राजनीति
महाराष्ट्र : BJP के मंत्री ने ‘शिवसेना को ठाकरे और NCP को बताया शरद पवार की पार्टी
3 Nov, 2025 11:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुम्बई। महाराष्ट्र (Maharashtra) में शिवसेना (Shiv Sena) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) के गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई देखने को मिल रही है। इस बीच, राज्य सरकार में भाजपा के मंत्री (BJP minister ) चंद्रकांत पाटिल (Chandrakant Patil) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना को उद्धव ठाकरे की पार्टी के रूप में जाना जाता है और यही बात एनसीपी व उसके संस्थापक शरद पवार के लिए भी सच है। भाजपा नेता की इस टिप्पणी से सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन असहज हो सकता है। वैसे वह यह समझाने का प्रयास कर रहे थे कि बीजेपी को उसके कार्यकर्ताओं की पार्टी के रूप में जाना जाता है, जबकि शिवसेना और राकांपा को उनके नेताओं के नाम से जाना जाता है।
भाजपा वर्तमान में महायुति गठबंधन के हिस्से के रूप में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अजीत पवार के नेतृत्व वाली NCP के साथ राज्य में सत्ता में है। शिंदे और पवार देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और शरद पवार की एनसीपी (शरदचंद्र पवार) कांग्रेस के साथ विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) का हिस्सा हैं। कार्यक्रम के दौरान उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा, ‘शिवसेना हमेशा बालासाहेब ठाकरे की पार्टी जानी जाती थी, फिर उद्धव ठाकरे की पार्टी कहलाने लगी। शायद भविष्य में आदित्य ठाकरे की पार्टी के रूप में जानी जाएगी। यही बात NCP के लिए भी सच है, जिसे हमेशा शरद पवार की पार्टी के रूप में जाना जाता रहा है। ये कभी कार्यकर्ताओं की पार्टी के रूप में नहीं जानी जाती है। दूसरी ओर भाजपा हमेशा अपने कार्यकर्ताओं की पार्टी के रूप में जानी जाती है।’
किस तरह से पार्टियों में हुआ बिखराव
जून 2022 में शिवसेना का तब विभाजन हो गया था जब तत्कालीन मंत्री व पार्टी नेता एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत कर दी थी। पार्टी के अधिकतर विधायकों के साथ मिलकर राज्य में सरकार बनाने के लिए भाजपा से हाथ मिला लिया था। तब शिंदे भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री बने थे। एक साल बाद, महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता अजित पवार ने अपने चाचा और एनसीपी संस्थापक शरद पवार के खिलाफ बगावत कर दी थी। वह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में शामिल हो गए थे। उद्धव ठाकरे को झटका देते हुए निर्वाचन आयोग ने फरवरी 2023 में शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े को शिवसेना नाम और उसका चुनाव चिन्ह धनुष-बाण आवंटित कर दिया। बाद में, आयोग ने अजित पवार गुट को असली NCP के रूप में मान्यता दी और उनके नेतृत्व वाले गुट को पार्टी का चिन्ह घड़ी दिया था।
TMC का बीजेपी पर आरोप, कहा- बंगाल में SIR को लेकर दहशत, लोग भय और तनाव में कर रहे आत्महत्या
3 Nov, 2025 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता । पश्चिम बंगाल (West Bengal) में मतदाता सूची संशोधन (SIR) को लेकर सियासत गर्मा गई है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग (election Commission) पर साजिश के तहत मतदाता सूची से लाखों नाम हटाने का गंभीर आरोप लगाया. टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष (Kunal Ghosh) ने कहा कि बीजेपी की अमानवीय राजनीति और चुनाव आयोग की मिलीभगत से राज्य में लोग भयभीत हैं, यहां तक कि कुछ लोग डर और निराशा में आत्महत्या तक कर रहे हैं.
घोष ने दावा किया कि राज्य के कई हिस्सों, खासकर उत्तर बंगाल जिलों में SIR प्रक्रिया को लेकर आम लोगों में भय और भ्रम फैल गया है, जिसके चलते लोग आत्महत्या कर रहे हैं, मानसिक तनाव में हैं. बीजेपी नेताओं के बेतुके और भड़काऊ बयानों ने लोगों को दहशत में डाल दिया है. कुछ लोग अपनी नागरिकता पर शक में जान तक दे रहे हैं और बीजेपी उन आत्महत्याओं का भी मजाक उड़ा रही है.”
TMC नेता ने सीधे तौर पर बीजेपी के तीन वरिष्ठ नेताओं सुकांत मजूमदार, समिक भट्टाचार्य और शुवेंदु अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने आरोप लगाया कि ये वही लोग हैं जो खुलेआम कहते हैं ‘चुन चुन कर बांग्लादेशियों को बाहर फेंक देंगे’. ऐसे बयान आम नागरिकों में असुरक्षा और घबराहट पैदा कर रहे हैं.”
घोष ने कहा कि बीजेपी जनता के असली मुद्दों बेरोजगारी, महंगाई और जनकल्याण से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने केंद्र और चुनाव आयोग से अपील की कि वे इस पूरे मामले पर पुनर्विचार करें और संवेदनशीलता दिखाएं, क्योंकि यह सिर्फ एक राजनीतिक मसला नहीं, बल्कि मानवीय त्रासदी बनती जा रही है.
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में उत्तर बंगाल के कुछ जिलों से आत्महत्या और दहशत फैलने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनका संबंध लोगों में मतदाता सूची से नाम कटने के डर से जोड़ा जा रहा है. SIR प्रक्रिया के तहत चुनाव आयोग 2002 के मतदाता रोल्स के आधार पर नामों का सत्यापन कर रहा है.
