राजनीति
CM नीतीश कुमार ने फिर लिया एक्शन, विधायक समेत 5 लोगों को JDU से किया सस्पेंड
27 Oct, 2025 08:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। बिहार चुनाव (Bihar elections) की तैयारियों में जुटे नीतीश कुमार पार्टी की सफाई करते हुए दिख रहे हैं। लगातार दूसरे दिन सीएम नीतीश कुमार ने पार्टी के विरुद्ध कार्य करने वाले नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है। जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने रविवार को विधायक गोपाल मंडल सहित 5 लोगों को सस्पेंड कर दिया है। जेडीयू के प्रदेश महासचिव चंदन कुमार सिंह ने इसके लिए पत्र जारी किया।
जेडीयू से भागलपुर में गोपालपुर से विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल, पूर्व मंत्री हिमराज सिंह, पूर्व एमएलसी संजीव श्याम सिंह, पूर्व विधायक महेश्वर प्रसाद यादव और गायघाट के प्रभात किरण को पार्टी से बाहर निकाल दिया है।
इससे पहले शनिवार को नीतीश कुमार ने पार्टी के विरुद्ध जाकर काम करने वाले 11 लोगों को पार्टी से सस्पेंड कर दिया था। इसमें पूर्व मंत्री ग्रामीण कार्य विभाग और जमालपुर से विधायक शैलेश कुमार भी शामिल थे। दो दिनों में कुल 16 लोगों को पार्टी से सस्पेंड कर दिया गया है।
दो दिन में 16 पर गिरी गाज
शैलेश कुमार- पूर्व मंत्री, जमालपुर, मुंगेर.
संजय प्रसाद- पूर्व एमएलसी, चकाई, जमुई.
श्याम बहादुर सिंह- पूर्व विधायक, बडहरिया, सीवान.
रणविजय सिंह- पूर्व एमएलसी, बड़हरा, भोजपुर.
सुदर्शन कुमार- पूर्व विधायक, बरबीधा, शेखपुरा.
अमर कुमार सिंह- साहेबपुर कमाल, बेगूसराय.
डॉ. आसमा परवीन- महुआ, वैशाली.
लब कुमार- नवीनगर, औरंगाबाद.
आशा सुमन- कदवा, कटिहार.
दिव्यांशु भारद्वाज- मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण.
विवेक शुक्ला- जिरादेई, सीवान.
नरेन्द्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल, विधायक, गोपालपुर,
हिमराज सिंह, पूर्व मंत्री, कदवा,
संजीव श्याम सिंह, पूर्व एमएलसी, गया जी
महेश्वर प्रसाद यादव, पूर्व विधायक गायघाट
प्रभात किरण, मुजफ्फरपुर
क्रिकेट स्टेडियम बनवाकर भारत-पाकिस्तान का मैच करवाऊंगा…बिहार चुनाव के बीच तेज प्रताप ने किया बड़ा वादा
26 Oct, 2025 12:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बिहार चुनाव (Bihar elections) का काउंटडाउन शुरू हो गया है. लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के बड़े बेटे तेज प्रताप (Tej Pratap) की जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) पार्टी चुनावी मैदान में ताल ठोक रही है. वह खुद महुआ सीट से चुनाव लड़ रहे हैं. इस बीच उन्होंने महुआ सीट को लेकर अपनी योजनाओं पर बात की. तेज प्रताप ने कहा कि महुआ सीट से हमें अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. हमने महुआ में मेडिकल कॉलेज दिया. अब हम जीत के बाद यहां इंजीनियरिंग कॉलेज भी खोलेंगे. इतना ही नहीं, हम महुआ में क्रिकेट स्टेडियम बनाएंगे और यहां भारत और पाकिस्तान का मैच भी कराएंगे. महुआ में कोई टक्कर में नहीं है.
उन्होंने कहा कि जननायक अभी हम नहीं बता सकते. जननायक लोहिया जी, कर्पूरी जी और लालू प्रसाद यादव हैं. तेजस्वी जननायक नहीं हो सके. क्योंकि वो अपने बलबूते नहीं है. वो हमारे पिता के बलबूते हैं. जिस दिन वो अपने बलबूते हो जाएंगे. सबसे पहले हम उन्हें जननायक कहेंगे. तेज प्रताप ने लालटेन युग के अंत के सवाल पर कहा कि लालटेन युग का अंत होगा तो वो लालटेन वाले बनाएंगे. अब आरजेडी में नहीं हूं. मुझे किसी पद का लालच नहीं है.
अगर मुझे आरजेडी में कोई पद मिलेगा, तो मैं सबसे पहले उसे ठुकराऊंगा. मैं कभी किसी के साथ गठबंधन भी नहीं करूंगा. बता दें कि बिहार में दो चरणों में विधानसभा चुनाव होना है. पहले चरण के तहत छह नवंबर और दूसरे चरण के तहत 11 नवंबर को चुनाव होगा. मतगणना 14 नवंबर को होगी.
