मध्य प्रदेश
MP न्यूज़: खजुराहो रिसॉर्ट का खाना कर्मचारियों के लिए बन गया जानलेवा, 4 की मौत
9 Dec, 2025 11:46 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खजुराहो | छतरपुर जिले के खजुराहो में एक रिसॉर्ट में खाना खाने के बाद नौ कर्मचारियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसमें से चार की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि पाँच अब भी गंभीर हालत में ग्वालियर के अस्पताल में भर्ती हैं. जानकारी के अनुसार, गौतम रिसॉर्ट के इन कर्मचारियों ने सोमवार शाम करीब पांच बजे नियमित रूप से परोसे जाने वाले भोजन में आलू-गोभी की सब्जी खाई थी| खाना खाने के कुछ ही समय बाद सभी को उल्टी, चक्कर और तेज घबराहट जैसे लक्षण महसूस होने लगे |
चार कर्मचारियों ने तोड़ा दम
बीमार पड़े लोगों में हार्दिक सोनी, प्रागीलाल कुशवाहा, गोलू अग्निहोत्री, बिहारी लाल पटेल, रामस्वरूप कुशवाहा, रवि कौदर, दयाराम कुशवाहा, रोशनी रजक और गिरजा रजक शामिल हैं. सभी को पहले जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने फूड पॉइजनिंग की आशंका जताते हुए प्राथमिक इलाज किया. देर रात हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने इन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया, लेकिन परिजन ग्वालियर ले गए, जहां चार कर्मचारियों की जान नहीं बचाई जा सकी |
सूचना के बाद जांच में जुटा स्वास्थ्य विभाग
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और पुलिस हरकत में आ गए. पुलिस ने रिसॉर्ट जाकर भोजन के नमूने जब्त किए और कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की. साथ ही भोजन, पानी और किचन से जुड़े सभी सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. जाँच रिपोर्ट के बाद ही बीमारी का वास्तविक कारण सामने आएगा | प्रशासन ने रिसॉर्ट प्रबंधन को स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं |
बर्फीली फिजा छोड़ विदेशी बुलबुल, छोटा बाज और 7 बहनें बनी छिंदवाड़ा की दिलरुबा, बर्ड जोन में सुरखाब की कमी
9 Dec, 2025 11:08 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा: भारत के कई राज्यों में सर्दी के सीजन में बर्फबारी होती है. ऐसे में कई तरह के पक्षी छुट्टियां बिताने कुछ दिनों के लिए छिंदवाड़ा के आस पास पहुंचते हैं. इनमें से कुछ खास किस्म के पक्षी इस बार छिंदवाड़ा में डेरा डाल चुके हैं. आइए जानते हैं देसी और विदेशी उन पक्षियों के बारे में जिनसे छिंदवाड़ा गुलजार हो रहा है.
तालाबों के आसपास डाला डेरा
पक्षी विशेषज्ञ मनीषा परिहार ने बताया "छिंदवाड़ा की जलवायु पक्षियों के लिए काफी अनुकूल है, जिसके चलते यहां के तालाबों के आसपास कई प्रवासी पक्षियों ने डेरा डाला है. इनमें खास तौर पर भारतीय काली-धारी मैना, काला–सफेद मिश्रित रंग, तीखी आवाज और सामाजिक व्यवहार वाली यह प्रजाति खेतों एवं जलस्रोतों के पास आसानी से देखी जा रही है.
सफेद-गला किंगफिशर
तेज नीले पंख, लाल चोंच और सफेद गले वाला यह पक्षी भारत के सबसे आकर्षक किंगफिशरों में से एक है. यह छोटी मछलियों और कीड़ों का प्रमुख शिकारी है. रोज-रिंग्ड तोता, हरा चमकीला रंग और गर्दन पर गुलाबी रिंग इसकी पहचान है. जो अत्यंत बुद्धिमान और मानव आवाज की नकल करने में दक्ष है.
सात बहनें
यह पक्षी समूह में रहने के कारण 7 बहनों के नाम से जानी जाती है. भूरे रंग के आकार वाली पक्षी पूरे मध्य भारत में आमतौर पर देखा जाता है. इसके अलावा अलेक्जान्ड्राइन तोता काफी संख्या में छिंदवाड़ा में दिखाई देने लगे हैं. यह बड़े आकार का दुर्लभ तोता होता है. इसके पंखों पर कंधे के पास लाल पैच होता है. यह प्रजाति अब कई क्षेत्रों में कम देखी जाती है, इसलिए इसका दिखाई देना विशेष माना गया.
लिटल ग्रीब या डबकी
लिटल ग्रीब एक उत्कृष्ट गोताखोर जल पक्षी है. जो पानी के भीतर मछलियां पकड़ने में माहिर है. इस पक्षी को मछली पकड़ते हुए देखना खास अनुभव रहा. इसके अलावा इंडियन गोल्डन ओरियोल एक खास नस्ल का पक्षी है. चटक पीला रंग और काले पंख वाला यह पक्षी अत्यंत मनमोहक है. पेड़ों की ऊंची शाखाओं पर बैठकर अपनी मधुर आवाज से जंगल को गुंजायमान करता है.
शिकरा या छोटा बाज
शिकरा एक तेज और फुर्तीला शिकारी पक्षी है. इसकी पहचान पीली आंखें, ग्रे सिर और सीने पर धारियों से होती है. छोटे पक्षियों व छिपकलियों का शिकार करता है. इसका दिखना पखड़ियां क्षेत्र की मजबूत जैव–संतुलन का संकेत है. प्लम-हेडेड तोता जो एक चमकीली हरी देह और गुलाबी-बैंगनी सिर वाला बेहद आकर्षक है. नर का सिर ज्यादा चमकीला होता है, मधुर आवाज और शांत स्वभाव इसे बर्ड फोटोग्राफरों में खास बनाते हैं.
रेड वेंटेड बुलबुल
रेड वेंटेड बुलबुल एक काले शिखर और पूंछ के पास लाल धब्बे वाली आम पक्षी है, लेकिन बेहद प्यारी प्रजाति है. यह फल, पराग और कीट खाती है तथा बीज फैलाकर जंगलों के प्राकृतिक विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान देती है.
भारत में अक्टूबर से मार्च तक रहते हैं विदेशी मेहमान
पक्षी विशेषज्ञ मनीषा परिहार ने बताया "करीब 6 तरह के विदेशी पक्षी जो सर्दियों के सीजन में माइग्रेट होते हैं. उन्हें स्पॉट कर लिया गया है. यह लगभग अक्टूबर महीने में आते हैं और फरवरी के अंतिम तक यहां पर रहते हैं. इस दौरान विदेशी पक्षियों के साथ-साथ दूसरे राज्यों के पक्षी भी बर्फबारी वाले इलाकों को छोड़कर छिंदवाड़ा पहुंचते हैं."
दो पक्षियों ने बनीं चिंता का विषय
सुरखाब जिसे कहावतों में भी सुना जाता है. वो पिछले साल तक छिंदवाड़ा में दिखते थे. इसे यूरोप में एक छोटा पक्षी ब्लू थ्रोट कहा जाता है. यह दोनों पक्षी इस साल नहीं दिखाई दे रहे हैं. जो एक चिंता का विषय है कि कहीं ना कहीं वह अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. इन प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए ग्रामीणों के साथ-साथ विभागों को भी पेड़ पौधे और पर्यावरण को बचाने के लिए पहल करनी होगी.
रिसर्चरों के लिए है बेहतर डेस्टिनेशन
पर्यावरण प्रेमी मोहित सूर्यवंशी ने बताया "छिंदवाड़ा जिले के प्रकृति प्रेमियों ने आज पखड़िया डैम कैचमेंट एरिया में बर्ड वाचिंग में प्रकृति की गोद में पहुंचे हैं. जो लगभग 30 से अधिक प्रजातियों के रंग–बिरंगे एवं सुंदर पक्षियों का प्रत्यक्ष देखे. छिंदवाड़ा शहर की भौगोलिक स्थिति, जो एक ओर पेंच नेशनल पार्क, दूसरी ओर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व तथा आसपास के माचागोरा, तोतलाडोह एवं दूसरे तालाबों से घिरी हुई है. जो देशी एवं विदेशी पक्षियों के लिए अत्यंत अनुकूल निवास स्थान प्रदान करती है. यही कारण है कि यह क्षेत्र पक्षी–प्रेमियों और वन्य जीवन शोधकर्ताओं के लिए विशेष माना जाता है."
