मध्य प्रदेश
MP में पुलिस का जबरदस्त एक्शन, चलती बस से दबोचे डकैत, करोड़ों का सोना बरामद
6 Oct, 2025 08:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बड़वानी: बड़वानी (Barwani) जिले की नागलवाड़ी और तमिलनाडु (Nagalwadi and Tamil Nadu) पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में बड़ी सफलता मिली है. पुलिस ने डकैती (Robbery) में लूटे गए 10 किलो सोने में से 9 किलो 485 ग्राम सोना, 3 लाख 5 हजार रुपये नगद और हथियार बरामद किए हैं. इस कार्रवाई में पुलिस ने राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. बताया गया कि दोनों आरोपी बस से महाराष्ट्र की ओर से इंदौर जा रहे थे, तभी संयुक्त टीम ने उन्हें पकड़ लिया.
मामला 13 सितंबर 2025 का है, जब तमिलनाडु के समयपुरा, जिला त्रिची में सोने के व्यवसायी के साथ राजस्थान के सात लोगों ने डकैती की थी. इस घटना में तमिलनाडु पुलिस ने पहले ही पांच डकैतों को गिरफ्तार कर लिया था. वहीं दो आरोपी फरार थे, जिनकी तलाश में पुलिस बड़वानी जिले पहुंची थी. इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि दोनों आरोपी बस में सवार होकर इंदौर की ओर जा रहे हैं, जिसके बाद कार्रवाई की गई.
नागलवाड़ी पुलिस और तमिलनाडु पुलिस ने मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बालसमुद चौकी के आरटीओ चेक पोस्ट पर बस को रोका और तलाशी ली. इस दौरान मांगीलाल पिता कानाराम (22 वर्ष) और विक्रम पिता रामनिवास (19 वर्ष), दोनों निवासी थाना बिलाड़ा, जोधपुर (राजस्थान), पकड़े गए. उनके पास से लूट का सोना, 3 लाख 5 हजार रुपये नकद, एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए. कागजी कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को तमिलनाडु पुलिस अपने साथ ले गई है.
मध्यप्रदेश और असम के बीच वन्य जीव पर्यटन में साझेदारी के लिए होगी विशेष पहल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
5 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने असम प्रवास के दौरान रविवार को विश्व प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और चाय बागान का भ्रमण किया। उन्होंने बागान में चाय उत्पादन की प्रक्रिया का अवलोकन कर स्थानीय किसानों और श्रमिक बहनों से आत्मीय संवाद भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चाय उद्योग असम का गौरव और अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। परिश्रम, अपनत्व एवं सादगी की धरती असम और मध्यप्रदेश के बीच व्यापार-उद्योग के साथ ईको-टूरिज्म, वन्य जीव पर्यटन की दिशा में भी परस्पर सहयोग, विश्वास और साझेदारी को बढ़ाने के लिए विशेष पहल होगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में प्राकृतिक सौंदर्य और वन्यजीव संरक्षण की मनमोहक झलक देखी एवं हाथियों को स्नेह से गन्ना खिलाकर दुलार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां वन्यजीवों के संरक्षण संवर्धन के लिये नवाचारों के संबंध में जानकारी प्राप्त की और उद्यान भ्रमण के दौरान अजगर को प्राकृतिक आवास में छोड़ा।
उल्लेखनीय है कि काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एक सींग वाले गैंडे सहित पूर्वी हिमालयी जैव विविधता का केन्द्र है। इसे यूनेस्को द्वारा विश्व-धरोहर घोषित किया गया। यह उद्यान हाथियों, जंगली भैंसों, दलदली हिरणों और विभिन्न पक्षी प्रजातियों का आश्रय स्थल है। यह उद्यान वन्य जीवों की बड़ी संख्या के साथ वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों के लिए भी विख्यात है।
वन्य जीव संरक्षण के लिये हुई रन फॉर वाइल्ड लाइफ
5 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्य जीव सप्ताह में 5 अक्टूबर को 5वें दिन वन्य जीव संरक्षण के लिये विभिन्न अशासकीय संस्थाओं एवं पर्यावरण में रुचि रखने वाले लगभग 600 लोगों ने सहभागिता की। दौड़ वन विहार गेट क्रमांक-2 से डिपो चौराहा, पॉलिटेक्निक चौराहा और श्यामला हिल्स होते हुए बोट क्लब के पास वन विहार के गेट क्रमांक-1 पर समाप्त हुई। विजेताओं को मध्यप्रदेश राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के पूर्व सदस्य श्री अभिलाष खांडेकर ने पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किये।
वन्य जीव सप्ताह में सुबह 10:30 बजे से "वनों में पर्यटन वन्य जीवों के संरक्षण में सहायक है'' विषय पर शिक्षक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इसमें 22 प्रतियोगियों ने भाग लेकर विषय पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार रखे। इस अवसर पर वन विहार राष्ट्रीय उद्यान के संचालक श्री विजय कुमार और सहायक संचालक डॉ. रूही हक उपस्थित थीं।
6 अक्टूबर के कार्यक्रम
वन्य जीव सप्ताह के 6वें दिन 6 अक्टूबर को सुबह 6 से 8:30 बजे तक पक्षी अवलोकन शिविर का आयोजन किया जायेगा। छात्र-छात्राओं के लिये सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक रेस्क्यू एवं वन्य प्राणी संरक्षण तथा अनुश्रवण के उपयोग में लिये जाने वाले उपकरणों की जानकारी देने के लिये कार्यशाला होगी। अन्य प्रतियोगिता में वाइल्ड लाइफ एवं नेचर एक्सपो कार्यक्रम सुबह 10 बजे होगा। साथ ही "वन्य जीव संरक्षण के साथ विकास संभव है'' विषय पर सुबह 10:30 से दोपहर 12 बजे तक वाद-विवाद प्रतियोगिता होगी। इसके अतिरिक्त मानव-वन्य जीव-सह-अस्तित्व, मिशन लाइफ तथा से नो टू प्लास्टिक से संबंधित विषयों पर पर्यटकों के लिये "वॉक थ्रू क्विज कम एक्जीबिशन'' वन विहार स्थित विहार वीथिका, स्नेक पार्क और टाइगर बाड़े पर किया जायेगा।
उद्योग स्थापना के लिए मध्यप्रदेश बन चुका है देश का आइडियल डेस्टिनेशन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
5 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश ह्रदय प्रदेश होने के साथ आज देश का सबसे उपयुक्त निवेश प्रदेश है। मध्यप्रदेश की देश में केंद्रीय स्थिति, भरपूर बिजली-पानी, कुशल श्रमशक्ति और उत्कृष्ट लॉजिस्टिक्स सुविधाओं से हमारा राज्य उद्योग स्थापना के लिए देश का आइडियल डेस्टिनेशन बन चुका है। मध्यप्रदेश की देश के प्रमुख शहरों से बेहतरीन कनेक्टिविटी भी निवेशकों को अतिरिक्त लाभ देती है। मध्यप्रदेश में निवेश हर मायने में फायदे का सौदा है। उन्होंने असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों से आग्रह किया कि वे मध्यप्रदेश में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं और यहां अपने उद्योग एवं निर्माण इकाइयां स्थापित करें। सरकार हर कदम पर निवेशकों को पूरा सहयोग और आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निवेशक कोई रोजगार आधारित उद्योग लगाते हैं, तो हमारी सरकार बिजली, पानी, कनेक्टिविटी की सुविधा के साथ श्रमिकों के वेतन के लिए 5000 रुपए प्रति श्रमिक की सब्सिडी भी देगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को गुवाहाटी के एक निजी होटल में 'इन्टरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अर्पोच्यूनिटीज इन मध्यप्रदेश' में असम राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य अतिथियों के साथ दीप प्रज्ज्वलन कर इस सेशन का शुभारंभ किया।