बेलगावी मुद्दे पर भड़के सिद्धारमैया, बोले- यह कर्नाटक का अभिन्न हिस्सा, इस पर कोई समझौता नहीं होगा
3 Nov, 2025 09:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कर्नाटक और महाराष्ट्र (Karnataka and Maharashtra) के बीच बेलगावी (Belwagi) को लेकर चल रहे विवाद पर सीएम सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) ने अपना पक्ष साफ किया है। उन्होंने शनिवार को चेतावनी दी कि बेलवागी कर्नाटक राज्य का अभिन्न हिस्सा है। इसे कभी भी महाराष्ट्र में विलय करने नहीं दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कर्नाटक-महाराष्ट्र सीमा विवाद पर महाजन समिति की रिपोर्ट अंतिम है।
मैसूर बैंक सर्कल में शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाने पहुंचे सीएम सिद्धारमैया ने कहा, “बेलगावी मुद्दे पर कोई समझौता नहीं होगा। महाराष्ट्र सरकार ने इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है, लेकिन महाजन रिपोर्ट अंतिम है। हम बेलगावी को नहीं जाने देंगे क्योंकि यह कन्नड़ भूमि है और कर्नाटक का हिस्सा है। इससे कोई इनकार नहीं कर सकता।” गौरलतब है कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच सीमा विवाद दशकों से चला आ रहा है, पड़ोसी राज्य बेलगावी और उसके आसपास के इलाकों पर मराठी भाषी आबादी का हवाला देते हुए दावा करता रहा है। कर्नाटक ने महाजन समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए महाराष्ट्र के दावे को खारिज कर दिया है।
उपद्रव किया तो सख्ती से निपटेंगे: सिद्धारमैया
इस विवाद पर प्रतीक के तौर पर कर्नाटक ने बेलगावी में एक सुवर्ण विधान सौध का भी निर्माण किया है। इसमें एक विधानसभा का सत्र भी आयोजित किया जाता है। सिद्धारमैया ने कहा कि पहले इस कर्नाटक से महाराष्ट्र एकीकरण समिति के पांच विधायक चुने जाते थे। लेकिन अब उनकी संख्या भी शून्य हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा, “एमईएस के लोग भी कन्नड़ हैं। अगर उनमें से कोई भी उपद्रव करता है, तो हम उससे सख्ती से निपटेंगे।” उन्होंने कन्नड़ कार्यकर्ताओं से कहा कि सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में कन्नड़ स्कूलों के विकास के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार है। राज्य के हितों की रक्षा के लिए कन्नड़ कार्यकर्ताओं के संघर्ष की सराहना करते हुए, सिद्धारमैया ने उन्हें आश्वासन दिया कि कन्नड़ समर्थक आंदोलनों के लिए उनके खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएँगे।
मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से कन्नड़ भूमि, भाषा और संस्कृति पर गर्व करने का आह्वान किया। उन्होंने आग्रह किया, “हमें अपनी भूमि में कन्नड़ का माहौल बनाना होगा। इसके लिए, कोई आपसे चाहे किसी भी भाषा में बात करे, आपको कन्नड़ में ही जवाब देना होगा, जिन लोगों ने कन्नड़ की धरती पर अपना जीवन बसाया है, उन्हें कन्नड़ परिवेश का सम्मान करना चाहिए।
क्या है विवाद?
गौरतलब है कि बेलगावी का विवाद कर्नाटक और महाराष्ट्र के बीच में 1956 में हुए राज्य पुनर्गठन के बाद से ही जारी है। मराठी भाषी आबादी वाले इस जिले को लेकर महाराष्ट्र लगातार दावा करता आया है। उनका दावा है कि इस क्षेत्र में मराठी लोग ज्यादा रहते हैं, इसलिए इसे महाराष्ट्र में शामिल किया जाना चाहिए, जबकि कर्नाटक का कहना है कि यह ऐतिहासिक रूप से कन्नड़ भूमि है। इस क्षेत्र में कन्नड़ आबादी भी बड़ी संख्या में है।
आपको बता दें, महाराष्ट्र कुल मिलाकर 865 गांव और बस्तियों पर अपना दावा करता है। अपना कानूनी और राजनीतिक दावा मजबूत करने के लिए महाराष्ट्र की तरफ से इस क्षेत्र में महाराष्ट्र एकीकरम समिति का भी गठन किया था, जो कि आज भी क्षेत्र में सक्रिय है। 2004 में अपने इस दावे को लेकर महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची थीस तब से लेकर अब तक यह मामला लंबित है।
बिहार चुनाव : जदयू को बड़ा झटका, मोकामा प्रत्याशी अनंत सिंह गिरफ्तार क्यों किए गए?
3 Nov, 2025 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना. बाहुबली पूर्व विधायक (Former legislator) अनंत सिंह (Anant Singh) को आखिर गिरफ्तार (arrested) कर लिया गया है। सत्तारूढ़ जनता दल यूनाईटेड (JDU) के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि अनंत सिंह मोकामा (Mokama) विधानसभा सीट से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन समर्थित जदयू प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं। अनंत सिंह की विधायकी पिछली बार एक मामले में सजा मिलने पर गई थी। विधायकी जाने के बाद अनंत सिंह ने अपनी पत्नी नीलम देवी को चुनाव में उतारा था। वह उप चुनाव में विधायक बनी थीं। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पटना हाईकोर्ट से बरी होने के बाद अनंत सिंह इस बार मैदान में थे, लेकिन गुरुवार को दुलारचंद यादव की हत्या मामले में नामजद प्राथमिकी के बाद भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्राथमिकी में नाम, मौके पर मौजूदगी, चुनाव आयोग का दबाव
मोकामा टाल में राष्ट्रीय जनता दल के कई दशकों से मजबूत चेहरा रहे दुलारचंद यादव पिछले दिनों प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पियूष प्रियदर्शी के साथ आए गए थे। दुलारचंद यादव गुरुवार को प्रियदर्शी के प्रचार काफिले में थे, तभी जदयू प्रत्याशी अनंत सिंह के काफिले से उनका सामना हो गया। दोनों काफिले में शामिल लोगों के बीच तनातनी और फिर पथराव की घटना हुई। इसी दरम्यान आरोप है कि अनंत सिंह और उनके समर्थकों ने पहले दुलारचंद यादव को पैर में गोली मारी और फिर गाड़ी से कुचल दिया।
इस मामले में दुलारचंद यादव के पोते की ओर से दर्ज प्राथमिकी में अनंत सिंह भी नामजद हैं। अनंत सिंह के समर्थकों की ओर से भी एक प्राथमिकी दर्ज कर दूसरे पक्ष पर पथराव-मारपीट का आरोप लगाया गया था। इसके अलावा एक प्राथमिकी पुलिस ने चुनाव के मद्देनजर दर्ज की थी। प्राथमिकी में नाम और मौके पर मौजूदगी को देखते हुए चुनाव आयोग के निर्देश पर बिहार पुलिस ने गुरवार-शुक्रवार मध्य रात्रि बाढ़ के कारगिल मार्केट से अनंत संह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा भी पुलिस टीम के साथ मौजूद थे।
