान रूप से लड्डू वितरित किए गए थे, लेकिन शिकायतकर्ता ने अतिरिक्त लड्डू की मांग कर दी थी। अब बाजार से खरीदकर लड्डू दिए जाएंगे।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना
यह मामला अब गांव और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग कह रहे हैं कि छोटी-छोटी बातों पर भी अब सीधे सीएम हेल्पलाइन का सहारा लिया जा रहा है। कुल मिलाकर, स्वतंत्रता दिवस जैसे गंभीर और सम्मानित अवसर पर लड्डू की संख्या को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बन गया है। पंचायत और ग्रामीणों के बीच इस छोटे से मामले को लेकर हो रही खींचतान से यह जरूर साबित होता है कि अब लोग अपनी हर समस्या के समाधान के लिए सीएम हेल्पलाइन को सीधा मंच मान रहे हैं।
12 बुलडोज़र एक साथ उतरे मैदान में, अवैध साम्राज्य ध्वस्त करने की मुहिम
21 Aug, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। ड्रग्स जिहाद, लव जिहाद जैसे मामलों में शामिल मछली परिवार के घर पर गुरुवार को बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी। राजधानी भोपाल के कोकता स्थित 3 मंजिला मकान को जमींदोज किया जाएगा। मछली परिवार पर आरोप है कि 100 करोड़ की जमीन पर कब्जा करके घर बनाया था। मौके पर 8 पुलिस थानों के 200 पुलिसकर्मी तैनात हैं। इसके पहले मछली परिवार के अवैध कब्जों पर बुलडोजर चल चुका है. 12 बुलडोजरों से इस कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा।
धार्मिक स्थल को गिराने की उड़ी अफवाह
स्थानीय लोगों ने बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया। महिलाओं के समूह ने नारेबाजी की और बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया। विरोध कर रही महिलाओं ने धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने की बात कही। इस पर प्रशासन ने वहां मौजूद लोगों को समझाया और ये भी बताया कि ये अफवाह है।
एमपी में झमाझम का दौर जारी, कई जिलों में अलर्ट घोषित
21 Aug, 2025 08:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्य प्रदेश में का स्ट्रांग सिस्टम एक्टिव होने से लगातार बारिश का दौर चल रहा है। गुरुवार के लिए कुल 12 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। इन जिलों में नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर जिले शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच पानी गिर सकता है। इसके अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों में भी हल्की बारिश का दौर रहेगा। मध्यप्रदेश में अब तक औसत 32.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो मानसूनी कोटे की 87 प्रतिशत है।
रतलाम में 3 इंच बारिश
बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहा। रतलाम में 9 घंटे में करीब 3 इंच बारिश हो गई। इस वजह से सड़कों पर पानी भर गया। दमोह में ढाई इंच बारिश दर्ज की गई।इसी तरह इंदौर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भोपाल, नरसिंहपुर, उज्जैन, बैतूल, टीकमगढ़, छतरपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, शाजापुर, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रीवा, सागर, सतना, सीधी, नरसिंहपुर, उमरिया, बालाघाट, राजगढ़, विदिशा, देवास में कहीं तेज तो कहीं बूंदाबांदी का दौर जारी रहा।
अभी यह सिस्टम एक्टिव
मौसम विभाग के अनुसार, बैतूल, मंडला से होते हुए एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। वहीं, दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन का असर भी है। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग ने 22 और 23 अगस्त को भी कई जिलों में तेज बारिश होने का अलर्ट जारी किया है।
साइबर ठगी का नया पैंतरा! फेसबुक पर बैंक का ऐप दिखाकर खाली किए 3 अकाउंट
21 Aug, 2025 08:26 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: एक तरफ जहां साइबर सेल से लेकर सरकार और बैंक लोगों को साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक कर रहे हैं वहीं ग्वालियर में एक रिटायर्ड बैंक अफसर 8 लाख की ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए. ये धोखाधड़ी सोशल मीडिया साइट पर बैंक के एक विज्ञापन के जरिए की गई. ठगी हो जाने के बाद रिटायर्ड बैंक अफसर ने शिकायत दर्ज कराई. साइबर सेल मामले की जांच कर रही है.
नए तरीकों से ठग रहे साइबर अपराधी
साइबर ठग लोगों को अलग-अलग तरीकों से ठगने लगे हैं. कभी ओटीपी पूछकर तो कभी किसी जांच एजेंसी का अफसर बनकर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे लेकिन अब तो सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं. ऐसा ही एक मामला ग्वालियर में सामने आया जहां फेसबुक पर एक बैंक के ऐप के चक्कर में एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी अपने लाखों रुपए गंवा बैठे.
