मध्य प्रदेश
व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है भाषा : राज्यपाल ने प्रदान किए हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान
4 Oct, 2025 08:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल, 4 अक्टूबर 2025, शनिवार राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि “भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि एक संपूर्ण संस्कृति है, जो व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है।” वे मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा हिन्दी भवन, भोपाल में आयोजित हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने विभिन्न श्रेणियों में लेखकों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और युवा साहित्यकारों को समिति द्वारा स्थापित पुरस्कारों से सम्मानित किया। इसी क्रम में हिन्दी लेखिका संघ की प्रांताध्यक्ष डॉ. साधना गंगराड़े को भी हिन्दी सेवी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्हें राज्यपाल श्री पटेल ने शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में समिति के उपाध्यक्ष द्वय श्री रघुनंदन शर्मा एवं डॉ. रंजना अरगड़े, राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. मनोज श्रीवास्तव, वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. महेश सक्सेना, तथा सप्रे संग्रहालय के संचालक श्री विजय दत्त श्रीधर सहित अनेक राष्ट्रभाषा प्रेमी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी की लोकप्रियता विश्व भर में बढ़ी है। “जब मोदी जी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हिन्दी में बोलते हैं, तो पूरा विश्व ध्यानपूर्वक सुनता है,” उन्होंने कहा।उन्होंने कहा कि हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में समन्वय से भारतीय भाषाओं का वैश्विक सम्मान और बढ़ेगा। राज्यपाल ने हिन्दी सेवियों से अनुरोध किया कि वे हिन्दी के प्रसार से जुड़ी भ्रामक शंकाओं को दूर करने के लिए संवाद सेतु बनें।
अस्पताल की बड़ी लापरवाही: प्रसव पीड़ा में तड़पती रही महिला, डॉक्टर जश्न में डूबे रहे, समय पर नहीं मिली मदद
4 Oct, 2025 08:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते एक महिला का बच्चा पैदा होने से पहले ही मर गया। महिला ने बताया कि जब वह प्रसव पीड़ा के साथ अस्पताल पहुंची तो डॉक्टरों की पार्टी चल रही थी। समय पर इलाज न मिलने से उसका बच्चा मर गया। यह पीड़ा कर्मचारी आवास कॉलोनी निवासी धर्मेंद्र सेंगर की पत्नी सोन दुर्गा की है। गुरुवार को जब उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो वह इस आस में कमला राजा अस्पताल पहुंची थी कि वहां के डॉक्टर सब ठीक कर देंगे। पति धर्मेंद्र भी अपने होने वाले बच्चे को लेकर इतना चिंतित था कि आनन-फानन में डॉक्टरों के पास पहुंचा लेकिन अस्पताल में मौजूद डॉक्टर और स्टाफ ने कोई सुध नहीं ली।
पार्टी में व्यस्त थे डॉक्टर, तड़प रही थी प्रसूता
धर्मेंद्र का कहना है कि जब वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचा और उसने इलाज की बात कही तो उसकी बात को यह कहकर टाल दिया गया कि डॉक्टर साहब लोग अभी पार्टी में व्यस्त हैं। उधर उसकी प्रसूता पत्नी दर्द से तड़प रही थी, लेकिन उसे अटेंड करने वाला कोई नहीं था। प्रसव पीड़ा अपने चरम पर थी, कि अचानक बच्चा बाहर आने लगा। अभी आधा बाहर आया ही था कि डॉक्टर पहुंच गए। इलाज भी शुरू हुआ लेकिन अफसोस मासूम ने पैदा होने से पहले ही दम तोड़ दिया था।
जिम्मेदारी से बचते नजर आए डॉक्टर
पति धर्मेंद्र ने आरोप लगाया है कि यदि समय रहते इलाज शुरू हो गया होता उसके कलेजे के टुकड़े की जान बच सकती थी। घटना से आहत दंपति ने अस्पताल परिसर में कई घंटों तक धरना दिया और प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। वहीं दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन अपनी जिम्मेदारी से बचता नजर आया। डॉक्टरों से जब इस घटना पर बात की गई तो उनका कहना है कि प्रसूता को जब लाया गया, तब तक बच्चे की धड़कन नहीं थी।
3 दिन में होगी जांच
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। उन्होंने 3 सदस्यीय टीम गठित की है। जो 3 दिन में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इसके बाद प्रबंधन में यदि किसी की लापरवाही पाई जाती है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल का अनोखा कदम: दुर्गा जी को चढ़ाए नीबू से तैयार होगा स्प्रे, तालाब-कुंड होंगे प्रदूषण मुक्त
4 Oct, 2025 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपालः नवरात्रि के दौरान शहर में 5000 दुर्गा पंडाल बनाए गए थे। इन पंडालों में दुर्गा प्रतिमाओं पर नींबू चढ़ाए गए थे। अब ये नींबू बेकार नहीं जाएंगे। नगर निगम ने अनूठा कदम उठाते हुए इन नींबुओं का उपयोग पर्यावरण संरक्षण के लिए किया है। इन नींबूओं को इकट्ठा कर बायो एंजाइम तैयार किया जाएगा। यह तालाब और कुंडों की सफाई में इस्तेमाल होगा। दरअसल, शहर में 'वेस्ट टू वेल्थ' यानी बेकार चीजों से पैसे कमाने की दिशा में भोपाल में नवाचार किया जा रहा है। इसके लिए दुर्गा पूजा के बाद प्रतिमाओं को चढ़ाए गए नीबूओं को इकट्ठा किया गया है। इसमें अन्य सामग्री मिलाकर एक स्प्रे तैयार होगा।
