राजनीति
राहुल गांधी ने बिहार में हुई जातिगत गणना को बताया ‘फर्जी’, क्या तेजस्वी की उपलब्धि पर पानी फेरने की कोशिश
21 Jan, 2025 12:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना । बिहार की जातिगत गणना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का बदला हुआ रुख सियासी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में पटना में आयोजित ‘संविधान सुरक्षा सम्मेलन’ में राहुल गांधी ने बिहार में हुई जातिगत गणना को ‘फर्जी’ करार दिया। राहुल गांधी का कहना था कि इस प्रक्रिया के जरिये राज्य की जनता को गुमराह किया गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान ने न सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बल्कि तब सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे तेजस्वी यादव को भी राजनीतिक रूप से असहज कर दिया है।
2024 के शुरुआती दिनों में, राहुल गांधी ने जातिगत गणना का श्रेय तेजस्वी और कांग्रेस के दबाव को दिया था। उन्होंने जनगणना करने को बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन की बड़ी जीत बताया था। लेकिन अब, ठीक विधानसभा चुनावों से पहले, राहुल गांधी के बयान पूरी तरह बदल गया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस जातीय जनगणना की सबसे बड़ी पैरोकार है और जातिगत जनगणना को पूरे देश में लागू करेगी।
जहां राहुल गांधी के बयान को केवल नीतीश के खिलाफ नहीं, बल्कि तेजस्वी पर भी अप्रत्यक्ष हमला बताया जा रहा है। क्योंकि तेजस्वी ने जातिगत गणना को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया था। लेकिन अब राहुल गांधी इसी जातिगत जनगणना को फर्जी करार देकर तेजस्वी की उपलब्धि को कमजोर करने की कोशिश करते दिख रहे हैं।
दरअसल बिहार की राजनीति में इस बदलाव को लेकर सवाल उठने लाजिमी हैं। क्या यह राहुल गांधी की लालू और तेजस्वी यादव के साथ सियासी दबाव बनाने की रणनीति है? या यह इंडिया ब्लॉक में नेतृत्व को लेकर बढ़ती खींचतान का संकेत है?
दिल्ली चुनावों में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच साफ-साफ टकराव देखने को मिला सकता है। वहां कांग्रेस अपने दम पर चुनाव लड़ रही है, जबकि आप को ममता बनर्जी और अखिलेश यादव का समर्थन मिला हुआ है। अब सवाल उठता है कि क्या बिहार में भी कांग्रेस इसी राह पर चलेगी और अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला करेगी?
हाल फिलहाल कांग्रेस के बदले हुए रुख से यह संभावना बनती दिख रही है कि पार्टी आने वाले विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे में ज्यादा हिस्सेदारी मांग सकती है। राहुल गांधी ने हाल ही में क्षेत्रीय दलों को विचारधारा के अभाव वाला बताया था, इससे कांग्रेस को “राष्ट्रीय पार्टी” के रूप में बड़ी भूमिका मिल सके।
दरअसल लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी का यह बयान नीतीश और तेजस्वी यादव के लिए बिहार विधानसभा चुनाव में नई चुनौती है। खासकर तब, जब बिहार में बीजेपी पहले ही नीतीश के जातिगत समीकरणों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी के जातिगत गणना पर बदले हुए रुख ने बिहार की सियासत में नई हलचल पैदा कर दी है। यह न केवल इंडिया ब्लॉक के भीतर बढ़ते तनाव को दिखाता है, बल्कि कांग्रेस की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को भी सामने लाता है। अब देखना यह होगा कि यह बयानबाजी गठबंधन को मजबूत करेगी या बिहार में राजनीतिक समीकरणों को और उलझा देगी।
भाजपा नेता का विवादित बयान, राहुल ओरिजिनल गांधी नहीं......नकली गांधी
21 Jan, 2025 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
बक्सर । पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी को ओरिजिनल गांधी नहीं कहते हुए गांधी फतिंगा की संज्ञा दी। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौबे ने राहुल गांधी के परिवार को नकली गांधी और संविधान का हत्यारा भी बता दिया। यह बयान राहुल गांधी की ओर से पटना में बिहार की जातिगत जनगणना को फर्जी बताने के बाद आया है। चौबे ने आप नेता अरविंद केजरीवाल और राजद नेता और पूर्व् उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ये असली गांधी नहीं हैं, ये केवल एक ‘गांधी फतिंगा’ हैं, जो बरसात में आते हैं, टिमटिमाता है और फिर नष्ट हो जाते है। असली गांधी तब बापू जी थे, जो आज भी लोगों के पूज्य हैं। राहुल गांधी ने हाल ही में बिहार की जातिगत जनगणना को फर्जी बताया था। इस पर भाजपा नेता चौबे ने पलटवार कर कहा कि जब इंडिया गठबंधन बना था तब ये लोग जाति जनगणना का गुणगान करते नहीं थकते थे। अब उसी जातिगत जनगणना पर सवाल उठा रहे हैं। चौबे ने राहुल गांधी को शुतुरमुर्ग बताकर उनकी जाति पूछी और कहा कि वे पहले अपनी ही जाति बता दें फिर हम इनकी बात को सही मान सकते है। उन्होंने कहा कि ये लोग कितना भी नाक रगड़ लें, यह वंशवाद सत्ता में कभी नहीं आएगा।
चौबे ने राहुल गांधी को बाबा साहेब अंबेडकर का दत्तक पुत्र भी बताया। उन्होंने कहा, अगर श्यामा प्रसाद मुखर्जी नहीं होते, तब अंबेडकर को ये लोग संसद में घुसने तक नहीं देते। चौबे ने राहुल गांधी और उनके परिवार पर संविधान विरोधी होने का आरोप लगाया। इसके पहले जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी को हर चीज फर्जी दिखाती है, जबकि वे खुद ही पूरे फर्जीवाड़ा के सरदार हैं। भाजपा नेता चौबे का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
शाह पर टिप्पणी मामला: राहुल पर केस नहीं चलेगा
21 Jan, 2025 10:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रांची । सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगा दी है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने झारखंड सरकार और भाजपा नेता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
2019 के लोकसभा चुनावों से पहले झारखंड के चाईबासा में अपने एक भाषण के दौरान गांधी ने शाह को हत्यारा बताया था। इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता नवीन झा ने राहुल गांधी पर अमित शाह के खिलाफ 2019 में अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप के साथ मानहानि का केस किया था।
सुनवाई के दौरान राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि कई न्यायिक फैसलों में कहा गया है कि केवल पीडि़त व्यक्ति ही आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज करा सकता है। शिकायत किसी तीसरे पक्ष की ओर से दायर की गई थी। मानहानि मामले में ऐसा करना स्वीकार्य नहीं है। सिंघवी ने पूछा- यदि आप पीडि़त व्यक्ति नहीं हैं, तो शिकायत दर्ज करने के लिए प्रॉक्सी कैसे ले सकते हैं?