प्रकृति, श्रद्धा और अनुशासन का एक अनुपम संगम है छठ महापर्व – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
26 Oct, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा, छठ महापर्व (Chhath Mahaparva) प्रकृति, श्रद्धा और अनुशासन (Nature, Devotion and Discipline) का एक अनुपम संगम है (Is a unique Confluence) । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सूर्य उपासना और लोक आस्था के महापर्व छठ की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कामना की कि सभी लोग स्वस्थ, सुख और समृद्धि का जीवन पाएं और यह महान परंपरा पीढ़ी-दर-पीढ़ी जारी रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में कहा, “आप सभी पर छठी माता की कृपा बनी रहे। परिवार के लिए कठिन व्रत रखने वाली माताओं और बहनों को मेरी तरफ से विशेष मंगलकामनाएं। जय छठी माता।” उन्होंने कहा, “छठ महापर्व प्रकृति, श्रद्धा और अनुशासन का एक अनुपम संगम है। सूर्य उपासना के माध्यम से यह हमें जीवन में प्रकाश, ऊर्जा और संतुलन का संदेश देता है। यह पर्व सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव है। छठी मइया की कृपा से व्रती अपने संकल्प में सफल हों।”
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, “समस्त श्रद्धालुओं को सूर्य उपासना और लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के प्रथम अनुष्ठान नहाय-खाय की हार्दिक शुभकामनाएं। छठी मैया के आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार हो, यही प्रार्थना है।”
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने संदेश में लिखा, “समस्त श्रद्धालुओं को सूर्य उपासना एवं लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा के प्रथम अनुष्ठान नहाय-खाय की हार्दिक शुभकामनाएं।” गोरखपुर से सांसद रवि किशन ने भी छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा के प्रथम अनुष्ठान नहाय खाय की हार्दिक शुभकामनाएं।”
छठ महापर्व शनिवार को ‘नहाय-खाय’ के साथ शुरू हुआ। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होने वाली छठ पूजा का समापन सप्तमी तिथि (28 अक्टूबर) को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। ‘संध्या अर्घ्य’ (डूबते सूर्य को शाम का अर्घ्य) का मुख्य अनुष्ठान 27 अक्टूबर को होगा, जिसके बाद अगले दिन ‘उषा अर्घ्य’ (सुबह का अर्घ्य) होगा। यह पर्व बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल में बड़े उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है।
झूठ के बेताज बादशाह और जुमलों के सरदार की छठ महापर्व पर 12000 रेलगाड़ियां चलवाने की बात निकली सफेद झूठ – राजद अध्यक्ष लालू यादव
26 Oct, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । राजद अध्यक्ष लालू यादव (RJD President Lalu Yadav) ने कहा कि झूठ के बेताज बादशाह और जुमलों के सरदार की छठ महापर्व पर 12000 रेलगाड़ियां चलवाने की बात (Talk of the Uncrowned King of Lies and the Leader of Jumlas about running 12,000 Trains on the occasion of Chhath Mahaparva) सफेद झूठ निकली (Turned out to be blatant Lie) ।
उन्होंने छठ पर्व पर आवश्यकता के मुताबिक ट्रेन नहीं चलवाने को लेकर सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार ने कहा था कि 12,000 रेलगाड़ियां छठ पर्व के अवसर पर बिहार के लिए चलाई जाएंगी, लेकिन यह भी सफेद झूठ निकला। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव ने सोशल नेटवर्किंग साइट एक्स पर लिखा, “झूठ के बेताज बादशाह और जुमलों के सरदार ने शेखी बघारते हुए कहा था कि देश की कुल 13,198 ट्रेनों में से 12,000 रेलगाड़ियां छठ पर्व के अवसर पर बिहार के लिए चलाई जाएंगी। यह भी सफेद झूठ निकला।” उन्होंने आगे कहा कि 20 सालों की एनडीए सरकार में पलायन का दंश झेल रहे बिहारियों के लिए लोक आस्था के महापर्व छठ पर भी ये लोग रेलगाड़ियां ढंग से नहीं चला सकते। मेरे बिहारवासियों को अमानवीय तरीके से ट्रेनों में सफर करना पड़ रहा है। कितना शर्मनाक है?
बता दें कि बिहार के अन्य राज्यों में रहने वाले लोग छठ पर्व को लेकर अपने गांव लौटते है। लालू यादव ने आगे पलायन को लेकर डबल इंजन की सरकार को निशाने पर लेते हुए लिखा, “डबल इंजन सरकार की गलत नीतियों के कारण प्रतिवर्ष बिहार के 4 करोड़ से अधिक लोग काम के लिए अन्य राज्यों में पलायन करते हैं। यूपीए सरकार के बाद से एनडीए सरकार ने बिहार में कोई बड़ा उद्योग नहीं लगाया। ये लोग बिहार विरोधी हैं।”
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होता जा रहा है। कोई भी दूसरे पर आरोप लगाने से नहीं चूक रहा है। ऐसे में लालू यादव भले चुनावी मैदान से अस्वस्थता के कारण दूर हैं लेकिन सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर हमलावर हैं।
केंद्र सरकार का 12 हजार स्पेशल ट्रेने चलाने का दावा निकला झूठ – कांग्रेस सांसद राहुल गांधी
26 Oct, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) ने कहा कि केंद्र सरकार का 12 हजार स्पेशल ट्रेने चलाने का दावा (Central Government’s claim of running 12000 Special Trains) निकला झूठ (Has turned out to be Lie) ।
