राजनीति
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का ऐतिहासिक दफ्तर अब 28 मार्च तक होगा खाली, एस्टेट विभाग का आदेश
25 Mar, 2026 01:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के एस्टेट विभाग ने कांग्रेस पार्टी को उसके पूर्व मुख्यालय 24 अकबर रोड को 28 मार्च तक खाली करने का नोटिस जारी किया है। यह भवन लंबे समय तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का आधिकारिक दफ्तर रहा है और पार्टी की कई अहम राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।
क्या है पूरा मामला?
एस्टेट विभाग, जो सरकारी संपत्तियों के आवंटन और रखरखाव का जिम्मेदार होता है, ने कांग्रेस को निर्देश दिया है कि वह निर्धारित समयसीमा के भीतर इस परिसर को खाली कर दे। विभाग का कहना है कि यह भवन सरकारी आवंटन के तहत दिया गया था और अब इसकी आवश्यकता अन्य सरकारी उपयोग के लिए है।
नई जगह पर शिफ्ट हो चुकी है कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी पहले ही अपने नए मुख्यालय इंदिरा भवन में शिफ्ट हो चुकी है। ऐसे में नियमों के तहत पुराना सरकारी आवंटित भवन खाली करना अनिवार्य होता है। इसी आधार पर एस्टेट विभाग ने यह नोटिस जारी किया है।
ऐतिहासिक महत्व
24 अकबर रोड कांग्रेस के लिए सिर्फ एक दफ्तर नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक स्थान रहा है। यहीं से पार्टी ने कई चुनावी रणनीतियाँ बनाई और महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसले लिए। इसलिए इस भवन को खाली करने का मुद्दा राजनीतिक और भावनात्मक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
आगे क्या?
अब नजर इस बात पर है कि कांग्रेस तय समयसीमा के भीतर भवन खाली करती है या इस पर कोई कानूनी या राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती है। इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अगर आप चाहें तो मैं इस खबर के लिए एंकर स्क्रिप्ट, सोशल मीडिया पोस्ट या वीडियो स्क्रिप्ट भी बना सकता हूँ।
प्रधानमंत्री मोदी 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का करेंगे शुभारंभ
25 Mar, 2026 11:12 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च को जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन और प्रस्तावित विशाल जनसभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए भाजपा ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेतृत्व ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपते हुए कार्यक्रम को अभूतपूर्व बनाने का आह्वान किया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने जेवर (गौतम बुद्धनगर) में पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में 28 मार्च को होने वाले जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह और प्रस्तावित जनसभा की रूपरेखा, जनसंपर्क अभियान, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों और विभिन्न व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक कार्यकर्ता अपने दायित्व का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ करेगा। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश “विकसित भारत” के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में बुनियादी ढांचे, डिजिटल क्रांति, औद्योगिक विकास और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उत्तर प्रदेश में भी इसी दिशा में विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।
विदेश नीति पर राहुल गांधी का निशाना, कहा- सरकार ने इसे मजाक बना दिया
25 Mar, 2026 10:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बीते 25 दिनों से जारी संघर्ष के चलते अब भारत की राजनीति में सियासी गर्माहट बढ़ गई है। जहां एक तरफ सोमवार को लोकसभा के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में भी पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत सरकार का रुख साफ किया। वहीं दूसरी ओर संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर उनकी विदेश नीति को लेकर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि हमारी विदेश नीति पीएम नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत विदेश नीति है। आज इसके परिणाम देख सकते हैं। यह यूनिवर्सल जोक है। डोनाल्ड ट्रंप यह अच्छी तरह जानते हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी क्या कर सकते हैं और क्या नहीं कर सकते। इसलिए अगर पीएम की स्थिति कमजोर होती है, तो हमारी विदेश नीति भी कमजोर हो जाती है। यह सब को दिखाई दे रहा है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि भारत की विदेश नीति अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की निजी विदेश नीति बन गई है। इस बात का असर हम देख पा रहे हैं कि ये एक मजाक बनकर रह गया है। पूरी दुनिया इसे मजाक मानती है। राहुल गांधी ने एक बार फिर पीएम मोदी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नियंत्रण में होने का आरोप लगाया।
पीएम मोदी पूरी तरह से ट्रंप के नियंत्रण में
राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी पूरी तरह से ट्रंप के नियंत्रण में हैं। ट्रंप को पूरा पता है कि पीएम मोदी क्या करने वाले हैं और क्या नहीं। राहुल गांधी ने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री की स्थिति कमजोर हुई, तो देश की विदेश नीति भी कमजोर हो जाएगी। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता कर लिया, कल संसद में बेतुका भाषण दे दिया। इससे भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कोई ठोस रुख नहीं दिखाई दिया।
