मध्य प्रदेश
अटलजी भाषा से, भाषण से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
11 Dec, 2025 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत रत्न से सम्मानित पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने राष्ट्र सेवा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। वे हिमालय के समान विराट व्यक्तित्व के धनी थे। पूरी दुनिया में उनका एक अलग ही सम्मान है। वे भाषा से, भाषण से और व्यक्तित्व से गंगा-यमुना की तरह पवित्र थे। आज आंध्र प्रदेश में उनके जन्मशताब्दी वर्ष में 15 दिवसीय अटल ज्योति संदेश यात्रा की शुरुआत हुई है। यह यात्रा आंध्र प्रदेश के 20 जिलों तक पहुंचेगी और 25 दिसंबर को स्व. वाजपेयी की जयंती के अवसर पर यात्रा का समापन होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंध्र प्रदेश के सत्य साईं जिले के धर्मावरम में स्व. वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण भी हुआ है। स्व. वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1923 को ग्वालियर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। उन्होंने देश-दुनिया में अपनी प्रतिभा के बल पर नाम कमाया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ वाजपेयी के घनिष्ठ संबंध रहे। उनके कार्यकाल में ही नायडू एनडीए के प्रेसिडेंट बने थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को धर्मावरम में अटल ज्योति संदेश यात्रा में सहभागिता की एवं स्व. वाजपेयी की विशाल प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अटलजी ने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनकर देश की जनता की सेवा की। पोखरण में परमाणु परीक्षण किया। कारगिल में पाकिस्तान को सबक सिखाया। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सौगात दी। आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी के बताए मार्ग पर देश की सरकार चल रही है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नायडू की दोस्ती पक्की है। चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश में एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री हैं। वे आंध्र प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश भी विकास के पथ पर अग्रसर है। एनडीए ने भगवान श्रीकृष्ण के वंशज को मध्यप्रदेश की कमान सौंपी है। आंध्र प्रदेश में नायडू ने सत्या जी को आगे बढ़ाया है। यही सबका साथ-सबका विकास का संकल्प है। जनता के चेहरे के भाव देखकर ऐसा लग रहा है कि आंध्र प्रदेश और मध्यप्रदेश दो बिछड़े भाइयों के समान हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को आयुष्मान योजना से मुफ्त इलाज, सागर माला, भारत माला, स्टैंड-अप इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया जैसी योजनाएं दी हैं। आज हम प्रधाममंत्री मोदी और नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश और देश को आगे बढ़ते हुए देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंध्र प्रदेश के पार्टी अध्यक्ष टीवीएन माधव को अटल ज्योति संदेश यात्रा के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अटल ज्योति संदेश यात्रा से आंध्र प्रदेश की जनता को स्व. वाजपेयी के जीवन के विविध पहलुओं से परिचित होने का अवसर मिलेगा। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी कहते थे कि अपना हृदय विशाल बनाओ। सबके साथ, सबके लिए काम और विकास करो। स्व. वाजपेयी की पंक्तियां याद आती हैं- छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता और टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता।
कार्यक्रम में विधायक मधुसूदन रेड्डी, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीयजन उपस्थित थे।
एमपी की इंडस्ट्रियल ग्रोथ सबसे ज्यादा, नक्सलवाद का किया सफाया, सीएम ने गिनाईं दो साल की उपलब्धियां
11 Dec, 2025 08:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार को 2 साल पूरे हो रहे हैं. इस दौरान खुद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक किया है. बुधवार को इंदौर में एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री ने सरकार के 2 साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, "युवा, गरीब, महिला और किसानों के लिए राज्य सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किए हैं. खासकर कृषि क्षेत्र में सिंचाई का रकबा डबल किया गया है जो 48 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 100 लाख हेक्टेयर हो चुका है."
बीते 2 सालों में राज्य में मेडिकल कॉलेज और स्कूलों की संख्या डबल हो गई है
उन्होंने आगे कहा "मध्य प्रदेश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ रेट केंद्र से भी ज्यादा है. राज्य औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र बन रहा है. बीते 2 सालों के दौरान राज्य में मेडिकल कॉलेज और स्कूलों की संख्या डबल की गई है. इसके अलावा कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं."
बाराती बनकर पहुंचे इनकम टैक्स अधिकारी, पूर्व कांग्रेस विधायक के ठिकानों पर धड़ाधड़ रेड
11 Dec, 2025 07:47 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छत्तरपुर: छत्तरपुर के पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी ओर उनके पार्टनर राव साहब के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की. उनके दो प्रतिष्ठानों पर बुधवार सुबह सचिंग की कार्रवाई शुरू हुई और देर रात तक चलती रही.
आयकर विभाग की टीमें सागर कानपुर नेशनल हाईवे पर ढड़ारी के पास खजुराहो मिनरल्स पत्थर फैक्ट्री और रामनपुरा रोड स्थित गिट्टी फैक्टरी में पहुंचीं थीं. दर्जनभर गाड़ियों के काफिले के साथ टीमें ग्वालियर से फैक्ट्रियों पर पहुंची और पहुंचते ही दोनों ठिकानो के गेट बंद करवा दिए गए, जिससे कोई अंदर या बाहर न जा सके. इसके साथ ही कुछ लोगो के मोबाइल भी बंद करवा दिए गए. छापेमारी की खास बात यह कि आयकर विभाग की टीम बाराती बनकर छापा मारने पहुंची थी. जिससे लोगों को पूरा माजरा समझ ही नहीं आया.