दुर्गा पंडालों से इकट्ठा हुए 2 टन नींबू
नगर निगम के अफसरों का अनुमान है कि इस नवरात्रि में भोपाल में अलग-अलग दुर्गा जी की प्रतिमाओं से 2 टन से ज्यादा नींबू इकट्ठा हुए हैं। इन नीबूओं के उपयोग से 10 हजार लीटर स्प्रे तैयार किया जाना है। इस स्प्रे में संतरे के छिलके और सड़े गुड़ को भी मिलाया जाएगा। इसके बाद तालाब-कुंड में डाला जाएगा। इस एंजाइम से पानी साफ और स्वच्छ होगा।
गणेशोत्सव से शुरू हुआ था प्रयोग
गौरतलब है कि पिछले दिनों हुए गणेश उत्सव के दौरान भी बायो एंजाइम बनाने का प्रयोग किया गया था, जो कि सफल रहा था। हालांकि उस समय इतनी अधिक मात्रा में नींबू इकट्ठा नहीं हुए थे। लेकिन अब नवरात्रि के 9 दिनों में करीब 5 हजार पंडाल में निगम की निर्माल्य सामग्री इकट्ठा किया। इनमें से नींबू को अलग कर बायो इंजाइम बनाने की प्रक्रिया शुरू की। शुरूआती 6 दिनों में 2 टन नींबू जमा हुए, लेकिन आखिरी 3 दिन में ही नींबूओं की मात्रा 8 टन से ज्यादा हो गई।
ऐसे बनता है बायो एंजाइम
दुर्गा पंडालों में पूजन सामग्री में से नीबू को अलग इकट्ठा किया जाता है। नीबू को मशीन में डालकर रस निकाला जाता है। इसे केन के अंदर भरा जाता है। यह नींबू, संतरे के छिलकों, सड़े गुड़ और पानी को मिलाकर बनाया जाता है। 10 से 15 दिन में यह तैयार हो जाता है।
यह है फायदा
जिस जल में प्रदूषण के कारण ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है। वहां पर बायो एंजाइम को मिलाया जाता है। यह पानी को प्राकृतिक तरीके से साफ करता है। बायो इंजाइम एक प्राकृतिक, गैर-विषैले और पर्यावरण के अनुकूल क्लीनर का काम करता है। इसका उपयोग कपड़े धोने के साथ बर्तन और हाथ धोने के लिए भी किया जा सकता है।
तमिलनाडु की घटना पर बोले बागेश्वर बाबा- राम की तस्वीर जलाने वाले कभी धर्म और संस्कृति के नहीं हो सकते
4 Oct, 2025 12:51 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: मुरैना जिले के जौरा में होने वाली भागवत कथा के लिए बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र शास्त्री पहुंचे। उन्होंने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने तमिलनाडु में भगवान राम के चित्र जलाए जाने की घटना को लेकर आपत्ति जताई और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि राम के राष्ट्र में यह रावण के खानदान के लोग हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ वहां की सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। उन लोगों को तो फांसी देना चाहिए, हम यह भगवान से प्रार्थना करते हैं।
बागेश्वर बाबा ने यह भी कहा कि सबके आराध्य होते हैं, किसी को भी किसी के आराध्य की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। धार्मिक भावनाओं के उल्लंघन को स्वीकार नहीं करने का संदेश दिया। बागेश्वर धाम के वीआईपी कल्चर को लेकर भी उन्होंने बदलाव की घोषणा की। शास्त्री ने बताया कि सन्यासी बाबा ने उन्हें सपने में निर्देश दिया है कि पहले धाम आने वाले आम भक्तों से मिलना चाहिए और इसीलिए अब धाम पर आने वाले वीआईपी को कम से कम एक दिन का समय लेकर मिलने का नियम लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि इस तरह से भक्तों और साधु-संतों के बीच बराबरी तथा सम्मान बना रहेगा।
पाकिस्तान को लेकर उन्होंने क्या कहा?
धार्मिक भावनाओं और संगठनात्मक बदलाव के अलावा शास्त्री ने कुछ विवादित सामाजिक बयानों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आई लव मोहम्मद कोई बुरा नहीं है, आई लव महाकाल भी बुरा नहीं है। सर तन से जुदा कर देंगे, ये कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को लेकर भी धीरेंद्र शास्त्री ने अपना रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि हम पीओके अपनी जमीन लेकर रहेंगे। वर्तमान में पाकिस्तान में चल रहे हंगामे के बीच शांति और बुद्धि की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने पाकिस्तान को संदेश देते हुए कहा कि अगर वे अपने हालात संभाल सकें तो वे घर लौट जाएं।
ग्वालियर की शान: सिंधिया घराने की ‘सोने की लूट’ परंपरा आज भी जीवंत, तलवार का अनोखा महत्व
4 Oct, 2025 12:41 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: सिंधिया राजघराने में अनुष्ठान और विशेष पूजा-पाठ का काफी महत्व है। यहां सदियों से चली आ रही परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है। ऐसा ही मौका था पवित्र शमी पूजन का , जिसमें जैसे ही महाराज ने तलवार से शमी को स्पर्श किया तो सोना लूटने के लिए लोगों में होड़ मच जाती है। सिंधिया राजपरिवार की परंपराओं का नज़ारा एक बार फिर ग्वालियर में देखने को मिला। दशहरा मैदान में शनिवार को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने पुत्र महाआर्यमन सिंधिया के साथ पवित्र 'शमी' पूजन कर परंपरा का निर्वहन किया। इस मौके पर सिंधिया रियासत के दरबारी भी अपनी पारंपरिक राजसी वेशभूषा में मौजूद रहे।
तलवार से किया स्पर्श और 'सोना' लूटने की होड़
