राजनीति
प्रधानमंत्री और CM बैठक से पहले ममता का हमला, लॉकडाउन को लेकर उठाया सवाल
27 Mar, 2026 09:38 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल (West Bengal) में विधानसभा चुनावों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने केंद्र सरकार (Central government) और चुनाव आयोग (election Commission) पर कड़ा रुख अपनाया है। पांडवेश्वर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने देश में फिर से लॉकडाउन लगाने की संभावना जताई और कहा कि भाजपा की किसी भी रणनीति से उन्हें चुनाव लड़ने से नहीं रोका जा सकता। ममता ने कहा, “वे फिर से लॉकडाउन लगा सकते हैं और लोगों को घरों में कैद कर सकते हैं। 2021 में भी हमने लॉकडाउन के बीच चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। मैं किसी भी परिस्थिति में लड़ने के लिए तैयार हूं।” बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुक्रवार को ईंधन आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ बुलाई गई वर्चुअल बैठक में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु और केरल जैसे चुनावी राज्यों को आमंत्रित नहीं किया गया।
एलपीजी और ईंधन संकट पर नाराजगी
मुख्यमंत्री ने देश में एलपीजी सिलेंडरों की बढ़ती कीमतों और किल्लत पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पहले सिलेंडर 400 रुपये का था, जो अब 1,100 रुपये तक पहुँच गया है। इसके साथ ही बुकिंग के 25-35 दिन बाद सिलेंडर मिलने की स्थिति पर सवाल उठाया और कहा कि लोग खाना पकाने के आदिम तरीकों की ओर लौटने को मजबूर हैं।
मतदाता नाम हटाने का आरोप
ममता ने भाजपा और चुनाव आयोग पर ‘विशेष गहन संशोधन’ (SIR) प्रक्रिया के जरिए मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को ‘गायब करने वाली शक्तियों वाली वॉशिंग मशीन’ बताया जा रहा है, जिसमें असली मतदाताओं के नाम (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, एससी/एसटी) हटाए जा रहे हैं। जिनके नाम हटाए गए हैं, टीएमसी उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता और हर इलाके में कैंप लगाकर मदद प्रदान करेगी।
अभिषेक बनर्जी ने साधा निशाना
टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में भाजपा पर धर्म की राजनीति करने और रोज़ी-रोटी जैसे मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से यहां रह रहे लोगों को नागरिकता का सबूत देने के लिए मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की भी मांग की।
सरकार गिरने की भविष्यवाणी
ममता ने दावा किया कि केंद्र की भाजपा सरकार इस साल अगस्त या सितंबर तक गिर जाएगी। उन्होंने चुनाव आयोग को चेतावनी दी कि उसे भाजपा के एजेंट के रूप में काम नहीं करना चाहिए और समर्थकों से मतदान और गिनती के दिन किसी भी प्रकार के बल प्रयोग के खिलाफ एकजुट रहने का आह्वान किया।
LPG संकट पर डिंपल यादव का हमला, सर्वदलीय बैठक से पहले उठाया मुद्दा
27 Mar, 2026 08:30 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने देश में गहराते एलपीजी संकट के लिए सीधे तौर पर केंद्र सरकार की ईरान नीति को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि दशकों से भारत का मित्र रहे ईरान के प्रति मौजूदा सरकार के रवैये की वजह से ही आज देश के लोग गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। यह बयान ऐसे समय आया है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य-पूर्व में जारी युद्ध संकट पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
डिंपल यादव ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार का ईरान के प्रति जो रवैया रहा, उसका परिणाम आज पूरे देश को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान भारत के लिए हमेशा से एक विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्तिकर्ता रहा है, विशेषकर कच्चे तेल और एलपीजी के संदर्भ में। उसके साथ संबंधों में आई खटास ने देश की एलपीजी आपूर्ति श्रृंखला को गंभीर रूप से बाधित किया है। मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत की विदेश नीति की दिशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि आज की बैठक में हम सरकार से पूछेंगे कि इस गंभीर संकट को लेकर उनकी क्या तैयारी है और वे एलपीजी की कमी दूर करने के लिए क्या ठोस कदम उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ बैठकें बुलाने से समस्या हल नहीं होगी, सरकार को अपनी नीतियों पर पुनर्विचार करना होगा।
सांसद यादव ने एलपीजी संकट से आम जनता को हो रही परेशानियों पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज घर-घर में गैस की समस्या है। लोगों को समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उनकी दैनिक जीवनशैली पर सीधा असर पड़ रहा है। कई उपभोक्ताओं को तो महीने भर पहले की बुकिंग के बाद भी गैस नहीं मिल रही है, जिससे रसोईघरों में कामकाज ठप पड़ गया है। गृहिणियों को खाना बनाने के लिए लकड़ी या चूल्हे जैसे पारंपरिक और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। यह स्थिति विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में गंभीर है, जहां एलपीजी ही मुख्य ईंधन स्रोत है और अन्य विकल्पों की उपलब्धता कम है। इस संकट से महंगाई भी बढ़ रही है, क्योंकि लोग खुले बाजार से अधिक कीमत पर गैस खरीदने को मजबूर हैं।
महिला आरक्षण पर विपक्षी दलों की स्पष्ट मांग
एलपीजी संकट के साथ ही, डिंपल यादव ने महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर भी सरकार से स्पष्टता की मांग की। उन्होंने कहा कि इस विषय पर सभी विपक्षी दलों की राय एक जैसी है। हम सभी ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि वह महिला आरक्षण बिल किस तरह से लाना चाहती है। उन्होंने विशेष रूप से सवाल उठाया कि क्या इस बिल में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अल्पसंख्यक महिलाओं और अति पिछड़ा वर्ग की महिलाओं के लिए भी आरक्षण का प्रावधान है? उन्होंने कहा कि सरकार को इन वर्गों की महिलाओं के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए अपना पक्ष विपक्ष के सामने साफ करना चाहिए। यह केवल महिला आरक्षण नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का भी मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। विपक्षी दल इस मुद्दे पर सरकार से ठोस जवाब की उम्मीद कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आरक्षण का लाभ समाज के हर तबके तक पहुंचे।
आज संसद भवन में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक
वहीं, मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध संकट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज संसद भवन में एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मौजूदा वैश्विक स्थिति और भारत सरकार की तैयारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस बैठक के जरिए देश में राजनीतिक एकता का प्रदर्शन करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह संदेश जाए कि संकट के इस दौर में पूरा भारत एक साथ खड़ा है। यह पहल वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को मजबूत करने और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रीय आम सहमति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बैठक में विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री भी मौजूद रह सकते हैं, जो स्थिति पर विस्तृत अपडेट देंगे।
विश्लेषकों का मानना है कि मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव और वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए गंभीर चुनौतियां पेश कर रही है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, और ईरान जैसे देश पारंपरिक रूप से महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता रहे हैं। ऐसे में ईरान के साथ संबंधों में किसी भी तरह की गिरावट का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू बाजार पर पड़ना स्वाभाविक है। डिंपल यादव का बयान इसी पृष्ठभूमि में आया है, जो सीधे तौर पर विदेश नीति को घरेलू आर्थिक समस्याओं से जोड़ रहा है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विदेश नीति का निर्धारण करते समय देश के नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखना चाहिए। यह देखना होगा कि सर्वदलीय बैठक में सरकार इन आरोपों पर क्या सफाई देती है और भविष्य के लिए क्या रणनीति पेश करती है।
यह सर्वदलीय बैठक न केवल मध्य-पूर्व संकट पर चर्चा का मंच होगी, बल्कि विपक्षी दलों को सरकार से घरेलू मुद्दों पर सवाल पूछने का अवसर भी देगी। एलपीजी संकट और महिला आरक्षण जैसे मुद्दे, जिन पर डिंपल यादव ने बात की है, निश्चित रूप से बैठक के दौरान उठाए जाएंगे। सरकार पर इन मुद्दों पर संतोषजनक जवाब देने का दबाव रहेगा। विपक्षी दल उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार न केवल मध्य-पूर्व की स्थिति पर स्पष्टता देगी, बल्कि घरेलू स्तर पर उत्पन्न हुई समस्याओं, जैसे एलपीजी संकट, पर भी ठोस समाधान पेश करेगी। इस बैठक के माध्यम से यह भी स्पष्ट होगा कि सरकार अंतरराष्ट्रीय और घरेलू चुनौतियों से निपटने के लिए किस हद तक विपक्षी दलों को विश्वास में लेने को तैयार है और क्या किसी राष्ट्रीय कार्ययोजना पर सहमति बन पाती है।
विधायकों की नाराजगी पर स्पीकर ने जताया सख्त रुख, RCB मैच से पहले तनाव
27 Mar, 2026 07:10 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
IPL 2026: बेंगलुरू का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम 28 मार्च को IPL 2026 के उद्घाटन मैच (RCB vs SRH) के लिए पूरी तरह तैयार है। डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होने वाले इस महामुकाबले को लेकर फैंस में जबरदस्त क्रेज है- टिकटें कुछ ही मिनटों में बिक गईं और पूरा शहर 'क्रिकेट फीवर' की चपेट में है। लेकिन इस उत्साह के बीच, कर्नाटक के विधायकों ने टिकटों और सुविधाओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है।
कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष यू.टी. खादर ने गुरुवार को राज्य सरकार को कड़ा निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करे कि हर विधायक (MLA) को IPL मैचों के लिए कम से कम चार VIP टिकट मिलें। यह निर्देश तब आया जब सदन में सभी पार्टियों के विधायकों ने शिकायत की कि उन्हें केवल एक टिकट दिया जा रहा है और कई बार उन्हें आम जनता के साथ सामान्य सीटों पर बैठने के लिए मजबूर किया जाता है।
विधायकों की मांग और नाराजगी
स्पेशल लाउंज की मांग: कुछ विधायकों ने स्टेडियम के अंदर अपने लिए एक समर्पित (Dedicated) लाउंज की मांग की है।
पहचान का संकट: अध्यक्ष ने कहा कि एंट्री पॉइंट्स पर विधायकों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है और वहां मौजूद स्टाफ उन्हें पहचानता तक नहीं।
सम्मान की बात: कांग्रेस विधायक कशप्पनवर विजयानंद शिवशंकरप्पा ने तीखे शब्दों में कहा, 'हम आम जनता की तरह कतारों में नहीं खड़े हो सकते। KSCA सरकार से सुरक्षा और सभी सुविधाएं लेती है, लेकिन निर्वाचित प्रतिनिधियों को उचित पास तक नहीं दिए जा रहे।'
टिकटों की कालाबाजारी का आरोप
विधायकों ने यह भी दावा किया कि जहां उन्हें पास नहीं मिल रहे, वहीं बाजार में भारी धांधली हो रही है। आरोप है कि 5,000 रुपये की कीमत वाले टिकट बिचौलियों के माध्यम से 35,000 रुपये में ब्लैक किए जा रहे हैं।
सरकार का रुख
अध्यक्ष के निर्देश के बाद उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के अधिकारियों से बात करेंगे। उन्होंने विधायकों का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी यह मांग बिल्कुल जायज है।
पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश बस हादसे पर दुख जताया, परिवारों को मिलेगा आर्थिक सहारा
26 Mar, 2026 05:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री (Prime Minister ) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के मार्कापुरम जिले में हुए भीषण बस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये व घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की है।
कैसे हुई दुर्घटना?
यह दर्दनाक हादसा मार्कापुरम जिले के रायवरम के पास सुबह करीब 6:30 बजे हुआ। हरीकृष्ण ट्रेवल्स की यात्री बस हैदराबाद से पामुरु (प्रकाशम जिला) की ओर जा रही थी, तभी एक पत्थर की खदान के पास उसकी टिपर ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गए। बस में उस समय 35 यात्री सवार थे।
हताहतों की संख्या और घायलों की स्थिति
शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 15 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को मार्कापुरम के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है। मृतकों और घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के तुरंत बाद करीब दस यात्री बस से कूदने में सफल रहे।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना को अत्यंत दुखद बताया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि आंध्र प्रदेश के मार्कापुरम जिले में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अनुसार, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को पचास हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।वहीं, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी इस बस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों से तुरंत घटना की जानकारी ली और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना की विस्तृत जांच कराने और रिपोर्ट सौंपने का भी आदेश दिया है।
बचाव और राहत कार्य जारी
सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव व राहत कार्य शुरू किया। आग पर काबू पाने के लिए तीन दमकल गाड़ियों को लगाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि दुर्घटना का मुख्य कारण क्या था, क्या यह तेज रफ्तार, लापरवाही या किसी यांत्रिक खराबी के कारण हुई।