फेसबुक चलाते समय दिखा था बैंक का ऐप
ग्वालियर के थाटीपुर इलाके में रहने वाले बुजुर्ग सत्यप्रकाश पंजाब नेशनल बैंक से रिटायर्ड अधिकारी हैं. लगभग महीने भर पहले 15 जुलाई 2025 के दिन वे घर में अपने मोबाइल पर सोशल मीडिया ऐप फेसबुक चला रहे थे. इसी दौरान उन्हें अपनी प्रोफाइल पर पीएनबी बैंक का ऐप का विज्ञापन दिखाई दिया. जिसमें बताया गया था ऐप के जरिए ही खाता धारक घर बैठे बैंक के काम निपटा सकते हैं और बैंक जाने के झंझट से बच सकते हैं.
बैंक की एप्लीकेशन डिपार्टमेंट का कर्मचारी बन फंसाया
ये विज्ञापन देखने के बाद सत्यप्रकाश ने ऐप डाउनलोड करने का प्रयास किया लेकिन कई बार कोशिश करने के बाद भी ऐप डाउनलोड नहीं हुआ. करीब 2 घंटे के बाद अचानक उनके मोबाइल नंबर पर एक कॉल आया. उसने अपने आपको पीएनबी वन ऐप डिपार्टमेंट का कर्मचारी और नाम राहुल कुमार बताया. इसके बाद पीएनबी वन ऐप के फायदे बताए. इसके बाद उसने व्हाट्सएप पर कॉल किया और उनके मोबाइल में ऑनलाइन फॉर्म फिल करवाते हुए जानकारी लेता गया.
ठग बोला 24 घंटे में वापस आ जाएंगे रुपए
ऑनलाइन फॉर्म सबमिट होते ही अचानक रिटायर्ड बैंक अधिकारी सत्यप्रकाश के मोबाइल पर बैंक खाते से रुपए निकलने के मैसेज आते गए. जब उन्होंने इस बारे में ठग से पूछा तो उसने 24 घंटों में रुपए वापस आने की बात कही. तब तक उनके 3 बैंक खातों से 8 लाख 70 हजार रुपए डेबिट हो चुके थे. हालांकि करीब एक महीने तक जब रुपये वापस नहीं आए तो उन्हें ठगी का अहसास हुआ और साइबर सेल पहुंच कर उन्होंने मामले की शिकायत दर्ज कराई.
'खाता फ्रीज कराकर रकम रिकवरी का कर रहे प्रयास'
इस मामले में ग्वालियर सीएसपी रोबिन जैन का कहना है कि "पीड़ित रिटायर्ड बैंक अधिकारी ने अपने साथ हुई ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई है. उन्हें बैंक के ऐप के नाम पर ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार बनाया गया है. उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है साथ ही प्रयास किया जा रहा है की जिस खाते में रकम ट्रांसफर हुई है उसे फ्रीज कर राशि वापस कराई जाए साथ ही मामले में आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी करने का भी प्रयास किया जा रहा है."
मध्य प्रदेश में हैंडबॉल का राज्य स्तरीय महाकुंभ, चंबल बनेगा खेल इतिहास का गवाह
21 Aug, 2025 08:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना: खेलों की दुनिया में चंबल का नाम इस बार एक नए अध्याय के साथ दर्ज होने जा रहा है. मुरैना में पहली बार राज्य स्तरीय वेस्ट जोन हैंडबॉल प्रतियोगिता का आयोजन होने जा रहा है. यह ऐतिहासिक खेल महाकुंभ 24 अगस्त से 28 अगस्त तक मुरैना के टीएसएस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित होगा. जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इसमें मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात और राजस्थान के हैंडबॉल खिलाड़ी शामिल होंगे.
सीबीएसई के वेस्ट जोन की हैंडबॉल प्रतियोगिता
सीबीएसई के वेस्ट जोन ने हैंडबॉल प्रतियोगिता के लिए मुरैना को चुना है. इस प्रतियोगिता की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक 2000 से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं. इनमें से लगभग 1000 खिलाड़ी मैदान में उतरकर अपना दमखम दिखाएंगे.
60 स्कूलों की 71 टीमें होंगी शामिल
इस प्रतियोगिता में गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, बड़ोदरा, राजस्थान के जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर और मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित अन्य चुनिंदा 60 स्कूलों की 71 टीमें इस बार हिस्सा ले रही हैं. 3 विशाल मैदानों पर होने वाले मैचों के लिए खिलाड़ियों, रेफरी और प्रबंधन की उच्च स्तरीय व्यवस्था की गई है. आयोजन की निगरानी के लिए सीबीएसई ऑब्जर्वर राजकुमार सेंगर भी मौजूद रहेंगे.