पक्षी विशेषज्ञ अनुराग मिश्रा ने बताया "इस वर्ड वाचिंग कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय जैव विविधता को समझना, पक्षियों की प्रजातियों की पहचान करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है. छिंदवाड़ा की घाटियां और जल स्रोत पक्षियों के लिए सुरक्षित आवास प्रदान करते हैं. यदि ऐसे ही संरक्षण प्रयास जारी रहे तो भविष्य में यह क्षेत्र देश का एक प्रमुख बर्ड-वॉचिंग जोन बन सकता है. साथ ही पर्यटकों की संख्या भी बढ़ सकती है.
गांजा तस्करी केस में भाई की गिरफ्तारी पर चुप्पी, सवाल पर भड़क उठीं प्रतिमा बागरी
9 Dec, 2025 10:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई अनिल बागरी को पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है. उसके साथ एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस के अनुसार, दोनों के पास से करीब 46 किलो गांजा और तस्करी में उपयोग की जाने वाली कार बरामद की गई है |
गिरफ्तारी के बाद जब मीडिया ने मंत्री प्रतिमा बागरी से इस मामले पर जवाब मांगा तो वह असहज नज़र आईं. खजुराहो के महाराजा कन्वेंशन सेंटर से बाहर निकलते समय पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा “जबरदस्ती की बात क्यों करते हो?” और आगे कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया |
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
इधर, कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए कहा कि भाजपा सरकार में मंत्री-रिश्तेदार खुलेआम अपराध में पकड़े जा रहे हैं. कांग्रेस का आरोप है कि यह घटनाएं बताती हैं कि प्रदेश अपराधों की खाई में धकेला जा रहा है और मुख्यमंत्री को गृह मंत्री से जवाब मांगना चाहिए कि हालात आखिर कब सुधरेंगे |
गांजा तस्करी के आरोप में जीजा भी जेल में बंद
इस घटना को बागरी परिवार के खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई बताया जा रहा है. इससे पहले मंत्री प्रतिभा बागरी के जीजा शैलेंद्र सिंह को भी गांजा तस्करी के आरोप में यूपी के बांदा जिले में पकड़ा गया था और वह फिलहाल जेल में बंद हैं. जानकारी के मुताबिक पुलिस ने मंत्री के जीजा शैलेंद्र को लगभग साढ़े 10 किलो गांजा के साथ पकड़ा था. पुलिस इस नए मामले में भी उसकी भूमिका की जांच कर रही है और पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया है |
भिंड में गांव के चंदे से ब्याही गई किसान की बिटिया, खातिरदारी देख दंग हुए मुरैना के बाराती
9 Dec, 2025 10:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भिंड: कहते हैं गांव में लोगों के मकान भले ही छोटे होते हैं, लेकिन दिल बहुत बड़े होते हैं. मध्य प्रदेश के भिंड में एक गांव ऐसा है, जिसने मानवता की अनोखी मिसाल कायम की है. इस गांव में एक गरीब पिता की बेटी की शादी थी, जेब में दो ढाई हजार रुपए थे, लेकिन पूरे गांव ने उस बेटी की शादी बड़े ही धूमधाम से की. गांव वालों ने सिर्फ शादी ही नहीं कि बल्कि पूरा खर्च भी उठाया है. साथ ही बेटी को उपहार भी दिए.
पूरा गांव बना स्वागतकर्ता
भिंड के कीरतपुरा पंचायत में एक छोटा सा गांव है नाम है मंगतपुरा. इसी गांव में रहते राकेश कुशवाहा नाम के एक शख्स रहते है. उनके घर में शनिवार 6 दिसंबर को ढोल नगाड़े के साथ ब्याह की शहनाई गूंज रही थी. बेटी की शादी हो रही थी, सरकारी स्कूल में मुरैना से आई बारात रुकी थी. घर के बाहर पंगत यानी भोज चल रहा था. इस स्तर तक ये आम शादी की कहानी लगती है, लेकिन यह कोई आम शादी नहीं थी. क्योंकि इस विवाह में स्वागतकर्ता पूरा गांव था. सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन ये बात सौ फीसदी सच है. क्योंकि यहां दुल्हन का पिता शादी तो तय कर आया था, लेकिन शादी करने के लिए उसके पास सिर्फ ढाई हजार रुपये थे. यहीं इंसानियत और अपनेपन का आईना सबके सामने आया.
मजदूरी करता है दुल्हन का पिता
दुल्हन के पिता राकेश कुशवाहा आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं. पहले बटाई पर किसानी करते थे, लेकिन हालत बदले तो किसानी छूट गई फिर कभी खेत पर तो कभी बाजार में मजदूरी कर परिवार का पेट पालते हैं. घर में एक ब्याह लायक बेटी थी और एक 12 साल का छोटा बेटा, जो कमाते 2 वक्त की रोटी में खर्च हो जाता. बेटी लक्ष्मी की शादी की बात आई तो मुरैना में शादी तय की. धीरे धीरे वह समय भी आ गया जब शादी की तारीख नजदीक आ गयी. वैसे तो मंगतपुरा गांव में सभी समाज के लोग रहते हैं, लेकिन कुशवाहा समाज के नाम पर सिर्फ राकेश और एक अन्य परिवार ही है.
शादी सिर पर जेब खाली, चिंता में डूब गया था पिता
खैर विवाह नजदीक आते ही परिवार तैयारियों में जुट गया. दुल्हन के पिता राकेश कुशवाहा के अनुसार बारात के भोजन के लिए गांव के ही हलवाई, मेहमानों के लिए रजाई गद्दे, टेंट जैसी व्यवस्थाएं बुक कर दी. शादी एक दिन पहले राकेश काफी परेशान था, क्योंकि हाथ में पैसा नहीं था. चिंता सता रही थी कि शादी की रस्मों में नेकचार, बारातियों को शगुन, बेटी को गृहस्थी का सामान और हलवाई टेंट वालों के पैसे कहां से देंगे. क्योंकि घर की जमा पूंजी सब जोड़कर भी महज दो से ढाई हजार रुपए ही हाथ में थे. लेकिन फिर पूरे गांव ने इसकी जिम्मेदारी ले ली.
पूरे गांव ने इकट्ठा किया एक लाख रुपए का चंदा
जब गांव वालों को दुल्हन के पिता की परेशानी पता चली तो उन्होंने आपस में चंदा करके 1 लाख रुपए जुटा लिए. ग्रामीण सचिन नरवारिया ने ईटीवी भारत को बताया, "जब इस बारे में पता चला तो, ये बात घर वालों को बताई तो सभी परेशान हुए. क्योंकि ये न सिर्फ गांव की इज्जत का सवाल था. बल्कि उनके गांव की बेटी के भविष्य की भी बात थी." सचिन और उनके चाचा रामू नरवरिया ने गांव के अन्य लोगों से चर्चा की. इसके बाद ग्रामीणों की एक बैठक हुई. जिसमें तय किया गया कि इस शादी में सभी लोग सामर्थ्य के हिसाब से सहयोग करेंगे. किसी ने गेहूं दिए तो किसी ने नगद रुपए, देखते ही देखते करीब 1 लाख रुपए इकट्ठा हो गए.
हलवाई बोला- अपनी बेटी की शादी में कोई पैसा लेता है
जब इस बात की जानकारी हलवाई सर्वेश नरवरिया (लल्लू) को पता चली तो उन्होंने भी अपना मेहनताना लेने से इनकार कर दिया. लल्लू हलवाई का कहना था कि लक्ष्मी राकेश की बिटिया है, तो हमारी भी बेटी है. हमने उसे बड़े होते देखा है. यदि गांव के सभी लोग सहयोग के लिए आगे आए तो हम कैसे पीछे रह जाते. इसलिए हमने भी इस विवाह में खाना बनाने का कोई पैसा नहीं लिया."
