मध्य प्रदेश
12 दिन का सफर, 4000+ KM की जर्नी और एक चौंकाने वाला मोड़ – अर्चना तिवारी की कहानी
20 Aug, 2025 05:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: 7 अगस्त को नर्मदा एक्सप्रेस से रहस्यमय ढंग से लापता हुई अर्चना तिवारी को 20 अगस्त को पुलिस ने लखीमपुर खीरी के पास से बरामद कर लिया। एक फोन कॉल से पता चला कि वह नेपाल चली गई थीं और उनकी लोकेशन काठमांडू में मिली थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह काठमांडू कैसे और क्यों गईं।
प्लानिंग सुन पुलिस भी रह गई हैरान
अर्चना तिवारी रक्षा बंधन पर घर से निकली थीं। वह नर्मदा एक्सप्रेस में एसी कोच B3 की सीट नंबर 3 पर बैठी थीं। रानी कमलापति स्टेशन के पास उनकी आखिरी लोकेशन ट्रेस हुई और उसके बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। अर्चना के अचानक ट्रेन से लापता हो जाने से हड़कंप मच गया। अर्चना की लोकेशन भी कहीं नहीं मिल रही थी। इसके अलावा आसपास के किसी भी स्टेशन पर उसके उतरने के भी सबूत नहीं मिले।
परिवार की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
परिवार की शिकायत पर जीआरपी ने शिकायत दर्ज की। ऑल इंडिया सर्चिंग के आदेश भी जारी हुए। लेकिन अर्चना का कहीं कोई सुराग नहीं लगा। जानकारी के मुताबिक 12 दिन बाद अर्चना तिवारी ने अपनी मां को कॉल किया। कॉल की लोकेशन नेपाल आ रही थी। इससे साफ हो गया कि अर्चना भारत में नहीं बल्कि नेपाल की राजधानी काठमांडू में है।
काठमांडू मे मिली लोकेशन
अर्चना को ट्रेस किया गया। लोकेशन की जानकारी मिलते ही अर्चना को नेपाल-भारत बॉर्डर पहुंचकर सीमा पार आने के लिए कहा गया। वहीं से उसे बरामद कर भोपाल लाया जा रहा है। हालांकि अब सवाल पैदा हो रहा है कि अर्चना काठमांडू कैसे और किसके साथ पहुंची। पुलिस जांच में एक नाम सामने आय़ा था राम सिंह तोमर। जानकारी मिली कि इसी व्यक्ति ने अर्चना का कटनी से ग्वालियर का टिकट किया था। पूछताछ में पता चला कि राम तोमर ने कभी अर्चना को सामने से नहीं देखा है। बस मोबाइल से ही बातचीत हुई है। गुमशुदगी से उसका कोई लेना-देना नहीं है। न उसे इस बात की जानकारी है।
रेल एसपी ने किया पूरी घटना का खुलासा
रेल एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया कि यह मामला प्रेम प्रसंग का नहीं है। अर्चना शादी तय होने से नाराज होकर घर से भागी थी। उसकी मदद दो लोगों ने की थी। सारांश जोगचंद, जो ड्रोन का बिजनेस करता है, और तेजिंदर सिंह, एक ड्राइवर। परिवार शादी का दबाव बना रहा था, पर अर्चना तैयार नहीं थी, इसलिए वह अपने दोस्त सारांश की मदद से घर से भाग गई।
पूरी प्लानिंग के साथ निकली थी अर्चना
अर्चना ने चलती ट्रेन से भागने का फैसला किया ताकि लगे कि वह लापता हो गई है। वह वकील थी, इसलिए जानती थी कि जीआरपी में केस दर्ज होगा। पुलिस के अनुसार, तेजिंदर, सारांश के जरिए अर्चना को जानता था। उसने बताया कि इटारसी स्टेशन पर कैमरे नहीं हैं। सारांश ने अर्चना के लिए नए कपड़े खरीदे और उसे अपनी एसयूवी से नर्मदापुरम पहुंचाया, जहां उसे तेजिंदर मिला।
इस रूट से निकली फिर काठमांडू पहुंची
इटारसी से अर्चना शुजालपुर पहुंची और गाड़ी से नहीं उतरी। उन्होंने ध्यान रखा कि रास्ते में सीसीटीवी कैमरे और टोल नाके न मिलें। वे इंदौर से बुरहानपुर गए, फिर हैदराबाद की बस पकड़ी। दो दिन एक रात हैदराबाद में रुके। मामला बढ़ने पर उन्होंने भारत छोड़ने का फैसला किया। बस से जोधपुर पहुंचे और फिर दिल्ली। दिल्ली से अर्चना काठमांडू चली गई और सारांश वापस आ गया।
हरदा में बनाई गई थी भागने की प्लानिंग,अर्चना तिवारी केस में पुलिस का बड़ा खुलासा
20 Aug, 2025 02:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। लापता अर्चना तिवारी को 13 दिनों बाद उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से खोज लिया गया है। उसे बुधवार को राजधानी भोपाल लाया गया है। इस मामले में एमपी के शुजालपुर के सारांश नाम का शख्स सामने आया है।भोपाल स्थित पुलिस कमिश्नर ऑफिस में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। एसपी रेलवे राहुल लोढ़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है।
हरदा में बनाई थी प्लानिंग
एसपी ने बताया कि नेपाल बॉर्डर से लड़की को बरामद किया गया है। कटनी से लॉ की पढ़ाई की है, जबलपुर से वकालत की प्रैक्टिस की। इंदौर में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी, यहां लड़की की मुलाकात सारांश नाम के शख्स से हुई। 7 अगस्त को ये नर्मदा एक्सप्रेस कटनी जा रही थी, इसी ट्रेन में सारांश भी था. दोनों के बीच बातचीत हुई। उन्होंने आगे बताया कि सारांश, तेजिंदर और अर्चना ने मिलकर हरदा में 6 अगस्त को भागने की पूरी प्लानिंग की थी।
प्लानिंग की मास्टरमाइंड अर्चना है
रेलवे पुलिस अधीक्षक राहुल लोढ़ा ने बताया कि 6 अगस्त को तीनों अर्चना, तेजिंदर और अर्चना ने प्लानिंग बनाई थी। इस पूरी प्लानिंग की मास्टरमाइंड अर्चना तिवारी ही थी, तीनों ने इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस से भागने की प्लानिंग की थी। उन्होंने आगे बताया कि तेजिंदर गाड़ी चलाने का काम करता है, अर्चना, सारांश के जरिए तेजिंदर से संपर्क में आई थी।
गुमशुदगी की झूठी कहानी रची
अर्चना तिवारी केस में पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इंदौर से महेश्वर जाना हो या और कहीं अर्चना तेजिंदर के साथ उसकी गाड़ी में ही जाती थी। उन्होंने आगे बताया कि सारांश व्हाया रोड इटारसी पहुंची था, अर्चना ने ट्रेन में ही कपड़े बदले थे ताकि उसे कोई पहचान ना सके। वहीं तेजिंदर को मोबाइल और घड़ी दिया था, जानबूझकर ट्रेन की सीट पर सामान छोड़कर गई थी, देखकर ऐसा लगे कि अर्चना लापता हो गई है।
नंदिनी के सुरों से बंधा समां, छह घंटे तक बरसा संगीत का रस
20 Aug, 2025 11:49 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नंदिनी के सुर मय स्वर से बरसा रसरंग
अंतरंग संगीत समागम में छह घंटे सुर साधना
मुख्यमंत्री के सलाहकार श्रीराम तिवारी थे ख़ास मेहमान
