मध्य प्रदेश
भावांतर योजना में रेकॉर्डेड 4234 रुपए हुआ सोयाबीन का मॉडल रेट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
16 Nov, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए आज 16 नवंबर को रेकॉर्डेड 4234 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी।
सोयाबीन के मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए तथा 15 नवंबर को 4225 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ था।
मध्यप्रदेश बना भारत का फूड-बास्केट, कृषि विकास में रचा नया इतिहास
16 Nov, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : कभी 'बीमारू राज्य' और विकास की दौड़ में पिछड़ा माना जाने वाला मध्यप्रदेश आज आत्मनिर्भरता, कृषि समृद्धि और तीव्र आर्थिक विकास का प्रतीक बन चुका है। यह परिवर्तन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व, सरकार की योजनाबद्ध नीतियों और किसानों की अटूट मेहनत का परिणाम है। मध्यप्रदेश अब न केवल विकास दर में अग्रणी है, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन में भी देश में नई पहचान बना चुका है। यही कारण है कि भारत का हृदय प्रदेश अब देश का नया 'फूड-बास्केट' कहलाने लगा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कहना है कि मध्यप्रदेश ने कृषि और उससे सम्बद्ध क्षेत्रों में जो आशातीत प्रगति की है, उसमें हमारे अन्नदाताओं की महती भूमिका है। बीते वर्षों में मध्यप्रदेश ने कृषि उत्पादन, सिंचाई विस्तार और किसानों की आय वृद्धि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर देश का नया 'फूड बास्केट' बनने का गौरव प्राप्त किया है। राज्य की विकास दर अब डबल डिजिट में पहुंच चुकी है, जिसमें कृषि एवं सम्बद्ध क्षेत्रों का सबसे बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने का संकल्प लिया है। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, पर्याप्त बिजली आपूर्ति, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी, भावांतर भुगतान योजना और कृषि यंत्रीकरण ने किसानों से जीवन में खुशहाली आ रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि आज मध्यप्रदेश गेहूं, चना, मसूर, सोयाबीन और तिलहन उत्पादन में देश में अग्रणी बन चुका है। पंजाब और हरियाणा जैसे परम्परागत कृषि सम्पन्न राज्यों को कई फसलों के उत्पादन में पीछे छोड़ना राज्य के किसानों की मेहनत और सरकार की संवेदनशील नीतियों का ही परिणाम है। हमने कृषि के साथ-साथ डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्रों में भी राज्य ने नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP), एग्रो एंड फूड प्रोसेसिंग इकाइयां और कोल्ड स्टोरेज चेन जैसे अनेक कदम किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाने में मददगार सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है - हर खेत तक पानी, हर किसान तक प्रगति और हर घर तक समृद्धि। मध्यप्रदेश का किसान अब सिर्फ़ अन्नदाता नहीं, बल्कि खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत का निर्माणकर्ता बन चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और राज्य के पूरे कृषि अमले को इस राष्ट्रीय उपलब्धि की ओर बढ़ने के लिए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश देश की खाद्य सुरक्षा को सशक्त करेगा, बल्कि वैश्विक कृषि मानचित्र पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
कृषि समृद्ध प्रदेश बनने की कहानी
कभी सीमित सिंचाई साधनों, अस्थिर बिजली आपूर्ति और अपर्याप्त अवसंरचना के कारण मध्यप्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था घाटे में चल रही थी। किसानों की आमदनी सीमित थी और ग्रामीण जीवन में भी कुछ कठिनाइयां थीं। परंतु बीते दो दशकों में परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। सरकार ने कृषि और ग्रामीण विकास को अपनी नीतियों के केंद्र में रखकर जो कार्य किया, उसने राज्य की तस्वीर ही बदल दी। हाल ही में हुए आर्थिक सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश ने 24 प्रतिशत की विकास दर दर्ज की है, जो राष्ट्रीय विकास औसत से कहीं अधिक है। यह प्रगति बताती है कि मध्यप्रदेश अब आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
कृषि विकास में आई नई क्रांति
मध्यप्रदेश में सबसे ज्यादा विकास कृषि क्षेत्र में देखा गया है। बीते वर्षों में राज्य सरकार ने कृषि को सिर्फ़ आजीविका का साधन नहीं, बल्कि समृद्धि का आधार बनाने का संकल्प लिया। किसानों को फसल उत्पादन की लागत में राहत देने, खेती को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाएं लागू की गईं। कृषक कल्याण मिशन के जरिए किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सभी जतन किए जा रहे हैं। भावांतर भुगतान योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फ़सल खरीदी और इस खरीदी पर बोनस राशि भी देने जैसे प्रयासों ने किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की है। इसके अलावा उन्नत कृषि उपकरणों पर सब्सिडी और प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने की कोशिशों ने भी खेती-किसानी को और अधिक रूचिकर, उत्पादक और टिकाऊ बनाया है। राज्य में सिंचाई सुविधाओं का खेत तक विस्तार भी एक मील का पत्थर साबित हुआ है। नर्मदा घाटी विकास परियोजना, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदियों को आपस में जोड़ने और केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी लिंक जैसी परियोजनाओं से लाखों हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा के दायरे में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के सुदृढ़ीकरण से रबी सीजन में फसलों की उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ गई है।
