राजनीति
राहुल गांधी बोले, LPG संकट में PM मोदी नाकाम, कोविड काल जैसी परेशानी दोहराई जा रही
6 Apr, 2026 05:11 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास रसोई गैस (LPG) संकट से निपटने की कोई नीति नहीं है और इस समय भी वही अवस्था देखने को मिल रही है जो देश के लोगों ने कोविड के समय देखी थी। राहुल गांधी ने सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “मोदी जी ने कहा था – एलपीजी संकट को कोविड की तरह हैंडल करेंगे और सच में वही किया। बिल्कुल कोविड के जैसे ही नीति शून्य, घोषणा बड़ी और बोझ गरीबों पर। हर रोज 500-800 की दिहाड़ी कमाने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए रसोई गैस पहुंच से बाहर हो गई है। रात को घर लौटते मज़दूर के पास चूल्हे जलाने तक के पैसे नहीं। नतीजा शहर छोड़ो, गांव भागो।”
उन्होंने कहा कि जो मज़दूर कपड़ा मिल्स और फैक्टरियों की रीढ़ हैं, आज वही टूट रहे हैं। कपड़ा क्षेत्र पहले से ही गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में है। विनिर्माण क्षेत्र दम तोड़ रहा है। राहुल गांधी ने इस संकट की वजह बताते हुए कहा “और यह संकट आया कहाँ से। कूटनीति की मेज़ पर हुई उस चूक से जिसे सरकार आज तक स्वीकार नहीं करती। जब अहंकार नीति बन जाए तो अर्थव्यवस्था चरमराती है, मज़दूर पलायन करते हैं, उद्योग बर्बाद होते हैं और देश दशकों पीछे धकेल दिया जाता है।” उन्होंने संकट के समय लोगों को चुप नहीं रहने का आह्वान करते हुए कहा कि सवाल एक ही है कि हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है। चुप मत रहो। यह सिर्फ़ गरीब का नहीं, हम सबका सवाल है।
चेन्नई में विजय का चुनावी दौरा रद्द, TVK प्रमुख ने समय और सुरक्षा पाबंदियों का हवाला दिया
6 Apr, 2026 04:40 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
चेन्नई। विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्तरी कड़गम (टीवीके) ने सोमवार को चेन्नई में प्रस्तावित चुनावी प्रचार कार्यक्रम रद्द कर दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, विजय को विल्लीवाक्कम और टी नगर विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाएं और रोड शो करने थे, लेकिन प्रशासनिक पाबंदियों के चलते कार्यक्रम को रद्द करना पड़ा।
सूत्रों का कहना है कि चुनाव प्रचार की अनुमति मिलने के बावजूद पुलिस द्वारा दोनों स्थानों के बीच आवागमन के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। इसी वजह से कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से पूरा करना संभव नहीं था। पार्टी ने इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा कि इस तरह की पाबंदियां चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। बताया जा रहा है कि टीवीके इस मामले को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के समक्ष उठाने की तैयारी कर रही है। हालांकि, पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी मौसम में इस तरह की प्रशासनिक चुनौतियां राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों के लिए बड़ी समस्या बन सकती हैं। वहीं, निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की भूमिका भी अहम मानी जाती है। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। ऐसे में सभी दल अपने-अपने स्तर पर प्रचार में तेजी ला रहे हैं, और हर छोटा घटनाक्रम चुनावी रणनीति पर असर डाल सकता है।
अमित शाह का बड़ा बयान—एनडीए सत्ता में आई तो गोल्ड स्मगलिंग आरोपियों को 2 महीने में जेल
6 Apr, 2026 04:01 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम (केरल): भाजपा ने राज्य की राजधानी में बड़े आयोजन के साथ अपना 47वां स्थापना दिवस मनाया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. संगठनात्मक समारोह से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधानसभा के चुनाव में नई जान आ गई. मुख्य समारोह नए मराजी भवन में हुआ, जो पार्टी का राज्य मुख्यालय है, जिसका उद्घाटन शाह ने जुलाई 2025 में किया था.
भारी पुलिस सुरक्षा के बीच केंद्रीय गृह मंत्री ने पार्टी का झंडा फहराया. इस आयोजन में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे और पार्टी अध्यक्ष समेत राज्य के वरिष्ठ नेता शामिल हुए, जो सुबह अपने चुनाव प्रचार खत्म करने के बाद शामिल हुए.
कार्यकर्ताओं ने इस मौके को बहुत गर्व के साथ मनाया और 1980 में पार्टी के बनने से लेकर दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक संगठन बनने तक के सफर को याद किया. आने वाले विधानसभा चुनावों में पूरा भरोसा जताते हुए शाह ने राज्य के लिए भाजपा का ब्लूप्रिंट पेश किया. उन्होंने 2009 से केरल में पार्टी की लगातार बढ़त पर जोर दिया, जिसमें वोट शेयर में बढ़ोतरी और पहली विधान सभा सदस्य, एक संसद सदस्य और तिरुवनंतपुरम में मौजूदा मेयर पद सहित कई जीत शामिल हैं.
जनता को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि इस बार केरल में एनडीए की सरकार बनेगी. उन्होंने स्थानीय मीडिया की बातों को चुनौती दी और वादा किया कि एनडीए के राज में तिरुवनंतपुरम को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब बनाया जाएगा. इसके अलावा उन्होंने दूसरे जिलों में भी स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, इन्फॉर्मेशन, टेक्नोलॉजी, संस्कृति और जहाज निर्माण पर फोकस करते हुए ऐसे ही क्षेत्र विशेष हब बनाने का भरोसा दिलाया.
