मध्य प्रदेश
डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन लिखेगा महिदपुर की नई तकदीर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
17 Jun, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन सहित आसपास के क्षेत्र को मोक्षदायिनी मां क्षिप्रा का आशीर्वाद प्राप्त है। माँ क्षिप्रा इस क्षेत्र के किसानों को अन्न उत्पादन के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराकर आशीर्वाद प्रदान करती है। महिदपुर भाग्यशाली है कि क्षिप्रा नदी पर बने लगभग सभी बांध और जलाशय महिदपुर में ही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ: 2028 के भव्य आयोजन के लिए इन दिनों उज्जैन और इसके आसपास हजारों करोड़ रुपये के विकास कार्य जारी हैं। डोंगला से गुजरने वाला नया फोरलेन महिदपुर की नई तकदीर लिखेगा। महिदपुर शहर ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर में भी अपनी अलग पहचान रखता है, इसमें भी और गति आएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को उज्जैन के महिदपुर में विकास कार्यों के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिंगल क्लिक से कुल 207 करोड़ 57 लाख रुपए की लागत के 19 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इसमें करीब 188 करोड़ 42 लाख रुपए की लागत के सामाकोटा बैराज के लोकार्पण सहित क्षेत्र के 13 उप-स्वास्थ्य केंद्र के नए भवनों, महाविद्यालय एवं स्कूलों के नवीन भवनों तथा नवीन विद्युत उपकेंद्र का लोकार्पण भी शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सामाकोटा बैराज उज्जैन जिले में जल संरक्षण को नई ऊर्जा देगा। इससे भू-जल स्तर में सुधार होगा, जिससे हमारे अन्नदाता किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल और खेतों को नई संजीवनी मिलेगी। इतना ही नहीं, पानी की हरेक बूंद को सहेजने का यह भागीरथ प्रयास आने वाले सिंहस्थ और उज्जैन के भविष्य के लिए कवच का कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिदपुर की मावा-बाटी और गुलाटी दोनों ही प्रसिद्ध है। यहां आने का अलग ही आनंद है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का स्थान महिदपुर में है। काल गणना में भी यहां के डोंगला का योगदान अतुलनीय है। राजा जयसिंह ने 300 साल पहले उज्जैन, बनारस, जयपुर, मथुरा और दिल्ली में वेधशालाओं (जंतर-मंतर) का निर्माण कराया। सम्राट विक्रमादित्य और आर्यभट्ट की विरासत को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने डोंगला में आधुनिक ऑब्जर्वेटरी का निर्माण कराया है। दुनिया अपनी घड़ी में डोंगला से स्टैंडर्ड टाइम तय करे, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कार्यकाल में विश्व में भारत ने अपनी अलग छवि बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी देश में सबसे लंबे समय तक लगातार सरकार चलाने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने देशवासियों को नि:शुल्क आवास, गरीबों को रसोई गैस और 5 लाख तक के नि:शुल्क इलाज की बड़ी सौगातें दी हैं। राज्य सरकार ने भी नवाचार करते हुए एयर एंबुलेंस की शुरुआत की है। सरकार राहवीर योजना अंतर्गत सड़क पर घायलों की मदद करने वालों को 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि दे रही है। हमारी सरकार गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के किसानों को सम्मान निधि और लाड़ली बहनों को निरंतर राशि दी जा रही है। अब तक लाड़ली बहनों को 60 हजार करोड़ की राशि अंतरित कर चुकी है। हमारी सरकार प्रदेश के अन्नदाताओं और बहनों के सम्मान के लिए कृत संकल्पित होकर आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने पिछला वर्ष उद्योग और रोजगार को और यह वर्ष किसान कल्याण को समर्पित किया है। पहले सिंचित रकबा मात्र 7.5 लाख हेक्टेयर था। वर्ष 2002-03 से प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने की शुरुआत हुई। वर्ष 2023 में हमारी सरकार बनने तक प्रदेश की 44 लाख हैक्टेयर कृषि भूमि सिंचित थी। अब ढाई साल में ही यह आंकड़ा बढ़कर 65 लाख हैक्टेयर हो गया है। राज्य सरकार ने आगामी ढाई वर्ष में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 100 लाख हैक्टेयर करने का लक्ष्य रखा है। किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिया जा रहा है। किसानों को एमएसपी की गारंटी देकर सरकार ने 2652 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा है। सोयाबीन पर भी किसानों को भावांतर योजना का लाभ दिया है। प्रदेश में किसानों के लिए सड़क, बिजली, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। किसानों को सिंचाई के लिए अब दिन में भी बिजली प्रदाय की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुराने जमाने में जब उज्जैन में परिस्थितियां अनुकूल नहीं थीं, तब लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के वंशज और तत्कालीन महाराज ने महिदपुर में सिंहस्थ का आयोजन कराया था। महिदपुर में महारानी गंगाबाई के नाम पर एक घाट भी बना है। उनकी वीरता और 1857 की क्रांति के सूर्यवीरों के अदम्य साहस, पुरुषार्थ एवं पराक्रम का गौरवशाली संग्राम महिदपुर की ऐतिहासिक धरा पर लड़ा गया, जिसने स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी थी।
कार्यक्रम को जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, स्थानीय सांसद अनिल फिरोजिया, महिदपुर विधायक दिनेश जैन (बोस) सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक बहादुर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
मोहन सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला, 29 IAS अफसरों का ट्रांसफर
17 Jun, 2026 08:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत प्रदेश के 29 सीनियर आईएएस (IAS) अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है। इस नई सूची में कई जिलों के कलेक्टर और संभागों के कमिश्नर बदले गए हैं।
इस पूरी प्रशासनिक सर्जरी में सबसे अहम बदलाव भोपाल संभाग में देखने को मिला है, जहां सीनियर आईएएस अधिकारी कर्मवीर शर्मा को भोपाल संभाग का नया कमिश्नर (संभागायुक्त) नियुक्त किया गया है।
क्यों अहम है यह फेरबदल?