प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल के खिलाफ चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई
21 Jan, 2025 09:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। नई दिल्ली सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। प्रवेश वर्मा ने अरविंद केजरीवाल और आप के कार्यकर्ताओं पर नई दिल्ली सीट पर आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन का आरोप लगाया है। अपनी लिखित शिकायत में प्रवेश वर्मा ने कहा है कि सर, आपका ध्यान नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के आप उम्मीदवार अरविंद केजरीवाल के गलत कामों की ओर खींचना चाहता हूं। उन्होंने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए साजिश रची और गंदी चाल चली है। 19-1-2025 को ईस्ट किदवई नगर, नई दिल्ली में इस निर्वाचन क्षेत्र में अरविंद केजरीवाल ने अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को अवैध रूप से आरडब्ल्यूए को कुर्सियां वितरित करने के लिए भेजा ताकि मतदाताओं को प्रभावित किया जा सके।
इससे पहले नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन अधिकारी ने पुलिस को प्रवेश वर्मा पर लगे आचार सहिंता के उल्लंघन के आरोपों की जांच करने का निर्देश दिया थे। वर्मा पर आरोप था कि उन्होंने आचार सहिंता का उल्लंघन करते हुए वाल्मीकि मंदिर में मतदाताओं को जूते बांटे थे। हालांकि, वर्मा ने दावा था किया कि उन्होंने मंदिर में सफाई कर्मचारियों के पैरों में जूते पहनाकर उनका सम्मान किया और जूते वितरित नहीं किए गए।
चुनाव आयोग ने दिल्ली में मतदान से 48 पहले प्रिंट मीडिया में राजनीतिक विज्ञापन पर लगाई रोक
21 Jan, 2025 08:05 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत दिल्ली की मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने राजनीतिक दलों और समाचार पत्रों को निर्देश दिया है कि वे मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) से पूर्व अनुमोदन के बिना मतदान से 48 घंटे पहले प्रिंट मीडिया में कोई विज्ञापन जारी न करें। दिल्ली विधानसभा की 70 सीटों के लिए 5 फरवरी को मतदान होगा। ऐसे में 4 और 5 फरवरी को कोई भी राजनीतिक दल अथवा उम्मीदवार एमसीएमसी की पूर्व अनुमति के बिना समाचार पत्रों में कोई विज्ञापन प्रकाशित नहीं कर सकेगा। दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने राजनीतिक दलों के अलावा मीडिया संस्थानों को भी इस संबंध में पत्र लिखकर सूचित किया है। इस पत्र में कहा गया है कि कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार या कोई अन्य संगठन या व्यक्ति मतदान के दिन और मतदान के एक दिन पहले प्रिंट मीडिया में कोई विज्ञापन प्रकाशित नहीं करेगा, जब तक कि राजनीतिक विज्ञापनों की सामग्री को राज्य व जिला स्तर पर मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी) से पूर्व-प्रमाणित नहीं करा लिया जाता है।
आतिशी ने लगाया बीजेपी पर आरोप, हार के डर से केजरीवाल पर करा रही हमले
20 Jan, 2025 06:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर शनिवार को हुए हमले को लेकर सीएम आतिशी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नई दिल्ली विधानसभा में अरविंद केजरीवाल की गाड़ी पर हमला हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला बीजेपी के गुंडों ने किया है। सभी ने वीडियो देखा और इतने बड़े पत्थर से हमला किया गया कि अगर किसी को लग जाता तो उसकी जान भी जा सकती थी। कौन थे ये लोग, जिन्होंने केजरीवाल जी पर हमला किया। मारपीट के वीडियो में दिख रहे शख्स का नाम है शैंकी है जो बीजेपी का उपाध्यक्ष हैं। प्रवेश वर्मा के पोस्टर अपने एरिया में लगाता हैं और अक्सर प्रवेश वर्मा के साथ नजर आता है। उन्होंने आगे कहा कि अब कौन है ये राहुल उर्फ शैंकी। ये एक हार्डकोर क्रिमिनल बैकग्राउंड का व्यक्ति है। शैंकी पर लूट के प्रयास के आरोप हैं। आर्म्स एक्ट के केस हैं। छतरपुर थाने में एफआईआर है। अभी भी इस पर डकैती का केस चल रहा है। अगला केस पहाड़गंज थाने में डकैती का दर्ज है। चोरी के दौरान हमला करने और किसी को मारने का केस भी शैंकी पर दर्ज है। इससे साफ है कि अरविंद केजरीवाल पर हमला करने के लिए गुंडों को मारने के लिए भेजा गया। ऐसे गुंडों को भेजा गया, जिन पर पहले ही डकैती और डकैती के दौरान मर्डर के केस चल रहे हैं।