शत्रुघ्न सिन्हा के भाई केके सहाय ने सहगल और मुकेश को किया जीवंत
भोपाल । भोपाल में गत रात्रि से ही एक अंतरंग संगीत समागम में भारतीय सुगम संगीत ने सभी नौ-रस की वर्षा कर मेहफिल के मेहमानों को विभोर कर दिया । इसका आयोजन राजधानी की जानीमानी कोयल-कंठी गायिका नंदिनी सोमानी ने अपने मशहूर बैनर तले किया । इसका नाम है—“सुर मय स्वर ।” मेहफिल शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक चली । क़रीब दो दर्जन गायक और गायिकाओं ने समाँ बाँध दिया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे मुख्यमंत्री
डॉ मोहन यादव के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, जो विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक और वीर भारत न्यास के सचिव भी हैं । कार्यक्रम की अध्यक्षता की छत्तीसगढ़ के सुगम संगीत के बादशाह और उद्योगपति तथा फ़िल्म स्टार शत्रुघ्न सिन्हा के भाई और सहपाठी केके सहाय । विशेष अतिथि थे—प्रख्यात कवयित्री, कहानीकार और शिक्षाविद डॉ मंजु तिवारी एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी तथा गायक प्रभाकर जुगादे ।
फ़िल्म स्टार शत्रुघ्न सिन्हा के भाई और सहपाठी केके सहाय ने केएल सहगल एवं मुकेश की यादें ताज़ा कर दीं । ख़ासकर— झूम झूम के नाचो आज । सभी गायक,गायिकाओं ने एक से बढ़कर एक शानदार प्रस्तुति दी । विशेष आकर्षण थीं भोपाल में तेज़ी से उभर रही 14 वर्षीया ब्लेसी सोमानी, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज में कुछ गीत सुनाकर दर्शकों का मन मोह लिया।ब्लेसी ने—ये मोह मोह के धागे, नंदिनी सोमानी एवं नरेश मालवीय ने—प्यार में होता है क्या जादू, ऋषिकेश थालनेरकर एवं सुनैना तिवारी ने—गोरे रंग पे न इतना आदि गानों की शानदार प्रस्तुति दी । पंकज पाठक ने गाने के बजाय बच्चन जी की मधुर मधुशाला तरन्नुम में सुनाई। शिवांगी पवार, अजय खंगन, सजिश नायर, मधु सिंह, अतुल, नीरज कुरवानी, योगेश मलानी, नेहा, मदन विश्वकर्मा, प्रदीप हरतालकर, सुरेश तनवानी, मुकेश पालीवाल, रुपबसंत, गरिमा भट्ट, प्रज्ञा चौबे, पीएन स्वर्णकार, हरीश जांगड़, भूषण टाँडे आदि ने भी अपनी प्रस्तुति दी । अर्पिता सक्सेना ने गाया भी और मंच संचालन भी किया।
‘कुंभकरण’ वाली कांग्रेस! विश्वास सारंग का वार, चुनाव आयोग में शिकायत का क्या है प्रोसेस
20 Aug, 2025 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निर्वाचन आयोग और भाजपा सरकार पर चुनावों में धांधली का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि वोट चोरी के माध्यम से ही भाजपा केंद्र और राज्यों में सरकार बना पा रही है. अब इस मुद्दे को केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक भुनाया जा रहा है. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी राहुल गांधी के वोट चोरी मुद्दे का समर्थन किया है. उन्होंने मध्य प्रदेश में भाजपा को लेकर वोट चोरी कर सरकार बनाने की बात कही है. इस मामले में मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस के आरोपों का खंडन किया है.
'मध्य प्रदेश में वोट चोरी से 27 सीटों पर जीती भाजपा'
बता दें कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मंगलवार की दोपहर पत्रकार वार्ता में कहा था कि "प्रदेश में 27 विधानसभा सीटों पर वोट चोरी हुई थी. इसी के कारण साल 2023 में भाजपा सत्ता में आई."
इस मामले में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि "कांग्रेस के नेता राहुल गांधी झूठ और प्रेम की राजनीति कर रहे हैं. मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस के नेता उनके साथ ही सुर में सुर मिला रहे हैं. उमंग सिंघार मध्य प्रदेश में 27 सीटों पर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन मध्य प्रदेश में तो जनता ने 163 सीटों पर भाजपा को समर्थन दिया है. कांग्रेस केवल जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है."
'कुंभकरण की तरह आरोप लगा रहे कांग्रेस नेता'
खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि "हमारे इतिहास में बताया गया है कि कुंभकरण 6 महीने सोते थे और 6 महीने जागते थे. लेकिन आश्चर्य की बात है कि कांग्रेस नेता उनसे भी ऊपर उठ गए हैं. आज मध्य प्रदेश सरकार को बने हुए 20 महीने से ज्यादा का समय बीत गया है. मध्य प्रदेश की जनता भारतीय जनता पार्टी को जनादेश दे चुकी है. इसके बाद कांग्रेस के नेता 625 दिन बाद चुनाव में गड़बड़ी का मामला उठा रहे हैं. यदि कांग्रेस सच में यह मुद्दा उठाना चाहती थी तो निर्वाचन आयोग के सामने जाकर इसकी शिकायत करनी थी, लेकिन कांग्रेस के नेता केवल बयानबाजी तक सीमित हैं."
'वोट चोरी का आरोप सबसे पहले राहुल गांधी के पूर्वजों पर लगा'
मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि "देश में जब-जब कांग्रेस की सरकार रही है तो इन्होंने संस्थाओं का दुरुपयोग किया है. जब कांग्रेस विपक्ष में रही तो इन्होंने देश की संवैधानिक व्यवस्थाओं के खिलाफ प्रश्न चिन्ह उठाने का काम किया. सारंग ने कहा कि देश में सबसे पहले वोट चोरी का आरोप तो राहुल गांधी के पूर्वजों पर लगा था. वोट चोरी के कारण ही सरदार वल्लभभाई पटेल पहले प्रधानमंत्री नहीं बन पाए."
सारंग ने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि हम उनकी मन की स्थिति समझ सकते हैं, जिसके नेतृत्व में देश में 90 चुनाव लड़े गए हैं, और उसमें कोई सफल परिणाम नहीं मिला."
चुनाव में धांधली होने पर शिकायत का जानिए नियम
मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि "विपक्ष जिस संविधान की बात करता है, इस भारतीय संविधान के अनुच्छेद 329 बी और जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 की धारा 80 और 81 में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पार्टी को चुनाव से संबंधित कोई आपत्ति है तो चुनाव होने के 45 दिन के अंदर हाई कोर्ट में याचिका लगा सकते हैं. यदि सच में यह भाजपा सरकार पर आरोप लगा रहे थे तो इनको चुनाव आयोग में जाकर हलफनामा देना चाहिए था."