ममता बनर्जी की पार्टी पर बीजेपी की कार्रवाई, अमित शाह करेंगे चार्जशीट जारी
26 Mar, 2026 04:30 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर किए जा रहे BJP के चुनावी कैंपेन के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह आगामी 28 मार्च को राज्य का दौरा करेंगे। अपनी इस विजिट के दौरान, अमित शाह एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और उसमें ममता बनर्जी की पार्टी TMC के खिलाफ औपचारिक तौर पर चार्जशीट जारी करेंगे, जिसमें सत्तारूढ़ दल के खिलाफ BJP के आरोपों का ब्यौरा होगा।
पश्चिम बंगाल BJP के सूत्र के मुताबिक, इस चार्जशीट में पिछले कई वर्षों में TMC सरकार के दौरान हुए कथित भ्रष्टाचार, शासन की नाकामयाबी और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताओं का विस्तार से विवरण हो सकता है। BJP के सीनियर नेताओं ने संकेत दिया है कि इस दस्तावेज में भर्ती में हुई अनियमितताओं और फाइनेंशियल मिसमैनेजमेंट पर फोकस होगा।
चार्जशीट के अलावा, BJP, तृणमूल कांग्रेस की सरकार में हुए 15 साल के ‘कुशासन और भ्रष्टाचार’ को सामने लाने वाला एक श्वेत पत्र भी रिलीज करने वाली है। इस श्वेत पत्र में राज्य में शासन संबंधी कमियों से जुड़े पार्टी के दावों के सपोर्ट के लिए तमाम आंकड़े और केस स्टडी भी पेश किए जाने की संभावना है।
BJP से यह भी उम्मीद है कि वह पश्चिम बंगाल में कथित ‘माफिया शासन’ जैसे मुद्दों पर अपने सियासी संदेश को और ज्यादा प्रभावी बनाने पर काम कर सकती है। BJP नेता कह चुके हैं कि वे सरकार में आने पर वे कोयला, रेत और पत्थर के खनन और इस बिजनेस में शामिल अवैध नेटवर्क के खात्मे के लिए सख्त एक्शन करेंगे। संसाधन प्रबंधन में और ज्यादा पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। जान लें कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में चुनाव होगा। यहां 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा। वहीं, 4 मई को नतीजे आएंगे।
नोटिस के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर साधा निशाना
26 Mar, 2026 02:06 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। कांग्रेस ने बुधवार के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की और संपदा विभाग द्वारा पार्टी को जारी किए गए उस “नोटिस” पर आपत्ति जताई, जिसमें पार्टी को 28 मार्च तक 24 अकबर रोड स्थित अपना कार्यालय खाली करने को कहा गया है। लोकसभा सांसद इमरान मसूद ने कहा कि सरकार पार्टी पर “दबाव बनाकर” उसे “चुप कराना” चाहती है। “सरकार सोच रही है कि हम पर दबाव बनाकर वह कांग्रेस को चुप करा सकती है। उन्हें हमें डराने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। क्या उन्होंने भाजपा का कार्यालय 11, अशोक रोड पर या पंत मार्ग पर खोला है?… क्योंकि वे ईरान युद्ध के संबंध में कुछ नहीं कर पाए हैं, इसलिए वे इस मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं,”। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भी भाजपा सरकार पर हमला करते हुए कहा कि यह “लोकतांत्रिक सरकार नहीं है”। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है। हमें नोटिस मिलने दीजिए। हम चर्चा के बाद इस पर कार्रवाई करेंगे।” इस बीच, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा कि सरकार को अपने नियमों का समान रूप से पालन करना चाहिए और किसी एक पार्टी को निशाना नहीं बनाना चाहिए। गौरतलब है कि अकबर रोड स्थित कार्यालय 48 वर्षों से कांग्रेस का मुख्यालय रहा है। हालांकि, एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल कोटला मार्ग स्थित अपने नए कार्यालय इंदिरा भवन में स्थानांतरित होने के बावजूद, पार्टी ने अकबर रोड परिसर को खाली नहीं किया है।
पार्टी को लुटियंस दिल्ली में 5, रायसीना रोड स्थित परिसर को खाली करने का नोटिस भी मिला है
सूत्रों ने एजेंसी को बताया कि नोटिस कुछ दिन पहले ही जारी किया गया था और इसमें पार्टी के लिए एक सप्ताह का समय भी नहीं दिया गया है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने अभी तक अपनी कार्रवाई तय नहीं की है और अचानक मिले इस नोटिस के जवाब में वह अदालत का रुख कर सकती है।
BJP की तीसरी सूची जारी, RG Kar पीड़िता की मां समेत 19 उम्मीदवारों के नाम
26 Mar, 2026 11:37 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार को उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट जारी की. इस लिस्ट में 19 उम्मीदवारों के नाम हैं. इनमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल में रेप और मर्डर की शिकार हुई ट्रेनी डॉक्टर की मां का नाम भी शामिल है. BJP ने उन्हें उत्तर 24 परगना के पानीहाटी से उम्मीदवार बनाया है. वहीं, पूर्व NSG कमांडो दीपांजन चक्रवर्ती को हुगली के उत्तरपारा से उम्मीदवार बनाया गया है.
खास बात यह है कि भारत निर्वाचन आयोग ने 15 मार्च को विधानसभा चुनाव का शेड्यूल जारी किया था. अगले ही दिन, BJP ने अपने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की, जिसमें 144 प्रत्याशियों के नाम थे. कुछ दिनों बाद, BJP ने दूसरी लिस्ट जारी की, जिसमें 111 प्रत्याशी और एक बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के नाम थे.
पहली और दूसरी लिस्ट को मिलाकर BJP ने कुल 256 उम्मीदवार घोषित किए थे. तब से यह अंदाजा लगाया जा रहा था कि बाकी 38 सीटों के लिए कैंडिडेट कब घोषित किए जाएंगे. आखिरकार, BJP कैंडिडेट की तीसरी लिस्ट बुधवार शाम को जारी हो गई. इस लिस्ट में 19 उम्मीदवारों के नाम हैं, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं. एक मधुमिता घोष हैं, जो हुगली के हरिपाल सीट से चुनाव लड़ेंगी. दूसरी आरजी कर पीड़ित की मां हैं, जिन्हें पानीहाटी सीट से कैंडिडेट बनाया गया है.
आरजी कर पीड़ित की मां की उम्मीदवारी को लेकर कई दिनों से अटकलें चल रही थीं. उन्होंने पहले BJP उम्मीदवार बनने की इच्छा जताई थी और इस बारे में पार्टी को एक आवेदन भी दिया था. इसके बाद, विपक्ष के नेता शुभेंदू अधिकारी ने घोषणा की कि आरजी कर पीड़िता के माता-पिता औपचारिक रूप से BJP में शामिल हो गए हैं. नतीजतन, पीड़िता की मां को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना को लेकर जोरदार अटकलें लगाई जा रही थीं; बुधवार शाम को आखिरकार उन अटकलों पर विराम लग गया.
प्रत्याशियों की सूची में एक और खास नाम पूर्व NSG कमांडर दीपांजन चक्रवर्ती का है, जो हाल ही में BJP में शामिल हुए हैं. पार्टी ने अब उन्हें प्रत्याशी बनाया है. इसके अलावा, BJP ने मालदा की इंग्लिश बाजार सीट से अपना कैंडिडेट बदल दिया है; 2021 में यह सीट श्रीरूपा मित्रा चौधरी ने जीती थी, लेकिन इस बार BJP ने अमलान भादुड़ी को अपना प्रत्याशी बनाया है. इसके अलावा, BJP के पुराने नेता सुबीर नाग को हुगली की चिनसुराह सीट से उम्मीदवार बनाया गया है.
तीनों लिस्ट को मिलाकर, BJP ने 275 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. 19 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा अभी भी बाकी है—जिसमें कई मुख्य सीटें शामिल हैं.