पीएम मित्र पार्क में उद्योग लगाने किया आंमत्रित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवेशकों को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश के पहले और सबसे बड़े पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन मध्यप्रदेश की धरती पर 17 सितम्बर को किया जा चुका है। यह मेगा टेक्सटाइल पार्क निवेश के लिए एक अनूठा और सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि निवेशक इस टेक्सटाइल पार्क में या मध्यप्रदेश के किसी भी अंचल में अपनी औद्योगिक इकाई स्थापित करना चाहें, तो हमारी सरकार इसमें सहयोगी और मददगार के रूप में साथ देगी।
म.प्र. और असम मिलकर कर सकते हैं कई सेक्टर में काम
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने असम राज्य का गौरव स्व. भूपेन हजारिका और सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असम एक ऐसा राज्य है, जो चाय के पत्ते-पत्ते को सोना बनाकर बेचता है। गुवाहाटी एक बेहद पवित्र नगरी है। नॉर्थ-ईस्ट हमारे लिए भारत को दुनिया से परिचित कराने का गौरवशाली गेट-वे है। मध्यप्रदेश और असम में काफी समानताएं हैं। हम मिलकर कई सेक्टर्स में काम कर सकते हैं। हम यहां मध्यप्रदेश में उपलब्ध बहुत सी संभावनाओं की जानकारी लेकर आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहाकि मध्यप्रदेश में उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी साधन-संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
वनों को समृद्ध करने वन्य प्राणियों का हो आदान-प्रदान
मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं।
मध्यप्रदेश बिजली उत्पादन में देश में है अग्रणी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का बिजली उत्पादन के मामले में देश में एक अलग ही स्थान है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। हम ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। विंड एनर्जी प्रोडक्शन में तो हम आगे हैं हीं, हमारे राज्य में जमीन और पानी पर भी सोलर एनर्जी प्रोडेक्शन प्लांट लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग-धंधों और निर्माण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए हम औद्योगिक इकाई स्थापना, रॉ मटेरियल अवेलेबिलिटी, गुड्स ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, एक्सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और कुशल श्रम शक्ति उपलब्ध कराने जैसे सभी सेक्टर्स में आगे बढ़कर इन्हें प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए सभी राज्यों के मध्य एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आवश्यक है और तभी हमारा देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत बन पाएगा। मध्यप्रदेश और असम दोनों इस लक्ष्य की ओर मिलकर आगे बढ़ेंगे।
पारदर्शी नेतृत्व से ही हर क्षेत्र में होता है विकास : धानुका
असम राज्य के फिक्की के अध्यक्ष एवं जीडी धानुका ग्रुप के एमडी डॉ. घनश्याम दास धानुका ने असम के कल्चरल आइकॉन स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह आयोजन असम और मध्यप्रदेश के लिए देश के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए औद्योगिक विकास का गेट-वे बनेगा। मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी नेतृत्व से ही हर क्षेत्र में विकास होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने इस मामले में लीड ले ली है।
असम और म.प्र. के बीच कायम होंगे पारदर्शी और प्रगाढ़ रिश्ते : जॉयदीप
असम राज्य के फिक्की के सह-अध्यक्ष एवं बीएमजी इन्फॉर्मेटिक्स प्रालि के निदेशक जॉयदीप गुप्ता ने कहा कि गुवाहाटी में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. यादव और डेलीगेशन का स्वागत है। यह मां कामाख्या की भूमि है। हम आज असम के सुप्रसिद्ध गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का दिल है और असम देश के लिए इकॉनॉमिक गेटवे की तरह है। विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए निवेश आधारित यह रोड-शो बेहद अहम साबित होगा तथा इससे दोनों राज्यों के बीच पारदर्शी और प्रगाढ़ रिश्ते कायम होंगे।
मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र कपास उत्पादन का गढ़ : शर्मा
सीमेंट प्रा.लि. के मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि हमारी कंपनी सीमेंट उत्पादन में देश में तीसरा स्थान रखती है। मध्यप्रदेश के धार जिले में हमारी कंपनी को यूनिट शुरू करने के लिए जमीन आवंटित हुई है। खनिज विभाग की ओर से हर संभव सहायता मिल रही है। प्रदेश में रोड़, रेल नेटवर्क का जाल बिछा है, जो बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाएं प्रदान करता है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए इकोसिस्टम मौजूद है। धार में प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया है। मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र कपास उत्पादन का गढ़ है। इससे यहां टेक्सटाइल इंडस्ट्री लगाने वाले निवेशकों के साथ यहां के किसानों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
हमारी अगली डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश : फुकॉन
असम स्टेट कॉउंसिल फिक्की के पूर्व अध्यक्ष आशीष फुकॉन ने कहा कि मैंने चाय उद्योग से बिजनेस सेक्टर में कदम रखा था। आशा है कि हमारी अगली डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश होगी। हम पर्यटन क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं, यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार मुझसे कहा था कि टूरिज्म में अपार संभावनाएं हैं और जब वे प्रधानमंत्री बने, तो पहली बार लाल किले से उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में निहित संभावनाओं पर ही जोर दिया था। उन्होंने कहाकि असम के साथ देशभर में सड़कों की स्थिति में सुधार हुआ है। देश में हवाई सेवाओं का विस्तार हो रहा है। हमारे टूरिज्म में बूम आएगा। यह विकसित भारत @2047 में पर्यटन क्षेत्र की अहम भूमिका होगी।
मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य और खनिज में है नंबर वन : पीएस सिंह