कैंपेन को और तेज करते हुए गृह मंत्री बाद में कट्टकडा चुनाव क्षेत्र में पहुंचे, जो एक रणनीतिक इलाका है जहां एनडीए को बहुत उम्मीदें हैं. स्थानीय देवताओं कट्टक्कड़ा मुदिप्पुरा देवी और मोलियूर महादेवर शाह का आशीर्वाद लेकर अपना भाषण शुरू करते हुए उन्होंने एनडीए उम्मीदवारों को मंच पर बुलाया और जनता से उनके समर्थन की अपील की.
कट्टकडा से पी के कृष्णदास, अरुविक्कारा से विवेक गोपन, नेय्याट्टिनकारा से चेंकल राजशेखरन नायर और परसाला से गिरीश नेय्यर सहित उम्मीदवारों ने शाह के गले में कमल की एक बड़ी माला पहनाकर उनका स्वागत किया.
इस अवसर पर मुक्कमपालमूडू बीजू ने उन्हें एक रस्मी राजदंड और ताज दिया, जबकि पी के कृष्णदास ने उन्हें भगवान अयप्पा की एक मूर्ति भेंट की. अपनी रैली में शाह ने वाम लोकतांत्रिक मोर्चा और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट दोनों की कड़ी आलोचना की और खास तौर पर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर असल में विकास न करने का आरोप लगाया.
उन्होंने वामपंथी सरकार के विकास की पहल का मजाक उड़ाया और उनकी पहल को सिर्फ नाम बदलने वाले स्टार्टअप बताया, जो असली तरक्की लाने के बजाय केंद्र प्रायोजित कार्यक्रमों का पुनः नामकरण करते हैं.
पिछले दस सालों में वामपंथी पर महिलाओं की सुरक्षा पक्का करने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कसम खाई कि एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि सोने की तस्करी और उससे जुड़े मामलों में शामिल लोगों को एनडीए के सत्ता में आने के दो महीने के अंदर जेल भेज दिया जाएगा.
शाह ने यह भी भरोसा दिलाया कि नई सरकार महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देगी और महिलाओं के लिए हर महीने पैसे की मदद, मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और पीने के पानी की अच्छी मदद समेत बड़े कल्याणकारी कदम उठाएगी.
कट्टकडा को एक प्रमुख अभियान स्थान के तौर पर चुनना बहुत रणनीतिक है, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के बाद लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने इस विधानसभा में पहला स्थान हासिल किया था. चुनावों में बस कुछ ही दिन बचे हैं, ऐसे में राष्ट्रीय नेताओं की सक्रिय मौजूदगी और जमीनी स्तर पर विकास के मुद्दों पर अधिक ध्यान देना, केरल में वोटरों तक पहुंचने के लिए एनडीए की जोरदार आखिरी कोशिश दिखाता है. ऐसे संकेत हैं कि आने वाले दिनों में और भी केंद्रीय मंत्री राज्य में चुनाव प्रचार करेंगे.
बंगाल में चुनावी जंग तेज, BJP-टीएमसी का हेट स्पीच विवाद अब EC तक
6 Apr, 2026 03:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मतदान तारीख आने से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी ने एक-दूसरे पर हेट स्पीच और भड़काऊ बयान देने के आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग का रुख किया है।
रविवार को टीएमसी की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लिखित शिकायत सौंपी गई, जिसमें बीजेपी उम्मीदवार पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ आपत्तिजनक और धमकी भरे बयान देने का आरोप लगाया गया। इसके कुछ ही घंटों बाद बीजेपी ने पलटवार करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज कराई। पार्टी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के एक सांसद ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक और नफरत फैलाने वाले बयान दिए हैं।
राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। चुनाव से पहले बढ़ती बयानबाजी और शिकायतों ने संकेत दे दिया है कि इस बार का चुनावी मुकाबला बेहद कड़ा और विवादों से घिरा रह सकता है।
बीजेपी ने स्टार प्रचारकों की सूची जारी की
इस बीच बीजेपी ने चुनावी तैयारियों को तेज करते हुए पहले चरण के लिए अपने स्टार प्रचारकों की सूची इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को सौंप दी है। इस सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, धमेंद्र प्रधान, हेमंत विश्वा सरमा और योगी आदित्यनाथ जैसे कई प्रमुख नेता शामिल हैं।
संसद का दृश्य भावुक: 19 सांसदों की शपथ, व्हीलचेयर पर नजर आए शरद पवार
6 Apr, 2026 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। संसद के उच्च सदन राज्य सभा के लिए चुने गए नए सदस्यों ने सोमवार को शपथ ग्रहण की। इस दौरान शरद पवार व्हीलचेयर पर पहुंचे, जो समारोह का एक भावुक क्षण रहा। राज्यसभा के 19 नए सदस्यों के साथ केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी सांसद के रूप में शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह सीपी राधाकृष्णन की उपस्थिति में आयोजित हुआ। इस अवसर पर उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नए सदस्यों में महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से प्रतिनिधि शामिल हैं। महाराष्ट्र से माया चिंतामन इवनेत ने सबसे पहले शपथ ली, इसके बाद शरद पवार ने शपथ ग्रहण किया। राज्य से रामाराव सखाराम वाडकुट, ज्योति नागनाथ वाघमारे और रामदास अठावले ने भी सदस्यता की शपथ ली।
तमिलनाडु से एम थाम्बिदुराई, तिरुचि सिवा और अंबुमणी रामदोस्स सहित कई नेताओं ने सदन में प्रवेश किया। वहीं पश्चिम बंगाल से बाबुल सुप्रियो और अन्य सदस्यों ने शपथ ली। ओडिशा से भी विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