BJP पर हमला: ममता बनर्जी ने कहा, बिहार और उत्तर बंगाल के हिस्सों को अलग राज्य बनाने की तैयारी
26 Mar, 2026 10:34 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल): मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को सिलीगुड़ी में चुनावी जनसभा में BJP पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया है कि बंगाल जीतने में नाकाम BJP अब राज्य को तोड़कर एक अलग राज्य बनाने की साजिश कर रही है. इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने एक बड़ी चुनौती देते हुए कहा कि बंगाल को सुरक्षित करने के बाद उनका अगला मकसद दिल्ली पर कब्जा करना होगा.
मुख्यमंत्री ममता ने इस दिन उत्तर बंगाल से अपने प्रचार अभियान की शुरुआत की. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP राज्य पर कब्जा करने के लिए उत्तर बंगाल को एक राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है.
उन्होंने कहा, "सिलीगुड़ी, डाबग्राम-फुलबाड़ी और जलपाईगुड़ी में बड़ा बदलाव आया है. सिलीगुड़ी के लिए अभी पीने के पानी का एक बड़ा प्रोजेक्ट चल रहा है. हमने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि अगर हम सत्ता में आए तो कई नई नगरपालिकाएं बनाएंगे. डाबग्राम-फुलबाड़ी की भी ऐसी ही मांग है; अगर हम सत्ता में वापस आए तो इस पर जरूर ध्यान देंगे. अभी के MLA ने इस इलाके के लिए क्या किया है? बिल्कुल कुछ नहीं—सिर्फ गालियां देने के अलावा. यह याद रखना: अगर BJP सत्ता में आई तो वे हर एक कल्याणकारी प्रोजेक्ट बंद कर देंगे."
टीएमसी प्रमुख ने कहा, "हमने सभी चाय बागानों को फिर से खोल दिया है; BJP एक भी नहीं खोल पाई है. हमने पहले 'दुआरे सरकार' (सरकार आपके दरवाजे पर) पहल शुरू की थी, और अब हम 'दुआरे स्वास्थ्य' (हेल्थकेयर आपके दरवाजे पर) शुरू करने वाले हैं. क्योंकि वे बंगाल जीतने में नाकाम रहे हैं, इसलिए BJP अब बिहार के चार जिलों और उत्तरी बंगाल को मिलाकर एक अलग राज्य बनाने की कोशिश कर रही है. जब तक मेरी सांस चलेगी, मैं ऐसा बंटवारा कभी नहीं होने दूंगी. वे एक भी अच्छा काम करने में पूरी तरह नाकाम हैं. उन्हें अपने गले में फंदा डालकर डूब मरना चाहिए. वे बंगाल का फंड देने से मना कर रहे हैं."
चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए ममता बनर्जी ने कहा, "चुनाव आयोग BJP की तरफ से काम कर रहा है. इस बार, उन्होंने मेरे सभी अधिकारियों का ट्रांसफर करके शुरुआत की. इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मेरी ताकत मेरे लोगों में है. याद रखें: एक घायल बाघ और भी खूंखार होता है. इस बार, हम बंगाल पर कब्जा करेंगे; अगली बार, हम दिल्ली पर कब्जा करेंगे. सेंट्रल फोर्स BJP का निशान दिखाते हुए घूम रहे हैं."
आम लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे कोई चिंता नहीं है. आप मेरे योद्धा हैं. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक आपको पहरा देना है. अगर जरूरी हो, तो पंता भात (फर्मेंटेड चावल) खाते हुए पहरा देना. डाबग्राम-फूलबाड़ी के लोग—नए सिरे से सोचें. एक नई शुरुआत करें."
पेट्रोलियम मंत्रालय का बयान: पीएनजी सुरक्षित, एलपीजी पर इंपोर्ट निर्भरता बनी हुई
26 Mar, 2026 09:28 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली : देश में एलपीजी की कोई समस्या नहीं है, फिर भी जहां तक संभव हो उपभोक्ताओं को पीएनजी की ओर शिफ्ट होना चाहिए. यह कहना है कि पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का. मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि सरकार लगातार निगरानी कर रही है और लोगों के सामने कोई भी संकट की स्थिति नहीं आएगी.
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव (विपणन एवं तेल शोधन) सुजाता शर्मा ने कहा, "पिछले 25 दिनों में 25 लाख नए कनेक्शन (पीएनजी) दिए गए हैं. इसके अलावा, लगभग 22 लाख उपभोक्ताओं ने एलपीजी से पीएनजी पर स्विच किया है. साथ ही, 25 लाख नए आवेदन या पंजीकरण प्राप्त हुए हैं. एलपीजी की बात करें तो, किसी भी वितरण केंद्र पर इसकी कोई कमी नहीं है. ऑनलाइन बुकिंग अच्छी चल रही है... लगभग 26 राज्यों ने अब तक 22,000 टन व्यावसायिक एलपीजी आवंटित की है, और यह आवंटन राष्ट्रव्यापी है. इस मात्रा में राज्य सरकारों द्वारा किया गया आवंटन और हमारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा प्रदान की गई मात्रा भी शामिल है. इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप, कल लगभग 30,005 किलोग्राम के सिलेंडर वितरित किए गए. केरोसिन के संबंध में, भारत सरकार ने सभी राज्य सरकारों को वैकल्पिक ईंधन विकल्प के रूप में अतिरिक्त आवंटन किया है, और लगभग 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आवंटन आदेश जारी किए गए हैं... वर्तमान में, भारत सरकार और राज्य सरकारें दोनों कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए प्रयासरत हैं, और इस संबंध में राज्य सरकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है. कल विभिन्न राज्यों में लगभग 2700 छापे मारे गए और लगभग 2000 सिलेंडर जब्त किए गए."
उन्होंने कहा कि भारत सरकार के लिए घरेलू पीएनजी कनेक्शन सर्वोच्च प्राथमिकता है और इनकी आपूर्ति 100% की जा रही है. इसी प्रकार, परिवहन में उपयोग होने वाली सीएनजी भी 100% उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही है. कई कंपनियों ने ₹500 तक की मुफ्त गैस या सुरक्षा जमा राशि में छूट जैसे अनेक प्रोत्साहनों की घोषणा की है. राज्य सरकारों को भी पत्र लिखकर 10% वाणिज्यिक गैस और अतिरिक्त एलपीजी की पेशकश की गई है. दिल्ली में ही सड़क मरम्मत शुल्क माफ करने और 24X7 पाइपलाइन कार्य की अनुमति देने का आदेश जारी किया गया है. कल, भारत सरकार ने पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए एक और राजपत्र अधिसूचना जारी की. इसका प्राथमिक उद्देश्य सभी राज्यों में पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन शुल्क और अनुमोदन समयसीमा को सुव्यवस्थित करना है.