आयकर विभाग के 50 से ज्यादा अधिकारी बुधवार सुबह करीब 11 बजे टीम के साथ पूर्व विधायक के ठिकानों पर पहुंचे उनके दोनों प्रतिष्ठानों में एक साथ कार्रवाई शुरू की. इस दौरान पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी और उनके पार्टनर राव साहब से आयकर अधिकारियों लंबी पूछताछ की. पूछताछ के दौरान उनके स्टाफ के कई लोग भी मौजूद रहे. ग्वालियर से आई टीम ने पूर्व विधायक और उनके बिजनेस पार्टनर अजयपाल सिंह राव साहब से वित्तीय लेन-देन, खदान संचालन और उत्पादन को लेकर पूछताछ की.
शादी के स्टीकर लगी गाड़ियों से मारा छापा
दरसल छतरपुर के पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी के यहां 3 दिन पहले बेटी की शादी ऋषिकेश से हुई थी. आयकर विभाग ने कार्रवाई के दौरान विवाह के स्टीकर लगी इनोवा गाड़ियों का इस्तेमाल किया, ताकि किसी को भी कोई संदेह ना हो सके.
क्या बोले पूर्व विधायक बोले
वहीं पूर्व विधायक आलोक चतुर्वेदी का कहना है "मेरे एवं मुझसे जुड़े लोगों को राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है. हमारे यहां कोई गड़बड़ी नहीं है, सारे रिकॉर्ड क्लियर हैं. सबसे ज्यादा टैक्स भी हम लोग देते हैं. देश में हर स्तर पर विपक्ष पर दबाव की राजनीति चल रही है, लेकिन हम इससे डरने वाले नही हुई."
सेंट अल्फोंसा चर्च में गूँजे क्रिसमस कैरल के मधुर सुर
11 Dec, 2025 06:37 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। शालोम यूनिट, सेंट अल्फोंसा चर्च, भोपाल द्वारा कल एक हर्षोल्लासपूर्ण और आध्यात्मिक कैरल सिंगिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बाल यीशु के जन्म का संदेश पूरे समुदाय में प्रेम, शांति और आशा के साथ फैलाया गया।इस कार्यक्रम में बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों तथा महिलाओं सहित बड़ी संख्या में विश्वासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कैरल दल ने कई घरों का भ्रमण किया और मन मोह लेने वाले भजनों के माध्यम से प्रत्येक परिवार को क्रिसमस की शुभकामनाएँ और आशीर्वाद प्रदान किए। फादर एंटनी पेरूमनूर MST ने इस कैरल टीम को आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान किया और फादर साजी ने पूरे भ्रमण के दौरान टीम का साथ दिया। स्थानीय निवासियों ने कैरल दल का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिससे यह संध्या अपनत्व, भक्ति और उत्सवी आनंद से परिपूर्ण हो उठी। इस कार्यक्रम ने समुदाय की एकता को और अधिक मजबूत किया तथा क्रिसमस की पारंपरिक भावना को पुनर्जीवित किया। शालोम यूनिट ने सभी प्रतिभागियों और परिवारों का हार्दिक धन्यवाद व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह कैरल सिंगिंग कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
भोपाल में दो नवजातों के अधजले शव मिलने से मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी
11 Dec, 2025 05:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल परिसर में मॉर्चुरी के पास स्थित पुरानी पानी की टंकी से दो नवजात बच्चों के शव कचरे के ढेर में अधजली अवस्था में मिले हैं। कचरे के ढेर में अधजले शवों के मिलने के बाद हड़कंप मच गया। इस मामले का खुलासा होने के बाद हमीदिया अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है, वहीं पुलिस ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
अभी तक यह खुलासा नहीं हो सका है कि नवजातों के शवों को मौत के बाद कचरे के ढेर में फेंका गया था, या किसी महिला-युवती ने अपने अवैध संबंधों को छिपाने के लिए नवजातों को जन्म देने के बाद कचरे के ढेर में फेंका था। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
कोहेफिजा थाना पुलिस के अनुसार मॉर्चुरी के पास स्थित पानी की पुरानी टंकी के पास कचरा फेंका जा रहा था। यहीं से दोनों नवजात शवों को जली हुई पन्नी के साथ बरामद किया गया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जलने से पन्नी नवजातों के शरीर पर लिपटी थी या पन्नी के अंदर फेंका ही गया था। दोनों शव मॉर्चुरी में रखवा दिए गए हैं। पुलिस अस्पताल के रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डीएनए टेस्ट और अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर पूरे मामले की हर एंगल से जांच शुरू कर दी है।
आग लगने के बाद हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार पुरानी पानी की टंकी के पास अस्पताल का कुछ मेडिकल वेस्ट और अन्य कचरा फेंका जा रहा था। कचरे के ढेर में अचानक आग लग गई। आग बुझाने के लिए दमकल को बुलाया गया था। आग बुझाने के बाद जब टंकी की जांच की गई तो उसमें दो नवजात बच्चों के अधजले शव मिले। शवों पर प्लास्टिक और पन्नी चिपकी हुई थी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन और फयर ब्रिगेड द्वारा पुलिस को सूचना दी गई थी।
पांच डॉक्टरों का दल ने किया पीएम
गुरुवार को हमीदिया अस्पताल के पांच डॉक्टरों की टीम ने दोनों नवजात शवों का पोस्टमार्टम किया है। पोस्टमॉर्टम की वीडियोग्राफी कराई गई है। मामले को लेकर मॉर्चुरी रूम में पदस्थ कर्मचारियों और डॉक्टर से भी इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। आग लगने के बाद हमीदिया अस्पताल की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कचरे से अस्पताल में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक बेडशीट भी बरामद हुई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि बच्चों को बेडशीट में लपेटकर टंकी में फेंका गया होगा। इतना ही नहीं कुछ मेडिकल वेस्ट भी वहां मिला है। पुलिस ने डीएनए सैंपल भी कलेक्टर करा लिए हैं।
ग्लोबल एजुकेशन की ओर MP का कदम, अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केंद्र होंगे शुरू
11 Dec, 2025 04:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
राज्य सरकार मध्य प्रदेश को वैश्विक शिक्षा मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अब निर्णायक कदम बढ़ा रही है। राज्य सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में आदेश शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। यह टास्क फोर्स अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना से जुड़े सभी तकनीकी, शैक्षणिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सुशासन भवन में एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा मध्यप्रदेश में ही उपलब्ध कराई जाए, जिससे उच्च शिक्षा के इच्छुक विद्यार्थियों को विदेश जाकर अध्ययन करने की आवश्यकता कम पड़े और स्थानीय स्तर पर ही अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा गुणवत्ता का अकादमिक वातावरण मिल सके।