समारोह की खास बात यह रही कि अधिकांश सांसदों ने अपनी-अपनी क्षेत्रीय भाषाओं में शपथ ली, जो भारत की सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।
असम में पीएम मोदी का निशाना, शाही परिवार के उम्मीदवारों पर कड़ा तंज
6 Apr, 2026 02:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। असम के बरपेटा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। पीएम मोदी ने कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस की हार की सेंचुरी लगेगी।बरपेटा में चुनावी सभा के दौरान पीएम मोदी ने कहा असम की जनता दो बड़े फैसले करने जा रही है। एक तो इस बार असम में भाजपा-एनडीए की हैट्रिक लगेगी और दूसरा काम, कांग्रेस के शाही परिवार के नामदार जो दिल्ली में बैठे हैं, उनकी हार की सेंचुरी का रिकॉर्ड भी असम के लोग ही बनवाएंगे। पीएम मोदी ने कहा कि बीजेपी के लोग नेशन फर्स्ट के मंत्र के साथ मां भारती की सेवा में समर्पित हैं। उनका संकल्प आत्मनिर्भर भारत बनाने का है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी जनता के बीच अपना रिपोर्ट कार्ड लेकर नहीं जाती। जबकि बीजेपी सरकार, साफ नीयत से जनता को बताती है कि हमने जनता की सेवा के लिए क्या किया।
असम को बुलंदी की ओर ले जा रही बीजेपी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के लोगों से कहा कि उनका वोट इस बार विकसित असम के निर्माण की नींव को और मजबूत करने वाला है। बीजेपी असम को उस बुलंदी की तरफ लेकर जा रही है, जिसके असम के लोग हकदार हैं। वहीं, कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, "कांग्रेस में हमेशा लंबे समय का विजन नहीं रहा। उनका ध्यान करप्शन करने के लिए शॉर्ट-टर्म फायदे पर था। विकसित असम के लक्ष्य के साथ, हम विकसित भारत के बड़े विजन की दिशा में भी काम कर रहे हैं। स विजन के साथ, पिछला दशक पूरी तरह से असम को डर और अस्थिरता से बाहर निकालने के लिए समर्पित था। पिछला दशक असम की पहचान बचाने के बारे में था। अगला दशक असम को आत्मनिर्भर बनाने और इसकी पहचान को ग्लोबल स्टेज पर ले जाने के बारे में होगा।"
किसानों कभी किसानों का भलान नहीं कर सकती- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा, "2014 के पहले के 10 वर्षों में जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब देश के धान किसानों को एमएसपी के सिर्फ 4 लाख करोड़ रुपए मिले थे। लेकिन 2014 के बाद के 10 वर्षों में धान किसानों को हमारी सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये दिए हैं।साफ है कांग्रेस कभी धान किसानों का भला नहीं कर सकती। 2013 में जब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, तब धान का एमएसपी मात्र 1,300 रुपए/क्विंटल था। आज धान का एमएसपी करीब 2,370 रुपए/क्विंटल है और असम की भाजपा सरकार अपनी तरफ से भी इसमें वृद्धि करती है।"
महिला आरक्षण को लेकर क्या कहा?
महिला आरक्षण को लेकर उन्होंने कहा, "विकसित भारत बनाने के लिए विधानसभा में और संसद में महिलाओं की भूमिका हो, ये बहुत जरूरी है, इसलिए हमारी सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तय हुआ है। देश की बहन बेटियों ने 40 साल तक इसका इंतजार किया है।इसलिए जरूरी है 2029 के लोकसभा चुनाव से ही महिलाओं को ये हक मिले। इसके लिए कानून में संशोधन आवश्यक है। इसलिए 16 अप्रैल से सरकार ने संसद का एक विशेष सत्र बुलाया है। हमने देश की सभी पार्टियों से इसकी चर्चा की है। हमने सभी से कहा है कि आइए, देश की बहनों बेटियों के हक से जुड़े इस काम को सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं।"
‘पाकिस्तान से कांग्रेस को डाटा मिला’ – फर्जी पासपोर्ट मामले में हिमंता ने किया कड़ा हमला
6 Apr, 2026 02:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Assam Assembly elections 2026: असम में विधानसभा चुनाव के मतदान के लिए अब कुछ ही समय बचा हुआ है. ऐसे में प्रचार-प्रसार भी अपने अंतिम दौर में चल रहा है. वहीं बीजेपी और कांग्रेस खास तौर पर सीएम हिमंता विश्व सरमा और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के बीच चल रही जुबानी जंग हर रोज तेज होती जा रही है.रविवार 5 अप्रैल को कांग्रेस ने असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए. पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि हिमंता की पत्नी के पास तीन देशों मिस्र, एंटीगुआ-बरबूडा और UAE के पासपोर्ट हैं. सरमा ने इस आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि ये सब झूठ है. मैं और मेरी पत्नी इस मामले में मानहानि का केस करेंगे.
कांग्रेस ने क्या लगाए आरोप?
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि असम के सीएम की पत्नी के पास तीन पासपोर्ट हैं. पवन खेड़ा ने पीसी के दौरान ही तीन अलग अलग पासपोर्ट की फोटो भी दिखाई. तीनों लिविंग पासपोर्ट हैं, जिसमें एक अबू धाबी का, दूसरा इजिप्ट का और तीसरा एंटीगुआ बारबुडा का है.उन्होंने कहा कि सरमा की राजनीति मुसलमानों के खिलाफ नफरत पर आधारित है, जबकि उनकी पत्नी के पास दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट हैं. उन्होंने आगे कहा ही हिमंता की पत्नी 52 हजार करोड़ रुपए की अमेरिकी कंपनी की भी मालिक हैं. इसके बारे में भी सीएम ने अपने चुनावी हलफनामे में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं दी है.