अधिनियम 1951 स्पष्ट कहता है कि 45 दिन के अंदर चुनाव परिणाम आने के बाद आपको हाईकोर्ट में याचिका के माध्यम से चुनाव को चुनौती देनी चाहिए. सारंग ने चुनाव धांधली के आरोपो को लेकर अब तक लगाई गई याचिकायों का हवाला देते हुए कहा कि "कांग्रेस वोट चोरी का आरोप इसलिए लगा रही है क्योंकि उसे पता है बिहार चुनाव में वह हराने वाले हैं. इसलिए वह अपनी फेस सेविंग के लिए चुनाव में वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं."
अर्चना तिवारी नेपाल बॉर्डर पर मिलीं, लखीमपुर खीरी GRP को मिली बड़ी सफलता
20 Aug, 2025 11:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: इंदौर से कटनी जा रही ट्रेन से बीच रास्ते लापता हुई अर्चना तिवारी का पता चल गया है. 12 दिन की भाग दौड़ के बाद आखिरकार जीआरपी पुलिस टीम ने उसे नेपाल बॉर्डर से बरामद कर लिया गया है. इस बात की जानकारी खुद जीआरपी पुलिस एसपी ने साझा की है.
नेपाल बॉर्डर के पास मिली अर्चना तिवारी
मध्य प्रदेश के बहुचर्चित अर्चना तिवारी गुमशुदगी केस में जीआरपी पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है. 12 दिन सर्चिंग के बाद जाकर जीआरपी को अर्चना की लोकेशन मिल सकी और उसे नेपाल बॉर्डर के पास उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से बरामद कर लिया गया है. अब जीआरपी पुलिस टीम अर्चना को लेकर भोपाल पहुंच रही है.
जीआरपी को मिली सफलता
अर्चना तिवारी गुमशुदगी केस में एक के बाद एक आए लगातार ट्विस्ट के बाद अब भोपाल जीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने बड़ा खुलासा किया है. एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया है कि "अर्चना तिवारी जीआरपी पुलिस को मिल गई है. उसे नेपाल बॉर्डर के पास यूपी के लखीमपुर खीरी से बरामद कर लिया गया है. पुलिस उसे लेकर भोपाल पहुंचेगी और इसके बाद यहां उसके बयान लिए जाएंगे." बता दें कि इंदौर से कटनी के लिए 7 और 8 अगस्त की दरमियानी रात नर्मदापुरम एक्सप्रेस ट्रेन से सफर कर रही अर्चना तिवारी गायब हो गई थी. इसके बाद भोपाल में जीआरपी पुलिस में इसको लेकर मामला दर्ज किया गया था.
12 दिन से गायब थी अर्चना तिवारी
एसपी राहुल लोढ़ा ने बताया है कि "मामला दर्ज होने के बाद से ही जीआरपी पुलिस लगातार अर्चना तिवारी की खोजबीन में जुटी हुई थी. पिछले 12 दिनों से जीआरपी टीम युवती को मिडघाट के जंगल, बागड़बा के जंगलों के साथ साथ सभी संभावित इलाकों में उसकी पतासाजी में जुटी हुई थी. इसके लिए सर्चिंग ऑपरेशन के साथ ही ढेरों सीसीटीवी फुटेज भी चेक कराए गए थे. आखिर इतने दिनों बाद जाकर मंगलवार को जीआरपी पुलिस को सफलता हासिल हुई. जीआरपी टीम ने अर्चना तिवारी को नेपाल बॉर्डर के पास उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी से बरामद किया है. और अब पुलिस टीम उसे अलने साथ ले कर भोपाल के लिए रवाना हो चुकी है."
ग्वालियर में भी अर्चना को खोज रही थी जीआरपी पुलिस
बता दें कि अर्चना तिवारी बीते 7 अगस्त को इंदौर से अपने घर कटनी रक्षाबंधन मनाने के लिए निकली थी लेकिन भोपाल तक पहुंचते पहुंचते वह अचानक गायब हो गई. जब ट्रेन कटनी पहुंची तो अर्चना की सीट पर सिर्फ सामान ही परिजनों को मिला था.
इसके बाद मंगलवार को भोपाल जीआरपी टीम ग्वालियर पहुंची थी और यहां भंवरपुरा थाना में पदस्थ आरक्षक राम तोमर को पूछताछ के लिए उठाया था, क्योंकि कॉल डिटेल में राम और अर्चना का एक दूसरे से संपर्क में होने की बात सामने आई थी और बाद में पुलिस पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ था कि, वे दोनों लगभग 2 सालों से एक दूसरे को जानते थे. वहीं मंगलवार को ही अर्चना ने अपने परिजनों को भी कॉल कर बताया था कि वह ठीक है और सुरक्षित है.
'अर्चना के बयान के आधार पर होगी कार्रवाई'
भोपाल जीआरपी एसपी राहुल लोढ़ा ने यह साफ कर दिया है कि "जब यूपी से पुलिस टीम अर्चना तिवारी को अपने साथ लेकर लौटेगी और उसके बाद ही उसके बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी."
MP कैबिनेट का बड़ा फैसला: कर्मचारियों को अतिरिक्त छुट्टी का तोहफ़ा
20 Aug, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मोहन यादव सरकार ने मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए छुट्टियों की व्यवस्था केन्द्र के समान करने का निर्णय लिया है. अब सिंगल पैरेंट्स पुरुष कर्मचारी को भी 15 दिन की छुट्टी मिल सकेगी. इसके साथ ही कैबिनेट ने राजधानी भोपाल में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 को मंजूरी दे दी. यह क्लस्टर भोपाल के बैरसिया तहसील के बांदीखेडी में बनाया जाएगा. विज्ञान एवं टेक्नालॉजी विभाग इसका नोडल विभाग होगा.
इस क्लस्टर के जरिए मध्यप्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेज से निकलने वाले स्टूडेंट्स को गाइडेंस मिलेगा. कैबिनेट ने इसके लिए 371 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति भी दे दी. कैबिनेट में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भोपाल में होने वाले किसान सम्मेलन में शामिल होंगे.
इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर को हरी झंडी
कैबिनेट में हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया "बैरसिया के पास बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर 2.0 के लिए भारत सरकार से 146 करोड़ रुपए का सहयोग मिलेगा, जबकि राज्य सरकार 225 करोड़ रुपए खर्च करेगी. यह क्लस्टर रिसर्च एंड डेवलपमेंट के क्षेत्र में काम करेगा."
10 हजार युवाओं को रोजगार मिलने का दावा
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया "मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में बहुत इन्वेस्टमेंट आ रहा है. इसको देखते हुए रिसर्च एंड डेवलपमेंट की बड़ी आवश्यकता थी. इसके जरिए जितने भी वर्तमान में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के काम हो रहे हैं, उन्हें कनेक्ट किया जाएगा. साइंस एंड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में यह एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी. इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माण की दिशा में नए रास्ते खुलेंगे. इससे प्रदेश में 10 हजार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे."
हर संभाग में आयुष चिकित्सालय को मंजूरी
मंत्री कैलाश विजयवर्गी ने बताया "राज्य सरकार ने अपने में संकल्प पत्र में ऐलान किया था कि हर संभाग के अंदर एक आयुष चिकित्सालय और वैलनेस सेंटर बनाया जाएगा. कैबिनेट की बैठक में सागर, नर्मदापुरम, बालाघाट, शहडोल, मुरैना में आयुष हॉस्पिटल और वैलनेस सेंटर बनाए जाने के लिए कैबिनेट की स्वीकृति दे दी है. इसके लिए 350 करोड़ की स्वीकृति दी गई है."