USA की दो और ताईवान की एक यूनिवर्सिटी से संवाद जारी
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि इस सिलसिले में तेजी से प्रगति हो रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका के दो विश्व विख्यात विश्वविद्यालयों Arizona State University (ASU) और Purdue University के साथ ताईवान की प्रतिष्ठित Asia University से मध्य प्रदेश में अपने अध्ययन केन्द्र स्थापित करने के लिए सक्रियता से संवाद चल रहा है। इन वर्ल्ड क्लास संस्थानों को उच्च स्तरीय शिक्षा, शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक पहचान प्राप्त है। शासन स्तर पर इन विश्वविद्यालयों के शीर्ष प्रबंधन से लगातार बातचीत हो रही है, जिससे संभावनाओं को बेहतर तरीके से मूर्त रूप देने में और तेजी लाई जा सके।
अध्ययन केन्द्र खुलने से उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी
राज्य सरकार की मंशा है कि प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्र खुलने से प्रदेश में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और बेहतर होगी। इंजीनियरिंग, एआई, डेटा साइंस, हेल्थ केयर साईंस, मैनेजमेंट और नये-नये उभरते तकनीकी क्षेत्रों में विद्यार्थियों को अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम उपलब्ध होंगे। साथ ही स्थानीय उद्योगों, स्टार्टअप्स और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी उच्च स्तरीय विशेषज्ञता और संयुक्त शोध कार्यक्रमों (ज्वाइंट रिसर्च प्रोग्राम्स) का भी लाभ मिलेगा।
तकनीकी, शैक्षणिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी टास्क फोर्स
राज्य सरकार द्वारा इस संबंध में गठित की जा रही टास्क फोर्स में प्रो संतोष विश्वकर्मा को अध्यक्ष नामांकित किया जा रहा है। यह टास्क फोर्स अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के अध्ययन केन्द्रों की स्थापना से जुड़े सभी तकनीकी, शैक्षणिक और कानूनी पहलुओं का अध्ययन करेगी। साथ ही इन विश्वविद्यालयों के साथ होने वाले करार (समझौते) की प्रक्रिया को गति देगी। अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से वार्ताएं सफल रहने पर भविष्य में मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा के क्षेत्र में देश का सबसे आकर्षक एवं आइडियल डेस्टिनेशन बनेगा, जहां वैश्विक विश्वविद्यालयों का व्यापक शैक्षिक-तंत्र प्रदेश की प्रतिभाओं को नव विकसित परिदृश्य में नए अवसर और नई दिशाएं देगा।
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान द्वारा वर्तमान में फ्यूचर हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस, सेमीकंडक्टर्स, क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एग्री-टेक तथा अन्य नवोन्मेषी क्षेत्रों में राज्य के तीव्र विकास के लिये आवश्यक विविध रणनीतिक पहलों पर काम किया जा रहा है। इन क्षेत्रों की उच्च विशेषज्ञता एवं निरंतर विकसित होती प्रकृति की पूर्ति को दृष्टिगत रखते हुए राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रख्यात विशेषज्ञों की आवश्यकता की पूर्ति की जा रही है, जो संस्थान को विषय-विशेष मार्गदर्शन, उच्च-स्तरीय वैज्ञानिक परामर्श और रणनीतिक दिशा प्रदान करेंगे। ऐसे विशेषज्ञों के जुड़ने से संस्थान की क्षमता संवर्धन के साथ यह नवाचार इन प्राथमिक क्षेत्रों में संस्थान के रूपांक, क्रियान्वयन और अनुश्रवण को भी मजबूत करेगा।
आलीराजपुर से कांग्रेस को बड़ा नुकसान, जिला अध्यक्ष ने इस्तीफ़ा देकर चौंकाया
11 Dec, 2025 03:21 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए शनिवार का दिन एक बड़े राजनीतिक बदलाव का गवाह बना, जब आलीराजपुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक मुकेश रावत (पटेल) ने अपने पद से इस्तीफ़ा देकर सभी को हैरान कर दिया | उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भेजते हुए उसकी प्रति एआईसीसी, नई दिल्ली तक भी पहुंचाई, जिससे यह कदम औपचारिक रूप से पार्टी नेतृत्व तक दर्ज हो गया है |
बताया गया है कि मुकेश पटेल ने 6 दिसंबर को यह पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने निजी कारणों और बढ़ती व्यस्तताओं को पद छोड़ने की वजह बताया है. उनका कहना है कि व्यक्तिगत परिस्थितियों के चलते वे जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारियों को अब पूरी क्षमता से निभा नहीं पाएंगे, इसलिए पद छोड़ना उचित समझते हैं |
पद छोड़ने के बाद भी कांग्रेस की विचारधारा के लिए रहेंगे समर्पित
इस्तीफे में उन्होंने संगठन के प्रति अपनी जिम्मेदारी को दोहराते हुए कहा कि अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने कांग्रेस को मजबूत करने की हर संभव कोशिश की है | उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पद छोड़ने के बावजूद वे कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों के प्रति पूरी तरह समर्पित रहेंगे और एक सक्रिय कार्यकर्ता की तरह काम करते रहेंगे |
संगठन में पद खाली होने को लेकर होने लगी चर्चा
उधर, इस्तीफ़े के बाद जिला संगठन में नेतृत्व की खाली जगह को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं | संभावित नए दावेदारों के नाम सामने आने लगे हैं और माना जा रहा है कि कांग्रेस हाईकमान जल्द ही नए जिला अध्यक्ष की घोषणा कर सकता है. मुकेश पटेल का यह निर्णय स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में नई हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है |
दलित के घर भोजन का दंड: रायसेन में समाज ने परिवार को बहिष्कृत किया
11 Dec, 2025 02:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायसेन: उदयपुरा विधानसभा की एक ग्राम पंचायत में एक परिवार का समाज ने हुक्का-पानी बंद कर सामाजिक बहिष्कार कर दिया है. इस परिवार के युवक का आरोप है कि उसके परिवार को परेशान किया जा रहा है और बकायदा इसके लिए पंचायत भी बैठाई गई. पीड़ित परिवार के सदस्य ने जनसुनवाई में कलेक्टर से इस मामले की शिकायत करते हुए दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है. क्षेत्रीय विधायक और स्वतंत्र प्रभार मंत्री नरेन्द शिवाजी पटेल भी इस परिवार के यहां श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे और उन्होंने भी भोजन कर सामाजिक समरसता का संदेश दिया था.