खेती-किसानी की बदलती परिभाषा
मध्यप्रदेश के किसान अब पारम्परिक खेती तक सीमित नहीं हैं। वे नई तकनीकों और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार ला रहे हैं। ड्रिप इरिगेशन, ऑर्गेनिक फार्मिंग, मल्टीक्रॉपिंग और फसल विविधीकरण जैसे नवाचारों ने कृषि को एक व्यावसायिक रूप दिया है। प्रदेश में कृषि विश्वविद्यालयों, अनुसंधान केंद्रों और कृषि विज्ञान केंद्रों की सक्रिय भूमिका ने किसानों को नवीनतम जानकारी सहित प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया है। अब किसान बाजार की मांग के अनुसार फसलें पैदा कर रहे हैं और निर्यात की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं।
खाद्यान्न उत्पादन में नया इतिहास
आज मध्यप्रदेश गेहूं, धान, चना, मसूर, सरसों और सोयाबीन जैसी फसलों के उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल है। राज्य के कृषि विभाग के अनुमान के अनुसार, बीते वर्षों में प्रदेश का अनाज उत्पादन लगभग दोगुना हो गया है। गेहूं उत्पादन में मध्यप्रदेश अब देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य बन चुका है। उत्पादन और गुणवत्ता दोनों ही स्तरों पर राज्य ने पंजाब और हरियाणा जैसे कृषि संपन्न राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। दलहन और तिलहन उत्पादन जैसे चना, मसूर और सोयाबीन की पैदावार ने किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। मध्यप्रदेश अब देश के कुल चना उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत योगदान देता है।
धान उत्पादन
धान की फसल उत्पादन मामले में भी राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। बालाघाट, बैतूल, मंडला, सिवनी और डिंडोरी जैसे जिले अब धान की नई मंडियां बन गए हैं। यहीं से देश के विभिन्न हिस्सों में खाद्यान्नों की आपूर्ति होती है।
किसानों की समृद्धि से ग्रामीण विकास
कृषि एवं इससे सम्बद्ध क्षेत्रों में आमूलचूल प्रगति ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक दी है। गांवों में रोजगार के नए अवसर बढ़े हैं, कृषि-आधारित उद्योगों का विकास हुआ है और युवाओं में खेती को लेकर नया उत्साह पैदा हुआ है। जहां पहले खेती घाटे का सौदा मानी जाती थी, वहीं आज यह आत्मनिर्भरता और समृद्धि का प्रतीक बन चुकी है। कृषि उपज मंडियों का डिजिटलीकरण, e-NAM पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बिक्री की सुविधा और मूल्य पारदर्शिता ने किसानों को बाजार की बेहतर समझ विकसित कर समुचित कीमत दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।
कृषि से औद्योगिक विकास तक
मध्यप्रदेश की तेज कृषि विकास दर देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश कृषि आधारित उद्योगों और एग्रो प्रोसेसिंग का केंद्र बनने जा रहा है। राज्य में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज और लॉजिस्टिक हब के निर्माण से कृषि उत्पादों के निर्यात की संभावना बढ़ेगी। सरकार की वन डिस्ट्रिक्ट 'वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना भी इस दिशा में मददगार सिद्ध हो रही है। यह किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में तो कारगर है ही, ग्रामीण रोजगार को भी यह योजना स्थायी बना रही है।
नया मध्यप्रदेश, नया आत्मविश्वास
मध्यप्रदेश आज बड़े आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। अब यह राज्य विकास के नए अध्याय लिख रहा है। गांव से शहर तक, खेत से बाजार तक, फ़ार्म टू लैब हर जगह परिवर्तन की एक नई लहर महसूस की जा रही है। प्रदेश के किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं रहे, बल्कि “राष्ट्र निर्माता” और ऊर्जादाता भी बन रहे हैं। किसानों को उनके खेत में सोलर पम्प लगाने के लिये अनुदान योजना प्रारंभ की गई है। किसानों के परिश्रम और सरकार की किसान हितैषी संवेदनशील नीतियों ने मध्यप्रदेश को उस ऊंचाई पर पहुंचा दिया है, जिसकी कल्पना भी कभी दूर की कौड़ी लगती थी।
भोपाल में राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी 18 नवम्बर से
16 Nov, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : भोपाल में 18 नवम्बर से 52वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी का आयोजन राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, श्यामला हिल्स, भोपाल में किया जा रहा है। प्रदर्शनी के आयोजन में स्कूल शिक्षा विभाग सहभागिता कर रहा है। प्रदर्शनी में 35 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 900 विद्यार्थी एवं शिक्षक विज्ञान पर केन्द्रित प्रोजेक्ट एवं मॉडल प्रदर्शित करेंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी में विज्ञान के प्रति रुचि पैदा करना और वैज्ञानिक विचार विकसित करना है। इस कार्यक्रम में देश के समस्त प्रदेश एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के स्कूली विद्यार्थी शामिल होंगे। बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में प्रतिदिन प्रात: 9 बजे से विभिन्न वैज्ञानिक संस्थाओं जैसे आंचलिक विज्ञान केन्द्र, आईसर, मैनिट, आईसेक्ट एवं ग्लोबल स्किल पार्क के वैज्ञानिक सहभागी विद्यार्थियों के साथ वैज्ञानिक वार्ता में विशेष व्याख्यान देंगे। इसके बाद 30 मिनट विद्यार्थियों के साथ प्रश्नोत्तरी भी होगी।