आम जनता को करना पड़ेगा मुश्किलों का सामना
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के इन कारणों के चलते आम जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, जैसे कि एलपीजी और पेट्रोल की बढ़ती कीमतें। राहुल गांधी ने याद दिलाया कि पीएम मोदी ने हालात को कोविड जैसी स्थिति से जोडक़र बताया, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि कोविड के दौरान कितनी जानें गईं और कितनी त्रासदियां हुईं।
“बुआ-भतीजा” रणनीति बंगाल में भाजपा के संगठन पर दबाव बना रही
25 Mar, 2026 09:24 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी मुकाबला दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है, जहां ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी ने भाजपा को चुनौती देने के लिए उत्तर और दक्षिण बंगाल में अलग-अलग रणनीति अपना रहे है। वहीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने 291 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुनावी अभियान को तेज किया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने भी समय से पहले उम्मीदवार घोषित कर आक्रामक रुख दिखाया है। चुनाव में टीएमसी की रणनीति के तहत ममता खुद उत्तर बंगाल में प्रचार की कमान संभाल रही हैं, जहां भाजपा परंपरागत रूप से मजबूत मानी जाती है। उन्होंने अलीपुरद्वार से अभियान की शुरुआत की और दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी जैसे इलाकों में रैलियां और बैठकों की योजना बनाई है। इसके अलावा फुलबारी और नक्सलबाड़ी जैसे क्षेत्रों में भी उनका फोकस रहेगा। उत्तर बंगाल में भाजपा ने 2019 के लोकसभा और 2021 के विधानसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया था, इसलिए ममता यहां सीधे मुकाबला करने उतरी हैं।
वहीं दूसरी ओर अभिषेक को दक्षिण बंगाल की जिम्मेदारी दी गई है, जहां टीएमसी पारंपरिक रूप से मजबूत रही है। उनका ध्यान जिलों में संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर है। इस तरह “बुआ-भतीजा” की जोड़ी राज्य के दोनों हिस्सों में संतुलित प्रचार रणनीति के जरिए चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।
उधर भाजपा भी पूरी ताकत झोंक रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, सुनील बंसल और भूपेंद्र यादव राज्य में सक्रिय हैं। सिलीगुड़ी और दुर्गापुर में बैठकों के जरिए संगठन को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा की रणनीति बूथ स्तर तक पहुंच बनाने, घर-घर संपर्क अभियान चलाने और केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रचारित करने पर केंद्रित है। कुल मिलाकर, बंगाल का चुनाव इस बार उत्तर बनाम दक्षिण की रणनीति पर टिका नजर आ रहा है, जहां टीएमसी का “बुआ-भतीजा” मॉडल भाजपा के मजबूत ढांचे को चुनौती देने की कोशिश कर रहा है। अब देखना होगा कि यह रणनीति चुनावी नतीजों को कितना प्रभावित कर पाती है।
हिमंत बिस्वा सरमा के प्रतिद्वंद्वी का कांग्रेस पर्चा रद्द, चुनावी तालमेल में बदलाव
25 Mar, 2026 07:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव में नामांकन जांच के दौरान कांग्रेस पार्टी के तीन उम्मीदवारों के पर्चे रद्द कर दिए गए हैं। इनमें सबसे अहम नाम जलुकबारी सीट का है, जहां से मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा चुनाव मैदान में हैं।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, कांग्रेस के जिन उम्मीदवारों के नामांकन रद्द हुए हैं, वे हैं आनंद नराह – ढकुआखाना,निर्मल लंगथासा – हाफलोंग, विदिशा नेओग – जलुकबारी। अब तक पूरे राज्य में कुल 18 नामांकन पत्र खारिज किए जा चुके हैं।
असम की 126 विधानसभा सीटों के लिए 815 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं। कुल 1,389 नामांकन पत्र दाखिल हुए हैं। कई उम्मीदवारों ने एक से ज्यादा सीटों से पर्चा भरा है। इससे चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प होता दिख रहा है। नामांकन रद्द होने की घटनाओं ने असम चुनाव में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
‘हिंदू विधायक’ टिप्पणी से गरमाई सियासत, CEO करेगा चुनाव आयोग को शिकायत
24 Mar, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
तिरुवनंतपुरम। केरल में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासत में खासी हलचल है। चुनावी रण में राजनीतिक पार्टियों की तेज होती तैयारियों और पार्टियों के बीच बढ़ते आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब भाजपा उम्मीदवार बी गोपालकृष्णन के विवादित बयान ने नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। इस मामले में केरल के मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू केलकर ने मंगलवार को बताया कि गोपालकृष्णन की तरफ से दिए गए 'हिंदू विधायक' बयान को लेकर शिकायत मिली थी और इस पर कानूनी राय प्राप्त हो गई है। केलकर ने आगी की कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा कि इस कानूनी राय के आधार पर जल्द ही चुनाव आयोग को रिपोर्ट भेजी जाएगी और आयोग की सलाह के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने पहले ही चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी, जबकि भाजपा ने इसे सिर्फ एक टिप्पणी के रूप में ठहराया है।
चुनाव आयोग के मार्गदर्शन में होगी कार्रवाई- सीईओ