पत्नी पर लगाए आरोपों पर भड़के असम CM सरमा
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के आरोपों पर सीएम हिमंता भड़क गए. उन्होंने तुरंत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट करते हुए सभी आरोपों को खारिज किया. इसके साथ ही यह भी कहा कि वह कांग्रेस के इन नेताओं के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराएंगे. हिमंता ने कहा कि जो पेपर पवन खेड़ा ने दिखाए हैं उनमें नाम की स्पेलिंग फोटो और पासपोर्ट विवरण जैसी कई गंभीर गलतियां हैं. जिससे यह साफ होता है कि ये फर्जी हैं और उन्हें डिजिटली छेड़छाड़ के जरिए बनाया गया है.
कांग्रेस के आरोप के बाद सीएम हिमंता की प्रेस कॉन्फ्रेंस
कांग्रेस के आरोपों के बाद सीएम हिमंता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. इस दौरान उन्होंने कहा कि कांग्रेस के आरोपों के बाद हमने भी पूरी रिसर्च की है. हमने पाया कि कल हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस का पूरा मटेरियल एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया ग्रुप ने दिया था. पिछले 10 दिनों में, पाकिस्तान चैनल ने असम चुनाव के बारे में कम से कम 11 टॉक शो किए हैं, जो पहले कभी नहीं हुआ.हर टॉक शो में, नतीजा यह निकला कि कांग्रेस को जीतना चाहिए. कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पाकिस्तान का लिंक भी अब साफ हो गया है. मुझे यकीन है कि लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी इस पर ध्यान देगी.
उन्होंने कहा कि आम तौर पर, जब आप किसी खास मुद्दे को फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ जनता के सामने उठाते हैं, तो उस पर IPC की धारा 420 और 468 लगती है. बेशक नए BNS में एक कॉरेस्पोंडेंस प्रोविज़न है. जब आप किसी चुनाव के नतीजे या आउटकम को प्रभावित करने के लिए इन आरोपों का इस्तेमाल फर्जी डॉक्यूमेंट्स के साथ करते हैं, तो उस पर ज्यादा सजा का प्रोविज़न लगता है, और उसकी सजा उम्रकैद है. कल मेरी पत्नी ने FIR दर्ज कराई है और मुझे यकीन है कि पुलिस कानून की सही धारा में केस दर्ज करेगी और जरूरी कार्रवाई करेगी.
सीएम हिमंता ने गौरव गोगोई पर भी लगाए थे आरोप
चुनावों के ऐलान से बहुत पहले ही सीएम हिमंता ने कांग्रेस नेता गौरव गोगोई को पाकिस्तानी एजेंट कहा था. उन्होंने पीसी के दौरान कहा था कि गौरव की पत्नी एलिजाबेथ भारत से जुड़ी कई जानकारियां इकट्ठा करती थीं और पाकिस्तानी नागरिक अली शेख को रिपोर्ट देती थीं. एलिजाबेथ को पाकिस्तान की तरफ से ही सैलरी दी जाती थी. कांग्रेस के हालिया आरोपों को सीएम की तरफ से लगाए गए पुराने आरोपों का पलटवार माना जा रहा है.
हालांकि चुनाव मतदान से महज कुछ दिन पहले इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप तेज हो रहे हैं. सीएम हिमंता ने ये भी कहा कि कांग्रेस को भी पता यह कि वह यह चुनाव भी हार रहे हैं. यही वजह है कि इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं.
भाषा विवाद फिर गरमा गया, स्टालिन का स्पष्ट बयान- मैं इसे कभी मंजूरी नहीं दूँगा
6 Apr, 2026 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
Tamil Nadu Vs Three-Language Formula: तमिलनाडु में जारी भाषा विवाद पिछले लंबे समय से छिड़ा हुआ है, जो कि खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. सूबे के मुख्यमंत्री केंद्र के इस फैसले का शुरुआत से ही विरोध करते नजर आ रहे हैं. एक बार फिर उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक मैं यानी कि DMK सत्ता में है, तमिलनाडु में तीन-भाषा का फॉर्मूला लागू नहीं होगा. दरअसल केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत तीन भाषाओं के फॉर्मूले पर DMK ने केंद्र पर हिंदी थोपने का आरोप लगा रही है.मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि जब तक DMK सत्ता में है, तमिलनाडु में तीन-भाषा का फॉर्मूला लागू नहीं होगा.तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच इस महीने राज्य में होने वाले चुनावों से पहले, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) के तहत तीन-भाषा के फ़ॉर्मूले को लेकर जुबानी जंग चल रही है.स्टालिन ने फ़ॉर्मूले की आलोचना करते हुए कहा कि इसका मकसद तमिलनाडु के लोगों पर हिंदी थोपना है. इसके साथ यह भी कहा कि जब तक DMK सत्ता में है, वह इसे राज्य में लागू नहीं करेंगे.मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का यह बयान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सामने आया है. उन्होंने कहा कि इस चुनाव में हमारे जीत के चांस ज्यादा हैं. उनकी पार्टी इस बार सभी 234 सीटों पर जीत दर्ज करेगी.
NEP पर प्रधान और स्टालिन के बीच X पर जुबानी जंग
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि नई पॉलिसी भाषाई आजादी के लिए एक मैनिफेस्टो है. यह हिंदी को भाषाओं में से एक के तौर पर जरूरी नहीं बनाती है. कई भाषाओं को एक खतरे के तौर पर दिखाना गलत है. तमिल और भाषाएं सीखने से कमजोर नहीं होती है. यह तब और बेहतर होती है जब इसे बोलने वाले कई भाषाएं बोलने वाले कॉन्फिडेंस और भाषा के मामले में मजबूत होते हैं.हालांकि, स्टालिन ने प्रधान के इस दावे को ‘साफ़ तौर पर बेईमानी’ बताते हुए खारिज कर दिया कि हिंदी थोपी नहीं जा रही है. उन्होंने तर्क दिया कि जरूरी एजुकेशन फंडिंग को पॉलिसी के पालन से जोड़ने से पसंद का कोई भी असली हिस्सा खत्म हो जाता है.