टेंट वाले ने भी नहीं लिया पैसा
ना सिर्फ हलवाई बल्कि टेंट का व्यापार करने वाले शिशुपाल नरवरिया ने भी शादी में स्टेज से लेकर कुर्सी रजाई, गद्दे, लाइट सारा इंतजाम किया, लेकिन उन्होंने भी इस व्यवस्था का पैसा लेने से मना कर दिया. उनका कहना था कि गांव की बिटिया की शादी है. अगर किसी की स्थिति नहीं बन पा रही है कि वह टेंट की व्यवस्था में पैसा लगा सके तो कोई बात नहीं. उस परिवार के साथ वाकई पैसे की समस्या थी और मदद के लिए सभी में हाथ बढ़ाए तो हम जो कर सकते थे. वह सहयोग हमने कर दिया.
नगद सहयोग के साथ समान भी किया भेंट
शादी की सभी व्यवस्थाएं अच्छे से हो गई. भोज से लेकर ठरने का भी इंतजाम हो गया. गांव के सरकारी स्कूल में मुरैना से आई बारात का जनमासा बनाया गया. पूरा विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ. रामू नरवरिया ने बताया, "लक्ष्मी बेटी की शादी में किसी चीज की कमी ना रहे इस बात का पूरा ख्याल रखा गया था, जो चंदा इकट्ठा हुआ था उससे भोजन सामग्री सब्जी आदि की व्यवस्था की गई. जेनरेटर के लिए तेल, लड़के वालों के शगुन नेक और कपड़े हर चीज अच्छे से हो गई. यहां तक सभी गांव वालों ने पैर पुजाई की रस्म में भी कुछ ना कुछ समान भेंट दिया. किसी ने सिलाई मशीन तो किसी ने फलों का रस निकालने वाली मशीन, किसी ने गैस चूल्हा. दरवाजे में लगने वाले बर्तन खुद रामू नरवरिया ने दुल्हन को एलईडी टीवी गिफ्ट किया है."
शादी की व्यवस्थाओं के बाद भी बचे हजारों रुपए
रामू नरवरिया की माने तो इस विवाह में जनसहयोग से फ्रिज छोड़कर सभी तरह का सामान दिया गया है. उसके बावजूद करीब 18 हजार रुपये चंदे के बचे हैं. जिन्हें अब लक्ष्मी के बैंक खाते में जमा करा देंगे, जो भविष्य में उसके काम आएंगे. साथ ही शादी में आने वाले लिफाफे और नगद व्यवहार भी अभी रखा हुआ जिसे गिना नहीं वे रुपये भी दुल्हन को ही देंगे.
मिसाल बन गया पूरा गांव
बहरहाल, लक्ष्मी अब विवाह कर अपने ससुराल चली गई है और गांव के सभी लोग भी अपने कामकाज में व्यस्त हो गए हैं. लेकिन दुल्हन का पिता इस बात से खुश है कि उसके गांव का इतना बड़ा परिवार जरुरत के समय उसके साथ खड़ा हो गया और गांव वालों ने एक बेटी के पिता को कर्ज के बोझ में दबने नहीं दिया. इस अनोखी शादी के बारे में अब जिसको भी पता चल रहा हर कोई तारीफ कर रहा है. मंगतपुरा की यह शादी एक मिसाल बन गई है. क्योंकि अगर हार गांव में लोग बेटियों के लिए ऐसे ही आगे आने लगे तो कभी कोई बेटी किसी के लिए बोझ नहीं बनेगी.
सिवनी में बड़ा हादसा: ट्रेनी विमान हाईवोल्टेज तार से टकराया, पायलट सहित दो घायल
9 Dec, 2025 09:45 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिवनी. मध्य प्रदेश (MP) के सिवनी (Seoni) जिले के कुरई ब्लॉक स्थित गोपालगंज के पास आमगांव के खेत में गिरा. बताया जा रहा है कि रेडबर्ड एविएशन कंपनी (Redbird Aviation Company) का ट्रेनिंग विमान (training aircraft) शाम करीब 5:45 बजे अचानक नीचे आया और 33 केवी की हाई वोल्टेज लाइन से टकराकर गिर गया. टकराव के बाद बिजली लाइन का वायर टूट गया और विमान का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उड़ान के दौरान अचानक विमान की ऊंचाई कम होने लगी. कुछ ही सेकंड में विमान का पंख हाई वोल्टेज लाइन से छू गया. तेज आवाज और चिंगारियां निकलते ही आसपास के इलाके में दहशत फैल गई. लोगों को लगा कि बड़ा हादसा हो गया है.
ट्रेनिंग विमान बिजली की तार से टकराया
घटना के तुरंत बाद ग्रामीण मौके पर दौड़ पड़े और पायलट तथा ट्रेनी को विमान से बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया. दोनों को मामूली चोटें आई हैं और उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया. रेडबर्ड मैनेजमेंट के शौनिक चतुर्वेदी ने बताया कि शाम 5:45 बजे विमान क्रैश हुआ, प्लेन में सवार इंस्ट्रक्टर और ट्रेनी पायलट को मामूली चोट आई हैं.
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रेनिंग विमान हादसे का शिकार हुआ है. इससे पहले भी दो बार रनवे पर दौड़ते समय ट्रेनिंग विमान पलट चुका है. लोगों का कहना है कि नियमित रूप से ऐसे हादसे होने से ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है.
ट्रेनी पायलट को मामूली चोट आई
पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है. बिजली विभाग ने क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जाएगी. एसपी सुनील मेहता ने बताया कि दोनों घायलों को बिजली कंपनी के कर्मचारियों, ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया. उन्हें बारापथर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है और दोनों खतरे से बाहर हैं.
पटरियों पर 21 दिसंबर से कुलांचे भरेगी भोपाल मेट्रो ट्रेन, CMRS ने 3 स्टेशनों के रोकी एंट्री-एग्जिट
9 Dec, 2025 09:04 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी और दूसरे बड़े शहर को जल्द ही मेट्रो की सौगात मिलने वाली है. कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी यानी सीएमआरएस ने भोपाल मेट्रो के कमर्शियल रन के लिए हरी झंडी दे दी है. अब जल्द ही इसके संचालन की रूपरेखा तैयार की जा रही है. इसके लिए मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारी निरंतर बैठक कर रहे हैं. मेट्रो स्टेशन, फेयर कलेक्शन, संचालन और पार्किंग समेत अन्य व्यवस्थाओं के सुचारू रूप से संचालन के लिए रणनीति बनाई जा रही है. मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के एमडी एस कृष्णा चैतन्य ने बताया कि 21 दिसंबर से भोपाल मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो जाएगा.
मैन्युअल टिकट से होगी भोपाल मेट्रो की यात्रा
भोपाल और इंदौर मेट्रो स्टेशन में ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन का काम 186 करोड़ रुपए में तुर्की की कंपनी को दिया गया था. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को ड्रोन सप्लाई करने का मामला सामने आने के बाद मध्य प्रदेश मेट्रो कॉर्पोरेशन ने टेंडर कैंसिल करने का काम भी शुरू कर दिए थे. वहीं ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन के लिए दूसरी कंपनी की तलाश की जा रही है, जिसमें अभी समय लग सकता है. ऐसे में भोपाल में भी मेट्रो का शुभारंभ इंदौर की तरह मैन्युअल टिकट के माध्यम से किया जाएगा.
सीएमआरएस ने रोकी इनकी परमिशन
कृष्णा चैतन्य ने बताया, "कुछ अधूरे कार्यों की वजह से एम्स से सुभाष नगर के बीच 8 में से 3 मेट्रो स्टेशनों के एक-एक एंट्री और एग्जिट की परमिशन नहीं मिली है. इनमें डीआरएम, अलकापुरी और एम्स मेट्रो स्टेशन शामिल हैं. इन तीनों मेट्रो स्टेशनों पर चढ़ने और उतरने के लिए एक ही एंट्री और एग्जिट का इस्तेमाल किया जाएगा. हालांकि मेट्रो स्टेशन के दूसरे एंट्री-एग्जिट को इमरजेंसी के दौरान इस्तेमाल किया जा सकेगा." कृष्णा चैतन्य ने बताया "यदि भविष्य में इन स्टेशनों के दूसरे एंट्री और एग्जिट को चालू किया जाएगा, तो इससे पहले सीएमआरएस से परमिशन ली जाएगी."