24 से 28 अगस्त तक 5 दिनों का आयोजन
डायरेक्टर सुरेंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि "ये आयोजन 24 अगस्त से 28 अगस्त तक पांच दिन का होगा. अभी तक 42 स्कूलों की लिस्ट आ चुकी है, जिसमें 71 टीमें आ रही हैं. इसमें 600 से अधिक बच्चे और 100 कोच शामिल हैं. यह प्रतियोगिता अंडर-11,अंडर-14 और अंडर-19 की होंगी. इससे पहले विद्यालय ने राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया था. अब हैंडबॉल महाकुंभ से मुरैना एक बार फिर खेल इतिहास का गवाह बनने जा रहा है."
'चंबल की संस्कृति को जानने का मिलेगा मौका'
विद्यालय प्रबंधन ने आयोजन को यादगार बनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं. सुरेंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने बताया कि "इस साल सीबीएसई ने वेस्ट जोन के लिए मुरैना को चुना है. ऐसे में इस छोटे शहर में बड़ा आयोजन न केवल खिलाड़ियों को नई ऊर्जा देगा बल्कि बाहर से आने वाले खिलाड़ियों को चंबल की मिट्टी और संस्कृति को करीब से समझने का अवसर भी देगा."
सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को व्यापक एवं सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
20 Aug, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में बैतूल जिले में पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना कार्यों की वृहद समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक एवं सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसी दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि जिला चिकित्सालय का प्रशासन एवं नियंत्रण शासन के पास ही रहेगा, वहीं निजी भागीदारी से स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण, विशेषज्ञ डॉक्टरों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार सुनिश्चित होगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शासन द्वारा शीघ्र भूमि आवंटन एवं अन्य औपचारिकताओं को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए ताकि कार्य तुरंत प्रारंभ किया जा सके। बैठक में विधायक बैतूल हेमंत खंडेलवाल, विधायक भैंसदेही महेन्द्र सिंह चौहान, विधायक मुलताई चन्द्रशेखर देशमुख, प्रमुख सचिव संदीप यादव, आयुक्त तरुण राठी, आरकेडीएफ ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुनील कपूर सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी आरकेडीएफ ग्रुप के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पीपीपी मॉडल पर स्थापित होने वाले मेडिकल कॉलेज से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ होंगी। लगभग 25 एकड़ भूमि पर विकसित होने वाली इस परियोजना के अंतर्गत जिला अस्पताल बैतूल का उन्नयन कर उसकी क्षमता 300 बैड से बढ़ाकर 675 बैड की जाएगी। साथ ही विद्यार्थियों के लिए हॉस्टल एवं स्टाफ के लिए आवासीय परिसर का निर्माण भी किया जाएगा। कैथलैब, सीटी स्कैन, एमआरआई जैसी आधुनिक विशेषज्ञ सेवाएँ उपलब्ध होंगी। जिला अस्पताल में डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा सकेंगी।
स्थानीय समस्याओं का प्राथमिकता से किया जाएगा समाधान : विधायक खंडेलवाल
विधायक हेमन्त खण्डेलवाल ने कहा कि कार्य प्राथमिकता पर शीघ्र प्रारंभ किया जाए, ताकि जिले के नागरिकों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर कोई समस्या आती है तो उसका समाधान तत्काल शासन-प्रशासन द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। आरकेडीएफ ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सुनील कपूर ने कहा कि निर्माण कार्य एक वर्ष की अवधि में पूर्ण कर लिया जाएगा, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस एवं पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ हो सकें।
मेडिकल कॉलेज एवं शिक्षण अस्पताल बैतूल की स्थापना राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के दिशा-निर्देशों और निर्धारित मानकों के अनुरूप की जाएगी। आरकेडीएफ समूह जिला चिकित्सालय का उन्नयन कर उसे 675 बैड क्षमता वाले शिक्षण अस्पताल में विकसित करेगा। वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं में कोई व्यवधान उत्पन्न किए बिना अतिरिक्त सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। एमबीबीएस एवं एमडी पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आरकेडीएफ समूह आवश्यक निवेश करेगा और पर्याप्त संकाय, डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