क्या है पूरा विवाद?
केंद्र सरकार और तमिलनाडु राज्य सरकार के बीच काफी लंबे समय से हिंदी भाषा को लेकर विवाद चल रहा है. पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब तमिलनाडु सरकार ने दावा किया कि केंद्र ने नई शिक्षा नीति लागू न करने पर समग्र शिक्षा योजना के तहत मिलने वाला पैसा रोक लिया है. उस समय सीएम स्टालिन ने मोदी सरकार को पत्र लिखकर 2,152 करोड़ रुपये जारी करने की मांग भी की थी.पूरा मामला नई शिक्षा नीति से जुड़ा हुआ है. केंद्र का कहना है कि NEP युवाओं को रोजगार दिलाने में मदद करेगी. जबकि राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र सरकार की तरफ से जबरदस्ती तमिलनाडु पर हिंदी भाषा थोपी जा रही है.
कैसा है इस बार का चुनाव
तमिलनाडु चुनाव को लेकर एमके स्टालिन काफी अस्वस्थ नजर आ रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करेगी. वहीं अगर बहुमत की बात की जाए तो तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत होती है. राज्य में मतदान 23 अप्रैल को होगी और नतीजे 4 मई को जारी किए जाएंगे.
बंगाल चुनाव में गरजे पीएम मोदी, कूचबिहार से दिया संदेश—TMC बनाम BJP की सीधी लड़ाई
6 Apr, 2026 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के कूचबिहार में रैली को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिगेड ग्राउंड की ऐतिहासिक तस्वीरें, जनसैलाब, जनता का उत्साह और जुनून यह दिखाता है कि पश्चिम बंगाल में बदलाव का माहौल बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस रैली के बाद तृणमूल कांग्रेस का ‘सिंडिकेट’ घबराया हुआ है और जनता ने बदलाव पर मुहर लगा दी है। प्रधानमंत्री ने टीएमसी के मेनिफेस्ट को इश्तिहार बताया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हेलिपैड से लेकर सभा स्थल तक उन्होंने जो माहौल देखा, वह अभूतपूर्व था। उन्होंने कहा कि ऐसा उत्साह कि बड़े-बड़े रोड शो भी फीके पड़ जाएं।
पहले भी इस मैदान में आए हैं, लेकिन इस बार का जनसमर्थन सारे रिकॉर्ड तोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह भीड़ और समर्थन नए बंगाल और उज्ज्वल भविष्य के लिए जनता के विश्वास को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने बंगाल के लोगों का आभार जताते हुए कहा कि वे इस आशीर्वाद के लिए सिर झुकाकर प्रणाम करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस बार चुनाव में दो विकल्प साफ हैं। एक ओर टीएमसी का भय, दूसरी ओर बीजेपी का भरोसा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी में कटमनी और भ्रष्टाचार का डर है। बीजेपी विकास को तेज रफ्तार देने का भरोसा देती है।
बंगाल में इंडस्ट्री बंद, पलायन बढ़ा
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि जहां देश के दूसरे राज्यों में नए इंडस्ट्री लग रहे हैं, वहीं बंगाल से फैक्ट्रियां बाहर जा रही हैं। पहले लोग रोजगार के लिए बंगाल आते थे, लेकिन अब बंगाल खुद पलायन का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों में भी टीएमसी के सिंडिकेट का कब्जा है और एसएससी शिक्षक भर्ती घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें टीएमसी के मंत्री और विधायक तक शामिल थै। उन्होंने आरोप लगाया कि कट मनी और भ्रष्टाचार के कारण युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।
राघव चड्ढा का बड़ा इशारा! ‘ट्रेलर अभी है’, संसद भाषण का वीडियो शेयर कर बढ़ाई सियासत
6 Apr, 2026 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) से चल रही तकरार के बीच राघव चड्डा ने नया पोस्ट शेयर किया है। इसमें उन्होंने लिखा है- मेरे उन सहयोगियों के लिए जो मजबूर होकर वीडियो जारी कर रहे हैं और कह रहे हैं कि राघव चड्डा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में असफल रहे। उनके लिए एक छोटी झलक। कहानी अभी बाकी है। चड्डा ने आगे लिखा- पंजाब मेरे लिए सिर्फ एक विषय नहीं है। यह मेरा घर है, मेरा कत्र्तव्य है, मेरी मिट्टी है, मेरी आत्मा है। राघव ने इस पोस्ट के साथ एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें उन्होंने पार्लियामेंट में अपनी स्पीच दिखाई हैं।
इनमें चड्डा को पंजाब के मुद्दे उठाते सुना जा सकता है। वहीं, आप नेता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया है कि राघव चड्डा ने पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा की आलोचना वाले अपने सभी पुराने पोस्ट डिलीट कर दिए हैं। सौरभ ने सोशल मीडिया पर लिखा- कुछ लोगों के सुझाव पर मैंने राघव की टाइमलाइन में बीजेपी और मोदी सर्च किया। कोई आलोचनात्मक पोस्ट नहीं मिली। इसका मतलब है कि उन्होंने अपने सभी पुराने आलोचनात्मक पोस्ट हटा दिए हैं। अब केवल दो पोस्ट हैं जिनमें मोदी शब्द हंै और वे भी मोदी की तारीफ करने वाले हैं।
उधर, मशहूर कवि कुमार विश्वास का डेढ़ साल पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह कह रहे हैं कि आप का अगला शिकार राघव चड्डा होंगे। उसने हीरोइन से शादी कर ली और रील दिखने लगी है। कुमार विश्वास आप के फाउंडर मेंबर्स में से एक हैं। दिल्ली में सरकार बनने के बाद उनका अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम से मनमुटाव हो गया, जिसके बाद उन्होंने आप छोड़ दी थी।