आतिशी ने कहा कि इस हमलें में अन्य लोग शामिल हैं, उनका नाम है रोहित त्यागी। इसके फेसबुक पेज पर प्रवेश वर्मा के साथ फोटो है। वह प्रवेश वर्मा के चुनाव प्रचार में लगातार शामिल है। ये भी हार्डकोर क्रिमिनल हैं। इनपर तीन सीरियस मुकदमें चल रहे हैं जिसमें मर्डर करने का आरोप शामिल है। वहीं एक अन्य आरोपी के बार में बताते हुए आतिशी ने कहा कि तीसरे व्यक्ति का नाम सुमित है, जिसपर चोरी, डकैती, मर्डर करने के प्रयास के केस अगल-अलग थानों में दर्ज हैं। ये सारे मुकदमे दिखाते हैं कि बीजेपी के जिन गुंडों ने केजरीवाल पर हमला किया ये बीजेपी के सधे हुए गुंडे हैं। अगर ऐसे लोगों को केजरीवाल पर हमला करने के लिए भेजा गया तो ये बिल्कुल साफ है कि बीजेपी अपनी हार की बैखलाहट से केजरीवाल पर हमला करवा रही है। वोट काटने से काम नहीं चला, फर्जी वोट जोड़ने से काम नहीं चला, तो अब वह केजरीवाल पर जानलेवा हमला करना चाहते हैं। यह सब दिल्ली की जनता देख रही है इसका जवाब विधानसभा चुनाव में देगी।
मायावती का दिल्ली से यूपी को संदेश
20 Jan, 2025 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: बसपा प्रमुख मायावती का जन्म दिल्ली में हुआ। पढ़ाई-लिखाई से लेकर नौकरी तक दिल्ली में की, लेकिन सियासी बुलंदी को उत्तर प्रदेश में छुआ। मायावती ने दिल्ली की सियासत में बसपा की जड़ें जमाने के लिए हर एक सियासी दांव आजमाए, लेकिन दिल्ली में बहुत ज्यादा कामयाब नहीं हो सकीं। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बसपा एक बार फिर से पूरे दमखम के साथ किस्मत आजमा रही और 70 सीटों में से 69 सीट पर अकेले चुनाव लड़ रही है। मायावती ने दिल्ली की 69 विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। दलित-मुस्लिम का सियासी प्रयोग करने वाली मायावती ने दिल्ली की किसी भी मुस्लिम बहुल विधानसभा सीट पर मुस्लिम समाज से प्रत्याशी नहीं उतारा है। चाहे वो पुरानी दिल्ली की मुस्लिम बहुल सीटें हों या फिर पूर्वी दिल्ली की सीटें। ऐसे में साफ है कि दिल्ली को फतह करने से ज्यादा मायावती का फोकस उत्तर प्रदेश की सियासत पर है, जिसके तहत ही पूरा सियासी ताना बाना बुना है। दिल्ली चुनाव से मायावती यूपी को सियासी संदेश देने की कवायद कर रही हैं।
दिल्ली की कई विधानसभा सीटों पर मजबूत दलित और मुस्लिम समीकरण होने के बावजूद बसपा ने मुस्लिम प्रत्याशी देने के बजाय दलित और अति पिछड़ी जाति से आने वाले नेताओं पर ही दांव खेला है। इस तरह से क्या मायावती ने दिल्ली की मुस्लिम बहुल सीटों पर हिंदू उम्मीदवार उतारकर बसपा पर लगे बीजेपी के बी-टीम के नैरेटिव को तोड़ने की कवायद की है? बसपा ने दिल्ली की 69 विधानसभा सीटों पर चुनावी किस्मत आजमा रही, जिसमें से पांच सीट पर मायावती ने मुस्लिम को टिकट दिया है। बसपा ने दिल्ली के आदर्श नगर से मो. अब्दुल जब्बार, रिठाला से मो। नियाज खान, संगम विहार से जकिउल्लाह, तुगलकाबाद से अमजद हसन और लक्ष्मी नगर सीट से वकार चौधरी को प्रत्याशी बनाया गया है। इसके अलावा बाकी सीटों पर बसपा ने हिंदू उम्मीदवार उतारे हैं। दिल्ली की सियासत में आदर्श नगर, संगम विहार, रिठाला, तुगलकाबाद और लक्ष्मी नगर सीट को मुस्लिम बहुल सीट की श्रेणी में नहीं गिना जाता है क्योंकि यहां पर 15 फीसदी से कम मुस्लिम वोटर्स हैं। इसके बाद भी मायावती ने इन 5 सीटों पर मुस्लिम उतारे हैं और जिन सीटों पर 40 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम वोटर्स हैं, उन पर हिंदू समुदाय से प्रत्याशी उतारे हैं।
दिल्ली की सीलमपुर, बल्लीमारान, चांदनी चौक, मटिया महल, मुस्तफाबाद, ओखला, बाबरपुर, करावल नगर और किराड़ी सीट पर 30 फीसदी से 65 फीसदी मुस्लिम मतदाता हैं। इसके बावजूद मायावती ने इन 9 मुस्लिम बहुल सीटों पर किसी भी मुस्लिम को उम्मीदवार बनाए जाने के बजाय हिंदू समाज से प्रत्याशी उतारे हैं। बसपा ने बल्लीमारान से सोनू कुमार, मटिया महल से तेजराम, चांदनी चौक सीट से कालीचरण, ओखला से सतीश कुमार, सीलमपुर से दीपक कुमार, मुस्तफाबाद से अशोक कुमार, किराड़ी से जुगवीर सिंह, करावल नगर से देवेंद्र कुमार और जंगपुरा से रवींद्र कुमार को प्रत्याशी बनाया है। बाबरपुर सीट से बसपा ने कैंडिडेट ही नहीं उतारा है। दलित-मुस्लिम समीकरण होने के बाद भी बसपा ने मुस्लिम को टिकट देने के बजाय गैर-मुस्लिम कैंडिडेट उतारे हैं।