शमी पूजन के दौरान महाराज सिंधिया ने तलवार से शमी के पेड़ को स्पर्श कर पूजा-अर्चना की। जैसे ही उन्होंने शमी के पेड़ को तलवार से छुआ, वैसे ही हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी और लोग परंपरागत रूप से शमी की पत्तियां लूटने के लिए दौड़ पड़े। शमी की पत्तियां सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं, इसी वजह से लोग इन्हें पाने के लिए उत्साह के साथ जुटे।
शाही अंदाज, राजसी परंपरा और इतिहास की झलक
पूजन के दौरान दशहरा मैदान में हजारों की संख्या में सिंधिया समर्थक और परिवार से जुड़े लोग मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान शाही अंदाज, परंपरागत रस्में और सिंधिया घराने की ऐतिहासिक धरोहर का विशेष महत्व देखने को मिला। ज्योतिरादित्य सिंधिया और महाआर्यमन सिंधिया दोनों ही शाही पोशाक में नजर आए, जिससे माहौल और भी भव्य बन गया।
सदियों से चली आ रही परंपरा
शमी पूजन की यह परंपरा सिंधिया राजघराने में वर्षों से चली आ रही है। दशहरे पर इसे विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि इसे शक्ति और विजय का प्रतीक माना जाता है। हर साल दशहरा पर्व पर सिंधिया परिवार द्वारा किए जाने वाले इस शमी पूजन का ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में लोग बड़ी बेसब्री से इंतजार करते हैं। इस बार भी पूजन कार्यक्रम ऐतिहासिक गरिमा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
BCCI अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने दिया इस्तीफा, चुनाव प्रक्रिया पर संकट
4 Oct, 2025 11:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (BCCI) के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने शुक्रवार देर रात अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया। उन्होंने यह कदम आगामी चुनावों की तैयारी में कार्यकारिणी सदस्यों की अरुचि और निष्क्रियता से आहत होकर उठाया है। पाली ने अपना त्यागपत्र महासचिव आदित्य जैन ‘मान्या’ को सौंपा है, जिससे अब चैंबर के चुनाव और संचालन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
चुनाव में निष्क्रियता बनी इस्तीफे का कारण
पाली ने अपने इस्तीफ़े के पत्र में साफ़ तौर पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उन्होंने 3 साल 9 महीने तक पूरी निष्ठा से अध्यक्ष पद संभाला। चुनाव की घोषणा के बाद भी अनदेखी देखने पर पाली ने बताया कि आगामी चुनाव की तारीख 15 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच घोषित हो चुकी है। बावजूद इसके, 15 दिन बीत जाने पर भी किसी भी कार्यकारिणी सदस्य ने चैंबर ऑफिस आकर आगे की कार्रवाई में रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि सदस्यों की इस निष्क्रियता के कारण उन्हें लग रहा है कि उनके संरक्षण में निष्पक्ष चुनाव कराना असंभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह नहीं चाहते कि आगामी चुनाव में उन पर किसी भी प्रकार का दोषारोपण हो, इसलिए वह पद छोड़ रहे हैं।
महासचिव पर भी आरोप लगाते हुए पाली ने कहा है कि महासचिव आदित्य जैन ने भी चैंबर ऑफिस में उपस्थित होकर कोई पत्र व्यवहार नहीं किया है। अध्यक्ष पाली ने यह भी लिखा कि वह इन परिस्थितियों में अगला चुनाव कराने में असमर्थ महसूस कर रहे हैं, जिसके कारण वह तत्काल प्रभाव से अपना त्यागपत्र संस्था को सौंप रहे हैं। अंत मे पालि ने यह भी बताया था कि भोपाल चैंबर में उनके कार्यकाल समय मे अभी तक लगभग 580 नए सदस्य बने। आगामी भोपाल चैंबर के चुनाव को ध्यान में रखते हुए आज तक भोपाल चेंबर के पास लगभग 1850 सक्रिय सदस्य हैं। भोपाल चैंबर में 1 करोड़ 3 लाख 48 हजार रुपए आरक्षित है।
MP में किसानों ने बुलंद की आवाज, 6 अक्टूबर को विशाल ट्रैक्टर रैली की तैयारी
4 Oct, 2025 11:27 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सीहोर। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सीहोर जिले (Sehore district) में किसान (Farmer) अब पूरी ताकत से अपनी आवाज़ बुलंद करने जा रहे हैं। 6 अक्टूबर, सोमवार को भैरुंदा (नसरुल्लागंज ) में किसान स्वराज संगठन (संयुक्त किसान मोर्चा) के नेतृत्व में एक विशाल ट्रैक्टर रैली आयोजित की जाएगी। यह रैली केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि किसानों के दिलों में पलते आक्रोश की गूंज होगी। फसल हमारी, भाव तुम्हारा, नहीं चलेगा–नहीं चलेगा का नारा लेकर हजारों किसान सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाएंगे।
किसानों की सबसे बड़ी और मुख्य मांग यह है कि सोयाबीन और मक्का की खरीदी भावांतर योजना के तहत नहीं, बल्कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सीधे की जाए। सरकार द्वारा घोषित सोयाबीन का MSP 5328/क्विंटल है। सरकार ने मॉडल रेट पर सोयाबीन का भावांतर देने की घोषणा की है, जबकि मंडियों में यह 3200 से 3500 में बिक रही है। भावांतर योजना केवल MSP और मंडी भाव का अंतर देती है, जिससे किसानों को 500 से 1000 प्रति क्विंटल का सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान पूछ रहे हैं, जब मेहनत हमारी है, पसीना हमारा है, तो भाव क्यों कटे-कटे मिल रहे हैं?