बंगाल चुनाव में BJP का बड़ा दांव, मोदी-योगी समेत 40 स्टार प्रचारक मैदान में
6 Apr, 2026 09:07 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Election 2026) नजदीक है। इसकी तैयारी राज्य में जोरों-शोरों से जारी है। तृणमूल कांग्रेस के बाद के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी अपने 40 स्टार प्रचारकों की सूची रविवार को जारी कर दी है। पहले नंबर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम है। वहीं दूसरे नंबर पर नितिन नवीन और तीसरे नंबर पर राजनाथ सिंह का नाम शामिल है।
भाजपा के चुनाव प्रचार में कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होने वाले हैं। इस लिस्ट में असम के मुख्यमंत्री हिंनता बिस्वा शर्मा, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणावीस के नाम शामिल है।
स्मृति ईरानी और कंगना रनौत भी लिस्ट में शामिल
बंगाल चुनाव में बीजेपी कैंपेनर्स के तौर पर कई अभिनेत्रियाँ भी नजर आएंगी। स्मृति ईरानी, हेमा मालिनी और कंगना रनौत का नाम इस सूची में जोड़ा गया है। इसके अलावा मिथुन चक्रवर्ती भूपेंद्र और मनोज तिवारी भी अहम भूमिका निभाएंगे।
इन मंत्रियों के नाम भी शामिल
केंद्र पर्यावरण मंत्री और श्रम एवं रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री केंद्रीय मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत कई केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के नाम शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा इस लिस्ट में मोहन चरण माझी, अनुराग ठाकुर, बाबूलाल मरांडी, सम्राट चौधरी, सुनील बंसल, बिपलब कुमार देव, मंगल पांडे ,अमित मालवीय, समिक भट्टाचार्य, सुवेंदु अधिकारी, दिलीप घोष, सुकांत मजूमदार, शांतनु ठाकुर, राजू बिष्ट ,जयंत कुमार राय, मनोज तिग्गा, बिजन गोस्वामी और लिएंडर एड्रियन पेस जैसी बड़ी हस्तियाँ भी शामिल हैं।
क्या बंगाल में मोदी मैजिक फिर चलेगा? BJP की माइक्रो प्लानिंग किन सीटों पर करेगी असर
6 Apr, 2026 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में जैसे-जैसे वोटिंग का समय नजदीक आ रहा है, वैसे वैसे ही सियासी पारा हाई होता जा रहा है. तमाम राजनीतिक दल अपने दमखम के साथ मैदान में उतर रहे हैं. 9 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे. वह एक दिन में 3 जनसभाओं को संबोधित करेंगे. बीजेपी इस चुनाव में दावा कर रही है कि वह सत्ता परिवर्तन करके ही रहेगी. यही वजह है कि पूरी जोर आजमाइश लगाई जा रही है.
बंगाल में जीत हासिल करने के लिए बीजेपी पिछले 5 सालों से ही मेहनत कर रही है. इस समय राज्य में कई केंद्रीय मंत्रियों के साथ-साथ कई राज्यों के मंत्री और नेताओं ने डेरा डाल रखा है. बंगाल में सत्ता की लड़ाई हर दिन तेज होती जा रही है.
किन इलाकों पर है बीजेपी की नजर
पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने बहुत पहले तय कर लिया था कि किन इलाकों में मेहनत की जरूरत है. खासतौर पर इस बार फोकस बॉर्डर वाले इलाकों में है. यही वजह है कि इन इलाकों में कई दिग्गज नेताओं की जनसभाएं आयोजित कराई जा रही हैं. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 6 अप्रैल को बंगाल पहुंचकर बोंगांव में रोड शो और नामांकन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.काकद्वीप में केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर की जनसभा भी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है.
पीएम मोदी की सभा के बाद तेज होगा प्रचार
भारतीय जनता पार्टी ने तय किया है कि 9 अप्रैल को पीएम मोदी 3 जगहों पर जनसभाएं संबोधित करेंगे. इसके बाद ही चुनाव प्रचार को और तेज किया जाएगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ साथ पार्टी के कई दिग्गज नेताओं की जन सभाएं आयोजित की जाएगी.
पीएम 9 अप्रैल को आसनसोल में जनसभा करेंगे, इसका फोकस औद्योगिक और हिंदी भाषी वोट बैंक रहने वाला है. दूसरी सभा तमलुक में आयोजित की जाएगी. इसका मुख्य फोकस ग्रामीण और तटीय बेल्ट की वोटों को अपने पाले में लाना है. तीसरी और आखिरी सभा बीरभूमि में आयोजित की जाएगी. यह इलाका राजनीतिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है. इसके साथ ही काफी संवेदनशील और हिंसा प्रभावित क्षेत्र भी है. यही वजह है कि यहां जनसभा को आयोजन किया जा रहा है.
बंगाल में किसके बीच मुख्य मुकाबला
पश्चिम बंगाल में इस बार मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच ही नजर आ रहा है. कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी ने खुद स्वीकार किया है कि उनकी पार्टी के लिए यह चुनाव काफी कठिन रहने वाला है. जबकि सीबीएम पहले ही राज्य में कमजोर स्थिति में पहुंच चुकी है. हालांकि कुछ सीटों पर स्थानीय राजनीतिक दल मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं. जबकि पूरे प्रदेश की बात की जाए तो मुकाबला बीजेपी और टीएमसी के बीच है.