प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं एमएसएमई राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि गुवाहाटी कला, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का बड़ा केंद्र है। उन्होंने स्व. भूपेन हजारिका और स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए एक लाख एकड़ का लैंड बैंक है। मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है और खनिज के मामले में नंबर वन है। प्रदेश में 30 प्रतिशत बिजली ग्रीन एनर्जी से आती है। वर्ष 2030 तक हमारे एनर्जी बकेट में 50 प्रतिशत एनर्जी रेनुएबल माध्यम से आएगी। पीथमपुर के पास व्हीकल टेस्टिंग पार्क है। मध्यप्रदेश विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है। हमारे पास उज्जैन में मेडिकल उपकरण पार्क और धार में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन हो चुका है। मुरैना में लेदर पार्क बनाया गया है। मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी के लिए अनंत संभावनाएं हैं। प्रदेश में औद्योगिक विकास अनुकूल 18 नवीन नीतियां लागू की गई हैं। प्रदेश में निवेश करने पर उद्योगपतियों को कई प्रकार के इंसेंटिव और सहायता दी जा रही है। प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योगों के लिए विशेष सैलरी सब्सिडी देने का प्रावधान है। मेगा इंडस्ट्रीज के लिए भी कस्टमाइज्ड पैकेज सरकार दे रही है। फूड प्रोसेसिंग और फॉर्मा सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश में दो प्लास्टिक पार्क भोपाल और ग्वालियर में हैं। नर्मदापुरम के पास इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेंट्स पार्क को बेहतर रेस्पॉन्स मिला है। यहां निवेशकों के लिए पर्याप्त मात्रा में लैंड उपलब्ध है। मध्यप्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़कर स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में हुईं रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और जीआईएस इसके उदाहरण हैं। प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए सिंगल विंडो सिस्टम है। उन्होंने कहा कि निवेशक मात्र 30 दिन में यहां उद्योग शुरू कर सकते है। राज्य सरकार एमएसएमई इकाइयों में 5100 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रदान की है। प्रदेश की 30 से 40 प्रतिशत आबादी वर्किंग है। उन्होंने निवेशकों से अनुरोध किया कि आप मध्यप्रदेश जरूर आएं, यहां निवेश की बेहतरीन संभावनाएं आपकी प्रतीक्षा में है।
उद्योगपतियों ने दिखाई म.प्र. में निवेश की रूचि, दिये प्रस्ताव
गुवाहटी में आयोजित इन्टरेक्टिव सेशन में जाने माने उद्योगपतियों ने म.प्र. की खूबियों को जाना और निवेश की रूचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योपतियों से वन-टू-वन चर्चा कर उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। चर्चा के दौरान चेयरमैन जीईआरडी फार्मास्युटिकल्स एवं चेयरमैन, फिक्की उसम राज्य परिषद डॉ. घनश्याम धनुका ने मध्यप्रदेश में ISO 9001:2015 और GMP मानकों के अनपुरूप अत्याधुनिक फार्मास्युटिकल एवं हाइजीन उत्पाद निर्माण की स्थापना, लोहिया समूह के चेयरमैन कैलाश चंद्र लोहिया ने प्रदेश में प्लास्टिक्स और पैकेजिंग निर्माण संबंधी इकाइयाँ स्थापित करने, प्रबंध संचालक असम बंगाल नेविगेशन एवं पूर्व अध्यक्ष, फिक्की असम राज्य परिषद आशीष फूकन ने मध्यप्रदेश में नर्मदा, चंबल आदि प्रमुख नदियों पर ईको लॉज तथा बुटीक रिवर क्रूज परियोजनाओं की शुरूआत और टाइगर रिजर्व एवं संरक्षित क्षेत्रों में सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज के पायलट प्रोजेक्ट्स, बीएमजी इंफॉर्मेटिक्स प्रा. लि. के सह-अध्यक्ष जॉयदीप गुप्ता ने मध्यप्रदेश में ईको-रिजॉर्ट और सस्टेनेबल हॉस्पिटेलिटी के साथ ईको-टूरिज्म क्लस्टर्स के विकास, होटल पोलो टावर के हेड प्रशांत गुप्ता ने ईको टूरिज्म, वन्यजीव पर्यटन एवं अंतर्देशीय जल पर्यटन, स्टार सीमेंट प्रा. लि. के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर प्रदीप पुरोहित ने मध्यप्रदेश में सीमेंट प्लांट, ग्राइंडिंग यूनिट और लॉजिस्टिक्स हब स्थापित करने, आश्रम फूड्स प्रा. लि. के प्रबंध संचालक अमृत देयोरह ने मध्यप्रदेश में नए खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना, सीमेंट प्रा. लि. के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट भारत शर्मा ने एकीकृत क्लिंकर और सीमेंट निर्माण संयंत्र की स्थापना के प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के साथ सहमति प्रदान की।
आयुक्त जनसम्पर्क दीपक सक्सेना ने असम राज्य के सभी उद्योगपतियों और औद्योगिक समूहों के प्रतिनिधियों एवं निवेशकों का और आयोजन में सहयोगी शासन-प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आप सब हमें मध्यप्रदेश में सत्कार और अभिनंदन करने का अवसर दीजिए, मध्यप्रदेश में निवेश जरूर कीजिए।
सेशन में मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों और नवीन औद्योगिक नीतियों की जानकारी दी गई। “मध्यप्रदेश–अनंत संभावना” नामक एक ऑडियो-विजुअल (शॉर्ट प्रोमोशनल फिल्म) का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में असम राज्य के उद्योगजगत से जुड़े प्रमुख उद्यमी, निवेशक, वरिष्ठ अधिकारी और मध्यप्रदेश शासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
MP के सिंगरौली में महसूस किए गए भूकंप के झटके, इतनी थी तीव्रता
5 Oct, 2025 11:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिंगरौली। मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सिंगरौली (Singrauli) जिले के आसपास शनिवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र सिंगरौली क्षेत्र बताया गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.1 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंपीय केंद्र (NCS) के अनुसार दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर कंपन महसूस किया गया।
राष्ट्रीय भूकंपीय केंद्र (NCS) के अनुसार शनिवार दोपहर सिंगरौली जिले में भूकंप के झटके महसूस हुए। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.1 मापी गई।
जानकारी के मुताबिक झटका दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर महसूस किया गया। भारतीय मौसम विभाग भोपाल कार्यालय के मौसम विज्ञानी वी.एस. यादव ने बताया कि भूकंप का केंद्र सिंगरौली क्षेत्र में दर्ज हुआ है। हालांकि झटके से किसी तरह की क्षति या जनहानि की सूचना अब तक नहीं मिली है। जैसे ही लोगों झटके महसूस किए हड़कंप की स्थिति बन गई। लोग सर्तकता बरते हुए घरों बाहर आ गए। झटकों से लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड का दोषी कौन? एक और बच्चे की हुई मौत, अब तक 11 बच्चों ने तोडा दम
5 Oct, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छिंदवाड़ा (Chhindwara) में कफ सिरप (Cough syrup) कांड का मामला गर्माया हुआ है. शनिवार को एक और बच्चे की मौत होने से आंकड़ा बढ़कर 11 हो गया है. इस पूरी घटना को लेकर मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार भी सवालों के घेरे में है. विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी इस मामले को लेकर सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि क्या सरकार अब भी और बच्चों के मरने का अंतजार कर रही है? आखिर Nextro DS सिरप पर बैन क्यों नहीं लगाया जा रहा है? क्या अभी भी रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा?