राज्य सरकार द्वारा किए गए इस बड़े बदलाव को प्रशासनिक काम-काज में गति लाने और मैदानी स्तर पर सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेष रूप से भोपाल संभाग के कमिश्नर पद पर कर्मवीर शर्मा की नियुक्ति को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उन पर राजधानी और आसपास के जिलों की कानून-व्यवस्था व विकास कार्यों की सीधी निगरानी की जिम्मेदारी होगी।
भोपाल में दूसरी निवेश शिखर बैठक की योजना, जनवरी में आयोजन की संभावना
17 Jun, 2026 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर देश-विदेश के बड़े निवेशकों का जमघट लगने जा रहा है। राज्य सरकार यहां दूसरी 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS) आयोजित करने की रूपरेखा तैयार कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस भव्य बिजनेस समिट का आयोजन अगले साल जनवरी (2027) में किया जा सकता है। गौरतलब है कि पहली समिट में राज्य को करीब 30.77 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, लेकिन इस बार सरकार को उम्मीद है कि यह आंकड़ा पिछले मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा हो सकता है।
पहली समिट की सफलता और पीएम मोदी का दोबारा आगमन
मध्य प्रदेश में पहली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन फरवरी 2025 में हुआ था, जिसका उद्घाटन खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। दो दिनों तक चली उस समिट में देश के दिग्गज उद्योगपतियों ने शिरकत की थी और मध्य प्रदेश के औद्योगिक माहौल व नीतियों की जमकर तारीफ की थी। अब इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए उद्योग विभाग और मध्य प्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (MPIDC) ने दूसरी समिट के लिए कमर कस ली है। माना जा रहा है कि इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो सकते हैं।
आयोजन के लिए तीन संभावित ठिकानों का निरीक्षण
समिट को भव्य और अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए अधिकारियों ने सूबे की राजधानी में उपयुक्त जगहों की तलाश शुरू कर दी है। इसके तहत अब तक तीन प्रमुख स्थानों का मुआयना किया जा चुका है, जिनमें लाल परेड ग्राउंड, ज्यूडिशियल एकेडमी के समीप स्थित नीलबड़-रातीबड़ क्षेत्र, और राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का पुराना परिसर शामिल हैं। अंतिम वेन्यू का चयन समिट में आने वाले मेहमानों, उद्योगपतियों और निवेशकों की संभावित संख्या को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
शहर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे पर रहेगा जोर
पिछली समिट के दौरान जब राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में आयोजन हुआ था, तब भोपाल को बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया गया था। उस वक्त शहर के मेकओवर और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ रुपये से अधिक के सौंदर्यीकरण कार्य कराए गए थे। ठीक उसी तर्ज पर इस बार भी दूसरी समिट से पहले पूरे शहर की सूरत संवारने की योजना है, ताकि बाहर से आने वाले उद्योगपतियों के सामने मध्य प्रदेश की एक आधुनिक और विकासशील छवि पेश की जा सके।
ग्वालियर में OTF मुद्दे पर युवा सड़कों पर उतरे, मैराथन में दिखा विरोध
17 Jun, 2026 04:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: भर्ती परीक्षाओं में बार-बार ली जाने वाली फीस के खिलाफ और 'वन टाइम फीस' (OTF) व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर बुधवार को युवा कांग्रेस द्वारा 'रन फॉर OTF' मैराथन का आयोजन किया गया। सुबह 7 बजे मेला ग्राउंड से शुरू होकर यह मैराथन गोला का मंदिर, हजीरा और सेवा नगर होते हुए फूलबाग मैदान पर समाप्त हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में युवा और छात्र इसमें शामिल हुए, लेकिन मैराथन के बीच ही पहुंचे युवाओं द्वारा कांग्रेस विरोधी नारे लगाने से माहौल गरमा गया।
स्मार्ट मीटर को बताया महाघोटाला, ऊर्जा मंत्री पर साधा निशाना
मैराथन में शामिल होने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बिजली कंपनियों द्वारा लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे आम जनता को लूटने की सोची-समझी योजना करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मीटरों को एक ही जगह से नियंत्रित (मैन्युपलेट) किया जाता है, जिससे उपभोक्ताओं के बिल सवा गुना से लेकर दोगुने तक बढ़ गए हैं। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि विभागीय मंत्री झाड़ू लगाने और गटर साफ करने जैसी गतिविधियों में व्यस्त हैं, लेकिन मीटरों के नाम पर हो रहे इस बड़े भ्रष्टाचार को साफ करने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।
'एक फीस-अनेक परीक्षा' से कम होगा छात्रों पर 40 हजार का आर्थिक बोझ
कार्यक्रम के समापन पर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भान चिब और प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने परीक्षाओं के भारी-भरकम आवेदन शुल्क का मुद्दा उठाया। नेताओं ने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान वन टाइम फीस (OTF) का वादा किया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया। उन्होंने राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश में भी ऐसी ही व्यवस्था लागू होनी चाहिए। पटवारी ने दावा किया कि बार-बार फॉर्म भरने के चक्कर में एक छात्र पर सालाना करीब 40 हजार रुपये तक का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है, जो मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए एक बड़ी मुसीबत बन चुका है।
ग्वालियर से पूरे मध्य प्रदेश में आंदोलन छेड़ेगी युवा कांग्रेस