हत्या के बाद से लगातार मोकामा में तनाव था, हंगामा बढ़ेगा
गुरुवार को दोपहर दुलारचंद यादव हत्याकांड के बाद से ही मोकामा में भारी तनाव है। शुक्रवार को दुलारचंद यादव के शव की अंतिम यात्रा के दौरान भी दोनों पक्षों में पथराव की घटना हुई थी। अनंत सिंह की गिरफ्तारी की मांग लगातार बढ़ रही थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वही बात सामने आई, जो प्राथमिकी में कही गई थी। यानी, गोली मारने और कुचल कर हत्या किए जाने की। इस बीच, शनिवार शाम अनंत सिंह ने 48 घंटे बाद फिर चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था। प्रचार शुरू करने के कुछ ही घंटे बाद अनंत सिंह को भारी तनाव के बीच गिरफ्तार करने के लिए पटना से पुलिस पहुंची थी। गिरफ्तारी के बाद अब इलाके में और ज्यादा तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। इसे देखते हुए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
राजद और कांग्रेस बिहार का भला कभी नहीं कर सकते – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
2 Nov, 2025 07:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
आरा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि राजद और कांग्रेस (RJD and Congress) बिहार का भला कभी नहीं कर सकते (Can never do any good to Bihar) ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निशाना साधते हुए कहा कि राजद और कांग्रेस में घमासान मचा हुआ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार के लिए राजद के नेता का नाम तय हो, लेकिन राजद ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर मुख्यमंत्री पद चोरी किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को बिहार के आरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, “नामांकन वापस लेने से एक दिन पहले बिहार में बंद कमरे में गुंडागर्दी का खेल खेला गया था। कट्टा रखकर कांग्रेस से राजद नेता को मुख्यमंत्री पद के लिए उम्मीदवार और उसको समर्थन की घोषणा कराई गई।” उन्होंने यह भी दावा किया कि राजद और कांग्रेस में झगड़ा भयंकर बढ़ गया है। न घोषणा-पत्र में कांग्रेस की सुनी गई, न प्रचार में उनकी पूछ हो रही है। पीएम मोदी ने कहा, “चुनाव से पहले ही इतनी घृणा बढ़ गई है कि चुनाव के बाद एक-दूसरे का सिर फोड़ने लगेंगे। इसलिए हमेशा याद रखिए, ऐसे लोग बिहार का भला कभी नहीं कर सकते हैं।”
राजद पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “एक तरफ एनडीए का सुशासन है और दूसरी तरफ ‘जंगलराज’ का कुशासन है। ‘जंगलराज’ वह अंधेरा था, जिसने बिहार को धीरे-धीरे खोखला कर दिया। राजद के जंगलराज की पहचान जिस चीज से होती है, वह ‘कट्टा, क्रूरता, कटुता, कुसंस्कार, कुशासन और करप्शन’ है।”
पीएम मोदी ने कहा कि बिहार में राजद ‘जंगलराज’ लाई और तुष्टिकरण की राजनीति की, जबकि कांग्रेस की पहचान सिखों के कत्लेआम से जुड़ी है। 1984 में 1-2 नवंबर को कांग्रेस के लोगों ने सिख नरसंहार किया था। आज की कांग्रेस, सिख नरसंहार के गुनहगारों को पूरे सम्मान के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस हो या राजद, इन्हें अपने पाप का कोई पछतावा नहीं है। राजद और कांग्रेस बिहार की पहचान खत्म करने में जुटी हैं। ये लोग बिहार में घुसपैठियों के समर्थन में यात्राएं कर रहे हैं। ये लोग घुसपैठियों को बचाने के लिए तन-मन से जुटे हैं।”
बिहार चुनाव : इस चुनाव में जंगलराज वाले हार का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाएंगे, आरा में बोले पीएम मोदी
2 Nov, 2025 06:43 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना. प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आरा (aara) में विशाल जनसभा को संबोधित करने के लिए मंच पर पहुंचे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं ने उनका जमकर स्वागत किया। लोगों की भीड़ ने पीएम के समर्थन में नारेबाजी की। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने उनका स्वागत किया। कहा कि इस बार फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने भोजपुरी में कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह की धरती को मैं प्रणम करता हूं। आप इतनी संख्या में एनडीए (NDA) के प्रत्याशियों को आशीर्वाद देने आए हैं, इसके लिए मैं आप सभी को धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि विकसित बिहार ही विकसित भारत का आधार है। मैं जब विकसित बिहार की बात करता हूं कि बिहार का औद्योगिक विकास। बिहार के युवाओं को बिहार में ही रोजगार। मैं आरा के इस मंच से कह रहा हूं कि आपका सपना हमारा संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए मैं आज आपका साथ मांगने आया हूं।
‘इस बार एनडीए भारी बहुमत से जीतने जा रहा है’
पीएम मोदी ने कहा कि इस बार एनडीए भारी बहुमत से जीतने जा रहा है और जंगलराज वाले हार का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं। आपका यह उत्साह कह रहा है कि फिर एक बार एनडीए सरकार। इसलिए आप छह नवंबर को एनडीए सरकार को वोट करें। एक तरफ एनडीए का ईमानदार घोषणा पत्र है। दूसरी तरफ जंगलराज वालों ने अपने घोषणा पत्र को भी झूठ, छल-कपट और लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाला दस्तावेज बना दिया है। जनता से ऊपर कोई नहीं है। यह पब्लिक है सब जानती है। एनडीए के संकल्प पत्र में बच्चों की पढ़ाई, परिवार की दवाई, नौजवानों की कमाई और किसानों की सिंचाई पर सबसे ज्यादा बल दिया है। इसके अलावा बहनों बेटियों के लिए अनेक मजबूत प्रावधान किए गए हैं। पीएम ने कहा कि हमारा संकल्प है कि बिहार का युवा बिहार में ही काम करेगा और बिहार का नाम करेगा। इसलिए आने वाले वर्षों में एक करोड़ रोजगार देने का एलान किया गया है।
‘दिल्ली वालों को यहां आकर यह देखना चाहिए’