केरल के सीईओ के अनुसार, सोमवार को स्टैंडिंग काउंसल से कानूनी राय मिली थी। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई चुनाव आयोग के मार्गदर्शन के अनुसार की जाएगी। हालांकि, उन्होंने उम्मीदवार के खिलाफ संभावित कार्रवाई पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की।
गोपालकृष्णन के बचाव में उतरे केरल भाजपा अध्यक्ष
इससे पहले बढ़ते विवाद के बीच भाजपा के राज्य अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को गोपालकृष्णन का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनका बयान किसी के खिलाफ नहीं था और इसे नफरत भरी भाषा नहीं माना जाना चाहिए। उनका कहना था कि उम्मीदवार केवल यह बता रहे थे कि भक्तों के मुद्दों को देखते हुए क्षेत्र में एक ‘विश्वासी विधायक’ की जरूरत है।
समझिए क्या है पूरा विवाद
गौरतलब है कि यह विवाद उस प्रचार वीडियो से जुड़ा है जिसमें भाजपा नेता और उम्मीदवार गोपालकृष्णन ने आरोप लगाया था कि गुरुवायुर निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 50 वर्षों से कोई हिंदू विधायक नहीं चुना गया और इस क्षेत्र में कांग्रेस और वाममोर्चा ने हिंदू उम्मीदवार नहीं उतारे। सीपीआई (एम) और कांग्रेस ने इस बयान की कड़ी निंदा की और ईसीआई में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद ईसीआई ने मामले में हस्तक्षेप किया, फिर गुरुवायुर पुलिस ने बीएनएस और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
नीतीश कुमार आज फिर बनेंगे JDU अध्यक्ष, निर्विरोध चुनाव तय
24 Mar, 2026 12:02 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर से जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं। आज दोपहर बाद प्रदेश कार्यालय में इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। मुमकिन है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी आज समृद्धि यात्रा से लौटने के बाद प्रदेश कार्यालय में आएं ताकि कार्यकर्ता और नेता उनको चौथी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने बधाई दे सकें।
इस वजह से बनेंगे राष्ट्रीय अध्यक्ष
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वर्तमान में भी जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। अब एक बार फिर चौथी बार भी वह निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए हैं। 22 मार्च को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन किया गया थाअ और आज 24 मार्च तक नामांकन वापस लिए जाने का दिन था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावे किसी अन्य ने इस पद के लिए उम्मीदवारी नही की, इस वजह से यह साफ़ हो चुका है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। अगर इनके अलावे कोई अन्य नामांकन दाखिल करता तो 27 मार्च चुनाव होता, लेकिन ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी, इसलिए अब स्पष्ट हो चुका है कि नीतीश कुमार ही राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। राज्यसभा सदस्य रहते हुए वह पार्टी की बागडोर अपने ही हाथ में रखेंगे। इस बात की आधिकारिक घोषणा कुछ ही देर में कर दी जाएगी।
निर्वाचन अधिकारीजारी करेंगे निर्वाचन प्रमाण पत्र
जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आज. मंगलवार 24 मार्च, 2026 को सुबह 11 बजे थी। नामांकन वापस लेने का समय समाप्त होने के बाद, निर्वाचन अधिकारी के पास केवल नीतीश कुमार का नामांकन ही शेष है, इसलिए निर्वाचन अधिकारी और राज्यसभा के पूर्व सांसद अनिल प्रसाद हेगडे आज दोपहर 2:30 बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्वाचित होने का निर्वाचन प्रमाण पत्र जारी करेंगे। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्य सभा में संसदीय दल के नेता संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेतागण उपस्थित रहेंगे।
भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करना है – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
24 Mar, 2026 10:32 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने कहा कि भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करना है (India’s Endeavour is to encourage all parties to find Peaceful Solution at earliest) ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि कोरोना के समय हम एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। हमें फिर से उसी तरह से तैयार रहने की आवश्यकता है। धीरज के साथ, संयम के साथ, शांत मन से हमें हर चुनौती का मुकाबला करना है। यही हमारी पहचान है, यही हमारी ताकत है। हमें बहुत सावधान और सतर्क भी रहना है। पीएम मोदी ने कहा कि हालात का फायदा उठाने वाले झूठ फैलाने का प्रयास करेंगे। ऐसे लोगों की कोशिशों को सफल नहीं होने देना है।
मैं देश की सभी राज्य सरकारों से भी इस सदन के माध्यम से आग्रह करूंगा कि ऐसे समय में कालाबाजारी करने वाले, जमाखोरी करने वाले सक्रिय हो जाते हैं। इसके लिए कड़ी निगरानी की जरूरत है। जहां से भी ऐसी शिकायत आती है, वहां त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता रही है। पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3.72 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से एक हजार भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। खाड़ी के देशों में हजारों भारतीय विद्यार्थी पढ़ते हैं। सीबीएसई ने ऐसे सभी भारतीय स्कूलों में होने वाली कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। छात्रों की पढ़ाई लगातार चलती रहे, इसके लिए सीबीएसई उचित कदम उठा रही है।