दिल्ली में मुस्लिम और दलित समीकरण सत्ता तक पहुंचने का रास्ता माना जाता है। दिल्ली में 12 फीसदी मुस्लिम और 17 फीसदी दलित वोटर हैं। इस तरह दलित और मुस्लिम मिलकर 29 फीसदी के करीब होते हैं। दिल्ली में कांग्रेस ने दलित-मुस्लिम समीकरण के सहारे 15 साल राज किया है और केजरीवाल भी 11 साल से अपना कब्जा जमाए हुए हैं। दलित-मुस्लिम वोटों का केजरीवाल के पक्ष में लामबंद हो जाने के चलते कांग्रेस और बसपा दोनों ही दिल्ली में सियासी हाशिए पर पहुंच गई हैं। हालांकि, दिल्ली में दलित और मुस्लिम मिलकर 25 से ज्यादा सीटों पर हार जीत तय करने की ताकत रखते हैं।
मुंडे को घेरने शरद पवार ने चली चाल, सांसद ने मिलाया बीजेपी से हाथ, अजित हैरान
20 Jan, 2025 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मुंबई। महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे को घेरने के लिए एनसीपी (एसपी) के एक सांसद ने बीजेपी से हाथ मिला लिया है। दरअसल, महाराष्ट्र के बीड़ जिले में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या मामले में बीजेपी का स्थानीय नेतृत्व काफी उग्र हो गया है। वह फडणवीस सरकार में एनसीपी कोटे से मंत्री बनाए गए धनंजय मुंडे पर लगातार निशाना साध रहा है। इस कारण अजित पवार भी हैरान हैं कि महायुति में होने के बावजूद बीजेपी आखिर इस मसले को क्यों इतना उछाल रही है। इस बीच अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी का शिरडी में सम्मेलन हुआ। संतोष देशमुख हत्याकांड में आरोपी वाल्मिक कराड के कारण चौतरफा मुसीबत में फंसे मंत्री धनंजय मुंडे भी इस कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने इस बात पर अफसोस जताया कि एक खास समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से नेतृत्व से यह भी कहा कि पार्टी के लिए किए गए काम को ध्यान में रखकर ही कोई कदम नहीं उठाना चाहिए।
प्रांतीय अध्यक्ष सुनील तटकरे ने भी धनंजय मुंडे को मेहनती धनुभाऊ कहकर उनका समर्थन किया। इस बात पर एनसीपी कई आरोपों के बावजूद धनंजय मुंडे का समर्थन कर रही है। दूसरी तरफ बीड़ में बीजेपी विधायक सुरेश धास, राष्ट्रवादी शरद पवार समूह के विधायक संदीप क्षीरसागर और बीड से ही शरद पवार गुट के सांसद बजरंग सोनवणे की तिकड़ी ने मुंडे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन लोगों ने अब मुंबई तक मार्च करने का फैसला किया है। संतोष देशमुख की हत्या के विरोध में सभी पार्टी के नेताओं ने 25 तारीख को मुंबई में हड़ताल कर धनंजय मुंडे को घेरने की रणनीति बनाई है। सरपंच संतोष देशमुख और परभणी के सोमनाथ सूर्यवंशी की हत्या के विरोध में अब मुंबई में भी मार्च की योजना बनाई जा रही है। 25 तारीख को मुंबई में मेट्रो सिनेमा से आजाद मैदान तक मार्च निकाला जाएगा। इस मार्च में सभी पार्टियों के नेता शामिल होंगे। मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जारांगे के शामिल होने की कोई जानकारी नहीं है।
मराठों और दलित संगठनों ने वरिष्ठ नेता शरद पवार से मुलाकात की और इन हत्याओं के संदर्भ में मराठवाड़ा में बिगड़ती सामाजिक स्थिति को लेकर बातचीत की। इस बैठक के बाद संगठन विरोध मार्च निकालने पर सहमत हुए। पवार ने संगठनों को आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में वह साथ हैं। संतोष देशमुख की हत्या में आक्रामक तेवर अपनाने वाले बीजेपी विधायक सुरेश धस कह रहे हैं कि वाल्मीक कराड दोबारा जेल से बाहर नहीं आएंगे, वहीं वह यह भी कह रहे हैं कि धनंजय मुंडे भी जेल जा सकते हैं। उधर, दलित कार्यकर्ता सोमनाथ सूर्यवंशी और विजय वाकोड़े के मामले में न्याय की मांग को लेकर परभणी से मुंबई तक का मार्च 25 जनवरी को महानगर पहुंच रहा है। इस मार्च में करीब तीन हजार कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। इस लंबे मार्च के समापन पर भीम आर्मी के नेता सांसद चन्द्रशेखर आजाद की भी विशेष उपस्थिति रहेगी।
दल बदल का खेल,22 उम्मीदवार अलग-अलग पार्टियों से टिकट पाकर चुनावी अखाड़े में।
20 Jan, 2025 03:46 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली विधानसभा चुनाव में सियासी पाला बदलने का सिलसिला ऐसा चला कि जैसे ताश पत्ते फेट दिए गए हों. कांग्रेस से लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच जमकर दल बदल देखने को मिला है, जिसका नतीजा इस बार के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी दिख रहा. बीजेपी से लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस तीनों ही राजनीतिक दलों ने दलबदलू नेताओं पर दांव खेल रखा है, जबकि पिछले चुनाव में बहुत ज्यादा यह फॉर्मूला हिट नहीं रहा. इसके बावजूद तीनों ही पार्टियों ने कई सीटों पर अपने नेताओं की जगह दूसरे दल से आए नेताओं पर भरोसा जताया है.