इस मांग को लेकर युवा कांग्रेस ने ग्वालियर की धरती से एक बड़े प्रदेशव्यापी आंदोलन का शंखनाद कर दिया है। संगठन के नेताओं ने एलान किया है कि आने वाले दिनों में युवाओं के हक के लिए पूरे प्रदेश में पदयात्राएं, मशाल जुलूस और जन-जागरण अभियान चलाए जाएंगे। इस पूरे आयोजन के दौरान कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह, पंकज उपाध्याय, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, प्रियव्रत सिंह और सचिन यादव समेत ग्वालियर-चंबल अंचल के कई बड़े नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
भीषण सड़क हादसा: आग लगने से ड्राइवर की मौके पर मौत
17 Jun, 2026 04:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
ग्वालियर: ग्वालियर जिले के बेहट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले फुले का पुरा गांव के पास बीती रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। 16 और 17 जून की दरमियानी रात करीब 2 बजे दो भारी वाहनों की भीषण टक्कर में दोनों ड्राइवरों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
आमने-सामने की भीषण टक्कर और डीजल टैंक फटना बना काल
चश्मदीदों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, हादसा बेहद अचानक और भीषण था। दतिया की दिशा से आ रहा एक तेज रफ्तार डंपर और ग्वालियर की तरफ जा रहे एक ट्रक की आपस में सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दुर्घटना के तुरंत बाद एक वाहन का डीजल टैंक फट गया। टैंक फटते ही दोनों वाहनों ने तेजी से आग पकड़ ली और कुछ ही मिनटों में दोनों ट्रक आग के शोलों में तब्दील हो गए।
केबिन में फंसने के कारण ड्राइवरों को नहीं मिला संभलने का मौका
आग इतनी तेजी से फैली कि दोनों वाहनों के चालकों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल सका। टक्कर के कारण दोनों ही चालक अपने-अपने वाहनों के केबिन में बुरी तरह फंस गए थे। केबिन के भीतर ही आग की लपटों से घिर जाने के कारण दोनों ड्राइवरों ने तड़प-तड़प कर मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही बेहट थाना पुलिस की टीम दमकल गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर खाक हो चुका था।
मृतकों की पहचान और पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन ने दोनों मृत चालकों के शवों को कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त कर ली है। बेहट थाना पुलिस के अनुसार, डंपर (नंबर: RJ-11-GE-3752) को मुरैना का रहने वाला 30 वर्षीय जितेंद्र सिंह गुर्जर चला रहा था। वहीं, दूसरे ट्रक (नंबर: MP-07-ZP-3610) को बंगरोली (मुरैना) का निवासी सुरेंद्र सिंह गुर्जर चला रहा था। पुलिस ने दोनों मृतकों के परिजनों को इस हादसे की सूचना दे दी है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाकर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
UCC विधेयक को लेकर राजनीतिक हलचल तेज, सीएम ने दिया समयसीमा का संकेत
17 Jun, 2026 04:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार आगामी मानसून सत्र में समान नागरिक संहिता (UCC) को कानूनी रूप देने की पूरी तैयारी कर चुकी है। खुद मुख्यमंत्री ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि आगामी 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र में यूसीसी का ड्राफ्ट विधानसभा में पेश किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से इसी सत्र में इसे मंजूरी भी मिल जाएगी। उत्तराखंड और गुजरात की तर्ज पर अब मध्य प्रदेश भी इस कानून को अमलीजामा पहनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
इस बीच, सत्तापक्ष के विधायकों ने भी इस कदम का पुरजोर समर्थन किया है। उनका मानना है कि यह पूरे देश की मांग है और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है। साथ ही, इसके लागू होने से आबादी के संतुलन और नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।
ड्राफ्ट तैयार करने के लिए बनाई गई हाई-लेवल कमेटी और जनता की राय
राज्य सरकार के विधि विभाग ने इस कानून की रूपरेखा तैयार करने के लिए इसी साल 27 अप्रैल को छह सदस्यों की एक उच्च स्तरीय समिति बनाई थी। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में काम कर रही इस कमेटी में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और कानूनी व सामाजिक क्षेत्रों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।
समिति ने राज्य के अलग-अलग अंचलों का दौरा कर सभी समुदायों से चर्चा की। नागरिकों की राय जानने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी बनाया गया था, जिस पर 15 मई से 15 जून के बीच सुझाव मांगे गए थे। अभी भी एसएमएस के जरिए लोगों से फीडबैक लिया जा रहा है। गठन के 60 दिनों के भीतर अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश के साथ कमेटी अब इस बिल के मसौदे को अंतिम रूप दे रही है। सरकार का लक्ष्य है कि आगामी मानसून सत्र में इसे पास कराकर इस साल दिवाली तक पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाए।
'लिव-इन रिलेशनशिप' की वैधता पर विपक्ष के तीखे सवाल
मुख्यमंत्री के बयान पर विपक्षी खेमे से तीखी प्रतिक्रिया आई है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री बाबा महाकाल की कृपा की बात कर रहे हैं, तो महाकाल का आशीर्वाद कभी भी 'लिव-इन रिलेशनशिप' जैसी व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए नहीं हो सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय समाज और संस्कृति के खिलाफ जाने वाले इस शिष्टाचार-विहीन चलन को कानून में मान्यता नहीं दी जाएगी और सभी वर्ग इसका विरोध करेंगे।
आदिवासियों को छूट देने पर 'समान' कानून के वजूद पर आपत्ति