आरकेडीएफ समूह परियोजना प्रारंभ होने के 90 दिनों के भीतर शासन को विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन प्रस्तुत करेगा, जिसमें निर्माण और उन्नयन की समयसीमा, डिज़ाइन, गुणवत्ता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया एवं लागत का संपूर्ण विवरण शामिल होगा। आरकेडीएफ समूह द्वारा अस्पताल और कॉलेज में आधुनिक उपकरणों एवं नवीनतम तकनीकी प्रगति का उपयोग करते हुए सेवाओं को समय-समय पर अद्यतन रखा जाएगा और हर तिमाही शासन को प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। निर्धारित समयसीमा में शिक्षण अस्पताल को राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड से प्रत्यायन प्राप्त किया जाएगा। परियोजना के संचालन में बायो-मैडिकल अपशिष्ट प्रबंधन और अन्य पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकारी स्कूलों की पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण कार्य उच्च गुणवत्तापूर्ण हो
20 Aug, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि शैक्षणिक सत्र वर्ष 2026-27 में पाठ्य पुस्तक निगम द्वारा मुद्रित की जाने वाली किताबें उच्च गुणवत्ता की हों। उन्होंने कहा कि मुद्रण कार्य से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं तय समय-सीमा में पूरी की जायें। उन्होंने कहा कि पाठ्य पुस्तकों का वितरण शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही पूरा किया जाये। यह व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह बुधवार को मंत्रालय में पाठ्य पुस्तक निगम की गवर्निंग बॉडी की बैठक ली। बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, वित्त, माध्यमिक शिक्षा मंडल के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बैठक में पाठ्य पुस्तक निगम के एमडी विनय निगम ने बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में करीब 9 करोड़ पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण होगा। इसके लिये ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के तहत निविदा की प्रक्रिया होगी। निगम शैक्षणिक सत्र 2026-27 में 10 मार्च 2026 तक सभी पाठ्य पुस्तकों का मुद्रण कार्य पूरा कर लेगा। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष अप्रैल 2025 में शैक्षणिक सत्र शुरू होते ही नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण शुरू किया गया था। इस वर्ष अब तक लगभग सभी पाठ्य पुस्तकों का वितरण विद्यार्थियों को किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि निगम ने कुछ सरकारी स्कूलों को खेल-कूद मैदान, अतिरिक्त कक्ष और नवीन कक्ष निर्माण के लिये अनुदान राशि मंजूर की है।
किताबों की पांडुलिपि डेढ़ माह में मिलेगी
बैठक में भी बताया गया कि राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा अगले शैक्षणिक सत्र के लिये एनसीईआरटी और एससीईआरटी से किताबों की पांडुलिपि सितंबर 2025 अंत तक पाठ्य पुस्तक निगम को उपलब्ध करा दी जायेंगी। मध्यप्रदेश, देश के उन चुनिंदा राज्यों में है, जहां बच्चों को नि:शुल्क पाठ्य पुस्तकें सत्र शुरू होते ही वितरित की गयीं।
स्थानीय भाषा में सामग्री विकास
स्कूल शिक्षा विभाग ने 8 स्थानीय भाषाओं- बुन्देली, बघेली, मालवी, निवाड़ी, गोंडी, भीली, बारेली और कोरकू भाषाओं में सामग्री का विकास किया है। विभाग का यह प्रयास बच्चों में स्थानीय भाषा के प्रति लगाव के उद्देश्य से किया गया है।
कंट्री हेड एंड्रीका ने कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का किया दौरा
20 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष की कंट्री हेड एंड्रीका ने बुधवार को भोपाल के तुलसी नगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास का दौरा किया। उनके साथ अपर परियोजना प्रबंधक मनीषा सेथिया और जनसंख्या कोष के स्टेट हेड सुनील जैकब भी थे। प्रतिनिधियों ने छात्रावास में पढ़ने वाली बालिकाओं से चर्चा की। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष एवं स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त पहल से बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिये एक मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसका नाम “सशक्त” है।
छात्रावास में आकर्षक प्रदशर्नी के माध्यम से हिंसा से बचाव, उनके अधिकारों, पॉक्सो एक्ट और शारीरिक स्वच्छता के संबंध में बालिकाओं को जानकारी दी गई है। जनसंख्या कोष बालिका छात्रावास में बालिकाओं के उन्मुखीकरण के लिये विषय-विशेषज्ञों की उपस्थिति में लगातार वर्कशॉप भी कर रहा है।
कमिश्नर से मुलाकात
कंट्री हेड एंड्रीका और स्टेट हेड सुनील जैकब ने आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता से मुलाकात कर यूथ एवं एडोलसेंट प्रोग्राम के बारे में जानकारी प्राप्त की। बैठक में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष से अपेक्षा की गई कि कार्यक्रम का विस्तार प्रदेश के अन्य सरकारी स्कूलों में भी किया जाये। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की भावना मजबूत होगी। वे अपने अच्छे करियर की तरफ भी बढ़ सकेंगी।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण सरकार की प्राथमिकता : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