पांच साल पहले दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से नाता तोड़कर आने वाले नेताओं पर बीजेपी ने दांव खेला था. बीजेपी का अपने नेताओं को दरकिनार कर दलबदलुओं पर दांव लगाना बुरी तरह से फेल रहा है. 2020 के विधानसभा चुनाव में दल बदल करने वाले 14 प्रत्याशियों ने किस्मत आजमाई थी, जिसमें से सिर्फ 7 ही नेता विधानसभा पहुंच सके थे. आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले ही नेता जीते थे, जबकि बीजेपी से चुनाव लड़ने वालों को करारी मात खानी पड़ी थी. इसके बावजूद इस बार फिर से दलबदलू नेताओं को तीनों ही दलों ने उतारा है.
दिल्ली में किस दल से कितने दलबदलू?
दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की फेहरिस्त देखें तो 22 कैंडिडेट ऐसे हैं, जो अपने दल को छोड़कर दूसरे दल का दामन थामकर उतरे हैं. बीजेपी ने इस बार सबसे अधिक दल बदलुओं पर भरोसा जताया है. बीजेपी ने ऐसे 9 उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जो दूसरे दल से पार्टी में आए हैं. आम आदमी पार्टी ने भी इस बार दलबदलू नेताओं को उतारने का दांव चला है. अरविंद केजरीवाल ने आठ प्रत्याशी ऐसे दिए हैं, जो दूसरे दल से आए हैं. इस मामले में कांग्रेस भी पीछे नहीं रही और पार्टी ने पांच दल बदल करने वाले नेताओं को उम्मीदवार बनाया है.
किस दलबदलू नेता की नैया होगी पार?
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आए हुए नेताओं में जिन्हें टिकट दिया है, उसमें सबसे बड़ा नाम पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत का है. बीजेपी ने गहलोत को बिजवासन सीट से उतारा है. इसी तरह राजकुमार आनंद को बीजेपी ने पटेल नगर सीट से प्रत्याशी बनाया है. कांग्रेस से आए अरविंदर सिंह लवली को बीजेपी ने गांधीनगर सीट से उम्मीदवार बनाया है, तो राजकुमार चौहान को मंगोलपुरी सीट से, नीरज बसोया को कस्तुबरा नगर, छतरपुर से करतार सिंह तंवर, ओखला से मनीष चौधरी, कोंडली से प्रियंका गौतम, बदरपुर से नारायण दत्त शर्मा को प्रत्याशी बनाया है. इसके अलावा बीजेपी ने पिछले चुनाव में दूसरे दलों से आए हुए नेताओं को एक फिर से मौका दिया है, जिसमें कपिल मिश्रा को करावल नगर सीट से प्रत्याशी बनाया है.
आम आदमी पार्टी ने कई सीटों पर अपने नेताओं को दरकिनार कर दूसरे दलों से आए हुए नेताओं पर दांव लगाया है. आम आदमी पार्टी ने शाहदरा सीट से जितेंद्र सिंह शंटी, छतरपुर से ब्रह्म सिंह तंवर, तिमारपुर से सुरेंद्र पाल सिंह बिट्टू, कस्तूरबा नगर से रमेश पहलवान, किराड़ी से अनिल झा, मटियाला से सुमेश शौकीन, महरौली से महेंद्र चौधरी और सीलमपुर सीट से चौधरी मतीन के बेटे जुबैर अहमद को प्रत्याशी बनाया है.
कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी से आए हुए नेताओं को टिकट देकर मुकाबले को रोचक बना दिया है. बिजवासन सीट से देवेंद्र सहरावत को प्रत्याशी बनाया है, तो सीलमपुर से विधायक अब्दुल रहमान को टिकट दिया है. मुंडका से धर्मपाल लाकड़ा, किराड़ी से राजेश कुमार गुप्ता और बाबरपुर से हाजी मोहम्मद इशराक खान मैदान में हैं. इन नेताओं का पार्टी बदलना इस बार चुनावी दंगल को और दिलचस्प बना रहा है. इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी ने भी कई दलबदलू नेताओं को टिकट दिया. सीलमपुर सीट पर ताहिर हुसैन को उतारा है, जो आम आदमी पार्टी से पार्षद रह चुके हैं.
क्या दलबदलू बन पाएंगे विधायक?
2020 के विधानसभा चुनाव में 14 दलबदलू नेताओं ने किस्मत आजमाया था, जिसमें से सिर्फ सात ही विधायक बन सके थे. आम आदमी पार्टी का दामन थामकर चुनाव में उतरे सात में से छह प्रत्याशी ही चुनाव जीत सके थे. बीजेपी और कांग्रेस से उतरे छह प्रत्याशियों में कोई भी नहीं जीत सका. पिछले चुनाव में सबसे चर्चित चेहरों में कपिल मिश्रा और अलका लांबा का नाम शामिल था. अलका ने कांग्रेस से और कपिल मिश्रा बीजेपी से चुनाव लड़े थे, लेकिन दोनों ही हार गए थे. इसी तरह आदर्श शास्त्री द्वारका सीट पर किस्मत आजमाए थे, लेकिन जीत नही सके.