प्रदर्शनी में शाम को प्रतिदिन विभिन्न राज्यों के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। विभिन्न राज्यों से आये विद्यार्थियों को राजधानी भोपाल के आसपास ऐतिहासिक स्थलों, संग्रहालयों, विज्ञान केन्द्र, शिल्प केन्द्र आदि का भ्रमण भी कराया जायेगा। भोपाल में 6 दिवसीय प्रदर्शनी का समापन 23 नवम्बर को दोपहर 3:30 बजे होगा।
आयुर्वेद के सिद्धांतों का वैश्विक विस्तार समय की मांग : मंत्री निर्मला भूरिया
16 Nov, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान, संस्कृति और विज्ञान का समन्वित स्वरूप है, जिसे आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली में समाहित करना समय की महती आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद के सिद्धांतों का उन्नयन और उनका व्यापक एकीकरण आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य, पोषण और समग्र विकास के लिये जरूरी है। मंत्री भूरिया रविवार को सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी भोपाल में आयोजित “सु-संतति 2.0” संगोष्ठी को संबोधित कर रही थीं।
कुपोषण से लड़ाई में आयुर्वेद कारगर हथियार
मंत्री भूरिया ने प्राचीन ज्ञान और विज्ञान के माध्यम से सुजनन विज्ञान की विरासत को आगे बढ़ाना” विषयक संगोष्ठी की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन समयानुकूल और भविष्य की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग प्रदेश की लगभग 75 प्रतिशत जनसंख्या तक पोषण, स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों पर कार्य कर रहा है, जो इसे सबसे प्रभावी जनहितकारी विभाग बनाता है। उन्होंने कहा कि कमजोर और एनीमिक मां, कुपोषित बच्चों को जन्म देती है, जिससे उनका संपूर्ण जीवन जोखिम में रहता है। वहीं कुपोषण का दुष्चक्र देश की प्रगति में भी बाधक बनता है। मंत्री भूरिया ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वर्णित गर्भसंस्कार की अवधारणा विज्ञानसम्मत एवं व्यवहारिक है, जिसमें संतुलित आहार, सकारात्मक विचार और जीवनशैली गर्भस्थ शिशु के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कोविड काल में आयुर्वेद ने बचाई अनेक जिंदगियां
मंत्री भूरिया ने कहा कि कोविड काल ने यह सिद्ध कर दिया कि आयुर्वेद, योग और प्राचीन उपचार पद्धतियां आज भी उतनी ही प्रभावी हैं जितनी सदियों पहले थीं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों ने घरेलू आयुर्वेदिक उपायों से अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित रखा। इसी कारण आज के युग में आयुर्वेद को उन्नत कर स्वास्थ्य व्यवस्था में शामिल करना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा आयुष विभाग के माध्यम से आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया।
‘मोटी आई’ अभियान से 1800 से अधिक बच्चे कुपोषण से बाहर आए
मंत्री भूरिया ने कहा कि आयुर्वेद पर उनकी आस्था ही थी कि उन्होंने अपनी विधानसभा और जिला स्तर पर कुपोषण निवारण का बड़ा अभियान ‘मोटी आई’ शुरू किया। इसमें बच्चों को आयुर्वेदिक तेल से मालिश, आयुर्वेदिक उपचार और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया गया। जिले में 1950 चिन्हित बच्चों में से 1800 से अधिक बच्चे कुपोषण मुक्त हो गए। उन्होंने बताया कि इस नवाचार के लिए जिले की कलेक्टर को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार भी मिला है।
वैज्ञानिक शोध और क्लीनिकल ट्रायल से बढ़ेगी आयुर्वेद की वैश्विक विश्वसनीयता
मंत्री भूरिया ने कहा कि आयुर्वेद को विश्वपटल पर प्रमुख स्थान दिलाने के लिए जरूरी है कि आयुर्वेदिक औषधियों पर विस्तृत शोध हो, क्लीनिकल ट्रायल हों और इनके परिणाम प्रमाण-आधारित रूप में दुनिया के सामने आएं। उन्होंने सुझाव दिया कि नई पीढ़ी के चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद के मध्य तालमेल स्थापित करने का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए, ताकि मरीज को दोनों प्रणालियों का लाभ एक साथ मिल सके।
आयुर्वेद को स्वास्थ्य नीति में सम्मिलित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा मध्यप्रदेश
मंत्री भूरिया ने केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार के आयुष क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश ने खुशीलाल आयुर्वेदिक संस्थान को अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वरूप दिया है, जहाँ देश-विदेश से लोग आयुर्वेदिक उपचार और जीवनशैली आधारित थेरेपी के लिए आते हैं। आयुर्वेद हमारी सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत है, जिसे आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़कर भारत वैश्विक मंच पर एक नया, संतुलित और टिकाऊ स्वास्थ्य मॉडल प्रस्तुत कर सकता है।