विपक्ष ने इस कानून की बुनियादी परिभाषा पर भी घेराबंदी की है। कांग्रेस का कहना है कि जब सरकार इस कानून के दायरे से आदिवासी समाज (ट्राइबल कम्युनिटी) को बाहर रख रही है, तो फिर इसे 'समान' या कॉमन सिविल कोड कैसे कहा जा सकता है? कानून का मतलब सबके लिए एक समान होना चाहिए, जो कि सभी पक्षों की सहमति से ही संभव है। विपक्ष ने साफ किया है कि इस मुद्दे को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में गंभीरता से उठाया जाएगा और सभी की सहमति से सदन के भीतर इस पर साझी रणनीति अपनाई जाएगी।
मुरैना: निर्माणाधीन पुल में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप, जांच की मांग तेज
17 Jun, 2026 03:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुरैना । क्षेत्र के अंतर्गत क्वारी और आसन नदी के पवित्र त्रिवेणी संगम तट पर बसे ग्राम तरसमां में बनाए जा रहे नए पुल के निर्माण कार्यों को लेकर स्थानीय स्तर पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप प्रकाश में आए हैं। क्षेत्र के बाशिंदों और ग्रामीणों का स्पष्ट रूप से कहना है कि इस पुल के निर्माण में तयशुदा गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की सरेआम अनदेखी की जा रही है। विशेषकर पुल के मुख्य खंभों (पिलर) की भराई के अहम काम में बेहद घटिया, दोयम दर्जे की और मिट्टी के मिश्रण वाली बजरी (रेत) का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। इस प्रशासनिक कोताही के सामने आने के बाद से ही समूचे ग्रामीण आंचल के लोगों में निर्माण एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ गहरा असंतोष और आक्रोश पनप रहा है।
घटिया सामग्री के उपयोग से मजबूती पर सवाल और जनता की सुरक्षा को खतरा
ग्रामीणों ने बेहद मुखर होकर आरोप जड़ा है कि संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा सरकारी दिशा-निर्देशों और तय मानकों के ठीक विपरीत जाकर अत्यंत निम्न स्तर की निर्माण सामग्री का उपयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस लापरवाही के कारण निर्माणाधीन पुल की दीर्घकालिक मजबूती, टिकाऊपन और बुनियादी गुणवत्ता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि यदि लोक निर्माण विभाग और प्रशासनिक आला अधिकारियों द्वारा समय रहते इस पूरे कार्य की तकनीकी जांच नहीं कराई गई, तो भविष्य में यह पुल कभी भी भरभरा कर गिर सकता है और आम जनता की जान-माल की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और परोक्ष खतरा साबित हो सकता है।
रात के अंधेरे में बजरी का अवैध उत्खनन और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
भ्रष्टाचार के इन आरोपों की फेहरिस्त यहीं खत्म नहीं होती; ग्रामीणों ने ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर एक और बड़ा खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन की नाक के नीचे रात के सन्नाटे में नदियों के तटों से बजरी का अवैध रूप से उत्खनन (माइनिंग) और अवैध परिवहन किया जा रहा है। इस गैरकानूनी कृत्य को उजागर करने के लिए कुछ जागरूक ग्रामीणों ने मौके पर जाकर बकायदा इसके वीडियो साक्ष्य तैयार किए और उन्हें सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर प्रसारित (वायरल) कर दिया है। वीडियो वायरल होने के बाद से ही क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस पूरे सिंडिकेट के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की मांग और सरकारी खजाने के दुरुपयोग पर रोक
स्थानीय जनता और समाजसेवियों का पुरजोर कहना है कि जनता के टैक्स के करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से आकार ले रही इस महत्वाकांक्षी पुल परियोजना की किसी निष्पक्ष और उच्च स्तरीय तकनीकी टीम से सघन जांच कराई जानी बेहद जरूरी है। इससे न केवल निर्माण कार्य की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी, बल्कि सरकारी धन के इस खुले दुरुपयोग और बंदरबांट पर भी प्रभावी रूप से लगाम कसी जा सकेगी। हालांकि, ग्रामीणों द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर अभी तक संबंधित निर्माण एजेंसी के इंजीनियरों या प्रशासनिक अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या पुष्टि सामने नहीं आई है; अब हर किसी की नजरें प्रशासनिक जांच शुरू होने और उसकी वास्तविक रिपोर्ट आने पर ही टिकी हुई हैं।
हाई टेंशन टॉवर पर चढ़ा युवक, शादी की मांग को लेकर मचा हड़कंप
17 Jun, 2026 03:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायसेन। बॉलीवुड की कालजयी और ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘शोले’ का वह मशहूर दृश्य तो आपको याद ही होगा, जिसमें अभिनेता धर्मेंद्र अपनी प्रेमिका से शादी की जिद पूरी करवाने के लिए शराब के नशे में पानी की टंकी पर चढ़कर 'मशहूर ड्रामा' करते हैं। कुछ ऐसा ही फिल्मी और चौंकाने वाला हकीकत का नजारा मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में धरातल पर देखने को मिला है। यहां एक सिरफिरा प्रेमी युवक अपनी पसंद की लड़की से विवाह करने की अड़ियल जिद को लेकर सीधे मौत को दावत देते हुए बिजली के एक बेहद ऊंचे और खतरनाक हाई टेंशन टॉवर पर जा चढ़ा। इस अजीबोगरीब वाकये के सामने आते ही पूरे ग्रामीण इलाके में जबरदस्त सनसनी और हड़कंप मच गया है, वहीं स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल की टीमें उसे सुरक्षित नीचे उतारने की जद्दोजहद में पसीने बहा रही हैं।
एकतरफा प्यार में लड़की का इनकार और सुबह-सुबह शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा
घटनाक्रम की कड़ियों के अनुसार, यह पूरा अजीबोगरीब मामला बेगमगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कल्याणपुर गांव का है। बताया जा रहा है कि यहां का रहने वाला छोटू नामक युवक खुरई क्षेत्र की एक युवती से लंबे समय से एकतरफा मोहब्बत करता है। सिरफिरे आशिक ने जब बीते दिनों युवती के समक्ष शादी का औपचारिक प्रस्ताव रखा, तो लड़की ने उसे साफ तौर पर खारिज करते हुए इनकार कर दिया। लड़की से 'ना' का दो टूक जवाब मिलते ही युवक का मानसिक संतुलन डगमगा गया और वह गुस्से तथा हताशा में आकर बुधवार की सुबह तड़के करीब 5 बजे ही गांव के बाहर खेतों में स्थित हाई टेंशन बिजली के टॉवर पर चढ़ गया। सुबह जब ग्रामीणों की नजर इतनी ऊंचाई पर बैठे युवक पर पड़ी, तो उनके होश उड़ गए और तुरंत पुलिस को इत्तला दी गई।
प्रेमिका को मौके पर बुलाने और मंडप सजाने की जिद पर अड़ा आशिक
बिजली के कड़कड़ाते तारों के बीच बैठे इस युवक का हाई वोल्टेज ड्रामा पिछले कई घंटों से लगातार जारी है। सुबह से ही स्थानीय ग्रामीण, परिजन और पुलिस के आला अधिकारी उसे समझा-बुझाकर नीचे लाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं, लेकिन ऊंचाई पर बैठा छोटू किसी की भी बात सुनने को कतई तैयार नहीं है। वह टॉवर के ऊपर से ही चिल्लाते हुए लगातार एक ही रट लगाए हुए है कि 'उस लड़की को तुरंत यहीं मौके पर बुलाकर लाया जाए और सबके सामने उससे मेरी शादी कराई जाए।' उसकी इस बेतुकी मांग और अड़ियल रवैये ने पुलिस प्रशासन की नाक में दम कर रखा है।
लाउडस्पीकर से पुलिस की मनुहार और टॉवर के नीचे जुटी तमाशबीनों की भारी भीड़
मौके पर मुस्तैद बेगमगंज पुलिस की टीम लगातार धैर्य बनाए हुए है और लाउडस्पीकर (अनाउंसमेंट सिस्टम) के जरिए युवक से सुरक्षित नीचे आने की भावुक अपील कर रही है। पुलिसकर्मी उसे बार-बार समझा रहे हैं कि उसकी हर जायज बात को सुना जाएगा, बस वह अपनी जान जोखिम में डालना बंद करे। इस बीच, इस फिल्मी ड्रामे को अपनी आंखों से देखने के लिए घटना स्थल के आस-पास हजारों की संख्या में तमाशबीनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो चुकी है, जिससे वहां सुरक्षा व्यवस्था संभालना भी भारी पड़ रहा है। फिलहाल, बिजली विभाग से संपर्क कर एहतियात के तौर पर उस लाइन की विद्युत आपूर्ति बंद करवा दी गई है और युवक को सकुशल नीचे उतारने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
56 आवेदन के बाद भी नहीं मिली सुनवाई? एसपी ऑफिस में पिता-पुत्र के विरोध से मचा हड़कंप
17 Jun, 2026 09:33 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छतरपुर। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के मुख्य परिसर के बाहर मंगलवार को उस समय अचानक अफरा-तफरी और हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई, जब एक पीड़ित युवक ने अपने मासूम बेटे के साथ खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश की। वहां मुस्तैद पुलिस जवानों और राहगीरों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए फौरन दोनों को काबू में किया और समय रहते एक बेहद खौफनाक हादसे को टाल दिया। हालांकि, सरेराह घटित हुए इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग प्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
चोरी का माल बरामदगी के बाद भी न मिलने का आरोप
आत्मघाती कदम उठाने वाले पीड़ित प्रमोद तिवारी का सीधा आरोप है कि करीब दो साल पहले उनके निवास स्थान से लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए थे। इस मामले में उन्होंने तत्कालीन नौगांव थाना प्रभारी सतीश सिंह और स्थानीय पुलिस अमले पर संगीन आरोप मढ़े हैं। पीड़ित का कहना है कि पुलिस की कथित सांठगांठ के चलते उनका चोरी गया शत-प्रतिशत सामान बरामद होने के बावजूद आज तक उन्हें कानूनी तौर पर वापस नहीं सौंपा गया, जिससे वे न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
55 से ज्यादा शिकायती आवेदन बेअसर, न्यायालय को भी गुमराह करने का दावा
प्रमोद तिवारी ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि हक की लड़ाई में वे पिछले दो वर्षों से लगातार विभिन्न प्रशासनिक चौखटों और आला अधिकारियों के दफ्तरों की खाक छान रहे हैं। उनके मुताबिक, वे अब तक अलग-अलग फोरम पर 55 से अधिक लिखित शिकायतें दर्ज करा चुके हैं, परंतु किसी भी स्तर पर ठोस या संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। हारकर उन्होंने इस मामले में उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) का दरवाजा भी खटखटाया, लेकिन उनका आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने अदालत के समक्ष झूठी और भ्रामक रिपोर्ट पेश कर दी, जिसके कारण उन्हें वहां से भी कोई तात्कालिक राहत नहीं मिल सकी।
आर्थिक तंगी और मानसिक अवसाद से जूझ रहा परिवार
लगातार कानूनी लड़ाइयों और प्रशासनिक उदासीनता के चलते पीड़ित का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने बताया कि पुलिस महकमे के इस अड़ियल और ठंडे रवैये के कारण उनका पूरा परिवार इस समय गहरे आर्थिक संकट और मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहा है। इसी हताशा और बेबसी के चलते उन्हें जिला मुख्यालय छतरपुर में पुलिस कप्तान के दफ्तर के ठीक बाहर अपनी और अपने बच्चे की जान जोखिम में डालने जैसा आत्मघाती कदम उठाने के लिए विवश होना पड़ा।
मुख्यमंत्री से गुहार लगाने की मांग
पीड़ित प्रमोद तिवारी ने पुरजोर मांग की है कि उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से व्यक्तिगत रूप से मिलने का समय दिलाया जाए, ताकि वे इस पूरे मामले की कड़वी सच्चाई और पुलिसिया लापरवाही के दस्तावेज सीधे उनके समक्ष प्रस्तुत कर सकें। उनका साफ कहना है कि जब तक शासन स्तर से इस मामले में कोई ठोस और निष्पक्ष आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे।
अधिकारियों ने दी समझाइश, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौन
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारियों ने पीड़ित को ढांढस बंधाया, निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया और मामले की पूरी रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजने का आश्वासन देकर शांत कराया। फिलहाल इस संवेदनशील मामले को लेकर पूरे अंचल में तीखी चर्चाएं चल रही हैं। इस पूरे प्रकरण और लगे आरोपों पर जब जिले के आला पुलिस अधिकारियों से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। मामले में पुलिस का पक्ष आते ही अग्रिम विवरण साझा किया जाएगा।
जुलाई से बदलेगा भोपाल मेट्रो का सफर, ज्यादा फेरे और कम इंतजार का मिलेगा फायदा
17 Jun, 2026 07:16 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। शहर में मेट्रो के धीमे संचालन को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर है। जल्द ही शहर की लाइफलाइन बनने जा रही मेट्रो एक बिल्कुल नए और हाईटेक अवतार में नजर आएगी। आगामी जुलाई महीने से आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम के एक्टिवेट होते ही न सिर्फ मेट्रो ट्रेनों की रफ्तार में तेजी आएगी, बल्कि ट्रैक पर दौड़ने वाली ट्रेनों की तादाद और उनके आने-जाने के फेरों (फ्रीक्वेंसी) में भी बड़ा इजाफा होगा। मेट्रो प्रशासन इसके लिए एक नया और सुव्यवस्थित परिचालन टाइम-टेबल तैयार करने में जुट गया है।
अंतिम सेफ्टी क्लीयरेंस के लिए सीएमआरएस टीम करेगी दौरा
मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने सुरक्षा मानकों के अंतिम और औपचारिक मुआयने के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की मुख्य टीम को न्योता भेजा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह विशेषज्ञ दल अगले हफ्ते भोपाल पहुंचकर सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं का बारीक निरीक्षण कर सकता है। गौरतलब है कि इससे पहले असिस्टेंट कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम जमीनी स्तर पर अपनी प्रारंभिक जांच और सर्वे का काम सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी है।
सुभाष नगर से एम्स रूट पर काम मुकम्मल
सुभाष नगर स्टेशन से लेकर एम्स स्टेशन तक के करीब सात किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग प्रणाली को लगाने और टेस्ट करने का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। इस समय मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट्स के अंतर्गत कुल मिलाकर लगभग 30 किलोमीटर लंबे रूट पर इस आधुनिक सिग्नलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में बुनियादी तकनीकी प्रणालियों के अभाव के कारण मेट्रो को एक सीमित दायरे और मैनुअल तरीके से चलाया जा रहा है, जिससे इसकी गति और समय दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
सिंगल ट्रैक के झंझट से जल्द मिलेगी मुक्ति
फिलहाल आटोमैटिक सिग्नलिंग सिस्टम पूरी तरह चालू न होने की मजबूरी में ट्रेनों की आवाजाही को केवल एक ही ट्रैक पर सीमित रखा गया है। यही कारण है कि स्टेशनों पर यात्रियों को अगली ट्रेन के आगमन के लिए काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। अभी जो ट्रेन एक दिशा से रवाना होती है, वही वापस लौटते समय भी उसी पटरी का इस्तेमाल करती है, जिससे दूसरा समानांतर ट्रैक नियमित यातायात के लिए उपयोग नहीं आ पा रहा है। जुलाई से इस प्रणाली के शुरू होते ही दोनों ट्रैक पूरी क्षमता से काम करने लगेंगे।
MP Weather Update: अगले सप्ताह प्रदेश में सक्रिय हो सकता है मानसून, मौसम विभाग की नजर
17 Jun, 2026 07:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक का इंतजार कर रहे नागरिकों की उम्मीदों को थोड़ा और वक्त लग सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के ताजा अनुमानों के मुताबिक, सूबे में मानसून की विधिवत एंट्री अब 21 से 23 जून के बीच होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि तेलंगाना के भद्राचलम इलाके में मानसूनी हवाओं की रफ्तार पिछले एक हफ्ते से पूरी तरह थमी हुई है। इसी गतिरोध की वजह से मध्य प्रदेश के अलावा पड़ोसी राज्यों छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी इसके आगमन में विलंब देखा जा रहा है।
पारे में गिरावट से मिली थोड़ी राहत
बादलों की आवाजाही और छिटपुट बौछारों के चलते दिन के अधिकतम तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की गई है। शिवपुरी जिला राज्य का सबसे ठंडा क्षेत्र दर्ज किया गया, जहाँ दिन का पारा महज़ 35 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा पचमढ़ी, सिवनी और बैतूल में भी तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। दूसरी तरफ, खजुराहो और नौगांव में सूरज के तेवर तीखे रहे और वहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। सूबे के मुख्य नगरों की बात करें तो भोपाल में 37 डिग्री, इंदौर में 37.3 डिग्री, उज्जैन में 38.5 डिग्री, ग्वालियर में 39.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कई अंचलों में प्री-मानसून की तेज आंधी और बौछारें
भले ही मुख्य मानसून की राह में देरी हो, लेकिन प्रदेश के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां काफी सक्रिय बनी हुई हैं। मंगलवार को भी कई जिलों में धूलभरी आंधी के साथ पानी गिरा। सीधी जिले में सर्वाधिक लगभग एक इंच तक वर्षा मापी गई, जबकि बैतूल, रीवा और सतना में भी ठीक-ठाक पानी गिरा। रायसेन, छिंदवाड़ा, ग्वालियर और सागर समेत कई अन्य इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश का दौर देखने को मिला।
जून महीने में कोसों दूर रहा बारिश का औसत