भारत के पास उर्वरकों का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आयात विविध बना हुआ है। यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को दिया। संसद को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार ने उर्वरकों का पर्याप्त भंडार रखा है। लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने पिछले वर्षों में किसानों की सहायता के लिए कई कदम उठाए हैं। उर्वरक आयात में विविधता लाई गई है। हमने किसानों को ‘मेक इन इंडिया उर्वरक’ का विकल्प भी दिया है।” सरकार ने खरीफ मौसम के लिए किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव और उनकी उर्वरक आवश्यकता का आकलन किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में उर्वरकों का पर्याप्त भंडार बनाए रखने के लिए उठाए गए कदम समय पर उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए किसानों को 22 लाख से अधिक सौर पंप दिए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में कहा कि सरकार ने भविष्य की तैयारी और बढ़ाते हुए शांति एक्ट के माध्यम से न्यूक्लियर एनर्जी के उत्पादन को प्रोत्साहित किया है। कुछ दिन पहले स्मॉल हाइट्रो पावर डेवलपमेंट्स स्कीम को भी हरी झंडी दी गई है। जिससे अगले पांच वर्षों में 1500 मेगा वाट नई हाइट्रो पावर क्षमता जोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि जहां तक डिप्लोमेसी की बात है भारत की भूमिका स्पष्ट है। शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने खुद भी पश्चिम एशिया के सभी संबंधित नेताओं से बातचीत की है। मैंने सभी से तनाव को कम करने और इस संघर्ष के खत्म करने का आग्रह किया है। पीएम ने कहा कि भारत ने नागरिकों, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े हुए इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। कमर्शियल जहाजों पर हमला और होर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है। भारत कूटनीति के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि प्रभावित देशों में हमारे जितने भी मिशन हैं, वे लगातार भारतीयों की मदद में जुटे हैं। वहां काम करने वाले भारतीय हों या टूरिस्ट हों, सभी को हरसंभव मदद दी जा रही है। हमारे मिशन नियमित रूप से एडवाइजरी जारी कर रहे हैं। यहां भारत और अन्य प्रभावित देशों में 24 घंटे कंट्रोल रूम और आपातकालीन हेल्पलाइन जारी की गई हैं। सभी भारतीयों को त्वरित जानकारी दी जा रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा से ही मानवता के हित में और शांति के पक्ष में अपनी आवाज उठाता रहा है। उन्होंने कहा कि मैं फिर कहूंगा कि बातचीत और कूटनीति ही इस समस्या का समाधान है। हमारे हर प्रयास तनाव को कम करने इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए है। इस संघर्ष में किसी के भी जीवन पर संकट मानवता के हित में नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत का प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है। जब ऐसे संकट आते हैं तो कुछ तत्व इसका गलत फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। इसलिए कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने वाली सभी एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। पीएम ने कहा कि कोस्ट सिक्योरिटी हो, बॉर्डर सिक्योरिटी हो, साइबर सिक्योरिटी और स्ट्रैटेजिक इंस्टॉलेशन हो, सबकी सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। इसलिए हमें तैयार रहना होगा। हमें एकजुट रहना होगा। उन्होंने कहा कि देश की हर सरकार और देश का हर नागरिक जब मिलकर चलेंगे तो हम हर चुनौती को चुनौती दे सकते हैं।
मतदाताओं से जुड़ने में सांस्कृतिक प्रतीकों का इस्तेमाल
24 Mar, 2026 10:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
परगना|पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने को भले ही अभी एक महीने बाकी हैं, लेकिन सत्ता की गलियारों में हलचल तेज हो गई है. इस बार के विधानसभा चुनाव में नेताओं के प्रचार-प्रसार का तरीका भी थोड़ा अलग देखने को मिल रहा है. उत्तर 24 परगना जिले की विधाननगर सीट से भाजपा प्रत्याशी शारद्वत मुखर्जी ने हाथ में मछली लेकर प्रचार-प्रसार किया. खास बात रही कि इन दिनों नवरात्रि भी चल रही है. जब भाजपा प्रत्याशी का वीडियो वायरल हुआ, तो टीएमसी ने जमकर हमला बोला|
भाजपा प्रत्याशी के इस अनोखे प्रचार-प्रसार ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. शारद्वत चुनाव प्रचार के दौरान हाथ में मछली घर से निकले. उन्होंने मछली वाले मामले को लेकर कहा कि हम मछली पकाकर ममता बनर्जी को भी खिलाएंगे और उनके भतीजे को भी भेजेंगे. ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा कि वे काफी दुबले पतले हो गए हैं, उन्हें मछली खिलाने की जरूरत है|
प्रचार के दौरान क्या बोले शारद्वत मुखर्जी?
भाजपा उम्मीदवार शारद्वत मुखर्जी ने प्रचार के दौरान कहा कि ममता बनर्जी ने कहा था कि अगर भाजपा सत्ता में आई तो मांसाहारियों का जीवन बर्बाद हो जाएगा, लेकिन ममता भूल गईं कि त्रिपुरा में पिछले एक दशक से भाजपा सत्ता में है और वहां पर 95 प्रतिशत बंगाली आबादी है. इसलिए मैंने मछली के साथ अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत की है. उन्होंने यह भी कहा कि बंगाली किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले मछली जरूर खरीदते हैं|
नवरात्रि पर मछली के सवाल पर क्या बोले?