क्षेत्र में लगातार हुई अतिवृष्टि से फसलें बर्बाद हो गईं। किसानों की हालत यह है कि न खेत में फसल बची और न ही मंडी में सही दाम मिल रहे हैं। किसान संगठन ने मांग उठाई है कि सरकार तत्काल सर्वे कराए और प्रभावित किसानों को मुआवजा एवं बीमा राशि दिलाए। यह केवल आर्थिक राहत नहीं, बल्कि किसानों की टूटी उम्मीदों को संबल देने का काम करेगा।
किसानों का कहना है कि महंगाई के अनुपात में उनकी फसलों का मूल्य नहीं बढ़ रहा। जब खाद, बीज, डीजल, बिजली और मजदूरी सब कुछ महंगा हो रहा है, तब भी फसलों के दाम जस के तस हैं। किसान अब यह मानने लगे हैं कि खेती मुनाफे का नहीं बल्कि घाटे का सौदा बन चुकी है। ऐसे में अगर एमएसपी पर खरीदी सुनिश्चित न हुई तो किसान अपनी ज़मीन बेचने और खेती छोड़ने को मजबूर होंगे।
किसानों की मांगों में एक और अहम बिंदु है..रबी सीजन के लिए डीएपी और यूरिया खाद की पर्याप्त आपूर्ति। अक्सर सीजन की शुरुआत में खाद की कमी से किसान परेशान होते हैं। लंबे-लंबे इंतजार, कालाबाज़ारी और अतिरिक्त दाम चुकाने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। किसान संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो अगली फसलों का उत्पादन भी प्रभावित होगा और यह संकट और गहराएगा।
इंदौर–बुधनी रेलवे लाइन परियोजना के तहत भूमि अधिग्रहण में भी किसान उचित मुआवज़े की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें बाज़ार मूल्य का चार गुना मुआवज़ा दिया जाए। किसान स्वराज संगठन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे अपने ट्रैक्टर, ट्रॉली और हार्वेस्टर पर संगठन का झंडा और तिरंगा लगाकर इस रैली में शामिल हों। यह रैली केवल हक़ की लड़ाई नहीं, बल्कि खेती और किसान को बचाने का अभियान है। 6 अक्टूबर को जब ट्रैक्टरों का कारवां निकलेगा, तो यह संदेश सरकार तक ज़रूर पहुंचेगा कि अब किसान अपने हक़ की लड़ाई के लिए पूरी ताक़त से सड़क पर उतर चुका है।
CM मोहन यादव ने ट्रांसफर किए 653 करोड़, इन किसानों को मिली राहत राशि
4 Oct, 2025 10:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में पहली बार किसानों को सोयाबीन की फसल (soybean crop) में पीला मोजेक रोग लगने से खराब हुई फसलों का भी मुआवजा मिला है. सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 13 जिलों के किसानों को 653 करोड़ रुपए की राहत राशि ट्रांसफर की है, इसके अलावा उन्होंने कहा कि आज से राज्य में सोयाबीन भावांतर योजना भी शुरू हो गई है जिसका पैसा भी जल्द ही किसानों को मिलेगा, इसलिए सभी किसानों से उन्होंने भावांतर योजना के लिए पंजीयन कराने की सलाह दी है, वहीं उन्होंने राहत राशि ट्रांसफर करने के साथ ही प्रदेश के किसानों से संवाद भी किया है.
सीएम मोहन ने कहा किसानों की चिंता हमारी प्राथमिकता है, इसलिए प्रदेश के बाढ़ और पीला मोजेक प्रभावित किसानों से वर्चुअली संवाद कर सिंगल क्लिक के माध्यम से 13 जिलों के प्रभावित किसानों को 653.34 करोड़ से अधिक की राहत राशि का अंतरण किया, इस पैसे से किसानों को राहत मिलेगी, क्योंकि सरकार हमेशा किसानों को ही प्राथमिकता देती है. किसान राष्ट्र की रीढ़ है, जिस तरह से देश के जवान सीमा पर हमारी सुरक्षा करते हैं, उसी तरह किसान देश में अनवरत मेहनत करता है. ऐसे में हमारी सरकार किसानों के लिए तत्परता से काम कर रही है.
इन जिले के किसानों को मिला पैसा
विदिशा
सिवनी
मंदसौर
बड़वानी
रतलाम
नीमच
दमोह
बुरहानपुर
खंडवा
उज्जैन
बुरहानपुर
शहडोल
मंडला
बताया जा रहा है कि 13 जिलों की 52 तहसीलों में आने वाले 8 लाख 84 हजार 772 किसानों की फसलें इस बार बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित हुई थी, ऐसे में किसानों को राहत राशि दी गई है. बता दें कि इन जिलों में नुकसान के बाद किसानों ने सरकार से राहत राशि की गुहार लगाई थी, जिसके बाद किसानों की खराब हुई फसलों के सर्वे के निर्देश सरकार ने दिए थे, वहीं अब सीएम मोहन यादव ने फसलों का मुआवजा दे दिया है. बता दें कि अलग-अलग जिलों में सोयाबीन, केला, उड़द की फसलों को नुकसान पहुंचा था, सोयाबीन में सबसे ज्यादा पीला मोजेक रोग लग गया था, जिससे किसान परेशान थे.