ऑपरेशनल रेडीनेस सीएमआरएस की एनओसी मिली
कृष्णा चैतन्य ने बताया कि सीएमआरएस ने भोपाल मेट्रो के ऑपरेशनल रेडीनेस सीएमआरएस की एनओसी मिल गई है. सुभाष नगर डिपो से एम्स साकेत नगर तक करीब 6.2 किलोमीटर के प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो का संचालन किया जाएगा." हालांकि सोमवार को मुख्यमंत्री ने भोपाल मेट्रो का शुभारंभ करने का ऐलान खजुराहो से कर किया है. उन्होंने बताया कि 21 दिसंबर को मेट्रो के साथ अनेक परियोजनाओं का उद्घाटन होगा. ये परियोजनाएं औद्योगिक विकास, सिंचाई, बिजली और पर्यटन को नई दिशा देंगी
राज्य सरकार की दूसरी वर्षगांठ पर तोहफा
इंदौर में मेट्रो संचालन को 5 महीने से अधिक का समय हो चुका है. वहां किराया 20 रुपए है. पहले माना जा रहा था कि भोपाल में भी 20 रुपए ही किराया रखा जाएगा, लेकिन इंदौर में लोगों को मेट्रो का सफर ज्यादा नहीं भाया. इस अनुभव को देखते हुए भोपाल में शुरुआत में 10 रुपए किराया किया जा सकता है. इसी के साथ महिलाएं, स्टूडेंट्स और सीनियर सिटीजन के लिए अलग-अलग स्कीम पर भी मंथन किया जा रहा है."
लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त आज होगी जारी, क्या आपके खाते में आए पैसे? खजुराहो बैठक के हर अपडेट पर रखें नजर
9 Dec, 2025 08:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: खजुराहो में आज मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बड़ी बैठक होने जा रही है, जिसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा होने के साथ उन्हें मंजूरी भी दी जा सकती है. मोहन सरकार के दो साल पूरे होने पर विभागों व मंत्रियों के कार्यों और परफार्मेंस की समीक्षा बैठक की जार रही है. सीएम सभी विभागों की समीक्षा ले रहे हैं और उनके कामकाज की सभी जानकारी भी ले रहे हैं. सोमवार को कैलाश विजयवर्गी, तुलसी सिलावट और विजय शाह के मंत्रालय के कार्यों की समीक्षा की गई है.
आज जारी होगी लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त
आज छतरपुर जिले के राजनगर से लाडली बहना योजना के तहत प्रदेश की 1.26 करोड़ बहनों के खाते में 1857 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव लाडली बहना योजना की 31वीं किस्त जारी करेंगे. लाभार्थियों को पहले 1250 रुपये हर महीने मिल रहे थे, लेकिन पिछले महीने से ही इस राशि को बढ़ाकर 1500 कर दिया गया है.
खुशखबरी या चुनौती? MP विधानसभा में 'विकसित मध्य प्रदेश' के रोडमैप पर मंथन, 17 दिसंबर के सत्र से क्या उम्मीद करें आप? यहां है पूरी जानकारी
9 Dec, 2025 08:44 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
MP News: मध्य प्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र 17 दिसंबर को आयोजित किया जाएगा. इस दौरान 2047 के विजन पर दो दिनों तक विस्तृत चर्चा होगी. विशेष सत्र के दौरान विकसित मध्य प्रदेश के रोड मैप को सदन में प्रस्तुत किया जाएगा. राज्य को समृद्ध, आत्मनिर्भर और अग्रणी बनाने का लक्ष्य भी सदन में रखा जाएगा.
भूमि संबधी लंबित प्रकरणों के लिए पुनः चलाया जाये राजस्व अभियान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
8 Dec, 2025 11:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों और आम नागरिकों के भूमि-संबंधी लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए राजस्व महाभियान पुनः चलाया जाए। इससे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेखों में सुधार जैसे प्रकरणों का तेजी से और पारदर्शी तरीके से निराकरण किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को महाराजा कन्वेंशन सेंटर खजुराहो में राजस्व विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि 6 माह से अधिक लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करें। इसके लिए प्राथमिकता से पीठासीन अधिकारियों से संपर्क करें। राजस्व अभिलेखों का डिजिटाइजेशन का कार्य शीघ्रता से पूर्ण किया जाए। नागरिकों को उनकी भूमि का त्वरित नक्शा और विवरणों की उपलब्धता आसान बनाए। इसके लिए वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध करायें। यह सुविधा अगले दो वर्ष में पूर्ण करें। वेबसाइट से प्राप्त दस्तावेजों को प्रामाणिक बनाए जिससे दस्तावेजों की डुप्लीकेसी रुकेगी। नवीन आवश्यक आबादी भूमि का चिन्हांकन करें। प्रदेश के नक्शाविहीन ग्रामों का नक्शा बनाएं। भू-अर्जन प्रकरणों के एंड-टू-एंड निराकरण को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया बनाए।
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बैठक में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों की जानकारी दी। साथ ही आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना बताई। मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव राजस्व विवेक पोरवाल सहित सम्बंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियां
राजस्व विभाग ने प्रकरणों के त्वरित समाधान के लिए वर्ष 2024–25 में तीन चरणों में राजस्व महाअभियान संचालित किया गया, जिसको एक करोड़ से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया।
मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने 24 जिलों में राजस्व न्यायालयों के लिए समर्पित अधिकारियों की नियुक्ति कर त्वरित और नियमित न्यायिक कार्यवाही सुनिश्चित की।
RCMS के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 41.68 लाख प्रकरणों में से 94% से अधिक प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया गया।
मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बना जिसने जियो-फेंस तकनीक का उपयोग कर त्रुटिहीन फसल गिरदावरी सुनिश्चित की और 3.80 करोड़ सर्वे नंबरों में फसल विवरण को फोटो सहित दर्ज किया।
स्वामित्व योजना अंतर्गत प्रदेश में 94% कार्य संपन्न कर आबादी ग्रामों में 39.63 लाख अधिकार अभिलेख वितरित किए गए।
प्रकरणों की सतत निगरानी के लिए 07 अप्रैल 2025 को 7-सीटर कॉल सेंटर स्थापित किया गया, जिससे 6 माह से लंबित प्रकरणों की संख्या 8963 से घटकर केवल 150 रह गई।
भू-अर्जन प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए RCMS पोर्टल पर LAMS मॉड्यूल विकसित किया गया।
राजस्व प्रशासन को मजबूत करने के लिए 1974 करोड़ की लागत से 438 कार्यालय भवनों की स्वीकृति दी गई, जिनमें से 324 का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
प्राकृतिक आपदाओं से निपटने एवं प्रभावितों को राहत उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2024–25 में 871 करोड़ 37 लाख का व्यय किया गया तथा 2025–26 में अब तक 2 हजार 68 करोड़ 99 लाख रुपये की राशि व्यय की गई।
मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के तहत 5281 पटवारी तथा 136 नायब तहसीलदारों की नियुक्ति की गई और 34,069 (100%) अधिकारियों-कर्मचारियों ने IGOT कर्मयोगी पोर्टल पर प्रशिक्षण प्राप्त किया।
राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2024–25 में 1048 करोड़ रुपये से अधिक का संग्रह किया गया। वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य से अधिक का संग्रहण किया जाएगा।
अभिनव प्रयोग एवं नवाचार
साइबर तहसील लागू होने से नामांतरण प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस, फेसलेस और क्षेत्राधिकार-मुक्त हो गई और औसत निपटान अवधि 50 दिनों से घटकर 22 दिन हो गई है। साइबर तहसील को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार, नेशनल डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन अवार्ड 2025, DILRMP के घटकों को प्रदेश में लागू करने के लिए भूमि सम्मान, LAMS को Skoch Gold जैसे राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।