पीएम मोदी ने महागठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में बैठने वालों को यहां आकर देखना चाहिए कि हवा का रूख क्या है? यहां बड़ी कंपनियों के डाटा सेंटर बनेंगे। बिहार में यहीं रहते हुए लोग दुनिया की कंपनियों के लिए काम करेंगे। एनडीए के संकल्प पत्र में गांव की समृद्धि के लिए एक सशक्त योजना बनाई गई है। अब हमलोग बिहार में फूड पार्क का विस्तार करने जा रहे हैं। छोटे किसानों को केंद्र सरकार छह हजार रुपया देती है। लेकिन, बिहार की नई एनडीए सरकार अपनी तरफ से तीन हजार रुपये और बढ़ाने वाली है। पीएम मोदी ने कहा कि मोदी जब आपकी बातों को सुनता है तो सोता नहीं बल्कि जग जाता है। आपके कहने पर हमलोगों ने अरवा की जगह उसना चावल देना शुरू कर दिया। मोदी की गारंटी थी कि हर गरीब परिवार को पक्का घर मिलेगा। आप देखिए बिहार के 60 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिल गया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की कई विकास योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।
पीएम मोदी बोले- राजद ने कांग्रेस कनपटी पर कट्टा रखकर ऐसा किया
पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में देश की सेना की इतनी बड़ी सफलता कांग्रेस और राजद को पसंद नहीं आई। धमाके पाकिस्तान में हो रहे थे और नींद कांग्रेस के शाही परिवार की उड़ी हुई थी। आज तक कांग्रेस और राजद के नामदार ऑपरेशन सिंदूर के सदमे से बाहर नहीं निकल पाए। आज विकसित बिहार के संकल्प के साथ पूरा एनडीए एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और राजद के अंदर घमासन मचा हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि आपको एक अंदर की बात बता रहा हूं। नामांकन वापस लेने से एक दिन पहले बंद कमरे में गुंडागर्दी का खेल खेला गया। कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि सीएम पद पर राजद के उम्मीदवार का नाम तय हो। लेकिन, राजद ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर सीएम पद चोरी कर ली। राजद और कांग्रेस में झगड़ा भयंकर बढ़ गया। घोषणा पत्र से लेकर प्रचार तक में राजद वालों ने कांग्रेस से कुछ भी नहीं पूछा। चुनाव के बाद यह लोग एक-दूसरे का सिर फोड़ने लगेंगे। इसलिए हमेशा याद रखिए ऐसे लोग बिहार का भला कभी नहीं कर सकते हैं। एक तरफ सुशासन है। वहीं दूसरी तरफ जंगलराज का कुशासन। जंगलराज ने बिहार को खोखला कर दिया।
जंगलराज के दौरान बिहार में 37 हजार अपहरण हुए
पीएम मोदी ने कहा कि कट्टा, कटुता, क्रूरता, कुशासन और करप्शन ही जंगलराज की पहचान है। बेटियों से छेड़खानी, व्यापारियों से लूटपाट समेत सबकुछ राजद वाले मौका मिलते ही करने लगते हैं।नवंबर 2004 में तरारी ब्लॉक एक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर साहब बच्चों को पोलियों की ड्रॉप पिलवा रहे थे। जब वह रात को घर के लिए निकले तो रास्ते में हथियार बंद लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। जंगलराज के दौरान ऐसे ही 37 हजार लोगों का अपहरण हुआ था। दूसरे के जीवन बचाने वालों डॉक्टरों को अपना जीवन बचाने के लिए बॉडीगार्ड लेकर चलना पड़ता था। सीएम नीतीश कुमार और एनडीए सरकार ने बहुत कोशिश करके उस मुश्किल दौर से बिहार को बाहर निकाला है। राजद ने तुष्टिकरण की राजनीति की। बिहार में जंगलराज लाया। वहीं कांग्रेस की पहचान सिखों के कत्लेआम से है। कांग्रेस के लोगों ने सिखों को नरसंहार किया था। आज भी कांग्रेस नरसंहार के आरोपियों को पूरे सम्मान के साथ अपनी पार्टी में आगे बढ़ा रही है। राजद और कांग्रेस को अपने किए गए कृत्यों का पछतावा नहीं है। राजद और कांग्रेस बिहार की पहचान खत्म करने में लगी हुई है। अब यह लोग घुसपैठियों को यहां घुसाने में लगे हैं।
पीएम बोले- राजद-कांग्रेस वालों से सावधान रहना
पीएम मोदी ने कहा कि राजद और कांग्रेस वालों के इरादे बेहद ही खतरनाक हैं। इसलिए आपको इनसे सावधान रहना है। यह लोग सिफ जंगलराज की पाठशाला में पढ़कर निकले हैं। इनके कारण उद्योग बंद हो गए। फैक्ट्रियों में ताले गए गए। इनका रिकॉर्ड ही निवेशकों को भगाने का है। जब निवेशकों को लालटेन और लाल झंडा दिखेगा तो क्या वह अपना पैसा लगाएगा क्या? निवेशक सिर्फ एनडीए सरकार ही ला सकती है। एनडीए सरकार विकास और विरासत दोनों को महत्व देते हुए आगे बढ़ रही है। हमारी सरकार बाबू वीर कुंवर सिंह की जन्मस्थली का कायाकल्प करने जा रही है। जिन लोगों ने अपना जीवन राष्ट्रसेवा में लगा दिया, उसे कांग्रेस और राजद वालों ने कभी सम्मान नहीं दिया। कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहेब का अपमान किया। बाबू जगजीवन राम और सीताराम केसरी को भी कांग्रेस ने बेईज्जत किया।
राजद और कांग्रेस वालों ने छठ महापर्व का अपमान किया
पीएम मोदी ने कहा कि राजद और कांग्रेस वालों ने पहले महाकुंभ का अपमान किया। अब छठ महापर्व को नौटंकी कह रहे हैं। आप बताइए क्या कोई छठ महापर्व का अपमान कर सकता है क्या? बिहार की रफ्तार अब हमें रुकने नहीं देनी है। इस बार भोजपुर की हर सीट और हर बूथ पर एनडीए को विजयी बनाना है। इस बार छठ महापर्व पर बड़ी संख्या में हमारे भाई-बहन घर आए हैं। उनसे आग्रह है कि अगर आपका मतदान सूची में नाम है तो आप मतदान करके के बाद ही वापस लौटें। पीएम मोदी ने सभी एनडीए प्रत्याशियों को मंच पर आगे बुलाया और उन्हें वोट देने की अपील की।
डीएम और एसपी खुद तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। डीएम और एसपी खुद तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सभा स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कई रूट डायवर्जन भी जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर एसपीजी की टीम भी पहुंच चुकी है और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सभी व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है। वहीं पीएम के कार्यक्रम को लेकर एनडीए कार्यकर्ताओं में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। भाजपा और जदयू के नेताओं का कहना है कि मोदी की सभा से जिले के राजनीतिक माहौल में बड़ा असर पड़ेगा।
अमित शाह ने महागठबंधन पर बोला हमला, बोले-बिहार में सीम सीट खाली नहीं, यहां नीतीश कुमार है…