20 Aug, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल से बुधवार को मंत्रालय में संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) के भारत प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य भेंट की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने विकास सहयोगी संस्थाओं के बीच समन्वय और सहयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में सभी भागीदार मिलकर प्रभावी कदम उठाएँ। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) और मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) को कम करने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, लेबर रूम प्रबंधन सुधारने, नियमित एएनसी चेक अप सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य कर्मियों के कौशल उन्नयन और आशा कार्यकर्ताओं की संचार क्षमता बढ़ाने जैसे नवाचार किए जा रहे हैं।
मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना ने बताया कि आशा संवाद पहल में यूएनएफपीए प्रमुख भागीदार है। राज्य की 66 हज़ार से अधिक आशा कार्यकर्ता को यूट्यूब चैनल के माध्यम से जोड़कर उनकी क्षमता संवर्धित की जा रही है। बैठक में आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से राज्य के स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार लाने पर विशेष चर्चा हुई। भारत में यूएनएफपीए की प्रतिनिधि एवं भूटान कंट्री डायरेक्टर सुएंड्रिया एम. वोज्नार ने मध्यप्रदेश में संस्था के द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी दी और शासन के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी की बात कही। उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं की संचार क्षमता को सशक्त बनाने, समुदायों में जागरूकता बढ़ाने, लेबर रूम की कार्यप्रणाली सुधारने तथा ऑनलाइन क्षमता निर्माण के अभिनव उपयोग पर संस्था द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
यूएनएफपीए प्रतिनिधि वोज्नार ने स्टेट ऑफ द वर्ल्ड रिपोर्ट 2025 "द रियल फर्टिलिटी क्राइसिस" भी प्रस्तुत की। बैठक में यूएनएफपीए इंडिया ऑफिस के चीफ पॉलिसी एडवोकेसी एंड पार्टनरशिप्स जयदीप बिस्वास, इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी स्पेशलिस्ट साहिल कपूर, स्टेट हेड, यूएनएफपीए - एमपी सुनील जैकब, अनुराग सोनवॉकर एवं सुनेहा पांडे उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर ने की सौजन्य भेंट
20 Aug, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में क्रिकेटर वेंकटेश अय्यर ने सपत्नीक सौजन्य भेंट की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का क्रिकेटर अय्यर ने पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि वह इंदौर शहर के निवासी हैं। भेंट के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अय्यर को उनके अब तक के क्रिकेट प्रदर्शन की बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
जागरूकता, सत्य की खोज और समाज को नई दिशा देने का उत्तरदायित्व है पत्रकारिता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
20 Aug, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पत्रकारिता, सम्प्रेषण का ही स्वरूप है और प्रत्येक युग में सम्प्रेषण कला का विशेष महत्व रहा है। रामायण काल में हुनमान जी के संवाद हों या महाभारत काल के यक्ष प्रश्न, दोनों में हुए सम्प्रेषण ने इतिहास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सम्प्रेषण और पत्रकारिता में किसी भी घटना की प्रभावशीलता को व्यापक या सूक्ष्म स्वरूप देने की क्षमा विद्यमान है। वर्तमान और आने वाले समय में पत्रकारिता विधा में दक्ष हो रहे विद्यार्थियों पर यह महत्वपूर्ण दायित्व है कि वे सूचना सम्प्रेषण के माध्यम से समाज के नैतिक मूल्यों और लोकतांत्रिक व्यवस्था का बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने केलिए सदैव सजग, सक्रिय और तत्पर रहें। सत्य के लिए संघर्षशीलता से ही पत्रकारिता का समृद्ध स्वरूप जीवंत रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के वर्ष 2025-26 के सत्रारंभ तथा नवागत विद्यार्थियों के प्रबोधन कार्यक्रम "अभ्युदय 2025" को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रोचार के बीच दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