जिसके सत्ता में आने के उम्मीद नजर आई. 2020 में आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले ज्यादातर जीत गए थे, जबकि कांग्रेस और बीजेपी के टिकट पर किस्मत आजमाने वालों को हार का सामना करना पड़ा था. हालांकि, इस बार का चुनाव 2020 से काफी अलग है. आम आदमी पार्टी न ही 2020 वाली स्थिति में है और न ही कांग्रेस पहले की तरह कमजोर है. इस बार की चुनावी लड़ाई त्रिकोणीय बनती जा रही, जिस वजह से दलबदलू नेता अगर अपने सियासी समीकरण फिट बैठाने में कामयाब रहते हैं तो उनकी सियासी नैया पार लग सकती है.
कांग्रेस उम्मीदवार का BJP पर तीखा हमला, 'झूठे वादों की सरकार' का आरोप
20 Jan, 2025 02:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नगर निगम में कांग्रेस से महापौर प्रत्याशी विरेंद्र पोखरियाल ने बिंदाल पुल स्थित महाराणा प्रताप की मूर्ति पर मार्ल्यापण किया। इसके अलावा उन्होंने रविवार को प्रचार अभियान की शुरूआत की।
इस दौरान विरेंद्र पोखरियाल ने पूछा कि नगर निगम देहरादून में भाजपा ने 15 साल राज किया और उसके पास गिनाने के लिए एक भी उपलब्धि नहीं है। क्योंकि धरातल पर भी लोगों को ऐसा कोई विकास दिखाई नहीं दे रहा है।
15 साल में कुछ नहीं कर पाई भाजपा
पोखरियाल ने पूछा कि आखिर भाजपा किस मुंह से अगले पांच साल विकास की बात कर रही है। जब वह 15 साल में कुछ नहीं कर पाए तो अब क्या करेंगे। विरेंद्र पोखरियाल ने पार्षद प्रत्याशी कैलाशी नेगी, दीपक राजपूत, हरप्रीत कौर के साथ जनसंपर्क और जनसभाओं को संबोधित किया।
बस्तियों पर भ्रम फैला रही भाजपा
इसके अलावा विरेंद्र पोखरियाल ने बस्तियों को लेकर कहा कि खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। क्योंकि जब प्रशासन और सिंचाई विभाग ने बस्तियों में घरों पर लाल निशान लगाए तो सरकार ने ऐसा करने से क्यों नहीं रोका। एनजीटी भी कह चुका है कि रिस्पना फ्लड जोन में सरकार का अध्यादेश लागू ही नहीं होता। फिर किस अध्यादेश को लेकर मुख्यमंत्री अपनी पीठ थपथपा रहे हैं।
'आरंभ है प्रचंड' और 'जिगरा है जिगरा' जैसे गीतों से नेताजी मांग रहे वोट, सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं प्रत्याशी
बीजेपी की सच्चाई जान चुकी है जनता
पोखरियाल ने कहा कि भाजपा ने मलिन बस्तियों के साथ दगाबाजी की है, उन्हें धोखा दिया है। इसका जवाब भाजपा को इस चुनाव में जनता देने जा रही है। लोग भी समझ चुके हैं कि अगर अपना घर बचाना है तो कांग्रेस को लाना होगा।
अहमदाबाद में राहुल गांधी पर जमकर बरसे जेपी नड्डा
20 Jan, 2025 01:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
अहमदाबाद। केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने रविवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि उनके पिता, दादी और परदादा ने संविधान के साथ छेड़छाड़ करने के कई प्रयास किए थे। अहमदाबाद में आयोजित भाजपा के 'संविधान गौरव अभियान' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 65 वर्षों तक देश पर शासन किया और उसके नेताओं ने संविधान के साथ छेड़छाड़ की और इसके बुनियादी प्रावधानों को नष्ट करने की कोशिश की। हाल ही राहुल गांधी ने 'इंडियन स्टेट' को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर भाजपा ने नाराजगी जाहिर की।
राहुल गांधी के 'इंडियन स्टेट' वाले बयान पर भड़के नड्डा
जेपी नड्डा ने कहा, ''आज हमारे कांग्रेस नेता कहते हैं कि वो ''भारतीय राज्य के खिलाफ लड़ रहे हैं।'' उन्हें इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है, न ही उनका इससे कोई लेना-देना है।राहुल गांधी ने कुछ दिनों पहले कहा था कि भाजपा और आरएसएस ने हर एक संस्थान पर कब्जा कर लिया है और वो अब भाजपा, आरएसएस और भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं।
देश को पाखंडी लोगों से बचने की जरूरत: जेपी नड्डा
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा,"जैसा कि भारत अपना 76 वां गणतंत्र दिवस मनाने के लिए तैयार है, हमें याद रखना चाहिए कि किसने संविधान के साथ छेड़छाड़ की और इसके बुनियादी प्रावधानों को नष्ट करने की कोशिश की, साथ ही किसने संविधान की रक्षा की और किसने बाबासाहेब के विचारों की रक्षा और उजागर करने का काम किया।उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को उन पाखंडी लोगों से सचेत और सावधान रहना चाहिए जो "संविधान के अंदर क्या है उसे जाने या पढ़े बिना इसकी प्रति लेकर घूमते रहते हैं"। दरअसल, राहुल गांधी अक्सर संविधान की कॉपी लेकर घूमते हैं। राहुल गांधी अक्सर भाजपा पर हमला करने के लिए अपनी चुनावी रैलियों में संविधान की प्रति रखते हैं।
'झूठे वादों से सत्ता कायम नहीं रह सकती', अरविंद केजरीवाल के वादों पर उठाए- देवेंद्र यादव
20 Jan, 2025 12:55 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