इस अवसर पर मंत्री भूरिया ने सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी की चांसलर प्रीति सलूजा, चेयरमैन डॉ. हरप्रीत सिंह और वाइस चेयरमैन इंजीनियर अभिराज द्वारा आयुर्वेद और प्राचीन भारतीय ज्ञान की दिशा में किये गये इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा की भविष्य में भी ऐसे विषयों पर राष्ट्रीय स्तर के आयोजन होते रहेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर के सूर्या हॉफ मैराथन-2025 में नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़कर दी बधाई
16 Nov, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को जबलपुर में सूर्या हॉफ मैराथन-2025 के तृतीय संस्करण की नई दिल्ली से वर्चुअली जुड़ कर आयोजन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर जबलपुर में विद्यमान मध्य भारत एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेन्ट जनरल पदम सिंह शेखावत और सूर्या हॉफ मैराथन के आयोजन से जुड़ी सेना की टीम और धावकों से वर्चुअली संवाद किया।
लेप्टिनेन्ट जनरल पी.एस. शेखावत ने बताया कि यह मैराथन जबलपुर को भारत के खेल मानचित्र पर उभारने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। समाज के सभी वर्गों, मुख्यत: युवा वर्ग में खेल कूद और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता लाना, जबलपुर को पर्यटन केन्द्र के रूप में बढ़ावा देना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना भी मैराथन का उद्देश्य है।
मैराथन से होने वाली आय का एक भाग दृष्टि बाधित केन्द्र के उत्थान को समर्पित किया जाएगा। इस मैराथन को क्रमश: 21, 10, 05 और 03 किलोमीटर श्रेणी में आयोजित किया गया। इसमें मध्यप्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से भी विभिन्न आयु वर्गों के लगभग 10 हजार धावकों ने भाग लिया।
मोहन यादव कैबिनेट में विस्तार की सुगबुगाहट तेज, मुख्यमंत्री करेंगे मंत्रियों से वन-टू-वन चर्चा
16 Nov, 2025 06:26 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: बिहार चुनाव के नतीजों के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें शुरू हो गई हैं. प्रदेश सरकार अपने सभी मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट के बाद अब उनका रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है. इसमें मंत्रियों के पिछले दो साल के कामकाज के आधार पर मूल्यांकन तैयार किया गया है. रिपोर्ट तैयार कर केन्द्रीय नेतृत्व को भेजी जा चुकी है. माना जा रहा है कि मोहन सरकार मंत्रिमंडल में कुछ नए और वरिष्ठ चेहरों की एंट्री हो सकती है, जबकि सरकार में शामिल कुछ मंत्रियों को पार्टी संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है.
4 बिंदुओं पर की गई रिपोर्ट तैयार
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को दिसंबर माह में दो साल पूरे होने जा रहे हैं. सरकार के दो साल के कामकाज का आंकलन के साथ प्रदेश के सभी मंत्रियों का भी रिपोर्ट कोर्ड तैयार किया जा रहा है. इसमें मंत्रियों की रिपोर्ट चार बिंदुओं के आधार पर तैयार की जा रही है.
मंत्रियों ने अपने विभाग में कितने नवाचार किए, सरकार की योजनाएं धरातल पर कितनी उतरी, केन्द्र सरकार चलाए जा रहे अभियान को सफल बनाने में मंत्रियों ने किस तरह का प्रदर्शन किया.
मंत्री के तौर पर उनका सरकार और संगठन के बीच तालमेल किस तरह का रहा. पार्टी संगठन के कामों में मंत्री ने कितनी भूमिका निभाई.
मंत्री का अपने क्षेत्र में स्थानीय कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ किस तरह का समन्वय रहा. क्षेत्र की जनता के बीच मंत्री की सक्रियता कैसी रही.
प्रभार वाले जिलों में मंत्री का परफॉर्मेंस कैसा रहा. प्रभार वाले जिलों के विकास का रोडमैप तैयार कराने में मंत्री ने कितना समय दिया. जिले की कितने बैठकों में शामिल हुए.
इन बिंदुओं के आधार पर मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जा रहा है. मुख्यमंत्री सचिवालय द्वारा इसके लिए सभी जिलों और संबंधित विभागों से भी रिपोर्ट बुलवाई है. रिपोर्ट केन्द्रीय आलाकमान को भी भेजी जा चुकी है. माना जा रहा है कि रिपोर्ट कार्ड तैयार होने के बाद कुछ नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है.
मंत्रिमंडल में अभी 4 पद खाली
प्रदेश की डॉ. मोहन यादव मंत्रिमंडल में अभी कुल सदस्यों की संख्या 31 है. इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, राजेन्द्र शुक्ला के अलावा 18 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्री शामिल हैं. मंत्रिमंडल में अभी 4 मंत्री और बनाए जा सकते हैं.
मंत्रियों के साथ होगी वन टू वन चर्चा
उधर बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री जल्द ही मंत्रियों के साथ वन टू वन चर्चा शुरू करने जा रहे हैं. इस दौरान मंत्रियों से उनके और उनके विभाग के परफॉर्ममेंस पर डिटेल में चर्चा की जाएगी. इस दौरान कमजोर परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों की लिस्टिंग की जाएगी. माना जा रहा है कि समीक्षा के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. इसके जरिए सरकार क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश करेगी.
नकली नोटों का बड़ा खुलासा : जर्मन किताबें पढ़कर 10वीं पास ने शुरू किया था करंसी छापना...5-6 लाख खपा चुका था
16 Nov, 2025 01:24 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bhopal News: भोपाल पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. प्रिटिंग का काम सीखकर आरोपी ने नकली नोट बनाए. नकली नोट बनाने के लिए आरोपी ने महंगे सामान खरीदे और आधुनिक क्वालिटी के उपकरण बरामद किए हैं.