अनदेखी या लापरवाही! डिलीवरी से पहले लटका नवजात, फिर थमी सांसे, आरोप-पार्टी में बिजी थे डॉक्टर
4 Oct, 2025 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर के कमला राजा अस्पताल में डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा है. मामला डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत का है. प्रसव के दौरान बच्चा आधा ही बाहर आया था और उसकी जान चली गई. न्याय के लिए घंटों धरने पर बैठा रहा पिता. अस्पताल के डीन ने जांच कराने की बात कही है.
कमला राजा अस्पताल में महिला की डिलीवरी
ग्वालियर के कर्मचारी आवास कॉलोनी में रहने वाला धर्मेंद्र सेंगर खाद बीज की दुकान चलाता है. पिछले कुछ महीनों से घर में सभी खुश थे क्योंकि धर्मेंद्र की पत्नी सोन दुर्गा गर्भवती थी. प्रसव का समय नजदीक आ चुका था. जब प्रसूता को प्रसव पीड़ा हुई तो गुरुवार को पति धर्मेंद्र उसे इस उम्मीद में शहर के कमला राजा अस्पताल ले कर गया था कि वह पिता बनकर लौटेगा. लेकिन उसकी खुशियां तब मातम में बदल गईं जब प्रसव के दौरान उसका नवजात शिशु मां के गर्भ से पूरा बाहर भी ना आ पाया और उसकी मौत हो गई.
डॉक्टरों पर पार्टी में व्यस्त होने का आरोप
पीड़ित दंपति का आरोप है कि, उनके बच्चे की जान अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों और स्टाफ की गलती से गई है. धर्मेंद्र के मुताबिक, उसकी पत्नी को जब प्रसव पीड़ा हुई और उसकी हालत खराब होने लगी तो वह पत्नी को लेकर अस्पताल पहुचा था. वह चाहता था कि, पत्नी का इलाज जल्दी से शुरू हो जाये लेकिन स्टाफ द्वारा उसे यह कहकर नजर अंदाज कर दिया गया कि, डॉक्टर पार्टी में व्यस्त हैं. अस्पताल में किसी ने प्रसूता को अटेंड नहीं किया वह काफी देर तक दर्द से तड़पती रही.
बाहर निकला आधा बच्चा, चली गई जान
कई घंटे गुजर गए इस बीच बच्चा बाहर निकालने लगा वह आधा बाहर लटक गया. इस तरह के हालात देखा धर्मेंद्र घबरा गया और जल्दी से एक डॉक्टर को बुलाकर लाया आनन फानन में उसका इलाज शुरू हुआ, लेकिन तब तक बच्चे की जान जा चुकी थी. इस घटना से आहत पीड़ित धर्मेंद्र न्याय के लिए कई घंटों तक धरने पर भी बैठा.
जिम्मेदार कह रहे जांच की बात
वहीं इस मामले में डॉक्टरों का कहना था की, बच्चे की धड़कन पहले से ही नहीं आ रही थी. वहीं, गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के अन्तर्गत आने वाले कमला राजा अस्पताल की घटना पर डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कहा कि, ''मामले में जांच की जाएगी, अगर डॉक्टरों की गलती से बच्चे की जान गई है तो उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा.''
सीएम हेल्पलाइन में बार-बार शिकायत करने वाले कहलाएंगे ब्लैकमेलर, होगी सख्त कार्रवाई
4 Oct, 2025 08:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सागर : सरकार ने तय किया है कि सीएम हेल्पलाइन में झूठी शिकायत करने और बार-बार शिकायत करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. एक ओर परेशान लोग अपनी शिकायत लेकर उनके निराकरण के लिए भटकते रहते हैं और दूसरी तरफ कई आदतन शिकायतकर्ता सीएम हेल्पलाइन में बार-बार शिकायत करके अधिकारी कर्मचारी और अन्य लोगों को ब्लैकमेल करते हैं. अब सीएम हेल्पलाइन के संचालक के निर्देश पर सागर जिला कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन में बार-बार शिकायत करने वालों को चिन्हित किया जाए और उनकी जांच पड़ताल कर उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाए. जिला प्रशासन द्वारा ऐसे लोगों की रिपोर्ट भी मांगी गई है.
ऐसे निर्देश भोपाल से सीएम हेल्पलाइन के संचालक ने सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं और सभी विभागों में ऐसे लोगों को चिन्हित करने को कहा है, जो बार-बार सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करते हैं और उनकी यह आदत बन चुकी है. ऐसे लोग कई बार कर्मचारी और अधिकारियों को ब्लैकमेल करते हैं और शिकायत से संबंधित लोगों को भी परेशान करते हैं. आदेश के तहत कार्यालय प्रमुखों को शिकायतकर्ताओं की पहचान करने और तत्काल जानकारी पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके लिए सरकार ने एक फॉर्मेट भी तय किया है. इसमें शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, अब तक दर्ज कुल शिकायतों की संख्या और शिकायतकर्ता के बारे में रिमार्क भी देना है.
ऐसे लोग रखें जाएंगे ब्लैकमेलर शिकायतकर्ता की श्रेणी में
इस आदेश को लेकर जिला कलेक्टर संदीप जी आर ने कहा, '' सीएम हेल्पलाइन में की गई कई शिकायतों में पाया गया कि कुछ लोग कर्मचारियों और अधिकारियों पर दबाव बनाने और अपने स्वार्थ साधने के लिए बार-बार शिकायतें करते हैं. ऐसे शिकायतकर्ताओं को ब्लैकमेल शिकायतकर्ता की श्रेणी में रखा जाएगा. सीएम हेल्पलाइन संचालक ने निर्देश दिए हैं कि ऐसे लोगों पर प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई भी की जाए.''