सुजाता शर्मा ने कहा, "एथेनॉल ब्लेंडिंग एक नीतिगत निर्णय है, और जब सरकार अपना निर्णय लेगी, तो उसे इसकी जानकारी दी जाएगी... हमें हर घर तक सिलेंडर पहुंचाने हैं. हमें हर घर में पीएनजी पहुंचाना है. यह हमारी वर्तमान प्राथमिकता है... पीएनजीआरबी नियामक है, और पीएनजीआरबी ने सीजीडी संस्थाओं को भारत भर में लगभग 307 भौगोलिक क्षेत्रों में पीएनजी पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने की अनुमति बोली प्रक्रिया के माध्यम से दी है... पीएनजी की कीमत के बारे में, यह प्राथमिकता उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए की गई है, और इसमें घरेलू गैस का आवंटन किया गया है. इसीलिए घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पीएनजी की कीमत में कोई वृद्धि नहीं हुई है.
उन्होंने कहा, "महत्वपूर्ण बात यह है कि एलपीजी के लिए हमारी आयात निर्भरता पीएनजी और एलएनजी की आयात निर्भरता से कहीं अधिक है. पीएनजी के मामले में, हम 50 फीसदी उत्पादन घरेलू स्तर पर करते हैं, इसलिए एलपीजी से पीएनजी की ओर बढ़ना राष्ट्रीय हित में है. मैंने आपको पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि लगभग 60 लाख ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्हें जल्द ही कनेक्शन मिल सकता है, जहां नेटवर्क उपलब्ध है, लेकिन उन्होंने अभी तक कनेक्शन नहीं लिया है... इस राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से सरकार ने इसे और मजबूत करने का प्रयास किया है. संबंधित संस्था उन सभी लोगों को जानकारी देगी जहां नेटवर्क उपलब्ध है. उन्हें पंजीकृत डाक द्वारा पत्र भेजा जाएगा, और जानकारी मिलने के तीन महीने के भीतर उपभोक्ता को एलपीजी से पीएनजी में बदलना होगा."
जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश सिन्हा ने कहा, "पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है. फारस की खाड़ी में भारतीय ध्वज वाले 20 जहाज और उनके 540 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं... पिछले 24 घंटों में, हमारे भारतीय दूतावासों के सहयोग से 50 भारतीय नाविकों को स्वदेश वापस भारत लाया गया है. बंदरगाह का कामकाज सामान्य है. कहीं भी भीड़भाड़ की कोई सूचना नहीं है. इस संदर्भ में, मैंने पहले जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह, कांडला बंदरगाह, विशाखापत्तनम बंदरगाह और चिदंबरमनाथ बंदरगाह सहित प्रत्येक बंदरगाह पर उठाए गए कदमों की जानकारी साझा की है. आज, मैं एक और प्रमुख बंदरगाह का विवरण साझा कर रहा हूं. मुंद्रा बंदरगाह ने एक परिपत्र जारी किया है जिसके अनुसार मध्य पूर्व जाने वाले निर्यात कंटेनरों को 15 दिनों के लिए मुफ्त भंडारण की सुविधा प्रदान की गई है. रीफर प्लग-इन शुल्क में 80% की छूट दी गई है. लिफ्ट ऑन, लिफ्ट ऑफ और परिवहन शुल्क भी माफ कर दिए गए हैं. इस प्रकार, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय जहाजरानी आवागमन, बंदरगाह संचालन, नाविकों की सुरक्षा और उनके कल्याण की निरंतर निगरानी कर रहा है. और समुद्री व्यापार की निरंतरता."
TMC खेमे में सतर्कता, बंगाल में ओवैसी-हुमायूं का गठबंधन खेला प्रभावित कर सकता है
26 Mar, 2026 08:25 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
मालदा (पश्चिम बंगाल): आगामी बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चिंता बढ़ती जा रही है. कम से कम मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में पार्टी को बहुत ज्यादा सावधान रहना होगा. इस चुनाव में अल्पसंख्यक बहुल मालदा जिले में असदुद्दीन ओवैसी, नौशाद सिद्दीकी और हुमायूं कबीर के गठजोड़ के संभावित असर के बारे में टीएमसी में गहन विश्लेषण चल रहा है.
यह नहीं भूलना चाहिए कि तृणमूल ने एक के बाद एक चुनावों में जीत हासिल की है, क्योंकि उसे अल्पसंख्यक वोट बैंक का बहुत ज्यादा समर्थन मिला है. हालांकि, 2026 के लिए चुनावी माहौल तृणमूल के चुनावी रणनीतिकारों के लिए अभी भी कुछ धुंधला है. अगर राजनीतिक विश्लेषकों की मानें, तो इस विधानसभा चुनाव का चुनावी गणित काफी मुश्किल हो गया है. इस बार, कई सीटों पर चौतरफा मुकाबला होने वाला है. इसके अलावा, अल्पसंख्यक वोट के मुश्किल समीकरण पर भी विचार करना होगा. इस चुनाव के लिए, AIMIM ने नवगठित 'आम जनता उन्नयन पार्टी' (AJUP) के साथ गठबंधन किया है.
AIMIM सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को ही राज्य का दौरा किया. उनके स्वागत के लिए आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर मुर्शिदाबाद से आए थे. यह घोषणा की गई है कि ये दोनों पार्टियां मिलकर मालदा जिले की सभी 11 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगी. दोनों पार्टियों की टॉप लीडरशिप अभी तक सिर्फ एक सीट इंग्लिश बाजार के बारे में आखिरी फैसला नहीं कर पाई है. इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के भी जिले में उम्मीदवार उतारने की उम्मीद है. हालांकि, अल्पसंख्यक वोटरों के डायनामिक्स को देखते हुए, अभी कोई यह अंदाजा नहीं लगा सकता कि नौशाद सिद्दीकी और ISF आखिरकार जिले में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. खास बात यह है कि ISF ने 2021 के विधानसभा चुनावों में इस जिले की सीटों पर चुनाव लड़ा था.
पिछले लोकसभा चुनाव से पहले, AIMIM ने उत्तर मालदा में अपनी पकड़ बनाने की कोशिश की थी. खुद असदुद्दीन ओवैसी ने भी रतुआ में एक जनसभा को संबोधित किया था. हालांकि, उस चुनाव में, वे जिले में कोई खास चुनावी प्रभाव डालने में नाकाम रहे. लेकिन, इस बार — आगामी चुनाव से पहले — AIMIM पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी है. चुनाव की घोषणा से बहुत पहले, उन्होंने जिले के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में अपने कैडर को संगठित करने का काम शुरू कर दिया था. उन्होंने इनमें से ज्यादातर इलाकों में अपने ऑफिस भी खोल लिए हैं.
राजनीतिक माहौल गरमा रहा है—और सिर्फ मालदा जिले में ही नहीं; पड़ोसी मुर्शिदाबाद में भी, चुनावी मैदान अब ओवैसी, सिद्दीकी और हुमायूं के गठबंधन से बने राजनीतिक "त्रिशूल" से गुलजार है. ऐसा लगता है कि राज्य भर में लगभग 114 विधानसभा सीटों पर, यह "त्रिशूल" सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक वोट बैंक को बड़ा झटका दे सकता है. मामले को और खराब करने के लिए — जले पर नमक छिड़कते हुए — कांग्रेस पार्टी पिछले चुनावों में खोई जमीन वापस पाने की पूरी कोशिश कर रही है, जिसमें वह लेफ्ट फ्रंट के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए चुनावी मैदान से लगभग गायब हो गई थी. राजनीकित जानकारों का कहना है कि अगर कांग्रेस प्रभावी तरीके से चुनाव प्रचार करती है, तो इस बार कुछ सीटें जीतना लगभग तय है. हालांकि, उन्होंने अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है. इस देरी का कारण अभी पता नहीं चला है.