विदेशी किताबें पढ़कर नकली नोट बनाने का काम सीखा
विदेशी किताबों को पढ़कर आरोपी ने नकली नोट बनाने का काम सीखा. करीब एक साल से नकली नोट बनाने का धंधा चल रहा था. 500 रुपए के सवा 2 लाख नकली नोट आरोपी के पास से बरामद किए गए हैं. नकली नोट बनाकर अलग-अलग दुकानों में खपाया गया था. आरोपी 5-6 लाख के नकली नोट अब तक मार्केट में खपा चुका है. आरोपी ने नकली नोट बनाने का पूरा सेटअप अपने घर में ही लगाया हुआ था. 40GSM पेपर यूज कर और वाटरमार्किंग ऑनलाइन खरीद कर नकली नोट बनाने का काम किया.
एडिशनल DCP जोन 2 ने किया मामले का खुलासा
नोट बनाने के उपकरण कम्प्यूटर, प्रिन्टर पचंमसीन, नोट वनाने की डाई, गोंद, स्क्रीन प्लेट, कटर, बाईवल कागज, पेसिल, स्टील स्केल लाईट वाक्स, एव होट स्टपिग फोईल एंव नोट बनाने के कागज को पुलिस ने जब्त कर लिया है. एडिशनल DCP जोन 2 ने किया मामले का खुलासा है. पिपलानी थाना पुलिस ने पूरी कर्रावाई की है.
नोट बनाने के कागज भी ऑनलाइन मंगवाता था
आरोपी ने नोट बनाने के संबंध मे बताया कि वह नकली नोट बनाने के कागज आनलाईन मंगवाकर कागजों को ब्लेड से काटकर एवं पेंसिल से मार्किंग करके और दूसरे कागज पर आरबीआई भारत की पट्टी चिपकाकर एवं दोनो कागजों को चिपकाकर एक साथ जोडकर एवं पेपर की कटिंग कर प्रिंटर से प्रिंट निकालकर नोट के आकार मे काटकर नोट की बाहरी चीजें जैसे 500 रू एवं वाटर मार्किंग कर नकली नोट बनाता था.
ठंड का कहर : भोपाल-इंदौर समेत 20 जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट, जानिए आपके जिले का हाल
16 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP Cold wave Alert: मध्य प्रदेश में नवंबर के महीने में ही ठिठुरन वाली ठंड पड़ रही है. पहाड़ी राज्यों से आ रही सर्द हवाओं ने प्रदेश में कंपकंपी बढ़ा दी है. कई जिलों में तापमान में जोरदार गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा. वहीं, राजगढ़ में सबसे कम तापमान रिकॉर्ड किया गया. मौसम विभाग ने आज 16 नवंबर को भी भोपाल-इंदौर समेत 20 जिलों में शीतलहर यानी कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है.
MP में ठिठुरन वाली ठंड
मध्य प्रदेश के सभी जिलों में ठिठुरन वाली ठंड पड़ रही है. शनिवार की रात सबसे कम तापमान राजगढ़ में रिकॉर्ड हुआ. वहीं, भोपाल में 8 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 9.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.9 डिग्री, उज्जैन में 11.7 डिग्री, जबलपुर में 9.7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, छतरपुर के नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 9.4 डिग्री, उमरिया में 8.4 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, सतना-मलाजखंड में 9.6 डिग्री और छिंदवाड़ा में 9.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
आज इन जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज मध्य प्रदेश के 20 जिलों में अलर्ट जारी किया है. आज भोपाल, इंदौर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, डिंडौरी और अनूपपुर जिले में शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है.
नवंबर में क्यों बढ़ी ठंड?
मौसम विभाग के मुताबिक पहाड़ी राज्य- उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी हो रही है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी हो रहा है. पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के सभी जिलों में ठंड बढ़ गई है.
अगले 3 दिनों तक कांपेगा MP!
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश में शीतलहर का अलर्ट जारी किया है. इसके बाद थोड़ी राहत मिलने की संभावना है. बता दें कि भोपाल में शनिवार तक लगातार 8 दिन शीतलहर का असर देखा गया है.
नकली नोट बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़, 10वीं पास युवक ने घर में तैयार किया सेटअप, 2 लाख की करेंसी जब्त
16 Nov, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की राजधानी भोपाल (Bhopal) में पुलिस ने एक 21 साल के युवक को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है. आरोपी प्रिंटर और अन्य उपकरणों की मदद से घर पर ही नकली नोट छापने का काम करता था. पुलिस ने आरोपी के घर से 2 लाख से ज्यादा के नकली नोट, नोट छापने की सामग्री, एक प्रिंटर समेत बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया है. आरोपी प्रिंटिंग प्रेस में काम कर चुका है.
एडिशनल डीसीपी जोन-2 गौतम सोलंकी ने बताया कि ये बरामदगी पिपलानी थाना क्षेत्र में हुई है. 14 नवंबर को जानकारी मिली थी कि काले रंग की शर्ट पहने एक युवक निजामुद्दीन इलाके में 500-500 रुपए के नकली नोटों के साथ खपाने की नीयत से घूम रहा है. सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी युवक को दबोच लिया. पूछताछ में उसने अपना नाम विवेक यादव बताया.
वो भोपाल के करोंद इलाके में रहता है. तलाशी लेने पर उसके पास 500-500 रुपए के 23 नकली नोट मिले, जो पहली नजर में एकदम असली जैसे नजर आते थे. इसके बाद पुलिस उसे थाने ले आई और आगे की तफ्तीश शुरू कर दी. पुलिस ने आरोपी का मोबाइल चेक किया तो उसमें नकली नोट बनाने से जुड़े कई वीडियो मिले. आरोपी इन वीडियो को बार-बार देखता था.