सागर कलेक्टर ने आगे कहा, '' ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि इन लोगों के कारण वास्तविक शिकायतकर्ता की शिकायत के निराकरण में दिक्कत आती है और देरी हो जाती है. बार-बार शिकायत करने वालों से कर्मचारी अधिकारी परेशान रहते हैं और उनका समय और काम भी प्रभावित होता है और लगातार शिकायतों की संख्या बढ़ती जाती है.''
मंत्री डॉ. शाह ने मृतकों के परिजन से भेंट कर संवेदना प्रकट की
3 Oct, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने शुक्रवार को पन्धाना तहसील के ग्राम जामली राजगढ़ में ट्रैक्टर ट्रॉली दुर्घटना के मृतकों के परिजन के घर जाकर संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। मंत्री डॉ. शाह ने मृतकों के परिजन को हर संभव मदद प्रदान किये जाने के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने दुर्घटना के घायलों के हर संभव इलाज के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए।
जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. शाह ने मेडिकल कॉलेज खंडवा के अधीक्षक डॉक्टर रंजीत बडोले से फोन पर बात कर दुर्घटना के घायल मरीजों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि आवश्यकता हो तो घायलों को उच्च स्तरीय उपचार के लिये इंदौर रेफर किया जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता अनुसार एयरश्री एंबुलेंस सुविधा की मदद भी लें। मंत्री डॉ. शाह ने इस दौरान मृतकों के परिवार की बेटी सोनू और पिंकी खरते का अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के छात्रावास में एडमिशन कराने के निर्देश भी दिए।
प्रदेश में वाटरशेड मिशन का नवाचार
3 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : परंपरागत खेती से आय में बढ़ोतरी की राह तलाश रहे किसानों के लिए वाटरशेड विकास घटक के तहत प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 14 जिलों के 3000 किसान अब कलस्टर आधारित सब्जी उत्पादन से जुड़कर ₹40 से 50 हजार तक की आय अर्जित कर रहे हैं। यह पहल न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति सशक्त बना रही है, बल्कि गांवों में ग्रामीण आजीविका को भी नई दिशा दे रही है।
रतलाम जिले के नौगांवाकला निवासी तेजपाल जैसे किसान जो पहले सिर्फ खाने लायक सब्जी उगाते थे, अब आधा एकड़ में टमाटर और मिर्च की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। यह बदलाव संभव हुआ है वाटरशेड विकास घटक की प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 2.0 के नवाचार से जिसने पहली बार जल संरक्षण को आजीविका से जोड़ा है।
100 से 150 किसानों का चयन किया गया
योजना के तहत प्रत्येक परियोजना में सिंचाई की सुविधा वाले 100 से 150 किसानों का चयन किया गया। इन्हें तकनीकी प्रशिक्षण देने के लिए 835 लीड वेजिटेबल फार्मर चिन्हित किए गए और उन्हें मास्टर ट्रेनर बनाकर गांवों में सब्जी उत्पादन की वैज्ञानिक पद्धति सिखाई गई।
30 हजार रुपये प्रति किसान दिया जा रहा अनुदान
सरकार किसानों को प्रति किसान ₹30 हजार तक का अनुदान भी दे रही है, जिससे वे खाद, दवाइयों और अन्य संसाधनों की खरीद कर सकें। इतना ही नहीं 50 से 60 किसानों के बीच गांव में ही शेड नेट नर्सरी तैयार की जा रही है, जिससे उन्नत किस्म की पौध समय पर उपलब्ध हो सके। इन नर्सरियों के लिए ₹1.30 लाख तक की सहायता भी दी जा रही है।
आगामी सीजन में 9000 और किसान होंगे लाभान्वित
इस योजना की सफलता को देखते हुए रबी सीजन में 36 जिलों की 85 परियोजनाओं में विस्तार किया जा रहा है, जिससे लगभग 9000 और किसान लाभान्वित होंगे। वर्तमान में धार, रतलाम, खरगोन, बड़वानी, सागर, गुना, इंदौर, श्योपुर सहित 14 जिलों में इसका सफल संचालन हो रहा है।
तकनीक और योजना पर आधारित खेती से समृद्धि की ओर बढ़ रहे किसान
संचालक वाटरशेड अवि प्रसाद के अनुसार यह योजना किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार की इस पहल से साफ है कि अब किसान सिर्फ मौसम पर नहीं बल्कि तकनीक और योजना पर आधारित खेती से समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं।
किसानों के चेहरों की मुस्कान ही हमारी असली दीवाली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
3 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की सेवा ही भगवान की सेवा है। बाढ़ हो, आपदा हो, ओलावृष्टि हो या कीट प्रकोप हो, किसान भाई हर विपदा से लड़ते और जूझते हैं। किसान पर कोई भी विपदा या आपदा आए सरकार संकट की हर घड़ी में साथी बनकर किसानों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से कहा कि आप अकेले नहीं हैं, पूरा परिवार बनकर हम आपके साथ हैं। आपकी खुशी में ही प्रदेश की खुशी है। उन्होंने कहा कि हर प्रकार की आपदा और कीट प्रकोप से फसलों को हुई क्षति की राहत राशि किसानों को दी जाएगी। ये राहत राशि किसानों को बड़ा संबल देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब तक आखिरी पीड़ित किसान को सहायता राशि नहीं मिल जाती, हमारी सरकार चैन से नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के चेहरों की मुस्कान ही हमारी असली दीपावली जैसी है। किसानों की मेहनत और जज्बा फिर से उनके खेतों को जीवन और समृद्धि से भर देगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में किसानों को प्राकृतिक आपदा और कीट प्रकोप से हुई फसल क्षति की राहत राशि वितरण कार्यक्रम को वर्चुअल संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में बीते माहों में हुई अतिवृष्टि-बाढ़ और सोयाबीन में पीला मोजेक रोग से हुए फसल नुकसान के लिए 13 प्रभावित जिलों के 8 लाख 84 हजार 772 किसानों को 653.34 करोड़ की राहत राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि इसमें अतिवृष्टि/बाढ़ से हुई फसल क्षति से प्रभावित 3 लाख 90 हजार 167 किसानों को 331.34 करोड़ रूपये एवं पीला मोजेक/कीट व्याधि से हुई फसल क्षति से प्रभावित 4 लाख 94 हजार 605 किसानों को 322 करोड़ रुपये की राहत राशि शामिल है।