नवरात्रि पर मछली खरीदने वाले सवाल पर शारद्वत मुखर्जी ने कहा कि बंगाल में लोग नवरात्रि के दौरान भी मछली खाते हैं. बंगाल में सभी समुदाय के लोग मांसाहारी हैं. खानपान की आदतें अपनी पसंद पर निर्भर करती हैं. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव जीतने के बाद अपनी विधानसभा में हिलसा मछली, झींगा और अन्य चीजें बांटेंगे. मांसाहार पर प्रतिबंध लगाने को लेकर कहा कि हमारी अभी ऐसी कोई योजना नहीं है. फिलहाल, चुनाव प्रचार के इस अनोखे प्रचार को लेकर हर कोई चर्चा कर रहा है|
प्लांट के अपग्रेडेशन और संचालन में 158 करोड़ की राशि का ऐलान
24 Mar, 2026 08:14 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
रोहतास। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी समृद्धि यात्रा के पांचवें चरण में मंगलवार को रोहतास आ रहे हैं। बिहार में चल रही सियासी हलचल के बीच बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की यह रोहतास जिले में संभवतः अंतिम राजनीतिक यात्रा होगी, जहां वे 158.59 करोड़ की 179 योजनाओं का उद्घाटन और 321.5 करोड़ की 129 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर दोपहर करीब एक बजे लैंड करेगा, जहां उनके साथ कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत रोहतास जिले के सभी विधायक व सांसद मौजूद रहेंगे।
वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण
नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के क्रम में डेहरी स्थित सोन नदी पर बन रहे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण करेंगे। बता दें कि बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत सासाराम, डेहरी एवं औरंगाबाद शहर में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। दरअसल, नीतीश कुमार ने ही वर्ष 2024 में इस योजना का शिलान्यास किया था और अब प्लांट का आधे से अधिक कार्य पूरा हो चुका है।
308 योजनाओं की देंगे सौगात
रोहतास जिले को मुख्यमंत्री 480.09 करोड़ की कुल 308 योजनाओं की सौगात देने वाले हैं, जिसमें ग्रामीण कार्य विभाग, पंचायती राज विभाग, जिला कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, योजना एवं विकास विभाग, पशुपालन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, नगर परिषद, पथ निर्माण विभाग आदि की योजनाएं शामिल हैं।
जनसभा को करेंगे संबोधित
नीतीश कुमार डेहरी स्थित बीएमपी मैदान में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक भव्य पंडाल का निर्माण किया गया है और सभी प्रशासनिक तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक सारी तैयारियां मुकम्मल हैं और हर जगह सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री की मौजूदगी वाली सभी जगहों को दुल्हन की तरह सजाया गया है और डीएम-एसपी समेत सभी वरीय अधिकारी पूरे कार्यक्रम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
एनएच 119 पर भारी वाहनों का परिचालन बंद
वहीं, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने रोहतास प्रखंड से डेहरी ऑन सोन जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 119 पर भारी वाहनों का परिचालन आंशिक रूप से बंद किया है। इस दौरान एनएच पर भारी वाहनों का आवागमन प्रभावित रहेगा और मंगलवार शाम 6 बजे के बाद मार्ग पुनः चालू कर दिया जाएगा। साथ ही, जिला प्रशासन ने आम जनता एवं वाहन चालकों से सहयोग की अपील की है।
जहानाबाद में 252 करोड़ की नई योजनाओं की घोषणा
24 Mar, 2026 08:09 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
जहानाबाद। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज समृद्धि यात्रा के क्रम में जहानाबाद जिले में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन के संबंध में जानकारी ली और कार्य तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया।
सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पाद केंद्र का सीएम ने किया उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने जहानाबाद के पुराने प्रखंड कार्यालय परिसर में जीविका दीदियों के सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पाद केंद्र का शिलापट्ट अनावरण कर एवं फीता काटकर उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात उन्होंने सिलाई प्रशिक्षण सह उत्पाद केंद्र का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने वहां स्कूली बच्चों के लिए बनाए जा रहे ड्रेस के संबंध में भी जानकारी ली। सिलाई केंद्र से जुड़ी जीविका दीदियों का उत्साहवर्धन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग अच्छे से काम करें, सरकार हर तरह की सुविधा उपलब्ध करा रही है। आप लोगों को स्व-रोजगार देने हेतु सरकार हर संभव प्रयास कर रही है।
सीएम ने ली विकासात्मक कार्यों की जानकारी
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने जिले में चलाई जा रही विभिन्न विकासात्मक कार्यों की जानकारी ली। इस क्रम में उन्होंने जहानाबाद जिले में एनएच-110 से एसएस कॉलेज तक पथ निर्माण कार्य, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य, घोसी के अधीन मंडई वीयर एवं उससे निकलने वाली दाएं एवं बाएं मुख्य नहर प्रणाली तथा संरचनाओं का निर्माण कार्य, प्रखंड सह अंचल कार्यालय काको, घोसी, मखदुमपुर के भवन निर्माण कार्य सहित अन्य विकासात्मक योजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और सभी योजनाओं को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया।
जिले को दी अरबों की सौगात
इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम स्थल से रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर जहानाबाद जिले के लिए 70 करोड़ रुपये की लागत से 88 योजनाओं का उद्घाटन तथा 182 करोड़ रुपये की लागत से 73 योजनाओं का शिलान्यास किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकासात्मक कार्यों से संबंधित स्टॉलों का निरीक्षण किया। जीविका के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान स्वयं सहायता समूह की जीविका दीदियों द्वारा जीविकोपार्जन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों एवं उत्पादों की जानकारी ली। वहां उपस्थित जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि आपने महिलाओं की तरक्की के लिए काफी काम किया है। हम सभी जीविका दीदियां आपकी कृपा से जीवन में आगे बढ़ रही हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग ऐसे ही काम करते रहिए और आगे बढ़िए।
जीविका दीदियों को दिया 145 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक
मुख्यमंत्री ने 9066 जीविका स्वयं सहायता समूह की दीदियों को 145 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के उद्यमियों के बीच 1 करोड़ 82 लाख रुपये का सांकेतिक चेक भी वितरित किया। मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, पंचायती राज विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, उद्योग विभाग और समाज कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और विभिन्न योजनाओं के लाभुकों को सांकेतिक चेक प्रदान किए।
भवानीपुर सीट पर क्यों उतरीं ममता बनर्जी? खुद किया खुलासा
24 Mar, 2026 07:59 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं. सभी राजनैतिक दलों ने पूरे दमखम के साथ तैयारियां शुरू कर दी हैं. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी दक्षिण कोलकाता जिले की भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं. भवानीपुर क्षेत्र वर्तमान में टीएमसी का गढ़ माना जाता है. ऐसा नहीं है कि यह हमेशा से ही टीएमसी का गढ़ रहा है. कई दशकों तक यहां एकतरफा कांग्रेस का बोलबाला रहा है, लेकिन मौजूदा हालात बिल्कुल अलग हैं. यहां जानें ममता बनर्जी ने क्यों खुद के लिए भवानीपुर विधानसभा चुना? भवानीपुर सीट पर खुद ममता बनर्जी उम्मीदवार हैं. भवानीपुर टीएमसी का गढ़ होने के बावजूद भी ममता पूरी ताकत झोंक रही हैं. उनके सामने मुकाबला करने के लिए भाजपा से सुवेंदु अधिकारी चुनावी मैदान में हैं, जो 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी को हरा चुके हैं. एक बार फिर वे मुकाबला करने के लिए तैयार हैं. ऐसे में ममता बनर्जी कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती हैं।
ममता बनर्जी ने क्या कहा?
ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ने को लेकर कहा कि यहां मुझे हर कोई जानता है. घर बदलने की बात होने के बावजूद मैंने भवानीपुर नहीं छोड़ा. मेरी मां ने मुझे यह घर बदलने नहीं दिया. यानी ममता बनर्जी मां के कहने की वजह से भवानीपुर कभी नहीं छोड़ा और इस बार भी चुनाव लड़ रही हैं. हालांकि वे चुनाव की तैयारियों को लेकर काफी एक्टिव हैं. कई कार्यकर्ताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा चुकी हैं।
भवानीपुर से कई दिग्गजों ने चुनाव जीता
भवानीपुर विधानसभा से पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय भी विधायक रह चुके हैं. उनके अलाना मीरा दत्ता गुप्ता और रथिन तालुकदार जैसे दिग्गजों ने भी यहां से जीत दर्ज की है. अब खुद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी यहां से विधायक हैं और फिर चुनावी मैदान में हैं. भवानीपुर विधानसभा 1972 में परिसीमन के बाद से मानचित्र से गायब कर दी गई. 2011 में हुए परिसीमन के बाद फिर इस सीट का उदय हुआ. तब से यहां पर टीएमसी का ही कब्जा है।
इतिहास रचा पीएम मोदी ने, सबसे लंबी अवधि तक सत्ता में बने
23 Mar, 2026 10:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बतौर भारतीय राजनेता एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बना लिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित सरकार के प्रमुख बने रहने का रिकॉर्ड बनाया है। सरकार के प्रमुख के रूप में पीएम मोदी ने सार्वजनिक कार्यालय में 8,931 दिन पूरे कर लिए। इससे पहले यह रिकॉर्ड सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के नाम था। उन्होंने 8,930 दिनों तक किसी सरकार का नेतृत्व किया था। यह भारत में किसी भी सरकार के मुखिया का अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल था, जिसे पीएम मोदी ने पार कर लिया है। चामलिंग 1994 से 2019 तक, पूरे 25 साल सिक्किम के मुख्यमंत्री रहे थे। पीएम मोदी के लिए रविवार का दिन और 22 मार्च की तारीख सबसे खास पन्नों में दर्ज हो गई है।
प्रधानमंत्री मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री वाले कार्यकाल को मिलाकर सबसे लंबे समय तक सरकार के मुखिया बने रहने का रिकॉर्ड बनाया है। साल 2001 से 2014 तक पीएम मोदी करीब 13 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और साल 2014 से लेकर अब तक वह देश के प्रधानमंत्री पद पर बने हुए हैं। दोनों कार्यकालों को जोडऩे पर यह आंकड़ा 8,931 दिन बनता है। मोदी की यह उपलब्धि बेहद दुर्लभ और उल्लेखनीय मानी जा रही है। इस अवसर पर देश के दिग्गज नेताओं ने पीएम मोदी को बधाई दी है।
गुजरात में सबसे लंबे समय तक शासन संभालने वाले मुख्यमंत्री