इस साल मानसून की कछुआ चाल का सीधा असर जून महीने के कुल कोटे पर पड़ रहा है। 1 से 16 जून के बीच प्रदेश में सामान्य के मुकाबले करीब 35 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में स्थिति ज्यादा खराब है, जहाँ सामान्य वर्षा का आधा आंकड़ा भी छूना मुश्किल साबित हो रहा है। हालांकि, मौसम विभाग को पूरी उम्मीद है कि जैसे ही मानसून की मुख्य धारा सक्रिय होगी, वर्षा की इस भारी कमी की भरपाई काफी हद तक हो जाएगी।
छात्रों का इंतजार खत्म, MP Board ने जारी किया 10वीं द्वितीय परीक्षा का परिणाम
16 Jun, 2026 04:59 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बोर्ड ने कक्षा 10वीं की द्वितीय (सप्लीमेंट्री/अंक सुधार) परीक्षा 2026 के नतीजों का इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं का सस्पेंस खत्म कर दिया है। मंडल द्वारा आज शाम 4 बजे हाईस्कूल द्वितीय परीक्षा के परिणाम आधिकारिक पोर्टल पर लाइव कर दिए गए हैं।
इस विशेष परीक्षा में शामिल हुए परीक्षार्थी अब बिना किसी विलंब के इंटरनेट के माध्यम से अपना परीक्षा फल देख सकते हैं। छात्र मध्य प्रदेश बोर्ड की अधिकृत वेबसाइट mpbse.mponline.gov.in पर जाकर अपनी अंकसूची देख और डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थियों को पोर्टल पर दिए गए निर्दिष्ट लिंक पर जाकर अपना अनुक्रमांक (रोल नंबर) अंकित करना होगा।
परीक्षार्थियों को मंडल की महत्वपूर्ण सलाह
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने सभी उत्तीर्ण और संबंधित छात्रों को निर्देशित किया है कि वे अपना परिणाम देखने के तुरंत बाद उसकी एक डिजिटल प्रति (पीडीएफ) अपने पास सहेज लें। साथ ही, भविष्य में दाखिले और अन्य जरूरी कागजी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखते हुए इसका एक साफ प्रिंटआउट निकालकर अपने पास रख लें। इस परीक्षा को पास करने वाले छात्र अब अगली कक्षा यानी 11वीं में प्रवेश पाने के पात्र हो गए हैं।
नतीजे देखने की चरणबद्ध प्रक्रिया:
सबसे पहले माध्यमिक शिक्षा मंडल के आधिकारिक डिजिटल पोर्टल mpbse.mponline.gov.in पर जाएं।
मुख्य पृष्ठ (होम पेज) पर दिखाई दे रहे "Second Exam Result-2026" के विकल्प का चयन करें।
इसके बाद सामने आने वाले "View Result" लिंक पर क्लिक करें।
नया लॉगिन पेज खुलते ही निर्धारित स्थान पर अपना रोल नंबर और मांगी गई अन्य जानकारियां दर्ज करें।
'सबमिट' बटन दबाते ही आपका परीक्षा परिणाम कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा।
इसे भविष्य के लिए डाउनलोड करें और इसका प्रिंट निकाल लें।
किन विद्यार्थियों को मिला था मौका?
गौरतलब है कि इस परीक्षा का आयोजन विशेष रूप से उन छात्र-छात्राओं के लिए किया गया था, जो पूर्व में घोषित हुए मुख्य परीक्षा के परिणामों में सफलता अर्जित नहीं कर सके थे, या फिर जो अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं थे और इस परीक्षा के माध्यम से अपने स्कोर में सुधार करना चाहते थे।
ट्रांसफर पॉलिसी पर कैबिनेट की मुहर, आज देर रात तक जारी रहेंगे आदेश
16 Jun, 2026 02:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश की तबादला नीति को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया है, जिसके तहत सरकार ने शासकीय कर्मचारियों के ट्रांसफर के लिए तय समय-सीमा को आगे न बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि, दो से तीन विभागों को अपने तबादला आदेशों को अंतिम रूप देने और उन्हें जारी करने के लिए आज रात 12 बजे तक की विशेष मोहलत दी गई है। इन संबंधित विभागों को हर हाल में आज रात तक ही अपनी सूचियां सार्वजनिक करनी होंगी। गौरतलब है कि राज्य में 1 से 15 जून तक के लिए तबादलों से प्रतिबंध हटाया गया था।
20 मई को कैबिनेट ने दी थी नीति को हरी झंडी
विदित हो कि प्रदेश में बीते 20 मई को आयोजित कैबिनेट बैठक में नई स्थानांतरण नीति को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई थी। इसके पश्चात, 22 मई को सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर सभी प्रशासनिक और शासकीय विभागों को 15 जून की तय अवधि के भीतर ही समस्त फेरबदल की प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए थे।
कैबिनेट बैठक के अन्य मुख्य निर्णय:
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट: बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित अनुमानित लागत को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
वन्यजीव और पर्यावरण: प्रदेश में वन्यजीव पर्यटन विकास को गति देने के उद्देश्य से संचालित तीन नवीन योजनाओं को आगामी समय में भी जारी रखने का निर्णय लिया गया है।
ग्रामीण पुनर्वास व मुआवजा: ग्रामीण अंचलों में विस्थापितों के पुनर्वास और उचित मुआवजा राशि की मंजूरी को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
जनकल्याणकारी योजनाएं: श्रम विभाग और स्थानीय निधि ऑडिट से जुड़ी विभिन्न जनहितैषी योजनाओं को निरंतर जारी रखने पर कैबिनेट ने अपनी मुहर लगाई।
न्यायिक आदेश का पालन: हाई कोर्ट के निर्देशानुसार लोक निर्माण विभाग (PWD) के एक विशेष प्रकरण में संबंधित कर्मचारी की पेंशन बहाली को मंजूरी दी गई।
स्वास्थ्य सेवाओं में आउटसोर्सिंग: रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत आउटसोर्स व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है।
संविदा का दर्जा: सामाजिक न्याय विभाग के अंतर्गत मानदेय (रोजमर्रा के भत्ते) पर कार्यरत कर्मचारियों को संविदा सेवा में शामिल करने के प्रस्ताव पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।
अस्पताल ट्रस्टों को भूमि आवंटन के लिए बनेगी मंत्रियों की समिति
भोपाल में आयोजित इस बैठक में चिकित्सा सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और नए अस्पतालों के विस्तार को लेकर भी ठोस कदम उठाए गए। राज्य सरकार ऐसे सक्षम ट्रस्टों को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराने की योजना बना रही है जो चिकित्सा क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे हैं। इसके लिए पांच मंत्रियों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति ट्रस्टों को जमीन आवंटित करने के नियम, पात्रता और मानदंड तय कर सरकार को अपने सुझाव सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की रूपरेखा तैयार होगी।