छिंदवाड़ा मामले को लेकर वैसे तो भाजपा सरकार कार्रवाई की बात कह रही है, लेकिन शनिवार को एक और बच्चे की मौत ने उन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं इतने बड़े मामले के बाद अभी तक मुख्यमंत्री या कोई अन्य मंत्री छिंदवाड़ा नहीं पहुंचा है. स्थानीय लोगों में सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार पहले इस मामले को ठंडा करने की कोशिश कर रही है, जिससे की जब मौके पर जाया जाए तो उन्हें विरोध का सामना नहीं करना पड़े. इसके अलावा यहां तक कि कमलनाथ और नकुलनाथ जैसे स्थानीय नेताओं ने भी सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट कर सरकार से सवाल किए, लेकिन कोई पीड़ित परिवार से मिलने नहीं गया.
छिंदवाड़ा कफ सिरप मामले में अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी हैं. अभी भी 12 बच्चों की हालत चिंताजनक बनी हुई है. बच्चों की मौत के बाद और विपक्ष के हंगामे के बाद राज्य की भाजपा सरकार ने Coldrif कफ सिरप को प्रदेशभर में बैन कर दिया है. एक महीने तक इसे रहस्यमयी बीमारी बताया जाता रहा, लेकिन जांच में सामने आया कि बच्चों की मौत का कारण जहरीला सिरप ही था.
Coldrif सिरप की लैब रिपोर्ट में सामने आया है कि इसमें मौजूद डायएथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा मानक से 480 गुना ज्यादा थी जहां यह मात्रा अधिकतम 0.10% होनी चाहिए, वहीं सिरप में 48% पाई गई. इसी वजह से बच्चों की किडनी फेल हुई और जान चली गई. स्थानीय डॉक्टरों का कहना है कि इन दवाओं को कैसे बच्चों के लिए पास किया गया है यह सोचने का विषय है.
इस पूरे मामले में जहां Coldrif सिरप पर बैन लग गया है, वहीं Nestra DS सिरप पर अब तक कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है. स्टेट फूड एंड ड्रग कंट्रोलर ने बताया कि सिरप की जांच जारी है और रिपोर्ट का इंतजार है. रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. सवाल उठ रहे हैं कि संदेह होने के बावजूद सिरप को पहले ही बैन क्यों नहीं किया गया?
परासिया SDM शुभम यादव ने बताया कि अब तक 5 साल से कम उम्र के 4600 बच्चों की जांच की गई, जिनमें से 4411 की रिपोर्ट सामान्य है। बाकी रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है. 12 बच्चों का इलाज चल रहा है, जिनमें 4 जिला अस्पताल में और 8 नागपुर में भर्ती हैं. अब तक 11 बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन किसी का पोस्टमार्टम नहीं कराया गया, क्योंकि परिजन तैयार नहीं हुए.
छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड की शुरुआत में डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कफ सिरप कंपनी को क्लीन चिट दे दी थी, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद मुख्यमंत्री ने Coldrif पर बैन लगा दिया. अब राज्य स्तर पर जांच कमेटी गठित कर दी गई है और तमिलनाडु में स्थित सिरप बनाने वाली फैक्ट्री की भी जांच हो रही है. माना जा रहा है कि इस कंपनी पर बड़ा एक्शन हो सकता है.
कांग्रेस ने इस मामले में प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से इस्तीफे की मांग की है. कांग्रेस नेता मुकेश नायक ने कहा कि यह हत्या का मामला है और ड्रग कंट्रोलर की लापरवाही सामने आई है, जिस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए. सरकार को स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा ले लेना चाहिए. कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि आखिर इस पूरे मामले का दोषी कौन है?
नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे के जुलूस ने लगाया जाम, घंटों तक फंसी नवजात को ले जा रही एंबुलेंस
5 Oct, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना: मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के मुरैना (Morena) में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) के बेटे प्रबल प्रताप सिंह तोमर (Prabal Pratap Singh Tomar) के जन्मदिन पर जुलूस निकाला गया, इस वजह से लंबा जाम लग गया. इस जाम में दो एंबुलेंस कई घंटों तक फंसी रही. साथ ही जाम के कारण आम लोगों को बड़ी परेशानी हुई. जाम में फंसी एक एंबुलेंस में नवजात बच्चे को दिल में छेद होने की वजह से जयपुर ले जाया जा रहा था. लेकिन जाम होने की वजह से एंबुलेंस फंसी रही. इस जुलूस की वजह से लगे जाम का वीडियो भी सामने आया है.
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे प्रबल प्रताप सिंह तोमर का जन्मदिन 3 अक्टूबर को था. इस मौके पर उनके समर्थकों ने बड़ा जुलूस निकाला. यह जुलूस उनके गांव औरेठे के आसमानी माता मंदिर से शुरू होकर मुरैना के बैरियर चौराहे पर पीडब्ल्यडी रेस्ट हाउस तक चला. जुलूस करीब 50 किलोमीटर का रहा. इस दौरान नियमों की जमकर अनदेखी हुई. वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी जिला अध्यक्ष ने इसे निजी कार्यक्रम बताया.
एंबुलेंस चालक रामचरित्र पिप्पल ने बताया कि उन्हें एक महीने के नवजात बच्चे को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराने ले जाना था. चालक ने बताया कि बच्चे के दिल में छेद है। उसे तुरंत रेफर किया गया, लेकिन जुलूस के कारण हम घंटों फंसे रहे. मेरे साथ एक और एम्बुलेंस भी थी, वो भी रुक गई. साहब, जाम की मत पूछो, बड़े नेता लोग हैं, कुछ भी कर सकते हैं.
इस जुलूस को लेकर बीजेपी जिला अध्यक्ष कमलेश कुशवाह ने कहा कि यह बीजेपी का कार्यक्रम नहीं था, ना ही पार्टी की ओर से कोई अनुमति ली गई. यह उनके समर्थकों ने निजी स्तर पर आयोजित किया गया था. वहीं एडीएम अश्वनी कुमार रावत ने कहा कि परमिशन हमारे स्तर से नहीं दी जाती है, यह काम एसडीएम कार्यालय का होता है. मुझे इस कार्यक्रम की जानकारी नहीं है.