भूमि अभिलेखों के डिजिटाइजेशन का बड़ा अभियान प्रारम्भ किया गया है, जिसके अंतर्गत 15 करोड़ पुराने अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है। यह कार्य सितंबर 2025 से 12 जिलों में शुरू हुआ है। अब तक 1.25 करोड़ पेज स्कैन हो चुके हैं। इससे कृषक स्वयं अपनी भूमि की सर्च रिपोर्ट ज्ञात कर सकेंगे।
प्रदेश में भू-अभिलेख पोर्टल का नया वर्जन 2.0 दिनांक 1 अगस्त 2025 से शुरू हो गया है। नागरिक अपने मोबाइल पर अपनी भूमि का पूरा रिकॉर्ड देख सकते हैं। मोबाइल ऐप द्वारा भू-अभिलेखों की प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त की जा सकती है।
आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना
डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम DPDP Act के अनुरूप विभागीय पोर्टल का आधुनिकीकरण किया जाएगा।
नक्शाविहीन ग्रामों के नक्शे बनाने तथा भू-अर्जन प्रक्रियाओं को एंड-टू-एंड ऑनलाइन किया जाएगा।
नवीन आवश्यक आबादी भूमियों का चिन्हांकन किया जाएगा।
विश्वास आधारित डायवर्ज़न प्रक्रिया लागू करने की योजना है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना नेशनल पार्क में 10 नई कैंटर बसों को दिखाई हरी झंडी
8 Dec, 2025 10:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार सुबह पन्ना नेशनल पार्क के मडला गेट से 10 नई वीविंग कैंटर बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अब इन बसों के जरिए पर्यटक जंगल सफारी का रोमांचक अनुभव और अधिक सुविधाजनक तरीके से ले सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में पर्यटन की सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा हैं।
मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम ने पर्यटकों को एक और सौगात देते हुए प्रदेश के विभिन्न राष्ट्रीय उद्यानों में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की दिशा में अहम कदम उठाया है। जंगल सफारी के लिए 10 नई आरामदायक वीविंग कैंटर बसें उपलब्ध करायी हैं। इन कैंटर बसों में एक साथ 19 पर्यटकों के बैठने की क्षमता है। यह बसें अन्य सफारी वाहनों की तुलना में अधिक लंबी और ऊंची हैं, जिससे पर्यटकों को बेहतर दृश्य और अधिक आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए ये बसें अधिक सुरक्षित मानी जा रही हैं। इन बसों की लंबाई और ऊंचाई भी अधिक है, जिससे सफर के दौरान पर्यटकों को ज्यादा जगह और आराम मिलता है। वहीं बच्चों और सीनियर सिटिज़न्स के लिए यह बसें सुरक्षित और अनूठा अनुभव प्रदान करेंगी। इन बसों में बैठकर पर्यटक न केवल वन्यजीवों के विचरण का नज़ारा देख सकेंगे, बल्कि जंगल सफारी का एक सुखद और यादगार अनुभव भी कर सकेंगे।
ऑनलाइन बुकिंग न होने पर पर्यटकों को मिलेगी पार्क राउंड की सुविधा
10 नई वीविंग कैंटर बसों के संचालन से उन पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग न होने पर भी जंगल सफारी के आनंद और अनुभव से वंचित नहीं होंगे। ऑनलाइन स्लॉट जल्दी भर जाने से पर्यटकों को नेशनल पार्क पहुंचकर भी सफारी से वंचित होने जैसी असुविधा अब नहीं होगी।
नेशनल पार्क्स के एंट्री गेट से ही बुकिंग की सुविधा
नई कैंटर बसों के संचालन के बाद अब पर्यटकों को नेशनल पार्क के गेट पर ही सफारी बुक करने की सुविधा मिलेगी। ऑनलाइन बुकिंग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इन वाहनों से जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए प्रति व्यक्ति/प्रति राउंड लगभग 1150 से 1450 रुपए तक शुल्क देना होगा। ये 10 नई कैंटर बसें प्रदेश के प्रमुख नेशनल पार्कों और पर्यटन स्थलों जैसे बांधवगढ़, कान्हा, पेंच, पन्ना, परसिली (सीधी) सहित अन्य नेशनल पार्क्स और अन्य पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की सुविधा के लिए संचालित की जाएंगी।
इंडिगो संकट के दौरान बस ऑपरेटरों ने भी बढ़ा दिया किराया
8 Dec, 2025 10:03 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। शादियों का सीजन, क्रिसमस के चलते ट्रेनों में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रहा है। लंबी दूरी की ट्रेनों में लंबी वेटिंग और नो रूम प्रदर्शित हो रहे हैं। ऐसे में इंडिगो विमान कंपनी में मचे बवाल के चलते कई फ्लाइट भी निरस्त हैं। ऐसे में यात्रियों की इस आपदा को विमानन कंपनियों के साथ ही निजी बस ऑपरेटरों ने अवसर बना लिया है। आपदा में अवसर का गणित ऐसा है कि आम दिनों में मंदी झेलने वाले निजी ऑपरेट, टूर एंड ट्रैवल्स वालों ने इन दिनों लंबी दूरी के लिए संचालित लग्जरी, वाल्वो बसों का किराया भी 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है।
उल्लेखनीय है कि इन दिनों शादियों का सीजन है। ऐसे में ट्रेनों में आरक्षित सीटें नही मिल रही हैं। ऐसे में इंडिगो में फ्लाइट प्रभावित होने से दूसरी विमान कंपनियों ने किराया बढ़ा दिया है। ऐसे अधिकांश लोग विकल्प के रूप में लग्जरी व वाल्वो बसों से सफर करने बुकिंग कराने पहुंच रहे। कुछ टूर एंड ट्रैवल्स के जरिए टिकट बुक करा रहे हैं। ऐसे में उन्हें बसों का टिकट भी महंगा खरीदना पड़ रहा है।
मध्यप्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ा जाय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
8 Dec, 2025 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के बीड़ी श्रमिकों को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए वन विभाग से समन्वय कर समुचित समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के तेंदूपत्ता से पश्चिम बंगाल में बीड़ी उद्योग फल-फूल रहा है और स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है। राज्य के तेंदूपत्ता संग्राहकों और बीड़ी बनाकर आजीविका चलाने वाले हजारों परिवारों को रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ा जायेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेंदूपत्ता मध्यप्रदेश की संपत्ति है। इससे मिलने वाला रोजगार यहीं के लोगों को मिलना चाहिए। बीड़ी श्रमिकों को फिर से रोजगार की मुख्य धारा से जोड़ना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को खजुराहो में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीड़ी बनाने वाले परिवारों को लगातार और बेहतर काम उपलब्ध कराया जाएगा। महिलाओं के रोजगार और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं में सुधार किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि तेंदूपत्ता आधारित बीड़ी उद्योग से जुड़ा हर परिवार सम्मानजनक और स्थायी आय प्राप्त करे। राज्य की वन उपज का लाभ अब सीधे हमारे ही श्रमिकों को मिले।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह पहल उन सभी परिवारों के जीवन में फिर से उजाला लाने की दिशा में एक ठोस कदम होगा, जो वर्षों से तेंदूपत्ता और बीड़ी निर्माण से जुड़े रहकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान देते आए हैं।
औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग की उपलब्धियाँ
निवेश आकर्षण में सफलता, जीआईएस और आरआईसी के माध्यम से 12.70 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव।
पिछले दो वर्षों में 327 एमएसएमई और बृहद इकाइयों में उत्पादन प्रारम्भ, 40,516 रोजगार सृजित।
उद्योगों को 4,977 करोड़ रुपये की सहायता और सुविधाएँ वितरित।
BRAP 2024 में चार श्रेणियों में सम्मान, ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में शीर्ष प्रदर्शन।
108 अपराध मुक्त अनुपालनों से न्यायालय का भार कम, 2700 से अधिक अनुपालन सरल या कम किए गए।
निवेश उपलब्धियाँ
2.48 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को भूमि आवंटन, 2.85 लाख रोजगार संभावित।
229 इकाइयों में निर्माण प्रारम्भ, 81,206 रोजगार संभावित।
साधिकार समिति द्वारा 105 प्रकरणों का त्वरित समाधान।