आरोपी इंटरनेट से वीडियो देखर उसके आधार पर नकली नोट बनाना सीख गया था. उसने बताया कि वह हर नकली नोट को कई बार क्रॉस चेक करता था ताकि यह सुनिश्चित कर सके कि उसका बनाया नोट पूरी तरह असली जैसा लगे. आरोपी ने बताया कि वह पहले प्रिंटिंग प्रेस में काम कर चुका है. उसे कलर कॉम्बिनेशन की समझ और कागज को बारीकी से काटने की तकनीक अच्छी तरह आती थी.
नकली नोट बनाने के लिए वह खास तरह का कागज ऑनलाइन मंगाता था. इन कागजों को ब्लेड से काटकर पेंसिल से मार्किंग करता था. इसके बाद दूसरे कागज पर आरबीआई की पट्टी चिपकाकर दोनों कागजों को आपस में जोड़ देता था. प्रिंटर से नोट का प्रिंट निकालकर उसे कटिंग के जरिए नोट के आकार में तैयार करता था. अंत में वॉटर मार्क की डिटेल जोड़कर नकली नोट को असली बना देता था.
आरोपी अब तक 5 लाख रुपए के नकली नोट बाजार में खपा चुका है. नकली नोट तैयार करने के बाद आरोपी अपने किराए के ठिकाने से दूर शहर के दूसरे इलाकों में जाता था. वहां वह 500 रुपए के नकली नोट से छोटा-मोटा सामान खरीदता था और बदले में खुल्ले में असली नोट हासिल कर लेता था. अब तक की पूछताछ में स्वीकार किया है कि 5-6 लाख के नकली नोट बाजार में खपा चुका है.
जब पुलिस ने आरोपी के घर की तलाशी ली तो 500 रुपए के 428 नकली नोट मिले, जिनकी कुल कीमत 2,25,500 रुपए है. इसके अलावा कंप्यूटर, प्रिंटर, पंच मशीन, नोट बनाने की डाई, गोंद, स्क्रीन प्लेट, कटर, वाइबल कागज, पेंसिल, स्टील स्केल, लाइट बॉक्स और डॉट स्टेपिंग फॉयल भी बरामद की गई है. पुलिस इस मामले की विस्तृत जांच कर रही है. आरोपी से पूछताछ जारी है.
MP के कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज गिरफ्तार, कथा स्थल से पकड़ ले गई पुलिस
16 Nov, 2025 09:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के बिलासपुर जिले (Bilaspur district) में सतनामी समाज को अपमानित करने वाले कथावाचक आशुतोष चैतन्य महाराज को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. कथावाचक ने तखतपुर के टिकरी पारा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा महापुराण के दौरान सतनामी समाज को मूर्ख और गाय काटने वाला समाज कहकर विवादित बयान दिया था. यह वीडियो यूट्यूब पर अपलोड होने के बाद तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद सतनामी समाज में आक्रोश फैल गया.
11 नवंबर को कथावाचन के दौरान आशुतोष चैतन्य ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के तखतपुर में कितनी गायें कट रही हैं, क्या आपको पता है. जो पहले सनातनी थे, वो आज सतनामी हो गए. उन मूर्खों को समझ नहीं आता कि सतनामी का मतलब क्या होता है. ये गायों को काट रहे हैं. इस बयान ने समाज और सामाजिक भावनाओं को गंभीर रूप से आहत किया.
वीडियो सोशल मीडिया पर जैसे ही फैला, सतनामी समाज के लोग आक्रोश हो गए. 12 नवंबर को बड़ी संख्या में समाज के सदस्य तखतपुर थाने पहुंच गए और थाने का घेराव किया. उन्होंने कथावाचक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की. उनका कहना था कि व्यासपीठ से इस तरह की टिप्पणी न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है, बल्कि समाज को बांटने का भी प्रयास है. समाज के चेतावनी दी कि अगर कथावाचक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे.
बढ़ते विरोध और तनाव को देखते हुए तखतपुर पुलिस ने आशुतोष चैतन्य महाराज के खिलाफ एफआईआर दर्ज की. 15 नवंबर को उन्हें कथा स्थल टिकरी पारा से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने पूरे कार्यक्रम परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके. विरोध प्रदर्शन के बाद टिकरी पारा में कथास्थल के आसपास पुलिस बल की संख्या बढ़ा दी गई है. प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. वहीं कथावाचक की गिरफ्तारी के बाद सतनामी समाज ने राहत जताई है.
दर्दनाक हादसा: ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी फॉर्च्यूनर, 5 युवकों की मौत, शवों को निकालने के लिए कटर से काटी गई कार!
16 Nov, 2025 08:39 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले से एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। यहां रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और मौके पर ही अफरा-तफरी मच गई।
इस हादसे में कार सवार 5 युवकों की दर्दनाक मौत हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। मृतकों की पहचान और अन्य विवरण जुटाने का काम जारी है।
बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन को क्रेन की मदद से हटाना पड़ा। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटी है।
बोत्सवाना से 8 चीते कूनो पहुंचेंगे, फिर कहां जाएंगे, जानिए पूरा प्लान!