खोई मुस्कान लौटाना हमारी पहली प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पीड़ित किसान भाईयों को राहत राशि देने और फसल सर्वे के कार्य में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। किसानों के चेहरे की खोई मुस्कान लौटाना हमारी पहली प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 4 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से 6 लाख 69 हजार से अधिक धान उत्पादक किसानों के खाते में 337 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया है। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भी भावान्तर योजना शुरू की गई है। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के अन्तर की राशि सरकार सीधे किसानों को देगी। हम किसानों का कोई नुकसान नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों भाईयों के दुख-दर्द में हम आपके सेवक बनकर खड़े हैं। किसानों के माथे का पसीना बेकार नहीं जाएगा, आपकी मेहनत फिर से हरियाली का रूप लेकर प्रदेश को समृद्ध करेगी, हम सदैव आपके साथ हैं। राज्य सरकार हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है और उनके सुख-दु:ख में सहभागी है। हम प्रदेश के किसी भी किसान को आपदा में अकेला नहीं छोड़ेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 में अब तक विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों को विभिन्न मदों में कुल 229 करोड़ 45 लाख रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है। गत माह 6 सितंबर को ही फसल क्षति के लिए 11 जिलों के 17 हजार से अधिक किसानों को 20 करोड़ से अधिक की राहत राशि दी थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार द्वारा सोयाबीन में पीले मोजेक रोग से फसल प्रभावित किसानों को राहत राशि दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने किया किसानों से संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत राशि वितरण के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीड़ित किसानों से आत्मीय संवाद भी किया। संवाद के दौरान किसानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने दशहरा एवं भव्य शस्त्र पूजन के आयोजनों एवं सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त करते हुए अभिनंदन किया। किसानों ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने दीपावली से पहले ही हमारी दीपावली मनवा दी। हमें यह महसूस हो रहा है कि सरकार हमारे साथ है। पीला मोजेक की राहत राशि हमें पहली बार मिली। यह सच्चे अर्थों में किसान हितैषी सरकार है। उत्साहित किसानों ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से राहत राशि मिलने से दशहरे पर ही किसानों की दीपावली हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुरहानपुर जिले के किसानों से चर्चा करते हुए कहा कि केला आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत राशि मिलने पर सभी किसानों को बधाई देते हुए कहा कि आज से ही सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना के तहत पंजीयन प्रारंभ हो गया है। अब किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सोयाबीन मंडी में बेचें, यदि एमएसपी से कम राशि में फसल बिकती है, तो बेची गई फसल की कीमत और एमएसपी के अंतर की राशि यानि भावांतर की राशि अगले 15 दिनों में सीधे किसानों के बैंक खाते में भेज दी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए किसानों को इस साल सोयाबीन का अत्यधिक भाव मिलेगा। इस बार सोयाबीन की एमएसपी 500 रुपए से अधिक बढ़कर 5328 रुपए हो गई है। केंद्र सरकार ने गेहूं की फसल के लिए फिर से एमएसपी बढ़ाई है। यह राज्य सरकार के किसानों की समृद्धि के संकल्प को पूरा करने की दिशा में लाभकारी रहेगा।
रतलाम जिले के किसानों को कुल 213.04 करोड़ रूपए की राहत राशि दी गई है। यहां के किसान भरतलाल जाट और प्रहलाद पाटीदार ने बताया कि अतिवृष्टि के कारण उनकी सोयाबीन फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। उनके पास अगली फसल के लिए खाद और बीज खरीदने तक के लिए पैसा नहीं था लेकिन सरकार की राहत राशि मिलने से अब यह संकट खत्म हो गया है। जिले के जनप्रतिनिधियों ने बताया कि आगामी 10 अक्टूबर को रतलाम में किसान सम्मेलन आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं किसानों के बीच आयेंगे। नीमच जिले को अतिवृष्टि से सोयाबीन फसल को हुए नुकसान के लिए 119.06 करोड़ रूपए से अधिक की मुआवजा राशि दी गई। किसान राकेश पाटीदार और शंभुलाल अहीर ने कहा कि दशहरा और दीवाली के अवसर पर फसल की मुआवजा राशि मिलने से किसानों के सामने खाद-बीज खरीदने का संकट खत्म हो गया है। मंदसौर जिले के सोयाबीन उत्पादक किसानों को कुल 267.30 करोड़ रूपए राहत राशि अंतरित की गई है। यहां के किसान लालदास बैरागी, रेखाबाई, ओमप्रकाश, सुनीता शर्मा ने कहा कि मुआवजा राशि पाकर किसानों की दीपावली से पहले ही दीपावली मन गई है। उज्जैन जिले के किसानों को 44 लाख रूपए राहत राशि मिली है। किसान पवन सिंह और उदय सिंह ने कहा कि सरकार ने फसल कटने से पहले ही मुआवजा राशि दे दी है। भावांतर योजना में पंजीयन कराने के लिए यहां के किसान उत्साहित हैं। विदिशा जिले के किसानों को 62 लाख रूपए दिए गए हैं। किसान भारत सिंह और मनोज कुमार ने कहा कि भारी बारिश से फसल खराब हो गयी थी, सरकार ने मुआवजा देकर बड़ी मदद की है।