18,685 करोड़ रुपये के 43 प्रोजेक्ट्स को कस्टमाइज्ड पैकेज स्वीकृत, 21,835 रोजगार संभावित।
औद्योगिक अधोसंरचना विकास
26 नए औद्योगिक पार्क और क्लस्टर (4000 हेक्टेयर) स्वीकृत।
पीएम मित्रा पार्क के लिए 873 हेक्टेयर स्वीकृत।
Mohasa Babai RE Park: प्रथम चरण 884 एकड़ और द्वितीय चरण 750 एकड़।
33 औद्योगिक क्षेत्रों में उन्नयन के लिए 536 करोड़ रुपये स्वीकृत।
4 वर्किंग वुमन हॉस्टल, 5772 बेड क्षमता स्वीकृत।
निवेश प्रोत्साहन एवं राज्य छवि निर्माण
जीआईएस 2025 का सफल आयोजन, प्रदेश का सबसे बड़ा निवेश शिखर सम्मेलन।
72 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेश कार्यक्रम आयोजित।
8 क्षेत्रीय और 15 राष्ट्रीय संवाद-सत्र आयोजित
नीति एवं आईटी आधारित सुधार
उद्योग, लॉजिस्टिक्स और निर्यात की 3 नई नीतियाँ लागू।
इंवेस्ट पोर्टल के माध्यम से इंवेस्टर लाइफ साइकल सर्पोट।
Faceless No Query Incentive प्रणाली लागू।
GIS आधारित ऑनलाइन भूमि आवंटन और Know Your Approvals सुविधा।
संस्थागत उपलब्धियाँ
5 नए क्षेत्रीय कार्यालय और कोयंबटूर (तमिलनाडु) में व्यापार विस्तार कार्यालय।
हर जिला कलेक्टर कार्यालय में निवेश केंद्र स्थापित।
महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट में कार्य की अनुमति।
औद्योगिक एवं निर्यात संवर्धन की दिशा में व्यापक कार्ययोजना
प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह ने बताया कि राज्य को वैश्विक निवेश गंतव्य बनाने के लक्ष्य के साथ औद्योगिक एवं निर्यात संवर्धन की दिशा में व्यापक कार्ययोजना लागू की जा रही है।
वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 25.3 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने और निर्यात को एक लाख करोड़ रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
व्यापार सुगमता के लिए आधुनिक, कम लागत एवं सुदृढ़ लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित किया जा रहा है।
प्रदेश के पूर्वी और दक्षिणी भाग में इनलैंड कंटेनर डिपो विकसित किए जा रहे हैं, जिससे निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
लॉजिस्टिक्स अधोसंरचना विकास में निजी डेवलपर्स को प्रोत्साहन दिया जा रहा है और राज्य लॉजिस्टिक्स प्लान तैयार किया जा रहा है।
अमेरिका, जापान और यूके जैसे लक्षित बाजारों से एफडीआई आकर्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे प्रदेश को औद्योगिक और निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी स्थान प्राप्त हो।
हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचना सुनिश्चित हो : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
8 Dec, 2025 09:45 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को खजुराहो स्थित कन्वेंशन सेंटर में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने निर्देश दिए कि हर पात्र हितग्राही तक खाद्यान्न वितरण का लाभ सुगमता से पहुंचे। जरूरतमंद गरीबों, श्रमिकों, किसानों और महिलाओं का कल्याण हमारी प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य रूप से लक्षित सार्वजनिक प्रणाली, उपार्जन प्रक्रिया, तकनीकी नवाचार, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों सहित विभिन्न विषयों पर रिव्यू किया गया। इस दौरान डॉ. यादव ने विभाग द्वारा किए गए नवाचारी प्रयासों की सराहना की, वहीं अन्य विषयों पर आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए।
बैठक में विभाग द्वारा पात्र हितग्राहियों के ई-केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग कार्य की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि यह प्रक्रिया नियमित अंतराल में दोहराई जाए, ताकि प्रत्येक पात्र हितग्राही को नि:शुल्क खाद्यान प्राप्त हो सके। उल्लेखनीय है कि खाद्य संचालनालय द्वारा वृहद स्तर पर कैंपेन मोड में ई केवाइसी एवं राइट फुल टारगेटिंग का कार्य किया गया था। जिसमें चरण वार हितग्राहियों के वेरीफिकेशन के बाद 34 लाख से अधिक हितग्राहियों का पोर्टल से विलोपन किया गया। वहीं इस प्रक्रिया से प्रतीक्षा सूची से लगभग 14 लाख हितग्राहियों को नवीन पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क खाद्यान का वितरण किया जा रहा है।
समीक्षा बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई एवं श्रीमती रश्मि अरुण शमी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को नि:शुल्क वितरण
बैठक में बताया गया कि ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को निःशुल्क राशन का लाभ मिल सके, इसके लिए असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की 29वीं प्राथमिकता श्रेणी बनाकर 7.25 लाख परिवारों के 25.18 लाख नवीन श्रमिकों को पात्रता पर्ची के माध्यम से निःशुल्क राशन वितरित किया जा रहा है। दो वर्ष में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को 19,935 करोड़ रुपये का 66.37 लाख मीट्रिक टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरण किया गया। पीडीएस प्रदाय केंद्रों की संख्या में भी बढ़ोतरी की गई।
प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में शामिल 536.23 लाख पात्र हितग्राहियों में से 93% यानी 497.08 लाख हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण किया जा चुका है। वहीं, प्रतीक्षारत 14 लाख नवीन पात्र हितग्राहियों को पात्रता पर्चियां जारी कर नि:शुल्क खाद्यान्न दिया जा रहा है।
किसानों को एमएसपी के लाभ के साथ बोनस और प्रोत्साहन राशि भी मिली
किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिले इसके लिए प्रदेश सरकारी द्वारा रबी विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 में एमएसपी पर गेंहू बेचने वाले किसानों को 29558.40 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि और 1965 करोड़ रुपये के बोनस का भुगतान किया गया है। वहीं खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 19208.76 करोड़ रुपये की एमएसपी राशि एवं 337.11 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का भुगतान मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत किया गया है। चावल उत्पादक किसानों को लाभ पहुंचाते हुए वर्ष 2024-25 में 9.64 लाख मीट्रिक टन चावल का केन्द्रीय पूल में रिकार्ड परिदान किया गया। सरकार द्वारा भंडारण क्षमता को भी बढ़ाया गया है।
लाडली बहनों को भी मिल रहा उज्जवला योजना का लाभ
मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना अंतर्गत सम्मिलित महिलाओं और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना की कनेक्शनधारी महिलाओं को दो साल में 616.97 लाख रिफिल प्रदाय कर 911.32 करोड़ रुपये के अनुदान का भुगतान किया गया है।
सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में लें
समीक्षा बैठक में बताया गया कि शहरी गैस वितरण को मजबूत बनाने के लिए मध्यप्रदेश शहरी गैस वितरण (सीजीडी) नेटवर्क विकास एवं विस्तार नीति 2025 इस वर्ष 14 फरवरी को लागू की गई। साथ ही एनओसी जारी करने के लिए सिंगल विण्डो पोर्टल शुरू किया गया। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूसन नेटवर्क के कार्य को अभियान के रूप में चलाने की बात कहीं। उन्होंने कहा कि इससे उपभोक्ताओं को लाभ होगा। इससे अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का कार्य करें।
नवाचार-एसएमएस मॉनिटरिंग से राशन प्रदाय व्यवस्था को बनाया और पारदर्शी
विभाग द्वारा बीते दो वर्ष में नवाचार के कई कदम उठाए गए। इसके तहत राशन प्रदाय व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए हितग्राहियों तक राशन पहुंचने और वितरण संबंधी हर कदम की सूचना एसएमएस द्वारा दी जा रही है। इसके अलावा 26 जनवरी और 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में राशन वितरण का सार्वजनिक वाचन अनिवार्य किया गया है।