दिल्ली: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक दलों की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। इस बीच तीनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी जारी है। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों के लिए ये चुनाव 5 फरवरी को होंगे और इसके नतीजे 8 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। इस बार दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप), भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला देखने को मिलेगा। चुनाव प्रचार के दौरान दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कई योजनाओं की घोषणा की थी। इन योजनाओं को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने केजरीवाल पर हमला बोला और आरोप लगाया कि जनता का समर्थन खिसकने के डर से अरविंद केजरीवाल पुराने वादों को दोहरा रहे हैं।
देवेंद्र यादव का आरोप
देवेंद्र यादव ने आप पर आरोप लगाते हुए कहा, आप संयोजक (अरविंद केजरीवाल) ने 2015 और 2019 में भी किराएदारों को मुफ्त बिजली और पानी देने का वादा किया था। आप सरकार पिछले 10 सालों में अपने वादों को पूरा करने में विफल क्यों रही? प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अरविंद केजरीवाल झूठी घोषणाएं करके किराएदारों की सहानुभूति हासिल करना चाहते हैं। उन्होंने किराएदारों को समान अधिकार और सब्सिडी का लाभ देने के केजरीवाल के वादों पर सवाल उठाए।
केजरीवाल के वादों पर उठाए सवाल
देवेंद्र यादव ने अरविंद केजरीवाल के वादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मकान मालिकों को सब्सिडी का लाभ नहीं मिल रहा है तो किराएदारों से किए गए वादे कैसे पूरे होंगे। अरविंद केजरीवाल की नई घोषणाएं संदिग्ध हैं। उन्होंने पिछले वादों की याद दिलाते हुए अरविंद केजरीवाल से सवाल पूछे। यादव ने आगे कहा कि वायु और जल प्रदूषण, डीटीसी की खराब हालत, खराब स्वास्थ्य व्यवस्था पर केजरीवाल चुप क्यों हैं। मानसून के दौरान दिल्ली में 30 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। वायु प्रदूषण की विकराल समस्या के कारण बार-बार स्कूलों को बंद करना पड़ रहा है।
समस्याओं पर ध्यान केंद्रित किया
दिल्ली में जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मानसून के दौरान बारिश का पानी सड़कों पर आ जाता है जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। अरविंद केजरीवाल को चुनाव के बाद फिर से जेल जाने का डर है। इसलिए वह जनता से झूठे वादे करने को मजबूर हैं। अरविंद केजरीवाल को अपने पिछले वादों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
सैलजा ने साधा निशाना कहा- एचकेआरएन कर्मचारियों के साथ वायदा खिलाफी कर रही है सरकार
20 Jan, 2025 12:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि एक ओर जहां मुख्यमंत्री हरियाणा ने एचकेआरएन के तहत कार्यरत कर्मचारियों को नौकरी से न हटाने का वायदा किया था और अधिसूचना जारी कर जॉब सिक्योरिटी दी थी आज वहीं सरकार भर्ती किए गए नए कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए पहले से कार्यरत कर्मचारियों को निकालने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संगठन वायदा याद दिलाते हुए न्याय की गुहार कर रहे है पर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, भाजपा को वोट देने वाला युवा आज पछता रहा है।
कुमारी सैलजा ने एक बयान में कहा है कि 19 नवंबर 2024 को हरियाणा में कौशल रोजगार निगम के तहत लगे कर्मचारियों को नायब सिंह सैनी सरकार ने कथित बड़ी सौगात देते हुए हरियाणा विधानसभा में जॉब गारंटी विधेयक पारित करवाया था। जिसे हर भाजपा नेता ने ऐतिहासिक कदम बताया था। सीएम ने भी दावा किया था कि उन्होंने 120000 युवाओं से किया गया वादा पूरा किया। कहा गया कि पहले ठेकेदारों के जरिए लगने पर युवाओं के भविष्य पर तलवार लटकी रहती थी, ठेकेदार बदलने पर उनके भविष्य पर भी खतरा पैदा हो जाता था। कुमारी सैलजा ने कहा कि एचकेआरएन में 37404 यानि 28 प्रतिशत कर्मचारी अनुसूचित जाति के 41376 कर्मचारी यानि 32 प्रतिशत कर्मचारी पिछड़ा वर्ग से हैं। पर सरकार की वायदा खिलाफी के चलते इनकी जॉब पर खतरा मंडरा रहा है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि नरवाना, चरखी दादरी, रोहतक सहित कई जिलों में कंप्यूटर ऑपरेटर, चौकीदार और अन्य पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को बिना नोटिस के नौकरी से निकल दिया। ये कर्मचारी न्याय की उम्मीद में दफ्तरों के चक्कर लगा रहे है पर अधिकारी तो अधिकारी भाजपा के विधायक, मंत्री तक कोई सुनवाई नहीं कर रहे है और न ही इन कर्मचारियों की सरकार के समक्ष पैरवी कर रहे हैं। कुमारी सैलजा ने कहा कि अधिकतर कर्मचारी एचकेआरएन के तहत नौकरी पाने पर उनके नाम बीपीएल सूची से कट गए थे, आज वे कहीं दूसरी जगह नौकरी मांगने जाएंगे तो वहां भी नहीं मिलेगी। सैलजा ने कहा कि सरकार को अपना वायदा निभाते हुए किसी भी कर्मचारी को नौकरी से नहीं हटाना चाहिए, जो पद आज भी रिक्त पड़े है उन पर नए भर्ती किए गए युवाओं को नियुक्ति दी जाए।
आप ने हर चुनाव चंदा लेकर लड़ा और जीता, संजय सिंह जीत का लगा रहे गणित