15 Nov, 2025 04:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: मध्य प्रदेश में एक बार फिर चीता लाए जाएंगे. अफ्रीकी देश बोत्सवाना ने भारत को 8 चीते सौंप दिए हैं. फिलहाल, इन्हें बोत्सवाना की राजधानी गैबोरोन के पास स्थित मोकोलोड़ी नेचर रिजर्व में क्वारंटीन में रखा गया है. क्वारंटीन की अवधि पूरी होने के बाद चीतों को दिसंबर या जनवरी के महीने में भारत लाया जाएगा. इन चीतों को कूनो नेशनल पार्क में रखा जाएगा.
कूनो में किया जाएगा क्वारंटीन
बोत्सवाना सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की यात्रा के दौरान भारत को चीते सौंपे थे. आठ चीतों को सबसे पहले श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क लाया जाएगा. यहां उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा. इसके बाद तय किया जाएगी कि कहां इन चीतों को स्थायी तौर पर शिफ्ट किया जाएगा.
तीसरे आशियाने की तैयारी
मध्य प्रदेश में भारत का एकमात्र स्टेट है, जहां चीते हैं. कूनो और गांधीसागर अभ्यारण्य में चीतों को बसाया गया है. वर्तमान समय में कूनो में 27 चीते हैं. इनमें से कूनो में 24 और गांधीसागर में 3 चीते हैं. अब चीतों को सागर स्थित नौरादेही अभ्यारण्य में बसाने की तैयारी चल रही है. चीतों को बसाने के लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं. यहां कैंपा फंड से 5 क्वारंटीन बोमा और इतने ही सॉफ्ट बोमा बनाए जा रहे हैं.
पहली बार नामीबिया से चीते लाए गए
साल 2022 में पहली बार नामीबिया से 8 चीतों को भारत लाया गया था. इन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में बने छोटे बाड़े में छोड़ा था. कुछ दिनों बाद इन्हें बड़े फिर खुले जंगल में छोड़ा गया. इस पार्क में चीतों की संख्या धीरे-धीरे 27 हो गई. दूसरी बार 12 चीते दक्षिण अफ्रीका लाए गए. अब तीसरी बार बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाएंगे, इनमें 6 मादा और 2 नर चीते हैं.
चलती बस में धुआं, ड्राइवर-कंडक्टर की सूझबूझ से बची यात्रियों की जान!
15 Nov, 2025 01:14 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बड़ा हादसा टल गया. लिंक रोड नंबर एक पर शनिवार सुबह सिटी बस में धुआं उठता दिखाई दिया. ड्राइवर और कंडक्टर ने बस से भागकर अपनी जान बचाई. इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. मामले की जांच की जा रही है.
घटना का वीडियो आया सामने
भोपाल के लिंक रोड नंबर शनिवार सुबह कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय के सामने चलती BCLL (भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड) की एक लो-फ्लोर बस में धुआं उठते हुए देखा गया. बस शिवाजी चौक से व्यापम चौराहे की ओर जा रही थी. बस में धुआं उठता देख ड्राइवर और कंडक्टर भागकर जान बचाई और समय रहते सभी यात्रियों को बस से उतारा गया. कुछ यात्रियों ने आपातकालीन खिड़की से कूदकर जान बचाई. फिलहाल, ये पता नहीं चल बस से क्यों धुआं उठा. इसकी जांच की जा रही है. इस पूरी घटना का वीडियो सामने आया है.
सिटी बस की हालत खराब
जिस बस में धुआं उठते देखा, उनका हालत बेहद खराब है. मेंटेनेंस ना हो पाने कारण बस सही कंडीशन में नहीं है. BCLL के बसों के रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं. BCLL की लो फ्लोर बसों की खस्ता हालत के कारण शहर में इनका आंकड़ा 368 से सिमटकर 60-70 हो चुका है. सिटी में बसों के लिए 24 रूट्स हैं लेकिन 6 पर ही इन्हें संचालित किया जाता है.
हाल ही में इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारा गया है. इलेक्ट्रिक बसों को अलग-अलग रूट्स पर संचालित किया जाएगा. इनके लिए संत हिरदाराम नगर और कस्तूरबा नगर में दो नए डिपो बनाए गए हैं.
जबलपुर में आज जनजातीय गौरव दिवस...CM मोहन यादव और PM मोदी करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ, जानिए क्या है खास?
15 Nov, 2025 01:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: भगवान बिरसा मुंडा की 150 वी जयंती के अवसर पर जबलपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी वर्चुअली जुड़ेंगे. इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके मौजूद रहेंगे. विश्व कप जीतने वाली महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी क्रांति गौंड को कार्यक्रम में दी एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी.
प्रदर्शनी का करेंगे शुभारंभ
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनजातीय गौरव को दर्शाने वाली प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे. प्रदर्शनी भगवान बिरसा मुंडा के जीवन और योगदान पर आधारित होगी. जनजातीय महानायकों में रानी दुर्गावती, शंकर शाह, रघुनाथ शाह, टंट्या भील के जीवन और योगदान को भी दर्शाया जाएगा.
मुख्यमंत्री इस मौके पर जनजातीय धर्म गुरुओं का सम्मान करेंगे और उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले जनजातीय समाज के सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा. अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट खिलाड़ी क्रांति गौड़, राज्य सरकार के सहयोग से लंदन में पढ़ाई कर रहे आसाराम पलवी और रवि मेडा और लिसेस्टर विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे का भी सम्मान होगा.