केला किसानों को प्रति हेक्टेयर 2 लाख की राहत राशि
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बुरहानपुर जिले के केला उत्पादक अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को 3.39 करोड़ रूपए मुआवजा राशि दी गई है। किसान पांडुरंग बिट्ठल और विनोद पुंडलिक ने कहा कि यहां के केला उत्पादक किसानों को लगभग 2 लाख प्रति हेक्टेयर का मुआवजा दिया जा रहा है और इससे बड़ी राहत हो गई है। शहडोल जिले के सोयाबीन उत्पादक पीला मोजेक प्रभावित 8935 किसानों को 6.36 करोड़ रूपए मुआवजा राशि मिली है। किसान राजेन्द्र द्विवेदी और सुरेन्द्र सिंह राजपूत ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। खंडवा जिले के सोयाबीन उत्पादक किसानों को अतिवृष्टि और पीला मोजेक की राहत के रूप में 55 लाख रूपए मिले हैं। किसान कन्हैयालाल और किशोर ने कहा कि आपदा में सरकार हमारा संबल बनी है। पीला मोजैक से हुए नुकसान की उन्हें पहली बार भरपाई की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले में हुए हादसे पर दुख व्यक्त किया। बड़वानी जिले के अतिवृष्टि से प्रभावित 662 किसानों को 37 लाख रूपए मुआवजा राशि दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर वे 6 अक्टूबर को बड़वानी का दौरा कर नशा मुक्ति अभियान में सहभागिता करेंगे। किसान पुष्पेन्द्र और सालकराम ने कहा कि मुआवजा पाकर वे और उनका परिवार बेहद हर्षित है। दमोह जिले के मक्का उत्पादक अतिवृष्टि प्रभावित किसानों को 56 लाख रूपए की राहत राशि मिली है। यहां के किसान रविदास और भगवानदास ने कहा कि भावांतर योजना के पंजीयन को लेकर दमोह जिले के किसानों में बेहद उत्साह है। अलीराजपुर जिले के सोयाबीन उत्पादक किसानों को पीला मोजेक से हुए फसल नुकसान के लिए 41.55 करोड़ रूपए की मुआवजा राशि दी गई इससे 49 हजार किसान लाभान्वित हुए हैं। किसान वेस्ता और कालू ने मुआवजा मिलने पर हर्ष जताया। मंडला जिले के धान और मक्का उत्पादक अतिवृष्टि प्रभावित किसानों की फसल को हुए नुकसान के लिए 53 हजार रूपए मुआवजा राशि मिली है। किसान चंदर सिंह और देवीलाल ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार जताया। उन्होंने कहा कि धान उत्पादक किसानों को पहले ही बोनस मिलने से यहां उत्साह का वातावरण है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिवनी जिले के जनप्रतिनिधियों से भी चर्चा की। बताया गया कि यहां मकान ढहने से प्रभावित एक किसान को 92 हजार रूपए की राहत राशि मिली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राहत राशि पाने वाले सभी किसानों से कहा कि शेष प्रभावित जिलों के किसान निराश न हो, वहां अभी सर्वे चल रहा है और सर्वे पूरा होते ही राहत राशि दी जाएगी। राहत राशि वितरण कार्यक्रम में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, आयुक्त राजस्व अनुभा श्रीवास्तव सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव तय कार्यक्रम रद्द कर पीड़ितों के बीच पहुंचे पंधाना
3 Oct, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खण्डवा जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर ट्रॉली दुर्घटना के प्रभावित परिवारों से पंधाना पहुंचकर संवेदना प्रकट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद के लिए आश्वस्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व निर्धारित अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर पंधाना पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मिलकर शोक-संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवारजन को सांत्वना देते हुए कहा कि हृदय विदारक दुख की घड़ी में राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। आवश्यक सहायता राशि भी परिवारों को स्वीकृत कर प्रदान की गई है। प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए प्रति दिवंगत 4-4 लाख रूपए मध्यप्रदेश सरकार और 2-2 लाख रूपए प्रधानमंत्री सहायता कोष से मंजूर किए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को समुचित उपचार के लिए एक-एक लाख रूपए की राशि दी जाएगी। सामान्य घायल नागरिक को 50-50 हजार रूपए दिए जाएंगे। सरकार घायलों के उपचार का पूरा खर्च वहन करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन लोगों ने संकट में फंसे लोगों की सहायता की है, उन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा। रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग करने वालों को प्रति सहयोगी 51 हजार रूपए की नकद प्रोत्साहन पुरस्कार राशि आगामी गणतंत्र दिवस पर सम्मान-पत्र सहित प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घटना हृदय विदारक है। छोटे बच्चों की अकाल मृत्यु दुखदाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घोषणा की कि दुर्घटना स्थल पर पक्के घाट का निर्माण करवाया जाएगा। इस दौरान जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, मांधाता विधायक नारायण पटेल, खंडवा विधायक कंचन मुकेश तन्वे, पंधाना विधायक छाया मोरे, संभागायुक्त इन्दौर डॉ. सुदाम खाड़े सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्री पटेल की माताजी स्वर्गीय पटेल को अर्पित की श्रद्धांजलि
3 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल की माताजी स्वर्गीय यशोदा पटेल के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने स्वर्गीय यशोदा पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को कठिन समय में संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
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