श्राद्ध कार्यक्रम में जाने पर पंचायत ने किया बहिष्कार
मामला ग्राम पंचायत पिपलिया पुआरिया का है. यहां के निवासी भरत राज धाकड़ इंसानियत के नाते गांव के ही एक दलित परिवार के घर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में पहुंचे थे और उन्होंने वहां भोजन किया था. एक ग्रामीण ने इसका वीडियो बना लिया और उसे गांव में वायरल कर दिया. जिसके बाद धाकड़ समाज के लोगों ने पंचायत बुलाई और भरत राज के परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया.
मोहन यादव ने नक्सलवाद पर दिया बड़ा बयान, कहा- हमने इसे खत्म किया, कांग्रेस के समय थी समस्या
11 Dec, 2025 01:50 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है | उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में नक्सलवाद की जो बड़ी समस्या थी, उसे हमने लगभग खत्म कर दिया है. मंडला, डिंडोरी और बालाघाट नक्सलवाद से मुक्त हो गए हैं. कांग्रेस के राज में एक कांग्रेस मंत्री की हत्या हुई थी और उस समस्या की जड़ हिडमा था, जिसकी हत्या पर तत्कालीन मुख्यमंत्री दुख जता रहे हैं, यह कांग्रेस का दोहरा चरित्र दिखाता है |
इस महीने 16 नक्सलियों ने किया सरेंडर
छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों का नक्सली विरोधी अभियान जारी है. नक्सली राज्य की बॉर्डर पार करके मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना भाग रहे हैं. मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले की सीमा छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र राज्य से लगती है. नक्सली भागकर यहां पहुंच रहे हैं | बालाघाट में हॉकफोर्स की कार्रवाई जारी है. सुरक्षाबलों के सख्त एक्शन के बाद नक्सली सरेंडर कर रहे हैं. दिसंबर में 16 नक्सलियों ने सरेंडर किया. MMC जोन एसजेडसीएम सचिव सुरेंद्र उर्फ कबीर ने भी समर्पण किया था, उस पर सरकार ने 77 लाख रुपये का इनाम रखा था |
डेडलाइन के बाद नक्सलियों में भगदड़
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 30 मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त की डेडलाइन दी है. इसके मद्देनजर सुरक्षाबल लगातार नक्सली विरोधी अभियान चला रहे हैं. MMC (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़) डिवीजन में भी नक्सलियों के बीच भगदड़ मची हुई है. इसी कारण नक्सली या तो मुठभेड़ में मारे जा रहे हैं या नक्सली सरेंडर कर कर रहे हैं |
मध्य प्रदेश में मक्का किसानों को राहत मिलेगी? MSP सुधार पर नए फॉर्मूले की चर्चा तेज
11 Dec, 2025 01:38 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
छिंदवाड़ा/हैदराबाद: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा को कॉर्न सिटी का तमगा हासिल है. यहां के ज्यादातर किसान बड़े पैमाने पर मक्के की खेती करते हैं और प्रदेश के साथ देश के दूसरे प्रदेशों में भी बड़े पैमाने पर मक्का भेजा जाता है. पिछले कुछ सालों तक तो सब ठीक था लेकिन अब मक्का किसानों ने उपज के ठीक रेट नहीं मिलने के कारण आंदोलन की राह पकड़ ली है. किसानों की माने तो बढ़ती महंगाई और खेती के खर्चे काटकर भी उन्हें मक्के की फसल के रेट नहीं मिल रहे हैं मुनाफे की बात ही छोड़ दो.
कार्न सिटी में मक्का किसानों के साथ पूर्व सांसद नकुलनाथ सुर में सुर मिलाते नजर आ रहे हैं. कभी मंच से किसानों का साथ देते नजर आ रहे हैं तो कभी गले में भुट्टों की माला पहनकर विरोध जताते नजर आ रहे हैं तो कभी मंडी पहुंचकर मक्का किसानों से मिल रहे हैं. मक्के के भाव किसानों को नहीं मिल पा रहे हैं और व्यापारी औने-पौने दामों में मक्का खरीद रहे हैं. कहा जाए तो अब प्रदेश में मक्के के भाव को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है और सरकार ने भी चुप्पी साध ली है.
शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस का प्रदर्शन
खास बात ये है कि केन्द्र सरकार ने मक्के की एमएसपी 2400 रुपए प्रति क्विंटल तय की है. किसानों का आरोप है कि इसके बाद भी मध्य प्रदेश सरकार मक्के की खरीदी एमएसपी पर नहीं कर रही है. जब सरकार एमएसपी पर खरीद नहीं कर रही है तो किसानों को औने-पौने दाम में मक्का व्यापारियों को बेचना पड़ रहा है.