जन पोषण केंद्र की शुरुआत
सार्वजनिक प्रदाय में नवाचार करते हुए इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में बदला गया है, जिसके माध्यम से दुकानदारों की मासिक आय में भी 10 से 15 हजार रुपये तक की वृद्धि हुई। जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसका विस्तार किया जाएगा।
मॉनिटरिंग में तकनीक का उपयोग
मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमाण्ड कन्ट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई। इसके अलावा मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन की गतिविधिर्या की रियल टाईम मानिटरिंग के लिए माईश्चर एप, फ्यूमिगेशन एप तथा इंस्पेक्शन एप विकसित किए गए हैं।
उचित मूल्य की दुकानों पर लगेंगी आधुनिक पीओएस मशीनें
समीक्षा बैठक में विभाग द्वारा आगामी तीन वर्ष की कार्ययोजना के बारे में बताया गया कि राशन वितरण व्यवस्था को अधिक तेज और पारदर्शी बनाते हुए उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान है। लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन किया जाएगा। इसके अलावा शासकीय गोदामों की छत पर सोलर पैनल लगाने, भण्डारण प्रक्रिया का मॉर्डनाइजेशन और गोदामों का अपग्रेडेशन करने के साथ उन्न्त तकनीकी की सहायता से विभिन्न स्तरों पर डेटा सिंक्रोनाइजेशन के कार्य भी किए जाएंगे।
सिंहस्थ-2028 में अखाड़ों के लिए जारी होंगे अस्थायी राशन कार्ड
सिंहस्थ-2028 के लिए खाद्यान्न सामग्री के वितरण के लिए तैयार की गई योजना की जानकारी भी बैठक में दी गई। अधिकारियों ने बताया कि खाद्य विभाग, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम, मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन सहयोग से समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अखाड़ों की मांग के अनुसार अस्थायी राशन कार्ड जारी किया जाएगा। साथ ही, मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना की जाएगी। यह व्यवस्था सुचारू रहे इसलिए मेला क्षेत्र को 8 जोन और 16 सेक्टर में विभाजित मध्यप्रदेश राज्य सहकारी नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा भंडारण के लिए गोदामों की स्थापना की जाएगी।
आगामी 3 वर्ष की कार्ययोजना
1. उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएगी, जिसमें पीओएस मशीन से तौल कांटे का इंटिग्रेशन एवं आईरिस स्केनर का प्रावधान किया गया है।
2. एण्ड-टू-एण्ड कम्प्यूटराईज़ेशन के अंतर्गत - खाद्य संचालनालय, MPSCSC एवं MPWLC के साफ्टवेयर का इंटिग्रेशन किया जाएगा।
3. लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत स्मार्ट पीडीएस योजना का क्रियान्वयन।
4. उपार्जन हेतु एग्रीस्टेक डाटा एवं कृषि उपज मंडी में विक्रय उपज एवं उपार्जन डाटा से लिंक की व्यवस्था का प्रस्ताव।
5. उपार्जन केन्द्रों पर नॉन FAQ स्कंध के अपग्रेडेशन के लिये ऑटोमेटेड क्लीनिंग की व्यवस्था का प्रस्ताव।
6. उपार्जित खाद्यान परिवहन करने वाले वाहनों का GPS से ट्रैकिंग एवं रूट ऑप्टीमाईजेशन किया जायेगा, जिससे परिवहन व्यय में कमी आएगी।
7. खाद्यान्न के उपार्जन, भण्डारण व वितरण में संलग्न विभिन्न संस्थाओं के सॉफ्टवेयर सिस्टम का इंटीग्रेशन।
8. गोदाम की क्षमता के अधिकतम उपयोग के लिये निजी गोदाम संचालकों को विशेषज्ञों के माध्यम से प्रशिक्षण।
9. शासकीय गोदामों की छत पर 28.87 हजार वर्गमीटर एवं परिसर में 3.30 लाख वर्गमीटर क्षेत्र में सोलर पैनल की स्थापना का प्रस्ताव।
10. MIS, नवीन तकनीकों तथा ऑनलाईन वेरिफिकेशन के माध्यम से भण्डारण प्रक्रिया का मार्डनाईजेशन तथा गोदामों का अपग्रेडेशन।
मुख्य बिंदु
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.25 करोड़ से अधिक हितग्राहियों को 22 हजार 800 करोड़ की लागत का 66.25 लाख मेट्रिक टन नि:शुल्क खाद्यन्न वितरण।
पीडीएस अंतर्गत 536.23 लाख हितग्राहियों में से 497.08 लाख हितग्राहियों का हुआ ईकेवायसी।
ईकेवायसी के बाद 34.87 लाख हितग्राहियों का पोर्टल से बिलोपन। इससे प्रतिमाह 32.43 करोड़ की बचत। प्रतीक्षारत लगभग 14 लाख नवीन हितग्राहियों को पात्रता पर्ची जारी कर नि:शुल्क खाद्यन्न का वितरण।
केवायसी करने के 72 घण्टे में पात्रता पर्ची जारी की।
लाड़ली बहनों एवं उज्जवला योजना से लाभान्वित महिलाओं को विगत दो वर्ष में 911.3 करोड़ राशि का अनुदान।
शहरी गैस वितरण कंपनी को अपेक्षित सहयोग के लिए जिला स्तर पर सिंगल विडों पोर्टल का शुभारंभ।
इंदौर जिले की 30 उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण केंद्र के रूप में उन्नयन।
पात्र हितग्राहियों के मोबाइल पर एसएमएस द्वारा राशन प्रदाय की सूचना।
मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल से मॉनिटरिंग।
उचित मूल्य दुकानों पर आधुनिक पीओएस मशीन लगाई जाएंगी।
वर्ष 2024-25 में गेहूं के समर्थन मूल्य पर 125 रुपए और वर्ष 2025-26 में 175 रुपए का बोनस दिया गया।
खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना में प्रोत्साहन राशि का भुगतान।
मध्य प्रदेश वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा संचालित गतिविधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए इमेजिनेशन मेजरमेंट एप, फुमिगेशन एप और इंस्पेक्शन एप बनाए गए हैं।
गोदामो की छत पर सोलर पैनल की स्थापना प्रस्तावित है।
सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में 40 उचित मूल्य दुकानों की स्थापना और अखाड़ों की मांग अनुसार अस्थाई राशन कार्ड जारी किया जाना प्रस्तावित है। अखाड़ों को अस्थाई गैस कनेक्शन भी जारी किए जाएंगे।
मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच करें प्रचारित : मुख्यमंत्री डॉ.यादव
8 Dec, 2025 09:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एमएसएमई विभाग के अधिकारियों से कहा है कि वे इंदौर और भोपाल मेट्रोपॉलिटन सिटी के दृष्टिगत विकसित औद्योगिक क्षेत्रों को उद्योग जगत के बीच इस तरह से प्रचारित और प्रस्तुत करें, जिससे अधिक से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हों तथा व्यापक निवेश और रोजगार सृजित हो सकें। उन्होंने उद्योग वर्ष के समापन पर इस माह के अंत तक ग्वालियर में लगभग 2 लाख करोड़ निवेश वाली इकाइयों के भूमिपूजन औद्योगिक भूखंड आवंटन, शुभारंभ आदि का व्यापक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने एमएसएमई के पंजीकरण में जबरदस्त 31प्रतिशत की ग्रोथ पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे पिछले दो वर्ष में छोटे उद्योगों के लिए राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए शानदार वातावरण का उदाहरण बताया। उन्होंने फूड पार्क सहित अन्य ग्रामीण और कुटीर उद्योगों को भी एमएसएमई से जोड़ने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को खजुराहो में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के गत 2 वर्ष के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विगत दो वर्ष में मध्यप्रदेश में एमएसएमई और स्टार्टअप के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य हुए हैं। प्रदेश में इस अवधि में कई लाख करोड़ का निवेश आया है और नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन और शुभारंभ हुआ है। एमएसएमई इकाइयों को 2780 करोड़ की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई गई है।मुख्यमंत्री ने 2019 से उद्यमों के लिए लंबित प्रोत्साहन राशि के संपूर्ण भुगतान को ऐतिहासिक बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग वर्ष के समापन पर यह विभाग की जिम्मेदारी है कि पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों के साथ इन उपलब्धियों का मीडिया को भी मौके पर निरीक्षण कराए, जिससे निवेश और रोजगार में हुए कार्य पूरे देश में प्रचारित हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल सहित बड़े शहरों में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क के विकास कार्यों में प्रदेश के विकास प्राधिकरणों को जोड़ें, जिससे मितव्ययता बनी रहे। प्रदेश में एमएसएमई एवं स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार, औद्योगिक संरचना के विकास तथा आगामी कार्ययोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में प्रदेश में 4.51 लाख विनिर्माण उद्यम, 6,340 से अधिक स्टार्टअप और 3,023 से अधिक महिला स्टार्टअप सक्रिय हैं। प्रदेश में 102 से अधिक इन्क्यूबेटर कार्यरत हैं। विनिर्माण क्षेत्र में ₹39,600 करोड़ रूपये का निवेश प्राप्त हुआ है।