भोपाल के जीएमसी में एंडोक्रोनोलॉजी रिसर्च सेंटर
भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एंडोक्रोनोलॉजी रिसर्च सेंटर बनाए जाने की भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है. अभी जीएमसी में एमबीबीएस की 250 सीटें हैं. भारत सरकार की योजना के अंतर्गत 134 सीटें स्वीकृत की गई हैं. इसके अलावा 20 नए पदों की भी स्वीकृति भी दी गई है. पदों के सृजन के लिए करीब 1 करोड़ की आवश्यकता आएगी. इस रिसर्च सेंटर से शुगर, थायराइड जैसी लाइफस्टाइल जनित बीमारियों पर रिसर्च के बाद इलाज होगा.
आदिवासी स्टूडेंट्स को 12 माह मिलेगी स्कॉलरशिप
प्रदेश के सरकारी हॉस्टल्स में रहकर पढाई करने वाले बच्चों को अब सिर्फ 10 माह स्कॉलरशिप का लाभ ही नहीं मिलेगा. राज्य सरकार ने कैबिनेट में निर्णय लिया है कि आदिवासी बच्चों को सभी 12 महीने स्कॉलरशिप दी जाएगी, ताकि हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चों को आर्थिक मदद मिल सके. इसके तहत अभी बेटों को 1650 रुपए और बेटियों को 1750 रुपए की स्कॉलरशिप दी जाती है.
सभी जिलों में गीता भवन बनाने को स्वीकृति
नगरीय निकायों में गीता भवन के लिए कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है. सभी जिलों के अंदर गीता भवन बनाए जाएंगे. इसमें कैफेटेरिया, लाइब्रेरी के अलावा इसे धार्मिक सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके लिए सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि यदि नगर निगम नगर पालिका की जमीन ना हो तो राजस्व की जमीन पर यह बनाए जाएं. इसके लिए एक रुपए पर जमीन दी जाए. यह योजना 5 वर्ष के लिए है और इस दौरान सभी जिलों में यह गीता भवन बनाए जाएंगे.
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ दुग्ध-उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग जरूरी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
19 Aug, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के साथ दुग्ध उत्पादों की बेहतर ब्राडिंग, गोवंश की समुचित देखभाल, वेटनरी क्षेत्र में आवश्यक प्रशिक्षण और उन्नत अधोसंरचना स्थापित करने में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की विशेषज्ञता का हरसंभव लाभ लिया जाए। वर्ष 2030 तक प्रदेश के 26 हजार गांवों तक डेयरी नैटवर्क का विस्तार सुनिश्चित किया जाना है। इससे 52 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन होगा। बढ़े हुए दुग्ध संकलन का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए आधुनिकतम दुग्ध प्रसंस्करण अवसंरचना विकसित की जाए। प्रदेश में निर्मित होने वाले दुग्ध उत्पादों की राष्ट्रीय स्तर पर ब्राडिंग सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड और प्रदेश के दुग्ध संघों की गतिविधियों के संबंध में मंत्रालय में हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे।
सभी विश्वविद्यालयों में वैटनरी के कोर्स किए जाएं संचालित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैटनरी कॉउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में वैटनरी के कोर्स संचालित किए जाएं। उन्होंने नगरीयनिकायों की बड़ी गो-शालाओं के उन्नयन और प्रबंधन में राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड से सहयोग लेने की आवश्यकता भी बताई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी दुग्ध संघों में एक समान उत्पाद निर्माण सुनिश्चित करने के लिए स्टेण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर अपनाना आवश्यक है। दुग्ध उत्पादकों को दुध-मूल्य के नियमित और समय पर भुगतान की व्यवस्था की नियमित मॉनीटरिंग हो। जिन क्षेत्रों में दुग्ध संघ की पहुंच सीमित है, वहां निजी दुग्ध व्यवसायियों को अद्यतन तकनीक का आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराकर दुग्ध व्यवसाय को प्रोत्साहित और सशक्त किया जाए। प्रदेश के दुग्ध संघ, मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और मध्यप्रदेश कृषि उद्योग निगम में बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो।
सभी दुग्ध संघ अपने सदस्यों की बेहतरी के लिए कर रहे हैं नवाचार
बैठक में जानकारी दी गई कि सम्पूर्ण डेयरी चैन का डिजिटाइजेशन करने के लिए दुग्ध संघों में प्रक्रिया आरंभ की गई है। दुग्ध संकलन के लिए इंदौर दुग्ध संघ द्वारा मोबाइल एप का उपयोग आरंभ किया गया है, जिससे दुग्ध उत्पादकों को उनके द्वारा प्रदाय किए गए दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल प्राप्त होती है। भोपाल दुग्ध संघ द्वारा शहरी उपभोक्ताओं को दूध की गुणवत्ता की जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 'दूध का दूध-पानी का पानी' अभियान आरंभ किया गया है। भोपाल दुग्ध संघ ने 'सांची भात योजना' भी आरंभ की है, जिसमें सहकारी समितियों के सदस्यों की बेटियों के विवाह के अवसर पर दुग्ध संघ की ओर से 11 हजार रूपए और वस्त्र, भात के रूप में प्रदान किए जाएंगे। उज्जैन दुग्ध संघ द्वारा पशुधन स्वास्थ्य में सुधार के लिए विशेष अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।
बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास उमाकांत उमराव, चेयरमैन राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड डॉ. मीनेष शाह, वेटनरी कॉउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. उमेश शर्मा सहित पदाधिकारी उपस्थित थे।
लव जिहाद और ड्रग माफिया पर कसेंगे शिकंजा, अपराधियों को लगाएंगे ठिकाने : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
19 Aug, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा। लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है। राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है। सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे। सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को नर्मदापुरम रोड स्थित आमिर मैजेस्टिक पार्क में आयोजित रक्षाबंधन महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों से राखियां भी बंधवाईं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार नारी सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है। रक्षाबंधन से पहले बहनों को लाड़ली बहना योजना की मासिक किश्त सहित 250 रुपए का शगुन अलग से भेजा गया है। बहनों के हाथ में यश होता है, लक्ष्मी पूजन भी उन्हीं के माध्यम से होता है। अब दीपावली के बाद भाई-दूज से प्रदेश भर की लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की सौगात मिलेगी। बहनों का स्नेह मेरे जीवन का सबसे बड़ा आधार है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बहनों की ओर से बड़ी राखी भेंट की गई, इसके बाद अनेक लाड़ली बहनों ने उन्हें राखियां बांधीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि बहनों के साथ बैठने से माता और पिता दोनों का प्रेम एक साथ मिल जाता है, जीवन धन्य हो जाता है। परिवार में बहन-भाई का रिश्ता युगों-युगों से अटूट है। महाभारत काल में भगवान श्रीकृष्ण और द्रोपदी का रिश्ता भाई-बहन के प्रेम का उत्कृष्ट उदाहरण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र में 200 करोड़ की लागत से सीवर लाइन सहित अन्य विकास कार्य किए जाएंगे। स्थानीय विधायक एवं पूर्व प्रोटेम स्पीकर श्री रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव बेटियों की सुरक्षा और लाड़ली बहनों के कल्याण के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। रक्षाबंधन पर्व पर प्रदेशभर की बहनों ने अपने भाई और मुख्यमंत्री को राखी बांधी है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव के संबोधन के अन्य बिंदु