सीएम देंगे 207 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
जनजाति गौरव दिवस पर प्रदेश को कई बड़ी सौगातें सीएम देंगे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री प्रदेश के 98 करोड़ 51 लाख की लागत से बने विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे. इसके साथ ही 108 करोड़ 49 लाख रुपए के विकास कार्यों का भूमि पूजन करेंगे. कुल 207 करोड़ से अधिक के 30 कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन होगा. जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में दोपहर 1.30 बजे कार्यक्रम आयोजित होगा.
जनजातीय प्रतिभाओं का सम्मान
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष योगदान देनी वाली जनजातीय प्रतिभाओं को सम्मानित करेंगे. डिंडोरी जिले के समनापुर विकासखंड के धुरकुटा गांव के पद्मश्री अर्जुन सिंह धुर्वे लोक गीतों और नृत्य को लोकप्रिय बनाने के लिए प्रसिद्ध है. डिंडोरी के करंजिया विकासखंड के पाटनगढ़ के पद्मश्री भज्जू सिंह श्याम गोंडी भित्ति चित्रकला के प्रचार-प्रसार और संरक्षण के लिए जनजातीय समुदाय में पारंपरिक रूप से प्रचलित चित्रकला को गांव-गांव और क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए कैनवास पर गोंडी चित्रकला को नई पहचान दिलाई है.
डिंडोरी के समनापुर विकासखंड के गौरा कन्हरी गांव की फुलझरिया बाई को देशज अनाज के बीजों के संग्रहण और उत्पादन में वृद्धि करने के लिए सम्मानित किया जाएगा. इसी विाकसखंड के पौड़ी किवाड़ गांव की उजियारो भाई को जल संरक्षण के सराहनीय कार्य करने के लिए सम्मानित किया जाएगा.
रागिनी मार्को को 2023-24 में आर्चरी खेल में अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर उच्च प्रदर्शन के लिए विक्रम अवार्ड से सम्मानित किया गया. सृष्टि सिंह को आर्चरी खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रैंड प्रिक्स भूटान में एक स्वर्ण पदक एवं आश्चर्य वर्ल्ड कप स्टेज 4 में भाग लिया.
बाबा बागेश्वर का विवादित बयान: 'वंदे मातरम और राम नाम से दिक्कत है तो लाहौर चले जाएं
15 Nov, 2025 12:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Baba Bageshwar: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दिल्ली के छतरपुर से यूपी के वृंदावन तक सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकाल रहे हैं. यात्रा के आठवें दिन मथुरा में बाबा बागेश्वर जमकर गरजे. उन्होंने कहा कि जिन्हें ‘राम नाम’ और ‘वंदेमातरम’ से दिक्कत है तो वे फिर से विचार करें. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वे लाहौर का टिकट कटवा लें, यदि किसी के पास टिकट के लिए पैसे ना हों तो वे खुद कर्ज लेकर उसकी व्यवस्था करेंगे.
‘हिंदुओं के विरोधी, DNA टेस्ट करवाएं’
बाबा बागेश्वर की पदयात्रा आठवें दिन उत्तर प्रदेश के मथुरा पहुंची. यहां उन्होंने जनसमूह को संबोधित किया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे मुसलमानों के विरोधी नहीं हैं, बल्कि उन लोगों का विरोध करते हैं, राम और राष्ट्र के प्रति निष्ठावान नहीं हैं. बाबा बागेश्वर ने कहा कि ऐसे लोग भारत में रहते हैं, भारत का खाते हैं लेकिन गुणगान उन लोगों का करते हैं जो राष्ट्र के विरोध में विचारों का समर्थन करते हैं.
ऐसे लोगों पर तंज कसते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वो तुम्हारे चाचा लगते हैं क्या? कुछ हिंदू भी गीता, गंगा, संतों और सनातन संस्कृति के खिलाफ आवाज उठाते हैं. जैसा शुगर बीमारी की पुष्टि शुगर टेस्ट से होती है, ठीक वैसे ही, जो हिंदुओं का विरोध करते हैं, वे अपना डीएनए टेस्ट करवाएं.
16 नवंबर को यात्रा का समापन होगा
दिल्ली के छतरपुर के कात्यायनी मंदिर से बाबा बागेश्वर की पदयात्रा की शुरुआत 7 नवंबर को शुरू हुई. यात्रा फरीदाबाद, पलवल, बल्लभगढ़ होते हुए वृंदावन पहुंचेगी. यात्रा का समापन 16 नवंबर को श्री बांके बिहारी मंदिर में होगी. पदयात्रा में अलग-अलग क्षेत्रों की महान हस्तियां शामिल हो रही हैं.
घर बैठे लें स्ट्रीट फूड का मजा, बनाएं मसालेदार झालमुड़ी
दिल्ली में द्विपक्षीय संबंधों की नई सुगबुगाहट; पीएम मोदी और ली जे म्योंग के बीच होगी अहम चर्चा
भोपाल में 'नारी शक्ति' का आक्रोश: महिला आरक्षण पर भाजपा ने विपक्ष को घेरा
ऊर्जा के क्षेत्र में नई साझेदारी: त्रिकोमाली प्रोजेक्ट और गैस ग्रिड पर भारत-श्रीलंका में बनी सहमति
लू लगने पर तुरंत क्या करें? आसान भाषा में समझें पूरी जानकारी
जश्न बना अभिशाप: कपूरथला में PR की खुशी में चले पटाखे, 30 एकड़ गेहूं की फसल स्वाहा
तमिलनाडु का महासंग्राम: राहुल गांधी के तीखे तेवरों से सत्ता पक्ष में खलबली