पीएम मोदी ने सात अक्तूूबर, 2001 को गुजरात के सीएम पद की शपथ ली थी। राज्य के सीएम के रूप में अपराजित रहे मोदी ने साल 2014 में पीएम के रूप में नाम सामने आने के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया था।
2014 में पहली बार बने प्रधानमंत्री
गुजरात का सीएम पद छोड़ नरेंद्र मोदी ने 2014 में प्रचंड जीत हासिल कर देश के प्रधानमंत्री बने थे। तब से लेकर अब तक वह इस पद पर विराजमान हैं। रोचक बात यह है कि पीएम मोदी इन 12 सालों में तीन बार चुनकर आए और अपराजित रहे। पीएम मोदी ने बतौर सीएम और पीएम रहते एक भी हार नहीं झेली है।
PM मोदी बोले: पश्चिम एशिया के हालात पर मिलकर ही कर सकते हैं मुकाबला
23 Mar, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया संकट को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सोमवार को कहा कि कच्चे तेल एवं गैस की जरुरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा होता है इसलिए भारत पर इसका असर स्वभाविक है, लेकिन इस चुनौती का मिलकर और एकजुटता के साथ मुक़ाबला करने की जरूरत है। पीएम मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर वक्तव्य देते हुए कहा कि इस संकट के कारण भारत की चिंताएं स्वाभाविक हैं, लेकिन भारत को एकजुट रहकर चुनौतियों का मुकाबला करना आता है। कोरोना संकट के समय की इसी तरह की चुनौती का हमने एकजुट रहकर सामना किया था और अब इस चुनौती का मुकाबला भी उसी तरह एकजुटता से करना होगा।
पश्चिमी एशिया के देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन देते हुए उन्होंने कहा , ” इन देशों में हमारे मिशन भारतीयों की मदद में जुटे हैं। प्रभावित देशों में हमारे मिशन लगातार भारतीयों की मदद में लगे हुए हैं। चाहे वहां काम करने वाले भारतीय हों या वहां गए पर्यटक, सभी को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। भारतीय मिशन नियमित रूप से इसको लेकर सलाह जारी कर रहे हैं। भारत और अन्य प्रभावित देशों में 24/7 सहायता कक्ष और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं। इनके माध्यम से सभी प्रभावित लोगों को नवीनतम जानकारी दी जा रही है।”
उन्होंने कहा “संकट के समय में भारत और विदेश में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इस युद्ध की शुरुआत से ही प्रभावित देशों में रहने वाले प्रत्येक भारतीय को सहायता प्रदान की गई है। मैंने पश्चिम एशियाई देशों के अधिकांश राष्ट्राध्यक्षों से दो बार फोन पर बात की है। सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया है। यह दुखद स्थिति है कि संघर्ष के दौरान कुछ लोगों ने अपनी जान गंवाई है और कुछ घायल हुए हैं।”
प्रधानमंत्री ने युद्धग्रस्त और संघर्ष से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध का ज़िक्र करते हुए कहा, ” जिस क्षेत्र में संघर्ष चल रहा है, वह विश्व के अन्य देशों के साथ हमारे व्यापार का एक महत्वपूर्ण मार्ग भी है। यह क्षेत्र विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की जरुरतों के लिए हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा यह क्षेत्र हमारे लिए इस कारण से भी महत्वपूर्ण है कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय काम करते हैं। वहां वाणिज्यिक जहाज चलते हैं। भारतीय चालक दल के सदस्यों की संख्या भी बहुत अधिक है। इन विभिन्न कारणों से, भारत की चिंताएं स्वाभाविक रूप से अधिक हैं। इन सब स्थितियों को देखते हुए आवश्यक है कि संसद से इस संकट को लेकर हमारी एक आवाज और आम सहमति दुनिया तक पहुंचे।”
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पश्चिम एशिया की चिंताजनक स्थिति को लेकर लगातार संसद को अवगत करा रही है। उनका कहना था कि पिछले दो-तीन हफ्तों में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने सदन को स्थिति का विस्तृत विवरण दिया है। यह संघर्ष तीन सप्ताह से अधिक समय से चल रहा है। इसका वैश्विक अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और इसीलिए दुनिया इस संघर्ष के शीघ्र समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है।
संकट की स्थिति में भारतीय कूटनीति पर उन्होंने कहा “वर्तमान वैश्विक माहौल में भारत की भूमिका स्पष्ट है। शुरुआत से ही हमने इस संघर्ष पर गहरी चिंता व्यक्त की है। मैंने पश्चिम एशिया के सभी संबंधित नेताओं से व्यक्तिगत रूप से बात की है। मैंने सभी से तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने का आग्रह किया है। भारत ने नागरिकों, ऊर्जा और परिवहन अवसंरचना पर हमलों की निंदा की है। वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को अवरुद्ध करना अस्वीकार्य है। भारत इस युद्ध जैसे माहौल में भी भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कूटनीति के माध्यम से निरंतर प्रयास कर रहा है। भारत ने हमेशा मानवता के कल्याण और शांति का समर्थन किया है। मैं दोहराता हूं कि इस समस्या का एकमात्र समाधान संवाद और कूटनीति है। हमारे सभी प्रयास तनाव कम करने और इस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में हैं। इस युद्ध में किसी के भी जीवन को खतरे में डालना मानवता के हित में नहीं है इसलिए हमारा प्रयास सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान तक पहुंचने के लिए प्रोत्साहित करना है। जब ऐसे संकट उत्पन्न होते हैं, तो कुछ तत्व उनका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, इसलिए, सभी कानून और व्यवस्था एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। तटीय सुरक्षा हो, सीमा सुरक्षा हो, साइबर सुरक्षा हो या रणनीतिक प्रतिष्ठान हों, सबकी सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।”