राज्य सरकार बहनों को शीघ्र ही, दीपावली भाईदूज से लाड़ली बहन योजना में 1500 रूपये मासिक की राशि देना प्रारंभ करेगी।
शासकीय सेवाओं में मध्यप्रदेश सरकार बहनों को 35% आरक्षण दे रही है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री मोदी जी ने प्रजातांत्रिक व्यवस्था में लोकसभा विधानसभा सहित अन्य संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब हमारी बहनें विधायक, सांसद ही नहीं अन्य पदों पर भी निर्वाचित होंगी।
देवी अहिल्याबाई होल्कर, वीरांगना रानी दुर्गावती, रानी लक्ष्मीबाई, रानी कमलापति हमारे समाज में साहस शौर्य और सुशासन की प्रतीक हैं।
उद्योगों में काम करने वाली बहनों को विशेष रूप से गारमेंट जैसे रोजगार परक उद्योग में कार्यरत बहनों को 5 हजार प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय लिया गया है।
हाल ही में रक्षाबंधन पर बहनों को 250 रूपए शगुन की राशि भी प्रदान की गई।
मेक इन इंडिया के तहत भोपाल जिले में EMC 2.0 परियोजना की स्थापना की स्वीकृति
19 Aug, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार की इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर्स (EMC) 2.0 परियोजना अंतर्गत सामान्य सुविधाओं (CFC) के साथ विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के विकास के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन तथा विनिर्माण (ESDM) क्षेत्र के संवर्धन को बढ़ावा दिये जाने के लिए भोपाल की तहसील बैरसिया के ग्राम बांदीखेड़ी में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना के लिए उपलब्ध 210.21 एकड़ भूमि पर परियोजना लागत 371 करोड़ 95 लाख रूपये की सैद्धांतिक स्वीकृति जारी की गयी है। इसमें से राशि 146 करोड़ 63 लाख रूपये केन्द्रांश एवं 225 करोड़ 32 लाख रूपये राज्यांश होगा। भारत सरकार की प्राथमिकता के अनुसार डिजिटल इंडिया एवं मेक इन इंडिया की अवधारणा को साकार करने में EMC 2.0 इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स (EMCs) योजना की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
EMC 2.0 योजना, सामान्य सुविधा केंद्रों (सीएफसी) की स्थापना में भी सहयोगी होगी। उन्हें ऐसे क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा, जहां बड़ी संख्या में मौजूदा विनिर्माण इकाइयां स्थित हैं, जिनके अंतर्गत सामान्य तकनीकी बुनियादी ढांचे के उन्नयन और ईएमसी, औद्योगिक क्षेत्रों/पाकों/औद्योगिक गलियारों में इकाइयों के लिए सामान्य सुविधाएं प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। EMC 2.0 परियोजना से इलेक्ट्रॉनिक उद्योग के लिए एक मजबूत बुनियादी ढांचा आधार तैयार होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ईएसडीएम) क्षेत्र में नए निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। निर्माण इकाइयों में रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी। निर्माण इकाईयों द्वारा भुगतान किए जाने के फलस्वरूप करों के रूप में शासकीय राजस्व में वृद्धि होगी। उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र के विकास में मदद मिलेगी, साथ ही नवाचार को गति और देश के आर्थिक विकास को उत्प्रेरकता प्राप्त होगी।
5 नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 1570 पदों की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदापुरम, मुरैना, बालाघाट, शहडोल और सागर में नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय और वैलनेस सेंटर खोलने के लिए 1570 पदों की स्वीकृति दी गई है। इनमें 715 नियमित पद एवं 855 पद आउटसोर्स के माध्यम से भरे जायेंगे। प्रदेश में संभाग स्तर पर एक आयुर्वेदिक मैडिकल कालेज की स्थापना होगी, जिससे आयुर्वेद उपचार एवं वैलनेस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।
राष्ट्रीय आयुष मिशन के फण्ड से नर्मदापुरम, मुरैना, बालाघाट, शहडोल और सागर में नवीन शासकीय आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय शासकीय पद्धति से खोले जाने हैं। इनमें महाविद्यालय भवन, 100 बैड चिकित्सालय परिसर, 100 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास भवन, आवासीय भवन और फार्मेसी भवनों का निर्माण भारतीय चिकित्सा पद्धति के निर्धारित मापदण्ड अनुसार किया जाएगा। संबंधित जिले में शासकीय भूमि आबंटित की जा चुकी है। राष्ट्रीय मिशन अंतर्गत प्रत्येक आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 70 करोड़ रूपये के मान से 350 करोड़ रूपये का 60:40 के अनुपात में प्रावधान किया गया है।
गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल में इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल के अंतर्गत इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की स्थापना एवं 20 नवीन पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है। विभाग के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न संवर्गों के कुल 20 नवीन पदों का सृजन किया जाएगा। इनमें प्राध्यापक का 1, सहायक प्राध्यापक का 1, सीनियर रेसीडेंट के 2, जूनियर रेसीडेंट के 2, सीनियर नर्सिंग ऑफीसर के 2 और नर्सिंग ऑफीसर के 12 पद शामिल हैं। साथ ही 1 डायटीशियन को आउटसोर्स आधार पर निश्चित वेतनमान पर नियुक्त किया जायेगा।
इस निर्णय से राज्य में हार्मोन संबंधी रोगों के निदान एवं उपचार में उच्च गुणवत्ता की विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी तथा सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी। साथ ही चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण का विस्तार होगा। इंडोक्राइनोलॉजी के क्षेत्र में शोध और नवाचार को बढ़ावा भी मिलेगा।
जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयीन छात्रावासों में 12 माह के लिए शिष्यवृत्ति दिये जाने की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत संचालित महाविद्यालयीन छात्रावासों में मैस संचालन के लिये 10 माह के स्थान पर 12 माह के लिए शिष्यवृत्ति दिये जाने का निर्णय लिया गया है। यह शिष्यवृत्ति छात्रावासों में विद्यार्थियों की उपस्थिति के आधार पर दी जायेगी। वर्तमान में छात्र को 1650 रूपये प्रतिमाह और छात्राओं को 1700 रूपये प्रतिमाह शिष्यवृत्ति दी जाती है।
मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 का अनुमोदन
मंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 का अनुमोदन किया गया है। अनुमोदन अनुसार प्रचलित नियम मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में परिवर्तन की आवश्यकता के दृष्टिगत नवीन अवकाश नियम मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 तैयार किया गया है। नवीन अवकाश नियम 2025 के नवीन प्रावधानों में महिला शासकीय सेवक सेरोगेट / कमीशनिंग मां को भी प्रसूति अवकाश की पात्रता होगी। अवकाश विभागों के शैक्षणिक संवर्ग को एक वर्ष में 10 दिवस के अर्जित अवकाश की पात्रता होगी। दत्तक संतान ग्रहण करने के लिये शासकीय सेवकों को कुल 15 दिवस के पितृत्व अवकाश की पात्रता होगी।
इसके साथ ही संतान पालन अवकाश की पात्रता एकल पुरुष शासकीय सेवक को भी होगी। अर्धवेतन अवकाश को अवकाश खाता में अग्रिम रूप से जमा किया जायेगा। यह अवकाश 01 जनवरी को 10 दिवस एवं 01 जुलाई को पुनः 10 दिवस के मान से अवकाश लेखे में अंकित किया जायेगा। अर्जित अवकाश की एक बार प्राप्त करने की अधिकतम अवधि 120 दिन से बढ़ायी जाकर 180 दिवस की गयी है। दिव्यांग अथवा गंभीर अस्वस्थ शासकीय सेवक के अवकाश आवेदन प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को सुलभ बनाया गया है, अब परिवार के सदस्य भी आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। अवकाश स्वीकृत करने के अधिकारों का प्रत्यायोजन के संबंध में नियमों में भी प्रावधान किये गये है। नियम के प्रकाशन एवं अन्य अनुवर्ती कार्यवाही के लिए वित्त विभाग को अधिकृत किया गया है। मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 के प्रभावशील होने से राज्य के कोष पर अतिरिक्त व्यय भार नगण्य होगा।
नगरीय निकायों में "गीता भवन" स्थापना योजना की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा समाज में पठन-पाठन की रूचि को जागृत करने के लिए और सर्वसुविधायुक्त वैचारिक अध्ययन केन्द्र के साथ-साथ साहित्यिक और संस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से, नगरीय निकायों में "गीता भवन" स्थापना योजना को स्वीकृति प्रदान की गयी है। योजना की अवधि पांच वर्ष, 2025-26 से वर्ष 2029-30 तक होगी। गीता भवन के निर्माण, विस्तार, संधारण और अतिरिक्त निर्माण के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता राज्य शासन द्वारा प्रदान की जाएगी। गीता भवनों का निर्माण राज्य वित्त पोषण पर आधारित होने से उनका स्वामित्व राज्य शासन का होगा। योजना को 5 वर्षों में क्रियान्वित किया जायेगा एवं नवीन गीता भवनों का निर्माण पीपीपी मोड में उपलब्ध विभिन्न मॉडल्स यथा Hybrid Annuity Model, सेवा शुल्क आधारित Model के अंतर्गत ही किया जायेगा।
मुरैना जिले में कैलारस कारखाना को MSME विभाग को हस्तांतरित किये जाने का निर्णय
मंत्रि-परिषद द्वारा मुरैना जिले में मुरैना मंडल सहकारी शक्कर कारखाना कैलारस के परिसमापन की कार्यवाही पूर्ण किये जाने एवं कारखाने की समस्त भूमियों 22.340 हेक्टेयर को शासन में वेष्ठित किये जाने का निर्णय लिया गया है। निर्णय अनुसार MSME विभाग को मुरैना जिले में रोजगार आधारित उद्योगों के विकास के लिए कारखाना को हस्तांतरित किया जायेगा। इसके लिए MSME विभाग के माध्यम से कारखाना के परिसमापक को उचित प्रतिफल लगभग 61 करोड़ रुपये उपलब्ध कराया जायेगा। निर्णय अनुसार राज्य शासन से परिसमापक को जो राशि प्रदान की जायेगी, उसका उपयोग कर्मचारियों की देनदारियों, किसानों के पूर्व वर्षों के भुगतान सहित अन्य देनदारियों के निराकरण में किया जायेगा। कारखाना के प्लांट एवं मशीनरी का विक्रय पारदर्शी प्रक्रिया अपनाकर लोक परिसंपति प्रबंधन विभाग द्वारा किया जायेगा और विक्रय राशि परिसमापक को उपलब्ध करायी जायेगी। मुरैना मण्डल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित कैलारस जिला मुरैना का पंजीयन वर्ष 1965 में हुआ था। कारखाना सिंचाई की असुविधा, गन्ने की अनुपलब्धता एवं अन्य प्रबंधकीय कारणों से निरंतर घाटे में रहा, जिसके परिणाम स्वरूप वर्ष 2008-09 से लगातार बंद है। कारखाना की देनदारियाँ 54.81 करोड़ रूपये हैं। इन परिस्थितयों को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है।
दिल्ली में जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम, जल्द हो सकता है अर्चना की लोकेशन का खुलासा
19 Aug, 2025 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर। 12 दिनों बाद पुलिस को अर्चना का सुराग मिला है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अर्चना तिवारी ने अपने घर पर फोन करके परिवार से बात की है। बताया जा रहा है कि अर्चना ग्वालियर में है और सुरक्षित है, जानकारी के मुताबिक अर्चना के घरवाले बेटी से मिलने के लिए ग्वालियर रवाना हो चुके हैं।
250 जवान कर रहे अर्चना की तलाश
अर्चना तिवारी की तलाश में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। इस सर्च ऑपरेशन भोपाल और जबलपुर रेलवे पुलिस के करीब 250 जवान इस सर्च ऑपरेशन में लगे हुए हैं। इंदौर से लेकर जबलपुर तक के रेलवे ट्रैक के पास बने पुल, जंगल और नदियों पर बड़ा सर्चिंग अभियान किया जा रहा है। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस दिल्ली पहुंची है और वहां लोगों से पूछताछ कर रही है। रेल SP राहुल लोढ़ा ने जानकारी देते हुए बताया है कि अर्चना के परिजनों से पूछताछ में कुछ सुराग मिले हैं, रेल SP ने कहा है कि मामले में जल्द बड़े खुलासे होंगे।
अर्चना ने अपने घरवालों से की बात
12 दिनों बाद पुलिस को अर्चना का सुराग मिला है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अर्चना तिवारी ने अपने घर पर फोन करके परिवार से बात की है। बताया जा रहा है कि अर्चना ग्वालियर में है और सुरक्षित है, जानकारी के मुताबिक अर्चना के घरवाले बेटी से मिलने के लिए ग्वालियर रवाना हो चुके हैं। मामले में जीआरपी ने ग्वालियर के भंवरपुरा पुलिस थाने में तैनात राम तोमर को हिरासत में लिया है। जीआरपी ने जवानों ने अर्चना तिवारी के लापता होने के मामले में आरक्षक से पूछताछ की, इस मामले में कॉन्स्टेबल ने बताया कि उसने अर्चना तिवारी के लिए इंदौर से ग्वालियर तक के लिए ट्रेन का टिकट बुक कराया था। हिरासत मेंं लिए आरक्षक से बारीकी से पूछताछ की जा रही है और जानने की कोशिश की जा रही है कि अर्चना से उसका क्या कनेक्शन है। हालांकि रेल SP ने बताया कि अर्चना के गायब होने में अभी तक आरक्षक की कोई भूमिका नहीं है।