लिफ्ट देने की कीमत चुकानी पड़ी भारी, पत्रकार से 32 हजार की लूट
16 Jun, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान करने वाली वारदात सामने आई है। शहर के निशातपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात अपने घर वापस जा रहे एक युवक को कुछ अज्ञात बदमाशों ने चाकू दिखाकर कथित रूप से बंधक बना लिया। बदमाशों ने पीड़ित को एक कमरे में ले जाकर कैद कर दिया और उसके जान-पहचान वालों को फोन करवाकर ऑनलाइन माध्यम से करीब 32 हजार रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। इस वारदात की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है।
रास्ता रोककर दिया वारदात को अंजाम
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे की है। पीड़ित अनुज मीणा अपना काम निपटाकर मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान निशातपुरा इलाके में एक युवक ने उनसे लिफ्ट मांगी। अनुज ने सुनसान रास्ता होने के कारण लिफ्ट देने से मना कर दिया। इतने में ही एक अन्य युवक अचानक उनकी बाइक के आगे आ गया, जिससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क पर गिर गए।
कमरे में बंद कर दी जान से मारने की धमकी
पीड़ित अनुज ने आपबीती बताते हुए आरोप लगाया कि जैसे ही वे बाइक से गिरे, वहां पहले से घात लगाकर बैठे तीन अन्य बदमाश भी मौके पर पहुंच गए। बदमाशों ने तुरंत उनकी गर्दन पर चाकू अड़ा दिया और उन्हें जबरन पास में बने एक सुनसान कमरे के भीतर ले गए।
कमरे में बंधक बनाने के बाद आरोपियों ने उनसे नगदी की मांग की। जब अनुज के पास पैसे नहीं मिले, तो बदमाशों ने उन पर धारदार हथियार से हमला करने की धमकी दी और जबरन उनके दोस्तों व परिचितों को फोन लगवाकर ऑनलाइन पैसे मंगवाने का दबाव बनाया।
परिजनों से मंगवाए पैसे, सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस
डर के माहौल में पीड़ित ने अपने परिचितों से संपर्क किया, जिसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग डिजिटल पेमेंट माध्यमों से कुल 32 हजार रुपये अपने अकाउंट में जमा करवा लिए। रकम वसूलने के बाद बदमाशों ने रात करीब 3 बजे पीड़ित को मौके से छोड़ा।
इस मामले में निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा ने बताया कि घटना की जानकारी सामने आते ही पुलिस बल सक्रिय हो गया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। आरोपियों सुराग लगाने और उनकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस घटना स्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि लुटेरों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
शासन ने जारी की तबादला सूची, कई जेल अधीक्षक नई जगह भेजे गए
16 Jun, 2026 01:20 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश शासन के जेल विभाग ने प्रशासनिक और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से राज्य की केंद्रीय (सेन्ट्रल) और जिला जेलों में पदस्थ अधीक्षकों व अधिकारियों के प्रभार में बड़ा फेरबदल किया है। जेल विभाग द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के तहत कुल 11 जेल अधिकारियों का तबादला (Transfer) किया गया है।
इस ट्रांसफर लिस्ट की खास बात यह है कि इसमें 2 अधिकारियों को उनके स्वयं के व्यय पर (स्वैच्छिक आधार) बदला गया है, जबकि 9 अधिकारियों का तबादला प्रशासनिक आधार पर किया गया है।
तबादला सूची: किस अधिकारी को कहाँ मिली नई जिम्मेदारी?
जेल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, स्थानांतरित किए गए जेल अधिकारियों की नई पदस्थापना सूची इस प्रकार है:
क्र. सं.
अधिकारी का नाम
वर्तमान/पूर्व पदस्थापना
नई पदस्थापना
1.
दिनेश नरगावे
जेल मुख्यालय, भोपाल
अधीक्षक, केंद्रीय जेल इंदौर
2.
अलका सोनकर
अधीक्षक, केंद्रीय जेल इंदौर
जेल मुख्यालय, भोपाल
3.
राकेश भांगरे
प्रभारी अधीक्षक, केंद्रीय जेल भोपाल
प्रभारी अधीक्षक, केंद्रीय जेल ग्वालियर
4.
विदित सरवैया
प्रभारी अधीक्षक, सेन्ट्रल जेल ग्वालियर
प्रभारी अधीक्षक, सर्किल जेल शिवपुरी
5.
रमेशचन्द्र आर्य
प्रभारी अधीक्षक, सर्किल जेल शिवपुरी
प्रभारी अधीक्षक, केंद्रीय जेल सागर
6.
मानवेन्द्र सिंह परिहार
प्रभारी अधीक्षक, सेन्ट्रल जेल सागर
प्रभारी अधीक्षक, सेन्ट्रल जेल जबलपुर (आदेशानुसार)
7.
अदिति चतुर्वेदी पांडे
अधीक्षक, जिला जेल खंडवा
प्रभारी अधीक्षक, केंद्रीय जेल नरसिंहपुर
8.
देवेन्द्र कुमार सारस
कार्यवाहक अधीक्षक, जिला जेल उमरिया
जिला जेल खंडवा
9.
यशवंत मांझी (उप जेल अधीक्षक)
जिला जेल नीमच
प्रभारी अधीक्षक, जिला जेल मंदसौर
10.
दिलीप सिंह (उप जेल अधीक्षक)
जिला जेल छतरपुर
प्रभारी अधीक्षक, जिला जेल हरदा
11.
योगेन्द्र पमार (उप जेल अधीक्षक)
केंद्रीय जेल रीवा
जिला जेल छतरपुर
प्रशासनिक दृष्टिकोण से अहम फेरबदल
जेल विभाग के सूत्रों के अनुसार, इंदौर, ग्वालियर और सागर जैसी संवेदनशील केंद्रीय जेलों में नए अधीक्षकों की तैनाती से जेलों के भीतर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा किया जा सकेगा। इंदौर की पूर्व जेल अधीक्षक अलका सोनकर को अब मुख्यालय में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है, वहीं भोपाल से राकेश भांगरे को ग्वालियर भेजा गया है।
विभाग ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तुरंत अपने वर्तमान प्रभार सौंपकर नए पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं।
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