20 Jan, 2025 11:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार 5 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए लोगों से चंदा मांग रहे हैं। दिल्ली की सीएम आतिशी ने जनता से चंदा मांगा। वहीं, आप के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने भी नागरिकों से फंड मांगा। इस मुद्दे को लेकर अब आप नेता संजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सत्येंद्र जैन को लोगों से 40 लाख का चंदा मिला है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का जन्म जब से हुआ तब से लेकर आज तक हमने राजनीति में पारदर्शिता कायम रहे इस बात की हमेशा कोशिश की। हर चुनाव में हमारे प्रत्याशियों ने जनता से चंदा लेकर ही चुनाव लड़ा है। आप ने आम आदमी से चंदा लेकर चुनाव लड़ा और जीता और पार्टी के लिए काम किया। यही आप और अरविंद केजरीवाल जी की खूबसूरती है।
संजय सिंह ने बताया कि मात्र 1105 लोगों ने इनका चंदा पूरा कर दिया। 1105 लोगों ने 40 लाख चंदे की जरुरत को पूरा किया है। यह खुशी की बात है। देशभर में आप की राजनीति का विस्तार इसी तरह से हो। आम लोगों के चंदे से चुनाव लड़े। जो पूंजीपतियों के चंदे से लड़ते हैं तो उन्हीं के लिए काम करते हैं। आम आदमी से पैसे लेकर चुनाव लड़ते हैं तो उनके लिए काम करते हैं।
संजय सिंह ने कहा कि अभी कुछ दिन पहले सत्येंद्र जैन ने अपने चुनाव लड़ने के लिए लोगों से अपील की थी और कहा था कि मुझे सहयोग कीजिए। चुनाव आपके पैसे से लड़ना चाहता हूं। मुझे बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि 40 लाख की मांग उन्होंने की थी वह चंद दिनों में ही जनता ने अपने सहयोग से पूरी कर दी। यह आम आदमी पार्टी के ऊपर जनता का विश्वास है।
राहुल गांधी को हर चीज फर्जी नजर आती है, वह खुद फर्जीवाड़े के सरदार
20 Jan, 2025 10:15 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। राहुल गांधी द्वारा जातीय गणना पर उठाए गए सवाल और पेपर लीक मामले पर केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता ललन सिंह ने कहा है कि कांग्रेस ने देश में संविधान की धज्जियां उड़ाई हैं। पेपर लीक मामले पर उन्होंने कहा कि सभी के तार झारखंड से जुड़ रहे हैं। ललन सिंह के बयान का बीजेपी ने भी समर्थन किया है। बीजेपी प्रवक्ता आसितनाथ तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी बिहार में जातीय आग से खेल रहे हैं। वहीं कांग्रेस ने भी केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रवक्ता ज्ञान रंजन ने कहा है कि यह लोग राहुल गांधी से डरे हुए हैं।
ललन सिंह ने कहा कि राहुल गांधी को हर चीज फर्जी नजर आती है। वह खुद ही फर्जीवाड़े के सरदार हैं। बिहार में जो जाति आधारित सर्वे कराया गया, उसके आधार पर जातीय जनगणना की मांग कर रहे थे। तब वह लोग मुंह में टेप लगाए हुए थे? किसके दबाव में आकर कुछ नहीं बोल रहे थे? वह संविधान की बात करते हैं, उनको संविधान के बारे में पता है कि कितने शेड्यूल है, कितनी धाराएं हैं।
ललन सिंह ने आगे कहा कि अगर इस देश में किसी ने संविधान की धज्जियां उड़ाई तो वह कांग्रेस है। देश में आपातकाल लाकर देश की जनता को अपमानित करने का काम किया। पेपर लीक मामले में ललन सिंह ने कहा कि जब उनकी सरकार राजस्थान में थी तब वह बताएं कि कितना पेपर लीक हुआ है। जो पेपर लीक हो रहे हैं सबके तार झारखंड से जुड़ है, जहां उनकी सरकार है।
ललन सिंह के बयान पर कांग्रेस प्रवक्ता ज्ञान रंजन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह लोग राहुल गांधी से डरे हुए हैं। उन्हें लगता है कि अति पिछड़ों और पिछड़ों को राहुल गांधी न्याय दिलाकर ही मानेंगे। ज्ञान रंजन ने कहा इनका सिंहासन डोलता नजर आ रहा है इसलिए कुछ भी अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। रंजन ने कहा कि बिहार में एक साल में 10 बार पेपर लीक हुआ है और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, अगर कोई गिरफ्तारी हुई है तो आंकड़ा जारी करें।
बीजेपी प्रवक्ता आसितनाथ तिवारी ने कहा कि बिहार ने जातीय हिंसा का बड़ा दौर देखा है। बिहार में कई नरसंहार हुए, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। ऐसी घटनाएं राजद और कांग्रेस के काल में हुई। राहुल गांधी इस गुट के सरदार हैं, जिनके दौर में ऐसी घटनाएं हुई। राहुल गांधी को यह अंदाजा नहीं है कि वह एक बार फिर से जातीय आग से खेल रहे हैं। बिहार को जातीय आग में झोंकना चाहते हैं। उन्हें पता नहीं है कि यह आग एक दिन उन्हें भी जला देगी।
बता दें पटना में शनिवार को कांग्रेस के संविधान सुरक्षा सम्मेलन में राहुल गांधी ने कहा था कि बिहार पेपर लीक का सेंटर बन चुका है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है। मंहगाई बढ़ रही है। देश की वास्तविक स्थिति को समझने के लिए जाति जनगणना होनी चाहिए। यह बिहार में की गई फर्जी जाति जनगणना की तरह नहीं होगी। जाति जनगणना के आधार पर नीति बनाई जानी चाहिए। कांग्रेस जाति जनगणना को लोकसभा और राज्यसभा में पारित करेगी। हम 50 फीसदी आरक्षण की बाधा को ध्वस्त कर देंगे।
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