पंडित माखनलाल चतुर्वेदी के जीवन के गौरवशाली पक्षों को आगे लाना जरूरी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पत्रकारिता के क्षेत्र में ‘अभ्युदय’ का अर्थ मात्र आरंभ नहीं, बल्कि निरंतर जागरूकता, सत्य की खोज और समाज को नई दिशा देने वाले उत्तरदायित्व की यात्रा है। नारद जी को पत्रकारिता का आद्य प्रवर्तक माना जाता है। पत्रकारिता के क्षेत्र में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय की पूरे देश में विशिष्ट पहचान है। यह गौरव का विषय है कि दादा माखनलाल का जन्म मध्यप्रदेश के बबाई नगर में हुआ और उन्होंने खंडवा को अपनी कर्मभूमि बनाया। उन्होंने पत्रकारिता के माध्यम से समाज को अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ एकजुट करने के साथ सामाजिक कार्यों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। पंडित माखनलाल चतुर्वेदी ने हिंदी भाषा को पुनर्प्रतिष्ठित करने का महत्वपूर्ण अभियान चलाया। उन्होंने गौमाता और गौशाला के संरक्षण के लिए सागर में ब्रिटिश हुकूमत के सामने आंदोलन कर मोर्चा खोल दिया था। पंडित माखनलाल चतुर्वेदी और श्रद्धेय माधवराव सप्रे ने अपने पत्रकारीय कार्यों से हिंदी भाषा को समृद्ध भी किया। विश्वविद्यालय के माध्यम से पंडित माखनलाल चतुर्वेदी के जीवन के विविध गौरवशाली पक्षों को आगे लाने के लिए गतिविधियां संचालित की जाएंगी।
भारतीय ज्ञान परम्परा के साथ ही देश की संस्कृति के प्रति भी संवदेनशील है राज्य सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरू को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का माध्यम माना गया है। गुरू की इस गरिमा को स्थापित करने के उद्देश्य से ही प्रदेश के विश्वविद्यालयों में हमने कुलपति के स्थान पर ‘कुलगुरु’ शब्द के प्रयोग की परंपरा प्रारंभ की। यह हमारी शिक्षा परंपरा में गुरु को सर्वोच्च स्थान देने का प्रतीक है। राज्य सरकार भारतीय ज्ञान परम्परा के साथ ही देश की संस्कृति के प्रति भी संवदेनशील है। हमारे प्रत्येक त्यौहार में कोई न कोई संदेश निहित है, जनसामान्य इन संदेशों में विद्यमान अर्थ को समझें, इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने सभी त्यौहार धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में विजयादशमी को मात्र रावण दहन तक सीमित न रखते हुए इस महत्वपूर्ण त्यौहार पर शस्त्रपूजन भी आरंभ किया गया है।
भाषा, पत्रकारिता की समझ और समाचार लेखन में दक्षता के लिए प्रिंट मीडिया का अनुभव आवश्यक
प्रख्यात कवि कुमार विश्वास ने कहा कि इतिहास साक्षी है कि जब-जब देश को आवश्यकता हुई, युवा पीढ़ी ने देश की बेहतरी के लिए संघर्ष किया। उन्होंने चाणक्य की सम्प्रेषण कला का उल्लेख करते हुए कहा कि सामान्य नागरिक, सामान्य हितचिंतक और परस्पर संस्कृतियों का सम्मान करते हुए किया गया सम्प्रेषण सर्वाधिक प्रभावी और ग्राह्य होता है। उन्होंने हनुमानजी और अंगद को सम्प्रेषण कला का विशेषज्ञ बताया। राष्ट्रीय समरसता के सांस्कृतिक पृष्ठ को गढ़ने वाले आचार्य, दादा माखनलाल चतुर्वेदी के नाम से स्थापित यह विश्वविद्यालय, सम्प्रेषण विधा की शिक्षा में इस भूमिका का श्रेष्ठतम स्वरूप में निर्वहन कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने लक्ष्य के संबंध में स्पष्टता रखें, अपनी विधा में दक्ष हों और तटस्थता तथा ईमानदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने सोशल मीडिया के दौर में विश्वसनीयता के संकट का जिक्र करते हुए कहा कि युवा पत्रकारों को अपनी भाषा, पत्रकारिता की समझ और समाचार लेखन में दक्षता प्राप्त करने के लिए कम से कम तीन साल प्रिंट मीडिया में अवश्य कार्य करना चाहिए। विश्वास ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा विश्वविद्यालयों में कुलपति को कुलगुरू का संबोधन प्रदान करने की पहल की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने अभ्युदय कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं तथा आरंभ किए गए नवाचारों की जानकारी दी। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर, भोपाल की महापौर मालती राय, विधायक रामेश्वर शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक उमाकांत शर्मा सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगाया कृष्णवट का पौधा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिसर में स्थापित दादा माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा का अनावरण किया और विश्वविद्यालय के सत्रारंभ अवसर पर पौधरोपण अभियान के अंतर्गत का पौधा रोपा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच पर मां सरस्वती, भारत माता और दादा माखनलाल चतुर्वेदी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही 100 साल : 100 सुर्खियां-स्वाधीनता से पहले और स्वाधीनता के बाद की देश की महत्वपूर्ण घटनाओं पर विभिन्न समाचार पत्रों के फ्रंट पेज कवरेज पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को कर्मवीर समाचार पत्र का चित्र और विश्वविद्यालय द्वारा विकसित साहित्य भेंटकर विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. विजय मनोहर तिवारी ने स्वागत किया। उन्हें जनजातीय चित्रकला से निर्मित चित्र भी भेंट किया गया। प्रख्यात कवि कुमार विश्वास और सचिव जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े ने भी पौधरोपण किया।