2 Nov, 2025 05:05 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने मुजफ्फरपुर के साहेबगंज में चुनावी सभा (election meeting) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने एनडीए (NDA) प्रत्याशी के लिए मतदान करने की अपील की। इसके बाद महागठबंधन (Grand Alliance) पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मैं बाबा गरीबनाथ धाम को प्रमाण कर अपने भाषण की शुुरुआत करता हूं। उन्होंने कहा कि सीतामढ़ी में माता सीता का भव्य मंदिर बनेगा। छह नवंबर को आपको मतदान करना है। मुजफ्फरपुर में एनडीए के तीन प्रत्याशी हैं। इसमें से एक हमारे मंत्री भी हैं। आपका वोट किसी प्रत्याशी को विधायक और मंत्री बनाने के लिए मत दीजिएगा। आपका वोट बिहार को जंगलराज से बनाने के लिए देना है। लालू-राबड़ी के समय में 15 साल में बिहार का जो पतन हुआ है, वही जंगलराज आज भेष बदलकर फिर से आने वाला है। अगर मुजफ्फरपुर वाले प्रण लेंगे कि एनडीए को जिताना है तो जंगलराज को कोई नहीं ला सकता है।
‘एम्स, एयरपोर्ट, मेट्रो, पावरप्लांट समेत कई सौगातें दी’
पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार में काफी विकास किया। एम्स, एयरपोर्ट, मेट्रो, पावरप्लांट समेत कई सौगातें दी। जंगलराज से बिहार को विकास की ओर ले जाने का काम नरेंद्र मोदी ने किया है। नरेंद्र मोदी के शासनकाल में ही मुजफ्फरपुर की लीची आज देश दुनिया में पहुंचकर आज मिठास बांटने का काम कर रही है। यह सब लालू-राबड़ी राज में नहीं हो सकता था। लालू-राबड़ी शासनकाल में यहां पर जी कृष्णैया की पीट-पीटकर हत्या की गई। अगर फिर से लालू के बेटे सीएम बनते हैं तो बिहार में तीन नए मंत्रालय खुलेंगे। एक अपहरण, दूसरा रंगदारी और तीसरा हत्या को बढ़ावा देने वाला मंत्रालय खुलेगा। अगर आपने पीएम मोदी और सीएम नीतीश के नेतृत्व सरकार बनाई तो बाढ़ मुक्त बिहार बनाने के लिए मंत्रालय बनाया जाएगा।
‘लालू और सोनिया गांधी को अपने बेटों की चिंता सताती है’
अमित शाह ने कहा कि लालू प्रसाद और सोनिया गांधी को अपने बेटों को चिंता सताती है। लालू अपने बेटे तेजस्वी को सीएम और सोनिया गांधी अपने बेटे राहुल गांधी को पीएम बनाना चाहते हैं। लेकिन, दोनों को मैं बता दूं कि यहां सीट ही खाली नहीं है। वहां पीएम मोदी हैं तो यहां सीएम नीतीश कुमार हैं। दोनों में कोई सीट खाली नहीं है और न होने वाली है। इसलिए जो लोग दिन में सपने देख रहे हैं, वह सपने देखना छोड़ दें। बिहार की जनता एनडीए की सरकार फिर से लाने जा रही है।
एनडीए सरकार ने बिहार को गरीबी, बेरोजगारी व पलायन की विभीषिका में धकेल दिया- प्रियंका गाँधी
2 Nov, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बेगूसराय। एनडीए सरकार ने बिहार को गरीबी, बेरोजगारी व पलायन की विभीषिका में धकेल दिया। 20 साल से प्रदेश की सत्ता में बैठी पार्टी ने आपके लिए कुछ नहीं किया। आपको सिर्फ गरीबी, बेरोजगारी और पलायन दिया है। आज वे आपको बरगलाने में लगे हैं। भविष्य और अतीत की बातों में आपको उलझाते हैं लेकिन आपके संघर्षशील वर्तमान की बातें नहीं करते। सोच समझकर अपने भविष्य का फैसला कीजिए और ऐसी सरकार चुनिए जो आपके वर्तमान के लिए काम करे। यह बात शनिवार को बिहार के बेगूसराय जिले के बछवाड़ा में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कही। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती ने आजादी आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाई। इस आंदोलन ने हमें हमारा संविधान और वोट का अधिकार दिया। आज नरेंद्र मोदी और एनडीए की सरकार इसी अधिकार को छीन रही है। बिहार में एसआईआर के तहत लाखों वोट काट दिए गए। 20 साल से चल रही एनडीए सरकार ने बिहार को गरीबी, बेरोजगारी व पलायन की विभीषिका में धकेल दिया है और अब जनता का वोट चोरी करके सत्ता बचाने की कोशिश कर रही है। बिहार की जागरूक जनता इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
बिहार में चुनाव प्रचार करने पर फिल्म एक्टर और सांसद रवि किशन को मिली धमकी
2 Nov, 2025 10:57 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गोरखपुर. गोरखपुर (Gorakhpur) के सांसद (MP) और अभिनेता (Film actor) रवि किशन (Ravi Kishan) को बिहार में चुनाव प्रचार (election campaign) के दौरान जान से मारने की धमकी दी गई है. इस संबंध में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि उन्हें हाल ही में फोन पर गालियां दी गईं और उनकी माता को लेकर भी अपशब्द कहे गए. यही नहीं, धमकी देने वाले शख्स ने कहा है कि बोल दो की बिहार ना आए. कॉल करने वाले व्यक्ति ने प्रभु श्रीराम के प्रति भी अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया.
इसके अलावा बिहार चुनाव में अधिक सक्रियता दिखाने और खेसारी यादव के प्रकरण को जोड़ते हुए उसे राम मंदिर मुद्दे को उठाने के लिए रवि किशन के निजी सचिव के फोन पर अजय कुमार यादव नामक एक व्यक्ति ने फोन करके रवि किशन को बिहार में ना आने की धमकी दी है. साथ ही कहा है कि अगर वह बिहार आयेंगे तो उन्हें जान से मार दूंगा. फिर भले ही मुझे फांसी क्यों ना हो जाए.
रवि किशन ने कहा कि यह न केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान पर हमला है, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था के मूल तत्वों पर भी सीधा प्रहार है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ऐसे कृत्य समाज में नफरत और अराजकता फैलाने की कोशिश हैं, जिनका जवाब लोकतांत्रिक और वैचारिक मजबूती से दिया जाएगा. मैं इन धमकियों से न डरता हूं, न झुकूंगा.
रवि किशन ने आगे कहा कि उनके लिए जनसेवा, राष्ट्रवाद और धर्म का मार्ग कोई राजनीतिक रणनीति नहीं, बल्कि जीवन का संकल्प है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस रास्ते पर वे हर परिस्थिति में अडिग रहेंगे, चाहे उन्हें किसी भी कीमत का सामना क्यों न करना पड़े. वहीं, घटना के बाद सांसद के सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
वहीं, रवि किशन के निजी सचिव के शिकायत पर गोरखपुर पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है. इस मामले में गोरखपुर सिटी एसपी अभिनव त्यागी ने पुष्टि की कि बिहार चुनाव प्रचार के दौरान सांसद के भाषणों को लेकर एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा धमकी दी गई है. पुलिस ने रामगढ़ थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. पुलिस अब कॉल डिटेल्स के जरिए आरोपी की पहचान करने की कोशिश में जुटी है.