बिहार में विधानसभा चुनावों और छठ महापर्व से पहले घर लौटने की चाह में लोगों की भीड़ ट्रेनों पर उमड़ पड़ी है। केंद्र सरकार ने पहले दावा किया था कि यात्रियों की सुविधा के लिए 12 हजार स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी, ताकि किसी को भी घर जाने में परेशानी न हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बिहार जाने वाली ज्यादातर ट्रेनें ठसाठस भरी हुई हैं, टिकट मिलना मुश्किल है और कई जगह यात्रियों को खड़े होने तक की जगह नहीं मिल रही।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा —त्योहारों का महीना है – दिवाली, भाईदूज, छठ। बिहार में इन त्योहारों का मतलब सिर्फ़ आस्था नहीं, घर लौटने की लालसा है – मिट्टी की खुशबू, परिवार का स्नेह, गांव का अपनापन। लेकिन यह लालसा अब एक संघर्ष बन चुकी है। बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं, टिकट मिलना असंभव है, और सफ़र अमानवीय हो गया है।
कई ट्रेनों में क्षमता से 200% तक यात्री सवार हैं – लोग दरवाज़ों और छतों तक लटके हैं।फेल डबल इंजन सरकार के दावे खोखले हैं।कहां हैं 12,000 स्पेशल ट्रेनें? क्यों हालात हर साल और बदतर ही होते जाते हैं? क्यों बिहार के लोग हर साल ऐसे अपमानजनक हालात में घर लौटने को मजबूर हैं?अगर राज्य में रोज़गार और सम्मानजनक जीवन मिलता, तो उन्हें हज़ारों किलोमीटर दूर भटकना नहीं पड़ता। ये सिर्फ़ मजबूर यात्री नहीं, एनडीए की धोखेबाज़ नीतियों और नियत का जीता-जागता सबूत हैं । यात्रा सुरक्षित और सम्मानजनक हो यह अधिकार है, कोई एहसान नहीं।
अगर एनडीए की सरकार बनी तो ‘विकसित बिहार’ पूरे भारत में अपना डंका बजाएगा – केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
26 Oct, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
खगड़िया । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने कहा कि अगर एनडीए की सरकार बनी (If NDA Government Formed) तो ‘विकसित बिहार’ (Then ‘Developed Bihar’) पूरे भारत में अपना डंका बजाएगा (Will make its mark across India) । अमित शाह ने चुनाव प्रचार अभियान में शनिवार को लगातार दूसरे दिन चुनावी सभा को संबोधित किया।
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने शनिवार को खगड़िया में आयोजित एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री बनाने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह चुनाव बिहार में जंगलराज लाना है या विकास का राज लाना है, यह तय करने वाला चुनाव है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने उपस्थित लोगों का आह्वान करते हुए कहा कि आप अपने वोटों का इस्तेमाल सही जगह पर कीजिए। उन्होंने कहा कि आज हम पांच दल एकजुट होकर पांडव की तरह चुनावी मैदान में हैं। उन्होंने इस गठबंधन के प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अगर राजद की सरकार आई तो उसके साथ जंगलराज भी आएगा और अगर एनडीए की सरकार बनी तो ‘विकसित बिहार’ पूरे भारत में अपना डंका बजाएगा। उन्होंने राजद शासन काल की चर्चा करते हुए कहा कि उस दौर में अपहरण, हत्या, लूट और दुष्कर्म रोज की बात होती थी। आज राजद के नेता हत्या की बात कर रहे हैं, ऐसा लगता है कि सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली। उन्होंने कहा कि एनडीए की 20 साल की सरकार में एक भी बड़ा नरसंहार बिहार में नहीं हुआ। एनडीए सरकार ने बिहार को जंगलराज से मुक्ति दी, परिवारवाद समाप्त किया और सबसे बड़ी बात, बिहार को नक्सलवाद से मुक्त किया।
उन्होंने कहा कि बिहार विकास के इंजन से लैस होकर डबल इंजन के साथ विकास की राह पर है। उन्होंने कहा कि हम लोगों की नीति स्पष्ट है: स्कूल, कॉलेज में पढ़ाई, समय पर दवाई, खेतों में सिंचाई, और सभी घरों में पानी की सप्लाई। उन्होंने महागठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि वहां सिर्फ दो चीजें हैं: भ्रष्टाचार और परिवारवाद।
उन्होंने जोर देकर कहा कि नीतीश कुमार के ऊपर जहां चार आने के घोटाले का भी आरोप नहीं है, जबकि लालू यादव ने चारा घोटाला, अलकतरा घोटाला सहित कई घोटाले किए। उन्होंने घुसपैठियों की चर्चा करते हुए उपस्थित लोगों से पूछा कि क्या बिहार से घुसपैठियों को भगा देना है या नहीं? सभी लोगों ने हाँ में जवाब दिया। इस क्रम में उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की चलाई जा रही योजनाओं का भी जिक्र किया।
पवन सिंह नहीं लड़ना चाहते विधानसभा चुनाव, मनोज तिवारी ने बताया भाजपा की रणनीति और समय
25 Oct, 2025 03:44 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भोजपुरी स्टार पवन सिंह(Bhojpuri star Pawan Singh) के बिहार (Bihar )विधानसभा चुनाव (Assembly Elections)नहीं लड़ने पर भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) के सांसद मनोज तिवारी(MP Manoj Tiwari) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पवन सिंह विधायक नहीं बनना चाहते हैं। वह विधानसभा नहीं, बल्कि लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं। भाजपा के सांसद तिवारी ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने ही पवन सिंह को पार्टी से 2024 में आसनसोल से टिकट दिलवाया था।
बता दें कि पवन सिंह ने बाद में बगावत कर आसनसोल का टिकट ठुकरा दिया और काराकाट सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे। भाजपा ने उन्हें निष्कासित कर दिया था। अब बिहार चुनाव से पहले उनकी पार्टी में वापसी हुई है।
पवन सिंह को कब चुनाव लड़ाएगी भाजपा?