हाल ही में मालदा के दौरे पर हुमायूं कबीर ने साफ-साफ कहा कि आने वाले चुनावों के बाद, उनका गठबंधन राज्य में नई सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने ऐलान किया कि वे राज्य भर में 182 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. AUJP के प्रमुख ने यह भी इशारा किया कि AIMIM के साथ उनके चुनावी गठबंधन के तहत, हर पार्टी द्वारा लड़ी जाने वाली खास सीटों को लेकर कुछ छोटे-मोटे बदलाव हो सकते हैं.
पिछले साल बिहार विधानसभा चुनावों में चार विधानसभा सीटें जीतने वाली AIMIM की नजर अब बंगाल पर टिकी है. कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बिहार चुनाव में AIMIM के उतरने से अनजाने में ही BJP को फायदा मिला. अब सवाल यह उठता है: क्या वे बंगाल में भी BJP को ऐसा ही फायदा पहुंचा पाएंगे?
भाजपा की प्रतिक्रिया
दक्षिण मालदा जिला संगठन के BJP अध्यक्ष अजय गांगुली AIMIM को कोई खास फैक्टर नहीं मानते जिस पर ध्यान दिया जाए. उन्होंने कहा, "हमने पहले भी कहा है, और हम फिर से कहते हैं: इस बार, BJP अपनी ताकत के दम पर मालदा जिले की हर एक सीट जीतेगी. हमें पूरा भरोसा है कि इस बार बंगाल में BJP सत्ता में आ रही है. इसके अलावा, एक लोकतांत्रिक देश में, कोई भी राजनीतिक पार्टी कोई भी चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र है; इस बारे में हमें कुछ नहीं कहना है. लेकिन, मैं एक बात कहा सकता हूं: इस बार, BJP अल्पसंख्य के वोट भी हासिल करेगी. ऐसा इसलिए है क्योंकि अल्पसंख्यकों को एहसास हो गया है कि तृणमूल सरकार ने अब तक उन्हें सिर्फ तंगी दी है. उन्हें सिर्फ वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करने के अलावा, सरकार ने उनके लिए और कुछ नहीं किया है. इसने (टीएमसी ने) उनके विकास के लिए बिल्कुल भी कोशिश नहीं की है. इसके बजाय, उन्हें बस अलग-अलग मुद्दों पर गुमराह किया गया है. अल्पसंख्यक अब तृणमूल की इस चाल को समझ गए हैं."
AIMIM का क्या कहना है?
AIMIM के जिला अध्यक्ष रेजाउल करीम ने कहा, "लंबे समय से, तृणमूल अल्पसंख्यकों को धोखा दे रही है—यह बात अब अल्पसंख्यकों को साफ समझ आ गई है. सिर्फ भत्ते बांटकर, सरकार ने अल्पसंख्यकों को भिखारी समझा है. राज्य सरकार के पास उनके पूरे विकास के लिए कोई प्लान नहीं है; आज तक, पश्चिम बंगाल सरकार ने अल्पसंख्यकों की शिक्षा और हेल्थकेयर के बारे में कोई ठोस प्लान नहीं बनाया है. CPI(M) और कांग्रेस भी ठीक यही काम कर रही हैं."
उन्होंने आगे कहा, "कई लोग हमें BJP की 'बी-टीम' कहकर हमारा मजाक उड़ा रहे हैं. फिर भी, हमने बंगाल में 2021 का चुनाव भी नहीं लड़ा; तो, BJP उस चुनाव में इतनी सीटें कैसे जीत पाई? अल्पसंख्यकों को आखिरकार एहसास हो गया है कि इतने वर्षों से, राजनीतिक पार्टियों ने सिर्फ अपने फायदे के लिए उनका इस्तेमाल किया है. उन्हें समझ आ गया है कि अब उन्हें अपनी कोशिशों से अपने अधिकार खुद ही हासिल करने होंगे."
एआईएमआईएम नेता ने कहा कि इस बार, हम सच में बंगाल में चुनाव लड़ रहे हैं. हमने 'आम जनता उन्नयन पार्टी' के साथ गठबंधन किया है. हमें भरोसा है कि हमें अल्पसंख्यक समुदाय से जबरदस्त समर्थन मिलेगा. ओवैसी साहब राज्य में आ गए हैं, और हम बेसब्री से उनके संदेश का इंतजार कर रहे हैं."
ममता के चेहरे के सहारे तृणमूल कांग्रेस
हालांकि, तृणमूल कांग्रेस के मालदा जिले के अध्यक्ष अब्दुर रहीम बख्शी AIMIM, ISF और AUJP जैसी पार्टियों पर कोई भरोसा नहीं करते. उनका रुख साफ है: "राज्य के 294 चुनाव क्षेत्रों में हमारा सिर्फ एक ही उम्मीदवार है, और वह हैं ममता बनर्जी. लोग सिर्फ उनकी वजह से तृणमूल कांग्रेस को वोट देंगे. मुख्यमंत्री ने राज्य के हर निवासी के लिए, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का हो, सरकारी योजनाएं बनाई हैं. जन्म से लेकर मरने तक हर कोई इन योजनाओं का फायदा उठा रहा है. मुख्यमंत्री हर मुश्किल में राज्य के लोगों के साथ खड़ी रही हैं. वह SIR के मुद्दे पर भी BJP की केंद्र सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ती रहती हैं. बंगाल के लोग ये बातें नहीं भूल सकते. इसलिए, MIM, ISF या AUJP चाहे कितने भी जोर-शोर से चुनाव मैदान में उतरें, जनता उन्हें पूरी तरह से नकार देगी. असल में, उन्होंने ये चुनाव सिर्फ सांप्रदायिक BJP को फायदा पहुंचाने के लिए लड़ने का फैसला किया है. लोग सब समझते हैं; वे बैलेट बॉक्स के जरिये अपना जवाब देंगे."
रहीम ओवैसी, नौशाद और हुमायूं की "तिकड़ी" को भले ही नजरअंदाज कर दें, कई लोगों को अब भी यकीन है कि ये तीनों पार्टियां आगामी चुनावों में तृणमूल के लिए एक बड़ा सिरदर्द साबित हो सकती हैं. इसके अलावा, अकेले मालदा जिले में, लगभग 8 लाख वोटर उन लोगों की लिस्ट में हैं जिनके SIR स्टेटस की अभी जांच चल रही है. मुर्शिदाबाद में, यह आंकड़ा लगभग 11 लाख है. हालांकि इनमें से कुछ वोटरों के नाम आखिरकार अंतिम मतदाता सूची में शामिल हो सकते हैं, लेकिन अभी इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि चुनाव होने से पहले इनमें से 100 प्रतिशत वोटरों के नाम सफलतापूर्वक शामिल हो जाएंगे.
सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री का जोरदार बयान: भारत दलाल राष्ट्र नहीं बनेगा
26 Mar, 2026 07:23 AM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष को लेकर बुधवार शाम संसद परिसर में सर्वदलीय बैठक हुई. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कुल 8 केंद्रीय मंत्री शामिल हुए, जिनमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी प्रमुख थे. विदेश सचिव ने भी विपक्ष को विस्तृत ब्रिफिंग दी. विपक्ष की तरफ से समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव, AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी, सीपीआईएम के जॉन ब्रिटास और अन्य नेता मौजूद रहे.
बैठक में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या की निंदा न करने पर विपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाए. ओवैसी और धर्मेंद्र यादव ने पूछा कि इस अमानवीय कृत्य की निंदा क्यों नहीं की गई? विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान की मध्यस्थता वाले सवाल पर सख्त जवाब दिया. उन्होंने कहा, "भारत दलाल राष्ट्र नहीं बन सकता." जयशंकर ने स्पष्ट किया कि 1981 से अमेरिका पाकिस्तान का इस्तेमाल ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता के लिए करता आ रहा है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत कभी चुप नहीं रहा—हम हमेशा टिप्पणी करते रहे और जवाब देते रहे. जयशंकर ने कहा, "हम सबके अच्छे दोस्त हैं, लेकिन अमेरिका के साथ ठोस (tangible) लाभ वाले संबंध रखते हैं." साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि ईरान के साथ भारत के संबंध अभी भी अच्छे हैं.
सरकार ने बैठक में कुछ आंकड़े भी पेश किए जिसके तहत संकट के बाद 4.2 लाख (लगभग 4.27 लाख) भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया गया. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 18 जहाज फंसे हुए हैं, जिन पर भारतीय क्रू सदस्य हैं. सभी को निकालने के प्रयास जारी हैं. 4 जहाज आ चुके हैं और 5 आने वाले हैं.
इस बैठक में उर्वरक उत्पादन (Fertiliser production) पर भी गंभीर चर्चा हुई. विपक्ष ने चिंता जताई कि होर्मुज जलडमरूमध्य बाधिक होने से उर्वरक आयात प्रभावित हो सकता है, जिससे किसानों को नुकसान होगा. सरकार ने बताया कि घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है और आयात स्रोतों में विविधता लाई गई है. रूस से तेल आयात वर्तमान में कुल आयात का लगभग 20 प्रतिशत है, जो ऊर्जा सुरक्षा में सहायक है. विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में नियम 190 के तहत ईरान संकट पर विस्तृत बहस की मांग भी की.
जयशंकर ने अर्थव्यवस्था पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखे हुए है. किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर भारतीय की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से की गई बातचीत का जिक्र हुआ, जिसमें भारत ने साफ कहा कि हम युद्ध नहीं चाहते.
सरकार ने सभी दलों से सहयोग की अपील की और कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा तथा आर्थिक स्थिरता पर नजर रखी जा रही है.
जानें कौन-कहां से लड़ेंगे: भाजपा की तीसरी सूची में 19 नाम शामिल
25 Mar, 2026 10:10 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की तीसरी सूची बुधवार शाम को जारी कर दी। तीसरी सूची में भाजपा ने 19 उम्मीदवारों के नामों का एलान किया है। इससे पहले भाजपा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए पहली सूची में 144 और दूसरी सूची में 111 उम्मीदवारों के नामों का एलान किया था। इसमें निसिथ प्रमाणिक, प्रियंका टिबरेवाल और रूपा गांगुली जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। पार्टी अभी तक 274 उम्मीदवारों के नामों का एलान कर चुकी है।
तीसरी सूची में शामिल प्रमुख नामों में
रथीन्द्र नाथ बोस (कूचबिहार दक्षिण)
दिनेश सरकार (राजगंज SC)
चित्रजीत रॉय (इस्लामपुर)
अमलन भादुड़ी (इंग्लिश बाजार)
स्वपन दास (शांतिपुर)
रत्ना देबनाथ (पानीहाटी)
बिप्लब मंडल (हावड़ा मध्य)
दीपांजन चक्रवर्ती (उत्तरपाड़ा)
इसके अलावा सिंगूर, चंदननगर, तामलुक, मेदिनीपुर, कटवा और नलहटी जैसी सीटों पर भी उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। 294 सदस्यीय राज्य विधानसभा के लिए मतदान 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में होगा। मतगणना 4 मई को की जाएगी।
बंगाल से टीएमसी का विसर्जन करने के लिए भाजपा तैयार है : समिक भट्टाचार्य
पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव को लेकर टीएमसी और भाजपा नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि भाजपा बंगाल से टीएमसी का विसर्जन करने के लिए तैयार है।
मीडिया से बातचीत के दौरान पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा 365 दिन काम करने वाली पार्टी है। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष और बूथ अध्यक्ष दोनों ही सक्रिय हैं, पार्टी किसी भी तरह से तृणमूल कांग्रेस को सत्ता से बेदखल करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर के बीच हाथ मिलाने पर पश्चिम बंगाल के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सीएम ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए कहा, "टीएमसी का यही असली चेहरा है। तृणमूल कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति की वजह यह है कि पश्चिम बंगाल आने के बाद असदुद्दीन ओवैसी बाबरी मस्जिद का नाम लेने की हिम्मत कर रहे हैं। अगर पश्चिम बंगाल के लोग अभी भी चुप रहते हैं और इस स्थिति का स्वागत करते हैं, तो आने वाले दिनों में कालीघाट के सामने चंगेज खान का स्तंभ बन जाएगा।"
ईरान संकट में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भारत सख्त, बोले जयशंकर
25 Mar, 2026 09:00 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने साफ कहा कि भारत किसी भी हाल में दलाल देश नहीं है, जैसा पाकिस्तान की भूमिका को लेकर कहा जा रहा है। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर के हवाले से सरकार ने यह सख्त संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को संदेश दिया है कि युद्ध जल्द खत्म होना चाहिए क्योंकि इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।
बैठक में सरकार ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारत इस मुद्दे पर चुप नहीं है, बल्कि लगातार अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पश्चिम एशिया के हालात पर विस्तृत प्रस्तुति दी। सरकार ने यह भी बताया कि उसका सबसे बड़ा फोकस खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है, जिसमें अब तक सफलता मिली है।
पाकिस्तान की भूमिका पर सरकार ने क्या कहा?