बिहार चुनाव 2025 : NDA का संकल्प पत्र बनाम INDIA गठबंधन का प्रण पत्र, जनता के लिए हुई वादों की बरसात
2 Nov, 2025 09:56 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के लिए इंडिया गठबंधन(महागठबंधन) ने तेजस्वी प्रण नाम से अपना मेनिफेस्टो (Manifesto) जारी किया है तो एनडीए (NDA) ने आर्थिक समृद्धि और औद्योगिक क्रांति के जरिये बिहार को विकसित बनाने का संकल्प लिया है। जनता का वोट बटोरने के लिए दोनों गठबंधनों ने चुनावी वादों की बरसात कर दी है।
एनडीए के संकल्प पत्र में राज्य में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश की बात कही गई है। हर जिले में फैक्ट्रियां लगेंगी। दस नये औद्योगिक पार्क का निर्माण होगा। एक सौ एमएसएमई पार्क और 50 हजार से अधिक कुटीर उद्योग लगेंगे। हर परिवार को रोजी-रोजगार मिलेगा। एक करोड़ सरकारी नौकरियां और रोजगार मिलेंगे।
एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने और मिशन करोड़पति से चिह्नित महिला उद्यमियों को करोड़पति बनाने का वादा किया गया है। बिहार को पांच सालों में बाढ़ से मुक्त कराया जएगा। एनडीए ने विकसित बिहार के लिए शुक्रवार को संकल्प पत्र 2025 जारी किया। इसमें ऐसे 25 प्रमुख संकल्प शामिल हैं।
सत्तारूढ़ गठबंधन ने संकल्प पत्र के जरिये अगले पांच सालों के लिए अपनी कार्ययोजना जनता के समक्ष रखी है। इसमें किसानों, महिलाओं, युवाओं और अतिपिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत एनडीए के पांचों दलों के शीर्ष नेताओं ने सरदार पटेल की 150 वीं जयंती पर संकल्प पत्र का लोकार्पण किया। बाद में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस कर इसकी विस्तृत जानकारी दी। संकल्प पत्र में अतिपिछड़ा वर्ग के विभिन्न व्यावसायिक समूहों को दस लाख की सहायता देने, हर जिले में मेगा स्किल सेंटर खोलने की बात है। अतिपिछड़ा वर्ग को आर्थिक और सामाजिक बल देने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित होगी।
‘किसान सम्मान निधि’ की राशि छह हजार को बढ़ाकर नौ हजार किया जाएगा। बढ़ी हुई तीन हजार की राशि राज्य सरकार अपने कोष से देगी, जिसके लिए कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि की शुरुआत होगी। साथ ही किसानों को सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी होगी। वहीं, मत्स्य पालकों को 9,000 रुपये देने की घोषणा की गई है।
गरीब परिवारों के लिए केजी से पीजी तक शिक्षा मुफ्त होगी
गरीब परिवारों के छात्रों को केजी से पीजी तक मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। महिला रोजगार योजना से दो लाख तक की सहायता दी जाएगी।
चार शहरों में नए अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, चार में मेट्रो बनेंगे
पटना, दरभंगा, पूर्णिया व भागलपुर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट, चार नये शहरों में मेट्रो का निर्माण किया जाएगा।
एनडीए का संकल्प
1. एक करोड़ जीविका सदस्यों को लखपति दीदी बनाएंगे।
2. हर घर में 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलेगी।
3. हर घर में नौकरी और रोजगार देंगे।
4. हर व्यक्ति को पांच लाख तक का मुफ्त इलाज।
5. अतिपिछड़ों के व्यावसायिक समूहों को दस लाख की मदद
‘इंडिया’ का प्रण
1. जीविका कैडर दीदियों को दो हजार रुपये भत्ता देंगे।
2. हर परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफ्त देंगे।
3. हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देंगे।
4. हर व्यक्ति को 25 लाख तक मुफ्त स्वास्थ्य बीमा।
5. अतिपिछड़ा वर्ग को पांच लाख की ब्याज रहित राशि मिलेगी।
क्या बोले पीएम?
एनडीए का संकल्प पत्र आत्मनिर्भर और विकसित बिहार के हमारे विजन को स्पष्ट रूप से सामने लाता है। इसमें राज्य के किसान, युवा साथियों और माता-बहनों के साथ-साथ सभी परिवारजनों के जीवन को आसान बनाने के लिए हमारी प्रतिबद्धता दिखाई देती है। -नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
कर्नाटक सरकार के जाति सर्वेक्षण का 4.22 लाख परिवारों ने किया बहिष्कार, आयोग ने किए आंकड़े जारी
2 Nov, 2025 08:54 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । कर्नाटक (Karnataka) के राज्य पिछड़ा आयोग (Backward Commission) ने बहुचर्चित जाति सर्वेक्षण (caste survey) को लेकर कुछ आंकड़े जारी किए हैं। आयोग ने बताया कि कर्नाटक राज्य की अनुमानित जनसंख्या करीब 6.86 करोड़ है, जबकि 31 अक्तूबर तक इस सामाजिक और शैक्षिक सर्वेक्षण में राज्य के करीब 6.13 करोड़ लोग शामिल हुए हैं। वहीं, इस सर्वेक्षण में हिस्सा लेने से करीब 4.22 लाख परिवारों ने इनकार कर दिया है, दूसरी तरफ करीब 34.49 लाख घर खाली मिले हैं।
कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के निर्देश पर 22 सितंबर से शुरू हुए इस सर्वेक्षण को 7 अक्तूबर को समाप्त होना था। हालांकि, तय समय सीमा के भीतर काम पूरा न हो पाने की स्थिति में सरकार ने इसे 10 दिन के लिए और बढ़ा दिया था। बाद में 18 अक्तूबर को इसे 31 अक्तूबर तक के लिए कर दिया गया था।
फिलहाल आयोग अभी भी अपने काम को पूरा नहीं कर पाया है। इसलिए उसने अपनी बेवसाइट के माध्यम से स्व-भागीदारी के जरिए इस प्रयास को 10 नवंबर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। विभाग ने कहा कि हम एक बार फिर से लोगों को इस सर्वेक्षण में शामिल होने का मौका दे रहे हैं, जिन्होंने पहले इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया था। या फिर सर्वेक्षण के समय अपने घरों में उपलब्ध नहीं थे, वह अब ऑनलाइन प्लेटफार्म का उपयोग करके अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। विभाग ने अपने बयान में लोगों से अनुरोध करते हुए कहा कि इन आंकड़ों का उपयोग सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं को बनाने के लिए करेगी। इसलिए सभी नागरिकों को इसमें भाग लेना चाहिए।
गौरलतब है कि कर्नाटक सरकार की तरफ से कराए जा रहे इस जाति सर्वेक्षण पर शुरुआत से ही विवाद हो रहा है। हाल ही में इन्फोसिस के संस्थापक नारायम मूर्ति की पत्नी सुधा मूर्ति ने भी परिवार समेत इस सर्वेक्षण में शामिल होने से इनकार कर दिया था, जिसे लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी अपना बयान जारी किया था। राज्य सरकार इस सर्वेक्षण को अपनी कार्य कुशलता बढ़ाने का माध्यम मानती है, जबकि विपक्ष इसे कांग्रेस सरकार की चुनावी रणनीति का हिस्सा बता रहा है।
पटना में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा रोड शो
2 Nov, 2025 08:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटन। बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आज रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पटना में एक बड़ा रोड शो करेंगे। 2.8 किलोमीटर का यह रोड शो शाम 4 बजे कदमकुआं के दिनकर चौक से शुरू होकर नाला रोड, ठाकुरवाड़ी रोड, बारीपथ और बाकरगंज होते हुए उद्योग भवन तक जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल भी रोड शो में शामिल होंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस रोड शो में लाखों की भीड़ जुटाने की जिम्मेदारी पार्टी कार्यकर्ताओं, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और जिला इकाइयों को दी गई है। पटना में जगह-जगह होर्डिंग, बैनर और पीएम मोदी के कटआउट लगाए गए हैं। फूलों की सजावट और लाइटिंग से रोड शो वाले रूट को सजाया गया है। अपने इस रोड शो कार्यक्रम के माध्यम से पीएम मोदी पटना के 14 विधानसभा क्षेत्रों में सीधा संदेश देंगे।