कहा जाए तो अब किसान मक्के के दाम को लेकर सरकार को घेरती नजर आ रही है. पूर्व सांसद नकुलनाथ मक्का किसानों का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देते नजर आ रहे हैं. उधर , हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान भी विपक्ष ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए खाद, मुआवजे और एमएसपी को लेकर हंगामा किया था. यहां तक कि एक विधायक ने बंदर का रूप रखकर विधानसभा के बाहर सरकार के खिलाफ कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया था इसमें से एक किसानों से भी जुड़ा था.
छिंदवाड़ा को क्यों कहा जाता है कॉर्न सिटी?
छिंदवाड़ा को मक्का नगरी के नाम से जाना जाता है. मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा मक्के की पैदावार छिंदवाड़ा में ही होती है. यहां मक्के की पैदावार के लिए उपयुक्त मिट्टी और जलवायु उपलब्ध है इसी कारण किसान पूरे जिले में मक्के की पैदावार में रुचि लेते हैं. यहां का मक्का अन्य प्रदेशों को भी निर्यात किया जाता है. सितंबर 2018 में यहां 2 दिवसीय मक्का महोत्सव का आयोजन किया गया था. एक रिपोर्ट के अनुसार यहां लगभग 88,881 हेक्टेयर क्षेत्र मक्के की खेती के लिए निर्धारित किया गया था लेकिन यह हर साल बढ़ता जा रहा है. एक अन्य स्त्रोत के अनुसार यहां 3 लाख से ज्यादा हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का उगाया जा रहा है. इसी कारण इसे मक्का की नगरी यानि कॉर्न सिटी भी कहा जाता है.
केन्द्र सरकार ने तय की है मक्का की एमएसपी
मक्के के भाव को लेकर बात की जाए तो केन्द्र सरकार ने मक्के की एमएसपी पहले से ही तय कर रखी है. केन्द्र सरकार ने मक्के के लिए 2400 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी तय की है. इसका मतलब साफ है कि किसानों को इतने रेट मिलना चाहिए और इससे कम रेट पर व्यापारियों को भी मक्के की खरीद नहीं करनी चाहिए. लेकिन मंडी में किसानों को 900 से 1500 रुपए के बीच ही दाम मिल रहे हैं.
छिंदवाड़ा के किसान राजेश बताते हैं कि "जब केंद्र सरकार ने मक्का खरीदी के लिए 2400 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया है तो मध्य प्रदेश सरकार समर्थन मूल्य पर मक्के की खरीदी क्यों नहीं कर रही है. उत्तरप्रदेश में सरकार 2400 रुपए के समर्थम मूल्य पर खरीदी कर रही है. व्यापारी तो चाहते हैं कि उन्हें मुफ्त में ही मक्का दे दो. प्रदेश का मक्का किसान खून के आंसू बहा रहा है और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है."
नकुलनाथ का अलग अंदाज, पहन ली मक्के की माला
पूर्व सांसद नकुलनाथ को बैठे बिठाए मक्के पर सियासत करने का मुद्दा मिल गया है और वे किसानों के हक की आवाज उठाने के लिए उनका पूरा साथ देते नजर आ रहे हैं. नकुलनाथ अब मक्के की माला पहने नजर आ रहे हैं और इसे पहनकर ही वे किसानों के बीच अलग अंदाज में पहुंच रहे हैं.
नकुलनाथ ने बुलंद की किसानों की आवाज
नकुलनाथ ने हाल ही में छिंदवाड़ा में किसानों के आंदोलन में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार को चेतावनी देते हुए कहा था कि "2400 रुपए नहीं किसानों से 3000 रुपए प्रति क्विंटल मक्का खरीदो नहीं तो पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस किसानों कि लिए सड़क पर उतरेगी. उन्होंने ये भी याद दिलाया कि जब कमलनाथ की सरकार थी तो सरकार ने उस दौरान 2500 रुपए प्रति क्विंटल मक्का खरीदकर 200 रुपए का बोनस भी दिया था. महंगाई हर चीज में बढ़ रही है लेकिन किसानों की उपज के दाम कम लगातार कम हो रहे हैं और सरकार खेती को लाभ का धंधा बताते हुए किसानों के साथ छलावा के अलावा कुछ नहीं कर रही है."
'एक किलो मक्का बेचकर नहीं खरीद सकते एक बोतल पानी'
पूर्व सांसद नकुलनाथ ने कृषि उपज मंडी कुसमैली में 2 दिसंबर को किसान बचाओ आंदोलन रैली आयोजित की थी. इसमें उन्होंने कहा था कि किसान को एक किलो मक्के की अधिकतम कीमत 16 रुपए किलो से ज्यादा नहीं मिल पा रही है. ऐसे में यदि वो एक किलो मक्का बेचकर बदले में एक पानी की बोतल भी नहीं खरीद पा रहा है. बीज के लिए किसान जब मक्का खरीदने पहुंचता है तो उन्नत किस्म का बीज बताकर 500 से 600 रुपए किलो में बेचा जाता है.
'एमएसपी के नाम पर थमाया झूठा झुनझुना'
कांग्रेस नेता नकुलनाथ ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि " मक्का उपज को 2400 रुपए प्रति क्विंटल की खरीदी पर पूरी तरह मौन क्यों है. फिलहाल जिस दाम पर मक्का खरीदी जा रही है उससे लागत मूल्य भी नहीं निकल रहा फिर सरकार ने किसानों को एमएसपी का झूठा झुनझुना क्यों थमाया."