नीतिगत सुधार एवं विभागीय उपलब्धियाँ
विगत दो वर्षों में विभाग ने नीतिगत सुधार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। एमएसएमई एवं स्टार्टअप के लिए नई नीतियाँ लागू की गईं। प्रदेश में 116 से अधिक कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूकता एवं प्रशिक्षण दिया गया। भू-आवंटन एवं अन्य प्रक्रियाओं को फेसलेस ऑनलाइन माध्यम से समयबद्ध सेवा के रूप में लागू किया गया। वित्तीय सहायता के अंतर्गत 4,065 इकाइयों को 2,780.44 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई और 220 सहायता प्रकरणों का राज्य स्तरीय साधिकार समिति द्वारा निराकरण किया गया।
औद्योगिक अधोसंरचना का विस्तार
समीक्षा बैठक में बताया गया कि औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। कुल 1,240 भूखंड उद्यमियों को उपलब्ध कराए गए, 13 औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और 14 नए औद्योगिक क्षेत्रों को स्वीकृति प्रदान की गई। वर्तमान में 31 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कार्य प्रगति पर है। निजी भूमि पर स्वीकृत 30 औद्योगिक क्षेत्रों में से 12 का विकास कार्य पूर्ण हुआ है। विभाग द्वारा पहली बार गोविंदपुरा, भोपाल में फ्लैटेड इंडस्ट्रियल पार्क का विकास कर नवाचार को प्रोत्साहन दिया गया है।
वित्तीय समावेशन एवं उद्यम क्रांति योजना
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत 15,838 युवाओं को लाभान्वित किया गया और 1,087.27 करोड़ रूपये की ऋण राशि वितरित की गई। प्रदेश की साख योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 2,45,038 करोड़ रूपये के विरुद्ध सितम्बर 2025 तक 1,93,872 करोड़ रूपये वितरित किए गए, जो पिछले दो वर्ष की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि है। इससे एमएसएमई क्षेत्र में वित्तीय उपलब्धता और उद्यमिता को मजबूती मिली है।
फेसिलिटेशन कॉउंसिल की उपलब्धियाँ
एमएसएमई फेसिलिटेशन काउंसिल द्वारा विलंबित भुगतान के 439 प्रकरणों का निराकरण किया गया और काउंसिल की सुनवाई पूरी तरह डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित की गई। ODR पोर्टल के प्रभावी उपयोग के लिए काउंसिल को वर्ष 2025 में राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुआ है।
निवेश संवर्धन एवं राष्ट्रीय उपलब्धियाँ
समीक्षा बैठक में बताया गया कि जीआईएस- 2025 के दौरान प्रदेश को 2,279 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनकी कुल राशि 21,000 करोड़ रूपये है। इनमें से 729 प्रस्ताव क्रियान्वित हुए हैं, जिनके माध्यम से 5,075 करोड़ रूपये का वास्तविक निवेश और 21,599 रोजगार सृजित हुए हैं। नई दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में मध्यप्रदेश मंडप को वर्ष 2024 में स्वर्ण पदक तथा 2025 में रजत पदक प्राप्त हुआ।
विनिर्माण एवं प्रमाणन में प्रगति
बैठक में बताया गया कि विगत दो वर्षों में 2 लाख से अधिक विनिर्माण इकाइयाँ पंजीकृत हुई हैं, जो 31 प्रतिशत की वृद्धि है। आरएएमपी योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 SME को स्टॉक एक्सचेंज में शामिल कराया गया है। जेडईडी प्रमाणन के क्षेत्र में 16,428 इकाइयाँ प्रमाणित हुई हैं, जबकि पूर्व में यह संख्या मात्र 437 थी। प्रतिदिन अवधि में 30 हजार से अधिक एमएसएमई एवं स्टार्टअप का क्षमता निर्माण किया गया तथा iGOT पोर्टल पर 834 शासकीय सेवक ऑनबोर्ड हुए। ग्वालियर स्टोन एवं छतरपुर वुडन फर्नीचर को दिसंबर 2025 में जीआई टैग प्राप्त हुआ है।
क्लस्टर विकास एवं भविष्य की औद्योगिक तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि आगामी तीन वर्ष में 5 हजार से अधिक करोड़ की प्रोत्साहन राशि एमएसएमई इकाइयों को दी जाएगी। इसी तरह क्लस्टर विकास के लिए 30 नए निजी क्लस्टरों और 22 सामान्य सुविधा केंद्रों को स्वीकृति दी गई है। 31 औद्योगिक क्षेत्रों का विकास कार्य पूर्ण हो चुका है तथा आगामी वर्षों में 6,000 से अधिक भूखंडों के आवंटन की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही 100 औद्योगिक क्षेत्रों में CETP की स्थापना की जाएगी, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को पर्यावरणीय संतुलन के साथ बढ़ावा मिलेगा।
आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना
मुख्यमंत्री के समक्ष विभागीय मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना भी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि 81 विधानसभा क्षेत्रों में नए औद्योगिक क्षेत्रों का विकास किया जाएगा। वर्तमान 6,000 से अधिक स्टार्टअप्स को बढ़ाकर 12,000 से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक जिले में कम से कम एक के साथ 100 नए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए जाएंगे तथा जनवरी 2026 में राज्य स्तरीय स्टार्टअप कॉन्क्लेव आयोजित किया जाएगा। 1.5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों का फार्मलाइजेशन किया जाएगा और उन्हें उद्यम पोर्टल से जोड़ा जाएगा।
स्वरोजगार, जीआई टैगिंग और प्रयोगशाला उन्नयन
स्वरोजगार योजना के माध्यम से 30,000 उद्यमियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है तथा प्रदेश में 20 लाख से अधिक रोजगार सृजन का उद्देश्य निर्धारित किया गया है। 20 विशिष्ट उत्पादों की पहचान कर उन्हें जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बहादरपुर सहकारी सूत मिल, बुरहानपुर की देनदारियों के निराकरण तथा इंदौर व जबलपुर की परीक्षण प्रयोगशालाओं के उन्नयन का कार्य भी प्राथमिकता से किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने विभाग की उपलब्धियों की सराहना करते हुए निर्देश दिए कि एमएसएमई और स्टार्टअप क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के स्तर तक ले जाने के लिए सभी विभाग समन्वित प्रयास करें। उन्होंने नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन और निवेश संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए कार्ययोजना के त्वरित क्रियान्वयन पर जोर दिया। बैठक में प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने प्रस्तुतिकरण दिया।
राज्यपाल पटेल को सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर लगाया गया ध्वज
8 Dec, 2025 09:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल को सशस्त्र सेना दिवस के अवसर पर ध्वज लगाया गया। लोकभवन में सोमवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया गया। राज्यपाल पटेल को सैनिक कल्याण संचालनालय मध्यप्रदेश के संचालक बिग्रेडियर अरूण नायक (से.नि.) ने ध्वज लगाया। राज्यपाल पटेल ने सशस्त्र सेना कल्याण निधि के लिए सहयोग राशि भी प्रदान किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि सशस्त्र सेना के लिए अधिक से अधिक राशि का अशंदान करें। सशस्त्र सेनाओं के प्रति कृतज्ञता प्रदर्शन में सभी सहभागी बनें।
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