मोहन कैबिनेट की बैठक में कई अहम फैसले, भोपाल में बनेगा इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
19 Aug, 2025 03:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में कैबिनेट बैठक हुई। इस मीटिंग में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी और कई निर्णयों पर सहमति बनी। इसकी जानकारी कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दी। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने एक लाख करोड रुपये की योजना युवाओं के लिए शुरू की है। इस योजना का लाभ उन युवाओं को मिलेगा जो पहली बार नौकरी करने जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि 15 हजार रुपये केंद्र सरकार से मिलेंगे और फैक्ट्री वाले अलग से युवाओं को देंगे। 3.5 करोड़ युवाओं को रोजगार मिलेगा. प्रोत्साहन राशि से युवाओं में रोजगार का अवसर मिलेगा।
भोपाल में खुलेगे इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
कैबिनेट मीटिंग में निर्णय लिया गया कि भोपाल के बैरसिया में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह बहुत महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश में चल रहा है। ये प्रोजेक्ट भारत सरकार की मदद से स्थापित किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग इसमें 371 करोड़ का निवेश करेगा और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए काम करेगा। मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक के क्षेत्र में काफी ज्यादा संभावनाएं हैं, इसलिए सबसे ज्यादा रिसर्च डेवलपमेंट की जरूरत है। भारत सरकार की मदद से 225 करोड़ राज्य से खर्च किया जाएगा।
3 नए आयुर्वेदिक कॉलेज खोले जाएंगे
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि हर जिले में एक वेलनेस सेंटर बनाने का हमने घोषणा पत्र में वादा किया था। पांच आयुर्वेदिक महाविद्यालय बन गए हैं, सागर, शहडोल, नर्मदापुरम की स्वीकृति मिली है। हर महाविद्यालय के निर्माण के लिए 70 करोड़ रुपए का खर्च किए जाएंगे, मंत्रिपरिषद की ओर से 300 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में एंडोक्रिनोलॉजी के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट का काम किया जाएगा, इस विभाग की जरूरत काफी समय से थी। इस व्यवस्था के लिए कैबिनेट ने एंडोक्रिनोलॉजी के लिए स्थापना की स्वीकृति दी है. 250 सीट उपलब्ध हैं।
12 महीने की छात्रवृत्ति मिलेगी
अभी तक आदिवासी बच्चों को 10 महीने की छात्रवृत्ति देती थी. अब 12 महीने की छात्रवृत्ति दी जाएगी. कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि बीच-बीच में कॉम्पिटेटिव एक्जाम होते हैं, उन्हें हॉस्टल में रहना पड़ता है. कुछ लोग हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करना चाहते हैं. उसमें खर्चा आता है. सरकार ने इस पर ध्यान दिया है. छात्रओं को 1650 रुपये और छात्राओं को 1700 रुपये दिए जाएंगे.
15 दिन की पैटरनिटी लीव दी जाएगी
कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि महिलाओं को बच्चों के लालन-पालन के लिए छुट्टी दी जाएगी. सरोगेसी के लिए भी मदद दी जाएगी. बच्चों के लालन- पालन के लिए पिता को भी 15 दिन की स्वीकृति दी गई है, यह नया प्रावधान किया गया है. सिंगल पेरेंट्स को भी यह सुविधा मिलेगी. दिव्यांग अधिकारी को अभी तक आवेदन छुट्टी के लिए जरूरी होता था, अब छुट्टी के बाद भी वह आवेदन दे सकता है. भारत सरकार के जितने भी प्रावधान थे, उसे मध्य प्रदेश सरकार ने सिविल सेवा के अधिकारियों के लिए लागू किया है.
NCB का तगड़ा एक्शन: भोपाल से पकड़ी गई मेफेड्रोन की अवैध लैब, 92 करोड़ का माल जब्त
19 Aug, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: करीब 10 महीने पहले भोपाल में ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री मिलने के बाद एकबार फिर राजधानी भोपाल में नशे की अवैध फैक्ट्री पकड़ाई है। इस फैक्ट्री से 92 करोड़ रुपए कीमत की 61.2 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स भी मिली है। यह कार्रवाई डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने ऑपरेशन 'क्रिस्टल ब्रेक' चलाकर की है।
सूरत और मुंबई की पुलिस ने दिया साथ
डीआरआई ने इस अवैध दवा निर्माण कारखाने का भंडाफोड़ करने के अभियान के दौरान सूरत और मुंबई पुलिस ने भी डीआरआई की मदद की है। बताया जा रहा है कि डीआरआई को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि भोपाल में नशे की फैक्ट्री संचालित है।
कई राज्यों में की छापेमारी
इसके बाद ही डीआरआई ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापे भी मारे और इस गिरोह के 7 प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। भोपाल में 16 अगस्त को भोपाल के जगदीशपुर (पूर्व में इस्लाम नगर) स्थित इस अवैध फैक्ट्री की तलाशी ली गई। इस कार्रवाई में 61.2 किलोग्राम मेफेड्रोन लिक्विड रूप में बरामद कर जब्त की गई, जिसकी कीमत 92 करोड़ रुपए आंकी गई है।
भोपाल की फैक्ट्री से कच्चा माल भी मिला
यहां से 541.53 किलोग्राम कच्चा माल, जिसमें मेथिलीन डाइक्लोराइड, एसीटोन, मोनोमेथिलमाइन (एमएमए), हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल) और 2 ब्रोमो शामिल हैं, उसे भी प्रोसेसिंग मशीनों के साथ जब्त किया है। सभी 7 आरोपियों ने भारत में मेफेड्रोन नेटवर्क के लिए एक विदेशी संचालक और सरगना की भूमिका है, जिसके निर्देश पर मेफेड्रोन के गोपनीय तौर पर निर्माण में ये शामिल थे।
क्या है मेफेड्रोन
मेफेड्रोनएक मनोविकार नाशक पदार्थ है जो एनडीपीएस एक्ट 1985 में लिस्टेड है, यह समाज के लिए एक गंभीर खतरा है। यह पिछले एक साल में देश में डीआरआई द्वारा ध्वस्त की गई छठी गुप्त मेफेड्रोन फैक्ट्री है। माना जाता है कि यह कोकीन और एम्फैटेमिन के उपयोग के समान प्रभाव पैदा करता है।
10 महीने पहले भी की बड़ी कार्रवाई
गौरतलब है कि 6 अक्टूबर 2024 को दिल्ली नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और गुजरात एटीएस ने भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र बगरोदा स्थित फैक्टरी पर छापा मारा था। वहां से 1814 करोड़ रुपए मूल्य की 900 किलोग्राम एमडी ड्रग बरामद हुई थी। छापेमारी में भोपाल के अमित चतुर्वेदी और नागपुर के शान्याल बाने को गिरफ्तार किया गया। बाद में मंदसौर के हरीश आंजना और एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया। बाद में पुलिस ने अमित चतुर्वेदी के गोदाम से ड्रग निर्माण में इस्तेमाल होने वाला 60 लाख रुपये का कच्चा माल भी जब्त किया था।
MPCA की कमान संभाल सकते हैं महाआर्यमन सिंधिया, जानिए कैसे हो रहा रास्ता साफ