'किसानों पर 28 लाख 50 हजार करोड़ रुपए का कर्ज'
नकुलनाथ ने आरोप लगाते हुए कहा कि " प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल में किसान भाइयों को आय दोगुनी करने का झांसा दिया, अब संसद में कह रहे हैं कि इसे दोगुनी करने की कोशिश जारी है. जमीनी हकीकत और सच्चाई यह है कि पिछले 10 सालों में देश के किसानों पर 28 लाख 50 हजार करोड़ रुपए का कर्ज है. अगर इस प्रति किसान में विभाजित किया जाए तो लगभग देश के प्रत्येक किसान पर 1 लाख रुपए का कर्ज है.
इस कर्ज के लिए सरकार जिम्मेदार है, क्योंकि खाद, बीज और कीटनाशक से लेकर प्रत्येक कृषि सामग्री का मूल्य दोगुना हो चुका, किन्तु फसलों का दाम आधा होकर रह गया. भाजपा ने हर मौके और मोर्चे पर किसान भाइयों को सिर्फ ठगा है."
मक्के के दाम को लेकर मोहन यादव ने साधी चुप्पी
मक्का किसान और कांग्रेस मक्के के दाम को लेकर लगातार सरकार को घेर रही है. एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने छिंदवाड़ा पहुंचे सीएम मोहन यादव से जब मीडिया ने मक्के के दाम को लेकर सवाल किया तो सीएम मोहन यादव बिना जवाब दिए ही वहां से चले गए. कांग्रेस ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर मक्के के दाम को लेकर सरकार चुप क्यों हैं. सवाल यह भी क्या मक्के की एमएसपी पर मध्य प्रदेश में नया फार्म्यूला आएगा या नहीं. कॉर्न सिटी के किसानों को मोहन यादव की बड़ी सौगात का इंतजार है.
चौंकाने वाला खुलासा! भोपाल में FCI क्लर्क के पास 4 करोड़ की संपत्ति, ED ने किया जब्त, बिल्डर को दिए थे 95 लाख उधार, पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी
11 Dec, 2025 01:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Bhopal News: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) भोपाल के सहायक ग्रेड-1 किशोर मीणा की करीब चार करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त कर ली है. जांच में सामने आया कि मीणा ने अवैध रूप से अर्जित धन में से 95 लाख रुपए एक बिल्डर को 24 प्रतिशत सालाना ब्याज पर उधार दिए थे. मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मीणा की चल-अचल संपत्ति को सीज किया है.
यह कार्रवाई उस अभियोजन शिकायत के बाद तेज हुई, जो ईडी ने 3 मार्च 2025 को विशेष पीएमएलए कोर्ट में दर्ज की थी. कोर्ट ने 5 दिसंबर 2025 को इस शिकायत पर संज्ञान लिया, जिसके बाद संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई.
CBI की शिकायत के बाद ED ने शुरू की जांच
ईडी की जांच सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी. सीबीआई की जांच में पता चला कि किशोर मीणा एफसीआई के डिविजनल ऑफिस में पदस्थ थे और उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत लगभग 4.05 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति जुटाने का आरोप है. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बिल्डर ने उधार लिए गए 95 लाख में से 27.50 लाख रुपए सीबीआई में जमा कराए, जबकि 67.50 लाख रुपए मीणा के एचडीएफसी बैंक खाते में वापस भेज दिए गए थे. ईडी ने 7 फरवरी 2024 को इस खाते पर लियन लगा दिया था.
CBI कोर्ट ने किशोर मीणा को दोषी करार दिया
मामले में विशेष सीबीआई कोर्ट 23 अक्टूबर 2024 को किशोर मीणा को दोषी करार दे चुका है और उनकी संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया था. इसी आदेश के तहत सीबीआई द्वारा बरामद 3,29,49,140 रुपए, बिल्डर द्वारा जमा 27.50 लाख और बैंक खाते में जमा 67.50 लाख रुपए ईडी ने अपनी जब्ती में ले लिए हैं.
2021 से शुरू हुआ था जांच का सिलसिला
जांच का सिलसिला मई 2021 में शुरू हुआ था, जब सीबीआई को संदीप कपूर सिक्योरिटीज के फील्ड मैनेजर शिवदयाल द्विवेदी की शिकायत मिली थी कि एफसीआई के अधिकारी बिलों के भुगतान के लिए रिश्वत मांग रहे हैं. इसके बाद की गई छापेमारी में किशोर मीणा के पास से 60,840 रुपए की नकदी, करीब 3 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और संपत्ति के कई दस्तावेज बरामद हुए थे. फिलहाल मामले की जांच जारी है.