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि मशहूर भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है और उनकी नजर लोकसभा चुनावों पर है। उन्होंने कहा, “पवन सिंह सांसद बनना चाहते हैं, भविष्य में हम (BJP) उन्हें सही जगह से चुनाव लड़वाएंगे।”
बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में बगावत कर बिहार की काराकाट सीट से पवन सिंह के निर्दलीय मैदान में उतरने पर एनडीए के प्रत्याशी रहे आरएलएम चीफ उपेंद्र कुशवाहा को हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पवन सिंह की उपेंद्र कुशवाहा से सुलह करवाई और पिछले महीने भोजपुरी स्टार की पार्टी में वापसी करवा दी।
इसके बाद, पवन के भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि, भाजपा की 101 उम्मीदवारों की जारी हुई सूची में उनका नाम नहीं था।
INDIA गठबंधन ने तेजस्वी को बनाया CM फेस, NDA पर बोला हमला, कहा- नीतीश को एकनाथ शिंदे ना बना देना
25 Oct, 2025 02:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कांग्रेस (Congress) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Elections 2025) के लिए तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) को महागठबंधन (India Alliance) की तरफ से मुख्यमंत्री पद (Chief Minister post) का उम्मीदवार घोषित किया है। इसके बाद से कांग्रेस और तमाम विपक्षी दल एनडीए से उनका चेहरा के बारे में पूछ रहे हैं। इस सबके बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Chief Minister Nitish Kumar) को महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) की तरह हाशिए पर करने की साजिश रच रही है।
उदित राज ने कहा, “जब बार-बार एनडीए से पूछा जा रहा था कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे या नहीं, तो हमने करके दिखा दिया। अब आप बताइए नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाएंगे या नहीं? साफ कहिए कि उन्हें ‘एकनाथ शिंदे’ बना देंगे। बिहार के ‘एकनाथ शिंदे’ तो नीतीश कुमार हैं। उनके साथ धोखा हुआ है, साजिश की गई है।” उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को कमजोर करने की पूरी रणनीति बना ली है, जैसे महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे को उपमुख्यमंत्री पद पर सीमित कर दिया गया था।
आपको बता दें कि 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के गठबंधन महायूति ने निर्णायक जीत हासिल की थी। हालांकि, एकनाथ शिंदे, जो जून 2022 से मुख्यमंत्री थे, चुनाव के बाद उपमुख्यमंत्री पद पर आ गए, जबकि भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने तीसरी बार मुख्यमंत्री पद संभाला। इसी घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उदित राज ने कहा कि भाजपा सत्ता में रहते हुए अपने सहयोगियों को कमजोर करती है और बिहार में भी वही दोहराया जा रहा है।
INDIA गठबंधन ने तेजस्वी यादव को बनाया सीएम फेस
दूसरी ओर, विपक्षी INDIA गठबंधन ने बिहार में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की घोषणा कर दी है। यह ऐलान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने गुरुवार को किया, जिन्होंने राज्य में सहयोगियों के बीच चल रही तनातनी को दूर करने के लिए पटना का दौरा किया था। अशोक गहलोत के ऐलान के बाद गठबंधन में शामिल कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के कुछ उम्मीदवारों ने अपने नाम वापस ले लिए, ताकि सीटों पर मित्रवत मुकाबले की स्थिति खत्म हो सके। तेजस्वी यादव ने इस मौके पर कहा, “हम उस अक्षम और भ्रष्ट डबल इंजन सरकार को हराएंगे, जिसका एक इंजन अपराध है और दूसरा भ्रष्टाचार।”
एनडीए का पलटवार
तेजस्वी के नामांकन से चिंतित एनडीए ने विपक्षी गठबंधन को भ्रष्टाचार और अवसरवाद की शर्मनाक साजिश बताया। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि तेजस्वी पंजीकृत अपराधी हैं। उनके पिता लालू प्रसाद यादव के दबाव में सीएम उम्मीदवार घोषित किया गया है।” उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी अपने सहयोगियों को भी प्रताड़ित कर रही है और यह गठबंधन बिहार को जंगलराज की ओर ले जाएगा।
25 साल बाद फिर चर्चा में ‘सीताराम केसरी’, मोदी के हमले और राहुल की श्रद्धांजलि से सियासत गरमाई
25 Oct, 2025 12:42 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही हैं, वैसे-वैसे चुनाव प्रचार (election campaign) ने अब जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आज बेगूसराय में एक चुनावी रैली को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के भूतपूर्व अध्यक्ष सीताराम केसरी (Sitaram Kesri) की चर्चा की। दरअसल, आज (शुक्रवार को) सीताराम केसरी की 25वीं पुण्यतिथि है। इसी बहाने पीएम मोदी ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया और कहा, ‘‘कांग्रेस में एक परिवार है जो देश का सबसे भ्रष्ट परिवार है। उन्होंने अपने ही पूर्व अध्यक्ष सीताराम केसरी को बाथरूम में बंद कर दिया था और फिर सड़क पर फेंक दिया था। ऐसे लोग लोकतंत्र और सम्मान की बात करते हैं।’’
दूसरी तरफ, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सीताराम केसरी को उनकी पुण्यतिथि के मौके पर याद किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी के पुराने मुख्यालय ’24 अकबर रोड’ पहुंचे और वहां केसरी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। केसरी बिहार में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक रहे हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के बीच केसरी की पुण्यतिथि पर पिछले 25 साल में शायद पहला अवसर है, जब गांधी ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं।
कौन थे सीताराम केसरी?