19 Aug, 2025 01:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का अगला अध्यक्ष कौन होगा। दो सितंबर को इसके लिए वोटिंग है। इस रेस में सबसे आगे महाआर्यमन सिंधिया चल रहे हैं। उनके नाम सामने आते ही यह संभावना जताई जा रही है कि क्या वे निर्विरोध अध्यक्ष बन जाएंगे। क्योंकि उनके पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया अब बीजेपी में है। कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनकी पुरानी अदावत भी खत्म हो गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि महाआर्यमन सिंधिया निर्विरोध एमपीसीए के अध्यक्ष बन सकते हैं। संजय जगदाले का गुट भी कई महत्वपूर्ण पदों पर जीत हासिल कर सकता है।
अभी अभिलाष खांडेकर हैं अध्यक्ष
दरअसल, एमपी क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष अभी अभिलाष खांडेकर हैं। उनका दूसरा कार्यकाल पूरा हो रहा है। सूत्रों के अनुसार महाआर्यमन सिंधिया को इसके लिए नामित करने की तैयारी चल रही है। अभी महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर क्रिकेट डिवीजन के उपाध्यक्ष हैं।
एमपी प्रीमियर लीग की शुरुआत की
महाआर्यमन सिंधिया ने दो साल पहले ग्वालियर में एमपी प्रीमियर लीग सिंधिया कप की शुरुआत की थी। इसमें उन्होंने अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखाई है। साथ ही यह लीग सफल रही है। एक सीनियर क्रिकेटर ने कहा कि लीग के जरिए महाआर्यमन सिंधिया ने दिखा दिया है कि महाआर्यमन में बड़ी जिम्मेदारियां लेने की क्षमता है।
विरोधी गुटों को भी साधने की तैयारी
वहीं, पहले इस लीग को इंदौर में आयोजित करने की प्लानिंग थी। लेकिन बाद में ग्वालियर में हुआ। सूत्रों ने बताया है कि एसोसिएशन के चुनाव में संजय जगदाले और कैलाश विजयवर्गीय गुट के सदस्यों को भी अहम पद मिल सकते हैं। ताकि उनदोनों को भी साधा जा सके।
इंदौर में पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन
वहीं, चुनाव से पहले, एसोसिएशन के आठ डिवीजनों के अधिकारी सोमवार को इंदौर में MPCA पुरस्कार समारोह के लिए पहुंचे। एक वरिष्ठ सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चूंकि सभी लोग इंदौर में थे, इसलिए चुनाव से पहले मिलने का यह एक अच्छा मौका था। अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। अभी तक यह साफ है कि अध्यक्ष पद के लिए एक नाम तय हो गया है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया भी रह चुके हैं अध्यक्ष
गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके पिता माधवराव सिंधिया भी पहले MPCA के अध्यक्ष रह चुके हैं। अध्यक्ष पद के लिए चुनाव तो बिना विरोध के होने की उम्मीद है। लेकिन सचिव पद के लिए मुकाबला हो सकता है। सूत्रों के अनुसार, जगदाले गुट का कोई सदस्य इस पद के लिए चुना जा सकता है।
12 दिन बाद लापता अर्चना ने घर पर किया फोन कॉल
19 Aug, 2025 12:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर। 12 दिनों से लापता अर्चना तिवारी का सुराग मिला है। सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि अर्चना ने घर पर फोन किया है और परिवार से बात की है। अर्चना ने भाई से बात की है, इसके साथ ही बताया जा रहा है कि अर्चना तिवारी सुरक्षित हैं और ग्वालियर में हैं।
कॉन्स्टेबल ने बुक करवाई थी टिकट
ग्वालियर के भंवरपुरा पुलिस थाने में तैनात राम सिंह तोमर ने इंदौर से ग्वालियर तक का टिकट बुक करवाया था। कॉन्स्टेबल को जीआरपी पुलिस ने हिरासत में लिया था। उसने पूछताछ में बताया था कि उसने ही अर्चना के लिए ट्रेन में टिकट बुक कराया था।
खाद न मिलने से छिंदवाड़ा में हंगामा, गुस्साई महिला ने पुलिस को चप्पल दिखाकर सुनाई खरी-खोटी
19 Aug, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: रात-रात भर यूरिया खाद के लिए गोदाम के बाहर लाइन लगाने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिली तो उनका गुस्सा फूट पड़ा. नाराज किसानों ने सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस दौरान उन्हें सड़क से हटाने पहुंची पुलिस और किसानों के बीच झड़प हो गई. बताया जा रहा है कि पुलिसकर्मी द्वारा डंडा चलाने पर एक महिला ने अपनी चप्पल निकाल ली. वहीं, इस दौरान पथराव भी किया गया, जिसमें 1 व्यक्ति घायल हो गया.
किसानों ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन
यूरिया की कमी को लेकर सोमवार को किसान आक्रोशित हो गए. जानकारी के अनुसार दूर-दराज से आए कई किसानों न पूरी रात खाद वितरण केंद्र पर ही बिताई. इसके बाद सुबह 6 बजे से यूरिया लेने के लिए लाइन में लग गए. जब उन्हें यूरिया नहीं मिली तो गुस्सा फूट पड़ा और सिवनी–छिंदवाड़ा मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया.
महिला ने पुलिस को दिखाई चप्पल
किसान नेता और कांग्रेस जिलाध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने बताया कि "सड़क जाम होने की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची. पुलिस ने किसानों को सड़क से हटाने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच झड़प हो गई." जिसके बाद एक पुलिस ने डंडा चलाया तो एक महिला अपनी चप्पल उतार पुलिस पर हमला कर दिया. वहीं, केंद्र पर पदस्थ कर्मचारी द्वारा किसानों से अभद्र व्यवहार किए जाने की भी शिकायत सामने आई है.
पथराव में 1 व्यक्ति घायल
प्रदर्शन के दौरान जब स्थिति तनावपूर्ण हो गई तो पथराव शुरू हो गया. जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया. बताया गया कि चौरई निवासी खगेश रघुवंशी घर लौट रहे थे. तभी पत्थर लगने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए. उनके सिर पर चोट आई है, जिसके चलते उन्हें चौरई अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. वहीं, लाइन में लगी एक महिला भी बेहोश हो गई जिसे अस्पताल भेजा गया. आरोप लगाया जा रहा है कि महिला को चोट लगी जिससे वह बेहोश हो गई.
खाद की ब्लैक मार्केटिंग का आरोप
किसानों ने वितरण केंद्र पर यूरिया खुलेआम ब्लैक में बेचे जाने का आरोप लगाया है. किसान नेता गगन चौधरी ने बताया कि "गोदाम से गाड़ियों में भरकर यूरिया बाहर भेजी जा रही है, लेकिन किसानों को जरूरत के अनुसार पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिल रही है." इसके साथ ही वितरण केंद्र पर व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए गए. कहा गया कि यूरिया वितरण केंद्र पर न तो पीने के पानी की व्यवस्था है और न ही धूप–बारिश से बचाव के इंतजाम.
आश्वासन मिलने पर हटा जाम
घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि मंगलवार से यूरिया का वितरण व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा. आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने चक्काजाम खत्म कर दिया. अस्पताल पहुंचे एसडीएम सुधीर जैन ने बताया कि "वितरण केंद्र पर दोपहर में 55 वर्षीय किरण बेहोश हो गई थी. जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसकी हालत स्थिर है. उसके साथ पुलिस या किसी अन्य के द्वारा मारपीट नहीं की गई है."
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