विचारपुर ‘मिनी ब्राज़ील’ के खिलाड़ी पहुँचे जर्मनी
4 Oct, 2025 10:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के ग्राम विचारपुर की फुटबॉल टीम को ‘मिनी ब्राज़ील’ कहकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाई थी। प्रधानमंत्री के उल्लेख के बाद जर्मनी के प्रतिष्ठित क्लब FC Ingolstadt 4 क्लब ने विचारपुर के खिलाड़ियों और कोच को 4 से 12 अक्टूबर तक प्रशिक्षण का अवसर प्रदान किया और शनिवार को ये युवा सितारे अपने सपनों की उड़ान भरते हुए जर्मनी पहुँचे, जहां उन्हें विश्वस्तरीय ट्रेनिंग, अंतर्राष्ट्रीय अनुभव और नई रणनीतियों का प्रशिक्षण मिलेगा।
खिलाड़ियों ने कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ और ट्रेनर्स के मार्गदर्शन में क्लब का भ्रमण किया, जहाँ उन्होंने क्लब के स्पोर्ट्स सेंटर, जिम सेशन और अत्याधुनिक स्किल्स लैब एरीना (Skills-Lab Arena) का अवलोकन किया। यहाँ खिलाड़ियों ने पहली बार जर्मन फुटबॉल प्रशिक्षण की आधुनिक तकनीकों को करीब से देखा और क्लब के पेशेवर माहौल में खुद को तैयार करने की शुरुआत की।
कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ के मार्गदर्शन में शुरू हुआ प्रशिक्षण
खिलाड़ियों का प्रशिक्षण 12 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान वे जर्मन कोच डाइटमार बीयर्सडॉर्फ के निर्देशन में आधुनिक फुटबॉल तकनीक, फिटनेस, टीम रणनीति और टैक्टिकल गेम प्लानिंग की गहन ट्रेनिंग ले रहे हैं। खिलाड़ियों को गेंद नियंत्रण पासिंग, शूटिंग और रक्षात्मक व आक्रामक रणनीतियाँ सिखा रहे हैं। इसके साथ ही प्रशिक्षण में खिलाड़ियों की निर्णय क्षमता, टीमवर्क और मानसिक मजबूती पर भी जोर दिया जा रहा है।
विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के लिए चयनित खिलाड़ी और प्रशिक्षक
विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के के लिए विचारपुर से कुल पाँच खिलाड़ी और एक महिला प्रशिक्षक का चयन किया गया है। इनमें–सुलक्ष्मी सहीस (कोच), सानिया कुंडे,सुहानी कोल,प्रीतम कुमार ,वीरेंद्र बैगा, मनीष घसिया है।
विभागीय सहयोग से बनी मजबूत नींव
खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में खिलाड़ियों के चयन, प्रशिक्षण की व्यवस्था और यात्रा की पूरी प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। विभाग ने खिलाड़ियों को जर्मनी में ट्रेनिंग के लिए आवश्यक संसाधन और समर्थन उपलब्ध कराए जिससे उनकी तैयारी और प्रदर्शन को और बेहतर बनाया जा सके। प्रदेश सरकार के सहयोग और खिलाड़ियों की मेहनत से मध्यप्रदेश पूरे भारत को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित करेगा।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने दी शुभकामनाएँ
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह अवसर मध्यप्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनसे उम्मीद की कि वे अपने कौशल और समर्पण से देश और प्रदेश का नाम विश्व स्तर पर रोशन करें।
प्रधानमंत्री के उल्लेख से मिली वैश्विक पहचान
विचारपुर की फुटबॉल टीम को यह पहचान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 30 जुलाई 2023 को मन की बात कार्यक्रम में मिली थी। प्रधानमंत्री ने विचारपुर की खेल प्रतिभा का उल्लेख करते हुए इसे ‘मिनी ब्राज़ील’ की उपमा दी थी।
मध्यप्रदेश एवं गुजरात के अधिकारियों के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक
4 Oct, 2025 10:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मध्यप्रदेश और गुजरात राज्यों के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें सरदार सरोवर प्रोजेक्ट संबंधी महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा की गई। बैठक का उद्देश्य सरदार सरोवर प्रोजेक्ट से संबंधित मुद्दों का आपसी समन्वय से निराकरण करना था।
बैठक की अध्यक्षता मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा गुजरात के मुख्य सचिव पंकज जोशी ने संयुक्त रूप से की। बैठक में नर्मदा घाटी विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, सचिव जॉन किंग्सली, सी.एम.डी., एस.एस.एन.एन.एल मुकेश पुरी तथा दोनों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर बनी सहमति
बैठक में दोनों राज्यों के बीच सरदार सरोवर प्रोजेक्ट में गुजरात के गरुड़ेश्वर वियर के माध्यम से पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट को लेकर सहमति बनी। मध्यप्रदेश सरकार इसमें सशर्त सम्मिलित होगी, इससे मध्यप्रदेश सरकार को उत्पन्न बिजली में 57% की भागीदारी मिलेगी। साथ ही सरदार सरोवर के डूब क्षेत्र में आने वाली शासकीय राजस्व, आबादी एवं वन भूमि की प्रतिपूर्ति राशि को लेकर सिद्धांत तय किये गए। बैठक में दोनों राज्यों की लेनदारी एवं देनदारी के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा में यह तय किया गया कि दोनों राज्यों की वित्तीय टीम आपस में विचार कर अगले कुछ दिनों में वित्तीय समायोजन पर निराकरण करेगी। बैठक अत्यंत सकारात्मक एवं सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई।
"वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण" विषय पर हुई युवा संसद
4 Oct, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह-2025 के अंतर्गत शनिवार 4 अक्टूबर को चौथे दिन सुबह 6:00 बजे से दिव्यांग बच्चों के लिये पक्षी अवलोकन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में आयाम इंक्लूजन स्कूल भोपाल के 57 छात्र/छात्राओं ने पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के दर्शन किये। इनमें मैगपाई रॉबिन, इंडियन रॉबिन, ग्रीन बी ईटर, ग्रे फ्रैंकोलिन, कॉमन किंग फिशर, वाइट ब्रेस्टेड किंगफिशर को देखकर बच्चे उत्साहित हो उठे। पक्षी अवलोकन शिविर में सम्मिलित बच्चों को वन्यप्राणियों के मॉडल दिखाये गये एवं उनके बारे में विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी प्रदान की गई, जिसे जानकर बच्चे बहुत ही रोमांचित हुये।
महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं के लिये सुबह 6:30 बजे से "वन विहार" विषय पर फोटोग्राफी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें 40 बच्चों ने भाग लेकर वन विहार के वन्यजीवों की फोटोग्राफी की एवं तीन-तीन फोटोग्राफ्स, साफ्ट कॉपी के रूप में कार्यालय में जमा किये। रंगोली प्रतियोगिता वन एवं वन्यजीव विषय पर कक्षा 5 से 8 तक वर्ग के लिये आयोजित की गई। "पौराणिक कथाओं में वन्यजीव" विषय पर प्रतियोगिता कक्षा 9वीं के लिये सुबह 9:00 बजे से आयोजित की गई। इसमें 126 प्रतिभागियों ने भाग लेकर विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों पर आधारित बहुत सुंदर रंगोली बनाई।
विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन छात्र/छात्राओं के लिये "युवा संसद" प्रतियोगिता सुबह 11.00 बजे से आयोजित की गई। इसमें 4 ग्रुप में 53 प्रतिभागियों ने भाग लेकर "वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण" विषयों पर पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार व्यक्त किये। स्रोत व्यक्ति के रूप में डॉ. सुदेश वाघमारे, डॉ. संगीता राजगीर एवं मो. खालिक तथा अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान श्री विजय कुमार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक संचालक वन विहार डॉ. रूही हक ने किया। पक्षी अवलोकन शिविर के दौरान वन विहार भ्रमण पर आये विभिन्न विद्यालयों के लगभग 300 छात्र/छात्राओं ने भी पक्षियों एवं वन्यजीवों के सम्बंध में जानकारी प्राप्त कर ज्ञानवर्धन किया।
5 अक्टूबर के कार्यक्रम
वन्य जीव सप्ताह में 5 अक्टूबर को सुबह 7:00 बजे से वन्यजीव संरक्षण के लिये 'रन फॉर वाईल्ड लाईफ" दौड़ होगी। इसका रिपोर्टिंग समय सुबह 6:00 बजे रहेगा। दौड़ वन विहार गेट क्र.-2 से डिपो चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा, श्यामला हिल्स होते हुए बोट क्लब की ओर वन विहार के गेट क्र.-1 पर पूरी होगी। साथ ही सुबह 10:30 बजे से "वनों में पर्यटन वन्यजीवों के संरक्षण में सहायक है" विषय पर शिक्षक वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किए माँ कामाख्या देवी के दर्शन
4 Oct, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को गुवाहाटी प्रवास के दौरान माँ कामाख्या देवी मंदिर में दर्शन कर राष्ट्रवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि और मध्यप्रदेश एवं असम की निरंतर उन्नति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ उनकी धर्मपत्नी सीमा यादव ने भी मां कामाख्या देवी मंदिर के दर्शन किए। गुवाहाटी के माँ कामाख्या मंदिर परिसर में मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत भी किया।
ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने प्रतिबद्ध है राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
4 Oct, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय बहुल जिलों में ग्राम सभाओं को अपने गांव के विकास का रोडमैप तैयार करने सक्षम बनाया जा रहा है। राज्य सरकार ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में जनजातीय बहुल गांवों में आदि सेवा पर्व पर दो अक्टूबर को हुई विशेष ग्राम सभाओं ने आपसी विचार-विर्मश कर 4 हजार से ज्यादा विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन किया। शेष ग्राम सभाएं जल्द ही विलेज एक्शन प्लान बनाने की प्रक्रियाएं पूरी करेंगी।
विलेज एक्शन प्लान के लिए 30 जनजातीय बहुल जिलों के लिए अधिकारियों के कार्य दल बनाए गए थे। अधिकारियों की टीम गांव में पहुंची और ग्राम सभाओं में उपस्थित होकर आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आदि सेवा पर्व के महत्व को समझाया। ग्राम सभाओं ने जनजाति ग्राम विजन 2030 के लिए ग्राम विशेष एक्शन प्लान का अनुमोदन किया। साथ में यह भी संकल्प लिया कि प्रत्येक गांव में एक आदि सेवा केंद्र स्थापित किया जाएगा। यह सेवा केंद्र एकल खिड़की नागरिक सेवा केंद्र की तरह काम करेगा। इसके माध्यम से स्थानीय लोग आदि सेवा समय, स्वैच्छिक सेवा के अंतर्गत सप्ताह में एक घंटा अपना योगदान करेंगे। सरकारी अधिकारियों को जनजातीय समुदाय की मूल भाषा, बोलियों और संस्कृति से भी जोड़ेंगे।
उल्लेखनीय की जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान प्रारंभ किया गया है। यह देश में जनजातीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए ऐतिहासिक पहल है। इसका उद्देश्य जनजातीय क्षेत्र में ग्राम स्तर पर नेतृत्व क्षमता का विकास करना, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और शासन-प्रशासन को और अधिक उत्तरदायी बनाना है।
यह अभियान सेवा, संकल्प और समर्पण जैसे मूल्यों पर केन्द्रित है, जो जनजातीय समाज को आत्मनिर्भर, जागरूक और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अभियान के प्रथम चरण में 41 जिलों के 249 विकासखंडों में 14,040 जनजातीय बाहुल्य गांव चिन्हित किए गए हैं। अभियान का लक्ष्य 3 लाख आदि कर्मयोगियों को प्रशिक्षित करना है। इनमें ग्राम स्तर के युवा, महिलाएं, शिक्षक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सचिव और अन्य स्थानीय प्रतिनिधि शामिल है। अभियान में 18,150 क्लस्टर स्तर के मास्टर ट्रेनर, 41 अशासकीय संगठन, 1250 विकासखंड स्तरीय शासकीय संगठन, 56470 आदि सहयोगी, 2,03,292 आदि साथी, 22,528 आदि विद्यार्थी मिलाकर कुल 3 लाख 3 हजार 233 चेंज लीडर्स तैयार किया जा रहे हैं।
प्रत्येक गांव के लिए विकास का एक दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया गया है। ट्राइबल विलेज विजन 2030 पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शुद्ध पेयजल की उपयोगिता, पोषण संबंधी योजनाओं का क्रियान्वयन, महिला बाल विकास की योजनाओं का लाभ, आजीविका के साधनों का सृजन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का कवरेज सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल है। विलेज एक्शन प्लान के निर्माण में आदि कर्मयोगियों के साथ आदि साथियों, आदि सहयोगियों, आदि विद्यार्थियों, सिविल सोसाइटी ऑर्गेनाइजेशन, युवा नेतृत्व, ग्रामीण वयोवृद्ध कल्चरल आइकॉन को शामिल कर सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित की गई है।