सीताराम केसरी का जन्म 15 नवंबर, 1919 को पटना जिले के दानापुर में हुआ था। वह अपने लंबे राजनीतिक जीवन में कांग्रेस में कई पदों पर रहे और 1996 से 1998 तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। केसरी के बाद सोनिया गांधी ने पार्टी की कमान संभाली थी। केसरी का निधन 24 अक्टूबर, 2000 को हुआ था। केसरी स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार कांग्रेस के युवा तुर्कों का हिस्सा थे। वह कई बार जेल गए थे। 1973 में वह बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और सात साल बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष बने। इस पद पर वह लंबे समय तक रहे। केसरी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और नरमिन्हा राव के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री भी रहे।
कांग्रेस अध्यक्ष पद पर ताजपोशी फिर अपमान
1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद पीवी नरसिम्हा राव प्रधानमंत्री बने। सोनिया गांधी ने कोई पद लेने से इनकार कर दिया था, इसके बाद राव ही कांग्रेस के अध्यक्ष भी बन गए। लेकिन पांच साल के कार्यकाल में सोनिया और राव के बीच कई मुद्दों पर मतभेद गहरे हो गए। इनमें बोफोर्स कांड में राजीव गांधी के खिलाफ मामला खारिज करने के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देना और बाबरी विध्वंस रोक पाने में अनिच्छा और नाकामी भी शामिल है। 1996 में जब लोकसभा चुनाव हुए तो सोनिया गांधी ने चुनाव प्रचार करने से इनकार कर दिया। इससे कांग्रेस पार्टी हार गई। फिर राव ने कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ दिया। इसके बाद सीताराम केसरी की ताजपोशी कांग्रेस अध्यक्ष पद पर हुई।
चचा केसरी से बढ़ी लालू-मुलायम की नजदीकियां
सीताराम केसरी राजनीतिक गलियारों में खासकर यूपी-बिहार में चचा केसरी नाम से मशहूर थे। कांग्रेस अध्यक्ष के कार्यकाल में चचा केसरी की नजदीकी मुलायम सिंह यादव, कांशीराम, लालू यादव, रामविलास पासवान और नीतीश कुमार जैसे यूपी-बिहार के पिछड़ी जाति के नेताओं से बढ़ी तो कांग्रेस खेमे में यह बात उठी कि वह कांग्रेस का मंडलीकरण कर रहे हैं। जब उन्होंने 1997 में एचडी देवगौड़ा की सरकार से समर्थन वापस ले लिया तो उनकी दूरियां सोनिया से और बढ़ गईं। हालांकि, उन्होंने फिर इन्दर कुमार गुजराल सरकार को समर्थन दिया।
ऐसे गिरी गुजराल सरकार
नवंबर 1997 में एक और घटना घटी। राजीव गांधी की हत्या में साजिश के पहलू की जाँच करने वाली जैन आयोग की रिपोर्ट का एक अंश प्रेस में लीक हो गया ता। खबर यह थी कि जैन आयोग ने डीएमके को हत्या में शामिल लिट्टे के साथ संबंधों के लिए दोषी ठहराया था। डीएमके के तीन सदस्य उस समय गुजराल के मंत्रिमंडल का हिस्सा थे। केसरी ने डीएमके के मंत्रियों को हटाने की माँग की, लेकिन प्रधानमंत्री गुजराल इससे सहमत नहीं हुए। इसके बाद कांग्रेस ने संयुक्त मोर्चा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। 1998 में जब लोकसभा चुनाव होने लगे तब, सोनिया ने पार्टी के मुख्य प्रचारक की भूमिका ले ली, जबकि सीताराम केसरी को प्रचार से दूर रखा गया।
भीड़ जुटी, पर कांग्रेस हार गई
सोनिया की सभाओं में भीड़ जुटी लेकिन पार्टी हार गई। इसके लिए सीताराम केसरी को जिम्मेदार ठहराया गया। शरद पवार, प्रणब मुखर्जी, जितेंद्र प्रसाद जैसे नेताओं ने बैठकें लेनी शुरू कर दीं। 5 मार्च 1998 को CWC की बैठक हुई। इसके चार दिन बाद केसरी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। हालांकि, फिर उसे वापस ले लिया। फिर 14 मार्च 1998 को कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड में ऐसा कुछ हुआ जो सीताराम केसरी की कल्पना से परे था। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, जह केसरी पार्टी दफ्तर पहुंचे तो किसी ने उनका स्वागत नहीं किया। कोई खड़ा भी नहीं हुआ। केसरी तब लाल हो गए, जब प्रणब मुखर्जी ने सोनिया गांधी को अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव पेश कर दिया। इससे नाराज होकर केसरी वहां से जाने लगे। कुछ लोगों को कहना है कि तभी वहां मौजूद कुछ लोगों ने सीताराम केसरी की धोती खींची थी। यह भी कहा जाता है कि सोनिया के कमान संभालने तक केसरी को घंटों बाथरूम में बंद रखा गया था, जिसकी पीएम मोदी चर्चा कर रहे थे।
केसरी की चर्चा क्यों जरूरी, क्या मजबूरी?