विवादित बयान से सुर्खियों में IAS संतोष वर्मा, कहा- SC-ST छात्रों के साथ न्याय नहीं हो रहा
11 Dec, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
IAS संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समाज के बाद अब हाई कोर्ट पर विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट SC-ST बच्चों को सिविल जज नहीं बनने दे रहा. IAS के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहसबाजी शुरू हो गई है |आज दोपहर 12 बजे ब्राह्मण समाज IAS संतोष वर्मा को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित करेगा, जिसमें संतोष वर्मा के खिलाफ आंदोलन करने की घोषणा की जा सकती है |
संतोष वर्मा ने हाई कोर्ट को लेकर कहा, “आपको पता है कि अभी जो एग्जाम हुआ उसमें हमारे एसटी/एससी के बच्चे सिलेक्ट नहीं हुए, उनको योग्य उम्मीदवार नहीं मिले. ज्यूडिशरी में हमारा ‘बीज’ खत्म किया जा रहा है | लेकिन क्या आपको पता है कि हमारा बच्चा IAS-IPS बन सकता है, पर सिविल जज नहीं? सिविल जज का ऐसा कौन सा एग्जाम होता है कि जिसमें हमारा बच्चा 40-50 मार्क्स नहीं ला सकता |
हाई कोर्ट पर लगाए आरोप
IAS ने आगे कहा, “आपने उसके लिए 50 प्रति शत कटऑफ तय कर दिया है. और आपने यह तय कर लिया है कि इसको (SC-ST) 49.95 नंबर देना है, 50 नहीं देना है. आपने देख लिया कि इसको इंटरव्यू में 20 नंबर नहीं देना है, इसको 19.5 नंबर देना है. तो भाई कौन सिविल जज बना देगा हमारे बच्चों को, ये कौन सा आरक्षण है. ये कौन सा नियम है. और ये कौन कर रहा है, ये हमारा हाई कोर्ट कर रहा है. जिससे हम न्याय की उम्मीद करते हैं, जिससे हम बाबा साहब के संविधान के हिसाब से चलने की गारंटी मानते हैं, वहीं से हो रहा है ये सब. हाई कोर्ट ही रोक रहा है |
पहले भी दे चुके भड़काऊ बयान
IAS संतोष वर्मा के इस बयान के बाद अब विवाद बढ़ता नजर आ रहा है | इससे पहले ही उन्होंने एक भड़काऊ बयान देते हुए कहा था कि “कितने संतोष वर्मा को मारोगे, हर घर से निकलेगा एक संतोष वर्मा” संतोष वर्मा ऐसी बयानबाजी उस समय कर रहे हैं, जब सरकार ने उन्हें पहले से ही नोटिस जारी कर चुका है. कार्रवाई की तलवार उन पर लटकी हुई है | यह बयान उन्होंने मध्य प्रदेश अनु सूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के मंच से दिया है. इस बयानबाजी के बाद संतोष वर्मा की गिरफ्तारी को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है |
रीवा में दहलाने वाली दुर्घटना: अनियंत्रित ट्रैक्टर ने बाइक सवार तीन लोगों को कुचला
11 Dec, 2025 11:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रीवा : जिले के सोहागी थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम तेज रफ्तार और लापरवाही ने तीन जिंदगियां छीन लीं. बेकाबू ट्रैक्टर ने एक बाइक को सामने से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार महिला समेत तीनों लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और बाइक सवार कई फीट दूर गिरी. घटना देख राहगीरों में चीख-पुकार मच गई. हादसे के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया.
बेहद तेज रफ्तार में था ट्रैक्टर, बाइक के उड़े परखच्चे
यह दिल दहला देने वाली घटना सोहागी थाना क्षेत्र अंतर्गत कुठिला गांव स्थिति कोनिया कलां की है. भुंनगाव गांव निवासी 19 वर्षीय कमलेश कोल, लखवार निवासी 35 वर्षीय करन कोल और 45 वर्षीय महिला सीता कोल एक बाइक में सवार होकर देर शाम भुंनगाव से लखवार गांव की तरफ जा रहे थे. इसी दौरान सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार बेकाबू ट्रैक्टर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई.
भीषण हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक ट्रैक्टर छोड़कर मौके से फरार हो गया. टक्कर की आवाज सुनकर गांव के लोग दौड़कर घटना स्थल पहुंचे और पुलिस के साथ ही 108 एम्बुलेंस को सूचना दी. सूचना मिलते ही एसडीएम प्रभाशंकर त्रिपाठी और सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला तत्काल मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद 108 एम्बुलेंस के माध्यम से मृतको के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए त्योंथर सिविल अस्पताल भेजा गया. तीनों मृतको का आपस में क्या रिश्ता हैं इसकी जानकारी जुटाई जा रही है.
घटनास्थल पर पहुंचे त्योंथर एसडीएम
घटना को लेकर एसडीएम प्रभाशंकर त्रिपाठी ने कहा, '' ट्रैक्टर और बाइक के बीच टक्कर हुई है, जिसमें मोटर साइकल सवार तीन लोगों की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई है. मृतकों की पहचान हो चुकी है. शवों को सिविल अस्पताल लाया गया है. सुबह पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा. मृतकों के परिजनों को शासन की योजनाओं के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी.
ट्रैक्टर चालक को खोज रही पुलिस
वहीं थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया, '' ग्राम कोनिया मे दर्दनाक सडक हादसा हुआ है, जिसमें 3 लोग ट्रैक्टर की चपेट में आ गए. तीनों की मौत हो गई है. ट्रैक्टर को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही हैं. साथ ही घटना के बाद मौके से चालक फरार है, पुलिस की टीम उसकी तलाश कर रही है. जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.''
मैं नहीं गाऊंगा वंदे मातरम्, पर इसका विरोध नहीं: कांग्रेस विधायक का बयान
11 Dec, 2025 11:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल | कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने वंदे मातरम् को लेकर उठे विवाद पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि वे इस गीत को गा नहीं पाएंगे, लेकिन इसका विरोध भी नहीं कर रहे हैं | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में वंदे मातरम् न गाने वालों की सूची पढ़ी थी, जिसमें मसूद का नाम भी शामिल था | इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मसूद ने कहा कि देश में कई गंभीर मुद्दे लंबित हैं जैसे इंडिगो की उड़ानें ठप हैं, यात्री परेशान हैं, किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है, नौजवान रोजगार को लेकर संघर्ष कर रहे हैं और ऐसे समय में संसद में एक गीत को केंद्र में रखकर बहस होना चिंता की बात है |
आरिफ मसूद ने दी सफाई
आरिफ मसूद ने कहा कि उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि वे वंदे मातरम् नहीं गा सकेंगे. मसूद के अनुसार, आजादी की लड़ाई में यह गीत उन नेताओं के मुंह पर नहीं था जो आज इस मुद्दे को लेकर शोर मचा रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वे लोग तिरंगा थामे गोलियां खा रहे थे और जो लोग आज सवाल उठा रहे हैं, उन्हें बोलने का अधिकार भी नहीं है | मसूद का कहना है कि वंदे मातरम् की भावना से उन्हें कोई आपत्ति नहीं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं का सम्मान भी उतना ही जरूरी है |
मसूद के बयान पर गरमाई सियासत
मसूद के इस बयान के बाद राजनीति गरमा गई है. भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि यह राष्ट्रवाद से दूरी का प्रयास है | भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने टिप्पणी की कि संविधान की शपथ लेकर विधायक बने व्यक्ति द्वारा वंदे मातरम् गाने से इनकार करना देश की आत्मा से दूरी बनाने जैसा है और जनता इसका जवाब देगी |
संसद में वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर हो रही विशेष चर्चा
यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर संसद में विशेष चर्चा कराने का निर्णय लिया गया है. सरकार का कहना है कि राष्ट्रगीत के इतिहास, इसकी भूमिका और स्वतंत्रता संग्राम में इसके महत्व को समझाने के लिए यह चर्चा जरूरी है | जबकि विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे को आगामी चुनावों के मद्देनज़र राजनीतिक रंग दे रही है और पुराने छंदों में बदलाव को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया जा रहा है |
ठंड से बचने के लिए खाट के नीचे रखी अंगीठी, गहरी नींद में सो रहा बुजुर्ग जिंदा जला
11 Dec, 2025 10:31 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
शहडोल: मध्य प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है, तापमान लगातार गिर रहा है. प्रदेश के कई जिले शीत लहर की चपेट में है. वहीं शहडोल में पिछले कई दिनों से 5 डिग्री के नीचे तापमान चल रहा है. 10 दिसंबर को तो 3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया है. ऐसे में ठंड से बचने के लिए लोग आग का सहारा ले रहे हैं. इस कड़ाके की ठंड से बचने के लिए एक बुजुर्ग ने चारपाई के नीचे अंगीठी रखी थी, जिससे जलकर उसकी मौत हो गई है.