खनिज संसाधनों की प्रचुरता, निवेश अनुकूल नीतियों और नवाचारों से प्रदेश बनेगा माइनिंग कैपिटल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
20 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश खनिज नीलामी के क्षेत्र में देश में अग्रणी बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य ने 2022-23 में 29 खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया। हाल ही में प्रदेश ने क्रिटिकल मिनरल्स की नीलामी कर केंद्र सरकार की नीति को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बनने का गौरव भी हासिल किया है।खनिज ब्लॉकों की सर्वाधिक नीलामी के लिए मध्यप्रदेश को भारत सरकार ने वर्ष 2022 और वर्ष 2025 में खनन मंत्रियों के सम्मेलन में प्रथम और द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है। खनिजों की प्रचुरता और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण मध्यप्रदेश देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। साथ ही, देश के औद्योगिक विकास और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में भी प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान सुनिश्चित हो सकेगा। इसी क्रम में कटनी में 23 अगस्त को खनिज औद्योगिक विकास पर केन्द्रित कॉन्क्लेव आयोजित हो रहा है।
खनिज राजस्व में वृद्धि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य खनन के क्षेत्र में सतत विकास कर रहा है। इससे न केवल आर्थिक विकास हो रहा है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश ने खनिज राजस्व संग्रहण में पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत वृद्धि दर्ज करते हुये पहली बार 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त किया। वर्ष 2023-24 में यह आंकड़ा 4,958 करोड़ रुपये था। अब तक प्रदेश ने कुल 103 खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी की है, जिससे भविष्य में एक लाख 68 हजार करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिलने की संभावना है। विगत वर्ष 17-18 अक्टूबर 2024 को भोपाल में आयोजित माइनिंग कॉन्क्लेव में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। पारदर्शी नीलामी, पर्यावरण-अनुकूल खनन और स्थानीय समुदायों की भागीदारी जैसे सुधारों से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है।
क्रिटिकल एवं स्ट्रैटेजिक मिनरल्स में अग्रणी
खनिज विभाग ने ग्रेफाइट, रॉक फॉस्फेट, गोल्ड, मैंगनीज और कॉपर सहित कई खनिज ब्लॉकों की नीलामी की है। हाल ही में जबलपुर और कटनी जिलों में सोने की खोज की गई है, वहीं पन्ना और छतरपुर में हीरे के विशाल भंडार प्रमाणित हुए हैं। बालाघाट की मलाजखण्ड तांबा खदान देश की सबसे बड़ी तांबा खदान है, जबकि पन्ना की मझगवां हीरा खदान देश की एकमात्र सक्रिय हीरा खदान है।
अवैध खनन पर नवाचार से नियंत्रण
अवैध खनन और परिवहन रोकने के लिए प्रदेश में 41 एआई आधारित ई-चेकगेट स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ड्रोन और उपग्रह आधारित निगरानी प्रणाली से खदानों की जियो-टैगिंग और 3-डी इमेजिंग कर खनिज उत्खनन की सटीक निगरानी की जा रही है।
विकास कार्यों में खनिज निधि का उपयोग
जिला खनिज विभाग के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, महिला-बाल कल्याण, स्वच्छता और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में 16,452 परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 7,583 परियोजनाएँ पूरी हो चुकी हैं।
बहुमूल्य खनिजों में नित नई उपलब्धियाँ
हीरा (डायमंड): मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जहाँ पन्ना जिले की मझगवां हीरा खदान से प्रतिवर्ष एक लाख कैरेट हीरा उत्पादन होता है। इसके अलावा छतरपुर स्थित बंदर हीरा ब्लॉक में 34.2 मिलियन कैरेट हीरे का अनुमानित भंडार मिला है। कटनी में 23 अगस्त 2025 को होने वाले खनन सम्मेलन में औद्योगिक विकास पर विशेष रूप से विचार किया जायेगा।
सोना (गोल्ड): प्रदेश के सिंगरौली और कटनी जिलों में कुल पाँच स्वर्ण ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है, जिनमें 7.87 मिलियन टन अयस्क भंडार उपलब्ध है। जबलपुर के सिहोरा और कटनी के स्लीमनाबाद क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सोने की उपलब्धता के संकेत मिले हैं। जबलपुर जिले में 100 हेक्टेयर क्षेत्र में लाखों टन स्वर्ण अयस्क मिलने का अनुमान है।
ड्रग्स रैकेट के खिलाफ विरोध में NSUI का नाटकीय अंदाज़, कुंभकरण बनकर किया प्रदर्शन