दरअसल, सीताराम केसरी की चर्चा बिहार चुनावों से ऐन पहले इसलिए की जा रही है ताकि चुनावों में पिछड़े वर्ग का ध्रुवीकरण हो सके और यह कोशिश दोनों तरफ से हो रही हैं। चूंकि केसरी पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखते थे। इसलिए उनके बहाने पीएम मोदी पिछड़ी जातियों को यह बताना चाहते हैं कि कांग्रेस उनकी शुभचिंतक नहीं है, जबकि राहुल गांधी चचा केसरी को पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देकर यह बताना चाहते हैं कि पार्टी केसरी के साथ-साथ पिछड़ों का भी सम्मान करती है। बता दें कि बिहार में EBC और OBC की कुल आबादी 63 फीसदी है। इनमें OBC 27 और EBC करीब 36 फीसदी है। बहरहाल, बिहार चुनाव में इस बड़ी आबादी को अपनी-अपनी तरफ खींचने की कोशिशें जारी हैं।
चिराग पासवान ने खोला राज़: पिता की कुर्बानी के बावजूद मुस्लिम वोट बैंक ने साथ नहीं दिया
25 Oct, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । बिहार(Bihar) में महागठबंधन(Grand Alliance) की तरफ से तेजस्वी यादव(Tejashwi Yadav) को मुख्यमंत्री और वीआईपी चीफ मुकेश सहनी(VIP Chief Mukesh Sahni) को डिप्टी सीएम(Deputy CM) का उम्मीदवार घोषित किया गया है। इस घोषणा के साथ ही मुस्लिम समुदाय की तरफ से अपनी भागीदारी की मांग उठाई जा रही है। कुछ मुस्लिमों ने सोशल मीडिया में महागठबंधन के फैसले की आलोचना भी की है। इसके लिए उन्होंने अपनी जनसंख्या का हवाला दिया।
डिप्टी सीएम फेस को लेकर जारी बहस के बीच लोजपा (रामविलास) के चीफ और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुस्लिमों को अपने पिता रामविलास पासवान के उस फैसले की याद दिलाई है जिसमें उन्होंने बिहार में मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने की मांग की थी। चिराग ने इस बात को लेकर भी दुख जताया कि इसके बावजूद बिहार के मुसलमानों ने उनकी पार्टी का साथ नहीं दिया।
चिराग पासवान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा पर लिखते हैं, “2005 में मेरे नेता मेरे पिता स्व. रामविलास पासवान जी ने मुस्लिम मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपनी पार्टी तक कुर्बान कर दी थी। तब भी आपने उनका साथ नहीं दिया। राजद 2005 में भी मुस्लिम मुख्यमंत्री के लिए तैयार नहीं था, आज 2025 में भी न मुस्लिम मुख्यमंत्री देने को तैयार है, न उपमुख्यमंत्री! अगर आप बंधुआ वोट बैंक बनकर रहेंगे, तो सम्मान और भागीदारी कैसे मिलेगी?”
इससे पहले पटना में पत्रकारों से बातचीत करते हुए चिराग पासवान ने कहा था, “ इंडिया गठबंधन यादवों और सहनी समाज के नाम पर राजनीति कर रहा है, लेकिन मुसलमानों की बात वह केवल वोट के समय करता है। मुसलमानों की जनसंख्या बिहार में लगभग 18 फीसदी है, फिर भी इंडिया गठबंधन ने किसी मुस्लिम नेता को मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या किसी प्रमुख पद का उम्मीदवार नहीं बनाया।”
उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव, यादव समाज से हैं, जिनकी आबादी करीब 13 फीसदी है, जबकि मुकेश सहनी, साहनी समाज से आते हैं, जिनकी आबादी लगभग 2 फीसदी है। लेकिन 18 फीसदी मुस्लिम आबादी के बावजूद, मुसलमानों को सत्ता की भागीदारी से वंचित रखा गया है। ये लोग सिर्फ मुसलमानों को डराकर और भावनात्मक मुद्दों पर भड़का कर वोट लेना जानते हैं, उन्हें असली प्रतिनिधित्व देने की उनकी नीयत कभी नहीं रही।”
हरियाणा के कांग्रेस नेता राव नरेंद्र सिंह ने सीएलयू मामले में कम्युनिस्ट पार्टी के नेता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं
25 Oct, 2025 10:29 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । चेंज ऑफ लैंड यूज (change of land use) सीडी कांड(CD scandal) ने हरियाणा की सियासत(Haryana politics) में एक बार फिर हलचल मचा(stirred up) दी है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह को इस मामले में आरोपी बनाते हुए नारनौल कोर्ट में चालान (आरोपपत्र) पेश किया। 12 साल पुराने इस मामले की जड़ें भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के कार्यकाल से जुड़ी हैं। उस समय राव नरेंद्र सिंह स्वास्थ्य मंत्री थे।
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) ने एक स्टिंग ऑपरेशन कर राव नरेंद्र पर सीएलयू के बदले करोड़ों की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। इनेलो ने स्टिंग का वीडियो और ऑडियो जारी करते हुए एक सीडी लोकायुक्त को सौंपी थी।
स्टिंग में सामने आए थे कई बड़े नाम
लोकायुक्त को शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले की जांच की थी और रिपोर्ट लोकायुक्त को रिपोर्ट सौंपी गई थी। जांच रिपोर्ट आने के बाद जनवरी 2016 में एंटी करप्शन ब्यूरो गुरुग्राम ने मामला दर्ज किया था। चालान में आरोप है कि राव नरेंद्र सिंह ने पलवल में 30 एकड़ जमीन की सीएलयू मंजूरी के एवज में 30 से 50 करोड़ रुपये की मांग की थी। यह बातचीत एक रिकॉर्डिंग में सामने आई थी। रिपोर्ट के अनुसार, उस वक्त इस सीडी कांड में कुल छह नेताओं के नाम सामने आए थे। इस मामले की जांच नारनौल यूनिट के डीएसपी अशोक डागर कर रहे हैं। उन्होंने अतिरिक्त जिला एवं न्यायधीश हर्षाली चौधरी की अदालत में चालान पेश किया।