केरल की सियासत गरमाई, PM मोदी बोले- LDF सरकार की विदाई तय
5 Apr, 2026 12:35 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवल्ला (केरल) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि एलडीएफ सरकार की विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. केरल में भाजपा के नेतृत्व में राजग सत्ता में आएगा.
पठानमथिट्टा जिले में भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए की एक रैली में बोलते हुए, मोदी ने कहा कि राज्य में भगवा पार्टी के कार्यकर्ताओं ने केरल में लेफ्ट शासन को अलविदा कहने के लिए एक मजबूत मूड का संकेत दिया है.
राज्य में 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को चुनाव होंगे. अपने भाषण में, पीएम ने कहा कि अगर भाजपा राज्य में सत्ता में आती है, तो वह केरल में विकास सुनिश्चित करेगी जैसा कि उसने सात उत्तर-पूर्व राज्यों में से छह में किया है जहां वह सत्ता में है और गोवा में जहां ईसाई आबादी काफी है.
उन्होंने कहा कि केरल में बहुत क्षमता है, फिर भी विकास की दौड़ में यह दूसरे राज्यों से पीछे है. उन्होंने आरोप लगाया कि केरल के ग्रामीण इलाकों में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर खराब था क्योंकि एलडीएफ और यूडीएफ ने उस पर ध्यान नहीं दिया.
पीएम ने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार ने केरल के विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है, जबकि राज्य में अब तक भाजपा की सरकार नहीं है. उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार ने केरल में विकास पर कांग्रेस की यूपीए सरकारों से पांच गुना ज़्यादा खर्च किया है.
पीएम मोदी ने राज्य की लेफ्ट सरकार पर सबरी रेल प्रोजेक्ट में देरी करने का भी आरोप लगाया और दावा किया कि इससे तिरुवल्ला के लोगों को काफी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि जब केरल में भाजपा की डबल इंजन वाली सरकार सत्ता में आएगी, तो सभी रुकावटें दूर हो जाएंगी. "यह मोदी की गारंटी है"
उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में, अगर एनडीए की नीतियों से किसी ग्रुप को सबसे ज़्यादा फ़ायदा होता है, तो वह "मेरी मांएं, बहनें, बेटियां और महिलाएं हैं". मोदी ने नौकरी के लिए केरल से युवाओं के माइग्रेशन का भी जिक्र किया और कहा कि यह राज्य की सबसे बड़ी समस्या है. उन्होंने कहा कि केरल के विकास में भ्रष्टाचार और कम्युनलिज़्म दो सबसे बड़ी रुकावटें हैं और इसे दूर करने के लिए एलडीएफ को हराना जरूरी है.
प्रधानमंत्री मोदी ने रोडशो का नेतृत्व किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में एक रोडशो का नेतृत्व किया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने नौ अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपने अभियान को तेज कर दिया है
तिरुवल्ला में एक जनसभा के बाद, मोदी शाम को राज्य की राजधानी पहुंचे और यहां किल्लीपलम से 1.5 किलोमीटर लंबा रोडशो शुरू किया.
रोडशो में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और उत्साही समर्थक शामिल हुए और उन्होंने झंडे लहराते हुए तथा नारे लगाते हुए प्रधानमंत्री की एक झलक पाने की कोशिश की. राजीव चंद्रशेखर और आर श्रीलेखा समेत भाजपा के उम्मीदवार भी रोडशो में शामिल हुए. भाजपा के राज्य नेतृत्व को उम्मीद है कि मोदी के जोरदार प्रचार अभियान से उन्हें राज्य में जमीनी स्तर पर मजबूत पैठ बनाने और आगामी चुनावों में अच्छी खासी सीट पर जीत दर्ज करने में मदद मिलेगी.
क्या 2026 में बदलेगी सत्ता? ममता बनर्जी के दावे से सियासी हलचल
5 Apr, 2026 12:22 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
विधानसभा चुनाव पश्चिम बंगाल में है, लेकिन टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी दिल्ली को निशाने पर ले रही हैं. चुनावी रणनीति और उसे लागू करने में माहिर ममता बनर्जी का ‘दिल्ली चलो’ का नारा क्या वाकई में मोदी सरकार के लिए चिंता का सबब है? यह सवाल राजनीतिक गलियारों में उठने लगे हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हाल ही में भारतीय जनता पार्टी और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला किया. उन्होंने अपने एक बयान में दावा है कि 2026 के आखिर तक नरेंद्र मोदी की सरकार गिर सकती है और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का अगला राजनीतिक लक्ष्य “दिल्ली” होगा. उनके इस बयान ने राष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो चुकी है और बीजेपी-टीएमसी के बीच मुकाबला काफी आक्रामक होता जा रहा है. आप आखिर तक इस खबर को पढ़ते रहिए, फिर आप समझ पाएंगे कि ममता बनर्जी ने यह बयान किस संदर्भ में दिया, इसके पीछे की राजनीतिक रणनीति क्या है और इसका राष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है.
क्या कहा ममता बनर्जी ने?
एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी और केंद्र सरकार जनता के अधिकारों को कमजोर कर रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रियाओं और प्रशासनिक फैसलों के जरिए उनकी सरकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. इसी संदर्भ में उन्होंने दावा किया कि केंद्र की सरकार ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी और आने वाले समय में राजनीतिक परिस्थितियाँ बदल सकती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में जीत के बाद उनकी पार्टी राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ी भूमिका निभाने का लक्ष्य रखती है और “दिल्ली को टारगेट” करेगी.