20 Aug, 2025 06:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। राजधानी भोपाल में उजागर हुई अवैध ड्रग्स फैक्ट्री ने पूरे प्रदेश को चौंका दिया है। डीआरआई की कार्रवाई में करोड़ों रुपए की मेफेड्रोन (MD) ड्रग्स और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद हुआ। इस मामले में कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने बुधवार को भोपाल में आनोख विरोध प्रदर्शन किया। एक कार्यकर्ता कुंभकरण बन कर लेट गया और दूसरे कार्यकर्ता उसे जगाते रहे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार की आंखों के सामने नशे का व्यापार फलता-फूलता रहा और शासन कुंभकरण की नींद सोता रहा। आज उसे ही जगाने की कोशिश की जा रही है।
595 किलो कच्चा माल भी जब्त किया
एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष आदित्य सोनी ने कहा कि जिस प्रकार से न जाने कितने समय से राजधानी भोपाल में उक्त अवैध फैक्ट्री नशे का व्यापार कर युवाओं एवं छात्रों के बीच इस जहर को घोलने का कार्य कर रही थी, डीआरआई ने न सिर्फ वहां से करीब 92 करोड़ की ड्रग्स बरामद करी है बल्कि 595 किलो कच्चा माल भी जब्त किया है।
राजधानी भोपाल नशे की राजधानी बनने की ओर अग्रसर
उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि यह सिर्फ एक ड्रग्स फैक्ट्री का मामला नहीं, इस तरह के और भी कई मामले जैसे गत वर्ष अक्टूबर महीने में गुजरात से आई 1800 करोड़ की ड्रग एनसीबी ने भोपाल से बरामद करी थी, जिसके अलावा तस्करों के बड़े रैकेट का खुलसा भी भोपाल से ही हुआ है । उन्होने कहा कि राजधानी भोपाल नशे की राजधानी बनने की ओर अग्रसर है और प्रदेश सरकार कुंभकरण की नींद सो रही है।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
भोपाल NSUI जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने कहा की यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश शासन को चेतावनी है कि यदि नशे के कारोबारियों और उन्हें संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो एनएसयूआई सड़कों पर और भी बड़े आंदोलन करेगी।
लड़के की चाहत में उठा लिया मासूम, मेडिकल कॉलेज से बच्चा चुराने वाली महिला गिरफ्तार
20 Aug, 2025 06:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर: बेटे की चाहत ने एक अधेड़ और उसकी बुजुर्ग मां की मति भ्रष्ट कर दी। दोनों ने सागर के बुंदेलखंड कॉलेज के लेबर रूम से 5 दिन का बच्चा चुरा लिया। पकड़े जाने पर पुलिस से बोली कि मारना है तो मार डालो, लेकिन मुझे बच्चा चाहिये। महिला अपने पति से झूठ बोलकर कि वह गर्भवती है, पांच महीने पहले मायके आ गई थी और बच्चा चुराने की योजना बनाने में जुटी थी।
बच्चा चोरी करते पकड़ी गई आरोपी महिला गुड्डी बाई 45 साल और उसकी 65 वर्षीय बुजुर्ग मां पानबाई को जब पुलिस और मेडिकल मेडिकल कॉलेज के स्टाफ ने बस में बच्चे को ले जाते पकड़ा था, उस समय महिला बार-बार कह रही थी कि 'मारना है तो मार डालो, लेकिन मुझे बच्चा चाहिए है...'उस समय कोई उसकी बात नहीं समझ पाया, लेकिन पुलिस पूछताछ में अलग ही कहानी सामने आई है।
गुड्डी बाई ने बताया कि उसका मायका शाहपुर में हैं और वह 5 महीने से मां पानबाई के साथ रह रही है। उसकी शादी 20 साल पहले बक्सवाहा में हुई थी। 15 साल की बेटी है। कुल तीन बार प्रसव हुआ, लेकिन दो नवजात खत्म हो गए। मुझे एक लड़का चाहिए था। इसलिए बच्चा चुराने का प्लान बनाया था। उसने बताया कि वह पति से झूठ बोलकर आई थी कि वह गर्भवती है, मां के पास रहेगी। उसने बच्चा चुराने के लिए अपनी मां को भी राजी कर लिया।
3 महीने से प्लानिंग, हफ्ते भर से रैकी
बच्चा चुराने वाली गुड्डी बाई ने बयानों में बताया है कि वह तीन महीने से किसी का बच्चा चुराने की योजना बना रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। बीते हफ्ते भर जहां-जहां से बच्चा चुरा सकते हैं वहां पर जाकर रैकी कर रही थी। बीएमसी में वह 13 अगस्त को भी लेबर रूम में गई थी, लेकिन मौका नहीं मिला था। दूसरे दिन 14 अगस्त को एक महिला बाथरूम गई थी, उसका बच्चा पलंग पर अकेला था। खिलाने के बहाने उसे उठा लिया और लेकर बाहर निकल आई।
20 किलोमीटर दूर बस से पकड़ा था
बच्चा चोरी होने की घटना के बाद मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया था। सुरक्षा अमला, प्रशासन और पुलिस तत्काल हरकत में आ गए थे। पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने मिलकर सीसीटीवी, संभावित इलाके, बस स्टैंड पर पड़ताल शुरू कर दी थी। एक जगह एक महिला सीसीटीवी में कैद हो गई थी। हुलिये के आधार पर उसकी बस में होने की सूचना मिल गई थी। बीएमसी से करीब 20 किलोमीटर दूर छतरपुर मार्ग पर कर्रापुर के पास बस को रोककर दोनों को पकड़ लिया गया था।
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