विशेष ग्राम सभाओ में विलेज एक्शन प्लान का अनुमोदन किया गया है। इस प्रकार अनुमोदित हुए एक्शन प्लान को जिला स्तर पर तीन श्रेणियां में बांटा जाएगा। पहला व्यक्तिगत या सेवाओं की मांग के आधार पर, दूसरा सामुदायिक परिसंपत्तियों और सेवाओं की मांग और तीसरा सेवाओं के वितरण की मांग के आधार पर होगा। इन सब बिंदुओं पर विचार कर राज्य का एक संपूर्ण दस्तावेज तैयार किया जाएगा।
राज्य सरकार ने अपनी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आदि सेवा केंद्र और आदि सेवा समय जैसी पहल शुरू की है। इसके माध्यम से गांव में ही शिकायतों का निवारण होगा। अभियान के अंतर्गत सेवाओं के बेहतर वितरण को विभिन्न विभागों जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, जल जीवन मिशन, कृषि विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर करने पर विशेष बल दिया जा रहा है।
क्या है गांव के एक्शन प्लान में
गांव के एक्शन प्लान में गांव की आधारभूत जानकारी सामाजिक, आर्थिक संसाधन, गांव के सामाजिक मुद्दे, उपलब्ध बुनियादी सेवाएं दर्ज रहती हैं ताकि आगे नई योजनाएं बनाने में कठिनाई न आए। गांव की पहचान में विकासखंड का नाम, ग्राम पंचायत और गांव का नाम, गांव की भौगोलिक स्थिति, गांव में स्थित मंदिर, पूजा स्थल, अति गरीबों का विवरण, उपलब्ध सुविधाएं जैसे आंगनबाड़ी, प्राथमिक शाला, माध्यमिक शाला, विद्युत लाइन, सौर पैनल, स्ट्रीट लाइट, उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवार, शौचालय, सामुदायिक भवन, ग्राम चौपाल, सड़के, आजीविका के विकल्प जैसे खेती पशुपालन, गैर कृषि, व्यापार सेवा या नौकरी, गांव की खेती के तरीके, सिंचाई की व्यवस्थाएं गांव की जल संसाधन और गांव के लोगों की अपेक्षाएं आदि आधारभूत जानकारी के साथ गांव के लोगों के विचार भी दर्ज रहते हैं, कि वे अपने गांव के विकास को कैसे देखना चाहते हैं।
व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है भाषा : राज्यपाल पटेल
4 Oct, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि भाषा एक संपूर्ण संस्कृति है। यह भावों की अभिव्यक्ति के साथ व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में सहायक होती है। व्यक्ति को सरल, सहृदय और संवेदनशील बनाती है। राज्यपाल पटेल मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति द्वारा आयोजित हिन्दीतर भाषी हिन्दी सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रचार समिति द्वारा स्थापित पुरस्कारों से लेखकों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और युवा साहित्यकारों को सम्मानित किया और बधाई दीं। समारोह का आयोजन हिन्दी भवन में किया गया।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हिन्दी की लोकप्रियता भारत के साथ संपूर्ण विश्व में बढ़ी है। मोदी जी जब विश्व मंचों पर हिंदी में अपनी बात रखते हैं तो सम्पूर्ण विश्व बड़े ध्यान से सुनता है। उन्होंने कहा कि गैर हिन्दी राज्यों और सरकारी नीतियों में भी विगत वर्षों से हिन्दी का प्रसार तेजी से हो रहा है। वर्ष 2023 में फिजी में विश्व हिन्दी सम्मेलन में दुनिया भर के 50 देशों का शामिल होना, प्रधानमंत्री जी के इन्हीं प्रयासों का सुखद प्रतिफल है।
राज्यपाल पटेल ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के अध्ययन-अध्यापन और प्रोत्साहन के लिए विशेष प्रावधान, प्रधानमंत्री जी के संकल्पों की सिद्धि की पहल है। प्रदेश सरकार ने भी हिन्दी विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे तकनीकी, वैज्ञानिक विषयों का हिन्दी में अध्ययन-अध्यापन की अनुकरणीय और सराहनीय पहल की है।
हिन्दी प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का करें नेतृत्व
राज्यपाल पटेल ने कहा है कि विश्व मंच पर भारतीय भाषाओं का सम्मान और अधिक बढ़ाने के लिए हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं में समन्वय की आवश्यकता है। आप सम्मानित और सभी गैर हिन्दी भाषियों से मेरा अनुरोध है कि हिन्दी और अहिन्दी भाषियों के संवाद सूत्र बनकर, हिन्दी के प्रसार की भ्रामक शंकाओं और चिंताओं को दूर करने के प्रयासों का नेतृत्व करें। उन्होंने कहा कि अहिन्दी भाषी स्वामी दयानंद, महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिन्दी के सामर्थ्य के द्वारा हमारी सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोने में सफलता प्राप्त की है।
विभिन्न श्रेणियों में प्रदान किए गए हिन्दी सेवी सम्मान
राज्यपाल पटेल ने समारोह में हिन्दी सेवी सम्मान प्रदान किया। उन्होंने विभिन्न श्रेणियों में साहित्यकारों, प्रशासनिक अधिकारियों, हिन्दी सेवा साधकों और मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इसी प्रकार समिति द्वारा स्थापित विभिन्न पुरस्कार प्रदान किए गए ।
राज्यपाल पटेल ने मां सरस्वती का पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राज्यपाल पटेल का प्रचार समिति ने पुष्प-गुच्छ से स्वागत, शॉल और श्रीफल से अभिनंदन किया। स्वागत उद्बोधन प्रचार समिति के संपादक और मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयुक्त डॉ. मनोज श्रीवास्तव ने दिया। रघुनंदन शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन दिया। आभार समिति की उपाध्यक्ष डॉ रंजना अरगढ़े ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में महेश सक्सेना, सम्मानित लेखक, साहित्यकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश की बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर कौशल विकास का परचम लहराया
4 Oct, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई दिल्ली में कौशल एवं उद्यमशीलता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 4अक्टूबर को आयोजित कौशल दीक्षांत समारोह में मध्यप्रदेश की शासकीय आईटीआई, बैतूल की इलेक्ट्रीशियन ट्रेड की प्रशिक्षार्थी कुमारी त्रिशा तावड़े को आल इंडिया सेंट्रल ज़ोन टू ईयर ट्रेड में टॉप करने पर सम्मानित किया है।
कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने शासकीय आईटीआई की छात्रा कु.त्रिशा को इस उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। राज्यमंत्री टेटवाल ने कहा कि यह सफलता प्रदेश में कौशल आधारित शिक्षा की गुणवत्ता, प्रशिक्षकों के समर्पण और युवा प्रतिभाओं की मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विभाग की प्राथमिकता है कि प्रशिक्षुओं को तकनीकी दक्षता के साथ जीवन कौशल, व्यक्तित्व विकास, भाषा और संचार कौशल प्रदान करना, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, उद्योग के अनुरूप प्रशिक्षण देना और विदेशों में रोजगार की संभावनाओं को साकार करना।
मध्यप्रदेश के अन्य 09 प्रशिक्षार्थियों ने भी ऑल इंडिया ट्रेड टॉपर के रूप में प्रदेश का नाम रोशन किया जिसमें चंचल सेवारिक कम्प्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, भोपाल, पूजा जाटव ड्रोन तकनीशियन, जबलपुर, श्याम महेश्वरी फैशन डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी, उज्जैन, अमन गजभिये मेसन, बालाघाट, श्रुति विश्वकर्मा मैकेनिक, ट्रैक्टर, जबलपुर, अरविंद कुमरे मैकेनिक कम्प्यूटर हार्डवेयर, बैतूल, निकिता तायवड़े मैकेनिक कम्प्यूटर हार्डवेयर, बैतूल, अभिजीत सिंह सिसोदिया मिल्क एंड मिल्क प्रोडक्ट टेक्नीशियन, भोपाल और शिवम यादव स्टेनोग्राफर एंड सेक्रेटेरियल असिस्टेंट, खंडवा शामिल है। इन सभी प्रशिक्षार्थियों ने अपने कौशल, परिश्रम और संकल्प से प्रदेश को गौरवान्वित किया।
प्रदेश के सभी 280 शासकीय आईटीआई में आज कौशल दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया तथा प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया। इस अवसर पर आईटीआई स्तर पर सभी ट्रेड्स के टॉपर प्रशिक्षार्थियों को सम्मानित किया गया।
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की शासकीय एकलव्य महिला आईटीआई की छात्रा कु. त्रिशा तावड़े ने 1200 में से 1187 अंक प्राप्त कर सेंट्रल जोन में प्रथम स्थान हासिल किया और मध्यप्रदेश की एकमात्र प्रशिक्षणार्थी के रूप में राष्ट्रीय मेरिट सूची में नाम दर्ज कर जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया। बैतूल के ग्राम भड़ूस की इस संघर्षशील छात्रा के पिता अजय तावड़े बस ड्राइवर हैं और मां सुशीला तावड़े गृहणी हैं। बड़ी बहन कु. एकता तावड़े भी आईटीआई बैतूल की टॉपर रह चुकी हैं और वर्तमान में रेलवे में एप्रेंटिस के रूप में कार्यरत हैं।
आईटीआई बैतूल के प्राचार्य ने बताया कि सत्र 2024-25 में मैकेनिक कंप्यूटर हार्डवेयर ट्रेड में छात्र अरविंद कुमरे ने पुरुष वर्ग और छात्रा कु. निकिता तायवड़े ने महिला वर्ग में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप छात्राओं की उन्नति और कौशल प्रशिक्षण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। महिला आईटीआई बैतूल में कौशल विकास विभाग के तहत 'हुनर पहल' कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं कौशल विकास के लिए कम्युनिकेशन स्किल, सॉफ्ट स्किल, इंग्लिश स्पीकिंग प्रशिक्षण सहित हार्टफुलनेस ध्यान, व्यक्तित्व विकास शिविर और हेल्थ क्लब गतिविधियों में योग व कराटे प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
आईटीआई बैतूल की छात्राओं को न केवल प्रदेश में बल्कि देश-विदेश में रोजगार पाने के अवसर मिल रहे हैं। पिछले वर्ष 85 से अधिक छात्राएं बेंगलुरु, हैदराबाद और भोपाल की कंपनियों में नौकरी के लिए चयनित हुईं, वहीं इस वर्ष 45 छात्राएं टाटा इलेक्ट्रॉनिक होसुर तमिलनाडु और 9 छात्राएं प्रतिभा सिंटेक्स पीतमपुर जा चुकी हैं।
ग्वालियर में सिंधिया परिवार की शान का नजारा, ज्योतिरादित्य और महान आर्यमन विंटेज थंडरबर्ड रॉयल कार में घूमते दिखे
4 Oct, 2025 08:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर में अलग ही लुक और अंदाज में नजर आए। वे अपने बेटे महान आर्यमन सिंधिया को बैठाकर सड़कों पर 'थंडरबर्ड रॉयल विंटेज कार' ड्राइव करते नजर आए। महाराज को खुद कार ड्राइव करते देख लोग आश्चर्यचकित रह गए। सिंधिया कार से हाथ हिलाते हुए जहां से निकले लोगों में वीडियो बनाने और सेल्फी लेने की होड़ मची रही। दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया दशहरे के बाद ग्वालियर में अपने बेटे महान आर्यमन सिंधिया के साथ एक विंटेज कार ड्राइव करते नज़र आए। आम दिनों की तरह सिक्योरिटी कवच में नहीं, बल्कि बेहद ही शाही और अनोखे अंदाज़ में सिंधिया महल से अपनी खास 'थंडरबर्ड रॉयल विंटेज कार' निकाल कर शहर घूमने निकले।
सिंधिया जब 'थंडरबर्ड रॉयल विंटेज कार' को ड्राइव करते शहर की सड़कों पर निकले तो लोगों उन्हें देखने के लिए उमड़ पड़े। बता दें कि विंटेज कार अपने आप में आकर्षण का केंद्र होती है। यह थंडरबर्ड रॉयल विंटेज कार उन चुनिंदा रॉयल विंटेज कलेक्शनों में से है, जो आज भी भारत के कुछ राजघरानों के पास मौजूद है। ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के पास संरक्षित इस कार को देखकर लोग रोमांचित हो उठे।
महल से निकलते ही सेल्फी लेने लगे फैन्स
महल से निकलते ही जैसे ही सिंधिया और उनके मुख्य मार्ग पर आए, लोग उन्हें देखने के लिए रुकने लगे। कई लोग मोबाइल से तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। शहर की गलियों में इस 'रॉयल ड्राइव' ने मानो दशकों पुराने दौर की झलक फिर से ताजा कर दी। सिंधिया का यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। राजघराने से जुड़ी परंपराओं और आधुनिक राजनीति में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया का यह विंटेज स्टाइल शहरवासियों को खासा भाया।
शाही अंदाज और परंपराओं सिंंधिया की पहचान
गौरतलब है कि सिंधिया परिवार हमेशा से अपने शाही अंदाज और परंपराओं को लेकर चर्चा में रहता है। दशहरे पर 'शमी पूजन' की परंपरा हो या फिर 'विंटेज कार' में शहर की सैर, ग्वालियर की जनता को हमेशा अपने राजपरिवार के साथ एक खास जुड़ाव महसूस होता है।
डिटॉक्स वाटर पीने से पहले जान लें इसके साइड इफेक्ट
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तेज प्रताप का बड़ा दावा, RJD में टूट के संकेत, सियासी पारा चढ़ा
DRDO ने बनाया AI से लैस ‘प्रज्ञा’, गृह मंत्रालय को सौंपा सिस्टम
200 का लक्ष्य और गलत शॉट: "पिच 175 वाली थी, पर हमारी खराब रणनीति ने डुबोई लुटिया"— हेडन।