ठंड से बचाव बना मौत का कारण
यह मामला शहडोल के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के मौहार टोला का है. यहां मंगलवार की रात 62 वर्षीय बुजुर्ग ईश्वरदीन रैदास अपने कच्चे मकान के कमरे में सो रहा था और उसने ठंड से राहत पाने के लिए खाट के नीचे अंगीठी जलाकर रख ली थी. देर रात अंगीठी की आग बिस्तर तक पहुंच गई और देखते ही देखते खाट और बिस्तर को अपनी चपेट में ले लिया. जब तक बुजुर्ग को कुछ समझ आता तब आग पूरे कमरे में फैल गई. बुजुर्ग बिस्तर से उठ भी नहीं पाया और धधकती आग में जलकर खाक हो गया.
कमरे की हालत देख डर गए परिजन
इसका खुलासा तब हुआ, जब सुबह उनका बेटा मुन्नालाल रैदास उठा. उसने देखा कि जहां पिता सो रहे थे वहां से धुआं उठा रहा था. बेटा और परिवार के अन्य सदस्यों ने कमरे में जाकर देखा, तो अंदर का हाल देखकर वे डर गए. बिस्तर और कमरे में रखा सारा सामान जलकर राख हो चुका था और ईश्वरदीन रैदास का शरीर उसी राख के ढेर पर पूरी तरह से जला हुआ पड़ा था. यह देखकर परिजन के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई. घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई. परिजनों ने तुरंत पुलिस को मामले की सूचना दी.
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की जानकारी मिलते ही जयसिंह नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंच गई. इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय बैगा ने बताया, "प्रथम दृष्टया वृद्ध की मौत अंगीठी की लपट खाट में लगने के कारण हुई है. फिलहाल पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. साथ ही पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है."
पिता की दर्दनाक मौत से बेटे का बुरा हाल
बुजुर्ग के बेटे मुन्नालाल ने बताया,"पिता जी कमरे में अकेले सोते थे. वे रोज ही ठंड से बचने के लिए खाट के नीचे धीमी आंच कर अंगीठी रख लेते थे. रोजाना की तरह मंगलवार को भी उन्होंने खाट के नीचे अंगीठी रखकर सो गए. यह हादसा कैसे हो गया किसी को पता ही नहीं चल सका. परिवार के सभी सदस्य अपने-अपने कमरों में गेट बंद कर सो रहे थे. जब सुबह मैं उठा तो देखा कि पिता के कमरे से धुआं उठ रहा है यह देखने के लिए गया था, जैसे कमरे के अंदर देखा मेरे होश उड़ गए थे. पिता जी वहीं जले बिस्तर की राख पर पड़े हुए थे."
राजस्थान SI विवाद: मई के दूसरे हफ्ते में होगी 'सुप्रीम' सुनवाई, दांव पर लगा है हजारों का भविष्य।
थमी हुई सप्लाई चेन को मिली रफ्तार, भारत आ रहे 41 जहाजों का रास्ता साफ
लोकसभा में गिरा 131वां संविधान संशोधन विधेयक, दो-तिहाई बहुमत जुटाने में रही नाकाम
मंडियों में भीगा 'पीला सोना': बेमौसम बरसात ने रोकी गेहूं की खरीद, उठान न होने से बढ़ी दिक्कत।
सरकारी रिकॉर्ड में नहीं थे कैमरे: लावारिस सीसीटीवी के जरिए लाइव जासूसी का अंदेशा, FIR दर्ज।
19 साल पहले जहां से शुरू हुआ था सफर, आज वहीं इतिहास रचेगी विराट की बेंगलुरु
कुरुक्षेत्र एनआईटी में सन्नाटा: लगातार आत्महत्याओं के बाद ठप हुई पढ़ाई, 19 अप्रैल की डेडलाइन तय।
25 लाख का जुर्माना और आजीवन कारावास; नए कानून की कठोरता पर छिड़ी कानूनी जंग
जांच एजेंसियों पर नकेल: रोककर रखने और गिरफ्तार करने के बीच का धुंधलापन कोर्ट ने किया साफ।
मिशन 2027: यूपी बीजेपी की नई टीम और मंत्रिमंडल विस्तार को जल्द मिल सकती है हरी झंडी