बंगाल चुनाव और बयान का संदर्भ
दरअसल, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से राजनीतिक तापमान चरम पर है. चुनाव टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधा मुकाबला देखा जा रहा है. पिछले चुनाव यानी 2021 में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने 215 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी, जबकि बीजेपी मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी. अब 2026 के चुनाव को दोनों पार्टियां प्रतिष्ठा की लड़ाई के रूप में देख रही हैं. ममता बनर्जी का यह बयान इसी चुनावी माहौल में आया है, जहां वे अपने समर्थकों को यह संदेश देना चाहती हैं कि टीएमसी केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चुनौती देने की क्षमता रखती है. यानी, दीदी का यह दांव अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को चार्ज करने के लिए है. वह किसी भी सूरत में बीजेपी के अंडरग्राउंड अग्रेसिव प्रचार को हावी नहीं होने देना चाहती. वह अपने बयान से सिद्ध करना चाहती हैं कि उनका कद पीएम नरेंद्र मोदी के बराबर है, और उसे वह बंगाल की जंग के बाद चुनौती देंगी.
चुनाव आयोग और बीजेपी पर आरोप
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और बीजेपी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि कुछ प्रशासनिक कदमों और चुनावी प्रक्रियाओं के जरिए राज्य सरकार की शक्तियों को कम करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने या अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं के माध्यम से चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है. ऐसे आरोपों के जरिए वे यह संदेश देने की कोशिश कर रही हैं कि उनकी पार्टी “लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा” की लड़ाई लड़ रही है.
‘दिल्ली टारगेट’ का राजनीतिक मतलब?
ममता बनर्जी के “दिल्ली टारगेट” वाले बयान का सीधा मतलब अपनी टीम के मोराल को बूस्ट करने के साथ-साथ केंद्र की सत्ता को चुनौती देना है. टीएमसी लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में अपनी भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर रही है. पिछले कुछ वर्षों में पार्टी ने गोवा, त्रिपुरा और उत्तर-पूर्व के कुछ राज्यों में संगठन विस्तार की कोशिश की है. इसके अलावा कई विपक्षी नेताओं के साथ ममता बनर्जी की मुलाकातें भी इस रणनीति का हिस्सा मानी जाती हैं. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अगर टीएमसी 2026 में बंगाल में फिर से मजबूत जीत दर्ज करती है, तो ममता बनर्जी विपक्षी राजनीति में और अधिक प्रभावशाली नेता बन सकती हैं.
बीजेपी की रणनीति और जवाब
दूसरी ओर बीजेपी भी बंगाल को लेकर अंडरग्राउंड आक्रामक रणनीति अपना रही है. अंडरग्राउंड आक्रामक रणनीति से मतलब ठीक वैसे ही है, जैसे पार्टी ने हरियाणा, महाराष्ट्र और दिल्ली में अपने कैंपेन को अंजाम दिया. यानी, साइलेंट किलर की तरह पार्टी का कैंपेन मुहल्ला बैठकों और ड्राइंग रूम के जरिए किया जा रहा है. पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया है कि 2026 के चुनाव में बंगाल में सत्ता परिवर्तन हो सकता है. बीजेपी का आरोप है कि राज्य में भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता और राजनीतिक हिंसा जैसी समस्याएं बढ़ी हैं. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ममता सरकार के खिलाफ अभियान चला रही है. इस तरह बंगाल चुनाव केवल राज्य की सत्ता का सवाल नहीं रह गया है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत दे सकता है.
बंगाल चुनाव 2026: TMC की स्टार कैंपेनर लिस्ट सामने, जानें कौन-कौन शामिल
5 Apr, 2026 11:20 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (West Bengal Election 2026) को लेकर सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को चुनाव के पहले चरण के लिए स्टार प्रचारकों की सूची जारी करती है। इसमें कुल 40 नाम शामिल हैं। पहले नंबर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम है। इसके अलावा राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी, मंत्री फिरहाद हकीम, नेता सुब्रत बक्शी, कल्याण बनर्जी और कई दिग्गज नेताओं को भी इस लिस्ट में शामिल किया है।
प्रचारकों की सूची में कई महिलाओं और मुस्लिम नेताओं को शामिल किया गया है। प्रतीक उर रहमान जो पिछले महीने ही CPI (M) को छोड़कर टीएमसी में शामिल हुए थे, वह भी चुनाव प्रचार में नजर आएंगे। इसके अलावा मुशर्रफ हुसैन को भी इस सूची में शामिल किया गया है।
सुब्रत बक्शी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, सायोनी घोष, दीपक अधिकारी, श्रीकांत महतो, आदिति मुंशी, कोयल मल्लिक, बाबुल सुप्रियो, प्रतिमा मंडल, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, देवांगशु भट्टाचार्य स्नेहसीश चक्रवर्ती, जयप्रकाश मजूमदार और कुणाल घोष को भी शामिल किया गया है।
कई सितारों के नाम भी लिस्ट में शामिल
स्टार प्रचारकों की सूची में कई सितारों का नाम भी शामिल किया गया है। बांग्ला सिनेमा की लोकप्रिय एक्ट्रेस रचना बनर्जी, जून मालिया और राज चक्रबर्ती चुनाव प्रचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं। इसके अलावा महुआ मोइत्रा, शत्रुघ्न सिन्हा, कीर्ति आजाद और क्रिकेटर यूसुफ पठान का नाम भी इस लिस्ट में जोड़ा गया है।
कब होंगे राज्य में चुनाव?
बंगाल में 294 विधानसभा सीटों के लिए मतदान दो चरणों में होने वाले हैं। पहला चरण 23 अप्रैल से शुरू होगा। वहीं दूसरे चरण की शुरुआत 29 अप्रैल 2026 से होने वाली है। परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। टीएमसी ने उम्मीदवारों की सूची मार्च में ही जारी कर दी थी। पूरे देश नजर बंगाल चुनाव पर टिकी हुई है। इस बार बीजेपी और टीएमसी के कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।
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