सरकार ने पाकिस्तान को लेकर साफ कहा कि वह लंबे समय से अमेरिका के लिए “मध्यस्थ” की भूमिका निभाता रहा है। विदेश मंत्री के हवाले से कहा गया कि भारत ऐसी भूमिका नहीं निभाता और अपनी स्वतंत्र नीति पर चलता है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत किसी तीसरे देश के जरिए अपनी कूटनीति नहीं करता।
क्या भारत पश्चिम एशिया मुद्दे पर चुप है?
विपक्ष ने आरोप लगाया कि भारत की प्रतिक्रिया कमजोर है, लेकिन सरकार ने इसे खारिज किया। सरकार ने बताया कि ईरान में भारतीय प्रतिनिधियों ने तुरंत जाकर संवेदना जताई थी और हर स्तर पर भारत सक्रिय है। सरकार ने कहा कि भारत हर स्थिति पर नजर रखे हुए है और जरूरी कदम उठा रहा है।
विपक्ष की नाराजगी और आगे क्या मांग?
कांग्रेस के तारिक अनवर ने कहा कि पाकिस्तान सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जबकि भारत “मूक दर्शक” बना हुआ है। विपक्ष ने सरकार के जवाबों को असंतोषजनक बताते हुए लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की। बैठक में कई विपक्षी नेताओं ने सुरक्षा, विदेश नीति और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए।
सरकार ने दोहराया कि उसकी प्राथमिकता भारतीयों की सुरक्षा और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। साथ ही यह संदेश भी दिया गया कि देश को एकजुट रहकर इस स्थिति का सामना करना होगा।
तेल आपूर्ति पर चिंता खत्म, पश्चिम एशिया हालात पर सर्वदलीय बैठक संपन्न
25 Mar, 2026 08:15 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक कर स्थिति पर गहन चर्चा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में करीब 1 घंटे 45 मिनट तक चली। इस बैठक में सरकार ने साफ संदेश दिया कि देश में हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और किसी भी तरह से घबराने की जरूरत नहीं है। बैठक का मकसद विपक्ष को मौजूदा स्थिति से अवगत कराना और राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता दिखाना था।बैठक में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति से जुड़े मंत्री मौजूद रहे, जिनमें अमित शाह, एस जयशंकर और निर्मला सीतारमण शामिल हैं। इसके अलावा जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू भी बैठक में शामिल हुए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया के संकट पर विस्तार से जानकारी दी। कांग्रेस के तारिक अनवर और मुकुल वासनिक, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और बीजद के सस्मित पात्रा भी बैठक में मौजूद रहे।
सरकार को मिला विपक्ष का साथ
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बैठक में सभी दलों ने हिस्सा लिया और सरकार के साथ खड़े होने का भरोसा दिया। उन्होंने बताया कि विपक्ष के सभी सवालों का जवाब दिया गया और मौजूदा स्थिति पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। रिजिजू ने सभी दलों का धन्यवाद करते हुए कहा कि देशहित के मुद्दे पर राजनीतिक दलों ने एकजुटता दिखाई है और हालात के अनुसार सरकार जो भी कदम उठाएगी, उसमें पूरा सहयोग मिलेगा।
बैठक में विपक्ष को क्या जानकारी दी गई?
मंत्री ने आगे बताया कि सरकार की ओर से सभी सवाल और जो भी भ्रम थे, उन्हें पूरी तरह स्पष्ट कर दिया गया है। बैठक के अंत में विपक्षी दलों ने कहा कि वे सरकार द्वारा इस सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कठिन और चुनौतीपूर्ण समय में सभी को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने भी संसद के माध्यम से अपील की है कि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भारतीय संसद को एक साथ खड़ा होना चाहिए। मुझे लगता है कि विपक्ष ने परिपक्वता दिखाते हुए कहा कि वे सरकार द्वारा उठाए गए हर कदम के साथ खड़े रहेंगे। कई सदस्यों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गैस और पेट्रोलियम सप्लाई के बारे में जानकारी मांगी थी और वे इस बात से संतुष्ट हैं कि भारत ने पहले ही चार जहाज सुरक्षित कर लिए हैं।
रिजिजू ने आगे कहा कि सभी ने अपनी-अपनी पार्टियों की ओर से जानकारी साझा की और चिंताएं व्यक्त कीं। विपक्ष के सदस्यों ने ईरान, इस्राइल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का भारत पर क्या असर पड़ेगा और सरकार ने भारतीय नागरिकों के लिए क्या कदम उठाए हैं, इस पर कई सवाल पूछे। सरकार ने इन सभी सवालों के व्यापक और स्पष्ट जवाब दिए। मैं यह कहकर संतुष्ट हूं कि सरकार ने विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया है। अंत में सभी विपक्षी साथियों ने कहा कि इस संकट की घड़ी में सरकार जो भी फैसला लेगी, उसमें वे एकजुट होकर समर्थन देंगे। विपक्ष की जो मांग थी कि उन्हें पूरी जानकारी दी जाए, वह सरकार ने आज दे दी है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का ऐतिहासिक दफ्तर अब 28 मार्च तक होगा खाली, एस्टेट विभाग का आदेश
25 Mar, 2026 01:57 PM IST | GRAMINBHARATTV.IN
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के एस्टेट विभाग ने कांग्रेस पार्टी को उसके पूर्व मुख्यालय 24 अकबर रोड को 28 मार्च तक खाली करने का नोटिस जारी किया है। यह भवन लंबे समय तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का आधिकारिक दफ्तर रहा है और पार्टी की कई अहम राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहा है।
क्या है पूरा मामला?
एस्टेट विभाग, जो सरकारी संपत्तियों के आवंटन और रखरखाव का जिम्मेदार होता है, ने कांग्रेस को निर्देश दिया है कि वह निर्धारित समयसीमा के भीतर इस परिसर को खाली कर दे। विभाग का कहना है कि यह भवन सरकारी आवंटन के तहत दिया गया था और अब इसकी आवश्यकता अन्य सरकारी उपयोग के लिए है।
नई जगह पर शिफ्ट हो चुकी है कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी पहले ही अपने नए मुख्यालय इंदिरा भवन में शिफ्ट हो चुकी है। ऐसे में नियमों के तहत पुराना सरकारी आवंटित भवन खाली करना अनिवार्य होता है। इसी आधार पर एस्टेट विभाग ने यह नोटिस जारी किया है।
ऐतिहासिक महत्व
24 अकबर रोड कांग्रेस के लिए सिर्फ एक दफ्तर नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक स्थान रहा है। यहीं से पार्टी ने कई चुनावी रणनीतियाँ बनाई और महत्वपूर्ण राजनीतिक फैसले लिए। इसलिए इस भवन को खाली करने का मुद्दा राजनीतिक और भावनात्मक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
आगे क्या?
अब नजर इस बात पर है कि कांग्रेस तय समयसीमा के भीतर भवन खाली करती है या इस पर कोई कानूनी या राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आती है। इस कदम को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अगर आप चाहें तो मैं इस खबर के लिए एंकर स्क्रिप्ट, सोशल मीडिया पोस्ट या वीडियो स्क्रिप्ट भी बना सकता हूँ।
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