भाजपा की बौखलाहट है : राव नरेंद्र सिंह
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने हिन्दुस्तान से बातचीत में बताया कि यह सब भाजपा की बौखलाहट का परिणाम है। मैं झुकूंगा नहीं, न ही डरूंगा। 12 साल पुराने मामले को फिर से उछालना एक साजिश है। यह सब राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है, जबकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। मुझे भारतीय न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है सच्चाई की जीत होगी।
12 साल बाद चार्जशीट
राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि चालान ऐसे वक्त पर क्यों दाखिल हुआ, जब राव नरेंद्र सिंह को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। विपक्ष इस कार्रवाई को राजनीतिक से प्रेरित बता रहा है। वहीं, भाजपा की ओर से कहा जा रहा है कि भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का यह सही समय है।
पार्टी अनुशासन पर सीएम मोहन यादव का जोर, कहा—‘व्यवहार से पहचान बनती है’
25 Oct, 2025 10:21 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भोपाल। मध्य प्रदेश में भाजपा की नई टीम बनने के 24 घंटे बाद शुक्रवार देर रात प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, सह-प्रभारी सतीश उपाध्याय और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा शामिल हुए. जानकारी के मुताबिक, बिहार विधानसभा चुनाव में व्यस्तता के कारण यह बैठक ऑनलाइन रखी गई. बैठक में शामिल वरिष्ठ नेताओं ने नई टीम के सदस्यों को अनुशासन, व्यवहार और सार्वजनिक आचरण को लेकर सख्त हिदायतें दी हैं.
नए सदस्यों को डाउन टू अर्थ होकर चलना है
बैठक में पदाधिकारियों को समझाया गया कि संगठन के प्रतिनिधि के रूप में उनका आचरण पार्टी की छवि को बनाता या बिगाड़ता है. वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में आपकी छवि भाजपा की रीति-नीति के अनुरूप होनी चाहिए. किसी भी पदाधिकारी को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे पार्टी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचे या कार्यकर्ताओं के मनोबल पर विपरीत असर पड़े. साथ ही उन्हें ‘डाउन टू अर्थ’ रहते हुए सबको साथ लेकर चलने की सलाह दी गई.
बिहार में RJD फिर से जंगलराज लाना चाहती है… चुनावी रैली में बोले अमित शाह
24 Oct, 2025 05:18 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिवान: विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) के लिए बिहार (Bihar) अब सियासी अखाड़ा बन चुका है. राजनीतिक दलों (Political Parties) के नेताओं की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है. शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने दो बड़ी रैलियां कीं. पहली रैली बिहार के सिवान जिले के बड़हरिया में हुई जबकि दूसरी रैली बक्सर में हुई. दोनों ही रैलियों में अमित शाह ने लालू-राबड़ी और आरजेडी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी के जंगलराज को सालों तक इस सिवान की भूमि ने सहा है. शहाबुद्दीन का खौफ, अत्याचार, हत्याओं को इस सिवान ने सहा है.
शाह ने आगे कहा कि इसी शहाबुद्दीन के बेटे को बैजनाथपुर से लालू यादव ने खुद टिकट देने का काम किया है. लेकिन मैं आज सिवान वालों को कहने आया हूं कि अब नरेंद्र मोदी जी और नीतीश कुमार जी का राज है, सौ शहाबुद्दीन आ जाए किसी का बाल-बांका नहीं कर सकते. शहाबुद्दीन के खौफ, अत्याचार, हत्याओं से सिवान की भूमि लहूलुहान हो गई लेकिन सिवान वालों ने झूकने का नाम नहीं लिया. लालू-राबड़ी राज को समाप्त कर दिया. ये सिवान की भूमि महान राजेन्द्र बाबू की भूमि है. राजेन्द्र बाबू हमारे देश के पहले राष्ट्रपति बने, संविधान सभा के अध्यक्ष रहे.
उन्होंने आगे कहा कि लालू यादव ने शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट देकर ये साबित कर दिया है कि वो बिहार में फिर से जंगलराज लाना चाहते हैं. जिस शहाबुद्दीन ने 75-75 जघन्य हत्याओं से सिवान की भूमि को लहूलुहान किया, वो शहाबुद्दीन के बेटे को टिकट देकर डराना चाहते हैं. ये यही बताता है कि महागठबंधन बिहार को जंगलराज की ओर ले जाना चाहता है और एनडीए गठबंधन आनंद मिश्रा को टिकट देकर सुशासन की ओर ले जा रहा है.
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि मैं छठी मईया से यही आशीर्वाद चाहता हूं कि छठ मईया बिहार के लोगों पर अपना आशीर्वाद बनाए रखना, ताकि कभी यहां जंगलराज ना आए. राहुल बाबा कहते हैं कि घुसपैठियों को बिहार में रहने दो. आप लोग बताओ कि घुसपैठियों को यहां से भगाना चाहिए या नहीं?