* 10 से अधिक स्वागत द्वार
पीएम मोदी के आगमन को लेकर समूचे रास्ते में 10 से अधिक स्वागत द्वार बनाए गए हैं। यहां प्रधानमंत्री का स्वागत फूलों की वर्षा, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों से किया जाएगा।
* सुरक्षा-व्यवस्था का अभूतपूर्व इंतजाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित पटना दौरे को लेकर सुरक्षा-व्यवस्था का अभूतपूर्व इंतजाम किया गया है। जगह-जगह पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और चप्पे चप्पे पर पुलिस का पहरा है। आईजी जितेंद्र राणा ने कहा कि करीब 5000 से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान रोड शो मार्ग पर मुस्तैद रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के रोड शो के दौरान तीन-लेयर सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत आंतरिक, मध्य और बाहरी सुरक्षा घेरे में अलग-अलग एजेंसियों की टीमें तैनात रहेंगी। रोड शो मार्ग पर पूरी तरह बैरिकेडिंग की गई है और हर गतिविधि पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए लगातार नजर रखी जाएगी। इसके अलावे ड्रोन सर्विलांस के जरिये भी पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाएगी। रोड शो के दौरान एसपीजी, बिहार पुलिस, एनएसजी और खुफिया एजेंसियां एक साथ सुरक्षा व्यवस्था को संभालेंगी।
खड़गे का हमला: बोले – “देश में नफरत फैलाने वाले संघ पर लगे बैन”
1 Nov, 2025 07:56 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध की मांग की है. सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्होंने कहा, आज देश में जो गड़बड़ियां हो रही हैं और कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो रही है यह सब बीजेपी और आरएसएस की वजह से है. संघ पर फिर से प्रतिबंध लगाना चाहिए. इसके पहले उनके मंत्री बेटे की मांग पर कर्नाटक में संघ की गतिविधियों पर लगे प्रतिबंध को हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया. संघ को लेकर कांग्रेस के भीतर अजीब डर दिखाई पड़ता है. यह डर कांग्रेस के पतन और आरएसएस के राजनीतिक चेहरे के उत्थान के कारण है. कांग्रेस के सुर, लय, ताल तुष्टिकरण सॉन्ग रचने और गाने में लगे हुए हैं. प्रतिबंध का राग उसी का नया संगीत है. कांग्रेस के लिए संघ ही अब राजनीतिक एजेंडा बचा है. संघ के विरोध से ही उनकी राजनीतिक ताकत बची है. कांग्रेस इसे वैचारिक लड़ाई बताती है, लेकिन यह उसकी सियासी लड़ाई का सबसे मजबूत अस्त्र बचा है. 140 साल की कांग्रेस और 100 साल के आरएसएस के वर्तमान में कांग्रेस का डर छुपा हुआ है. गांधी परिवार की विरासत बाबर की मजार पर तो जाती रही है, लेकिन आज तक इस परिवार का कोई भी व्यक्ति अयोध्या में राम मंदिर नहीं जा सका है. संघ परिवार के लिए राम मंदिर राष्ट्र के धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है, जिसे कांग्रेस जाने योग्य स्थल भी नहीं मानती. संघ जिन विचारों के साथ पहले दिन खड़ा था, उन्हीं पर आज भी खड़ा है. यह एक सांस्कृतिक संगठन है. उसके राजनीतिक फेस बीजेपी का उत्थान कांग्रेस के पतन से जुड़ा हुआ है. जो कांग्रेस कभी देश की राजनीतिक सत्ता के हिमालय पर खड़ी थी, उसे आज कुछ राज्यों की तलहटी में संतोष करना पड़ रहा है. आरएसएस पर कांग्रेस ने प्रतिबंध पहले भी लगाए हैं. इस प्रतिबंध ने ही संघ की सेवा विस्तार करने में भूमिका निभाई. जिस समय प्रतिबंध लगा था उस समय कांग्रेस की सरकार में गृहमंत्री सरदार भाई पटेल वल्लभभाई पटेल थे. संघ और बीजेपी सरदार वल्लभभाई पटेल को अपना आदर्श मानती है. गुजरात में पीएम नरेंद्र मोदी ने विशाल प्रतिमा स्थापित कर पटेल की गौरव गाथा को पूरी दुनिया में स्थापित किया है. आधुनिक भारत में पटेल की विरासत को संभालने में कांग्रेस असफल हो गई है. इस विरासत का स्वाभाविक दायित्व निभाते हुए संघ और बीजेपी ने अपना वैचारिक विस्तार करने में सफलता हासिल की है.संघ का एजेंडा ओपन है. कुछ भी सीक्रेट नहीं है. हिंदू आस्था और गौरव का संरक्षण और विस्तार उनका लक्ष्य है. चरित्र निर्माण मार्ग है. सेवा भावना, मंत्र है. सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक समरसता उद्देश्य है. राष्ट्र की मजबूती और समाज की एकता उनका घोषित लक्ष्य है. इसके विपरीत कांग्रेस का एजेंडा राजनीतिक सत्ता हासिल करना है. इसके लिए विभाजन को बढ़ाना उनका मार्ग है. संघ का हिंदुत्व सफल न हो इसके लिए कांग्रेस देश को जातियों में बांटने का काम करती है. मुस्लिम समाज में जातिवाद पर कांग्रेस चुप रहती है, लेकिन हिंदुओं को जातियों में बांटकर सत्ता हथियाने की कोशिश की जाती है. यहां तक की कांग्रेस सामाजिक न्याय की जड़ी बूटी आरक्षण की व्यवस्था का भी राजनीतिक उपयोग कर समाज में विभाजन को बढ़ाने का प्रयास करती है. यह तो अनुभव की बात है, कि जो दूसरों के लिए गड्ढा होता है वह उसी में खुद गिरता है. कांग्रेस तुष्टिकरण और बैंक के लिए पार्टी की आधारशिला जिस नींव पर खड़ी की है. आज वही उसको सबसे ज्यादा दुख दे रही है.आरएसएस तो सामाजिक समरसता का अभियान चलाती है. संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मस्जिदों में जाकर भी मौलवियों से मिलकर उन्हें अपना दृष्टिकोण समझाने से परहेज नहीं करते. यह भी समरसता का ही प्रयास है. संघ का मुस्लिम मंच इस दिशा में निरंतर काम करता दिखाई पड़ता है. कांग्रेस संघ का वैचारिक मुकाबला नहीं कर पा रही है. इसीलिए प्रतिबंध का राग अलाप रही है. कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन का अंदाजा लगाया जा सकता है, कि संघ को प्रतिबंधित करने की मांग जिस सरकार से की जा रही है, वही सरकार संघ को अपना आदर्श मानती है. सरकारी स्तर पर संघ की गतिविधियों की प्रधानमंत्री सराहना कर चुके हैं.शताब्दी वर्ष में संघ पर डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया है. कांग्रेस की आंखें इस बात से खुल जाना चाहिए, कि सौ साल में संघ की सेवा और चरित्र निर्माण का सुफल है कि उसका प्रचारक देश का प्रधानमंत्री है और उसने भारतीय मुद्रा पर संघ की स्मृति को संजोने का ऐतिहासिक काम करके दिखाया है. जो कांग्रेस संघ पर प्रतिबंध का सोच रखती है, जो किसी को प्रतिबंधित कर अपनी प्रगति सोचती है, उसका तो चिंतन ही दूषित दिखाई पड़ता है. कोई भी व्यक्ति, संगठन किसी को मिटाकर नहीं बल्कि जीत कर आगे बढ़ सकता है. संघ पर प्रतिबंध लगाने की तो कांग्रेस की राजनीतिक हैसियत बची नहीं है. लेकिन ऐसी बातें करके ही संघ के विस्तार में कांग्रेस नकारात्मक भूमिका निभा रही है ऐसा लगता है.संघ को लेकर कांग्रेस का डर सिर पर चढ़ गया लगता है. कांग्रेस प्रतिबंध के राग से तुष्टिकरण का सॉन्ग गाने की कितनी भी कोशिश करें, उसका वैचारिक धरातल खोखला हो चुका है. पहले इसको भरना होगा, फिर संघ का मुकाबला करने के लिए खड़े होने की ताकत बनेगी.