प्रधानमंत्री ने वैकल्पिक ऊर्जा बढाने के लिए भारत के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्षों में, देश ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता को लगभग 03 गीगावाट से बढ़ाकर 140 गीगावाट कर दिया है। पिछले एक वर्ष में, देश भर में लगभग 40 लाख रूफटॉप सोलर पैनल लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री सूर्यगढ़ मुफ्त बिजली योजना ने भी इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है। गोवर्धन योजना के तहत, देश में 200 संपीड़ित बायोगैस संयंत्र भी चालू हो गए हैं। ये सभी प्रयास देश के लिए बहुत उपयोगी साबित हो रहे हैं। सरकार ने शांति अधिनियम के माध्यम से देश में परमाणु ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करके भविष्य की तैयारियों को और मजबूत किया है। हाल ही में, लघु जलविद्युत विकास योजना को भी मंजूरी दी गई है, जिससे अगले पांच वर्षों में 1500 मेगावाट की नई जलविद्युत क्षमता जुड़ेगी।
पीएम मोदी ने एथेनॉल का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने इथेनॉल की मात्रा 20 प्रतिशत कर दी है जिसका लाभ देश को बड़े स्तर पर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी एशिया संकट के बावजूद सरकार ने पेट्रोल, डीजल और गैस की आपूर्ति पर गंभीर असर न पड़े, इसके लिए प्रयास किए हैं। देश अपनी एलपीजी की 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात करता है। आपूर्ति में अनिश्चितता के कारण सरकार ने घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी है। इसके साथ ही एलपीजी का घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया जा रहा है। देश भर में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी रहे, इसके लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
ललन सिंह का दावा: JDU की कमान फिर नीतीश कुमार के हाथ में
23 Mar, 2026 11:00 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पटना। जनता दल (United) में नेतृत्व को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (Rajeev Ranjan Singh) उर्फ ललन सिंह ने स्पष्ट किया है कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने नामांकन कर दिया है और निर्धारित तिथि पर उनके नाम की औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। उनके अनुसार, जदयू में उनका कोई विकल्प नहीं है और वे ही सर्वमान्य नेता हैं।
पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में ललन सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार पार्टी के सर्वोच्च नेता हैं और संगठन उनके नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह पार्टी उनके द्वारा बनाई गई है, इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए किसी अन्य नाम पर विचार का सवाल ही नहीं उठता।
पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में उनकी विदाई तय है और लगातार हो रही बयानबाजी उनकी हताशा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव के दावों को जनता ने खारिज किया था, उसी तरह पश्चिम बंगाल में भी जनता जवाब देगी।
इससे पहले शुक्रवार को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल किया गया था। हालांकि वे स्वयं मौजूद नहीं थे और उनकी ओर से पार्टी नेताओं ने नामांकन प्रक्रिया पूरी की। बताया जा रहा है कि वे लगातार चौथी बार जनता दल (यूनाइटेड) का नेतृत्व संभालने जा रहे हैं।
पार्टी नेता संजय झा ने कहा कि पार्टी सदस्यों के सामूहिक आग्रह पर यह निर्णय लिया गया है, ताकि वरिष्ठ नेता संगठन के शीर्ष पर बने रहें। इस बीच यह भी चर्चा है कि राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं, हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
निशांत कुमार से मिले जदयू नेता
इधर जदयू के प्रवक्ताओं और मीडिया प्रभार संभालने वाले पदाधिकारियों ने शनिवार को मुख्यमंत्री के पुत्र निशांत कुमार से मुलाकात की। यह बैठक मुख्यमंत्री आवास एक अणे मार्ग पर करीब दो घंटे चली। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बताया कि संगठन की भविष्य की रणनीति पर चर्चा हुई, जिसमें निशांत कुमार पूरे समय मौजूद रहे।
वहीं विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने कहा कि निशांत कुमार ने अपने पिता के लंबे राजनीतिक अनुभव और सामाजिक बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी उनके मार्गदर्शन में सुरक्षित हाथों में रहेगी। बताया जा रहा है कि 44 वर्षीय निशांत कुमार हाल ही में पार्टी से औपचारिक रूप से जुड़े हैं।
10वीं-12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों को द्वितीय अवसर परीक्षा का मिलेगा मौका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
पश्चिम बंगाल में भाजपा के समर्थन में उतरे डॉ. मोहन यादव, जनसभा को किया संबोधित
राहुल गांधी की 6 गारंटियां: तमिलनाडु की महिलाओं और छात्रों को हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये।
प्रशासन का सख्त एक्शन: बिना लाइसेंस चल रही चांदी रिफाइनरी सील, मौके से आधुनिक मशीनें बरामद।
ईरान की सख्ती: अब जहाजों को लेनी होगी IRGC की इजाजत
साहब की बहाली के लिए बाबू ने मांगी घूस: 40 हजार रुपये के साथ पकड़े गए स्थापना शाखा प्रभारी।
अनुभव का सम्मान या परीक्षा का दबाव? पात्रता परीक्षा पर मप्र के शिक्षकों ने खोला मोर्चा
ग्रामीणों की बहादुरी से बची दो जानें, लेकिन अंचल और पूनम को नहीं बचा सका कोई