उन्होंने कहा कि मैं वादा करता हूं कि अभी तो चुनाव आयोग ने SIR किया है, फिर से एक बार एनडीए सरकार ला दो एक-एक घुसपैठिए को देश से चुन-चुन कर बाहर करने का काम हमारी सरकार करेगी. अभी हाल ही पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकियों ने हमला किया, जब केंद्र में सोनिया-लालू की सरकार थी, तो आतंकवादियों को बिरयानी खिलाई जा रही थी, लेकिन इस बार मोदी जी की सरकार थी, हमने ऑपरेशन सिंदूर करके पाकिस्तान के घर में घुसकर आतंकियों का सफाया करने का काम किया.
बिहार में अबकी बार ‘NDA और सुशासन सरकार’, नीतीश के नाम पर चर्चा के बीच पीएम मोदी
24 Oct, 2025 04:16 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समस्तीपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) बिहार (Bihar) के दौरे पर हैं. उन्होंने समस्तीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए महागठबंधन (Grand Alliance) पर निशाना साधा. साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार में एक बार फिर एनडीए (NDA) और सुशासन की सरकार बनेगी. उन्होंने कहा कि इस बार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) के नेतृत्व में एनडीए जीत के अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ देगा. बिहार एनडीए को अब तक का सबसे बड़ा जनादेश देगा.
जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, लोकतंत्र के महापर्व का बिगुल बन चुका है और पूरा बिहार कह रहा है, फिर एक बार एनडीए सरकार, फिर एक बार सुशासन सरकार, जंगलराज वालों को दूर रखेगा बिहार. बता दें कि महागठबंधन सीएम फेस को लेकर एनडीए पर निशाना साधता रहता है. तेजस्वी और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि बीजेपी सीएम के चेहरे के लिए नीतीश के नाम की घोषणा क्यों नहीं करती है. एनडीए में नीतीश के साथ अन्याय हो रहा है.
प्रधानमंत्री ने कहा, इस समय आप जीएसटी बचत उत्सव का भी खूब आनंद ले रहे हैं और कल से छठी मईया का महापर्व भी शुरू होने जा रहा है. ऐसे व्यस्त समय में भी आप इतनी विशाल संख्या में यहां आए हैं, समस्तीपुर का जो ये माहौल है, मिथिला का जो मूड है उसने पक्का कर दिया है नई रफ्तार से चलेगा बिहार, जब फिर आएगी एनडीए सरकार.
पीएम ने कहा कि आज का दिवस मेरे जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण दिवस है. यहां आने से पहले मैं कर्पूरी ग्राम गया था, वहां मुझे भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन करने का अवसर मिला. ये उनका ही आशीर्वाद है कि आज हम जैसे पिछड़े और गरीब परिवारों से निकले लोग इस मंच पर खड़े हैं.
उन्होंने कहा, वो मां भारती के अनमोल रत्न थे. उन्हें भारत रत्न से सम्मानित करने का सौभाग्य हमारी सरकार को मिला. ये हमारे लिए सम्मान की बात है. हमारी सरकार भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी को प्रेरणापुंज मानती है. वंचितों को वरीयता, पिछड़ों को प्राथमिकता, गरीब की सेवा हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़े हैं.
MP भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में इंदौर का दबदबा, गौरव, चावड़ा सहित चार पदाधिकारी
24 Oct, 2025 12:39 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
इंदौर। भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में इस बार इंदौर को महत्व मिला है। पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे और पूर्व आईडीए अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा सहित इंदौर के चार नेता कार्यकारिणी में शामिल हुए है। सबसे चौकाने वाला नाम सांवेर के भगवान सिंह परमार का रहा। उन्हें एससी मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। इस पद के लिए प्रदेश के अन्य जिलों के नेता भी दौड़ में थे, लेकिन संगठन ने परमार पर भरोसा जताया।। पिछली प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी में इंदौर से कविता पाटीदार और जीतू जिराती थे। इस बार दोनों को टीम हेमंत खंडेलवाल में जगह नहीं मिल पाई। जिराती का नाम आईडीए अध्यक्ष पद के लिए भी चल रहा है।
भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे को महामंत्री बनाया गया है। गौरव के अलावा इंदौर के कई नेता उपाध्यक्ष या महामंत्री पद के लिए प्रयास कर रहे थे। इसमें दो भाजपा नेत्रियां भी शामिल थी, लेकिन संगठन और संघ की पसंद रहे गौरव को महामंत्री बनाया गया है। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खास समर्थक डाॅ. निशांत खरे को उपाध्यक्ष बनाया गया है। निमाड़ से इस बार कम नेता कार्यकारिणी में शामिल हो पाए है। सुमेर सिंह सोलंकी को उपाध्यक्ष बनाया गया है।
सांवेर के भगवान सिंह परमार को अनुसूचित जाति मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। परमार विधासनाभ चुनाव में सांवेर से दावेदारी भी जता चुके है और जिला पंचायत सदस्य भी रहे है। पिछली कार्यकारिणी में वे मोर्चा महामंत्री थे। संगठन का पुराना अनुभव होने के कारण इस बार उन्हें अध्यक्ष बनाया गया है।
संघ में वर्षों तक अलग-अलग जिम्मेदारी निभा चुके जयपाल सिंह चावड़ा को किसान मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष बनाया गया है। वे इंदौर के संगठन मंत्री व आईडीए अध्यक्ष रह चुके है, हालांकि उनका कार्यक्षेत्र देवास भी रहा है। चावड़ा को किसानों को साधने की जिम्मेदारी दी गई है। सिंहस्थ के लिए ली जा रही किसानों की जमीन, इंदौर के नए बायपास सहित निर्माण सहित कई मुद्दों पर किसान नाराज है। जयपाल को उन्हें साधना बड़ी चुनौती रहेगी।
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