सीएम नीतीश का बड़ा बयान: 'बिहारी' कहलाना अब गर्व की बात, अपमान नहीं
1 Nov, 2025 05:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले एक वीडियो संदेश जारी कर राज्यवासियों से संवाद किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से लगातार बिहार की सेवा करने का अवसर जनता ने उन्हें दिया है और इस दौरान राज्य में विकास व सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता दी गई है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जब हमने शासन संभाला था, तब ‘बिहारी’ कहलाना एक अपमान माना जाता था। हमने ईमानदारी और पूरी मेहनत से काम किया। आज ‘बिहारी’ कहलाना गर्व की बात है।
सरकार ने हर वर्ग के लिए समान रूप से काम किया है
पीएम मोदी ने आगे कहा कि सरकार ने हर वर्ग के लिए समान रूप से काम किया है। चाहे हिंदू हों या मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़े, अति-पिछड़े, दलित या महादलित सबके विकास के लिए काम हुआ है। मैंने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया, केवल जनता की सेवा की है। सीएम नीतीश ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को बिहार के विकास की कुंजी बताया।
एनडीए की सरकार होने से विकास की रफ्तार और तेज हुई
उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य दोनों जगह एनडीए की सरकार होने से विकास की रफ्तार और तेज हुई है। बिहार में अब विकास के साथ-साथ कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है। नीतीश कुमार का यह वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर जारी किया गया है।
खुमड़ी और शॉल पहनाकर हुआ प्रधानमंत्री का स्वागत, बोले – ‘ब्रह्माकुमारियों से जुड़ाव मेरा सौभाग्य’
1 Nov, 2025 01:29 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रायपुर। छत्तीसगढ़ में 25वें स्थापना दिवस की धूम है. प्रदेश में 5 दिनों तक राज्योत्सव मनाया जा रहा है. राज्योत्सव के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर पहुंचे. यहां उन्होंने नवा रायपुर के सेक्टर-20 में ब्रह्माकुमारी संस्थान के नवनिर्मित शांति शिखर भवन का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने संबोधित कहा- ‘राज्य के विकास से देश का विकास… इसी मंत्र पर चलकर हम भारत को विकसित बनाने के अभियान में जुटे हैं. विकसित भारत की अहम यात्रा में ब्रह्मकुमारी जैसी संस्था की बहुत बड़ी भूमिका है. मैं अतिथि नहीं हूं. मैं आप ही का हूं.’
‘आज का दिन बहुत विशेष है‘
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- ‘आज का दिन बहुत विशेष है. आज हमारा छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 साल पूरे कर रहा है. छत्तीसगढ़ के साथ ही झारखंड और उत्तराखंड की स्थापना के भी 25 वर्ष पूरे हुए हैं. आज देश के और भी कई राज्य अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। मैं इन सभी राज्यों के निवासियों को स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई देता हूं. राज्य के विकास से देश का विकास, इसी मंत्र पर चलते हुए हम भारत को विकसित बनाने के अभियान में जुटे हैं.’
‘विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारी जैसी संस्था’
उन्होंने आगे कहा- ‘विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारी जैसी संस्था की बहुत बड़ी भूमिका है. मेरा सौभाग्य रहा है कि मैं बीते कई वर्षों से आप सभी के साथ जुड़ा हुआ हूं. मैं जब भी आपके बीच आया हूं, मैंने आपके प्रयासों को बहुत गंभीरता से देखा है. मैंने हमेशा अनुभव किया है, जहां शब्द कम और सेवा ज्यादा है.’
‘आचारण ही सबसे बड़ा धर्म है’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- टहमारे यहां कहा जाता है, ‘आचारः परमो धर्म आचारः परमं तपः. आचारः परमं ज्ञानम् आचरात् किं न साध्यते. अत: आचारण ही सबसे बड़ा धर्म है, आचरण ही सबसे बड़ा तप है और आचरण ही सबसे बड़ा ज्ञान है. आचरण से क्या कुछ सिद्ध नहीं हो सकता. यानी बदलाव तब होता है जब अपने कथन को आचरण में भी उतारा जाए और यही ब्रह्माकुमारी संस्था की आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत है.’
7 साल में बना शिखर भवन
जानकारी के मुताबिक ब्रह्माकुमारी संस्थान के नवनिर्मित शांति शिखर भवन को बनने में 7 साल का समय लग गया. संस्था की तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी बीके कमला के मार्गदर्शन में 15 जनवरी 2018 को इस भवन की नींव रखी गई थी. साल 2022 में उनके देवलोकगमन से पहले भवन का करीब 80% काम हो गया था. जमीन ठोस नहीं होने की वजह से काफी गहराई तक मिट्टी निकाल कर स्लैब ढाला गया. इसके बाद भवन के सारे कॉलम खड़े किए गए. जोधपुर के कारीगरों ने 7 साल में राजस्थानी शैली के इस भवन को तैयार किया है. यह भवन जोधपुर के पिंक स्टोन से तैयार किया गया है. इसके लिए जोधपुर से 150 से अधिक ट्रकों में पिंक स्टोन मंगाए गए थे.
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